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  • COVID-19 MHA Guidelines: कोरोना पर सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन्स, कंटेनमेंट जोन में बढ़ेगी सख्ती, जानें नए नियम

    केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से यह गाइडलाइन 1 दिसंबर से साल के अंत 31 दिसंबर 2020 तक के लिए जारी की गई है.

    कोरोना के कई राज्यों में तेजी से बढ़ते मामलों के बीच केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को कंटेनमेंट, सर्विलांस, सतर्कता को लेकर नई गाइडलाइन्स जारी की है. इसमें कहा गया है कि राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों को कंटेनमेंट जोन में कड़ाई के साथ नियमों को लागू करना होगा.  केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से जारी गाइडलाइन 1 दिसंबर से  लेकर 31 दिसंबर 2020 तक प्रभावी रहेगी.

     

    इसके साथ ही, कई अन्य गतिविधियों के लिए स्टैंडर्ड ऑफ प्रोटोकॉल्स जारी किए गए हैं. गृह मंत्रालय ने कहा कि कंटेनमेंट जोन में सिर्फ आवश्यक गतिविधियों की ही इजाजत दी जाएगी. कंटनमेंट जोन में नियमों को कड़ाई के साथ लागू करने की जिम्मेदारी स्थानीय जिला, पुलिस और निगम अथॉरिटीज की होगी. इसके साथ ही, राज्य और केन्द्र शासित प्रदेस संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर जिम्मेदारी सुनिश्चित करेंगे.

  • हिंद की चादर गुरु तेग बहादर : शहीदी दिवस
    *गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस* *हिन्दू धर्म के रक्षक को हिन्द की चादर भी कहा जाता है* औरंगजेब द्वारा कश्मीरी पंडितों को जबरन मुसलमान बनाने से बचाने श्री गुरु तेगबहादुर जी ने अपने पुत्र सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी की सलाह पर अपने प्राणों की आहुति देकर कश्मीरी पंडितों सहित हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिये | 24 नवंबर सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर के शहादत दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस्लाम कबूल न करने पर मुगल बादशाह औरंगजेब ने चांदनी चौक में उनका सिर कलम करवा दिया था। इस दिन उनकी शहादत को याद करके जुल्म और अन्याय का डटकर मुकाबला करने की प्रेरणा मिलती है। मुगल बादशाह औरंगजेब चाहता था कि सभी गैर-मुस्लिमों को मुस्लिमों में तब्दील कर दिया जाए। इसके लिए उसके अधिकारियों ने लोगों को जबरन मुस्लिम बनाने के लिए सख्ती शुरू कर दी। धर्म बदलने के दबाव से परेशान कश्मीरी पंडितों के एक समूह ने गुरु तेग बहादुर की शरण ली। गुरु की सलाह पर इन कश्मीरी पंडितों ने मुगल अधिकारियों से कहा कि अगर गुरु तेग बहादुर इस्लाम को स्वीकार कर लेते हैं, तो वे भी बड़ी खुशी से मुस्लिम बन जाएंगे। यह सुनते ही औंरगजेब ने गुरु तेग बहादुर को गिरफ्तार करवा दिया। 3 महीनों से भी ज्यादा वक्त तक गुरु को बंदी बनाकर रखा गया। इस दौरान उन्हें लगातार टॉर्चर किया जाता रहा कि वे इस्लाम स्वीकार कर लें, लेकिन गुरु ने ऐसा नहीं किया। तो आखिर में औरंगजेब ने उनका सिर कलम करने का आदेश दे दिया। 11 नवंबर, 1675 ईसवी को चांदनी चौक में उनका सिर कलम करवा दिया गया। शीशगंज नाम का गुरुद्वारा इसी जगह पर है। गुरु तेग बहादुर को ‘हिन्द दी चादर’ भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने दूसरों को बचाने के लिए अपनी कुर्बानी दे दी। --------------------- गुरू तेग़ बहादुर सिखों के नवें गुरु थे जिन्होने प्रथम गुरु नानक द्वारा बताए गये मार्ग का अनुसरण किया | उनके द्वारा रचित ११५ पद्य गुरु ग्रन्थ साहिब में सम्मिलित हैं। उन्होने काश्मीरी पण्डितों तथा अन्य हिन्दुओं को बलपूर्वक मुसलमान बनाने का विरोध किया था | 24 नवंबर 1675 में मुगल शासक औरंगजेब ने उन्हे इस्लाम कबूल करने को कहा कि पर गुरु साहब ने कहा सीस कटा सकते है केश नहीं। फिर उसने गुरुजी का सबके सामने उनका सिर कटवा दिया। गुरुद्वारा शीश गंज साहिब तथा गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब उन स्थानों का स्मरण दिलाते हैं जहाँ गुरुजी की हत्या की गयी तथा जहाँ उनका अन्तिम संस्कार किया गया। विश्व इतिहास में धर्म एवं मानवीय मूल्यों, आदर्शों एवं सिद्धांत की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वालों में गुरु तेग़ बहादुर साहब का स्थान अद्वितीय है। - Sukhbir Singhotra सुखबीर सिंघोत्रा Raipur
  • अंग्रेजों के जमाने का कोतवाली थाना बना आधुनिक

