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  • Kangana ranaut पर देश की सबसे चर्चित पहली FIR - सिख समाज द्वारा

    *Big breaking* बड़ी खबर* फिल्म अभिनेत्री कंगना राणावत के खिलाफ मुंबई के खार पुलिस स्टेशन में देशद्रोह की धारा के अंतर्गत जुर्म दर्ज* फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा सिख समाज के खिलाफ अनर्गल, अश्लील, भड़काऊ बयान इंस्टाग्राम में दिए जाने के बाद देश का सिख समाज उद्वेलित हो गया है | दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने विगत दिनों वीडियो जारी कर कंगना और उसके माता-पिता को चेतावनी दी थी कि अपनी बेटी को समझा ले | शायद कंगना रनौत अपने माता-पिता की बातों को नहीं मानती है, माता-पिता मजबूर होंगे |

    आखिरकार मुंबई के खार पुलिस थाने में सिख समाज की शिकायत पर हिंदुस्तान की पहली एफ आई आर 295/A के तहत राष्ट्र विरोधी, धर्म विरोधी धाराओं के अंतर्गत कंगना रनौत के खिलाफ आखिरकार जुर्म दर्ज हो ही गया| हम आपको बता दें कि इससे पहले की खबरों में हमने बताया था कि सिख समाज कभी भी कमजोर नहीं रहा है और हमेशा से ही सरबत का भला के उद्देश्य से चलता है, सेवा समर्पण की भावना से चलता है, परंतु यदि सिख समाज पर, उनके धर्म पर और उनको लेकर अगर कोई अनर्गल बयानबाजी और अनर्गल आरोप लगाता है तो सिख समाज किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करता | उसके बावजूद भी सिख समाज का नियम है कि पहले चेतावनी परंतु अगर ना माने तो फिर हद पार करने वालों को माफ नहीं किया जाता| यह तो शुरुआत है पहली f.i.r. है और अब ऐसी f.i.r. हिंदुस्तान के हर प्रदेश के हर जिले में होगी और अंदाज लगा ले JB 29 प्रदेशों के 29 जिलों अर्थात 29 को 29 से गुणा करें 9000 जिलों में जुर्म दर्ज होने के बाद क्या शासन-प्रशासन, केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार, पुलिस प्रशासन उसे गिरफ्तार नहीं करेगा! और आप मान लीजिए अगर पुलिस प्रशासन ने उसे इतनी एफ आई आर के बाद अगर गिरफ्तार नहीं किया तो इससे स्पष्ट समझा जाएगा कि कंगना रनौत केंद्र सरकार की भाजपा के समर्थन से बच रही है जो देश का सिख समाज बर्दाश्त नहीं करेगा | कंगना रनौत की सिख विरोधी, सिख समाज विरोधी, सिखों को पैरों के तले रौंद ने वाली वाले बयान और धर्म विरोधी बयानों के तहत कार्यवाही करवा कर उससे परमानेंट जेल के अंदर भेजने के लिए हर तरह के आंदोलन, धरना - प्रदर्शन , उग्र तरीकों को करने से पीछे नहीं हटेंगे |

