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  • डीजीपी का स्पंदन कार्यक्रम 19 अगस्त से
    डीजीपी का स्पंदन कार्यक्रम 19 अगस्त से
    वीडियो कॉल करके पुलिस कर्मियों की समस्याओं का समाधान करेंगे
     रिटायर्ड अधिकारियों, कर्मचारियों की भी समस्याओं को सुनने के लिए भी डीजीपी अलग वाट्सएप्प नंबर जारी करें
     
    छत्तीसगढ़ के पुलिस कर्मियों की समस्याओं और उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए करोना काल में प्रदेश के डीजीपी डीएम अवस्थी नई व्यवस्था के तहत स्पंदन कार्यक्रम के माध्यम से वीडियो कॉल करके पुलिस कर्मियों की समस्याओं का समाधान करेंगे और उनके सुझावों को एकत्रित कर उस पर कार्रवाई करने की कोशिश करेंगे -
    उल्लेखनीय है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डीजीपी डीएम अवस्थी को व्हाट्सएप नंबर जारी कर पुलिस कर्मियों की समस्याओं को सुनने की बात कही थी -
    मुख्यमंत्री की मंशा अनुसार डीजीपी डीएम अवस्थी ने व्हाट्सएप नंबर जारी किया, जिस पर अनेक पुलिसकर्मियों ने व्हाट्सएप के माध्यम से उन्हें अपनी समस्याओं और भावनाओं से अवगत कराया - उसी तारतम्य में डीजीपी डीएम अवस्थी 19 अगस्त से वीडियो कॉल के जरिए प्रत्यक्ष रूप से उनकी बातें सुनेंगे -
    प्रदेश के सुदूर इलाकों में पदस्थ पुलिस कर्मियों को अब पुलिस मुख्यालय आने की जरूरत नहीं पड़ेगी - इस सुविधा के जरिए वरिष्ठ अधिकारी से लेकर सिपाही एवं कार्यालय स्टाफ और सीएसएफ के जवान अपनी बात डीजीपी तक पहुंचा सकते हैं - डीजीपी डीएम अवस्थी द्वारा जारी किया गया व्हाट्सएप नंबर 94791 94990 है|
     
    प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच के अनुसार डीजीपी का पुलिसकर्मियों और अधिकारियों से स्पंदन कार्यक्रम द्वारा सीधा संवाद करना सराहनीय कदम माना जा सकता है - इससे निश्चय ही समय और रुपयों की बर्बादी पर रोक लगेगी साथ ही जरूरतमंद पुलिस अधिकारी, कर्मचारी समय-समय पर डीजीपी से विभागीय समस्याओं के साथ साथ पारिवारिक परेशानियों के बारे में भी चर्चा कर सकते हैं |
     
     डीजीपी डीएम अवस्थी के स्पंदन कार्यक्रम का रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों ने भी स्वागत किया है - उनका मानना है कि प्रदेश के पुलिस अधिकारियों के साथ साथ रिटायर्ड अधिकारियों, कर्मचारियों की भी समस्याओं को सुनने के लिए डीजीपी अलग वाट्सएप्प नंबर जारी करें ताकि वह भी रिटायर होने के बाद अपनी विभागीय एवं पारिवारिक सामाजिक समस्याओं का निराकरण करवाने के लिए डीजीपी से चर्चा कर सकें और उन्हें अपनी भावनाओं से अवगत करा सकें -
    अब देखने वाली बात यह है कि डीजीपी डीएम अवस्थी इन रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों जवानों की समस्याओं को सुनने के लिए क्या समाधान निकालते हैं |
  • शिवराज सरकार का ऐलान- MP सरकार में नौकरियां सिर्फ एमपी के लोगों के लिए ही होंगी

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया है कि राज्य की सरकारी नौकरी सिर्फ स्थानीय बच्चों को ही दी जाएगी, इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक कदम उठाने वाली है.

    भोपाल: मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने घोषणा की है कि एमपी सरकार में नौकरियां केवल एमपी के लोगों के लिए ही होंगी. इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक कदम उठाने वाली है.

     

    उन्होंने कहा, "एमपी सरकार ने आज एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. मध्य प्रदेश की शासकीय नौकरियां अब केवल राज्य के युवाओं को दी जाएंगी इसके लिए हम आवश्यक कानूनी प्रावधान कर रहे हैं. मध्य प्रदेश के संसाधन मध्य प्रदेश के बच्चों के लिए होंगे. इसके लिए हम आवश्यक कानूनी प्रावधान कर रहे हैं."

