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  • साहू समाज के सामाजिक कार्य लोगों के लिए प्रेरणादायक: हिरवानी
    रायपुर। प्रदेश साहू संघ द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्ति जनजागरण महाअभियान का दूसरा चरण सरगुजा संभाग से शुरु हुआ। जशपुर जिले के बगीचा, बलरामपुर जिले के रामानुजगंज और सरगुजा में लगातार तीसरे दिन प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन हिरवानी के नेतृत्व में चरणबद्ध पदयात्रा का आयोजन किया गया। प्रदेश साहू संघ के मीडिया प्रकोष्ठ के संयोजक कौशल स्वर्णबेर ने बताया कि रामानुजगंज में आयोजित कार्यक्रम में राज्य गौसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि नशा, नाश का सबसे बड़ा कारण है इसलिए इससे दूर रहना ही लोगों के लिए हितकर है। उन्होंने कहा कि नशा न सिर्फ एक घर, एक परिवार को खराब करता है बल्कि पूरे समाज को खराब करने अपनी भूमिका निभाता है। इसलिए जितना हो सके नशे से दूर रहें। प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन हिरवानी ने कहा कि साहू समाज ने समाज सुधार की दिशा में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आज पूरे छत्तीसगढ़ में न सिर्फ प्रदेश सरकार बल्कि अन्य समाज के लोगों द्वारा किया जाने वाले सामूहिक विवाह की शुरुआत सबसे पहले साहू समाज द्वारा की गई थी। यह आज सभी समाजों के महत्वपूर्ण सामाजिक आयोजनों में शामिल हो गया है। कार्यकारी अध्यक्ष शांतनु साहू ने कहा कि साहू समाज नशामुक्ति जनजागरण अभियान के माध्यम से समाज सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसका तात्कालिक परिणाम भले ही न दिखे लेकिन आगे इसका सुखद परिणाम होगा हमें पूरा विश्वास है। अभियान के संयोजक आैर युवा प्रकोष्ठ के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप साहू ने कहा कि युवाआें को नशे से दूर करना ही इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। नशा सस्ता आैर या महंगा हर वर्ग के लोगों को आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इसलिए इसके खिलाफ अभियान बहुत जरूरी है। बगीचा में आयोजित सभा में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा बनारसी लाल गुप्ता, लक्ष्मी गुप्ता,नंदलाल गुप्ता, प्रयागराज साहू, कमलकांत साहू तथा रामानुजगंज में आयोजित सभा आैर पदयात्रा में मध्य प्रदेश तैलिक साहू महासभा के उपाध्यक्ष लखन साहू, गढ़वा जिला झारखंड के उदय गुप्ता, लक्ष्मी गुप्ता, रमेश साहू, राम सेवक गुप्ता, संतोष गुप्ता, चन्द्रभूषण गुप्ता, अविनाश गुप्ता, विनीत गुप्ता, चमरू प्रसाद गुप्ता, बंशीधर गुप्ता, महेंद्र गुप्ता के साथ रामानुजगंज बलरामपुर जिले एवं तहसील के साहू समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पदयात्रा के साथ संकल्प भी दिलाया कार्यक्रम के दौरान चरणबद्ध पदयात्रा का आयोजन किया गया। जिसके तहत रामानुजगंज-बलरामपुर में समाज के लोगों ने कदम से कदम मिलाकर नशे खिलाफ रैली निकालकर लोगों को जागरुक किया। इस कार्यक्रम में उपस्थित समाजिक जनों को जागरूक करते हुए नशा मुक्ति हेतु संकल्प भी दिलाया गया।
  • US Election Results: पढ़िए अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में अब तक क्या-क्या हुआ

    डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बाइडेन राष्ट्रपति बनने के जादुई आंकड़े जो कि 270 है उसके बेहद करीब हैं, लेकिन अभी भी पेंसिल्वेनिया जैसे कई महत्वपूर्ण राज्यों में गिनती जारी है जो कि खेल पलट सकता है और ट्रंप को वापस रेस में ला सकता है.

    अमेरिका में इस वक्त राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है. अधिकतर राज्यों में गिनती पूरी हो गई है लेकिन जिन राज्यों में गिनती चल रही है, वहां के इलेक्टोरल वोट पूरे नतीजे को बदल सकते हैं. अब देखना होगा कि अमेरिका का अगला राष्ट्रपति कौन होता है जो बाइडन या डोनाल्ड ट्रंप ? आइए जानते हैं अब तक क्या क्या हुआ है

     

    1- डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बाइडेन राष्ट्रपति बनने के जादुई आंकड़े जो कि 270 है उसके बेहद करीब हैं, लेकिन अभी भी पेंसिल्वेनिया जैसे कई महत्वपूर्ण राज्यों में गिनती जारी है जो कि खेल पलट सकता है और ट्रंप को वापस रेस में ला सकता है.

     

    2-ट्रंप ने बुधवार रात को घोषणा की कि वह मतगणना पर विवाद की वजह से अदालत का रुख करेंगे. राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान के तीन दिन के बाद पेंसिल्वेनिया में मतपत्रों की गिनती के खिलाफ ट्रंप कोर्ट गए हैं.इसके अलावा भी ट्रंप ने कई अन्य राज्यों में गिनती के खिलाफ कोर्ट का रुख किया है.

     

    3- वोटो की गिनती में अभी और समय लग सकता है क्योंकि लाखों मेल-इन मतपत्रों की गिनती अभी भी की जा रही है और इसे पूरा होने में समय लगेगा. अभी भी 9 राज्य ऐसे हैं जहां वोटों की गिनती जारी है.

