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  • कोरोना लॉक डाउन संदेश मुख्यमंत्री द्वारा
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी आज शाम 6 बजे कोरोना संक्रमण से बचाव एवं लॉकडाउन के संबंध में राज्य की जनता के नाम महत्वपूर्ण संदेश देंगे। इसका प्रसारण क्षेत्रीय समाचार चैनलों एवं एफएम रेडियो में किया जाएगा।
  • देशभर में व्यापारियों द्वारा असहयोग आंदोलन की रणनीति - कैट
    ई-कॉमर्स कंपनियों को खुली छूट और दुकानों में बंदिश नहीं की जाएगी बर्दाश्त, देशभर में असहयोग आंदोलन की रणनीति- कैट कॉनफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मगेलाल मालू, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र दोशी, प्रदेश कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल एवं प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार राठी एवं कैट के प्रदेश मिडिया प्रभारी संजय चौबे एवं मोहम्मद अली हिरानी ने बताया सरकार ने 20 अप्रैल के बाद ऑनलाइन और ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने उत्पाद बेचने की छूट दे दी है, वहीं व्यापारियों को सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की दुकान खोलने की छूट दी है। ई-कॉमर्स कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक सामान, मोबाइल यह सब बेच सकती है। यह बहुत ही भेदभाव पूर्ण रवैया है। व्यापारियों को बांध के रखा गया है और ई कॉमर्स को खुली छूट देना देश के 7 करोड़ और राज्य के 6 लाख कारोबारियों के साथ अन्याय है। सरकार के इस फैसले को लेकर देशभर के व्यापारियों में बहुत जबरदस्त आक्रोश है। आज देशभर के व्यापारी नेताओं के बीच में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की गई। एक बात सामने आ रही है कि अगर सरकार ने व्यापारी हित में निर्णय नहीं लिया तो हम महात्मा गांधी की तर्ज पर असहयोग आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। महात्मा गांधी ने विदेशी व्यापार के देश में अनुचित तरीके से कब्जे के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंका था, वहीं अब कैट के नेतृत्व में देशभर के व्यापारी असहयोग आंदोलन करेंगे। कैट ने इस मामले में देशभर के व्यापारी संगठनों से राय आमंत्रित किया है। कैट ने सरकार के हर मुद्दों पर सकारात्मक रूख दिखाते हुए सोशल डिस्टेसिंग और अन्य फैसलों का समर्थन किया है। व्यापारियों ने इस महामारी में जान जोखिम में डालते हुए लोगों को आवश्यक व जरूरत के सामान उपलब्ध करवाने के लिए अभूतपूर्ण भूमिका निभाई। अब जब व्यापारियों की हितों की बात होनी चाहिए तब सरकार ने पक्षपात पूर्ण रवैये अपनाते हुए ऑनलाइन और ई-कॉमर्स की बड़ी कंपनियों को छूट दे दी। जबकि यह बात सरकार जानती है कि ऑनलाइन कंपनियों से राजस्व का बड़ा नुकसान हो रहा है। दुकानें खुलने पर ही सरकार को वास्तविक जीएसटी और राजस्व की प्राप्ति होगी, वहीं इससे व्यापारी इस चुनौतीपूर्ण विपदा से लड़ते हुए अपनी आर्थिक हालत भी सुधार सकते हैं। ऑनलाइन और ई-कॉमर्स व्यवसाय में उत्पादों की कोई मॉनिटरिंग नहीं की जा सकती है, वहीं इसे वायरस के फैलने का भी खतरा रहेगा। हमारी मांग यह है कि यदि ऑनलाइन और ई-कॉमर्स को 20 अप्रैल के बाद अपने उत्पाद बेचने का मौका मिलता है तो देशभर के रिटेल और होलसेल दुकानों को भी यह छूट मिलनी चाहिए। दुकानों में सोशल डिस्टेसिंग के लिए व्यापारी अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। केंद्र सरकार को इस निर्णय पर पुर्नविचार करना चाहिए, वहीं राज्य सरकारों से भी अपील है कि वे ऑनलाइन कंपनियों और ई-कामर्स कंपनियों के पक्ष में दिए गए फैसले पर एकबारगी फिर से विचार करें, ताकि छोटे दुकानदारों को इस आपदा से बाहर निकाला जा सके। CAIT ने केंद्र सरकार से यह मांग करती है की जो मल्टीनैशनल कम्पनी पीछे दरवाज़े से एंट्री दे रही है उसका पूरे प्रदेश और देश के व्यापारी विरोध करते है । और यदि चोर दरवाज़ा बंद न हुआ तो मजबूरी में व्यापारी पूरे देश में असहयोग आंदोलन करेंगे ।
  • 20 हज़ार करोड़ के नए संसद भवन के निर्माण में जिस पार्टी की दिलचस्पी हो वो आम जनता के सवालों के जवाब से तो मुंह ही छुपायेगी! - कांग्रेस

    रायपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सलाहकार रुचिर गर्ग के पत्र के जवाब में भारतीय जनता पार्टी की ओर से आए दो पत्रों के जवाब में कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि दोनों नेताओं ने इधर उधर की बातों से ध्यान भटकाने की कोशिश की है लेकिन यह नहीं बताया कि केंद्र सरकार की ओर से राज्य को कोरोना संकट से लड़ने के लिए आख़िर क्या मिला?

    उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने कठिन सवालों से कन्नी काटने की कोशिश की है. शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस चाहती है कि रुचिर गर्ग के पत्र में उठाए गए सवालों और कुछ अन्य महत्वपूर्ण सवालों के जवाब भाजपा दे, जिससे जनता के सामने उनकी भूमिका स्पष्ट हो सके.

    उन्होंने कहा है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कोरोना संकट से जूझने के लिए जो एक लाख 70 हज़ार करोड़ का जो पैकेज घोषित किया है उसमें से कितना पैसा छत्तीसगढ़ राज्य को मिलने जा रहा है. इस पैकेज में जो एक बड़ी घोषणा है कि मनरेगा की मज़दूरी पहली अप्रैल से 20 रुपए बढ़ जाएगी. इसका मतलब यह है कि एक मज़दूर को 100 दिन का काम मिल जाता है तो साल में उसे मात्र 2000 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे. और मिलेंगे तब जब भुगतान होगा. उन्होंने पूछा है कि राज्यों को वर्ष 2019-20 का 1555 करोड़ रुपए केंद्र से मिलना बचा है. इसमें से कुछ राशि अभी आई है लेकिन वह भी ऊंट के मुंह में जीरा है. भाजपा बताए कि केंद्र सरकार मनरेगा का पूरा पैसा क्यों नहीं दे रही है?

    संचार विभाग प्रमुख ने पूछा है कि केंद्र के पैकेज में जो राशि श्रमिकों को देने की बात हुई है, उसमें उन 83 प्रतिशत मज़दूरों को क्या मिलेगा जो अनौपचारिक क्षेत्र में जुड़े हुए हैं. कामगारों को ईपीएफ़ से 75 प्रतिशत या तीन महीने की तनख़्वाह के बराबर पैसे निकालने की छूट दी है लेकिन यह बताना भूल गए कि ईपीएफ़ का पैसा उनका अपना पैसा है और अगर वह निकाल लिया तो भविष्य अनिश्चित हो जाएगा.

    इसके अलावा छत्तीसगढ़ को केंद्र की ओर से मिलने वाला जीएसटी भुगतान का बड़ी राशि बकाया है. राज्य को मिलने वाले केंद्रीय टैक्स में पिछले साल 14 प्रतिशत की कमी आई है. उसकी भरपाई या भुगताने के बारे में केंद्र सरकार चुप क्यों है? केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान योजना के एक किस्त के भुगतान की बात की है लेकिन छत्तीसगढ़ में तो अभी पुराना भुगतान ही पूरा नहीं हुआ है, तो नई किस्त का किसान कैसे भरोसा करें. उज्जवला गैस मुफ़्त देने का फ़ैसला किया है लेकिन उससे हासिल क्या होगा जब ग़रीबों का रोज़गार छिन जाएगा? और छत्तीसगढ़ में तो उज्जवला का रिफ़िल रेट ही 1.8 प्रतिशत है.

    शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि इसके अलावा यह सवाल तो अब भी अनुत्तरित है कि समय पर केंद्र सरकार ने किट्स क्यों उपलब्ध नहीं करवाए? समय पर और टेस्टिंग लैब की अनुमति क्यों नहीं दी? और केंद्र की ओर से राज्यों को संकट से लड़ने के लिए पर्याप्त संसाधन क्यों उपलब्ध नहीं करवाए? उन्होंने कहा है कि राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुरु से कह रहे हैं कि केंद्र सरकार ने सिर्फ़ लॉक डाउन की घोषणा की और संकट से जूझने का काम राज्यों पर, उनके अपने संसाधनों पर छोड़ दिया. उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार ने राजनीति छोड़कर यदि समय पर क़दम उठाए होते तो राज्यों में जो कोरोना मरीज़ पहुंचे हैं, उन्हें भी रोका जा सकता था, लेकिन भाजपा एकतरफ़ा गुणगान करने में लगी है.

    संचार विभाग प्रमुख ने कहा है कि भाजपा को अपने केंद्रीय नेतृत्व से कहना चाहिए कि वे राज्यों को संसाधन उपलब्ध करवाएं जिससे कि लॉक-डाउन ख़त्म होने के बाद अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का इंतज़ाम किया जा सके. लेकिन भाजपा इस बात पर चुप्पी साध लेती है क्योंकि छत्तीसगढ़ में तो भाजपा सांसदों तक ने उन लोगों के लिए धन नहीं दिया जिनसे वे वोट मांगकर जीते हैं.

    शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि दरअसल भाजपा अपनी नाकामियों से घबराई और झुंझलाई हुई है । वो इस अहम सवाल तक का जवाब देने से कतरा गई कि आखिर कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी में मुख्य मंत्री सहायता कोष या राज्यों के राहत कोष को शामिल क्यों नहीं किया गया ? उन्होंने कहा कि ओपी चौधरी और पंकज झा को समझना चाहिए कि सवाल बड़े हैं और जनता को जवाब चाहिए.वो बताएं कि क्या डॉ. रमन सिंह प्रधानमंत्री से मांग करेंगे कि छत्तीसगढ़ को उसका हक मिलना चाहिए ?लेकिन जिस पार्टी की दिलचस्पी 20 हज़ार करोड़ के नए संसद भवन के निर्माण में हो वो आम जनता के सवालों के जवाब से तो मुंह ही छुपायेगी!

  • लॉकडाउन 2 की गाइडलाइन -

    नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को लॉकडाउन 2.0 के दौरान कम जोखिम वाले क्षेत्रों में छूट संबंधी गाइलाइन जारी की है। यह छूट 20 अप्रैल से लागू होगी। कटाई और आने वाले दिनों में नए बुवाई सीजन के शुरू होने के मद्देनजर खेती-किसानी से जुड़े कामों को खास छूट दी गई है। हालांकि, इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। फ्लैट्स के निर्माण को भी शर्तों के साथ सीमित छूट दी गई है। लॉकडाउन 2.0 के दौरान इन गतिविधियों पर छूट रहेगी। - हेल्थ सर्विसेज चालू रहेंगी... - खेती से जुड़ी सभी गतिविधियां चालू रहेंगी, किसानों और कृषि मजदूरों को हार्वेस्टिंग से जुड़े काम करने की छूट रहेगी - कृषि उपकरणों की दुकानें, उनके मरम्मत और स्पेयर पार्ट्स की दुकानें खुली रहेंगी - खाद, बीज, कीटनाशकों के निर्माण और वितरण की गतिविधियां चालू रहेंगी, इनकी दुकानें खुली रहेंगी - कटाई से जुड़ी मशीनों (कंपाइन) के एक राज्य से दूसरे राज्य में मूवमेंट पर कोई रोक नहीं रहेगी - मछली पालन से जुड़ी गतिविधियां, ट्रांसपोर्ट चालू रहेंगी - दूध और दुग्ध उत्पाद के प्लांट और इनकी सप्लाई चालू रहेगी - मवेशियों के चारा से जुड़े प्लांट, रॉ मटिरिलय की सप्लाई चालू रहेगी - ग्रामीण क्षेत्रों में (जो म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन या म्यूनिसिपलिटी के तहत न हों) काम करने वाले उद्योगों को छूट -स्पेशल इकनॉमिक जोन में मैन्यूफैक्चरिंग और दूसरे औद्योगिक संस्थानों, निर्यात से जुड़ी इकाइयों को शर्तों के साथ छूट। यहां ये उद्योग अपना काम शुरू कर सकते हैं लेकिन उन्हें वर्करों को अपने परिसर में ही ठहराने का भी इंतजाम करना होगा। वर्करों को वर्कप्लेस पर लाने की जिम्मेदारी नियोक्ता की होगी और उसे इस दौरान सोशल डिस्टेसिंग के मानकों का पालन करना होगा। - दवा, फार्मा - सड़क की मरम्मत और निर्माण को छूट, जहां भीड़ नहीं हो - बैंक शाखाएं, एटीएम, पोस्टल सर्विसेज चालू रहेंगी - ऑनलाइन टीचिंग और डिस्टेंस लर्निंग को प्रोत्साहित किया जाएगा - मनरेगा के काम की इजाजत रहेगी, सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करते हुए - मनरेगा के कामों को सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करते हुए किया जाएगा - मनरेगा में सिंचाई और वॉटर कंजर्वेशन से जुड़े कामों को प्राथमिकता दी जाएगी - इमर्जेंसी के हालात में फोर वीलर में ड्राइवर के अलावा केवल एक ही रहेगा - दुपहिया पर सिर्फ एक ही शख्स यानी उसका चालक सवार हो सकता है, उल्लंघन करने पर जुर्माना - कोई शख्स क्वारंटीन किया गया है मगर नियमों का उल्लंघन करता है तो आईपीईस की धारा 188 के तहत कार्रवाई - तेल और गैस सेक्टर का ऑपरेशन चलता रहेगा, इनसे जुड़ीं ट्रांसपोर्टेशन, डिस्ट्रिब्यूशन, स्टोरेज और रिटेल से जुड़ी गतिविधियां चलती रहेंगी -गुड्स/कार्गो के लोडिंग-अनलोडिंग के काम को छूट -जरूरी सामानों जैसे पेट्रोलियम और एलपीजी प्रोडक्ट्स, दवाओं, खाद्य सामग्रियों के ट्रांसपोर्टेशन को इजाजत रहेगी -सभी ट्रकों और गुड्स/कैरियर वीइकल्स को छूट रहेगी, एक ट्रक में 2 ड्राइवरों और एक हेल्पर की इजाजत - इस बार ट्रकों के मरम्मत की दुकानों को भी छूट, हाईवेज पर ढाबे भी खुले रहेंगे ताकि ट्रकर्स को दिक्कत न हो -रेलवे की मालगाड़ियों को छूट बरकरार - सभी जरूरी सामानों की सप्लाई चेन की इजाजत - किराना की दुकानों, राशन की दुकानों, फल, सब्जी, मीट, मछली, पोल्ट्री, खाद्यान्न, डेयरी और मिल्क बूथ, मवेशियों के चारे की दुकानों को छूट बरकरार - प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को छूट, डीटीएच और केबल सर्विस को भी छूट -आईटी से जुड़ी कंपनियों को वर्कफोर्स के 50 प्रतिशत स्ट्रेंथ के साथ काम करने की इजाजत (जोखिम वाले क्षेत्रों के रूप चिह्नित इलाकों में नहीं) - ई-कॉमर्स कंपनियों की गतिविधियों, इनके ऑपरेटरों की गाड़ियों को छूट, इसके लिए इजाजत लेनी होगी - सरकारी काम में लगीं डेटा और कॉल सेंटर सर्विसेज को इजाजत -प्राइवेट सिक्यॉरिटी सर्विसेज को इजाजत

