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  •  फिल्म कलाकार की बेटी बनी छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश प्रभारी
    रायपुर ब्रेकिंग भाजपा ने जारी की राज्य प्रभारियों की सूची डी पुरंदेश्वरी होंगी छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश प्रभारी पार्टी ने जारी की 36 राज्यों के प्रदेश प्रभारियों की सूची आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और फिल्म कलाकार एनटी रामाराव की बेटी है डी पुरंदेश्वरी
  • जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने हुआ करोना गाइडलाईन का उलंघन

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अनेक सभाओं को संबोधित किया जहां करोना गाइडलाइन का उल्लंघन हुआ, परंतु ऐसी जगहों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाइडलाइन को लेकर कोई बात नहीं कहीं, ना किसी को डांटा, ना किसी को समझाया, ना अधिकारियों को इसके लिए लताड़ा |

    भाजपा कार्यालय दिल्ली में अनेक लोगों ने मास्क नहीं लगाया था और सभी के सभी एक दूसरे के ऊपर चढ़े पड़े है, सट - सट कर खड़े है  - 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार भी कार्यकर्ताओं को ना हीं टोका, ना हीं डांटा, उन्हें उनकी गलती का एहसास भी नहीं कराया |

     

    दिल्ली के भाजपा कार्यालय में जो कुछ हुआ वह इन तस्वीरों में साफ नजर आ रहा है - बिहार में एनडीए की जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा कार्यालय में हजारों कार्यकर्ताओं को संबोधित किया,

    संबोधन के दौरान उन्होंने बिहार की जीत के लिए बिहार की महिलाओं, बिहार के नागरिकों को बधाई दी, उनका आभार माना और बताया कि किस तरह महिलाओं ने बढ़ चढ़कर एनडीए को वोट दिया और वह भी इस कारण कि केंद्र की भाजपा सरकार ने महिलाओं को धुए से निजात दिलाते हुए गैस चूल्हे दिए, बेज्जती से निजात दिलाते हुए शौचालय दिए, करोना काल में कोविड-19 के दौरान मजदूरों को मुफ्त राशन के अलावा मुफ्त ट्रेनों की व्यवस्था कर पैदल चलने से बचाया और घर तक पहुंचाया, इसके अलावा उन्होंने इस जीत के लिए वोटों के प्रतिशत को भी सामने रखा और बताया कि करोना महामारी के बावजूद भी लोगों ने बढ़ चढ़कर मतदान किया|

     

         प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव का जश्न भाजपा के केंद्रीय कार्यालय दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सहित अनेक मंत्रियों नेताओं की उपस्थिति में कार्यकर्ताओं के साथ मनाया | बिहार की जीत के जश्न के दौरान दिल्ली के भाजपा कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार भी करोना कोविड-19 महामारी से बचाव के संबंध में कोई बात नहीं कही | ना तो उन्होंने मास्क की बात की, ना सोशल डिस्टेंसिंग की बात की |

     जनता कर्फ्यू , लॉक डाउन 1 , लॉक डाउन 2 , लॉक डाउन 3 सहित अभी तक लगातार लोगों को मास्क लगाकर घर से निकलने, 2 गज की दूरी का पालन करने, अपने साथ-साथ दूसरों को भी करोना महामारी गाइडलाइन का पालन करने का आव्हान समय-समय पर करते रहे | इस विश्वव्यापी महामारी की भयानकता से निजात पाने के लिए वैक्सीन बनने, उसके परीक्षण, उसकी गुणवत्ता का परीक्षण होने में हो रही देरी के लिए उन्होंने आम जनता से अपील भी की है कि जब तक वैक्सीन नहीं बन जाती तब तक मास्क और 2 गज की दूरी ही वैक्सीन है | इस तरह की जन जागरूकता वाली अपील वह लगातार करते रहे हैं, और करते रहते हैं, परंतु भाजपा कार्यालय दिल्ली में उन्होंने अपने सामने उपस्थित कार्यकर्ताओं को नजदीक से देखा, जिनमें से अनेक लोगों ने मास्क नहीं लगाया था और सभी के सभी एक दूसरे के ऊपर चढ़े पड़े थे, सट - सटकर खड़े होकर मोदी है तो मुमकिन है, मोदी जिंदाबाद, भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाकर मोदी के दम पर बिहार में हुई जीत का जश्न मना रहे थे | परंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार भी कार्यकर्ताओं को नाहीं टोका, नाहीं डांटा, साथ ही उन्हें उनकी गलती का एहसास भी नहीं कराया |

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करोना महामारी , कोविड-19 जैसी भयानक बीमारी से चिंतित हैं, देश अभी तक पटरी पर नहीं आया है, देश की रेलगाड़ियां पटरी पर नहीं उतरी हैं, देश का व्यापार पटरी पर नहीं उतरा है, देश के सभी धार्मिक स्थल पूरी तरह से नहीं खोले गए हैं, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, पर्यटन स्थल, मैरिज हाल सहित अनेक व्यापार अभी भी करोना महामारी गाइडलाइन के कारण पूरी तरह नहीं खुले हैं | आम नागरिकों के लिए कोविड-19 के तहत अभी भी अनेकों बंदीशें हैं | इन सबके बावजूद देश की राजनीतिक पार्टियां अपने अपने राजनैतिक हित के लिए चुनाव के दौरान चाहे बिहार हो, मध्यप्रदेश हो या अन्य प्रदेशों में जहां उपचुनाव हुए हैं सभी जगह चुनावी सभाओं में करोना गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन हुआ, परंतु किसी पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई |

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अनेक सभाओं को संबोधित किया जहां करोना गाइडलाइन का उल्लंघन हुआ, परंतु ऐसी जगहों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाइडलाइन को लेकर कोई बात नहीं कहीं, ना किसी को डांटा, ना किसी को समझाया, ना अधिकारियों को इसके लिए लताड़ा |

