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  • रायपुर जिला पंचायत की नई अध्यक्ष बनी डोमेश्वरी वर्मा
    ब्रेक :- रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस ने मारी बाजी - कांग्रेस समर्थित सोमेश्वरी वर्मा बनी जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष ---- कांग्रेस की उम्मीदवार डोमेश्वरी वर्मा को मिले 12 वोट प्रतिद्वंदी भाजपा उम्मीदवार को मिले केवल 4 वोट जिला पंचायत अध्यक्षों की जीत में कांग्रेस का जीत का सिलसिला जारी।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पीएल पुनिया ने तीखे जुबानी हमले किए
    कांग्रेस सांसद छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में अनुसूचित जाति-जनजाति आरक्षण में संशोधन अधिनियम के विषय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान पुनिया ने कहा कि संशोधित आरक्षण अधिनियम के जरिए भाजपा सरकार देश के आदिवासियों और पिछड़ों के तरक्की करने का अधिकार छीन रही है। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखे जुबानी हमले किए। पुनिया ने कहा- जब पहली बार प्रधान-मंत्री बने थे, तब संसद में सीढ़ियों पर मत्था टेककर प्रवेश किया था। अब उसी संसद का अपमान करने वाले कानून पास करवा रहे हैं। नाथूराम गोडसे ने भी इसी तरह पहले गांधी जी के पैर छुए फिर उनको गोली मार दी। यह इनकी संस्कृति है। केंद्र सरकार और भाजपा आरक्षण खत्म करना चाहती है। भाजपा एसटी एससी और ओबीसी आरक्षण को लेकर कुठाराघात करना चाहती है। भाजपा आरक्षण का खुलकर विरोध कर रही है। फैसले के पैराग्राफ 8 और 12 में भी इसका उल्लेख है। यह कहा गया है कि एसटी-एससी-ओबीसी आरक्षण कोई वैधानिक अधिकार नहीं है। राज्यों का भी वैधानिक उत्तरदायित्व नहीं है। यह सरकार के विवेक पर निर्भर करता है कि वह किसी वर्ग को आरक्षण दे या नहीं दे। बता दें कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी इन दिनों अपने-अपने प्रभार वाले प्रदेशों में 12 से 14 फरवरी के बीच आरक्षण को लेकर प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं। इस दौरान पीसीसी चीफ मोहन मरकाम और आईआईसी के प्रभारी सचिव चंदन यादव सहित कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।
  • अजमेर शरीफ । हाजी अली । हजरत निजामुद्दीन
    अजमेर शरीफ। हाजी अली। हजरत निजामुद्दीन जैसी मुस्लिम धार्मिक जगहों पर दर्शन करने पाकिस्तान से आने वाले पर्यटको दर्शनार्थियों पर प्रति व्यक्ति $40 की फीस भारत सरकार को लगा देना चाहिए ! क्योंकि जब पाकिस्तान करतारपुर साहिब दर्शन करने जाने वाले हिंदुस्तानियों भारतवासियों से $20 प्रति व्यक्ति वसूल करने का नियम लागू कर सकता है तो भारत को भी चाहिए कि पाकिस्तान से आने वाले दर्शनार्थियों से प्रति व्यक्ति $40 की एंट्री फीस, पासपोर्ट और वीजा के अलावा लगा देना चाहिए | पाकिस्तान के अनेक नेता अधिकारी हिंदुस्तान के अजमेर शरीफ दर्शन करने आते हैं उन्हें भी तो पता लगे कि प्रति व्यक्ति। $40 सिर्फ दर्शन के लिए देना कितना तकलीफ दायक और खर्चीला है। हिंदुस्तान के सभी सिख भाइयों से अपील है कि इस मैसेज को वायरल करें ताकि हमारी सरकार भी हमारे विरोध को मद्देनजर रखते हुए पाकिस्तानी दर्शनार्थियों पर $40 प्रति व्यक्ति लगाकर राजस्व में बढ़ोतरी तो करें ही साथ ही पड़ोसी देश को एहसास कराएं। कि हमारे। देश के नागरिक। जब आपके देश में दर्शन करने जाएंगे तो आप। प्रति व्यक्ति दर्शन चार्ज लगाएंगे और भारत क्यों ना लगाए | सीजी 24 न्यूज़
  • रॉयल स्टैग शराब के विज्ञापन में नीचे लार्ज एंड शार्ट फिल्म लिखकर की जा रही धोखाधड़ी।
