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  • डिजिटल इंडिया को डिजिटल तरीके से लूट रहे ठग : केंद्र सरकार मौन

    आम लोगों को सुरक्षित डिजिटल इंडिया देने में मोदी सरकार नाकाम

    मोदी सरकार डिजिटल इंडिया को डिजिटल डकैतों से बचाने में नाकाम

    कोविड पीड़ितों का व्यक्तिगत डाटा चोरी होना और नीलामी के वेब साइट में रखा जाना दुर्भाग्यजनक

    रायपुर/22 जनवरी 2022। रेड फोरम की वेबसाइट पर हजारों भारतीयों का कोविड-19 डाटा को चोरी कर नीलामी करने की खबर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार डिजिटल इंडिया का नारा तो लगती है बड़े-बड़े दावा करती है जोर शोर से जनता को सभी कार्यो को डिजिटल माध्यम से करने प्रोत्साहित करती है दबाव बनाती है लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म को डिजिटल डकैतों से बचाने में अब तक नाकाम रही है। दुर्भाग्य की बात है कोविड-19 के दौरान देशभर के नागरिक जो कोविड-19 संक्रमण के दायरे में थे और जो वैक्सीनेशन कराने के लिए कोविन पोर्टल में अपनी व्यक्तिगत जानकारियों को आधार कार्ड के नंबर के साथ लिंक किए हैं उनकी व्यक्तिगत जानकारी को मोदी सरकार साईबर चोरों से बचाने में असफल रही है। रेड फोरम के वेबसाइट में कोविड के दौरान भारतीयों के द्वारा दिये गये व्यक्तिगत जानकारी की चोरी कर डाटा नीलामी करने रखे जाने की खबर गंभीर है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि डिजिटल इंडिया का नारा बेहद जोर शोर से लगाया तो जाता है लेकिन उनके सुरक्षा के उपाय के संबंध में ठोस उपाय नहीं कर पाई है। मोदी सरकार का आईटी मंत्रालय जनता को डिजिटल प्लेटफार्म की सुरक्षा की गारंटी देने में अभी तक नाकाम रही है। जब देश के प्रधानमंत्री जी का ट्विटर अकाउंट भी हैकरों ने हैक कर लिया था। ऐसे में आम लोगों की डाटा चोरी होने की पूरी गुंजाइश है। आम लोगों की बैंक अकाउंट से राशि चोरी हो जाना, उनके कंप्यूटर का हैक हो जाना, उनकी निजी जानकारी लीक होना आम बात हो गई। सरकारी दफ्तरों, रेल्वे, विमानन कंपनी, बैंक सहित अन्य सरकारी विभागों के वेब साइट पर भी कई बार साइबर क्राइम अटैक हो चुके है। देशभर के नागरिकों ने वैक्सीन लगाने के लिए अपने डाटा को कोविन ऐप में अपलोड करवाएं हैं अब आशंका है अगर साइबर क्राइम वालों ने सभी के डाटा को चोरी कर लिए होंगे तो निश्चित तौर पर आम लोगों की निजी जानकारी अब सुरक्षित नहीं है उन पर साइबर क्राइम वालों का नियंत्रण है। जहां भी आधार कार्ड लिंक है उनकी निजी जानकारी अब सुरक्षित नहीं है।

  • IPS जिस कार्यालय के चीफ थे, आज वहां आरोपी बनकर पहुंचे

    निलंबित आईपीएस जीपी सिंह को ईओडब्ल्यू की टीम दिल्ली से गिरफ्तार कर रायपुर ले आई, जीपी सिंह को ईओडब्ल्यू के दफ्तर में रखा गया है | उनसे पूछताछ की जा रही है, इसके बाद उन्हें रायपुर कोर्ट में किया जाएगा पेश,

  • देश के इतिहास का काला दिन - देश का प्रधानमंत्री किसी प्रदेश में जाने के लिए स्वतंत्र नहीं

    देश के इतिहास का काला दिन

    देश का प्रधानमंत्री किसी प्रदेश में जाने के लिए स्वतंत्र नहीं,

    यही कुछ आज की घटना - दुर्घटना का निचोड़ कहा जा सकता है, सियासत इतनी ज्यादा गंदी हो गई है कि अब भारत दुनिया में इस घटना के बाद बदनाम हो जाएगा |

    प्रधानमंत्री बनने के बाद व्यक्ति किसी राजनीतिक दल का नहीं रह जाता, वह देश का प्रधानमंत्री होता है, हर वर्ग का प्रधानमंत्री होता है और देश के नागरिकों का प्रधानमंत्री होता है और ऐसे में अगर प्रधानमंत्री को किसी प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था की चूक का सामना करना पड़े तो यह शर्म की बात है |

     

    हम आपको दूसरे पक्ष की बात बताते हैं पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पत्रकार वार्ता के माध्यम से जानकारी दी कि उनके साथ चलने वाला सुरक्षाकर्मी कोविड पॉजिटिव पाया गया जिसके कारण उन्हें भी अपने आप को आइसोलेटेड करना पड़ा और प्रधानमंत्री के नियमानुसार कार्यक्रम में शामिल होने से परहेज करना पड़ा |

