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छत्तीसगढ़ बीजेपी में नए प्रदेश अध्यक्ष की तलाश शुरू 29-May-2022

रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष के चेहरे की तलाश शुरू हो गई है. कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बदला जा सकता है. बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 में भाजपा को करारी हार मिली थी. उसके बाद से अब तक दो प्रदेश अध्यक्ष बदले जा चुके हैं. अब साल 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसके पहले तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने की चर्चा तेज हो गई है. भाजपा में नए प्रदेश अध्यक्ष की तलाश शुरू: राजनीति के जानकार मानते हैं कि जल्द भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान कर सकती है. लेकिन इस प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव पार्टी के लिए इतना आसान नहीं है क्योंकि नया प्रदेश अध्यक्ष चुनने के पहले पार्टी को कई पहलुओं पर मंथन करना होगा. जिसमें जातिगत समीकरण, परिवारवाद, पार्टी पर मजबूत पकड़, युवा या अनुभवी ऐसे तमाम विषय हैं. इसके अलावा अनुसूचित जाति, जनजाति, आदिवासी, पिछड़े वर्ग के नेताओं पर भी विचार-विमर्श किया जा सकता है. संभावना तो यह भी जताई जा रही है कि इस बार भाजपा सामान्य वर्ग से भी प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है.

भाजपा के सामने बड़ी चुनौती: इस विषय में ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान वरिष्ठ पत्रकार रामअवतार तिवारी ने कहा, "पूर्व में भाजपा के द्वारा सामान्य वर्ग के रमन सिंह को प्रदेश की कमान सौंपी गई थी. उस दौरान भी भाजपा में कई बड़े नेता थे, जिसमें ननकीराम, नंद कुमार साय, बलिराम कश्यप थे. इन सारे नेताओं को एक साथ करते हुए साल 2003 में चुनाव लड़ा गया. सत्ता पर भाजपा काबिज हुई. लेकिन आज भाजपा में बड़े और स्थापित नेताओं की संख्या कम है. आदिवासी व पिछड़ा वर्ग ऐसे में किस को प्रतिनिधित्व दिया जाता है? किस तरह का समीकरण बनाया जाता है? कैसे पार्टी के सक्रिय नेताओं को मैदान में लड़ाई के लिए उतार सकते हैं? यह चुनौती आज भाजपा के सामने है. "कई नेताओं का लिस्ट में नाम शामिल: रामअवतार तिवारी ने कहा, "यदि प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में शामिल नेताओं की बात की जाए तो सामान्य वर्ग से सांसद संतोष पांडे का नाम हो सकता है. पिछड़ा वर्ग में विजय बघेल और नारायण चंदेल का नाम चल रहा है. इसके अलावा भी कई नेताओं के नाम शामिल हैं. साहू समाज से कई पूर्व विधायक सांसद रहे हैं. उन्हें भी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. "बदलाव की सुगबुगाहट तेज: रामअवतार तिवारी ने कहा, "अब प्रदेश में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है. यदि भाजपा का इतिहास देखा जाए तो अब तक आदिवासी अध्यक्ष को हटाकर आदिवासी को ही अध्यक्ष बनाया गया है. ऐसे में आदिवासी समाज से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना अधिक है. इसमें सबसे ऊपर रामविचार नेताम का नाम चल रहा है. क्योंकि नेता प्रतिपक्ष पिछड़ा वर्ग से आते हैं. इसलिए इस वर्ग से प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना काम है."
 

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