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  • आठ जेल कर्मी के पॉजिटिव होने के बाद जेल प्रबंधन में हड़कंप -

    आठ जेल कर्मी के पॉजिटिव होने के बाद जेल प्रबंधन में हड़कंप 

    बैरेक के अन्य सभी लगभग 80 कैदियों की कोरोना जांच आज शाम को

    पॉजिटिव कैदी को भेजा गया कोविड अस्पताल

    बिलासपुर - केंद्रीय जेल बिलासपुर में कोरोना का बरपा कहर  यहां हत्या के आरोप में रह रहे कैदी के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद अब आठ जेल कर्मी भी पॉजिटिव पाए गए हैं। यहां बंद कैदी के पॉजिटिव पाए जाने के बाद मंगलवार को 22 जेल कर्मियों की कोरोना रैपिड एंटीजन  किट से की गई जांच में 8 जेल कर्मी पॉजिटिव पाए गए हैं।जिनका सैंपल कलेक्ट कर अब उच्च स्तरीय जांच की हेतू भेजा जा रहा है पॉजिटिव कैदी अन्य साथियों के साथ रह रहा था इसलिए संक्रमित होने का अधिक खतरा जेल कर्मियों के साथ साथ बाकी उस बैरेक के  कैदियों में है, जेल अधीक्षक संतोष मिश्रा ने बताया कि आज शाम को 7.30 बजे जिस बैरेक में पॉजिटिव कैदी रह रहा था उस बैरेक के अन्य सभी लगभग 80 लोगो की कोरोना जाँच की जाएगी।

    कोरोना पॉजिटिव आरोपी कैदी को आज कोविड हॉस्पिटल में भेज दिया गया है । तो वहीं अन्य लोगों की जांच सेंपल शाम को लिया जाएगा ।

    मन्नू मानिकपुरी
    संवाददाता बिलासपुर

  • राहुल गांधी का तंज, कहा- मार्च में एमपी सरकार गिराई, जुलाई में राजस्थान सरकार गिराने की कोशिश, ये है 'आत्मनिर्भर' भारत

    राहुल गांधी ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए लिखा है कि सरकार ने मार्च में एमपी सरकार गिराई और जुलाई में राजस्थान सरकार गिराने की कोशिश कर रही है और इसीलिए कोरोना से लड़ाई में देश 'आत्मनिर्भर' है.

    कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला है और इस बार राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार गिराने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है. बता दें कि आधिकारिक तौर पर पहली बार राहुल गांधी ने राजस्थान के सियासी संकट पर कुछ कहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत वाले बयान पर कटाक्ष किया है.

     

    राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कोरोना काल में सरकार की उपलब्धियां फरवरी में नमस्ते ट्रंप, मार्च में एमपी सरकार गिराई, अप्रैल में मोमबत्ती जलवाई, मई में सरकार की 6वीं सालगिरह और जून में बिहार में वर्चुअल रैली के साथ साथ जुलाई में राजस्थान सरकार गिराने की कोशिश की है. इसी लिए देश कोरोना की लड़ाई में 'आत्मनिर्भर' है.

    राजस्थान का सियासी संकट जारी है
    बता दें कि राजस्थान में सियासी संकट जारी है और अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच लड़ाई कांग्रेस पार्टी को परेशान कर रही है. आज भी राजस्थान हाईकोर्ट में राजस्थान के बागी विधायकों समेत सचिन पायलट की याचिका पर सुनवाई जारी है. इस याचिका में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा उन्हें भेजे गए अयोग्यता नोटिस को चुनौती दी गई है. कांग्रेस लगातार कह रही है कि राजस्थान की सरकार को गिराने की कोशिश बीजेपी कर रही है और सचिन पायलट उनकी बातों में आ गए हैं.

