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  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में बहुत ही सख्त निर्णय लिये गए -
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गए - (1) नगरीय निकाय क्षेत्रों में अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन , शासकीय भूमि के आबंटन एवं गैर कृृषि प्रयोजन की भूमि पर वार्षिक भू-भाटक के निर्धारण/वसूली प्रक्रिया हेतु निम्नानुसार निर्णय लिये गए- किसी व्यक्ति को निजी उपयोग के लिये 7500 वर्गफीट तक की भूमि आबंटन का अधिकार जिला कलेक्टर को प्रत्यायोजित किया जाएगा। तथा 7500 वर्गफीट से अधिक शासकीय भूमि का आबंटन राज्य शासन द्वारा किया जाएगा। सार्वजनिक/ पंजीकृत संस्थाओं को भूमि आबंटन का अधिकार जिला कलेक्टर को प्रत्यायोजित किया जाएगा। जिला स्तर पर शासकीय भूमि आबंटन/व्यवस्थापन के आवेदनों का जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने के लिये निम्नानुसार समिति गठित की जाएगी। अपर कलेक्टर/अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)/संयुक्त कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। समिति में नगर एवं ग्राम निवेश कार्यालय के संयुक्त/उप/सहायक संचालक सदस्य होंगे। साथ ही संबंधित आयुक्त नगर पालिक निगम/मुख्य नगर पालिका अधिकारी सदस्य होंगे। शासकीय विभागों को भूमि उसी समय आबंटित की जाएगी जब संबंधित विभाग के पास आबंटित की जाने वाली शासकीय भूमि पर बाउंड्री निर्माण के लिये आबंटन उपलब्ध हो, जिससे कि संबंधित विभाग को आबंटित शासकीय भूमि को अतिक्रमण से बचाया जा सके। जिन शासकीय भूमि के संबंध में किसी विभाग से मांगपत्र प्राप्त न हो, ऐसी भूमि के संबंध में विज्ञापन जारी कर निजी व्यक्ति/संस्था से आवेदन प्राप्त किया जाएगा। आवेदन प्राप्त होने पर अन्य किसी प्रकार की जांच न करते हुए केवल विकास योजना को ध्यान में रखते हुए किसी भी व्यक्ति/संस्था को उनके निजी उपयोग के लिये वर्तमान बाजार दर पर आबंटित किया जाएगा। किसी भूखंड के संबंध में दो या दो से अधिक व्यक्ति/संस्था से आवेदन प्राप्त होने पर गाईडलाईन दर पर निकाली गई प्रब्याजी को ऑफसेट प्राईज मानते हुए नीलामी के माध्यम से आबंटित किया जाएगा तथा अधिक बोली लगाने वाले व्यक्ति/संस्था को आबंटित किया जाएगा। 20 अगस्त 2017 के पूर्व अतिक्रमण की गई शासकीय भूमि को शासन द्वारा निर्धारित शुल्क आधार पर आबंटित किया जावेगा। (राजस्व विभाग द्वारा इस संबंध में पृथक से विस्तृृत निर्देश जारी किए जाएंगे) आवासीय मकानों तथा फ्लैट्स पर पंजीयन शुल्क के संबंध में निम्नानुसार निर्णय लिये गए-अचल संपत्ति के पंजीयन में आ रही दिक्कतों को देखते हुए 19 जुलाई 2019 को कैबिनेट की बैठक मंे निर्णय लिया गया था कि बाजार मूल्य गाईडलाईन दरों को संपूर्ण प्रदेश में एकमुश्त 30 प्रतिशत घटाया जाए, इस निर्णय को 25 जुलाई 2019 से लागू किया गया। इसी कड़ी में आज कैबिनेट की बैठक में रजिस्ट्री शुल्क 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किये जाने के निर्णय का अनुमोदन किया गया। 