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  • *क्रिकेट में पाकिस्तान की जीत पर जश्न मनाने वालों पर यूएपीए की धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई शुरू*
    *क्रिकेट में पाकिस्तान की जीत पर जश्न मनाने वालों पर यूएपीए की धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई शुरू* UAPA आतंकवाद विरोधी कानून इस धारा के अंतर्गत आरोपियों को जमानत मिलना बहुत मुश्किल होता है | भारत का खाने वाले, भारत में रहने वाले, भारत में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं पढ़ लिख कर किस आधार पर भारतीय सैनिकों का इलाज करेंगे ? कैसे भरोसा करेगा देश इन पर कि डॉक्टर बनकर यह लोग भारतीय सैनिकों का इलाज मन से करेंगे ? उल्लेखनीय है कि भारत पाकिस्तान के मैच में भारत की हार पर कश्मीर में मेडिकल कॉलेज की छात्राओं ने जश्न मनाया उसके अलावा अन्य कई जगहों पर कुछ लोगों ने भारत विरोधी नारे लगाए और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाकर जश्न मनाया| जिसे देश विरोधी गतिविधियों की श्रेणी में लाकर ऐसे लोगों पर (यूएपीए) आतंक विरोधी कानून के तहत कार्रवाई यहां शुरू हो गई है और जिसको लेकर कश्मीर के अलगाववादी नेता विरोध के रूप में सामने आने लग गए हैं |
  • प्रदेश में हुक्का बार पूरी तरह प्रतिबंधित
    *आईजी. - एस पी कांफ्रेंस* मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दो टूक, प्रदेश में हुक्का बार पूरी तरह प्रतिबंधित हों। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने दिए कड़े निर्देश, प्रदेश में नशे के कारोबार को पनपने न दिया जाए। पुलिस अधीक्षक करें कड़ी कार्यवाही। दूसरे राज्यों से आ रहे नशीले पदार्थ छत्तीसगढ़ में नहीं घुसने चाहिए। उन्होंने कहा कि गाँजे की एक पत्ती भी दूसरे राज्य से छत्तीसगढ़ में नहीं घुसने देना चाहिए।
  • महतवपूर्ण खबरें एक नजर में
    1 . वैक्सीनेशन मामले में भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर 2. मुंबई क्रूज मामले में अनन्या पांडे से 2 घंटे पूछताछ आज एनसीबी ने फिर बुलाया 3. कवर्धा धार्मिक विवाद की पड़ताल करने वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल कवर्धा जाकर मिलेगा पीड़ितों से जाने का वस्तुस्थिति 4. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज आईजी और एसपी के साथ प्रदेश की कानून व्यवस्था पर करेंगे समीक्षा 5 आबकारी मंत्री कवासी लखमा का रटा रटाया जवाब - नोटबंदी की तरह अचानक लागू नहीं होगी शराबबंदी यह कहते कहते 3 साल बीत गए शराब बंद करेंगे कि नहीं कमेटी भी निर्णय नहीं ले पा रही 6. स्कूल में शिक्षक नहीं बच्चों ने की हड़ताल किया नेशनल हाईवे जाम सूचना पर कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा ने भेजें 2 शिक्षक 7. बाजारों में त्योहारी सीजन पर भीड़ भाड़ सड़कों पर जाम को लेकर व्यापारी खुद सामने आए व्यापारी संघ ने दुकानदारों को दिया नोटिस सामान सड़क पर फैला कर यातायात जाम ना करें व्यापारी संघ के वालंटियर संभालेंगे व्यवस्था 8. 5 करोड़ 52 लाख रुपए की अवैध विदेशी सिगरेट का जखीरा बरामद - राजधानी के लाखेनगर का महेश गोवानी गिरफतार , गया जेल : खुफिया राजस्व निदेशालय की कार्यवाही 9. राजधानी में पटाखा दुकान के लिए लाटरी आज 10. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर जताया भरोसा : कहा सोशल मीडिया में भ्रामक खबरों का रहता है डर 11. चोरों के हौसले बुलंद, शहर में लगातार हो रही है चोरियां - राजधानी कैसा मार्केट चार दुकानों में एक साथ चोरी 12. शासकीय स्कूलों में यूनिफार्म का वितरण नहीं : बिना यूनिफार्म आ रहे छात्र छात्राएं जिलों में लॉ एंड आर्डर , कानून व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी कलेक्टरों पर : कलेक्टर्स कान्फ्रेंस में मुख्यमंत्री का फैसला T 20 भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मैच को लेकर पूरी दुनिया में उत्सुकता : 24 अक्टूबर को होना है मैच ऑनलाइन ठगी का फैलता नेटवर्क सावधान रहें किसी के झांसे में ना आएं फोन पर लेनदेन से बचें : राजधानी में महिला से 1 लाख 25 हजार की ऑनलाइन ठगी , शासन प्रशासन के तमाम जागरूकता अभियान के बावजूद लोग आ रहे ठगों के झांसे में - नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस सुरक्षा के साथ-साथ भटके हुए लोगों को मुख्यधारा में जोड़ने का काम कर रही - राज्यपाल अनुसुइया उइके प्रभु पार्श्वनाथ की भव्य शोभायात्रा : ऋषभदेव मंदिर सदर बाजार से समाज ने निकाला भव्य वरघोड़ा
  • महंगी सब्जियों के विरोध में कांग्रेस का 22 अक्टूबर को अनोखा प्रदर्शन
    महंगाई के विरोध में,बढ़ती सब्जियों के दामों के विरोध में, महिलाओं की रसोई की तकलीफों के विरोध में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पी एल पुनिया, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के आव्हान पर प्रदेश कांग्रेस के सभी सांसद विधायक मंत्री जनप्रतिनिधि अपने अपने क्षेत्र में सुबह 8:00 बजे सब्जी मार्केट ठेलों, चौराहों पर महंगी सब्जियों को खरीदने की और महंगी सब्जी होने के कारण लोन देने उधारी देने जैसे वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर नए तरह का विरोध करेंगे | यह विरोध प्रदर्शन सभी कांग्रेसियों के लिए अनिवार्य किया गया है जिसमें 22 oct. शुक्रवार सुबह *8 बजे* से देश में बेतहाशा बढ़ते सब्ज़ियों के भाव के विरोध में छतीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस व्यंग्यात्मक तरीक़े से एक अभियान चला विरोध प्रदर्शन करेगी , सभी जनप्रतिनिधि अकेले झोला ले अपने नज़दीकी सब्ज़ी मंडी जाएँगे व वहाँ सब्ज़ी वाले से 60-70 ₹/ किलो टमाटर लेते हुए सेल्फ़ी या फ़ोटो ले सभी सोशल मीडिया प्लेफ़ार्म जैसे फ़ेसबुक,ट्विटर,वाट्स एप, इंस्टाग्राम में *#अच्छे_दिन* व कुछ व्यंग्यात्मक टिप्पणी के साथ अपनी फ़ोटो जनता के साथ साझा करेंगे। सब्ज़ी वाले से व्यंग्यात्मक तौर पर सब्ज़ी *लोन/किश्त/उधार* पर देने हेतु आग्रह कर व उसका विडियो बना जनता के साथ साझा करने का प्लान है प्रदेश कांग्रेस के अनुसार इस कैमपेन में प्रदेश के सभी सांसद गण,मंत्री,विधायक,महापौर,पार्षद,प्रदेश कांग्रेस, जिला कांग्रेस,शहर कांग्रेस,ग्रामीण कांग्रेस,ब्लॉक कांग्रेस,युवक कांग्रेस,NSUI,महिला कांग्रेस,सेवादल,आइ.टी सेल,किसान कांग्रेस सभी मोर्चा,प्रकोष्ठ के सम्मानिय पदाधिकारिगणों व सभी कार्यकर्ताओं को अनिवार्य रूप से भाग लेंगे। अब देखने वाली बात यह है कि कांग्रेस के इस नए तरह के आंदोलन से जो सोशल मीडिया के माध्यम से जन-जन तक पहुंचेगा, सभी कांग्रेसी हर तरह से अपने अपने स्तर पर प्रचार प्रसार करेंगे, सोशल मीडिया में चलने वाले विरोध प्रदर्शन से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर क्या असर पड़ेगा | CG 24 News-Singhotra
  • ना शराब बंदी हुई ना ही उद्योगों के प्रदूषण फैलाने उगलने पर रोक लगी ?  - कांग्रेस के 34 माह का कार्यकाल

