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  • श्रीचंद सुंदरानी के सिंधी भाषा में वायरल वीडियो से आक्रोश - छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स चुनाव

    छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स की चुनावी प्रक्रिया -

    छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स की चुनावी प्रक्रिया चालू है, मतदान में व्यापारी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं | मुख्य प्रत्याशी अमर परवानी और योगेश अग्रवाल के बीच कड़ी टक्कर है | चेंबर चुनाव में अध्यक्ष पद के दोनों ही प्रत्याशी अपनी अपनी जगह दमदार हैं| अमर परवानी छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं | वहीं दूसरी तरफ योगेश अग्रवाल राइस मिल एसोसिएशन - छौलीवुड फिल्म एसोसिएशन के अध्यक्ष के साथ-साथ चेंबर की राजनीति में भी लगातार सक्रिय रहे हैं | दोनों ही प्रत्याशियों ने पूरे प्रदेश में धुआंधार प्रचार कर अपनी-अपनी जीत पक्की करने का भरपूर प्रयास किया है एवं मतदान केंद्रों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर अपने-अपने पक्ष में ज्यादा से ज्यादा मतदान कराने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं | यहां यह बताना भी उल्लेखनीय है कि वर्तमान अध्यक्ष जितेंद्र बरलोटा का पूरा कार्यकाल विवादों में रहा है और चेंबर की गतिविधियों से व्यापारी खुश नहीं हैं |

    'छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स को मजबूत करने वाले पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी की भूमिका भी इस बार विवादास्पद है और यह विवाद उनके गुट के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है | उल्लेखनीय है कि हाल ही में श्रीचंद सुंदरानी ने सिंधी भाषा में एक वीडियो जारी कर सिंधी व्यापारियों को व्यापारी एकता पैनल के पक्ष में सहयोग करने की अपील कर आकर्षित करने का प्रयास किया |

    सूत्रों के अनुसार श्रीचंद सुंदरानी द्वारा वर्ग विशेष के व्यापारियों को आकर्षित करने का उनका यह प्रयास अन्य समाज के व्यापारियों में आक्रोश का कारण बन गया , अनेक व्यापारी इस बात से नाराज हैं कि छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स का व्यापारी एकता पैनल क्या सिर्फ सिंधियों का प्रतिनिधित्व करता है ? अन्य समाज के व्यापारी क्या व्यापारी नहीं है ? क्या चेंबर के सदस्य नहीं है ? और यही आक्रोश एकता पेनल के लिए खतरा साबित हो सकता है !

    CG 24 न्यूज़ ने जब श्रीचंद सुंदरानी के सिंधी समाज के पक्ष में सिंधी भाषा में वायरल वीडियो के बारे में छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र जग्गी से अभिमत पूछा तो उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स में श्रीचंद सुंदरानी की जमीन खिसक चुकी है, भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ समाज में भी उनकी पकड़ कमजोर होती जा रही है, इसलिए सुंदरानी सिंधी व्यापारियों के बीच भाषाई इमोशनल गेम खेलकर सिंधी व्यापारियों को आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं |

    राजेंद्र जग्गी का कहना है कि व्यापारियों की कोई जात नहीं होती और ना ही उनकी कोई राजनीतिक पार्टी होती है, उनके अनुसार श्रीचंद सुंदरानी के सिंधी भाषा के वायरल वीडियो से नाराज सभी व्यापारियों का झुकाव जय व्यापार पैनल के प्रत्याशी अमर परवानी की तरफ बढ़ रहा है, जय व्यापार पैनल सभी व्यापारियों को एक नजर से देखता है |

    यहां विशेष उल्लेखनीय बात यह है कि श्रीचंद सुंदरानी ने जब सिंधी भाषा में व्यापारी एकता पेनल के योगेश अग्रवाल को वोट देने की अपील की तो अन्य भाषाओं में अन्य व्यापारियों के लिए अपील क्यों नहीं की ? अब देखने वाली बात यह है कि मतदान का रुझान मत पेटी खुलने के बाद किसे छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स का अध्यक्ष बनाता है | *CG 24 News-Singhotra*

