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  • डॉ रमन सिंह और उनके दामाद डॉ पुनीत गुप्ता को रोजाना चिकित्सकीय धर्म निभाते हुवे कोरोना मरीजो का ईलाज निःशुल्क करना चाहिये
    पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह "चिकित्सात पुण्यतम न किञिचत" को भूल चुके है कोरोना महामारी के समय विश्व विख्यात आयुर्वेदिक चिकित्सक शोसल मीडिया में व्यस्त है जबकि उन्हें अस्पताल में होना चाहिये डॉ रमन सिंह और उनके दामाद डॉ पुनीत गुप्ता को रोजाना चिकित्सकीय धर्म निभाते हुवे कोरोना मरीजो का ईलाज निःशुल्क करना चाहिये रोजाना दो-दो घण्टे ओपीडी और कम से कम दो घंटे आईपीडी में दोनों डॉक्टरों को मरीजो की सेवा करनी चाहिये-विकास तिवारी रायपुर/27/07/2020/ छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से अनुरोध करते हुवे कहा है कि कोरोना कोविड 19 महामारी के राज्य में चिकित्सकों की बहुतायत कमी हो रही है जिसके के कारण खुद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह है।भाजपा शासन काल मे विशेषज्ञ चिकित्सको के कुल रिक्त पद 1525 थे जिसमें मात्र 175 पदों में ही नियुक्ति की गयी थी।उसी प्रकार चिकित्सा अधिकारी के 689 पर रिक्त रहे जिसका खामियाजा आज पूरे प्रदेश को भोगना पड़ रहा है।भजापा सरकार का एकमात्र लक्ष्य कमीशनखोरी करना था।इस कारण बड़े पैमाने में विशेषज्ञ एवं चिकित्सा अधिकारियों भर्ती नही की गयी थी।इसके अलावा मेडिकल स्टाफ,नर्सिंग स्टाफ,लैब टेक्नीशियन की भी भर्ती रमन सरकार के समय नही की गयी थी,जबकि किसी भी राज्य में मूलभूत स्वास्थ सुविधाओ और अधोसंरचना निर्माण सरकार की प्राथमिकता होती है पर रमन राज में प्रदेश के स्वास्थ व्यवस्था लचर और चरमराई हुई थी जबकि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह खुद एक आयुर्वेदाचार्य(चिकित्सक)थे। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह इस प्रदेश की जनता ने तीन बार प्रदेश का नेतृत्व सौंपा और भारतीय जनता पार्टी की सरकार उनके नेतृत्व में बनवायी है।आज जब प्रदेश की जनता कोरोना कोविड-19 महामारी से संक्रमित हो रही है लोगों को लगातार चिकित्सकों की आवश्यकता महसूस हो रही है तब उस समय पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह को जो कि एक विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य (चिकित्सक)हैं जिनकी ख्याति कवर्धा क्षेत्र के आसपास फैली हुई थी कवर्धा की जनता बताती है कि डॉ रमन सिंह के हाथों में जादू है और जिस किसी भी मरीज का इलाज करते हैं उसे तत्काल फौरी राहत मिलती थी चाहे वो कितना भी जटिल बीमारी हो उसी प्रकार उनके दामाद डॉ पुनीत गुप्ता जो कि एक नेफ्रोलॉजिस्ट(किडनी रोग विशेषज्ञ) इनकी भी ख्याति डीकेएस अस्पताल से निकलकर पूरे देश-विदेश में फैली हुई है जिन्होंने किडनी रोग से ग्रसित मरीजो के लिये एक महत्वपूर्ण अविष्कार "मैक-डी" डायलिसिस जैकेट है,जिसे पहनने मात्र से जटिल किडनी का डायलसिस आसानी से हो जाता है।कोरोना कोविड-19 वायरस फेफडा,गुर्दा में तेजी से फैलती है जिसके की विशेषज्ञ डॉ रमन सिंह एवं डॉ पुनीत गुप्ता है। प्रवक्ता विकास तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को उनके चिकित्सक की शपथ में कहे गए वाक्य "चिकित्सात पुण्यतम न किञिचत" को याद दिलवाते हुवे कहा है कि धरती के भगवान डॉक्टर माने गए हैं और कोरोना कोविड 19 महामारी के समय पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह और उनके दामाद डॉ पुनीत गुप्ता इस वाक्य और चिकित्सकीय शपथ को भूल गये हैं जबकि उनको सुबह दो घंटा और शाम को दो घंटा ओपीडी लगाकर कोरोना कोविड 19 महामारी के संदिग्ध और ग्रसित लोगों की जांच निःशुल्क करनी चाहिये एवं रोजाना 2 घंटे आईपीडी आयुष अस्पताल,डीकेएस अस्पताल,अंबेडकर अस्पताल में अवश्य करनी चाहिये।इस हेतु उन्हें तत्काल एक आवेदन पत्र कांग्रेस सरकार के मुखिया भूपेश बघेल को संबोधित करते हुवे प्रेषित करना चाहिये और निरंतर मरीजों की सेवा निःशुल्क करनी चाहिये जिससे कि उनका समय भी कटेगा और उनके कारण प्रदेश में जो चिकित्सकों की कमी थी उसमें थोड़ी रिक्ता को भरा जा सकेगा।
  • कोविड 19 परीक्षण सुविधाओं का शुभारंभ 27 जुलाई को - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर दी जानकारी

