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  • परिवहन आयुक्त का तुगलकी फरमान गया रद्दी की टोकरी में -

    सुप्रीम कोर्ट के नियमों को ताक पर रखकर जारी किया था फरमान - 

    क्या था वह फरमान और क्यों गया वह रद्दी की टोकरी में ?

     

     

    छत्तीसगढ़ के परिवहन आयुक्त डॉ कमलप्रीत सिंह द्वारा 22 फरवरी को जारी किए गए फरमान जिसमें सभी परिवहन अधिकारियों के माध्यम से वाहन डीलरों को 29 फरवरी तक बिक्री किए गए समस्त वाहनों के संपूर्ण दस्तावेज परिवहन कार्यालयों में जमा करवाने की हिदायत दी गई थी |
     इस फरमान के पीछे का कारण यह था कि 1 अप्रैल 2020 से bs4 वाहनों का पंजीयन प्रतिबंधित हो जाएगा, 31 मार्च 2020 तक बिक्री हुए bs4 के वाहन जो 31 मार्च से पहले तक रजिस्ट्रेशन करवा लेंगे वहीं वाहन सड़कों पर चल सकेंगे |

    परिवहन आयुक्त डॉक्टर कमलप्रीत सिंह ने फरमान जारी करने के पीछे का कारण वाहनों के पंजीयन का अत्यधिक दबाव होना बताकर कर्मचारियों के बोझ को कम करने की बात कही थी, जबकि नियमानुसार 31 मार्च तक बिक्री हुए समस्त वाहनों का पंजीयन करना अधिकारी कर्मचारियों की जिम्मेदारी है 

     अब ऐसे में एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा कर्मचारियों के बोझ की चिंता कर कानून का उल्लंघन करना कहां तक उचित है |
     जबकि सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है कि 31 मार्च तक बिके वाहनों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से किया जाना है और एक अप्रैल से bs4 वाहनों का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से प्रतिबंधित हो जाएगा |

     परिवहन आयुक्त के इस फरमान को चुनौती देते हुए वाहन डीलरों ने परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर के पास अपनी बात रखी और इस फरमान को निरस्त करने की मांग की |
     वाहन डीलरों की मांग पर गौर करते हुए परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने नियमानुसार 30 मार्च तक वाहन बेचने को उचित करार देते हुए परिवहन आयुक्त के 29 फरवरी तक के फरमान को निरस्त कर दिया |

  • नव दम्पत्तियों ने सात वचनों के साथ कुपोषण और कन्या भ्रूण हत्या रोकने की ली शपथ

    रायपुर : सामूहिक कन्या विवाह समारोह में 518 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नव दम्पत्तियों को दिया आशीर्वाद

     

     

    नव दम्पत्तियों ने सात वचनों के साथ ली कुपोषण और कन्या भ्रूण हत्या रोकने की शपथ
     
    सम्पूर्ण रीति-रिवाज के साथ कम खर्चे में पूरी भव्यता के साथ हुआ सामूहिक विवाह

    वैदिक मंत्रोचार, धूप-दीप की सुगंध और शहनाई से गुंजाएमान रहा आयोजन

        रायपुर, 25 फरवरी 2020

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में आज साईंस कॉलेज मैदान में नव दम्पत्तियों ने सात वचनों के साथ कुपोषण और कन्या भ्रूण हत्या रोकने की शपथ ली। मुख्यमंत्री ने सामूहिक कन्या विवाह समारोह में सभी नवदम्पत्तियों को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर 518 कन्याओं का विवाह सम्पन्न हुआ। मुस्लिम और इसाई धर्म के तीन-तीन जोड़ों का भी मौलवी और पादरी ने अपने-अपने रीति-रिवाज से विवाह सम्पन्न कराया। इन जोड़ों के साथ चार दिव्यांग जोड़ों ने भी सामूहिक विवाह में सात फेरे लेकर जीवन भर साथ रहने का वचन दिया। नव दम्पत्तियों ने सात फेरों और सात वचनों के साथ ही भू्रण हत्या का विरोध, बेटी के प्रति भेद-भाव नहीं करने, बेटी का स्वाभिमान एवं गौरव बनाए रखने की भी शपथ ली। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने नवविवाहितों को बधाई और शुभकामनाएं दी और उनके सुखमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि सामूहिक विवाह एक पुनीत कार्य है। हर माता-पिता को अपने बच्चों की शादी की चिंता होती है। आज के समय में शादी में लाखों रूपए खर्च हो जाते हैं। माता-पिता को शादी के लिए उपयुक्त वर-वधु मिलने के साथ ही शादी के खर्च की चिंता रहती है। सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से कम खर्चे में शादी की सामग्री, पण्डाल, भोजन के साथ ही विधिवत तरीके से विवाह संस्कार सम्पन्न हो जाता है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडि़या, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, विधायकगण, महापौर ने भी नव दम्पत्तियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कभी भी दहेज प्रथा नहीं रही है। आशीर्वाद स्वरूप टिकावन के रूप में वधु के नये दाम्पत्य जीवन की शुरूआत के लिए जरूरी सामग्री दी जाती है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा 15 हजार रूपए को बढ़ाकर 25 हजार रूपए कर दिया गया है। इस राशि से 20 हजार की उपहार सामग्री तथा पांच हजार रूपए विवाह आयोजन व्यवस्था पर खर्च की जाती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी जोड़ों को एक-एक पौधा, सुपोषण टोकरी, एक हजार रूपए का चेक सहित अनिवार्य विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र और दैनिक जीवन के उपयोगी की सामग्री भी प्रदान किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ी हाना ‘घर बना के देख, बिहाव करके देख’ कहते हुए विवाह को एक जिम्मेदारी बताया। मुख्यमंत्री ने सामूहिक विवाह को लेकर नजरिया और भाव बदलने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि ‘सोच बदलो सितारे बदल जाते हैं, नजरे बदलो नजारे बदल जाते हैं’। मुख्यमंत्री ने सामाजिक बुराईयों के खिलाफ जन चेतना लाने तथा पूरी रस्मों-रिवाज एवं वैदिक मंत्रों के साथ शादी सम्पन्न कराने पर गायत्री परिवार को बधाई और शुभकामनाएं दी।
        
        महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडि़या ने वर-वधुओं को नये जीवन की शुरूआत के लिए आशीर्वाद देते हुए मंगलकामना की। श्रीमती भेंडि़या ने कहा कि विवाह में होने वाले व्यापक खर्च और व्यवस्था की जरूरत होती है। इस देखते हुए श्री भूपेश बघेल ने वर्ष 2002 में रायपुर के आर.डी. तिवारी स्कूल में 22 जोड़ों की शादी कराकर सामूहिक विवाह की शुरूआत की थी। उन्होंने 2003 में सेलूद में 27 जोड़ों का विवाह करवाया। सामूहिक विवाह की महत्ता को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की राशि को बढ़ाकर 25 हजार रूपए कर दिया है। इसी तरह दिव्यांग जोड़ों के विवाह पर दी जानी वाली राशि को बढ़ाकर एक लाख रूपए कर दिया है। श्रीमती भेंडि़या ने नव विवाहितों से कुपोषण मुक्त स्वस्थ छत्तीसगढ़ बनाने में योगदान देने की अपील की।
        
        राज्य में पहली बार सामूहिक विवाह स्थल पर ही जोड़ों का विवाह पंजीयन नगर निगम रायपुर द्वारा किया गया। इस अवसर पर विधायक कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, श्रीमती अनिता योगेन्द्र शर्मा, श्रीमती संगीता सिन्हा, सुश्री शकुंतला साहू, श्रीमती ममता चन्द्राकर, श्रीमती रश्मि सिंह, पूर्व महापौर श्रीमती किरणमयी नायक, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी एवं संचालक जन्मेजय महोबे, कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरिफ शेख सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और वर-वधुओं के परिजन उपस्थित थे।

  • छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक 29 फरवरी को सतरेंगा में : जल पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

    रायपुर : कैबिनेट की बैठक 29 फरवरी को सतरेंगा में : सतरेंगा में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

     

     


