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  • रमन सिंह और संबित पात्रा को जनता को बताएं कि कांग्रेस पर आरोप लगाने के लिए झूठे पेपर ट्वीट किये थे की नहीं?

     सुप्रीम कोर्ट का आदेश रमन सिंह और संबित पात्रा को क्लीनचिट नहीं है

    भाजपा या तो सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का वह अंश सार्वजनिक करें जिसमें रमन सिंह और संबित पात्रा को क्लीन चिट दी गई है

    कोर्ट का हवाला देकर भाजपा की मीडिया में गलत बयानबाजी कोर्ट की अवमानना - भाजपा या तो सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का वह अंश सार्वजनिक करें जिसमें रमन सिंह और संबित पात्रा को क्लीन चिट दी गई है या फिर अदालत का नाम लेकर झूठ बोलने और गुमराह करने के लिए मीडिया से और जनता से क्षमा याचना करें | सुप्रीम कोर्ट का आदेश रमन सिंह और संबित पात्रा को क्लीनचिट नहीं है ! 

     

    रायपुर/24 सितंबर 2021। प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने भाजपा को चुनौती दी है कि वे माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को सार्वजनिक करें जिसमे रमन सिंह और संबित पात्रा को टूलकिट मामले में क्लीन चिट दी गई है या फिर अदालत का नाम लेकर झूठ बोलने और गुमराह करने के लिए मीडिया और जनता से भाजपा क्षमा याचना करें। सर्वोच्च न्यायालय का आदेश अब पब्लिक डोमेन में आ चुका है। सब ने सर्वोच्च न्यायालय का आदेश पढ़ लिया है और उसमें कहीं भी रमन सिंह और संबित पात्रा को कोई क्लीन चिट नहीं दी गई है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को तोड़मरोड़ कर भाजपा ने मीडिया में गलत और तथ्यहीन जानकारियां दी। राजनैतिक उद्देश्यों से न्यायपालिका के आदेश का गलत आशय मीडिया के आगे प्रस्तुत करना अदालत की अवमानना की श्रेणी में आता है। भाजपा ने झूठ बोलने में सारी सीमाएं पार कर दी है। अदालत के आदेश को तोड़मरोड़ कर और अपनी राजनैतिक जीत के रूप में प्रस्तुत कर भाजपा ने सारी मर्यादा को ताक पर रख दिया। सर्वोच्च न्यायालय के मूल आदेश और उसका हिंदी अनुवाद सामने आने से भाजपा की कलई खुल गई है। प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि टूलकिट मामले में फंसे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और भाजपा नेता खुद को पाक साफ और निर्दोष बताने के लिए माननीय न्यायालय के आदेश को भी तोड़मरोड़ कर प्रस्तुत कर रहे हैं। भाजपा का झूठ अंतहीन है। भाजपा की अफ़वाहों का कोई स्तर नहीं है। भाजपा के पाखंड की भी कोई सीमा नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय के रमन सिंह और संबित पात्रा के मामले में आदेश से भाजपा के प्रपंच, झूठ और जुमले की कलई खुल गयी। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को लेकर की गई गलत बयानबाजी से भाजपा के चाल, चेहरा और चरित्र उजागर हुआ। इसके पहले भी ट्विटर ने जब रमन सिंह और संबित पात्रा के ट्वीट को “मैनिपुलेटेड मीडिया“ कहा था तो पूरी भाजपा और उनकी केंद्र सरकार ट्विटर पर मैनिपुलेटेड मीडिया का टैग हटाने के लिए दबाव डालते रहे थे। अभी भी समय है कि रमन सिंह और संबित पात्रा को जनता को बताएं कि कांग्रेस पर आरोप लगाने के लिए झूठे पेपर ट्वीट किये थे की नहीं?