  • भारी पड़ गई निगम की सामान्य सभा अनेक लोग हो रहे करोना पॉजिटिव
    सामान्य सभा कहीं निगम को भारी न पड़ जाए एक के बाद एक निगम अधिकारी की रिपोर्ट पॉजिटिव बिलासपुर- एक के बाद एक कोरोना पॉजिटिव निकल रहे बिलासपुर से पहले आयुक्त की रिपोर्ट पॉजिटिव आई उसके बाद सभापति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई और आज बिलासपुर महापौर की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई है । 13 अगस्त समान्य सभा की बैठक के बाद पहले निगम सभापति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई उसके बाद अब मेयर राम शरण यादव भी कोविड संक्रमित पाए गए हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के करीबी का भी रिपोर्ट पाजीटिव पाया गया है। खबर के बाद शहर और दोनों दलों में हलचल मच गयी है। बहरहाल निगम प्रशासन भी सकते में है। बताते चलें कि सभापति के पाजीटिव पाए जाने के बाद एक दिन पहले ही टाउन हाल में सामान्य सभा में शामिल लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया था। सभापति शेख नजरूद्दीन के बाद मेयर रामशरण यादव का भी टेस्ट पाजीटिव पाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद से सामान्य सभा में शामिल सभी पार्षदों और अधिकारियों के बीच खलबली मच गयी है। आज रिपोर्ट में मेयर रामशरण यादव का भी रीपोर्ट पाजीटिव मिला है। बताते चलें कि आज एक अन्य रिपोर्ट में वरिष्ठ भाजपा नेता के करीबी में भी कोरोना का टेस्ट पाजीटिव मिला है। भाजपा के करीबी के पाजीटिव रिपोर्ट के बाद भाजपा खेमें में भी हलचल है। सभी लोग अब खुद को आइसोलेट करना शुरू कर दिया है। मन्नू मानिकपुरी संवाददाता बिलासपुर
  • देश में कुल कोरोना मरीज़ों में 73 प्रतिशत इन 8 राज्यों से, 80 प्रतिशत मौतें भी इन राज्यों में हुई

    देश में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले 24 घंटे में देश में 57,981 नए मामले सामने आए है. जबकि 941 मरीजों की मौत हुई है.

    भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 26,47,663 है. वहीं 50,921 मरीजों की मौत हो गई है. पिछले 24 घंटे में 57,981 नए मामले सामने आए हैं जबकि 941 मरीजों की मौत हुई है. लगातार कोरोना के केस बढ़ते जा रहे हैं. सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण के मामले और मौत भारत के आठ राज्यों में हुई है.

     

    भारत के 8 राज्यों में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए है, वहीं इन्ही 8 राज्यों में मरने वालों की संख्या भी सबसे अधिक रही है. यह राज्य हैं महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, और बिहार. सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण के मामले में महाराष्ट्र में हैं.

     

    1- महाराष्ट्र में अब तक कुल 5,84,754 कोरोना संक्रमण के मामले सामने आई है. वहीं 19,749 मरीजों की संक्रमण के चलते मौत हुई है.

     

    2- तमिलनाडु में अब तक 3,32,105 कोरोना के मामले सामने आए हैं जिसमें से 5,641 मरीजों की संक्रमण से ही मौत हो गई है.

     

    3- आंध्र प्रदेश में 2,81,817 कोरोना के मामले हैं जिसमें से 2562 मरीजों की संक्रमण से मौत हुई है.

     

    4- कर्नाटक में 2,19,926 कोरोना रमन के मामले अब तक सामने आ चुके हैं जिसमें से 3,831 मरीजों की मौत हुई है.

     

    5- दिल्ली में 1,51,928 कोरोना संक्रमित मरीज हैं जिनमें से 4,188 मरीजों की मौत हुई है.

     

    6- उत्तर प्रदेश में 1,50,061 कोरोना संक्रमित मरीज हैं जिनमें से 2,393 मरीजों की संक्रमण के चलते मौत हुई है.

     

    7- वहीं पश्चिम बंगाल में 1,13,432 संक्रमण के मामले आए हैं जिनमें से 2,377 मरीजों की कोरोना संक्रमण की वजह से जान गई है.

     

    8- वहीं बिहार में एक लाख 1,01,551 कोरोना संक्रमण के मामले हैं जिसमें से 450 मरीजों की अब तक मौत हुई है.

     

    इन 8 राज्यों में कुल 19,33,574 कोरोना संक्रमण के मरीज हैं. यह भारत में मौजूद कुल संक्रमित मरीजों का 73.10 फ़ीसदी है. वहीं इन आठों राज्यों में कुल 41,191 मरीजों की मौत हुई है. ये भारत में कोरोना संक्रमण से हुई मौत का 80.89% है.