    रॉयल स्टेग शराब कंपनी और सिंबा बीयर की स्पॉन्सरशिप में राजधानी रायपुर के शैमरॉक ग्रीन होटल में होने वाले पंजाबी म्यूजिक फेस्टिवल के बारे में आबकारी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर रायपुर, नोहर सिंह -- आबकारी भवन में उच्च अधिकारी एपी त्रिपाठी शराब के अवैध विज्ञापन के बारे में कोई भी संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं दे पा रहे हैं | सभी मामले को टाल रहे हैं। हम आपको बता दें कि नियमानुसार शराब और बीयर का विज्ञापन नहीं हो सकता। वहीं दूसरी तरफ अधिकारियों का कहना है कि शराब कंपनियां चालबाजी कर विज्ञापन के नीचे प्रोडक्ट का दूसरा नाम लिखकर प्रचार करती हैं - जिसके कारण हम कार्यवाही नहीं कर पाते | हम इन अधिकारियों से पूछना चाहते हैं कि जब आप जान रहे हैं कि संबंधित शराब कंपनियां फर्जी तरीके से विज्ञापन कर रही हैं और आप लोग उनपर कोई कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे हैं ? उन्हें कोई नोटिस क्यो नहीं भेज रहे ? उनसे यह जानकारी क्यों नहीं ले रहे -- कंपनियों से यह क्यों नहीं पूछते? कि जो शब्द आपने नीचे लिखा है वह प्रोडक्ट कहां हैं? अगर रॉयल स्टैग के नीचे लार्ज एंड शार्ट फिल्म लिखा है तो विभाग को रॉयल स्टैग कंपनी से पूछना चाहिए कि रॉयल स्टैग बैरल के नाम से कौन सी फिल्म बनी है? कौन सी फिल्म का प्रोडक्शन इस कंपनी ने किया है? कौन सी फिल्म का डायरेक्शन किया है ? और कहां है उसका रजिस्ट्रेशन? अब इन सब चीजों को जानकर भी अगर संबंधित विभाग अनजान बना है तो यह साफ जाहिर होता है कि अधिकारी और शराब कंपनियों की आपस में मिलीभगत है ! इनके बीच में लेनदेन होता है ! शराब कंपनियां बिंदास शराब का विज्ञापन कर रही हैं और अधिकारी हाथ पर हाथ धरे चुपचाप बैठे अपनी जेबें भर रहे हैं ! यहां एक और बड़ा सवाल उठता है कि अगर अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं तो शासन प्रशासन क्या कर रहा है? जनप्रतिनिधि क्या कर रहे हैं? संबंधित विभाग के मंत्री क्या कर रहे हैं? ---- क्यों नहीं कर रहे? ऐसी अधिकारियों पर कार्यवाही जिनकी ड्यूटी इन सब की मॉनिटरिंग करना है और नियम विरुद्ध कार्य करने वालों पर सख्त से सख्त कार्यवाही करना है। इस आयोजन के एक और स्पॉन्सर सिंबा बियर के विज्ञापन में लिखा है पावर्ड बाय फाइनली क्राफ्टेड सिंबा | अब इन अधिकारियों से हम यह पूछना चाहेंगे कि फाइनली क्राफ्टेड सिंबा का कौन सा प्रोडक्ट मार्केट में है ? जिसके कारण यह अधिकारी बियर कंपनी पर कार्यवाही करने से पीछे हट रहे हैं -- गूगल में सर्च करने पर भी फाइनली क्राफ्टेड सिंबा लिखने पर क्लियर कट बियर के प्रोडक्ट और बीयर कंपनी के बारे में ही पूरी जानकारी सामने आती है। फिर कैसे कहा जा सकता है कि यह विज्ञापन बियर कंपनी का नहीं है | आबकारी विभाग एवं संबंधित सभी विभागों के अधिकारियों द्वारा टालमटोल करने से यह साफ जाहिर होता है कि संबंधित अधिकारियों और शराब एवं बीयर कंपनियों के बीच कुछ ना कुछ सांठगांठ है। तभी सभी अधिकारी तमाम शिकायतों के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं करते | संभव है सत्ता का दबाव भी इन अधिकारियों पर होता होगा ! यह अधिकारी ही बताएंगे कि इन पर सत्ता का दबाव है या रिश्वत का ? अब देखना यह है कि तमाम प्रमाण उपलब्ध करवाने के बावजूद। बिना परमिशन। आए हो रहे इस आयोजन पर। सभी संबंधित विभाग क्या कार्यवाही करते हैं? और यह कार्यक्रम अगर निर्धारित मापदंडों के बगैर हुआ तो इस मामले को न्यायालय में भी ले जाया जा सकता है।
  • शराब का विज्ञापन करना प्रतिबंधित है - पब्लिक प्लेस में शराब पीना और पिलाना गैरकानूनी है

