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  • राज्य सरकार के नाकारेपन और स्तरहीन राजनीति के कारण श्रमिक बंधुओं का हो रहा नुकसान : भाजपा

    राज्य सरकार के नाकारेपन और स्तरहीन राजनीति के कारण श्रमिक बंधुओं का हो रहा नुकसान : भाजपा

    प्रदेश के ग़रीब को कल्याण से वंचित रखने का कुचक्र रचा है कांग्रेस ने : सुंदरानी


    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को गरीब कल्याण योजना से अलग रखे जाने के मामले पर भी कांग्रेस अपनी अक्षमता का ठीकरा भाजपा पर फोड़ने झूठ का जाल बुनने में लगी है। श्री सुंदरानी ने कहा कि आदतन झूठे कांग्रेस के लोग गरीबी रेखा के आंकडें को आधार बता रहे हैं इस योजना का। जबकि सच यह है कि प्रदेशों में आये श्रमिकों की संख्या के आधार पर इस योजना में राज्यों का चयन किया गया है न कि गरीबों की संख्या पर। सुंदरानी ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्र के आधार पर योजनायें बनती हैं, हर योजना हर राज्य में लागू हो, ऐसा नहीं होता, यह कांग्रेस भी बेहतर जानती है। देश के 37 राज्यों में से मात्र 6 राज्य में यह योजना प्रवासी श्रमिकों के आंकड़े के आधार पर लागू की गयी है। हालांकि अगर कांग्रेस अपनी स्वाभाविक अक्षमता नहीं दिखाती और झूठ का आंकड़ा नहीं बुनती तो निश्चय ही छत्तीसगढ़ में भी यह लागू हो सकती थी।
    भाजपा प्रवक्ता सुंदरानी ने कहा कि कांग्रेस के हर आंकड़े हाथी की दांत की तरह दिखाने और खाने के और होते हैं। वाहवाही लूटने के लिए इसने प्रवासी श्रमिकों के आंकड़े काफी कम बताये ताकि इसकी कथित विकास के पोल न खुल जाए इससे। लोग सवाल पूछते कि अगर ऐसा काम कर रहे तो पलायन क्यों हो रहा, तो दिल्ली में डींगें हांकने के अलग आंकड़े और प्रदेश में कुछ और तस्वीर दिखाना, इसी पैंतरेबाजी के कारण भूपेश बघेल ने प्रदेश का बंटाधार किया हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी अक्षमता का आलम यह है कि इस योजना के लिए बनायी गयी कमिटी के समक्ष शर्म से कोई आंकड़े इसने दिए ही नहीं। पश्चिम बंगाल, केरल और छत्तीसगढ़ ने इस तरह अपने प्रदेशों में इस योजना को लागू नहीं होने दिया ताकि बाद में मजदूरों की भूख पर अपनी रोटी सेंक सकें।
    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्री सुंदरानी ने कहा कि लोकसभा के माध्यम से केंद्र सरकार ने 2020 में राज्य की कांग्रेस सरकार से पूछा था कि छत्तीसगढ़ से कितने लोगों (प्रवासी मजदूरों) ने देश के अन्य राज्यों में पलायन किया है? राज्य सरकार बताया कि मात्र सवा लाख प्रवासी मजदूर राज्य से बाहर काम करने गए हैं जबकि लौटकर आने वाले प्रवासी श्रमिकों की संख्या लगभग पाँच लाख आँकी जा रही है। राज्य सरकार की इसी तरह झूठ बोल-बोल कर परेश का नुकसान करती रही है।
    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्री सुंदरानी ने  कहा कि पहले कांग्रेस ने झूठ फैलाया कि क्योंकि कांग्रेस शासित राज्य है छत्तीसगढ़, इसलिए उसे इस योजना में शामिल नहीं किया गया है। भाजपा द्वारा यह जवाब देने पर कि फिर राजस्थान में 22 जिले कैसे शामिल कर लिए गए, कांग्रेस के झूठ की पोल खुल गयी तो फिर नए आरोप के साथ आयी कि क्योंकि बिहार में चुनाव है इसलिए यह योजना लागू की गयी। इसका भी जवाब भाजपा ने देते हुए सवाल पूछा गया कि क्या झारखंड और ओडिशा में भी चनाव है? वहां कैसे यह योजना लागू की गयी तो हर बार बिना शर्म किये नए नए आरोप गढ़ने में माहिर कांग्रेस अब कुछ और आरोपों के साथ आयी है क्योंकि कहने के लिए इस अक्षम सरकार के पास कुछ नहीं है। कांग्रेस और उसकी नाकारा सरकार को न तो प्रदेश के विकास से कोई सरोकार है, न यहाँ के लोगों के कल्याण की उसे फ़िक्र है और न ही वह प्रवासी मज़दूरों के प्रति संवेदनशील है।
    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्री सुंदरानी ने  कहा कि हर मामले में कांग्रेस झूठ बोलने और दोहरे आचरण की आदी हो गयी है। केंद्र से सहायता मांगने समय अपनी हालत ख़राब बताना और भाषणों में प्रदेश को नंबर वन बताना इसकी आदत हो गयी है। अभी कोरोना काल में भी इसने बार-बार यही किया। एक तरफ केंद्र सरकार को बता रही है कि सवा लाख मजदूर प्रवास पर गए हैं और दूसरी तरफ यह दावा भी कर रही है कि 10 लाख से अधिक लोगों को क्वारेंटाइन किया जा चुका है। अभी केंद्र को चिट्ठी लिखा कि ‘अन्न योजना’ को तीन महीने बढाया जाय, जब मोदी जी ने पूरे देश के लिए स्वतः स्फूर्त इसे पांच महीने बढ़ा दिया तो अब कह रही है कि कांग्रेस को तो इसकी ज़रुरत ही नहीं थी। वह प्रदेश के हिस्से का अनाज उठा तक नहीं पा रही है। एक तरफ रोज वह पैसे मांगने केंद्र के पास पहुँचती है जबकि सीएम राहत कोष का कुछ करोड़ रुपया ही खर्चने में इसे पसीने आ रहे। जिस भी काम में भ्रष्टाचार की गुंजाइश नहीं हो, उसे यह किसी कीमत पर करना नहीं चाहती चाहे जनता को उसका कितना भी नुकसान हो।
    श्री सुंदरानी ने कहा कि अपनी ऐसी पैंतरेबाजी के लिए कांग्रेस नेताओं को शर्म महसूस करनी चाहिए और प्रदेश के हित में पूरी ईमानदारी के साथ सतर्क रहकर काम करना चाहिए।  वादाख़िलाफ़ी, झूठ-फ़रेब और प्रतिशोध की राजनीति कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र का स्थायी भाव है, यह प्रदेश में कांग्रेस ने अपने डेढ़ साल के शासन में प्रदेश को अच्छी तरह बता दिया है। उनोने कहा कि भाजपा यह बार-बार कहती है कि सत्ता पक्ष को जनता और विपक्ष के प्रति जवाबदेह होना चहिये। उसे विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए न कि खुद रोज चार सवाल के साथ अपनी विफलता को छिपाने की कवायद करने में जुटे रहना चाहिए l

