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  • भारतीय रेलवे की12 मई से 15 जोड़ी ट्रेनों में सफर के नियम

    COVID  19 चेतावनी:

    COVID 19 के दौरान, आप अपने स्वास्थ्य के लिए स्वयं जिम्मेदार हैं:

    फेस मास्क का प्रयोग करें, सोशल डिस्टन्सिंग बनाए रखें और हाथों को बार-बार धोएं |

    भारतीय रेलवे की योजना है कि चरणबद्ध तरीके से 12 मई, 2020 से 15 जोड़ी ट्रेनों (30 वापसी यात्रा) के साथ यात्री ट्रेन संचालन को फिर से शुरू किया जाए नई दिल्ली स्टेशन से डिब्रूगढ़, अगरतला, हावड़ा, पटना, बिलासपुर, रांची, भुवनेश्वर, सिकंदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, तिरुवनंतपुरम, मडगाँव, मुंबई सेंट्रल, अहमदाबाद और जम्मू तवी को जोड़ने वाली इन ट्रेनों को विशेष ट्रेनों के रूप में चलाया जाएगा।

    इन ट्रेनों में आरक्षण के लिए बुकिंग 11 मई को शाम 6 बजे से शुरू  - केवल IRCTC की वेबसाइट (https://www.irctc.co.in/) और IRCTC रेल कनेक्ट ऐप पर उपलब्ध होगी।

    खानपान सेवा उपलब्ध नहीं होगी और खानपान शुल्क किराया में शामिल नहीं है।

    भारतीय रेलवे द्वारा 17 मई 2020 तक रद्द की गई ट्रेनों के लिए, पूर्ण वापसी आईआरसीटीसी द्वारा स्वचालित रूप से प्रदान की जाएगी। उपयोगकर्ताओं को अपने ई-टिकट को रद्द करने की आवश्यकता नहीं है। पूर्ण किराया वापस उन उपयोगकर्ताओं के खातों में जमा किया जाएगा जहाँ से भुगतान किया गया

    ट्रेन में कोई कंबल और लिनन प्रदान नहीं किया जाएगा।

  • वेबपोर्टल के माध्यम से फल, सब्जी, दुध और दुग्ध उत्पाद की घर पहुंच सेवा उपलब्ध

    लॉकडाउन की अवधि में लोगों को फल-सब्जी और दुग्ध उत्पाद घर बैठे ही आसानी से उपलब्ध हो सके इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फल-सब्जी ऑनलाइन डिलीवरी वेबसाइट सीजीहाट का  गत दिनों लोकार्पण किया था ।

    कलेक्टर डॉ एस. भारतीदासन ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वेबपोर्टल (http//cghaat.in ) के माध्यम से फल, सब्जी, दुध और दुग्ध उत्पाद की घर पहुंच सेवा उपलब्ध कराने के लिए जिले में वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की । कोई भी क्रेता और विक्रेता ऑनलाइन वेबसाइट पर जाकर  अपना पंजीयन करा कर खरीदी-बिक्री कर सकता है। रायपुर जिले में इस कार्य को नागरिकों द्वारा अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। जिले में 70 विक्रेता पंजीकृत, 6 हज़ार 655 ग्राहक इसका लाभ उठा कर घर बैठे बाजिब दाम में अपने मनपसंद पंजीकृत विक्रेता से  फल , सब्जी, दूध मंगा चुके हैं ।

     फल-सब्जी,दुध और दुग्ध उत्पाद  के वेंडर जो इस पोर्टल के माध्यम से सेवा देना चाहते हैं, वे इस पर ऑनलाइन अपना पंजीयन कर सकते हैं। कलेक्टर द्वारा उनका अनुमोदन होते ही वे इस पोर्टल के माध्यम से आर्डर प्राप्त करना तथा घर पहुंच सेवा देना प्रारंभ कर सकते हैं। वेडरों के लिए यह सुविधा निःशुल्क प्रदाय की जा रही है।  फल-सब्जी खरीदने के इच्छुक ग्राहक इस पोर्टल पर पंजीयन करके अपने पसंद के वेंडर को ऑनलाइन आर्डर दे सकते हैं। ग्राहकों के लिए भी पंजीयन निःशुल्क है।