    सोमवार 27 जुलाई को, उच्च-थ्रूपुट  परीक्षण सुविधाओं का शुभारंभ किया जाएगा।

    नोएडा, मुंबई और कोलकाता में स्थापित की जा रही इन उच्च-थ्रूपुट परीक्षण सुविधाओं से हमारी परीक्षण क्षमता में और सुधार करने में मदद मिलेगी।

  • छत्तीसगढ़ में करोना वायरस के बढ़ रही मरीजों की संख्या, सरकार इस पर ध्यान दे -- नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक

    टेस्ट मामले में 23 वें नंबर पर छत्तीसगढ़ 

    लगता है कि अब विपक्ष को जानकारी के लिए आवेदन देना पड़ेगा या फिर आरटीआई का सहारा लेना पड़ेगा

    बहुत अच्छा लगा कि प्रियंका वाड्रा ने मोदी जी को पत्र लिखा है सुझाव देने के लिए,

    सरकार को जान से ज्यादा दारू से प्रेम है - नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक

    करोना के बढ़ते प्रकोप पर पत्रकारों से चर्चा की नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने 

    छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने आज एक पत्रकार वार्ता के माध्यम से करोना मामले की गंभीरता को सामने लाया

    पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ में करोना वायरस के कारण बढ़ रहे मरीजों की चिंता करते हुए सरकार से इस पर ध्यान देने की बात कही -

    नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के अनुसार छत्तीसगढ़ में कोविड-19  मरीजों की बढ़ती संख्या के अनुपात में अस्पतालों में व्यवस्था कम है - मरीजों के लिए बेड की संख्या कम है - अनेक मरीज अस्पताल जाने को तैयार तो हैं परंतु उन्हें अस्पताल ले जाने में सरकार असफल साबित हो रही है - श्री कौशिक ने सरकार से मांग की है कि जांच की संख्या बढ़ानी चाहिए - अभी तक 10 लाख  के पीछे 2228 टेस्ट हो रहे हैं जो कि अन्य राज्यों के मुकाबले बहुत कम है - टेस्ट की यह संख्या देश में 23 वें नंबर पर छत्तीसगढ़ की आ रही है - नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने पत्रकार वार्ता में पीपीई किट  के मामले में भी सरकार को घेरा, उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के अस्पतालों में पीपीई किट और मास्क बहुत ही कम संख्या में वितरित किए गए हैं -

    उन्होंने क्वारंटाइन सेंटर में हो रही मौतों की जांच के लिए जांच कमेटी बनाने की मांग की है - नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने लॉकडाउन के मामले में सरकार की नीयत पर भी शंका जाहिर की है, उन्होंने कहा है कि सरकार की नीयत ठीक नहीं है मुख्यमंत्री ने केंद्र से लॉकडाउन के लिए अधिकार मांगा था जो उन्हें मिल गया परंतु वह व्यवस्थित लॉकडाउन नहीं कर पा रहे हैं -

    श्री कौशिक के अनुसार सरकार को जान से ज्यादा दारू से प्रेम है - नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि भूपेश सरकार विपक्ष से संवाद नहीं कर रही है किसी तरह की कोई जानकारी नहीं दे रही है - प्रदेश में करोना की क्या स्थिति है ? कितने बेड हैं ? कितने लैब टेस्ट के लिए खुले हैं ? और आगे क्या करना चाहिए ? जिससे करोना पर कंट्रोल हो सके ऐसे किसी भी मामले में सरकार विपक्ष से बातचीत नहीं कर रही है -

    नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने करोना मामले में अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि लगता है कि अब विपक्ष को जानकारी के लिए आवेदन देना पड़ेगा या फिर आरटीआई का सहारा लेना पड़ेगा - क्योंकि हमारी भी जवाबदारी जनता के प्रति है,  जनता ने हमें भी चुना है - धरमलाल कौशिक ने कहा कि बहुत अच्छा लगा कि प्रियंका वाड्रा ने मोदी जी को पत्र लिखा है सुझाव देने के लिए, काश प्रियंका वाड्रा छत्तीसगढ़ की सरकार को भी सुझाव वाला पत्र लिखती तो यहां भी करोना महामारी  का सुधार होता -

    नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के अनुसार लॉकडाउन गांव में भी लगाया जाना चाहिए परंतु खेतों में काम करने वालों को इसमें छूट मिलनी चाहिए -

    अब देखने वाली बात यह है कि प्रदेश की भूपेश सरकार नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के करोना के प्रति चिंता को कितनी गंभीरता से लेती है | CG 24 न्यूज़

  • मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव -*

    *बिग ब्रेकिंग

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव -* 

    मेरे प्रिय प्रदेशवासियों, मुझे #COVID19 के लक्षण आ रहे थे, टेस्ट के बाद मेरी रिपोर्ट पॉज़िटिव आई है। मेरी सभी साथियों से अपील है कि जो भी मेरे संपर्क में आए हैं, वह अपना कोरोना टेस्ट करवा लें। मेरे निकट संपर्क वाले लोग क्वारन्टीन में चले जाएँ।

    भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा, दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव होने से यह बात पुख्ता हो गई है कि यह वायरस किसी को भी जरा सी असावधानी होने पर जकड़ सकता है - इसलिए सरकार कि गाइड लाइन का पूरी तरह पालन करें - इससे आप एवं आपके आस पास के लोग सुरक्षित रहेंगे -

     

  • अमेरिका: हवाई सफर करते समय मास्क पहनना अनिवार्य, एयरलाइंस ने कहा- बिना फेस मास्क के उड़ान भरना संभव नहीं

    वॉशिंगटन पोस्ट ने डेल्टा के चीफ एग्जीक्युटिव एड बास्टियन के हवाले से बताया कि एयरलाइंस ने मास्क पहनने से मना करने पर कम से कम 100 लोगों के सफर करने पर प्रतिबंध लगाया है.

    वॉशिंगटन: दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश माना जाने वाला अमेरिका आज कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित है. कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनना जरूरी माना जा रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए यूएस एयरलाइंस ने ऐलान किया है कि यात्रियों को फेस मास्क पहनने से मना करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. ये ऐलान अमेरिकन, डेल्टा, साउथवेस्ट और यूनाइटेड एयरलाइंस ने की है.

     

    वॉशिंगटन पोस्ट ने एक रिपोर्ट में बताया है कि नए नियमों के तहत सिर्फ दो साल से छोटे बच्चों को मास्क न पहनने की अनुमति होगी. हालांकि डेल्टा एयरलाइंस यात्रियों को बिना फेस मास्क यात्रा करने की अनुमति देगी, लेकिन उन्हें एक विशेष स्क्रीनिंग से गुजरना होगा, जिसे पूरा करने में एक घंटे से ज्यादा समय लगेगा.

     

    दरअसल, अमेरिकी एयरलाइंस को मास्क के संबंध में नियम तय करने की छूट दी गई है. उन्हें सिंगल हैंड दिया गया है, जिसके बाद उन्होंने अपने यात्रियों के लिए मास्क अनिवार्य कर दिया है.

     

    फ्री में दिया जाएगा मास्क
    वॉशिंगटन पोस्ट ने डेल्टा के चीफ एग्जीक्युटिव एड बास्टियन के हवाले से बताया कि एयरलाइंस ने मास्क पहनने से मना करने पर कम से कम 100 लोगों के सफर करने पर प्रतिबंध लगाया है. हालांकि एयरलाइंस ने ये भी कहा है कि अगर यात्रियों के पास मास्क नहीं है तो उन्हें फ्री में मास्क दिया जाएगा.