    केंद्र सरकार द्वारा शराब का विज्ञापन करना प्रतिबंधित है - तो विज्ञापन कैसे किया जा सकता है ?

    आबकारी विभाग के नियमों के अनुसार पब्लिक प्लेस में शराब पीना और पिलाना गैरकानूनी है , तो ऐसा करने वालों के खिलाफ आबकारी विभाग कोई कार्यवाही क्यों नहीं करता ?

    शादी विवाह या अन्य किसी आयोजन में शराब पिलाने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है, तो बिना लाइसेंस लिए शराब पिलाने पर विभाग कोई कार्यवाही क्यों नहीं करता ?

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आबकारी विभाग अर्थात एक्साइज डिपार्टमेंट इन सब गैरकानूनी कार्यो को शह दे रहा है - देख कर भी अनजान बना हुआ है। इससे तो ऐसा जान पड़ता है कि अधिकारियों की मिलीभगत है।

    हम आपको बता दें राजधानी रायपुर के शैमरॉक ग्रीन होटल में 8 फरवरी को गाना क्रास ब्लेड एक्सप्रेस के नाम से पंजाबी म्यूजिक फेस्टिवल का आयोजन होने वाला है। जिसमें रॉयल स्टैग बैरल शराब और सिंबा बियर कंपनी मुख्य स्पॉन्सर है। इस आयोजन में देश के जाने-माने गायक आ रहे हैं, चंडीगढ़ की स्पीड रिकॉर्ड कंपनी द्वारा आयोजित इस फेस्टिवल के लिए 500 रुपये से लेकर 5000 रुपए की कीमत के टिकट ऑनलाइन बेचे जा रहे हैं, राजधानी के अनेक जगहों से कैश भी बेचे जा रहे हैं . कार्यक्रम स्थल पर भी बेचे जाएंगे।

    इस म्यूजिक फेस्टिवल आयोजन में बच्चे, युवा, महिलाओं सहित भारी संख्या में दर्शकों के आने की संभावना है।

    म्यूजिक फेस्टिवल के आयोजकों द्वारा इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर ही शराब बीयर के साथ अनेक तरह के व्यंजन बेचने की तैयारी है। इसके लिए सोशल मीडिया के साथ-साथ शहर में भी विज्ञापन बोर्ड, होर्डिंग, फ्लेक्स लगाए जा रहे हैं। जिनमें रॉयल स्टैग शराब एवं सिंबा बियर का भी विज्ञापन किया जा रहा है - जबकि नियमानुसार शराब का विज्ञापन करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।-
    सोशल मीडिया के माध्यम से दर्शकों तक यह बात पहुंच चुकी है। जाने-माने गायकों के चाहने वाले इस आयोजन के बारे में जान चुके हैं। परंतु छत्तीसगढ़ सरकार का आबकारी अमला - एक्साइज विभाग इन सब से अनजान है क्यों? - क्यों नहीं उसे पता कि इतना बड़ा आयोजन यहां पर होना है ? वह भी किसी शराब कंपनी के स्पॉन्सरशिप में ? छत्तीसगढ़ की जानी मानी बियर कंपनी के स्पॉन्सरशिप में। जहां परिवार की महिलाओं और बच्चों के बीच खुले आम शराब बेची जायेगी और पिलाई जायेगी -
    यह कहां पर लिखा है कि जब तक मीडिया के लोग इन विभागों को जानकारी नहीं देंगे तब तक विभाग के अधिकारियों कोई कार्यवाही नही करेंगे - विभाग के अधिकारियों की आंखें क्यों बंद रहती हैं - जब भी विभाग के अधिकारियों से बात की जाती है तो उनका जवाब रहता है कि आपने जानकारी दी है हम इसकी जांच कराकर कार्रवाई करेंगे - मतलब अधिकारियों को प्रमाण देने के बाद भी जांच की आवश्यकता पड़ती है क्यों ? -
    किस बात की तनखा लेते हैं ? - करोड़ों रुपए तनखा लेकर, एसी कमरों और ऐसी कारों में घूमने वाले इन अधिकारियों पर भी सरकार को कार्रवाई करना चाहिए।

    हम आपको बता दें कि कार्यक्रम आयोजन टीम के सदस्य अंकुश ने सीजी 24 न्यूज से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया है कि हमारे कार्यक्रम के मुख्य स्पॉन्सर रॉयल स्टैग और सिंबा बीयर हैं।

    वहीं दूसरी तरफ असिस्टेंट एक्साइज कमिश्नर नोहर सिंह ठाकुर ने सीजी 24 न्यूज से कहा कि अगर कोई नियम तोड़ेगा तो विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।

    अब देखने वाली बात यह है कि नियम विरुद्ध शराब का विज्ञापन करने - पब्लिक प्लेस पर हजारों लोगों की भीड़ में शराब बेचने और परोसने और टिकट लगाकर म्यूजिक फेस्टिवल करके मनोरंजन टैक्स ना पटाने पर संबंधित विभाग के अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं?
    या नियम विरुद्ध कार्यों को नियमानुसार बताकर अपना हिस्सा लेकर चुपचाप बैठ जाएंगे। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भी अगर यही सब कुछ चलता रहा, तो सत्ता बदलने का उद्देश्य आम जनता के लिए पूरा नहीं होगा। सीजी 24 न्यूज