    इसमें फल एवं सब्जी का मूल्य ग्राहकोें को ऑनलाइन दिखाई पड़ेगा, 200 रूपए से अधिक मूल्य की खरीदी पर कोई डिलीवरी शुल्क भी नहीं लगेगा। वेबसाइट में एसएमएस नोटिफिकेशन तथा आर्डर ट्रैकिंग की व्यवस्था भी की गई है। इसके अतिरिक्त किसी प्रकार की शिकायत होने पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे।

        इस कार्य के सुचारू संचालन करने के लिए एन आर साहू, अपर कलेक्टर रायपुर को नोडल अधिकारी मोबाइल नंबर 98271- 71271 और संदीप कुमार अग्रवाल,संयुक्त कलेक्टर को अतिरिक्त नोडल अधिकारी मोबाइल नंबर 74158-41725 तथा श्रीमती कीर्ति शर्मा को तकनीकी नोडल अधिकारी मोबाइल नंबर 70006-69050  का दायित्व सौंपा  है।  ऑनलाइन खरीदी बिक्री  में किसी प्रकार की समस्या आने पर इन  मोबाइल नंबर पर सम्पर्क कर निराकरण कर सकते है।

    औगौरतलब है कि लॉकडाउन की अवधि में फल-सब्जी , दुध आदि की दुकानें खुली रखने की अनुमति दी गई है फिर भी फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए यह अच्छा होगा कि फल एवं सब्जी की घर पहुंच सेवा ऑनलाइन आर्डर करने पर लोगों को मिल सके। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन की एजेंसी चिप्स द्वारा फल एवं सब्जी , दुध घर बैठे ऑनलाइन आर्डर करने और घर पहुंच सेवा देने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया है जिसे सीजीहाट नाम दिया गया है।
     

  • मीडिया पर बढ़ते अवमानना के मुद्दे पर मद्रास उच्च न्यायालय ने अपनाया कठोर रुख
    मीडिया पर बढ़ते अवमानना के मुद्दे पर मद्रास उच्च न्यायालय ने कठोर रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे केस कुछ राजनीतिज्ञों व कारोबारियों के लिए मीडिया को डराने का हथियार बन गए हैं. उच्च न्यायालय ने इस कड़ी टिप्पणी के साथ ही दो पत्रकारों व एक अंग्रेजी दैनिक अखबार के विरूद्ध चल रही अवमानना मामलों की सुनवाई रद्द कर दी. जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने हाल ही में इन मामलों को खारिज करते हुए कहा, आपराधिक मानहानि के मुद्दे उन कारोबारी संस्थाओं व शक्तिशाली राजनेताओं के लिए धमकाने का एक साधन बन गए हैं, जिनके हाथ बहुत ज्यादा लंबे हैं. मीडिया को किसी भी मामले पर स्टोरी लिखने का हक है जज ने कहा, मीडिया को किसी मामले पर स्टोरी प्रस्तुत करने का हक है. जब उच्च न्यायालय ने रेत के गैरकानूनी खनन के आरोपों पर नोटिस जारी किया व जब यह सवाल सार्वजनिक तौर पर उठाया गया तो इस स्टोरी को छापने का अधिकार मीडिया को है. मामूली गलती पर अदालती सुनवाई का मतलब नहीं जज ने रिपोर्टिंग में मात्र छोटी गलतियों को देखते हुए बोला कि अभियोजन पक्ष ऐसी छोटी गलती पर अदालती कार्यवाही प्रारम्भ करने का औचित्य साबित नहीं कर सकते हैं. हमेशा गलतियों को सुधारा जा सकता है. हालांकि, यह सुधार तथ्यों व परिस्थितियों पर निर्भर करेगी.
  • कांग्रेसी विधायक अपनी सरकार पर पूर्ण शराबबंदी लागू करने दबाव डाले : धरमलाल कौशिक

    राज्य सरकार शराब बेचकर अनैतिक कमाई कर रही - - दूसरी ओर केन्द्र सरकार को शराब बिक्री की अनुमति देने के लिए कोस रही हैं। 

     