75 लाख बाजार मूल्य तक के आवासीय मकानों/फ्लैट्स के विक्रय पर 31 मार्च 2020 तक वर्तमान में लागू पंजीयन शुल्क (संपत्ति के गाईडलाईन मूल्य का 4 प्रतिशत) में 2 प्रतिशत की छूट देने के निर्णय का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण का गठन होगा। छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण के गठन का मुख्य उद्देश्य खेल के क्षेत्र में नीतिगत निर्णय, खेल से जुड़े विभागों में समन्वय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के संबंध में निर्णय लेना है। खेलों के लिये आवश्यक संसाधनों का सृजन, खेल उत्कृृष्टता केंद्र एवं खेल विद्यालयों का क्रियान्वयन तथा खेलों के विकास हेतु अन्य आवश्यक कार्य प्राधिकरण द्वारा कराए जाएंगे। माननीय मुख्यमंत्री प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उपाध्यक्ष एवं सभी मंत्री सदस्य होंगे। (4) औद्योगिक एवं आर्थिक मंदी के कारण स्टील उद्योगों को प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिये राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 में घोषित विशेष राहत पैकेज की वैधता जो 31 मार्च 2019 को समाप्त हो गई है में वृृद्धि करते हुए छूट का अनुमोदन किया गया। राज्य के ऐसे स्टील उद्योग जिनके द्वारा अधिकतम 01 मेगावाट क्षमता के कैप्टिव पॉवर प्लांट का संचालन किया जा रहा है, को वित्तीय वर्ष 2019-20 में अधिसूचित टैरिफ में सम्मिलित उर्जा प्रभार में 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 तक 80 पैसे प्रति यूनिट की छूट दी जाएगी। (5) बायो-एथेनॉल उत्पादन संयंत्र की स्थापना को प्रोत्साहन- राज्य में खाद्यान्न जैसे की धान की पैदावार आपूर्ति से काफी अधिक होने की दशा में धान एवं गन्ने का रस, बी-शीरा (मोलासेस) तथा अन्य कृृषि उत्पाद् जैसे पुआल, मक्का, ज्वार, बाजरा आदि से बॉयो-एथेनाल उत्पादन संयंत्र की स्थापना के लिये संबंधित विभाग उर्जा, सहकारिता, कृृषि एवं उद्योग विभाग प्रोत्साहन देने का कार्य करेंगे। (6) डायवर्सन प्रकिया का सरलीकरण- विकास योजना अंतर्गत आने वाले ग्रामों के लिये डायवर्सन के आवेदन नगर एवं ग्राम निवेश कार्यालय में लिया जाएगा। विकास योजना के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में कृषि भूमि को गैर कृृषि भूमि में परिवर्तित करने संबंधी आवेदन सर्वप्रथम नगर एवं ग्राम निवेश विभाग में प्रस्तुत किया जाएगा। आवेदक द्वारा प्रस्तावित भूमि उपयोग विकास योजना के अनुरूप होने पर स्वीकृृति देते हुए भू-राजस्व के पुननिर्धारण के लिये सक्षम प्राधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी को भेजा जाएगा। (वर्तमान में डायवर्सन हेतु विभिन्न स्तर पर प्राधिकारी प्राधिकृत हैं इस व्यवस्था को संशोधित एवं सरलीकृत करते हुए अनुविभागीय अधिकारी को ही नगर निवेश विभाग से प्राप्त विकास योजना के आधार पर डायवर्सन हेतु अधिकृत किया गया) (7) विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक एवं सहायक ग्रेड-3 के पदों पर संपूर्ण प्रदेश में सीधी भर्ती की जाएगी। (8) बस्तर एवं सरगुजा में विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड के गठन का अनुमोदन किया गया। (9) छत्तीसगढ़ वरिष्ठ मीडियाकर्मी सम्मान निधि नियम-2013 में संशोधन करते हुए पूर्व में अर्हतादायी आयु 65 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष, सम्मान निधि 5 वर्ष से बढ़ाकर आजीवन और राशि रूपये 5 हजार से बढ़ाकर 10 हजार किया गया। (10) सौर सुजला योजना फेज-4 के तहत 20,000 सोलर पंपों की स्थापना-इसमें इस वर्ष सुराजी गौठान में 4000 सोलर पंप स्थापित किये जाएंगे।
  • स्काईवॉक का फैसला करने से पहले इसे संबंधित सभी लोग पढ़े