     

    अब बात यहां पर यह आती है कि मुख्यमंत्री जी आप जब यह बातें कह रहे हैं तो यह बातें नियमानुसार फोन के माध्यम से, अपने अधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री के सुरक्षा सलाहकार या एसजीपी के अधिकारियों तक पहुंचा सकते थे, परंतु ना आपने उनको सूचना दी और ना ही आप प्रधानमंत्री को रिसीव करने गए , आपकी यह सफाई किसी के गले नहीं उतरेगी |

    प्रधानमंत्री के काफिले के फंसने के बाद जब एसजीपी और प्रधानमंत्री के सुरक्षा दस्ते ने मुख्यमंत्री चन्नी सहित सीएम हाउस में संपर्क करने की कोशिश की तो किसी ने भी फोन अटेंड नहीं किया | आश्चर्यजनक बात है कि देश का प्रधानमंत्री किसी प्रदेश में जाए और उस प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी या मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में लगे अधिकारियों का फोन अटेंड ना करें यह तो एक सोची समझी साजिश ही मानी जा सकती है!

     

    अब रही बात किसानों के धरना प्रदर्शन और डिमांड की तो सवाल यह उठता है कि इन किसान आंदोलन कारियों को कैसे पता चला कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सड़क मार्ग से आने वाले हैं ? जबकि यह निर्णय तात्कालिक था जिसकी पहले से कोई तैयारी नहीं थी, यह खराब मौसम के कारण लिया गया अचानक निर्णय था, तो जब सड़क मार्ग से जाने का निर्णय अचानक था तो आंदोलनकारी उस सड़क मार्ग पर कैसे पहुंच गए ?  सामने से ट्रैक्टर ट्राली कैसे अड़ाई गई ? 

     

    राजनीति जबकि बहुत गंदी है उसके तहत कोई भी अपनी गलती मानने को तैयार नहीं होता |

    परंतु देश का प्रधानमंत्री जो कि सर्वे सर्वा होता है वह ऐसी अव्यवस्था का शिकार हो जाए तो देश के लिए यह शर्म की बात है |

     

    बहरहाल हम फिर से यह अनुरोध अपील करते हैं कि जो कुछ हुआ सही नहीं हुआ और अगर पंजाब की सरकार के साथ-साथ कांग्रेस इस पर आरोप-प्रत्यारोप, तर्क - वितर्क - कुतर्क के साथ अपने बचाव की बातें करती है तो यह किसी भी हाल में मान्य नहीं है | देश का कोई भी नागरिक इसे सही नहीं मानेगा | CG 24 News Sukhbir Singhotra

