Top Story
  • रमन सिंह किस नैतिकता से डेढ़ साल में वादों का हिसाब मांग रहे --कांग्रेस
    वादा खिलाफी का पन्द्रह साल रिकार्ड बनाने वाले रमन सिंह किस नैतिकता से डेढ़ साल में वादों का हिसाब मांग रहे --कांग्रेस *कांग्रेस सरकार ने डेढ़ साल में 36 में से 22 वादे पूरे किए* रायपुर /5 जुलाई /पूर्व मुख्यमंत्री रमनसिंह द्वारा ट्वीट कर कांग्रेस सरकार से वायदों का हिसाब मांगे जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि वादा खिलाफी का लम्बा रिकार्ड बनाने वाले रमन सिंह किस नैतिकता से कांग्रेस सरकार से मात्र डेढ़ साल में ही वायदों का हिसाब मांग रहे है । कांग्रेस की सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डेढ़ साल में अपने जन घोषणा पत्र के 36 वायदों में से 22 वायदों को पूरा कर दिया है ।कांग्रेस की सरकार को पांच साल के लिए जनादेश मिला है।कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के जनघोषणा पत्र में पांच साल कार्यकाल में पूरा करने के लिए वायदा किया था आने साढ़े तीन सालों में कांग्रेस की सरकार अपने सारे वायदों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस से डेढ़ साल में ही सारे वायदों को पूरा करने की अपेक्षा करने वाले रमन सिंह भूल रहे है उन्होंने 2003के भाजपा के संकल्प पत्र के वायदों को 15 साल तीन बार सरकार चलाने के बाद भी पूरा नही किया था ।रमन सिंह और भाजपा ने 2003 में वायदा किया था हर आदिवासी परिवार को 10 लीटर वाली जर्सी गाय देंगे कभी पूरा नही किया ।भाजपा ने हर आदिवासी परिवार से एक को सरकारी नौकरी देने का वायदा किया ।भाजपा ने 2003 में ही राज्य के बेरोजगार युवाओं को 500 रु बेरोजगारी भत्ता देने का वायदा किया था जो कभी पूरा नही किया ।किसानों को धान पर पूरे पांच साल बोनस का वायदा कर सिर्फ चुनावी साल में बोनस देने वाले रमन सिंह आज किस नैतिकता से 2500 रु में धान खरीदी पर सवाल खड़ा कर रहे है । कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस की सरकार ने मोदी सरकार की अड़ंगेबाजी और धमकी से डरे बिना किसानों को धान की पूरी कीमत देने का रास्ता निकाला ।भाजपा की केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीति के कारण ही वायदा निभाने कांग्रेस ने राजीव गांधी न्याय योजना लागू की किसानों को धान के कीमत की अंतर राशि की पहली क़िस्त का भुगतान हो गया शेष दूसरी और तीसरी क़िस्त का भुगतान 20 अगस्त तक हो जाएगी। कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस सरकार के वायदों को पूरा करने की गति और गरीब किसान गांव विरोधी नीतियों को मिल रहे जन समर्थन से रमन सिंह और भाजपा विचलित हो गए हैं ।मुद्दा विहीन भाजपा नेता रोज अप्रसांगिक बयान बाजी कर खुद को चर्चा में बने रहने का बहाना खोज रहे हैं।
  • बिलासपुर हाई कोर्ट में भी पहुंचा करोना
    *बिलासपुर : हाईकोर्ट के महाधिवक्ता कार्यालय के पीआरओ प्रशांत गुप्ता कोरोना पॉजिटिव पाए गए* *अब सभी कर्मचारियों का करवाना होगा टेस्ट-* *पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी, आईजी दीपांशु काबरा, एसपी प्रशांत अग्रवाल को भी होना पड़ेगा क्वारन्टीन* बिलासपुर- छत्तीसगढ़ की न्यायधानी में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इस बीच बिलासपुर महाधिवक्ता दफ्तर के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर प्रशांत गुप्ता कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए - जिसके बाद यहां दफ्तर में काम करने वाले बाकी लोगो को भी कोरोना पॉजिटिव होने की आशंका को देखते हुए AG ऑफिस को कंटोनमेंट जोन घोषित करते हुए उसे सील कर दिया गया है। बता दें कि अभी गुरुवार को ही डीजीपी,आइजी, एसपी व सिविल लाइन थाना प्रभारी AG ऑफिस में मौजूद थे -* बिलासपुर में लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं - गौरतलब है कि बिलासपुर में कोरोना वायरस के मामलों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है. महाअधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा नें सीजी 24 न्यूज़ को बताया कि कोरोना पॉजिटिव की खबर पाते ही तत्काल वहां कार्य कर रहे सभी कर्मचारियों को होम क्वारन्टीन कर दिया गया है और पूरे ऑफिस को तत्काल बंद करने की कार्यवाही की गई है | बिलासपुर से मन्नू मानिकपुरी की रिपोर्ट विशेष उल्लेखनीय है कि प्रदेश के डीजीपी डीएम अवस्थी बिलासपुर आईजी दीपांशु काबरा बिलासपुर एसपी प्रशांत अग्रवाल हाईकोर्ट के एक मामले में निजी तौर पर बयान देने उपस्थित हुए थे जहां पर इन सब का संपर्क एजी ऑफिस के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर प्रशांत गुप्ता के साथ हुआ था पीआरओ प्रशांत गुप्ता के करोना पॉजिटिव होने की सूचना के बाद एजी ऑफिस को कंटोनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है साथ ही उनके संपर्क में आए लोगों की जानकारी एकत्र करने मैं पुलिस अमला लग गया है यहां विशेष उल्लेखनीय है कि जब प्रदेश के पुलिस डीजीपी डीएम अवस्थी, आई जी दीपांशु काबरा, एसपी प्रशांत अग्रवाल हाई कोर्ट में पेशी पर गए थे इस दौरान थे हाईकोर्ट के महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा ने इस बात की पुष्टि की है की उनके ऑफिस के पीआरओ करो ना पॉजिटिव पाए गए हैं तब डीजीपी आईजी और एसपी को भी क्वारंटाइन में जाना चाहिए अब देखने वाली बात यह है कि प्रदेश के डीजीपी डीएम अवस्थी बिलासपुर संभाग के आईजी दीपांशु काबरा जिले के एसपी प्रशांत अग्रवाल अपने आपको क्वॉरेंटाइन करते हैं कि नहीं
  • जून 2020 तक सरकार के पास जितना अनाज स्टॉक में है, उससे अगले 15 महीने तक गरीबों में अनाज बाँटा जा सकता है - डॉ. रमन