  • Kangana ranaut पर देश की सबसे चर्चित पहेली एफ आई आर - सिख समाज द्वारा
    *Big breaking* बड़ी खबर* फिल्म अभिनेत्री कंगना राणावत के खिलाफ मुंबई के खार पुलिस स्टेशन में देशद्रोह की धारा के अंतर्गत जुर्म दर्ज फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा सिख समाज के खिलाफ अनर्गल अश्लील भड़काऊ बयान इंस्टाग्राम में दिए जाने के बाद देश का सिख समाज उद्वेलित हो गया है | दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने विगत दिनों वीडियो जारी कर कंगना और उसके माता-पिता को चेतावनी दी थी कि अपनी बेटी को समझा ले | शायद कंगना रनौत अपने माता-पिता की बातों को नहीं मानती है माता-पिता मजबूर होंगे आखिरकार मुंबई के खार पुलिस थाने में सिख समाज की शिकायत पर हिंदुस्तान की पहली एफ आई आर 295 बटाए के तहत राष्ट्र विरोधी धर्म विरोधी धाराओं के अंतर्गत कंगना रनौत के खिलाफ आखिरकार जुर्म दर्ज हो ही गया हम आपको बता दें कि इससे पहले की खबरों में हमने बताया था कि सिख समाज कभी भी कमजोर नहीं रहा है और हमेशा से ही सरबत का भला के उद्देश्य से चलता है सेवा समर्पण की भावना से चलता है परंतु यदि सिख समाज पर उनके धर्म पर और उनको लेकर अगर कोई अनर्गल बयानबाजी और अनर्गल आरोप लगाता है तो सिख समाज किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करता उसके बावजूद भी सिख समाज का नियम है कि पहले चेतावनी परंतु अगर ना माने तो फिर हद पार करने वालों को माफ नहीं किया जाता यह तो शुरुआत है पहली f.i.r. है और अब ऐसी f.i.r. हिंदुस्तान के हर प्रदेश के हर जिले में होगी और जब अंदाज लगा ले 29 प्रदेशों के 29 जिलों अर्थात 29 को 29 से गुणा करें 9000 जिलों में जुर्म दर्ज होने के बाद क्या शासन-प्रशासन केंद्र सरकार प्रदेश सरकार पुलिस प्रशासन उसे गिरफ्तार नहीं करेगा और आप मान लीजिए अगर पुलिस प्रशासन ने उसे इतनी एफ आई आर के बाद अगर गिरफ्तार नहीं किया तो इससे स्पष्ट समझा जाएगा कि कंगना रनौत केंद्र सरकार की भाजपा के समर्थन से बच रही है जो देश का सिख समाज बर्दाश्त नहीं करेगा कंगना रनौत की सिख विरोधी सिख समाज विरोधी सिखों को पैरों के तले रौंद ने वाली वाले बयान और धर्म विरोधी बयानों के तहत कार्यवाही करवा कर उससे परमानेंट जेल के अंदर भेजने के लिए हर तरह के आंदोलन धरना प्रदर्शन उग्र तरीकों को करने से पीछे नहीं हटेंगे |
  • पेट्रोल डीजल की दरों में कमी सिर्फ दिखावा - विशेष ध्यान देने योग्य बातें
    छत्तीसगढ़ सरकार ने पेट्रोल डीजल की दरों को कम करने के लिए पेट्रोल में 1% और डीजल में 2% की कमी करके छत्तीसगढ़ की जनता को बेवकूफ बनाने का प्रयास किया है | वाह रे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी शराब पर तो आप लगाते हैं 5% टैक्स, और पेट्रोल डीजल में करते हैं 1% की कमी इसे जनता को लुभाने वाला बेवकूफ बनाने वाला फार्मूला नहीं कहा जाए तो और क्या कहा जाए | उल्लेखनीय है कि करोना महामारी के दौरान प्रदेश की भूपेश सरकार ने शराब पर 5% प्रतिशत का सेस टैक्स लगाकर राजस्व में अंधाधुंध वृद्धि की, परंतु केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी के दबाव में आकर जब पेट्रोल डीजल में वैट टैक्स कम करने की बारी आई तो मात्र 1% और 2% - एवरेज देखा जाए तो यह डेढ़ प्रतिशत के लगभग कमी है | *मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने करोना महामारी की समाप्ति के बाद भी शराब पर लगाया गया सेस हटाया नहीं है क्यों ? जनता जानना चाहती है |* अब बात करें प्रदेश के राजस्व घाटे की तो प्रदेश सरकार को समझ लेना चाहिए की शराब पर सेस लगाकर आप प्रतिमाह हजारों करोड रुपए पिछले पौने 2 साल से लगातार वसूलते आ रहे हैं उस सेस टैक्स की कुल राशि कितनी हुई है ? अब भी अगर आपको प्रदेश के राजस्व की चिंता है तो पेट्रोल और डीजल में वेट टैक्स में 7% की कमी करें और इसकी भरपाई अर्थात 2% शराब पर टैक्स लगाकर कर लें क्योंकि 5% टैक्स आप पहले ही शराब पर ले रहे हैं उसमें 2% की बढ़ोतरी और करेंगे तो अगर आपके द्वारा पेट्रोल और डीजल में 7% की कमी की जाती है तो उसकी भरपाई हो जाएगी | CG 24 News
  • CG Govt. पेट्रोल-डीज़ल के दाम में की गयी कटौती - डीज़ल में VAT पर 2% की कमी petrol 1%

