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  • प्रतिदिन औसतन आठ लाख से अधिक परीक्षणों के साथ भारत में तेज गति से हो रही है कोविड जांच

    कोविड संक्रमण का शुरुआती स्‍तर पर पता लगाने के लिए समय रहते की गई प्रभावी जांच ने इस महामारी से निपटने की भारत की रणनीति में अहम भूमिका निभाई है।

    ‘‘टेस्ट-ट्रैक-ट्रीटकी केंद्र की नीति तथा राज्य/केंद्रशासित प्रदेश की सरकारों के सहयोगात्मक प्रयासों के जरिए भारत प्रतिदिन 10 लाख कोविड जांच की क्षमता प्राप्‍त करने के लिए अपने बुनियादी ढाँचे में लगातार विस्‍तार कर रहा है।

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    सप्‍ताह के औसत जांच आंकड़े इस दिशा में केन्‍द्र और राज्‍यों/केन्‍द्रशासित प्रदेशों की ओर से किए जा रहे ठोस सतत प्रयासों का संकेत दे रहे हैं। देश में अबतक कुल कोविड जांच 3,76,51,512 पर पहुंच गई है जिसमें से 8,23,992 जांच पिछले 24 घंटे में की गई हैं। लगातार व्‍यापक स्‍तर पर की जा रही ऐसी जांच से शुरुआती स्‍तर पर ही संक्रमण का पता लगाने में मदद मिल रही है जिससे संक्रमित लोगों को तत्‍काल उपचार के लिए अस्‍पतालों या घरों में पृथक रखने की व्‍यवस्‍था करने में आसानी हो रही है। इससे मृत्‍यु दर को भी कम बनाए रखने में मदद मिल रही है।

    देश भर में आसानी से परीक्षण के लिए नैदानिक प्रयोगशालाओं के व्‍यापक नेटवर्क ने जांच सुविधाओं को बढ़ाने में काफी मदद की है। इससे प्रति दस लाख आबादी पर जांच की संख्‍या तेजी से बढ़ते हुए 27,284 पर पहुंच चुकी है।

    परीक्षण प्रयोगशालाओं के बढ़ते नेटवर्क ने देश भर में परीक्षण सुविधाओं को और बेहतर बनाया है। आज के समय में देश में कोविड जांच के लिए कुल 1540 प्रयोगशालाएं है  जिनमें सरकारी क्षेत्र की 992और  निजी क्षेत्र की 548प्रयोगशालाएं शामिल हैं। इनमें

     रियल टाइम आरटी पीसीआर पदद्धति से जांच करने वाली 790 प्रयोगशलाएं हैं जिनमें

      से 460 सरकारी और 330 निजी हैं

     ट्रुनेट नैट आधारित जांच वाली प्रयोगशलाओं की कुल संख्‍या 632 है जिनेमं से 498

     सरकारी और 134 निजी प्रयोगशालाएं हैं

     सीबीनैट आधारित जांच वाली प्रयोगशलाओं की संख्‍या 118 है इमें से 34 सरकारी क्षेत्र

      की और 84 निजी क्षेत्र की प्रयोगशलाएं हैं

  • भारत ने टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट रणनीति को अपनाते हुए सफलतापूर्वक लगभग 3.7 करोड़ टेस्‍ट कर लिए

    भारत ने टेस्टट्रैक एवं ट्रीट रणनीति पर फोकस करते हुए अब तक कुल मिलाकर लगभग 3.7 करोड़ कोविड-19 सैंपल का परीक्षण (टेस्‍ट) किया है। दैनिक टेस्‍ट की संख्या तेजी से बढ़ाने के भारत के दृढ़संकल्प से अब तक कुल टेस्‍ट का आंकड़ा 3,68,27,520 के स्‍तर पर पहुंच गया है।

    पिछले 24 घंटों में 9,25,383 टेस्‍ट होने के साथ ही टेस्ट प्रति मिलियन अब और तेजी से बढ़कर 26,685 के उच्‍च स्‍तर पर पहुंच गया है।

    समय पर मरीजों की पहचानत्‍वरित आइसोलेशन और प्रभावकारी उपचार की दिशा में पहले कदम के रूप में तेज गति से टेस्‍ट किए जाने से संक्रमण के फैलाव को सीमित करना भी संभव हो पाया है।

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    पुणे में एकल लैब (प्रयोगशाला) से शुरुआत होने के बाद  से लेकर अब तक भारत के टेस्‍टिंग लैब नेटवर्क का व्यापक विस्तार हुआ है और आज इसमें कुल मिलाकर 1524 लैब हैं। 986 लैब सरकारी क्षेत्र में और 538 लैब निजी क्षेत्र में हैं। इनमें निम्‍नलिखित शामिल है:

     

    • वास्तविक समय में आरटी पीसीआर आधारित टेस्टिंग लैब787 (सरकारी459 + निजी328)

    • ट्रूनैट आधारित टेस्टिंग लैब : 619 (सरकारी493 + निजी126)

    • सीबीनैट आधारित टेस्टिंग लैब118 (सरकारी34 + निजी84)

     

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    कोविड-19 से संबंधित किसी भी प्रश्न का उत्‍तर जानने के लिए कृपया स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के हेल्पलाइन नंबर: +91-11-23978046 अथवा 1075 (टोल-फ्री) पर कॉल करें। कोविड-19 पर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के हेल्पलाइन नंबरों की सूची https://www.mohfw.gov.in/pdf/coronvavirushelplinenumber.pdf पर भी उपलब्ध है।

  • NEET-JEE परीक्षा को लेकर क्यों हो रहा है विवाद, क्या है ताजा अपडेट- जानिए

    जेईई मेन और नीट परीक्षा के आयोजन को लेकर जमकर विरोध हो रहा है. छात्रों समेत कई राजनीतिक और बॉलीवुड हस्तियां भी परीक्षा को स्थगित करने की मांग कर रही हैं. जानिए जेईई और नीट परीक्षा को लेकर देश में इतना बवाल क्यों हो रहा है?