  • छत्तीसगढ़ सरकार की सकारात्मक पहल से जीएसटी, ऑटोमोबाईल, कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में आयी तेजी

    अनलॉक होते ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार

    जीएसटी संग्रहण पिछले वर्ष के मुकाबले 22 प्रतिशत बढ़ा
    वाहन रजिस्ट्रेशन में मई माह की तुलना में साढ़े तीन गुना वृद्धि
    संकट के इस काल में छत्तीसगढ़ ने दिखाई राह - मुख्यमंत्री 

        रायपुर, 2 जुलाई 2020

    कोरोना वायरस (कोविड-19) के चलते पूरे देश में जहां आर्थिक मंदी का माहौल है, वहीं अनलॉक के बाद छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था पूरी रफ्तार से चल पड़ी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए गए सकारात्मक प्रयासों से राज्य में जीएसटी, आटोमोबाईल, कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में तेेजी देखी जा सकती है। राज्य में जीएसटी संग्रहण पिछले वर्ष की तुलना में जहां 22 प्रतिशत अधिक बढ़ा है, वहीं वाहनों के रजिस्ट्रेशन में मई माह की तुलना में जून माह में साढ़े तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही मनरेगा के तहत लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने और वनवासियों को राहत पहंुचाने के लिए वनोपजों के संग्रहण में छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर है।
        लॉकडाउन के दौरान भी छत्तीसगढ़ में जीएसटी में इजाफा हुआ है। पिछले साल जून महीने के मुकाबले इस साल जून में 22 फीसदी ज्यादा जीएसटी का संग्रह हुआ है। वर्ष 2019 में जहां 2,093 करोड़ रूपए जीएसटी संग्रह हुआ था, वहीं 2020 में 2,549 जीएसटी प्राप्त हुआ है। लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ में ऑटोमोबाइल इंड्रस्ट्री में भी बेहतर कारोबार देखने को मिला है। जून 2020 में जयपुर (राजस्थान) के बाद रायपुर (छत्तीसगढ)़ में सर्वाधिक कार और बाइक की बिक्री हुई है। रायपुर में मई माह में जहां 7 हजार 603 बाइक बिकी थी, वहीं जून माह में यह संख्या बढ़कर 27 हजार हो गई। इसी तरह मई माह में एक हजार 107 कार बिकी थी, वहीं जून में यह संख्या बढ़कर 2 हजार 889 हो गई। आरटीओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार लॉकडाउन अवधि में छत्तीसगढ़ में अप्रैल माह में 891 वाहन, मई माह में 9681 वाहन और जून माह में 32 हजार 982 वाहनों का रजिस्ट्रेशन परिवहन कार्यालयों में हुआ है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना की प्रथम किस्त प्राप्त होने के बाद राज्य में किसानों ने 3 हजार नये टेªक्टर भी खरीदे हैं।
        छत्तीसगढ़ राज्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में जॉब कॉर्डधारी परिवारों को 100 दिनों का रोजगार देने में देश में शीर्ष स्थान पर है। इसी प्रकार लक्ष्य के विरूद्ध रोजगार सृजन में देश में दूसरे स्थान पर है। पहली तिमाही में ही राज्य में 8.85 करोड़ मानव दिवस का रोजगार सृजन किया गया है। अब तक 55,981 परिवारों ने 100 दिनों का रोजगार प्राप्त कर लिया है। देश में 100 दिनों का रोजगार हासिल करने वाले कुल परिवारों में अकेले छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत है। छत्तीसगढ़ ने रोजगार सृजन के मामले में सालभर के लक्ष्य का 66 प्रतिशत पूरा कर लिया है। इसमें लक्ष्य का 70 प्रतिशत से अधिक काम का लक्ष्य हासिल करने में नक्सल प्रभावित जिले आगे हैं।
        मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए वनोपजों की संख्या 7 से बढ़ाकर 31 कर दी है। इससे प्रदेश के वनवासी परिवारों को काफी राहत मिली है। लॉकडाउन अवधि में छत्तीसगढ़ प्रदेश लघु वनोपजों के संग्रहण में देश में पहले नम्बर पर है। छत्तीसगढ़ ने वनोपज संग्रहण के सालाना लक्ष्य को 6 माह में पूरा कर लिया है। राज्य में अब तक 104 करोड़ के डेढ़ लाख क्विंटल लघु वनोपजों का संग्रहण किया गया है।
        वैश्विक महामारी कोविड-19 की वजह से उत्पन्न कठिन परिस्थितियों के बावजूद छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गयी है। सीएमआईई के सर्वेक्षण में प्रदेश में बेरोजगारी की दर अप्रैल माह में 3.4 प्रतिशत रही, जो 12 महीने के सबसे निचले स्तर पर थी। यह उसी अवधि में राष्ट्रीय बेरोजगारी की दर (23.5 प्रतिशत) से काफी कम रही। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ में कृषि और उससे सम्बंधित कार्यों में बनी तेजी को सराहा। उसने अपनी रिपोर्ट में बताया कि देश व्यापी लॉकडाउन में भी छत्तीसगढ़ ने तेजी से आर्थिक वृद्धि दर्ज की है।
        मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि संकट के इस समय में भी छत्तीसगढ़ प्रदेश ने देश को राह दिखाई है। इस दौरान राज्य ने जो उपलब्धियां हासिल कीं वह शासन के संकल्प का परिणाम तो है ही, छत्तीसगढ़ के लोगांे के अनुशासन का भी परिणाम है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी को नियंत्रित करने और उपचार की सुविधाएं मुहैया कराने के मामले में भी हमारी स्थिति बेहतर है। इसी संकल्प और अनुशासन के साथ हम न सिर्फ इस संकट से पार पाएंगे, बल्कि नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने के अपने लक्ष्य को समय पर हासिल भी कर लेंगे।

  • कोरोना कहर के बीच अच्छी खबर: प्लाज्मा थैरेपी से जल्द शुरू होगा कोविड-19 का इलाज

    आगरा में जारी कोरोना कहर के बीच एक अच्छी खबर आई है। एसएन मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी से जल्द ही कोविड का इलाज शुरू किया जाएगा।

    आगरा में जारी कोरोना कहर के बीच एक अच्छी खबर आई है। एसएन मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी से जल्द ही कोविड का इलाज शुरू किया जाएगा। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से इसकी अनुमति मिल गई है। अब एसएनएमसी में भी मरीजों को इसका लाभ मिल सकेगा।

    एसएन मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी से इलाज नोएडा के एसएसपीएच और पीजीटीआई के सहयोग से किया जाएगा। नोएडा में डा. आरके सिंह ने इसके लिए प्लाज्मा दान किया था। बता दें कि डा. आरके सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैंया में तैनात हैं। उन्होंने कोरोना से जंग जीती है। एसएन मेडिकल कॉलेज ने लगभग 30 लोगों से प्लाज्मा दान करने के लिए संपर्क किया था। जिसमें से तीन लोगों ने हामी भरी थी। किसी एक और ने प्लाज्मा दान किया है। डा. आरके सिंह ने बताया कि हर डॉक्टर का फर्ज अपने मरीज को बचाना होता है। एसएनएमसी से फोन आया, मैंने प्लाज्मा दान कर दिया। प्लाज्मा तकनीक कोविड-19 संक्रमण के इलाज में उम्मीद की एक किरण हो सकती है।

    क्या है कान्वलेसन्ट प्लाज्मा थेरेपी

    कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों के रक्त प्लाज्मा से इस रोग से पीड़ित अन्य मरीजों का उपचार किया जाएगा। कोरोना से ठीक हो चुके एक व्यक्ति के खून से 4 कोरोना पीड़ितों का इलाज किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार वे मरीज जो किसी संक्रमण से उबर जाते हैं उनके शरीर में संक्रमण को बेअसर करने वाले प्रतिरोधी एंटीबॉडीज विकसित हो जाते हैं। इन एंटीबॉडीज के जरिए नए मरीज के शरीर में मौजूद वायरस को खत्म किया जाता है।

