Top Story
  • छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का निधन

    छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री रहे अजीत जोगी का आज निधन हो गया मैं पिछले कई दिनों से राजधानी के निजी अस्पताल में भर्ती थे और लगातार कोमा में चल रहे थे अनेक पद्धतियों से उनका इलाज कर - उन्हें ठीक करने की कोशिश की जा रही थी इसके लिए पूरी डॉक्टरों की एक टीम लगातार निगरानी कर रही थी परंतु आखिरकार आज मैं इस दुनिया से विदा हो गए बिलासपुर के पेंड्रा में जन्मे अजीत जोगी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ-साथ भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय प्रशासनिक सेवा की नौकरी भी की वह विधायक एवं सांसद भी रहे 1 नवंबर 2000 को जब छत्तीसगढ़ बना तो राज्य के पहले मुख्यमंत्री बनने का सौभाग्य भी इन्हें ही मिला

  • जो अधिकारी खुद नियम तोड़ रहा हो वह उसी नियम तोड़ने  के आरोप में दूसरे से जुर्माना वसूले यह कैसे हो सकता है ?
    मास्क नहीं पहनने पर चालान काटने वाले अधिकारी ने खुद ही नहीं लगाया मास्क
    एक ही जगह पर एक ही कानून तोड़ने पर दो व्यक्तियों पर अलग-अलग मापदंड क्यों ?
     
    जो अधिकारी खुद नियम तोड़ रहा हो वह उसी नियम तोड़ने  के आरोप में दूसरे से जुर्माना वसूले यह कैसे हो सकता है |
     
    परंतु यह सब हुआ है राजधानी रायपुर के जयस्तंभ चौक में जहां नगर निगम द्वारा कलेक्टर के आदेश से सड़कों पर बिना मास्क लगाए आने-जाने वालों पर कोविड-19 बीमारी को फैलाने के आरोप में जुर्माना वसूल करने की कार्यवाही की जा रही थी - इस दौरान अनेक ऐसे लोगों ने जिन्होंने मास्क नहीं लगाया था इन अधिकारियों को जुर्माना देकर और आगे से मास्क लगाकर निकलने का वादा कर आगे बढ़ गए परंतु जुर्माना वसूलने के इस अभियान की खास बात यह थी कि नगर निगम जोन क्रमांक 4 के अधिकारियों की टीम का एक अधिकारी बिना मास्क लगाए वहां बैठकर जुर्माना वसूलने की कार्रवाई कर रहा था - 
    इसी दौरान एक न्यूज़ पोर्टल के पत्रकार अफरोज ख्वाजा को इन अधिकारियों ने रोका और मास्क नहीं लगाने के आरोप में जुर्माना पटाने कहा, उपरोक्त पत्रकार ने देखा की जुर्माना वसूलने वाला अधिकारी खुद मास्क लगाए हुए नहीं है तो पत्रकार ने कहा कि ठीक है आप मेरी गलती के लिए रसीद काट दीजिए साथ ही आप भी मास्क का उपयोग नहीं कर रहे हैं इसके लिए आप भी जुर्माना भरे और अपने नाम की रसीद काटें - परंतु अधिकारी टालमटोल करने लगा उसका साथ देने अन्य अधिकारी आ गए और पत्रकार को धमकाने लगे कि अगर जुर्माना नहीं पटाया तो थाने भेज दिया जाएगा और इसी दौरान उन्होंने फोन करके थाने से पुलिस को भी बुलवा लिया पत्रकार अफरोज ख्वाजा ने बिना मास्क लगाए ड्यूटी दे रहे नगर निगम के अधिकारी का वीडियो बना लिया और उसे उनके उच्च अधिकारी जोन कमिश्नर चंदन शर्मा को भेज दिया - 
     
     
    जोन कमिश्नर ने स्वीकार किया कि उनके अधीनस्थ कर्मचारी ने मास्क ना लगाकर कोविड-19 के तहत कानून का उल्लंघन किया है, जिसके लिए शासकीय कर्मचारी होने पर नियम कायदों के तहत कार्रवाई होगी और स्पष्टीकरण मांगा जाएगा | 
    परंतु उन्होंने उस कर्मचारी- अधिकारी पर तुरंत कार्रवाई करने की बात टाल दी |
     
    अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि एक ही जगह पर एक ही कानून तोड़ने पर दो व्यक्तियों पर अलग-अलग मापदंड क्यों ?
     