    मोदी विपरीत परिस्थितियों में भी चट्टान की तरह डटे रह चुनौतियों को भी अवसर के रूप में बदलने का हौसला रखते हैं : डॉ. रमन

    0 पत्रकार वार्ता में कहा : प्रमं गरीब कल्याण अन्न योजना अगले पांच महीनों तक जारी रखने का दूरदर्शी निर्णय स्वागत योग्य

    0 मोदी ने कोविड-19 के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में सजग और संवेदनशील नेतृत्व कर देशवासियों को आगे की राह दिखाई

    0 जून 2020 तक सरकार के पास जितना अनाज स्टॉक में है, उससे अगले 15 महीने तक गरीबों में अनाज बाँटा जा सकता है


    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विपरीत परिस्थितियों में भी चट्टान की तरह मजबूती के साथ डटे रहने वाले प्रधानमंत्री हैं जो चुनौतियों को भी देश के लिए अवसर के रूप में बदलने का हौसला और ताकत रखते हैं। कोरोना के संकट काल में मेडिकल इक्विपमेंट्स की दृष्टि से भारत को आत्मनिर्भर बनाने की बात हो, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से देश के 80 करोड़ लोगों के सशक्तिकरण की बात हो या फिर देश की जीडीपी के 10% के बराबर 20 लाख करोड़ रुपये की निधि से आत्मनिर्भर भारत की मुहिम, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने यह दिखा दिया है कि यदि 130 करोड़ देशवासी ठान लें तो भारत के लिए कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। डॉ. सिंह शुक्रवार को राजधानी में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
    भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोविड-19 के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में बहुत ही सजगता और संवेदनशीलता के साथ देश का नेतृत्व किया है और देशवासियों को आगे की राह दिखाई है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए 30 जून प्रधानमंत्री जी ने देश के 80 करोड़ जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क राशन की व्यवस्था को अगले पांच माह तक आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। डॉ. सिंह ने योजना की अवधि बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी को धन्यवाद ज्ञापित कर कहा कि देश के 80 करोड़ गरीबों के सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को अगले पांच महीनों तक जारी रखने का प्रधानमंत्री श्री मोदी का दूरदर्शी निर्णय एक स्वागत योग्य कदम है, जो गरीबों के उत्थान के लिए उनकी कटिबद्धता और संवेदनशीलता को दर्शाता है। इस योजना के तहत लाभार्थियों 05 किलो अनाज और एक किलो चना दाल मुफ्त मिलेगी। गरीब कल्याण पैकज के तहत अप्रैल 2020 से शुरू की गई इस योजना पर नवंबर 2020 तक लगभग 1.50 लाख करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अगले पांच महीनों में इस पर लगभग 90 हज़ार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
    पत्रकारों के सवालों का ज़वाब देते हुए भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 25 मार्च को देश में पहली बार लॉकडाउन की घोषणा की थी। इसके अगले दिन 26 मार्च को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1.70 लाख करोड़ के प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज  की घोषणा की थी। इस योजना में गरीबों को तीन महीने (अप्रैल, मई, जून) मुफ्त राशन और नकद राशि उपलब्ध कराना शामिल था। अब यह योजना पांच और महीनों के लिए बढ़ा दी गई है। डॉ. सिंह ने बताया कि योजना के तहत अप्रैल से जून के तीन महीनों के लिए कुल 104.3 लाख मीट्रिक टन चावल और 15.2 लाख मीट्रिक टन गेहूं की जरूरत थ, जिसमें से 101.02 लाख मीट्रिक टन चावल और 15 लाख मीट्रिक टन गेहूं अलग-अलग राज्यों और यूटी से लिया गया था। कुल 116.02 लाख लीट्रिक टन अनाज लिया गया। अप्रैल में 37.02 लाख मीट्रिक टन अनाज 74.05 करोड़ (93%) , मई में 36.49 लाख मीट्रिक टन अनाज 72.99 करोड़ (91%) और जून में 28.41 लाख मीट्रिक टन अनाज 56.81 करोड़ (71%) लोगों को मिला।
    भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि डॉ. सिंह ने कहा कि चावल और गेहूं के लिए सरकार ने 46 हजार करोड़ रुपए खर्च किए थे, जिसका पूरा खर्चा केंद्र सरकार ने ही उठाया था, वहीं तीन महीनों के लिए कुल 5.87 लाख मीट्रिक टन दाल की जरूरत थी। इसके लिए 5 हजार करोड़ रुपए का खर्च केंद्र सरकार ने ही उठाया। अप्रैल से जून तक 4.40 लाख मीट्रिक टन दाल बाँटी जा चुकी है। डॉ. सिंह ने बताया कि फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के डेटा के मुताबिक, जून तक सरकार के पास 832.69 लाख मीट्रिक टन अनाज है। इसमें 274.44 लाख मीट्रिक टन चावल और 558.25 लाख मीट्रिक टन गेहूं है। चावल और गेहूं के अलावा 18 जून तक 8.76 लाख मीट्रिक टन दालें स्टॉक में थीं। इसमें 3.77 लाख मीट्रिक टन तुअर दाल, 1.14 लाख मीट्रिक टन मूंग दाल, 2.28 लाख मीट्रिक टन उड़द दाल, 1.30 लाख मीट्रिक टन चना दाल और 0.27 लाख मीट्रिक टन मसूर दाल है। सरकार के मुताबिक, नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (एनएफएसए) और दूसरी योजनाओं के तहत हर महीने करीब 55 लाख मीट्रिक टन अनाज की जरूरत होती है। इस हिसाब से जून 2020 तक सरकार के पास जितना अनाज स्टॉक में है, उससे अगले 15 महीने तक गरीबों में अनाज बाँटा जा सकता है।