  • मोदी जी सप्तपदी में वचन लेने के साथ-साथ वचन देने भी पड़ते हैं - कांग्रेस

    *मोदी जी ने देश को क्या करना है यह तो बताया लेकिन यह नहीं बताया की सरकार क्या कर रही है ?

    * *मोदी जी ने देश के लिए अपने सात वचन नहीं बताएं: देश से सात वचन मांगे जरूर*

     

    रायपुर : 14 अप्रेल 2020 - प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सुबह 10:00 बजे देश के नाम संबोधन पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि आज के संबोधन में देशवासियों को क्या करना है यह तो बताया गया लेकिन प्रधानमंत्री ने देश को यह नहीं बताया कि सरकार देशवासियों के लिए क्या कर रही है? देश के हजारों लाखों मजदूर जब काम ना होने के कारण अपने घर वापस जाने लगे तो उन्हें रोककर 14 दिनों के लिये क्वेरेंटाइन किया गया और कैंपों में रखा गया। अब इन मजदूरों की क्वॉरेंटाइन में रहने की मियाद पूरी हो चुकी है और आज प्रधानमंत्री जी ने या नहीं बताया कि इन लोगों को स्क्रीन करके पेस्ट करके उनके घर वापस जाने की क्या व्यवस्था करेंगे और इसकी क्या रणनीति है इसका उल्लेख नहीं किया। प्रधान मंत्री से यह भी अपेक्षा थी 21 दिन में कितनी टेस्टिंग कैपेसिटी देश में बढ़ाई गई है और आगे टेस्टिंग को लेकर क्या रणनीति है इसका भी वे खुलासा करेंगे। करोना महामारी से आमने सामने की सीधी लड़ाई लड़ रहे डॉक्टर नर्स पैरामेडिकल स्टाफ के लिए पी पी ई पर्सनल प्रोटक्शन इक्विपमेंट पहुंचाने की क्या व्यवस्था की गई है कितना प्रोक्योरमेंट किया गया है और कितना प्रदेशों को दिया गया है इस बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने देश को कुछ नहीं बताया। किसानों के खेतों में जो फसल खड़ी है उसकी कटाई का समय है और किस तरह से फसल काटने की इजाजत देंगे कंबाइन हार्वेस्टर मध्यप्रदेश में उत्तराखंड में पंजाब हरियाणा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के फंसे हुए हैं और अब उन्हें अपने प्रदेशों में जाकर फसल कटाई करना है किस तरह से उनको काटने देंगे गरीब मजदूरों को क्या राहत पहुंचाएंगे इसका भी प्रधानमंत्री ने कोई उल्लेख नहीं किया कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि मनरेगा में सभी एक्टिव जॉब कार्ड होल्डर्स को करोना महामारी की अवधि की पूरी मजदूरी फुल वेजेस दी जाए ताकि वह अपना परिवार तो चला सके और अपना घर तो चला सके। अनेक उद्योगों में निर्माण कार्यों में कर्मचारियों को मजदूरों को काम से हटा दिया गया है इस बारे में मोदी सरकार क्या कार्यवाही करेगी इसका भी प्रधानमंत्री ने कोई जिक्र नहीं किया। कांग्रेस पार्टी मांग करती है खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जारी सभी राशन कार्डों को सितंबर 2020 तक का राशन निशुल्क दिया जाए। कांग्रेसी संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि प्रधानमंत्री जब देश के साथ 7 मुद्दों पर चर्चा करते हैं तो वह यह भी बताएं कि सप्तपदी में सरकार के क्या संकल्प हैं इस संकट की घड़ी में लोगों को सहायता पहुंचाने के। जिन उद्योगों में निर्माणों में उद्यमों में रेवेन्यू जनरेट नहीं कर पाने के कारण मजदूरों को सहायता नहीं मिल पा रही है उसके बारे में मोदी ने अपनी रणनीति का कोई खुलासा नहीं किया। विश्व के अनेक मुल्कों ने अपनी जीडीपी के 5% तक का बेल आउट पैकेज दिया है लेकिन भारत सरकार ने सिर्फ 1% के बेलआउट पैकेज की घोषणा की है जो बहुत कम है। कांग्रेस इसे बढ़ाए जाने और व्यापक बनाने की मांग करती है। वर्तमान संकट पूर्ण परिस्थितियों में कांग्रेस पार्टी सभी किसानों को उनकी उपज पर ₹500 प्रति क्विंटल तत्काल बोनस सहायता राशि की घोषणा करने की मांग करती है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने मजदूर घर वापसी की कार्य योजना किसानों को राहत पैकेज और बोनस राशि छोटे बड़े उद्योगों और व्यापारियों को मदद की कार्य योजना के साथ-साथ सप्लाई चैन बदस्तूर बनाए रखने की कार्य योजना की केंद्र सरकार से तत्काल घोषणा की मांग की है। इसके साथ साथ चिकित्सकीय जरूरतों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने की कांग्रेस पार्टी मांग करती है। संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि देश आज मोदी जी से इन सवालों पर जवाब चाह रहा है इन मांगों पर मदद चाहता है और इन सभी कार्य योजनाओं पर त्वरित कार्यवाही चाहता है।