    प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों को चाहिए कि इन ड्यूटी पर तैनात कानून का पालन करवाने वाले अधिकारियों  कर्मचारियों को स्वयं कानून का पालन करने की सख्त हिदायत दें और यदि उनके द्वारा भी कानून तोड़ा जाता है तो उन पर भी वही कार्यवाही की जानी चाहिए जो एक आम आदमी के लिए तय है |
  • बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा covid-19 लक्षणों के बाद अस्पताल में भर्ती

     

    अस्पताल सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को संबित पात्रा गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती किये गए हैं हैं।

     

    द्वारा: पीटीआई / The indian express / नई दिल्ली | प्रकाशित: 28 मई, 2020 2:03:57 अपराह्न

     भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा
    सूत्रों ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को गुड़गांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उन्होंने COVID-19 के लक्षण दिखाए हैं।

    अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि वह गुरुवार को गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं।

    एक सूत्र ने कहा कि भाजपा नेता में COVID-19 के लक्षण दिखाई दिए हैं ।

    पात्रा समाचार चैनलों पर सबसे अधिक दिखाई देने वाले भाजपा चेहरों में से एक है।

    वह सोशल मीडिया पर भी बहुत सक्रिय हैं और गुरुवार को भी उन्होंने कई ट्वीट किए हैं।

  • भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा अस्पताल में भर्ती
    सूत्रों ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को गुड़गांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उन्होंने COVID-19 के लक्षण दिखाए हैं। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि वह गुरुवार को गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। एक सूत्र ने कहा कि भाजपा नेता ने COVID-19 के लक्षण दिखाए हैं। पात्रा समाचार चैनलों पर सबसे अधिक दिखाई देने वाले भाजपा चेहरों में से एक है। वह सोशल मीडिया पर भी बहुत सक्रिय हैं और गुरुवार को भी उन्होंने कई ट्वीट किए हैं।
  • भाजपा ने राज्य सरकार से पूछे दस सवाल, कोरोना रोकथाम में लापरवाही बरतने का लगाया आरोप --  # पूछता है छत्तीसगढ़

    प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही लापरवाही और हल्की राजनीति पर छत्तीसगढ़ भाजपा ने कांग्रेस सरकार से दस सवाल पूछे हैं. इसके लिए एक -हैशटेग पूछता है छत्तीसगढ़- जारी किया है. इसमें प्रदेश में हो रही संदिग्ध मौत, कोरंटाइन सेंटर में मौत और पंचायतों को राशि जारी नहीं करने पर सवाल किया गया है -

     

    1. प्रदेश में हो रही कोरोना संदिग्ध मौतों पर सरकार मौन क्यों?

    – कोरोना के संपूर्ण लक्षण पाए जाने के बाद बिलासपुर मस्तूरी के मोहनलाल की बिलासपुर सिम्स में 22 मई को मौत। वे पुणे से लौटे थे.

    – 18 मई को सिम्स बिलासपुर में भर्ती हुई पाली से आई महिला अंटीला बाई की 21 मई को मौत.

    – दुर्ग झीट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल लैब में सैंपल कलेक्शन करने वाले दयाराम साहू की मौत.

    2.क्वारेंटाइन सेंटर्स क्यों मौत के केंद्र बनते जा रहे?

    – मुंगेली सिटी कोतवाली अंतर्गत छीतापुर क्वारेंटाइन सेंटर में मौत.

    – जिला रायगढ के सारंगढ अमलिपाली में अर्जुन निषाद ने फ़ासी लगायी.

    – मुंगेली के ग्राम किरना क्वारेंटाइन सेंटर में योगेश वर्मा 31 वर्ष की साँप काटने से मौत.

    – बालोद जिले के ग्राम परसवानी थाना अर्जुनदा क्वारेंटाइन सेंटर में 29 वर्षीय सूरज यादव ने आत्महत्या की.

    – लोरमी फुलझर निवासी 32 वर्षीय लखाराम साहू ने क्वारेंटाइन सेंटर के भय से आत्महत्या की.

    – सीताकासा क्वारेंटाइन सेंटर राजनंदगांव 28 वर्षीय बुधारु राम की स़ाप काटने से मौत.

    – सेमरिया क्वारेंटाइन सेंटर बेमेतरा में 35 वर्षीय राजू ध्रुव की मौत.

    – मुलमुला जांजगीर क्वारेंटाइन सेंटर में मजदूर बीरबल माहेश्वरी की मौत.

    – ग्राम पंचायत कोकपुर क्वारेंटाइन सेंटर में 26 वर्षीया खेमू और 28 वर्षीय तिलकराम साहू की मौत.

    3. क्वारेंटाइन सेंटर्स से लोग भाग क्यों रहे?

    – बम्हनीडीह चाम्पा कन्या छात्रावास से लोग भागे
    – मुंगेली जिला से 22 मजदूर भागे
    – बहतराई बिलासपुर सेंटर से लोग भागे
    – जशपुर नगर जिले से लोग भागे
    – केरा रोड जांजगीर से लोग भागे
    – दंतेवाडा से 23 श्रमिक भागे

    4.क्वारेंटाइन सेंटर्स को संचालित कर रही पंचायतों को पैसों का आबंटन क्यों नही?