     

    4- अमेरिका के इतिहास में ये राष्ट्रपति चुनाव अब तक का सबसे क्लोज फाइट वाला चुनाव है. इससे पहले 1824 में जॉन क्विंसी एडम्स ने हाउस ऑफ रिप्रसेंटेटिव में जीत हासिल की थी जब किसी भी उम्मीदवार को इलेक्टोरल कॉलेज में क्लियर बहुमत नहीं मिला था. 2000 में जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने अल गोर को 271-267 से हराया था.

     

    5- अंतिम परिणाम अभी आना बाकी है लेकिन जो बिडेन ने पहले ही अमेरिका के इतिहास में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार द्वारा प्राप्त सबसे अधिक वोटों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. उन्हें 72,048,770 वोट अब तक मिले हैं, उन्होंने बराक ओबामा का रिकॉर्ड तोड़ा है जिन्हें 2008 में 66,862,039 मिले थे.

     

    6-पांच महिलाओं सहित एक दर्जन से अधिक भारतीय-अमेरिकियों ने राज्य स्तरीय चुनाव जीते हैं. यह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए चार भारतीय-अमेरिकियों के अलावा हैं जिनमें डॉ अमी बेरा, प्रमिला जयपाल, रो खन्ना और राजा कृष्णमूर्थी शामिल हैं.

     

    7- जिस पार्टी से बाइडेन आते हैं उसी पार्टी यानी डेमोक्रेट के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के दौर में ही 1998 में भारत पर पाबंदिया लगाई गयी थीं. उस दौरान भारत में एनडीए सरकार थी यह पाबंदी वाजपेयी सरकार का परमाणु परीक्षण का फैसला लेने की वजह से लगाई गई थी.ऐसे में बाइडेन के राष्ट्रपति बनने पर भारत के लिए कई मुद्दों पर उतार-चढ़ाव नजर आता है. कई मामलों में बाइडेन से भारत को लाभ मिलेगा तो कई मामलों पर बाइडेन की नीतियां भारत के लिए फायदेमंद साबित नहीं होगी.

     

    8- 435 सीटों वाले चैंबर में डेमोक्रेट ने 204 सीटों के साथ रिपब्लिकन पर मामूली बढ़त हासिल की है. सदन में बहुमत के लिए एक पार्टी को 218 सीट की जरूरत है. सुबह 10 बजे (IST) के ताजा खबरों के मुताबिक रिपब्लिकन 190 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थे.

  • Arnab Goswami Arrested: रिपब्लिक टीवी के फाउंडर अर्नब गोस्वामी गिरफ्तार, जानें क्या है मामला

    आज तड़के सुबह अर्नब को उनके घर से गिरफ्तार किया गया. इस दौरान अर्नब ने आरोप लगाया कि मुंबई पुलिस ने उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की है. अर्नब को अलीबाग के कोर्ट में पेश किया जाएगा.

    मुंबई: आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में रिपब्लिक टीवी के फाउंडर व कर्ता धर्ता अर्नब गोस्वामी को रायगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. तड़के सुबह साढ़े 6 बजे रायगढ़ पुलिस और मुम्बई पुलिस की एक टीम अर्नब गोस्वामी के घर पहुंची और हिरासत में लिया. अर्नब को घर से हिरासत में लेकर स्थानीय NM जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में कागज़ी कार्यवाही पूरा करने की जिम्मेदारी एनकाउंटर स्पेसलिस्ट सचिन वज़े को सौंपी गई थी.

     

    क्या है मामला?
    आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला मई 2018 का है. जब 53 साल के अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद नाइक ने अलीबाग के अपने बंगले में खुदकुशी कर ली थी. खुदकुशी के लिए अन्वय नाइक ने एक पत्र में 3 लोगों को जिम्मेदार ठहराया था. अन्वय के सुसाइड पत्र के मुताबिक अर्नब गोस्वामी, फिरोज शेख और नितैश सारडा को जिम्मेदार बताते हुए लिखा था कि मेरे मेहनताने के 5 करोड़ 40 लाख रुपए नहीं मिले, जिसकी वजह से कर्ज में डूबा हूं.

     

    अन्वय नाइक कॉन्कर्ड डिज़ाइन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर थे. अन्वय की मां, कुमुद नाईक भी कंपनी में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में थीं. कॉन्कर्ड डिज़ाइन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने रिपब्लिक टीवी के स्टूडियो और दफ्तर के डिज़ाइन का काम किया था. अन्वय नाइक की पत्नी के मुताबिक, इस काम के बदले कॉन्कर्ड डिज़ाइन कंपनी ने जो बिल दिया था, उसका भुगतान रिपब्लिक टीवी ने नहीं किया. अन्वय के सुसाइड नोट के मुताबिक 5 करोड़ 40 लाख रुपए का भुगतान नहीं करने से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ और आर्थिक तंगी की हालत हो गई. उस वक़्त रिपब्लिक टीवी ने यह स्पष्ट किया था की कॉन्कर्ड डिज़ाइन के साथ हुए करार के मुताबिक उन्हें पूरा भुगतान किया गया था.

     

    इस खुदकुशी के बाद अन्वय की पत्नी की शिकायत और सुसाइड नोट के आधार पर अलीबाग पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था. पर्याप्त सबूत नहीं मिलने और आरोपों में तथ्य न मिलने से रायगढ़ पुलिस ने केस की क्लोजर रिपोर्ट फ़ाइल कर दी थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया था. मई 2020 में महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने अन्वय नाइक की बेटी अदन्या नाइक की लिखित शिकायत पत्र के आधार पर एक बार फिर केस की जांच शुरू करने के आदेश दिए और मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया.