  • करोना रात में ही निकलता है, रैलियों  - आम सभाओं में जाने से डरता है
    क्या आप जानते हैं कि करोना रात में ही निकलता है ? क्या आप जानते हैं की करोना स्कूल, सिनेमा हॉल, जिम और धार्मिक स्थलों पर ही आता है ? क्या आप जानते हैं करोना दिन में, रैलियों में,धरना -प्रदर्शनों में नहीं आता ? यह सब हम अपनी तरफ से नहीं कह रहे यह केंद्र सरकार प्रदेश सरकारों की नीतियों और उनके द्वारा जारी की जा रही करोना गाइडलाइन के अनुसार कह रहे हैं | केंद्र सरकार हो या प्रदेश की सरकारें सब के सब एक ही नजरिए से सोचते हैं क्योंकि उन्हें करनी है राजनीति और राजनीति के लिए जनता के बीच जाना पड़ता है जनता की भीड़ इकट्ठी करना पड़ता है भाषण देना पड़ता है और उन्हें लुभावने लालच देना पड़ता है | और जब भीड़ को बुलाना है उन्हें रोजी भी देना है उन्हें आने-जाने का खर्च भी देना है खाना पीना भी देना है इसके अलावा जितना बन सके सब कुछ निशुल्क अर्थात फ्री देने के तहत घोषणाएं भी करनी पड़ती है ताकि लोग उनके लुभावने ऑफर के झांसे में आकर उनकी पार्टी को वोट दें, उन्हें अर्थात राजनीतिक पार्टियों को कोई मतलब नहीं की करो ना दिन में निकलता है कि रात में निकलता है गरीबों को अपने घेरे में लेता है कि अमीरों को लेता है मुसलमानों को लेता है कि हिंदू को लेता है ईसाइयों को लेता है सिखों को लेता है उन्हें तो बस मतलब है अपनी रैलियों चुनावी घोषणाओं के लिए आम सभा में भीड़ इकट्ठी करने की उस भीड़ में आम आदमी करो ना पीड़ित हो ओमी क्रोन के से पीड़ित हो सीजन के लिए तड़प अस्पतालों में भर्ती होने के लिए तड़पते कोई लेना देना नहीं उनकी तो सोच रहती है कि हर व्यक्ति सिर्फ उन्हें ही वोट दें | अब ऐसे में हर आम और खास नागरिक को सचेत हो जाना चाहिए की कब कहां कैसे उन्हें करो ना महामारी घेर लेगी पता ही नहीं चलेगा और जब पता चलेगा तब तक देर हो चुकी होगी इसलिए सीजी 24 न्यूज़ आप से अपील करता है आगाह करता है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर ना जाएं खासकर राजनीतिक रैलियों में किसी भी लालच में आकर आम सभाओं में ना जाएं |
  • करोना का डर, लोगों पर प्रतिबंध - फिर चुनावी रैलियों के लिए आमंत्रण क्यों ?
    भीड़ भाड़ वाली जगह पर ना जाएं, मुंह पर मास्क लगाएं, बिना वजह घर से बाहर ना निकले, सैनिटाइजर करते रहे, हाथ धोते रहें यह सब फार्मूले आम पब्लिक के लिए हैं | वहीं दूसरी तरफ यही नेता जो प्रतिबंध लगाते हैं, लोगों को सबक सिखाते हैं, लोगों को शिक्षा देते हैं, उपदेश देते हैं चाहे प्रधानमंत्री हो, चाहे प्रदेशों के मुख्यमंत्री हो, चुनावी प्रदेशों में लगातार रैलियां कर रहे हैं, चुनावी सभाएं कर रहे हैं और उन चुनावी सभाओं में आम लोगों को एकत्रित करते हैं, लोगों को ज्यादा से ज्यादा सभा स्थल पर आने को प्रेरित करते हैं, उन्हें बसों में भरकर बुलाया जाता है, ट्रकों में भरकर बुलाया जाता है, ट्रैक्टर में भरकर बुलाया जाता है उस समय करोना के निर्देश - करोना की गाइडलाइन और सरकारी डंडों सख्ती का पालन करने के सुझाव कहां जाते हैं ? देखा जाए तो सबसे पहले प्रधानमंत्री को ही चाहिए कि ऐसी रैलियां, आम सभाएं बंद कर दें | नियमानुसार वह देश के प्रमुख हैं उन्हें ही फरमान जारी करना चाहिए कि चुनावी प्रदेशों में या अन्य प्रदेशों में किसी भी तरह की रैली प्रदर्शन नारेबाजी धरना आमसभा प्रतिबंधित कर दें | एक तरफ लोगों को लॉक डाउन की बंदिशों में बांधा जा रहा है , स्कूल - कॉलेज, सिनेमा हॉल, नाइट कर्फ्यू, सटरडे, संडे का बंद, धार्मिक स्थलों में भीड़ करने की मनाही के फरमान जारी हो रहे हैं परंतु रैलियों आम सभाओं पर कोई भी राजनीतिक पार्टी अपनी तरफ से प्रतिबंध लगाने में आगे नहीं आ रही सब एक दूसरे के ऊपर नियमों का पालन ना करने का आरोप लगा रहे हैं परंतु स्वयं होकर नियमों में बंधना नहीं चाहते | अब इन रैलियों प्रदर्शनों आम सभा की स्थिति को देखकर आप सहज अंदाजा लगा सकते हैं कि करो ना बढ़ाने और करो ना फैलाने और लोगों को मरीज बनाने और लोगों की जान से खिलवाड़ करने के लिए राजनीतिक पार्टियां ही जिम्मेदार हैं जो दावा करती हैं कि हम सुरक्षा देंगे हम व्यवस्था देंगे हम रोजगार देंगे लोग जिंदा रहेंगे तब तो सब कुछ दोगे ना ! सुप्रीम कोर्ट को संज्ञान लेकर इस मामले में आगे आकर चुनावी प्रदेशों सहित पूरे देश में रैलियों आम सभाओं और चुनाव प्रचार ऊपर रोक लगा देना चाहिए जिसको भी अपने बारे में चुनाव प्रचार करना है वह टीवी के माध्यम से करें सोशल मीडिया के माध्यम से करें अखबारों के माध्यम से करें परंतु लोगों की जान के साथ खिलवाड़ ना करें | Sukhbir Singhotra - स्वतंत्र पत्रकार
  •  ओमी क्रोन पीड़ित प्रदेश का पहला व्यक्ति हो सकता हूं :टीएस सिंहदेव
    प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव इन दिनों करोना से पीड़ित हैं | अपने स्वास्थ्य के बारे में वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के लिए उन्होंने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस द्वारा पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने अपने स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी | उन्होंने बताया कि वे पूर्णत: स्वस्थ महसूस कर रहे हैं परंतु गाइडलाइन के नियमों का पालन करते हुए होम आइसोलेशन में रहकर डॉक्टरों के निर्देशों के तहत दवाइयां ले रहे हैं | स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए चुटकी लेते हुए कहा कि हो सकता है कि प्रदेश का पहला ओमीक्रोन मरीज मैं ही घोषित ना हो जाऊं ! जब स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव से पूछा गया कि देश के अनेक राज्यों में करोना मरीजों की बढ़ती संख्या के साथ-साथ अन्य प्रदेशों में स्कूल, सिनेमा, जिम के साथ-साथ निजी एवं सरकारी दफ्तरों में 50% के साथ कार्य करने की पाबंदियां लगा दी गई हैं, छत्तीसगढ़ में ऐसी पाबंदियां के लिए क्या तैयारी है ? जवाब में टी एस सिंहदेव ने कहा कि प्रदेश में करोना मरीजों की जो रफ्तार है उसको देखते हुए दो-चार दिन के अंदर पाबंदियां लग सकती हैं | जब स्वास्थ्य मंत्री से पूछा गया कि 5 प्रदेशों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां जो भीड़ भाड़ वाली रैलियां, चुनावी सभाएं कर रही हैं उन्हें आप कितना सही मानते हैं ? तो स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह बेवकूफी है, इस तरह की रैलियां नहीं होनी चाहिए | केंद्रीय चुनाव आयोग ने भी स्पष्ट कहा कि चुनाव घोषित नहीं हुए हैं इसलिए हमारा हस्तक्षेप नहीं है, राज्यों को इस बारे में निर्णय लेना है | परंतु राज्य सरकारें ऐसी कोई घोषणा नहीं कर रही है और ना ही कोई सख्त कदम रैलियों पर पाबंदी के लिए उठाए जा रहे हैं जोकि गलत है, इससे करोना मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होगी जोकि बाद में दुखदाई हो सकता है | एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ना तो हम वायरस को रोक सकते हैं और ना ही कमरों में बंद रह सकते हैं, देश की सीमाएं जब सील होगी तब इंटरस्टेट बॉर्डर सील करने के बारे में विचार किया जाएगा |
  • पाकिस्तानी संस्था को भूपेश सरकार 25 एकड़ जमीन क्यों दे रही है ? - बृजमोहन अग्रवाल