    जब कोई वायरस व्यक्ति पर हमला करता है तो उसके शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज कहे जाने वाले प्रोटीन को विकसित करती है। अगर कोई संक्रमित व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में एंटीबॉडीज विकसित करता है तो वह वायरस से होने वाली बीमारियों से उबर सकता है।

    14 दिन बाद ही लिया जा सकता है प्लाज्मा

    किसी मरीज के शरीर से प्लाज्मा (एंटीबॉडीज) उसके ठीक होने के 14 दिन बाद ही लिया जा सकता है और उस रोगी का कोरोना टेस्ट एक बार नहीं, बल्कि दो बार किया जाएगा। इतना ही नहीं ठीक हो चुके मरीज का एलिजा टेस्ट भी किया जाएगा, ताकि यह पता चल सके कि उसके शरीर में एंटीबॉडीज की मात्रा कितनी है। इसके अलावा प्लाज्मा देने वाले व्यक्ति की पूरी जांच की जाती है कि कहीं उसे कोई और बीमारी तो नहीं है। कोरोना से ठीक हुए मरीज से चार लोगों को इलाज संभव है।

  • कोरोना पर अरविंद केजरीवाल ने कहा- दिल्ली में ठीक हुए 67 प्रतिशत मरीज, अब हालात काबू में

    कोरोना पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज प्रदेश में 67 प्रतिशत मरीज ठीक हो चुके हैं. अब 100 में सिर्फ 13 मरीज पॉजिटिव आ रहे हैं. बुधवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि अब पहले से स्थिति सुधरी है. पहले जहां 100 में 31 लोग पॉजिटिव आ रहे थे, वहीं अब सिर्फ 13 मरीज पॉजिटिव आ रहे हैं. हम बड़ी मेहनत से कोरोना को कंट्रोल कर रहे हैं.

    मुख्यमंत्री ने कहा, 'दिल्ली में पहले से स्थिति सुधरी है. अब हालात काबू में है. हम बड़ी मेहनत से कोरोना को कंट्रोल कर रहे हैं. दिल्ली में आज 67 प्रतिशत मरीज ठीक हो चुके हैं. हमने 15 हजार बेड का इंतेज़ाम कर लिया है. आज सिर्फ 26 हजार एक्टिव केस हैं. अस्पताल में सिर्फ 5,800 एक्टिव केस हैं.'

    अब 100 में सिर्फ 13 लोग आ रहे हैं पॉजिटिव- केजरीवाल

    केजरीवाल ने आगे कहा कि 23 जून से पहले तक दिल्ली में 100 में 31 लोग कोरोना पॉजिटिव आ रहे थे, लेकिन अब सिर्फ 13 लोग ही पॉजिटिव आ रहे हैं. स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन अब भी सावधानी बरतने की ज़रूरत है. मैं आप सभी से अपील करता हूं कि बिना मास्क लगाए बाहर न निकलें.

  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शासन की तरफ से दो मंत्रियों को प्रवक्ता नियुक्त किया
    पत्रकारों की मांग पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शासन की तरफ से वक्तव्य देने के लिए निम्नलिखित दो मंत्रियों को अधिकृत किया है। 1- मंत्री रविंद्र चौबे 2- मंत्री मोहम्मद अकबर रविंद्र चौबे और मोहम्मद अकबर शासन की तरफ से मीडिया के सवालों का जवाब देने के लिए नियुक्त किए गए हैं मंत्री प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रियों के विभागों की गतिविधियों उनसे संबंधित सभी सवालों के जवाब पत्रकारों को देंगे
  • कोरोनिल पर रामदेव बोले- ड्रग माफिया, MNC माफिया सब बेनकाब होंगे और आयुर्वेद स्थापित होगा

    पतंजलि ने 23 जून को 'कोरोनिल' दवा लॉन्च की थी. उन्होंने दावा किया था कि ये दवा कोरोना वायरस का 100 फीसदी इलाज कर सकती है.पतंजलि की दवा 'कोरोनिल' पर हुए विवाद के बाद अब बुधवार को योग गुरु बाबा रामदेव प्रेस कॉन्फ्रेंस की. रामदेव ने कहा, 'अभी तो हमने एक कोरोना के बारे में क्लीनिकल कंट्रोल ट्रायल का डाटा देश के सामने रखा तो एक तूफान सा उठ गया. उन ड्रग माफिया, मल्टीनेशनल कंपनी माफिया, भारतीय और भारतीयता विरोधी ताकतों की जड़ें हिल गईं.'