    नई दिल्ली: जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) और नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) परीक्षा के आयोजन को लेकर विरोध बढ़ता ही जा रहा है. परीक्षा में अब दस दिनों से भी कम समय बचा है और सुप्रीम कोर्ट ने भी जेईई मेन और नीट परीक्षा आयोजित कराने के लिए अनुमति दे दी है. लेकिन इन सबके बाद भी जेईई मेन और नीट परीक्षा के आयोजन को लेकर जमकर विरोध हो रहा है. छात्रों समेत कई राजनीतिक और बॉलीवुड हस्तियां भी परीक्षा को स्थगित करने की मांग कर रही हैं. जानिए जेईई और नीट परीक्षा को लेकर देश में इतना बवाल क्यों हो रहा है और ताजा अपडेट क्या है.

     

    सिलसिलेवार समझें- क्यों हो रहा है विवाद?

    • सुप्रीम कोर्ट में परीक्षा न कराने के लिए डाली गई याचिका

    दरअसल देश में कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामले को देखते हुए कई छात्रों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तीन जुलाई 2020 को जारी किए गए उस नोटिस को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसमें जेईई मेंस और नीट की प्रवेश परीक्षाओं को आयोजित कराने सम्बन्धी शेड्यूल जारी किया गया था. इन छात्रों का कहना था कि कोरोना संक्रमण से स्थिति सामान्य होने के बाद ही इन परीक्षाओं को आयोजित किया जाना चाहिए. ये याचिका 6 अगस्त को दायर की गई थी.

     

    इस याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि संबंधित प्राधिकारियों ने बिहार, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ की विभीषिका से प्रभावित लाखों छात्रों की स्थिति को नजरअंदाज करते हुए परीक्षाएं आयोजित करने का फैसला लिया है. इन राज्यों में ऑनलाइन या ऑफ लाइन परीक्षायें आयोजित करना संभव नहीं होगा.

    • फिर सुप्रीम कोर्ट में परीक्षा तय वक्त पर कराने के लिए डाली गई याचिका

    इसके बाद स्टूडेंट्स के अभिभावकों की एक एसोसियशन ‘गुजरात पैरेंट्स एसोसिएशन’ ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर करके परीक्षा तय समय पर ही कराने की मांग की. अभिभावकों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को यह निर्देश दे कि वह छात्र हित में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन और मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को सितंबर में तय शेड्यूल पर ही करवाए. एसोसिएशन ने अपनी याचिका में कहा था कि ‘इन्हीं प्रवेश परीक्षाओं से छात्रों के कैरियर की दिशा तय होती है. परीक्षा तिथि के बढ़ने से उन्हें न केवल एक अकादमिक वर्ष का नुकसान उठाना पडेगा, बल्कि आगे चलकर उन्हें प्रोफेशनल करियर में भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. इसलिए तय समय पर ये परीक्षाएं होनी चाहिए.’

    • सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा न कराने को लेकर दायर सभी याचिकाएं खारिज की

    इसके बाद 17 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा न कराने को लेकर दायर सभी याचिकाएं खारिज कर दी. जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा की बेंच ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण देश में सब-कुछ नहीं रोका जा सकता है. कोर्ट ने तीखी टिप्पड़ी करते हुए कहा कि क्या देश में सब-कुछ रोक दिया जाए? और बच्चों के एक कीमती साल को यूं ही बर्बाद हो जाने दिया जाए?

    • राजनीतिक हस्तियों ने केंद्र से परीक्षा टालने की मांग की

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जेईई-नीट परीक्षा कराने के खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट हो गया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, बिहार में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए परीक्षाएं रद्द करने की मांग की. कई नेताओं ने इस बाबत पीएम मोदी को पत्र भी लिखा.

    • ताजा अपडेट क्या है?

    नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने साफ कर दिया है कि किसी भी सूरत में परीक्षा को और नहीं टाला जा सकता. नीट और जेईई मेन परीक्षा अपने तय समय पर ही होगी. जेईई और नीट परीक्षाओं के लिए कल देर रात केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्यवार सेंटरर्स की लिस्ट जारी कर दी है. शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी लिस्ट में जेईई परीक्षा के सेंटर्स 570 से बढ़ाकर 660 कर दिए हैं. जबकि नीट परीक्षा के सेंटर्स 2846 से बढ़ाकर 3843 कर दिए गए हैं.

    • जेईई मेन परीक्षा के लिए नंबर ऑफ शिफ्ट्स भी बढ़ी

    केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, जेईई मेन परीक्षा के लिए नंबर ऑफ शिफ्ट्स भी बढ़ा दी गईं हैं. पहले परीक्षा के लिए आठ शिफ्ट तय थीं जो अब बढ़ाकर बारह कर दी गई हैं. यही नहीं प्रति शिफ्ट कैंडिडेट्स की संख्या घटाकर 1.32 लाख से 85,000 कर दी गई है.