     

     

  • रिक्शा चलाने वाला बना मुख्यमंत्री
    पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने शपथ ग्रहण के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कहा की यह सरकार कांग्रेस की सरकार पंजाब में आम आदमी की चिंता करेगी गरीबों की चिंता करेगी किसानों की चिंता करेगी | किसानों को निशुल्क बिजली के साथ-साथ आम गरीब परिवारों की भी बिजली माफ की जाएगी उनकी बकाया रकम माफ कर उन्हें पुनः कनेक्शन दिया जाएगा | पंजाब के नवनियुक्त मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी मीडिया के सामने भावुक हो गए उन्होंने अपने गरीबी के दिनों का उल्लेख किया और बताया कि वह रिक्शा चलाते थे और रिक्शा चलाने वाला यह व्यक्ति आज प्रदेश का मुख्यमंत्री बना है और यह सब कांग्रेस की मेहरबानी है मैं सोनिया गांधी राहुल गांधी सहित सभी वरिष्ठ कांग्रेसियों का आभारी हूं |
  • पंजाब में बदला सरदार - चरणजीत सिंह चन्नी बने असरदार

    पंजाब में बदला सरदार - चरणजीत सिंह चन्नी बने नए मुख्यमंत्री -

    राजनीति और क्रिकेट में कभी भी कुछ भी हो सकता है ,

    पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद कल से सियासी उठापटक पर विराम लगाते हुए कांग्रेश की दिल्ली हाईकमान ने बहुत विचार विमर्श के बाद पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव जीतने के लिए रणनीति के तहत दलित मुख्यमंत्री बनाया है | विश्वस्त सूत्रों पर मीडिया खबरों के अनुसार दोपहर बाद गुरदासपुर के सुखजिंदर सिंह रंधावा का नाम मुख्यमंत्री के लिए चल रहा था उनके द्वारा राजभवन में मुलाकात के लिए खबर भी भेजी जा चुकी थी , लेकिन शायद एक गलती से वे मुख्यमंत्री बनते बनते रह गए | मीडिया के सामने उनका बयान मुख्यमंत्री की कुर्सी से दूर ले गया ! और फिर अचानक चरणजीत सिंह चन्नी का नाम पंजाब केमुख्यमंत्री के लिए घोषित कर दिया गया |

  • आखिरकार पंजाब के मुख्यमंत्री ने दिया इस्तीफा ,
    मेरा फैसला सुबह हो गया था मैंने कांग्रेस प्रेसिडेंट से बात की थी सुबह | बात यह है के यह तीसरी बार यह हो रहा है पिछले कुछ महीनों में जिस तरीके से बात हुई है , 2 महीने में 3 बार आपने मेंबर्स आफ सेक्रेटरी की मीटिंग हुई, मैंने फैसला किया है कि चीफ मिनिस्टर का पद छोड़ दूंगा जिन पर उनका भरोसा होगा उन्हें बनाएं और मैंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है | कांग्रेस प्रेसिडेंट में फैसला किया वह ठीक है | मैं बताना चाहता हूं आपको कि चीफ मिनिस्टर के पद से मैंने स्टीफा दे दिया है जिसको बनाना चाहे वह बनाएं पॉलिटिक्स में 52 साल हो गए मुझे मेरे साथ जो लोग हैं मैं उनसे सलाह करके अगला कदम तय करूंगा और निर्णय लूंगा
  • पूर्व सीएम रमन सिंह और पन्नालाल के बीच रिश्ता क्या कहलाता है? - कांग्रेस ने जारी की फोटो

    पूर्व सीएम रमन सिंह और पन्नालाल के बीच रिश्ता क्या कहलाता है? - कांग्रेस ने जारी की फोटो 

    भाजपा बतायें रमन सिंह और पन्नालाल की तस्वीर सही है या पन्नालाल के खिलाफ शिकायत सही है? - धनंजय सिंह ठाकुर

     

