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  • प्रारंभिक जाँच की बदइंतज़ामी के चलते ही प्रदेश में कोरोना का संकट विस्पोटक स्थिति में पहुँचा : कौशिक

    केंद्र सरकार पर बघेल की टिप्पणी अपनी नाक़ामियों से ध्यान भटकाने का ओछा राजनीतिक हथकंडा : भाजपा

    0 प्रारंभिक जाँच की बदइंतज़ामी के चलते ही प्रदेश में कोरोना का संकट विस्पोटक स्थिति में पहुँचा : कौशिक


    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा केंद्र सरकार पर की गई टिप्पणी को अपनी नाक़ामियों से लोगों का ध्यान भटकाने का ओछा राजनीतिक हथकंडा बताया है। श्री कौशिक ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार को पहले अपने दामन में लगे नाकारापन के दाग़ देख लेना चाहिए जिसने कोरोना संकट को प्रदेश में इस विस्पोटक स्थिति तक ला पहुँचा दिया है।
    नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने कहा कि जो सरकार बार-बार कहने के बाद भी प्रदेश के क्वारेंटाइन सेंटर्स के इंतज़ाम दुरुस्त तक नहीं कर पाई, उस सरकार के मुखिया हर बार अपनी विफलताओं से मुँह चुराकर केंद्र सरकार के बारे में बेसिरपैर की बातें कहकर सिर्फ़ खम्भे नोचने का काम ही कर रहे हैं। श्री कौशिक ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम में पूरी तरह विफल रही प्रदेश सरकार आज तक इस महामारी की प्रारंभिक जाँच और उपचार की अपनी ओर से कोई पुख़्ता व्यवस्था विकसित नहीं कर पाई है। बिलासपुर में 1584 सैंपल बिना जाँच किए फेंक दिया जाना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार इस महामारी के ख़िलाफ़ चल रही जंग में प्रदेश सरकार इच्छा शक्ति से शून्य दिख रही है और बात-बेबात केंद्र सरकार पर अपनी विफलताओं का ठीकरा फोड़ने का हास्यास्पद उपक्रम ही कर रही है।
    नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री बघेल हर मौक़े पर प्रदेश की आर्थिक बदहाली का रोना रोते हैं वहीं दूसरी तरफ सरकारी खजाने के पैसों से अपने झूठ का रायता फैलाने में लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री बघेल वापसी कर रहे लोगों के परीक्षण की व्यवस्था तक नहीं कर पा रहे हैं और दहशतज़दा ग्रामीणों को उनके स्वागत के लिए कह रहे हैं। प्रदेश सरकार की प्रारंभिक जाँच की बदइंतज़ामी के चलते ही प्रदेश में कोरोना का संकट इस विस्पोटक स्थिति में पहुँच गया है। कोरोना का यह ज़मीनी सच प्रदेश सरकार का असली चेहरा सामने लाने के लिए पर्याप्त है और सच के इस आईने में अपनी विफलताओं से दाग़दार शक्ल से घबराई प्रदेश सरकार बार-बार, हर बार बस केंद्र सरकार को कोसने की सियासी नौटंकियाँ ही करती रहती है।