    • 99 फीसदी कैंडिडेट्स को उनका चुना हुआ टेस्ट सेंटर दिया गया

    जेईई मेन परीक्षा का एडमिट कार्ड रिलीज हो चुका है. संभावना है कि नीट 2020 परीक्षा का एडमिट कार्ड भी इसी हफ्ते रिलीज हो जाएगा. एनटीए ने एडमिट कार्ड रिलीज होने के साथ ही यह भी कहा है कि तकरीबन 99 फीसदी कैंडिडेट्स को उनका चुना हुआ टेस्ट सेंटर दिया गया है. यही नहीं परीक्षा के दौरान सभी सेफ्टी मेजर्स भी फॉलो किए जाएंगे. एनटीए ने कहा, ‘‘सामाजिक दूरी का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जेईई-मुख्य परीक्षा में छात्रों को परीक्षा कक्ष में एक सीट छोड़कर बैठाया जाएगा जबकि नीट परीक्षा में एक कमरे में छात्रों की संख्या 24 से घटाकर 12 कर दी गई है.’’

    • कब होनी हैं परीक्षाएं?

    जेईई परीक्षा एक से 6 सितंबर के बीच होगी और नीट की परीक्षा 13 सितंबर को कराई जाएगी. इस साल जेईई-मुख्य परीक्षा के लिए 9.53 लाख विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है जबकि नीट के लिए 15.97 लाख विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है.

  • प्रदेश भाजपा कार्यालय सरकारी जमीन पर - कब्जा खाली कराने कांग्रेस ने दिया ज्ञापन

    छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं सचिव ने जिलाधीश को ज्ञापन सौंपकर डूमर तराई स्थित भाजपा मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त करने हेतु पत्र सौंपा

    कलेक्टर रायपुर ने तत्काल कार्यवाही के लिए पत्र को अनुमोदित कर दिया | कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी के साथ प्रदेश सचिव हरदीप बेनीपाल भी उपस्थित थे |

     

    प्रति, श्रीमान भारती दासन जी

    माननीय कलेक्टर जिला रायपुर छ ग

    विषय :-कुशाभाऊ ठाकरे परिसर डूमरतराई में सरकारी जमीन कब्जा खाली कराने आवेदन बाबत।

    संदर्भ-समाचार पत्र दैनिक छत्तीसगढ़ की खबर में प्रकाशन।

    महोदय,

     ज्ञात विषय है कि छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर के डूमरतराई क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे स्थित है और प्रदेश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक छत्तीसगढ़ द्वारा राजपथ जनपद कॉलम में "अभी तो यह अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है"नामक शीर्षक लेख में लिखा गया है कि कुशाभाऊ ठाकरे परिसर लगभग 5 एकड़ में फैला हुआ है इसमें एक जमीन जो कि लगभग 1 एकड़ की थी एक धमतरी के दवा व्यवसाई की बताई जा रही है और उस दवा व्यवसाई से कुशाभाऊ ठाकरे परिसर हेतु जमीन लेकर उसे अदला-बदली के तहत अन्य जमीन जो कि 1 एकड़ से अधिक है पूर्वर्ती रमन सरकार के द्वारा आवंटित करा दी गई है और छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर भी भाजपा के प्रदेश कार्यालय द्वारा कब्जा की बात कही गई है,

    माननीय महोदय से अनुरोध है कि यह विषय बेहद महत्वपूर्ण एवं जरूरी है क्योंकि 15 वर्ष से सत्ता में रहने के बाद भारतीय जनता पार्टी के कारगुजारी अब सामने आ रहे हैं और उक्त समाचार पत्र के द्वारा बड़ी बेबाकी के साथ इसका खुलासा किया गया है कि भाजपा के प्रदेश कार्यालय में सरकारी जमीन पर बलात कब्जा कर भवन निर्माण किया गया है माननीय महोदय से अनुरोध है कि तत्काल इस विषय को संज्ञान में लेकर उक्त कुशाभाऊ ठाकरे परिसर के जमीन संबंधित संपूर्ण दस्तावेज का अवलोकन कर एवं उक्त सरकारी जमीन का नाप जोख करा कर उसे मुक्त कराने एवं पुनः उसे प्रदेश सरकार के नामे चढ़ाने की कार्रवाई शीघ्र अति शीघ्र की जाए और उक्त सरकारी भूमि पर अवैध एवं ब्लॉक कब्जा करने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की अनुशंसा की जाए।

    धन्यवाद

    विकास तिवारी प्रवक्ता छ ग कांग्रेस कमेटी पता राजीव भवन शंकर नगर

  • सुब्रमण्यम स्वामी का आरोप- सुशांत को जहर दिया गया, ऑटोप्सी रिपोर्ट को लेकर कही ये बात

    भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया है कि बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को उनकी मौत से पहले जहर दिया गया था.

    भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया है कि बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को उनकी मौत से पहले जहर दिया गया था. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जानबूझकर उनके शव परीक्षण में देरी की गई ताकि जहर पेट में पाचक द्रव्यों के जरिए डिजॉल्व हो जाए. स्वामी ने मंगलवार सुबह ट्वीट कर कहा, "अब हत्यारों की शैतानी मानसिकता और उनकी पहुंच धीरे-धीरे सामने आ रही है. ऑटोप्सी में जानबूझकर देरी की गई ताकि एसएसआर के पेट में जहर पाचन तरल पदार्थ द्वारा विघटित हो जाए और उसकी पहचान न की जा सके."

     

    सोमवार को सोशल मीडिया यूजर्स ने मांग की कि इस मामले की जांच कर रही सीबीआई को सुशांत की ऑटोप्सी करने वाले कूपर अस्पताल के डॉक्टरों से पूछताछ करनी चाहिए.