    रायपुर/17 सितम्बर 2021। सोशल मीडिया में वायरल हो रही पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और अरूण पन्नालाल की फोटो पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किये है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि यू-ट्यूब देखकर जोर जबरदस्ती धर्मांतरण के आरोप लगाने वाली भाजपा की पोल सोशल मीडिया में वायरल हो रही रमन सिंह और पन्नालाल की तस्वीर ने खोल दी है। भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और पन्नालाल के बीच क्या रिश्ता है? भाजपा बतायें रमन सिंह और पन्नालाल की तस्वीर सही है या पन्नालाल के खिलाफ शिकायत सही है? भाजपा धर्मांतरण के आड़ में छिपकर राजनीतिक पाखंड कर रही है। भाजपा नेताओं ने कुछ दिन पहले प्रेसवार्ता कर 200 एफआईआर का दावा किया लेकिन अब तक उन एफआईआर की कॉपी को सार्वजनिक भी नहीं कर पाई है। भाजपा धर्मांतरण की आड़ में अपना राजनीतिक मकड़जाल बुन रही थी और उसी जाल में फंस गई है। रमन सिंह और पन्नालाल की साझा तस्वीर रमन सरकार के जंगलराज की पोल खोल रही है उस दौरान रमन सरकार के संरक्षण पर धर्मांतरण का गंदा खेल खेला गया। भाजपा की धर्म से धर्म को लड़ाने की और नफरत फैलाने की राजनीति का पटाक्षेप हो गया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा के प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार एवं उसके पूरे कैबिनेट को थूंककर बहाने की जो अमर्यादित अपमानित, छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान को चोट पहुंचाने, किसान, मजदूर, युवा, महिलाएं, व्यापारी को अपमानित करने वाला बयान दी। जिसका पूरे प्रदेश में निंदा हो रही है, भाजपा की थू-थू हो रही है। भाजपा अब धर्मांतरण की राजनीतिक पाखंड कर डी पुरंदेश्वरी के थूकने वाले बयान से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार किसान, मजदूर, युवा, व्यापारी, छत्तीसगढ़ के कला, संस्कृति, परंपरा, तीज-त्यौहार आदिवासी वर्ग, जनजाति वर्ग, पिछड़ा वर्ग के हित में काम कर रही है। भाजपा छत्तीसगढ़ में मुद्दाविहीन हो चुकी है। जनसमर्थन खो चुकी है। अब भाजपा छत्तीसगढ़ के शांत धरा को अशांत करने धर्म से धर्म को लड़ाकर नफरत फैलाने में लगी हुई है। छत्तीसगढ़ सरकार शिकायतों की गम्भीरता से जांच करेगी और कड़ी कार्यवाही करेगी।

  • पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के पोते भाजपा में हुए शामिल

    पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के पोते सरदार इंदरजीत सिंह भाजपा में शामिल हो गए हैं | भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित अन्य राष्ट्रीय नेताओं के सामने उन्हें भाजपा की सदस्यता प्रदान की गई और उनका अभिनंदन किया गया |

     

  • सुप्रीम कोर्ट स्वत: संज्ञान ले - राज्य सरकारों के विज्ञापन खर्च की तय हो सीमा - अपील

    सुप्रीम कोर्ट स्वतः संज्ञान ले - 

    हर माह करोड़ों रुपए खर्च कर जनता से वसूले गए टैक्स को विज्ञापन पर बर्बाद करतीं हैं राज्य सरकारें -

     गुणवत्ता में कमी आने पर संबंधित अधिकारी एवं मंत्री पर जुर्म दर्ज कर वसूली करने की सख्त कार्यवाही के साथ सजा भी हो 

     

    अखबारों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, पत्र-पत्रिकाओं, रेडियो सहित अन्य माध्यमों से जारी किए जाने वाले विज्ञापन के खर्च की तय हो सीमा ! प्रदेश सरकारें सत्ता पर काबिज होने के बाद अपनी तारीफ, अपने कार्यों की तारीफ के साथ मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों सहित मंडल आयोग के अध्यक्ष अपनी तस्वीर के साथ लगातार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, पत्र-पत्रिकाओं, अखबारों, एफएम रेडियो सहित लघु फिल्मों, नुक्कड़ नाटकों के साथ साथ होल्डिंग - बैनर पर हर माह करोड़ों रुपए खर्च कर जनता से वसूले गए टैक्स को बर्बाद करते हैं | CG 24 News