    पत्रकार वार्ता में विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने किया खुलासा 
    पाकिस्तानी मुस्लिम संस्था को क्यों दी जा रही है मुफ्त में जमीन 

    सरकारी स्पष्टीकरण दें कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में किसी भी संस्था को सामुदायिक भवन बनाने के लिए 25 एकड़ जमीन या 10 lakh फीट जमीन दी जा सकती है क्या ? देने का नियम है क्या ?  किसके दबाव में यह विज्ञापन निकाला गया ? क्या वहां पर सरकार ने पैसा खर्चा करके वृक्षारोपण नहीं किया है ? क्या बिना जांच के इस तरह का विज्ञापन निकाल दिया गया है ? यह संस्था ओरिजिनल रूप से कहां पर रजिस्टर्ड है ? इस नाम की संस्था कहां पर है ?  इसके प्रमुख कौन हैं ? क्या सरकार इसको सार्वजनिक करेगी ? इस नाम की संस्था 1981 में गठित की गई, आज अगर इस प्रकार के संगठन जिनको हमारे देश की संप्रभुता पर धर्म पर, सरकार पर विश्वास नहीं है उनके लिए छत्तीसगढ़ पनाहगाह बन गया है | यहां पर रजिस्ट्रेशन करा लें और यहां के माध्यम से गतिविधियां संचालित करें | पटना बम ब्लास्ट के आतंकवादी को रायपुर से गिरफ्तार किया गया था |

    हमारे छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के कारण क्षेत्र अशांत है क्या उन पर जाकर रात में इस तरह की कार्रवाई की गई है क्या ? हमारा यह आरोप है कि छत्तीसगढ़ में अगर यहां की पुलिस ठीक तरीके से जांच करें, कार्रवाई करें तो विदेशी संगठनों से जुड़े, आतंकवादी संगठनों से जुड़े बहुत लोग यहां मिल जाएंगे | जो सरकार के संरक्षण में वर्ग विशेष के हैं,  इसलिए इन पर कोई कार्यवाही नहीं होगी और वह छत्तीसगढ़ को अपना पनाहगाह मानते हैं : बृजमोहन अग्रवाल