    सोमवार शाम को स्वामी ने ट्वीट किया कि सुशांत की प्रेमिका रिया चक्रवर्ती को पूछताछ के लिए हिरासत में भेजा जाना चाहिए. उन्होंने कहा, "यदि रिया द्वारा दिए गए सबूतों और महेश भट्ट के साथ उनकी बातचीत में विरोधाभास है तो सीबीआई के पास उसे गिरफ्तार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा."

     

    बता दें कि हाल ही में रिया और महेश भट्ट के बीच हुई व्हाट्सएप बातचीत के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिसमें नेटीजेंस ने आरोप लगाया गया है कि रिया के "शुगर डैडी" महेश भट्ट ने उसे सुशांत से ब्रेकअप करने के लिए उकसाया.

  • आत्मनिर्भर भारत” के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में डीआरडीओ ने उद्योग द्वारा डिजाइन, विकास और विनिर्माण के लिए 108 प्रणालियों और उप प्रणालियों की पहचान की

    माननीय प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के आह्वान की प्रतिक्रिया में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने स्वदेशी रक्षा विनिर्माण को मजबूती देने के लिए कई पहल की हैं। इस दिशा में, डीआरडीओ के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और उन्हें 108 प्रणालियों और उप प्रणालियों के बारे में बताया, जिनकी सिर्फ भारतीय उद्योग द्वारा डिजाइन और विकसित किए जाने के लिए पहचान की गई है। प्रौद्योगिकियों की सूची अनुलग्नक-क में दी गई है। इस पहल से भारतीय रक्षा उद्योग के लिए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में कई तकनीक के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

    डीआरडीओ अपनी आवश्यकता के आधार पर इन प्रणालियों के डिजाइन, विकास और परीक्षण के लिए उद्योग को समर्थन भी उपलब्ध कराएगा। आरएंडडी प्रतिष्ठानों, सैन्य बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा इन प्रणालियों से जुड़ी सभी आवश्यकताएं उपयुक्त भारतीय उपक्रम के साथ विकास अनुबंध या उत्पादन ऑर्डर के माध्यम से पूरी की जा सकती हैं। इससे डीआरडीओ को महत्वपूर्ण और आधुनिक प्रौद्योगिकियों तथा प्रणालियों के डिजाइन और विकास पर ध्यान केन्द्रित करने में सहायता मिलेगी।

    डीआरडीओ इन प्रणालियों की प्राप्ति के लिए उद्योग के साथ भागीदारी कर रहा है। प्रमुख शस्त्र प्रणालियों के विकास में डीआरडीओ के साथ सहयोग से भारतीय उपक्रम एक स्तर तक परिपक्व हो गए हैं, जहां वे अपने दम पर प्रणालियों का विकास कर सकते हैं। भारतीय उद्योग बिल्ड टू प्रिंट भागीदार से बिल्ड टू स्पेसिफिकेशन भागीदार में परिवर्तित हो चुका है।

    डीआरडीओ के लिए वर्तमान उद्योग आधार में डीपीएसयू, आयुध कारखानों और बड़े उद्योगों के साथ ही 1,800 एमएसएमई शामिल हैं। डीआरडीओ पहले ही विकास सह उत्पादन भागीदारों (डीसीपीपी) के रूप में भारतीय उद्योग को जोड़ने के लिए विभिन्न नीतियों के माध्यम से कई पहल कर चुका है। साथ ही उद्योग को मामूली लागत पर तकनीक की पेशकश कर रहा है और अपने पेटेंट के लिए मुफ्त पहुंच उपलब्ध करा रहा है।

    इस पहल से तेजी से उभरते भारतीय रक्षा उद्योग को समर्थन मिलेगा और उद्योग को बड़े स्तर पर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में योगदान करने में सहायता मिलेगी।

     

  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करोना पॉजिटिव के साथ बैठने के बाद क्वारंटाइन होंगे ?
    *रायपुर ब्रेकिंग* भाजपा प्रवक्ता ने फेसबुक पोस्ट करके साधा सीएम बघेल पर निशाना* *NSUI स्टेट प्रेसिडेंट के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद तस्वीर पोस्ट करके उठाये सवाल ? *कहा मुख्यमंत्री एवं एनएसयूआई अध्यक्ष दोनो बिना मास्क के बिना सोशल डिस्टेंसिग के* किया सवाल - कोई ये बताये की कितने लोगों को कोरोना गिफ्ट किये होंगे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं एनएसयूआई अध्यक्ष आकाश शर्मा ? -* *क्या CM साहब को अब क्वारन्टीन नही होना चाहिए ? -* भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी द्वारा उठाए गए सवाल पर यह बात सामने आती है कि ऐसे में विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री कैसे पहुंचेंगे और अगर पहुंचे भी हैं तो उन्होंने कोविड-19 नियमों का क्या उल्लंघन किया है या नहीं क्या होगा गाइडलाइन का किस तरह चलेगा विधानसभा का सत्र ? - मुख्यमंत्री के साथ या बिना मुख्यमंत्री के ?
  • पुलवामा आतंकी हमला: आज जम्मू-कश्मीर की विशेष कोर्ट में चार्जशीट दायर करेगी NIA, 40 जवान हुए थे शहीद

    एनआईए की तरफ से दाखिल होने वाली चार्ज शीट में हमले की पूरी साजिश का खुलासा भी होगा.

    ये भी खुलासा किया जाएगा कि आतंकियों की पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से किस तरह से बातचीत होती थी.

