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  • स्कूल शिक्षा मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर ई-एजुकेटर्स और डिजिटल नवसाक्षरों को प्रदान किया आखर सम्मान*
    रायपुर,08 सितम्बर 2019-अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर 8 सितम्बर को स्कूल शिक्षा मंत्री डाॅ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के सभागृह में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में ‘मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम‘ अंतर्गत ई-एजुकेटर्स और डिजिटल नवसाक्षरों को ‘आखर सम्मान‘ प्रदान किया। उन्होंने इस अवसर पर शिक्षकों के लिए टीम्स टी एप लाॅन्च और आखर अंजोर-श्रेष्ठ पालकत्व कार्यक्रम-कैलेण्डर, पोस्टर, चित्रकार्ड, निर्देश कार्ड का विमोचन किया। इस एप में शिक्षकों के पे-स्केल, पदस्थापना, योग्यता और व्यवसायिक योग्यता की जानकारी शामिल की गई है। समारोह का आयोजन राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा किया गया। स्कूल शिक्षा मंत्री डाॅ. प्रेमसाह सिंह ने प्रदेशवासियों को साक्षरता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीवन में शिक्षा का बड़ा महत्व है। उन्होेंने कहा कि 21वीं सदी संचार तकनीक की सदी है। सूचना संचार तकनीक से समृद्ध जनमानस राज्य के विकास में महती भूमिका निभा सकते हैं और दैनिक जीवन में ई-साक्षरता का उपयोग करके अपने जीवन को बेहतर बना सकते है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण ‘मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम प्रदेश के 27 जिलों के 36 केन्द्रों में संचालित हो रहा है। इसका उद्देश्य शहरी महिलाओं को डिजिटल साक्षर बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का शिक्षा के प्रति लगाव बहुत अधिक है। साक्षरता केन्द्र शुरू होने के बाद अब तक 3 माह में 2700 शिक्षार्थी डिजिटल साक्षर बने हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि डिजिटल साक्षरता के माध्यम से उन्हें कम्प्यूटर के साथ सभी प्रकार के डिजिटल उपकरणों जैसे टेबलेट, मोबाइल आदि उपकरणों से परिचित कराते हुए उन्हें इसका चलाना सिखाया जा रहा है। इसी तरह इंटरनेट का उपयोग, आॅनलाइन सेवा के द्वारा शासन की विभिन्न योजनाओं और लक्ष्यों की जानकारी प्राप्त करने, ई-आवेदन जमा करने, कैश-लेस लेनदेन, ई-भुगतान, डिजिटल लाॅकर का उपयोग करने व दस्तावेजों की ई-शेयरिंग करने जैसे कार्य भी सिखाए जा रहे है। इसी तरह ई-मेल, अत्यावश्यक सेवा जैसे रेल और बस का टिकट बुक करना, मोबाइल एवं टी.व्ही. रिचार्ज, बिजली बिल भुगतान, गैस सिलेण्डर बुक करना जैसे व्यावहारिक प्रयोग भी बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही आत्मरक्षा, आखर अंजोर श्रेष्ठ पालकत्व, चुनावी साक्षरता, विधिक साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, व्यक्तित्व विकास नागरिक कत्र्तव्य, जीवन मूल्यों जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य साक्षरता क्रांति के दौर में छत्तीसगढ़ के नागरिकों को अधिक डिजिटल साक्षर बनाना उन्नत तकनीक से उनकी कार्यक्षमता का उन्नयन करना है। इसके लिए नगरीय निकायों में वंचित वर्ग तक ई-साक्षरता की पहंुच बनाना प्रारंभ हो गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने समारोह में ‘मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम‘ अंतर्गत पुरस्कार प्राप्त करने वाले ई-एजुकेटर्स और डिजिटल नवसाक्षरों को भी शुभकामनाएं और बधाई दी। समारोह समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शारदा वर्मा, विधायक सर्वश्री सत्यनारायण शर्मा, कुलदीप सिंह जुनेजा, विकास उपाध्याय, बृजमोहन अग्रवाल, महापौर श्री प्रमोद दुबे शामिल हुए। कार्यक्रम मंे स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर संचालक लोक शिक्षण श्री एस प्रकाश, संचालक राज्य शिक्षण एवं प्रशिक्षण परिषद श्री पी. दयानंद, कलेक्टर डाॅ. एस. भारतीदासन, विशेष सचिव स्कूल शिक्षा श्री सौरभ कुमार सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी और स्कूली बच्चें उपस्थित थे।
  • अंतागढ़ उपचुनाव के कांग्रेस प्रत्याशी मंतूराम पवार के खुलासे पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन तथा महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पत्रकारवार्ता में कहा कि रमन सिंह, राजेश मूणत, अजीत जोगी और अमित जोगी को राजनीति छोड़ देनी चाहिए - - भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व विधायक मंतूराम पवार ने अदालत में धारा-164 के तहत बयान दिया है। - इससे वर्ष 2014 में अंतागढ़ उपचुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी के ख़रीद-फख़्रोत की पूरी कहानी साफ़ हो गई है। - भाजपा नेता मंतूराम पवार के बयान से स्पष्ट है कि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, पूर्व मंत्री राजेश मूणत और पूर्व विधायक अमित जोगी ने मिलकर एक व्यापक षडयंत्र रचा था। - इन चार राजनेताओं ने मिलकर लोकतंत्र को न केवल