  • भूपेश बघेल अब यह न कह दें कि मोदी जी ने तिरपाल नहीं दिया, इसलिए धान भीग गया - भाजपा
    भूपेश बघेल अब यह न कह दें कि मोदी जी ने तिरपाल नहीं दिया, इसलिए धान भीग गया - भाजपा मुख्यमंत्री को हम जगाते रहे, वे नींद में यूपी के ख्वाब देखते रहे, अब बहानेबाजी दिखा रहे हैं- विष्णुदेव साय 0 बेमौसम बारिश तो एक बहाना है, सरकार का निकम्मापन असल वजह है 0 किसानों से भीगा धान खरीदें या कीमत के बराबर मुआवजा दें 0 खाद्य मंत्री भगत को फौरन बर्खास्त किया जाय रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने बरसात में किसानों की बिना बिका और खरीदा जा चुका अरबों रुपये का धान बर्बाद हो जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि जब भाजपा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धान की सुरक्षा के लिए जगा रही थी तब वे नींद में उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के सपने देख रहे थे। अपने राज्य के किसान और उसके धान को भगवान भरोसे छोड़ कर यूपी में मगन भूपेश बघेल अब धान की बर्बादी का दोष मौसम पर डालकर अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा है कि बेमौसम बरसात तो एक बहाना है। धान की बर्बादी की असल वजह भूपेश बघेल और उनकी सरकार का निकम्मापन, टालमटोल, झूठ और बहानेबाजी ही है। भूपेश बघेल फुल कॉन्फिडेंस के साथ झूठ बोलने में माहिर हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा है कि अब जब भारी नुकसान हो गया तब मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि नुकसान का त्वरित आकलन करने के निर्देश दिए हैं। वे किसानों और गरीबों को बताएं कि अब तक क्या कर रहे थे जो एहतियात के कदम नहीं उठाए जबकि भाजपा लगातार चेता रही थी कि धान खरीदी एक नवम्बर से करें। यदि समय पर धान खरीदी शुरू हो जाती तो न किसान के पास रखा धान भीगता और न खरीदी केंद्रों में खुला पड़ा धान बर्बाद होता। भूपेश बघेल की हठधर्मिता और हद दर्जे की झुठीली राजनीति ने न केवल किसान की किस्मत पर पानी फेर दिया, बल्कि राष्ट्रीय धन की बर्बादी का घोर अपराध भी किया है। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत की तत्काल बर्खास्तगी की मांग करते हुए श्री साय ने कहा कि वे विधानसभा में तो बड़ी बड़ी बात करते हैं लेकिन इंतजाम क्या है? यह उन्होंने एक दो धान खरीदी केन्द्रों में मुंह दिखाई के दौरान खुद देख लिया कि धान की बर्बादी में भूपेश बघेल के बराबर के हिस्सेदार वे ही हैं। धान बचाने तिरपाल खरीदने पैसे नहीं हैं और कर्मचारियों को छह महीने से पगार नहीं मिली है तो इसके लिए अमरजीत भगत सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि जब नुकसान हो जाता है तब श्री बघेल को होश आता है। वे अब अपनी नाकामी का ठीकरा बेमौसम बरसात पर फोड़ रहे हैं। जब मौसम विभाग ने चेतावनी दी थी तब वे किस कारण से बेहोश थे? भाजपा खुले में पड़े धान की सुरक्षा सुनिश्चित करने कह रही थी तब वे कान में रुई ठूंसकर बैठे थे। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री साय ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि कहीं अब मुख्यमंत्री श्री बघेल यह न कह दें कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने तिरपाल नहीं दिया, इसलिए छत्तीसगढ़ का धान भीग गया। उन्होंने कहा कि अपनी गलती पर पर्दा डालना और दूसरों को दोष देना मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पुरानी आदत है। इसे छत्तीसगढ़ की जनता तीन साल से हर रोज देख रही है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा है कि भूपेश बघेल त्वरित आकलन का राग अलापने की बजाय किसानों का भीगा धान खरीदें या फिर उसकी कीमत के अनुसार मुआवजा दें। इस बरसात में गरीबों के जो घर बर्बाद हुए हैं, उन्हें भी मुआवजा देने में वैसी ही दरियादिली दिखाएं, जैसी अपनी दीदी को खुश करने के लिए यूपी में दिखा रहे हैं।
  • सिक्ख धर्म पर फेसबुक में अनर्गल पोस्ट, आरोपियों की जमानत अर्जी ख़ारिज

    सोशल मीडिया पर कुछ लिखने से पहले सतर्क रहें सावधान रहें - 

    धर्म विरोधी टिप्पणी - अनर्गल पोस्ट करने वाले आरोपियों दिवाकर सिंह और आशीष अग्रवाल की जमानत अर्जी ख़ारिज  

    अपने धर्मों का पालन करने की खुली इज़ाजत और छूट सिर्फ हिंदुस्तान में ही है और इन सबके बावजूद अनेक लोग एक दूसरे के धर्म पर विवादित टिप्पणी कर समाज में जहर घोल रहे हैं | 

    मेरा भगवान अच्छा और दूसरे का भगवान भगवान नहीं कुछ समय से धार्मिक विद्वेष की भावना को लेकर अनेक लोग एक दूसरे के धर्म के ऊपर टिप्पणियां कर रहे हैं जिनके कारण समाज में धार्मिक विद्वेष के साथ-साथ रंजिश की भावना भी घर कर रही है, यह देश समाज के लिए खतरनाक साबित हो रहा है |

    ऐसे ही एक मामले को लेकर सिख समाज आक्रोशित है, पिछले दिनों फेसबुक पर कुछ शरारती व्यक्तियों ,युवकों द्वारा सिख समाज के धर्म ग्रंथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी एवं गुरुओं के खिलाफ फेसबुक पर अनर्गल टिप्पणियां कर सिख समाज के बारे में विवादित पोस्ट की, जिससे नाराज सिख समाज द्वारा राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाने में संबंधित युवकों के खिलाफ जुर्म दर्ज करवाया गया, पुलिस द्वारा दबाव पूर्वक दो युवकों की गिरफ्तारी तो की गई बाकी दो युवक फरार बताए जा रहे हैं | अब इन दो फरार युवकों को गिरफ्तार करने में पुलिस कमजोर साबित हो रही है जिससे सिख समाज द्वारा उनकी जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर रायपुर बंद करने की चेतावनी दी गयी  है |

