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वरिष्ठ अधिकारी द्वारा करोना गाइडलाइन का उल्लंघन - घूम घूम कर फैला रहे करोना 23-Apr-2021
कोविड 19 के नियमों का उल्लंघन कर रायपुर जेल प्रभारी व डीआईजी जेल के के गुप्ता कर रहे पॉजिटिव आने पर भी ड्यूटी उच्च पद पर आसीन अधिकारी फैला रहा कोरोना कौन देगा सजा ? कोरोना गाइड लाइन का प्रदेश में हो रहा खुला उल्लंघन सीजी 24 न्यूज़ ने 2 दिन पहले जेल अधिकारियों के पॉजिटिव होने की खबर चलाई थी कि रायपुर बिलासपुर रायगढ़ व कवर्धा के जेल अधिकारी हुए कोरोना पॉजिटिव रायपुर-कोविड 19 वैसे तो एक संक्रमित बीमारी है जो एक इंसान से दूसरे इंसान तक आसानी से पहुंच जाती है और संक्रमण फैला रही है । कोविड 19 को लेकर केंद्र व राज्य सरकारों ने कई नियम व प्रोटोकॉल जारी किए है और प्रशासन द्वारा उसे लागू करवाने हेतु कड़े निर्देश दिए है। लेकिन क्या ऐसा हो रहा है ? शायद नही क्योंकि अभी हाल ही में छत्तीसगढ़ के लगभग सभी जेल के प्रभारी कोरोना की चपेट में आ चुके है | मात्र 2 से 3 दिन पहले ही संक्रमित हुए हैं। ताजा मामला रायपुर जेल प्रभारी व डीआईजी जेल मुख्यालय के के गुप्ता के करोना संक्रमण का है । नियमो की माने तो उन्हें इस समय होम आइसोलेशन में होना चाहिये , परंतु डीआईजी जेल केके गुप्ता जेल मुख्यालय व रायपुर जेल में उपस्थित होकर सेवा दे रहे। अब इसे सेवा कहे या अपराध ये तय करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। यदि सरकार कोई नियम या प्रोटोकॉल बनाती है तो सर्वप्रथम उसे से लागू करवाने की जिम्मेदारी प्रशासन के अधिकारियों की होती है, लेकिन जब अधिकारी ही नियमो की धज्जियां उड़ाने लगे तो आम आदमी से क्या उम्मीद करना। जब कोई आम इंसान कोरोना से पॉजिटिव होता है तो उस पर इतने नियमो की बौछार हो जाती है मानो उसने पॉजिटिव आकर कोई गलती कर दी हो और यदि कही गलती से कोई नियम का उल्लंघन कर देता है तो प्रशासन की नजर में अपराध की श्रेणी में आ जाता है। लेकिन प्रशासन के उच्च गद्दी में आसीन व्यक्ति ऐसा करे तो इन पर कौन कार्यवाही करेगा ? *क्या है होम आइसोलेशन के नियम* केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना के बेहद हल्के या बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए होम आइसोलेशन के नए नियम जारी किए हैं। इनके मुताबिक, मरीज 17 दिन बाद आइसोलेशन खत्म कर सकेंगे। सैंपल लिए जाने के दिन से 17 दिन गिने जाएंगे। होम आइसोलेशन खत्म करने के लिए शर्त होगी कि मरीज को दस दिनों से बुखार न आया हो। मरीज को अपने ही कमरे के अंदर रहना होगा। मरीज को फोन में आरोग्य सेतु ऐप इंस्टॉल करना होगा। जिन मरीजों का कोविड टेस्ट पाटिव आता है और उन्हे कोई गंभीर बीमारी नहीं है तो उन्हे कम से कम 14 दिन होम आइसोलेशन में रहने को कहा जाता है। इसके लिए मरीजों को एक शपथ पत्र भी देना होता है। होम आइसोलेशन के लिए मरीजों के पास पृथक शौचालय, पल्स ऑक्सीमटर, और थर्मामीटर होना चाहिए। इन मरीजों की मॉनिटरिंग जिला होम आइसोलेशन कंट्रोल रूम द्वारा की जाती है। संवेदनशील मरीजों को डॉक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रोज कॉल करते हैं। होम आइसोलेशन के नियमों का पालन नहीं करने पर कंट्रोल रूम उन मरीजों को हॉस्पिटल भेज देता है। *कैसे और कौन कर रहा नियमों का उलंघन?* उपरोक्त सरकारी गाइडलाइन के नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए डीजीपी व रायपुर जेल प्रभारी के के गुप्ता अपनी नौकरी कर रहे है। कोरोना पॉजिटिव आने के बाद होम आइसोलेशन में रहने का नियम है लेकिन इसका पालन इनके द्वारा नही किया जा रहा है अपनी जान की परवाह भले इन्हें न हो लेकिन कम से कम दूसरों की जान की परवाह तो होनी चाहिए। मामले की जानकारी जब CG 24 News को हुई तो हमने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू और जेल डीजी संजय पिल्ले से संपर्क करने का प्रयास किया तो उन्होंने न तो हमारा फ़ोन उठाया और ना ही मैसेज कोई जवाब दिया ? *क्या कहना था के के गुप्ता का* - जब हमने मामले को लेकर के के गुप्ता से बात की तो उन्होंने बताया कि मैं 4 दिन से होम आइसोलेशन में हूँ। जबकि ऐसा है नही। मुख्यमंत्री को मामले में संज्ञान में लेना चाहिए और कड़ी से कड़ी कार्यवाही करना चाहिए लेकिन क्या ऐसा होगा ? CG 24 News -Singhotra 9301094242
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