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  • बड़े क्रिकेटर्स की बीवियां लेती हैं ड्रग्स - बॉलीवुड अभिनेत्री शर्लिन चोपड़ा का बड़ा खुलासा

    शर्लिन चोपड़ा का बड़ा खुलासा- बड़े क्रिकेटर्स की बीवियां लेती हैं ड्रग्स

    आफ्टर मैच पार्टी में क्रिकेटर्स, बॉलीवुड सेलेब्स सब दम मारो दम कर रहे थे

    बॉलीवुड अभिनेत्री शर्लिन चोपड़ा ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि बड़े क्रिकेटर्स और सुपरस्टार्स की बीवियां ड्रग्स लेती हैं।

    शर्लिन चोपड़ा ने फिल्म इंडस्ट्री में तेजी से फैल रहे ड्रग्स के मुद्दे पर कहा - एनसीबी जो काम कर रही हैं बहुत अच्छा काम कर रही हैं।  इसके साथ ही इतने सालों से हम ये मानते आ रहे हैं कि जो हमारे सुपरस्टार्स है, डीवा हैं, ये हमारे देवी देवता हैं। आज उन देवी-देवताओं की असलियत सामने आ गई है। ये लोग माल लेते हैं। माल कितनी बार लेते है, कब-कब लेते हैं, अब बताएंगे ये लोग एनसीबी के पास जाकर।

    शर्लिन चोपड़ा ने ड्रग्स पार्टी के बारे में बात करते हुए कहा, मैं कोलकाता गई थी केकेआर का मैच देखने के लिए। मैच के बाद आफ्टर मैच पार्टी रखी गई थी। मैं भी उस पार्टी में गई। उस पार्टी में मैंने देखा कि क्रिकेटर्स, बॉलीवुड सेलेब्स सब दम मारो दम कर रहे थे। वहां सभी के साथ मैंने डांस और मस्ती की। मैं डांस करते करते बहुत थक गई थी। तो मैं फ्रेश होने के लिए वॉशरूम में गई। वहां जो चल रहा था वो देखकर मैं हैरान हो गई।

    उन्होंने आगे बताया, मारे क्रिकेट सुपरस्टार्स की जो बीवियां हैं वो व्हाइट पाउडर यानि कोकिन स्नॉट कर रहे थे। ये देखकर मुझे लगा कि ये लोग क्या कर रहे हैं और क्यूं कर रहे है। फिर वो स्माइल कर रहे हैं। फिर मैंने भी उन्हे स्माइल दी और वहां से निकल गई मैं। मुझे लगा मैं गलत जगह आ गई मैं। उसके बाद देखा मैंने सभी गपशप कर रहे हैं, पार्टी कर रहे हैं। ड्रग्स के बाद पार्टीज का सिलसिला थमता नही है। एक के बाद एक पार्टी होती रहती हैं।
    हालांकि इस दौरान शर्लिन ने किसी भी क्रिकेटर या उनकी वाइफ का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि जब एनसीबी से बुलावा आएगा तो बता दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ष्जिन जिन के नाम सामने आ रहे हैं सिर्फ इतने ही लोग नहीं है बल्कि ये नेक्सेस बहुत बड़ा है। अभी तक एनसीबी बड़े प्लेयर्स तक नहीं पहुंची है। मुझे पूरी उम्मीद है कि वो पहुंचेगी। आने वाले दिनों में ड्रग्स सिंडिकेट के बड़े प्लेयर्स तक एनसीबी पहुंचने वाली है। जब उनके बुलाया जाएगा तो लोगों को पता चलेगे ये नेक्सेस कितना बड़ी है।
     
    स्टार वाइफ्स पर निशाना साधते हुए शर्लिन ने कहा,स्टार वाइफ जिनके बारे में हम पढ़ते हैं उनके बैग की कीमत, उनके शूज की कीमत। अब हम लोगों को पता करना चाहिए कि ये लोग कौन सा माल लेते हैं।
    इसके साथ ही शर्मिन के क्वान कंपनी के बारे में बात की। 

  • नवाजुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ पत्नी आलिया ने दर्ज कराई शिकायत, लगाए गंभीर आरोप

    बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी पिछले काफी दिनों से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं. हाल ही में नवाज की वाइफ आलिया ने उन्हें तलाक का नोटिस भेजा था. इसके साथ ही आलिया सिद्दीकी ने नवाज के परिवार पर टॉर्चर का आरोप भी लगाया था.