  • राज्य सरकार के नाकारेपन और स्तरहीन राजनीति के कारण श्रमिक बंधुओं का हो रहा नुकसान : भाजपा

    राज्य सरकार के नाकारेपन और स्तरहीन राजनीति के कारण श्रमिक बंधुओं का हो रहा नुकसान : भाजपा

    प्रदेश के ग़रीब को कल्याण से वंचित रखने का कुचक्र रचा है कांग्रेस ने : सुंदरानी


    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को गरीब कल्याण योजना से अलग रखे जाने के मामले पर भी कांग्रेस अपनी अक्षमता का ठीकरा भाजपा पर फोड़ने झूठ का जाल बुनने में लगी है। श्री सुंदरानी ने कहा कि आदतन झूठे कांग्रेस के लोग गरीबी रेखा के आंकडें को आधार बता रहे हैं इस योजना का। जबकि सच यह है कि प्रदेशों में आये श्रमिकों की संख्या के आधार पर इस योजना में राज्यों का चयन किया गया है न कि गरीबों की संख्या पर। सुंदरानी ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्र के आधार पर योजनायें बनती हैं, हर योजना हर राज्य में लागू हो, ऐसा नहीं होता, यह कांग्रेस भी बेहतर जानती है। देश के 37 राज्यों में से मात्र 6 राज्य में यह योजना प्रवासी श्रमिकों के आंकड़े के आधार पर लागू की गयी है। हालांकि अगर कांग्रेस अपनी स्वाभाविक अक्षमता नहीं दिखाती और झूठ का आंकड़ा नहीं बुनती तो निश्चय ही छत्तीसगढ़ में भी यह लागू हो सकती थी।
    भाजपा प्रवक्ता सुंदरानी ने कहा कि कांग्रेस के हर आंकड़े हाथी की दांत की तरह दिखाने और खाने के और होते हैं। वाहवाही लूटने के लिए इसने प्रवासी श्रमिकों के आंकड़े काफी कम बताये ताकि इसकी कथित विकास के पोल न खुल जाए इससे। लोग सवाल पूछते कि अगर ऐसा काम कर रहे तो पलायन क्यों हो रहा, तो दिल्ली में डींगें हांकने के अलग आंकड़े और प्रदेश में कुछ और तस्वीर दिखाना, इसी पैंतरेबाजी के कारण भूपेश बघेल ने प्रदेश का बंटाधार किया हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी अक्षमता का आलम यह है कि इस योजना के लिए बनायी गयी कमिटी के समक्ष शर्म से कोई आंकड़े इसने दिए ही नहीं। पश्चिम बंगाल, केरल और छत्तीसगढ़ ने इस तरह अपने प्रदेशों में इस योजना को लागू नहीं होने दिया ताकि बाद में मजदूरों की भूख पर अपनी रोटी सेंक सकें।
    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्री सुंदरानी ने कहा कि लोकसभा के माध्यम से केंद्र सरकार ने 2020 में राज्य की कांग्रेस सरकार से पूछा था कि छत्तीसगढ़ से कितने लोगों (प्रवासी मजदूरों) ने देश के अन्य राज्यों में पलायन किया है? राज्य सरकार बताया कि मात्र सवा लाख प्रवासी मजदूर राज्य से बाहर काम करने गए हैं जबकि लौटकर आने वाले प्रवासी श्रमिकों की संख्या लगभग पाँच लाख आँकी जा रही है। राज्य सरकार की इसी तरह झूठ बोल-बोल कर परेश का नुकसान करती रही है।
