Top Story
  • राज्यपाल को ब्रम्हाकुमारी बहनों ने राखी बांधी
    रायपुर, 15 अगस्त 2019/ राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके को आज यहां राजभवन में रक्षाबंधन के अवसर पर प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सविता बहन ने राखी बांधी और उनके स्वस्थ, सुदीर्घ एवं सुखी जीवन की कामना की। राज्यपाल ने उन्हें रक्षा बंधन एवं स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संस्था द्वारा किया जा रहा कार्य वाकई सराहनीय है। वे सदैव इसी तरह मानव कल्याण के लिए कार्य करते रहें। सुश्री सविता बहन ने राज्यपाल को संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी और बताया कि प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा ग्राम विकास के लिए छत्तीसगढ़ में 08 से 23 सितंबर तक शाश्वत जैविक खेती नामक अभियान शुरू किया जा रहा है। उन्होंने राज्यपाल को इस अभियान के शुभारंभ में और माउंट आबु में 27 सितंबर से 01 अक्टूबर के मध्य ‘Spirituality for Unity, Peace & Prosperity’ विषय पर आयोजित होने वाले विश्व स्तरीय सम्मेलन में शामिल होने का न्यौता दिया। संस्था के प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल का शाल और श्रीफल देकर सम्मान भी किया। इस अवसर ब्रम्हकुमारी बहन सुश्री भावना एवं सुश्री रश्मि, ब्रम्हकुमार श्री महेश भाई तथा अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
  • राज्यपाल ने एस.ओ.एस. चिल्ड्रन विलेजेस माना के बच्चों को राखी बांधी
    रायपुर, 15 अगस्त 2019/ राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से आज यहां राजभवन में एस.ओ.एस. चिल्ड्रन विलेजेस माना के बच्चों ने मुलाकात की। राज्यपाल ने उन बच्चों को राखी बांधी। इस अवसर पर राज्यपाल ने उन्हें रक्षा बंधन और स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा - आप सभी बच्चे हमारे देश के भविष्य हैं, सभी मन लगाकर पढ़ाई करें और संकल्प लें कि बड़े होकर ऐसा कार्य करें कि देश और प्रदेश का नाम पूरे विश्व में रोशन करें। उन्होंने कहा कि संस्था को यदि कोई भी आवश्यकता हो तो हर संभव सहायता दी जाएगी। राज्यपाल ने बच्चों को स्कूल बैग और मिठाई-चाकलेट वितरित किया। इस अवसर पर संस्था की निदेशक श्रीमती अरूणा मरांडी तथा अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थीं। उन्होंने संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी।
  • शान से लहराया तिरंगा: मुख्यमंत्री ने रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में किया ध्वजारोहण
    रायपुर, 15 अगस्त 2019/मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री ने आम जनता के नाम अपने संदेश का वाचन किया। इस दौरान उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और हर्षोल्लास के प्रतीक स्वरूप रंग-बिरंगे गुब्बारें आकाश में छोड़े। सशस्त्र बलों के द्वारा इस अवसर पर हर्ष फायर किया गया। मुख्यमंत्री ने समारोह में परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री ने समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. महादेव प्रसाद पाण्डेय को शाल श्रीफल से सम्मानित किया। समारोह में परेड कमांडर श्री जितेन्द्र शुक्ला के नेतृत्व में सशस्त्र बलों और एनसीसी, स्काउंट, गाईड, एनएसएस, अश्वरोही दल और अतिथि के तौर पर शामिल आंध्रप्रदेश स्पेशल पुलिस एवं अन्य बटालियनों द्वारा आकर्षक मार्च फास्ट किया गया। समारोह में उत्कृष्ट परेड के लिए केन्द्रीय बल के अंतर्गत पहला पुरस्कार केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, दूसरा पुरस्कार सीमा सुरक्षा बल और तीसरा पुरस्कार केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल को मिला। इसी तरह राज्य सुरक्षा बल के अंतर्गत पहला पुरस्कार छत्तीसगढ़ सशस्त्र महिला बल, दूसरा पुरस्कार अतिथि के तौर पर शामिल आंध्रप्रदेश स्पेशल पुलिस और तीसरा पुरस्कार छत्तीसगढ़ सशस्त्र पुरूष बल को मिला। जुनियर विंग में पहला पुरस्कार एनसीसी सीनियर गर्ल्स, दूसरा पुरस्कार एनसीसी सीनियर बॉयस और तीसरा पुरस्कार एनसीसी नेवल यूनिट को मिला। समारोह में देश भक्ति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इसमें पहला पुरस्कार उत्तरी क्षेत्र बिलासपुर संभाग के स्कूली बच्चों को, दूसरा पुरस्कार दक्षिणी क्षेत्र बस्तर संभाग और तीसरा पुरस्कार मध्य क्षेत्र रायपुर संभाग के स्कूली बच्चों को मिला। विशेष आकर्षण पोटाकेबिन नारायणपुर रामकृष्ण आश्रम आवासीय विद्यालय के बच्चों के द्वारा प्रस्तुत मलखम्ब प्रदर्शन रहा। उल्लेखनीय है कि ये बच्चे जापान में होने वाले ओलम्पिक खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी सहित बड़ी संख्या में आमजन एवं स्कूल एवं कॉलेजो के विद्यार्थी उपस्थित थे।
  • 13 अधिकारियों को पुलिस वीरता पदक और 10 को भारतीय पुलिस पदक
    रायपुर. 15 अगस्त 2019. मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां पुलिस परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पुलिस और जेल विभाग के 35 अधिकारियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने पुलिस विभाग के 13 अधिकारियों को पुलिस वीरता पदक और 10 अधिकारियों को भारतीय पुलिस पदक प्रदान किया। भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी पूर्व उप पुलिस महानिरीक्षक श्री एस.एस. सोरी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया। पुलिस वीरता पदक से सम्मानित होने वालों में निरीक्षक श्री प्रकाश राठौर, ई.ओ.डब्ल्यू. में पुलिस अधीक्षक श्री आई.