     

    आज तड़के सुबह अर्नब को उनके घर से गिरफ्तार किया गया. इस दौरान अर्नब ने आरोप लगाया कि मुंबई पुलिस ने उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की है. अर्नब को अलीबाग के कोर्ट में पेश किया जाएगा.

  • स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में केंद्र के पैसों का दुरूपयोग - भाजपा

    स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में केंद्र के पैसे के दुरूपयोग का मुद्दा उठाएगी भाजपा - श्रीचंद

    6 नवंबर को होने वाले नगर निगम की सामान्य सभा में जनता के मुद्दों को प्रखरता से उठाने के लिए पार्षद दल की रणनीतियां बनी
     

    महापौर के एकला चलो की नीति,व मनमाने पूर्ण रवैये के खिलाफ  पुरजोर विरोध करेगी भाजपा पार्षद दल

    रायपुर !  भाजपा कार्यालय में भारतीय जनता पार्टी  रायपुर जिला द्वारा रायपुर के पार्षदों की बैठक जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी की अध्यक्षता में आहूत की गई थी  ।
       6 नवंबर को होने वाले नगर निगम की सामान्य सभा में जनता के मुद्दों को प्रखरता से उठाने के लिए पार्षद दल की रणनीतियां बनी।
     बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने कहा कि स्मार्ट सिटी में केंद्र का पैसा आ रहा है परंतु इसके किसी भी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी व केंद्रीय नेतृत्व को श्रेय नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी लगातार भीड़ भरी सभाएं,  और जन्मदिन मना रहे और  यहां कोरोना का बहाना करके सामान्य सभा 9 महीने में करवा रहे हैं । जबकि नियम है कि सामान्य सभा प्रत्येक 2 माह में होनी चाहिए।
        बैठक को वरिष्ठ पार्षद सूर्यकांत राठौर, मीनल चौबे,मृत्युंजय दुबे, मनोज वर्मा, प्रमोद साहू, सरिता वर्मा ने संबोधित करते हुए बताया कि दीपावली निकट है पर शहर की अधिकतर स्ट्रीट लाइट बंद है।  शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और वार्डों में सफाई कर्मचारियों का भेदभाव पूर्ण, असमान वितरण हुआ है । कांग्रेस पार्षदों के वार्ड में ,छोटा होने के बावजूद ज्यादा सफाई कर्मी और भाजपा  पार्षदों के बड़े वार्ड में  कम सफाई कर्मी लगाए गए हैं।
      भाजपा पार्षदों ने महापौर की खामियों को गिनाते हुए कहा कि उनकी जानकारी व सहमति के बिना महापौर द्वारा पार्षद निधि में कटौती किए जाने व कोरोना काल में उनका अनाज किसको और कब बांट दिया है इसकी जानकारी ना होने पर सामान्य सभा में कड़े विरोध करने का निर्णय लिया है।
        बैठक में सभी भाजपा  पार्षदों ने एक स्वर में महापौर की एकला चलो की नीति व मनमानी पूर्ण रवैए के खिलाफ सामान्य सभा में ताकत से विरोध करने का निर्णय लिया।
      बैठक में कमलेश्वरी शर्मा, नारद कौशल, टेसू साहू, सुशीला धीवर, विश्वदिनी पाण्डेय, तिलक भाई पटेल, विनोद अग्रवाल, गोदावरी साहू, कामिनी देवांगन, सुनील चंद्राकर, रजियंत ध्रुव, भोलाराम साहू, सुमन राम प्रजापति, रोहित साहू, दीपक जैसवाल, मधु चंद्रवंशी, सरिता दुबे, सीमा कंदोई, रवि कुमार ध्रुव, सावित्री साहू, चंद्रपाल धनगर, राजेश ठाकुर पार्षद उपस्थित थे 

