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  • अखिल भारतीय मौसम बुलेटिन

    भारत मौसम विज्ञान विभाग के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार:

    • उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी हिस्सोंमध्य भारत और समीपवर्ती पूर्वी भारत के अंदरुनी हिस्सों के ऊपर शुष्क पश्चिमी हवा के छाये रहने के कारणवर्तमान गर्म हवा की स्थिति के मुख्य रूप से अगले दो दिनां तक जारी रहने का अनुमान है।
    • मौसम विभाग के उप-प्रखंड वारगर्म हवा के साथ छिटपुट अत्यंत गर्म हवा की स्थिति के 26-27 मई के दौरान विदर्भ के कई स्थानों पर तथा 26 मई को हरियाणाचंडीगढ़ एवं दिल्लीराजस्थानउत्तर प्रदेश एवं पूर्व मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर गर्म हवा की स्थिति के बने रहने का अनुमान है। 27 मई को हरियाणाचंडीगढ़ एवं दिल्लीपश्चिम उत्तर प्रदेशपूर्व राजस्थान तथा मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर एवं पंजाब तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के छिटपुट स्थानों पर गर्म हवा की स्थिति के बने रहने का अनुमान है। अगले 2-3 दिनो के दौरान बिहारझारखंडओडिशामराठवाड़ा एवं मध्य महाराष्ट्र में भी छिटपुट स्थानों पर गर्म हवा की स्थिति के बने रहने का अनुमान है।
    • एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव तथा निचले स्तरों पर पूर्व-पश्चिम कम दबाव के क्षेत्र के निर्माण और 28-29 मई से वर्षा/आंधी के संभावित अनुमान से 28 मई के बाद उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में कमी तथा 29 मई से गर्म हवा की स्थिति में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। भारत के मध्य भागों एवं समीपवर्ती पूर्वी भागों के ऊपर अनुकूल हवा की स्थिति के तहत इन क्षेत्रों से भी 29 मई से गर्म हवा की स्थिति में कमी आने का अनुमान है।
    • निम्न क्षोभमंडलीय स्तरों पर बंगाल की खाड़ी से पूर्वोत्तर भारत में तेज दक्षिणी हवाओं के कारण - अगले पांच दिनों के दौरान असम एवं मेघालय के छिटपुट स्थानों पर तथा 26 मई को अरुणाचल प्रदेश भारी से बहुत भारी तथा अत्यधिक भारी वर्षा होने का अनुमान है। अगले पांच दिनों के दौरान नागालैंडमणिपुरमिजोरम एवं त्रिपुरा में छिटपुट स्थानों पर तथा अगले 48 घंटों के दौरान पूर्वी भारत के समीपवर्ती स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है। 26-30 मई, 2020 के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ भागों में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा होने का अनुमान है।
    • मानसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) लगातार अक्षांश 5 डिग्री उत्तर/देशांतर 85 डिग्री पूर्वअक्षांश 8 डिग्री उत्तर/देशांतर 90 डिग्री पूर्वकार निकोबारअक्षांश 11 डिग्री उत्तर/देशांतर 95 डिग्री पूर्व के जरिये गुजर रही है। अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण पश्चिम मानसून के दक्षिण बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सोंअंडमान सागर एवं समीपवर्ती मध्य बंगाल की खाड़ी में और आगे बढ़ने के लिए स्थिति अनुकूल हो रही है।

     

  • सार्वजनिक कार्यक्रमों की मनाही के बावजूद प्रदेश सरकार और कांग्रेस ने लॉकडाउन में ग़ैर ज़िम्मेदाराना आचरण किया : भाजपा
    शराब की कोचियागिरी करने केंद्र की गाइडलाइन का हवाला देने वालों मे उसी गाइडलाइन का शर्मनाक उल्लंघन किया : श्रीचंद
     
    0 भविष्य में लॉकडाउन को तोड़ने के लिए लोगों को उकसाने की साजिश और कोरोना के ख़तरे को न्योता देने जैसा कृत्य
     