शर्मसार किया बल्कि लोकतंत्र की हत्या की। - सात करोड़ रूपए में कांग्रेस के प्रत्याशी को मैदान से हटाने के लिए रमन सिंह जी ने अपने साथी अजीत जोगी के साथ मिलकर सारे हथकंडे अपनाए। - इसमें सत्ता का दुरूपयोग भी शामिल है क्योंकि मंतूराम पवार ने अपने बयान में कहा है कि उन्हें एसपी ने धमकाया था कि उनका भी हश्र झीरम की तरह कर दिया जाएगा। - इस बयान से यह भी स्पष्ट हुआ है कि न केवल अंतागढ़ बल्कि झीरम में भी रमन सरकार की भूमिका थी, तभी तो वे झीरम जैसा कांड करने की धमकी दे रहे थे। - दिसंबर, 2015 में अंतागढ़ ऑडियो टेप आने के बाद से मंतूराम पवार के बयान तक जो कुछ भी उजागर हुआ है वह लोकतंत्र के लिए घातक है। - अभी रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता की भूमिका का विवरण आना बाक़ी है क्योंकि ऑडियो टेप में हम सबने उनकी आवाज़ भी सुनी थी। - कांग्रेस ने अंतागढ़ उपचुनाव के समय से ही चुनाव आयोग से लेकर पुलिस तक सबसे शिकायत की थी और इस धांधली की जांच की मांग की थी। - लेकिन रमन सिंह सरकार की पुलिस ने कोई जांच नहीं की और जब कांग्रेस की सरकार ने अंतागढ़ की जांच शुरू की तो इसका विरोध शुरू कर दिया। - कांग्रेस के आरोप अक्षरशः सही साबित हुए हैं और अब इतने सबूत हैं कि कोई इनसे इनकार भी करे तो भी जनता उस पर भरोसा अब तो नहीं करने वाली है। कांग्रेस की मांग - पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, पूर्व मंत्री राजेश मूणत और पूर्व विधायक अमित जोगी चारों से नैतिकता की कोई उम्मीद तो नहीं है लेकिन फिर भी हम मांग करते हैं कि चारों को अंतागढ़ चुनावी धांधली की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए तत्काल राजनीति छोड़ देनी चाहिए। - चारों राजनेताओं अगर अपने दावों के अनुसार बेकसूर हैं तो चारों को अंतागढ़ मामले की जांच में सहयोग करना चाहिए। - पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह जी को अपने दामाद पुनीत गुता को वॉइस सेंपल देने के लिए कहना चाहिए। - वाइस सेम्पल देने में चल रहा हीला हवाला अब बंद होना चाहिए। - इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और अमित जोगी को भी तत्काल अपने वॉइस सेंपल जांच कर रही एसआईटी को देना चाहिए। - इस बात की भी विस्तृत जांच होनी चाहिए कि सौदे के लिए जो सात करोड़ दिए गए वह राशि तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत के पास कहां से आए। - कांग्रेस सरकार से यह भी मांग करती है कि मंतूराम पवार के बयान के आधार पर दोषी अधिकारियों और बचौलियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। पत्रकारवार्ता में मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला, प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, प्रवक्ता मोहम्मद असलम तथा संस्कृति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दिलीप षडंगी उपस्थित थे।
  • अंतागढ़ उपचुनाव के कांग्रेस प्रत्याशी मंतूराम पवार ने मजिस्ट्रेट के सामने किया खुलासा
    रायपुर : अंतागढ़ उपचुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी मंतूराम पवार द्वारा अचानक नाम वापसी मामले में नया मोड़ आया है - मंतूराम पवार ने आज मजिस्ट्रेट नीरज श्रीवास्तव की अदालत में धारा 164 में बयान दर्ज कराते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डा रमन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, पूर्व मंत्री राजेश मूणत और पूर्व विधायक अमित जोगी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि पूरी डील साढ़े सात करोड़ की हुई थी। मंतूराम ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि उस पर दबाव डालकर यह डील की गई। इसके बाद से वह अपने आपमे आत्मग्लानि महसूस कर रहे थे | मंतुराम ने कोर्ट में यह बयान दर्ज कराया है कि, अंतागढ़ टेप कांड में साढ़े सात करोड़ रुपए की डील हुई थी, और यह डील मंत्री राजेश मूणत के बंगले पर हुई थी। कथित रुप से इस बयान में मंतुराम पवार ने यह दावा भी किया है कि, इस पूरे मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी,तत्कालीन विधायक अमित जोगी शामिल थे। मंत्री राजेश मूणत के बंगले पर साढ़े सात करोड़ रुपए का लेन देन हुआ था। विदित हो कि अंतागढ़ उपचुनाव के समय कांग्रेस की ओर से मंतुराम पवार प्रत्याशी थे, जिन्होंने एन वक्त पर नाम वापस ले लिया था। इस पूरे प्रकरण को लेकर एक सीडी वायरल हुई जिसमें कथित तौर पर अमित जोगी, अजित जोगी, डॉ पुनीत गुप्ता, मेनन और फिरोज सिद्दकी की आवाज़ें थी। यह कथित सीडी यह संकेत देती थी मंतुराम पवार को जानबूझकर नाम वापस कराया गया। कांग्रेस शासनकाल आते ही इस मसले को लेकर एसआईटी गठित की गई और फिर पंडरी थाने में अपराध दर्ज किया गया था। पंडरी थाने में दर्ज अपराध किरणमयी नायक प्रार्थी हैं जबकि आरोपी के रुप में मंतुराम पवार, अजित जोगी अमित जोगी और डॉ पुनीत गुप्ता के नाम दर्ज है।
  •  रायपुर : मुख्यमंत्री की मासिक रेडियोवार्ता ‘लोकवाणी‘ की दूसरी कड़ी का प्रसारण कल  :  युवा और शिक्षा विषय पर आधारित होगी यह कड़ी

     रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मासिक रेडियो वार्ता लोकवाणी की दूसरी कड़ी का प्रसारण कल । लोकवाणी का प्रसारण छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्रों, एफ. एम. चैनलों और राज्य के क्षेत्रीय न्यूज चैनलों से सुबह 10.30 से 10.55 बजे तक होगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने समाज के हर वर्ग की भावनाओं, सवालों, और सुझावों से अवगत होने तथा अपने विचार साझा करने के लिए लोकवाणी रेडियोवार्ता शुरू की है। लोकवाणी में इस बार का विषय युवा और शिक्षा रखा गया है।

  • रायपुर : छत्तीसगढ़ और ओडिसा का गहरा नाता : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

    रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज स्थानीय शहीद स्मारक भवन में जय बूढ़ी माँ गांड़ा महासभा द्वारा आयोजित नुआ खाई जुहार भेंटघाट मिलन समारोह में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ओडिसा और छत्तीसगढ़ राज्य का गहरा नाता है। छत्तीसगढ़ और ओडिसा सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, व्यवसायिक और पारिवारिक रूप से एक दूसरे से जुड़ा हुआ है। सभी छत्तीसगढ़वासी भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए ओडिसा जाते है, रथ यात्रा के मौके पर छत्तीसगढ़ के शहरों से लेकर गांवों तक रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है।  मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने समाज की मांग पर सामाजिक भवन के लिए भूमि आबंटित करने का भरोसा दिलाया। समाज द्वारा जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने के मांग पर मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि प्रदेश में जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया का सरलीकरण के लिए पूर्व मंत्री एवं विधायक रामपुकार सिंह की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति द्वारा जाति प्रमाण पत्र बनाने के मामले में पड़ोसी राज्यों के द्वारा जारी किए जा रहे जाति प्रमाण पत्रों की प्रक्रिया का अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने समाज के लोगों को समिति के समक्ष अपना विचार रखने को कहा। उन्होंने समाज के लोगों को नुआ खाई पर शुभकामनाएं और बधाई दी। कार्यक्रम को गृह मंत्री  ताम्रध्वज साहू, पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा एवं  बृजमोहन अग्रवाल ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री  मोहम्मद अकबर, विधायक  कुलदीप जुनेजा और  विकास उपाध्याय, जय बूढ़ी माँ गांड़ा समाज के पदाधिकारियों, प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे। 

     मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज स्थानीय शहीद स्मारक भवन में जय बूढ़ी माँ गांड़ा महासभा द्वारा आयोजित नुआ खाई जुहार भेंटघाट मिलन समारोह में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ओडिसा और छत्तीसगढ़ राज्य का गहरा नाता है। छत्तीसगढ़ और ओडिसा सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, व्यवसायिक और पारिवारिक रूप से एक दूसरे से जुड़ा हुआ है। सभी छत्तीसगढ़वासी भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए ओडिसा जाते है, रथ यात्रा के मौके पर छत्तीसगढ़ के शहरों से लेकर गांवों तक रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है। 
        मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने समाज की मांग पर सामाजिक भवन के लिए भूमि आबंटित करने का भरोसा दिलाया। समाज द्वारा जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने के मांग पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि प्रदेश में जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया का सरलीकरण के लिए पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री रामपुकार सिंह की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति द्वारा जाति प्रमाण पत्र बनाने के मामले में पड़ोसी राज्यों के द्वारा जारी किए जा रहे जाति प्रमाण पत्रों की प्रक्रिया का अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने समाज के लोगों को समिति के समक्ष अपना विचार रखने को कहा। उन्होंने समाज के लोगों को नुआ खाई पर शुभकामनाएं और बधाई दी। कार्यक्रम को गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा एवं श्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, विधायक श्री कुलदीप जुनेजा और श्री विकास उपाध्याय, जय बूढ़ी माँ गांड़ा समाज के पदाधिकारियों, प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे। 

  • रायपुर : मुख्यमंत्री कल बिलासपुर को देंगे 159.38 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात...कृषि महाविद्यालय भवन सहित विभिन्न कार्यो का होगा लोकार्पण और भूमिपूजन...

    रायपुर​ / बिलासपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 7 सितम्बर को संभागीय मुख्यालय  बिलासपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में 159.38 करोड़ रूपए की लागत से 51 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री वहां बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र के नवनिर्मित महाविद्यालय भवन सहित 140.24 करोड़ रूपए की लागत से 37 विकास कार्यों का लोकार्पण और 19 करोड़ 13 लाख रूपए की लागत के 14 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के तहत 627 हितग्राहियों को 15 करोड़ 96 लाख रूपए मूल्य का सामग्री वितरण किया जाएगा। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत 512 हितग्राहियों को आवास प्रमाण-पत्र, कोटा के 5 किसानों को जैविक खेती प्रमाण-पत्र, श्रम विभाग के तहत 100 मजदूरों को सुरक्षा उपकरण और 5 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री ई-रिक्शा वितरण शामिल है।

        मुख्यमंत्री जिन पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण करेंगे, उनमें मुख्य रूप से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 18.59 करोड़ रूपए की लागत से विधानसभा क्षेत्र बिल्हा, मस्तूरी एवं तखतपुर के विभिन्न ग्रामों में 4 सड़क निर्माण, 14 करोड़ 43 लाख रूपए की लागत से छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा कोटा, मस्तूरी, गौरेला, बिल्हा एवं तखतपुर के विभिन्न ग्रामों में आठ 33/11 के.वी. लाईन विस्तार कार्य शामिल है। इसी प्रकार 87 करोड़ 39 लाख की लागत से तखतपुर, बिलासपुर, कोटा के विभिन्न ग्रामों में सड़क निर्माण, सड़क चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं डामरीकरण, पहुंच मार्ग निर्माण, शासकीय जेपी वर्मा महाविद्यालय में अतिरिक्त कक्षों का निर्माण, दो उपस्वास्थ्य केन्द्र भवन, लाईवलीहुड कॉलेज में 50 सीटर कन्या छात्रावास निर्माण, राजस्व निरीक्षक प्रशिक्षण शाला भवन, राजस्व बोर्ड के भवन और उप पंजीयक कार्यालय भवन के मस्तूरी का लोकार्पण करेंगे। इसी तरह नगर पालिका निगम द्वारा पुलिस लाईन में नवनिर्मित 10 पुलिस क्वार्टर और संभागीय आयुक्त बंगले के सामने निर्मित सूर्य नमस्कार गार्डन का लोकार्पण होगा। इसके अतिरिक्त लोक निर्माण विभाग संभाग क्र.1 द्वारा लागत 10.58 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित दो कार्य, लोक निर्माण विभाग संभाग क्र.2 द्वारा 6.17 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित छह कार्यो और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 2.38 करोड़ की लागत से निर्मित छः कार्य का लोकार्पण किया जायेगा।

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  • उच्च न्यायालय से पूर्व आईपीएस मुकेश गुप्ता की जमानत याचिका खारिज
    छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में न्यायाधीश आर सी एस सामंत की बेंच में मुकेश गुप्ता पूर्व आईपीएस के द्वारा अग्रिम जमानत हेतु याचिका एमसीआरसी 1264 /2019 प्रस्तुत की गई थी - जिसे माननीय न्यायधीश ने बहस पूरी हो जाने के पश्चात आदेश सुरक्षित कर दिया था - उपरोक्त मामले महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा ने शासन पक्ष की ओर से पैरवी की - माननीय न्यायालय ने आदेश जारी मुकेश गुप्ता के द्वारा जमानत याचिका को खारिज कर दिया -
  • रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गरियाबंद जिलेवासियों को 134 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्यों की दी सौगात...

    जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 2 करोड़ रूपये के हितग्राहीमूलक सामग्रियों का वितरण

    वन अधिकार, आजीविका सम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री...

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 6 सितम्बर को जिला मुख्यालय गरियाबंद में आयोजित वन अधिकार, आजीविका सम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुये । इस अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल जिलेवासियों को 134 करोड़ 67 लाख 54 हजार रूपये के 34 विकास कार्यो की सौगात दिए। जिनमें 114 करोड़ 35 लाख 19 हजार रूपये के 28 लोकार्पण कार्य एवं 20 करोड़ 32 लाख 35 हजार रूपये के 06 शिलान्यास कार्य शामिल हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के हाथों विभिन्न योजनाओं के तहत लोगों को 2 करोड़ रूपए लागत के हितग्राही मूलक सामाग्रियों एवं चेक का वितरण किया गया। लोकार्पित होने वाले विकास कार्यों में लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 56 करोड़ 78 लाख रूपये लागत के 8 निर्माण कार्य शामिल है। इसी तरह प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 37 करोड़ 28 लाख रूपये लागत के 11 कार्य, विद्युत विभाग अंतर्गत 33/11 के.व्ही डोंगरीगांव (मालगांव) एक करोड़ 73 लाख रूपये, वन मंडल गरियाबंद द्वारा 4 तालाब एवं एक एनीकट निर्माण कार्य 50 लाख रूपये लागत, रेशम विभाग अंतर्गत ग्राम पंचायत मालगांव के 10 हेक्टेयर क्षेत्र में 41 हजार टसर खाद्य पौधे अर्जुन का पौध रोपण लागत 11 लाख 65 हजार रूपये, पुलिस विभाग द्वारा आवास गृह निर्माण 17 करोड़ 78 लाख रूपये, कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा लघु उद्यानिकी नर्सरी लागत 15 लाख रूपये का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा शिलान्यास कार्य अंतर्गत लोक निर्माण विभाग के 3 करोड़ 13 लाख रूपये लागत के 2 कार्य, जल संसाधन विभाग द्वारा 17 करोड़ 18 लाख रूपये लागत के 4 विकास कार्य शामिल हैं। समारोह में गृह मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री  मोहम्मद अकबर, राजिम विधायक  अमितेश शुक्ल, जनपद अध्यक्ष  चुम्मन बाई सोम, कलेक्टर  श्याम धावड़े, पुलिस अधीक्षक  एम.आर. अहीरे सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • रायपुर : राजभवन में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह : राज्यपाल ने प्रदेश के 48 शिक्षक और 08 विद्यालयों को किया सम्मानित...

    राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन की जन्म जयंती शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में प्रदेश के 48 शिक्षकों और 08 विद्यालयों को सम्मानित किया। समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम कार्यक्रम में उपस्थित थे। समारोह का आयोजन स्कूल शिक्षा विभाग और राष्ट्रीय शिक्षक कल्याण प्र्रतिष्ठान की छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा किया गया। 
     
    राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 48 शिक्षकों को शाल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। इनमें से 44 शिक्षक राज्य शिक्षक सम्मान और 4 शिक्षकों को प्रदेश के महान साहित्यकारों के नाम पर स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही 8 उत्कृष्ट शालाओं को भी पुरस्कृत किया गया। समारोह में राज्य शिक्षक पुरस्कार 2018 के लिए चयनित 44 शिक्षकों में से प्रत्येक को 21 हजार रूपए की राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके अलावा प्रदेश के महान विभूतियों की स्मृति में दिए जाने वाले पुरस्कार से सम्मानित होने वाले प्रत्येक शिक्षक को 50 हजार रूपए और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्तर के दो-दो स्कूलों का चयन किया गया है। प्रत्येक प्राथमिक शाला को 10 हजार रूपए, पूर्व माध्यमिक शाला को 15 हजार, हाई स्कूल को 20 हजार और हायर सेकेण्डरी स्कूल को 25 हजार रूपए का पुरस्कार प्रदान किया गया।  समारोह मंे प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग गौरव द्विवेदी, संचालक लोक शिक्षण  एस. प्रकाश, संचालक राज्य शिक्षण एवं प्रशिक्षण परिषद  पी. दयानंद, विशेष सचिव स्कूल शिक्षा श्री सौरभ कुमार, राज्यपाल के सचिव सुरेन्द्र जायसवाल, शिक्षा विभाग के अधिकारी और सम्मानित शिक्षकों के साथ उनके परिजन भी उपस्थित थे।