     

    हालांकि भारत में ठीक होने वालों की संख्या भी बढ़ रही है. इस संक्रमण से अब तक कुल 19,19,842 मरीज ठीक हुए हैं. इसके साथ ही भारत में संक्रमण से ठीक होने की दर यानी रिकवरी रेट 72.51% हो गई है. वहीं मृत्यु दर में भी गिरकर 1.92% हो गई है.

  • कोरोना वैक्सीन कब? मोदी बोले- देश में तीन पर ट्रायल जारी, बड़े पैमाने पर होगा प्रोडक्शन

    74th Independence Day: कोरोना संकट से जूझ रहे देश के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बड़ा ऐलान किया और देश में जारी तीन वैक्सीन के ट्रायल की जानकारी दी.

    • कोरोना वैक्सीन पर पीएम मोदी का ऐलान
    • देश में तीन वैक्सीन का हो रहा ट्रायल: PM

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लालकिले की प्राचीर से कोरोना वैक्सीन को लेकर बड़ा ऐलान किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वक्त देश में तीन वैक्सीन पर ट्रायल चल रहा है, जैसे ही वैज्ञानिकों की ओर से इसे मंजूरी दी जाती है. तब बड़े पैमाने पर इसे लोगों तक पहुंचाया जाएगा.

    अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि जब भी कोरोना की बात होती है, तो हर किसी के मन में सवाल होता है कि वैक्सीन कब तैयार होगी. देश के हमारे वैज्ञानिकों की प्रतिभा ऋषि-मुनि की तरह है, जो लैब में कड़ी तपस्या कर रहे हैं. पीएम मोदी बोले कि भारत में एक-दो नहीं, बल्कि तीन वैक्सीन अलग-अलग चरण में हैं.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि वैज्ञानिकों से जब हरी झंडी मिल जाएगी, तो बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन होगा. उसकी तैयारियां कर ली गई हैं, साथ ही वैक्सीन को कम से कम वक्त में देश के लोगों तक कैसे पहुंचाया जाए इसका खाका तैयार है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि वैज्ञानिकों से जब हरी झंडी मिल जाएगी, तो बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन होगा. उसकी तैयारियां कर ली गई हैं, साथ ही वैक्सीन को कम से कम वक्त में देश के लोगों तक कैसे पहुंचाया जाए इसका खाका तैयार है.आपको बता दें कि भारत बायोटेक की अगुवाई में देश के कुल 12 सेंटर पर कोरोना वायरस वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है. देश के अलग-अलग हिस्सों में अभी तक पहला ट्रायल पूरा हो गया है और सितंबर की शुरुआत में दूसरा फेज़ शुरू होने के आसार हैं.

  • लड़कियों की शादी की उम्र की समीक्षा कर रही सरकार, PM मोदी बोले- जल्द लेंगे फैसला

    अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश की बेटियों को सलाम किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि लड़कियों की शादी की उम्र को लेकर भी सरकार समीक्षा कर रही है.

    • पीएम मोदी ने देश की बेटियों को किया सलाम
    • लड़कियों की शादी की उम्र की समीक्षा कर रही सरकार

    स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत, लद्दाख में चीन के साथ विवाद, कोरोना महामारी जैसे अहम मुद्दों का जिक्र किया. लाल किले से अपने भाषण में पीएम मोदी ने देश की बेटियों को भी सलाम किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि लड़कियों की शादी की उम्र को लेकर सरकार समीक्षा कर रही है.

    प्रधानमंत्री ने कहा कि लड़कियों की शादी की सही आयु क्या हो, इसके लिए हमने कमेटी बनाई है. उसकी रिपोर्ट आते ही बेटियों की शादी की उम्र को लेकर भी उचित फैसले लिए जाएंगे.

    ये भी पढ़ें- कोरोना वैक्सीन कब? मोदी बोले- देश में तीन पर ट्रायल जारी, बड़े पैमाने पर होगा प्रोडक्शन

    'महिलाओं के खातों में डाले गए 30 हजार करोड़'

    पीएम मोदी ने कहा कि देश के जो 40 करोड़ जनधन खाते खुले हैं, उसमें से लगभग 22 करोड़ खाते महिलाओं के ही हैं. कोरोना के समय में अप्रैल-मई-जून, इन तीन महीनों में महिलाओं के खातों में करीब-करीब 30 हजार करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं. आज भारत में महिलाएं अंडरग्राउंड कोयला खदानों में काम कर रही हैं तो लड़ाकू विमानों से आसमान की बुलंदियों को भी छू रही हैं.