       रायपुर, 25 फरवरी 2020

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक 29 फरवरी को दोपहर एक बजे से कोरबा जिले के सतरेंगा में होगी। कोरबा जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूरी पर हसदेव बांगो के किनारे बसे सतरेंगा को साहसिक और जल पर्यटन स्थल के रूप विकसित किया जा रहा है। सतरेंगा के बांध में पानी के ऊपर तैरता हुआ पुल बनाया गया है। इस पुल से चलकर पहाड़ियों पर पहुंचा जाता है।
        ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में हसदेव नदी पर बांगो बांध का निर्माण किया गया हैै। यह छत्तीसगढ़ राज्य की सबसे बड़ी एवं पहली बहुउद्देश्यीय जल परियोजना है। यह बांध मध्यभारत के सबसे विशालतम बांधों की श्रेणी में से एक है। पहाड़ियों से घिरे इस बांध के बीचों-बीच कई छोटे द्वीप है जो इसके सौंदर्य को बढ़ा देती हैं।
        छत्तीसगढ़ शासन द्वारा हसदेव बांगो के किनारे बसे सतरेंगा, बुका एवं गोल्डन आइलैण्ड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए परियोजना तैयार की गई है। इस स्थान को साहसिक पर्यटन एवं जल पर्यटन के लिए विकसित किया जा रहा है।
        सतरेंगा के वन परिक्षेत्र में अनेक प्रकार की वनौषधियां भी है जिसका उपयोग प्राकृतिक उपचार एवं दवा के रूप में किया जाता है। इसी गांव में 1400 साल पुराना विशाल साल वृक्ष भी है। यहां का महादेव पहाड़ प्राकृतिक सौंदर्य देखते ही बनता है। सतरेंगा के निकट देवपहरी का प्रसिद्ध जलप्रपात भी है। इस परिक्षेत्र में अनेक पुरातात्विक धरोहर का आकर्षण भी है, जिसमें शैलचित्र प्रमुख है।
        राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य में पहली बार योजनाबद्ध तरीके से जल-पर्यटन को बढ़ावा देने एवं स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय विकास के उद्देश्य से जिले में हसदेव क्रूज एण्ड एडवेंचर स्पोर्टस सोसाईटी कोरबा  का गठन किया गया है।
        इसी कड़ी में सतरेंगा के 11 स्थानीय निवासियों को पावर मोटर बोट्स चालन एवं सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है। जल्द ही यहां पर्यटन की गतिविधियों जिसमें बोटिंग, स्पीड बोटिंग, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, ओपेन एयर ऑडिटोरियम तथा रिसॉर्ट आदि की शुरूआत की जाएगी। पर्यटकों के रूकने के लिए क्रूज, फ्लोटिंग कॉटेजेस के निर्माण के साथ ही अन्य साहसिक एवं जलक्रिड़ा की गतिविधियां भी यहां प्रारंभ की जाएंगी।

  • कृषि मेले में पहली बार सोलर कोल्ड स्टोरेज एवं सोलर ड्रायर का लाइव प्रदर्शन

    रायपुर के तुलसी बाराडेरा स्थित थोक मंडी परिसर में 23 से 25 फरवरी तक आयोजित राष्ट्रीय कृषि मेला में क्रेडा पहली बार सोलर कोल्ड स्टोरेज एवं सोलर ड्रायर के लाइव माडल प्रदर्शित किया जावेगा। इसका आकार 20 फीट के कंटेनर जितना होता है। यह 4.5 किलोवाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट से संचालित होता है। सौर उर्जा न होने पर भी कोल्डरूम 24 से 30 घंटे तक बैकअप प्रदान करता है, जो थरमोफ्लूडस के कारण होता है। सरकार द्वारा इस पर 4 लाख रूपये का अनुदान का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा कृषको को उनकी उपज का सही संरक्षण कर धनोपार्जन में वृद्वि का सरल समाधान कोल्ड स्टोरेज है। कोल्ड स्टोरेज में 5 टन तक फल व सब्जी रखी जा सकती है। प्रदेश में अभी तक 50 सोलर कोल्ड स्टोरेज स्थापित किया गया है।
    क्रेडा स्टाल में बायो गैस का जीवंत माडल भी प्रदर्शित किया जा रहा है। शासन की महत्वपूर्ण योजना नरवा, गरवा, घुरूवा, बाड़ी योजनान्तर्गत कृषको के यहॉ बायो गैस संयंत्र स्थापित किये जा रहे है। सरकार द्वारा बायोगैस संयंत्र के निर्माण पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानो को 22 हजार रूपये, सामान्य वर्ग के किसानों को 21 हजार रूपये का अनुदान दिया जा रहा है। प्रदेश के बन रहे गोठानों में भी बायो गैस संयंत्र निर्माण का कार्य प्राथमिकता में किया जा रहा है। प्रदेश में अभी तक क्रेड़ा द्वारा 57700 बायो गैस प्लांट स्थापित किये जा चुके है। स्टाल में सोलर ड्रायर भी प्रदर्शित किया गया है, जिसके उपयोग से किसान अपनी सब्जीयों या फलो को संरक्षित कर अपने उपयोग हेतु रख सकते हैं। सोलर ड्रायर का अनुकूल तापमान 60 डिग्री होने के कारण सब्जी-बीजो की आद्रता पूर्णतः निकल जाती है, जिससे सब्जियों में फफूंद, बैक्टिरिया पैदा नहीं हो पाते। क्रेडा द्वारा सोलर जल शुद्धिकरण संयंत्र का माडल भी प्रदर्शित किया जायेगा, इसमें अशुद्ध जल का शुद्धिकरण संयंत्र से शुद्ध कर पीने योग्य किया जाता है। प्रदेश में अभी तक लगभग 280 सौर जल शुद्धिकरण संयंत्र स्थापित किये जा चुके है। इसमें शासन द्वारा 03 लाख रूपये प्रति संयंत्र अनुदान का प्रावधान है।
    सौर सुजला योजनान्तर्गत किसानो के खेतो में अभी तक लगभग 60 हजार सोलर पम्प लगाये जा चुके है और 2020 में लगभग 20 हजार सोलर पम्प लगाने हेतु कार्य तेजी से किया जा रहा है। 3 एच.पी. क्षमता का सोलर पम्प अनुसूचित जाति, और अनुसूचित जनजाति वर्ग के कृषको को 07 हजार रूपये, पिछड़ा वर्ग के किसानों को 12 हजार रूपये और सामान्य वर्ग के किसानों को 18 हजार रूपये में 5 वर्ष के मेंटेनेस के साथ लगाकर दिया जा रहा है। सोलर पम्प स्थापना में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है।

