State News
पत्रकारों को भी भूली मोदी सरकार, ना मुद्रा योजना का मिला लाभ, ना 20 लाख करोड़ पैकेज से कोई राहत -- कांग्रेस 01-Jun-2020

पत्रकार और प्रेस कर्मियों को जीवनयापन का संकट और नौकरी के साथ-साथ जिंदगी का भी खतरा​ 

 

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार के द्वारा  घोषित 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज में  लोकतंत्र के चतुर्थ स्तंभ के सिपाहियों के लिए कोई इंतजाम नहीं होना दुर्भाग्य जनक एवं निंदनीय है। कोरोना महामारी संकट काल में आमजनता को जागरूक करने जन-जन तक खबरों को पहुंचाने में अपने जान को जोखिम में डालने परिवार की चिंता किए बगैर महती भूमिका निभाने वाले मीडिया संस्थान, श्रमजीवी पत्रकार और प्रेस कर्मियों का उपयोग कर मोदी सरकार उनको भूल गई।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार के द्वारा शुरू की गई मुद्रा योजना का लाभ भी श्रमजीवी पत्रकार और प्रेस कर्मियों को नहीं मिला था। ठीक वैसे ही कोरोना संकट काल में 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज में मीडिया संस्थान, श्रमजीवी पत्रकार, प्रेस कर्मियों के लिए कोई आर्थिक मद्द नहीं है, जो मोदी सरकार के श्रमजीवी पत्रकारों और प्रेस कर्मियों के वर्तमान एवं भविष्य को लेकर गैर जिम्मेदार होने को दर्शाती है। कोरोना महामारी संकटकाल में देशभर के लगभग एक करोड़ श्रमजीवी पत्रकार और प्रेसकर्मी एवं उनके परिवार के चार करोड़ सदस्यों के सामने भी जीवनयापन का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। मीडिया संस्थानों की माली हालत खराब होने का प्रभाव श्रमजीवी पत्रकार और प्रेस कर्मियों की नौकरी पर भी पड़ा है और पड़ेगा। दुर्भाग्य है कि पत्रकारों के साथ-साथ मीडिया संस्थाओं को भी मोदी सरकार भूल गयी है। 


प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि दुर्भाग्य जनक है। लोकतंत्र के चतुर्थ स्तंभ के सहारे राजनीति करने वाले मोदी सरकार को उसी चतुर्थ स्तंभ के सिपाहियों के न तो वर्तमान को लेकर कोई चिंता है ना ही इनके आने वाले भविष्य को लेकर कोई चिंतन 20 लाख करोड़ के पैकेज में किया गया। 

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने मोदी सरकार से मांग करते हुए कहा कि कठिन समय में श्रमजीवी पत्रकार एवं प्रेस कर्मियों और उनके परिवारों के लिए कोरेना महामारी संकटकाल में सीधी आर्थिक मदद के लिए न्याय योजना शुरू कर श्रमजीवी पत्रकार एवं प्रेस कर्मियों को भी उस दायरे में लाए और सम्मानजनक राहत राशि प्रतिमाह उनको प्रदान करें। लोकतंत्र का चतुर्थ स्तंभ सरकार और जनता के बीच संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण और सशक्त माध्यम है। आज लोकतंत्र के सिपाही ही आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं ऐसे कठिन समय में सरकार और जनता के बीच के संवाद को प्रचारित प्रसारित करने वाले के बारे में चिंता करने की आवश्यकता है। 

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के द्वारा श्रमजीवी पत्रकार  के हित में लिए अनेक निर्णयों से सीख लेनी चाहिए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने पत्रकार कल्याण कोष से गंभीर बीमारी आदि की दशा में दी जानी वाली आर्थिक सहायता राशि को  50 हजार रुपया से बढ़ाकर 2 लाख रुपया किया है। बीते साल 57 पत्रकारों को लगभग 19.50 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी गई थी। वरिष्ठ सेवानिवृत्त पत्रकारों के लिए वरिष्ठ मीडिया कर्मी सम्मान निधि योजना संचालित की है।  इस योजना में आयु सीमा 62 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष एवं सम्मान राशि रूपए 5 हजार से बढ़ाकर रूपए 10 हजार और सम्मान निधि देने की अवधि 5 वर्ष से बढ़ाकर आजीवन कर दी है।
More Photo
More Video
RELATED NEWS
Leave a Comment.