  • हाउसिंग बोर्ड, दोंदेखुर्द में मिला एक कोरोना पॉजिटिव
    हाउसिंग बोर्ड, दोंदेखुर्द में मिला एक कोरोना पॉजिटिव रायपुर 31मई 2020 / रायपुर में नगर पालिक निगम रायपुर अंतर्गत हाउसिंग बोर्ड,दोंदेखुर्द,थाना विधान सभा क्षेत्र में एक नये कोरोना पॉजिटिव केस पाये जाने के फलस्वरूप इस क्षेत्र को कंटेंटमेंट जोन घोषित किया गया है।कोरोना संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए प्रभारी कलेक्टर श्री सौरभ कुमार ने पूर्व में रेड्डी बाड़ी के पास वाला रास्ता,पश्चिम में पेट्रोल पंप के पास,में रोड जाने का रास्ता, उत्तर में हाउसिंग बोर्ड का मुख्य द्वार और दक्षिण में हाउसिंग बोर्ड का पिछला द्वार को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया है। इस कन्टेनमेंट जोन के अंतर्गत सभी दुकानें,आफिस एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अगले आदेश पर्यन्त तक पूर्णतः बंद रहेंगें। प्रभारी अधिकारी द्वारा कंटेन्मेंट जोन में घर पहुँच सेवा के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर किया जाएगा। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्हीं भी कारणों से घर से बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। कन्टेनमेंट जोन में शासन के मानकों के अनुसार व्यवस्था बनाये रखने हेतु जिला पुलिस रायपुर द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किया जाएगा। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य द्वारा संबंधित क्षेत्र में शासन के निर्देशानुसार स्वास्थ्य निगरानी, सेम्पल की जाँच आदि आवश्यक व्यवस्थाएँ की जाएगी। कंटेंटमेंट जोन में आवश्यक सुरक्षा एवं ब्यवस्था के लिये अधिकारियों को दायित्व सौपे गए है।कंटेंटमेंट जोन में प्रवेश एवं निकाष की केवल 01 द्वार की व्यवस्था हेतु बेरिकेटिंग श्री अभिनव श्रीवास्तव,अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, लोक निर्माण विभाग की मांग अनुसार बैरिकेटिंग हेतु बांस बल्ली की आपूर्ति, श्री विश्वनाथ मुखर्जी ,उप वनमंडलाधिकारी,रायपुर वन मंडल ,सेनेटाईजेशन तथा आवश्यक वस्तुओ की आपूर्ति व्यवस्था,श्री एच आर बघेल,मुख्य कार्यपालन अधिकारी,जनपद पंचायत धरसींवा, घरों का एक्टिव सर्विलांस, स्वास्थ्य टीम को एस.ओ.पी, अनुसार दवा, मास्क, पी.पी.ई. इत्यादि उपलब्ध कराने एवं बायोमेडिकल अपशिष्ट का प्रबंधन श्रीमती मीरा बघेल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु प्रणव सिंह,अनुविभागीय दंडाधिकारी(राजस्व) रायपुर,भारत सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा समय-समय पर जारी गाइडलाइन अनुसार कंटेनमेंट जोन में लाँक डाउन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने हेतु अश्वनी राठौर,थाना प्रभारी,थाना विधानसभा को नियुक्त किया गया है।
  • राज्य सरकार की 7 असफलताएं गिनाई पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने

    प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने आज एक पत्रकार वार्ता में केंद्र सरकार की 1 साल की उपलब्धियों का गुणगान करते हुए राज्य सरकार की असफलताओं को भी गिनाया |

    कुल 7 असफलताओं के बारे में उन्होंने जो कहा वह इस प्रकार है

    1. प्रवासी मजदूरों के खाते में 1 हजार रुपये डालने में यह सरकार असफल रही |

    2. 50 दिन बाद भी मजदूरों को लाने के तरीकों को व्यवस्थित नहीं किया - आधे मजदूर पैदल आने में मजबूर हुए

    3. क्वॉरेंटाइन सेंटर में आत्महत्या, सांप काटने से मौत सहित 10 मजदूरों की मौत प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाती है, हद तो यह है कि क्वॉरेंटाइन सेंटर में 5 माह के नवजात की इलाज के अभाव में मृत्यु हो जाती है |

    4. सरपंच के भरोसे लाखों मजदूर- पूर्णता अव्यवस्था का आलम|

    5. आर्थिक आपातकाल की स्थिति निर्मित हो गई है |

    6. कोरोना महामारी का सहारा लेकर राज्य सरकार राज्य के सरकारी कर्मचारियों के वार्षिक इंक्रीमेंट में कटौती साथ ही नई भर्तियों में पूर्णता रोक जिससे प्रदेश में बेरोजगारी को बढ़ावा मिलेगा |

    7. केंद्र सरकार को कोसने वाली राज्य सरकार अपनी वित्तीय स्थिति में ध्यान दें - ऐसी स्थिति आ गई है कि यदि वर्तमान सरकार भाजपा सरकार द्वारा किए गए कार्यों को मरम्मत करा ले तो वही बहुत है, नए कार्य किया जाना तो संभव ही नहीं है |

    इस प्रकार डॉ रमन सिंह ने प्रदेश सरकार पर 7 सवालिया निशान लगाए हैं | *CG 24 News - Singhotra*

  • लॉक डाउन के बाद अनलॉक वन*
    *लॉक डाउन के बाद अनलॉक वन* *8 जून से खुलेंगे धार्मिक स्थल* *1 जून से 30 जून तक अनलॉक वन* *कंटेनमेंट जोन तय करने का अधिकार राज्यों को* *स्कूल मॉल आदि खोलने के बारे में राज्य सरकारी करेंगी निर्णय* नई दिल्ली। कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश में एक बार फिर से लॉकडाउन लागू कर दिया है. लॉकडाउन 5.0 की गाइडलाइंस सरकार ने जारी कर दी है. कंटेनमेंट जोन के बाहर सरकार की ओर से चरणबद्ध तरीके से छूट दी गई है.बता दें कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश फिलहाल लॉकडाउन के दौर से गुजर रहा है. लॉकडाउन 4.0 की अवधि 31 मई को खत्म हो रही है. ऐसे में सरकार ने इसे और बढ़ा दिया है. लॉकडाउन 5.0 1 जून से 30 जून तक रहेगा. स्कूल-कॉलेज खोलने का फैसला केंद्र ने राज्यों पर छोड़ दिया है.जुलाई में राज्य इसपर फैसला लेंगे. होटल, धार्मिक स्थल, रेस्टोरेंट 8 जून से खोल दिए जाएंगे. हालांकि सरकार ने शर्तों के साथ खोलने की इजाजत दी है. देशभर में रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा. लोग एक राज्य से दूसरे राज्य जा सकेंगे. लोगों को अब पास दिखाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी.वहीं, शॉपिंग मॉल्स और सैलून को भी खोलने की इजाजत दे दी गई है.
  • अजीत जोगी का जीवन परिचय देखें एक नजर में