     

    इतनी सारी बातों को बताने का हमारा मेन उद्देश्य यह है कि जब राजनैतिक दलों की चुनावी सभाओं में, जीत की खुशी में उमड़ी भीड़ के दौरान करोना महामारी का डर एक किनारे रख दिया जाता है, या यूं कहें कि ऐसे आयोजनों के बावजूद ऐसी जगहों पर उमड़ी भीड़ से करोना नहीं फैल रहा,  देश की राजधानी दिल्ली में केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जश्न मना कर हजारों की भीड़ को संबोधित करना इस बात की ओर इशारा करता है कि अब देश में करोना गाइडलाइन के पालन की कोई आवश्यकता नहीं है |

    जब 5 - 5, 10 -10 हजार लोगों की भीड़ एक साथ हो तब करोना नहीं फैलता तो धार्मिक स्थलों, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, पर्यटन स्थलों जहां एक बार में 200 - 500 या 1000 से ज्यादा लोगों के जुड़ने की, इकट्ठे होने की संभावना नहीं होती, वहां करोना कहां से आएगा ? और यदि इसके बावजूद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धार्मिक स्थलों, सिनेमा हॉल, स्कूल - कॉलेज, पर्यटन स्थलों, रेलगाड़ियों के आवागमन, शादी ब्याह में होने वाले आयोजनों की सीमित संख्या पर यदि छूट नहीं देते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी सभाओं सहित भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय में हजारों कार्यकर्ताओं की भीड़ एकत्रित कर संबोधित करने के लिए माफी मांगनी चाहिए और करोना महामारी कोविड-19 की प्रतिबंधित गाइडलाइन के हटने तक स्वयं भी अपनी पार्टी के पदाधिकारियों और नेताओं - कार्यकर्ताओं सहित गाइडलाइन का पालन करने का आव्हान करें, अन्यथा जिस प्रकार महाराष्ट्र में धार्मिक स्थलों को खोलने के लिए संतो ने आवाज उठाई, पूरा देश आपसे सब कुछ तुरंत सामान्य करने की बात करने लगेगा |

    सुखबीर सिंघोत्रा, स्वतंत्र पत्रकार - सभी फोटो बीजेपी ट्विटर से साभार,

  •  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के साढ़े 13 हजार से अधिक निवेशकों के साथ ओड़िशा,  महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के निवेशकों को भी लौटाई राशि

     ​​​​​​​धनतेरस पर चिटफंड निवेशकों को दिलाया मुख्यमंत्री ने न्याय

     

     

    फर्जी चिटफंड कम्पनी की सम्पत्ति कुर्क कर 
    16 हजार 796 निवेशकों को साढ़े सात करोड़ से ज्यादा वापस

    छत्तीसगढ़ के साढ़े 13 हजार से अधिक निवेशकों के साथ ओड़िशा, 
    महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के निवेशकों को भी लौटाई गई राशि 

        रायपुर, 12 नवम्बर 2020

     निवेशकों से धोखाधड़ी करने वाली एक चिटफंड कम्पनी याल्स्को रियल स्टेट एण्ड एग्रो फार्मिंग लिमिटेड पर सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी सम्पत्ति कुर्क करके निवेशकों को 7 करोड़ 33 लाख रूपए आज लौटा दिए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में निवेशकों के खाते में ऑनलाईन राशि अंतरित की। इस अवसर पर विधायक और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दलेश्वर साहू और छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा और रूचिर गर्ग, अपर मुख्य सचिव गृह सुब्रत साहू, विशेष पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री बघेल पहले ही कह चुके थे कि फर्जी चिटफंड कम्पनियों पर केवल एफआईआर करना पर्याप्त नहीं है। हम उनकी सम्पत्ति कुर्क करके निवेशकों के पैसे लौटाने की दिशा में काम करेंगे। आज धनतेरस के अवसर पर मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर भी अमल के साथ निवेशकों को न्याय मिलना शुरू हो गया है। 

        मुख्यमंत्री श्री बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने फर्जी चिटफंड कम्पनियों पर कार्रवाई कर  निवेशकों को उनकी जमा राशि दिलाने के विषय को अपनी प्राथमिकता में रखा। ऐसे प्रकरणों में प्रगति की समीक्षा मुख्यमंत्री स्वयं लगातार करते हैं। बीते दो वर्षो के कार्यकाल के दौरान शासन ने धोखाधड़ी के मामलों की जांच शुरू करते हुए फर्जी कम्पनियों के खिलाफ एफआईआर करने तथा निवेशकों को राशि लौटाने का सिलसिला शुरू किया था। साथ ही कम्पनी में काम करने वाले स्थानीय युवाओं के खिलाफ दर्ज मामले भी वापस लिए गए। इसी दौरान जन घोषणा पत्र में किए गए वादों से भी आगे बढ़कर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा था कि निवेशकों को न्याय दिलाने के लिए फर्जी कम्पनियों पर कानूनी शिकंजा कसने के साथ-साथ उनकी सम्पत्तियां भी कुर्क करके राशि लौटाई जाएगी।

        राजनांदगांव की चिटफंड कम्पनी याल्स्को रियल स्टेट एण्ड एग्रो फार्मिंग लिमिटेड के विरूद्ध शिकायतें प्राप्त होने पर राजनांदगांव कलेक्टर ने सम्पत्तियों की जानकारी प्राप्त की थी, जिसमें डायरेक्टरों के स्वामित्व की कुल 292.36 एकड़ अचल सम्पत्ति पाई गई। इस भूमि की कुर्की का अंतिम आदेश विशेष न्यायालय द्वारा पारित किया गया था। इसके बाद संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा कुर्क-सम्पत्तियों की नीलामी कराई गई। इस नीलामी से अब तक 8 करोड़ 15 लाख 34 हजार 345 रूपए प्राप्त हुए हैं। राजनांदगांव एवं छुरिया तहसीलों की एक-एक सम्पत्ति की नीलामी अभी शेष है। 