    रामदवे ने कहा, "ऐसा लगता है कि हिन्दुस्तान के अंदर योग आयुर्वेद का काम करना एक गुनाह है. सैकड़ों जगह एफआईआर दर्ज हो गईं, जैसे किसी देशद्रोही और आतंकवादी के खिलाफ दर्ज होती हैं. हमने कोरोना की दवा पर अच्छी पहल की है. लेकिन लोग हमें गाली दे रहे हैं. आप हमें गाली दो. लेकिन कम से कम उन लोगों के साथ हमदर्दी रखो, जो कोरोना वायरस से पीड़ित हैं और जिन लाखों-करोड़ों बीमार लोगों का पतंजलि ने इलाज किया है."

    लाइसेंस पर रामदेव ने दी सफाई

    रामदेव ने सफाई में कहा, आयुर्वेद दवाइयों को बनाने का यूनानी और आयुर्वेद डिपार्टमेंट से लाइसेंस लिया है. ये आयुष मंत्रालय से संबंधित होता है. उन्होंने ये भी कहा, आयुर्वेद में सभी दवाइयों का रजिस्ट्रेशन उनके परमपरागत गुणों के आधार पर होता है. कोई भी औषधि का अनुसंधान है, क्लिनिकल कंट्रोल ट्रायल है, उसका प्रोटोकोल आयुर्वेद तय नहीं करता है. इसलिए इस दवा का आयुर्वेदिक ड्रग लाइसेंस परमपरागत गुणों के आधार पर लिया गया है.

    रामदेव ने कहा, कोरोनिल दवा से जुड़ी पूरी रिसर्च आयुष मंत्रालय को दी है जिसको भी देखना है वो देख सकता है. हमने मॉडर्न साइंस के प्रोटोकॉल के तहत रिसर्च की है. कोरोनिल में गिलोय,अश्वगंधा और तुलसी का संतुलित मात्रा में मिश्रण है.

  • मुंबई: कोरोना काल में नहीं सजेगा लालबाग के राजा का पंडाल, 11 दिन तक लगेंगे ब्लड कैंप

    महाराष्ट्र में जानलेवा कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए इस साल लालबाग में गणेशोत्सव नहीं मनाया जाएगा. गणेश उत्सव की जगह इस साल आरोग्य उत्सव मनाया जाएगा.

    महाराष्ट्र में जानलेवा कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए इस साल मुंबई के लालबाग में गणपति उत्सव नहीं मनाया जाएगा. गणेशोत्सव की जगह इस साल यहां आरोग्य उत्सव मनाया जाएगा. लालबाग राजा गणपति मंडल ने कहा कि मुंबई में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. बता दें कि इस साल गणेशोत्सव 22 अगस्त से शुरू हो रहा है.

     

    गणपति मंडल का कहना है कि इस साल 11 दिन तक पंडाल में ब्लड कैंप लेंगे और पूरा फोकस प्लाजमा बैंक की मदद करना होगा.

    लालबाग में लगेगा ब्लड डोनेशन कैंप 

     

    लालबाग के गणपति मंडल ने इस साल गणेशोत्सव की जगह आरोग्य उत्सव मनाने का फैसला लिया है. इसमें 11 दिन का ब्लड डोनेशन कैंप लगाया जाएगा. वहीं इसमें प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना मरीज़ों का इलाज भी होगा. मंडल ने बप्पा के भक्तों से प्लाज्मा और ब्ल्ड डोनेट करने की अपील भी की है.

     

    गणपति मंडल जीएसबी ने 2021 तक स्थगित किया गणेश उत्सव

     

    इससे पहले मुंबई के सबसे अमीर गणपति मंडल जीएसबी ने कोरोना वायरस के कारण 2021 तक गणेशोत्सव को स्थगित कर दिया है. जीएसबी का गणेश मंडल बप्पा की मूर्ति पर करोड़ों के गहनों से श्रृंगार करता है. माना जाता है कि जीएसबी के गणेश दरबार में जो भी मुराद मांगी जाती है, वो पूरी होती है.

     

    गणेश मंडलों के प्रतिनिधियों की मुख्यमंत्री के साथ हुई थी बैठक

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हाल ही में मुंबई में गणेश मंडलों के प्रतिनिधियों की महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, डिप्टी सीएम अजित पवार और गृहमंत्री अनिल देशमुख के साथ बैठक हुई थी. इसमें मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा था कि गणेशोत्सव महाराष्ट्र की परंपरा और संस्कृति है, लेकिन इस साल इसे सादगी से मनाया जाए.

     

    महाराष्ट्र में तेज़ी से बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले

     

    महाराष्ट्र में जानलेवा कोरोना वायरस का तेज़ी से फैलाव हो रहा है. बीते एक दिन में यहां कोरोना के लगभग पांच हज़ार नए केस सामने आए हैं. इसके साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या एक लाख 74 हजार 761 हो गई है. वहीं 7,855 लोग इस संक्रमण के कारण अपनी जान गवां चुके हैं. राज्य के सबसे ज्यादा केस मुंबई से देखने को मिले हैं. अकेले मुबंई से राज्य के 60 प्रतिशत से ज्यादा केस सामने आए हैं.