    अजीत जोगी का जीवन परिचय देखें एक नजर में

    नाम- अजीत प्रमोद जुमार जोगी, जन्म तिथि- 29 Apr 1946, जन्म स्थान- बिलासपुर छत्तीसगढ़,

    इतिहास-

     गुदड़ी का लाल

    साधारण परिवार में जन्मे अजीत जोगी बचपन से ही बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे, पढ़ाई-लिखाई में अव्वल जोगी को गुदड़ी का लाल भी कहा जाता था, * 1968 में उन्होंने स्वर्ण पदक के साथ मौलाना आजाद कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, भोपाल से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की। कॉलेज के दिनों में जोगी अपने विभाग में छात्र संघ के अध्यक्ष भी चुने जा चुके हैं। * 1967 में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, रायपुर (छत्तीसगढ़) में एक व्याख्याता (1967-68) के रूप में भी काम किया। * 1974 में अजीत जोगी भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चुने गए। * 1974 से 1986 तक मध्य प्रदेश के सिधी, शाहडोल, रायपुर और इंदौर जिलों में 12 वर्षों से जोगी जी ने सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट का रिकॉर्ड स्थापित किया। * 

    राजनीतिक घटनाक्रम 1986 में अजीत जोगी ने अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सदस्य बनकर राजनीतिक कॅरियर की शुरूआत की। इसके बाद कांग्रेस ने इन्हें राज्यसभा में नामित किया। * 1987 में अजीत जोगी को जनरल-सेक्रेटरी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी, मध्य प्रदेश के रूप में भी नियुक्त किया गया था। इतना ही नहीं इसके अलावा इन्हें लोक उपक्रमों की समिति, उद्योग समिति, रेलवे, अध्यक्ष, राज्य अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जनजाति (मध्य प्रदेश) समिति का हिस्सा बनाया गया। * 1989 में मणीपुर राज्य के लोकसभा चुनावों के दौरान जोगी को कांग्रेस ने केंद्रीय पर्यवेक्षक का काम सौपा। जोगी ने मध्यप्रदेश के 1500 किमी के जनजातियों वाले इलाके में काम कर उनके बीच जनजागृति फैलाई और उन्हें कांग्रेस पार्टी के समर्थन में जूटा लिया। * 1995 में जोगी को विज्ञान और प्रौद्योगिकी समिति और पर्यावरण व वन पर बनी कमेटी के अध्यक्ष का भी भार सौंपा गया। * 1995   सिक्किम विधानसभा चुनावों के दौरान जोगी ने कांग्रेस पार्टी के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में काम किया। *

    1996 में कोर समूह और संसदीय चुनाव (लोकसभा) के बाद में जोगी संसद में कार्यकारी समिति के सदस्य बन गए। * 1997 में इन्हें दिल्ली राज्य कांग्रेस कमेटी चुनावों के पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त किया गया था। इसके अलावा परिवहन और पर्यटन समिति, ग्रामीण व शहरी विकास सदस्य समिति, परामर्श समिति, कोयला मंत्रालय, लोक लेखा समिति, अप्रत्यक्ष कर पर ऊर्जा, संयोजक, उप-समिति के सलाहकार समिति का सदस्य चुना गया। इतना ही नही जोगी राज्य सभा के उपाध्यक्ष के पैनल में सदस्य भी बन चुके है। इसी बीच उन्होंने 1997 से 1999 तक मुख्य प्रवक्ता, कांग्रेस संसदीय दल के साथ-साथ एआईसीसी के मुख्य प्रवक्ता के रूप में काम किया। * 1998 में जोगी छत्तीसगढ़ के रायगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से 12 वीं लोक सभा के लिए चुने जा चुके है। * 1999 में इन्होंने छत्तीसगढ़ के अलग राज्य के लिए जागरूकता फैलाने के लिए दंतेवाड़ा के मां दांतेश्वरी मंदिर से अंबिकापुर के महामाया मंदिर तक जात्रा का नेतृत्व किया। *