    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता श्रीचंद सुंदरानी ने प्रदेश सरकार और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व पर कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र जारी लॉकडाउन की हदें पार करने का गंभीर आरोप लगाया है। श्री सुंदरानी ने कहा कि लॉकडाउन-4 के इस दौर में प्रदेश सरकार जिस तरह केंद्र सरकार की जारी गाइडलाइन का उल्लंघन कर रही है, वह कोरोना संक्रमण के फैलाव की आशंकाओं को बल देने के लिए पर्याप्त है। लॉकडाउन के मद्देनज़र जारी गाइडलाइन का यदि सरकार और सत्तारूढ़ दल का नेतृत्व ही पालन नहीं कर रहा है तो फिर प्रदेश के लोगों से उस गाइडलाइन का पालन कैसे कराया जा सकेगा?
    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री सुंदरानी ने कहा कि सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम और कांग्रेस सांसद दीपक बैज ने क्रमश: राजधानी रायपुर, कोंडागाँव विधानसभा क्षेत्र और झीरम घाटी में लॉकडाउन की गाइडलाइन को ताक पर रखकर सार्वजनिक कार्यक्रमों में खुलकर शिरकत की। राजधानी में नगर निगम के तत्वावधान में झीरम घाटी कांड की बरसी का कार्यक्रम केंद्र सरकार की पाबंदी के बावजूद रखा गया जिसमें मुख्यमंत्री बघेल शरीक हुए। श्री सुंदरानी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री बघेल और कांग्रेस नेता केंद्र सरकार की जिस गाइडलाइन का हवाला देने की शर्मनाक कोशिश कर रहे थे, उसी गाइडलाइन में सार्वजिनक कार्यक्रमों पर पाबंदी की बात भी कही गई तो फिर मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता उसका उल्लंघन करके क्या संदेश और संकेत देना चाह रहे हैं?
    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री सुंदरानी ने कहा कि इसी तरह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मरकाम ने अपने विधानसभा क्षेत्र में भ्रमण कर विभिन्न कार्यों के लिए भूनिपूजन किया। बस्तर के सांसद बैज ने तो झीरम घाटी के उस घटनास्थल पर श्रद्धांजलि का कार्यक्रम रखा जहाँ सात साल पहले नक्सलियों के हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेता शहीद हुए थे। ये सारे कार्यक्रम केंद्र सरकार की गाइडलाइन का खुला उल्लंघन है। श्री सुंदरानी ने बताया कि रायपुर के मंचीय कार्यक्रम में काफी संख्या में लोग जुटे थे। झीरम के कार्यक्रम में भी लगभग 80 से अधिक लोगों के शरीक होने की सूचना है। कोंडागाँव क्षेत्र में हुए भूमिपूजन कार्यक्रमों में वहां के विधाय और कांग्रेस अध्यक्ष ने भी गाइडलाइन के निर्देशों को दरकिनार रखा। इन सभी कार्यक्रमों में न तो मास्क की अनिवार्यता का पालन किया गया और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का के प्रति कोई गंभीर रहा।
    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री सुंदरानी ने कहा कि एक तरफ प्रदेश में कोरोना संक्रमण अपने विस्फोटक दौर में है और प्रदेश में रोज़ कोरोना संक्रमितों की संख्या में इज़ाफ़ा हो रहा है, ऐसे समय प्रदेश सरकार और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने पूरी तरह अपने ग़ैर ज़िम्मेदाराना आचरण का परिचय दिया है। श्री सुंदरानी ने कहा कि प्रदेश सरकार तो यूँ भी कोरोना संक्रमण की रोकथाम, संदिग्धों के परीक्षण, पीड़ितों के उपचार, क्वारेंटाइन सेंटर्स की व्यवस्थाओं और लॉकडाउन प्रभावितों की मदद के मामले में पूरी तरह विफल सिद्ध हो ही रही है, कम-से-कम उसे लॉकडाउन के मद्देनज़र तो केंद्र सरकार की गाइडलाइन का ध्यान रखना चाहिए। श्री सुंदरानी ने कहा कि प्रदेश सरकार और कांग्रेस नेताओं का यह आचरण भविष्य में लॉकडाउन को तोड़ने के लिए लोगों को उकसाने की साजिश से कम नहीं माना जा सकता और यह कोरोना के ख़तरे को न्योता देने जैसा कृत्य साबित होगा।
  • ब्रेकिंग :- रायपुर नगर निगम ने किया केंद्र सरकार की गाइडलाइन का उल्लंघन
    ब्रेकिंग :- रायपुर नगर निगम ने किया केंद्र सरकार की गाइडलाइन का उल्लंघन सार्वजनिक कार्यक्रम कराने की है मनाही सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रतिबंध के बाद भी मुख्यमंत्री का रखा कार्यक्रम मंचिय कार्यक्रम में जुटे भारी संख्या में लोग-
  • लाकडाउन 1, लाकडाउन 2, लाकडाउन 3 में हमने कोरोना को नियंत्रण में रखा - मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा 
     