    हम आपको बता दें की फेसबुक पर विवादित टिप्पणी करने वालों में मुख्य आरोपी दिवाकर सिंह कबीर नगर का रहने वाला है जो पिछले चार-पांच वर्षों से समाज के खिलाफ जहर घोलने का काम कर रहा है | दूसरा आरोपी आशीष अग्रवाल  भावना नगर रायपुर का है जो लोहे का व्यापारी है | दोनों आरोपियों को फेसबुक पर विवादित टिप्पणी करने की धाराओं के अंतर्गत सिविल लाइन थाना द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका हैं |

    अन्य दो आरोपी राहुल प्रकाश धांडे और राजेश सिंह पुलिस की पकड़ से बाहर हैं | इन दोनों आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग भी सिख समाज द्वारा की गई है |

    गिरफ्तार दोनों आरोपियों दिवाकर सिंह और आशीष अग्रवाल की जमानत के विरोध में राजधानी के सभी गुरुद्वारों की प्रबंधक कमेटियों के अध्यक्ष सहित समाज के सभी वरिष्ठों के साथ सैकड़ों की तादाद में सिक्ख युवक जिला न्यायालय रायपुर में एकत्रित हुए | शिकायतकर्ता एवं गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के प्रधानों द्वारा इन आरोपियों को जमानत ना देने की लिखित आपत्ती प्रस्तुत कर भूपेंद्र कुमार वासनिक मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट  से अनुरोध किया |

    मामले की गंभीरता और समाज की आपत्ति को मद्देनजर रखते हुए सीजेएम कोर्ट ने जेल में बंद दिवाकर सिंह और आशीष अग्रवाल की जमानत अर्जी खारिज कर दी |

    सोशल मीडिया पर कुछ लिखने से पहले सतर्क रहें सावधान रहें, गलत टिप्पणी विवादित पोस्ट और अनर्गल बातें लिखने एवं इनसे संबंधित पोस्ट को लाइक करने से पहले यह जरूर समझ ले कि आप कानूनी पचड़े में फंस सकते हैं आप पर गंभीर धाराओं के अंतर्गत जुर्म दर्ज हो सकता है आप जेल के सलाखों के पीछे जा सकते हैं ?

     इस तरह के विवाद पैदा करने वाले अन्य लोग चेत जाएं की किसी के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करना किसी के धर्म गुरुओं के बारे में अपशब्द बोलना और धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करना अब आसान नहीं रहेगा |

    सिख समाज के गुरु ग्रंथ साहिब और धर्मगुरुओं के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने वाले आरोपियो की जमानत पर आपत्ति करने वालों में प्रमुख रूप से स्टेशन रोड गुरुद्वारा के प्रधान निरंजन सिंह खनूजा, इंदर सिंह छाबड़ा, गुरुद्वारा बाबा बुढ़ा जी के प्रधान बल्लू राजपूत, गुरुद्वारा गोविंद नगर से लवली , गुरुद्वारा कबीर नगर के हरदीप सिंह सैनी, बंटी चावला, दलजीत सिंह चावला, अवनीत सिंह, हरपाल सिंह भामरा, कुलवंत सिंह सैनी सहित सिक्ख समाज के अनेक युवा न्यायलय परिसर में उपस्थित रहे |

    सिख समाज की तरफ से एडवोकेट अजीत पाल सिंह, हरिंदर सिंह चावला विम्पी ने पैरवी की, एडवोकेट जतिंदर सिंह सैनसरी,  मनोज छाबड़ा, रोजी खनूजा, ने आपत्ति दर्ज करवाई, सरकारी वकील हिना खान ने जमानत का विरोध किया | CG 24 News - sukhbir singhotra

     

  • ढाबे में अवैध रूप से शराब की बिक्री और पीने की व्यवस्था

    *शराबबंदी की बातें सिर्फ बातें ही रह गई हैं* प्रदेश के अनेक ढाबों में शराब का सेवन और बिक्री अवैध रूप से खुलेआम चल रही है | परंतु आबकारी विभाग और पुलिस विभाग को यह सब दिखाई नहीं देता पता नहीं क्यों ? इसके पीछे का कारण तो वही जाने | हम आपको इस वीडियो के माध्यम से दिखाना चाहते हैं कि राजधानी सहित प्रदेश के अनेक शहरों और सड़क किनारे बने ढाबों पर खुलेआम शराब अवैध रूप से उपलब्ध रहती है और बैठा कर पिलाने की भी व्यवस्था अनेक जगहों पर होती है,