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में पेट्रोल डीजल पर घटाया २ % वैट - 

    CM Bhupesh Baghel 

     

    मुख्यमंत्री @bhupeshbaghel  द्वारा #छत्तीसगढ़ की जनता को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय Down-pointing red triangleपेट्रोल-डीज़ल के दाम में की गयी बड़ी कटौती Down-pointing red triangleडीज़ल में VAT पर 2%  & Petrol में 1 % की कमी

    विधायक बृजमोहन का पलटवार 

    प्रधानमंत्री जी द्वारा पेट्रोल में 5रु. व डीजल में 10रु. कम करने पर हाहाकार मचाने वाली कांग्रेस पार्टी व उनकी प्रदेश सरकार ने आज पेट्रोल में 78 पैसे व डीजल में 1.44रु. की भारी कमी कर जनता के साथ कैसा क्रूर मजाक किया है। इसी को कहते हैं "ऊंट के मुंह में जीरा"।

     
  • सिख समाज के खिलाफ कंगना रनौत की इंस्टाग्राम पर टिप्पणी से आक्रोश, दिल्ली साइबर सेल में शिकायत
    ‘कंगना को जेल में डालो या मेंटल अस्पताल में’ – खालिस्तानी वाली बात पर शिरोमणि अकाली दल के नेता की शिकायत कंगना रनौत पर भड़के मनजिंदर सिरसा ने शिकायत दर्ज कराई बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ शिरोमणि अकाली दल के नेता और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने शनिवार (20 नवंबर 2021) को आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई ​है। तीन कृषि कानूनों को वापस लेने पर कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम पर तीखी टिप्पणी की थी। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सिरसा ने कहा कि अभिनेत्री को या तो जेल में डाल देना चाहिए या फिर मेंटल अस्पताल में भर्ती करा देना चाहिए। उन्होंने एक्ट्रेस पर आरोप लगाया, “कंगना का बयान उनकी घटिया मानसिकता को उजागर करता है। उनका यह कहना कि खालिस्तानी आतंकवादियों के कारण तीन कृषि कानूनों को वापस किया गया, किसानों का अपमान है। वह नफरत फैलाने की फैक्ट्री हैं।” सिरसा ने ट्विटर पर इस शिकायत को पोस्ट किया है और आरोप लगाया है कि यह इंस्टाग्राम पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल, अपमानजनक पोस्ट के लिए दर्ज कराई गई है। मनजिंदर सिंह सिरसा ने सरकार से कंगना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग करते हुए कहा, “हम इंस्टाग्राम पर उनके आपत्तिजनक पोस्ट से आहत हैं। सरकार को उनकी सुरक्षा और पद्मश्री सम्मान को तुरंत वापस ले लेना चाहिए। या फिर उन्हें किसी मेंटल हॉस्पिटल या जेल में रखा जाना चाहिए।” अभिनेत्री कंगना रनौत ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की सराहना करते हुए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, ”उन्होंने खालिस्तानियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की थी।” अभिनेत्री ने लिखा, ”खालिस्तानी आतंकवादी आज भले ही सरकार को झुका सकते हैं, लेकिन एक महिला को मत भूलना। एकमात्र महिला प्रधानमंत्री ने इनको अपनी जूती के नीचे कुचल दिया था। भले ही उन्होंने देश को कितनी भी तकलीफ दी हो, उन्होंने अपनी जान की कीमत पर उन्हें मच्छरों की तरफ कुचल दिया था, लेकिन देश के टुकड़े नहीं होने दिए।” ‘क्वीन’ की ​एक्ट्रेस ने आगे लिखा, ”उनकी मृत्यु के दशकों बाद भी उसके नाम से काँपते हैं ये, इनको वैसा ही गुरु चाहिए।”
  •  कंगना नफरत की फैक्टरी बन चुकी हैं - मनजिंदर सिंह सिरसा

     कंगना नफरत की फैक्टरी बन चुकी हैं - मनजिंदर सिंह सिरसा

    कंगना के खिलाफ मंदिर मार्ग पुलिस थाने की साइबर सेल में शिकायद दर्ज 

    बॉलिवुड ऐक्ट्रेस कंगना रनौत के एक विवादित बयान पर दिल्ली की सिख गुरुद्वारा प्रबंध कमिटी भड़क गई है. कमिटी ने शनिवार को कंगना रनौत के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.