     

    छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री

    नवंबर 2000 को नवीन्तम राज्य छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री के रूप में इन्होंने शपथ ली थी। इन्होंने 2003 में छत्तीसगढ़ में विकास यात्रा का भी नेतृत्व किया। * 2004 में 14 वीं लोकसभा में महासामुंड, छत्तीसगढ़ के लिए सांसद के रूप में चुने गए। * 2008 में छत्तीसगढ़ की विधान सभा के सदस्य के रूप में जोगी चुने गए, यह मारवाही निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे। * 2009 में लोकसभा चुनावों में चुने जाने के बाद जोगी ने लोकसभा सदस्य छत्तीसगढ़ के महासमुंद निर्वाचन क्षेत्र के रूप में काम किया। * 2014 में महासमुंद लोकसभा चुनावों में अपनी सीट बरकरार रखने में असफल रहे और बीजेपी के चंदू लाल साहू से 133 मतों से हार गए। *

     

    जून 2016 में, अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस नामक एक नए राजनीतिक संगठन की स्थापना की। *

    2018 में अजीत जोगी ने घोषणा की वह राजनंदगांव और मारवाही सीटों से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। इसका मतलब है कि वह सीधे डॉ. रमन सिंह को चुनौती देंगे मगर वे मरवाही से चुनाव लड़े और निर्वाचित हो कर विधानसभा के सदस्य बने, ------------------- 09 मई को दोपहर 12:10 बजे हार्ट अटैक के बाद रायपुर के नारायणा आसप्ताल में भर्ती कराया गया था, 29 मई 20 दिनों बाद दोपहर 3:30 निधन हुआ।

  • छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का निधन

    छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री रहे अजीत जोगी का आज निधन हो गया मैं पिछले कई दिनों से राजधानी के निजी अस्पताल में भर्ती थे और लगातार कोमा में चल रहे थे अनेक पद्धतियों से उनका इलाज कर - उन्हें ठीक करने की कोशिश की जा रही थी इसके लिए पूरी डॉक्टरों की एक टीम लगातार निगरानी कर रही थी परंतु आखिरकार आज मैं इस दुनिया से विदा हो गए बिलासपुर के पेंड्रा में जन्मे अजीत जोगी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ-साथ भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय प्रशासनिक सेवा की नौकरी भी की वह विधायक एवं सांसद भी रहे 1 नवंबर 2000 को जब छत्तीसगढ़ बना तो राज्य के पहले मुख्यमंत्री बनने का सौभाग्य भी इन्हें ही मिला

  • जो अधिकारी खुद नियम तोड़ रहा हो वह उसी नियम तोड़ने  के आरोप में दूसरे से जुर्माना वसूले यह कैसे हो सकता है ?
    मास्क नहीं पहनने पर चालान काटने वाले अधिकारी ने खुद ही नहीं लगाया मास्क
    एक ही जगह पर एक ही कानून तोड़ने पर दो व्यक्तियों पर अलग-अलग मापदंड क्यों ?
     
    जो अधिकारी खुद नियम तोड़ रहा हो वह उसी नियम तोड़ने  के आरोप में दूसरे से जुर्माना वसूले यह कैसे हो सकता है |
     
    परंतु यह सब हुआ है राजधानी रायपुर के जयस्तंभ चौक में जहां नगर निगम द्वारा कलेक्टर के आदेश से सड़कों पर बिना मास्क लगाए आने-जाने वालों पर कोविड-19 बीमारी को फैलाने के आरोप में जुर्माना वसूल करने की कार्यवाही की जा रही थी - इस दौरान अनेक ऐसे लोगों ने जिन्होंने मास्क नहीं लगाया था इन अधिकारियों को जुर्माना देकर और आगे से मास्क लगाकर निकलने का वादा कर आगे बढ़ गए परंतु जुर्माना वसूलने के इस अभियान की खास बात यह थी कि नगर निगम जोन क्रमांक 4 के अधिकारियों की टीम का एक अधिकारी बिना मास्क लगाए वहां बैठकर जुर्माना वसूलने की कार्रवाई कर रहा था - 
    इसी दौरान एक न्यूज़ पोर्टल के पत्रकार अफरोज ख्वाजा को इन अधिकारियों ने रोका और मास्क नहीं लगाने के आरोप में जुर्माना पटाने कहा, उपरोक्त पत्रकार ने देखा की जुर्माना वसूलने वाला अधिकारी खुद मास्क लगाए हुए नहीं है तो पत्रकार ने कहा कि ठीक है आप मेरी गलती के लिए रसीद काट दीजिए साथ ही आप भी मास्क का उपयोग नहीं कर रहे हैं इसके लिए आप भी जुर्माना भरे और अपने नाम की रसीद काटें - परंतु अधिकारी टालमटोल करने लगा उसका साथ देने अन्य अधिकारी आ गए और पत्रकार को धमकाने लगे कि अगर जुर्माना नहीं पटाया तो थाने भेज दिया जाएगा और इसी दौरान उन्होंने फोन करके थाने से पुलिस को भी बुलवा लिया पत्रकार अफरोज ख्वाजा ने बिना मास्क लगाए ड्यूटी दे रहे नगर निगम के अधिकारी का वीडियो बना लिया और उसे उनके उच्च अधिकारी जोन कमिश्नर चंदन शर्मा को भेज दिया - 
     