  • परिवहन आयुक्त ने बीएस-4 वाहनों के पंजीयन अपू्रवल के लिए लंबित समस्त प्रकरणों को 29 फरवरी तक जमा कराने के दिए निर्देश*
    *भारत स्टेज-4 वाहनों का एक अप्रैल से नहीं होगा पंजीयन* * रायपुर, 22 फरवरी 2020/ एक अप्रैल 2020 से भारत स्टेज-4 (BS-4) वाहनों का पंजीयन नहीं किया जाना है। इस संबंध में परिवहन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह द्वारा राज्य के समस्त क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय तथा जिला परिवहन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत सभी वाहन डीलर्स को लिखित रूप से अवगत कराएं कि बीएस-04 वाहनों के पंजीयन अप्रूवल के लिए समस्त लंबित प्रकरण 29 फरवरी 2020 तक आवश्यक रूप से जमा करें, ताकि वाहन विक्रेता के द्वारा विक्रय किए गए समस्त बीएस-04 वाहनों का पंजीयन किया जा सके। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि वाहन विक्रेता द्वारा यदि क्रेता को बीएस-04 वाहन बिक्री किया गया है तो सम्पूर्ण वैध दस्तावेज प्राप्त कर निर्धारित समयावधि में उसका पंजीयन की कार्रवाई पूर्ण कर लेंवे। परिवहन आयुक्त द्वारा जारी निर्देश में अवगत कराया गया है कि चूंकि एक अप्रैल 2020 से बीएस-04 वाहनों का पंजीयन नहीं किया जाना है, ऐसी स्थिति में काफी संख्या में पंजीयन प्रकरण लंबित हो सकते हैं। साथ ही अंतिम समय में अत्यधिक कार्यभार की वजह से विभिन्न तकनीकी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती है, जिससे वाहन क्रेता को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत गैर-परिवहन तथा परिवहन वाहनों का पंजीयन के लिए निर्धारित अधिकतम 30 कार्य दिवस और वाहनों का अस्थायी पंजीयन के लिए निर्धारित अधिकतम 15 कार्य दिवस में पंजीयन कार्यवाही सम्पादित किया जाना है। अतएव इस आधार पर वाहन विक्रेता अथवा क्रेता के हितों को ध्यान में रखते हुए वाहन डीलर्स से 29 फरवरी 2020 तक पंजीयन फाइलें प्राप्त करने के लिए जिले के वाहन डीलर्स को सूचित किया जाए, ताकि क्रय किए गए समस्त बीएस-4 वाहनों का पंजीयन 31 मार्च 2020 तक किया जा सके। राज्य में प्रचलित डीलर प्वाईंट वाहन रजिस्टेªशन की प्रक्रिया में वाहन विक्रेता डीलर के द्वारा विक्रय की गई वाहनों का पंजीयन चिन्ह तत्काल आवंटित किया जाता है, तत्पश्चात वाहन विक्रेता डीलर के द्वारा पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज परिवहन कार्यालय में जमा किया जाता है। डीलर द्वारा जमा किए गए समस्त आवश्यक वैध दस्तावेजों की जांच करने के पश्चात पंजीयन प्राधिकारी द्वारा वाहन-4.0 पोर्टल में वाहन का पंजीयन अप्रूवल किया जाता है। तत्पश्चात ही वाहन पूर्ण रूप से पंजीकृत माना जाता है। चूंकि एक अप्रैल 2020 से बीएस-04 वाहनों का पंजीयन नहीं किया जाना है। इस संबंध में निर्देशित किया गया है कि जिन वाहनों का वैध दस्तावेज परिवहन कार्यालय में जमा नहीं किया गया है और वाहन-04 में अप्रूवल शेष है। उन सभी वाहनों का पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए लंबित समस्त प्रकरण 29 फरवरी 2020 तक जमा कर लिया जाए। यह भी पाया जाता है कि वाहन विक्रेताओं से डिस्काउंट/ऑफर की उम्मीद में क्रेता द्वारा अंतिम दिवस तक इंतजार किया जाता है। इस संबंध में यदि वाहन डीलर्स स्वेच्छा से डिस्काउंट/ऑफर देना चाहते हैं तो अंतिम दिवस का इंतजार करने की बजाए फरवरी में ही यह कार्यवाही कर सकते हैं। परिवहन आयुक्त द्वारा समस्त पंजीयन प्राधिकारी को इसका क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने परिवहन अधिकारियों को जिलों में पंजीकृत वाहन डीलर्स वाहनों के भारत स्तर-4 के स्टॉक से संबंधित विवरण लिखित रूप में 25 फरवरी 2020 तक प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि स्टॉक के समाप्त होने तक भारत स्तर-4 की गाड़ियों को पंजीकृत करने में नियमानुसार कोई अवरोध अथवा दिक्कत ना हो।
  • Mann Ki Baat, February 2020