     

    राहुल गांधी लगातार कर रहे हैं पीएम मोदी और केंद्र सरकार पर हमले
    राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर ट्वीट और वीडियों के जरिए हमले कर रहे है. इसके अलावा उन्होंने 'मन की बात' सीरीज भी शुरू की है और इसके जरिए वो लगातार पीएम मोदी पर निशाना साध रहे हैं. 17 जुलाई को इसी सीरीज के पहले वीडियो में उन्होंने कहा कि चीन ने सीमा पर अतिक्रमण के लिए यही समय इसलिए चुना क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों ने भारत को कमजोर कर दिया है.

     

    20 जुलाई को राहुल गांधी ने जारी किया दूसरा वीडियो
    राहुल गांधी ने अपनी 'मन की बात' सीरीज के तहत कल जारी किए वीडियो में चीन को लेकर मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए. अपने दूसरे वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि यह साधारण सीमा विवाद नहीं है. मेरी चिंता है कि चीनी आज हमारे इलाके में बैठे हैं. राहुल गांधी ने कहा कि चीनी प्रधानमंत्री को उनकी 'मजबूत नेता की छवि' में फंसाना चाहते हैं.

     
  • बहुउद्देशीय और सभी के लिए लाभकारी है* *गोधन न्याय योजना: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल*
    *बहुउद्देशीय और सभी के लिए लाभकारी है* *गोधन न्याय योजना: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल* *बैहार गौठान में मुख्यमंत्री ने गोबर खरीदकर योजना का किया शुभारंभ* *रोका-छेका अभियान रहा सार्थक, एक पखवाड़े पहले हो गयी फसलों की बुआई* रायपुर, 20 जुलाई 2020/मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के बैहार गौठान में गोबर की खरीदी कर राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने हरेली पर्व और गोधन न्याय योजना के लिए सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। शुभारंभ कार्यक्रम में कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के बाद सरकार ने किसानों और ग्रामीणों के बेहतरी के लिए गोधन न्याय योजना की शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार देश-दुनिया की पहली सरकार है, जिसने शासकीय दर पर गोबर की खरीदी शुरू की है। यह योजना बहुउद्देशीय और सभी लोगों के लिए लाभकारी है। गोबर की खरीदी से पशुधन के सरंक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। खेतांे में पैरा जलाने पर रोक लगेगी। पर्यावरण प्रदूषण रूकेगा। वर्मी कम्पोस्ट खाद के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा मिलने से खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी। खुले में चराई की प्रथा पर रोक लगेगी, जिससे फसलों की सुरक्षा होगी। जैविक खाद के उपयोग से विष रहित अनाज उत्पादन और खेती की लागत में कमी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में कई समस्याएं हैं, लेकिन उनका ये मानना है कि खुले में पशुओं की चराई एक बड़ी समस्या है। इसके निदान के लिए गांवों में गौठान निर्माण (गरूवा) योजना की रूपरेखा सरकार ने तैयार की। इसके साथ ही नरवा, घुरूवा और बाड़ी को इसमें शामिल किया गया है। आज नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी छत्तीसगढ़ राज्य की चार चिन्हारी बन गए हैं, जिनके संवर्धन का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे ग्रामीण और किसान जिनके पास चार-पांच मवेशी हैं, उन्हें गोधन न्याय योजना के माध्यम से हर महीने चार-पांच हजार रूपए तक की अतिरिक्त आय होगी। उन्होंने लोगों से पशुधन केे चारे के प्रबंध के लिए गांव के गौठानों को पैरादान करने की भी अपील की। मुख्यमंत्री ने गौठानों में हरे चारे की व्यवस्था करने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में रोका-छेका अभियान का बड़ा ही सार्थक परिणाम सामने आया है। इस साल खरीफ फसलों की बुआई का काम एक पखवाड़े पहले ही पूरा हो गया है। धान की फसल जल्दी तैयार होगी। इसके बाद किसान उतेरा, उन्हारी की फसल ले सकेंगे। रोका-छेका के परिणाम स्वरूप राज्य में द्विफसली खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों के घरों में समृद्धि आएगी। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में गोबर की खरीदी दो रूपए किलो में की जाएगी। इससे गौठानों में स्व-सहायता के माध्यमों से वर्मी कम्पोस्ट खाद एवं अन्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे। वर्मी कम्पोस्ट खाद का विक्रय 8 रूपए प्रतिकिलो की दर से किया जाएगा। कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ का सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार है। इस दिन धरती माता, खेती-किसानी के औजारों और गोमाता की पूजा की जाती है। छत्तीसगढ़ राज्य में गांव, गरीब और किसानों के बेहतरी के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच और उनके कार्यो की उन्होंने सराहना की और कहा कि बीते डेढ़ सालों में छत्तीसगढ़ के तीज-त्यौहार, परम्परा, कला और संस्कृति को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अपने वादे को निभाया है। धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी, किसानों की कर्जमाफी के वादे को उन्होंने विपरित परिस्थितियों में भी बखूबी निभाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने किसानों को धान खरीदी, कर्जमाफी तथा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से लगभग 55 हजार करोड़ रूपए की राशि सीधे उनके खातों में अंतरित की है। मंत्री श्री चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान के विपुल उत्पादन को देखते हुए इससे एथेलॉन बनाने की अनुमति केन्द्र सरकार से मांगी गयी है। इससे राज्य में उत्पादित होने वाले धान की शत-प्रतिशत मात्रा का उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण को लेकर जो सपना डॉ. खूबचंद बघेल, स्वर्गीय मिनीमाता, ठाकुर प्यारेलाल, वरिष्ठ छेदीलाल, पंडित सुन्दरलाल शर्मा और हमारे पुरखों ने देखा था, उसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूरा कर रहे हैं। डॉ. डहरिया ने प्रदेश सरकार की जन हितैषी नीतियों का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में गांव, गरीब और किसानों के बेहतरी के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में किसान एक्सप्रेस चल रही है। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना की आज से शुरूआत हो रही है। इस योजना के चर्चा देश-विदेश और यूर्नाइटेड नेशन में हो रही है। डॉ. डहरिया के इस उदबोधन पर लोगों ने ताली बजाकर गोधन न्याय योजना का समर्थन किया। गोधन न्याय योजना के शुभारंभ कार्यक्रम मे बैहार पहुंचने पर ग्रामीण और किसानों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य अतिथियों का परम्परागत रूप से जोरदार स्वागत किया। यहां मुख्यमंत्री बैलागाड़ी में सवार होकर गौठान स्थित गौशाला पहुंचे और विधि-विधान से गौमाता और कृषि औजार की पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात उन्होंने अपने हाथों से गौमाता को आटे और खमार पत्ते की लोंदी, हरा चारा खिलाया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बैहार गौठान में ग्रामीणों के साथ हरेली त्यौहार मनाया। मुख्यमंत्री यहां गेड़ी चढ़े, भौरा-बाटी, गिल्ली-डंडा और पिट्ठुल खेले। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और अतिथियों को खुमरी पहनाकर, नांगर और गमछा भेंटकर स्वागत सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गौठान बाजार और ग्राम बैहार के महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पाद का अवलोकन किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, नगर निगम रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरिश देवांगन, खाद एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राजेन्द्र तिवारी, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, राज्य कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती डोमेश्वरी वर्मा, जनपद पंचायत के अध्यक्ष खिलेश देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
  • प्रदेश वासियों को हरेली की बधाई और शुभकामनाएं-डॉ शिव कुमार डहरिया

    आवौ आज हरेली आगे, सब झन इही मनावन। दुखिया के दुःख हरै प्रभुजी, बीतै सुंदर सावन।।

    रूख राई झन काट उजारौ, अब जंगल बरपेली। जघा-जघा हरियाली लावौ, आय तिहार हरेली।।

    हरियर-हरियर डारा पाना, हरियर दिखथे खार। आगे-आगे हमर हरेली, “पहली“ आज तिहार।।

     