    – पैसे के अभाव में पंचायतें परेशान, राज्य सरकार नही कर रही मदद
    – राज्य सरकार बताये पंचायतो को सेंटर चलाने अब तक कितने पैसे दिए
    – पंचायते केंद्र सरकार द्वारा जारी वित्त आयोग के पैसे का कर रही है इस्तेमाल

    5.रैपिड टेस्ट के माध्यम से मजदूरों की तुंरत जाँच क्यों नहीं?

    – पहले मजदूरों को सीधा सेंटर भेजा जाता है. सभी साथ में रहते हैं। फिर वही कोई कोरोना पॉजिटिव मरीज़ निकलता है जो संक्रमण फैला चुका होता है.

    – मजदूरों के टेस्ट किट का प्रबंध नही कर पाये.

    6. क्वारेंटाइन व्यक्ति पास बनवाकर पश्चिम बंगाल जाकर आया कोई रोक क्यों नहीं सका?

    धनेली गाव का विनय शर्मा आगरा से स्पेशल ट्रेन से 13 मई को लौटा क्वारेंटाइन किया गया फिर 20 मई को बाकायदा पास बनवाकर पश्चिम बंगाल भाग निकला। ऐसे गंभीर मामलो पर व्यवस्थायें ध्वस्त कैसे हुई?

    7.प्रदेश के सब्जी बाजारों , शराब दुकानों पर आप सामाजिक दुरी के नियम का पालन क्यों नहीं करवा पा रहे ?

    – ना आप अपने नेताओं से, न जनता से पालन करवा पा रहे
    – कांग्रेस के अनेक कार्यक्रमों में सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ी

    8. कोरोना जांच के लिए लिए सैंपल कूड़ेदान में क्यों फेके जा रहे हैं?

    – बिलापसुर में 5 दिनों में 37 मरीज़ मिले, जबकि वही के 1584 सैंपल ख़राब बोलकर फेक दिए गए.

    9. रद्दी के पपेर में मजदूरों के साथ अमानवीय व्यवहार क्यों?

    – राजनंदगांव के लोहरा से चार किलोमीटर दूर बिरनपुर गांव में रद्दी अखबार में खाना परोसा गया जिससे सब्जी और दाल बह निकली
    – आईटीआई कोनी के क्वारेंटाइन सेंटर में रखे गए 49 मजदूरों ने की भूख हड़ताल.

    10. क्वारेंटाइन सेंटर्स मजदूरों को ठूसा क्यों जा रहा ?

    – क्वारेंटाइन सेंटर से लगातार संक्रमित मरीज़ आने के बाद भी एक-एक कमरे में 20 20 मजदूरों को रखा जा रहा है जबकि दावा हजारों सेंटर होने का है 

     

  • सर्तकता और सावधानी के साथ प्रदेश में अब सप्ताह में 6 दिन खुलेंगी दुकानें : भूपेश बघेल

    रायपुर : सर्तकता और सावधानी के साथ प्रदेश में अब सप्ताह में 6 दिन खुलेंगी दुकानें : भूपेश बघेल :

    मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कोविड-19 के नियंत्रण और आर्थिक गतिविधियां शुरू करने उच्च स्तरीय बैठक

     

    क्वारेंटाईन सेंटरों में मनोरंजन के लिए टी.व्ही,. रेडियो और मनोवैज्ञानिकों
    की ली जाएंगी सेवाएं

    प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार की व्यवस्था होगी सर्वोच्च प्राथमिकता: बनाए जाएंगे राशनकार्ड और मनरेगा के जॉब कार्ड
    कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों की सूची उपलब्ध करायी जाएगी उद्योगों को
    रेड जोन और कंटेंनमेंट एरिया में नहीं मिलेगी कोई छूट
    वैवाहिक कार्यक्रम की अनुमति अब तहसीलदार देंगे
    माल, सिनेमा घर, राजनैतिक सभाएं, सामाजिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध
    पूर्व की तरह ही जारी रहेगा

    विभिन्न प्रदेशों से लौटे प्रवासी मजदूरों को रोजगार और समाज के
    सभी वर्गों को राहत देने के उपायों पर भी हुई चर्चा

    रायपुर, 27 मई 2020

     मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में प्रदेश में कोविड-19 के नियंत्रण और लॉक-डाउन के बाद ठप्प पड़ी आर्थिक गतिविधियों को दोबारा शुरू करने आज उच्च स्तरीय बैठक में विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सभी मंत्रीगण और राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक में विभिन्न राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने और समाज के सभी वर्गों को राहत देने के उपायों पर चर्चा की गई। लोगों की दिक्कतों का देखते हुए अब वैवाहिक कार्यक्रम की अनुमति तहसीलदार देंगे। अनुमति देने की प्रक्रिया को सरल और आसान बनाया जा रहा है। रेड जोन और कंटेंनमेंट एरिया में कोई छूट नहीं मिलेगी। भारत सरकार द्वारा जारी गाईड लाईन के अनुसार माल, सिनेमा घर, राजनैतिक सभाएं, सामाजिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध पूर्व की तरह ही जारी रहेगा।