    ये भी पढ़ें- लाल किले से चीन-पाक पर बोले पीएम मोदी- जिसने भी आंख दिखाई, माकूल जवाब दिया

    पीएम मोदी ने कहा कि हमारा अनुभव कहता है कि भारत में महिला शक्ति को जब भी अवसर मिले, उन्होंने देश का नाम रोशन किया, देश को मजबूती दी है. उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को सैलरी के साथ 6 महीने की छुट्टी देने के फैसले की बात हो, हमारी देश की महिलाएं जो तीन तलाक के कारण पीड़ित रहती थीं, ऐसे महिलाओं को आजादी दिलाने का काम हो, सरकार ने इसपर काम किया. गरीब बेटियों के स्वास्थ्य की चिंता भी हमारी सरकार लगातार कर रही है.

  • जम्मू-कश्मीर के नौगाम में आतंकी हमला, पुलिस के दो जवान शहीद, सर्च ऑपरेशन जारी

    जम्मू-कश्मीर के नौगाम में आज सुबह पुलिस पार्टी पर आतंकी हमला हुआ है और इसमें दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं, इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है.

    जम्मूः कल स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले आज जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला हुआ है. आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के नौगाम में पुलिस पार्टी पर हमला किया है जिसमें दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं और एक जवान घायल है. सुरक्षाकर्मियों ने पूरे इलाके को घेर लिया है. फिलहाल आतंकियों का पता नहीं चला है लेकिन सर्च ऑपरेशन चल रहा है.

     

    खबर मिली है कि आतंकियों ने आज सुबह नौगाम बाईपास पर पुलिस टीम पर हमला कर दिया जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए और इनमें से दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए.

    बता दें कि बीती 12 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में भी सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया था. मारे गए आतंकी की पहचान हिजबुल मुजाहिद्दीन (एचएम) के शीर्ष कमांडर आजाद ललहारी के रूप में हुई थी. इस मुठभेड़ के दौरान सेना का एक जवान शहीद हो गया.

     

    9 अगस्त को पाकिस्तान ने तोड़ा था सीज़फायर

     

    बीती 9 अगस्त को पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर के शाहपुर, किरनी और कृष्णाघाटी में बिना किसी उकसावे के भारतीय चौकियों पर फायरिंग की थी. पाकिस्तानी सेना ने हल्के हथियारों और मोर्टार से भारतीय चौकियों को निशाना बनाया था.

  • Russia Corona Vaccine: जानिए रूसी वैक्सीन को लेकर WHO का क्या कहना है?

    डब्ल्यूएचओ के प्रवक्ता ने कहा कि वो दुनिया के पहले संभावित कोविड-19 वैक्सीन की प्री-क्वालिफिकेशन को लेकर रूस के साथ संपर्क में है.

    जिनेवा: रूस ने दुनिया की पहली कोरोना रजिस्टर कर दी है. लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि उसके पास अभी तक रूस के जरिए विकसित किए जा रहे कोरोना वैक्सीन के बारे में जानकारी नहीं है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैक्सीन से जुड़ी स्वास्थ्य चिंताओं के बीच पिछले सप्ताह रूस से कहा था कि वह कोविड-19 का टीका बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय दिशा-निर्देशों का पालन करे. रूस का टीका विश्व स्वास्थ्य संगठन के उन छह टीकों की लिस्ट में नहीं है जो तीसरे चरण के परीक्षण की स्थिति में पहुंच चुके हैं.

     

    हालांकि अब डब्ल्यूएचओ के प्रवक्ता ने कहा कि वो दुनिया के पहले संभावित कोविड-19 वैक्सीन की प्री-क्वालिफिकेशन को लेकर रूस के साथ संपर्क में है. डब्ल्यूएचओ के प्रवक्ता तारिक जसारेविक ने एक वर्चुअल प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "हम रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ निकट संपर्क में हैं और डब्ल्यूएचओ द्वारा वैक्सीन के संभावित प्री-क्वॉलिफिकेशन के बारे में चर्चा चल रही है. किसी भी वैक्सीन की प्री-क्वॉलिफिकेशन में क्लिनिकल परीक्षणों के दौरान सुरक्षा और उसके प्रभाव के लिए आवश्यक सभी डेटा की कठोर समीक्षा और मूल्यांकन शामिल है."

     

    उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि डब्ल्यूएचओ की ये प्रक्रिया किसी भी वैक्सीन उम्मीदवार के लिए समान है. हर देश में राष्ट्रीय नियामक संस्थाएं हैं जो अपने क्षेत्र में टीकों या दवाओं के उपयोग को मंजूरी देती हैं. निर्माता डब्ल्यूएचओ की प्री-क्वॉलिफिकेशन के लिए कहते हैं, क्योंकि यह गुणवत्ता पर एक तरह से मुहर है.