    कंगना ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में सिख समुदाय के बारे में अपमानजनक भाषा में लिखा है. कंगना के खिलाफ मंदिर मार्ग पुलिस थाने की साइबर सेल में शिकायद दर्ज कराई गई है. 

    कमिटी ने अपनी शिकायत में कहा है कि कंगना रनौत ने अपने हालिया पोस्ट में जानबूझकर और इरादे से किसान आंदोलन को खालिस्तानी आंदोलन बताया है. इसके साथ ही उन्होंने सिख समुदाय को खालिस्तानी आतंकवादी कहा है. शिकायत में आगे कहा गया है कि कंगना ने सिख समुदाय के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है. कंगना ने जानबूझकर सिख समुदाय की भावनाएं आहत करने के लिए आपराधिक इरादे से इस पोस्ट को शेयर किया है.

    दरअसल, कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा कि, खालिस्तानी आतंकवादियों ने भले ही आज सरकार की बांह मरोड़ दी हो... लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि एक महिला... केवल महिला प्रधानमंत्री ने इनको कुचल दिया था...चाहे इससे देश को कितना भी कष्ट हुआ हो... उन्होंने अपनी जान की कीमत पर इन्हें मच्छर की तरह मसल दिया था लेकिन देश के टुकड़े नहीं होने दिए. उनके निधन के दशकों बाद आज भी उनके नाम पर कांपते हैं ये... इनको वैसा ही गुरु चाहिए

    इस बीच शिरोमणि अकाली दल के नेता और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंध कमिटी के प्रेसिडेंट मनजिंदर सिंह सिरसा ने कंगना के पोस्ट पर तीखी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि या तो ऐक्ट्रेस को जेल में डाला जाए या उनको मेंटल हॉस्पिटल में भेज दिया जाए. सिरसा ने अपने एक बयान में कहा, 'कंगना का स्टेटमेंट उनकी चीप मेंटेलिटी को दर्शाता है. यह कहना की तीनों कृषि कानून खालिस्तानी आंदोलन के कारण वापस लिए गए, यह एक तरह से किसानों का अपमान है. वह नफरत की फैक्टरी बन चुकी हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'हम इंस्टाग्राम पर ऐसे नफरत भरे पोस्ट करने के लिए सरकार से सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग करते हैं. कंगना की सिक्यॉरिटी और पद्म श्री को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए. उनको या तो जेल भेजा जाए या मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती कराया जाए

     

     

  • दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों भूपेश बघेल ने अवार्ड ग्रहण किया

    बात है अभिमान की! आप सबको बधाई Trophy छत्तीसगढ़ को स्वच्छ अमृत महोत्सव कार्यक्रम में सबसे स्वच्छ राज्य श्रेणी में आज पुरस्कृत किया गया है। आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी के हाथों यह अवार्ड ग्रहण किया।

    बात है अभिमान की! आप सबको बधाईTrophy छत्तीसगढ़ को स्वच्छ अमृत महोत्सव कार्यक्रम में सबसे स्वच्छ राज्य श्रेणी में आज पुरस्कृत किया गया है। आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी के हाथों यह अवार्ड ग्रहण किया। #ChhattisgarhNumber1
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    https://twitter.com/bhupeshbaghel/status/1461942250477260802 

  • स्कूली शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम के बंगले के बाहर छात्रों का धरना प्रदर्शन नारेबाजी

    प्रदेश के अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रावास में व्यवस्थाओं एवं शासकीय कमियों को लेकर अनेक छात्र छात्राएं प्रदेश के स्कूली शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम के बंगले पर एकत्रित होकर अपनी 9 सूत्री मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन नारेबाजी कर रहे हैं