  • ईरान की राजधानी तेहरान के एक क्लीनिक में भीषण धमाका, 19 लोगों की मौत

    ईरान की राजधानी तेहरान से विस्फोट की खबर आ रही है। न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक उत्तरी तेहरान के एक क्लीनिक में हुए धमाके में 19 लोग मारे गए हैं। स्टेट टेलीविज़न ने बताया कि सीना अतहर के स्वास्थ्य केंद्र में विस्फोट से आसपास की इमारतों को नुकसान पहुंचा।

    तेहरान के अग्निशमन विभाग के प्रवक्ता जलाल मालेकी ने भी न्यूज एजेंसी को बताया कि दमकलकर्मियों ने छह और लोगों को बरामद किया जिनकी लगभग दो घंटे बाद धमाके से मौत हो गई थी। मृतकों में से पंद्रह महिलाएं थीं।मालेकी ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि क्लिनिक के तहखाने में रखे गैस कनस्तरों में आग लगने के कारण विस्फोट हुआ। उन्होंने कहा कि पीड़ितों में से कुछ ऑपरेशन रूम में ऊपरी मंजिलों में थे। कुछ मरीज़ों के ऑपरेशन किए जा रहे थे और कुछ उनके साथ वाले थे। आपको बता दें कि विस्फोट की यह घटना ईरान की राजधानी में एक सैन्य परिसर के पास विस्फोट के चार दिन बाद हुई है।

  • पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह है युवक के अग्निस्नान के जवाबदार - कांग्रेस
    रायपुर/30 जून 2020। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने खुलासा करते हुए कहा कि कल आत्महत्या का प्रयास करने वाले धमतरी निवासी हरदेव सिन्हा ने दिनांक 29/03/2017 को तत्कालीन भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को भृत्य पद की नियुक्ति हेतु आवेदन जनदर्शन कार्यक्रम में सौंपा था जिसका की क्रमांक-2017/848 था। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने ट्विटर में लिखा है कि हरदेव सिन्हा के आत्महत्या के प्रयास को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सफलता समझे या विफलता अब जब सारे तथ्य सामने आ चुके हैं और यह स्पष्ट हो चुका है कि धमतरी निवासी हरदेव सिन्हा तत्कालीन भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह को लिखित में पत्र सौंपकर सरकारी नौकरी की मांग की थी उस पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने अपने डेढ़ साल के अंतिम कार्यकाल में पहल क्यों नहीं किया? कांग्रेस पार्टी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह कर आरोप लगाते हुए कह रही है की भाजपा शासनकाल में 25 लाख बेरोजगार पंजीकृत और 25 लाख बेरोजगार अपंजीकृत थे और जिस युवक ने आत्मदाह का प्रयास किया वह भी पूर्ववर्ती भाजपा से ही प्रताड़ित था इस सवाल का जवाब भारतीय जनता पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को जनता के समक्ष आ कर देना चाहिए।
  • पहले सीजी कहने से क्रेडिबल ग्रोथ का बोध होता था, अब केओटिक गवर्नेंस का बोध हो रहा: शिवराज

    भाजपा नेताओं ने प्रदेश सरकार की विफलताएं गिनाकर उसे उखाड़ फेंकने का आहवान किया

     वर्चुअल रैली में 40 लाख कार्यकर्ता और लोग डिजिटल व टीवी माध्यमों से जुडे

    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने आश्वस्त किया है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार भले ही विकास, जनस्वास्थ्य और जनकल्याण के कामों की परवाह नहीं कर रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के हित सुरक्षित है और छत्तीसगढ़ आगे बढ़ेगा। श्री चैहान रविवार को भाजपा प्रदेश इकाई द्वारा आहूत जन संवाद वर्चुअल रैली को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी डाॅ. अनिल जैन, राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद डाॅ. सरोज पांण्डेय, भाजपा अजजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद रामविचार नेताम व प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक भी मंचस्थ थे।


    भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व मुख्यमंत्री श्री चैहान ने छत्तीसगढ़ सरकार पर हमला जारी रखते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के विकास कि पूरी तरह अनदेखी की है। वादाखिलाफी कर के इस सरकार ने प्रदेश को अराजकता के गर्त में धकेल दिया है। पहले छत्तीसगढ़ को सीजी कहने से क्रेडिबल ग्रोथ (विश्वसनीय विकास) का बोध होता था, लेकिन कांग्रेस की मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सीजी से केओटिक गवर्नेंस (अराजक शासन) का बोध हो रहा है। विश्वसनीय विकास के बदले अराजक शासन देने वाली सत्यानाशी कांग्रेस सरकार को चुल्लू भर पानी में डूब जाना चाहिए। श्री चैहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरोना संकट से निपटने के बजाय सियासी नौटंकियां की और संघीय व्यवस्था की अवहेलना की। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बघेल वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में प्रधानमंत्री से लाॅकडाउन बढ़ाने की बात करते हैं और बाद में सवाल उठाते हैं कि देश में अचानक लाॅकडाउन क्यों कर दिया गया? केन्द्र सरकार ने गरीब कल्याण योजना के तहत 1.70 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया, लाॅकडाउन से प्रभावित परिवारों को हर तरह की सहायता दी पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बताये कि उन्होेंने अपने प्रदेश में क्या किया? छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को बंठाढार मुख्यमंत्री का दूसरा संस्करण बताते हुए श्री चैहान ने छत्तीसगढ़ के बदहाल क्वारेंटाइन सेंटर्स के लिए भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किये हैं। न तो प्रदेश मंे टेस्टिंग लैब पर्याप्त संख्या में बनाये गये है और न ही कोविड अस्पतालों को लेकर प्रदेश सरकार ने कोई गंभीरता दिखाई है।