  •  70 लाख रु से निर्मित आलीशान स्वीमिंग पूल कांड - जांच के आदेश
    *ब्रेकिंग न्यूज़- रमन सरकार के एक और बड़े घोटाले की जाँच हेतु शिकायत वन एवं कानून मंत्री मो अकबर से कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने लिखित शिकायत करके सुकमा के तत्कालीन डीएफओ राजेश चंदेले द्वारा सरकारी आवास में लगभग 70 लाख रु से निर्मित आलीशान स्वीमिंग पूल कांड के जांच की मांग की है इस कांड की जाँच रमन सरकार के समय नही की गयी थी।इस खुलासे ने पूरे देश-विदेश में भी सुर्खिया बटोरी थी।*
  •  क्या आप जानते हैं ? - कैसे लूट रहे हैं आपको बैंक और केंद्र सरकार ?
    अब इसे आप खुशखबरी समझे या बुरी खबर यह आप पर निर्भर है | केंद्र सरकार ने बजट में आपकी बैंकों के डिफाल्टर होने पर आप की रकम की इंश्योरेंस राशि एक लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दी है | इस विषय को गंभीरता से समझने की आवश्यकता है | यदि किसी बैंक में आपकी मेहनत की कमाई रकम 5 लाख से ऊपर अर्थात 10 लाख, 50 लाख, एक करोड़, दो करोड़, 5 करोड़, 10 करोड़, 25 करोड़, 50 करोड़ जमा है और किसी कारणवश वह बैंक डिफाल्टर हो गया तो बैंक के नियमानुसार और केंद्र सरकार की पॉलिसी अनुसार बैंक और सरकार आपको सिर्फ 5 लाख की देनदार रहेगी | बाकी की रकम के लिए आप स्वयं जिम्मेदार रहेंगे, देश का कोई कानून आपकी रकम वापस दिलाने में सहयोगी नहीं होगा | मतलब यह हुआ कि पहले की केंद्र सरकार ने आपके करोड़ों की राशि डूबने पर एक लाख रुपये भुगतान का प्रावधान रखा था | वही वर्तमान केंद्र सरकार ने आप पर एहसान करते हुए आप की करोड़ों की राशि के बदले आपको एक लाख की जगह 5 लाख रुपये देने का प्रावधान इस बजट में कर दिया है | अब इसे आप किस रूप में लेते हैं कि अपनी ही रकम केंद्र सरकार के दबाव में बैंक में रखने के बाद आप कभी भी सड़क पर आ सकते हैं, भूखों मरने की नौबत आ सकती है, इलाज के लिए तरस सकते हैं तब क्या होगा ? -- सीजी 24 न्यूज परंतु इस विकट स्थिति में ना सरकार आपका साथ देगी - ना देश का कोई कानून आपका साथ देगा - बैंक तो साथ देगा ही नहीं क्योंकि वह खुद अपने आप को डिफाल्टर घोषित कर चुका है | मतलब यह कि केंद्र सरकार के नियमों के तहत आप अपने रुपयों को घर पर भी नहीं रख सकते, नगद लेनदेन नहीं कर सकते, बैंकों में रखने की बाध्यता केंद्र सरकार ने आप पर लाद दी है, और वहीं दूसरी तरफ बैंकों के डिफाल्टर ना होने की कोई गारंटी केंद्र सरकार नहीं दे रहा है | आपकी जमा रकम जिसका जमा करने का आपके पास प्रमाण है फिर भी केंद्र सरकार आपको आपकी रकम वापस करने की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है| आश्चर्यजनक कानून है बैंकों के साथ मिलकर केंद्र सरकार का जनता को लूटने का ? - अब इसका दूसरा पक्ष हम आपको बताते हैं जो सुखद पक्ष भी हो सकता है ! इसके लिए अगर 10 - 20 लोग मिलकर आपस में रकम को संग्रहित कर एक बैंक की स्थापना करें और बैंक स्थापना के लिए रिजर्व बैंक के नियमों को पूरा करें और उसके बाद बिंदास होकर लोगों की रकम अपने बैंक में जमा कराएं और उस जमा रकम को अपने ही सदस्यों सहित रिश्तेदारों, जान पहचान वालों को अनेक कंपनियां बनवा कर कर्ज में देकर वापस जमा करने से मना कर दें | सीजी 24 न्यूज़ उन परिचित कर्जदारों को लगातार नोटिस पर नोटिस देकर बैंक के नियमों के अनुसार कागजी कार्रवाई पुख्ता करते रहें और अंत में कर्ज में दी गई रकम को एनपीए बताकर बैंक को डिफाल्टर घोषित कर दें | उसके बाद जिन व्यक्तियों खाताधारकों की रकम करोड़ों या 5 लाख से ऊपर की जमा है, उन्हें रुला रुला कर, बैंक के नियमों का हवाला देकर, केंद्र सरकार के नियमों को दिखाकर और कानून की बाध्यता में बांधकर परेशान कर कर के 5 लाख रुपये की रकम केंद्र एवं रिजर्व बैंक के नियमानुसार देकर अपना छुटकारा पा लेते है तो सरकार और कानून क्या करेगा कुछ भी नहीं कर सकता क्योंकि यह सब नियम उन्हीं के बनाए हुए हैं और इस प्रकार 20 लोगों द्वारा स्थापित बैंक के डायरेक्टर और सदस्य अरबों - खरबों के मालिक बन जाएंगे | और किसी भी कानून में उन पर कोई कार्यवाही नहीं होगी, जिस प्रकार आज के हालात बनाये गए हैं | सीजी 24 न्यूज़ ऐसे में अगर बैंक की स्थापना करने वालों की संख्या बढ़ जाएगी और हर बैंक प्रबंधन कुछ सालों बाद अपने आप को डिफाल्टर घोषित करने लग जाएगा तो केंद्र सरकार एवं नेताओं द्वारा बनाया गया यह नियम क्या करेगा और पीड़ित खातेदार क्या करेंगे ? इस प्रकार आम आदमी का बैंकों से भरोसा उठ रहा है जिसकी जिम्मेदार सरकारें ही हैं सरकारी अर्थात राजनीतिक दलों के नेता जो नियम कायदे कानून बनाते हैं वही जिम्मेदार हैं और रहेंगे ? देश की सरकार खुलेआम संसद में बजट के माध्यम से नियम बनाकर देश की जनता को ठगने का काम कर रही है नियमों में प्रावधान ही नहीं है कि आपकी अपनी जमा की गई करोड़ों रुपए की रकम आपको वापस मिल सके | सीजी 24 न्यूज़ इसलिए सावधान हो जाएं अपने अपने बैंकों में जाएं, सांसदों के पास जाएं, रिजर्व बैंक को लिखें, प्रधानमंत्री को लिखे और उनसे पूछें कि उनकी क्या गलती है जो उनके द्वारा जमा की गई उनके खून पसीने की कमाई रकम कोई आपकी आंखों के सामने लूट कर ले जा रहा है और आप कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं और दूसरी तरफ केंद्र सरकार चुपचाप आंखें मूंदे आप को कानून का हवाला देकर चुप करा दे | सीजी 24 न्यूज़
  • एयर इंडिया, एयरलाइंस को बेचने की तैयारी के बाद अब एलआईसी का शेयर बेचने की तैयारी