  • *बेरोजगारों के लिए सुनहरा अवसर* *15 मार्च को विभिन्न पदों के लिए प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन*
    *बेरोजगारों के लिए सुनहरा अवसर* *15 मार्च को विभिन्न पदों के लिए प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन* रायपुर 13 मार्च 2021/जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 15 मार्च को रोजगार कार्यालय रायपुर, पुराना पुलिस मुख्यालय परिसर, जी.ई. रोड, रायपुर में ऑनलाईन/ऑफलाईन प्लेसमेंट कैम्प आयोजित किया जाएगा। इस प्लेसमेंट कैम्प के माध्यम से निजी क्षेत्र के नियोजक रॉयल कॉलेज आफ फार्मेसी, रायपुर द्वारा फेक्योलटी टेक्निशियन,फेक्योलटीअग्रेजी फेक्योलटी इंचार्ज, प्लेसमेंट कोर्डीनेटर, मार्केटिंग एक्सीक्यूटिव, लेबोरेटरी टेक्निशियन एवं प्यून के 19 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों पर न्यूनतम बी.एस.सी. एवं एम.एस.सी. बायोलॉजी, बी.ए. अग्रेजी, बी.बी.ए. और एम.बी.ए.. डी.फार्मेसी. दसवी. एवं बारहवी उत्तीर्ण अनुभवी अभ्यर्थियों की भर्ती की जानी है। उक्त पदों पर भर्ती हेतु इच्छुक आवेदक निर्धारित अंतिम तिथि 15 मार्च तक लिंक shorturl.at jsDKP के माध्यम से अपनी शैक्षणिक एवं तकनीकी शिक्षा संबंधी विवरणी भेज सकते है। आवेदक को लिंक के माध्यम से आवेदन करना अनिवार्य है। इन पदों के लिए पृथक से प्लेसमेंट कैम्प का फार्म वितरित नहीं किया जायेगा। लिंक के माध्यम से आवेदन किये आवेदकों को ही साक्षात्कार का अवसर प्लेसमेंट कैम्प की तिथि15 मार्च को प्रदान किया जाएगा।साक्षात्कार में उपस्थित होने वाले आवेदको को सोशल डिस्टेंटिंग का पालन अनिवार्यतः करना होगा।
  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजेपी पर साधा निशाना
    रायपुर ब्रेकिंग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजेपी पर साधा निशाना प्रदेश प्रधान के दौरे और भाजपा की मैराथन बैठकों पर कहा प्रदेश प्रभारी पुरंदेश्वरी आ रही है फिर से हंटर लगाएंगी विधानसभा में पूरा सत्र बीजेपी नहीं चला पाई है उसके पीछे भी बीजेपी ही है *इन्हे फिर से हंटर पड़ेगा और ये मानने वाले लोग नहीं हैं* इनके भीतर गुटबाजी है नेता प्रतिपक्ष को विधायक अपना नेता नहीं मानते बीजेपी कई गुटों में बटा हुआ है
  • बैंक धोखाधड़ी से बचने के सरल उपाय
    बैंक यूजर्स अलर्ट रहें, अगर आपको यह संदेश ईमेल या फोन पर मिला है, तो आपका बैंक खाता खाली हो सकता है -* ऑनलाइन फ्रॉड हैकर्स लोगों को शिकार बनाने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। नेट बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन के बढ़ने के साथ, ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में भी वृद्धि हुई है। अपने ग्राहकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए बैंकों द्वारा ग्राहकों से ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने का अनुरोध किया गया है कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हमें जानकारी मिली है कि साइबर अपराधी एक इनाम बिंदु के लिए ग्राहकों के फोन नंबर पर संदेश भेज रहे हैं। एसएमएस में, वे एक लिंक पर क्लिक करके रिवार्ड पॉइंट इकट्ठा करने के लिए कह रहे हैं, और इसके बहाने वे ग्राहकों से अपना संवेदनशील डेटा एकत्र कर रहे हैं। *अपनी जानकारी किसी से साझा न करें* बैंको ने अपने ग्राहकों को आगाह किया कि वे अपनी संवेदनशील जानकारी जैसे कि डेबिट कार्ड नंबर, पिन, ओटीपी, सीवीवी और पासवर्ड किसी को भी न बताएं। *एसएमएस और ईमेल के माध्यम से आए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।* *बैंक कभी भी फोन, एसएमएस और ई-मेल के जरिए ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगते है।* ऐसे लिंक्स से सावधान रहें। बैंको के अनुसार धोखाधड़ी वाले संदेशों से सावधान रहें। सतर्क रहें और सुरक्षित रहें। इन शहरों के लोग हैकर्स के निशाने पर हैं हैकर्स ने कई उपयोगकर्ताओं को संदेहास्पद टेक्स्ट मैसेज भेजे, जिसमें उन्हें (क्रेडिट प्वाइंट) भुनाने का अनुरोध किया गया जाता है| हैकर्स द्वारा भेजे गए ई-मेल पर क्लिक करने पर, उपयोगकर्ता एक फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं। इसके बाद, उन्हें इस फर्जी वेबसाइट पर व्यक्तिगत या बैंक खाते की जानकारी देने पर भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है। CG 24 News
  • *पत्रकारों की दुर्घटना जन्य आकस्मिक मौत पर परिजनों को 5 लाख की सहायता राशि का बजट में प्रावधान
    *पत्रकारों की दुर्घटना जन्य आकस्मिक मौत पर परिजनों को 5 लाख की सहायता राशि के प्रावधान पर प्रेस क्लब रायपुर ने मुख्यमंत्री का आभार जताया* *मीडिया प्रतिनिधि की कर्तव्य निर्वहन के दौरान मौत होने पर उसके परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी में रखे जाने की मांग की* रायपुर 1 मार्च 2021/ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आज विधानसभा में प्रस्तुत करते हुए राज्य के पत्रकारों की दुर्घटना जन्य आकस्मिक मृत्यु पर उनके परिजन को 5 लाख रुपये की सहायता राशि दिए जाने की घोषणा की है । रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष दामू आम्बेडारे ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की इस घोषणा का स्वागत करते हुए उनकाआभार जताया है। विधानसभा में बजट प्रस्तुति के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष दामू आम्बेडारे ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्रकारों के प्रति उनकी सहृदयता एवम संवेदनशील कदम की सराहना करते हुए कहा कि इससे पीड़ित परिजनों मदद मिलेगी । गौरतलब है कि भूपेश बघेल की नेतृत्व में बनी सरकार ने पत्रकार सहायता कल्याण कोष से पत्रकारों के लिए 50 हज़ार रुपये की सहायता राशि दिए जाने के प्रावधान को बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया था। आज पत्रकारों के हक में मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा की है,जिसके तहत दुर्घटना से मौत होने पर पत्रकार के परिजनों को 5 लाख रुपये की मदद छत्तीसगढ़ सरकार करेगी प्रेस क्लब रायपुर के अध्यक्ष दामू आम्बेडारे ने इस मौके पर मुख्यमंत्री से मीडिया से जुड़े लोगों की कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान यदि किसी दुर्घटनावश मौत होती है, तो उनके परिजनों के भरण-पोषण के लिए परिवार के एक सदस्य को उसकी योग्यता के अनुसार शासकीय सेवा में रखे जाने की भी मांग की।
  • पीएम मोदी के बाद गृह मंत्री शाह भी लगवाएंगे वैक्सीन, मेदांता की टीम घर जाकर लगाएगी टीका