    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्री सुंदरानी ने  कहा कि पहले कांग्रेस ने झूठ फैलाया कि क्योंकि कांग्रेस शासित राज्य है छत्तीसगढ़, इसलिए उसे इस योजना में शामिल नहीं किया गया है। भाजपा द्वारा यह जवाब देने पर कि फिर राजस्थान में 22 जिले कैसे शामिल कर लिए गए, कांग्रेस के झूठ की पोल खुल गयी तो फिर नए आरोप के साथ आयी कि क्योंकि बिहार में चुनाव है इसलिए यह योजना लागू की गयी। इसका भी जवाब भाजपा ने देते हुए सवाल पूछा गया कि क्या झारखंड और ओडिशा में भी चनाव है? वहां कैसे यह योजना लागू की गयी तो हर बार बिना शर्म किये नए नए आरोप गढ़ने में माहिर कांग्रेस अब कुछ और आरोपों के साथ आयी है क्योंकि कहने के लिए इस अक्षम सरकार के पास कुछ नहीं है। कांग्रेस और उसकी नाकारा सरकार को न तो प्रदेश के विकास से कोई सरोकार है, न यहाँ के लोगों के कल्याण की उसे फ़िक्र है और न ही वह प्रवासी मज़दूरों के प्रति संवेदनशील है।
    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्री सुंदरानी ने  कहा कि हर मामले में कांग्रेस झूठ बोलने और दोहरे आचरण की आदी हो गयी है। केंद्र से सहायता मांगने समय अपनी हालत ख़राब बताना और भाषणों में प्रदेश को नंबर वन बताना इसकी आदत हो गयी है। अभी कोरोना काल में भी इसने बार-बार यही किया। एक तरफ केंद्र सरकार को बता रही है कि सवा लाख मजदूर प्रवास पर गए हैं और दूसरी तरफ यह दावा भी कर रही है कि 10 लाख से अधिक लोगों को क्वारेंटाइन किया जा चुका है। अभी केंद्र को चिट्ठी लिखा कि ‘अन्न योजना’ को तीन महीने बढाया जाय, जब मोदी जी ने पूरे देश के लिए स्वतः स्फूर्त इसे पांच महीने बढ़ा दिया तो अब कह रही है कि कांग्रेस को तो इसकी ज़रुरत ही नहीं थी। वह प्रदेश के हिस्से का अनाज उठा तक नहीं पा रही है। एक तरफ रोज वह पैसे मांगने केंद्र के पास पहुँचती है जबकि सीएम राहत कोष का कुछ करोड़ रुपया ही खर्चने में इसे पसीने आ रहे। जिस भी काम में भ्रष्टाचार की गुंजाइश नहीं हो, उसे यह किसी कीमत पर करना नहीं चाहती चाहे जनता को उसका कितना भी नुकसान हो।
    श्री सुंदरानी ने कहा कि अपनी ऐसी पैंतरेबाजी के लिए कांग्रेस नेताओं को शर्म महसूस करनी चाहिए और प्रदेश के हित में पूरी ईमानदारी के साथ सतर्क रहकर काम करना चाहिए।  वादाख़िलाफ़ी, झूठ-फ़रेब और प्रतिशोध की राजनीति कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र का स्थायी भाव है, यह प्रदेश में कांग्रेस ने अपने डेढ़ साल के शासन में प्रदेश को अच्छी तरह बता दिया है। उनोने कहा कि भाजपा यह बार-बार कहती है कि सत्ता पक्ष को जनता और विपक्ष के प्रति जवाबदेह होना चहिये। उसे विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए न कि खुद रोज चार सवाल के साथ अपनी विफलता को छिपाने की कवायद करने में जुटे रहना चाहिए l

  • छत्तीसगढ़ सरकार की सकारात्मक पहल से जीएसटी, ऑटोमोबाईल, कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में आयी तेजी

    अनलॉक होते ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार

    जीएसटी संग्रहण पिछले वर्ष के मुकाबले 22 प्रतिशत बढ़ा
    वाहन रजिस्ट्रेशन में मई माह की तुलना में साढ़े तीन गुना वृद्धि
    संकट के इस काल में छत्तीसगढ़ ने दिखाई राह - मुख्यमंत्री 