    मुंबई: एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दिकी से अलग रह रहीं उनकी पत्नी ने बुधवार को उनके खिलाफ मुंबई के वर्सोवा पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराते हुए उन पर बलात्कार और धोखाधड़ी का आरोप लगाया. यह जानकारी एक अधिकारी ने दी.

     

    अधिकारी ने बताया कि आलिया ने दोपहर में पुलिस थाने में एक लिखित अर्जी दी.उन्होंने बताया कि अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है और पुलिस पहले शिकायत की पुष्टि करेगी. फिलहाल नवाजुद्दीन सिद्दिकी से शिकायत को लेकर सम्पर्क नहीं हो सका है.

     

    आलिया ने पिछले सप्ताह एक अन्य शिकायत के सिलसिले में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित बुढाना पुलिस थाने में अपना बयान दर्ज कराया था। उक्त शिकायत उन्होंने नवाजुद्दीन और उनके परिवार के चार अन्य सदस्यों के खिलाफ दर्ज करायी थी.

     

     इससे पहले भी अलिया कई आरोप लगा चुकी हैं......

     

    आलिया ने पिंकविला को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, ''मैं नवाजुद्दीन सिद्दीकी को साल 2003 से जानती हूं. हम एक साथ रहने लगे थे. उनका भाई शमास भी हमारे साथ रहा करता था. फिर, धीरे-धीरे हमें प्यार हो गया और एक हम एक-दूसरे से अटैच हो गए. फिर हमने शादी कर ली. शुरुआत से ही हमारे बीच समस्याएं थीं. मुझे लगा कि यह बंद हो जाएगा लेकिन 15-16 साल हो गए हैं और मेंटल टॉर्चर बंद नहीं हुआ है.''

     

    आलिया ने कहा, "मुझे यह अच्छी तरह याद है कि जब हम एक दूसरे को डेट कर रहे थे और शादी करने वाले थे, तो वह पहले से ही किसी और के साथ रिलेशन में थे. हम शादी से पहले और बाद में भी बहुत लड़ते थे. जब मैं प्रेग्नेंट थी, तब मैं सभी चेक-अप के लिए खुद ड्राइव करके जाती थी. मेरे डॉक्टर मुझे बताते थे कि मैं पागल हूं और मैं पहली महिला हूं जो डिलीवरी के लिए अकेली आई है. जब मेरा लेबर पेन शुरू हुआ तो नवाज व उनके पैरेंट्स वहां थे. लेकिन जब मैं दर्द में थी, मेरे पति मेरे साथ नहीं थे. वह फोन पर अपनी गर्लफ्रेंड से बातें करते थे. मुझे इस बारे में सबकुछ पता था क्योंकि फोन के बिल की स्टेटमेंट आती थी.''

     

    आलिया ने आगे कहा कि शमास ने मुझे फोन के बिल दिए थे. वह करीब 3-4 से लड़कियों से बात कर रहे थे. जब मैं मेरी पहली डिलीवरी से गुजर रही थी, तब भी नवाज के मन में कोई फीलिंग नहीं थी. ये छोटे-छोटे कारण हैं, जिनकी वजह से मैंने उन्हें छोड़ने का निर्णय लिया. मैंने नवाज को कभी नहीं बताया कि उनके भाई ने ही मुझे सारी बातें बताईं.