    कोई भी पार्टी सत्ता पर काबिज होने के बाद कभी भी मध्यमवर्गीय परिवारों की स्थिति के लिए कोई कार्य नहीं करती | माननीय सुप्रीम कोर्ट को स्वयं संज्ञान लेकर इनके खर्च की सीमा तय करनी चाहिए ताकि जनता के खून पसीने से की गई कमाई में से टैक्स के नाम से वसूली गई रकम इस तरह बर्बाद ना हो |

     

    माननीय सुप्रीम कोर्ट को इस बात पर भी संज्ञान लेना चाहिए कि प्रदेश सहित केंद्र सरकार द्वारा विकास कार्यों एवं निर्माण कार्य पर खर्च की गई राशि की गुणवत्ता में कमी आने पर संबंधित अधिकारी एवं मंत्री पर जुर्म दर्ज करके उनसे वसूली करने की सख्त कार्यवाही के साथ सजा भी हो| देखने सुनने में आता है कि कोई भी निर्माण कार्य जो गुणवत्ता की कमी के कारण समय से पहले या निर्माण के दौरान ही ध्वस्त हो जाता है, जैसे कि पुल पुलिया, सड़कें, डैम, अस्पताल विभिन्न प्रकार के भवन जैसे, satadiam सहित अन्य भरी निर्माण जिन पर अरबों रुपया खर्चा किया जाता है और जो बनने से पहले ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाते हैं | इनकी शिकायत होने पर सबसे पहले तो जांच का लंबा दौर चलता है | शिकायतकर्ता या विपक्षी पार्टी के दबाव में आकर यदि निर्माण को गुणवत्ता हीन मानकर रिपोर्ट प्रस्तुत तो कर दी जाती है परंतु उस रिपोर्ट में किसी भी अधिकारी पदाधिकारी मंत्री पर कार्यवाही करने की अनुशंसा नहीं की जाती, दिखावे के लिए छोटे-मोटे अधिकारियों को निलंबित कर कार्यालय में अटैच कर दिया जाता है| अब यहां यह समझ नहीं आता कि देश को चलाने वाले प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सासंद, विधायक, नेता, मंत्री, आईएएस, आईपीएस, अर्थशास्त्री, साइंटिस्ट, वकील अरबों खरबों रुपए के भ्रष्टाचार मामले में इस निलंबन की कार्यवाही को सजा कैसे मान लेते हैं जबकि इन्हें यह भी पता होता है कुछ समय बाद यही निलंबित अधिकारी पुनः फील्ड पर काम करते नजर आएंगे | माननीय सर्वोच्च न्यायालय को इन मामलों में संज्ञान लेकर संबंधित जिम्मेदार छोटे से लेकर बड़े अधिकारियों के साथ-साथ नेता मंत्रियों पर भी जुर्म दर्ज कर अपराधी सख्त सजा। का प्रावधान करना चाहिए अन्यथा भ्रष्टाचार का यह खेल निरंतर जारी रहेगा | नेता मंत्री अधिकारियों को जिम्मेदार बताकर उन्हें निलंबित कर ज्यादा से ज्यादा सस्पेंड कर इतिश्री मान लेते हैं वहीं दूसरी तरफ अधिकारियों को भी पता होता है कि कुछ समय बाद हमें फिर से बहाल हो जाना है और इस प्रकार अरबों खरबों रुपए के भ्रष्टाचार का बंटवारा आपस में हो जाता है भुगतती है तो आम जनता जो महंगाई की मार के साथ-साथ टैक्सों में बढ़ोतरी के भार के नीचे दफ्ती चली जा रही है और इसका समाधान भी आम जनता के पास नहीं है क्योंकि एक पार्टी को हराकर जनता दूसरी पार्टी को सत्ता में लाती है तो वह भी उसी धारा में बहते नजर आते हैं और आम नागरिक हाथ मलता हुआ अगले 5 साल बाद के चुनाव का इंतजार करता रहता है | Sukhbir Singhotra CG 24 News