        रायपुर, 2 जुलाई 2020

    कोरोना वायरस (कोविड-19) के चलते पूरे देश में जहां आर्थिक मंदी का माहौल है, वहीं अनलॉक के बाद छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था पूरी रफ्तार से चल पड़ी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए गए सकारात्मक प्रयासों से राज्य में जीएसटी, आटोमोबाईल, कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में तेेजी देखी जा सकती है। राज्य में जीएसटी संग्रहण पिछले वर्ष की तुलना में जहां 22 प्रतिशत अधिक बढ़ा है, वहीं वाहनों के रजिस्ट्रेशन में मई माह की तुलना में जून माह में साढ़े तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही मनरेगा के तहत लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने और वनवासियों को राहत पहंुचाने के लिए वनोपजों के संग्रहण में छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर है।
        लॉकडाउन के दौरान भी छत्तीसगढ़ में जीएसटी में इजाफा हुआ है। पिछले साल जून महीने के मुकाबले इस साल जून में 22 फीसदी ज्यादा जीएसटी का संग्रह हुआ है। वर्ष 2019 में जहां 2,093 करोड़ रूपए जीएसटी संग्रह हुआ था, वहीं 2020 में 2,549 जीएसटी प्राप्त हुआ है। लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ में ऑटोमोबाइल इंड्रस्ट्री में भी बेहतर कारोबार देखने को मिला है। जून 2020 में जयपुर (राजस्थान) के बाद रायपुर (छत्तीसगढ)़ में सर्वाधिक कार और बाइक की बिक्री हुई है। रायपुर में मई माह में जहां 7 हजार 603 बाइक बिकी थी, वहीं जून माह में यह संख्या बढ़कर 27 हजार हो गई। इसी तरह मई माह में एक हजार 107 कार बिकी थी, वहीं जून में यह संख्या बढ़कर 2 हजार 889 हो गई। आरटीओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार लॉकडाउन अवधि में छत्तीसगढ़ में अप्रैल माह में 891 वाहन, मई माह में 9681 वाहन और जून माह में 32 हजार 982 वाहनों का रजिस्ट्रेशन परिवहन कार्यालयों में हुआ है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना की प्रथम किस्त प्राप्त होने के बाद राज्य में किसानों ने 3 हजार नये टेªक्टर भी खरीदे हैं।
        छत्तीसगढ़ राज्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में जॉब कॉर्डधारी परिवारों को 100 दिनों का रोजगार देने में देश में शीर्ष स्थान पर है। इसी प्रकार लक्ष्य के विरूद्ध रोजगार सृजन में देश में दूसरे स्थान पर है। पहली तिमाही में ही राज्य में 8.85 करोड़ मानव दिवस का रोजगार सृजन किया गया है। अब तक 55,981 परिवारों ने 100 दिनों का रोजगार प्राप्त कर लिया है। देश में 100 दिनों का रोजगार हासिल करने वाले कुल परिवारों में अकेले छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत है। छत्तीसगढ़ ने रोजगार सृजन के मामले में सालभर के लक्ष्य का 66 प्रतिशत पूरा कर लिया है। इसमें लक्ष्य का 70 प्रतिशत से अधिक काम का लक्ष्य हासिल करने में नक्सल प्रभावित जिले आगे हैं।
        मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए वनोपजों की संख्या 7 से बढ़ाकर 31 कर दी है। इससे प्रदेश के वनवासी परिवारों को काफी राहत मिली है। लॉकडाउन अवधि में छत्तीसगढ़ प्रदेश लघु वनोपजों के संग्रहण में देश में पहले नम्बर पर है। छत्तीसगढ़ ने वनोपज संग्रहण के सालाना लक्ष्य को 6 माह में पूरा कर लिया है। राज्य में अब तक 104 करोड़ के डेढ़ लाख क्विंटल लघु वनोपजों का संग्रहण किया गया है।
        वैश्विक महामारी कोविड-19 की वजह से उत्पन्न कठिन परिस्थितियों के बावजूद छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गयी है। सीएमआईई के सर्वेक्षण में प्रदेश में बेरोजगारी की दर अप्रैल माह में 3.4 प्रतिशत रही, जो 12 महीने के सबसे निचले स्तर पर थी। यह उसी अवधि में राष्ट्रीय बेरोजगारी की दर (23.5 प्रतिशत) से काफी कम रही। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ में कृषि और उससे सम्बंधित कार्यों में बनी तेजी को सराहा। उसने अपनी रिपोर्ट में बताया कि देश व्यापी लॉकडाउन में भी छत्तीसगढ़ ने तेजी से आर्थिक वृद्धि दर्ज की है।
        मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि संकट के इस समय में भी छत्तीसगढ़ प्रदेश ने देश को राह दिखाई है। इस दौरान राज्य ने जो उपलब्धियां हासिल कीं वह शासन के संकल्प का परिणाम तो है ही, छत्तीसगढ़ के लोगांे के अनुशासन का भी परिणाम है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी को नियंत्रित करने और उपचार की सुविधाएं मुहैया कराने के मामले में भी हमारी स्थिति बेहतर है। इसी संकल्प और अनुशासन के साथ हम न सिर्फ इस संकट से पार पाएंगे, बल्कि नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने के अपने लक्ष्य को समय पर हासिल भी कर लेंगे।

