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जो अधिकारी खुद नियम तोड़ रहा हो वह उसी नियम तोड़ने के आरोप में दूसरे से जुर्माना वसूले यह कैसे हो सकता है ? 28-May-2020
मास्क नहीं पहनने पर चालान काटने वाले अधिकारी ने खुद ही नहीं लगाया मास्क
एक ही जगह पर एक ही कानून तोड़ने पर दो व्यक्तियों पर अलग-अलग मापदंड क्यों ?
 
जो अधिकारी खुद नियम तोड़ रहा हो वह उसी नियम तोड़ने  के आरोप में दूसरे से जुर्माना वसूले यह कैसे हो सकता है |
 
परंतु यह सब हुआ है राजधानी रायपुर के जयस्तंभ चौक में जहां नगर निगम द्वारा कलेक्टर के आदेश से सड़कों पर बिना मास्क लगाए आने-जाने वालों पर कोविड-19 बीमारी को फैलाने के आरोप में जुर्माना वसूल करने की कार्यवाही की जा रही थी - इस दौरान अनेक ऐसे लोगों ने जिन्होंने मास्क नहीं लगाया था इन अधिकारियों को जुर्माना देकर और आगे से मास्क लगाकर निकलने का वादा कर आगे बढ़ गए परंतु जुर्माना वसूलने के इस अभियान की खास बात यह थी कि नगर निगम जोन क्रमांक 4 के अधिकारियों की टीम का एक अधिकारी बिना मास्क लगाए वहां बैठकर जुर्माना वसूलने की कार्रवाई कर रहा था - 
इसी दौरान एक न्यूज़ पोर्टल के पत्रकार अफरोज ख्वाजा को इन अधिकारियों ने रोका और मास्क नहीं लगाने के आरोप में जुर्माना पटाने कहा, उपरोक्त पत्रकार ने देखा की जुर्माना वसूलने वाला अधिकारी खुद मास्क लगाए हुए नहीं है तो पत्रकार ने कहा कि ठीक है आप मेरी गलती के लिए रसीद काट दीजिए साथ ही आप भी मास्क का उपयोग नहीं कर रहे हैं इसके लिए आप भी जुर्माना भरे और अपने नाम की रसीद काटें - परंतु अधिकारी टालमटोल करने लगा उसका साथ देने अन्य अधिकारी आ गए और पत्रकार को धमकाने लगे कि अगर जुर्माना नहीं पटाया तो थाने भेज दिया जाएगा और इसी दौरान उन्होंने फोन करके थाने से पुलिस को भी बुलवा लिया पत्रकार अफरोज ख्वाजा ने बिना मास्क लगाए ड्यूटी दे रहे नगर निगम के अधिकारी का वीडियो बना लिया और उसे उनके उच्च अधिकारी जोन कमिश्नर चंदन शर्मा को भेज दिया - 
 
 
जोन कमिश्नर ने स्वीकार किया कि उनके अधीनस्थ कर्मचारी ने मास्क ना लगाकर कोविड-19 के तहत कानून का उल्लंघन किया है, जिसके लिए शासकीय कर्मचारी होने पर नियम कायदों के तहत कार्रवाई होगी और स्पष्टीकरण मांगा जाएगा | 
परंतु उन्होंने उस कर्मचारी- अधिकारी पर तुरंत कार्रवाई करने की बात टाल दी |
 
अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि एक ही जगह पर एक ही कानून तोड़ने पर दो व्यक्तियों पर अलग-अलग मापदंड क्यों ?
 
प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों को चाहिए कि इन ड्यूटी पर तैनात कानून का पालन करवाने वाले अधिकारियों  कर्मचारियों को स्वयं कानून का पालन करने की सख्त हिदायत दें और यदि उनके द्वारा भी कानून तोड़ा जाता है तो उन पर भी वही कार्यवाही की जानी चाहिए जो एक आम आदमी के लिए तय है |
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