  • 2500रु क्विं के दाम पर की जा रही धान खरीदी में अड़ंगा लगाने वाले मोदी सरकार से किसानों की बेहत्तरी की उम्मीद करना बेमानी - कांग्रेश

    कृषि विधेयक बिल है किसान विरोधी नया कृषि विधेयक बिल भारत के आत्मा पर प्रहार

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के द्वारा 2500रु क्विं के दाम पर की जा रही धान खरीदी में अड़ंगा लगाने वाले मोदी सरकार से किसानों की बेहत्तरी की उम्मीद करना बेमानी -

    अच्छे दिन आयेंगे की नारा की तरह है किसानों की आय दोगुनी करने का दावा -

     

    रायपुर : मोदी सरकार के द्वारा लाए गए तीन कृषि विधेयक बिल को अन्नदाता विरोधी करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार किसानों के धान को जब 2500रु क्विं के दाम पर खरीदी की।तब जिस मोदी भाजपा की सरकार ने धान खरीदी में आपत्ति की धान खरीदी में नियम शर्ते थोप कर अड़ंगा लगाया।संघीय व्यवस्थाओं को दरकिनार कर सेंट्रल पुल में चावल लेने से इंकार किया उस मोदी सरकार के किसानों की आय दोगुनी करने का दावा भी अच्छे दिन आएंगे की नारा की तरह ही है जिसका इंतजार बीते छः साल से देश की एक अरब तेंतीस करोड़ जनता आज तक कर रही है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी भाजपा की सरकार असल मायने में देश के एक बड़े वर्ग किसान को पूंजीपतियों के सामने झुकने के लिए मजबूर बना रही है।किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का नारा लगाने वाले कृषि क्षेत्र को पूंजीपतियों पर निर्भर कर किसानों को गुलाम बनाने की लोमड़ी चाल चल रही है।

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी भाजपा की सरकार देश की जनता की भावनाओं को अपेक्षाओं को पूरा करने में असफल साबित हो चुकी है वन नेशन वन टैक्स का नारा लगाकर जिस प्रकार से देश के व्यापार व्यवसाय उद्योग रोजगार को तबाह किया गया 20 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था तबाह हो गई।जीडीपी में हुई भारी गिरावट से 40 साल पहले की स्थिति निर्मित हो गई। बेरोजगारी के मामले में देश 45 साल पहले की स्थिति में खड़ा है।अब मोदी सरकार नेशन वन मार्केट का नारा लगाकर कृषि क्षेत्र को बर्बाद करने में तुली हुई है।  धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि नए कृषि विधेयक बिल से अब किसान पूंजीपतियों पर आश्रित होंगे पूंजीपति चाहेंगे तो किसानों के फसल को खरीदेंगे पूंजीपति नहीं चाहेंगे तो किसानों की फसल खड़े-खड़े वहीं पर खराब हो जाएगी कुल मिलाकर अब देखेंगे तो बर्बादी के अलावा इस बिल में कोई ऐसा लाभ किसानों को नहीं दिखता है मोदी सरकार किसानों से किए वादे को पूरा करने में असफल सिद्ध है अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है किसानों के साथ धोखा छल कपट किया जा रहा है कृषि विधेयक बिल भारत के आत्मा पर प्रहार है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह का ठाकुर ने कहा कि अतीत में जहाँ भी कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग लागू हुआ उसका नतीजा अच्छा नही रहा है।किसानों के हित के साथ समझौता नही होना चाहिए।इसका उदाहरण गुजरात और पंजाब में देखने को मिला है। 30 साल पहले पंजाब के किसानों ने पेप्सिको के साथ आलू और टमाटर उगाने के लिए समझौता किया था।एफपीओ को किसान भी माना गया है और किसान तथा व्यापारी के बीच विवाद की स्थिति में बिचौलिया भी बना दिया गया है। इसमें अगर विवाद हुआ तो नुकसान किसानों का ही होगा।गुजरात में पेप्सिको कम्पनी ने किसानों पर कई करोड़ का मुकदमा किया था जिसे बाद में किसानो के विरोध के चलते कम्पनी ने वापस लिया था।कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के तहत फसलों की बुआई से पहले कम्पनियां किसानों का माल एक निश्चित मूल्य पर खरीदने का वादा करती हैं लेकिन बाद में जब किसान की फसल तैयार हो जाती है तो कम्पनियाँ किसानों को कुछ समय इंतजार करने के लिए कहती हैं और बाद में किसानों के उत्पाद को खराब बता कर रिजेक्ट कर दिया जाता है।

  • सुशांत केस: रिया को जेल से छुटकारा नहीं, बॉम्बे हाइकोर्ट ने 6 अक्टूबर तक बढ़ाई न्यायिक हिरासत

    रिया और शोविक ने हाई कोर्ट में जमानत याचिका फाइल की है. इस याचिका पर सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है.

