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फ्लैट - मकान - प्लाट की खरीदी पर इस खबर को पढ़कर - समझ कर निवेश करें - 22-Oct-2019

धनतेरस एवं दीपावली पर अधिकांश परिवार मुहूर्त के अनुसार अपने सपनों के घर को मूर्त रूप देने, फ्लैट मकान प्लाट की खरीदी करते हैं -हमारा ऐसे लोगों से आग्रह है एक बार हमारी इस खबर को पढ़कर समझ कर निवेश करें -
मामला 1 ----- 
मेसर्स हर्षित सिंघानिया बिल्डकॉन प्रोजेक्ट , हर्षित न्यू सिटी, ग्राम अमलेश्वर, जिला दुर्ग में श्रीमती सुषमा कुमारी नामक महिला ने मकान नंबर डी 88 खरीदने के लिए 24 मई 2016 को 27 लाख 11 हजार रुपये में इकरारनामा किया - परंतु अतिरिक्त निर्माण और अन्य कारण बताकर बिल्डर द्वारा खरीददार महिला से 29 लाख 98 हजार 700 रुपये वसूल लिए गए - इसके बाद भी श्रीमती सुषमा कुमारी से बिल्डर द्वारा 1 लाख 38 हजार रुपये की और मांग की गई - अतिरिक्त मांग और मकान का कब्जा नहीं मिलने से परेशान होकर महिला को न्यायालय की शरण में जाना पड़ा -
हम आपको बता दें कि 2016 में हुए इकरारनामा और पूर्ण भुगतान करने के बाद 2019 तक खरीददार महिला, मकान का कब्जा लेने परेशान होती रही, साथ ही उन्हें न्यायालय के खर्च के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी - 
माननीय न्यायालय ने मेसर्स हर्षित सिंघानिया बिल्डकॉन को स्पष्ट आदेश दिया कि आप खरीदार महिला श्रीमती सुषमा कुमारी से अतिरिक्त 1,38,000 Rs.या अन्य कोई ब्याज / क्षतिपूर्ति प्राप्त करने के हकदार नहीं हैं -
न्यायालय ने हर्षित सिंघानिया बिल्डकॉन को आदेशित किया कि 15 दिनों के अंदर उपरोक्त प्रोजेक्ट के मकान नंबर डी 88 का विधिवत आधिपत्य श्रीमती सुषमा कुमारी को सौंपे -
अब ऐसे में आप स्वयं अंदाजा लगाइए कि बिल्डरों से मकान खरीदने के बाद पूर्ण भुगतान के बावजूद भी लोगों को वर्षों तक परेशान होना पड़ रहा है - 2016 में खरीदा गया मकान 2019 में न्यायालय के आदेश से प्राप्त हुआ -

मामला 2

 बिल्डर एम अहूजा ग्रीन ग्लोरी अपार्टमेंट खम्हारडीह रायपुर द्वारा 2012 में अपने प्रोजेक्ट के फ्लैट नंबर A - 502 को 17 लाख 70 हजार रुपये में योगेंद्र भारद्वाज नामक व्यक्ति से सौदा कर पूर्ण भुगतान प्राप्त करने के बावजूद जून 2018 अर्थात 6 साल बाद तक मकान का कब्जा नहीं दिया गया - खरीदार योगेंद्र भारद्वाज 6 साल तक परेशान होने के बाद न्यायालय की शरण में गए, तब कहीं जाकर उन्हें न्यायालय के आदेश से 6 सालों बाद फ्लैट का कब्जा मिला - 
इससे यह अर्थ निकाला जा सकता है कि बिल्डर अपने प्रोजेक्ट को बढ़ा चढ़ाकर, लुभावने ऑफर दिखाकर, ग्राहकों से पूर्ण भुगतान लेने के बाद भी, मकान फ्लैट का कब्जा देने में आनाकानी करते है, और ग्राहकों से प्राप्त रकम से ही आधे अधूरे प्रोजेक्ट बनाकर करोड़ों रुपए कमाते हैं --
अब ऐसे में जो खरीददार हिम्मत करते हैं उन्हें तो परेशान होने के बाद मकान या रकम वापस मिल जाती है,परंतु कमजोर लोगों की रकम बिल्डर इसी तरह हजम कर उन्हें सालों साल चक्कर लगवाते रहते हैं -
इस खबर के माध्यम से हमारा मकान, फ्लैट, दुकान, प्लाट खरीदने वालों से आग्रह है कि वे बहुत सोच समझकर इन बिल्डरों के चक्कर में पड़े और कुछ भी खरीदने से पहले मकान, प्लाट, दुकान, फ्लैट आदि के बारे में संबंधित विभागों के अधिकारियों से प्रमाण एकत्रित करें लेवें - मौखिक जानकारियों पर भरोसा ना करें --  बिल्डरों द्वारा दिए गए ऑफर के साथ-साथ उपलब्ध कराई जाने वाली सभी सुविधाओं का उल्लेख इकरारनामा अर्थात एग्रीमेंट में जरूर दर्ज करवाएं, वह भी सक्षम अधिकारी के सामने ----
हम आपको ऐसे ही अन्य और बिल्डरों की जानकारियां लगातार देते रहेंगे -- हमारा प्रयास रहेगा कि आपके खून पसीने से कमाई गई राशि बर्बाद ना हो और आपका सपना सपना ही ना रह जाए --
हमारी अगली कड़ी का आप इंतजार करें -
अन्य जानकारी के लिए संपर्क करें 93010 94242

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