    प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ शिव कुमार डहरिया ने प्रदेश वासियों को हरेली की बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों के प्रकृति प्रेम और समर्पण को दर्शाता, छत्तीसगढ़ की पारम्परिक और प्रारंभिक त्यौहार हरेली का प्रदेशवासियों को मैं बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएँ देता हूँ। गाँव और किसानों के सपनों एवं आकांक्षाओं से भरे हरेली त्यौहार, सावन माह के अमावस्या को मनाया जाता है। इस दिन कृषि कार्य पूर्ण हो जाने की खुशी में समस्त कृषि-औजारों को धो-पोंछकर अच्छी फसल के लिए पूजा अर्चना की जाती है। पशुधन को आटा, नमक व खम्हार के पत्ते का लोंदी खिलाया जाता है। गेड़ी दौड़ और नारियल फेंक जैसे प्रतियोगिता का आयोजन कर हर्षोल्लास के साथ हरेली का त्यौहार मनाते हैं। मुख्य रूप से धरती में हरे-भरे, हरियाली हो जाने के उपलक्ष्य में हरेली उत्सव का आयोजन होता है। कुछ लोग इस दिन तंत्र-मंत्र साधना को भी बल देते हैं, लेकिन वास्तव में तंत्र-मंत्र, टोना-टामन जैसी कोई चीज नहीं होती। हमें अंधविश्वास से बचना चाहिए। छत्तीसगढ़ी संस्कृति में घर के बाहर गोबर लीपने की परम्परा है। इसका वैज्ञानिक वजह भी हानिकारक वायरस से बचना है। हरेली के दिन से ही राज्य सरकार, गोधन न्याय योजना की शुरूआत कर, किसानों और पशुपालकों से 2 रू. प्रति किलो की दर से गोबर खरीदने जा रही है। इससे किसानों और पशुपालकों को आर्थिक समृद्धि मिलेगी, वहीं पशु संरक्षण की दिशा में भी उल्लेखनीय कदम है। हरेली के दिन ग्रामीणों और किसानों के घरों में नीम की पत्तियाँ, दरवाजे पर खोंचने का प्रचलन है। माना जाता है कि इससे प्रदूषण नियंत्रित होता है और मौसमी बीमारियाँ घर पर नहीं आती। इसके साथ ही हमारे कुछ यादव समाज के भाई लोग ग्रामीणों, किसानों को दशमुख और डोटो का उबला हुआ कान्दा खिलाते हैं, जो औषधीय गुणों से भरा होता है। मैं पुनः आप सबके सुख-शांति और समृद्धि के लिए छत्तीसगढ़ महतारी से कामना करते हुए हरेली त्यौहार की बधाई एवं शुभकामनाएँ देता हूँ।