    उद्योग एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा - 34 माह का कार्यकाल

    ना शराब बंदी हुई ना ही उद्योगों के प्रदूषण फैलाने - उगलने पर रोक लगी

    सत्ता में आने से पहले कांग्रेस का मंत्री कवासी लखमा के विभाग से संबंधित मुख्य मुद्दा था शराबबंदी और इसके साथ ही बड़े उद्योगों द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण को रोकना 

    दिसंबर 2019 से सत्ता में आने के बाद कांग्रेस के कार्यकाल को 3 साल पूरे होने वाले हैं परंतु ना तो शराब बंदी पर कोई निर्णय हुआ और ना ही बड़े उद्योगों द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण पर रोक लगी

    आबकारी मंत्री मीडिया से हमेशा एक ही बात कहते हैं कि शराबबंदी के लिए कमेटी बना दी गई है, पर यह समझ में यह नहीं आता कि कमेटी 3 साल में भी कोई फैसला या निर्णय नहीं ले पाई तो क्यों ? और दूसरी तरफ यह बात है कि अगर कमेटी ही बनानी थी तो ऐसी कमेटी आप ने सत्ता में आने से पहले क्यों नहीं बनाई ? आपको अंदाजा होना चाहिए था कि अगर आप सत्ता में आएंगे तो क्या क्या हो सकता है ? क्या क्या सवाल खड़े हो सकते हैं ?  राजस्व की कमी को लेकर कोई बात आ सकती है या शराबबंदी करने से प्रदेश में किस तरह की परेशानियां आ सकती हैं ? इस बारे में पहले से ही हर विषय पर तैयारियां पूर्ण कर लेनी चाहिए थी | परंतु उस समय यह सब सोचा नहीं और अगर अब  सोच भी रहे हैं तो 3 साल का लंबा समय व्यतीत हो गया और निर्णय नहीं आ पाया | 