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात का फरवरी २०२० का एपिसोड २३ फरवरी को प्रसारित होगा 

  •  माँ का दर्द - शहीद बेटे की अस्थियां
    पिछले 3 सालों से एक माँ अपने शहीद बेटे की अस्थियों को अपने पास रखकर शासन-प्रशासन से गुहार लगा रही है, की उसके शहीद बेटे को सम्मान दिया जाए, माँ शासन- प्रशासन सिर्फ इतना ही चाह रही है, की उसके गांव में संचालित स्कूल का नाम उसके शहीद बेटे के नाम से जाना जाए और गांव में शहीद बेटे का एक स्मारक बना दिया जाए, जो कि नियम में भी है। जिस थैले में कमजोर व असहाय माँ अपने शहीद बेटे की अस्थियों को लेकर चलती है अब वह थैली भी जवाब देने लग गया है, लेकिन इस बूढ़ी माँ की पुकार कोई नही सुन पा रहा है। जिले के डोंगरगांव विधानसभा क्षेत्र के सोनेसरार गांव का एक जवान हेमन्त महितकर 2013 में 10 वीं बटालियन छसबल में भर्ती होता है, जिसकी पदस्थापना प्रदेश के बीजापुर जिले के मिरतूर थाने में होती है। 03 मार्च 2017 को थाना क्षेत्र के चेटली चितौडीपारा में सड़क निर्माण का कार्य चल रहा होता है, जिसमें सड़क निर्माण कर रहे लोगों को सुरक्षा देने निकली फोर्स को जंगल मे घात लगाकर बैठे नक्सली हमला कर देते है जिसमे जवान हेमन्त महितकर शहीद हो जाता है। शासन- प्रशासन के नियमों के अनुसार जिस गांव का जवान शहीद होता है, उस गांव के स्कूल का नाम शहीद के नाम पर रखा जाए, और गांव में ही शहीद का एक स्मारक शहीद के नाम से बनाया जाए। लेकिन घटना को 3 साल बीत गए इस गांव में ऐसा कुछ देखने नही मिला, शहीद की बूढ़ी माँ ने बताया कि पुलिस विभाग के कुछ अधिकारियों ने उसे बताया था कि जिस दिन भी शहीद के नाम का स्मारक गांव में बनाया जाएगा, उसी स्मारक में शहीद की अस्थियों को डाल देना। शासन- प्रशासन ने नियमानुसार शहीद के स्मारक के लिए गांव के हाई स्कूल में जगह को चिन्हित किया और स्कूल का नामकरण के लिए स्कूल विभाग द्वारा प्रस्ताव भी बनाया गया,लेकिन जिस जगह का चयन किया गया, प्रशासन ने शहीद के परिजनों को जानकारी नही दी और पंचायत ने निर्माण कर डाला, जिस जगह पर शहीद का आधा अधूरा स्मारक बनाया गया वहां स्कूल के मल-मूत्र का पानी आता है, जिसे शहीद की माँ अपने बेटे का अपमान समझती है, उस समय से शहीद की माँ शासन- प्रशासन से गुहार लगा रही है कि निर्माण स्थल से कुछ ही दूरी पर स्मारक बनाया जाए जिससे स्मारक के नीचे उसके बेटे की अस्थियों पर मल-मूत्र का पानी ना पहुंचे। स्कूल के प्राचार्य का कहना है कि स्कूल का नाम शहीद के नाम पर करने के लिए कई बार प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है लेकिन गांव की पंचायत में सहमति नही बनने के कारण नामकरण नही हो पा रहा है। सोनेसरार गांव समुदाय विशेष गांव है, शहीद हरिजन वर्ग से आता है,ऐसा बताया जा रहा है कि गांव में हरिजन वर्ग के केवल 4 ही परिवार निवास करते है, समुदाय विशेष वर्ग के लोग अधिक होने के कारण भी स्मारक और स्कूल के नामकरण में दिक्कत आ रही है, क्योंकि स्मारक का निर्माण और स्कूल का नामकरण पंचायत को ही करना है, पंचायत में कई बैठक भी हो गई, लेकिन सहमति नही होने के कारण ना ही शहीद का स्मारक बन पा रहा है, और ना ही स्कूल का नामकरण हो पा रहा है, ऐसे में शहीद की माँ शासन-प्रशासन, स्थानीय नेता, विधायक, मंत्री, तात्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सभी से गुहार लगा चुकी है, लेकिन शहीद की माँ को पिछले 3 सालों से केवल आस्वाश्न ही मिल रहा है, जिस थैली में शहीद की अस्थियों को शहीद की माँ ने सहेज कर रहा है अब वो भी फटने लगी है। बेटा यदि सेना या फ़ौज में जाता है तो माँ बाप और पूरे गांव का सीना चौड़ा हो जाता है, और कहि मुठभेड़ में जवान बेटा शहीद हो जाता है, तो माँ- बाप का सिर फक्र से ऊंचा हो जाता है कि उनका बेटा देश के लिए शहीद हो गया, साथ ही उस गांव का नाम भी रोशन हो जाता है, जिस गांव का बेटा शहीद होता है, लेकिन इस गांव के लिए मानों शहीद जवान अभिश्राप हो गया हो। दुश्मन की गोली जातपात, धर्म, मज़हब नही पहचानती, ओ तो सिर्फ अपने लक्ष्य को भेददी है, फिर शहीद के सम्मान में जात-पात क्या होता है, जवान तो सिर्फ देश का होता है। पूरे मामले में जिले के एएसपी का कहना है, की विभाग ने स्मारक और स्कूल के नामकरण के लिए जिला कलेक्टर को लिख दिया है। बस इतना कहकर पुलिस विभाग के अधिकारी ने अपना पल्ला झाड़ लिया पिछले 3 सालों से एक तरफ बेटे को सम्मान दिलाने अधिकारियों और नेताओं के चक्कर, तो दूसरी तरफ बूढ़ी माँ के लिए तंगहाल जिंदगी, बेटे के