     
    छत्तीसगढ़ वासियों ने मिलजुलकर कोरोना का मुकाबला किया है
     
     
    लाकडाउन 1, लाकडाउन 2, लाकडाउन 3 में हमने कोरोना को नियंत्रण में रखा 
     
     
    लाकडाउन 4 में भी हम सब मिलकर कोरोना का मुकाबला करेंगे
     
     
    रायपुर/25 मई 2020। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुये कहा है कि झीरम घाटी कांड में राजनैतिक नरसंहार किया गया। शहीद आत्माओं को अभी तक न्याय नही मिला है। झीरम घाटी कांड के षडयंत्र की सच्चाई को सब जानना चाहते है। हमारे सुरक्षाकर्मी भी बड़ी संख्या में आम नागरिक भी शहीद हुये थे। प्रदेश के सभी शासकीय और अर्धशासकीय कार्यालयों में झीरम की श्रंद्धाजलि दिवस मनाया जा रहा है। बस्तर टाइगर महेन्द्र कर्मा के नाम से बस्तर विश्वविद्यालय को जाना जायेगा।
    एनआईए को पूर्व की राज्य सरकार ने जो जांच को सौंपा था और उन्होंने अपनी जांच कम्पलीट कर ली। लेकिन जो झीरम घाटी कांड में षंडयंत्र हुआ है उसके बारे में कोई जांच नहीं हुई। जो नक्सली पकड़े गये है, एएनआई ने आत्मसमर्पित नक्सलियो  का बयान नहीं लिया, जो घटना स्थल पर थे उनसे भी बयान नहीं लिया गया। फूलोदवी नेताम सहित झीरम में घटना स्थल पर उपस्थित साथियों के भी बयान एनआईए ने नहीं लिया। एनआईए जांच ही अधूरी है। इस मामले में जांच पूरी हो, सबका बयान हो, जो तथ्य है सामने आने चाहिये।
    कोरोना सबसे पहले हवाई यात्रियों से छत्तीसगढ़ में आया। कोरोना महामारी का हम सब लोगो ने डटकर सामना किया और जो सफलता मिली है वह सबके सामूहिक प्रयत्नों का परिणाम है। छत्तीसगढ़ के आम नागरिक और छत्तीसगढ़ के शासन के अधिकारी, कर्मचारियों, हमारे सभी जनप्रतिनिधियों, छत्तीसगढ़ वासियों हमारे सभी समाजिक संगठनों और सभी औद्योगिक व्यवसायिक संगठनों और साथ ही मीडिया एवं पत्रकारो के सभी साथीयो ने सबने मिलकर इस कोरोना का सामना किया। अभी तीसरे फेस में जो श्रमिक आये हैं या छात्र-छात्रायें आयें हैं और जो लोग बाहर फस गये थे लाकडाउन के कारण वो सब लोग वापस आये है और उसी में से कुछ संक्रमित व्यक्ति भी वापस आ रहे है। निश्चित रूप से संक्रमण की संख्या बढ़ी लेकिन डरने और घबराने जैसी बात नहीं है। लाकडाउन के प्रथम चरण और दूसरे, तीसरे चरण में हम सब ने मिलकर कोरोना नियंत्रित किया और चौथा चरण में भी नियंत्रित करेंगे। ये सब सबके सहयोग से ही संभव हो पाया है।
    राज्य में जो भी चाहे हवाई यात्री करके आये या रेल यात्रा से आये हम सब उसको क्वारेंटाईन करेंगे क्योकि बहुत मेहनत से हम सब लोगो ने मिलकर मेहनत की। कोई ऐसा संगठन नहीं जिन्होंने ने मेहनत नहीं किया सब ने बहुत मेहनत किया तब जाकर के हम कोरोना महामारी को नियंत्रित कर पाये। ये किसी एक को श्रेय नहीं इस श्रेय के भागीदार हम सब है। इस लड़ाई में जिन्होंने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया अपनी जान जोखिम में डालकर हमारे कर्मचारी, अधिकारी, संगठन, सब ने भाग लिया राजनैतिक लोगो ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया तब जा कर के कोरोना को नियंत्रित कर पाये है। थोड़ी सी मेहनत और लगेगी। हम 60 दिन मेहनत किये है 15 दिन और मेहनत लगेगी। आखिर हमारे ट्रेन जो 23 मई को आयेगी और उसके बाद उन सबको 15 दिन क्वारेंटाईन में रखेंगे और 15 दिन के बाद सारे स्थिति स्पष्ट हो जायेगा कि कितने प्रभावित है कितने नहीं है। जो  कोरोना संक्रमण से प्रभावित है उनका इलाज चल रहा है। छत्तीसगढ़ में अभी तक कोरोना से एक भी मौत नहीं हुयी है।
  • झीरम के मामले में मुख्यमंत्री पर साक्ष्य छिपाने का मुकदमा चलाया जाना चाहिए : भाजपा

    कांग्रेस मुख्यमंत्री की याददाश्त दुरुस्त करे ताकि वे उस कुरते या जैकेट को ढूंढ़ लें जिसकी जेब में सबूत लिए फिरते थे

    झीरम घाटी कांड को लेकर कांग्रेस के राजनीतिक प्रलाप पर भाजपा प्रवक्ता उपासने का तीखा हमला

    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने झीरम घाटी कांड को लेकर कांग्रेस के राजनीतिक प्रलाप पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल उठाया है कि क्यों न झीरम के मामले में जेब में सबूत लिए घूमने की बात कहने और सालों बीत जाने के बाद भी अब तक सबूत पेश नहीं करने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर साक्ष्य छिपाने का मुकदमा चलाया जाना चाहिए? श्री उपासने ने कहा कि हर बात के लिए भाजपा के सिर पर अपनी नाकामियों का ठीकरा फोड़ने पर आमादा रहने वाले कांग्रेस के नेता कभी अपने मुख्यमंत्री पर भी तो यह दबाव बनाएँ कि वे सबूत पेश करके झीरम की जाँच को अंजाम तक पहुँचने में सहयोग करें।
    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री उपासने ने कटाक्ष किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को झीरम पर किए गए वादे की याद दिलाने के बजाय कांग्रेस के नेता पहले मुख्यमंत्री बघेल की याददाश्त को दुरुस्त करें ताकि वे उस कुरते या जैकेट को ढूंढ़ लें जिसकी जेब में बतौर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वे झीरम कांड के सबूत लिए फिरते थे और सत्ता में आने के 18 माह बाद भी उन्हें अब उन सबूतों को पेश करना याद नहीं रह गया है। श्री उपासने ने कहा कि दरअसल प्रदेश सरकार ही झीरम की जाँच को बाधित करने पर आमादा रही है। कभी उसे कोर्ट की जाँच पर एतराज होता है तो कभी वह एनआईए की जाँच प्रक्रिया से बचने की कोशिश करती है। इससे यह तो साफ होता है कि कांग्रेस और प्रदेश सरकार को झीरम मामले की जाँच और शहीदों के परिजनों को न्याय दिलाने से कोई सरोकार नहीं है, बस इस मुद्दे पर प्रलाप कर शहीद नेताओं के परिजनों के आँसुओं पर अपनी सियासत की नाव खेना ही उनका एजेंडा रह गया है।
    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री उपासने ने कहा कि झीरम कांड की जाँच और उसमें शहीद हुए नेताओं को सम्मान व उनके परिजनों को न्याय दिलाना प्रदेश सरकार का एजेंडा होता तो 18 माह से सत्ता में बैठे मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर ओछी राजनीति से बाज आकर जाँच में सहयोग करते और उनके पास जो भी तथ्य और साक्ष्य हैं, वे पेश करते। कांग्रेस के नेता मुख्यमंत्री बघेल को यह भी याद दिलाएँ कि साक्ष्य छिपाना भी दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। श्री उपासने ने कहा कि झीरम कांड के समय केंद्र में कांग्रेस की गठबंधन सरकार थी और अब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है, फिर भी मुख्यमंत्री बघेल इस मामले की जाँच को अंजाम तक नहीं ले जा सके तो फिर इससे किसका नाकारापन सिद्ध होता है? यह प्रदेश सरकार के इस राजनीतिक चरित्र का यह कोई एक अकेला मामला नहीं है। प्रदेश के एक मंत्री डॉ. शिव डहरिया की माताजी की हत्या के मामले में भी सरकार चुप्पी साधे बैठी है! इस मामले की सीबीआई जाँच की मांग हुई थी पर प्रदेश सरकार अपने ही नेताओं को न्याय दिलाने की इच्छाशक्ति से शून्य नज़र आ रही है।