  • *CG24 न्यूज की खबर का हुआ असर : 24 घंटो के अंदर डिस्चार्ज किये गए कोरोना मरीज को मिली राहत
    *CG24 न्यूज की खबर का हुआ असर : 24 घंटो के अंदर डिस्चार्ज किये गए कोरोना मरीज को खबर लगते ही जिला कोविड अस्पताल में किया भर्ती बिलासपुर सी एम ओ प्रमोद महाजन ने खबर पर लिया संज्ञान* *सी जी 24 न्यूज की खबर पर सी एम ओ व संभागीय कोविड 19 प्रभारी प्रमोद महाजन ने दिखाई तत्परता* *क्या था पूरा मामला* सिम्स से कोरोना पॉजिटिव युवक को 24 में डिस्चार्ज कोरोना नोडल अधिकारी आरती पांडेय का कारनामा इस खबर को पढ़ते ही तुरंत डॉ प्रमोद महाजन ने आइसोलेशन सेंटर एम्बुलेंस भेज उसलापुर निवासी युवक राहुल सिंह को जिला कोविड अस्पताल में वापस किया गया भर्ती अब देखने वाली बात होगी कि सिम्स कोरोना नोडल अधिकारी पर सी एम ओ कोई कार्यवाही करते है अथवा नही । उल्लेखनीय है कि एक करोना मरीज ने CG 24 News से अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए सहयोग मनगा था| कोरोना पॉजिटिव आये युवक 24 घंटो में ही डिस्चार्ज सिम्स अस्पताल से आइसोलेशन सेंटर में किया गया शिफ्ट सिम्स कोरोना नोडल अधिकारी आरती पाडेय ने किया डिस्चार्ज मरीज को सास लेने में हो रही थी परेशानी बिलासपुर-कोरोना मरीजों की संख्या के साथ-साथ सरकारी बेपरवाही बढ़ती जा रही है। कोविड-19 सेंटरों से मरीजों को एक दिन में किया जा रहा डिसचार्ज वह भी बिना जांच किए कि मरीज निगेटिव हुआ या नहीं। ठीक उसी तरह जैसे सजा पूरी होने पर व्यक्ति को जेल से रिहा कर दिया जाता है। गाइडलाइन का हवाला दिया जा रहा है, लेकिन यह लापरवाही घातक साबित हो सकती है। दूसरों के लिए तो संक्रमण का खतरा है ही, इसके साथ मरीजों की जान पर भी यह भारी पड़ सकती है। कुछ ऐसा वाक्या आज बिलासपुर के सबसे बड़े अस्पताल सिम्स में घटा, जहां राहुल सिंह नामक युवक जो उसलापुर का निवासी है कोरोना पॉजिटिव आने पर सिम्स अस्पताल में भर्ती हुआ था पर एक दिन में ही सिम्स की नोडल अधिकारी व पी आर ओ आरती पांडेय ने मरीज को आइसोलेशन सेंटर भेज दिया। और डिसचार्ज नियमो का हवाला देते हुए मरीज से बत्तमीजी से बात करते हुए जबरन आइसोलेशन सेंटर शिफ्ट कर दिया । जबकि मरीज उनसे अपनी परेशानी बार बार कहता रहा कि उसे सास लेने में प्रॉब्लम हो रही है | मरीज का साफ तौर पर कहना था है जब उसे अस्पताल में नही रखा जा सकता तो उसे होम आइसोलेशन में रहने दिया जाए लेकिन यहां लगता है कि सरकार से पैसे कमाने उसे जबरजस्ती आइसोलेशन सेंटर में रखा जा रहा। सिम्स की स्थित सुधरने का नाम नही लेती ऐसे कई मामले उजागर हो चुके है लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। भारत में डिस्चार्ज नीति भारत में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों को हल्के या बहुत हल्के मामले, थोड़े गंभीर मामले और अत्यधिक गंभीर मामलों की श्रेणी में विभाजित किया है। पहली कैटेगरी के मरीजों को लगातार तीन दिन तक बुखार नहीं आने पर संक्रमण के 10 दिन बाद डिस्चार्ज किया जाता है। उनका कोरोना वायरस टेस्ट करना भी आवश्यक नहीं होता। इन मरीजों को डिस्चार्ज के बाद सात दिन होम क्वारंटाइन में रहना पड़ता है। दूसरी कैटेगरी के मरीजों को ए और बी कैटेगरी में बांटा गया है। ए कैटेगरी के मरीजों का बुखार यदि पहले तीन दिन में ठीक हो जाए और चार दिन तक ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत नहीं पड़े तो उसे 10 दिन बाद बिना टेस्ट के डिस्चार्ज किया जा सकता है। बी कैटेगिरी के मरीजों को शुरू के तीन दिन बुखार रहने और ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत होने पर पूरी तरह से स्वस्थ होने पर बिना टेस्ट के छुट्टी दी जाती है। नोडल अधिकारी आरती पांडेय का मरीज से इस तरह से बात करना उस पर चिल्लाना अशोभनीय मन्नू मानिकपुरी संवाददाता बिलासपुर
  • कांग्रेस की सत्ता आते ही विकास थम गया है और राजधानी से लेकर सुदूर अंचलों तक मफिया राज कायम हो गया है

    कांग्रेस का जंगल राज, माफिया को मिली सरकारी जमीनों की लूट की छूट - भाजपा

    बिना किसी उच्च स्तरीय संरक्षण के राजधानी में सरकारी जमीन पर इस तरह कब्जा कर उसे कैसे बेचा जा सकता है ?

    राज्य में रेत से लेकर शराब और भूमाफिया की समानांतर सत्ता चल रही है - अजय चंद्राकर

    रायपुर। राजधानी रायपुर में भूमाफिया द्वारा करीब 20 करोड़ रुपए कीमत की सरकारी जमीन भूमाफिया द्वारा बेच दिए जाने का मामला सामने आने पर पूर्व मंत्री व विधयक एवं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय चंद्राकर ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ में जंगलराज चला रही है। कांग्रेस की शह पर माफिया को सरकारी जमीन लूटने की छूट मिली हुई है। कोटा गुढ़ियारी इलाके में सरकारी जमीन बेचने का मामला इसी संस्कृति का एक उदाहरण है।

     भाजपा प्रवक्ता अजय चंद्राकर ने कहा है कि बिना किसी उच्च स्तरीय संरक्षण के राजधानी में सरकारी जमीन पर इस तरह कब्जा कर उसे कैसे बेचा जा सकता है? राज्य में रेत से लेकर शराब और भूमाफिया की समानांतर सत्ता चल रही है। कौड़ियों के दाम सरकारी जमीन बेचने का रास्ता इस सरकार ने दिखाया और भूमाफिया ने कांग्रेस की नीति और नीयत को बखूबी समझते हुए सरकारी जमीन बेचना शुरू कर दिया। यह तो एक बानगी है जो राजधानी में सामने आ गई। बीते दो साल में राज्य में इस तरह कितनी सरकारी जमीन पर डाका डाला गया है, उसके आंकड़े सामने आने पर पता चलेगा कि सुनहरे ख़्वाब दिखाकर सत्ता में आई कांग्रेस जनहित का एक भी काम करने के बजाय केवल लूट खसोट की संस्कृति को ही बढ़ावा देती रही है।
    भाजपा प्रवक्ता अजय चंद्राकर ने कहा है कि जब से राज्य में कांग्रेस सत्ता में आई है, तब से छत्तीसगढ़ का विकास पूरी तरह से थम गया है और राजधानी से लेकर सुदूर अंचलों तक मफिया राज कायम हो गया है।