    श्रीनगर: पिछले साल 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले को लेकर नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) आज जम्मू-कश्मीर की विशेष कोर्ट में दोपहर दो बजे के बाद चार्जशीट दायर करेगी. ये चार्जशीट करीब पांच हजार पन्नों की होगी. इस हमले में सीआरपीएफ के चालीस जवान शहीद हुए थे. वहीं, कई जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

     

    चार्ज शीट में होगा पूरी साजिश का खुलासा 

     

    जम्मू की विशेष अदालत के सामने जो चार्ज शीट दाखिल की जाएगी, उसमें आतंकियों समेत लगभग 19 आरोपियों के नाम होंगे. एनआईए की तरफ से दाखिल होने वाली चार्ज शीट में हमले की पूरी साजिश का खुलासा भी होगा. इतना ही नहीं ये भी खुलासा किया जाएगा कि आतंकियों की पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से किस तरह से बातचीत होती थी.

     

    2019 में हुआ था पुलवामा हमला

     

    पिछले साल 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर विस्फोटकों से भरी गाड़ी के जरिए आतंकी हमला किया गया था और इस हमले में देश के 40 जवान शहीद हो गए थे. जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने आईईडी से भरी कार को सेना के काफिले से भिड़ा दिया था. आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के असली साजिशकर्ता अभी भी पाकिस्तान में मौजूद हैं.

  • भूपेश बघेल की जमीन बारिश में नपवाने वाले डॉ रमन अपनो पर लगे आरोप तो खामोश हो गये
    भूपेश बघेल की जमीन बारिश में नपवाने वाले डॉ रमन अपनो पर लगे आरोप तो खामोश हो गये मंत्री मो अकबर के जवाब के बाद पूरी भाजपा को सांप सूंघ गया है कुशाभाऊ ठाकरे परिसर और कवर्धा स्थित पैतृक मकान पर सरकारी जमीन कब्जे पर क्या कहेंगे डॉ रमन प्रदेश भाजपा कार्यालय और कवर्धा निवास के जमीन की नाप करवाये प्रदेश सरकार-विकास तिवारी रायपुर 24 अगस्त 2020। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कवर्धा में होमगार्ड भवन के लिए आरक्षित जमीन पर कांग्रेस भवन के निर्माण-भूमिपूजन के पूर्व सीएम रमन सिंह के आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भूपेश सरकार के मंत्री मोहम्मद अकबर ने पहले तो रमन सिंह के आरोपों को तथ्यहीन और गुमराह करने वाला बताया है और उन्होंने डॉ रमन सिंह से ही पूछ लिया कि कवर्धा स्थित मकान से सटी सरकारी जमीन पर किए गए कब्जे पर कुछ क्यों नहीं कहना चाहते। प्राप्त जानकारी के अनुसार डॉ रमन सिंह-परिवार ने मंडी की कुछ जमीन को घेरा हुआ है और इसमें भारी गड़बड़ी का दावा किया जा रहा है। प्रवक्ता विकास में कहा कि अपनो के ऊपर लगे इस गंभीर आरोप पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह क्या जवाब देंगे और अगर उनके परिजनों के द्वारा सरकारी जमीन पर बलात, दबावपूर्वक अतिक्रमण, कब्जा किया गया है तो क्या वह इसके लिए प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर उक्त जमीन को सरकारी अधिग्रहण करने हेतु अनुरोध करेंगे और क्या दोषियों के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जमीन को भरे बारिश में नाप-जोख करवाने वाले पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह अपने परिजनों और अपने पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर लगे सरकारी जमीन कब्जे पर चुप्पी साध ली है और पूरी भाजपा को सांप सूंघ गया है कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार राजधानी रायपुर के डुमरतराई स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर करीब पांच एकड़ जमीन में फैला हुआ है। इसमें से एक एकड़ जमीन धमतरी के एक दवा कारोबारी की थी। उस समय दवाब पूर्वक एवं नियम विरुद्ध पूर्ववर्ती रमन सरकार ने दवा कारोबारी को उसके जमीन के बदले में एक एकड़ से अधिक सरकारी जमीन आबंटित कर दी। हाउसिंग बोर्ड की जमीन को भी भाजपा दफ्तर तक जाने के लिए ले लिया गया। 15 सालों में भाजपा के आला नेता और पदाधिकारी सरकारी जमीनों पर बलात बलपूर्वक कब्जा करके उसे व्यवसायिक एवं भाजपा कार्यालय तक के लिए उपयोग किए हुए हैं भाजपा के प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर पर उक्त सरकारी जमीन पर कब्जा कर निर्माण की बात बेहद गंभीर और संगीन है इस आरोप के बाद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में को सांप सूंघ गया है और जवाब देने के लिए बगले झांकने लगे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने चुनौती पूर्वक पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय से उक्त दोनों सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोप पर तत्काल प्रतिक्रिया मांगी है और कहां है कि जिस प्रकार कवर्धा बिलासपुर के कांग्रेस भवन के निर्माण दिवस के दिन झूठा आरोप लगाने वाली भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व इन कांग्रेस के इन सवालों का जवाब कब देंगे और अगर उक्त आरोपों का जवाब भारतीय जनता पार्टी नहीं देगी तो हम प्रदेश की कांग्रेस सरकार के मांग करेंगे कि उक्त आरोपों पर तत्काल एक जांच कमेटी गठित करके प्रदेश भाजपा कार्यालय और डॉ रमन सिंह के कवर्धा स्थित पैतृक मकान की नाप जोख तत्काल करवाएं और अगर उस में सरकारी जमीन को बलात, गुंडागर्दी पूर्वक अधिग्रहित किया गया है तो उसे मुक्त कराकर प्रदेश सरकार अपने अधिग्रहण में लेवे। एवं दोषी व्यक्ति के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की अनुशंसा करें।
  • सुशांत सिंह के घर पहुंची सीबीआई की टीम, क्राइम सीन रिक्रिएट करने का पूरा इंतजाम

