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छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बदलना कांग्रेस हाईकमान के लिए संभव नहीं ! 20-Oct-2021

छत्तीसगढ़ में अढ़ाई साल के मुख्यमंत्री का मामला

बेस्ट परफॉर्मिंग मुख्यमंत्री घोषित होने के बाद कांग्रेस हाईकमान भूपेश बघेल को कैसे हटाएगा ?

अढ़ाई साल में छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बदलने की बातें हवा हवाई साबित हो रही हैं,

मीडिया में चर्चा को लेकर भाजपा ने इस मामले को तूल देने की कोशिश की, भाजपा प्रवक्ता अजय चंद्राकर गाहे-बगाहे कभी ट्विटर पर तो कभी इस मामले में बयान जारी कर स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव को उकसाने की कोशिश करते रहे, जिसके बाद टीएस सिंहदेव सक्रिय हुए, कई बार दिल्ली गए, कई कोशिशों के बाद आलाकमान से चर्चा हुई, चर्चा में क्या बात हुई यह सामने नहीं आया परंतु टीएस बाबा मुख्यमंत्री बनाए जाने के प्रति आश्वस्त दिखे |

मीडिया के सामने उन्होंने स्पष्ट कहा कि सोनिया और राहुल पर पूरे देश की जिम्मेदारी है कोई बड़ा निर्णय लेने में समय लगता है | एक बयान में उन्होंने यह भी कहा कि परिवर्तन निरंतर प्रक्रिया है यही एक चीज है जो स्थाई नहीं रहती |

दिल्ली दरबार की हलचल को भांपकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी ताकत और समर्थन दिखाने 55 से 60 विधायकों सहित कई महापौर एवं मंडल आयोग के अध्यक्षों को दिल्ली भेजा और वे स्वयं भी राहुल प्रियंका से मिले,

दिल्ली में राहुल प्रियंका से लंबी बातचीत के बाद मीडिया के सामने प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के सामने उन्होंने स्पष्ट बयान दिया कि अढ़ाई साल की कोई बात नहीं है और ना ही मुख्यमंत्री बदली होने जैसी कोई बात है | उसके बावजूद कुछ दिनों बाद अनेक विधायक फिर दिल्ली दरबार में एकत्रित हुए | वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव अढ़ाई साल का मुख्यमंत्री बनने लगातार प्रयासरत हैं, बार-बार दिल्ली जाते हैं, मीडिया के सामने बयान देते हुए आशान्वित भी नजर आते हैं |

 

अब आते हैं मुख्य विषय पर कि यदि टीएस सिंहदेव को कोई आश्वासन मिला है तो वह कब पूरा होगा ? यदि भूपेश बघेल ने राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ आने की बात कही तो वह क्यों नहीं आए ? या कब आएंगे तिथि निर्धारित क्यों नहीं हो रही ? ऐसा लगता है इन सब के पीछे टालने की प्रक्रिया चल रही है ! इसके साथ यह भी समझना होगा कि यदि टी एस सिंहदेव को मुख्यमंत्री बनाने का आश्वासन मिला है तो कांग्रेस हाईकमान द्वारा भूपेश बघेल का कद क्यों बढ़ाया जा रहा है ? पहले असम अब उत्तर प्रदेश का मुख्य पर्यवेक्षक बनाया गया है, उनकी बनाई सभी बड़ी योजनाओं को सहमति देकर दिल्ली हाई कमान द्वारा क्रियान्वित भी किया जा रहा है |

उनकी लोकप्रियता और कार्य करने की शैली के आधार पर सी वोटर और आईएएनएस द्वारा बेस्ट परफॉर्मिंग मुख्यमंत्री घोषित करने के बाद कांग्रेस का हाईकमान उन्हें कैसे हटाएगा ?

 

अभी मार्च 2022 में गोवा, मणिपुर, पंजाब, यूपी और उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं | ऐसे समय में कांग्रेस हाईकमान भूपेश बघेल को हटाकर किसी तरह का कोई रिस्क ले सकता है क्या ?

इन चुनावों के बाद दिसंबर 2022 में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसकी प्रक्रिया अगस्त सितंबर से शुरू हो जाएगी, उसके बाद मार्च 23 में मेघालय - नागालैंड और त्रिपुरा फिर मई 23 में कर्नाटका और उसके बाद फिर दिसंबर 2023 में छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश, मिजोरम, राजस्थान, तेलंगाना में विधानसभा चुनाव होने हैं | ऐसे में छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बदलना कांग्रेस के लिए संभव नहीं लग रहा !

अब रही बात स्वास्थ्य मंत्री टीएस बाबा की तो बातों ही बातों में 4 महीने से ऊपर हो चुके हैं परंतु कोई निर्णय नहीं हो पा रहा कि मुख्यमंत्री बदलना है कि नहीं ! यदि कोई विवाद की स्थिति बनती भी है तो पंजाब की तरह आखरी दो चार महीनों के लिए टी एस सिंहदेव को अगर मुख्यमंत्री बना भी दिया गया तो उसका क्या औचित्य ?

वैसे क्रिकेट और राजनीति में कभी भी कुछ भी हो सकता है कहा नहीं जा सकता

विश्लेषक सुखबीर सिंघोत्रा रायपुर छ.ग.

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