     
    जोन कमिश्नर ने स्वीकार किया कि उनके अधीनस्थ कर्मचारी ने मास्क ना लगाकर कोविड-19 के तहत कानून का उल्लंघन किया है, जिसके लिए शासकीय कर्मचारी होने पर नियम कायदों के तहत कार्रवाई होगी और स्पष्टीकरण मांगा जाएगा | 
    परंतु उन्होंने उस कर्मचारी- अधिकारी पर तुरंत कार्रवाई करने की बात टाल दी |
     
    अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि एक ही जगह पर एक ही कानून तोड़ने पर दो व्यक्तियों पर अलग-अलग मापदंड क्यों ?
     
    प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों को चाहिए कि इन ड्यूटी पर तैनात कानून का पालन करवाने वाले अधिकारियों  कर्मचारियों को स्वयं कानून का पालन करने की सख्त हिदायत दें और यदि उनके द्वारा भी कानून तोड़ा जाता है तो उन पर भी वही कार्यवाही की जानी चाहिए जो एक आम आदमी के लिए तय है |
  • बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा covid-19 लक्षणों के बाद अस्पताल में भर्ती

     

    अस्पताल सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को संबित पात्रा गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती किये गए हैं हैं।

     

    द्वारा: पीटीआई / The indian express / नई दिल्ली | प्रकाशित: 28 मई, 2020 2:03:57 अपराह्न

     भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा
    सूत्रों ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को गुड़गांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उन्होंने COVID-19 के लक्षण दिखाए हैं।

    अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि वह गुरुवार को गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं।

    एक सूत्र ने कहा कि भाजपा नेता में COVID-19 के लक्षण दिखाई दिए हैं ।

    पात्रा समाचार चैनलों पर सबसे अधिक दिखाई देने वाले भाजपा चेहरों में से एक है।

    वह सोशल मीडिया पर भी बहुत सक्रिय हैं और गुरुवार को भी उन्होंने कई ट्वीट किए हैं।

  • भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा अस्पताल में भर्ती
    सूत्रों ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को गुड़गांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उन्होंने COVID-19 के लक्षण दिखाए हैं। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि वह गुरुवार को गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। एक सूत्र ने कहा कि भाजपा नेता ने COVID-19 के लक्षण दिखाए हैं। पात्रा समाचार चैनलों पर सबसे अधिक दिखाई देने वाले भाजपा चेहरों में से एक है। वह सोशल मीडिया पर भी बहुत सक्रिय हैं और गुरुवार को भी उन्होंने कई ट्वीट किए हैं।
  • भाजपा ने राज्य सरकार से पूछे दस सवाल, कोरोना रोकथाम में लापरवाही बरतने का लगाया आरोप --  # पूछता है छत्तीसगढ़

    प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही लापरवाही और हल्की राजनीति पर छत्तीसगढ़ भाजपा ने कांग्रेस सरकार से दस सवाल पूछे हैं. इसके लिए एक -हैशटेग पूछता है छत्तीसगढ़- जारी किया है. इसमें प्रदेश में हो रही संदिग्ध मौत, कोरंटाइन सेंटर में मौत और पंचायतों को राशि जारी नहीं करने पर सवाल किया गया है -

     

    1. प्रदेश में हो रही कोरोना संदिग्ध मौतों पर सरकार मौन क्यों?

    – कोरोना के संपूर्ण लक्षण पाए जाने के बाद बिलासपुर मस्तूरी के मोहनलाल की बिलासपुर सिम्स में 22 मई को मौत। वे पुणे से लौटे थे.

    – 18 मई को सिम्स बिलासपुर में भर्ती हुई पाली से आई महिला अंटीला बाई की 21 मई को मौत.

    – दुर्ग झीट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल लैब में सैंपल कलेक्शन करने वाले दयाराम साहू की मौत.

    2.क्वारेंटाइन सेंटर्स क्यों मौत के केंद्र बनते जा रहे?