  • बिहार चुनाव: दूसरे चरण में 495 प्रत्याशी करोड़पति, अमीर प्रत्याशियों की सूची में कांग्रेस नंबर वन

    दूसरे चरण के मतदान में कुल प्रत्याशियों की संख्या 1463 है जिनमें से 495 प्रत्याशी यानी 34% करोड़पति है इनकी औसत संपत्ति 1.72 करोड़ है पार्टी के हिसाब से देखें तो औसत संपत्ति के मामले में कांग्रेस सबसे टॉप पर है,

    पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के अमीर प्रत्याशियों की लंबी फेहरिस्त है. इलेक्शन वॉच के सर्वे के आधार पर नामांकन के दौरान प्रत्याशियों द्बारा दी गई जानकारी के अनुसार इस चरण में अमीर प्रत्याशियों की सूची में कांग्रेस सबसे उपर है. इस चरण में 94 सीटों के लिए मतदान होना है जिसमें कुल 1463 प्रत्याशी चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमाएगें, इन प्रत्याशियों में अमीर प्रत्याशियों की सूची बहुत लंबी है.

     

    अमीर प्रत्याशियों की औसत संख्या

     

    दूसरे चरण के मतदान में कुल प्रत्याशियों की संख्या 1463 है जिनमें से 495 प्रत्याशी यानी 34% करोड़पति है इनकी औसत संपत्ति 1.72 करोड़ हैपार्टी के हिसाब से देखें तो औसत संपत्ति के मामले में कांग्रेस सबसे टॉप पर है, इसके 24 प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 10.25 करोड़ है वहीं जेडीयू के 43 प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 4.5 करोड़ है तो आरजेडी के 56 प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 4.82 करोड़ है, एलजेपी की बात करें तो 52 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 3.86 करोड़ है वहीं बीजेपी के 46 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 3.44 करोड़ और बीएसपी के 33 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 1.30 करोड़ है.

     

    करोड़पति प्रत्याशी में कांग्रेस टॉप पर

     

    इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के अनुसार करोड़पति प्रत्याशियों में टॉप थ्री में कांग्रेस के दो और आरजेडी के एक प्रत्याशी मैदान में है जिनमें वैशाली के कांग्रेस प्रत्याशी संजीव सिंह के पास सबसे ज्यादा 56 करोड़ की संपत्ति है, वहीं बीजेपी से तीन गुना अधिक अमीर कांग्रेस के उम्मीदवार हैं वहीं पार्टी के हिसाब से बीजेपी के 46 में से 39, कांग्रेस के 24 में से 20 आरजेडी के 56 में से 46, जदयू के 43 में से 35 लोजपा के 52 में से 38 और बीएसपी के 33 में से 11 उम्मीदवार करोड़पति हैं जिनकी घोषित संपत्ति 1 करोड़ से अधिक है. कांग्रेस के 24 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 10.25 करोड़ जेडीयू के 43 की 4.95 करोड़ आरजेडी के 56 की 4.82 करोड़ बीजेपी के 46 प्रत्याशियों की 3.44 करोड़ है.

  • पीएम मोदी ने देश की पहली सी-प्लेन सेवा को दिखाई हरी झंडी, केवड़िया से साबरमती तक भरी उड़ान

    पीएम मोदी केवड़िया से साबरमती तक जाने के लिए सी-प्लेन में सवार होकर रवाना हुए. यह सी-प्लेन अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट को केवड़िया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से जोड़ता है.

    केवड़ियाः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती पर देश के पहले सी-प्लेन प्रोजेक्ट की शुरुआत की है. पीएम मोदी ,केवड़िया से साबरमती तक जाने के लिए सी-प्लेन में सवार होकर रवाना हुए. यह सी-प्लेन अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट को केवड़िया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से जोड़ता है.

     

    सी- प्लेन की सेवा रोजाना पर्यटकों के लिए अहमदाबाद से केवड़िया और केवड़िया से अहमदाबाद के बीच उपलब्ध होगी.

    सी-प्लेन की उड़ानें स्पाइसजेट की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी स्पाइस शटल द्वारा संचालित की जाएंगी. शुरुआती तौर पर आज से अहमदाबाद-केवड़िया मार्ग पर दो दैनिक उड़ानें संचालित करेगा. अहमदाबाद से प्रतिदिन सुबह 10:15 बजे सी-प्लेन उड़ेगा और 10:45 पर केवड़िया पहुंचेगा. केवड़िया से प्रतिदिन सीप्लेन 11:45 पर उड़ेगा और 12:15 पर अहमदाबाद पहुंचेगा. यही सीप्लेन प्रतिदिन 12:45 पर दोबारा अहमदाबाद से उड़ेगा और दोपहर 1:15 पर केवड़िया पहुंचेगा. केवड़िया से ये फिर से दोपहर 3:15 पर उड़ेगा और 3:45 पर अहमदाबाद पहुंचेगा.