  • गोधन न्याय योजना से राज्य को मिलेगी नई पहचान- सौरभ सोनकर
    रायपुर19जुलाई2020-छत्तीसगढ़ सरकार हरेली के अवसर पर गोधन न्याय योजना की शुरुआत करने जा रही है, जिसके तहत सरकार दो रूपय किलों में किसान से गोबर खरीदेगी। एनएसयुआई के प्रदेश प्रवक्ता सौरभ सोनकर का कहना है, सरकार की इस पहल से राज्य को नई पहचान मिलेगी। छत्तीसगढ़ राज्य में सरकार की छवि नए छत्तीसगढ़ निर्माण बनाने की बनी हुई है। इस योजना से प्रदेश की जनता का विश्वास सरकार के प्रति और बढ़ गया है। गोबर खरीदी का फायदा किसानों के साथ छत्तीसगढ़ के खाद्य वस्तुओं का भी होगा। गोबर से सरकार खाद्य बनाकर भेजेंगी। सोनकर ने कहां, वह स्वंय किसान परिवार से है। किसानों और उनकी समस्या को समझते है। सरकार के गोबर खरीदने से किसान अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण से बेहतर परिणाम होंगे। सरकार चाहती है कि प्रदेश जैविक खेती की तरफ आगे बढ़े। फसलों की गुणवत्ता में सुधार हो। छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते डेढ़ सालों में राज्य की चार चिन्हारी नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी के माध्यम से राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने चारों चिन्हारियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया है।
  • *रायपुर में 7 दिनों का लॉकडाउन*
    *रायपुर में 7 दिनों का लॉकडाउन* *मुख्यमंत्री ने की घोषणा* *मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया निर्णय* *करोना के बढ़ते प्रकोप से छत्तीसगढ़ को बचाने का प्रयास* छत्तीसगढ़ में करोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्रिमंडल की आवश्यक बैठक में करोना पर नियंत्रण पाने के लिए 7 दिनों के लॉक डाउन की घोषणा की है - यह लॉक डाउन 22 से 28 जुलाई तक होगा , यदि नागरिकों ने इसके पालन में लापरवाही की तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है - कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्य शासन द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन करने पर अब होगा जुर्माना 1️⃣ सार्वजनिक स्थलों पर मास्क नहीं- ₹100 2️⃣ होम क्वारेंटाईन के दिशा निर्देशों का उल्लंघन- ₹1000 3️⃣ सार्वजनिक स्थलों पर थूकना- ₹100 4️⃣ फिजिकल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन- ₹200 लगभग 100 दिनों के लॉकडाउन के बाद अनलॉक वन और अनलॉक टू के दौरान आम लोगों द्वारा करोना जैसी गंभीर बीमारी को नजरअंदाज कर गाइडलाइन का पालन नहीं करने से बीमारी के प्रकोप को बढ़ाने के लिए लोग स्वयं जिम्मेदार हैं क्योंकि शासन द्वारा ढील दिए जाने के बावजूद लोगों ने मास्क पहनने में, सोशल डिस्टेंसिंग करने में, भीड़भाड़ वाली जगह से बचने में, बिना वजह सड़कों पर घूमने, पिकनिक पार्टी जाने से परहेज करने में केंद्र एवं प्रदेश की गाइडलाइन का पालन नहीं किया - शासन प्रशासन ने अपनी तरफ से गाइडलाइन का पालन करवाने के लिए भरपूर कोशिश की, मास्क ना पहनने वालों पर जुर्माना किया सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर समय-समय पर अलर्ट किया, टीवी अखबार सोशल मीडिया सहित सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की कोशिश की, उठक बैठक लगवाई करोना वारियर्स की परेशानियों उनकी पीड़ा और उनकी परिवारों से दूरी के बावजूद करोना बीमारी से लोगों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर बचाने के प्रयासों के बारे में भी जन-जन को बताया, परंतु कुछ लोगों की लापरवाही का नतीजा है कि फिर से lock-down की नौबत आ गई |
  • लॉकडाउन डाउन की तिथि निर्धारित करेंगे कलेक्टर - सीएम आपात बैठक का निर्णय

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की इमरजेंसी बैठक में क्या निर्णय लिए गए इसके बारे में बताया मंत्री रविंद्र चौबे ने 

    रायपुर--- सीएम हाउस में जारी बैठक हुई खत्म, बैठक के बाद रविन्द्र चौबे ने दिया बयान--- बैठक में लिए गए 5 बड़े निर्णय ---

    1. छत्तीसगढ़ में 5 हजार सैम्पल प्रतिदिन लिया जा रहा था, अब दुगुने दर से टेस्टिंग प्रारंभ की जाएगी...

    2... टेस्टिंग दुगुनी दर से होगी तो मरीजों की संख्या भी बढ़ेगी और कोविड से बचाव के लिए जो भी आवश्यक सामग्रियों की आवश्यकता होगी, उसे सरकार पूरा करेगी...

    3. नगरीय क्षेत्रों में संक्रमण की गति तेज, आवश्यक सामग्री क्रय की जाएगी टेस्टिंग के लिए लोगो की भर्ती तत्काल होगी advertisment कर खाली पदों की भर्ती की जाएगी... *

    4. बिरगांव में 100 प्रतिशत टेस्ट किये जाएंगे इंडस्ट्री में काम करने वाले लोग भी संक्रमित हो रहे है जिसके लिए रायपुर कलेक्टर को निर्देश दिया गया है कि जिन इंडस्ट्री में ये जानकारी मिल रही उनके लिए व्यवस्था करें

    5. जहां जहां संक्रमण का फैलाव अधिक है वहां lockdaun के लिए कलेक्टर को सभी अधिकार दिए जा रहे है अपने क्षेत्र का मोनिटरिंग करेंगे जब ये स्थिति निर्मित होगी पब्लिक को दो दिन पहले सूचना दी जाएगी...