  • शराबबंदी पर 14 अप्रैल को शासन अपना निर्णय ले - हाई कोर्ट

    लॉक डाउन के दौरान हाई कोर्ट में आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अनेक मामलों पर सुनवाई करते हुए निर्णय लिए गए - बिलासपुर हाईकोर्ट द्वारा पिछली सुनवाई 9 अप्रैल को राज्य शासन को यह निर्देशित किया था कि वह दो बिंदुओं पर स्टेटस रिपोर्ट जमा करें | जिसमें पहला स्टेटस शराब बिक्री के संबंध में राज्य शासन क्या निर्धारित करता है लाक डाउन की अवधि में था | एवं दूसरा स्टेटस तबलीगी जमात मरकज से जो 159 लोगों की लिस्ट याचिकाकर्ता ने दी थी किस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने को कहा था | जिस पर राज्य शासन की ओर से स्टेटस रिपोर्ट में विवरण दिया गया कि शराब बिक्री के संबंध में यथोचित निर्णय राज्य सरकार के द्वारा यथोचित समय पर लेना है, और सारे तथ्यों तथा वैधानिक बिंदुओं को देख कर लेंगे | 

    राज्य शासन की तरफ से महा अधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा द्वारा प्रस्तुत पक्ष को सुनने के बाद आज माननीय उच्च न्यायालय ने राज्य शासन को यह निर्देशित किया कि 14 अप्रैल तक शराब बिक्री के संबंध में सारे तथ्यों तथा लाक डाउन के संदर्भ में जारी किए गए दिशा-निर्देशों को देखते हुए अपना निर्णय लेवें | न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा एवं गौतम भादुड़ी की पीठ ने आदेश जारी किए --

  • रविवार को खुली रहेंगी सब्जी एवं किराना दुकानें - कलेक्टर रायपुर
    रविवार और सोमवार को लॉकडॉउन का पालन करते हुए खुलेंगी दुकाने-कलेक्टर डॉ भारतीदासन आमजन शासन द्वारा निर्धारित निर्देशो का अक्षरशः पालन करे रायपुर 11अप्रैल 2020/ कलेक्टर डॉ एस.भारतीदासन ने रायपुर जिले में मीडिया में प्रसारित इस खबर का खंडन किया है कि राजधानी रायपुर में अगले 48 घंटे के दौरान सब्जी और किराना बंद रहेंगी । उन्होंने स्पष्ट किया है कि शासन द्वारा पूर्ववत जारी निर्देश के अनुसार अन्य दिनों की तरह इन दिनो में भी सब्जी और किराना दुकान शासन द्वारा निर्धारित समय के अनुसार खुलेंगी। कलेक्टर ने कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए लॉकडाउन किया गया है।उन्होंने इसके लिए आमजनों को निर्धारित निर्देश का कड़ाई से पालन करते हुए स्वच्छता एवं सामाजिक दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए है।
  • बिना तैयारियों के फ़रमान जारी करना प्रदेश के लोगों के साथ मजाक - सांसद सुनील सोनी
    सांसद सोनी का सवाल : मुख्यमंत्री बताएँ, हज़ारों लोगों का परीक्षण कहाँ और कैसा होगा?