  • हवाई या रेलवे सफर  कर आने वाले यात्री  रहेंगे क्वारेंटिंन सेंटर में -छत्तीसगढ़ शासन
    क्वारेंटिंन सेन्टर के लिए  5 भवनों का  अधिग्रहण
     
    सेन्टरो की आवश्यक व्यवस्था हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त
     

          रायपुर 24 मई 2020/  रायपुर शहर में रेल्वे या हवाई जहाज से यात्रा कर आने वाले यात्रियों को शासन के आदेशानुसार क्वारेंटिंन किया जाना आवश्यक है। इस तारतम्य में छत्तीसगढ़ शासन के आदेशानुसार प्रभारी कलेक्टर  सौरभ कुमार ने महामारी् नियंत्रणा एक्ट 1897 के तहत  क्वारेन्टाइन सेन्टर हेतु 5 भवनों को तत्काल प्रभाव से अधिग्रहित किया है। इन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्था बनाये रखने के लिये अधिकारियों को नियुक्त भी किया है।

    जिन भवनों को कोरन्टीन सेंटर के लिए अधिग्रहित और अधिकारियों को जिम्मेदारी सौप गया है , उनके नाम इस तरह है।

    जैनम मानस भवन (पैलेस) व्ही.आई.पी. रोड, रायपुर  के लिए अधिकारी एस पी गोस्वामी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी  और राकेश द्विवेदी, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग है।

    निरंजन धर्मशाला, वी.आई.पी. रोड, रायपुर में डी एस चौहान, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और आशीष कुमार दुबे, सहायक अभियंता, कार्यालय मुख्य अभियंता, राष्टीय राजमार्ग  है।

    मनुआस रियाल्टी. रिंग रोड नं.-01 अग्रोहा कालोनी, चंगोराभाठा, रायपुर  के लिए अधिकारी बी एल देवांगन, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी  और एस. डी जोद्दार, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग, प्रमुख अभियंता कार्यालय, रायपुर है।

     अग्रसेन धाम व्ही.आई.पी. रोड, फुंडहर, रायपुर में दिनेश शर्मा, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और गोपी नाथ राम, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग, है।

     सलासार रायपुर में डी.के, नेताम, संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवायें रायपुर और आलोक चांडक, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, आरंग, रायपुर है।

          इन परिसरों पर भोजन तथा साफ-सफाई की व्यवस्था नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा की जायेगी तथा आवश्यक सेवाएं हेतु सहयोग पर्यटन विभाग द्वारा किया जायेगा। इसके लिए नोडल अधिकारी बी.आर. अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, नगर पालिक निगम रायपुर रहेंगे।

  • न्याय योजना का लाभ रमन सिंह, धरमलाल कौशिक को मिलने से भाजपा क्यों तिलमिला रही है - कांग्रेस
    रमन सिंह के शासनकाल में योजनाएं बनती थी लेकिन न्यूज़ चैनल विज्ञापन तक सीमित रहती थी
     
    न्याय योजना का लाभ रमन सिंह, धरमलाल कौशिक को मिलने से भाजपा क्यों तिलमिला रही है
     
    न्याय योजना का लाभ किसानों को मिलने से भाजपा के किसान विरोधी मंसूबे पर फेरा पानी
     
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार की योजना बिना भेदभाव सभी वर्गों को लाभ पहुंचाती है 
     
    रमन सरकार के योजनाओं की जमीनी हकीकत पर कांग्रेस के सवाल उठाने से भाजपा कहती थी योजना का ना ले लाभ
     