    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस नेताओं को प्रदेश में शराब के कारोबार को रोकने के लिए दबाव बनाने की चुनौती दी है। श्री कौशिक ने कहा कि इस सम्बन्ध में कांग्रेस नेताओं ने पहले भाजपा शासित राज्यों में शराब के कारोबार को रोकने की बात कहते हुए कहा था कि उसके बाद भाजपा के लोग कांग्रेस सरकार से शराब कारोबार बन्द करने के लिए कहें।
    नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने कहा कि उत्तरप्रदेश के भाजपा सांसद सत्यदेव पचैरी और साक्षी महाराज सहित भाजपा विधायक सुरेन्द्र सिंह ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से राज्य में शराब बिक्री की अनुमति देने के फैसले की समीक्षा करने का आग्रह किया है। भाजपा नेताओं ने कहा है कि राजस्व संग्रह के लिए लोगों के जीवन के साथ समझौता करना सही नहीं है, क्योंकि शराब बिक्री के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए बेहद मुश्किल है और कोरोना संकट के चलते लॉकडाउन में शराब दुकानें नहीं खोली जानी चाहिए। श्री कौशिक ने कहा कि भाजपा में लोकतंत्र अभी मजबूती के साथ कायम है और उसके जनप्रतिनिधियों में अपनी ही सरकार के फैसले पर पुनः समीक्षा करने की बात कहने का नैतिक साहस है। क्या छत्तीसगढ़ कांग्रेस के बड़बोले नेताओं, सांसदों और विधायकों में प्रदेश सरकार के फैसले के खिलाफ एक शब्द भी बोलने का नैतिक साहस बचा है?
    नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस और राज्य सरकार शराब बेचकर अनैतिक कमाई कर रही वही दूसरी ओर केन्द्र सरकार को शराब बिक्री की अनुमति देने के लिए कोस रही हैं। केन्द्र सरकार के खिलाफ मिथ्या प्रलाप करते कांग्रेस नेताओं को नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने चुनौती दी है कि यदि बड़ी-बड़ी दुहाई देने के बाद भी कांग्रेस में लोकतंत्र नाम की कोई चीज बची हो तो वे और कांग्रेस के सांसद-विधायक प्रदेश सरकार के शराब दुकानें खोलने के फैसले पर पुनर्विचार करने का दबाव बनाएं। श्री कौशिक ने कहा कि राजस्व संग्रह के लिए अन्य स्रोतों पर विचार किया जाना चाहिए और शराब बिक्री को ही राजस्व संग्रह का एकमात्र स्रोत नहीं मानना चाहिए, क्योंकि इससे व्यक्तियों के स्वास्थ्य के साथ-साथ समाज का स्वास्थ्य भी खतरे में पड़ता है। उन्होंने कहा कि लॉकडौन के समय छत्तीसगढ़ शांति का टापू था लेकिन जैसे ही शराब की बेरोकटोक बिक्री चालु हुई है प्रदेश अशांत हो चला है । शराब के नशे में जंहा अपने माता व पिता की हत्या की घटना सुनाई पड़ी वही शराब ने घरो की शान्ति भंग कर डाली है यह बहुत ही चिंता की बात है । राज्य सरकार यदि छत्तीसगढ़ की शुभ चिंतक है तो उसे अपनी गंगा की कसम पूर्ण तुरंत करते हुए पूर्ण शराबबंदी लागू करना चाहिए ।

  • रायपुर किस तरह साफ सुथरा होगा ? कैसे  स्मार्ट होगा ?
    रायपुर को स्मार्ट बनाने साफ सुथरा रखने सर्व सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिन पर जिम्मेदारी है उस कार्यालय का नाम है रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड और ऐसा महत्वपूर्ण कार्यालय स्वयं गंदगी के बीच में रहे तो आप सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं कि रायपुर किस तरह साफ सुथरा होगा ? - कैसे स्मार्ट होगा रायपुर ? - करोड़ों रुपए प्रतिमाह रायपुर नगर निगम सीमा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली नालियों - नालो सड़कों गलियों चौक चौराहों बाजारों की साफ सफाई के लिए सफाई ठेकेदारों सफाई कर्मचारियों पर खर्च किए जाते हैं | परंतु मॉनिटरिंग के अभाव में या यूं कहें की मिलीभगत के कारण पूरे शहर के बड़े और मुख्य नाले गंदगी से भरे रहते हैं और इनकी साफ-सफाई पर खर्च होने वाला रुपया बंदरबांट में चला जाता है | आप जो यह नाला देख रहे हैं यह राजधानी को साफ सुथरा और स्मार्ट बनाने वाले कार्यालय के प्रांगण में मुख्य द्वार के सामने ही है | अब राजधानी को साफ सुथरा रखने की जिस पर जिम्मेदारी हो वह खुद अपना घर अपना कार्यालय ही साफ सुथरा ना रख पाए, तब आप स्वयं ही अंदाजा लगा लीजिए रायपुर स्मार्ट सिटी प्राइवेट लिमिटेड की उपयोगिता पर आप कितना भरोसा कर सकते हैं ? उसकी कार्यप्रणाली पर आप कितना भरोसा कर सकते हैं ? उनके अधिकारियों पर आप कितना भरोसा कर सकते हैं ? और इनके अंतर्गत कार्य करने वाले ठेकेदार और कर्मचारियों पर आप इतना भरोसा कर सकते हैं ? CG 24 न्यूज़ चैनल चैनल आपको लगातार शहर के ऐसे स्थानों की जानकारी देता रहेगा, वह भी प्रमाण सहित |
  • शराब दुकान में लाठीचार्ज -