    बिना तैयारियों के फ़रमान जारी करना प्रदेश के लोगों के साथ मजाक


    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और सांसद सुनील सोनी ने कटघोरा में सात नए कोरोना संक्रमित मरीजों के मिलने के बाद की गई घोषणाओं के मद्देनजर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा कटाक्ष किया है। श्री सोनी ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल काम करने के बजाय आत्ममुग्धता और हठधर्मिता की पराकाष्ठा लांघ रहे हैं। मुख्यमंत्री बघेल नित-नए फरमान जारी तो कर रहे हैं लेकिन इन पर अमल करने में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों के बारे में विचार नहीं किया जा रहा है।

    भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व सांसद श्री सोनी ने कटघोरा को सील कर पूरे नगर का चिकित्सकीय परीक्षण कराने की घोषणा पर मुख्यमंत्री बघेल से सवाल किया है कि 80 हजार की आबादी के इस नगर के सभी लोगों का टेस्ट कराने के लिए प्रदेश सरकार के पास कितने लैब हैं? प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की क्या इतनी क्षमता है कि वह 80 हजार लोगों का टेस्ट करा सके? मुख्यमंत्री बघेल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे 80 हजार की आबादी को परीक्षण कहाँ और कैसे कराएँगे? श्री सोनी ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल डींगे मारने के आदी हैं लेकिन ईमानदारी से उपलब्ध संसाधनों के बूते प्रदेश को कोरोना से मुक्त कराने के बजाय वे इस गहन संकट के दौर में भी सियासी नौटंकी करने की अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं और छत्तीसगढ़ की जनता के स्वास्थ्य से मजाक कर रहे हैं।

    श्री सोनी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में फिलहाल एम्स में ही कोरोना का इलाज हो रहा है और प्रदेश सरकार सारे मरीजों को इलाज के लिए वहाँ भेज तो रही है लेकिन एम्स को किसी भी तरह की मदद मुहैया नहीं कराई जा रही है। सच यह है कि एम्स में दो घण्टे में 48 मरीजों का परीक्षण हो रहा है। इस तरह लगातार 20 घण्टे परिश्रम कर लगभग 450 मरीजों का परीक्षण किया जा रहा है। एम्स प्रबन्धन, डॉक्टर्स, नर्सेस व अन्य सभी सेवाभावी अधिकारियों व कर्मचारियों के पुरुषार्थ के प्रति आभार मानना तो दूर, एम्स पर परीक्षण व इलाज का दबाव बनाने वाली प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री अथवा किसी भी अन्य मंत्री ने एम्स में झाँकने की जहमत तक नहीं उठाई है।

    भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व सांसद श्री सोनी ने कहा कि प्रदेश सरकार केवल बातों का जमाखर्च कर रही है और मैदानी स्तर पर कोरोना संक्रमण के खिलाफ़ जारी इस जंग में वह फिसड्डी ही साबित हो रही है। हर बार अपनी जिम्मेदारियाँ केन्द्र सरकार पर डालकर प्रदेश के मुख्यमंत्री अपने दायित्व से मुँह चुराने का काम कर रहे हैं। सरकार कोरोना संक्रमण के खिलाफ जारी जंग में कितनी लापरवाही बरत रही है, इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। श्री सोनी ने कहा कि कटघोरा के बाद रतनपुर में एक दरगाह में एकत्रित 16 लोगों पर केस दर्ज होने के बाद यह आशंका पुष्ट हुई है कि लॉकडाउन के प्रति सरकार जरा भी गम्भीर नहीं है।

    भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व सांसद सोनी ने मुख्यमंत्री बघेल द्वारा शुक्रवार को वीडियो पत्रकार वार्ता में दी गई सरकारी जानकारियों को सफेद झूठ का पुलिन्दा बताया और कहा कि मुख्यमंत्री समेत तमाम कांग्रेस नेताओं को कोरोना को लेकर निकृष्ट राजनीति से बाज आकर गम्भीरता के साथ प्रदेश को कोरोना मुक्त करने के लिए ईमानदार कोशिश करना चाहिए। मुख्यमंत्री बघेल कोरोना को लेकर केन्द्र सरकार पर हमलावर होने की सस्ती राजनीति कर रहे हैं। केन्द्र सरकार पर आरोप लगाने के बजाय मुख्यमंत्री बघेल अपनी इस विफलता पर शर्म महसूस करें कि वे इतने दिनों में इस महामारी की जाँच के लिए न तो एक वार्ड बना पाए हैं और न ही एक लैब। प्रदेश सरकार हर बात के लिए केन्द्र पर दोष मढ़ने के बजाय पहले अपने संसाधन जुटाने और इस महामारी के खात्मे के लिए अपनी तैयारी प्रदर्शित करे। श्री सोनी ने नसीहत दी कि मुख्यमंत्री बघेल इस वक्त केन्द्र सरकार को ज्ञान बाँटने के बजाय कोरोना के खिलाफ रणनीतिक तैयारियों पर ध्यान दें और एचएलएल से जरूरी मेडिकल किट्स मंगवाकर प्रदेश को राहत पहुँचाएँ। मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा हो रही राशि इस जंग में कहीं भी खर्च होती नहीं दिख रही है।