    प्रदूषण की बात कहे तो इंडस्ट्री एरिया में बड़े उद्योग लगातार चिमनियों से काला धुआं उगल रहे हैं, जिससे लगभग 20 किलोमीटर क्षेत्र में खेती पर असर पड़ रहा है, लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, दमा खांसी सहित स्किन की अनेक बीमारियां फैल रही हैं परंतु उन पर रोक नहीं लग पाई है | जिन उद्योगपतियों ने अपनी फैक्ट्री में चिमनियों से धुआं रोकने की मशीनें लगा रखी हैं वह भी बंद पड़ी है |

    बिजली की दरों से उद्योगपति परेशान हैं अर्थात कहा जाए तो पिछले शासन और इस शासन में कोई अंतर नहीं आया |

    प्रदेश के आबकारी एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा मीडिया के सामने अधिकारियों को निर्देशित तो करते हैं परंतु मुड़कर यह नहीं देखते कि उनके निर्देशों का पालन हो भी रहा है या नहीं |

    इसे यूं भी समझा जा सकता है कि मंत्री जी अधिकारियों को समझा कर रखे होंगे कि मैं मीडिया के सामने, शिकायत आने पर शिकायतकर्ता के सामने, उद्योग पतियों के सामने या विपक्ष के सामने आप लोगों को जमकर डांट लगाऊंगा परंतु यह डांट सिर्फ दिखावे की होगी !

    बहरहाल यदि शासन-प्रशासन इसी तरह चलता रहा तो अगले चुनाव में कांग्रेस के लिए परेशानियां खड़ी हो सकती हैं !

  • छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बदलना कांग्रेस हाईकमान के लिए संभव नहीं !

    छत्तीसगढ़ में अढ़ाई साल के मुख्यमंत्री का मामला

    बेस्ट परफॉर्मिंग मुख्यमंत्री घोषित होने के बाद कांग्रेस हाईकमान भूपेश बघेल को कैसे हटाएगा ?

    अढ़ाई साल में छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बदलने की बातें हवा हवाई साबित हो रही हैं,

    मीडिया में चर्चा को लेकर भाजपा ने इस मामले को तूल देने की कोशिश की, भाजपा प्रवक्ता अजय चंद्राकर गाहे-बगाहे कभी ट्विटर पर तो कभी इस मामले में बयान जारी कर स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव को उकसाने की कोशिश करते रहे, जिसके बाद टीएस सिंहदेव सक्रिय हुए, कई बार दिल्ली गए, कई कोशिशों के बाद आलाकमान से चर्चा हुई, चर्चा में क्या बात हुई यह सामने नहीं आया परंतु टीएस बाबा मुख्यमंत्री बनाए जाने के प्रति आश्वस्त दिखे |

    मीडिया के सामने उन्होंने स्पष्ट कहा कि सोनिया और राहुल पर पूरे देश की जिम्मेदारी है कोई बड़ा निर्णय लेने में समय लगता है | एक बयान में उन्होंने यह भी कहा कि परिवर्तन निरंतर प्रक्रिया है यही एक चीज है जो स्थाई नहीं रहती |

    दिल्ली दरबार की हलचल को भांपकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी ताकत और समर्थन दिखाने 55 से 60 विधायकों सहित कई महापौर एवं मंडल आयोग के अध्यक्षों को दिल्ली भेजा और वे स्वयं भी राहुल प्रियंका से मिले,

    दिल्ली में राहुल प्रियंका से लंबी बातचीत के बाद मीडिया के सामने प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के सामने उन्होंने स्पष्ट बयान दिया कि अढ़ाई साल की कोई बात नहीं है और ना ही मुख्यमंत्री बदली होने जैसी कोई बात है | उसके बावजूद कुछ दिनों बाद अनेक विधायक फिर दिल्ली दरबार में एकत्रित हुए | वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव अढ़ाई साल का मुख्यमंत्री बनने लगातार प्रयासरत हैं, बार-बार दिल्ली जाते हैं, मीडिया के सामने बयान देते हुए आशान्वित भी नजर आते हैं |

     