       राज्य शिक्षक पुरस्कार-2018

    राज्य शिक्षक पुरस्कार 2018 से सम्मानित होने वाले 44 शिक्षकों में कांकेर जिले से प्रधान अध्यापक शासकीय कन्या प्राथमिक आश्रम अंतागढ़ की  ललिता रंगारी और व्याख्याता पंचायत शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय डुमाली की  मीरा आर्ची चौहान, कोरबा जिले से व्याख्याता शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पिपरिया ललित कुमार चन्द्रा, रायपुर जिले से केन्द्रीय जेल रायपुर के शिक्षक  नेतराम नाकतोड़े और सखाराम दुबे कन्या प्राथमिक शाला विवेकानन्द आश्रम के पास की सहायक शिक्षक कुमारी ममता अहीर, मुंगेली जिले से शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बांकी के प्रधान अध्यापक  रूपचन्द्र पाटले, बालोद जिले से शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खुंदनी-गुरूर के व्याख्याता पंचायत पूरनलाल साहू और शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला चौरेल-गुंडरदेही के व्याख्याता पंचायत  भुवनलाल सिन्हा, दुर्ग जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला चरौदा टैंक-भिलाई की व्याख्याता मित्राराय चौधरी और शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला मतवारी के प्राचार्य जिनेन्द्र कुमार जैन, कोरिया जिले से शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पोडीबदरा के प्राचार्य  डी.के. उपाध्याय और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रोकड़ा-मनेन्द्रगढ़ के उच्च श्रेणी शिक्षक  फूलसिंग, कबीरधाम जिले से शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला राजनवागांव के व्याख्याता पंचायत  शिवेन्द्र चन्द्रवंशी और शासकीय प्राथमिक शाला सैगोना-कवर्धा की प्रधान पाठक  अफसाना कुरैशी, जांजगीर-चांपा जिले से शासकीय प्राथमिक शाला धनुरवारपारा-सौंधी के सहायक शिक्षक पंचायत  देवकुमार चंद्रवंशी और शासकीय प्राथमिक शाला पचेड़ा के सहायक शिक्षक श्री बोधीराम साहू, सुकमा जिले से शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला सुकमा की व्याख्याता रीना सिंह और शासकीय कन्या माध्यमिक शाला कोंटा के प्रधान अध्यापक  सुशील कुमार श्रीवास, बिलासपुर जिले से शासकीय प्राथमिक शाला हरदीपारा-बिल्हा के प्रधान अधापक योगेन्द्र कुमार गौराहा और पूर्व माध्यमिक शाला टेंगनभाठ के शिक्षक  रघुवंश कुमार मिश्रा, गरियाबंद जिले से शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला तेतलखुटी-मैनपुर के व्याख्याता  कमलेश्वर प्रसाद बघेल और शासकीय प्राथमिक शाला उन्डूपदर के सहायक शिक्षक  उमेश कुमार श्रीवास, महासमुंद जिले से शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कोमाखान के शिक्षक  विजय कुमार शर्मा और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अछोली के शिक्षक  एतराम साहू, बलरामपुर जिले से शासकीय हाई स्कूल पेण्डारी-वाड्रफनगर की व्याख्याता पंचायत सविता सिंह और शासकीय हाई स्कूल फूलीडूमर-वाड्रफनगर के व्याख्याता  बलराम प्रसाद गुप्ता, बेमेतरा जिले से शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला बेरला के व्याख्याता  भूपेन्द्र कुमार परघनिहा और शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कंडरका-बेरला के व्याख्याता राजेन्द्र कुमार झा, रायगढ़ जिले के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला केराबहार-बरमकेला के शिक्षक पंचायत  कान्हूराम गुप्ता और शासकीय प्राथमिक शाला कछार के प्रधान अध्यापक  भुवनेश्वर पटेल, धमतरी जिले से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरतुली के व्याख्याता पंचायत  भूषणलाल चन्द्राकर और शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सलौनी के व्याख्याता श्री घनश्याम सिंह साहू, सरगुजा जिले से शासकीय प्राथमिक शाला महेशपुर के प्रधान अध्यापक  सी.एल. दुबे और शासकीय प्राथमिक शाला जामझरिया-मैनपाट के सहायक शिक्षक पंचायत  अरविंद कुमार गुप्ता, राजनांदगांव जिले से शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला दयका-खैरागढ़ के शिक्षक  रघुनाथ प्रसाद सिन्हा और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कोहलबोड़-खैरागढ़ की शिक्षक पंचायत  अनुराधा सिंह, शिक्षा जिला सक्ती से शासकीय हाई स्कूल भलनी-जैजैपुर के व्याख्याता पंचायत  राघवेन्द्र प्रताप सिंह राठौर और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला माजरकुंद के शिक्षक  टीकाराम सारथी, बलौदाबाजार जिले से शासकीय प्राथमिक शाला खैरालवन के प्रधान अध्यापक भागवत प्रसाद चन्द्राकर और शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला केसदा के व्याख्याता चोवाराम वर्मा, जशपुर जिले से शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बालाछापर के प्रधान अध्यापक सादराम जगत और शासकीय कन्या पूर्व कन्या माध्यमिक शाला जशपुर की शिक्षक पंचायत गीता झा, दंतेवाड़ा जिले से शासकीय हाई स्कूल आंवराभाटा के प्रधान अध्यापक  श्यामलाल शोरी और शासकीय हाई स्कूल आंवराभाटा की व्याख्याता  सुनीता गोस्वामी शामिल हैं।