    स्काईवॉक के भाग्य का फैसला करने राजधानी के सर्किट हाउस में शासन द्वारा बनाई गई समिति की बैठक चल रही है - जिसमें संबंधित सभी अधिकारी और समिति के सदस्य मौजूद हैं - यह बैठक कितनी देर चलेगी और क्या निर्णय निकल कर आएगा इसके बारे में अभी कहा नहीं जा सकता, परंतु राजधानी सहित प्रदेश के अधिकांश नागरिकों की राय है कि स्काईवॉक को तोड़कर वहां फ्लाईओवर ब्रिज बनाया जाना चाहिए - अगर स्काई वाक से संबंधित समिति और अधिकारी स्काईवॉक पर रूफ गार्डन, संडे मार्केट, स्ट्रीट फूड या किसी अन्य प्रयोजन के लिए निर्णय लेते हैं तो इसके नेगेटिव परिणाम पर विचार करना बहुत जरूरी है - सबसे पहली बात यह कि 38 सीढ़ियां चढ़कर कोई भी व्यक्ति, महिला, पुरुष, बच्चे - बूढ़े ऊपर किसी भी तरह की खरीदी करने नहीं जाएंगे - 2. 38 सीढ़ियां चढ़ने के बाद जब आदमी पसीने पसीने हो कर ऊपर पहुंचेगा तो गैलरी नुमा बंद , कम चौड़ाई वाली इस जगह पर बिना एसी और पंखा के रह नहीं पाएगा - 3. यदि शासन ने एसी कूलर पंखे की व्यवस्था कर भी दी तो मुख्य समस्या आएगी शौचालय की इतनी ऊपर शौचालय बनाना और उनके लिए पानी पहुंचाना और उसकी देखरेख करना संबंधित विभागों के लिए संभव नहीं होगा क्योंकि जो अधिकारी कर्मचारी या ठेकेदार जमीन पर मुख्य मार्गों पर बाजारों में शौचालय को साफ-सुथरा ठीक-ठाक से संचालित नहीं कर पा रहे हैं वह लोग इतनी ऊपर व्यवस्था को सुचारू रूप से कहां देख पाएंगे - अनेक शौचालयों को तो पिछले 5 सालों से प्रारंभ भी नहीं कर पाए हैं ऐसे अधिकारी या ठेकेदार ऊपर में क्या व्यवस्था कर पाएंगे ? 4. राजधानी के सब्जी बाजार में जहां हजार से दो हजार फ़ीट पैदल चलना होता है वहां पर आदमी स्कूटी और टू व्हीलर लेकर सब्जी खरीदने अंदर तक जाता है , ऐसे में इतनी ऊपर लोग पैदल चलेंगे संभव नहीं लगता - 5. सीढ़ियां चढ़ते समय या उतरते समय छोटे बच्चों के साथ महिलाएं या बुजुर्ग ठोकर खाकर गिरेंगे तो संभल नहीं पाएंगे जो बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है - 6. गुटखा तंबाकू खाने वाले लोग ऊपर से थूकेंगे तो जमीन पर चलने वाले लोगों पर गंदगी गिरेगी स्वच्छता मिशन में बाधा आएगी ही साथ ही साथ लड़ाई का कारण बनेगी - अगर बात आती है खर्च की कि 55 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं जो बर्बाद जाएंगे तो उसके लिए कहा जा सकता है कि भविष्य में राजधानी को फ्लाई ओवर की जरूरत जरूर पड़ेगी - तो इसके लिए 55 करोड रुपए के नुकसान को नजरअंदाज किया जा सकता है जो कि बहुत ज्यादा नहीं हैं - वैसे भी गुणवत्ता हीन कार्यों के कारण करोड़ों - अरबों रुपए के एनीकेट - पर्यटन विभाग के सैकड़ों मोटल - तालाबों के संरक्षण के लिए बनाई गई दीवाले, पचरी के अलावा लोक निर्माण विभाग के अनेक पुल - पुलिया निर्माण के दौरान या निर्माण के कुछ महीनों बाद ही टूटकर अरबों - खरबों रुपए का नुकसान दे चुके हैं - तो 55 करोड रुपए की कुर्बानी शहरवासियों के सुगम यातायात के लिए देना कोई बड़ी बात नहीं है - अगर नियमों में प्रावधान हो तो यह राशि स्काईवॉक प्रोजेक्ट बनाने वाले इंजीनियर, अधिकारी, विभाग के साथ-साथ तत्कालीन विभागीय मंत्री या मुख्यमंत्री से वसूल करें - cg24 news अतः सीजी 24 न्यूज़ चैनल स्काईवॉक समिति एवं अधिकारियों से अपील करता है कि उपरोक्त विषयों पर गहन विचार के बाद जनहित में ही कोई निर्णय लें -
  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अब हर मंगलवार को सांसद और विधायकगणों से करेंगे मुलाकात...