    मुंबई: सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले की आज रिया और शोविक समेत छह आरोपियों की बॉम्बे हाइकोर्ट में पेशी हुई. कोर्ट ने सभी आरोपियों की 6 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है. रिया चक्रवर्ती ने बॉम्बे हाइकोर्ट में जमानत की याचिका फाइल की है, लेकिन अभी इस अर्जी पर सुनवाई नहीं हुई है. जमानत याचिका पर सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है. खास बात ये है कि ड्रग्स एंगल से सुशांत मामले की जांच कर रही एनसीबी ने रिया और शौविक को रिमांड पर लेने की कोर्ट में कोई अपील नहीं की.

     

    सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग्स मामले में गिरफ्तार 6 आरोपियों में रिया, शोविक, सैमुअल मिरांडा, दीपेश सावंत, जैद विलात्रा और बासित परिहार की आज न्यायिक हिरासत खत्म हो गई थी. हालांकि इनमें से कुछ आरोपियों को जमानत याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में 29 सितंबर को सुनवाई होनी है. बता दें, रिया को तीन दिनों तक पूछताछ करने के बाद एनसीबी ने 8 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया था.

     

    पहले रिया को मेडिकल जांच के बाद एक वीडियो लिंक के माध्यम से अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के सामने पेश किया गया था. अदालत ने रिया की जमानत याचिका खारिज करते हुए उसे 22 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.

  • मुंबई के NCB दफ्तर में आग मौके पर पहुंची दमकल गाड़ियां ऑफिस से भागे लोग
    मुंबई के NCB दफ्तर में आग मौके पर पहुंची दमकल गाड़ियां ऑफिस से भागे लोग ब्रेकिंग न्यूज़ मुंबई के नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड के दफ्तर में आग से अफरा-तफरी का माहौल दफ्तर में काम कर रहे सभी अधिकारी कर्मचारी ऑफिस से निकल कर भाग रहे हैं मौके पर दमकल गाड़ियां पहुंची आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है
  • मुंबई के NCB दफ्तर में लगी आग, रिया ड्रग्स केस की जांच कर रही है एजेंसी

     

    मुंबई के बालार्ड पियर में स्थित एक्सचेंज बिल्डिंग में आग लग गई है. इसी बिल्डिंग में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) का दफ्तर है. मौके पर दमकल की गाड़ियां रवान हो गई हैं.मुंबई के बालार्ड पियर में स्थित एक्सचेंज बिल्डिंग में आग लग गई है. इसी बिल्डिंग में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) का दफ्तर है. मौके पर दमकल की गाड़ियां रवान हो गई हैं.

     
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    मुंबई के बालार्ड पियर में स्थित एक्सचेंज बिल्डिंग में आग लग गई है. इसी बिल्डिंग में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) का दफ्तर है. मौके पर दमकल की गाड़ियां रवान हो गई हैं.

     

     
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    मुंबई के बालार्ड पियर में स्थित एक्सचेंज बिल्डिंग में आग लग गई है. इसी बिल्डिंग में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) का दफ्तर है. मौके पर दमकल की गाड़ियां रवान हो गई हैं.

     
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    मुंबई के बालार्ड पियर में स्थित एक्सचेंज बिल्डिंग में आग लग गई है. इसी बिल्डिंग में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) का दफ्तर है. मौके पर दमकल की गाड़ियां रवान हो गई हैं.