    रायपुर/24 मई 2020। राजीव गांधी किसान न्याय योजना की पहली किस्त प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह विधानसभा में नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के खाते पर पहुंचने की सार्वजनिक हुई सूचना से तिलमिलाये भाजपा पर कांग्रेस ने कड़ा प्रहार किया। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि रमन सिंह सहित भाजपा से जुड़े किसानों के खाते में न्याय योजना का पैसा पहुँचना,भाजपा के न्याय योजना के खिलाफ दुष्प्रचार करने की राजनीतिक मंसूबे पर पानी फेर दिया है। भाजपा द्वारा न्याय योजना के खिलाफ  तैयार की गई  झूठी मनगढ़ंत कहानियां सब का सत्यानाश हो गया है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना बिना किसी भेदभाव के धान बेचने पंजीकृत किसानों को लाभ पहुंचा रही है।  मक्का और गन्ना की पैदावार करने वाले किसान भी लाभान्वित हो रहे हैं।आने वाले दिनों में दलहन और तिलहन पैदा करने वाले किसान के साथ भूमिहीन किसान भी न्याय योजना से लाभ पाएंगे।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि रमन सिंह के शासनकाल में किसान, गरीब, मजदूर, महिलाएं, छात्रों के नाम से सरकारी योजनाएं बनती थी लेकिन वह कागजों से बाहर धरातल पर हितग्रहियों तक ठीक से पहुँच नही पाती थी मात्र बड़े-बड़े होर्डिंग्स समाचार पत्रों के मुखपृष्ठ और न्यूज़ चैनल विज्ञापन तक सीमित रहती थी।कांग्रेस विपक्ष में रहते जब रमन सरकार से सरकारी योजनाओं के संबंध में सवाल जवाब करती थी उस दौरान भाजपा के नेता कांग्रेस को योजनाओं का लाभ ना लेने की नसीहत देते थे? 
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने रमन सिंह धरमलाल कौशिक को न्याय योजना की राशि मिलने से तिलमिलाए भाजपा से सवाल किये।क्या भाजपा को रमन सिंह धरमलाल कौशिक के किसान होने पर शक है? क्या भाजपा चाहती है रमन सिंह धरमलाल कौशिक को न्याय योजना का लाभ नही लेना चाहिये था ? रमन सिंह धरमलाल कौशिक सहित भाजपा से जुड़े किसानों को न्याय योजना का लाभ मिलने से बौखलाई भाजपा क्या भाजपा नेताओं पर अनुशात्मक कार्यवाही करेगी? कांग्रेस की सरकार अपने वादे को पूरा कर रही है किसानों की कर्ज माफी, सिंचाई शुल्क माफ,किसानों की अधिग्रहित जमीन लौटना, किसानों को धान की कीमत 2500 देना। तब भी भाजपा का रवैया किसान विरोधी ही है भाजपा हमेशा की तरह आज भी किसानों के विरोध में ही खड़ी है। राजीव गांधी किसान  न्याय योजना छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी मॉडल है। मोदी सरकार स्वामीनाथन कमेटी के सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य नहीं दे रही है। ऐसे समय में उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड तमिलनाडु आंध्र प्रदेश राजस्थान महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों को भी राजीव गांधी किसान न्याय योजना को अमल में लाकर किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत और कृषि को लाभकारी बनाना चाहिए।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार के द्वारा किसानों से नाम से शुरू की गई किसान सम्मान निधि किसानों में भेदभाव करने का जीता जागता उदाहरण है पहली बार में शुरू हुई किसान सम्मान निधि में 5 एकड़ तक के किसानों को हितग्रही बनाया गया था बाद मे उसमें अन्य किसानों को जोड़ा गया। लेकिन किसान सम्मान निधि योजना का लाभ धरातल में शत प्रतिशत किसानों को नहीं मिल पा रहा है बार-बार योजना में नियम शर्ते जोड़कर किसानों के साथ भद्दा मजाक मोदी सरकार कर रही है।
  • झीरम हत्याकांड की जांच को भाजपा की सरकारें क्यों बाधित करती हैं ? - कांग्रेस
    झीरम हत्याकांड की सातवीं बरसी पर कांग्रेस का सवाल
     
     
    झीरम हत्याकांड की जांच को भाजपा की सरकारें क्यों बाधित करती हैं ?
     
     
    रायपुर/24 मई 2020। झीरम की घटना को 7 साल पूरे होने पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि झीरम की दुखद घटना के पीछे की साजिश उजागर होना ही चाहिए। 
     
    झीरम हत्याकांड की सातवीं बरसी पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि  झीरम मामले को लेकर सवाल जनमानस में लगातार उठते रहे हैं ।
     
    छत्तीसगढ़ सरकार को झीरम मामले की जांच से क्यों रोका जा रहा है ?
     
    झीरम मामले में जिन महत्वपूर्ण जानकारियों के मिलने की खबरें एनआईए के हवाले से लगातार आती रही, एनआईए ने चार्जशीट में उन जानकारियों का उल्लेख तक क्यों नहीं किया ?
     
    झीरम मामले की जांच की हर कोशिश को पहले भाजपा की राज्य सरकार और फिर भाजपा की केंद्र सरकार ने क्यों बाधित किया ?
     
    छत्तीसगढ़ की जनता, हम कांग्रेस के लोग और शहीदों के परिजन अगर यह चाहते हैं कि झीरम की साजिश उजागर हो और  झीरम के गुनाहगारों को सजा मिले तो इसमें गलत क्या है ? 
     
    झीरम हत्याकांड की जांच को भाजपा की ही सरकारें क्यों बाधित करती हैं ?
     
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि  झीरम की सातवीं बरसी पर कांग्रेस केंद्र सरकार से मांग करती है कि छत्तीसगढ़ सरकार को झीरम मामले की जांच करने से न रोका जाए और एनआईए जब अपनीअंतिम रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत कर चुकी है तो एनआईए के पास उपलब्ध अभी तक के जांच के दस्तावेज छत्तीसगढ़ सरकार को आगे की जांच के लिए सौंप दिये जायें।
     
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि  2018 में कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव  झीरम मामले की जांच और दोषियों को सजा दिलाने पर लड़ा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार बनते ही झीरम के मामले की जांच की पहल की लेकिन कांग्रेस की सरकार बनने के बाद झीरम मामले की जांच के हर कोशिश को भाजपा की केंद्र सरकार  के इशारों पर बाधित किया गया है।
     
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि लोकसभा चुनाव 2014 के चुनाव प्रचार के लिए नरेंद्र मोदी जब छत्तीसगढ़ आए थे तो धमतरी की सभा में उन्होंने कहा था कि भाजपा की सरकार बनने पर झीरम की जांच को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा और झीरम के आरोपियों को सजा मिलेगी।
     