    सीबीआई की टीम सात गाड़ियों में दिवंगत अभिनेता के घर के तरफ रुख कर चुकी है. ऐसा बताया जा रहा है उनके साथ कुक नीरज और फ्लैटमेट रहे सिद्धार्थ पिठानी भी मौजूद हैं.इस बीच सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई और बिहार बीजेपी विधायक नीरज कुमार सिंह ने कहा कि सीबीआई की जांच सही दिशा में जा रही है और जांच की गति को देखते हुए, हमें उम्मीद है कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगासीबीआई की टीम सिद्धार्थ पिठानी, दीपेश और नीरज को साथ लेकर आई है. मौके के वक्त सिद्धार्थ, दीपेश और नीरज वहां मौजूद थे. कल सीबीआई ने नीरज से पूछताछ की थी. फॉरेंसिक टीम भी सीबीआई के साथ में है. चार से पांच घंटे तक पड़ताल चल सकती है.सुशांत सिंह राजपूत के घर सीबीआई की टीम पहुंच गई है. ऐसा बताया जा रहा है कि सुशांत सिंह राजपूत के मौत के सिलसिले में टीम क्राइम सीन को रिक्रिएट कर सकती है, जिसके इंताजाम के लिए सीबीआई की टीम साजो सामान को लेकर पहुंची है.

  • जगदलपुर : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के माध्यम से सुपोषण युक्त मुगफल्ली, गुड युक्त काजू निर्माण

    बस्तर संभाग में कुपोषण एवं एनीमिया एक बड़ी चुनौती है। बस्तर एक आदिवासी बाहुल क्षेत्र है जहाँ सामाजिक रहन सहन व खानपान की विविधता अशिक्षा व कुपोषण व एनिमिया का मुख्य कारण है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से क्षेत्र को कुपोषण व एनीमिया से मुक्त कर विकास की ओर अग्रसर होना है।

     

     बस्तर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उत्तम रणनीति तैयार कर कुपोषण व एनीमिया से बस्तर से मुक्त कराने हेतु प्रयास किया जा रहा है। कुपोषण मे कमी लाने के लिए समुदाय की सहभागिता और शासकीय प्रयासों के समन्वय से लक्ष्यों को प्राप्त किया जा रहा है। वजन त्यौहार के आंकड़ो के अनुसार बस्तर जिले मे कुपोषण का 25.60 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अंर्तगत 06 माह से 06 आयु वर्ष के बच्चे ‘‘हरिक नानी बेरा‘‘ (खुशहाल बचपन ) व 15 आयु वर्ष से 49 आयु वर्ष के गंभीर एनीमिक महिलाओं के लिए आमचो लेकी, आमचो माय (हमारी लड़की हमारी माता) आरंभ किया गया था।

         आदिवासी बहुल क्षेत्र बस्तर में कुपोषण व एनीमिया का कारण गर्भवती, शिशुवती माताओं व बच्चों को पर्याप्त पौष्टिक आहार ना मिलना, बच्चों का बिमारी से ग्रस्त होना, साथ ही समाज में पोषण संबंधी जागरूकता का अभाव है। ‘‘गढबो नवा छत्तीसगढ़‘‘ क्रियान्वयन में मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप जनजातीय बहुल क्षेत्रों में बच्चों के कुपोषण स्तर में कमी लाना, 15 से 49 आयु वर्ष की एनीमिया पीड़ित महिलाओं में एनीमिया को कम करना प्राथमिकता में है। लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बस्तर जिले में ‘‘हरिक नानीबेरा (खुशहाल बचपन)‘‘ अभियान अंतर्गत प्रथम चरण में जिले के 82 सर्वाधिक कुपोषण वाले आंगनबाड़ी केन्द्रों को चयनित किया गया। द्वितीय चरण में 95 आंगनबाड़ी केन्द्रों को चयनित किया गया। अब इस अभियान का विस्तार करते हुए तृतीय चरण में जिले के 1081 आंगनबाड़ी केन्द्रों के जो कि प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से डीएमएफटी प्रभावित क्षेत्र अंतर्गत आते है, उनमें लागू किया गया था जिसमें 41474 बच्चों लाभान्तिव होंगे, जिसमें अतिरिक्त पूरक पोषण आहार में अण्डा, मुंगफल्ली व गुड़ का लड्डू प्रदाय किया जा रहा है और वर्तमान में 1981 आंगनवाडी केंद्र के 72 हजार लाभार्थियों को 3 दिवस लडडू एवं 3 दिवस अण्डा प्रदाय करने हेतु सप्ताह के सोमवार, बुधवार, शुक्रवार को मूंगफल्ली गुड़ का 25 ग्राम का 01 लड्डू तथा मंगलवार, गुरूवार तथा शनिवार को 01 उबला अण्डा दिया जाने हेतु महिला बाल विकास विभाग के समन्वय के माध्यम से बिहान द्वारा गठित स्व-सहायता समूह को दायित्व दिया गया है।