    CG 24 News - Lavinderpal Singhotra 

    अंग्रेजों के जमाने के कोतवाली थाने का कायाकल्प

    अत्याधुनिक मल्टी स्टोरी थाना 

    अंग्रेजों के जमाने के कोतवाली थाने का कायाकल्प कर वहां एक अत्याधुनिक मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाकर थाने का स्वरूप ही बदल दिया गया है -

    नवनिर्मित इस 6 मंजिला बिल्डिंग में कोतवाली थाने के साथ-साथ नगर पुलिस अधीक्षक का कार्यालय भी रहेगा - इस अत्याधुनिक सिटी कोतवाली भवन का उद्घाटन मुख्यमंत्री द्वारा गृह मंत्री की उपस्थिति में किया जाएगा - 

  • मुंगेली वन परीक्षेत्र के जंगल के अंदर बड़ी संख्या में अवैघ कटी हुई लकड़ी का अंबार - फारेस्ट अधिकारियों की मिलीभगत ?
    लोरमी मुंगेली वन परीक्षेत्र के जंगल के अंदर बड़ी संख्या में अवैघ कटी हुई लकड़ी का अंबार - फारेस्ट अधिकारियों की मिलीभगत का अंदेशा - बडी खबर निकल कर सामने आ रही है। मिली जानकारी के अनुसार जंगल के भीतर लगभग 10 ट्रेक्टर सेन्हा और कररा लडकी पाया गया है। लगभग सभी लकड़ी की लंबाई 15 फिट है। जंगल के भीतर 10-12 अलग अलग जगहों पर लगभग 500-600 मिटर दूरी में इस तरह की अवैध कटाई जंगल माफिया और फॉरेस्ट अधिकारियों की मिलीभगत का स्पष्ट संकेत है | । आगे मिली जानकारी के अनुसार एक – एक लकड़ी के ढेर में लगभग 65-70 नग है और यह लकड़ी 7 से 10 दिन पुराना कटी प्रतीत होती है। जिसकी पहचान कर अनुभवों ने बताया। यह पुरा मामला मुंगेली जिले के लोरमी ब्लाक अंतर्गत अचानकमार टाइगर रिजर्व ग्राम पंचायत कटानी के आश्रित पंचायत बम्हनी बिंग गाड 512 और ATR सुरही का है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए लोरमी क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य और प्रतिनिधि साथ ही वन अधिकार समिति बम्हनी अध्यक्ष का कहना है कि वन परिक्षेत्र में कोई अधिकारी जांच कार्यवाही के लिए नहीं आते हैं। जिससे यह अनैतिक कार्य हो रहा है। जिसकी शिकायत जिला पंचायत मुंगेली और उच्च अधिकारी को किया जाएगा। साथ ही इस मामले की उच्च स्तर पर जांच कार्यवाही भी कराया जाएगा।
  • एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी
    *एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किए जाने की मांग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से* छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ द्वारा एक पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मांग की गई है कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को शीघ्र लागू किया जाए | पत्र में लिखा गया है कि 1 नवंबर 2000 से मध्य प्रदेश से विभाजित होकर छत्तीसगढ़ प्रदेश का नवनिर्माण हुआ था, तत्पश्चात छत्तीसगढ़ राज्य में उच्च न्यायालय का अलग से निर्माण भी हुआ | छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग 35 से 40 हजार अधिवक्ता राज्य अधिवक्ता परिषद से पंजीकृत होकर नियमित वकालत का व्यवसाय कर रहे हैं | छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सी.के. केशरवानी ने बताया कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट राज्य के लिए एक अति महत्वपूर्ण अधिनियम होगा क्योंकि अधिवक्ताओं को सुरक्षा के लिए कोई अन्य फोरम नहीं है जिससे राज्य के अधिवक्ता अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं | यदि छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा उक्त अधिनियम को यथाशीघ्र लागू नहीं किया जाता तो छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराने हेतु आंदोलन करने बाध्य होगा | छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ का कहना है कि अधिवक्ताओं के विरुद्ध हो रही हिंसा की घटनाओं में इजाफा हुआ है जिससे यह अत्यंत आवश्यक हो गया है कि एडवोकेट प्रोटेक्शन है छत्तीसगढ़ राज्य में शीघ्र लागू किया जाए | संघ का कहना है कि राज्य शासन द्वारा एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की समिति का गठन किया जा चुका है | छत्तीसगढ़ की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार द्वारा अपने चुनावी घोषणा पत्र में भी एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट के संबंध में उल्लेख किया गया था परंतु 2 वर्ष से ज्यादा बीतने के बाद भी इसे लागू नहीं किया जा रहा | छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सी.के. केशरवानी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के को पत्र लिखकर अति शीघ्र एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग की है | उन्होंने छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सहित प्रदेश के विधि मंत्री को भी पत्र भेजा है | अब देखने वाली बात यह है कि राज्य सरकार अधिवक्ताओं की मांग कब तक पूरी करती है और दूसरी तरफ अधिवक्ता अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर कब जाते हैं | सीजी 24 न्यूज़ रायपुर
  • Lakshmi Vilas Bank: क्यों मुसीबत में है ये बैंक? संकट से उबारने का क्या है प्लान?