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि लेकिन मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद तो जांच की दिशा ही बदल गई। पहले भाजपा की राज्य सरकार ने एनआईए की जांच में सहयोग नहीं किया और केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद एनआईए को षडयंत्र की जांच नहीं करने दी गयी।
     
    2013 में विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पूरे प्रदेश का भ्रमण करने के बाद बस्तर पहुंची थी और सुकमा के बाद यह यात्रा राजधानी रायपुर आने वाली थी जहां परिवर्तन यात्रा का समापन होता। 25 मई को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर सुकमा से वापस आते समय झीरम घाटी में हमला हुआ और तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल विद्याचरण शुक्ल महेंद्र कर्मा उदय मुदलियार दिनेश पटेल योगेंद्र शर्मा गोपी माधवानी अभिषेक गोलछा सहित कांग्रेस के अनेक नेता और सुरक्षाकर्मी इस हमले में शहीद हुए।
     
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि  घटना के बाद रात को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और दूसरे दिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी जी भी रायपुर पहुंचे। झीरम की घटना से पूरे प्रदेश के लोग और कांग्रेस जन आहत हुए थे। एनआईए की जांच स्थापित की गई। प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा एनआईए जांच के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों ने एनआईए जांच में सहयोग नहीं किया जिस बात को तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत और कांग्रेस विधायक दल के नेता रविंद्र चौबे ने अनेक बार उठाया था ।
     
  • सुनील सोनी को लोकसभा चुनाव में वोट सिर्फ हवाई जहाज में उड़ने वालों ने दिया था क्या ? - काँग्रेस
    कांग्रेस का बड़ा सवाल : क्या सुनील सोनी को लोकसभा चुनाव में वोट सिर्फ हवाई जहाज में उड़ने वालों ने दिया था ? सांसद सुनील सोनी बताए कि घरेलू विमान सेवा बिना फिजिकल डिस्टेंसिंग और बिना क्वॉरेंटाइन नियमों की अनिवार्यता के क्यों चालू होगी ? आपदा काल के नियम भी गरीबों और अमीरों के लिए अलग-अलग क्यों? दुर्घटना, अन्य बीमारी और सर्पदंश जैसे कारणों से होने वाली मौत को कोरोना से जोड़कर डर और भय का वातावरण बनाने में जुटे हैं छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता! रायपुर/23 मई 2020 । विमानों में चलने वालों और रेल यात्रा सड़क यात्रा करने वालों में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि क्या सुनील सोनी को लोकसभा चुनाव में वोट सिर्फ हवाई जहाज में उड़ने वालों ने दिया था ? भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुनील सोनी आपदा काल में भी दोहरे मानदंड अपनाते हुये कोरी बयानबाजी और दिखावे की राजनीति कर रहे हैं। एक तरफ़ तो विदेशों में फंसे छात्रों के लिए केंद्र के बजाय राज्य सरकार को पत्र लिखते हैं, दूसरी ओर देश में सवा लाख कोरोना संक्रमण के आंकड़े पार होने पर घरेलू विमान सेवा शुरू करने एयरपोर्ट का जायजा लेने जाते हैं। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने पूछा है कि सोनी जी यह बताएं कि व्यावहारिक रूप से क्या इस स्थिति में पहुंच गए हैं की अंतरराज्य परिवहन सेवा चालू किया जाए? क्या इससे सामुदायिक प्रसार बहुत तेजी से नहीं फैलेगा? श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से आने वाले कामगार भाइयों और बहनों के लिए जब 14 दिन क्वारंटाइन सेंटर में रहना अनिवार्य है तो फिर फ्लाईट से आने वालों के लिए क्यों नहीं? प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि देश में जब कोरोना संक्रमण के मामले 519 थे तब घरेलू विमान सेवा और रेलगाड़ियां बंद की गई। और वर्तमान में जब करोना के सामुदायिक प्रसार के मामले तेजी से आने लगे हैं तो अंतर राज्य परिवहन खोला जाना क्या प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य और उनके जीवन से खिलवाड़ नहीं है? प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनों, यात्री और छात्रों के साथ ही विशेष बसों से आने वाले लोगों के लिए फिजिकल डिस्टेंसिंग का नियम है लेकिन 25 मई से आरंभ हो रही घरेलू विमान सेवा में 1 सीट छोड़ने का नियम भी नहीं रखा गया और ना ही 14 दिन के क्वॉरेंटाइन का पालन करना इन हवाई यात्रियों के लिए अनिवार्य होगा। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि अमीर और गरीबों के बीच इतना भेदभाव क्यों? पूर्व में भी इसी तरह के कारणों से कोरोना का प्रसार हुआ है। यदि विदेशों से आने वाले लोगों को एयरपोर्ट पर ही उचित जांच और कोरनटाइन कर दिया गया होता तो पूरे देश में लॉक डॉउन लागू करके सभी को कैद में रखने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती! प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में अपनी राजनीतिक जमीन खिसकता हुआ देखकर भाजपा नेता गलत बयानी कर रहे हैं। देश में जहां कोरोना संक्रमण से मौत के मामले 3600 से अधिक पर पहुंच गया है, वहीं छत्तीसगढ़ सरकार की दूरदर्शिता, सही समय पर लिए गए सही निर्णय, प्रदेश की जनता के संकल्प और जागरूकता तथा स्वास्थ्य, सफाई और सुरक्षा अमलों के अथक प्रयासों से छत्तीसगढ़ में अब तक एक भी मौत कोरोना संक्रमण के कारण नहीं हुई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को यही तथ्य गले नहीं उतर रही है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि प्रदेश की जनता डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों, शासकीय कर्मचारियों, अधिकारियों और पुलिस के जवानों और पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यों की प्रशंसा के बजाय हतोत्साहित करने झूठे और भ्रामक तथ्य गढ़ने में भाजपा नेता लगे हुये हैं। प्रदेश में होने वाले दुर्घटना अन्य कारणों से आत्महत्या के प्रकरण अन्य बीमारी से होने वाली मौत और सर्पदंश जैसे मामलों को कोरोना से जोड़कर डर और भय फैलाने का उचित प्रयास भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा किया जा रहा है!
  • सरकार एग्रो एमएसएमई के नए सेक्टर का गठन करेगीं - गड़करी