    इस महत्वपूर्ण विषय पर आपके विचार आमंत्रित हैं 

    केंद्र सरकार ने कोल सेक्टर को बेचा, रेलवे को बेचने की तैयारी, एयर इंडिया एयरलाइंस को बेचने की तैयारी अब एलआईसी का शेयर बेचने की तैयारी -
    यह महत्वपूर्ण बड़े बड़े प्रोजेक्ट हैं जिन्हें सरकार बेचने की तैयारी कर रही है और बेच भी रही है -- इसके अलावा ना जाने कितने ऐसे शासकीय प्रोजेक्ट हैं जिन्हें सरकार बेच चुकी है या बेचने की तैयारी में है जो आम लोगों की नजरों में नहीं है |
    ऐसे में क्या सोचा जाए कि सरकार देश को बेच कर शासन करेगी ?

    अगर शासकीय प्रोजेक्ट बेचकर ही शासन चलाना है तो फिर टैक्स लेने की क्या जरूरत है ? जनता पर टैक्स क्यों लगाया जा रहा है ?

    देश का भविष्य संकट में नजर आ रहा है | पूर्व में केंद्र सरकार ने रिजर्व बैंक से लाखों करोड़ रुपए निकाल कर खर्च किए फिर भी देश की अर्थव्यवस्था नीचे ही जा रही है क्यों ?