        27 जुलाई 2020 से 20 अगस्त 2020 तक कम्पनी के निवेशकों से दावा आपत्ति प्राप्त की गई। कुल 17 हजार 171 निवेशकों ने 24 करोड़ 75 लाख 47 हजार 337 रूपए का दावा प्रस्तुत किया। आवेदनों की समीक्षा के बाद 16 हजार 796 निवेशकों ने पूरी जानकारी के साथ  दावा प्रस्तुत किया। अब तक सम्पत्तियों की नीलामी से जो राशि प्राप्त हुई है, वह दावा राशि का केवल एक तिहाई। जिला स्तरीय पांच सदस्यीय समिति ने 16 हजार 796 निवेशकों द्वारा प्रस्तुत दावे की राशि का 30 प्रतिशत यानी 7 करोड़ 32 लाख 95 हजार 528 रूपए लौटाने का निर्णय लिया है। अब नीलामी की बचत राशि 82 लाख 38 हजार 817 रूपए शेष रहेगी।

        जिन 16 हजार 796 निवेशकों को राशि लौटाई जा रही है, उनमें 13 हजार 586 छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के हैं। इसी प्रकार 197 ओड़िशा के, 2971 महाराष्ट्र के और 42 निवेशक मध्यप्रदेश के हैं। इन निवेशकों के खाते में एन.ई.एफ.टी. के माध्यम से राशि स्थानांतरित की गई। 

    विगत दो वर्षों में चिटफण्ड कंपनियों से वसूली गई 9 करोड़ से अधिक की राशि

        मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा चिटफंड कंपनी संचालकों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं। इसी क्रम में विगत 02 वर्षों में कुल 34 कंपनियों के विरूद्ध धोखाधड़ी की शिकायत प्राप्त होने पर 63 प्रकरण दर्ज कर सख्त कार्यवाही करते हुये 43 डायरेक्टरों, 08 पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर तत्काल न्यायालय प्रस्तुत किया गया। विगत 02 वर्षों में वर्ष 2018 के पूर्व के प्रकरणों में से कुल 43 प्रकरणों के 80 आरोपियों को अन्य राज्यों से गिरफ्तार कर लाया गया है, जिनमें मध्यप्रदेश के 39 आरोपी, महाराष्ट्र के 09 आरोपी, राजस्थान के 05 आरोपी, ओड़िशा के 09 आरोपी, दिल्ली के 07 आरोपी, पश्चिम बंगाल के 02 आरोपी, उत्तर प्रदेश के 07 आरोपी, बिहार के 02 आरोपी शामिल हैं। 

        राज्य में वर्ष 2018 तक किसी भी कंपनी की संपत्ति की नीलामी नहीं किया गया था और न ही कोई राशि जप्त की गई थी। वर्ष 2019 में पुलिस द्वारा चिटफण्ड कंपनियों एवं उनके डायरेक्टरों की चल-अचल सम्पत्ति के पहचान की लगातार कार्यवाही करके कुल 123 प्रकरणों मंे कुर्की की कार्यवाही हेतु जिला कलेक्टर को प्रतिवेदन भेजा गया। जिला कलेक्टरों द्वारा 29 अनियमित वित्तीय संस्थानों, डायरेक्टरों की सम्पत्ति को कुर्की का अंतिम आदेश हेतु न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। इसमें से अब तक 17 प्रकरणों में न्यायालय द्वारा कुर्की का अंतिम आदेश पारित कर नीलामी, वसूली की कार्यवाही कर 09 करोड़ 04 लाख 40 हजार 220 रूपये शासन के खाते में जमा की गई। कुल 10 निवेशकों को कुल 22 लाख 94 हजार 243 रूपये वापस की गई। 02 प्रकरणों में नीलामी वसूली की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।  84 प्रकरणों में जिला कलेक्टर द्वारा कुर्की का अंतरिम आदेश हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।


    एजेंटों को राहत- 

        एजेंटों के प्रति शासन पूर्ण संवेदनशील है। पूर्व में स्थानीय एजेंटों को अपराधी बना दिया था, परन्तु वर्ष 2019 के बाद गिरफ्तार किये गये स्थानीय एजेंटों को 59 प्रकरणों में 104 एजेंटों को न्यायालय में शासकीय गवाह बनने हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत कराया है। विवेचनाधीन प्रकरणों में 42 प्रकरणों में 130 एजेंटों को शासकीय गवाह बनाया गया है।

  • जुनियर और सीनियर हिन्दी अनुवादक परीक्षा 19 नवम्बर को
    जुनियर और सीनियर हिन्दी अनुवादक परीक्षा 19 नवम्बर को


    रायपुर 12 नवंबर 2020/कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जुनियर हिन्दी अनुवादक, जुनियर अनुवादक और सीनियर हिन्दी अनुवादक परीक्षा-2020 ( टायर-II) 19 नवम्बर को आयोग द्वारा निर्धारित एक परीक्षा केन्द्र में संचालित की जाएगी। परीक्षा के सुचारू संचालन हेतु श्रीमती पूनम शर्मा ,डिप्टी कलेक्टर एवं परीक्षा प्रभारी अधिकारी रायपुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
     