    अब आते हैं मुख्य विषय पर कि यदि टीएस सिंहदेव को कोई आश्वासन मिला है तो वह कब पूरा होगा ? यदि भूपेश बघेल ने राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ आने की बात कही तो वह क्यों नहीं आए ? या कब आएंगे तिथि निर्धारित क्यों नहीं हो रही ? ऐसा लगता है इन सब के पीछे टालने की प्रक्रिया चल रही है ! इसके साथ यह भी समझना होगा कि यदि टी एस सिंहदेव को मुख्यमंत्री बनाने का आश्वासन मिला है तो कांग्रेस हाईकमान द्वारा भूपेश बघेल का कद क्यों बढ़ाया जा रहा है ? पहले असम अब उत्तर प्रदेश का मुख्य पर्यवेक्षक बनाया गया है, उनकी बनाई सभी बड़ी योजनाओं को सहमति देकर दिल्ली हाई कमान द्वारा क्रियान्वित भी किया जा रहा है |

    उनकी लोकप्रियता और कार्य करने की शैली के आधार पर सी वोटर और आईएएनएस द्वारा बेस्ट परफॉर्मिंग मुख्यमंत्री घोषित करने के बाद कांग्रेस का हाईकमान उन्हें कैसे हटाएगा ?

     

    अभी मार्च 2022 में गोवा, मणिपुर, पंजाब, यूपी और उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं | ऐसे समय में कांग्रेस हाईकमान भूपेश बघेल को हटाकर किसी तरह का कोई रिस्क ले सकता है क्या ?

    इन चुनावों के बाद दिसंबर 2022 में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसकी प्रक्रिया अगस्त सितंबर से शुरू हो जाएगी, उसके बाद मार्च 23 में मेघालय - नागालैंड और त्रिपुरा फिर मई 23 में कर्नाटका और उसके बाद फिर दिसंबर 2023 में छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश, मिजोरम, राजस्थान, तेलंगाना में विधानसभा चुनाव होने हैं | ऐसे में छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बदलना कांग्रेस के लिए संभव नहीं लग रहा !

    अब रही बात स्वास्थ्य मंत्री टीएस बाबा की तो बातों ही बातों में 4 महीने से ऊपर हो चुके हैं परंतु कोई निर्णय नहीं हो पा रहा कि मुख्यमंत्री बदलना है कि नहीं ! यदि कोई विवाद की स्थिति बनती भी है तो पंजाब की तरह आखरी दो चार महीनों के लिए टी एस सिंहदेव को अगर मुख्यमंत्री बना भी दिया गया तो उसका क्या औचित्य ?

    वैसे क्रिकेट और राजनीति में कभी भी कुछ भी हो सकता है कहा नहीं जा सकता

    विश्लेषक सुखबीर सिंघोत्रा रायपुर छ.ग.