    – मुंगेली सिटी कोतवाली अंतर्गत छीतापुर क्वारेंटाइन सेंटर में मौत.

    – जिला रायगढ के सारंगढ अमलिपाली में अर्जुन निषाद ने फ़ासी लगायी.

    – मुंगेली के ग्राम किरना क्वारेंटाइन सेंटर में योगेश वर्मा 31 वर्ष की साँप काटने से मौत.

    – बालोद जिले के ग्राम परसवानी थाना अर्जुनदा क्वारेंटाइन सेंटर में 29 वर्षीय सूरज यादव ने आत्महत्या की.

    – लोरमी फुलझर निवासी 32 वर्षीय लखाराम साहू ने क्वारेंटाइन सेंटर के भय से आत्महत्या की.

    – सीताकासा क्वारेंटाइन सेंटर राजनंदगांव 28 वर्षीय बुधारु राम की स़ाप काटने से मौत.

    – सेमरिया क्वारेंटाइन सेंटर बेमेतरा में 35 वर्षीय राजू ध्रुव की मौत.

    – मुलमुला जांजगीर क्वारेंटाइन सेंटर में मजदूर बीरबल माहेश्वरी की मौत.

    – ग्राम पंचायत कोकपुर क्वारेंटाइन सेंटर में 26 वर्षीया खेमू और 28 वर्षीय तिलकराम साहू की मौत.

    3. क्वारेंटाइन सेंटर्स से लोग भाग क्यों रहे?

    – बम्हनीडीह चाम्पा कन्या छात्रावास से लोग भागे
    – मुंगेली जिला से 22 मजदूर भागे
    – बहतराई बिलासपुर सेंटर से लोग भागे
    – जशपुर नगर जिले से लोग भागे
    – केरा रोड जांजगीर से लोग भागे
    – दंतेवाडा से 23 श्रमिक भागे

    4.क्वारेंटाइन सेंटर्स को संचालित कर रही पंचायतों को पैसों का आबंटन क्यों नही?

    – पैसे के अभाव में पंचायतें परेशान, राज्य सरकार नही कर रही मदद
    – राज्य सरकार बताये पंचायतो को सेंटर चलाने अब तक कितने पैसे दिए
    – पंचायते केंद्र सरकार द्वारा जारी वित्त आयोग के पैसे का कर रही है इस्तेमाल

    5.रैपिड टेस्ट के माध्यम से मजदूरों की तुंरत जाँच क्यों नहीं?

    – पहले मजदूरों को सीधा सेंटर भेजा जाता है. सभी साथ में रहते हैं। फिर वही कोई कोरोना पॉजिटिव मरीज़ निकलता है जो संक्रमण फैला चुका होता है.

    – मजदूरों के टेस्ट किट का प्रबंध नही कर पाये.

    6. क्वारेंटाइन व्यक्ति पास बनवाकर पश्चिम बंगाल जाकर आया कोई रोक क्यों नहीं सका?

    धनेली गाव का विनय शर्मा आगरा से स्पेशल ट्रेन से 13 मई को लौटा क्वारेंटाइन किया गया फिर 20 मई को बाकायदा पास बनवाकर पश्चिम बंगाल भाग निकला। ऐसे गंभीर मामलो पर व्यवस्थायें ध्वस्त कैसे हुई?

    7.प्रदेश के सब्जी बाजारों , शराब दुकानों पर आप सामाजिक दुरी के नियम का पालन क्यों नहीं करवा पा रहे ?

    – ना आप अपने नेताओं से, न जनता से पालन करवा पा रहे
    – कांग्रेस के अनेक कार्यक्रमों में सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ी

    8. कोरोना जांच के लिए लिए सैंपल कूड़ेदान में क्यों फेके जा रहे हैं?

    – बिलापसुर में 5 दिनों में 37 मरीज़ मिले, जबकि वही के 1584 सैंपल ख़राब बोलकर फेक दिए गए.

    9. रद्दी के पपेर में मजदूरों के साथ अमानवीय व्यवहार क्यों?

    – राजनंदगांव के लोहरा से चार किलोमीटर दूर बिरनपुर गांव में रद्दी अखबार में खाना परोसा गया जिससे सब्जी और दाल बह निकली
    – आईटीआई कोनी के क्वारेंटाइन सेंटर में रखे गए 49 मजदूरों ने की भूख हड़ताल.

    10. क्वारेंटाइन सेंटर्स मजदूरों को ठूसा क्यों जा रहा ?