     

     
  • *शराब दुकान खोलने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गठित कमेटी को हाई कोर्ट में चुनौती*

    CG 24 News

    बिलासपुर : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट मे पहली बार वीडियो कौनफ्रेंनसिंग के माध्यम से 5 मामलों की सुनवाई हुई । हाई कोर्ट मे न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्रा एवं न्यायमूर्ती गौतम भादुड़ी की खण्ड पीठ ने की सुनवाई। 5 मामलों की सुनवाई में रायपुर की समाज सेविका ममता शर्मा द्वारा अपने अधिवक्ता रोहित शर्मा के माध्यम से लॉक डाउन के समय मे राज्य द्वारा शराब दुकानों के खोलने हेतु गठित कमिटी को चुनौती दी गई थी। यचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के शक्ति का प्रयोग करते हुए NDMA ( नेशनल डीसास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी) ने लॉक डाउन घोषित किया है, इसी अनुक्रम मे केंद्रीय गृह सचिव जो NEC (नेशनल एक्सीकुटिव कमिटी ) के पदेन चेयरपर्सन होते है उनके द्वारा कोरोना महामारी से निबटने हेतू गाईडलाईन जारी की। यचिकाकर्ता के अधिवक्ता रोहित ने तर्क दिया, कि उक्त अधिनियम की धारा 18, 24 वा 38 का पठन करने से यह स्पष्ट है, कि राज्य को आपदा प्रबन्धन हेतू अपने नियम बनाने है, परंतु वे नियम NDMA द्वारा जारी दिशा निर्देश के अनुपालन मे होने चाहिये। यचिकाकर्ता के अनुसार राज्य को लॉक डाउन समय मे शराब बेचने का अधिकार ही नही है, क्योंकि केंद्र द्वारा जिन वस्तु को बिक्री हेतू वा जिन कार्यो को किये जाने की छुट अपने नोटिफिकेशन मे उल्लेखित की है, उसमे खाने की वस्तु, पेट्रोल, गैस दवाई आदि का उल्लेख है। परंतु शराब को इसमे छुट नही दी गई है।

               इस कारण राज्य द्वारा शराब की बिक्री का प्रयास किया जाना विधि विरुध है, साथ ही शराब दुकानो के खोले जाने से मजदुर वर्ग के लोग जो मजदूरी भी नही कमा पा रहे है, उनपर शराब सेवन के कारण दोहरी मार पड़ेगी। हाई कोर्ट की डिवीज़न बेंच ने उक्त मामले मे शासन को जवाब प्रस्तुत करने हेतू आदेशित करते हुए 13 अप्रैल को अगली सुनवाई निर्धारित की है। ब्यूरो रिपोर्ट CG 24 News

  • छत्तीसगढ़ में कोरोना पाॅजिटिव के संक्रमितों की संख्या फिर हुई 9
    *CORONA BREAKING-छत्तीसगढ़ में कोरोना पाॅजिटिव के 7 नए केस आए सामने, राज्य में अब कुल 9 एक्टिव केस* *कोरबा जिले के कटघोरा में सामने आए सभी नए मरीज, तबलीगी जमात से जुड़े होने की चर्चा* April 9, 2020 रायपुर- छत्तीसगढ़ में कोरोना पाॅजिटिव के 7 नए मामले सामने आए हैं. राज्य में अब कोरोना के कुल 9 एक्टिव केस हो गए हैं. बताया जा रहा है कि सभी पाॅजिटिव पाए गए मरीज कोरबा जिले के कटघोरा के रहने वाले हैं. उन्हें एम्स लाने की तैयारी की जा रही है. राज्य सरकार के उच्च पदस्थ अधिकारियों ने इसकी पुष्टि कर दी है. बताया जा रहा है कि सातों नए पाॅजिटिव केस तबलीगी जमात से जुड़े हैं. बुधवार की रात सामने आया मरीज भी जमात से जुड़ा था. ऐसे में यह संशय़ बढ़ गई है कि दिल्ली निजामुद्दीन मरकज से लौटने वाले लोगों के जरिए कोरोना पाॅजिटिव केसेज फैल सकता है. इधर कटघोरा में जमात से जुड़े सभी लोगों के सैम्पल लिए जाने की कवायद तेज कर दी गई है. इन सात नए केसेज को जोड़ दे तो राज्य में अब तक कोरोना पाॅजिटिव के कुल 18 मामले सामने आ गए हैं. हालांकि इससे पहले तक 9 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी.
  • लाक डाउन में शासन की छूट