के. एलेसेला, निरीक्षक श्री अब्दुल समीर, सहायक उपनिरीक्षक श्री हनीफ खान, उपनिरीक्षक शहीद श्री पुष्पराज नागवंशी, निरीक्षक सर्वश्री निलेश पाण्डेय, देवेन्द्र दर्रो, श्री संग्राम सिंह ध्रुर्वे, आरक्षक शहीद श्री आदित्यशरण प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक शहीद श्री मूलचंद कंवर, उप पुलिस अधीक्षक श्री आकाश राव गिरेपुंजे, निरीक्षक श्री सोनल ग्वाला तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार सोनी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में रेल पुलिस अधीक्षक श्रीमती मिलना कुर्रे, सेनानी श्री मनोज कुमार खिलारी, उप पुलिस अधीक्षक श्री नजमुस साकिब, कंपनी कमांडर श्री मोहन सिंह, प्लाटून कमांडर श्री इस्तेफन कुजूर, सहायक उप निरीक्षक श्री बलराम बघेल, सहायक प्लाटून कमांडर श्री ओंकार दास साहू, प्रधान आरक्षक सर्वश्री ताज खान, संजय सिंह बघेल और श्रीमती जुलेखा बेगम को भारतीय पुलिस पदक से अलंकृत किया। उन्होंने जेल विभाग की मुख्य प्रहरी श्रीमती फ्लोरा लकड़ा, प्रहरी सर्वश्री दाऊराम कठोतरे और दुलार सिंह वर्मा को सराहनीय सुधार सेवा पदक से सम्मानित किया। कंपनी कमांडर श्री शिव कुमार सोनी एवं प्रधान आरक्षक श्री सत्यनारायण प्रजापति को यूनियन होम मिनिस्टर मेडल फॉर एक्सीलेंस इन पुलिस ट्रेनिंग से सम्मानित किया गया। वहीं राज्य स्तरीय पुरस्कारों में प्रधान आरक्षक श्री हरीश टेम्भूरकर को गुरू घासीदास पुरस्कार, निरीक्षक श्रीमती सुषमा सिंह को राज्यपाल पुरस्कार, निरीक्षक श्रीमती सतरूपा तारम को मुख्यमंत्री पुरस्कार, निरीक्षक श्रीमती सी. तिर्की को रानी सुवरन कुंवर पुरस्कार, सहायक उपनिरीक्षक श्री वेदराम खूंटे को वीर नारायण सिंह पुरस्कार और प्रधान आरक्षक श्री कन्हैया लाल उइके को पुलिस महानिदेशक पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मंडल रेल कार्यालय रायपुर में मंडल रेल प्रबंधक श्री कौशल किशोर ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया
    रायपुर -15अगस्त पूरे राष्ट्र के साथ 73 वां स्वतंत्रता दिवस, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर मंडल के विभिन्न स्थानों पर स्थित कार्यालयों में पारंपरिक रूप से एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । मंडल का मुख्य कार्यक्रम रायपुर रेल मंडल कार्यालय के प्रांगण में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मंडल रेल प्रबंधक श्री कौशल किशोर, अध्यक्षा सेक्रो श्रीमती रेखा कौशल अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री शिव शंकर लकड़ा,(इंफ्रास्ट्रक्चर) एवं अमिताव चौधरी (परिचालन) समस्त अधिकारी एवं स्कूली बच्चे व रेल कर्मचारी सपरिवार उपस्थित रहें। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री कौशल किशोर , श्री एम. के. तिवारी, सहायक सुरक्षा आयुक्त, के अगुवाई में परेड़ की सलामी ली । रेलवे सुरक्षा बल के परेड कमांडर श्री के सी सैनी रहे । वरि. मंडल कार्मिक अधिकारी श्री प्रदीप मिश्रा के अनुदेशन में स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम तैयार किया गया।कार्यक्रम, अतिथियों के स्वागत से प्रारंभ किया गया तथा मुख्य अतिथि मंडल रेल प्रबंधक श्री कौशल किशोर द्वारा 9.05 बजे राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान की सुमधुर धुन के साथ फहराया गया। इस अवसर पर रेलवे सुरक्षा बल, सिविल डिफेंस, स्काउट एवं गाईड के सदस्यों द्वारा मार्चपास्ट प्रस्तुत की जाएगी तथा मुख्य अतिथि के रूप में मंडल रेल प्रबंधक श्री कौशल किशोर द्वारा रेल परिवार को संबोधित किया जायेगा। स्वतंत्रता दिवस के सुअवसर के लिये विशेष रूप से तैयार किए गए रेल कर्मचारियों एवं रेल परिक्षेत्र में संचालित हो रहे स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति से परिपूर्ण नृत्यों एवं गीतों के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मंडल रेल प्रबंधक श्री कौशल किशोर एवं अध्यक्षा सेक्रो श्रीमती रेखा कौशल द्वारा दो दिव्यांगों को ट्राई साइकिल भी वितरित की गई अध्यक्षा सेक्रो ने मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में बने महिला विश्राम कक्ष में जिम साइकिल का लोकार्पण किया।
  • छत्तीसगढ़ अब 28 जिलों का राज्य: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने की घोषणा
    रायपुर, 15 अगस्त 2019/ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रदेशवासियों को कई महत्वपूर्ण सौगात दी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में एक नए जिले के निर्माण की घोषणा की। यह जिला ‘गौरेला- पेण्ड्रा-मरवाही’ के नाम से जाना जाएगा। इस तरह अब छत्तीसगढ़ 28 जिलों का राज्य बन जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने 25 नई तहसीलें भी बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश निवासी अनुसूचित जनजाति को 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत तथा अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने की घोषणा के साथ ही सरकार की तरफ से गौठान समितियों को प्रतिमाह 10 हजार रूपए की सहायता और लेमरू एलीफंेट रिजर्व बनाने की घोषणा भी इस अवसर पर की। प्रदेश को कुपोषण और एनीमिया से मुक्त कराने गांधी जयंती 2 अक्टूबर से प्रदेश में सुपोषण अभियान के शुभारंभ की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री श्री बघेल स्वतंत्रता दिवस की 72वीं वर्षगांठ पर आज यहां राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। उन्होंने प्रदेश की जनता को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन और भोजली पर्व की शुभकामनाएं भी दी। श्री बघेल ने अपने संदेश में कहा कि जनता को विभिन्न लोकतांत्रिक और मौलिक अधिकारों से सशक्त करना भी हमारी विरासत है। भारत में आज जनता को जितने भी संविधान सम्मत अधिकार प्राप्त हैं, वे हमारे महान नेताओं की देन हैं। हमारी सरकार पंचायतों, नगरीय-निकायों के सशक्तीकरण के साथ ही शिक्षा, सूचना, रोजगार, खाद्यान्न सुरक्षा जैसे तमाम अधिकारों को पुष्ट करेगी। प्रदेश के विकास में गांधी-नेहरू ने नींव रखी उस विरासत को हमें आगे बढ़ाना