    सरकार एग्रो एमएसएमई के नए सेक्टर का गठन करेगीं - गड़करी
    व्यापारियों को एमएसएमई के सेवा क्षेत्र में शामिल किया जाएगा  

    काॅन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी, कार्यकारी अध्यक्ष मंगेलाल मालू, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, महामंत्री जितेंद्र दोषी, कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल एवं प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं एमएसएमई मंत्री श्री नितिन गडकरी ने आज कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की 57 वी वीडियो कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए कहा की कोविड  लॉकडाउन के बाद देश में व्यापार करने का तौर तरीका पूरी तरह से परिवर्तित हो जाएगा और नवीन दृष्टि , उद्यमिता, ज्ञान, डिजिटल प्रौद्योगिकी देश में भविष्य के व्यापार के चार बुनियादी स्तम्भ होंगे और इसलिए भारत के व्यापारियों को पारंपरिक व्यापारिक प्रणाली के स्थान डिजिटल प्रणाली को बहुत तेजी से अपनाना होगा । देश के सभी राज्यों के 100 से अधिक प्रमुख व्यापारी नेता वीडियो कांफ्रेंस में शामिल थे ।
    श्री गडकरी ने व्यापारियों को एमएसएमई क्षेत्र के तहत शामिल करने पर उन्होंने  इस मामले को सकारात्मक रूप से देखने ला आश्वासन देते हुए कहा की सरकार द्वारा व्यापरियों को सहायता अवश्य मिलनी चाहिए !उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए यह अधिक महत्वपूर्ण है कि व्यावसायिक समुदाय बेहतर व्यावसायिक संभावनाओं की खोज करते रहें और सर्वश्रेष्ठ व्यापार करने के लिए उन्नत तकनीक से युक्त हों। व्यापारियों के अर्थव्यवस्था में योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने विशेष रूप से लॉकडाउन अवधि के दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने के बारे में व्यापारी समुदाय और कैट  के प्रयासों की सराहना की और कहा कि यह राष्ट्र के प्रति उनकी असीम भक्ति को दर्शाता है।
    कोरोना की  वर्तमान स्थिति के बारे में बात करते हुए श्री गडकरी ने कहा कि देश अपनी सबसे अधिक विकट समस्या का सामना कर रहा है जिसने अर्थव्यवस्था को काफी हद तक बर्बाद कर दिया है। वर्तमान स्थिति से उबरने के लिए बाजार में अर्थ की बेहतर तरलता का प्रवाह बहुत आवश्यक है। किसानों की क्रय शक्ति बढ़ाने की जरूरत है और कृषि क्षेत्र में नई तकनीक को अपनाना समय की जरूरत है।
    श्री गडकरी ने व्यापारियों से कहा कि सरकार ष्एग्रो एमएसएमईष् की एक नई श्रेणी बनाने की सोच रही है, जिसमें ग्राम पंचायत स्तर पर एमएसएमई उद्योग लगेंगे और ऐसे उद्योग संबंधित गाँव के विकास में योगदान देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के पास राजमार्गों के दोनों ओर स्मार्ट गांव, स्मार्ट सिटी, औद्योगिक क्लस्टर और अन्य सुविधाएं बनाने की योजना है। इस तरह की पहल से न केवल लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी, बल्कि बिजली और श्रम की लागत भी निम्न स्तर पर रहेगी और एमएसएमई प्रतिस्पर्धी कीमतों पर गुणवत्ता के सामान का उत्पादन कर सकते हैं।
    व्यापारियों को सलाह देते हुए, श्री गडकरी ने कहा कि कोविड लॉकडाउन के बाद व्यापार को पुन चालू  करने के लिए व्यापारियों को अपने व्यवहार परिवर्तन की बहुत आवश्यकता है। सकारात्मकता और आत्मविश्वास के तत्वों को व्यापारियों और उद्यमियों के बीच विकसित करने की आवश्यकता है, लोगों की हताशा समाप्त होनी चाहिए और एक सामूहिक और सहयोगात्मक दृष्टिकोण के साथ हम निश्चित रूप से कोरोना की लड़ाई जीतेंगे

     