  • कोरोना कहर के बीच अच्छी खबर: प्लाज्मा थैरेपी से जल्द शुरू होगा कोविड-19 का इलाज

    आगरा में जारी कोरोना कहर के बीच एक अच्छी खबर आई है। एसएन मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी से जल्द ही कोविड का इलाज शुरू किया जाएगा।

    आगरा में जारी कोरोना कहर के बीच एक अच्छी खबर आई है। एसएन मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी से जल्द ही कोविड का इलाज शुरू किया जाएगा। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से इसकी अनुमति मिल गई है। अब एसएनएमसी में भी मरीजों को इसका लाभ मिल सकेगा।

    एसएन मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी से इलाज नोएडा के एसएसपीएच और पीजीटीआई के सहयोग से किया जाएगा। नोएडा में डा. आरके सिंह ने इसके लिए प्लाज्मा दान किया था। बता दें कि डा. आरके सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैंया में तैनात हैं। उन्होंने कोरोना से जंग जीती है। एसएन मेडिकल कॉलेज ने लगभग 30 लोगों से प्लाज्मा दान करने के लिए संपर्क किया था। जिसमें से तीन लोगों ने हामी भरी थी। किसी एक और ने प्लाज्मा दान किया है। डा. आरके सिंह ने बताया कि हर डॉक्टर का फर्ज अपने मरीज को बचाना होता है। एसएनएमसी से फोन आया, मैंने प्लाज्मा दान कर दिया। प्लाज्मा तकनीक कोविड-19 संक्रमण के इलाज में उम्मीद की एक किरण हो सकती है।

    क्या है कान्वलेसन्ट प्लाज्मा थेरेपी

    कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों के रक्त प्लाज्मा से इस रोग से पीड़ित अन्य मरीजों का उपचार किया जाएगा। कोरोना से ठीक हो चुके एक व्यक्ति के खून से 4 कोरोना पीड़ितों का इलाज किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार वे मरीज जो किसी संक्रमण से उबर जाते हैं उनके शरीर में संक्रमण को बेअसर करने वाले प्रतिरोधी एंटीबॉडीज विकसित हो जाते हैं। इन एंटीबॉडीज के जरिए नए मरीज के शरीर में मौजूद वायरस को खत्म किया जाता है।

    जब कोई वायरस व्यक्ति पर हमला करता है तो उसके शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज कहे जाने वाले प्रोटीन को विकसित करती है। अगर कोई संक्रमित व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में एंटीबॉडीज विकसित करता है तो वह वायरस से होने वाली बीमारियों से उबर सकता है।

    14 दिन बाद ही लिया जा सकता है प्लाज्मा

    किसी मरीज के शरीर से प्लाज्मा (एंटीबॉडीज) उसके ठीक होने के 14 दिन बाद ही लिया जा सकता है और उस रोगी का कोरोना टेस्ट एक बार नहीं, बल्कि दो बार किया जाएगा। इतना ही नहीं ठीक हो चुके मरीज का एलिजा टेस्ट भी किया जाएगा, ताकि यह पता चल सके कि उसके शरीर में एंटीबॉडीज की मात्रा कितनी है। इसके अलावा प्लाज्मा देने वाले व्यक्ति की पूरी जांच की जाती है कि कहीं उसे कोई और बीमारी तो नहीं है। कोरोना से ठीक हुए मरीज से चार लोगों को इलाज संभव है।

  • कोरोना पर अरविंद केजरीवाल ने कहा- दिल्ली में ठीक हुए 67 प्रतिशत मरीज, अब हालात काबू में

    कोरोना पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज प्रदेश में 67 प्रतिशत मरीज ठीक हो चुके हैं. अब 100 में सिर्फ 13 मरीज पॉजिटिव आ रहे हैं. बुधवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि अब पहले से स्थिति सुधरी है. पहले जहां 100 में 31 लोग पॉजिटिव आ रहे थे, वहीं अब सिर्फ 13 मरीज पॉजिटिव आ रहे हैं. हम बड़ी मेहनत से कोरोना को कंट्रोल कर रहे हैं.

    मुख्यमंत्री ने कहा, 'दिल्ली में पहले से स्थिति सुधरी है. अब हालात काबू में है. हम बड़ी मेहनत से कोरोना को कंट्रोल कर रहे हैं. दिल्ली में आज 67 प्रतिशत मरीज ठीक हो चुके हैं. हमने 15 हजार बेड का इंतेज़ाम कर लिया है. आज सिर्फ 26 हजार एक्टिव केस हैं. अस्पताल में सिर्फ 5,800 एक्टिव केस हैं.'