     

    वर्ल्डोमीटर के मुताबिक, अमेरिका में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या शनिवार सुबह तक बढ़कर 42 लाख पार हो गई. कुल 1 लाख 48 हजार 478 लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि 20 लाख लोग ठीक भी हुए हैं, जो कुल संक्रमितों का 47.72 फीसदी है. 20 लाख 72 हजार लोगों का अस्पतालों में अभी इलाज चल रहा है, जो कुल संक्रमितों का 48.77 फीसदी है. अमेरिका में कुल 3.49 फीसदी कोरोना संक्रमित लोगों की मौत हुई है.

  • Coronavirus: स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन बोले- दुनिया में कोरोना से सबसे कम संक्रमण और मृत्यु दर भारत में

    हर्षवर्धन ने शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में कहा कि प्रति दस लाख आबादी पर 864 मामले सामने आने और 21 से कम मरीजों की मृत्यु के साथ भारत दुनिया में कोरोना वायरस से सबसे कम संक्रमण और मृत्यु दर वाले देशों में से एक है.

    ई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शुक्रवार को कहा कि भारत दुनिया में कोरोना वायरस से सबसे कम संक्रमण और मृत्यु दर वाले देशों में से एक है और यहां कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के ठीक होने की दर 63.45 प्रतिशत है, जबकि मृत्यु दर 2.3 प्रतिशत है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इस बीच देश में लगातार तीसरे दिन कोविड-19 से स्वस्थ हुए लोगों की संख्या 24 घंटे की अवधि में 34,602 के रिकार्ड उच्च स्तर पर पहुंच गयी. मंत्रालय ने कहा कि स्वस्थ हुए कुल लोगों की संख्या 8,17,208 हो गयी है.

     

    संक्रमण से मृत्यु की दर घटकर 2.38 प्रतिशत हुई
    मंत्रालय के शुक्रवार को जारी ताजा आंकड़ों में कहा गया कि संक्रमण से मृत्यु की दर घटकर 2.38 प्रतिशत हो गयी है. आंकड़ों के अनुसार भारत में एक दिन में संक्रमण के सर्वाधिक 49,310 मामले दर्ज किये गये और संक्रमण के मामले बढ़कर 12,87,945 हो गए. इस संक्रमण से मौत के 740 नये मामले सामने आने के बाद मृतक संख्या बढ़कर 30,601 हो गयी है.

     

    भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति ने दिया महत्वपूर्ण योगदान

     

    मंत्रालय के बयान के अनुसार, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किस प्रकार कोरोना वायरस महामारी के दौरान आम लोगों की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

     

    हर्षवर्धन ने कहा कि वर्तमान में पारंपरिक चिकित्सा में सहयोग पर चर्चा करने के लिए एससीओ के भीतर कोई संस्थागत तंत्र नहीं है जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की पारंपरिक चिकित्सा रणनीति 2014-2023 को पूरा करने की क्षमता रखता हो.

     

    हर्षवर्धन ने महामारियों से निपटने में सहयोग पर 2018 में किंगदाओ शिखर सम्मेलन में हस्ताक्षरित संयुक्त वक्तव्य के प्रभावी कार्यान्वयन पर भी जोर दिया. उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन के स्वास्थ्य मंत्रियों की मौजूदा संस्थागत बैठकों के तहत पारंपरिक चिकित्सा पर एक नए उप समूह की स्थापना का प्रस्ताव रखा.

     

    हर्षवर्धन ने दुनिया भर में हुई मौतों पर जताई संवेदना
    हर्षवर्धन ने कोविड-19 की चपेट में आने की वजह से दुनिया भर में हुई मौतों पर अपनी संवेदना व्यक्त की. इस महामारी को काबू में करने के लिए भारत की राजनीतिक प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी की है और जानलेवा वायरस को फैलने से रोकने के लिए सक्रिय और क्रमिक प्रतिक्रिया सुनिश्चित की.

     

    स्वास्थ्य मंत्री ने की सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की चर्चा
    हर्षवर्धन ने इस बीमारी से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि घातक वायरस पर काबू पाने के लिए क्रमबद्ध तरीके से कार्रवाई शुरू की गई जिसमें यात्रा परामर्श जारी करना, शहर या राज्यों में प्रवेश के स्थानों की निगरानी, समुदाय आधारित निगरानी, प्रयोगशाला और अस्पतालों की क्षमता बढ़ाना आदि शामिल था. उन्होंने कहा कि लगातार लॉकडाउन के दौरान भारत को तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने, प्रयोगशालाओं की क्षमता और अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए आवश्यक समय और अवसर भी मिला.