    शराब की ब्रेकिंग न्यूज़

     लालपुर शराब दुकान में पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज -

    एक दूसरे के ऊपर गिरते पड़ते भागे लोग

    शराब के सामने लाक डाउन - सोशल डिस्टेंसिंग हुआ फेल

    मास्क के बगैर शराब के शौकीन भीषण गर्मी में कर रहे मशक्कत

  • राजधानी में नहीं खुली शराब की दुकानें
    *शराब ब्रेकिंग न्यूज़* राजधानी रायपुर में नहीं खुली शराब की दुकानें - शहर की दुकानें खोलने शासन की तैयारी पूरी नहीं - ग्रामीण इलाकों में आबकारी विभाग ने खोली शराब की दुकानें - सरकार असमंजस की स्थिति में !
  • शराब की बिक्री कल से शुरू वह भी घर पहुंच सुविधा के साथ
    छत्तीसगढ़ शासन आबकारी विभाग ने 4 मई से शराब दुकान खोलने का फरमान प्रदेश के सभी कलेक्टरों को जारी कर दिया है यह पत्र 3 मई को जारी किया गया है जिसमें उल्लेख किया गया है कि गृह मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली का आदेश क्रमांक नंबर 40 -3 /2020 - DM - I(A) दिनांक 1:05 2020 के हवाले का उल्लेख करते हुए आदेश जारी किया गया है इसके अनुसार भारत सरकार द्वारा जारी काइलन के अनुक्रम में ग्रीन ऑरेंज एवं रेड जोन में दिनांक 4 मई 2020 से मदिरा दुकाने खोले जाने की बात कहीं गई है प्रदेश में सभी शराब दुकानें सुबह 8:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक अथवा जिले में निर्धारित की गई लाग डाउन की अवधि तक संचालित की जाएगी शराब दुकानों से प्रति व्यक्ति दो बोतल तथा बियर की 4 बोतलें निर्धारित हैं परंतु लॉक डाउन के दौरान दुकानों में होने वाली भीड़ में कमी लाने के उद्देश्य से देशी-विदेशी विक्रय सीमा 3000ml से बढ़ाकर 5000 एमएल कर दी गई है साथ ही भीड़ को कम करने के उद्देश्य से प्रीमियम शराब दुकानों से भी चीप रेंज की शराब बेचने की बात की गई है | सबसे महत्वपूर्ण बात इस आदेश में या है की सोशल डिस्टेंसिंग के उद्देश्य से डिलीवरी ब्वॉय के माध्यम से मदिरा प्रदाय किए जाने तथा इस हेतु दिलबरी बाई की नियुक्ति प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से करने एवं मदिरा की डिलीवरी की दरों का निर्धारण डिलीवरी ब्वॉय प्रदान करने वाली एजेंसी के अनुसार की जाएंगी इस प्रकार वाणिज्यकर आबकारी विभाग के अवर सचिव मरियानुस तिग्गा के हस्ताक्षर से जारी यह आदेश शराब प्रेमियों के लिए खुशखबरी है - CG 24 News - Singhitra
  • लाक डाउन  के दौरान केरल से बिलासपुर कैसे पहुंचे माननीय ? - प्रशासन की लापरवाही या -----?
    हाई कोर्ट छत्तीसगढ़ के चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन केरल से बिलासपुर कैसे पहुंचे ? -
     बड़ा सवाल ? -
    जानकारी के मुताबिक चीफ जस्टिस 23 मार्च को बिलासपुर हाईकोर्ट में जजों की मीटिंग में उपस्थित थे |
    मीटिंग में केंद्र सरकार द्वारा घोषित लाक डाउन के आदेश का पालन करते हुए कोविड-19 वायरस के मद्देनजर हाईकोर्ट सहित प्रदेश के सभी न्यायालयों की कार्यवाही पर रोक लगा दी गई थी -
     