      

     बैठक में दुकानों को अब सप्ताह में छह दिन खोलने का निर्णय लिया गया। सभी दुकानों और बाजारों में शारीरिक दूरी की बंदिशें पूर्व की तरह लागू रहेंगी। सप्ताह में छह दिन दुकान खुलने से वहां एक साथ होने वाली भीड़ से राहत मिलेगी। व्यवसायिक-व्यापारिक गतिविधियां शुरू होने से रोजगार के साथ अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। बैठक में ज्यादा से ज्यादा उद्योगों को भी शुरू करने के उपायों पर विचार किया गया। लॉक-डाउन के बाद प्रदेश के 1371 कारखानों में दोबारा काम शुरू हो गए हैं। इन कारखानों में एक लाख तीन हजार श्रमिक काम पर लौट चुके हैं।
        मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बैठक में क्वारेंटाइन सेंटर्स में रह रहे प्रवासी मजदूरों के मनोरंजन के लिए टेलीविजन, रेडियो आदि की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने श्रमिकों को मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराने के लिए मनोवैज्ञानिकों की सेवाएं भी लेने को कहा है। मुख्यमंत्री ने गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से क्वारेंटाइन सेंटर्स में योग या अन्य प्रेरक गतिविधियां संचालित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने तनाव कम करने पूरे दिन की व्यवस्थित दिनचर्या तैयार कर इसका पालन सुनिश्चित करने का भी सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्रदेश वापस आने वाले श्रमिकों को राशन और रोजगार की चिंता से मुक्त करने की जरूरत है। इसके लिए तत्काल उनके राशन कॉर्ड और मनरेगा जॉब-कार्ड बनवाए जाएं। कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों की सूची तैयार कर स्थानीय उद्योगों को उपलब्ध कराया जाए। इससे उद्योगों को जरूरत का मानव संसाधन मिलने के साथ ही श्रमिकों को नियमित रोजगार मिलेगा।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के नियंत्रण और लॉक-डाउन की परिस्थितियों में जन-जीवन को राहत पहुंचाने छत्तीसगढ़ में अच्छा काम हुआ है। सभी विभागों ने बेहतर समन्वय के साथ काम करते हुए जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई है। शहरी क्षेत्रों में कोविड-19 के बेहतर प्रबंधन के साथ गांव-गांव में लोगों को जागरूक करने के लिए शासन-प्रशासन ने मुस्तैदी से काम किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की जांच, इलाज और रोकथाम के लिए जितनी भी राशि की जरूरत होगी, स्वास्थ्य विभाग को प्राथमिकता से उपलब्ध करायी जाएगी।
        बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक दो लाख 12 हजार प्रवासी श्रमिकों को वापस लाया गया है। अब तक 53 श्रमिक स्पेशल ट्रेन आ चुकी हैं और 68 प्रस्तावित हैं। जिला कलेक्टरों को राज्य आपदा निधि से 18 करोड़ 20 लाख रूपए और मुसीबत में फंसे मजदूरों की सहायता के लिए करीब चार करोड़ रूपए राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। विभिन्न राज्यों में रह रहे प्रवासी श्रमिकों के बैंक खातों में 66 लाख 73 हजार रूपए का भुगतान भी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग को भी राज्य आपदा निधि से 75 करोड़ रूपए दिए गए हैं।
        बैठक में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, सहकारिता मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य मंत्री अमरजीत सिंह भगत, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री सुब्रत साहू, स्वास्थ्य सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, खाद्य सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, समाज कल्याण विभाग के सचिव प्रसन्ना आर., मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव सुश्री सौम्या चौरसिया सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • अखिल भारतीय मौसम बुलेटिन

    भारत मौसम विज्ञान विभाग के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार:

    • उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी हिस्सोंमध्य भारत और समीपवर्ती पूर्वी भारत के अंदरुनी हिस्सों के ऊपर शुष्क पश्चिमी हवा के छाये रहने के कारणवर्तमान गर्म हवा की स्थिति के मुख्य रूप से अगले दो दिनां तक जारी रहने का अनुमान है।
    • मौसम विभाग के उप-प्रखंड वारगर्म हवा के साथ छिटपुट अत्यंत गर्म हवा की स्थिति के 26-27 मई के दौरान विदर्भ के कई स्थानों पर तथा 26 मई को हरियाणाचंडीगढ़ एवं दिल्लीराजस्थानउत्तर प्रदेश एवं पूर्व मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर गर्म हवा की स्थिति के बने रहने का अनुमान है। 27 मई को हरियाणाचंडीगढ़ एवं दिल्लीपश्चिम उत्तर प्रदेशपूर्व राजस्थान तथा मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर एवं पंजाब तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के छिटपुट स्थानों पर गर्म हवा की स्थिति के बने रहने का अनुमान है। अगले 2-3 दिनो के दौरान बिहारझारखंडओडिशामराठवाड़ा एवं मध्य महाराष्ट्र में भी छिटपुट स्थानों पर गर्म हवा की स्थिति के बने रहने का अनुमान है।
    • एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव तथा निचले स्तरों पर पूर्व-पश्चिम कम दबाव के क्षेत्र के निर्माण और 28-29 मई से वर्षा/आंधी के संभावित अनुमान से 28 मई के बाद उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में कमी तथा 29 मई से गर्म हवा की स्थिति में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। भारत के मध्य भागों एवं समीपवर्ती पूर्वी भागों के ऊपर अनुकूल हवा की स्थिति के तहत इन क्षेत्रों से भी 29 मई से गर्म हवा की स्थिति में कमी आने का अनुमान है।
    • निम्न क्षोभमंडलीय स्तरों पर बंगाल की खाड़ी से पूर्वोत्तर भारत में तेज दक्षिणी हवाओं के कारण - अगले पांच दिनों के दौरान असम एवं मेघालय के छिटपुट स्थानों पर तथा 26 मई को अरुणाचल प्रदेश भारी से बहुत भारी तथा अत्यधिक भारी वर्षा होने का अनुमान है। अगले पांच दिनों के दौरान नागालैंडमणिपुरमिजोरम एवं त्रिपुरा में छिटपुट स्थानों पर तथा अगले 48 घंटों के दौरान पूर्वी भारत के समीपवर्ती स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है। 26-30 मई, 2020 के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ भागों में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा होने का अनुमान है।
    • मानसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) लगातार अक्षांश 5 डिग्री उत्तर/देशांतर 85 डिग्री पूर्वअक्षांश 8 डिग्री उत्तर/देशांतर 90 डिग्री पूर्वकार निकोबारअक्षांश 11 डिग्री उत्तर/देशांतर 95 डिग्री पूर्व के जरिये गुजर रही है। अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण पश्चिम मानसून के दक्षिण बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सोंअंडमान सागर एवं समीपवर्ती मध्य बंगाल की खाड़ी में और आगे बढ़ने के लिए स्थिति अनुकूल हो रही है।

     

  • सार्वजनिक कार्यक्रमों की मनाही के बावजूद प्रदेश सरकार और कांग्रेस ने लॉकडाउन में ग़ैर ज़िम्मेदाराना आचरण किया : भाजपा
    शराब की कोचियागिरी करने केंद्र की गाइडलाइन का हवाला देने वालों मे उसी गाइडलाइन का शर्मनाक उल्लंघन किया : श्रीचंद
     
    0 भविष्य में लॉकडाउन को तोड़ने के लिए लोगों को उकसाने की साजिश और कोरोना के ख़तरे को न्योता देने जैसा कृत्य
     