    आज से देश में कोरोना के खिलाफ जंग का अगला चरण शुरू हो रहा है. आज से 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन दी जाएगी. आज से 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन दी जाएगी. साथ ही 45 साल से ज्यादा उम्र के वो लोगों भी वैक्सीन की डोज दी जाएगी जिन्हें गंभीर बीमारी है.असम के वित्त मंत्री हेमंत विस्वा शर्मा ने कहा, ''हमें बहुत खुशी और गर्व है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैक्सीन का पहला डोज़ लेते वक्त 'गमोसा' (गमछा) पहना. यह दिखाता है कि वे अमस की संस्कृति और विरासत को कितना महत्व देते हैं. हम हमेशा आभारी रहेंगे.''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद देश के गृह मंत्री अमित शाह भी कोरोना की वैक्सीन लगवांगे. मेंदाता अस्पताल की टीम गृह मंत्री के घर जाकर कोरोना की वैक्सीन लगाएगी. गृह मंत्री को आज ही वैक्सीन लगेगी.मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने कोविड का टीका लगवाया. जेपी अस्पताल में लगवाई वैक्सीन, वैक्सीन लगवाने वाले प्रभुराम प्रदेश के पहले कैबिनेट मंत्री बन गए हैं. प्रभुराम बोले अब मेरी बारी आई है, मैंने रजिस्टर करवाया था वैक्सीन के लिए.सरकारी वैक्सीन सेंटर पर पर वैक्सीनेशन का का पूरा खर्च केंद्र सरकार की तरफ से उठाया जाएगा. इन सेंटर पर मुफ्त वैक्सीनेशन किया जाएगा. राज्यों में प्राइवेट अस्पतालों में बने कोविड वैक्सीन सेंटर पर वैक्सीन की अधिकतम कीमत 250 रुपये होगी. CoWIN 2.0 के प्रभावी उपयोग की सुविधा के लिए निजी सुविधाओं को भी यूजर नाम और पासवर्ड दिया जा सकता है. रजिस्ट्रेशन के लिए कोविन ऐप और आरोग्य सेतू की भी मदद ली जा सकती है.PM Modi Takes COVIS-19 Vaccine: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजधानी दिल्ली के एम्स अस्पताल में कोरोना वायरस वैक्सीन की पहली डोज लगवाई है. पीएम मोदी सुबह करीब 6 बजे एम्स पहुंचे और वहां कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई.