     

    दुनिया का पहला कोविड-19 वैक्सीन
    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को घोषणा की कि उनके देश ने कोरोना वायरस के खिलाफ दुनिया का पहला टीका विकसित कर लिया है जो कोविड-19 से निपटने में 'बहुत प्रभावी ढंग से' काम करता है और 'एक स्थायी रोग प्रतिरोधक क्षमता' का निर्माण करता है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी बेटियों में से एक को यह टीका पहले ही दिया जा चुका है.

  • इन शख्सियतों ने कैंसर को मात देकर जीती है जिंदगी, संजय दत्त के लिए भी हो रही हैं दुआएं

    कैंसर भेल ही एक जानलेवा बीमारी है, मगर हम आपको ऐसे सेलिब्रिटीज के नाम बताने जा रहे हैं, जिन्होंने कैंसर से अपनी लड़ाई लड़ी और आज खुशी-खुशी अपनी जिंदगी बिता रहे हैं.बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त कैंसर से ग्रस्त हैं. अभिनेता को लंग्स कैंसर है और वह इसकी तीसरी स्टेज पर हैं. संजय दत्त के कैंसर पीड़ित होने की खबर सामने आते ही उनके लिए लगातार दुआओं और जल्दी ठीक होने की कामना कर रहे हैं. कैंसर भेल ही एक जानलेवा बीमारी है, मगर हम आपको ऐसे सेलिब्रिटीज के नाम बताने जा रहे हैं, जिन्होंने कैंसर से अपनी लड़ाई लड़ी और आज खुशी-खुशी अपनी जिंदगी बिता रहे हैं.

    मनीषा कोइराला
    'खामोशी' की अभिनेत्री मनीषा कोइराला को 42 साल की उम्र में ओवेरियन कैंसर का पता चला था. 6 महीने की गहन चिकित्सा और एक सर्जरी के बाद, मनीषा ने आखिरकार कैंसर को हरा दिया और इस जानलेवा बीमारी के खतरे से बाहर आ गईं. वह कहती है कि इस घटना ने उन्हें एक व्यक्ति के रूप में बदल दिया है.

     

    युवराज सिंह
    2011 के विश्व कप जीतने के तुरंत बाद भारत के स्टार क्रिकेटर युवराज सिंह को लंग कैंसर, स्टेज 1 का पता चला था. उन्होंने कीमोथेरेपी के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका जाने का फैसला किया और एक बार फिट होने के बाद, उन्होंने अगले 20-20 के साथ क्रिकेट में वापसी की थी. युवराज अब पूरी तरह से इस बीमारी से स्वस्थ हैं,

  • डॉ रमन सिंह से मांग करते  है कि वे अपनी और अपनी पत्नी की संपत्ति में बेहिसाब बढ़ोत्तरी का हिसाब राज्य की जनता को दें - कांग्रेस

    रमन सिंह ने आय से कई गुना अधिक संपत्ति बनाईः कांग्रेस ऽ रमन सिंह, वीणा सिंह और अभिषेक सिंह की संपत्ति की जांच हो ऽ

    घोटालों का पैसा रमन सिंह के पास पहुंचता रहा, यह स्पष्ट है ऽ

    क्या घोटालों का पैसा ही विदेशी खाते में अभिषेक सिंह के खाते में जमा हुआ? .

     

    पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को पिछले दिनों एक पत्रवार्ता में वरिष्ठ मंत्री रविंद्र चौबे ने ‘घोटालों का महानायक’ कहा था। . उस दिन बात रमन सिंह सरकार के कार्यकाल में हुए घोटालों और कमीशनखोरी की हो रही थी। . आज हम रमन सिंह और उनकी पत्नी श्रीमती वीणा सिंह की आय और संपत्तियों की बात करेंगे। . हम सवाल पूछना चाहते हैं कि रमन सिंह की संपत्तियां 2008 से 2018 के तीन चुनावों के बीच कैसे दस गुना से अधिक बढ़ गयी? . उन्होंने ऐसा क्या किया जिससे उनकी संपत्तियां इस तरह बढ़ती गईं? उनके और उनकी पत्नी के पास इतना पैसा कहां से आया? साधारण परिवार, न करोबार न उद्योग . पूरा छत्तीसगढ़ जानता हैं कि रमन सिंह एक अत्यंत सामान्य आर्थिक परिस्थिति के परिवार से आते हैं और उनके परिवार के पास न तो अधिक ज़मीन जायजाद है और न कोई पुश्तैनी कारोबार या उद्योग है। . उनके पिता विघ्नहरण सिंह जी एक सामान्य वकील थे। . ख़ुद रमन सिंह ने आयुर्वेद में डिग्री ली है और वे कवर्धा में एक असफल डॉक्टर के रूप में कार्यरत रहे। . उन पर आश्रित बच्चों ने प्रोफ़ेशनल डिग्रियां ली हैं और ज़ाहिर है कि इसमें भी अच्छा ख़ासा पैसा खर्च हुआ होगा। . लेकिन उनकी संपत्ति में आय से कई गुना अधिक की वृद्धि हुई है। हमने उनके तीन चुनाव शपथ पत्र निकालकर देखे हैं। कहां से आया पैसा? . चुनाव लड़ते वक़्त चुनाव आयोग के निर्देशानुसार संपत्तियों, कमाई और खर्च का जो विवरण डॉ रमन सिंह ने जमा किया है, यह सिर्फ़ उसका आकलन है। . इस आकलन के अनुसार वर्ष 2008 में उनके पास एक करोड़, चार लाख की संपत्ति थी। . उस समय तक रमन सिंह मुख्यमंत्री के रूप में एक कार्यकाल पूरा कर चुके थे। . लेकिन अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने ऐसा कुछ उल्लेखनीय करना शुरु किया जिससे कि उनकी संपत्ति अगले चुनाव तक यानी वर्ष 2013 तक बढ़कर पांच करोड़ 61 लाख हो चुकी थी। . वर्ष 2008 से वर्ष 2013 तक रमन सिंह की संपत्ति पांच गुने से अधिक बढ़ गई। . मुख्यमंत्री के रूप में तीसरे कार्यकाल के समाप्त होने तक यानी वर्ष 2018 में उन्होंने चुनाव आयोग को बताया कि उनकी संपत्ति दो गुना होकर 10 करोड़ 72 लाख हो चुकी थी। . यह स्थिति तब है जब उनकी आय अत्यंत सीमित थी. वर्ष 2012-13 में उन्होंने जो आयकर रिटर्न भरा था उसके अनुसार उनकी आय 14 लाख 60 हज़ार के क़रीब थी. इसी दौरान उनकी पत्नी की आय 12 लाख 52 हज़ार के क़रीब थी। . वर्ष 2013 में रमन सिंह पर 28 लाख से अधिक का कर्ज़ था. लेकिन वह भी उन्होंने पांच साल के भीतर चुका दिया था क्योंकि वर्ष 2018 के चुनाव में उन्होंने बताया है कि उन पर कुल देनदारी तीन हज़ार रुपए ही बची थी। . यह इतना बड़ा कर्ज़ उन्होंने कैसे चुकाया? . इतनी कम आय में संपत्तियाँ दस गुना कैसे बढ़ी यह जांच का विषय है? क्या मुख्यमंत्री की कुर्सी ने उगला सोना चांदी? . वर्ष 2008 से 2018 तक के विवरण को यदि आप सरसरी तौर पर भी देखें तो आपको लगेगा कि पता नहीं रमन सिंह और उनकी पत्नी को ऐसा कौन सा पारस पत्थर मिल गया था कि उनके पास सोना और चांदी की मात्रा बेतहाशा बढ़ती रही। . 