    राज्य स्मृति पुरस्कार

    राज्य स्तरीय समारोह में प्रदेश की 04 महान साहित्यिक विभूतियों के नाम पर 04 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से नवाजा गया। इनमें जांजगीर-चांपा के  रामनाथ साहू को ’’डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार’’, रायपुर की  रजनी शर्मा को ’’डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार’’, दुर्ग के संजय कुमार मैथिल को ’’डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी स्मृति पुरस्कार’’ और गरियाबंद के  संतोष कुमार साहू को ’’डॉ. गजानन्द माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार’’ प्रदान किया गया। 

    08 उत्कृष्ट विद्यालयों को भी किया गया पुरस्कृत

    शिक्षक सम्मान समारोह में प्रदेश के 08 उत्कृष्ट विद्यालयों को भी पुरस्कृत गया। इनमें प्राथमिक शाला हरदीपार (कोरबी) विकासखण्ड बिल्हा जिला बिलासपुर को प्रथम, शासकीय प्राथमिक शाला सगोना विकासखण्ड कवर्धा जिला कबीरधाम को द्वितीय, पूर्व माध्यमिक शाला की श्रेणी में उड़कुड़ा विकासखण्ड चारामा जिला कांकेर को प्रथम और तवरबाहरा विकासखण्ड एवं जिला गरियाबंद को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। हाई स्कूल श्रेणी में गोड़पारा विकासखण्ड अभनपुर जिला रायपुर को प्रथम और पतोरा विकासखण्ड पाटन जिला दुर्ग को द्वितीय और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय श्रेणी में गोण्डाहूर विकासखण्ड कोयलीबेड़ा जिला कांकेर को प्रथम और डी.के.पी.टी. कोटा विकासखण्ड जिला बिलासपुर को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

  • रायपुर : राज्यपाल अनुसुईया उइके शिक्षक दिवस पर 48 शिक्षकों और 8 विद्यालयों को कर रही सम्मानित...

    रायपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल अनुसुईया उइके के मुख्य आतिथ्य में 5 सितंबर को सुबह 10.30 बजे से राजभवन के दरबार हॉल में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है। इस समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेंगे और विशिष्ट अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम होंगे। शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 48 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें से 44 शिक्षक राज्य शिक्षक सम्मान और 4 शिक्षकों को प्रदेश के महान साहित्यकारों के नाम पर स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही 8 उत्कृष्ट शालाओं को भी पुरस्कृत किया जाएगा। समारोह में राज्य शिक्षक पुरस्कार 2018 के लिए चयनित 44 शिक्षकों में से प्रत्येक को 21 हजार रूपए की राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश के महान विभूतियों की स्मृति में दिए जाने वाले पुरस्कार से सम्मानित होने वाले प्रत्येक शिक्षक को 50 हजार रूपए और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्तर के दो-दो स्कूलों का चयन किया गया है। प्रत्येक प्राथमिक शाला को 10 हजार रूपए, पूर्व माध्यमिक और हाई स्कूल को 15-15 हजार और हायर सेकेण्डरी स्कूल को 25 हजार रूपए का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। 