     

    लगातार बढ़ रही है स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या
    मंत्रालय ने कहा कि स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या के लगातार बढ़ने के मद्देनजर संक्रमण से उबर चुके लोगों की संख्या इलाज करा रहे रोगियों की संख्या से 3,77,073 अधिक हो गयी है. देश में फिलहाल कोरोना वायरस के 4,40,135 मरीजों का इलाज चल रहा है. बयान में कहा गया है कि यह अंतर लगातार बढ़ रहा है. देश में 23 जुलाई तक कुल 1,54,28,170 नमूनों की जांच की जा चुकी है. बृहस्पतिवार को 3,52,801 नमूनों की जांच की गयी.

     

    भारत में प्रति दस लाख लोगों पर 11 लोगों की हो रही है जांच
    मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस लिहाज से भारत में प्रति दस लाख लोगों पर 11,179.83 जांच हो रही हैं और जांच, पता लगाने और उपचार किए जाने की रणनीति अपनाने के बाद उसमें लगतार वृद्धि हुई. मंत्रालय ने कहा कि स्वस्थ होने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि के साथ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रयासों को अधिक मरीजों वाले क्षेत्रों में विशेषज्ञों के केंद्रीय दल भेजने से बल मिला.’’

     

    एम्स में शुरू हुआ भारत के पहले स्वदेशी विकसित कोविड टीके कोवैक्सिन का मानव परीक्षण
    भारत के पहले स्वदेशी विकसित कोविड टीके कोवैक्सिन का पहले चरण का मानव परीक्षण शुक्रवार को एम्स में शुरू हुआ और 30 वर्षीय एक व्यक्ति को उसका पहला डेाज दिया गया. पिछले शनिवार से एम्स में इस परीक्षण के लिए 3500 से अधिक स्वयंसेवकों ने पंजीकरण करवाया है. इस अध्ययन से जुड़े एम्स के सेंटर फॉर कम्युनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर संजय राय ने यह जानकारी दी.

  • राज्यपाल से मिले CM अशोक गहलोत, कांग्रेस विधायकों ने राजभवन परिसर में लगाए 'तानाशाही नहीं चलेगी' जैसे नारे

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्यपाल कलराज मिश्र से राजभवन में मिले. मुख्यमंत्री विधानसभा सत्र बुलाए जाने की मांग कर रहे हैं.

     राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विधानसभा का सत्र बुलाए जाने को लेकर अडिग हैं. इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री कांग्रेस के विधायकों के साथ राजभवन पहुंचे और यहां राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात की. इसी दौरान विधायकों ने राजभवन परिसर में नारेबाजी की. सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल ने विधानसभा सत्र बुलाए जाने से इनकार किया है.

     

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि ‘ऊपर से दबाव’ के कारण राज्यपाल विधानसभा का सत्र नहीं बुला रहे हैं. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनके पास बहुमत है और विधानसभा में “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा. गहलोत ने अपने समर्थक विधायकों के साथ राजभवन की ओर रवाना होने से पहले संवाददाताओं के समक्ष यह बात कही.

    गहलोत ने कहा, ''हमारा मानना है कि ऊपर से दबाव के कारण वह (राज्यपाल) अभी विधानसभा सत्र बुलाने के लिए निर्देश नहीं दे रहे हैं. इस बात का हमें बहुत दुख है. जबकि हम सत्र बुलाना जाना चाहते हैं.''

     

    उन्होंने कहा, ''कैबिनेट के फैसले के बाद हमने माननीय राज्यपाल महोदय को पत्र लिखकर आग्रह किया कि हम चाहते हैं कि विधानसभा का सत्र बुलाएं और वहां राजनीतिक हालात, कोरोना व लॉकडाउन के बाद के आर्थिक हालात पर चर्चा हो. हमें उम्मीद थी कि वह रात को ही विधानसभा सत्र बुलाने का आदेश जारी कर देंगे. रात भर इंतजार किया लेकिन अभी तक उनका कोई जवाब नहीं आया.''

     

    गहलोत ने कहा, ''हम विधानसभा सत्र बुलाने को तैयार हैं... अभी राज्यपाल से टेलीफोन पर बातचीत हुई मैंने फिर आग्रह किया कि आपका संवैधानिक पद है जिसकी बहुत गरिमा होती है उसके आधार पर अविलंब फैसला करें....विधानसभा सत्र हम सोमवार से शुरू करना चाहते हैं जहां ‘दूध का दूध पानी का पानी’ हो जाएगा. पूरा देश व प्रदेश देखेगा.''