  • साहू समाज के सामाजिक कार्य लोगों के लिए प्रेरणादायक: हिरवानी
    रायपुर। प्रदेश साहू संघ द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्ति जनजागरण महाअभियान का दूसरा चरण सरगुजा संभाग से शुरु हुआ। जशपुर जिले के बगीचा, बलरामपुर जिले के रामानुजगंज और सरगुजा में लगातार तीसरे दिन प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन हिरवानी के नेतृत्व में चरणबद्ध पदयात्रा का आयोजन किया गया। प्रदेश साहू संघ के मीडिया प्रकोष्ठ के संयोजक कौशल स्वर्णबेर ने बताया कि रामानुजगंज में आयोजित कार्यक्रम में राज्य गौसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि नशा, नाश का सबसे बड़ा कारण है इसलिए इससे दूर रहना ही लोगों के लिए हितकर है। उन्होंने कहा कि नशा न सिर्फ एक घर, एक परिवार को खराब करता है बल्कि पूरे समाज को खराब करने अपनी भूमिका निभाता है। इसलिए जितना हो सके नशे से दूर रहें। प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन हिरवानी ने कहा कि साहू समाज ने समाज सुधार की दिशा में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आज पूरे छत्तीसगढ़ में न सिर्फ प्रदेश सरकार बल्कि अन्य समाज के लोगों द्वारा किया जाने वाले सामूहिक विवाह की शुरुआत सबसे पहले साहू समाज द्वारा की गई थी। यह आज सभी समाजों के महत्वपूर्ण सामाजिक आयोजनों में शामिल हो गया है। कार्यकारी अध्यक्ष शांतनु साहू ने कहा कि साहू समाज नशामुक्ति जनजागरण अभियान के माध्यम से समाज सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसका तात्कालिक परिणाम भले ही न दिखे लेकिन आगे इसका सुखद परिणाम होगा हमें पूरा विश्वास है। अभियान के संयोजक आैर युवा प्रकोष्ठ के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप साहू ने कहा कि युवाआें को नशे से दूर करना ही इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। नशा सस्ता आैर या महंगा हर वर्ग के लोगों को आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इसलिए इसके खिलाफ अभियान बहुत जरूरी है। बगीचा में आयोजित सभा में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा बनारसी लाल गुप्ता, लक्ष्मी गुप्ता,नंदलाल गुप्ता, प्रयागराज साहू, कमलकांत साहू तथा रामानुजगंज में आयोजित सभा आैर पदयात्रा में मध्य प्रदेश तैलिक साहू महासभा के उपाध्यक्ष लखन साहू, गढ़वा जिला झारखंड के उदय गुप्ता, लक्ष्मी गुप्ता, रमेश साहू, राम सेवक गुप्ता, संतोष गुप्ता, चन्द्रभूषण गुप्ता, अविनाश गुप्ता, विनीत गुप्ता, चमरू प्रसाद गुप्ता, बंशीधर गुप्ता, महेंद्र गुप्ता के साथ रामानुजगंज बलरामपुर जिले एवं तहसील के साहू समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पदयात्रा के साथ संकल्प भी दिलाया कार्यक्रम के दौरान चरणबद्ध पदयात्रा का आयोजन किया गया। जिसके तहत रामानुजगंज-बलरामपुर में समाज के लोगों ने कदम से कदम मिलाकर नशे खिलाफ रैली निकालकर लोगों को जागरुक किया। इस कार्यक्रम में उपस्थित समाजिक जनों को जागरूक करते हुए नशा मुक्ति हेतु संकल्प भी दिलाया गया।
  • US Election Results: पढ़िए अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में अब तक क्या-क्या हुआ

    डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बाइडेन राष्ट्रपति बनने के जादुई आंकड़े जो कि 270 है उसके बेहद करीब हैं, लेकिन अभी भी पेंसिल्वेनिया जैसे कई महत्वपूर्ण राज्यों में गिनती जारी है जो कि खेल पलट सकता है और ट्रंप को वापस रेस में ला सकता है.

    अमेरिका में इस वक्त राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है. अधिकतर राज्यों में गिनती पूरी हो गई है लेकिन जिन राज्यों में गिनती चल रही है, वहां के इलेक्टोरल वोट पूरे नतीजे को बदल सकते हैं. अब देखना होगा कि अमेरिका का अगला राष्ट्रपति कौन होता है जो बाइडन या डोनाल्ड ट्रंप ? आइए जानते हैं अब तक क्या क्या हुआ है

     

    1- डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बाइडेन राष्ट्रपति बनने के जादुई आंकड़े जो कि 270 है उसके बेहद करीब हैं, लेकिन अभी भी पेंसिल्वेनिया जैसे कई महत्वपूर्ण राज्यों में गिनती जारी है जो कि खेल पलट सकता है और ट्रंप को वापस रेस में ला सकता है.

     

    2-ट्रंप ने बुधवार रात को घोषणा की कि वह मतगणना पर विवाद की वजह से अदालत का रुख करेंगे. राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान के तीन दिन के बाद पेंसिल्वेनिया में मतपत्रों की गिनती के खिलाफ ट्रंप कोर्ट गए हैं.इसके अलावा भी ट्रंप ने कई अन्य राज्यों में गिनती के खिलाफ कोर्ट का रुख किया है.

     

    3- वोटो की गिनती में अभी और समय लग सकता है क्योंकि लाखों मेल-इन मतपत्रों की गिनती अभी भी की जा रही है और इसे पूरा होने में समय लगेगा. अभी भी 9 राज्य ऐसे हैं जहां वोटों की गिनती जारी है.

     

    4- अमेरिका के इतिहास में ये राष्ट्रपति चुनाव अब तक का सबसे क्लोज फाइट वाला चुनाव है. इससे पहले 1824 में जॉन क्विंसी एडम्स ने हाउस ऑफ रिप्रसेंटेटिव में जीत हासिल की थी जब किसी भी उम्मीदवार को इलेक्टोरल कॉलेज में क्लियर बहुमत नहीं मिला था. 2000 में जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने अल गोर को 271-267 से हराया था.