  • 8 करोड़ से अधिक व्यापारियों ने अपना कारोबार रखा बंद - कैट
    कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने एक दिन के भारत बंद का आह्वान किया था. भारत बंद का ट्रांसपोर्टर्स ने भी समर्थन करने का ऐलान किया था. दोनों ही संगठनों ने भारत बंद के दौरान कोई भी व्यावसायिक गतिविधि न होने, ट्रकों के पार्किंग में ही खड़े रहने का दावा किया है. कैट का दावा है कि देश भर के 40 हजार से ज्यादा व्यापारी संगठनों से जुड़े 8 करोड़ से अधिक व्यापारियों ने अपना कारोबार बंद रखा | कैट ने दावा किया है कि देश के बाजारों में कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं हुई. कारोबार ठप रहने से देश में करीब 1 लाख करोड़ रुपये के व्यापार का नुकसान हुआ है. सभी राज्यों के व्यापारियों ने व्यापार बंद रखा और केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और जीएसटी काउंसिल को यह संदेश दिया कि जीएसटी का उपनिवेशीकरण करने से व्यापार और अर्थव्यवस्था में व्यवधान पैदा होगा. देश भर में व्यापारी से व्यापारी (बी टू बी) और व्यापारी से उपभोक्ता (बी 2 सी) का व्यापार पूरी तरह से बंद रहा. कैट ने बंद में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, केमिस्ट शॉप ,दूध और डेयरी उत्पादों की आपूर्ति करने वाले जनरल स्टोर को व्यापार बंद के दायरे से बाहर रखा. Also Read - गिरफ्तार: पाखंडी बाबा ने कई लड़कियों को फंसाया प्रेम जाल में...खुद को भगवान शिव बताकर करता रहा शारीरिक शोाषण ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (ऐटवा) की ओर से नेशनल प्रेसिडेंट महेंद्र आर्या, चेयरमैन प्रदीप सिंगल और ज्वाइंट सेक्रेटरी अभिषेक गुप्ता ने दावा किया है कि आज सभी ट्रक पार्किंग में ही पार्क रहे. कोई ट्रक लोड-अनलोड नहीं हुआ. ऐटवा ने ईवे बिल और जीएसटी के साथ ही डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कैट की ओर से आहूत भारत बंद का समर्थन किया. संगठन की ओर से दावा किया गया कि सभी ट्रांसपोर्ट कंपनियों से सुबह 10 से शाम 6 बजे तक अपने वाहन खड़े रखने के लिए कहा गया था. Also Read - ऑटो से अगवा करके महिला का गैंगरेप, 3 लोगों ने सुनसान इलाके में की हैवानियत, पुलिस का ये शर्मनाक रवैया आया सामने कैट की ओर से आहूत इस बंद का ऑल इंडिया एफएमसीजी प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन, ऑल इंडिया वूमेन एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन, हॉकर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी, ऑल इंडिया कम्प्यूटर मीडिया डीलर्स एसोसिएशन, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया वेजिटेबल ऑयल डीलर्स एसोसिएशन, नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के साथ राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कई संगठनों ने समर्थन किया. प्रवीन खंडेलवाल ने भारत बंद को असरदार बताते हुए कहा कि अधिकारियों को दी गई मनमानी और अनैतिक शक्तियां देश में फिर से इंस्पेक्टर राज लाएंगी. ईमानदार और कर पालन करने वाले व्यापारियों के उत्पीड़न के लिया इन शक्तियों का इस्तेमाल किया जाएगा. कैट ने मांग की है कि कानून में कोई संशोधन करने से पहले जीएसटी नियमों के विवादास्पद प्रावधानों को स्थगित किया जाए और व्यापारियों को विश्वास में लेकर ही बदलाव किया जाए
  • *1 मार्च से 3 मार्च तक प्रदेश के सभी निर्माण कार्य बंद होंगे*