     

    3 हजार रुपये होगा किराया
    अहमदाबाद से केवड़िया और केवड़िया और अहमदाबाद दोनों तरफ का कुल किराया 3000 रुपये तय किया गया है. एक तरफ का किराया 1500 रुपये रखा गया है. 30 अक्टूबर से ऑनलाइन टिकट की बुकिंग शुरू हो गई है. इन उड़ानों के लिए 15 सीटर ट्विन ओटर 300 विमानों का इस्तेमाल होगा.

     

    दुनियाभर में लोकप्रिय है सेवा
    सी-प्लेन में पानी से उतरने और टेक-ऑफ करने की क्षमता होती है, जिससे ऐसे क्षेत्रों तक पहुंच होती है, जिनमें लैंडिंग स्ट्रिप्स या रनवे नहीं होते हैं. ट्विन ओटर 300 सबसे सुरक्षित और सबसे लोकप्रिय सी-प्लेन है. ये दुनियाभर में सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले विमानों में से एक है.

     

    2017 में पीएम मोदी ने सी-प्लेन में किया था सफर
    पीएम मोदी ने पहली बार साल 2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान सी प्लेन का सफर किया था. तब भी उन्होंने साबरमती रिवरफ़्रंट से उड़ान भरी थी. तब पीएम मोदी साबरमती रिवरफ़्रंट से उड़ान भरकर 49 किलो मीटर दूर धरोई डैम पहुंचे थे. वहां पीएम ने मशहूर अम्बा देवी के दर्शन किए थे और फिर सी-प्लेन से वापस साबरमती रिवरफ़्रंट पर लैंडिंग की थी. तब पीएम मोदी के सी-प्लेन से सफर करने को लेकर काफी सियासत भी हुई थी.

  • गुजरात: पीएम मोदी ने जंगल सफारी, आरोग्य वन, एकता मॉल, बच्चों के लिए न्यूट्रिशन पार्क का उद्घाटन किया

    केवडिया: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले के केवडिया में ‘‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’’ के निकट जंगल सफारी, आरोग्य वन, एकता मॉल और बच्चों के लिए पोषक पार्क (न्यूट्रिशन पार्क) का उद्घाटन किया. सरदार पटेल जुओलॉजिकल पार्क ‘जंगल सफारी’ ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास स्थित है.

     

    आरोगय वन में 15 एकड़ में औषधीय गुणों से युक्त पौधे लगाए गए हैं. इसमें 380 प्रजाति के पांच लाख पेड़ हैं. योग व आयुर्वेद को ध्यान में रखते हुए इसका विकास किया गया

    दो दिवसीय दौरे पर आज गुजरात पहुंचे प्रधानमंत्री ने पहले गांधीनगर में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल और गुजराती सिनेमा के सुपरस्टार नरेश कनोडिया व उनके संगीतकार भाई महेश कनोडिया को श्रद्धांजलि अर्पित की.

     

    यहां से प्रधानमंत्री केवडिया पहुंचे और आरोग्य वन का लोकार्पण किया. उन्होंने राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के साथ इसका अवलोकन भी किया.

     

    प्रधानमंत्री ने एकता मॉल का भी उद्घाटन किया. इस मॉल में भारत की मौजूदा हस्तकलाओं और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन किया गया है. यहां पर पूरे देश से आए उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं.

     

    एक आधिकारिक बयान के मुताबिक उसका उद्देश्य एकता का संदेश देना है. यह मॉल 35 हजार वर्गफुट में फैला हुआ है. मॉल में 20 एम्पोरियम हैं, जो प्रत्येक राज्य का प्रतिनिधत्व करते हैं. एकता मॉल को केवल 110 दिनों में निर्मित किया गया है.

     

    प्रधानमंत्री ने बच्चों के लिए पोषक पार्क का भी उद्घाटन किया. उन्होंने पार्क का भ्रमण किया और बच्चों को आकर्षित करने वाली विभिन्न सुविधाओं का अवलोकन किया.

     

    यह दुनिया का पहला प्रौद्योगिकी आधारित पार्क है जो 35 हजार वर्गफुट में फैला हुआ है. पार्क में एक न्यूट्री ट्रेन की भी व्यवस्था है, जिसके स्टेशन के नाम भी काफी रोचक रखे गए हैं. जिनके फलशाखा गृहम, पायोनागिरी, अन्नपूर्णा, पोषण पुराण, स्वस्थ भारत नाम दिए गए हैं.

     

    प्रधानमंत्री ने न्यूट्री ट्रेन की सवारी करते हुए विभिन्न स्टेशनों का मुआयना किया. इस पार्क का उद्देश्य विभिन्न गतिविधियों के जरिए पोषक भोजन के प्रति जागरूकता फैलाना है. पार्क में इसके लिए मिरर मेज, 5डी वर्चुअल रियल्टी थिएटर और ऑगमेंटेंड रियल्टी गेम की भी व्यवस्था की गई है.

     

    मार्च में कोरोना वायरस महामारी फैलने के बाद से मोदी का अपने गृह राज्य गुजरात का यह पहला दौरा है. इस दौरान वह केवडिया और अहमदाबाद के बीच समुद्री विमान सेवा की शुरुआत भी करेंगे.

     

    मोदी अपनी यात्रा के दौरान स्वतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को 31 अक्टूबर को उनकी जयंती के दिन ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ जाकर श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे.

  • राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला, पूछा-...किसे मिले अच्छे दिन?