    रायपुर |अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हर मंगलवार मिलेंगे सांसद और विधायकगणों से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के सांसदगणों और विधायकगणों से मुलाकात के लिए समय निर्धारित किया है।विधायकगण व सांसद प्रत्येक मंगलवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पूर्वान्ह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक सांसदगण और विधायकगण मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सकेंगे।

  • भूपेश बघेल होंगे कांग्रेस के पोस्टरबॉय - नगरीय निकाय चुनावों में
    निकाय चुनाव में भूपेश बघेल होंगे कांग्रेस के पोस्टरबॉय रमन सिंह बताये क्या वह भाजपा के चेहरे होंगे-कांग्रेस अपने घर कवर्धा में 60 हजार के सर्वाधिक वोट से बुरी तरह से हारने वाले पाटन पर दुःख व्यक्त कर रहे है-विकास तिवारी छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव एवं प्रवक्ता विकास तिवारी ने भाजपा सरकार के मुखिया डॉ रमन सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जहां एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के नेतृत्व में विधानसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 15 सालों में 15 सीटों पर ही सिमट के रह गई और जब भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान की बैठक पर चर्चा की गई तो चौकाने वाले बात सामने आये कि प्रदेश के लोग भारतीय जनता पार्टी के साथ जोड़ना नहीं चाह रहे हैं जिस वजह से भारतीय जनता पार्टी अपने सदस्यता अभियान को और कई दिनों तक चलाने की मजबूरी सामने आ रही है बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहां था कि भाजपा निकाय चुनाव में सर्वाधिक जगह पर जीत दर्ज करेगी और उन्होंने दुर्ग लोकसभा में कांग्रेस की हार पर तंज भी कसा था। प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह कांग्रेस सरकार के मुखिया किसान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तंज कसने के चक्कर ने अपने इतिहास को भूल गये जबकि डॉ रमन सिंह के नेतृत्व में लड़े गए चुनाव में भाजपा 15 सालों में 15 सीट पर ही सिमट कर रह गई वही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहते भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी विधानसभा में एक तरफा जीत दर्ज करते हुए 68 सीटों पर अपने प्रत्याशी जिताने में सफल रही थी दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के गृह जिला कवर्धा जहां से कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी एवं वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने प्रदेश में सर्वाधिक लीड से जोकि 60 हजार की जीत दर्ज की जबकि कवर्धा जिले का कमाल खुद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह एवं उनके पूर्व सांसद पुत्र अभिषेक सिंह ने चुनाव की कमान संभाल के रखी थी बावजूद कवर्धा की जनता ने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी एवं पिता पुत्र की जुगलबंदी को सिरे से खारिज करते हुए कांग्रेस के प्रत्याशी मोहम्मद अकबर को प्रचंड बहुमत से जीत दिलवायी थी। प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के निकाय चुनाव में पोस्टरबॉय होंगे प्रदेश के किसान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल होंगे वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह को क्या बताना चाहिये कि क्या वह निकाय चुनाव में छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी के पोस्टर ब्वॉय होंगे क्या उनकी पार्टी उन के चेहरे पर एतबार करने का दुस्साहस नहीं उठाएगी जिस चेहरे के कारण 15 सालो की सत्ता के बाद 15 सीटो पर सिमट गयी थी उनकी पार्टी ये बात खुलकर बतानी चाहिये।
  • बड़ी कंपनी में नौकरी दिलाने के बहाने महिला को ढकेल दिया देह व्यापार में...रोज 15 से 20 आदमी करते थे रेप....