    ये आदेश 3 दिनों की छुट्टी के बाद होगा लागू.. *3 दिन छुट्टी के बाद कलेक्टर लेंगे एक्शन... जहां जरूरत होगी वहां होगा लॉकडाउन

     

    दूसरा बिरगांव जिस तरीके से बढ़ते जा रहे हैं तो निर्णय लिया गया है कि पूरे एरिया में हंड्रेड परसेंट टेस्टिंग बिरगांव जैसे नगर निगम क्षेत्र में किया जाएगा। तीसरा महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है हेल्थ डिपार्टमेंट को ऑफ टेस्टिंग बढ़ाना है इलाज की सुविधा देना है आने वाले समय में जितने बेड की रिक्वायरमेंट हो सकती है पूरे छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में विशेष रुप से रायपुर राजधानी में इसकी समीक्षा की गई और इस बात का निर्णय लिया गया कि आने वाले समय में जो मेन पावर की जरूरत है टेक्नीशियन की जरूरत होगी लेबर टेंट की जरूरत होगी डॉक्टरों की भी जरूरत होगी एन एम की जरूरत होगी तो उसके लिए तो उसके लिए जो हेल्थ डिपार्टमेंट का रिक्वायरमेंट होगा उसके लिए बैठ कर के माननीय मुख्यमंत्री जी ने अनुमति दी है और चौथा जो सबसे महत्वपूर्ण निर्णय हुआ है कि जिस तरीके से संक्रमण फैल रहा है रायपुर बिरगांव है या बड़े शहर हैं तो कलेक्टरों को तो सभी कलेक्टरों को अधिकृत किया जा रहा है उनको निर्देश दिए जा रहे हैं कि अगर आवश्यकता महसूस करें की संक्रमण को रोकने के लिए कर्फ्यू जैसा या पूर्ण लॉकडाउन जैसा करना है तो 3 दिन 4 दिन पहले इस बात की एलाउंसमेंट करें और यह अधिकार कलेक्टरों को रहेगा जैसे रायपुर है या दुर्ग है या बिलासपुर है नगर निगम क्षेत्र जहां यह सब संक्रमण बढ़ रहा है तो अपने शहर में तो सारी गतिविधियों और को रोककर लेकिन जो आवश्यक गतिविधियां हैं जैसे दूध है जैसे सब्जी है जैसे दवाई हैं उसको छोड़ कर के सारी गतिविधियों को बंद कर सकते हैं लेकिन इसके लिए पूर्व में सूचना देना आवश्यक है यह अधिकार कलेक्टरों को दिए जाने के संबंध में आज निर्णय लिया गया।