    अब 100 में सिर्फ 13 लोग आ रहे हैं पॉजिटिव- केजरीवाल

    केजरीवाल ने आगे कहा कि 23 जून से पहले तक दिल्ली में 100 में 31 लोग कोरोना पॉजिटिव आ रहे थे, लेकिन अब सिर्फ 13 लोग ही पॉजिटिव आ रहे हैं. स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन अब भी सावधानी बरतने की ज़रूरत है. मैं आप सभी से अपील करता हूं कि बिना मास्क लगाए बाहर न निकलें.

  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शासन की तरफ से दो मंत्रियों को प्रवक्ता नियुक्त किया
    पत्रकारों की मांग पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शासन की तरफ से वक्तव्य देने के लिए निम्नलिखित दो मंत्रियों को अधिकृत किया है। 1- मंत्री रविंद्र चौबे 2- मंत्री मोहम्मद अकबर रविंद्र चौबे और मोहम्मद अकबर शासन की तरफ से मीडिया के सवालों का जवाब देने के लिए नियुक्त किए गए हैं मंत्री प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रियों के विभागों की गतिविधियों उनसे संबंधित सभी सवालों के जवाब पत्रकारों को देंगे
  • कोरोनिल पर रामदेव बोले- ड्रग माफिया, MNC माफिया सब बेनकाब होंगे और आयुर्वेद स्थापित होगा

    पतंजलि ने 23 जून को 'कोरोनिल' दवा लॉन्च की थी. उन्होंने दावा किया था कि ये दवा कोरोना वायरस का 100 फीसदी इलाज कर सकती है.पतंजलि की दवा 'कोरोनिल' पर हुए विवाद के बाद अब बुधवार को योग गुरु बाबा रामदेव प्रेस कॉन्फ्रेंस की. रामदेव ने कहा, 'अभी तो हमने एक कोरोना के बारे में क्लीनिकल कंट्रोल ट्रायल का डाटा देश के सामने रखा तो एक तूफान सा उठ गया. उन ड्रग माफिया, मल्टीनेशनल कंपनी माफिया, भारतीय और भारतीयता विरोधी ताकतों की जड़ें हिल गईं.'

    रामदवे ने कहा, "ऐसा लगता है कि हिन्दुस्तान के अंदर योग आयुर्वेद का काम करना एक गुनाह है. सैकड़ों जगह एफआईआर दर्ज हो गईं, जैसे किसी देशद्रोही और आतंकवादी के खिलाफ दर्ज होती हैं. हमने कोरोना की दवा पर अच्छी पहल की है. लेकिन लोग हमें गाली दे रहे हैं. आप हमें गाली दो. लेकिन कम से कम उन लोगों के साथ हमदर्दी रखो, जो कोरोना वायरस से पीड़ित हैं और जिन लाखों-करोड़ों बीमार लोगों का पतंजलि ने इलाज किया है."

    लाइसेंस पर रामदेव ने दी सफाई

    रामदेव ने सफाई में कहा, आयुर्वेद दवाइयों को बनाने का यूनानी और आयुर्वेद डिपार्टमेंट से लाइसेंस लिया है. ये आयुष मंत्रालय से संबंधित होता है. उन्होंने ये भी कहा, आयुर्वेद में सभी दवाइयों का रजिस्ट्रेशन उनके परमपरागत गुणों के आधार पर होता है. कोई भी औषधि का अनुसंधान है, क्लिनिकल कंट्रोल ट्रायल है, उसका प्रोटोकोल आयुर्वेद तय नहीं करता है. इसलिए इस दवा का आयुर्वेदिक ड्रग लाइसेंस परमपरागत गुणों के आधार पर लिया गया है.

    रामदेव ने कहा, कोरोनिल दवा से जुड़ी पूरी रिसर्च आयुष मंत्रालय को दी है जिसको भी देखना है वो देख सकता है. हमने मॉडर्न साइंस के प्रोटोकॉल के तहत रिसर्च की है. कोरोनिल में गिलोय,अश्वगंधा और तुलसी का संतुलित मात्रा में मिश्रण है.

  • मुंबई: कोरोना काल में नहीं सजेगा लालबाग के राजा का पंडाल, 11 दिन तक लगेंगे ब्लड कैंप

    महाराष्ट्र में जानलेवा कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए इस साल लालबाग में गणेशोत्सव नहीं मनाया जाएगा. गणेश उत्सव की जगह इस साल आरोग्य उत्सव मनाया जाएगा.

    महाराष्ट्र में जानलेवा कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए इस साल मुंबई के लालबाग में गणपति उत्सव नहीं मनाया जाएगा. गणेशोत्सव की जगह इस साल यहां आरोग्य उत्सव मनाया जाएगा. लालबाग राजा गणपति मंडल ने कहा कि मुंबई में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. बता दें कि इस साल गणेशोत्सव 22 अगस्त से शुरू हो रहा है.

     

    गणपति मंडल का कहना है कि इस साल 11 दिन तक पंडाल में ब्लड कैंप लेंगे और पूरा फोकस प्लाजमा बैंक की मदद करना होगा.