    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता श्रीचंद सुंदरानी ने प्रदेश सरकार और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व पर कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र जारी लॉकडाउन की हदें पार करने का गंभीर आरोप लगाया है। श्री सुंदरानी ने कहा कि लॉकडाउन-4 के इस दौर में प्रदेश सरकार जिस तरह केंद्र सरकार की जारी गाइडलाइन का उल्लंघन कर रही है, वह कोरोना संक्रमण के फैलाव की आशंकाओं को बल देने के लिए पर्याप्त है। लॉकडाउन के मद्देनज़र जारी गाइडलाइन का यदि सरकार और सत्तारूढ़ दल का नेतृत्व ही पालन नहीं कर रहा है तो फिर प्रदेश के लोगों से उस गाइडलाइन का पालन कैसे कराया जा सकेगा?
    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री सुंदरानी ने कहा कि सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम और कांग्रेस सांसद दीपक बैज ने क्रमश: राजधानी रायपुर, कोंडागाँव विधानसभा क्षेत्र और झीरम घाटी में लॉकडाउन की गाइडलाइन को ताक पर रखकर सार्वजनिक कार्यक्रमों में खुलकर शिरकत की। राजधानी में नगर निगम के तत्वावधान में झीरम घाटी कांड की बरसी का कार्यक्रम केंद्र सरकार की पाबंदी के बावजूद रखा गया जिसमें मुख्यमंत्री बघेल शरीक हुए। श्री सुंदरानी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री बघेल और कांग्रेस नेता केंद्र सरकार की जिस गाइडलाइन का हवाला देने की शर्मनाक कोशिश कर रहे थे, उसी गाइडलाइन में सार्वजिनक कार्यक्रमों पर पाबंदी की बात भी कही गई तो फिर मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता उसका उल्लंघन करके क्या संदेश और संकेत देना चाह रहे हैं?
    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री सुंदरानी ने कहा कि इसी तरह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मरकाम ने अपने विधानसभा क्षेत्र में भ्रमण कर विभिन्न कार्यों के लिए भूनिपूजन किया। बस्तर के सांसद बैज ने तो झीरम घाटी के उस घटनास्थल पर श्रद्धांजलि का कार्यक्रम रखा जहाँ सात साल पहले नक्सलियों के हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेता शहीद हुए थे। ये सारे कार्यक्रम केंद्र सरकार की गाइडलाइन का खुला उल्लंघन है। श्री सुंदरानी ने बताया कि रायपुर के मंचीय कार्यक्रम में काफी संख्या में लोग जुटे थे। झीरम के कार्यक्रम में भी लगभग 80 से अधिक लोगों के शरीक होने की सूचना है। कोंडागाँव क्षेत्र में हुए भूमिपूजन कार्यक्रमों में वहां के विधाय और कांग्रेस अध्यक्ष ने भी गाइडलाइन के निर्देशों को दरकिनार रखा। इन सभी कार्यक्रमों में न तो मास्क की अनिवार्यता का पालन किया गया और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का के प्रति कोई गंभीर रहा।
    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री सुंदरानी ने कहा कि एक तरफ प्रदेश में कोरोना संक्रमण अपने विस्फोटक दौर में है और प्रदेश में रोज़ कोरोना संक्रमितों की संख्या में इज़ाफ़ा हो रहा है, ऐसे समय प्रदेश सरकार और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने पूरी तरह अपने ग़ैर ज़िम्मेदाराना आचरण का परिचय दिया है। श्री सुंदरानी ने कहा कि प्रदेश सरकार तो यूँ भी कोरोना संक्रमण की रोकथाम, संदिग्धों के परीक्षण, पीड़ितों के उपचार, क्वारेंटाइन सेंटर्स की व्यवस्थाओं और लॉकडाउन प्रभावितों की मदद के मामले में पूरी तरह विफल सिद्ध हो ही रही है, कम-से-कम उसे लॉकडाउन के मद्देनज़र तो केंद्र सरकार की गाइडलाइन का ध्यान रखना चाहिए। श्री सुंदरानी ने कहा कि प्रदेश सरकार और कांग्रेस नेताओं का यह आचरण भविष्य में लॉकडाउन को तोड़ने के लिए लोगों को उकसाने की साजिश से कम नहीं माना जा सकता और यह कोरोना के ख़तरे को न्योता देने जैसा कृत्य साबित होगा।
  • ब्रेकिंग :- रायपुर नगर निगम ने किया केंद्र सरकार की गाइडलाइन का उल्लंघन
    ब्रेकिंग :- रायपुर नगर निगम ने किया केंद्र सरकार की गाइडलाइन का उल्लंघन सार्वजनिक कार्यक्रम कराने की है मनाही सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रतिबंध के बाद भी मुख्यमंत्री का रखा कार्यक्रम मंचिय कार्यक्रम में जुटे भारी संख्या में लोग-
  • लाकडाउन 1, लाकडाउन 2, लाकडाउन 3 में हमने कोरोना को नियंत्रण में रखा - मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा 
     