होगा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि - सरकार प्रशासन को जनहित के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए एक ओर जहां अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने मूल कार्यों पर ध्यान देने के लिए सचेत किया, वहीं जवाबदेही तय करने के लिए ‘लोकसेवा गारंटी अधिनियम’ का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया है। लोगों की बहु-प्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए एक नए जिले के निर्माण किया जाएगा। यह जिला ‘गौरेला- पेण्ड्रा-मरवाही’ के नाम से जाना जाएगा। इस तरह अब छत्तीसगढ़ 28 जिलों का राज्य बन जाएगा। इसके अलावा 25 नई तहसीलें भी बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश का अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग तबका काफी शांतिप्रिय ढंग से अपने अधिकारों की बात करता रहा है। उनके संविधान सम्मत अधिकारों की रक्षा करना हमारा कर्त्तव्य है। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश निवासी अनुसूचित जनजाति को 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत तथा अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गौठान की सुचारू व्यवस्था के लिए निश्चित तौर पर समाज की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार की तरफ से गौठान समितियों को प्रतिमाह 10 हजार रूपए की सहायता दी जाएगी, जिससे गौठान में काम करने वाले चरवाहों को मानदेय देने सहित अन्य इंतजाम किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने लेमरू एलीफेंट रिजर्व की घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में हाथियों की आवा-जाही से कई बार जान-माल की हानि होती है। इसकी एक बड़ी वजह है, हाथियों को उनकी पसंदीदा जगह पर रहने की सुविधा नहीं मिल पाना भी है। ‘लेमरू एलीफेंट रिजर्व’ दुनिया में अपनी तरह का पहला ‘एलीफेंट रिजर्व’ होगा, जहां हाथियों का स्थाई ठिकाना बन जाने से उनकी अन्य स्थानों पर आवा-जाही तथा इससे होने वाले नुकसान पर भी अंकुश लगेगा और जैव विविधता तथा वन्य प्राणी की दिशा में प्रदेश का योगदान दर्ज होगा। मुख्यमंत्री ने किया स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ी में सम्बोधन की शुरूआत करते हुए कहा कि हमर छत्तीसगढ़ के जम्मो सियान, दाई-दीदी, संगी-जहुंरिया, नोनी-बाबू मन ल सुराजी तिहार के पावन बेरा म गाड़ा-गाड़ा बधाई। मैं आज उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करता हूं, जिन्होंने भारतमाता को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराने के लिए एक सदी से अधिक लम्बी लड़ाई लड़ी। अमर शहीद गैंदसिंह, शहीद वीर नारायण सिंह, मंगल पाण्डे, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, रानी लक्ष्मी बाई और हर जाति-धर्म के हजारों लोगों के बलिदान से देश आजाद हुआ था। हजारों लोगों ने आजादी की लड़ाई से लेकर भारत के नवनिर्माण तक महती भूमिका निभाई थी। आज का दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पं. जवाहर लाल नेहरू, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, लाल बहादुर शास्त्री, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुुलकलाम आजाद से लेकर छत्तीसगढ़ के वीर गुण्डाधूर, पं. रविशंकर शुक्ल, ठाकुर प्यारेलाल सिंह, डॉ. खूबचंद बघेल, पं. सुंदरलाल शर्मा, बैरिस्टर छेदीलाल, यतियतन लाल, डॉ. राधाबाई, पं. वामनराव लाखे, महंत लक्ष्मीनारायण दास, अनंतराम बर्छिहा, मौलाना अब्दुल रऊफखान, हनुमान सिंह, रोहिणी बाई परगनिहा, केकती बाई बघेल, श्रीमती बेला बाई जैसे अनेक प्रसिद्ध तथा असंख्य गुमनाम कर्मयोद्धाओं को याद करने और नमन करने का है। किसानों को आर्थिक आजादी देने के सार्थक कदम राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ महतारी की सबसे बड़ी उम्मीद, धान का सम्मानजनक दाम देने का फैसला किया 25 सौ रूपए प्रति क्विंटल धान, समस्त किसानों के अल्पकालिक कृषि ऋणों की माफी, सिंचाई कर की माफी, वन टाइम सेटलमेंट से किसानों को नए सिरे से खेती के लिए ऋण लेने की सुविधा दिलाने जैसे ठोस कदम उठाए गए हैं। किसी भी राज्य के इतिहास में सरकार की पहल से छह महीनों में किसानों को इतनी बड़ी राशि नहीं मिली होगी। शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर इस बार किसानों को सर्वाधिक ऋण देने का लक्ष्य भी पूरा करेंगे। राज्य शासन द्वारा विकास योजनाओं के लिए किसानों की भूमि के अधिग्रहण पर मुआवजा राशि, दोगुना से बढ़कर चारगुना करने का निर्णय लिया गया है। इस तरह हमने किसानों को आर्थिक आजादी देने के सार्थक कदम उठाए हैं। गावों की अर्थ व्यवस्था और पर्यावरण को नया जीवन देने की पहल मुख्यमंत्री ने कहा कि ’नरवा, गरवा, घुरवा, बारी’ के माध्यम से गांवों की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण को नया जीवन देने की पहल की है। अल्प समय में ही हमने ‘नरवा’ विकास के लिए 1 हजार 28 नालों का चयन किया है। इसके अलावा जल संसाधन विकास की नियमित प्रक्रिया से भी लगभग 1 हजार करोड़ रू. लागत की 223 योजनाओं की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। ‘गरवा’ यानी पशुधन की समृद्धि और योगदान के लिए हम हर ग्राम पंचायत में 3 से 5 एकड़ अविवादित जमीन गौठान के लिए सुरक्षित करवा रहे हैं। लगभग 19 सौ गौठानों के निर्माण के क्रम में एक हजार से अधिक गौठान का लोकार्पण किया जा चुका है। एक हजार 560 चारागाह के काम भी स्वीकृत किए गए है। गौठान हमारी ग्रामीण संस्कृति के केन्द्र हुआ करते थे लेकिन अब गांवों के आर्थिक विकास के केन्द्र भी बनेंगे। ‘घुरवा’ को हम गांवों की स्वच्छता और पर्यावरण से जोड़ते हुए ऐसे उत्पादों का केन्द्र भी बनाएंगे, जिनका अपना आर्थिक महत्व हो। एक लाख 34 हजार से अधिक ‘बाड़ियों’ का सर्वेक्षण किया जा चुका है। अनुसूचित जनजाति तथा अनुसूचित जाति को