     

    5- अंतिम परिणाम अभी आना बाकी है लेकिन जो बिडेन ने पहले ही अमेरिका के इतिहास में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार द्वारा प्राप्त सबसे अधिक वोटों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. उन्हें 72,048,770 वोट अब तक मिले हैं, उन्होंने बराक ओबामा का रिकॉर्ड तोड़ा है जिन्हें 2008 में 66,862,039 मिले थे.

     

    6-पांच महिलाओं सहित एक दर्जन से अधिक भारतीय-अमेरिकियों ने राज्य स्तरीय चुनाव जीते हैं. यह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए चार भारतीय-अमेरिकियों के अलावा हैं जिनमें डॉ अमी बेरा, प्रमिला जयपाल, रो खन्ना और राजा कृष्णमूर्थी शामिल हैं.

     

    7- जिस पार्टी से बाइडेन आते हैं उसी पार्टी यानी डेमोक्रेट के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के दौर में ही 1998 में भारत पर पाबंदिया लगाई गयी थीं. उस दौरान भारत में एनडीए सरकार थी यह पाबंदी वाजपेयी सरकार का परमाणु परीक्षण का फैसला लेने की वजह से लगाई गई थी.ऐसे में बाइडेन के राष्ट्रपति बनने पर भारत के लिए कई मुद्दों पर उतार-चढ़ाव नजर आता है. कई मामलों में बाइडेन से भारत को लाभ मिलेगा तो कई मामलों पर बाइडेन की नीतियां भारत के लिए फायदेमंद साबित नहीं होगी.

     

    8- 435 सीटों वाले चैंबर में डेमोक्रेट ने 204 सीटों के साथ रिपब्लिकन पर मामूली बढ़त हासिल की है. सदन में बहुमत के लिए एक पार्टी को 218 सीट की जरूरत है. सुबह 10 बजे (IST) के ताजा खबरों के मुताबिक रिपब्लिकन 190 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थे.

  • Arnab Goswami Arrested: रिपब्लिक टीवी के फाउंडर अर्नब गोस्वामी गिरफ्तार, जानें क्या है मामला

    आज तड़के सुबह अर्नब को उनके घर से गिरफ्तार किया गया. इस दौरान अर्नब ने आरोप लगाया कि मुंबई पुलिस ने उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की है. अर्नब को अलीबाग के कोर्ट में पेश किया जाएगा.

    मुंबई: आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में रिपब्लिक टीवी के फाउंडर व कर्ता धर्ता अर्नब गोस्वामी को रायगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. तड़के सुबह साढ़े 6 बजे रायगढ़ पुलिस और मुम्बई पुलिस की एक टीम अर्नब गोस्वामी के घर पहुंची और हिरासत में लिया. अर्नब को घर से हिरासत में लेकर स्थानीय NM जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में कागज़ी कार्यवाही पूरा करने की जिम्मेदारी एनकाउंटर स्पेसलिस्ट सचिन वज़े को सौंपी गई थी.

     

    क्या है मामला?
    आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला मई 2018 का है. जब 53 साल के अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद नाइक ने अलीबाग के अपने बंगले में खुदकुशी कर ली थी. खुदकुशी के लिए अन्वय नाइक ने एक पत्र में 3 लोगों को जिम्मेदार ठहराया था. अन्वय के सुसाइड पत्र के मुताबिक अर्नब गोस्वामी, फिरोज शेख और नितैश सारडा को जिम्मेदार बताते हुए लिखा था कि मेरे मेहनताने के 5 करोड़ 40 लाख रुपए नहीं मिले, जिसकी वजह से कर्ज में डूबा हूं.

     

    अन्वय नाइक कॉन्कर्ड डिज़ाइन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर थे. अन्वय की मां, कुमुद नाईक भी कंपनी में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में थीं. कॉन्कर्ड डिज़ाइन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने रिपब्लिक टीवी के स्टूडियो और दफ्तर के डिज़ाइन का काम किया था. अन्वय नाइक की पत्नी के मुताबिक, इस काम के बदले कॉन्कर्ड डिज़ाइन कंपनी ने जो बिल दिया था, उसका भुगतान रिपब्लिक टीवी ने नहीं किया. अन्वय के सुसाइड नोट के मुताबिक 5 करोड़ 40 लाख रुपए का भुगतान नहीं करने से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ और आर्थिक तंगी की हालत हो गई. उस वक़्त रिपब्लिक टीवी ने यह स्पष्ट किया था की कॉन्कर्ड डिज़ाइन के साथ हुए करार के मुताबिक उन्हें पूरा भुगतान किया गया था.

     

    इस खुदकुशी के बाद अन्वय की पत्नी की शिकायत और सुसाइड नोट के आधार पर अलीबाग पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था. पर्याप्त सबूत नहीं मिलने और आरोपों में तथ्य न मिलने से रायगढ़ पुलिस ने केस की क्लोजर रिपोर्ट फ़ाइल कर दी थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया था. मई 2020 में महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने अन्वय नाइक की बेटी अदन्या नाइक की लिखित शिकायत पत्र के आधार पर एक बार फिर केस की जांच शुरू करने के आदेश दिए और मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया.

     

    आज तड़के सुबह अर्नब को उनके घर से गिरफ्तार किया गया. इस दौरान अर्नब ने आरोप लगाया कि मुंबई पुलिस ने उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की है. अर्नब को अलीबाग के कोर्ट में पेश किया जाएगा.