  • *मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नया रायपुर में बनने वाले सेवा ग्राम का किया निरीक्षण*
    CG 24 News के लिए Lavinderpal की रिपोर्ट *वर्धा की तर्ज पर नवा रायपुर में स्थापित होगा 21 वीं सदी का सेवा-ग्राम* *मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नया रायपुर में बनने वाले सेवा ग्राम का किया निरीक्षण* *सेवा ग्राम के लिए 76.5 एकड़ की जमीन चिन्हांकित* *महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज की परिकल्पना के अनुरूप कार्यों को आगे बढ़ाएगी परियोजना* *सेवा ग्राम में बुजुर्गों के लिए ’दूसरा घर’ और वंचितों के लिए स्कूल भी किया जाएगा स्थापित* रायपुर, 19 अक्टूबर 2021/ आजादी के 75वें वर्ष में आजादी की लड़ाई के मूल्यों, सिद्धांतों, आदर्शों तथा महात्मा गांधी की ग्राम-स्वराज की संकल्पना को अक्षुण्ण रखने के लिए नवा-रायपुर में भी वर्धा की तर्ज पर सेवा-ग्राम की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां नया रायपुर में बनने वाले सेवा ग्राम के लिए चिन्हांकित स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि सेवा ग्राम के लिए नवा-रायपुर 76.5 एकड़ की जमीन चिन्हांकित की गई है। यह स्थान नया रायपुर के लेयर वन से लगा हुआ है। इस स्थल में लगभग पांच एकड़ क्षेत्र में दो नहर भी है। शेष 75 एकड़ भूमि में सेवा ग्राम बसाया जाएगा। सेवा ग्राम को इस ढंग से विकसित किया जाएगा कि वहां छत्तीसगढ़ की परंपरागत ग्रामीण भवन शैली की झलक दिखें। निर्माण कार्यों में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध निर्माण सामग्री का उपयोग होगा। आश्रम के अंदर की सड़के भी ग्रामीण परिवेश के अनुरूप होंगी। सेवा ग्राम तक पूरा क्षेत्र हरियाली से भरपूर रहेगा। आश्रम का पूरा वातावरण आत्मिक शांति प्रदान करेगा। इस मौके पर कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, विधायक श्री देवेन्द्र यादव, श्री सचिन राव, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, विशेष सचिव कृषि डॉ. एस. भारतीदासन, एनआरडीए के मुख्यकार्यपालन अधिकारी डॉ. फकीर भाई अय्याज तम्बोली, संचालक उद्योग श्री अनिल टुटेजा, कलेक्टर रायपुर श्री सौरभ कुमार भी उनके साथ थे। सेवा ग्राम में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं आत्मनिर्भर-ग्राम की कल्पना को साकार करने के लिए सभी प्रकार के कारीगरों के प्रशिक्षण की व्यवस्था का प्रावधान भी किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि सेवा ग्राम की स्थापना के लिए 02 अक्टूबर 2021 से पहले इस संबंध में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि इस परियोजना के पीछे महाराष्ट्र के वर्धा में स्थित सेवाग्राम है, जिसकी स्थापना वर्ष 1936 में महात्मा गांधी और उनकी सहधर्मिणी कस्तूरबा के निवास के रूप की गई थी, ताकि वहां से वे मध्य भारत में स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व कर सकें। वर्धा का यह संस्थान महात्मा गांधी के सपनों के अनुरूप ग्रामीण भारत के पुननिर्माण का केंद्र भी था। गांधीजी का मानना था कि भारत की स्थितियों में स्थायी रूप से सुधार के लिए ग्राम-सुधार ही एकमात्र विकल्प है। अब 21वीं सदी में महात्मा गांधी के उन्हीं सपनों के अनुरूप ग्राम-सुधार के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए नवा-रायपुर में सेवा-ग्राम की स्थापना की जा रही है। इस सेवा-ग्राम का निर्माण मिट्टी, चूना, पत्थर जैसी प्राकृतिक वस्तुओं का उपयोग करते हुए किया जाएगा। यह परियोजना गांधी-दर्शन को याद रखने और सीखने की प्रेरणा देगी। साथ ही स्वतंत्रता आंदोलन की यादों और राष्ट्रीय इतिहास को भी इसके माध्यम से जीवंत रखा जा सकेगा। रायपुर में प्रस्तावित सेवाग्राम में गांधीवादी सिद्धांतों, ग्रामीण कला और शिल्प के केंद्र विकसित किए जाएंगे, जहां अतिथि विषय-विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही वहां वृद्धाश्रम तथा वंचितों के लिए स्कूल भी स्थापित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य पर्यटन के अवसरों को बढ़ा देकर, छत्तीसगढ़ की लोक कलाओं को प्रोत्साहन देकर, बुजुर्गों को दूसरा-घर देकर और वैचारिक आदान-प्रदान के लिए छत्तीसगढ़ में एक विश्वस्तरीय व्यवस्था का निर्माण करके स्थानीय लोगों का सशक्तिकरण करना है। सेवा-ग्राम में प्रस्तावित विजिटर्स सेंटर सीखने, निर्वाह करने और गांधी के सिद्धांतों का स्मरण करने का केंद्र जगह होगा। छत्तीसगढ़ अपनी विशिष्ट कला और शिल्प के लिए जाना जाता है। छत्तीसगढ़ के बस्तर, रायगढ़ और अन्य जिलों में बेल मेटल, लौह, टेराकोटा, पत्थर, कपड़े और बांस का उपयोग करके विभिन्न कलात्मक वस्तुओं का निर्माण किया जाता है। सेवाग्राम एक ऐसा स्थान होगा जहां आगंतुक स्थानीय कला और शिल्प, स्थानीय व्यंजनों को बारे में जान सकेंगे। अपनी जानकारियों और अनुभवों को साझा कर सकेंगे। सेवा ग्राम में एक ओपन थियेटर भी होगा, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
  • आर्यन खान को जेल में शाहरुख खान ने भेजा जेब खर्च
    शाहरुख ने अपने बेटे को भेजा जेब खर्च अरबों खरबों के मालिक के बेटे को डेढ़ सौ रुपए प्रतिदिन के हिसाब से करना पड़ेगा गुजारा क्रूज़ रेव पार्टी मामले में गिरफ्तार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं पिता शाहरुख खान द्वारा खड़े किए गए बड़े से बड़े वकील आर्यन को जमानत दिलवाने में नाकाम साबित हो रहे हैं पिछले 7 दिनों से जेल में बंद आर्यन की जमानत पर अगली सुनवाई 20 अक्टूबर को होगी | इस दौरान आर्यन का जेल में क्वारंटाइन टाइम भी पूरा हो गया है अब उसे सामान्य कैदियों की तरह 6 दिन गुजारने पड़ेंगे | अरबों खरबों के मालिक पूरी दुनिया के चहेते शाहरुख खान अपने बेटे को लेकर बहुत चिंतित हैं उन्हें यह भी अफसोस हो रहा है कि उनकी लोकप्रियता और रुपया दोनों काम नहीं आ रहा है | परेशान शाहरुख ने अपने बेटे आर्यन को जेल में वहां के नियमों के तहत 45 सौ रुपए का मनी ऑर्डर भेज कर थोड़ी बहुत सुविधाएं उपलब्ध करवाने की कोशिश की है जो कि ना काफी है लेकिन शाहरुख शासन, प्रशासन एवं जेल नियमों के कारण ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध करवा सकने को लेकर मजबूर हैं | लाखों रुपए में प्रतिदिन खर्च करने वाले आर्यन को मात्र 150 रूप प्रति दिन खर्च करने की बाध्यता रहेगी |
  • जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़ से मीडिया का नाता कट - अधिकारी कर्मचारी कलम बंद हड़ताल पर
    जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़ से मीडिया का नाता कट, जनसंपर्क विभाग के नवनियुक्त संचालक सौमिल रंजन चौबे की पदस्थापना का विरोध जनसम्पर्क विभाग में कर्मचारियों ने काली पट्टी लगाकर किया काम - जनसंपर्क विभाग में अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल का पहला दिन प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ ने किया पुरजोर समर्थन जनसंपर्क विभाग में संचालक पद पर सौमिल रंजन चौबे की नियुक्ति पर बवाल खड़ा हो गया है जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़ के प्रमुख कार्यालय में कलम बंद हड़ताल शुरू हो गई है | अधिकारियों कर्मचारियों की हड़ताल से जनसंपर्क विभाग द्वारा राज्यपाल - मुख्यमंत्री सहित सभी विभागों की प्रमुख गतिविधियों की जानकारी मीडिया एवं आमजन तक नहीं पहुंच रही है यहां यह बताना भी आवश्यक होगा 10 अक्टूबर के बाद 11 एवं 12 अक्टूबर को डीपीआर में किसी भी तरह की कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है सभी विभागों के कालम ब्लैंक हैं अर्थात खाली हैं| यहां यह भी बताना अति आवश्यक है कि यह विभाग मुख्यमंत्री के अधीन हैं और मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों की जानकारी आमजन के साथ-साथ मीडिया तक नहीं पहुंच रही है | इस विरोध प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं किसी भी संबंधित अधिकारी द्वारा इस मामले पर कोई बयान सामने नहीं आया है | बताया जाता है कि सौमिल रंजन चौबे संविदा पर कार्य कर रहे हैं और उनसे वरिष्ठ नियमित अधिकारियों को दरकिनार कर इन्हें संचालक बनाने का विरोध जनसंपर्क विभाग में हो रहा है | अब देखने वाली बात यह है कि राज्यपाल मुख्यमंत्री एवं शासन की गतिविधियों एवं जानकारियों को मीडिया तक पहुंचाने वाला जनसंपर्क विभाग कब तक सामान्य हो पाता है |
  • संकल्प से सिद्धि के सूत्रधार नरेंद्र मोदी - पीयूष गोयल