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री 8400 करोड़ रुपये के हवाई जहाज़ में घूमते हैं और चीन का नाम तक लेने से डरते हैं. किसे मिले अच्छे दिन?भारत-चीन के बीच जारी गतिरोध को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ''देश के जवान भयंकर सर्दी में साधारण टेंट में गुज़ारा करते हुए भी चीन के आक्रमण का डटकर मुक़ाबला करते हैं. जबकि देश के PM 8400 करोड़ के हवाई जहाज़ में घूमते हैं और चीन का नाम तक लेने से डरते हैं. किसे मिले अच्छे दिन?''

    इस ट्वीट के साथ उन्होंने एक खबर का स्क्रीनशॉट साझा किया है जिसमें बीजेपी के पूर्व सांसद थुपस्तान चेवांग के कथित दावों के हवाले से कहा गया है कि चीनी सैनिकों ने भारतीय जमीन के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया है. साथ ही बीजेपी सांसद ने कथित तौर पर कहा है कि सर्दी में भारतीय जवान साधारण टेंट में गुजारा कर रहे हैं.

     

    भारत और चीन के बीच पिछले करीब छह महीने से एलएसी पर तनाव है. इस तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनयिक स्तर पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है.

  • गांव की नाबालिग लड़की से अपहरण व दुष्कर्म का मामला - थाना प्रभारी पर गंभीर मामले को रफा दफा करने का आरोप

    बल्लभगढ़ हरियाणा की निकिता तोमर हत्याकांड का रूप ले सकती हैं ऐसी घटनाएं -

    *नाबालिग अनुसूचित जाति की लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म का मामला*

    *थाना प्रभारी द्वारा मामले को रफा दफा किया गया - परिजन*

    पीड़ित नाबालिग युवती का बयान आरोपियों और पुलिस की मौजूदगी में ?

    पुलिस द्वारा एक पक्षीय कार्यवाही का आरोप - पीड़ित परिवार द्वारा न्याय की गुहार 

    मुंगेली : छत्तीसगढ़ में  मुंगेली जिले के पथरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव की नाबालिग लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है, परिवार वालों की शिकायत पर पुलिस ने लापरवाही बरतते हुए आरोपियों को बचाने का भरपूर प्रयास किया है - घटना के बाद युवती का परिवार लगातार थाने में शिकायत दर्ज कराने और f.i.r. की मांग करता रहा परंतु थानेदार सुरेंद्र मिश्रा ने अपनी वर्दी का रौब दिखाकर पीड़ित युवती के परिवार को धमकाते हुए मामला दर्ज नही किया |

    पीड़ित नाबालिग युवती के परिवार के अनुसार 8 सितंबर 2020 को दिन में लगभग 11:00 बजे रवि मसीह एवं उसके साथी नाबालिक युवती को घर के बाहर से अपहृत कर जबरदस्ती ले गए, परिवार को जानकारी मिलने पर उसी दिन दोपहर बाद थाने में लिखित शिकायत कर दुष्कर्म करने एवं अपहरण करने वालों पर जुर्म दर्ज कर बेटी की तलाश की मांग परिजनों ने की - लेकिन मुंगेली पुलिस द्वारा जुर्म दर्ज ना कर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा है | थाना प्रभारी द्वारा दोनों पक्षों को बुलाकर थाना प्रभारी ने अपहृत लड़की को बालिग बताकर एफ आई आर करने से इंकार कर दिया और युवती के परिवार वालों को धमकाया कि युवती को युवक के हवाले कर दें, जबकि अपहृत नाबालिग युवती अपने परिवार के साथ घर जाना चाहती थी परंतु थाना प्रभारी उसे युवक के साथ जाने दबाव डालते रहे| थाना प्रभारी सुरेंद्र मिश्रा की धमकी चमकी से डरकर युवती का परिवार मुंगेली एसपी के पास मौखिक शिकायत करने गया परंतु पुलिस अधीक्षक ने भी लिखित शिकायत लेकर आने की बात कही, परिवार की लिखित शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक ने परिवार को थाने जाकर उन्हें शिकायत दर्ज कराने भेजा, परंतु थाना प्रभारी ने पुलिस अधीक्षक के आदेश को भी नजरअंदाज कर दिया और युवती के पिता एवं भाई को गाली गलौज करते हुए मारपीट की और ज्यादा नेतागिरी करते हो इधर उधर जाते हो कहकर गुस्सा दिखया | मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच जाने के बाद थाना प्रभारी ने लड़की को बालिका गृह बिलासपुर भेज दिया |परिवारिक जानकारी के अनुसार थाना प्रभारी ने परिवार को बिना सूचना दिए नाबालिक पीड़ित युवती का दबाव पूर्वक बयान थाना सहित सीडब्ल्यूसी में करवाया तथा 14 सितंबर को परिवार की बिना जानकारी मुंगेली कोर्ट में पेश कर मजिस्ट्रेट बयान भी करवा लिया | नियमानुसार 164 के तहत बयान के दौरान परिवार को जानकारी देना आवश्यक होता है, साथ ही बयान के दौरान पुलिस एवं परिवार सहित आरोपियों की उपस्थिति प्रतिबंधित रहती है | 164 का बयान मजिस्ट्रेट के बंद कमरे में मजिस्ट्रेट द्वारा दिए जाने का प्रावधान है | पीड़ित नाबालिक युवती ने बताया की थाना प्रभारी महिला पुलिस आरोपियों की उपस्थिति में उसका बयान दबाव पूर्वक लिया गया है जो कि नियम विरुद्ध है |