    चीफ जस्टिस पी आर रामचंद्र मेनन 23 मार्च को छुट्टी पर केरल चले गये और 24 तारीख को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिनों के लाकडाउन की घोषणा कर दी, जिसके कारण चीफ जस्टिस वापस नहीं आ पाए - 21 दिनों के लाक डाउन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाक डाउन 2 की घोषणा 19 दिनों के लिए पुनः कर दी गई जो कि 3 मई तक के लिए निर्धारित था -
    अब ऐसे में बिलासपुर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस 25 अप्रैल को केरल से रायपुर कैसे पहुंचे ? 
     - यह प्रश्नवाचक सवाल प्रदेश शासन सहित जिला प्रशासन की लापरवाही उजागर करता है |
     
     
    अब ऐसे में सवाल उठता है कि जब लॉक डाउन 3 मई तक के लिए निर्धारित था और चीफ जस्टिस एन केन प्रकारेण केरल से बिलासपुर पहुंच ही गए तो प्रदेश सरकार सहित जिला प्रशासन द्वारा उन्हें क्वॉरेंटाइन क्यों नहीं किया गया ? - और दूसरी तरफ चीफ जस्टिस की जिम्मेदारी बनती थी कि वह आने के बाद 14 दिनों तक होम क्वॉरेंटाइन में रहते |
     अब सवाल यह उठता है कि इतने बड़े प्रतिष्ठित पद पर नियुक्त चीफ जस्टिस के मामले को संज्ञान में लेकर उन्हें क्वॉरेंटाइन किया जाता है या नहीं ? - देखने वाली बात है| CG 24 News - Reporter Mannu Manikpuri
  • जनधन खातों से अंतिम अंक के अनुसार निर्धारित तिथि को निकाल सकेंगे रुपए
    प्रधानमंत्री जनधन खाता में रुपया जमा होना हुआ प्रारंभ लाभार्थी खाते के अंतिम अंक के अनुसार निर्धारित तिथि को निकाल सकेंगे पैसा कोरोना वायरस के मद्देनजर कलेक्टर ने सोसिअल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के दिए निर्देश रायपुर, 01मई 2020/ कोरोना वायरस के विश्वव्यापी आपदा से उत्पन्न संकट में राहत के लिए भारत सरकार के घोषणा के अनुसार राज्य की महिलाओं के प्रधानमंत्री जन धन योजना अंतर्गत खोले गए समस्त खातों में 3 माह तक प्रतिमाह 500 रुपए जमा होना प्रारंभ हो गया है। खाते में राशि जमा होने का क्रम खाता संख्या के अंतिम अंक के हिसाब से होगा जिसके अनुसार जिन खातों का अंतिम अंक 0 या 1 है,उन खातों से 4 मई को राशि का भुगतान किया जाएगा।जिन खातों का अंतिम अंक 2 या 3 है,उन खातों से राशि का भुगतान 5 मई को किया जाएगा।जिन खातों का अंतिम अंक 4 या 5 है,उन खातों से राशि का भुगतान 6 मई को किया जाएगा । इसी तरह जिन खातों का अंतिम अंक 6 या 7 है,उन खातों से राशि का भुगतान 8 मई को किया जाएगा।जिन खातों का अंतिम अंक 8 या 9 है,उन खातों से राशि का भुगतान 11मई को किया जाएगा । कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार महिला प्रधानमंत्री जनधन खाता से रुपया निकालने के लिए महिलाओं को अलग-अलग दिनों में खाता संख्या के अंतिम अंक के हिसाब से बैंक,एटीएम,बीसी केंद्र में जाना चाहिए।खातों से राशि ग्राहक सेवा केंद्र अथवा एटीएम से रुपए कार्ड द्वारा भी निकाली जा सकती है।बीसी केंद्र सुबह 7बजे से शाम 7बजे तक खुले रहेंगे और बैंक की शाखाएं अपने नियमित समय पर कार्यरत रहेंगी। यह राशि निर्धारित तारीख के बाद कभी भी निकाली जा सकती है तथा अन्य समस्त योजनाओं के लाभार्थी 11 मई के बाद कभी भी बैंक, एटीएम और बीसी के माध्यम से राशि निकाल सकते हैं।उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लाभार्थियों को आहरण हेतु ज्यादा से ज्यादा एटीएम मशीन, रूपए कार्ड द्वारा ही आहरण करना चाहिए। एटीएम ,बैंक शाखा अथवा बीसी केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ करने से बचना चाहिए एवं सभी लोगों को कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाकर खड़ा होना चाहिए।
  • मुख्यमंत्र बघेल ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र :  उधार की सीमा जीएसडीपी के 6 प्रतिशत और वित्तीय घाटा 5 प्रतिशत रखने का किया अनुरोध