  • स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में केंद्र के पैसों का दुरूपयोग - भाजपा

    स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में केंद्र के पैसे के दुरूपयोग का मुद्दा उठाएगी भाजपा - श्रीचंद

    6 नवंबर को होने वाले नगर निगम की सामान्य सभा में जनता के मुद्दों को प्रखरता से उठाने के लिए पार्षद दल की रणनीतियां बनी
     

    महापौर के एकला चलो की नीति,व मनमाने पूर्ण रवैये के खिलाफ  पुरजोर विरोध करेगी भाजपा पार्षद दल

    रायपुर !  भाजपा कार्यालय में भारतीय जनता पार्टी  रायपुर जिला द्वारा रायपुर के पार्षदों की बैठक जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी की अध्यक्षता में आहूत की गई थी  ।
       6 नवंबर को होने वाले नगर निगम की सामान्य सभा में जनता के मुद्दों को प्रखरता से उठाने के लिए पार्षद दल की रणनीतियां बनी।
     बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने कहा कि स्मार्ट सिटी में केंद्र का पैसा आ रहा है परंतु इसके किसी भी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी व केंद्रीय नेतृत्व को श्रेय नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी लगातार भीड़ भरी सभाएं,  और जन्मदिन मना रहे और  यहां कोरोना का बहाना करके सामान्य सभा 9 महीने में करवा रहे हैं । जबकि नियम है कि सामान्य सभा प्रत्येक 2 माह में होनी चाहिए।
        बैठक को वरिष्ठ पार्षद सूर्यकांत राठौर, मीनल चौबे,मृत्युंजय दुबे, मनोज वर्मा, प्रमोद साहू, सरिता वर्मा ने संबोधित करते हुए बताया कि दीपावली निकट है पर शहर की अधिकतर स्ट्रीट लाइट बंद है।  शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और वार्डों में सफाई कर्मचारियों का भेदभाव पूर्ण, असमान वितरण हुआ है । कांग्रेस पार्षदों के वार्ड में ,छोटा होने के बावजूद ज्यादा सफाई कर्मी और भाजपा  पार्षदों के बड़े वार्ड में  कम सफाई कर्मी लगाए गए हैं।
      भाजपा पार्षदों ने महापौर की खामियों को गिनाते हुए कहा कि उनकी जानकारी व सहमति के बिना महापौर द्वारा पार्षद निधि में कटौती किए जाने व कोरोना काल में उनका अनाज किसको और कब बांट दिया है इसकी जानकारी ना होने पर सामान्य सभा में कड़े विरोध करने का निर्णय लिया है।
        बैठक में सभी भाजपा  पार्षदों ने एक स्वर में महापौर की एकला चलो की नीति व मनमानी पूर्ण रवैए के खिलाफ सामान्य सभा में ताकत से विरोध करने का निर्णय लिया।
      बैठक में कमलेश्वरी शर्मा, नारद कौशल, टेसू साहू, सुशीला धीवर, विश्वदिनी पाण्डेय, तिलक भाई पटेल, विनोद अग्रवाल, गोदावरी साहू, कामिनी देवांगन, सुनील चंद्राकर, रजियंत ध्रुव, भोलाराम साहू, सुमन राम प्रजापति, रोहित साहू, दीपक जैसवाल, मधु चंद्रवंशी, सरिता दुबे, सीमा कंदोई, रवि कुमार ध्रुव, सावित्री साहू, चंद्रपाल धनगर, राजेश ठाकुर पार्षद उपस्थित थे 

  • *CG24 न्यूज की खबर का हुआ असर : 24 घंटो के अंदर डिस्चार्ज किये गए कोरोना मरीज को मिली राहत
    *CG24 न्यूज की खबर का हुआ असर : 24 घंटो के अंदर डिस्चार्ज किये गए कोरोना मरीज को खबर लगते ही जिला कोविड अस्पताल में किया भर्ती बिलासपुर सी एम ओ प्रमोद महाजन ने खबर पर लिया संज्ञान* *सी जी 24 न्यूज की खबर पर सी एम ओ व संभागीय कोविड 19 प्रभारी प्रमोद महाजन ने दिखाई तत्परता* *क्या था पूरा मामला* सिम्स से कोरोना पॉजिटिव युवक को 24 में डिस्चार्ज कोरोना नोडल अधिकारी आरती पांडेय का कारनामा इस खबर को पढ़ते ही तुरंत डॉ प्रमोद महाजन ने आइसोलेशन सेंटर एम्बुलेंस भेज उसलापुर निवासी युवक राहुल सिंह को जिला कोविड अस्पताल में वापस किया गया भर्ती अब देखने वाली बात होगी कि सिम्स कोरोना नोडल अधिकारी पर सी एम ओ कोई कार्यवाही करते है अथवा नही । उल्लेखनीय है कि एक करोना मरीज ने CG 24 News से अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए सहयोग मनगा था| कोरोना पॉजिटिव आये युवक 24 घंटो में ही डिस्चार्ज सिम्स अस्पताल से आइसोलेशन सेंटर में किया गया शिफ्ट सिम्स कोरोना नोडल अधिकारी आरती पाडेय ने किया डिस्चार्ज मरीज को सास लेने में हो रही थी परेशानी बिलासपुर-कोरोना मरीजों की संख्या के साथ-साथ सरकारी बेपरवाही बढ़ती जा रही है। कोविड-19 सेंटरों से मरीजों को एक दिन में किया जा रहा डिसचार्ज वह भी बिना जांच किए कि मरीज निगेटिव हुआ या नहीं। ठीक उसी तरह जैसे सजा पूरी होने पर व्यक्ति को जेल से रिहा कर दिया जाता है। गाइडलाइन का हवाला दिया जा रहा है, लेकिन यह लापरवाही घातक साबित हो सकती है। दूसरों के लिए तो संक्रमण का खतरा है ही, इसके साथ मरीजों की जान पर भी यह भारी पड़ सकती है। कुछ ऐसा वाक्या आज बिलासपुर के सबसे बड़े अस्पताल सिम्स में घटा, जहां राहुल सिंह नामक युवक जो उसलापुर का निवासी है कोरोना पॉजिटिव आने पर सिम्स अस्पताल में भर्ती हुआ था पर एक दिन में ही सिम्स की नोडल अधिकारी व पी आर ओ आरती पांडेय ने मरीज को आइसोलेशन सेंटर भेज दिया। और डिसचार्ज नियमो का हवाला देते हुए मरीज से बत्तमीजी से बात करते हुए जबरन आइसोलेशन सेंटर शिफ्ट कर दिया । जबकि मरीज उनसे अपनी परेशानी बार बार कहता रहा कि उसे सास लेने में प्रॉब्लम हो रही है | मरीज का साफ तौर पर कहना था है जब उसे अस्पताल में नही रखा जा सकता तो उसे होम आइसोलेशन में रहने दिया जाए लेकिन यहां लगता है कि सरकार से पैसे कमाने उसे जबरजस्ती आइसोलेशन सेंटर में रखा जा रहा। सिम्स की स्थित सुधरने का नाम नही लेती ऐसे कई मामले उजागर हो चुके है लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। भारत में डिस्चार्ज नीति भारत में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों को हल्के या बहुत हल्के मामले, थोड़े गंभीर मामले और अत्यधिक गंभीर मामलों की श्रेणी में विभाजित किया है। पहली कैटेगरी के मरीजों को लगातार तीन दिन तक बुखार नहीं आने पर संक्रमण के 10 दिन बाद डिस्चार्ज किया जाता है। उनका कोरोना वायरस टेस्ट करना भी आवश्यक नहीं होता। इन मरीजों को डिस्चार्ज के बाद सात दिन होम क्वारंटाइन में रहना पड़ता है। दूसरी कैटेगरी के मरीजों को ए और बी कैटेगरी में बांटा गया है। ए कैटेगरी के मरीजों का बुखार यदि पहले तीन दिन में ठीक हो जाए और चार दिन तक ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत नहीं पड़े तो उसे 10 दिन बाद बिना टेस्ट के डिस्चार्ज किया जा सकता है। बी कैटेगिरी के मरीजों को शुरू के तीन दिन बुखार रहने और ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत होने पर पूरी तरह से स्वस्थ होने पर बिना टेस्ट के छुट्टी दी जाती है। नोडल अधिकारी आरती पांडेय का मरीज से इस तरह से बात करना उस पर चिल्लाना अशोभनीय मन्नू मानिकपुरी संवाददाता बिलासपुर
  • कांग्रेस की सत्ता आते ही विकास थम गया है और राजधानी से लेकर सुदूर अंचलों तक मफिया राज कायम हो गया है