बराबरी के अवसर अनुसूचित जनजाति तथा अनुसूचित जाति को बराबरी से विकास के अवसर और गरिमापूर्ण जीवनयापन की सुविधाएं मिलें, इसके लिए हमने लीक से हटकर बड़े कदम उठाए हैं। लोहाण्डीगुड़ा में उद्योग लगाने के नाम पर ली गई किसानांें की जमीनों पर न तो उद्योग लगा, न आदर्श पुनर्वास नीति का पालन हुआ, न किसानों की कोई सुनवाई हो रही थी। हमने आते ही जमीन वापसी का निर्णय लिया और इस साल 26 जनवरी से जो काम शुरू किया गया था, वह अब पूरा हो चुका है। हमने अबूझमाड़ियों को उनका हक दिलाने की विशेष पहल की है। ‘अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी अधिनियम’ के तहत जिन आवेदनों को खारिज कर दिया गया था, उसकी पुनः समीक्षा की जा रही है ताकि पात्र हितग्राहियों को न्याय मिल सके। वहीं सामुदायिक वन अधिकार देने का महाअभियान शुरु किया गया है जिसके तहत् कोंडागाँव जिले के 9 गाँवों मंे 8 हजार 220 एकड़ जमीन के पट्टे जारी किए गए हैं। आदिवासी बहुल अंचलों की समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु प्राधिकरणों की संख्या 2 से बढ़ाकर 3 कर दी गई है। साथ ही नवगठित बस्तर, सरगुजा, मध्यक्षेत्र विकास प्राधिकरणों का अध्यक्ष पद मुख्यमंत्री के स्थान पर स्थानीय विधायक को दिया गया है व दो स्थानीय उपाध्यक्ष भी बनाए गए हैं। ‘इन्द्रावती विकास प्राधिकरण’ के गठन का निर्णय हमारी सरकार ने ‘इन्द्रावती विकास प्राधिकरण’ के गठन का निर्णय लिया है। महानदी, शिवनाथ, केलो, हसदेव बांगो, खारून को प्रदूषण से बचाने का काम स्थानीय निकायों के माध्यम से किया जाएगा। बस्तर के अनेक अनुसूचित जनजाति परिवार आपराधिक मुकदमों से राहत दिलाने के लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित कर कार्यवाही शुरू की है। प्री. मैट्रिक छात्रावास, आवासीय विद्यालयों तथा आश्रमों में निवासरत विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति को बढ़ाकर एक हजार रु. प्रतिमाह कर दिया गया है। अब बच्चे के जन्म के साथ पिता के जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर बच्चे को भी जाति प्रमाण-पत्र जारी किया जा रहा है। ‘कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड’ के गठन का निर्णय स्थानीय युवाओं को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता देने के लिए बस्तर तथा सरगुजा में ‘कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड’ का गठन किया जा रहा है। बस्तर तथा सरगुजा संभाग की तरह कोरबा जिले में भी तृतीय तथा चतुर्थ वर्ग के पदों पर भर्ती के लिए जिला संवर्ग की व्यवस्था करते हुए इनकी समय-सीमा भी बढ़ाकर 31 दिसम्बर 2021 कर दी गई है। राज्य की अत्यंत पिछड़ी जनजातियों के युवाओं को शासकीय सेवा में सीधी भर्ती का लाभ दिया जाएगा । वन क्षेत्रों में तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 25 सौ रू. प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4 हजार रु. कर दी है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाने वाली वनोपजों की संख्या 7 से बढ़ाकर 15 कर दी गई है तथा इस पर भी बोनस देने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में 5 साल से कम उम्र के 37.60 प्रतिशत बच्चे कुपोषण से तथा 15 से 49 वर्ष की 41.50 प्रतिशत माताएं एनीमिया से पीड़ित हैं। हमने आदिवासी अंचलों में प्रोटीनयुक्त पोषण के लिए चना, फल, अण्डा आदि सामग्री वैकल्पिक रूप से उपलब्ध कराने से नई शुरूआत की है। फिलहाल बस्तर, दंतेवाड़ा, कोरबा, सरगुजा, कोरिया एवं कुछ अन्य जिलों की चुनिन्दा पंचायतों में ’पायलट प्रोजेक्ट’ शुरू किया गया है। अब पूरी तैयारी के साथ 2 अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी की 150वीं जन्म जयंती के अवसर पर यह महायज्ञ पूरे प्रदेश में शुरू किया जाएगा। आंगनवाड़ी कार्यकताओं- सहायिकाओं के मानदेय में बढोत्तरी आंगनवाड़ी कार्यकताओं और सहायिकाओं का योगदान को देखते हुए इनका मानदेय बढ़ाने का निर्णय लिया है। दस हजार आंगनवाड़ी केन्द्रों को नर्सरी स्कूल के रूप में विकसित करने हेतु कार्यवाही शुरू कर दी है। दो हजार आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की मंजूरी दी गई है। सरकार ने 35 किलो चावल देने का वादा निभाया सार्वभौम सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राज्य सरकार ने न सिर्फ 35 किलो चावल देने का वादा निभाया है, बल्कि इसे युक्तियुक्त करते हुए छठवें सदस्य से प्रति सदस्य अतिरिक्त 7 किलो चावल, एपीएल परिवारों को भी 10 रू. किलो में चावल प्रदाय करने का निर्णय लिया है। पीडीएस से राशनकार्डधारी परिवारों को चावल, शक्कर, नमक, चना, केरोसिन के साथ-साथ बस्तर संभाग में अंत्योदय एवं प्राथमिकता वाले परिवारों को हर माह दो किलो गुड़ देने का निर्णय लिया है। ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ में सहायता का दायरा बढ़ाते हुए 15 हजार रूप्ए के स्थान पर 25 हजार रूपए कर दिया है। ‘निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना’ के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि 50 हजार रू. से बढ़ाकर एक लाख रू. कर दी गई है। दो दशक बाद 15 हजार नियमित शिक्षकों की भर्ती का निर्णय नई पीढ़ी को अच्छी शिक्षा के साथ सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने दो दशक बाद 15 हजार नियमित शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। शिक्षा को रूचिकर बनाने के लिए नई तकनीकों का उपयोग शुरू किया गया है, इसे ’’ब्लैक बोर्ड से की बोर्ड की ओर’’ अभियान का नाम दिया गया है। इसी प्रकार महाविद्यालयों में शैक्षणिक तथा गैर शैक्षणिक पदों पर बड़ी संख्या में भर्ती की जा रही है। ’खेल प्राधिकरण’ के गठन का निर्णय प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को उचित प्रशिक्षण देकर तराशने के लिए ’खेल प्राधिकरण’, अलग-अलग अंचलों की