    पीड़ित नाबालिग युवती ने २२ अक्टूबर २०२० को पुलिस अधीक्षक मुंगेली से लिखित आवेदन देकर बताया कि मुंगेली न्यायालय में चारों आरोपियों ने दबाव डालकर मेरी इच्छा के विरुद्ध बयान करवाया है - मेरा पुनः न्यायालयीन बयान और मेडिकल करवाया जाए एवं आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही कि जाय

     

    पीड़ित नाबालिक युवती के परिवार ने सीजी 24 न्यूज़ से चर्चा करते हुए बताया की सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित सीडब्ल्यूसी के चक्कर काटने के बाद अंततः 5 अक्टूबर 20 को सीडब्ल्यूसी ने हमारी बच्ची को 28 दिनों बाद बिलासपुर से जाकर लाने का आदेश जारी किया | परंतु आरोपियों के खिलाफ अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है ना ही जुर्म दर्ज किया गया है |

    अब सवाल यह उठता है कि नाबालिग युवती एवं उसके परिवार द्वारा नाबालिग के अपहरण एवं दुष्कर्म की बार-बार नामजद शिकायत करने के बावजूद पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ जुर्म दर्ज नहीं करना अपराध को बढ़ावा देना नहीं है तो क्या है ? ऐसी ही घटनाएं भविष्य में बल्लभगढ़ हरियाणा की निकिता तोमर हत्याकांड का रूप ले सकती हैं |

    इस पूरे मामले में पीड़ित नाबालिग युवती एवं उसका परिवार जगह जगह फरियाद कर रहा है परंतु उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही, यहां यह बताना भी जरूरी है कि पीड़ित नाबालिग युवती अनुसूचित जाति की है | आरोपी रवि मसीह, आशीष मसीह, जय मसीह और त्रिलोक पात्रे बिंदास घूम रहे हैं | थाना प्रभारी द्वारा अपने पद का गलत प्रयोग करते हुए नियमो को ताक में रख कर बयान करवाना एक पक्षीय कार्यवाही और आरोपी से मिली भगत की ओर इशारा करती है । अपहरण व दुष्कर्म जैसे संगीन अपराध पर शिकायत दर्ज करवाने जब उच्च अधिकारियों के पास जाना पड़े तो सोचनीय विषय है आखिरकार किन कारणों व परिस्थितियों को मद्दे नजर रखते हुए थाना प्रभारी द्वारा अपराध पंजीबद्ध करना तो दूर शिकायत पर जांच करना भी जरूरी नही समझा गया उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप होने पर कार्यवाही तो हुई पर एक पक्षीय - पीड़ित नाबालिग युवती एवं परिवार को न्याय का इंतजार |

  • 108 को कॉल करने से पहले नियमो को जान ले, अन्यथा एमरजेंसी में होगी परेशानी

    108 में जाने से पहले नियमो को जान लेवे प्रातः 7 बजे शंकर नगर निवासी बुजुर्ग महिला को अटैक आया, महिला के परिवार ने 108 में काल किया सरकारी वाहन में महिला को जब ले जा रहे थे तो उनके परिवार के सदस्य ने कहा एम एम आई हॉस्पिटल ले चलो, लेकिन 108 के ड्राइवर ने कहा हम सिर्फ सरकारी अस्पताल मेकाहारा जाएंगे, अगर आपको दूसरे हॉस्पिटल जाना है तो आप अपनी एम्बुलेंस बुलवा लीजिये। उससे बहुत निवेदन किया वह नही माना उसने कहा अगर हम प्राइवेट हॉस्पिटल गए तो हमारी नौकरी खतरे में पड़ जाएगी। और उसने गाड़ी शहीद भगत सिंह चौक में खड़ी कर दी।ड्राइवर ने मेकाहारा के अधिकारियों से बात करवाई लेकिन उन्होंने कहा हम कुछ नही कर सकते। ड्राइवर ने यह भी स्वीकार किया कि सर हमे खुद अच्छा नही लगता है ऐसा करना, पिछली सरकार के दौरान हॉस्पिटल चुनने की स्वतंत्रता थी पर इस सरकार में यह स्वतंत्रता नहीं है | मजबूर होकर एम एम आई से एम्बुलेंस को भगत सिंह चौक में बुलवाया वँहा उस महिला को ऑक्सिजन की भी जरूरत पड़ी। और उन्हें एम एम आई कि एम्बुलेंस में ऑक्सीजन के साथ शिफ्ट किया। शंकर नगर वार्ड के पार्षद पति राम प्रजापति भी उस 108 एंबुलेंस में मरीज के साथ थे जिन्होंने इस परेशानी को प्रत्यक्ष देखा और सहयोग करते हुए दूसरी एंबुलेंस बुलाकर निजी अस्पताल मरीज को भेजा

    इस पोस्ट को करने के पीछे उद्देश्य यह है कि जब स्तिथि क्रिटिकल हो तो जिनके यंहा घटना घटित हुई है उन्हें हॉस्पिटल चुनने की स्वतंत्रता होनी चाहिए , साथ ही आमजन को सरकार का यह नियम भी मालूम हो कि आप कितनी भी मिन्नते कर लो 108 आपको सरकारी अस्पताल ही ले जाएगी। आप 108 को कॉल करने से पहले उनके नियमों के बारे में जरूर जान ले अन्यथा आपको सरकारी अस्पताल ही अपने बीमार मरीज को ले जाना होगा, सरकार से निवेदन है कि वह किसी व्यक्ति की जान बचाने हेतु नियमो को शिथिल करे। इस दौरान इस सारी घटना के साक्षी है चेतन जोशी , श्याम पारेख सचिन दीप भी थे, जिन्होंने ऐसे समय मे भरपूर सहयोग दिया।