    उल्लेखनीय है कि 15 नवंबर को इनके द्वारा मंत्री को ज्ञापन दिया गया था उस पर कोई संज्ञान नालिया जाने से नाराज अनेक छात्र छात्राएं स्कूली शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम के बंगले पर एकत्र हो गए और धरने पर बैठ गए बंगले के गेट के सामने धरना प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया |

     

    एससी एसटी वर्ग के छात्र-छात्राओं की मांग है कि हॉस्टल में प्रवेश संबंधी उम्र सीमा को शिथिल किया जाए | 50% छात्रों को हॉस्टल में रहने देने की जो शर्त रखी गई है उसे हटाया जाए | आदिम जाति कल्याण विभाग को शिक्षा विभाग में सम्मिलित किया गया है उसे पूर्व की भांति अलग किया जाए | राजधानी के डीडी नगर स्थित नवीन स्नातकोत्तर बालक छात्रावास जैसी सुविधाएं प्रदेश के सभी हॉस्टल में की जाए | आदिम जाति कल्याण विभाग में अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति का ही आयुक्त होना चाहिए | हॉस्टलों में रहकर पढ़ाई करने वाले sc-st छात्र-छात्राएं स्कूली शिक्षा मंत्री के बंगले के बाहर सरकार विरोधी एवं मंत्री विरोधी नारेबाजी कर अपना विरोध प्रकट कर रहे हैं |