विशेषताओं के आधार पर स्पोर्टस स्कूल एवं खेल अकादमी की स्थापना का निर्णय लिया है। प्रदेश में 55 खेल प्रशिक्षकों की भर्ती की जाएगी। सबके लिए ‘यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम’ की पहल प्रदेश में ‘यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम’ के अंतर्गत सबके स्वास्थ्य की चिंता की है, जिसके लिए विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों का उन्नयन किया जा रहा है। अनेक नई सुविधाएं शुरू की जा रही हैं। नारायणपुर, सुकमा तथा कोण्डागांव में विशेष नवजात गहन चिकित्सा इकाई शुरू की गई है। इस वर्ष 17 मातृ-शिशु अस्पताल शुरू किए जाएंगे। गर्भवती माताआंे को विभिन्न तरह की निःशुल्क जांच की सुविधा के अलावा विभिन्न मरीजोें के लिए अनेक निःशुल्क सुविधाएं शुरू की जाएंगी, जैसे सिकलसेल की जांच, डायलिसिस, पैथोलॉजी जांच आदि। पं. जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर में हृदय रोग के उपचार हेतु ‘स्टेमी मॉडल’ की स्थापना की जाएगी। ‘मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना’ के तहत आदिवासी बहुल अंचलों में स्वास्थ्य जांच, इलाज तथा दवा वितरण की सुविधा का विस्तार किया जा रहा है। देश में विद्युत आपूर्ति की सबसे विश्वसनीय व्यवस्था छत्तीसगढ़ में विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता देश में सर्वाधिक है। बिजली प्रदाय में सुधार के लिए सिर्फ 6 माह में 316 नए उपकेन्द्र, 280 उपकेन्द्रों का काम पूरा हो चुका है। पुराने उपकेन्द्रों में 210 नए ट्रांसफार्मर लगाने तथा क्षमता बढ़ाने के काम किए गए हैं। बिजली की ट्रांसमिशन क्षमता सिर्फ छह माह में 5 प्रतिशत से बढ़कर 7 हजार 790 एम.वी.ए. हो गई है। सरगुजा में छत्तीसगढ़ की बिजली पहुंचाने और गरियाबंद में कनेक्टिविटी की समस्या हल करने के ऐसे इंतजाम किए गए हैं, जिसका इंतजार बरसों से था। किसानों को निःशुल्क बिजली देने की योजना का लाभ 5 लाख किसानों को मिल रहा है। अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के किसानों को तो पूरी खपत पर बिजली बिल से छूट दी गई है। छत्तीसगढ़ के लिए पंडित नेहरू का योगदान अवस्मरणीय मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पंडित जवाहर लाल नेहरू की नीतियों से भिलाई इस्पात संयंत्र, एनटीपीसी, एनएमडीसी, एसईसीएल, बाल्को सहित राज्य के तमाम सार्वजनिक उपक्रम, राज्य विद्युत मण्डल आदि स्थापित हुए। क्या भिलाई इस्पात संयंत्र की तरह सामाजिक-आर्थिक, सामुदायिक, शैक्षिक विकास का कोई मॉडल दूसरा बन पाया है और यदि नहीं तो हमें अपने महान पुरखों के योगदान को कमतर आंकने का क्या हक है। आज इस पावन अवसर तथा इस पवित्र मंच से मैं संकल्प पूर्वक कहना चाहता हूं कि हम गांधी-नेहरू की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। इस दिशा में काम करते हुए सभी तरह की अधोसंरचना का विकास हमारी प्राथमिकता है। राज्य में 200 फूड पार्कों की होगी स्थापना राज्य में कृषि और वन उत्पादों में रोजगार की अपार संभावनाओं को देखते हुए 200 फूड पार्क स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 67 विकासखंडों में फूड पार्क की स्थापना हेतु भूमि का चिन्हांकन किया जा चुका है। छत्तीसगढ़ के उद्योगों का उत्पादन बढ़े तथा राज्य में उत्पादित सामानों को राज्य में बड़ा बाजार मिले, इसके लिए हम जैम पोर्टल के स्थान पर अपना ‘छत्तीसगढ़ ई प्रोक्योरमेंट सिस्टम पोर्टल’ विकसित कर रहे हैं। पहुंच विहीन गांवों में सड़क सम्पर्क के लिए ‘जवाहर सेतु योजना’ मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के पहुंच विहीन गांवों में सड़क सम्पर्क स्थापित करने के लिए ‘जवाहर सेतु योजना’ के अंतर्गत 100 पुलों के निर्माण की कार्य योजना बनाई गई है। विगत 6 माह में 1547 किलोमीटर सड़कें, 41 बड़े पुलों का निर्माण पूरा किया गया है तथा 110 पुलों का कार्य प्रगति पर है। नक्सल प्रभावित अंचल में 261 किलोमीटर सड़कें बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पिछड़े हुए काम को गति देकर इसे ग्रामीण अधोसंरचना का आधार बनाने में हमारी सरकार ने बीते 6 माह में बड़ी उपलब्धि अर्जित की है और देश में अव्वल आए हैं। ‘पौनी-पसारी’ बाजार प्रणाली को जीवित करने का निर्णय मुख्यमंत्री ने कहा कि विलुप्त होती सांस्कृतिक विरासत ‘पौनी-पसारी’ बाजार प्रणाली को जीवित करने के लिए सभी नगरीय निकायों में ऐसे 255 बाजारों का विकास किया जाएगा। गुमाश्ता लायसेंस के हर साल नवीनीकरण से छूट दी गई है, जिसके कारण कारोबारियों को काफी राहत मिली है। जमीन की खरीदी-बिक्री पर लगी रोक हटाने से लगभग 60 हजार रजिस्ट्री हुई है और इससे कई परिवारों की खुशियां लौटी हैं। जमीन की कलेक्टर गाइड लाइन दर में 30 प्रतिशत की कमी करने से कई परिवारों को सपने साकार होने लगे हैं। मकान व फ्लैट की रजिस्ट्री शुल्क 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की गई है। नामांतरण, डायवर्सन, बटांकन का सरलीकरण किया गया है। ‘मोर जमीन-मोर मकान’ में 1.60 लाख परिवारों को सहायता मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मोर जमीन-मोर मकान’ के अंतर्गत 1 लाख 60 हजार परिवारों को आवास निर्माण सहायता दी गई है। ‘मोर आवास-मोर चिन्हारी’ योजना के अंतर्गत तालाब पार, डूबान क्षेत्र व अन्य योजनाओं से प्रभावित परिवारों के लिए नगर निगम क्षेत्रों में बहुमंजिला फ्लैट्स के निर्माण में तेजी लाई गई है, जिससे हितग्राही को मात्र 75 हजार रू. में घर मिलेंगे। नगरीय निकायों को जनोपयोगी विकास कार्यों के लिए 300 करोड़ रूपए जारी किए गए हैं। ‘डीएमएफ’ का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण, रोजगार, सुपोषण हेतु मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई और छत्तीसगढ़ महतारी की कोख के संसाधनों का दुरूपयोग कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब ‘डीएमएफ’ की शासी परिषद में जिला कलेक्टर के स्थान पर प्रभारी मंत्री अध्यक्ष तथा विधायकगण सदस्य होंगे। इस राशि का उपयोग खनन प्रभावित अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण, रोजगार, जीवनस्तर उन्नयन, सुपोषण आदि जनोपयोगी कार्यों के लिए होगा तथा व्यय होने वाली राशि का सामाजिक अंकेक्षण किया जाएगा। सरकार नक्सल समस्या को दशकों से देख-समझ रहे हर वर्ग के लोगों से बातचीत कर हल करेगी। इसकी शुरुआत हमने बस्तर से की गई है। यह सिलसिला आगे भी जारी रखेंगे। हमारी ‘विश्वास, विकास और सुरक्षा’ की त्रिवेणी के कारण नक्सलवादी गतिविधियों पर अंकुश लगा है। अपनी संस्कृति को सहेजने की पहल मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी परम्पराओं का सम्मान करते हुए और संस्कृति का विस्तार करते हुए ही हम अपने लक्ष्यों तक पहुंच सकते हैं। इसके लिए हमने ‘राजिम माघी पुन्नी मेला’ का नाम देकर जो शुरूआत की थी उसे नए सार्वजनिक अवकाश घोषित कर विस्तार दिया है। हरेली, तीजा, माता कर्मा जयंती, विश्व आदिवासी दिवस एवं छठ पूजा के नए सार्वजनिक अवकाश से प्रदेश में अभूतपूर्व उत्साह जागा है। ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ का संकल्प हमारा लक्ष्य है कि जीवन स्तर उन्नयन के साथ प्रति व्यक्ति आय बढ़े और गरीबी दर में निर्णायक कमी आए। मुझे विश्वास है कि ‘नवा छत्तीसगढ़’ के निर्माण की नई सोच और नए कार्यों से आप सबको अपने पुरखों के सपने पूरे होने और छत्तीसगढ़ राज्य के गठन की सार्थकता का बोध हो रहा होगा। ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ का संकल्प हम सब मिलकर पूरा करेंगे।
  • स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा
    गौठान की सुचारू व्यवस्था के लिए निश्चित तौर पर समाज की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। हमारी सरकार की तरफ से गौठान समितियों को प्रतिमाह 10 हजार रूपए की सहायता दी जाएगी, जिससे गौठान में काम करने वाले चरवाहों को मानदेय देने सहित अन्य इंतजाम किए जाएंगे। घोषणा-1 गौठान की सुचारू व्यवस्था के लिए निश्चित तौर पर समाज की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। हमारी सरकार की तरफ से गौठान समितियों को प्रतिमाह 10 हजार रूपए की सहायता दी जाएगी, जिससे गौठान में काम करने वाले चरवाहों को मानदेय देने सहित अन्य इंतजाम किए जाएंगे। घोषणा- मुझे यह कहते हुए बहुत खुषी है कि हमारे प्रदेश का अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग तबका काफी शांतिप्रिय ढंग से अपने अधिकारों की बात करता रहा है। उनके संविधान सम्मत अधिकारों की रक्षा करना हमारा कर्त्तव्य है। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए आज मैं यह घोषणा करता हूं कि अब प्रदेश निवासी अनुसूचित जनजाति को 32 प्रतिषत, अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत तथा अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जाएगा। : घोषणा- छत्तीसगढ़ में हाथियों की आवा-जाही से कई बार जान-माल की हानि होती है। इसकी एक बड़ी वजह है, हाथियों को उनकी पसंदीदा जगह पर रहने की सुविधा नहीं मिल पाना भी है। इस दिशा में भी हमने गंभीरता से विचार किया है और आज मैं ‘लेमरू एलीफेंट रिजर्व’ की घोषणा करता हूं। यह दुनिया में अपनी तरह का पहला ‘एलीफेंट रिजर्व’ होगा, जहां हाथियों का स्थाई ठिकाना बन जाने से उनकी अन्य स्थानों पर आवा-जाही तथा इससे होने वाले नुकसान पर भी अंकुश लगेगा और जैव विविधता तथा वन्य प्राणी की दिशा में प्रदेश का योगदान दर्ज होगा।
  • दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल के संयुक्त चालक दल एवं गार्ड बुकिंग बी.एम.वाई.  में महिला विश्राम कक्ष का शुभारंभ
    रायपुर 14-08-2019 को श्रीमती रेखा कौशल, अध्यक्षा (सेक्रो) दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन रायपुर मंडल के कर कमलों द्वारा संयुक्त चालकदल एवं गार्ड बुकिंग लॉबी बी.एम.वाई. के महिला विश्राम कक्ष का उद्घाटन किया गया । इस कक्ष का लाभ इस लॉबी से जुडे हुए सभी महिला चलकर्मियों लोको पायलेट एवं सहायक लोको पायलेट एवं लॉबी एवं लॉबी परिसर के विभिन्न कार्यालयों मे कार्यरत महिला ऑफिस स्टॉफ को मिलेगा । इस अवसर पर सेक्रो अध्यक्षा ने लॉबी प्रांगण में वृक्षारोपण किया कैंटीन में खानपान की व्यवस्था को देखा एवं कैंटीन की साफ-सफाई को देखकर हर्ष जाहिर किया । उस परिसर मे कार्यरत विभिन्न महिला कर्मियों से संपर्क कर उनके कार्य तथा उससे संबंधित समस्याओं की चर्चा करते हुए उनका प्रोत्साहन किया। इस कक्ष का प्रावधान लॉबी से जुडी महिला कर्मियों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इस कक्ष में उनकी निजता एवं विश्राम हेतु पूर्ण पृथक व्यवस्था है जिससे उन्हे कार्यस्थल पर एक सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण की अनुभूती हो एवं उनका मनोबल बढे। इस उदघाटन कार्यक्रम में श्रीमती रेखा कौशल, अध्यक्षा सेक्रो/रायपुर सहित सेक्रो-रायपुर की विभिन्न पदाधिकारीगण एवं विद्युत परिचालन विभाग के शाखाधिकारी श्री उत्पल डे- वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (परिचालन) / रायपुर विशेष रूप से उपस्थित थे। तदोपरांत अध्यक्षा सेक्रो व पदाधिकारियों द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे उप मंडल चिकित्सालय/बी.एम.वाई. अंतरंग विभाग में भर्ती मरीजो से मुलाकात की एवं उनके हालचाल को जाना और उन्हें दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली । सभी मरीजों को बिस्किट, फल एवं टॉवल प्रदान किए । बी.एम.वाई. रेलवे चिकित्सालय में अध्यक्षा सेक्रो सहित अन्य पदाधिकारियाँ भी उपस्थित रही एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी. के. टोप्पो एवं डॉ. शांतिपुर्ती, डॉ. ए. बी. केरकेट्टा, अपर मुख्य चिकित्साधीक्षक, एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे ।