2008 के चुनाव के वक्त रमन सिंह के पास 23 तोला सोना था जो वर्ष 2013 के चुनाव तक बढ़कर 55 तोला हो चुका था. इसकी क़ीमत भी बढ़कर पांच लाख से 26.40 लाख हो चुकी थी। . इसी अवधि में रमन सिंह की पत्नी श्रीमती वीणा सिंह के पास सोना चार गुना बढ़ चुका था। . चुनावी शपथ पत्र के अनुसार श्रीमती वीणा सिंह के पास सोना 55 तोले से बढ़कर 217 तोला हो गया था. यानी 2013 के चुनाव तक श्रीमती सिंह के पास दो किलो से अधिक सोना हो चुका था। . क़ीमत के अनुसार देखें तो 7.5 लाख रुपए के सोने से वे 80.80 लाख के सोने तक पहुंच चुकी थीं। . पति पत्नी दोनों की आय लगभग 27 लाख रुपए सालाना थी लेकिन उनकी संपत्ति पांच गुना बढ़कर एक करोड़ से पांच करोड़ हो चुकी थी। . 2008 से 2013 के बीच श्रीमती वीणा सिंह के पास सिर्फ़ सोना ही नहीं बढ़ा चांदी भी आठ किलो से बढ़कर 18 किलो हो चुका था। . वैसे सोना तो श्रीमती सिंह के पास 2013 से 2018 तक भी बढ़ता रहा और जब रमन सिंह की पार्टी का छत्तीसगढ़ से सफ़ाया हुआ तो उनके पास 235 तोला सोना था. यानी दो किलो 350 ग्राम सोना. इसकी क़ीमत उस वक़्त 90 लाख रुपए आंकी गई है। बैंक में पैसा बढ़ता गया . वर्ष 2008 से 2018 तक का आकलन करें तो आप पाएंगे कि सीमित आय और पारिवारिक ज़िम्मेदारियों के बावजूद रमन सिंह और उनकी पत्नी के बैंक खातों में जमा धन राशि भी दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ती रही। . मुख्यमंत्री के रूप में पहला कार्यकाल पूरा करने के बाद यानी वर्ष 2008 में सिंह दंपत्ति के पास बैंक खातों में कुल पांच लाख 43 हज़ार रुपए थे। लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में पहला कार्यकाल पूरा होते होते तक उनके खातों में 61 लाख 61 हज़ार रुपए जमा हो चुके थे। . तीसरा कार्यकाल पूरा करते तक उनके खातों में लगभग 1.40 करोड़ रुपए जमा हो चुके थे। कहां से आए करोड़ों अभिषेक सिंह के पास . रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह ने 33 वर्ष की उम्र में पहली बार चुनाव लड़ा। . उन्होंने अपने चुनावी शपथ पत्र में लिखा है कि उनकी वार्षिक आय उस समय 19.89 लाख रुपए थी जबकि उनकी कुल परिसंपत्तियां तीन करोड़ से अधिक की हैं। . डॉ रमन सिंह को छत्तीसगढ़ की जनता को बताना चाहिए कि अभिषेक सिंह ऐसे किस काम से जुड़े हुए थे जिसकी वजह से उनकी आय इस तरह बढ़ रही थी और वे करोड़ों के मालिक बन चुके थे। अविभाजित हिंदू परिवार भी समृद्ध . इन दस वर्षों में सिर्फ़ रमन सिंह और वीणा सिंह ही नहीं अविभाजित हिंदू परिवार (एचयुएफ) की संपत्ति भी दनादन लगातार बढ़ती रही। . जब रमन सिंह की परिसंपत्तियों की जांच हो तो उनके एचयुएफ खातों और आय के साधनों की भी जांच होनी चाहिए। आय से अधिक संपत्ति की जांच होनी चाहिए . रमन सिंह की घोषित संपत्ति जिस तरह से बढ़ी है वह आय से अधिक संपत्ति का मामला है। . दस साल में एक करोड़ से दस करोड़ की संपत्ति का होना साबित करता है कि घोटालों के जो आरोप अब तक रमन सिंह पर लगे हैं वे एकदम सही आरोप हैं और इन्हीं घोटालों से रमन सिंह और उनके परिवार ने जमकर पैसे बनाए हैं। . वर्ष 2008 से 2013 के बीच यानी रमन सिंह जी के दूसरे कार्यकाल में सबसे अधिक घोटाले हुए और इसी बीच रमन सिंह की संपत्ति भी बेतहाशा बढ़ी। . घोटालों और संपत्ति में बढ़ोत्तरी का समीकरण सीधा है और इसकी जांच होनी चाहिए। . इस पूरे मामले की शिकायत ईओडब्लू और प्रधानमंत्री कार्यालय से की जा चुकी है। . कांग्रेस पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से अनुरोध करती है कि वे ‘न खाउंगा न खाने दूंगा’ के अपने वादे पर अमल करें और बहुत कुछ खाकर सत्ता खो चुके रमन सिंह के ख़लिफ़ भी जांच के आदेश दें। . कांग्रेस डॉ रमन सिंह से मांग करती है कि वे भी अपनी और अपनी पत्नी की संपत्ति में बेहिसाब बढ़ोत्तरी का हिसाब राज्य की जनता को दें।