  • रमन सिंह, भूपेश बघेल के प्रति ईष्र्या रखते हैं -- मोहन मरकाम

    रायपुर/23 जुलाई 2020 - प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों के हित में, मजदूरों के हित मे, पशुपालकों के हित मे गोबर खरीद रहे हैं तो रमन सिंह जी को तकलीफ होना स्वभाविक है, ईष्र्या होना स्वाभाविक है। रमन सिंह जी के कार्यकाल में तो एक नहीं अनेकों जगह करोड़ों रुपए का घोटाला गौशाला के नाम पर भाजपा नेताओं ने किया और गाय के मांस के लिए, गाय की चमड़ी के लिए गाय की हत्या का जघन्य कृत्य रमन सिंह जी के 15 साल के कार्यकाल में हुआ। रमन सिंह जी यह बताएं कि उनको राज्य के खजाने की याद क्यों नहीं आई? मुंबई से करीना कपूर को सेल्फी खिंचवाने के लिए राज्य के खजाने का करोड़ों रूपए खर्च किए गए तब उन्हें राज्य की याद क्यों नहीं आई? डेढ़ सौ करोड़ रुपए वाले बजट वाले जनसंपर्क विभाग में रमन सिंह जी के प्रभारी मंत्री रहते हुए साढ़े 400 रू. खर्च किए गए, कांग्रेस के खिलाफ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी उस समय प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष थे उनके खिलाफ साजिश रचने के लिए जनसंपर्क का पैसा बर्बाद किया गया तब रमन सिंह जी को राज्य के खजाने की याद क्यों नहीं आई?

    प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि दरअसल रमन सिंह जी 2018 के चुनाव की हार के बाद भाजपा में अप्रासंगिक हो गए हैं भाजपा का कोई भी सच्चा कार्यकर्ता और नेता उनको पसंद नहीं कर रहा है पार्टी में अपनी जगह बनाए रखने के लिए रमन सिंह इस तरह की बयान बाजी कर रहे हैं और खबरों में बने रहना चाहते हैं -

  • अमिताभ बच्चन के फैंस के लिए खुशखबरी: कोरोना टेस्ट आया निगेटिव, अस्पताल से जल्द मिल सकती है छुट्टी

    11 जुलाई से मुंबई के अस्पताल में अपना इलाज करा रहे अमिताभ बच्चन की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ गई है.

    मुम्बई : कोरोना वायरस से संक्रमित होकर मुम्बई के नानावटी अस्पताल में भर्ती अमिताभ बच्चन के चाहनेवालों के लिए खुशखबरी है. 11 जुलाई से अस्पताल में अपना इलाज करा रहे अमिताभ की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने की खबर एबीपी न्यूज़ को पता चली है.

     

     

     

    एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर एबीपी न्यूज़ को बताया कि कोरोना टेस्ट के अलावा उनका ब्लड टेस्ट, सीटी स्कैन भी किया गया और उनकी तमाम अन्य तरह की टेस्ट रिपोर्ट्स भी सामान्य हैं.

     

     

     

    कोरोना होने के चलते अमिताभ के बाद उसी दिन नानावटी में भर्ती हुए अभिषेक की हालत भी सामान्य है और ऐसे में दोनों के साथ में ही अस्पताल से छुट्टी दिये जाने की चर्चा है. हालांकि अभी अस्पताल या किसी सूत्र ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि अभिताभ और अभिषेक को किस दिन डिस्चार्ज किया जाएगा. लेकिन कहा जा रहा है कि दोनों को एक-दो दिन में अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है.

     

     

     

    बता दें कि अमिताभ और अभिषेक को कोरोना के मामूली लक्षणों के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तो वहीं कोरोना की शिकार ऐश्वर्या राय और 8 साल की बेटी आराध्या 'जलसा' बंगले में होम क्वारंटीन थीं, लेकिन बुखार, सांस लेने में तकलीफ और गले में दर्द होने के चलते ऐश्वर्या अपनी बेटी आराध्या के साथ 17 जुलाई की रात को नानावटी में भर्ती हो गयीं थीं.