शहीद होने के बाद बहू को बेटे की जगह अनुकंम्पा नियुक्ति मिली, उसने भी अपनी बूढ़ी सांस का घर छोड़ दिया, अब शहीद की माँ अपना गुजर बसर करने के लिए गांव में ही रोजगार गारंटी में मिट्टी खोदने जा रही है। जब से इस बूढ़ी माँ का बेटा शहीद हुआ है, प्रतिवर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी को पुलिस विभाग शहीदों के परिजनों का सम्मान श्रीफल और साल भेंट कर करती है, हर बार शहीद की विभाग से आयोजन के दौरान विभाग के अधिकारियों से यही गुहार लगाती है , की उसके बेटे को सम्मान दिला दे, साल और श्रीफल की जरूरत मुझे नही है। पता नही शहीद बूढ़ी माँ को और कितना इंतजार करना पड़ेगा अपने शहीद बेटे को सम्मान दिलाने में और अब कब तक अपने सीने से लगा रखेगी अपने शहीद बेटे की अस्थियों को... विपुल कनैया (संवाददाता, राजनांदगांव)
  • कोर्टयार्ड बाय मैरियट में 10 दिवसीय इंटरनेशनल स्ट्रीट फूड फेस्टीवल आरंभ
    रायपुर, 21 फरवरी 2020: यदि आप स्ट्रीट फूड के शौकीन हैं तो फिर तैयार हो जाइये एशिया से लेकर अमेरिका और इसके अलावा विश्व के अन्य हिस्सों के चटखारेदार व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए। कोर्टयार्ड बाय मैरियट, रायपुर के मल्टी कुजिन रेस्टारेंट - मोमो कैफे - में आज से 10 दिवसीय इंटरनेशनल स्ट्रीट फूड फेस्टीवल आरंभ हुआ है जहां दुनिया के 8 से अधिक देशों की 200 से ज्यादा पापुलर स्ट्रीट डिशेज सर्व की जा रही हैं। इन देशों में थाईलैंड, मेक्सिको, लेबनान, यूएई, इटली, अमेरिका, फ्रांस, स्पेन तथा जापान आदि शामिल हैं। यह फेस्टीवल 1 मार्च तक शाम 7 से 11 बजे रात तक चलेगा। इस संबंध में पत्रकारों से चर्चा करते हुए रजनीश कुमार, जनरल मैनेजर, कोर्टयार्ड बाय मैरियट ने कहा कि भोजन हमें किसी भी देश की संस्कृति, इतिहास तथा लोगों को समझने में मदद करता है। स्ट्रीट फूड हमें न केवल स्वाद की अनूठी दुनिया में हमें ले जाता है बल्कि स्वाद का प्रतिनिधित्व करने वाली जुड़ी स्थानीय संस्कृतियों को नजदीक से जानने का अवसर भी प्रदान करता है। हम इस फेस्टीवल के दौरान इन देशों की ओरिजनल डिशेस को थोड़ा सा भारतीय अंदाज से जोड़कर प्रस्तुत करेंगे ताकि इनका स्वाद रायपुरवासी बेहतर तरीके से ले सकें। होटल के एक्जीकिटिव शेफ जितेन्द्र सिंह राठौर ने बताया कि स्ट्रीट फूड फेस्टीवल के दौरान हम अपने यहां आने वाले मेहमानों को 200 से अधिक लोकप्रिय वेजीटेरियन एवं नॉन वेजीटेरियन डिशेस सर्व करेंगे। हमने अपने मैन्यू को कुछ इस तरह डिजाइन किया है ताकि प्रतिदिन मेहमानों को अलग प्रकार की डिशेस चखने का मौका मिल सके। इस फेस्ट में फास्ट फूड, स्नैक्स, मिलेट आधारित व्यंजन से लेकर आईसक्रीम और अनेक तरह की मिठाईयां सर्व की जाएंगी। इस दौरान जिन प्रमुख व्यंजन उपलब्ध रहेंगे उनमें थाई पेन केक्स, शेफर्ड्स पाई, शिश तवूक कबाब, ताइजिन सूप, केनोली, रिसोटो, सूफले, महालाबिया तथा थाई मैंगो कोकोनट स्टिकी राइस शामिल रहेंगे। इसके अतिरिक्त थाई एवं मेडिटेरेनियन डिशेस के लाइव काउंटर भी मौजूद रहेंगे ताकि मेहमान अपनी पसंद के व्यंजनों को ऑर्डर कर सकें।
  • गुरुद्वारा स्टेशन रोड रायपुर के प्रधान सरदार दिलीप सिंह होरा ने अपने पद से दिया इस्तीफा
    *सिक्ख समाज ब्रेकिंग न्यूज़* राजधानी रायपुर से बड़ी खबर आ रही है | छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े ऐतिहासिक, गुरुद्वारा स्टेशन रोड के प्रधान सरदार दिलीप सिंह होरा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है | इस बात की पुष्टि उन्होंने सीजी 24 न्यूज़ से बातचीत में स्वयं की है | उल्लेखनीय है कि पिछले लगभग 30 वर्षों से वे लगातार इस गुरुद्वारे के अध्यक्ष रहे हैं और हर बार वे निर्विरोध ही नियुक्त होते आए हैं | इस तरह अचानक उनके द्वारा अपने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देना चर्चा का विषय है | शांत स्वभाव के सरदार दिलीप सिंह होरा निर्विवाद रहे हैं, उनके कार्यकाल में स्टेशन रोड गुरुद्वारे के पुराने भवन की जगह विशाल आलीशान गुरुद्वारा बनाया गया | साथ ही यह बताना भी जरूरी है कि छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों में स्टेशन रोड गुरुद्वारा को शामिल करवाने में भी सरदार दिलीप सिंह होरा की सक्रियता रही है | अपनी समिति के सदस्यों के साथ वे लगातार हर क्षेत्र में सिख समाज के साथ-साथ रायपुर सहित प्रदेश को आगे बढ़ाने में प्रयासरत रहते है|
  • कांग्रेस के धरना को भाजपा ने बताया फ्लॉप राहुल गांधी के झूठ को सच बताने में लगे कांग्रेसी: भाजपा