    8 उत्कृष्ट विद्यालयों को किया जाएगा पुरस्कृत
    शिक्षक दिवस सम्मान समारोह में प्रदेश के 8 उत्कृष्ट विद्यालयों को भी पुरस्कृत जाएगा। इनमें प्राथमिक शाला हरदीपार (कोरबी) विकासखण्ड बिल्हा जिला बिलासपुर को प्रथम, शासकीय प्राथमिक शाला सगोना विकासखण्ड कवर्धा जिला कबीरधाम को द्वितीय, पूर्व माध्यमिक शाला की श्रेणी में उड़कुड़ा विकासखण्ड चारामा जिला कांकेर को प्रथम और तवरबाहरा विकासखण्ड एवं जिला गरियाबंद को द्वितीय पुरस्कार दिया जाएगा। हाईस्कूल श्रेणी में गोड़पारा विकासखण्ड अभनपुर जिला रायपुर को प्रथम और पतोरा विकासखण्ड पाटन जिला दुर्ग को द्वितीय और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय श्रेणी में गोण्डाहूर विकासखण्ड कोयलीबेड़ा जिला कांकेर को प्रथम और डीकेपीटी कोटा विकासखण्ड जिला बिलासपुर को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

  • एक्सप्रेस वे पर आवागमन एवं सर्विस लेन आज से पूरी तरह होगी बंद
    एक्सप्रेस वे में आई गड़बड़ी और घोटाले की जांच तो चल ही रही है परंतु इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है - एक तरफ भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने जबरन लोकार्पण करके इस सड़क को आवागमन के लिए चालू कर दिया वहीं दूसरी तरफ भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा यह पूरा एक्सप्रेसवे घटिया निर्माण के कारण अनेक दुर्घटनाएं होने के बाद बंद हो चुका है - अलग-अलग जांच समितियां इसके निर्माण और गुणवत्ता की जांच कर रही हैं परंतु रिपोर्ट किसी ने भी अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं दी है - बरसात में रिटेनिंग वॉल गिरने के खतरे को देखते हुए कई जगह की सर्विस लेन पहले ही बंद की जा चुकी है, बची सर्विस लेन को बंद करने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की टीम आज सुबह निरीक्षण पर निकली - अधिकारियों के अनुसार सर्विस लेन को कहां कैसे बंद करना है इस पर विचार किया जा रहा है ताकि कोई दुर्घटना ना हो - सर्विस लेन को बंद करना इस बात को प्रमाणित करता है कि घटिया निर्माण के कारण रिटेनिंग वॉल कभी भी गिर सकती हैं और कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है - इसी गंभीर दुर्घटना को बचाने के लिए अब लोगों को सर्विस लेन का भी उपयोग नहीं करने दिया जाएगा - 350 करोड़ रुपये के एक्सप्रेस वे को निर्माण के बाद बंद कर दिया गया - उसकी सर्विस लेन को आज पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा - परंतु शासन-प्रशासन किसी पर भी इसकी जिम्मेदारी तय करने को सामने नहीं आया है - अभी तक किसी भी वरिष्ठ अधिकारी से लेकर ठेकेदार एवं तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री सहित मॉनिटरिंग एजेंसी पर कोई जुर्म दर्ज नहीं किया गया है - जनता के गाढ़े खून पसीने की कमाई को जबरन टैक्स के रूप में वसूल कर बर्बाद करने के जिम्मेदार लोगों पर वर्तमान सरकार को तुरंत एक्शन लेना चाहिए - CG 24 News _सुखबीर सिंघोत्रा
  • स्कूल जाने को तैयार नहीं पूरे गांव के बच्चे
    बस्तर जिले के भाटीगुड़ा गांव के लोगों ने बच्चों को स्कूल भेजना बैंड कर दिया है - बच्चों के माता पिता का कहना है कि स्कूल के बाजू में पोल्ट्री फार्म है जिसके कारण मक्खी मच्छर के साथ बदबू के कारण बच्चे बीमार पड़ रहे हैं - जिसके कारण गांव वालों ने सामूहिक निर्णय लिया और अपने बच्चों को अब सरकारी स्कूल वह आंगनबाड़ी नहीं भेज रहे हैं , गांव में पोल्ट्री फॉर्म के बदबू ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है, ग्रामीणों के अनुसार गांव में निजी संचालक द्वारा दो पोल्ट्री फॉर्म का संचालन किया जा रहा है जिससे निकलने वाली बदबू से ग्रामीण परेशान रहते हैं - वही मक्खियों ने गांव को अपना घर बना लिया है - स्कूल की प्रधान अध्यापिका ने बताया कि वह गांव में गई थी परंतु माता पिता बच्चों को स्कूल भेजने तैयार नहीँ हो रहे - आंगनबाड़ी सहायिका ने बताया की पोल्ट्री फार्म की बदबू गंदगी के कारण मक्खी मच्छर का अत्यधिक प्रकोप है बच्चों को खाना देते समय खाने में भी मक्खियों का झुंड आ जाता है शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेक जन जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं परंतु वहीं दूसरी तरफ इस स्कूल में 1 हफ्ते से भी ज्यादा समय हो गया बच्चे पढ़ने नही आ रहे और प्रशासन चुप बैठा है - CG 24 News