    दिल्ली: दिल्ली से महिला से जबरन देह व्यापार करने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली के रेड लाइट एरिया (GB रोड) में एक बड़ी कंपनी की महिला कर्मचारी से देह व्यापार के चंगुल से छुड़ाया गया। 27 साल की महिला मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली है। महिला का कहना है कि रोज 15 से 20 आदमी उसका रेप करते थे। खबर के अनुसार महिला कोलकाता में एक बड़ी कंपनी में काम करती थी लेकिन बेहतर नौकरी के नाम पर उसे एक आदमी दिल्ली लेकर आया और फिर उसे जबरन जीबी रोड में भेज दिया गया। बाद में महिला को एक शख्स ने जीबी रोड में बेच दिया था।

  • *विश्व आदिवासी दिवस: मुख्यमंत्री श्री बघेल की बड़ी घोषणा*
    *गांधी जयंती से प्रदेश के सभी आकांक्षी जिलों में कुपोषण मुक्ति अभियान का शुभारंभ* *कुपोषण और एनीमिया पीड़ितों को प्रतिदिन दिया जाएगा निःशुल्क पौष्टिक भोजन* *आगामी 3 साल में प्रदेश को कुपोषण और एनीमिया से मुक्त करने का लक्ष्य* *पायलट प्रोजेक्ट के रूप में वर्तमान में बस्तर में चलाया जा रहा है यह कार्यक्रम* *मुख्यमंत्री ने प्री-मैट्रिक छात्रावास के छात्रों की छात्रवृत्ति 700 रूपए से बढ़ाकर एक हजार करने की घोषणा की* *कॉलेज में सीट बढ़ाने की घोषणा* *मांझी, चालकियों का नाम जो छूट गए हैं उनके बारे में कैबिनेट में लिया जाएगा निर्णय* रायपुर, 09 अगस्त 2019/विश्व आदिवासी दिवस पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीें जयंती के उपलक्ष्य पर आगामी 2 अक्टूबर से छत्तीसगढ़ को कुपोषण से मुक्त करने के लिए प्रदेश के सभी आंकाक्षी जिलों में अभियान प्रारंभ करने की घोषणा की है। इस अभियान के तहत कुपोषण और एनीमिया से पीड़ितों को प्रतिदिन निःशुल्क पौष्टिक भोजन प्रदान किया जाएगा। आगामी 3 साल में छत्तीसगढ़ को कुपोषण और एनीमिया से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में प्री-मैट्रिक छात्रावास के छात्रों की छात्रवृत्ति 700 रूपए से बढ़ाकर एक हजार करने, कॉलेज में सीट बढ़ाने की घोषणा की। वहीं मांझी, चालकियों का नाम जो छूट गए हैं उनके बारे में कैबिनेट में निर्णय लिए जाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने आज जिला मुख्यालय कोंडागांव में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस के समारोह को संबोधित कर रहे थें। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, बस्तर सांसद श्री दीपक बैज, कोण्डागांव विधायक श्री मोहन मरकाम सहित अनेक विधायक और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कुपोषण मुक्ति का यह कार्यक्रम बीते जुलाई माह से बस्तर और दंतेवाड़ा जिलों की चुनिंदा पंचायतों में संचालित हो रहा है। कुपोषण और एनीमिया मुक्ति के इस अभियान में जिलों में कार्यरत प्रतिष्ठित चेरिटेबल संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, एनजीओ, मीडिया समूहों एवं अन्य समर्थ लोगों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और समाज के सभी वर्गो से अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि नीति आयोग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार राज्य में 5 साल से कम उम्र के 37.60 प्रतिशत बच्चे कुपोषण से तथा 15 से 49 वर्ष की 41.50 प्रतिशत बेटियां और माताएं एनीमिया से पीड़ित हैं। कुपोषण एवं एनीमिया के कारण देश में प्रतिवर्ष लाखों बच्चों की मौत हो जाती है, लाखों बच्चे जन्म के समय से ही कम वजन के होते हैं, उनकी ऊंचाई नहीं बढ़ती तथा उनके शारीरिक और मानसिक विकास की प्रक्रिया अवरूद्ध हो जाती है, इस तरह जन्म लेते ही उनकी नियति तय हो जाती है। इस विकट समस्या के निराकरण के लिए अत्यंत गंभीर प्रयासों की आवश्यकता है। राज्य सरकार ने प्रदेश को कुपोषण एवं एनीमिया की इस पीड़ा से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया है। इस कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायतों और महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत में कुपोषण एवं एनीमिया पीड़ितों की चिन्हांकित सूची अनुसार उनकी शारीरिक आवश्यकता तथा रूचि अनुरूप प्रतिदिन पौष्टिक भोजन निःशुल्क दिया जाएगा। इसके लिए आवश्यक राशि प्रतिमाह उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रतिदिन भोजन करने वालों का लेखा-जोखा रखा जाएगा। इस अभियान का गांधी जयंती के दिन से क्रियान्वयन आरंभ किया जाएगा। इस संबंध में मुख्य सचिव और जिला कलेक्टरों को पंचायतवार पीड़ितों की सूची, आवश्यक पौष्टिक तत्वों का आंकलन तथा आवश्यक धन राशि का आंकलन आगामी एक माह में करने को कहा गया है। अभियान हेतु आवश्यक धन राशि डीएमएफ सीएसआर पंचायतों की मूलभूत मद की राशि अथवा विकास प्राधिकरणों में उपलब्ध आबंटन में की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की है कि सभी के सक्रिय सहयोग से कुपोषण एवं एनीमिया के महारोग को आगामी 3 वर्षों में राज्य से पूरी तरह से मुक्त कर लिया जाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण की सार्थकता सिद्ध हो सके।
  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिले त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस
    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से सौजन्य मुलाकात करने पहुंचे त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस - पदभार ग्रहण करने के बाद राज्यपाल रमेश बैस की राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से यह पहली सौजन्य मुलाकात है - इस दौरान उनकी धर्मपत्नी एवं पुत्र भी साथ थे - जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस कि इस मुलाकात को अहम माना जा सकता है - इस दौरान राज्यपाल रमेश बैस ने प्रदेश के ताजा हालातों के बारे में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को जानकारी दी - उल्लेखनीय है कि राज्यपाल रमेश बैस ने कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी - CG 24 News Singhotra -
  • विश्व आदिवासी दिवस आज  : राजधानी के इंडोर स्टेडियम में राज्य स्तरीय आयोजन : मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के मुख्य आतिथ्य में होगा कार्यक्रम