  • अमेजन के साथ समझौता कर व्यापारियों की अवहेलना की गुजरात के भाजपा मुख्यमंत्री ने  - CAIT नाराज

    कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, चेयरमेन मगेलाल मालू,  अमर गिदवानी,  प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, परमानन्द जैन, वाशु माखीजा, महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह, कार्यकारी महामंत्री भरत जैन,  कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल एवं मीड़िया प्रभारी संजय चौंबे ने बताया कि कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने गुजरात सरकार के अमेज़न ग्लोबल  सेलिंग के माध्यम से अपने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अमेज़न के साथ समझौता करने पर गुजरात के मुख्यमंत्री  विजय रूपाणी की कड़ी आलोचना की है, गुजरात के व्यापारियों के अलावा, देश भर के व्यापारी कानून के अपराधी कंपनी से हाथ मिलाने के लिए गुजरात सरकार के हाथों ठगा हुआ महसूस कर रहे है। कैट ऐसे एमओयू का विरोध करेगी और 9 सितंबर, 2021 को होने वाली नेशनल ट्रेड लीडर्स की बैठक में इस पर फैसला लिया जायेगा। सम्मेलन में ई-कॉमर्स पर एक राष्ट्रीय अभियान हल्ला ई-कामर्स  बोल की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए सभी राज्यों के व्यापारिक नेता भाग लेंगे।
    कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  अमर पारवानी और प्रदेश अध्यक्ष  जितेन्द्र दोशी ने गुजरात सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार के वैधानिक निकाय भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग और प्रवर्तन निदेशालय अमेज़ॅन के खिलाफ प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं में शामिल होने के लिए जांच कर रहे हैं जिसमे ई-कॉमर्स नियमों का उल्लंघन और फेमा का भी उल्लंघन शामिल की है, जबकि दूसरी ओर गुजरात सरकार अमेज़न के माध्यम से अपने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए अमेज़न से हाथ मिला रही है।
    श्री पारवानी और श्री दोशी ने कहा कि गुजरात सरकार के इस कृत्य से अमेज़ॅन के हाथों गुजरात के उत्पादों को आकर्षक बनाया जा रहा है। और मौजूदा हालात में कई सवाल उठना लाजमी है कि क्या गुजरात के मुख्यमंत्री को अमेज़न के ऑन ग्राउंड संचालन की जानकारी है या ऐसा निर्णय लेने से पहले, क्या उन्होंने अमेज़न पर लगाए गए विभिन्न आरोपों को देखा है? क्या उन्होंने ऐसा फैसला लेने से पहले केंद्र सरकार से सलाह ली है?
    श्री पारवानी और श्री दोशी ने कहा कि श्री रूपाणी ने एक राज्य के शासक की भूमिका निभाते हुए ईस्ट इंडिया कंपनी से हाथ मिलाने की तरह काम किया है, जिसका उद्देश्य देश को आर्थिक गुलाम बनाना था। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण  है कि केंद्र सरकार के वकील सुप्रीम कोर्ट सहित विभिन्न न्यायालयों में अमेज़न का पर्दाफाश कर रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर गुजरात की राज्य सरकार अमेज़न के साथ समझौता कर रही है।
    श्री पारवानी और श्री दोशी ने कहा कि वे इस मुद्दे को भाजपा अध्यक्ष  जे.पी.नड्डा और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री  पीयूष गोयल के समक्ष उठाएंगे और उन्हें गुजरात सरकार के इस कृत्य के राजनीतिक परिणामों से अवगत कराएंगे।