    कांग्रेस का जंगल राज, माफिया को मिली सरकारी जमीनों की लूट की छूट - भाजपा

    बिना किसी उच्च स्तरीय संरक्षण के राजधानी में सरकारी जमीन पर इस तरह कब्जा कर उसे कैसे बेचा जा सकता है ?

    राज्य में रेत से लेकर शराब और भूमाफिया की समानांतर सत्ता चल रही है - अजय चंद्राकर

    रायपुर। राजधानी रायपुर में भूमाफिया द्वारा करीब 20 करोड़ रुपए कीमत की सरकारी जमीन भूमाफिया द्वारा बेच दिए जाने का मामला सामने आने पर पूर्व मंत्री व विधयक एवं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय चंद्राकर ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ में जंगलराज चला रही है। कांग्रेस की शह पर माफिया को सरकारी जमीन लूटने की छूट मिली हुई है। कोटा गुढ़ियारी इलाके में सरकारी जमीन बेचने का मामला इसी संस्कृति का एक उदाहरण है।

     भाजपा प्रवक्ता अजय चंद्राकर ने कहा है कि बिना किसी उच्च स्तरीय संरक्षण के राजधानी में सरकारी जमीन पर इस तरह कब्जा कर उसे कैसे बेचा जा सकता है? राज्य में रेत से लेकर शराब और भूमाफिया की समानांतर सत्ता चल रही है। कौड़ियों के दाम सरकारी जमीन बेचने का रास्ता इस सरकार ने दिखाया और भूमाफिया ने कांग्रेस की नीति और नीयत को बखूबी समझते हुए सरकारी जमीन बेचना शुरू कर दिया। यह तो एक बानगी है जो राजधानी में सामने आ गई। बीते दो साल में राज्य में इस तरह कितनी सरकारी जमीन पर डाका डाला गया है, उसके आंकड़े सामने आने पर पता चलेगा कि सुनहरे ख़्वाब दिखाकर सत्ता में आई कांग्रेस जनहित का एक भी काम करने के बजाय केवल लूट खसोट की संस्कृति को ही बढ़ावा देती रही है।
    भाजपा प्रवक्ता अजय चंद्राकर ने कहा है कि जब से राज्य में कांग्रेस सत्ता में आई है, तब से छत्तीसगढ़ का विकास पूरी तरह से थम गया है और राजधानी से लेकर सुदूर अंचलों तक मफिया राज कायम हो गया है।

  • बिहार चुनाव: दूसरे चरण में 495 प्रत्याशी करोड़पति, अमीर प्रत्याशियों की सूची में कांग्रेस नंबर वन

    दूसरे चरण के मतदान में कुल प्रत्याशियों की संख्या 1463 है जिनमें से 495 प्रत्याशी यानी 34% करोड़पति है इनकी औसत संपत्ति 1.72 करोड़ है पार्टी के हिसाब से देखें तो औसत संपत्ति के मामले में कांग्रेस सबसे टॉप पर है,

    पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के अमीर प्रत्याशियों की लंबी फेहरिस्त है. इलेक्शन वॉच के सर्वे के आधार पर नामांकन के दौरान प्रत्याशियों द्बारा दी गई जानकारी के अनुसार इस चरण में अमीर प्रत्याशियों की सूची में कांग्रेस सबसे उपर है. इस चरण में 94 सीटों के लिए मतदान होना है जिसमें कुल 1463 प्रत्याशी चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमाएगें, इन प्रत्याशियों में अमीर प्रत्याशियों की सूची बहुत लंबी है.