    रायपुर।  मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के मुख्य आतिथ्य और अनुसूचित जाति एवं जनजाति मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम अध्यक्षता की अध्यक्षता में ’’विश्व आदिवासी दिवस’’ पर 9 अगस्त को सुबह 10 बजे से राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम रायपुर के बुढ़ा तालाब के सामने स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में होगा। कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में केन्द्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री रेणुका सिंह, वाणिज्यकर (आबकारी) एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा, खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री अमरजीत भगत, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय शामिल होंगे। सांसदगण, तीनों आदिवासी विकास प्राधिकरणों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित विधायकगण विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उल्लेखनीय है कि जनजातीय समाज में विद्यमान समस्याओं के निराकरण हेतु विश्व का ध्यान आकर्षित करने के लिए वर्ष 1994 में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासभा द्वारा 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस घोषित किया गया था। 

  • बलौदाबाजार : फर्जी मार्कशीट से जीती सरपंच का चुनाव, ...महिला सरपंच गिरफ्तार.....

    बलौदाबाजार : फर्जीवाड़े की खबर से बिलाईगढ़ ब्लॉक एक बार फिर सुर्खियों में है. ग्राम पंचायत पण्ड्रीपाली में फर्जी मार्कशीट के सहारे पंचायत चुनाव जीतने का मामला सामने आया है. महिला सरपंच को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.

    फर्जी मार्कशीट का किया इस्तेमाल

    बिलाईगढ़ के ग्राम पंचायत पण्ड्रीपाली में सरपंच पद के चुनाव के लिए बेदबाई साहू पति बिविक रात्रे ने नामांकन पत्र में आठवीं कक्षा की फर्जी मार्कशीट का इस्तेमाल किया था, जिसकी शिकायत ग्रामवासियों ने थाने में दर्ज कराई.

  • देश के राष्ट्रीय ध्वज की आन बान और शान के लिए खास रिपोर्ट

    आप जो खंबा आप देख रहे हैं इसकी लागत एक करोड़ रुपए है - इस खंभे की देखरेख के लिए प्रतिमाह लगभग डेढ़ लाख रुपए ख़र्च किए जाते हैं - इस खंभे का लोकार्पण 30 अप्रैल 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने किया था | *लोकार्पण के समय बताया गया था कि यह देश का सबसे ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज है* यह देश की आन बान के साथ ही छत्तीसगढ़ की पहचान भी बनेगा |

    लोकार्पण के बाद से एक करोड़ के इस खंबे पर राष्ट्रीय ध्वज साल भर में मुश्किल से 30 दिन ही फहराता होगा, बाकी दिन यह खंबा राजधानी वासियों , प्रदेश वासियों के अलावा अन्य प्रदेशों से आने वाले लोगों को मुंह चिढ़ाते खड़ा रहता है | हम आपको बता दें कि आज 7 अगस्त 2019 है और लगभग पिछले 3 माह से यह खंबा बिना तिरंगे के यूं ही खड़ा है |