    आरबीआई ने कहा कि पिछले तीन सालों के दौरान लक्ष्मी विलास बैंक को लगातार हो रहे घाटे के चलते इसकी वित्तीय स्थिति काफी कमजोर हुई. आरबीआई ने यह भी कहा कि लगातार हो रहे घाटे से उबरने के लिए बैंक कोई प्लान नहीं बता पाया.

    वित्तीय संकट से जूझ रहे निजी क्षेत्र के एक और बैंक को सरकार ने मोरेटोरियम में डालते हुए 25 हजार रुपये की निकासी तय करने समेत उस पर 16 दिसंबर तक के लिए कई तरह की पाबंदिया लगा दी हैं. रिजर्व बैंक ने लगातार वित्तीय गिरावट को देखते हुए मंगलवार को लक्ष्मी विलास बैंक (एलवीबी) का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया. बैंक के बढ़ते एनपीए और इसे चलाने में आ रही कठिनाइयों के बीच केन्द्र सरकार ने सिंगापुर की सबसे बड़े ऋणदाता डीबीएस बैंक की लोकल यूनिट डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड (डीबीआईएल) के साथ विलय करने को कहा है. ऐसा पहली बार है जब किसी भारतीय बैंक को सुरक्षित रखने के लिए उसके विदेशी प्रतिद्वंद्वी पैरेंट बैंक को चुना है.

     

    आइये जानते हैं कि आखिर लक्ष्मी विलास बैंक की ऐसी हालत कैसे हो गई:

     

    1-आरबीआई ने कहा कि पिछले तीन सालों के दौरान लक्ष्मी विलास बैंक को लगातार हो रहे घाटे के चलते इसकी वित्तीय स्थिति काफी कमजोर हुई. आरबीआई ने यह भी कहा कि लगातार हो रहे घाटे से उबरने के लिए बैंक कोई प्लान नहीं बता पाया. किसी रणनीतिक योजना के अभाव में, जमा रकम में कमी और एनपीए में बढ़ोत्तरी के चलते इसका घाटा बढ़ता चला गया. इन घाटों की भरपाई के लिए बैंक पर्याप्त पूंजी जुटाने में नाकामयाब रहा.

     

    2-चेन्नई स्थित लक्ष्मी विलास बैंक की समस्या उस वक्त और बढ़ गई जब पिछले साल अक्टूबर में इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के साथ विलय के प्रस्ताव को आरबीआई ने इजाजत नहीं दी. उसके बाद, क्लिक्स कैपिटेड लिमिटेड के साथ विलय का प्रस्ताव भी सिरे नहीं चढ़ पाया. क्लिक्स ने जून में लक्ष्मी विलास बैंक के लिए गैर बाध्यकारी प्रस्ताव सौंपा था, लेकिन आरबीआई ने मंगलवार को कहा कि संकटग्रस्त बैंक कोई ठोस प्रस्ताव नहीं पेश कर पाया, जिसके बाद बैंक का नियंत्रण अपने हाथों में लेते हुए एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त करना पड़ा.

     

    3- सितंबर में शेयरहोल्डर्स की ओर से सात डायरेक्टर्स के खिलाफ वोटिंग के बाद रिजर्व बैंक ने नकदी संकट से जूझ रहे प्राइवेट बैंक को चलाने के लिए मीता माखन की अगुआई में तीन सदस्यों वाली कमिटी का गठन किया था।इस साल 17 नवंबर को लक्ष्मी विलास बैंक को मोरेटोरियम में रखा गया है. यह आदेश बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 की धारा 45 के अनुसार 16 दिसंबर 2020 तक प्रभावी रहेगा.

     

    4-इस अनिश्चितता भरे माहौल में लक्ष्मी विलास बैंक के विलय से इसके जमाकर्ताओं, ग्राहकों और कर्मचारियों को स्थिरता और संभावनाएं देगा.


    5-डीबीएस बैंक के भारत में 20 ब्रांच हैं और लक्ष्मी विलास बैंक के साथ विलय के बाद देश में उसको पांव पसारने का बड़ा अवसर मिलेगा. लक्ष्मी विलास बैंक के देशभर में 550 से ज्यादा ब्रांच हैं और 900 से ज्यादा एटीएम हैं.