    बैंक व्यवस्था
    एनपीए के कारण बैंकों की हालत पहले ही खस्ताहाल है - केंद्र सरकार ने ऐसा नियम बनाया है कि घर में पैसा नहीं रख सकते, जितना भी पैसा है बैंकों में रखना अनिवार्य किया गया है |
    वहीं दूसरी तरफ यदि बैंक डिफाल्टर होता है तो इंश्योरेंस के नाते सिर्फ एक लाख रुपए देने का प्रावधान रखा गया था जिसे इस बजट में बढ़ाकर 5 लाख रुपए किया गया है,

    अर्थात यदि आपका करोड़, दो करोड़, 5 करोड़, 25 करोड़, रूपया बैंक में जमा है और अगर किसी कारणवश बैंक डिफाल्टर हो जाता है या सरकार के नियमों के कारण, एनपीए बढ़ने से बैंक रकम वापस करने में असमर्थ हो जाता है तो मानिए आपके 25 करोड़ के बदले आपको 5 लाख ही सरकार या बैंक देगी |
    इसे कहां तक सही माना जा सकता है ? जब बैंक या सरकार मूल रकम भी वापस नहीं कर सकते तो आप बैंकों में पैसा रखना अनिवार्य किस आधार पर कर रहे हैं ? --

    केंद्र सरकार जो नियम बना रही है उससे देखा जाए तो सरकार की --- चित भी मेरी - पट भी मेरी - अंटी मेरे बाप की --- वाली कहावत चरितार्थ हो रही है |

    सरकार के नियमो के अनुसार खर्च करना है तो चेक से करो, लेनदेन करना है तो चेक से करो, और हर ट्रांजैक्शन के पीछे सर्विस चार्ज भी दो - यह कहां तक सही है ? - अगर यही हाल रहा तो हिंदुस्तान की जनता सड़क पर आकर आंदोलन करने पर बाध्य हो जाएगी - 

     
     