     

     
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  • कोई भी व्यक्ति मूर्ति स्थल जाने पर संक्रमित होता है तो उसके इलाज का खर्च समिति उठाएगी
    रायपुर-- जिले में नवरात्रि पर्व को लेकर जारी हुई गाइडलाइन... *मूर्ति की ऊंचाई व चौड़ाई 6×5 फीट से अधिक नहीं होगी* पंडाल का आकार 15×15 फीट अधिक नहीं.. पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने हेतु पृथक से पंडाल नहीं होगा...पंडाल में 20 से अधिक व्यक्ति नहीं कर सकेंगे प्रवेश... मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति 4 सीसीटीवी कैमरा लगाएंगे... कोई भी व्यक्ति मूर्ति स्थल जाने पर संक्रमित होता है तो उसके इलाज का खर्च समिति उठाएगी... मूर्ति स्थापना और विसर्जन के दौरान किसी भी तरह के भोग, भंडारे का नहीं होगा आयोजन... मूर्ति विसर्जन में एक से अधिक वाहन की नहीं होगी अनुमति... मूर्ति स्थापना के दौरान विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात किसी भी प्रकार के जगराता अथवा *सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की नहीं मिली अनुमति* *मूर्ति स्थापना के समय स्थापना के दौरान विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के बाद भी किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्र ध्वनि विस्तारक यंत्र डीजे पर बजाने की नहीं मिली अनुमति* यदि घर से बाहर स्थापित की जाती है मूर्ति तो कम से कम *7 दिन पूर्व नगर निगम से संबंधित अधिकारी को कार्यालय में निर्धारित समय पत्र देकर आवेदन देना होगा* अनुमति प्राप्त होने के बाद ही मूर्ति स्थापित करने की होगी अनुमति...
  • Lock Down - राजधानी-न्यायधानी में बरती जाएगी सख्ती… किराना-सब्जी पर भी असर… लाॅकडाउन का ऐसा होगा फार्मूला
    *BREAKING : राजधानी-न्यायधानी में बरती जाएगी सख्ती… किराना-सब्जी पर भी असर… लाॅकडाउन का ऐसा होगा फार्मूला… जानिए आदेश* *प्रदेश की राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर में एक साथ लाॅक डाउन का निर्णय लिया गया है। 21 सितम्बर की रात 9 बजे से प्रभावशील लाॅक डाउन 28 सितम्बर रात 9 बजे तक रहेगा। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए रायपुर कलेक्टर डाॅ. एस भारतीदासन और बिलासपुर कलेक्टर डाॅ. सारांश मित्तर ने अपने मातहत अधिकारियों के साथ ही कारोबारियों से चर्चा के उपरांत यह निर्णय लिया है और आदेश जारी किया है।* *बता दें कि इस लाॅक डाउन के दौरान केवल चार अति आवश्यक सुविधाओं पर छूट देने का निर्णय लिया गया है। इसमें दूध, एलपीजी, मेडिकल और पेट्रोल पंप को शामिल किया गया है। बताया गया कि दूध और एलपीजी के लिए भी समय निर्धारित किया गया है, वहीं मेडिकल की सुविधा पूरे समय मिलेगी। तो पेट्रोल पंप की सुविधा केवल उनके लिए होगी, जो लोग आपात सेवाओं में जुटे हुए हैं।रायपुर को पूरी तरह से कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है, लिहाजा अब राजधानी सहित प्रदेश के लोगों को लाॅक डाउन के दौरान इस बात का विशेष ख्याल रखना होगा। बिना वजह घर से निकलने वालों के खिलाफ प्रशासन किस सख्ती से पेश आने वाला है, इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस बार सब्जी और किराना व्यवसाय को भी आवश्यक सेवाओं में शामिल नहीं किया गया है।* *बंद रहेंगे किराना और सब्जी-जारी आदेश में स्पष्ट कर दिया गया है कि इस बार लाॅक डाउन में किराना और सब्जी जैसी आवश्यक सेवाओं को भी बंद रखे जाने का आदेश जारी किया गया है। यानी बेहद साफ है कि 21 तारीख दोपहर तक सभी आवश्यक वस्तुओं का संधारण लोगों को करना पडे़गा, ताकि पूरे सप्ताहभर काम चलाया जा सके।*
  • राजधानी में लॉकडाउन लगना तय
    21 सितंबर रात 9 बजे से 28 तारीख तक लगेगा पूर्ण लॉकडाउन.... लॉक डाउन के दौरान दूध के लिए सुबह डेढ़ घंटा और शाम में ढेड़ घंटे का समय दिया गया है... इसके अलावा पेट्रोल पंप और मेडिकल अपने निश्चित समय पर खुलेंगी... इस बार का लॉक डाउन पहले से अलग होगा क्योंकि इस बार सब्जी की दुकानें भी नही खुलेंगी... रायपुर ब्रेकिंग रायपुर जिला हुआ कंटेन्मेंट जोन घोषित,,,, रायपुर कलेक्टरेट परिसर में प्रशासनिक अधिकारियों की हुई बैठक,,,, बैठक में रायपुर कलेक्टर , जिला पंचायत CEO , निगम आयुक्त , अपर आयुक्त , ADM , SDM समेत कई अधिकारी है मौजूद,,,,.. इस बार होगी अत्यधिक सख्ती,,,, सब्जी की दुकान भी नहीं खुलेंगे,,,,, दूध के लिए सुबह डेढ़ घंटा वह शाम को डेढ़ घंटा,,,, पेट्रोल सिर्फ एम्बुलेंस, पुलिस, फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को ही दिया जाएगा,,,
  •  मुंबई, महाराष्ट्र और मराठी की बात करने वाले बताएं कि क्या अन्य प्रदेशों में रहने वाले लोग नाम, शोहरत और रुपया नही कमाते ?