  • मुख्यमंत्री के पिता को जेल - पुलिस की त्वरित कार्यवाही
    प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है| उल्लेखनीय है कि ब्राह्मण विरोधी बयान चलते उन पर डीडी नगर थाना में समाज द्वारा जुर्म दर्ज करवाया गया था जिसकी जांच उपरांत उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है | इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 153-A, 505 (1) (b) के तहत मामला दर्ज किया गया | यह प्रदेश का अपने आप में अनोखा मामला है जिसमें सत्तासीन मुख्यमंत्री के पिता को त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 दिन के अंदर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के उपरांत उनके बेल आवेदन को खारिज करते हुए न्यायधीश द्वारा जेल वारंट जारी किया गया | CG 24 News के लिए lavinderpal की रिपोर्ट
  • मुख्यमंत्री के पिता गिरफ्तार - मामला समाज विरोधी बयान का
    प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल द्वारा ब्राह्मण समाज के खिलाफ दिए गए वक्तव्य के कारण डीडी नगर थाना रायपुर में दर्ज एफ आई आर के तहत उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है | अब देखने वाली बात यह है कि उन्हें न्यायालय से जमानत मिलती है या फिर उन्हें जेल जाना पड़ेगा | बहरहाल ब्राह्मण समाज के विरोध के फल स्वरुप प्रदेश के अनेक थानों में शिकायतें लगातार समाज के लोगों द्वारा कराई जा रही हैं | रायपुर पुलिस ने विवादित बयान देने के मामले में गिरफ्तारी की है। नंद कुमार बघेल को कोर्ट में पुलिस ने पेश कर दिया है। इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 153-A, 505 (1) (b) के तहत मामला दर्ज किया गया है। सीएम के पिता का वीडियो छत्तीसगढ़ में वायरल है।
  • BJP ने किसान पर थूकने की बात कही - छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़िया का अपमान - CM Bhupesh Baghel

    राजीव भवन में मुख्यमंत्री समेत 9 मंत्रियों की प्रेस कांफ्रेंस,
    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि

    बस्तर में भाजपाइयों ने चिंतन शिविर का आयोजित हुआ, वहाँ चिंता आदिवासियों के लिए, नक्सल समस्या के लिए नहीं था। उनके मुद्दे थे धर्मांतरण, छत्तीसगढ़ की सरकार, उनकी चिंता थी OBC वर्ग को साधना।
    उनके चिंतन में यहाँ के मंत्रिमंडल के लिए ही था।
    भाजपा प्रभारी ने एक बात कही थी 'हमारी सबसे बड़ी चुनौती CM और मुख्यमंत्री का किसान होना है' बताया था।
    मंत्रिमंडल और CM का किसान होना उनके लिये सबसे बड़ी चुनौती थी। 
    भाजपा प्रभारी ने कहा-'थूक देंगे तो सरकार बह जाएगी'

     


    ये छत्तीसगढ़ की धरती माता कौशल्या, माता शबरी की है, मिनी माता की है। यहाँ नारियों की पूजा होती है। हमारे व्यवहार में लिगांनुपात महिलाओं का सबसे अच्छा है। यहां पर्दा प्रथा नहीं है। 
    छत्तीसगढ़ में हमेशा नारियों का सम्मान रहा है। 
    पुरंदेश्वरी के बारे में कुछ नहीं कहूंगा, वो भी सम्माननीय हैं।
    भाजपा प्रभारी ने कहा
    'भाजपा के कार्यकर्ता थूकेंगे, तो मंत्रिमंडल बह जाएगा।'
    इतनी ज्यादा नफरत मन में है भाजपा के। पहले मैं किसान हूँ, फिर बाद में मुख्यमंत्री हूँ। मतलब इन्होंने किसान पर थूकने की बात कही है।
    इन्होंने किसानों पर थूकने की बात कही है। ये मंत्रिमंडल राज्य का प्रतिनिधित्व करती है। इसका मतलब प्रभारी के मन में घृणा है। नफरत है। 
    ऐसा बयान छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़िया का अपमान है। इनकी सोच, इन्हें मुबारक। 
    हमारे मन में नफरत, घृणा नहीं है।
    इस धरती में प्रेम बाँटा जाता है। ये लोग नफरत की फसल बो रहे हैं।
    इस बयान में भाजपा के तरफ से कोई माफीनामा नहीं आया। इसका मतलब ये है कि भाजपा का राज्य और राष्ट्रीय नेतृत्व किसान को नफरत के लायक मानते हैं।