    कुछ ढाबों में अंदर बैठकर पिलाने की मनाही होती है परंतु बाहर कारों में बैठकर शराब पीने की सुविधा के लिए गिलास, पानी, चखना, नाश्ता, खाना उपलब्ध कराया जाता है | यह वीडियो राजधानी रायपुर के हीरापुर रिंग रोड में स्थित प्रीमियम अंग्रेजी शराब दुकान के बाजू के हाईवे इन ढाबे का है इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि लोग होटल के अंदर बैठ कर आराम से शराब पी रहे हैं बोतल टेबल के नीचे पड़ी है और शराब से भरे गिलास टेबल पर | इस होटल में शराब और बियर इस तरह पिलाई जाती है मानो यह लाइसेंस धारी बार हो | यहां आने वाले लोगों को खाने के साथ शराब बीयर आसानी से उपलब्ध कराई जाती है | इस हाईवे इन ढाबे में एक और सुविधा संचालकों द्वारा प्रदान की जाती है कि यदि आप अपनी बोतल लेकर आएं तो यहां इस ढाबे में आराम से बैठ कर पी सकते हैं, किसी तरह का परहेज करने की जरूरत नहीं, लुक छुप कर पीने की जरूरत नहीं, बोतल छिपाने की जरूरत नहीं, गिलास को आड़ में रखने की जरूरत नहीं पड़ती, आप जितनी भी देर आराम से चुस्कियां ले लेकर व्हिस्की पिए या बियर आपको कोई रोक-टोक का सामना करना नहीं पड़ेगा | अब ऐसे में ढाबा संचालक द्वारा खुलेआम बेधड़क, दिन और रात शराब और बियर बेचने और पिलाने के पीछे किसका हाथ है ? किसके दम पर ढाबा संचालक इतनी दमदार इसे अवैध व्यापार कर रहा है ? यह तो कहा ही जा सकता है कि अधिकारियों की जानकारी के बगैर इस तरह खुलेआम अवैध व्यापार करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होता है | आबकारी विभाग और पुलिस विभाग ढाबा संचालकों पर किस तरह की निगरानी रखते हैं और उन्हें यह सब क्यों नहीं दिखता ? यह स्टिंग ऑपरेशन प्रतीकात्मक मात्र है, अगर प्रदेश के सड़क किनारों के ढाबों की पुलिस एवं आबकारी विभाग द्वारा नियमित जांच करें तो आंकड़े आश्चर्यजनक रूप से सामने आएंगे |