    केंद्रीय वाणिज्य और खाद्य मंत्री पियूष गोयल ने संकल्प से सिद्धि के सूत्रधार नरेंद्र मोदी के नाम से लेख तैयार किया है यह लेख उन्होंने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार २० साल के कार्यों - उपलब्धियों को आधार बनाकर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित किया है | 
    पेश है उनका लेख -

    संकल्प से सिद्धि के सूत्रधार : श्री नरेंद्र मोदी

    पीयूष गोयल

    भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद जी के सपनों के अनुरूप
    भारत को जगद्गुरु और विश्वशक्ति बनाने की सोच के साथ संकल्पों को सिद्धि
    तक पहुंचाने का बेजोड़ काम किया है। गुजरात के मेहसाना शहर के छोटे से गाँव
    वडनगर में अभाव में पैदा हुआ एक बालक कैसे साहस, परिश्रम और दूरदर्शी सोच
    के बल पर दुनिया के लिए रोल मॉडल बन गया, ये मोदी जी की प्रेरक जीवन
    गाथा सिद्ध करती है। 
    युवा अवस्था में नरेंद्र मोदी जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े व 1972 में संघ
    प्रचारक का दायित्व मिला तो पूरे उत्साह से राष्ट्र और समाज कल्याण के मिशन
    में जुट गए। महात्मा गांधी के ‘ग्राम स्वराज्य’ और सरदार वल्लभभाई पटेल की
    कार्यशैली से प्रेरणा ली और लगातार आगे बढ़ते गए। राष्ट्र प्रथम और सेवाधर्म के
    संस्कार लेकर नरेंद्र मोदी जी ने निरंतर परिश्रम, जनसेवा और अपनी क्षमता के
    बल पर प्रत्येक भूमिका को सफलता से निभाया है। 13 वर्ष गुजरात के मुख्यमंत्री
    और पिछले 7 वर्षों से देश के प्रधानमंत्री के रूप में मोदी जी ने सार्वजनिक जीवन
    में जनसेवा के दो दशक पूरे कर लिए हैं जो 135 करोड़ भारतीयों का उनके प्रति
    भरोसा और प्यार बताता है।   
    7 अक्टूबर 2001 को श्री नरेंद्र मोदी जी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद का कार्यभार
    सम्भाला और अपने कार्य के बल पर राज्य के विकास पुरुष बन गए। ‘गुजरात
    मॉडल’ की देश के अंदर ही नहीं विदेशों में भी बहुत चर्चा हुई। पूरे 13 वर्ष गुजरात
    में विकास व समृद्धि लाने के साथ-साथ 6 करोड़ गुजरातियों का दिल जीतने के
    बाद राष्ट्रीय स्तर पर मोदी जी की लोकप्रियता लगातार बढ़ती गयी। भारत की