    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने कहा है कि आरक्षण के मुद्दे पर झूठ-फरेब की राजनीति करके कांग्रेस देश व प्रदेश में भ्रम फैलाने की नई सियासी नौटंकी कर रही है। श्री उपासने ने आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस के रविवार को आहूत धरना-प्रदर्शन को फिजूल की सियासी कवायद व फ्लॉप शो करार दिया और कहा कि प्रदेश सरकार की हर मोर्चे पर नाकामियों से प्रदेशवासियों का ध्यान भटकाने के लिए कांग्रेस अब सीएए-विरोध की तर्ज पर आरक्षण को लेकर लोगों को उकसाकर पूरे प्रदेश को शाहीन बाग बनाने के गर्हित एजेंडे पर काम कर रही है। राहुल गांधी के आरक्षण पर झूठ को सच बताने के लिए धरना दिया गया।
    भाजपा प्रदेश प्रदेश प्रवक्ता श्री उपासने ने कहा कि आरक्षण को लेकर कांग्रेस एक बार फिर देश में झूठ का रायता फैलाने के अपने निकृष्ट राजनीतिक हथकंडे पर उतर आई है और ऐसा करके वह समाज को जाति-भेद के दल-दल में धकेलने का पाप-कर्म कर रही है। लेकिन कांग्रेस अपने इस राजनीतिक भ्रम में कभी सफल नहीं होगी और भाजपा देश को कांग्रेस के झूठ का पर्दाफाश करके सच बताएगी। श्री उपासने ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी हर मंच से बार-बार देश को विश्वास दिलाया हैं कि आरक्षण की व्यवस्था खत्म नहीं की जाएगी बावजूद इसके, कांग्रेस व शेष विपक्ष देश में अपने मिथ्या प्रलाप से अविश्वास फैलाने पर आमादा है। आरक्षण पर उत्तराखंड सरकार के पक्ष पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है, लेकिन इस फैसले को लेकर भाजपानीत केंद्र पर अकारण दोषारोपण करना कांग्रेस नेताओं के दिमागी दीवालिएपन का परिचायक है।
    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री उपासने ने कहा कि विचारवान नेतृत्वहीनता के चलते कांग्रेस फिजूल के आंदोलनों में अपनी ऊर्जा नष्ट कर रही है। जिस कांग्रेस के प्रदेश सरकार के मंत्री सीएए विरोधी आंदोलन के मंच को साझा करते देखे जाते हों, उस कांग्रेस के नेता अब आरक्षण को लेकर झूठ बोलकर प्रदेश को उन्माद की राह पर धकेलने पर आमादा हैं लेकिन भाजपा के कार्यकर्ता कांग्रेस के मंसूबों पर पानी फेरकर प्रदेश में कांग्रेस के मिथ्याचार का पर्दाफाश करेगें।