  •  मुख्यमंत्री परिवार तक पहुंचा करोना वायरस !
    *बिग ब्रेकिंग* *मुख्यमंत्री परिवार तक पहुंचा करोना संक्रमण* *प्रदेश में करोना का कहर लगातार जारी है - राजभवन के बाद करोना वायरस अब मुख्यमंत्री निवास तक पहुंच गया है ! मुख्यमंत्री निवास के बाहर तैनात सुरक्षा गार्ड के बाद करोना वायरस ने बंगले के अंदर सेंधमारी कर दी है | विश्वस्त सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री परिवार का एक सदस्य करोना पॉजिटिव पाये जाने के बाद इलाज के लिए दिल्ली रवाना हो गया है ! इस खबर की पुष्टि मुख्यमंत्री आवास से आधिकारिक तौर पर नहीं की गई है | इससे पहले राजभवन में रसोईया सहित जवानों के करोना पॉजिटिव पाये जाने के कारण राजभवन को आम लोगों के आने जाने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया - उसके बाद नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल भी कारोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद इलाज करवा रहे हैं - ऐसे में अब प्रदेश के मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्य का करोना पॉजिटिव होना और इलाज के लिए दिल्ली जाना इस बात की ओर इशारा करता है कि करोना वायरस सावधानी में जरा सी चूक का इंतजार करता है और व्यक्ति को तुरंत अपनी जकड़ में ले लेता है | सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों सहित आम नागरिकों को सावधान रहना होगा | जरा सी लापरवाही कोविड-19 का शिकार बना सकती है |
  • स्कूल खोलने पर शासन का आश्चर्यजनक निर्णय
    *अब खुलेंगे स्कूल, 6 चरणों में होगी पढ़ाई, लागू होगा ऑड-ईवन नियम* खुशखबरी है। जल्द ही स्कूल वापस खुलेंगे। इसको लेकर एनसीईआरटी ने गाइडलाइंस जारी की है। कोरोना वायरस (Coronavirus) के बीच स्कूलों को दोबारा (School Re Opening) खोलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। एनसीईआरटी ने अपनी गाइडलाइंस का ड्राफ्ट (NCERT Guidelines Draft) सरकार को सौंप दिया है। इसके तहत बताया गया है कि स्कूल खुलने पर पढ़ाई का सिलसिला किस तरह शुरू होगा और बच्चों, पेरेंट्स व टीचर्स के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होगा। *इन छह चरणों में शुरू होगी पढ़ाई* 1. पहले चरण में 11वीं और 12वीं की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। 2. इसके एक हफ्ते बाद नौवीं और दसवीं की पढ़ाई शुरू होगी। 3. तीसरे चरण में दो हफ्ते बाद छठी से लेकर आठवीं तक की कक्षाएं शुरू होंगी। 4. इसके तीन हफ्ते बाद तीसरी से लेकर पांचवीं तक की पढ़ाई होने लगेंगी। 5. पांचवां चरण पहली और दूसरी कक्षाओं की शुरुआत का होगा। 6. छठे चरण में पांच हफ्ते बाद अभिभावकों की मंजूरी के साथ नर्सरी व केजी की कक्षाएं शुरू होंगी। हालांकि कंटेनमेंट जोन के स्कूल ग्रीन जोन बनने तक बंद ही रहेंगे। *अपनाए जाएंगे ये उपाय* - क्लास में स्टूडेंट्स के बीच 6 फीट की दूरी जरूरी होगी। एक कमरे में 30 या 35 बच्चे होंगे। - क्लासरूम के दरवाजे-खिड़कियां खुली रहेंगी और एसी नहीं चलाए जा सकेंगे। - बच्चे ऑड-ईवन के आधार पर बुलाए जाएंगे, लेकिन होम असाइनमेंट प्रतिदिन देना होगा। - बच्चे सीट न बदलें, इसके लिए डेस्क पर नाम लिखा होगा। रोज वहीं बैठना होगा। - कक्षाएं शुरू होने के बाद हर 15 दिन में बच्चे की प्रोग्रेस को लेकर पेरेंट्स से बात करनी होगी। - कमरे रोजाना सैनिटाइज हों, ये सुनिश्चित करना प्रबंधन का काम होगा. मॉर्निंग असेंबली और एनुअल फंक्शन जैसा कोई आयोजन नहीं होगा। - स्कूल में प्रवेश से पहले छात्रों और स्टाफ की स्क्रीनिंग होगी। स्कूल के बाहर खाने-पीने के स्टॉल नहीं लगाए जाएंगे। - बच्चों के लिए कॉपी, पेन, पेंसिल या खाना शेयर करने की मनाही होगी. बच्चों को अपना पानी साथ लाना होगा। - हर बच्चे के लिए मास्क पहनना जरूरी होगी. स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल न रखने पर बच्चे के पेरेंट्स को सूचित किया जाएगा। ये बातें भी रखनी होगी ध्यान - चिकित्सा, सुरक्षा या सफाई संबंधी कामों से जुड़े पेरेंट्स को इसकी सूचना पहले ही स्कूल को देनी होगी। - उन्हीं अभिभावकों को शिक्षकों से मिलने की अनुमति होगी जो फोन पर संपर्क करने की स्थिति में नहीं होंगे। - पेरेंट्स-टीचर्स मीटिंग नहीं होगी। ट्रांसपोर्ट को लेकर जल्द ही गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी। - जहां तक हॉस्टल की बात है तो वहां भी छह-छह फीट की दूरी पर बेट लगाने होंगे।