  • परम्परागत कृषि उत्पादों को संरक्षित करने का प्रयास सराहनीय: सुश्री उइके
    रायपुर, 14 अगस्त 2019/ राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से आज यहां राजभवन में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. एस. के. पाटिल ने सौजन्य भेंट की। डॉ. पाटिल ने कृषि विश्वविद्यालय एवं उनके कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा विकसित किए गए महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी दी। राज्यपाल ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा ग्रामीणों को विलुप्त हो रहे कोदो, कुटकी एवं रागी जैसे प्रजातियों की खेती को बढ़ावा देने और किसानों को इन उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने के लिए स्वयंसहायता समूहों के माध्यम से किया गया कार्य वाकई सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इससे हमारी परम्परागत कृषि उत्पाद और प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग हो रहा है और उनके उत्पादक भी आर्थिक रूप से सशक्त भी हो रहे हैं। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किए गए जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए समय-समय पर मिले पुरस्कारों के लिए बधाई दी। डॉ. पाटिल ने राज्यपाल को बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रदेश में विभिन्न स्वयंसहायता समूहों को कोदो, कुटकी, चावल को प्रसस्कृत करने और पैकेजिंग करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है और तैयार उत्पाद को बाजार में विक्रय किया जा रहा है। इनके लिए मशीनें भी विश्वविद्यालय ने उपलब्ध कराई है। डॉ. पाटिल ने बताया कि स्वयंसहायता समूह द्वारा कोरिया में गिर गाय की शुद्ध घी का प्रोडक्ट तैयार किया गया है। इसके साथ ही सुगंधित पौधों-फूलों से साबुन तैयार किया जा रहा है, जो सस्ती कीमतों पर उपलब्ध कराई जा रही है। यही साबुन शॉपिंग मॉल में महंगे दामों पर उपलब्ध रहती है। इसके साथ ही मुनगे का पावडर भी तैयार किया जा रहा है, जो काफी पौष्टिक है।
  • राज्यपाल सुश्री उइके ने राजभवन में किया ध्वजारोहण
    रायपुर, 15 अगस्त 2019/ राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज सुबह राजभवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सम्मान गार्ड की सलामी ली तथा परेड का निरीक्षण किया। राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि देश के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और राष्ट्र नायकों के अथक संघर्ष, बलिदान और त्याग के कारण ही, आज हम अमन-चैन की सांस ले रहे हैं। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहूति देने वाले शहीदों को नमन करते हुए कहा कि वीर सपूतों के बलिदान को सदैव याद रखना चाहिए। राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से कहा कि वे जहां पर भी जिस दायित्व में कार्य कर रहे हैं, उसे पूरी तरह समर्पण भाव से करें, यही सच्ची देश सेवा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी लोगों के सक्रिय सहयोग और भागीदारी से ही हमारा राज्य और देश विकास की राह पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा। राज्यपाल ने इस अवसर पर राजभवन सचिवालय के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों से भेंट कर, स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर राज्यपाल ने राजभवन के कर्मचारियों के बच्चों से बड़ी आत्मीयता से मुलाकात की और उन्हें टॉफी-मिठाई वितरित की। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री सुरेन्द्र कुमार जायसवाल, विधि सलाहकार श्री एन. के. चन्द्रवंशी, उप सचिव श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित राजभवन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
  •  कई सालों बाद...कल एक साथ छलकेगा देशभक्ति... और भाई-बहन का प्यार...

    रायपुर इस साल 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन देशभर में भाई-बहन का प्यार और देश के लिए प्यार एक साथ छलकेगा। क्योंकि इस साल 15 अगस्त के ही दिन रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाएगा। इस बार कई सालों बाद रक्षाबंधन पर पूरा दिन राखी बांधने का शुभ मुहूर्त होगा।

    इस साल नहीं होगा भद्रा का साया
    काफी सालों बाद इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं होगा। यानि इस बार अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए बहनों के पास पूरे 12 घंटे का शुभ मुहूर्त होगा। पूर्णिमा तिथि 14 अगस्त शाम करीब 4 बजे से शुरू होकर 15 अगस्त शाम 6 बजे तक रहेगी। इस साल रक्षाबंधन पर सौभाग्य योग और विजय मुहूर्त जैसे संयोग बन रहे हैं। इस साल राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 5 बजकर 49 मिनट से शाम 6 बजे तक रहेगा।

  • रक्षाबंधनः जानिए शुभ मुहूर्त...राखी बांधने का सही तरीका...महत्‍व और मान्‍यताएं...

     रायपुर। रक्षाबंधन  सिर्फ त्‍योहार नहीं बल्‍कि एक ऐसी भावना है जो रेशम की कच्‍ची डोरी के जरिए भाई-बहन के प्‍यार को हमेशा-हमेशा के लिए संजोकर रखती है.रक्षा बंधन का त्‍योहार हिन्‍दू धर्म के बड़े त्‍योहारों में से एक है, जिसे देश भर में धूमधाम और पूरे हर्षोल्‍लास के साथ मनाया जाता है. यह त्‍योहार भाई-बहन के अटूट रिश्‍ते, बेइंतहां प्‍यार, त्‍याग और समर्पण को दर्शाता है. इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी या रक्षा सूत्रबांधकर उसकी लंबी आयु और मंगल कामना करती हैं. वहीं, भाई अपनी प्‍यारी बहना को बदले में भेंट या उपहार देकर (Rakhi Gifts) हमेशा उसकी रक्षा करने का वचन देते हैं. यह इस त्‍योहार की खासियत है कि न सिर्फ हिन्‍दू बल्‍कि अन्‍य धर्म के लोग भी पूरे जोश के साथ इस त्‍योहार को मनाते हैं. 