    – क्वारेंटाइन सेंटर से लगातार संक्रमित मरीज़ आने के बाद भी एक-एक कमरे में 20 20 मजदूरों को रखा जा रहा है जबकि दावा हजारों सेंटर होने का है 

     

  • सर्तकता और सावधानी के साथ प्रदेश में अब सप्ताह में 6 दिन खुलेंगी दुकानें : भूपेश बघेल

    रायपुर : सर्तकता और सावधानी के साथ प्रदेश में अब सप्ताह में 6 दिन खुलेंगी दुकानें : भूपेश बघेल :

    मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कोविड-19 के नियंत्रण और आर्थिक गतिविधियां शुरू करने उच्च स्तरीय बैठक

     

    क्वारेंटाईन सेंटरों में मनोरंजन के लिए टी.व्ही,. रेडियो और मनोवैज्ञानिकों
    की ली जाएंगी सेवाएं

    प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार की व्यवस्था होगी सर्वोच्च प्राथमिकता: बनाए जाएंगे राशनकार्ड और मनरेगा के जॉब कार्ड
    कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों की सूची उपलब्ध करायी जाएगी उद्योगों को
    रेड जोन और कंटेंनमेंट एरिया में नहीं मिलेगी कोई छूट
    वैवाहिक कार्यक्रम की अनुमति अब तहसीलदार देंगे
    माल, सिनेमा घर, राजनैतिक सभाएं, सामाजिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध
    पूर्व की तरह ही जारी रहेगा

    विभिन्न प्रदेशों से लौटे प्रवासी मजदूरों को रोजगार और समाज के
    सभी वर्गों को राहत देने के उपायों पर भी हुई चर्चा

    रायपुर, 27 मई 2020

     मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में प्रदेश में कोविड-19 के नियंत्रण और लॉक-डाउन के बाद ठप्प पड़ी आर्थिक गतिविधियों को दोबारा शुरू करने आज उच्च स्तरीय बैठक में विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सभी मंत्रीगण और राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक में विभिन्न राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने और समाज के सभी वर्गों को राहत देने के उपायों पर चर्चा की गई। लोगों की दिक्कतों का देखते हुए अब वैवाहिक कार्यक्रम की अनुमति तहसीलदार देंगे। अनुमति देने की प्रक्रिया को सरल और आसान बनाया जा रहा है। रेड जोन और कंटेंनमेंट एरिया में कोई छूट नहीं मिलेगी। भारत सरकार द्वारा जारी गाईड लाईन के अनुसार माल, सिनेमा घर, राजनैतिक सभाएं, सामाजिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध पूर्व की तरह ही जारी रहेगा।

      

     बैठक में दुकानों को अब सप्ताह में छह दिन खोलने का निर्णय लिया गया। सभी दुकानों और बाजारों में शारीरिक दूरी की बंदिशें पूर्व की तरह लागू रहेंगी। सप्ताह में छह दिन दुकान खुलने से वहां एक साथ होने वाली भीड़ से राहत मिलेगी। व्यवसायिक-व्यापारिक गतिविधियां शुरू होने से रोजगार के साथ अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। बैठक में ज्यादा से ज्यादा उद्योगों को भी शुरू करने के उपायों पर विचार किया गया। लॉक-डाउन के बाद प्रदेश के 1371 कारखानों में दोबारा काम शुरू हो गए हैं। इन कारखानों में एक लाख तीन हजार श्रमिक काम पर लौट चुके हैं।
        मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बैठक में क्वारेंटाइन सेंटर्स में रह रहे प्रवासी मजदूरों के मनोरंजन के लिए टेलीविजन, रेडियो आदि की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने श्रमिकों को मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराने के लिए मनोवैज्ञानिकों की सेवाएं भी लेने को कहा है। मुख्यमंत्री ने गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से क्वारेंटाइन सेंटर्स में योग या अन्य प्रेरक गतिविधियां संचालित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने तनाव कम करने पूरे दिन की व्यवस्थित दिनचर्या तैयार कर इसका पालन सुनिश्चित करने का भी सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्रदेश वापस आने वाले श्रमिकों को राशन और रोजगार की चिंता से मुक्त करने की जरूरत है। इसके लिए तत्काल उनके राशन कॉर्ड और मनरेगा जॉब-कार्ड बनवाए जाएं। कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों की सूची तैयार कर स्थानीय उद्योगों को उपलब्ध कराया जाए। इससे उद्योगों को जरूरत का मानव संसाधन मिलने के साथ ही श्रमिकों को नियमित रोजगार मिलेगा।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के नियंत्रण और लॉक-डाउन की परिस्थितियों में जन-जीवन को राहत पहुंचाने छत्तीसगढ़ में अच्छा काम हुआ है। सभी विभागों ने बेहतर समन्वय के साथ काम करते हुए जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई है। शहरी क्षेत्रों में कोविड-19 के बेहतर प्रबंधन के साथ गांव-गांव में लोगों को जागरूक करने के लिए शासन-प्रशासन ने मुस्तैदी से काम किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की जांच, इलाज और रोकथाम के लिए जितनी भी राशि की जरूरत होगी, स्वास्थ्य विभाग को प्राथमिकता से उपलब्ध करायी जाएगी।
        बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक दो लाख 12 हजार प्रवासी श्रमिकों को वापस लाया गया है। अब तक 53 श्रमिक स्पेशल ट्रेन आ चुकी हैं और 68 प्रस्तावित हैं। जिला कलेक्टरों को राज्य आपदा निधि से 18 करोड़ 20 लाख रूपए और मुसीबत में फंसे मजदूरों की सहायता के लिए करीब चार करोड़ रूपए राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। विभिन्न राज्यों में रह रहे प्रवासी श्रमिकों के बैंक खातों में 66 लाख 73 हजार रूपए का भुगतान भी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग को भी राज्य आपदा निधि से 75 करोड़ रूपए दिए गए हैं।
        बैठक में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, सहकारिता मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य मंत्री अमरजीत सिंह भगत, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री सुब्रत साहू, स्वास्थ्य सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, खाद्य सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, समाज कल्याण विभाग के सचिव प्रसन्ना आर., मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव सुश्री सौम्या चौरसिया सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • अखिल भारतीय मौसम बुलेटिन