  • मंत्री टीएस सिंहदेव ने नहीं बनाया भूपेश सरकार के 3 साल पूरे होने का जश्न
    प्रदेश सरकार के 3 साल के कार्यकाल के जश्न में नहीं शामिल हुए मंत्री टी एस सिंहदेव प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने 3 साल के कार्यकाल पूरे होने पर प्रदेश में जश्न मना रहे हैं | उनके इस जश्न में उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी एवं पूरी कांग्रेस पार्टी शामिल है | प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में भूपेश बघेल सरकार के 3 साल के जश्न को आतिशबाजी ढोल के साथ जमकर नारेबाजी कर मनाया जा रहा है | इसी तरह पूरे प्रदेश में कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता धूमधाम से पटाखे फोड़ कर, नाच - गाकर प्रदेश में कांग्रेस के 3 साल पूरे होने पर जश्न मना रहे हैं | परंतु इस जश्न के माहौल में पूरी कांग्रेस पार्टी इस बात को भूल गई है कि प्रदेश में दूसरे नंबर का एक कांग्रेस लीडर भी है जिसे नजरअंदाज कर दिया गया है | वह हैं कांग्रेस के अढ़ाई साल के मुख्यमंत्री बनने के दावेदार सरगुजा के महाराजा प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव | स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने कांग्रेस के 3 साल के कार्यकाल पूरे होने पर कहीं जश्न नहीं मनाया, किसी भी तरह के जश्न में वे शाम शामिल नहीं हुए और खास बात यह जो विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त हुई है कि उन्हें इस जश्न के लिए कहीं से भी किसी भी तरह का कोई आमंत्रण - निमंत्रण नहीं मिला | वे मंत्रालय में दिनभर अधिकारियों के साथ मीटिंग कर प्रदेश के विकास को लेकर स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर चिन्तित रहे, योजनाएं तैयार करते रहे और उसके बाद राजधानी स्थित अपने बंगले में पहुंच कर अन्य कार्यों में व्यस्त हो गए | प्रदेश के स्वास्थ्य एवं पंचायत मंत्री टी एस सिंहदेव से प्रदेश में कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार के 3 साल पूरे होने के जश्न के बारे में कोई चर्चा नहीं करना और उनसे कोई राय मशवरा नहीं करना और उन्हें जश्न में शामिल होने के लिए आमंत्रित नहीं करना एक प्रकार से उनकी अवहेलना के साथ-साथ अपमानित करना भी कहा जा सकता है | और उनका यह अपमान प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेश के लिए बड़ी मुसीबत भी खड़ी कर सकता है | TS SinghDev राज परिवार से आते हैं और सरगुजा के महाराजा भी हैं संस्कारों से परिपूर्ण भी हैं गंभीर भी हैं राजा प्रजा के अंतर को समझते भी हैं सहनशील भी हैं शालीन भी हैं और उनके इन्हीं सभी गुणों को हो सकता है भूपेश बघेल और कांग्रेस पार्टी समझ नहीं पा रही होगी और वैसे भी कहावत है कि कोई बड़ा बवंडर आने से पहले वातावरण शांत हो जाता है | इस संबंध में हमने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव से बात करने की कोशिश की परंतु उनके नंबरों पर घंटी जाती रही कॉल अटेंड नहीं हुआ उनके निज सचिव सहित अन्य अधिकारियों के नंबर बंद मिले जिसके कारण उनका पक्ष हम नहीं ले पाए | CG 24 News - Singhotra
  • आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता सहायिका संघ द्वारा भूपेश को राम रावण के युध्द के आदित्य हृदय स्रोत के सामूहिक पाठ से जगाने की तैयारी
    *छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र को गर्म करने की तैयारी - आंगनवाड़ी सहायिका संघ द्वारा * *छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता सहायिका संघ के आह्वान पर सरकार द्वारा अपने जन घोषणा पत्र मे किये वायदे* 1-सरकार आने पर कार्यकर्त्ताओ को नर्सरी शिक्षक के पद पर उन्नयन और कलेक्टर स्वीकृत किये जाने की वायदा नि भाओ और 2.सुपरवाईजर के पद पर उम्र बंधन र परीक्षा के शर्त को खत्म करते हुये वरिष्टता क्रम मे भर्त्ती हेतू सेवा भर्ती नियम मे संशोधन कर लाभ दिये जाने के साथ ही साथ अन्य और चार सूत्रीय मांग को लेकर दिनांक 10/12/21 से 16/12/21 तक 7 दिवस तक प्रदेश भर के पैतालिस हजार आंगनबाड़ी केन्द्र और छः हजार मीनी आंगनबाड़ीयो ताला बंद है और इसमे कार्यरत लगभग एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता सहायिकाये संघर्ष रत है और प्रतिदिन पांच से सात हजार महिलाएं लगातार रायपुर पहुंच कर सरकार के प्रति अपना आक्रोस ब्यक्त कर रही है। हड़ताली महिलाओ द्वारा अपनी मांगो के प्रति शासन का ध्यानकर्षण करने के लिये विभिन्न गतिविधायां प्रतिदिन अख्तियार किया जा रहा।10 को वायदा निभाओ रैली और 11/12/21 को हनुमान चालिसा का सामूहिक पाठ किया। बुढ़ातालाब रायपुर मे प्रादेशिक महाधरना मे आज सरकार को जगाने के लिये प्रदेश के सभी जिले से आये महिलाएं नगाड़ा बजाये और शासन को जगाने का काम किये। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता सहायिकाओ के धरना और माग को छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रान्ताध्यक्ष चन्द्रशेखर तिवारी रायपुर.उप प्रान्ताध्यक्ष. पी.आर.कौशिक.उप प्रान्ताध्यक्ष बिलासपुर द्वारा समर्थन दिया गया और उनके द्वारा यह भी कहा गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता सहायिकाओ की मांगे जायज है और सरकार को चाहिये कि संघ प्रतिनिधियो से बैठकर वार्त्ता के माध्यम से हल निकालना चाहिये और महिला सशक्तिकरण की सार्थकता की ओर अग्रसर होना चाहिये।जिससे अपने अपने केन्द्र मे वापस जाकर मन लगाकर शासन का काम कर सके चन्द्रशेखर तिवारी द्वारा यह भी कहा गया कि शासन हठधर्मिता छोड़े और संघ प्रतिनिधियो से बातकरे .वार्त्ता के माध्यम से समय रहते हल निकाले अन्यथा छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ भी कभी हड़ताल के समर्थन मे मैदान मे उतर सकता है संघ द्वारा संघर्ष के चौथा दिवस 13/12/21 को जब राम रावण के युध्द के समय *आदित्य हृदय स्रोत का सामूहिक पाठ* किया जायेगा.जब राम रावण के युध्द के समय राम भगवान के द्वारा रावण से युध्द मे विजय प्राप्त करने हेतु अगस्त ऋषि द्वारा बताये गये इस स्रोत का पाठ भगवान राम द्वारा किया गया था जो 9 मिनट 34 सेकण्ड का है ।उसी स्रोत का सामोहिक महिलाओ के धरना स्थल मे किया जायेगा .ताकि इस संघर्ष मे विजय प्राप्त हो सके। धरना स्थल पर थाली .शंख .घन्ट.बजाकर उसकी ध्वनी से सरकार को संदेश दिया जायेगा उक्त जानकारी .संघ के प्रान्ताध्यक्ष सरिता पाठक रायपुर शहरी अध्यक्ष रूक्मणी साहू ने दी|