     

    भाजपा के द्वारा चिंतन शिविर आयोजित हुआ। जिसमें राष्ट्रीय नेतृत्व और पदाधिकारी शामिल हुए थे। विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, अमर अग्रवाल को आमंत्रित नहीं किया गया था। 

  • भाजपा सत्ता में कैसे आएगी ? चिंतन शिविर में क्या हुई चर्चा ?

    थूक वाले बयान में दबकर रह गए चिंतन शिविर के विषय  

     नए युवा कार्यकर्ताओं पर संगठन दांव खेलेगा और छत्तीसगढ़ में फिर से भाजपा की सरकार बनाने की कोशिश करेगा

    बस्तर में भारतीय जनता पार्टी के चिंतन शिविर में किन किन विषयों पर चर्चा हुई वह सब मुद्दे भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी के थूक वाले बयान में दबकर रह गए | भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता थूक देंगे तो भूपेश बघेल और उनकी सरकार के मंत्री बह जाएंगे - इस बयान पर भी भारतीय जनता पार्टी के तरफ से कोई स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, पता नहीं क्यों ? वहीं दूसरी तरफ चिंतन शिविर से जो मुख्य बात सामने आई है उससे यह जाहिर हो गया है कि पुराने सीनियर और वरिष्ठ पदाधिकारियों की पूछ परख नहीं की जाएगी, नए युवा कार्यकर्ताओं पर संगठन दांव खेलेगा और छत्तीसगढ़ में फिर से भाजपा की सरकार बनाने की कोशिश करेगा| अब सवाल यह उठता है कि जो कार्यकर्ता है वह सब किसी न किसी सीनियर पदाधिकारी पूर्व मुख्यमंत्री पूर्व मंत्री के भरोसे चलते हैं | उनके नाम को आगे करने का काम भी यही वरिष्ठ नेता करते हैं | इन नए कार्यकर्ताओं में ज्यादातर कार्यकर्ता स्वार्थ वश सत्ता की लोलुपता एवं भारतीय जनता पार्टी की केंद्र में सरकार का लाभ उठाने के लिए जुड़े हैं | पार्टी के लिए निस्वार्थ सेवा करने वाले, संगठन को खड़ा करने वाले, प्रदेश एवं केंद्र में भाजपा की सरकार बनाने में अपना खून पसीना एवं जी जान लगाने वाले कार्यकर्ता कहां है ? किसी भी वरिष्ठ पदाधिकारी को नहीं मालूम ना ही पार्टी के यही सर्वे सर्वा नेता इन निस्वार्थ कार्यकर्ताओं को जानते हैं और जो जानते भी है वह सब भी उनकी सुध नहीं ले रहे हैं | *पार्टी के लिए निस्वार्थ काम करने वाले, भारतीय जनता पार्टी को शिखर तक पहुंचाने वाले कार्यकर्ताओं की अवहेलना कर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सिर्फ नए कार्यकर्ताओं के भरोसे दोबारा सत्ता हासिल कैसे कर पाएंगे ?* देश में बदलाव लाने वाले, कांग्रेस की जगह भाजपा की सत्ता बनाने में सहयोग करने वाले, निस्वार्थ कार्यकर्ता छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सत्ता से बेदखली से आहत हैं |