     

     

     

    सूत्र के मुताबिक ऐश्वर्या राय और आराध्या की तबीयत भी ठीक है, मगर फिलहाल ये नहीं कहा जा सकता है कि ऐश्वर्या और आराध्या को भी अमिताभ और अभिषेक के साथ ही अस्पताल से छुट्टी मिलेगी या नहीं. हो सकता है कि दोनों को कुछ और दिन अस्पताल में रहना पड़े.

    इस बीच, अमिताभ बच्चन ने भगवान से दुआ मांगनेवाली अपनी तस्वीरों के साथ  कुछ देर पहले एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लिखा - "महजब तो ये दो हथेलियां बताती हैं, जुड़े तो पूजा और खुले तो दुआ कहलाती है."

     

     

     

     

     
  • झारखंड में मास्क नहीं पहना तो देना होगा 1 लाख का जुर्माना, होगी 2 साल की जेल

    झारखंड में मास्क न पहनने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा और 2 साल की जेल भी हो सकती है.

    रांचीः कोरोना संकटकाल के दौरान जहां सरकारें अलग-अलग नियमों के जरिए लोगों को इस महामारी से बचाने की कोशिश कर रही हैं वहीं कई राज्यों में कड़े नियम बनाए गए हैं. अब इसी कड़ी में झारखंड को लेकर बड़ी खबर आई है. झारखंड में मास्क न पहनने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लग सकता है और 2 साल की जेल भी हो सकती है.

     

    झारखंड कैबिनेट ने संक्रामक रोग अध्यादेश 2020 आंशिक रूप से पास कर दिया है जिसके तहत ये नियम लागू किया गया है. झारखंड में भी कोरोना से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है जिसे देखते हुए राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने ये फैसला लिया है.

    झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा
    फैसले पर न्यूज़ से बात करते हुए झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा, ''अभी अध्यादेश पूर्ण रूप से पारित नहीं हुआ है. जो जुर्माने की बात है वो किसी पर मुकदमा होने पर दोषी पाए जाने के बाद एक लाख का जुर्माना देना होगा. ऐसा नहीं है कि किसी को स्पॉट चेकिंग में पकड़ने जाने पर एक लाख का जुर्माना देना होगा. हमारी सरकार पूरी जागरुकता के साथ कोरोना के खिलाफ महिम चला रही है.''

     

    झारखंड में बढ़े कोरोना के मामले
    झारखंड में कोरोना के कुल मामले बढ़कर 6485 हो गए हैं जिसमें 3397 एक्टिव केस हैं. हांलांकि 3024 मरीज ठीक भी हो चुके हैं लेकिन 64 लोग यहां इस महामारी की वजह से अपनी जान गंवा बैठे हैं.

     

    कोरोना गाइडलाइंस का पालन करना होगा जरूरी
    कोरोना गाइडलाइंस का उल्लंघन करना लोगों के लिए भारी पड़ेगा और जैसा कि स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दोषी पाए जाने पर दो साल की जेल भी हो सकती है. इसके अलावा ऐसी खबरें भी आई हैं कि झारखंड में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते अस्पतालों में अब मरीजों के लिए जगह नहीं है लिहाजा सरकार और सख्ती से कोरोना के नियमों का पालन कराना चाहती है.