    रक्षाबंधन का महत्‍व 
    रक्षाबंधन हिन्‍दू धर्म के सभी बड़े त्‍योहारों में से एक है. खासतौर से उत्तर भारत में इसे दीपावली या होली की तरह ही पूरे हर्षोल्‍लास के साथ मनाया जाता है. यह हिन्‍दू धर्म के उन त्‍योहारों में शामिल है जिसे पुरातन काल से ही मनाया जा रहा है. यह पर्व भाई बहन के अटूट बंधन और असीमित प्रेम का प्रतीक है. यह इस पर्व की महिमा ही है जो भाई-बहन को हमेशा-हमेशा के लिए स्‍नेह के धागे से बांध लेती है. देश के कई हिस्‍सों में रक्षाबंधन को अलग-अलग तरीके से भी मनाया जाता है. महाराष्‍ट्र में सावन पूर्णिमा के दिन जल देवता वरुण की पूजा की जाती है. रक्षाबंधन को सलोनो नाम से भी जाना जाता है. मान्‍यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्‍नान करने के बाद सूर्य को अर्घ्‍य देने से सभी पापों का नाश हो जाता है. इस दिन पंडित और ब्राह्मण पुरानी जनेऊ का त्‍याग कर नई जनेऊ पहनते हैं. 

    रक्षाबंधन की तिथि (Raksha Bandhan Date Time) 
    रक्षाबंधन सावन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है. इस बार रक्षाबंधन का त्‍योहार गुरुवार को है इसलिए इसका महत्‍व और ज्‍यादा बढ़ गया है. इस दिन भद्र काल नहीं है और न ही किसी तरह का कोई ग्रहण है. यही वजह है कि इस बार रक्षाबंधन शुभ संयोग वाला और सौभाग्‍यशाली है.
    पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 14 अगस्‍त 2019 को रात 9 बजकर 15 मिनट से
    पूर्णिमा तिथि समाप्‍त: 15 अगस्‍त 2019 को रात 11 बजकर 29 मिनट तक

    राखी बांधने का शुभ मुहूर्त (Rakhi Muhurat)
    मान्‍यताओं के अनुसार रक्षाबंधन के दिन अपराह्न यानी कि दोपहर में राखी बांधनी चाहिए. अगर अपराह्न का समय उपलब्‍ध न हो तो प्रदोष काल में राखी बांधना उचित रहता है. कहा जाता है कि भद्र काल में बहनें अपने भाइयों को राखी नहीं बांधती हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रावण की बहन ने भद्र काल में उसे रक्षा सूत्र बांधा था, जिससे रावण का सर्वनाश हो गया था. इस बार राखी बांधने का मुहूर्त काफी अच्छा है. बहनें सूर्यास्त से पूर्व तक भाइयों को राखी बांध सकती हैं
    राखी बांधने का समय: 15 अगस्‍त 2019 को सुबह 10 बजकर 22 मिनट से रात 08 बजकर 08 मिनट तक 
    कुल अवधि: 09 घंटे 46 मिनट
    अपराह्न मुहूर्त: 15 अगस्‍त 2019 को दोपहर 01 बजकर 06 मिनट से दोपहर 03 बजकर 20 मिनट तक
    कुल अवधि: 02 घंटे 14 मिनट
    प्रदोष काल में राखी बांधने का मुहूर्त: 15 अगस्‍त 2019 को शाम 05 बजकर 35 मिनट से रात 08 बजकर 08 मिनट तक  

    राखी बांधने की पूजा विधि
    रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, संपन्‍नता और खुशहाली की कामना करती हैं. वहीं भाई अपनी बहन को कपड़े, गहने, पैसे, तोहफे या कोई भी भेंट देकर उनकी रक्षा का वचन देते हैं. रक्षाबंधन के दिन अपने भाई को इस तरह राखी बांधें: 
    - सबसे पहले राखी की थाली सजाएं. इस थाली में रोली, कुमकुम, अक्षत, पीली सरसों के बीज, दीपक और राखी रखें. 
    - इसके बाद भाई को तिलक लगाकर उसके दाहिने हाथ में रक्षा सूत्र यानी कि राखी बांधें. 
    - राखी बांधने के बाद भाई की आरती उतारें. 
    - फिर भाई को मिठाई खिलाएं. 
    - अगर भाई आपसे बड़ा है तो चरण स्‍पर्श कर उसका आशीर्वाद लें. 
    - अगर बहन बड़ी हो तो भाई को चरण स्‍पर्श करने चाहिए. 
    - राखी बांधने के बाद भाइयों को इच्‍छा और सामर्थ्‍य के अनुसार बहनों को भेंट देनी चाहिए. 
    - ब्राह्मण या पंडित जी भी अपने यजमान की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते हैं. 
    - ऐसा करते वक्‍त इस मंत्र का उच्‍चारण करना चाहिए: 
    ॐ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
    तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।

    रक्षाबंधन से जुड़ी पौराणिक मान्‍यताएं

    भारत में रक्षाबंधन मनाने के कई धार्मिक और ऐतिहासिक कारण है. पौराणिक मान्‍यताओं के अनुसार रक्षाबंधन मनाने के पीछे कई कथाएं प्रचलित हैं: 
    वामन अवतार कथा: असुरों के राजा बलि ने अपने बल और पराक्रम से तीनों लोकों पर अधिकार कर लिया था. राजा बलि के आधिपत्‍य को देखकर इंद्र देवता घबराकर भगवान विष्‍णु के पास मदद मांगने पहुंचे. भगवान विष्‍णु ने वामन अवतार धारण किया और राजा बलि से भिक्षा मांगने पहुंच गए. वामन भगवान ने बलि से तीन पग भूमि मांगी. पहले और दूसरे पग में भगवान ने धरती और आकाश को नाप लिया. अब तीसरा पग रखने के लिए कुछ बचा नहीं थी तो राजा बलि ने कहा कि तीसरा पग उनके सिर पर रख दें.

    भगवान वामन ने ऐसा ही किया. इस तरह देवताओं की चिंता खत्‍म हो गई. वहीं भगवान राजा बलि के दान-धर्म से बहुत प्रसन्‍न हुए. उन्‍होंने राजा बलि से वरदान मांगने को कहा तो बलि ने उनसे पाताल में बसने का वर मांग लिया. बलि की इच्‍छा पूर्ति के लिए भगवान को पाताल जाना पड़ा. भगवान विष्‍णु के पाताल जाने के बाद सभी देवतागण और माता लक्ष्‍मी चिंतित हो गए. अपने पति भगवान विष्‍णु को वापस लाने के लिए माता लक्ष्‍मी गरीब स्‍त्री बनकर राजा बलि के पास पहुंची और उन्‍हें अपना भाई बनाकर राखी बांध दी. बदले में भगवान विष्‍णु को पाताल लोक से वापस ले जाने का वचन ले लिया. उस दिन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि थी और मान्‍यता है कि तभी से  रक्षाबंधन मनाया जाने लगा.