  • यह क्या हो रहा है --  इको आ रहा है यहां पर - राहुल गांधी
    राजीव गांधी किसान न्याय योजना के शुभारंभ अवसर पर छत्तीसगढ़ से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं उनके मंत्रिमंडल के सभी सहयोगीयों के साथ प्रदेश के प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति में राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर इस योजना की शुरुआत की गई | जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी भी जुड़े | कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों के धान खरीदी के अंतर की राशि का भुगतान करने की तथा इस बड़ी योजना के बारे में विस्तार से 6 मिनट 24 सेकंड तक जानकारी दी | तत्पश्चात उन्होंने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से आशीर्वचन देने के लिए निवेदन किया, इस दौरान स्क्रीन पर कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी नजर आई और वह अपने पास खड़े किसी सहयोगी से कुछ पूछती समझती रही | 50 सेकंड के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राहुल गांधी से संबोधन के लिए पुनः निवेदन किया | 23 सेकंड बाद राहुल गांधी स्क्रीन पर प्रकट हुए और उन्होंने पूछा की सुनाई दे रहा है क्या ? - मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा जी सर -- 6 सेकंड बाद राहुल गांधी को कहा नमस्कार सर और उसके बाद इको डिस्टरबेंस शुरू हो गया, 7 सेकंड बाद राहुल गांधी ने कहा आवाज नहीं आ रही है - तब कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरजेवाला ने कहा बघेल जी जरा वॉल्यूम इको है, थोड़ा कम करवाएं जो होस्ट कर रहा हैे उनसे बोल कर तो बहुत मेहरबानी होगी , तब 20 सेकंड बाद राहुल गांधी ने संबोधन शुरू किया भूपेश जी नमस्कार, सोनिया गांधी जी कांग्रेस प्रेसिडेंट इतना बोलते ही इको में कांग्रेस प्रेसिडेंट - कांग्रेस प्रेसिडेंट की आवाज आती है - तब राहुल गांधी बोलते हैं यह क्या हो रहा है -- तब फिर डिस्टरबेंस को सुधारने की कोशिश चलती है और 44 सेकंड बाद राहुल गांधी सुरजेवाला से कहते हैं कैन यू हियर मी तब सुरजेवाला कहते हैं जी सर गो अहेड -- तब राहुल गांधी फिर कहते हैं इको आ रहा है यहां पर , फिर इको डिस्टरबेंस को सुधारने की कोशिश होती है - 21 सेकंड बाद राहुल गांधी पुनः संबोधन शुरू करते हैं - कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी जी, चीफ मिनिस्टर बघेल जी, मोतीलाल वोरा जी,पूनिया जी, मोहन मरकाम जी, टी एस सिंह देव जी, चरण दास महंत जी, रविंद्र चौबे जी हमारे सब मंत्री, एमएलए, कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता एवं छत्तीसगढ़ के प्यारे भाइयों बहनों सबका मैं वीडियो कांफ्रेंस में स्वागत करता हूं |जानते हैं कोविड-19 ------ डिस्टरबेंस शुरू अर्थात डिस्टरबेंस के बीच 1 मिनट का आधा अधूरा संबोधन काम की बात किए बिना ही समाप्त हो जाता है | इस पूरे डिटेल को आपके सामने रखने का हमारा उद्देश्य सिर्फ इतना है कि प्रदेश के सबसे बड़े तकनीकी संस्थान चिप्स के अंतर्गत काम करने वाले बड़े बड़े अधिकारियों के निर्देशन में कांग्रेस की महत्वपूर्ण , पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के पुण्यतिथि के अवसर पर शुभारंभ होने वाली राजीव गांधी किसान न्याय योजना के उद्घाटन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शुरू होने के दौरान डिस्टरबेंस होना चिप्स के अधिकारियों की कार्यक्षमता, कार्यप्रणाली के साथ-साथ लापरवाही पूर्ण जिम्मेदारियों पर बड़ा सवाल है ? - इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न होने के लिए संबंधित सभी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि डिस्टरबेंस होने से सिर्फ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उनकी राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी या कांग्रेस परिवार का आपसी मामला नहीं है , यह भारत सहित पूरी दुनिया में छत्तीसगढ़ की टेक्नोलॉजी व्यवस्था के लिए गलत संदेश है - इतनी बड़ी गलती के लिए इस विभाग के अधिकारियों पर प्रदेश के मुख्यमंत्री क्या कार्यवाही करते हैं ? - प्रदेश की जनता देखेगी ? - क्योंकि जनता के टैक्स के रूप में वसूले गए रुपयों का उपयोग इन अधिकारियों की मोटी मोटी तनख्वाहों पर खर्च हो रहा है - Congress (@INCIndia) Tweeted: LIVE: INC President Smt Sonia Gandhi & Shri @RahulGandhi at Rajiv Gandhi Kisan NYAY Yojana event #CongressGivesNYAY https://t.co/Sl0VqHR7Ux https://twitter.com/INCIndia/status/1263359066195103744?s=20 सुखबीर सिंघोत्रा - CG 24 News - 9301094242
  • पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी के शहादत दिवस पर सोनिया राहुल की विशेष उपस्थिति -

    पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी के शहादत दिवस पर श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी की विशेष उपस्थिति पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना का शुभारंभ किया। श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी नई दिल्ली से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए शामिल हुए।  

    इस योजना का शुभारंभ कार्यक्रम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री श्री बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. चरणदास महंत और अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ उपस्थित रहे। श्रीमती सोनिया गाँधी और राहुल गांधी ने किसानों के हित मे प्रारंभ की गई छत्तीसगढ़ सरकार इस अभिनव योजना के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके मंत्रिमण्डल के सहयोगियों की सराहना की। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रारंभ की गई देश मे अपनी तरह की पहली योजना राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत धान, मक्का और गन्ना (रबी) उत्पादक किसानों के खाते में लगभग 5700 करोड़ रूपए की राशि किसानों को खेती किसानी के लिए प्रोत्साहित करने, उन्हें उपज का सही दाम  दिलाने के उद्देश्य से आदान सहायता के रूप में दी जा रही है। यह राशि चार किश्तों में किसानों को दी जाएगी। आज इसकी पहली किश्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की राशि आज डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में ऑनलाइन अंतरित की गई।

         इस कार्यक्रम में जिलों से सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, किसान और विभिन्न योजनाओं के हितग्राही भी वीडियो कांफ्रेसिंग से जुड़े।