     

    अमीर प्रत्याशियों की औसत संख्या

     

    दूसरे चरण के मतदान में कुल प्रत्याशियों की संख्या 1463 है जिनमें से 495 प्रत्याशी यानी 34% करोड़पति है इनकी औसत संपत्ति 1.72 करोड़ हैपार्टी के हिसाब से देखें तो औसत संपत्ति के मामले में कांग्रेस सबसे टॉप पर है, इसके 24 प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 10.25 करोड़ है वहीं जेडीयू के 43 प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 4.5 करोड़ है तो आरजेडी के 56 प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 4.82 करोड़ है, एलजेपी की बात करें तो 52 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 3.86 करोड़ है वहीं बीजेपी के 46 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 3.44 करोड़ और बीएसपी के 33 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 1.30 करोड़ है.

     

    करोड़पति प्रत्याशी में कांग्रेस टॉप पर

     

    इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के अनुसार करोड़पति प्रत्याशियों में टॉप थ्री में कांग्रेस के दो और आरजेडी के एक प्रत्याशी मैदान में है जिनमें वैशाली के कांग्रेस प्रत्याशी संजीव सिंह के पास सबसे ज्यादा 56 करोड़ की संपत्ति है, वहीं बीजेपी से तीन गुना अधिक अमीर कांग्रेस के उम्मीदवार हैं वहीं पार्टी के हिसाब से बीजेपी के 46 में से 39, कांग्रेस के 24 में से 20 आरजेडी के 56 में से 46, जदयू के 43 में से 35 लोजपा के 52 में से 38 और बीएसपी के 33 में से 11 उम्मीदवार करोड़पति हैं जिनकी घोषित संपत्ति 1 करोड़ से अधिक है. कांग्रेस के 24 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 10.25 करोड़ जेडीयू के 43 की 4.95 करोड़ आरजेडी के 56 की 4.82 करोड़ बीजेपी के 46 प्रत्याशियों की 3.44 करोड़ है.

  • पीएम मोदी ने देश की पहली सी-प्लेन सेवा को दिखाई हरी झंडी, केवड़िया से साबरमती तक भरी उड़ान

    पीएम मोदी केवड़िया से साबरमती तक जाने के लिए सी-प्लेन में सवार होकर रवाना हुए. यह सी-प्लेन अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट को केवड़िया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से जोड़ता है.

    केवड़ियाः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती पर देश के पहले सी-प्लेन प्रोजेक्ट की शुरुआत की है. पीएम मोदी ,केवड़िया से साबरमती तक जाने के लिए सी-प्लेन में सवार होकर रवाना हुए. यह सी-प्लेन अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट को केवड़िया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से जोड़ता है.

     

    सी- प्लेन की सेवा रोजाना पर्यटकों के लिए अहमदाबाद से केवड़िया और केवड़िया से अहमदाबाद के बीच उपलब्ध होगी.

    सी-प्लेन की उड़ानें स्पाइसजेट की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी स्पाइस शटल द्वारा संचालित की जाएंगी. शुरुआती तौर पर आज से अहमदाबाद-केवड़िया मार्ग पर दो दैनिक उड़ानें संचालित करेगा. अहमदाबाद से प्रतिदिन सुबह 10:15 बजे सी-प्लेन उड़ेगा और 10:45 पर केवड़िया पहुंचेगा. केवड़िया से प्रतिदिन सीप्लेन 11:45 पर उड़ेगा और 12:15 पर अहमदाबाद पहुंचेगा. यही सीप्लेन प्रतिदिन 12:45 पर दोबारा अहमदाबाद से उड़ेगा और दोपहर 1:15 पर केवड़िया पहुंचेगा. केवड़िया से ये फिर से दोपहर 3:15 पर उड़ेगा और 3:45 पर अहमदाबाद पहुंचेगा.

     

    3 हजार रुपये होगा किराया
    अहमदाबाद से केवड़िया और केवड़िया और अहमदाबाद दोनों तरफ का कुल किराया 3000 रुपये तय किया गया है. एक तरफ का किराया 1500 रुपये रखा गया है. 30 अक्टूबर से ऑनलाइन टिकट की बुकिंग शुरू हो गई है. इन उड़ानों के लिए 15 सीटर ट्विन ओटर 300 विमानों का इस्तेमाल होगा.

     

    दुनियाभर में लोकप्रिय है सेवा
    सी-प्लेन में पानी से उतरने और टेक-ऑफ करने की क्षमता होती है, जिससे ऐसे क्षेत्रों तक पहुंच होती है, जिनमें लैंडिंग स्ट्रिप्स या रनवे नहीं होते हैं. ट्विन ओटर 300 सबसे सुरक्षित और सबसे लोकप्रिय सी-प्लेन है. ये दुनियाभर में सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले विमानों में से एक है.

     

    2017 में पीएम मोदी ने सी-प्लेन में किया था सफर
    पीएम मोदी ने पहली बार साल 2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान सी प्लेन का सफर किया था. तब भी उन्होंने साबरमती रिवरफ़्रंट से उड़ान भरी थी. तब पीएम मोदी साबरमती रिवरफ़्रंट से उड़ान भरकर 49 किलो मीटर दूर धरोई डैम पहुंचे थे. वहां पीएम ने मशहूर अम्बा देवी के दर्शन किए थे और फिर सी-प्लेन से वापस साबरमती रिवरफ़्रंट पर लैंडिंग की थी. तब पीएम मोदी के सी-प्लेन से सफर करने को लेकर काफी सियासत भी हुई थी.