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर 22 मार्च से लागू तालाबंदी के कारण राज्य के सामने आ रही वित्तीय कठिनाईयों की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया है। श्री बघेल ने प्रदेश में जरूरतमंद लोगों को राहत देने सहित राज्य के कामकाज के संचालन और विकास गतिविधियों के लिए अधिक आर्थिक संसाधन जुटाने के उद्देश्य से राज्य को इस वर्ष उधार की सीमा जीएसडीपी के 6 प्रतिशत तक शिथिल करने और राज्य का वित्तीय घाटा भी इस वर्ष अपवाद के रूप में जीएसडीपी का 5 प्रतिशत के बराबर रखने की सहमति प्रदान करने का अनुरोध किया। 
    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र में लिखा है कि कोरोना वायरस रोग 19 महामारी के प्रसार को रोकने के प्रभावी कदम के रूप में 22 मार्च 2020 से छत्तीसगढ़ सहित देश में की गई सम्पूर्ण तालाबंदी के कारण सभी आर्थिक गतिविधियां बंद है, जिससे राज्य के राजस्व में हानि हुई है। संपूर्ण तालाबंदी ने समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सबसे अधिक प्रभावित किया है, जिनमें विशेषकर दैनिक आय अर्जित करने वाले, श्रमिक, छोटे दुकानदार एवं अधिकांश ग्रामीण परिवार शामिल है। यह फसलों की कटाई का भी समय है, जिनमें किसानों को फसल काटने तथा उसे बेचकर जीवन यापन में कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ में समाज के इन वर्गाें की जनसंख्या अधिक है, अतः उन्हें केन्द्र सरकार द्वारा राहत प्रदान करने के लिए की गई पहल के अलावा राज्य द्वारा कई प्रकार के सामाजिक एवं आर्थिक उपायों के माध्यम से उचित राहत प्रदान करना एक कठिन कार्य है। 
    श्री बघेल ने लिखा है कि राज्य के सभी विभागों को वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए बजट आवंटन जारी किया जा चुका है एवं मूलभूत आवश्यकताओं के लिए व्यय हेतु आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता है। वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राज्य को इस वित्तीय वर्ष के प्रथम 9 माह के लिए राज्य की शुद्ध उधार सीमा के 50 प्रतिशत के बराबर 5375 करोड़ रूपए के बाजार ऋण की सहमति प्रदान की गई है। जो कि इस अवधि में व्यय की पूर्ति के लिए अपर्याप्त है। चूंकि इस वर्ष राज्य की राजस्व प्राप्तियों में कमी की आशंका है, अतः राज्य की शुद्ध उधार सीमा तथा राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित वित्तीय घाटे की सीमा (राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 3 प्रतिशत) में शिथिलीकरण आवश्यक है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय से ही वित्तीय अनुशासन का कड़ाई से पालन करने वाला राज्य रहा है तथा वर्तमान में यह सबसे कम ऋण भार (जीएसडीपी का 19.2 प्रतिशत) तथा सबसे कम ब्याज भुगतान (कुल राजस्व प्राप्तियों का 7.4 प्रतिशत) करने वाला राज्य है। 
    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखा है कि आपदा के समय असाधारण उपायों की आवश्यकता होती है, अतः राज्य को इस वर्ष उधार की सीमा जीएसडीपी के 6 प्रतिशत तक शिथिल करते हुए सहमति दी जाए। साथ ही राज्य का वित्तीय घाटा भी इस वर्ष अपवाद के रूप में जीएसडीपी का 5 प्रतिशत के बराबर रखे जाने की भी सहमति प्रदान की जाए। वित्तीय आपदा की इस घड़ी में राज्य द्वारा यथासंभव मितव्ययता के लिए उठाए जा रहे अन्य कदमों के साथ-साथ इन शिथिलताओं से कुछ राहत मिलेगी।
    मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि सम्पूर्ण देश तथा छत्तीसगढ़ में आयी इस आपदा के कठिन समय में केन्द्र सरकार द्वारा राज्य की इन न्यायोचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। यह उपाय चालू वित्तीय वर्ष में हमारे आवश्यक व्ययों की पूर्ति करने में काफी सहायक होंगे।