  • मोदी जी - एक हजार करोड़ के घोटालें का कब संज्ञान लेंगे ? - कांग्रेस का सवाल
    15 साल रमन सरकार का नारा रहा, खाओ और खाने दों जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिये कहते थे, न खांउगा न खाने दूंगा भ्रष्टाचार घोटालें और कमीशनखोरी के 15 साल कभी नहीं भूलेगा छत्तीसगढ़ रायपुर/ 31 जनवरी 2020। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि 15 साल रमन सरकार का नारा रहा खाओ और खाने दो। जनता की आंखो में धूल झोंकने के लिये कहते थे न खाउंगा न खाने दूंगा। भ्रष्टाचार, घोटाले और कमीशनखोरी के रमन सिंह सरकार के 15 साल कभी नहीं भूलेगा छत्तीसगढ़। रमन सिंह सरकार में जो घोटाले हुये 1000 करोड़ का यह घोटाला उसी का एक नया अध्याय है। दरअसल रमन सिंह जी की सरकार घोटालों की ही सरकार थी। एनजीओ के माध्यम से प्रदेश के लाखों करोड़ रूपए सरकार ने बर्बाद कर दिए। अभी ऐसे कई मामले निकलेंगे। कांग्रेस की सरकार इन दोरंगी घोटालों को उजागर करने में लगी हुयी है। उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि रमन सरकार का एक और घोटाला इस फैसले से उजागर हुआ है और अब जांच संभव हो पायेगी। दरअसल भाजपा का नारा था “न खाउंगा, न खाने दूंगा” लेकिन इसका वास्तविक सिद्धांत था ’’खाओ और खाने दो।’’ भाजपा की सरकार 15 वर्ष तक घोटाले, भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी हकीकत तो ये है कि ये सारे घोटाले इनकी सरकार में हुये है और हाईकोर्ट का जो फैसला आया है। इस फैसले को रमन सिंह द्वारा रायगढ़ में भाजपा कार्य समिति की बैठक में कमीशखोरी एक साल के लिये बंद करने के आव्ह्ान से जोड़ा जाये तो उससे स्पष्ट होगा कि ये सारी कमीशनखोरी रमन सिंह के संज्ञान में थी। मुख्यमंत्री के रूप में उनको इसका संज्ञान था और उन्होंने जानबूझकर छत्तीसगढ़ में घोटालों, भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को पनपने दिया। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि केन्द्रीय मंत्री रेणुका सिंह का बचाव करके रमन सिंह ने दरअसल अपना बचाव किया है। मोदी सरकार की मंत्री रेणुका सिंह के विभाग में छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार में मंत्री रहते हुये एक हजार करोड़ से अधिक का घोटाला हुआ है। 1000 करोड़ के घोटाले पर कांग्रेस के सवाल ऽ मंत्री मंडल के सामूहिक जिम्मेदारी के सिद्धांत के चलते सरकार के मुखिया होने के नाते रमन सिंह जी इन घोटालों से अपना दामन कैसे बचा सकते है? ऽ मोदी जी, इस घोटाले का कब संज्ञान लेंगे? ऽ संज्ञान लेकर क्या कार्यवाही करेंगे? यह भी मोदी जी छत्तीसगढ़ के लोगों को बतायें। ऽ मोदी जी यह भी बतायें कि न खाउंगा न खाने दूंगा का क्या हुआ? ऽ न खाउंगा न खाने दूंगा का नारा छत्तीसगढ़ के लिये नहीं था क्या?
  • ब्रेकिंग न्यूज़- अमन सिंह और यास्मीन सिंह को लगा झटका हाईकोर्ट के स्टे को सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द
    ब्रेकिंग न्यूज़- अमन सिंह और यास्मीन सिंह को लगा झटका हाईकोर्ट के स्टे को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द करते हुवे हाईकार्ट बिलासपुर को मामले की जल्द अंतिम सुनवाई के लिये किया आदेशित किया सुप्रीम कोर्ट ने रमन सरकार के प्रमुख सचिव रहे अमन सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी यासमीन सिंह की याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट के स्टे पर छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा सुप्रीम कोर्ट में की गई अपील की सुनवाई करते हुए कहां की यह मामला 1 वर्ष से ज्यादा लंबित हो गया है और हाई कोर्ट बिलासपुर जल्द से जल्द इस पर अपना अंतिम निर्णय जारी करें | ज्ञात हो कि 1 वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी के द्वारा एक लिखित शिकायत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को प्रेषित की गई थी जिसमें कि रमन सिंह के पूर्व मुख्य सचिव अमन सिंह की आय से अधिक संपत्ति एवं उनकी धर्मपत्नी यास्मीन सिंह की संविदा नियुक्ति की जांच के लिए पत्र लिखा गया था| मामले की जांच रोकने एवं जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न किए जाने के विषय को लेकर अमन सिंह और यास्मीन सिंह द्वारा हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका प्रस्तुत की गई थी जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट बिलासपुर ने दोनों पक्षकारों को राहत देते हुए स्टे दे दिया था इस रिश्ते को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी जिस पर आज सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट बिलासपुर को निर्देशित किया है कि इस मामले में जल्द से जल्द अंतिम सुनवाई करते हुए आदेश जारी करें प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि उन्हें न्याय पर पूरा भरोसा है और वह माननीय सुप्रीमकोर्ट के इस निर्णय का स्वागत करते हैं उन्होंने कहा कि लगातार इस मामले को लेकर उन्हें मानहानि के मुकदमे की धमकी मिल रही थी लेकिन उसकी परवाह ना करते हुए वह लगातार यह लड़ाई जारी रखे हुए हैं उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भी आभार व्यक्त किया है |
  • भाजपा को कांग्रेस की चुनौती - जनता के बीच हो खुली चर्चा