  • लॉकडाउन डाउन की तिथि निर्धारित करेंगे कलेक्टर - सीएम आपात बैठक का निर्णय
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की इमरजेंसी बैठक में क्या निर्णय लिए गए इसके बारे में बताया मंत्री रविंद्र चौबे ने मुख्यमंत्री जी ने जिस तरीके से यह वैश्विक महामारी कोरोना का संक्रमण फैल रहा है और विशेष रूप से रायपुर बिरगांव दुर्ग भिलाई बिलासपुर रायगढ़ जैसे बड़े शहरों में संक्रमण की स्थिति है तो उसको लेकर के आज बेहद गंभीर मंत्रणा के लिए मंत्रिमंडल के सभी साथियों को उन्होंने अधिकारियों सहित आमंत्रित किया था स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी टीम में जिस तरीके से इसकी रफ्तार बढ़ रही है और रोकथाम की जो उपाये हो रहे हैं उसकी गति क्या है उसके बारे में समीक्षा की गई तो निर्णय लिया गया कि आने वाले समय में जो टेस्टिंग हो रही है उसकी लगभग दुगनी मात्रा में हम पूरे प्रदेश में टेस्टिंग करेंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग हो सके और संक्रमण की जानकारी हो सके ताकि उसका अच्छा से इलाज हो सके। दूसरा बिरगांव जिस तरीके से बढ़ते जा रहे हैं तो निर्णय लिया गया है कि पूरे एरिया में हंड्रेड परसेंट टेस्टिंग बिरगांव जैसे नगर निगम क्षेत्र में किया जाएगा। तीसरा महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है हेल्थ डिपार्टमेंट को ऑफ टेस्टिंग बढ़ाना है इलाज की सुविधा देना है आने वाले समय में जितने बेड की रिक्वायरमेंट हो सकती है पूरे छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में विशेष रुप से रायपुर राजधानी में इसकी समीक्षा की गई और इस बात का निर्णय लिया गया कि आने वाले समय में जो मेन पावर की जरूरत है टेक्नीशियन की जरूरत होगी लेबर टेंट की जरूरत होगी डॉक्टरों की भी जरूरत होगी एन एम की जरूरत होगी तो उसके लिए तो उसके लिए जो हेल्थ डिपार्टमेंट का रिक्वायरमेंट होगा उसके लिए बैठ कर के माननीय मुख्यमंत्री जी ने अनुमति दी है और चौथा जो सबसे महत्वपूर्ण निर्णय हुआ है कि जिस तरीके से संक्रमण फैल रहा है रायपुर बिरगांव है या बड़े शहर हैं तो कलेक्टरों को तो सभी कलेक्टरों को अधिकृत किया जा रहा है उनको निर्देश दिए जा रहे हैं कि अगर आवश्यकता महसूस करें की संक्रमण को रोकने के लिए कर्फ्यू जैसा या पूर्ण लॉकडाउन जैसा करना है तो 3 दिन 4 दिन पहले इस बात की एलाउंसमेंट करें और यह अधिकार कलेक्टरों को रहेगा जैसे रायपुर है या दुर्ग है या बिलासपुर है नगर निगम क्षेत्र जहां यह सब संक्रमण बढ़ रहा है तो अपने शहर में तो सारी गतिविधियों और को रोककर लेकिन जो आवश्यक गतिविधियां हैं जैसे दूध है जैसे सब्जी है जैसे दवाई हैं उसको छोड़ कर के सारी गतिविधियों को बंद कर सकते हैं लेकिन इसके लिए पूर्व में सूचना देना आवश्यक है यह अधिकार कलेक्टरों को दिए जाने के संबंध में आज निर्णय लिया गया।
  • *रायपुर एयरपोर्ट में पार्किंग ठेकेदार की लूट एवं गुंडागर्दी*

    *रायपुर एयरपोर्ट में पार्किंग ठेकेदार की लूट एवं गुंडागर्दी*

    *एयरपोर्ट प्रवेश के समय मिलने वाली पर्ची कि मोबाइल में फोटो खींचकर जरूर रखें क्योंकि पार्किंग ठेकेदार का कर्मचारी आपकी पर्ची को फाड़कर कहेगा कि बिना पर्ची के प्रवेश किया है आपने ---- भरिए जुर्माना*

     

    राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट में पार्किंग ठेकेदार की मनमानी और अवैध वसूली का मामला आए दिन सुर्खियों में रहता है, वाहन चालकों एवं मालिकों के पास एयरपोर्ट में वाहन प्रवेश की वैध पर्ची होने के बावजूद पार्किंग ठेकेदार 4 मिनट की वैधता को नकार देते हैं और अवैध वसूली करते हैं - अगर कोई वाहन मालिक उनसे पर्ची में दिए गए समय पर ध्यान देने की बात करता है तो यह कर्मचारी नुमा गुंडा तत्व पर्ची फाड़ कर फेंक देते हैं और कहते हैं कि आप बिना पर्ची के प्रवेश किए हैं -- पार्किंग ठेकेदार के गुर्गों की दादागिरी के सामने अधिकांश वाहन मालिक विवाद से बचने के लिए उनके कहे अनुसार राशि का भुगतान कर व्यवस्था को कोसते हुए चले जाते हैं |