    भारत मौसम विज्ञान विभाग के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार:

    • उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी हिस्सोंमध्य भारत और समीपवर्ती पूर्वी भारत के अंदरुनी हिस्सों के ऊपर शुष्क पश्चिमी हवा के छाये रहने के कारणवर्तमान गर्म हवा की स्थिति के मुख्य रूप से अगले दो दिनां तक जारी रहने का अनुमान है।
    • मौसम विभाग के उप-प्रखंड वारगर्म हवा के साथ छिटपुट अत्यंत गर्म हवा की स्थिति के 26-27 मई के दौरान विदर्भ के कई स्थानों पर तथा 26 मई को हरियाणाचंडीगढ़ एवं दिल्लीराजस्थानउत्तर प्रदेश एवं पूर्व मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर गर्म हवा की स्थिति के बने रहने का अनुमान है। 27 मई को हरियाणाचंडीगढ़ एवं दिल्लीपश्चिम उत्तर प्रदेशपूर्व राजस्थान तथा मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर एवं पंजाब तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के छिटपुट स्थानों पर गर्म हवा की स्थिति के बने रहने का अनुमान है। अगले 2-3 दिनो के दौरान बिहारझारखंडओडिशामराठवाड़ा एवं मध्य महाराष्ट्र में भी छिटपुट स्थानों पर गर्म हवा की स्थिति के बने रहने का अनुमान है।
    • एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव तथा निचले स्तरों पर पूर्व-पश्चिम कम दबाव के क्षेत्र के निर्माण और 28-29 मई से वर्षा/आंधी के संभावित अनुमान से 28 मई के बाद उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में कमी तथा 29 मई से गर्म हवा की स्थिति में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। भारत के मध्य भागों एवं समीपवर्ती पूर्वी भागों के ऊपर अनुकूल हवा की स्थिति के तहत इन क्षेत्रों से भी 29 मई से गर्म हवा की स्थिति में कमी आने का अनुमान है।
    • निम्न क्षोभमंडलीय स्तरों पर बंगाल की खाड़ी से पूर्वोत्तर भारत में तेज दक्षिणी हवाओं के कारण - अगले पांच दिनों के दौरान असम एवं मेघालय के छिटपुट स्थानों पर तथा 26 मई को अरुणाचल प्रदेश भारी से बहुत भारी तथा अत्यधिक भारी वर्षा होने का अनुमान है। अगले पांच दिनों के दौरान नागालैंडमणिपुरमिजोरम एवं त्रिपुरा में छिटपुट स्थानों पर तथा अगले 48 घंटों के दौरान पूर्वी भारत के समीपवर्ती स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है। 26-30 मई, 2020 के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ भागों में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा होने का अनुमान है।
    • मानसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) लगातार अक्षांश 5 डिग्री उत्तर/देशांतर 85 डिग्री पूर्वअक्षांश 8 डिग्री उत्तर/देशांतर 90 डिग्री पूर्वकार निकोबारअक्षांश 11 डिग्री उत्तर/देशांतर 95 डिग्री पूर्व के जरिये गुजर रही है। अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण पश्चिम मानसून के दक्षिण बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सोंअंडमान सागर एवं समीपवर्ती मध्य बंगाल की खाड़ी में और आगे बढ़ने के लिए स्थिति अनुकूल हो रही है।

     

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