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    सजग जनता ने अपने नेता को स्वीकारा भी और सराहना भी की। जब प्रधानमंत्री
    मोदी जी ने देश का नेतृत्व सम्भाला तो उन्हें विरासत में एक कमजोर
    अर्थव्यवस्था मिली व घोटालों के कारण सरकार जनता का विश्वास खो चुकी थी।
    इन सब चुनौतियों को स्वीकारते हुए प्रधानमंत्री जी ने अपने निर्णायक नेतृत्व और
    दृढ़ निश्चय का परिचय दिया। सोच यह थी कि बिना भेदभाव के सरकार की
    योजनाओं का लाभ गरीब से गरीब व्यक्ति को भी मिल जाए। 
    “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” आज केवल एक
    नारा बनकर नहीं रह गया बल्कि कश्मीर से कन्याकुमारी और कामरूप से कच्छ
    तक एक नए भारत में जीवंत होता दिखाई दे रहा है। किसी ने नहीं सोचा था कि
    जम्मू कश्मीर में धारा 370 को हटाया जा सकता है। परंतु राष्ट्र हित में उठाया
    गया यह कदम केन्द्रशासित जम्मू-कश्मीर राज्य में आज शान्ति, समृद्धि और
    विकास की एक नयी गाथा लिख रहा है। 
    देश को कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से बचाने के साथ मोदी जी के नेतृत्व में
    आत्मविश्वास और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करवाये गए। आत्मनिर्भर भारत के
    नारे को साकार करने का श्रेय प्रत्येक भारतवासी को उतना ही जाता है जितना
    उनके प्रिय नेता नरेंद्र मोदी जी को। आज देश में 70 प्रतिशत आबादी को कोरोना
    वैक्सीन की पहली डोज लगने के साथ वैक्सीनेशन का आंकड़ा 92 करोड़ तक पहुँच
    गया है, जो सारी दुनिया को अचरज में डाल रहा है। यह सफलता प्रत्येक डॉक्टर,
    नर्स और स्वास्थ्यकर्मी के साथ देश की जनता की भी है जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र
    मोदी जी की दूरदर्शी सोच पर अमल कर पूरे विश्व को भारत की ताक़त का
    अदभुत परिचय दिया। यही नहीं कोरोना काल में देशभर में लॉकडाउन में फंसे
    प्रवासी मजदूरों को राशन और उनके खातों में पैसे पहुंचाने का जो कार्य मोदी जी
    ने किया उसे सारी दुनिया ने सराहा है। कोरोना काल में प्रधानमंत्री गरीब अन्न
    कल्याण योजना के अंतर्गत 80 करोड़ जरूरतमंदों को मुफ्त राशन एक साल से
    अधिक अवधि से दिया जा रहा है। 

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    पिछले 7 वर्षों में मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जनहित से जुड़ी जो
    विकास योजनाएँ प्रभावी तरीके से लागू की हैं वो सबके सामने हैं। पारदर्शी और
    भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन को ज़मीन पर उतारने का काम नरेंद्र मोदी जी ने शुरू
    करवाया। जनता के कल्याण से जुडी जो दूरगामी योजनायें उन्होंने शुरू की वह
    कुछ समय के लिए और कुछ लोगों के लिए नहीं बल्कि बड़ी संख्या में एक लम्बे
    समय के लिए तैयार हुईं। क्या हम यह कल्पना कर सकते हैं कि अगर बड़ी
    संख्या में जन धन खाते नहीं खोले गए होते, या आधार, डी बी टी और डिजिटल
    ट्रांजैक्शन बड़े पैमाने पर शुरू ना होते, या आयुष्मान भारत के माध्यम से इलाज
    की सुविधा ना मिल पाती तो कोरोना काल में देश इस संकट से किस तरह
    जूझता? ऐसा लगता है मानों प्रधानमंत्री देश पर आने वाले संकट से निपटने के
    लिए पहले ही योजनाओं का क्रियान्वयन कर रहे थे। 
    चाहे वह ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान हो या फिर अँधेरे में डूबे देश के
    18,000 गांवों में बिजली पहुंचाने का मिशन, या फिर धुआंमुक्त रसोई के लिए
    उज्ज्वला योजना, सभी योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन मोदी जी द्वारा
    जनभागीदारी से किया गया। साथ ही किसानों के विकास के लिए पीएम किसान
    सम्मान निधि, जल जीवन मिशन के माध्यम से 2024 तक हर घर तक नल से
    जल पहुंचाने का लक्ष्य इत्यादि योजनायें प्रधानमंत्री के दूरदर्शी विजन और देश के
    गाँव और हर गरीब के प्रति संवेदना का प्रमाण हैं। देश के प्रत्येक वर्ग चाहे
    किसान हो या जवान, डॉक्टर हो या वैज्ञानिक, खिलाड़ी हो या कलाकार सबके साथ
    संवाद और सबकी प्रतिभा तथा शक्ति को भारत की प्रगति से जोड़ने का काम
    नरेंद्र मोदी जी ने किया है। चुनावी नारों और वादों के बजाय देश के अंतिम
    व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क, संचार, रोटी, कपड़ा, मकान, चूल्हा
    गैस और शौचालय उपलब्ध करवाने के साथ हर एक के जीवन को सुधारने के
    लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदैव तत्पर दिखाई देते है।