        मुगफल्ली एवं गुड युक्त लडडू निर्माण हेतु का कलस्टर आधार पर चयन किया गया एवं चयन के पश्चात् लड्डू बनाने हेतु जिला स्तर पर महिला बाल विकास विभाग की ओर से प्रशिक्षण किया गया। सर्वप्रथम प्रथम चरण हेतु समूह 81 केंद्रो के लिए 5 समूह द्वितीय चरण हेतु 1081 केंद्रो हेतु 11 समूह एवं तृतीय चरण हेतु 1981 केंद्रो 24 बिहान महिला स्व-सहायता समूह का चयन कर लडडू बनाने हेतु चिन्हांकित किया गया है।
         आँगनबाड़ी केंद्रो के माध्यम से सुपरवाईजर के द्वारा लड्डू हेतु बच्चों के अनुसार मांग पत्र लड्डू बनाने हेतु प्रस्तुत की जाती है। तद्पश्चात् दिशा निर्देशानुसार प्रति बच्चें को 25 गाम मूंगफल्ली व गुड युक्त लड्डू दिये जाने है, और 1 किलो मे 40 लड्डू मिठाई डिब्बा में प्रदाय किये जाने है, जिसमें मुंगफल्ली  650  ग्राम, गुड 350 ग्राम, ईलायची स्वादानुसार मिक्स कर समूह के माध्यम से लडडू तैयार कर विकासखण्ड के महिला बाल विकास विभाग, सेक्टर, आँगनबाड़ी केंद्र तक सप्लाई की जाती है।

         महिला समूह के द्वारा प्रतिदिवस 10 सदस्यों के माध्यम से 2000 से 2500 लड्डू निर्माण किया जाता है, अब तक 65.37 लाख रूपये तक 12.48 लाख लड्डू वितरण किया जा चुका है। प्रति किलो लड्डू बनाने मे 115 रूपये समस्त व्यय के साथ खर्च होता एवं प्रति किलो वर्तमान दर से 45 रूपये प्रतिकिलो फायदा होता है अर्थात् अब तक 31.50 लाख रूपये समूह को आय हुआ। पूर्व में प्रति नग लड्डू की कीमत 6 रूपये एवं वर्तमान मे 4 रूपये की दर से समूह के खाते मे विभाग के माध्यम से राशि प्राप्त होती है।

         आंगनवाडी केंद्र मे बच्चे एवं महिलाओं को मुंगफल्ली लड्डू देने के लिए मिठाई डिब्बा में ही मांग की गयी थी ताकि लड्डू टूटे ना इसलिए समूह के द्वारा उक्त डिब्बा बाहर से लेना पड़ता था जिसके कारण से दिक्कत होती थी। इसलिए उक्त मिठाई के डिब्बा बनाने हेतु 5 समूह को जिला स्तर पर प्रशिक्षित किया गया और वर्तमान मे समूहों के द्वारा स्वयं मिठाई डिब्बा बनाकर लड्डू प्रदाय करने वाले समूहों को सप्लाई करते है। डिब्बा बनाने मे समूह के माध्यम से एक लाख रूपए की पूंजी लगाया गया, जिसमें 13335 डिब्बा मिलता है। प्रति डिब्बा 10 रूपये की दर से अर्थात् 1 लाख 35 हजार रूपये मे बेचते है, जिससे शुद्ध समूह को 33 हजार रूपये आमदानी हो जाती है।

        जिले में हरिक नानीबेरा, (खुशहाल बचपन) व आमचो लेकी, आमचो माय (हमारी लड़की, हमारी माता) अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेन्सी पंचायत एवं ग्रामीण विकास है। ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच व पंच की भूमिका महत्वपूर्ण है ग्राम पंचायत स्तर पर समस्त कार्यक्रम की निगरानी व मार्गदर्शन में किया जाता है।स्थानीय एनआरएलएम (बिहान) समुह के द्वारा चयनित आंगबनाड़ी केन्द्र के बच्चों के लिए मुँगफल्ली गुड़ का लड्डु, उबला अण्डा प्रदाय, स्थानीय महिला समूहों की मासिक बैठक आंगबनाड़ी केन्द्रों में किया जा रहा है जिसमें स्वच्छता कुपोषण पोषण आहार इत्यादि पर चर्चा होती है और बिहान समूह के सदस्यों द्वारा बच्चों के माता-पिता को केन्द्र में बुलाने एवं उन्हे परामर्श देने में सहयोग किया जा रहा है

  •  कैबिनेट की बैठक खत्म  जलजीवन मिशन,अंग्रेज़ी मीडियम स्कूल समेत सभी योजनाएं शामिल