  • सरकार को अपने केंद्र एवं प्रदेश के सभी विभागों के हर तरह से टेक्स् पूरी तरह माफ कर देना चाहिए -

    सरकार को अपने केंद्र एवं प्रदेश के सभी विभागों के हर तरह से टेक्स् पूरी तरह माफ कर देना चाहिए -

    देश में व्यापारियों का व्यापार बंद परंतु सरकार का व्यापार लगातार जारी - क्यों ?

    *लॉक टाउन में सरकारों का भी व्यापार होना चाहिए बंद - कोरोना वायरस जैसी भीषण महामारी पूरी दुनिया उसके कब्जे में -* *उससे निपटने के लिए हर संभव किए जा रहे हैं प्रयास -* भारत की बात करें तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाया जिसका पूरे देश ने शत-प्रतिशत पालन किया - उसके बाद 24 मार्च की रात से 21 दिनों का लॉक डाउन देश की जनता ने सहर्ष स्वीकार किया - स्थिति को कंट्रोल में करने के लिए दूसरी बार 19 दिनों का लाक डाउन जो 3 मई तक चलेगा - अर्थात 40 दिनों तक पूरा हिंदुस्तान बंद - सब को घरों में रहने का आदेश, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग ही बीमारी का इलाज - 40 दिनों तक पूरे हिंदुस्तान का हर व्यवसाय बंद रहेगा, जिसके कारण अरबों खरबों रुपए का नुकसान - बड़े-बड़े उद्योग, फैक्ट्रियां बंद होने से भारी आर्थिक नुकसान - अनेक उद्योग बंद होने की कगार पर - 

     

    गरीब मजदूर और रोज कमाने खाने वाले छोटे व्यापारी मुश्किल में - यह सब करना मजबूरी भी था क्योंकि प्रधानमंत्री का संदेश है की जान है तो जहान है इसी स्लोगन के आधार पर उन्होंने लोगों को बीमारी से बचने और स्वस्थ रहने के लिए व्यापार धंधे बंद कर घरों मे रहने का निवेदन किया - अब हम आते हैं मुख्य बात की ओर जब भीषण महामारी के कारण करोना वायरस के कारण पूरा देश लाक डाउन हैं और व्यापार धंधे सब बंद हैं, तब सरकार को भी चाहिए कि इस दौरान हर तरह के टैक्स उसे भी माफ कर देना चाहिए - जब पूरे देश के लोग चाहे अमीर हो या गरीब मुश्किल से गुजारा कर रहे हैं तो सरकार किस आधार पर लोगों से टैक्स वसूली कर रही है - इस भीषण महामारी के दौरान खास करके लाक डाउन के दौरान और आगे भी जो जो परिस्थितियां निर्मित होंगी, स्थिति को सामान्य होने में जो समय लगेगा तब तक सरकार को अपने केंद्र एवं प्रदेश के सभी विभागों के हर तरह से टेक्स् पूरी तरह माफ कर देना चाहिए - साथ ही लोगों को अपने खजाने से राहत का पैकेज भी देना चाहिए - आखिर सरकार ने इतने बरसों में टैक्स के रूप में जो पैसा इकट्ठा किया है वह आखिर किस दिन काम आएगा ? - और क्यों सरकारें इस दौरान अपना व्यापार चालू रखेंगी - सरकारों का व्यापार टैक्स वसूलना होता है तो वह टैक्स के रूप में वसूली का व्यापार क्यों चालू रखेंगे - जब पूरे देश का हर वर्ग नुकसान सह रहा है तो सरकारें अपना नुकसान क्यों नहीं सहेंगी ?