  • कंगना रनौत के आजादी वाले बयान पर केंद्र सरकार को सामने आना पड़ेगा ?
    अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा भारत की आजादी 1947 में नई 2014 में हुई है के बयान पर केंद्र सरकार को संज्ञान लेना चाहिए | केंद्र सरकार कंगना रनौत के बयान को मद्देनजर रखते हुए स्पष्ट करें कि क्या भारत की आजादी 1947 में नहीं हुई ? *क्या भारत की आजादी के लिए भगत सिंह, राजगुरु सुखदेव ने अपना बलिदान नहीं दिया ?* *भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी किसी मर्डर,लूट, बैंक डकैती या रेप के लिए हुई थी ?* *शहीद भगत सिंह, राजगुरु सुखदेव के बलिदान दिवस को हिंदुस्तान क्यों मनाता है ?* *जलियांवाला बाग में खून खराबा क्यों हुआ* अपने शरीर का प्रदर्शन करके नग्न प्रदर्शन करके फिल्मों के माध्यम से अनेक लोगों के साथ अवैध संबंध बनाकर ग्लैमरस दुनिया में अपना स्थान बनाने वाली एक अभिनेत्री कंगना रनौत देश के लिए बलिदान होने वाले देशभक्तों के खिलाफ इस तरह के अव्यवहारिक, देश के नागरिकों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने, अपनी प्रसिद्धि में बढ़ोतरी करने के उद्देश्य से मीडिया के सामने बनी रहने के प्रयासों के तहत बेवकूफी वाले बयान देती हैं, देशद्रोही वाले बयान देती हैं, लोगों की भावनाओं को भड़काने वाले बयान देती हैं तो ऐसी अभिनेत्री को तुरंत देश के संविधान के तहत सबसे सख्त धारा के अंतर्गत गिरफ्तार कर जेल में डाल देना चाहिए अन्यथा देश के नागरिकों में, महिलाओं में, पुरुषों में और समझदार युवकों में तूफान आ जाएगा| हम कंगना रनौत के बयान की निंदा करते हैं, घोर निंदा करते हैं, ऐसी अभिनेत्री जो मीडिया के सामने स्पष्ट तौर पर बयान देती है कि मैं फैशनेबल कपड़े पहनने, दोस्त बनाने, लिव इन रिलेशन बनाने, मनमानी बोलने की खुली स्वतंत्रता को त्यागना नही चाहती | कंगना रनौत के राष्ट्र विरोधी बयान पर केंद्र सरकार स्पष्ट करे कि 1947 में भारत आजाद नहीं हुआ ? आजाद हुआ भी तो क्या भीख में मिला भारत ? जलियांवाला बाग का नरसंहार क्या देश की आजादी के लिए नहीं था ? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की आजादी के बारे में कंगना रनौत द्वारा पैदा किए गए विवाद पर सामने आकर स्पष्ट करना चाहिए कि क्या भारत 1947 में आजाद हुआ या आप जब प्रधानमंत्री बने तब 1914 में आजाद हुआ ?
  • *प्रदेश में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों पर विराम!*
    *प्रदेश में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों पर विराम!* *दिल्ली से खाली हाथ लौटे मंत्री टीएस सिंहदेव - अढ़ाई साल के फार्मूले पर नहीं हुई कोई चर्चा* *कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री बदलने को लेकर चल रही अटकलों पर कोई चर्चा नहीं करना चाहता !* प्रदेश के पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव आज दिल्ली से वापस लौटे, पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सोनिया गांधी से मुलाकात हुई है | सोनिया गांधी से हुई बातचीत के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि उन से सौजन्य मुलाकात हुई है | अढ़ाई साल के फार्मूले के बारे में पूछने पर मंत्री टी एस सिंहदेव ने कहा कि इसके बारे में कुछ कहने को नहीं है | इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अब शायद वे स्वयं भी मान रहे हैं कि उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं लगभग समाप्त हो चुकी हैं ! परंतु स्पष्ट तौर पर नहीं कह पा रहे हैं | यहां यह उल्लेख करना भी अति आवश्यक है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल के 35 माह पूरे हो चुके हैं अगले महा 17 दिसंबर को उनके कार्यकाल के पूरे 3 साल हो जाएंगे | सीजी 24 न्यूज
  • प्रदेश सरकार अपने एक मंत्री की संलिप्तता को लेकर विचलित है और वह मंत्री व उनके नक्सली कनेक्शन के बेनकाब होने से डरी हुई है : भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल घबराकर नए जांच आयोग का पैंतरा अपना रहे हैं, क्यों घबराई हुई है पूरी कांग्रेस सरकार : भाजपा रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने झीरम मामले में राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उईके को जांच प्रतिवेदन सौपें जाने के बाद कांग्रेस और प्रदेश सरकार की बौखलाहट और एक नए जांच आयोग के गठन की घोषणा से यह साफ हो गया है कि प्रदेश सरकार अपने एक मंत्री की संलिप्तता को लेकर विचलित है और वह मंत्री व उनके नक्सली कनेक्शन के बेनकाब होने से डरी हुई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय झीरम मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राज्यपाल को जांच प्रतिवेदन सौंपे जाने पर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास इस बात का गवाह है कि जब-जब किसी जांच आयोग की रिपोर्ट में उसकी सरकार व पार्टी नेताओं का चरित्र दागदार होता है तो वह जांच आयोग की रिपोर्ट