    कैबिनेट की बैठक खत्म, भूपेश कैबिनेट की अहम बैठक में आज कई बड़े फैसले हुए

     करीब 4 घंटे चली बैठक में 33 अहम बिंदुओं पर फैसला लिया गया

     राज्य कैबिनेट ने आज विधायकों व पूर्व विधायकों को बड़ी सौगात दी है। *राज्य सरकार ने जहां विधायकों व पूर्व विधायकों का यात्रा कूपन बढ़ा दिया है, तो वहीं पूर्व विधायकों की पेंशन भी बढ़ायी गयी है। पहले विधायकों को 4 लाख और पूर्व विधायकों को 2 लाख रुपये यात्रा कूपन मिलता था, अब ये राशि बढ़ाकर विधायकों के लिए 8 लाख और पूर्व विधायकों के लिए 4 लाख कर दी गयी है। वहीं पूर्व विधायकों के लिए पेंशन भी अब बढ़ा दी गयी है।* अनुपूरक बजट को हरी झंडी- 25 अगस्त से छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में राज्य सरकार अपना पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी। जल जीवन मिशन, तीन मेडिकल कालेज की स्थापना, कोरोना से निपटने, इंग्लिश मीडियम स्कूल, मरवाही-पेंड्रा-गौरेला नये जिले के उत्थान के लिए व राजीव गांधी किसान न्याय योजना के लिए राशि का प्रबंध इस अनुपूरक बजट के माध्यम से की जायेगी। वहीं निजी स्कूलों के फीस निर्धारण के लिए विधेयक विधानसभा में लाया जायेगा। मंत्रिमंडलीय उप समिति राज्य सरकार ने बनायी थी, उसके बाद जिला स्तर पर फीस नियंत्रण की कमेटी में भागीदारी को लेकर विधेयक में उल्लेख होगा। शहीद महेंद्र कर्मा स्मृति सामाजिक सुरक्षा योजना को कैबिनेट सं मंजूरी दी गयी। भंडार क्रय नियम में भी आंशिक संशोधन किया गया है, जिसमें स्थानीय यूनिटों को महत्व देने और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सहयोग देने का फैसला लिया गया है। अनुसूचित जनजाति प्राधिकरण में पहले मुख्यमंत्री अध्यक्ष हुआ करते थे, लेकिन अब मुख्यमंत्री की तरफ से नामांकित व्यक्ति को अध्यक्ष बनाया जा सकता है। छत्तीसगढ़ी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री के लिखे पत्र को आज कैबिनेट में अनुमोदित किया गया, साथ ही केंद्र सरकार से *छत्तीसगढ़ी भाषा को अनुसूची में शामिल करने का अनुरोध किया गया।* सरगुजा व बस्तर की तर्ज पर नये जिले गौरेला, पेड्रा, मरवाही में भी तृतीय व चतुर्थ श्रेणी भर्तियों में स्थानीय युवाओं को मौका दिया जायेगा। 16 जनवरी 2006 में ऐर्राबोर राहत शिविर में 32 ग्रामीणों की हत्या मामले में भी बड़ा फैसला लिया गया है। उस वक्त की तत्कालीन सरकार ने सिर्फ 1 लाख रुपये की सहायता राशि दी थी, अब उन्हें 4 लाख की सहायता राशि दी जायेगी। पिछड़ा वर्ग आयोग, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्क आयोग में पहले एक अध्यक्ष और दो सदस्य की नियुक्ति 3 साल के लिए होती थी, लेकिन अब ये कार्यकाल सरकार के प्रसार प्रर्यन्त जारी रहेगी। वहीं आयोग में अब एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और 6 सदस्यों को नियुक्त किया जायेगा। *राजनीतिक दलों के कार्यालय भवन के लिए एक नीति बनायी गयी।* छत्तीसगढ़ में सरकारी बैंक के पुनर्गठन का निर्णय लिया गया है। 5 बैंक कार्यरत है, बाकी अपेक्स बैक के अंतर्गत है। आज राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि महासमुंद, बालौदाबाजार, बालोद , बेमेतरा, जांजगीर और सरगुजा में नये कॉपरेटिव बैंक खुलेंगे। रिजर्व बैंक को राज्य सरकार अपना प्रस्ताव जल्द भेजेगी। प्राथमिक सहकारी बैंकों में अधिकार के बंटवारे को लेकर विधेयक को मंजूरी दी गयी है। *लोक सेवा गारंटी में संशोधन किया गया,अब उसमें आवेदन प्राप्ति की तारीख का उल्लेख होगा* बस्तर विश्विदियालय को संशोधन विधेयक को मंत्रिमंडल में अनुमोदन किया गया। अरपा बेसिन विकास प्राधिकरण को मंजूरी दी, अरपा विकास प्राधिकरण को अब अरपा बेसिन विकास प्राधिकरण से जाना जायेगा, ये जल संसाधन विभाग से जुड़ेगा। भाड़ा नियंत्रण अभिकरण में अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर संशोधन किया गया है। विभिन्न विभागों के अनुपयोगी जमीन को डेवलेप करने के लिए रोड विकास निगम, हाउसिंग बोर्ड से कराने का निर्णय लिया गया है। 1500 करोड़ राजीव गांधी न्याय योजना, 450 करोड़ गोधन न्याय योजना के साथ 232 करोड़ तेंदूपत्ता संग्राहकों को स्थानांतरित किया गया, सभी 22 जिला कमिटी के कांग्रेस भवन राजीव भवन के नाम से ही जाने जाएंगे 25 अगस्त के विधानसभा सत्र में बजट का अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा,जलजीवन मिशन,अंग्रेज़ी मीडियम स्कूल समेत सभी योजनाएं शामिल रहेंगी विधानसभा के सदस्य का यात्रा भत्ता बढाकर 8 लाख और पूर्व सदस्य का 4 लाख किया गया जीएसटी जब लागू किया गया था तब केंद्र राज्यों को जीएसटी क्षतिपूर्ति देगि काहा गया था लेकिन क्षतिपूर्ति नहीं दिया गया, मार्च से आज तक जीएसटी का हिस्सा नहीं दिया है नए जिले GPM को भी 3 और चतुर्थ वर्ग की भर्ती में स्थानीय को प्राथमिकता दी जाएगी एर्राबोर हत्याकांड में प्रत्येक प्रभावित परिवार को 4 लाख की सहायता राशि दी जाएगी महासमुंद,बालोद,बलौदा बाज़ार,बेमेतरा,जांजगीर सरगुजा समेत 6 जगहो पर नए सहकारी बैंक की स्थापना का प्रावधान किया गया है, आरबीआई को प्रस्ताव भेजा जाएगा बस्तर विश्वविद्यालय अब शहीद महेंद्र कर्मा के नाम से जाना जाएगा