     
    छत्तीसगढ़ वासियों ने मिलजुलकर कोरोना का मुकाबला किया है
     
     
    लाकडाउन 1, लाकडाउन 2, लाकडाउन 3 में हमने कोरोना को नियंत्रण में रखा 
     
     
    लाकडाउन 4 में भी हम सब मिलकर कोरोना का मुकाबला करेंगे
     
     
    रायपुर/25 मई 2020। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुये कहा है कि झीरम घाटी कांड में राजनैतिक नरसंहार किया गया। शहीद आत्माओं को अभी तक न्याय नही मिला है। झीरम घाटी कांड के षडयंत्र की सच्चाई को सब जानना चाहते है। हमारे सुरक्षाकर्मी भी बड़ी संख्या में आम नागरिक भी शहीद हुये थे। प्रदेश के सभी शासकीय और अर्धशासकीय कार्यालयों में झीरम की श्रंद्धाजलि दिवस मनाया जा रहा है। बस्तर टाइगर महेन्द्र कर्मा के नाम से बस्तर विश्वविद्यालय को जाना जायेगा।
    एनआईए को पूर्व की राज्य सरकार ने जो जांच को सौंपा था और उन्होंने अपनी जांच कम्पलीट कर ली। लेकिन जो झीरम घाटी कांड में षंडयंत्र हुआ है उसके बारे में कोई जांच नहीं हुई। जो नक्सली पकड़े गये है, एएनआई ने आत्मसमर्पित नक्सलियो  का बयान नहीं लिया, जो घटना स्थल पर थे उनसे भी बयान नहीं लिया गया। फूलोदवी नेताम सहित झीरम में घटना स्थल पर उपस्थित साथियों के भी बयान एनआईए ने नहीं लिया। एनआईए जांच ही अधूरी है। इस मामले में जांच पूरी हो, सबका बयान हो, जो तथ्य है सामने आने चाहिये।
    कोरोना सबसे पहले हवाई यात्रियों से छत्तीसगढ़ में आया। कोरोना महामारी का हम सब लोगो ने डटकर सामना किया और जो सफलता मिली है वह सबके सामूहिक प्रयत्नों का परिणाम है। छत्तीसगढ़ के आम नागरिक और छत्तीसगढ़ के शासन के अधिकारी, कर्मचारियों, हमारे सभी जनप्रतिनिधियों, छत्तीसगढ़ वासियों हमारे सभी समाजिक संगठनों और सभी औद्योगिक व्यवसायिक संगठनों और साथ ही मीडिया एवं पत्रकारो के सभी साथीयो ने सबने मिलकर इस कोरोना का सामना किया। अभी तीसरे फेस में जो श्रमिक आये हैं या छात्र-छात्रायें आयें हैं और जो लोग बाहर फस गये थे लाकडाउन के कारण वो सब लोग वापस आये है और उसी में से कुछ संक्रमित व्यक्ति भी वापस आ रहे है। निश्चित रूप से संक्रमण की संख्या बढ़ी लेकिन डरने और घबराने जैसी बात नहीं है। लाकडाउन के प्रथम चरण और दूसरे, तीसरे चरण में हम सब ने मिलकर कोरोना नियंत्रित किया और चौथा चरण में भी नियंत्रित करेंगे। ये सब सबके सहयोग से ही संभव हो पाया है।
    राज्य में जो भी चाहे हवाई यात्री करके आये या रेल यात्रा से आये हम सब उसको क्वारेंटाईन करेंगे क्योकि बहुत मेहनत से हम सब लोगो ने मिलकर मेहनत की। कोई ऐसा संगठन नहीं जिन्होंने ने मेहनत नहीं किया सब ने बहुत मेहनत किया तब जाकर के हम कोरोना महामारी को नियंत्रित कर पाये। ये किसी एक को श्रेय नहीं इस श्रेय के भागीदार हम सब है। इस लड़ाई में जिन्होंने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया अपनी जान जोखिम में डालकर हमारे कर्मचारी, अधिकारी, संगठन, सब ने भाग लिया राजनैतिक लोगो ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया तब जा कर के कोरोना को नियंत्रित कर पाये है। थोड़ी सी मेहनत और लगेगी। हम 60 दिन मेहनत किये है 15 दिन और मेहनत लगेगी। आखिर हमारे ट्रेन जो 23 मई को आयेगी और उसके बाद उन सबको 15 दिन क्वारेंटाईन में रखेंगे और 15 दिन के बाद सारे स्थिति स्पष्ट हो जायेगा कि कितने प्रभावित है कितने नहीं है। जो  कोरोना संक्रमण से प्रभावित है उनका इलाज चल रहा है। छत्तीसगढ़ में अभी तक कोरोना से एक भी मौत नहीं हुयी है।
  • झीरम के मामले में मुख्यमंत्री पर साक्ष्य छिपाने का मुकदमा चलाया जाना चाहिए : भाजपा

    कांग्रेस मुख्यमंत्री की याददाश्त दुरुस्त करे ताकि वे उस कुरते या जैकेट को ढूंढ़ लें जिसकी जेब में सबूत लिए फिरते थे

    झीरम घाटी कांड को लेकर कांग्रेस के राजनीतिक प्रलाप पर भाजपा प्रवक्ता उपासने का तीखा हमला