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    24 घंटे केवल देश और देशवासियों के विकास के लिए तत्पर ‘कर्मयोगी’ प्रधानसेवक
    नरेंद्र मोदी परिश्रम व जन संवेदना के बल पर रात-दिन बिना रुके बिना थके
    सक्रिय हैं। वैश्विक स्तर पर 135 करोड़ भारतीयों की आशाओं व आकांक्षाओं को
    पूरा करने में जुटे सर्वप्रिय नेता नरेंद्र मोदी भारत के हर संकल्प को सिद्धि तक
    पहुँचाने के सूत्रधार बनकर उभरे हैं। 
    (लेखक भारत सरकार में वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और
    सार्वजनिक वितरण और वस्त्र मंत्री हैं)

  • कोयला संकट मोदी और अदानी का षडयंत्र - कांग्रेस
    कोयला संकट मोदी और अदानी का षडयंत्र - कांग्रेस रायपुर/ 10 अक्टूबर 2021। कांग्रेस ने कहा है कि मोदी सरकार की अदूरदर्शिता, भ्रष्टाचार, कोयला खदानों के बंदरबांट के कारण देश कि अभूतपूर्व बिजली संकट से गुजरने वाला है। प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब से केन्द्र में नरेन्द्र मोदी की सरकार बनी है, केन्द्र सरकार चन्द उद्योगपतियों को ध्यान में रखकर सिर्फ उनको ही फायदा पहुंचाने के लिये नीतियां बनाई गयी है। देश की अधिकांश कोयला खदानें अदानी उद्योग समूह के पास है तथा अनेक राज्यों के विद्युत कंपनियों के नाम से आबंटित कोयला खदानों का उत्खनन भी अदानी समूह करता है। यह उद्योग समूह अपने औद्योगिक फायदे के लिये बिजली कंपनियों के कोयले को भी खुले बाजार में बेचता है इसी कारण भी देश के अनेक राज्यों के विद्युत  कंपनियों के समक्ष कोयले का संकट पैदा हो गया है। कोयला संकट से मोदी सरकार और अदानी समूह का षडयंत्र की बू आ रही है। दरअसल जिस तरह मोदी सरकार कि देश की सार्वजनिक संपत्ति बेचने में लगी है। देश में कृत्रिम कोयला संकट पैदा करके बिजली कंपनियों के निजीकरण का रास्ता साफ करने की उसकी मंशा है। प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भारत के पास प्रचुर मात्रा में कोयला का भंडार है। देश को अपनी जरूरतों के लिये कोयला कम होने की संभावना नगण्य है सरकार का यह कहना कि कोरोना के कारण कोयला खदानों से उत्खनन प्रभावित हुआ है गलत है कोरोना की बंदी के समय भी कोयला खदाने चालू थी कोयले का परिवहन भी चालू था। कोरोना कम होने के बाद सभी उद्योग अपनी पूरी क्षमता के साथ उत्पादन शुरू कर चुके है फिर कोयले का उत्पादन कैसे शुरू नही हुआ है ? उत्पादन की कमी के बहाने के पीछे भी षडयंत्र की बू आ रही है।
  • केंद्रीय मंत्री का बेटा गिरफ्तार मामला वाहन से किसानों को कुचलने का
    केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया | केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा गिरफ्तार किए गए हैं सुबह से चल रही पूछताछ जो लगभग 12 घंटे तक चली 12 घंटों की लगातार पूछताछ के बाद अंत में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार घोषित किया | जानकारी के अनुसार जांच में सहयोग नहीं करने सवालों के ठीक तरह से जवाब नहीं देने के कारण उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया उल्लेखनीय है कि लखीमपुर खीरी में आंदोलनरत किसानों पर वाहन चलाकर कुचलने के कारण चार लोगों की मौत और मौत के उपरांत वाहन चलाने वाले वाहन में बैठे लोगों पर गुस्साई भीड़ ने ईट फिट कर मारने के कारण 8 लोगों की मौत एक पत्रकार भी था लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद आखिरकार 2 बार सामान भेज कर उपस्थित होने के आदेश के बाद आज 11:00 बजे आशीष मिश्रा उपस्थित हुए लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया| आपको बता दें कि 3 अक्टूबर को यह हिंसात्मक घटना घटी थी अब सवाल ये उठता है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी के बाद मंत्री को हटाया जाता है इस्तीफा लिया जाता है या नहीं ?
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