    *रायपुर/28 जनवरी 2020।* केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा नेताओं को 15 साल की रमन सरकार की उपलब्धियों और भूपेश बघेल सरकार की कथित विफलताओं के साथ-साथ मोदी सरकार की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जाने का निर्देश दिया है। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर तंज कसते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि देश में और प्रदेश में भाजपा के पास झूठे वादों और खोखलें इरादों के अलावा कुछ भी नहीं है। मगर इनको शर्म नहीं आती। भाजपा को खुली चुनौती देते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि 15 साल की भाजपा की उपलब्धियों और कांग्रेस की 13 माह की उपलब्धियों पर जनता के बीच चर्चा होनी चाहिये। हमारे घोषणा पत्र के वादे 5 साल के लिए हैं। छत्तीसगढ़ की जनता ने हमें 5 साल के लिए जनादेश दिया है और यदि 13 माह में आकर देश के गृहमंत्री अमित शाह कांग्रेस सरकार को विफल बताते हैं तो इससे भाजपा की बौखलाहट और छत्तीसगढ़ में खोखलापन उजागर हो जाता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि प्रधानमंत्री के रूप में विफल हो चुके नरेन्द्र मोदी की चाटुकारिता बंद कर भाजपा नेता सबसे पहले नरेन्द्र मोदी से उनकी विफलताओं का हिसाब मांगे। क्या हुआ सब के खातों में 15 लाख आने के वायदे का? क्यों नहीं आया विदेश से कालाधन? अच्छे दिन के सपने क्यों पूरे नहीं हुये? हर साल 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वायदा क्यों पूरा नही हुआ? नोटबंदी जैसा डरावना और देश के लोगों को परेशान करने वाले निर्णय की उपयोगिता देश को मोदी क्यों नही बता रहें? जीएसटी लगाकर व्यापार और रोजगार को क्यों बर्बाद कर दिया? क्यों किसानों को उनकी ऊपज का पूरा दाम नहीं मिल रहा? किसानों की आय दुगुनी करने के जो सपने भाजपा ने दिखायें थे, उसका क्या हुआ? छत्तीसगढ़ के किसानों को 2500 रू. धान का दाम देने में केन्द्र की भाजपा सरकार क्यों बाधा डाल रही है? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि भूपेश बघेल की सरकार ने घोषणा पत्र में जिन वादों को पूरा किया गया है उनको तो भाजपा पहले गिन ले। गंगाजल हाथ में लेकर किये गये किसानों की कर्जमाफी के वायदे का न केवल कांग्रेस सरकार ने निभाया है, बल्कि घोषणा पत्र के अन्य वादों को भी पूरा किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के 13 माह के जन कल्याणकारी कार्यों में किसानों का कर्जमाफी, धान का वादा अनुसार 2500 रू. दाम, छोटे प्लाटो की रजिस्ट्री से प्रतिबंध हटाना, आदिवासियों की जमीन लौटाना, तेंदूपत्ता का मानक दर 2500 से बढ़ाकर 4000 रू. प्रति बोरा, 15 वनोपज को समर्थन मूल्य में खरीदने की नीति, बिजली बिल हाफ, युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के लिए सुरक्षा, शासकीय कर्मचारियों को उनका अधिकार, जाति प्रमाण पत्र का सरलीकरण का ही नतीजा है, छत्तीसगढ़ के किसानों, मजदूरों, व्यापारियो, युवाओं, गृहणियों, आदिवासियों सहित सर्वहारा वर्ग के चेहरे में खुशियां लौटी है। किसानों की खुशहाली लाने में भूपेश बघेल सरकार की सफलता यदि अमित शाह को विफलता नजर आती है तो भाजपा को अपना नजरिया बदलने की जरूरत है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि उपलब्धियों के नाम पर देश और समाज को बांटने के अलावा क्या किया है? कमीशनखोरी करने, भ्रष्टाचार करने के अलावा भाजपा की केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार भाजपा के पास उपलब्धियों के नाम पर और कुछ नहीं है। इसका सबूत रमन सिंह जी का वह बयान है जो उन्होंने रायगढ़ में भाजपा कार्यसमिति में दिया था और भाजपा के नेताओं से 1 साल के लिए कमीशनखोरी बंद करने का आव्हान किया था। भाजपा के पास झूठे वायदे और खोखले इरादों के अलावा और कुछ नहीं है। छत्तीसगढ़ में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोग 33 प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत हो गए और आज भाजपा सरकार के 15 साल के शासन के बाद छत्तीसगढ़ के 18 प्रतिशत लोग झुग्गियों में रहते हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पूछा है कि 15 साल की किन उपलब्धियों की बात कर रहे हैं अमित शाह? अमित शाह बतायें कि 15 साल के रमन सिंह के शासनकाल के दौरान हुए झीरम घाटीकांड, नसबंदी कांड, गर्भाशय कांड, पेद्दागेल्लूर झलियामारी कांड, 36 हजार करोड़ का नान घोटाला, डीकेएस घोटाला, सारकेगुड़ा, बिलासपुर कांग्रेस भवन में घुसकर हुआ लाठीचार्ज क्या भाजपा की उपलब्धियां है? किन उपलब्धियों की बात अमित शाह कर रहे हैं? डॉ. रमन सिंह के 15 साल के कार्यकाल के दौरान हुये कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार की काली कमाई ही भाजपा की उपलब्धि है क्या? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि भाजपा के 15 साल के शासनकाल में सिर्फ चंद ठेकेदार चंद चाटुकार अधिकारी ही खुशहाल थे और छत्तीसगढ़ के किसान, युवा, मजदूर, महिलाएं, व्यापारी, दुखी रहे हैं। अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के जनकल्याणकारी कार्यो से छत्तीसगढ़ का जन-जन खुशहाल हो रहा है।
  • Video -- प्रवीण सोमानी अपहरण कांड के तीन आरोपी पकड़ाए - एसएसपी आरिफ शेख

    Video -- राजधानी रायपुर के व्यवसायी प्रवीण सोमानी अपहरण कांड मे पुलिस ने सक्रियता का परिचय देते हुए 14 दिनों में अनेक प्रदेशों में छापेमारी के बाद आखिरकार अपहृत प्रवीण सोमानी को सही सलामत वापस लाकर लोगों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास कायम किया था |

     

    एसएसपी आरिफ चेक ने उसी मामले में खुलासा करते हुए 3 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी | एसएसपी ने बताया कि पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में लगी रही, अनेक जगह छापे मारे गए जिसमें गंजाम जिले से तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली| अपहरण कांड के बारे में पुलिस जिस सोच पर चल रही थी वह सही साबित हुई | आरोपियों द्वारा बताए गए अपहरण के तरीकों से यह पुष्टि भी हुई है| एसएसपी आरिफ शेख ने पत्रकारों को बताया कि जल्द ही बाकी बचे पांचों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा | 

    CG 24 News के लिए लविंदरपाल की रिपोर्ट