  •  फिल्म कलाकार की बेटी बनी छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश प्रभारी
    रायपुर ब्रेकिंग भाजपा ने जारी की राज्य प्रभारियों की सूची डी पुरंदेश्वरी होंगी छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश प्रभारी पार्टी ने जारी की 36 राज्यों के प्रदेश प्रभारियों की सूची आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और फिल्म कलाकार एनटी रामाराव की बेटी है डी पुरंदेश्वरी
  • जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने हुआ करोना गाइडलाईन का उलंघन

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अनेक सभाओं को संबोधित किया जहां करोना गाइडलाइन का उल्लंघन हुआ, परंतु ऐसी जगहों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाइडलाइन को लेकर कोई बात नहीं कहीं, ना किसी को डांटा, ना किसी को समझाया, ना अधिकारियों को इसके लिए लताड़ा |

    भाजपा कार्यालय दिल्ली में अनेक लोगों ने मास्क नहीं लगाया था और सभी के सभी एक दूसरे के ऊपर चढ़े पड़े है, सट - सट कर खड़े है  - 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार भी कार्यकर्ताओं को ना हीं टोका, ना हीं डांटा, उन्हें उनकी गलती का एहसास भी नहीं कराया |

     

    दिल्ली के भाजपा कार्यालय में जो कुछ हुआ वह इन तस्वीरों में साफ नजर आ रहा है - बिहार में एनडीए की जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा कार्यालय में हजारों कार्यकर्ताओं को संबोधित किया,

    संबोधन के दौरान उन्होंने बिहार की जीत के लिए बिहार की महिलाओं, बिहार के नागरिकों को बधाई दी, उनका आभार माना और बताया कि किस तरह महिलाओं ने बढ़ चढ़कर एनडीए को वोट दिया और वह भी इस कारण कि केंद्र की भाजपा सरकार ने महिलाओं को धुए से निजात दिलाते हुए गैस चूल्हे दिए, बेज्जती से निजात दिलाते हुए शौचालय दिए, करोना काल में कोविड-19 के दौरान मजदूरों को मुफ्त राशन के अलावा मुफ्त ट्रेनों की व्यवस्था कर पैदल चलने से बचाया और घर तक पहुंचाया, इसके अलावा उन्होंने इस जीत के लिए वोटों के प्रतिशत को भी सामने रखा और बताया कि करोना महामारी के बावजूद भी लोगों ने बढ़ चढ़कर मतदान किया|

     

         प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव का जश्न भाजपा के केंद्रीय कार्यालय दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सहित अनेक मंत्रियों नेताओं की उपस्थिति में कार्यकर्ताओं के साथ मनाया | बिहार की जीत के जश्न के दौरान दिल्ली के भाजपा कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार भी करोना कोविड-19 महामारी से बचाव के संबंध में कोई बात नहीं कही | ना तो उन्होंने मास्क की बात की, ना सोशल डिस्टेंसिंग की बात की |

     जनता कर्फ्यू , लॉक डाउन 1 , लॉक डाउन 2 , लॉक डाउन 3 सहित अभी तक लगातार लोगों को मास्क लगाकर घर से निकलने, 2 गज की दूरी का पालन करने, अपने साथ-साथ दूसरों को भी करोना महामारी गाइडलाइन का पालन करने का आव्हान समय-समय पर करते रहे | इस विश्वव्यापी महामारी की भयानकता से निजात पाने के लिए वैक्सीन बनने, उसके परीक्षण, उसकी गुणवत्ता का परीक्षण होने में हो रही देरी के लिए उन्होंने आम जनता से अपील भी की है कि जब तक वैक्सीन नहीं बन जाती तब तक मास्क और 2 गज की दूरी ही वैक्सीन है | इस तरह की जन जागरूकता वाली अपील वह लगातार करते रहे हैं, और करते रहते हैं, परंतु भाजपा कार्यालय दिल्ली में उन्होंने अपने सामने उपस्थित कार्यकर्ताओं को नजदीक से देखा, जिनमें से अनेक लोगों ने मास्क नहीं लगाया था और सभी के सभी एक दूसरे के ऊपर चढ़े पड़े थे, सट - सटकर खड़े होकर मोदी है तो मुमकिन है, मोदी जिंदाबाद, भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाकर मोदी के दम पर बिहार में हुई जीत का जश्न मना रहे थे | परंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार भी कार्यकर्ताओं को नाहीं टोका, नाहीं डांटा, साथ ही उन्हें उनकी गलती का एहसास भी नहीं कराया |

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करोना महामारी , कोविड-19 जैसी भयानक बीमारी से चिंतित हैं, देश अभी तक पटरी पर नहीं आया है, देश की रेलगाड़ियां पटरी पर नहीं उतरी हैं, देश का व्यापार पटरी पर नहीं उतरा है, देश के सभी धार्मिक स्थल पूरी तरह से नहीं खोले गए हैं, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, पर्यटन स्थल, मैरिज हाल सहित अनेक व्यापार अभी भी करोना महामारी गाइडलाइन के कारण पूरी तरह नहीं खुले हैं | आम नागरिकों के लिए कोविड-19 के तहत अभी भी अनेकों बंदीशें हैं | इन सबके बावजूद देश की राजनीतिक पार्टियां अपने अपने राजनैतिक हित के लिए चुनाव के दौरान चाहे बिहार हो, मध्यप्रदेश हो या अन्य प्रदेशों में जहां उपचुनाव हुए हैं सभी जगह चुनावी सभाओं में करोना गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन हुआ, परंतु किसी पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई |

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अनेक सभाओं को संबोधित किया जहां करोना गाइडलाइन का उल्लंघन हुआ, परंतु ऐसी जगहों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाइडलाइन को लेकर कोई बात नहीं कहीं, ना किसी को डांटा, ना किसी को समझाया, ना अधिकारियों को इसके लिए लताड़ा |

     

    इतनी सारी बातों को बताने का हमारा मेन उद्देश्य यह है कि जब राजनैतिक दलों की चुनावी सभाओं में, जीत की खुशी में उमड़ी भीड़ के दौरान करोना महामारी का डर एक किनारे रख दिया जाता है, या यूं कहें कि ऐसे आयोजनों के बावजूद ऐसी जगहों पर उमड़ी भीड़ से करोना नहीं फैल रहा,  देश की राजधानी दिल्ली में केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जश्न मना कर हजारों की भीड़ को संबोधित करना इस बात की ओर इशारा करता है कि अब देश में करोना गाइडलाइन के पालन की कोई आवश्यकता नहीं है |

    जब 5 - 5, 10 -10 हजार लोगों की भीड़ एक साथ हो तब करोना नहीं फैलता तो धार्मिक स्थलों, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, पर्यटन स्थलों जहां एक बार में 200 - 500 या 1000 से ज्यादा लोगों के जुड़ने की, इकट्ठे होने की संभावना नहीं होती, वहां करोना कहां से आएगा ? और यदि इसके बावजूद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धार्मिक स्थलों, सिनेमा हॉल, स्कूल - कॉलेज, पर्यटन स्थलों, रेलगाड़ियों के आवागमन, शादी ब्याह में होने वाले आयोजनों की सीमित संख्या पर यदि छूट नहीं देते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी सभाओं सहित भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय में हजारों कार्यकर्ताओं की भीड़ एकत्रित कर संबोधित करने के लिए माफी मांगनी चाहिए और करोना महामारी कोविड-19 की प्रतिबंधित गाइडलाइन के हटने तक स्वयं भी अपनी पार्टी के पदाधिकारियों और नेताओं - कार्यकर्ताओं सहित गाइडलाइन का पालन करने का आव्हान करें, अन्यथा जिस प्रकार महाराष्ट्र में धार्मिक स्थलों को खोलने के लिए संतो ने आवाज उठाई, पूरा देश आपसे सब कुछ तुरंत सामान्य करने की बात करने लगेगा |

    सुखबीर सिंघोत्रा, स्वतंत्र पत्रकार - सभी फोटो बीजेपी ट्विटर से साभार,

  •  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के साढ़े 13 हजार से अधिक निवेशकों के साथ ओड़िशा,  महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के निवेशकों को भी लौटाई राशि

     ​​​​​​​धनतेरस पर चिटफंड निवेशकों को दिलाया मुख्यमंत्री ने न्याय

     

     

    फर्जी चिटफंड कम्पनी की सम्पत्ति कुर्क कर 
    16 हजार 796 निवेशकों को साढ़े सात करोड़ से ज्यादा वापस

    छत्तीसगढ़ के साढ़े 13 हजार से अधिक निवेशकों के साथ ओड़िशा, 
    महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के निवेशकों को भी लौटाई गई राशि 

        रायपुर, 12 नवम्बर 2020

     निवेशकों से धोखाधड़ी करने वाली एक चिटफंड कम्पनी याल्स्को रियल स्टेट एण्ड एग्रो फार्मिंग लिमिटेड पर सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी सम्पत्ति कुर्क करके निवेशकों को 7 करोड़ 33 लाख रूपए आज लौटा दिए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में निवेशकों के खाते में ऑनलाईन राशि अंतरित की। इस अवसर पर विधायक और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दलेश्वर साहू और छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा और रूचिर गर्ग, अपर मुख्य सचिव गृह सुब्रत साहू, विशेष पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री बघेल पहले ही कह चुके थे कि फर्जी चिटफंड कम्पनियों पर केवल एफआईआर करना पर्याप्त नहीं है। हम उनकी सम्पत्ति कुर्क करके निवेशकों के पैसे लौटाने की दिशा में काम करेंगे। आज धनतेरस के अवसर पर मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर भी अमल के साथ निवेशकों को न्याय मिलना शुरू हो गया है। 