  • सैयम और सहजता का समय है लॉकडाउन, मानवधर्म का पालन तोड़ेगा कोरोना की कमर - आकाश शर्मा
    22 जुलाई 2020, रायपुर-छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण बढ़ते जा रहा हैं आज से लगभग समस्त क्षेत्रो में लॉकडाउन की शुरुआत हो चुकी हैं। सरकार ने आदेश पारित कर दिया हैं, कोविड माहामारी ने विश्व में मानवजाति को जंझोर कर रख दिया हैं आज आंकड़ा विश्व मे 1.5 करोड़ और भारत मे 12 लाख पार करने जा रहा हैं। छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन की सूचना पूर्व प्राप्त होने से जनता इस समय में सरकार का साथ दने को तैयार हैं, प्रदेश में संक्रमित व्यक्तियों के रिकवरी रेट अन्य राज्यो के औसतन अधिक है। इस संकट की घड़ी में हमे एक दूसरे की ताकत बनना होगा, हमे समाज को एक सूत्र में पिरोह कर इस माहामारी से लड़ना होगा। आकाश शर्मा ने कहां आज प्रदेश के लगभग संक्रमण प्रभावित जिलों में लॉकडाउन की शुरुआत होने जा रही है, मैंने एनएसयूआई के एका एक पदाधिकारियों से चर्चा कर इस दौरान जनसेवा और सहायता के लिए तत्पर रहने के निर्देश दिए हैं। हमारे कार्यकर्ता हर रूप से इस माहामारी मे मानव धर्म का पालन कर रहे हैं, पिछले लॉकडाउन के दौरान में केवल रायपुर में हमने 50,000 से अधिक ज़रूरतमंद लोगो तक भोजन पहुँचाया था। साथियों ने मास्क, सूखे राशन और अन्य प्रबंधन किये थे। यदि इस समय मे जनहित के लिए लॉकडाउन को बढ़ाने आवयश्कता पड़ती हैं तो एनएसयूआई के कार्यकर्ता जनसेवा में समर्पित हैं, हम जनता और प्रशासन की हर संभावित सहायता करेंगे। मेरी प्रदेश की जनता से अपील है कि आप लोगो को इस लॉकडाउन को एक योद्धा की तरह लड़ना हैं, ना जाने कितने स्वास्थ, सुरक्षा, स्वच्छता कर्मियों ने हमारी रक्षा हेतु इस माहामारी से लड़ते हुए अपने प्राण आहूत किये हैं। हमे उन्हें प्रेरणा स्वरूप लेकर घरों में रहना हैं। शासन द्वारा सब्जियों हेतु cghaat.in के माध्यम से घर पहुँच सेवा उपलब्ध हैं, मेडिकल्स भी अब घर पहुँच सेवा दे रहे हैं, हमे पूर्णता से लॉकडाउन का पालन कर सभी को बता देना हैं की “मोर रायपुर, मोर ज़िम्मेदारी - घर म रहबो जम्मो संगवारी”। “योग व्यायाम” हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति (immunity) को बढ़ाने में मदद कर हमें स्वस्थ बनाता हैं। हमारी भारतीय जीवन शैली ऐसी है कि हम इस माहामारी से डट कर सामना कर रहे हैं। पिछले लॉकडाउन के पश्चात इस समय जनता अधिक तैयार हैं, आप सभी अपने परिवार को समय देवें, दैनिक दिनचर्या में अध्ययन, व्यायाम जैसी गतिविधियों को जोड़े, छात्र अपने शिक्षा क्षेत्र से सम्बंधित किताब और आर्टिकल्स पढ़े हम डिजिटल युग के युवा हैं हमे समय का सदुपयोग करना चाहिए। घर पर रहकर नई कार्यो को सीखे; आज के दौर में हर प्रकार की जानकारी एवं प्रशिक्षण ऑनलाइन मौजूद हैं। हम इस समय मे महात्माओं, धार्मिक, राष्ट्रीय, सामाजिक विषय पर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। साहयता के साथ सुरक्षा भी आवश्यक है, हमे इस माहामारी मे समाज की साहयता करने के साथ साथ खुद की और दूसरों सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है; आप शासकीय नियमो का पालन करते रहे, आपके घर के आस-पास पशुओं की सेवा करें
  • राजेश मूणत ने दिया जनता कांग्रेस को समर्थन क्यों ?
    भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने फेसबुक पर पोस्ट के माध्यम से जनता कांग्रेस जोगी द्वारा छत्तीसगढ़ की कांग्रेसी सरकार द्वारा गोबर खरीदी का विरोध किए जाने का समर्थन किया है | फेसबुक में की गई अपनी टिप्पणी में उन्होंने स्पष्ट तौर पर लिखा है, *लेलो लेलो गोबर ले लो - भूपेश सरकार होश में आओ, होश में आओ, होश में आओ के नारों के साथ राजेश मूणत ने लिखा है कि शिक्षित युवाओं को नजरअंदाज कर और सभी भर्ती रद्द कर इन के भविष्य के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है, *मैं जनता कांग्रेस के इस विरोध का पूर्ण समर्थन करता हूं* जिंदगी में गोबर मचा दिस सरकार ह | यहां सवाल यह उठता है कि राष्ट्रीय स्तर की भारतीय जनता पार्टी को जनता कांग्रेस जोगी के आंदोलन को समर्थन देने की आवश्यकता क्यों पड़ी ? - क्यों नहीं भारतीय जनता पार्टी ने इस तरह का आंदोलन खुद किया ? - कहीं ऐसा तो नहीं कि छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी मरवाही उपचुनाव में जनता कांग्रेस जोगी को समर्थन देने जा रही है | क्या भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश मूणत के इस समर्थन का समर्थन करेंगे ? -