    राजधानी रायपुर के जिला दंडाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश -

    कृषि मशीनरी विक्रय,इसके स्पेयर पार्ट्स और मरम्मत की दुकान शर्तो के अधीन रहेंगी खुली अस्पताल,वेटनरी अस्पताल और इनसे संबंधित उपकरण के परिवहन और आवागमन लॉक डाउन से होंगे मुक्त

    रायपुर 09अप्रैल 2020/

    कलेक्टर डॉ एस. भारतीदासन ने शासन के निर्देशानुसार कोरोेना वायरस (कोविड-19) के संभाव्य प्रसार तथा इसके प्रसार को रोकने हेतु जिला रायपुर के समस्त सीमा क्षेत्र के अंतर्गत संक्रमण से बचाव एवं स्वास्थ्यगत आपातकालीन स्थिति को नियंत्रण में रखने हेतु संपूर्ण तालाबंदी (लाॅकडाउन) हेतु आदेशित किया है। उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान कृषि मशीनरी के विक्रय इससे संबंधित स्पेयर पार्ट्स एवं मरम्मत की दुकानों को खुला रखने के साथ इन वस्तुओ के निर्माण,भण्डारण,पैकेेजिंग, परिवहन,वितरण,एवं विक्रय से संबंधित गतिविधियों को छूट दी गई है। इसी तरह अस्पताल, वेटनरी अस्पताल एवं उसके जुड़े समस्त स्वास्थ्य स्थापनाएं जिसमें मेडिकल सप्लाई उसका विनिर्माण एवं वितरण सम्मिलित है, निजी एवं शासकीय एवं अर्धशासकीय क्षेेत्र के डिस्पेंसरी, दवा, केमिस्ट, फार्मेसी,(जनऔषधि केंद्र सहित) मेडिकल इक्यूपमेंट दुकान,लैब, दवा रिसर्च लैब, क्लीनिक, नर्सिंग होम, ऐम्बुलेंस, इंडियन रेडक्रास सोसायटी की सेवाएं संचालित रहेंगे। चिकित्सक, नर्स पैरामेडिकल स्टाॅफ सहित समस्त प्रकार के चिकित्सीय कार्य मे कार्यरत स्टाॅॅफ एवं सहायक सेवाएं संबंधित व्यक्तियों के परिवहन की अनुमति दी गई है। मेडिकलआक्सीजनगैस,लिक्विड, मैडिकल ऑक्‍सीजन सिलेन्डर, लिक्विड आक्‍सीजन को स्टोर करने के लिए क्रायोजनिक टैंक, लिक्विड क्रायोजनिक सिलेन्डर, लिक्विड आक्‍सीजन क्रायोजनिक ट्रांसपोर्ट टेंट, एंवियंट वेपोराईजर एवं क्रायोजेनिक वाल्व सिलेण्डर वाल्व तथा इनके सहायक उपकरणों की सभी निर्माण ईकाईयां से संबंधित वस्तुओं का परिवहन, अंतर्राज्जीय सीमा पार आवागमन तथा इन ईकाइयो में कार्यरत स्टाॅफ और श्रमिकों के आवागमन की अनुमति होगी। इन सेवाओं से संबंधित व्यक्तियों को उनके घर से कारखाना तक आने-जाने के लिए पास प्रदान किये जाएंगे। यह सुनिश्‍चत किया जाए कि ये सभी कारखाने अपनी पूर्ण क्षमता से कार्य करें। कलेक्टर डॉ भारतीदासन ने आदेशित किया है कि लाॅकडाउन से छुट प्रदान किये गये कार्यालय,प्रतिष्ठिान, सेवाओं के प्रमुखों की ये जिम्मेदारी होंगी की लाॅकडाउन उपायों में समाजिक दूरी, स्वच्छता एवं इस संबंध में भारत सरकार, राज्य सरकार,स्वास्थ्य विभाग तथा समय-समय पर अन्य संस्थानोें के द्वारा दिये जा रहें निर्देशाेें का अनिवार्य रूप से अक्षरशः पालन सुनिश्चित करेंगें।

  • PM Tweet - पीएम ने राजनीतिक दलों के नेताओं से की बातचीत --
    PM Tweet
    पीएम ने राजनीतिक दलों के नेताओं से की बातचीत -- 
    आज विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ गहन बातचीत हुई । नेताओं ने COVID-19 और आगे के रास्ते से निपटने पर अपने विचार साझा किए।