        मुख्यमंत्री श्री बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने फर्जी चिटफंड कम्पनियों पर कार्रवाई कर  निवेशकों को उनकी जमा राशि दिलाने के विषय को अपनी प्राथमिकता में रखा। ऐसे प्रकरणों में प्रगति की समीक्षा मुख्यमंत्री स्वयं लगातार करते हैं। बीते दो वर्षो के कार्यकाल के दौरान शासन ने धोखाधड़ी के मामलों की जांच शुरू करते हुए फर्जी कम्पनियों के खिलाफ एफआईआर करने तथा निवेशकों को राशि लौटाने का सिलसिला शुरू किया था। साथ ही कम्पनी में काम करने वाले स्थानीय युवाओं के खिलाफ दर्ज मामले भी वापस लिए गए। इसी दौरान जन घोषणा पत्र में किए गए वादों से भी आगे बढ़कर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा था कि निवेशकों को न्याय दिलाने के लिए फर्जी कम्पनियों पर कानूनी शिकंजा कसने के साथ-साथ उनकी सम्पत्तियां भी कुर्क करके राशि लौटाई जाएगी।

        राजनांदगांव की चिटफंड कम्पनी याल्स्को रियल स्टेट एण्ड एग्रो फार्मिंग लिमिटेड के विरूद्ध शिकायतें प्राप्त होने पर राजनांदगांव कलेक्टर ने सम्पत्तियों की जानकारी प्राप्त की थी, जिसमें डायरेक्टरों के स्वामित्व की कुल 292.36 एकड़ अचल सम्पत्ति पाई गई। इस भूमि की कुर्की का अंतिम आदेश विशेष न्यायालय द्वारा पारित किया गया था। इसके बाद संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा कुर्क-सम्पत्तियों की नीलामी कराई गई। इस नीलामी से अब तक 8 करोड़ 15 लाख 34 हजार 345 रूपए प्राप्त हुए हैं। राजनांदगांव एवं छुरिया तहसीलों की एक-एक सम्पत्ति की नीलामी अभी शेष है। 

        27 जुलाई 2020 से 20 अगस्त 2020 तक कम्पनी के निवेशकों से दावा आपत्ति प्राप्त की गई। कुल 17 हजार 171 निवेशकों ने 24 करोड़ 75 लाख 47 हजार 337 रूपए का दावा प्रस्तुत किया। आवेदनों की समीक्षा के बाद 16 हजार 796 निवेशकों ने पूरी जानकारी के साथ  दावा प्रस्तुत किया। अब तक सम्पत्तियों की नीलामी से जो राशि प्राप्त हुई है, वह दावा राशि का केवल एक तिहाई। जिला स्तरीय पांच सदस्यीय समिति ने 16 हजार 796 निवेशकों द्वारा प्रस्तुत दावे की राशि का 30 प्रतिशत यानी 7 करोड़ 32 लाख 95 हजार 528 रूपए लौटाने का निर्णय लिया है। अब नीलामी की बचत राशि 82 लाख 38 हजार 817 रूपए शेष रहेगी।

        जिन 16 हजार 796 निवेशकों को राशि लौटाई जा रही है, उनमें 13 हजार 586 छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के हैं। इसी प्रकार 197 ओड़िशा के, 2971 महाराष्ट्र के और 42 निवेशक मध्यप्रदेश के हैं। इन निवेशकों के खाते में एन.ई.एफ.टी. के माध्यम से राशि स्थानांतरित की गई। 

    विगत दो वर्षों में चिटफण्ड कंपनियों से वसूली गई 9 करोड़ से अधिक की राशि

        मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा चिटफंड कंपनी संचालकों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं। इसी क्रम में विगत 02 वर्षों में कुल 34 कंपनियों के विरूद्ध धोखाधड़ी की शिकायत प्राप्त होने पर 63 प्रकरण दर्ज कर सख्त कार्यवाही करते हुये 43 डायरेक्टरों, 08 पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर तत्काल न्यायालय प्रस्तुत किया गया। विगत 02 वर्षों में वर्ष 2018 के पूर्व के प्रकरणों में से कुल 43 प्रकरणों के 80 आरोपियों को अन्य राज्यों से गिरफ्तार कर लाया गया है, जिनमें मध्यप्रदेश के 39 आरोपी, महाराष्ट्र के 09 आरोपी, राजस्थान के 05 आरोपी, ओड़िशा के 09 आरोपी, दिल्ली के 07 आरोपी, पश्चिम बंगाल के 02 आरोपी, उत्तर प्रदेश के 07 आरोपी, बिहार के 02 आरोपी शामिल हैं। 

        राज्य में वर्ष 2018 तक किसी भी कंपनी की संपत्ति की नीलामी नहीं किया गया था और न ही कोई राशि जप्त की गई थी। वर्ष 2019 में पुलिस द्वारा चिटफण्ड कंपनियों एवं उनके डायरेक्टरों की चल-अचल सम्पत्ति के पहचान की लगातार कार्यवाही करके कुल 123 प्रकरणों मंे कुर्की की कार्यवाही हेतु जिला कलेक्टर को प्रतिवेदन भेजा गया। जिला कलेक्टरों द्वारा 29 अनियमित वित्तीय संस्थानों, डायरेक्टरों की सम्पत्ति को कुर्की का अंतिम आदेश हेतु न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। इसमें से अब तक 17 प्रकरणों में न्यायालय द्वारा कुर्की का अंतिम आदेश पारित कर नीलामी, वसूली की कार्यवाही कर 09 करोड़ 04 लाख 40 हजार 220 रूपये शासन के खाते में जमा की गई। कुल 10 निवेशकों को कुल 22 लाख 94 हजार 243 रूपये वापस की गई। 02 प्रकरणों में नीलामी वसूली की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।  84 प्रकरणों में जिला कलेक्टर द्वारा कुर्की का अंतरिम आदेश हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।