     


    भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व मुख्यमंत्री श्री चैहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक नया भारत दुनिया के सामने खड़ा हुआ है जो भारतीय संप्रभुता को चुनौती देने वाली ताकतों की आंख में आंख डालकर जवाब दे रहा है। ऐसे अद्भुत नेतृत्व ने श्री मोदी के साथ-साथ भारत का मान सम्मान भी विश्व में बढ़ाया है। भारत-चीन सीमा विवाद और हाल ही के गलवान घाटी की हिंसक झडप की चर्चा करते हुए श्री चैहान ने कहां की चीन यह अच्छी तरह समझ ने कि यह 1962 का भारत नही है। कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि चीन के प्रति उसका रूख नरम क्यों है? और वह भारतीय सेना मनोबल गिराने वाली भाषा क्यों बोल रही हैं? कांग्रेस देश को बताये कि राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से चंदा किन शर्तो पर मिला और कांग्रेस व चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बीच एमओयू का आधार क्या था क्योंकि देेश यह जानना चाहता है कि भारत-चीन फ्री ट्रेड समझौता किन शर्तों पर हुआ था? भारत-चीन फ्री ट्रेड समझौता के लिए तात्कालिन वाणिज्य मंत्री कमलनाथ पर तिखा हमला करते हुए श्री चैहान ने कलंक नाथ कहा श्री चैहान ने कहा कि चीनी दूतावास में चोरी-छिपे जाकर राहुल गांधी किन-किन लोगों से और क्यों मिले? इतना सब होने के बाद कांग्रेस को कोई अधिकार नहीं रह जाता कि वह भाजपा को राष्ट्र भक्ति सिखाये और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर कुछ बोले। केन्द्र सरकार के पहले कार्यकाल और दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष की उपलब्धियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर बनेगा। चीनी सामान से देश का सम्मान हमारे लिए ज्यादा जरुरी है।
    इससे पहले सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने प्रास्ताविक भाषण दिया और केन्द्र सरकार की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कोरोना संकट के दौर में प्रदेश भाजपा कार्यकर्ता द्वारा किये गये सेवा व सहायता कार्यों की सराहना की। उन्होनें प्रदेश सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार प्रतिशोध की राजनीति कर रही है और भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताडित कर रही है। अजजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नेताम ने प्रदश की कांग्रेस सरकार को 2023 के चुनाव में उखाड़ फेकने के लिए कार्यकर्ताओं से संकल्पित होने का आग्रह किया। राष्ट्रीय  महामंत्री डाॅ. (सुश्री) पांण्डेय ने कहा कि कोरोना काल में भी भारतीय जनता पार्टी ने सेवा ही संगठन है कि भावना से हर दिन काम किया सन् 2014 से पहले की कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार की चर्चा करते हुए सुश्री पांण्डेय ने कहा कि सन् 2014 के बाद देश में दूरदृष्टि से युक्त सबल और सक्षम नेतृत्व ने देश को एक नई दिशा दी है। वर्तमान दौर में कांग्रेस को विचार शून्य पार्टी बताते हुए सुश्री पांण्डेय ने इस बात पर आक्रोश व्यक्त किया कि कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री को लेकर अपमानजनक टिप्पणियों पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री मौन साधे रहते है जबकि अपने कामकाज पर टिप्पणियों के प्रति वे असहिष्णु होकर एफआईआर दर्ज करवा देते हैं उन्होनें कहा कि प्रदेश सरकार भाजपा कार्यकर्ताओं को आंख न दिखाये। सुश्री पांण्डेय ने कहा कि शराब के ठेके के पैसों से प्रदेश की सरकार चल रही है।
    राष्ट्रीय  महामंत्री व प्रदेश प्रभारी डाॅ. जैन ने भी अपने संबोधन में कोरोना संकट के संदर्भ में अपने विचार रखे और भारत-चीन सीमा विवाद के परिपे्रक्ष्य में भारतीय सेना के पराक्रम पर गर्व व्यक्त किया। पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. सिंह ने प्रदश सरकार को झुठ की बुनियाद पर खड़ी बताया और कहा कि गीता-गंगाजल कि कसम खाने वाली कांग्रेस की प्रदेश सरकार ने लोगों को ठगने और छेड़ने का काम किया है। प्रदेश में विकास ठप है, बेरोजगारों को न भत्ता मिल रहा है और न रोजगार। शराब बंदी का नारा देकर प्रदेश सरकार घर-घर शराब पहंुचा रही है 30 प्रतिशत शराब अवैध रूप से बिक रही है। रोजगार के नाम पर इस सरकार ने 1800 युवकों को शराब डिलीवरी ब्वाय के तौर पर नियुक्त करके प्रदेश सरकार ने प्रदेश का नाम कलंकित करने का काम किया है। प्रदेश में माफिया राज और गुंडागर्दी चरम पर है। तबादला उद्योग में कलेक्टर एसपी की पोस्टिंग पेमेंट सीट पर हो रही है। कोरोना संकट के चलते लाॅकडाउन से प्रभावित प्रवासी श्रमिकों और प्रदेश के जरूरत मंदों को प्रदेश सरकार ने कोई सहायता नहीं की। केन्द्र से मिली राशि तक प्रदेश सरकार ने खर्च नही की है।
    सभा की कार्यवाही का संचालन वर्चुअल रैली के प्रदेश प्रभारी व पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने किया नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने सभी को आत्मनिर्भर भारत की संरचना के लिए संकल्प दिलाया और हाउसिंग बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष व वर्चुअल रैली के सह प्रभारी भूपेन्द्र सवन्नी ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के 10 लाख लोग इंस्टाग्राम, यूट्यूब, फेसबुक आदि डिजिटल प्लेटफार्म पर और 30 लाख लोग टीवी चैनल आदि प्रसारण माध्यमों के माध्यम से इस रैली से वर्चुअली जुड़े।

  • पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि और मंहगाई के खिलाफ काँग्रेस का धरना प्रदर्शन
    29 जून सोमवार को पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि और इसी वृद्धि के कारण बढ़ती मंहगाई के खिलाफ राजधानी रायपुर सहित सभी जिला मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन 29 जून को ही सोशल मीडिया में लाइव स्पीक अप आन पेट्रालियम प्राईजेस होगा 29 जून को ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के सफल कार्यकाल का पूरा होगा 1 साल रायपुर/28 जून 2020। सोमवार 29 जून को सभी जिला मुख्यालयों में 10 बजे से 12 बजे तक पेट्रोज-डीजल के दामों में वृद्धि के खिलाफ राजधानी रायपुर और सभी जिला मुख्यालयों में धरना होगा और धरने के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जायेगा। “स्पीक अप आन पेट्रोलियम प्राइजेस” का कार्यक्रम जिला कांग्रेस कमेटी, ब्लाक कमेटी, विधानसभा कमेटियों के द्वारा व्यापक रूप से चलाया जायेगा। सोशल मीडिया में पेट्रोज-डीजल की मूल्य वृद्धि से उबेर ओला ड्राइवर, ट्रक ड्राइवर आम आदमी के विडियो पोस्ट किये जायेंगे। पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्य वृद्धि की कारण बढ़ती मंहगाई से आम आदमी को हो रही तकलीफ को इस कार्यक्रम में पुरजोर तरीके से उठाया जायेगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के सफल कार्यकाल का 29 जून को 1 साल पूरा होने जा रहा है। केन्द्र की मोदी सरकार के खिलाफ देश में बढ़ती महंगाई एवं पेट्रोल-डीजल के मूल्यों में हो रही अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के नेतृत्व में कोविड-19 के संदर्भ में जारी प्रशासनिक दिशा-निर्देश व सामाजिक दूरी के नियमों को कड़ाई से पालन करते हुये 29 जून 2020 को प्रातः 11 बजे धरना स्थल बूढ़ा तालाब रायपुर में एक दिवसीय धरना, प्रदर्शन का आयोजन किया गया है। धरना, प्रदर्शन के बाद उपस्थित कांग्रेसजन प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के नेतृत्व में पेट्रोल-डीजल के मूल्यों में हो रही बेतहाशा वृद्धि के विरोध स्वरूप राजीव गांधी चौक से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निवास तक सायकल यात्रा करेंगे तथा भेंट स्वरूप सायकल प्रदान करेंगे। धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश, जिला, शहर, नगर एवं ब्लाक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधी सांसद, विधायकों सहित समस्त कांग्रेसजन अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने के लिये कहा गया है।
  • अजय चंद्राकर के गोबर वाले ट्वीट पर भाजपा ने लगाई मोहर -

    प्रदेश के पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर द्वारा गोबर को राजकीय निशान बनाने वाले ट्वीट पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने मुहर लगा दी - एकात्म परिसर में पत्रकार वार्ता के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जब माननीय अजय जी ने अपनी प्रतिक्रिया दे दी है तो उसमें पार्टी की अलग से प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं है - उन्होंने यह भी कहा कि गोबर खरीदने का कोई विरोध नहीं है | पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के इस बयान से यह स्पष्ट हो गया है की भारतीय जनता पार्टी पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के उक्त ट्वीट वाले मामले को सही मानती है -