    तीखे सवाल देश की जनता द्वारा - महाराष्ट्र, मुंबई और फ़िल्मी दुनिया के ठेकेदारों से 

    मुंबई के ठेकेदार और मुंबई को अपनी जायदाद समझने वाले फ़िल्म इंडस्ट्री के कुछ लोग , यहां के ऐसे राजनीतिक दल और शिवसेना जो यह कहते हैं कि जो भी हिंदुस्तान का आदमी यहां आता है यहां से नाम, शोहरत और पैसा कमाता है - जिसमें खाता है उसी थाली में छेद करता है |

    *मुंबई महाराष्ट्र और मराठी मानुष की बात करने वाले बताएं कि पूरे हिंदुस्तान में बाकी लोग जो अन्य शहरों और प्रदेशों में रहते हैं वह  

    क्या भूखे मरते हैं ?

    क्या उनके पास नाम, शोहरत और पैसा नहीं है ?

    क्या अन्य प्रदेशों में रहने वाले लोग प्रधानमंत्री नहीं बनते हैं ?

    क्या अन्य प्रदेशों में रहने वाले लोग मुख्यमंत्री नहीं बनते है ?

     क्या वे उद्योगपति नहीं बनते हैं ?

    क्या वे कलाकार नहीं बनते ?

    क्या खेलों में उनकी शोहरत नहीं है ?

    क्या कला क्षेत्र में उनकी शोहरत नहीं है ?

    क्या मुंबई और महाराष्ट्र के बाहर रहने वाले लोग भूखे मरते हैं ?

    क्या सिर्फ मुंबई के लोग ही हर क्षेत्र में आगे रहते हैं ?

    क्या मुंबई भारत से अलग है ?

    कौन देगा इन सब सवालों का जवाब ?

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 70 साल के हो गए हैं. इन 70 सालों में पीएम मोदी ने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. उनकी जीवन यात्रा में जितनी उपलब्धियां हैं, उतने ही विवाद भी

     

     

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 70 साल के हो गए हैं. इन 70 सालों में पीएम मोदी ने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. उनकी जीवन यात्रा में जितनी उपलब्धियां हैं, उतने ही विवाद भी. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों में कई मोर्चों पर विवादों की भी अहम भूमिका रही. शायद ही कोई कल्पना कर सकता था कि एक गुजराती व्यक्ति की उत्तर भारत के हिंदीभाषी राज्यों में भी लोकप्रियता सिर चढ़कर बोलेगी.

    मोदी की पहचान गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए भी एक गुजराती की कम थी. उनको लेकर देश भर में कौतूहल रहता था. बीजेपी को शायद इस बात का अंदाजा था कि लोगों का ये कौतूहल पार्टी को स्वर्णिम काल में पहुंचा देगा. मोरारजी देसाई गुजराती थे और वो भी प्रधानमंत्री बने लेकिन दोनों की लोकप्रियता की कोई तुलना नहीं है.