    एजेंटों को राहत- 

        एजेंटों के प्रति शासन पूर्ण संवेदनशील है। पूर्व में स्थानीय एजेंटों को अपराधी बना दिया था, परन्तु वर्ष 2019 के बाद गिरफ्तार किये गये स्थानीय एजेंटों को 59 प्रकरणों में 104 एजेंटों को न्यायालय में शासकीय गवाह बनने हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत कराया है। विवेचनाधीन प्रकरणों में 42 प्रकरणों में 130 एजेंटों को शासकीय गवाह बनाया गया है।

  • जुनियर और सीनियर हिन्दी अनुवादक परीक्षा 19 नवम्बर को
    जुनियर और सीनियर हिन्दी अनुवादक परीक्षा 19 नवम्बर को


    रायपुर 12 नवंबर 2020/कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जुनियर हिन्दी अनुवादक, जुनियर अनुवादक और सीनियर हिन्दी अनुवादक परीक्षा-2020 ( टायर-II) 19 नवम्बर को आयोग द्वारा निर्धारित एक परीक्षा केन्द्र में संचालित की जाएगी। परीक्षा के सुचारू संचालन हेतु श्रीमती पूनम शर्मा ,डिप्टी कलेक्टर एवं परीक्षा प्रभारी अधिकारी रायपुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
     

  • साहू समाज के सामाजिक कार्य लोगों के लिए प्रेरणादायक: हिरवानी
    रायपुर। प्रदेश साहू संघ द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्ति जनजागरण महाअभियान का दूसरा चरण सरगुजा संभाग से शुरु हुआ। जशपुर जिले के बगीचा, बलरामपुर जिले के रामानुजगंज और सरगुजा में लगातार तीसरे दिन प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन हिरवानी के नेतृत्व में चरणबद्ध पदयात्रा का आयोजन किया गया। प्रदेश साहू संघ के मीडिया प्रकोष्ठ के संयोजक कौशल स्वर्णबेर ने बताया कि रामानुजगंज में आयोजित कार्यक्रम में राज्य गौसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि नशा, नाश का सबसे बड़ा कारण है इसलिए इससे दूर रहना ही लोगों के लिए हितकर है। उन्होंने कहा कि नशा न सिर्फ एक घर, एक परिवार को खराब करता है बल्कि पूरे समाज को खराब करने अपनी भूमिका निभाता है। इसलिए जितना हो सके नशे से दूर रहें। प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन हिरवानी ने कहा कि साहू समाज ने समाज सुधार की दिशा में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आज पूरे छत्तीसगढ़ में न सिर्फ प्रदेश सरकार बल्कि अन्य समाज के लोगों द्वारा किया जाने वाले सामूहिक विवाह की शुरुआत सबसे पहले साहू समाज द्वारा की गई थी। यह आज सभी समाजों के महत्वपूर्ण सामाजिक आयोजनों में शामिल हो गया है। कार्यकारी अध्यक्ष शांतनु साहू ने कहा कि साहू समाज नशामुक्ति जनजागरण अभियान के माध्यम से समाज सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसका तात्कालिक परिणाम भले ही न दिखे लेकिन आगे इसका सुखद परिणाम होगा हमें पूरा विश्वास है। अभियान के संयोजक आैर युवा प्रकोष्ठ के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप साहू ने कहा कि युवाआें को नशे से दूर करना ही इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। नशा सस्ता आैर या महंगा हर वर्ग के लोगों को आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इसलिए इसके खिलाफ अभियान बहुत जरूरी है। बगीचा में आयोजित सभा में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा बनारसी लाल गुप्ता, लक्ष्मी गुप्ता,नंदलाल गुप्ता, प्रयागराज साहू, कमलकांत साहू तथा रामानुजगंज में आयोजित सभा आैर पदयात्रा में मध्य प्रदेश तैलिक साहू महासभा के उपाध्यक्ष लखन साहू, गढ़वा जिला झारखंड के उदय गुप्ता, लक्ष्मी गुप्ता, रमेश साहू, राम सेवक गुप्ता, संतोष गुप्ता, चन्द्रभूषण गुप्ता, अविनाश गुप्ता, विनीत गुप्ता, चमरू प्रसाद गुप्ता, बंशीधर गुप्ता, महेंद्र गुप्ता के साथ रामानुजगंज बलरामपुर जिले एवं तहसील के साहू समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पदयात्रा के साथ संकल्प भी दिलाया कार्यक्रम के दौरान चरणबद्ध पदयात्रा का आयोजन किया गया। जिसके तहत रामानुजगंज-बलरामपुर में समाज के लोगों ने कदम से कदम मिलाकर नशे खिलाफ रैली निकालकर लोगों को जागरुक किया। इस कार्यक्रम में उपस्थित समाजिक जनों को जागरूक करते हुए नशा मुक्ति हेतु संकल्प भी दिलाया गया।
  • US Election Results: पढ़िए अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में अब तक क्या-क्या हुआ

    डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बाइडेन राष्ट्रपति बनने के जादुई आंकड़े जो कि 270 है उसके बेहद करीब हैं, लेकिन अभी भी पेंसिल्वेनिया जैसे कई महत्वपूर्ण राज्यों में गिनती जारी है जो कि खेल पलट सकता है और ट्रंप को वापस रेस में ला सकता है.

    अमेरिका में इस वक्त राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है. अधिकतर राज्यों में गिनती पूरी हो गई है लेकिन जिन राज्यों में गिनती चल रही है, वहां के इलेक्टोरल वोट पूरे नतीजे को बदल सकते हैं. अब देखना होगा कि अमेरिका का अगला राष्ट्रपति कौन होता है जो बाइडन या डोनाल्ड ट्रंप ? आइए जानते हैं अब तक क्या क्या हुआ है

     

    1- डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बाइडेन राष्ट्रपति बनने के जादुई आंकड़े जो कि 270 है उसके बेहद करीब हैं, लेकिन अभी भी पेंसिल्वेनिया जैसे कई महत्वपूर्ण राज्यों में गिनती जारी है जो कि खेल पलट सकता है और ट्रंप को वापस रेस में ला सकता है.

     

    2-ट्रंप ने बुधवार रात को घोषणा की कि वह मतगणना पर विवाद की वजह से अदालत का रुख करेंगे. राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान के तीन दिन के बाद पेंसिल्वेनिया में मतपत्रों की गिनती के खिलाफ ट्रंप कोर्ट गए हैं.इसके अलावा भी ट्रंप ने कई अन्य राज्यों में गिनती के खिलाफ कोर्ट का रुख किया है.

     

    3- वोटो की गिनती में अभी और समय लग सकता है क्योंकि लाखों मेल-इन मतपत्रों की गिनती अभी भी की जा रही है और इसे पूरा होने में समय लगेगा. अभी भी 9 राज्य ऐसे हैं जहां वोटों की गिनती जारी है.

     

    4- अमेरिका के इतिहास में ये राष्ट्रपति चुनाव अब तक का सबसे क्लोज फाइट वाला चुनाव है. इससे पहले 1824 में जॉन क्विंसी एडम्स ने हाउस ऑफ रिप्रसेंटेटिव में जीत हासिल की थी जब किसी भी उम्मीदवार को इलेक्टोरल कॉलेज में क्लियर बहुमत नहीं मिला था. 2000 में जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने अल गोर को 271-267 से हराया था.

     

    5- अंतिम परिणाम अभी आना बाकी है लेकिन जो बिडेन ने पहले ही अमेरिका के इतिहास में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार द्वारा प्राप्त सबसे अधिक वोटों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. उन्हें 72,048,770 वोट अब तक मिले हैं, उन्होंने बराक ओबामा का रिकॉर्ड तोड़ा है जिन्हें 2008 में 66,862,039 मिले थे.

     

    6-पांच महिलाओं सहित एक दर्जन से अधिक भारतीय-अमेरिकियों ने राज्य स्तरीय चुनाव जीते हैं. यह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए चार भारतीय-अमेरिकियों के अलावा हैं जिनमें डॉ अमी बेरा, प्रमिला जयपाल, रो खन्ना और राजा कृष्णमूर्थी शामिल हैं.

     

    7- जिस पार्टी से बाइडेन आते हैं उसी पार्टी यानी डेमोक्रेट के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के दौर में ही 1998 में भारत पर पाबंदिया लगाई गयी थीं. उस दौरान भारत में एनडीए सरकार थी यह पाबंदी वाजपेयी सरकार का परमाणु परीक्षण का फैसला लेने की वजह से लगाई गई थी.ऐसे में बाइडेन के राष्ट्रपति बनने पर भारत के लिए कई मुद्दों पर उतार-चढ़ाव नजर आता है. कई मामलों में बाइडेन से भारत को लाभ मिलेगा तो कई मामलों पर बाइडेन की नीतियां भारत के लिए फायदेमंद साबित नहीं होगी.

     

    8- 435 सीटों वाले चैंबर में डेमोक्रेट ने 204 सीटों के साथ रिपब्लिकन पर मामूली बढ़त हासिल की है. सदन में बहुमत के लिए एक पार्टी को 218 सीट की जरूरत है. सुबह 10 बजे (IST) के ताजा खबरों के मुताबिक रिपब्लिकन 190 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थे.

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