    लालबाग में लगेगा ब्लड डोनेशन कैंप 

     

    लालबाग के गणपति मंडल ने इस साल गणेशोत्सव की जगह आरोग्य उत्सव मनाने का फैसला लिया है. इसमें 11 दिन का ब्लड डोनेशन कैंप लगाया जाएगा. वहीं इसमें प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना मरीज़ों का इलाज भी होगा. मंडल ने बप्पा के भक्तों से प्लाज्मा और ब्ल्ड डोनेट करने की अपील भी की है.

     

    गणपति मंडल जीएसबी ने 2021 तक स्थगित किया गणेश उत्सव

     

    इससे पहले मुंबई के सबसे अमीर गणपति मंडल जीएसबी ने कोरोना वायरस के कारण 2021 तक गणेशोत्सव को स्थगित कर दिया है. जीएसबी का गणेश मंडल बप्पा की मूर्ति पर करोड़ों के गहनों से श्रृंगार करता है. माना जाता है कि जीएसबी के गणेश दरबार में जो भी मुराद मांगी जाती है, वो पूरी होती है.

     

    गणेश मंडलों के प्रतिनिधियों की मुख्यमंत्री के साथ हुई थी बैठक

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हाल ही में मुंबई में गणेश मंडलों के प्रतिनिधियों की महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, डिप्टी सीएम अजित पवार और गृहमंत्री अनिल देशमुख के साथ बैठक हुई थी. इसमें मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा था कि गणेशोत्सव महाराष्ट्र की परंपरा और संस्कृति है, लेकिन इस साल इसे सादगी से मनाया जाए.

     

    महाराष्ट्र में तेज़ी से बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले

     

    महाराष्ट्र में जानलेवा कोरोना वायरस का तेज़ी से फैलाव हो रहा है. बीते एक दिन में यहां कोरोना के लगभग पांच हज़ार नए केस सामने आए हैं. इसके साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या एक लाख 74 हजार 761 हो गई है. वहीं 7,855 लोग इस संक्रमण के कारण अपनी जान गवां चुके हैं. राज्य के सबसे ज्यादा केस मुंबई से देखने को मिले हैं. अकेले मुबंई से राज्य के 60 प्रतिशत से ज्यादा केस सामने आए हैं.

  • ईरान की राजधानी तेहरान के एक क्लीनिक में भीषण धमाका, 19 लोगों की मौत

    ईरान की राजधानी तेहरान से विस्फोट की खबर आ रही है। न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक उत्तरी तेहरान के एक क्लीनिक में हुए धमाके में 19 लोग मारे गए हैं। स्टेट टेलीविज़न ने बताया कि सीना अतहर के स्वास्थ्य केंद्र में विस्फोट से आसपास की इमारतों को नुकसान पहुंचा।

    तेहरान के अग्निशमन विभाग के प्रवक्ता जलाल मालेकी ने भी न्यूज एजेंसी को बताया कि दमकलकर्मियों ने छह और लोगों को बरामद किया जिनकी लगभग दो घंटे बाद धमाके से मौत हो गई थी। मृतकों में से पंद्रह महिलाएं थीं।मालेकी ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि क्लिनिक के तहखाने में रखे गैस कनस्तरों में आग लगने के कारण विस्फोट हुआ। उन्होंने कहा कि पीड़ितों में से कुछ ऑपरेशन रूम में ऊपरी मंजिलों में थे। कुछ मरीज़ों के ऑपरेशन किए जा रहे थे और कुछ उनके साथ वाले थे। आपको बता दें कि विस्फोट की यह घटना ईरान की राजधानी में एक सैन्य परिसर के पास विस्फोट के चार दिन बाद हुई है।

  • पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह है युवक के अग्निस्नान के जवाबदार - कांग्रेस
    रायपुर/30 जून 2020। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने खुलासा करते हुए कहा कि कल आत्महत्या का प्रयास करने वाले धमतरी निवासी हरदेव सिन्हा ने दिनांक 29/03/2017 को तत्कालीन भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को भृत्य पद की नियुक्ति हेतु आवेदन जनदर्शन कार्यक्रम में सौंपा था जिसका की क्रमांक-2017/848 था। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने ट्विटर में लिखा है कि हरदेव सिन्हा के आत्महत्या के प्रयास को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सफलता समझे या विफलता अब जब सारे तथ्य सामने आ चुके हैं और यह स्पष्ट हो चुका है कि धमतरी निवासी हरदेव सिन्हा तत्कालीन भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह को लिखित में पत्र सौंपकर सरकारी नौकरी की मांग की थी उस पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने अपने डेढ़ साल के अंतिम कार्यकाल में पहल क्यों नहीं किया? कांग्रेस पार्टी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह कर आरोप लगाते हुए कह रही है की भाजपा शासनकाल में 25 लाख बेरोजगार पंजीकृत और 25 लाख बेरोजगार अपंजीकृत थे और जिस युवक ने आत्मदाह का प्रयास किया वह भी पूर्ववर्ती भाजपा से ही प्रताड़ित था इस सवाल का जवाब भारतीय जनता पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को जनता के समक्ष आ कर देना चाहिए।