  • केंद्र सरकार की महंगाई के विरोध में महिला कांग्रेस का प्रदर्शन
    शहर जिला महिला कांग्रेस, रायपुर में केंद्र सरकार की महंगाई के विरोध में प्रदर्शन किया गया रायपुर 14 फरवरी 2020 प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती फूलोदेवी नेताम ने आज केंद्र सरकार पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेंड पर ₹150 के मूल्य वृद्धि की गई है जो पहले से ही महंगाई से त्रस्त थी अौर अब गैस सिंलेन्डर के लगातार मुल्य वृद्धि से जैसे कमर ही टुट गया है। केंद्र सरकार द्वारा बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर के मूल्य वृद्धि के विरोध में यह प्रदर्शन प्रदेश अध्यक्ष महिला कांग्रेस श्रीमती फुलोदेवी नेताम जी के निर्देशानुसार किया गया। रसोई गैस की कीमत में बढ़ोतरी के खिलाफ महिला कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। महिलाओं का कहना है कि दिनों दिन केंद्र सरकार रसोई गैस के दाम बढ़ा रही है। सरकार का अब मूल्य वृद्धि पर नियंत्रण नहीं रहा। नरेन्द्र मोदी पूरी तरह से फेलवर साबित हो गये है। इस दौरान महिलाओं ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा सरकार ने जनता का बजट खराब कर दिया है। पहले 354 रुपये में गैस सिलेंडर मिलता था,जो आज 936 रुपए हो गया है। कांग्रेस के समय यदि तनिक भी मंहगाई बढती थी तो ये भाजपा के नेता मंहगाई डायन कह कर सडको पर प्रदर्शन करते थे। पूरे देश में सिलेंडर का दाम बढ़ते जा रहा है और इसका सीधा असर गृहणी पर पड़ता है। क्योंकि गृहणी अपना एक बजट बनाकर चलती है और उस बजट में हमें 1000 रुपए अगर सिलेंडर के लिए देने होंगे तो हमारा पूरा बजट बिगड़ ही जाएगा। मोदी जी आपने वादा किया था मंहगाई कम करने का आपने देश के जनता जनार्दन के साथ वादा खिलाफी किये हो। यदि सिलेंडर के दाम काम नहीं हुए तो धरने के स्वरूप बढ़ जाएगा और शहर शहर प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम में उपस्थित श्रीमती उषा रज्ज्न श्रीवास्त वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष, श्रीमती आशा चौहान अध्यक्ष शहर जिला महिला कांग्रेस, श्रीमती सुनीता शर्मा, श्रीमती बबीता नथानी, कल्पना सागर, सायरा खान, सरिता शर्मा, हजरुन बानो, सुषमा यादव, शोभा श्रीवास्त, सुषमा मेहरा, देवकी लोहा, अपर्णा फ्रांसिस, पिंकी बाघ, शम्मी बेगम, राहत परवीन, निक्की बेगम, ईश्वरी पटेल, निशा बदरोट, पुष्पा प्रधान, करुणा कुर्रे, प्रीती सारथी, तारा ओझा, नसीमा बानो आदि भारी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति थी ।
  • छत्तीसगढ़ के जिला पंचायतों में कांग्रेस का कब्जा।
    छत्तीसगढ़ के त्रिस्तरीय। चुनाव परिणामों के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव में। 27 जिलों में से। 20 पर कांग्रेस के अध्यक्ष। एवं साख पर। भाजपा के अध्यक्ष चुने गए उसी प्रकार 27 जिलों में से 21 पर कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं 6:00 पर भाजपा के उपाध्यक्ष चुने गए। इस प्रकार। अध्यक्ष उपाध्यक्ष चुनाव में भी। कांग्रेश ने बाजी मार ली है। कौन कहां से जीता? जानने के लिए। देखें लिस्ट।