    पार्किंग की अवैध वसूली से पीड़ित और उनके साथ हुए विवाद के मामलों को अनेक बार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सहित प्रमुख अखबारों ने भी एयरपोर्ट प्रशासन सहित जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया परंतु वही ढाक के तीन पात - कुछ दिनों की कार्यवाही के बाद फिर वही पुराना ढर्रा और अवैध वसूली शुरू हो जाती है |

    एयरपोर्ट पर पार्किंग ठेकेदार की मनमानी वसूली और नियमों का पालन नहीं करने की अनेक शिकायतों के बाद भी एयरपोर्ट प्रशासन सहित पुलिस प्रशासन द्वारा व्यवस्था में सुधार की तरफ ध्यान ना देने से इनकी मिलीभगत के संदेह की तरफ इशारा करता है|

    अब देखने वाली बात यह होगी कि पार्किंग ठेकेदार की गुंडागर्दी दादागिरी और अवैध वसूली से भारत सहित विदेशों में रायपुर का कितना नाम रोशन होता है|

  • राजस्थान: कांग्रेस ने ऑडियो टेप जारी कर बीजेपी पर लगाए संगीन आरोप, पायलट समर्थक दो विधायकों को किया निलंबित

    राजस्थान में सियासी संकट खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. आज फिर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर संगीन आरोप लगाए. उन्होंने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की.जयपुर: राजस्थान में सियासी संकट खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. आए दिन कांग्रेस के नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर राज्य सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगा रहे हैं. आज फिर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर कई संगीन आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि कल शाम दो ऑडियो टेप सामने आए हैं. कांग्रेस विधायक भंवर शर्मा और बीजेपी नेता संजय जैन की बातचीत सामने आई है. भंवर बोल रहे हैं कि अमाउंट की बात हो गई है. इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय गजेंद्र शेखावत के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की.

    सुरजेवाला ने कहा, कल 2 ऑडियो टेप सामने आए हैं. कांग्रेस विधायक भंवर शर्मा और बीजेपी नेता संजय जैन की बातचीत सामने आई है. भंवर बोल रहे हैं कि अमाउंट की बात हो गई है. संजय जैन बोल रहे हैं कि साहब को बता दिया है.

     

    बीजेपी सत्ता लूटने की फिराक में- सुरजेवाला

     

    सुरजेवाला ने कहा कि राजस्थान में बीजेपी सत्ता लूटने की कोशिश कर रही है. लेकिन इस बार बीजेपी ने गलत प्रांत चुन लिया है. बीजेपी यहां विधायकों की निष्ठा को खरीदने का षड्यंत्र रच रही है. बीजेपी कोरोना महामारी के बीचो-बीच प्रजातंत्र का चीरहरण कर रही है.

    केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत पर भी सुरजेवाला ने लगाए आरोप

     

     

    उन्होंने कहा कि दूसरे ऑडियो में केंद्रीय गजेंद्र शेखावत की आवाज़ है. इस ऑडियो में भी पैसों को लेकर बातचीत हो रही है. गजेंद्र शेखावत के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

     

    भवर लाल शर्मा पर केस दर्ज हो- सुरजेवाला

     

    सुरजेवाला ने आगे कहा कि कांग्रेस विधायक भवर लाल शर्मा पर केस दर्ज हो. उन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर राज्य सरकार को अंसवैधानिक तरीके से गिराने की साजिश रची है.

     

    कांग्रेस ने दो विधायकों की सदस्यता निलंबित की

     

    कांग्रेस ने मामले पर कार्रवाई करते हुए विधायक विश्वेंद्र सिंह और भंवर लाल शर्मा की सदस्यता निलंबित कर दी है. बता दें कि विश्वेंद्र सिंह गहलोत सराकर में मंत्री थे. इसके साथ ही कांग्रेस ने दोनों नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की भी बात कही. हालांकि, मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भंवर लाल शर्मा ने ऑडियो टेप को फर्जी बताया है.

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