    इस बात को कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि बीजेपी के बनने के बाद से पार्टी को इतना लोकप्रिय नेता कोई नहीं मिला. यहां तक कि अटल बिहारी वाजपेयी भी इतने लोकप्रिय नहीं थे. आइए पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर डालते हैं उनके सफर पर एक नजर.

     

     

     

    साल 2014 में बीजेपी की ओर से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री का चेहरा बने. मोदी ने पहली बार 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ा और चुनाव जीतकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई. आखिरी बार 1984 के चुनावों में किसी राजनीतिक दल ने पूर्ण बहुमत हासिल किया था. 2019 के संसदीय चुनावों में भी मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत हासिल किया. जब मोदी दूसरी बार सत्ता में आए तो उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने और राम मंदिर के चुनावी वादे को पूरा किया. हालांकि, नागरिकता (संशोधन) कानून, एनआरसी, बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था और चीन से सीमा विवाद जैसे मुद्दों को लेकर मोदी सरकार आलोचना भी झेल रही है.

  • कंगना रनौत का जया बच्चन पर पलटवार, बोलीं- अभिषेक फांसी लगा लेते तब भी आप ऐसा कहतीं?

    ड्रग्स मामले में राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने रवि किशन पर निशाना साधा और कहा कि कुछ लोग जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं. जया बच्चन के इस बयान पर कंगना रनौत ने प्रतिक्रिया दी है. कंगना ने उनकी बेटी श्वेता बच्चन और बेटे अभिषेक बच्चन का नाम भी शामिल किया.

    राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने मानसून सत्र के दूसरे दिन रवि किशन का बिना नाम लिए केंद्र सरकार से बॉलीवुड की सुरक्षा और समर्थन करने की अपील की. साथ ही उन्होंने रवि किशन पर निशाना साधा और कहा कि कुछ लोग जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं. जया बच्चन के इस बयान पर कंगना रनौत ने प्रतिक्रिया दी है. कंगना ने उनकी बेटी श्वेता बच्चन नंदा नाम भी शामिल किया.

     

    कंगना रनौत ने ट्वीट में लिखा, "जया जी क्‍या आप तब भी यही कहतीं अगर मेरी जगह पर आपकी बेटी श्‍वेता को किशोरावस्था में पीटा गया होता, ड्रग्‍स दिए गए होते और शोषण होता. क्‍या आप तब भी यही कहतीं अगर अभिषेक लगातार धमकियां और शोषण की बात करते और एक दिन फांसी से झूलते पाए जाते? थोड़ी हमदर्दी हमसे भी दिखाइए,"

    दरअसल, एक दिन पहले गोरखपुर से सांसद रवि किशन संसद के मानसून सत्र के पहले दिन देश और बॉलीवुड में बढ़ते ड्रग्स के इस्तेमाल और तस्करी के मुद्दे को उठाया था. उन्होंने कहा था,"भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में ड्रग्स की लत काफी ज्यादा है. कई लोगों को पकड़ लिया गया है. एनसीबी बहुत अच्छा काम कर रही है. मैं केंद्र सरकार से अपील करता हूं वह इस पर सख्त कार्रवाई करें, दोषियों को जल्द से जल्द पकड़े और उन्हें सजा दे जिससे की पड़ोसी देशों की साजिश का अंत हो सके."

     

    जया के इस बयान पर कंगना की आपत्ति

     

    रवि किशन के इस बयान पर जया बच्चन ने आज राज्यसभा में कहा,"कल हमारे एक सांसद सदस्य ने लोकसभा में बॉलीवुड के खिलाफ कहा. यह शर्मनाक है. मैं किसी का नाम नहीं ले रही हूं. वो खुद भी इंडस्ट्री से आते हैं. जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं. गलत बात है. मुझे कहना पड़ रहा है कि इंडस्ट्री को सरकार की सुरक्षा और समर्थन की जरूरत है."

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