    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने झीरम घाटी कांड को लेकर कांग्रेस के राजनीतिक प्रलाप पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल उठाया है कि क्यों न झीरम के मामले में जेब में सबूत लिए घूमने की बात कहने और सालों बीत जाने के बाद भी अब तक सबूत पेश नहीं करने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर साक्ष्य छिपाने का मुकदमा चलाया जाना चाहिए? श्री उपासने ने कहा कि हर बात के लिए भाजपा के सिर पर अपनी नाकामियों का ठीकरा फोड़ने पर आमादा रहने वाले कांग्रेस के नेता कभी अपने मुख्यमंत्री पर भी तो यह दबाव बनाएँ कि वे सबूत पेश करके झीरम की जाँच को अंजाम तक पहुँचने में सहयोग करें।
    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री उपासने ने कटाक्ष किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को झीरम पर किए गए वादे की याद दिलाने के बजाय कांग्रेस के नेता पहले मुख्यमंत्री बघेल की याददाश्त को दुरुस्त करें ताकि वे उस कुरते या जैकेट को ढूंढ़ लें जिसकी जेब में बतौर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वे झीरम कांड के सबूत लिए फिरते थे और सत्ता में आने के 18 माह बाद भी उन्हें अब उन सबूतों को पेश करना याद नहीं रह गया है। श्री उपासने ने कहा कि दरअसल प्रदेश सरकार ही झीरम की जाँच को बाधित करने पर आमादा रही है। कभी उसे कोर्ट की जाँच पर एतराज होता है तो कभी वह एनआईए की जाँच प्रक्रिया से बचने की कोशिश करती है। इससे यह तो साफ होता है कि कांग्रेस और प्रदेश सरकार को झीरम मामले की जाँच और शहीदों के परिजनों को न्याय दिलाने से कोई सरोकार नहीं है, बस इस मुद्दे पर प्रलाप कर शहीद नेताओं के परिजनों के आँसुओं पर अपनी सियासत की नाव खेना ही उनका एजेंडा रह गया है।
    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री उपासने ने कहा कि झीरम कांड की जाँच और उसमें शहीद हुए नेताओं को सम्मान व उनके परिजनों को न्याय दिलाना प्रदेश सरकार का एजेंडा होता तो 18 माह से सत्ता में बैठे मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर ओछी राजनीति से बाज आकर जाँच में सहयोग करते और उनके पास जो भी तथ्य और साक्ष्य हैं, वे पेश करते। कांग्रेस के नेता मुख्यमंत्री बघेल को यह भी याद दिलाएँ कि साक्ष्य छिपाना भी दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। श्री उपासने ने कहा कि झीरम कांड के समय केंद्र में कांग्रेस की गठबंधन सरकार थी और अब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है, फिर भी मुख्यमंत्री बघेल इस मामले की जाँच को अंजाम तक नहीं ले जा सके तो फिर इससे किसका नाकारापन सिद्ध होता है? यह प्रदेश सरकार के इस राजनीतिक चरित्र का यह कोई एक अकेला मामला नहीं है। प्रदेश के एक मंत्री डॉ. शिव डहरिया की माताजी की हत्या के मामले में भी सरकार चुप्पी साधे बैठी है! इस मामले की सीबीआई जाँच की मांग हुई थी पर प्रदेश सरकार अपने ही नेताओं को न्याय दिलाने की इच्छाशक्ति से शून्य नज़र आ रही है।

  • हवाई या रेलवे सफर  कर आने वाले यात्री  रहेंगे क्वारेंटिंन सेंटर में -छत्तीसगढ़ शासन
    क्वारेंटिंन सेन्टर के लिए  5 भवनों का  अधिग्रहण
     
    सेन्टरो की आवश्यक व्यवस्था हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त
     

          रायपुर 24 मई 2020/  रायपुर शहर में रेल्वे या हवाई जहाज से यात्रा कर आने वाले यात्रियों को शासन के आदेशानुसार क्वारेंटिंन किया जाना आवश्यक है। इस तारतम्य में छत्तीसगढ़ शासन के आदेशानुसार प्रभारी कलेक्टर  सौरभ कुमार ने महामारी् नियंत्रणा एक्ट 1897 के तहत  क्वारेन्टाइन सेन्टर हेतु 5 भवनों को तत्काल प्रभाव से अधिग्रहित किया है। इन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्था बनाये रखने के लिये अधिकारियों को नियुक्त भी किया है।

    जिन भवनों को कोरन्टीन सेंटर के लिए अधिग्रहित और अधिकारियों को जिम्मेदारी सौप गया है , उनके नाम इस तरह है।

    जैनम मानस भवन (पैलेस) व्ही.आई.पी. रोड, रायपुर  के लिए अधिकारी एस पी गोस्वामी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी  और राकेश द्विवेदी, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग है।

    निरंजन धर्मशाला, वी.आई.पी. रोड, रायपुर में डी एस चौहान, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और आशीष कुमार दुबे, सहायक अभियंता, कार्यालय मुख्य अभियंता, राष्टीय राजमार्ग  है।

    मनुआस रियाल्टी. रिंग रोड नं.-01 अग्रोहा कालोनी, चंगोराभाठा, रायपुर  के लिए अधिकारी बी एल देवांगन, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी  और एस. डी जोद्दार, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग, प्रमुख अभियंता कार्यालय, रायपुर है।

     अग्रसेन धाम व्ही.आई.पी. रोड, फुंडहर, रायपुर में दिनेश शर्मा, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और गोपी नाथ राम, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग, है।

     सलासार रायपुर में डी.के, नेताम, संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवायें रायपुर और आलोक चांडक, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, आरंग, रायपुर है।

          इन परिसरों पर भोजन तथा साफ-सफाई की व्यवस्था नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा की जायेगी तथा आवश्यक सेवाएं हेतु सहयोग पर्यटन विभाग द्वारा किया जायेगा। इसके लिए नोडल अधिकारी बी.आर. अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, नगर पालिक निगम रायपुर रहेंगे।