    संबंधित विभाग इस खंभे पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए देखरेख पर प्रतिमाह लगभग डेढ़ लाख रुपए खर्च करता आ रहा है | अब सवाल यह उठता है की एक करोड़ के इस खंबे पर राष्ट्रीय ध्वज क्यों नही फहरा रहा ? - ऊपर से बिना राष्ट्रीय ध्वज फहराए संबंधित ठेकेदार कंपनी - मॉनिटरिंग अफसर देखरेख खर्च के नाम पर लाखों रुपए लिए जा रहे हैं क्यों ? -

    अधिकारी - जनप्रतिनिधि इस तेलीबांधा तालाब का निरीक्षण करने समय समय पर आते रहते हैं परंतु किसी ने भी बिना राष्ट्रीय ध्वज के खड़े इस खंबे के बारे में कोई संज्ञान नहीं लिया - और ना ही अधिकारियों से सवाल जवाब किया |

    आम आदमी चाहे वह स्टूडेंट हो, महिला - पुरुष हों, बुजुर्ग हों देशभक्ति की भावना के साथ इस तेलीबांधा तालाब पर देश के सबसे ऊंचे झंडे, अपने तिरंगे - राष्ट्रीय ध्वज की विशालता को देखने उसे सैल्यूट करने पहुंचते हैं, परंतु उन्हें यहां आकर मायूस होना पड़ता है | खाली खड़े इस एक करोड़ के खंबे को देख कर वापस चले जाते हैं | क्यों नहीं अधिकारी इसपर ध्यान देते ? क्यों नहीं जनप्रतिनिधि इसके लिए दोषी ठेकेदार और अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही करते ? क्यों नही जवाबदारों पर जुर्म दर्ज किया जाता ? क्यों बिना वजह ठेकेदार कंपनी को प्रतिमाह भुगतान किया जा रहा है ? -- हम तो यही कहेंगे कि यह भी अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत के साथ उनके आवक का एक साधन मात्र बनकर रह गया है , और देशभक्त नागरिक खाली खंबे को देखकर मन मसोसकर मन ही मन शासन और अधिकारियों को अव्यवस्था के लिए कोसते हुए वापस चले जाते हैं |

    क्या यह एक करोड़ का खंबा सिर्फ 15 अगस्त 26 जनवरी या किसी अन्य राष्ट्रीय त्यौहार के वक्त ध्वज फहराने के लिए है ? क्यों नहीं पूरे साल भर इस पर राष्ट्रीय ध्वज लगातार फहराया जाता ? कृपया अपने अपने विचार व्यक्त करें - *देश के सबसे ऊंचे तिरंगे राष्ट्रीय ध्वज की आन बान और शान के लिए सीजी 24 न्यूज़ की खास रिपोर्ट*

  • पंचतत्व में विलीन हुईं सुषमा, बेटी बांसुरी ने दी मुखाग्नि...

    दिल्ली: पूर्व विदेश मंत्री Sushma Swaraj अब इस दुनिया में नहीं रहीं। अचानक दिल का दौरा पड़ने की वजह से मंगलवार की देर रात वह इस दुनिया को छोड़कर चली गईं। 67 साल की बीजेपी नेता सुषमा स्वराज का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सुषमा स्वराज के अंतिम संस्कार की रस्म बेटी बांसुरी स्वराज ने पूरा किया। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी ने अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया को पूरा किया। बेटी बांसुरी ने ही मां सुषमा स्वराज के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। हालांकि, इस दौरान उनके साथ सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल भी मौजूद थे। पंचतत्व में विलीन होने से पहले सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी भीड़ देखने को मिली। सरकार से लेकर विपक्षी पार्टिोयों के नेताओं की लंबी कतारें दिखीं। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने भी सुषमा स्वराज को अंतिम श्रद्धांजलि दी। इतना ही नहीं, सुषमा को श्रद्धांजलि देते वक्त वेंकैया नायडू फफक-फफक कर रो पड़े। 

  • सुषमा स्वराज कश्मीर की आजादी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देने के बाद दुनिया से अलविदा कर गई
    भारत की कद्दावर महिला नेत्री पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वराज का आज निधन हो गया 67 साल की उम्र में दिल्ली के एम्स अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली - हर किसी की मदद करने वाली चाहे देश हो जा विदेश किसी को कोई भी परेशानी हो उसकी सहायता को हमेशा तत्पर रहने वाली सुषमा स्वराज के निधन से देश को एक बड़ी क्षति हुई है