Rajdhani
सर्वोच्च न्यायालय ने बढ़ायी टूटेजा व शुक्ला की मुश्किलें...मामला नान घोटाले का 05-Dec-2021
रायपुर। सूबे के सबसे चर्चित नान घोटाले की जांच और सुनवाई रायपुर-बिलासपुर से दिल्ली तक चल रही है। हर बार नई जानकारी सामने आ रही है। मामला गंभीर है और जिनका भी नाम इसमें आरोपित रहा है सभी कहीं न कहीं परेशानी में फंसे हुए दिख रहे हैं। इस बार आलोक शुक्ला व अनिल टूटेजा की मुश्किल बढ़ती दिख रही है इसलिए कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक याचिका पर सुनवाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसी को नोटिस जारी किया है। सभी को 10 दिनों में जवाब देने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनवी रमना की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की तीन जजों की बेंच ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से इस मामले की सुनवाई की। इस बेंच में न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हेमा कोहली शामिल रहे। ईडी की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पैरवी की। वहीं अनिल टुटेजा की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी और डॉ. आलोक शुक्ला की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पैरवी की। सुनवाई के बाद सर्वोच्च अदालत ने राज्य सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। प्रतिवादियों को दिया गया नोटिस उनके वकीलों को ही सर्व करा दिया गया। अदालत ने 10 दिन बाद अगली सुनवाई तय की है, उसी में जवाब पेश किया जाना है। अदालत ने सरकार को इस मामले में अपना वकील खड़ा करने और काउंटर एफिडेविड देने की छूट दी है। पिछली सुनवाई में ईडी ने अदालत को सीलबंद लिफाफे में कुछ दस्तावेज दिए थे। शुक्रवार की सुनवाई के दौरान बेंच ने वह लिफाफा खोला। उसे देखने के बाद उसे रिकॉर्ड में शामिल किया गया। उसके बाद लिफाफे को फिर से सीलबंद कर दिया गया। बताया जा रहा है कि नान घोटाले के दोनों आरोपियों डॉ. आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा को रिमांड पर लेकर पूछताछ करना चाहती है। दोनों अफसरों को अगस्त 2020 में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की एकल बेंच ने अग्रिम जमानत दे रखी है। ऐसे में श्वष्ठ ने सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अवकाश याचिका दाखिल की है। इसमें अग्रिम जमानत का आदेश खारिज करने की मांग मुख्य है।
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