ही गायब कर देती है। ऐसे दसियों उदाहरण दिए जा सकते हैं और शाह आयोग की जांच रिपोर्ट तो इसका सबसे प्रमुख उदाहरण है जिसने आपातकाल की ज्यादतियों की जांच कर अपना प्रतिवेदन जनता सरकार के पतन के बाद पुनः प्रधानमंत्री बने इंदिरा गांधी को सौंपी थी और उसके उसके बाद देश इस जांच प्रतिवेदन के सत्य और तथ्य से ही आज तक नावाकिफ है। श्री साय ने कहा कि सरकार की कैबिनेट के किसी सदस्य की संलिप्तता को देखते हुए जांच आयोग ने अपना प्रतिवेदन सरकार के बजाय यदि राज्यपाल को सौंपा है तो प्रदेश सरकार इतना बिफर क्यों रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नाते मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झीरम मामले के सबूत जेब में रखने की डींगे हांकी थी लेकिन जरूरत पड़ने पर वह सबूत पेश ही नहीं की उल्टे उस एनआईए की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाने और उसमें अड़ंगा डालने में ही अपना वक्त जाया किया। इस मामले की जांच का जिम्मा कांग्रेस नीत यूपीए की केंद्र सरकार ने सन् 2013 में सौंपा था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि किसी भी हत्याकांड या अनहोनी की जांच करते समय पुलिस सबसे पहले यह पता लगाती है कि इससे सर्वाधिक लाभ किसे होना है? अब प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री बघेल को यह साफ करते हुए प्रदेश को बताना चाहिए कि झीरम हत्याकांड का सर्वाधिक लाभ किस राजनीतिक नेता को होना था, और हुआ? श्री साय ने कहा कि यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि इस मामले के एक पुलिस के चश्मदीद मुखबिर से मिलने बिलासपुर कौन गया था, क्यों गया था, और किसने भेजा था? यह मुखबिर बाद में बागी क्यों हो गया था? श्री साय ने कहा कि इस मुद्दे पर अकारण विवाद खड़ा करके और नए आयोग के गठन की बात कहकर मुख्यमंत्री बघेल इस जांच प्रतिवेदन को विधानसभा के पटल पर रखे जाने से रोकने का असंवैधानिक कृत्य कर रहे हैं। इन्हीं सारे तथ्यों, आशंकाओं और कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र के चलते झीरम मामले का जांच प्रतिवेदन राज्यपाल को सौंपा गया श्री साय ने कहा कि झीरम मामले में एक नए आयोग की चर्चा छोड़कर सियासी शोशेबाजी का प्रदर्शन कर रहे हैं और उनके रवैए से निराश कांग्रेस के लोग ही अब मान रहे हैं कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार इस मामले के सच को सामने आने से रोक रही है।
  • अशोक जुनेजा छत्तीसगढ़ के नए डीजीपी
    रायपुर ब्रेकिंग छत्तीसगढ़ के डीजीपी बदले गए डीजीपी डीएम अवस्थी को अब पुलिस अकादमी का प्रभार सीनियर आईपीएस अशोक जुनेजा छत्तीसगढ़ के नए डीजीपी छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी को मुख्यमंत्री की नाराजगी भारी पड़ी। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के दो दिन बाद अवस्थी को पद से हटा दिया गया है। अब अवस्थी से तीन साल जूनियर अशोक जुनेजा छत्तीसगढ़ पुलिस के नए मुखिया होंगे। गृह विभाग ने गुरुवार को यह आदेश जारी कर दिया। 1989 बैच के IPS अशोक जुनेजा अभी एंटी नक्सल ऑपरेशन के महानिदेशक, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल और एसटीएफ के प्रमुख हैं। गृह विभाग से जारी आदेश के मुताबिक जुनेजा को अभी पुलिस महानिदेशक का चालू प्रभार दिया गया है। बताया जा रहा है, इसके लिए केंद्र सरकार से औपचारिक अनुमति की जरूरत होती है। जल्दी ही प्रक्रिया पूरी कर उन्हें पूर्णकालिक नियुक्ति दी जाएगी। अभी तक DGP की जिम्मेदारी संभाल रहे 1986 बैच के डीएम अवस्थी अब राज्य पुलिस अकादमी के महानिदेशक की जिम्मेदारी संभालेंगे। मुख्यमंत्री ने जताई थी नाराजगी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को पुलिस के कामकाज की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने भरी बैठक में कह दिया, मुझे अब आप लोगों से कोई अपेक्षा नहीं बची है। बार-बार कहने के बावजूद पुलिसिंग में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा, उनके सब्र की परीक्षा मत लीजिए। सुधर जाइये नहीं तो मुझे सुधारना आता है। बताया जा रहा है, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की नाराजगी चार वजहों से अधिक थी। इसमें सड़कों पर हो रही चाकूबाजी, जुआ-सट्‌टा का अवैध कारोबार, चिटफंड पर कार्रवाई में ढिलाई और ओडिशा से गांजा तस्करी रोक पाने में पुलिस की नाकामी है। सरकार बदलते ही DGP बने थे अवस्थी भारतीय पुलिस सेवा 1986 बैच के अधिकारी डीएम अवस्थी छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार की विदाई के साथ ही DGP बनाए गए थे। 17 दिसम्बर 2018 को मुख्यमंत्री ने पद की शपथ लेकर सरकार बनाई। 19 दिसम्बर 2018 को 1985 बैच के एएन उपाध्याय को पद से हटाकर पुलिस हाउसिंग बोर्ड कॉर्पोरेशन भेज दिया गया। अब कहा जा रहा है, सरकार ने डीएम अवस्थी से जो अपेक्षाएं पाली थीं, वे ढाई-तीन सालों में पूरी नहीं हुईं। आपराधिक घटनाओं ने सरकार की किरकिरी कराई।