    आगामी 1 मार्च से 3 मार्च तक प्रदेश के सभी निर्माण कार्य बंद होंगे* *छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन द्वारा पत्रकार वार्ता में उक्त जानकारी दी गई* छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बिरेश शुक्ला ने शासन की नीति की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की रॉयल्टी की दरों की कटौती ठेकेदारों के द्वारा स्वीकार है परंतु बाजार दर अनुचित है|

    उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्टोन, मेटल, रेत, मुरम की दरों में कटौती की जाएगी तो ठेकेदारों को निर्माणाधीन कार्यों का घर बेचकर भुगतान करना पड़ेगा | संघ के अध्यक्ष का कहना है कि शासन अतिरिक्त सुरक्षा निधि की राशि को रिलीज करें | उन्होंने शासन से अनुरोध किया है कि दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर परिक्षेत्र एवं अंबिकापुर परिक्षेत्र में बस्तर परिक्षेत्र की तरह 50 लाख तक का निर्माण कार्य मैनुअल टेंडर नियम से लागू किया जाए | छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर विभागीय मंत्री को अवगत करा चुके हैं और इसी परिपेक्ष में 25 फरवरी को एक दिवसीय धरना प्रदेश के सभी ठेकेदारों द्वारा दिया जायेगा | यदि समस्या का निदान नहीं हुआ तो 1 - 2 और 3 मार्च को प्रदेश के सभी निर्माण कार्य बंद किए जाएंगे अब देखने वाली बात यह है अरबों खरबों रुपए के बजट वाले पीडब्ल्यूडी विभाग के ठेकेदारो की समस्याएं लोक निर्माण विभाग उचित मानता है या नहीं और क्या निर्णय लेता है ? सीजी 24 न्यूज़ के लिए लविंदरपाल सिंघोत्रा की रिपोर्ट

  • मुख्यमंत्री के शासकीय हेलीकॉप्टर में शादी वीडियो शूट मामले में एक गिरफ्तार
    *आश्चर्यजनक किंतु सत्य* राजधानी में स्टेट हैंगर में खड़े मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के शासकीय हेलीकॉप्टर को शादी की वीडियो सूट के लिए भाजपा नेता द्वारा उपयोग किया गया | अब यह तो जांच का विषय है कि इसके लिए किसी तरह की अनुमति ली गई थी या नहीं, अगर अनुमति मिली भी तो कैसे ?और नहीं मिली तो सुरक्षा अधिकारी और इससे जुड़े तमाम अधिकारी क्या कर रहे थे ? नक्सली गतिविधियों का केंद्र माने जाने वाले छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था के साथ इस तरह की चूक गंभीर परिणाम दे सकती है| उल्लेखनीय है कि झीरम घाटी में भी सुरक्षा व्यवस्था की चूक के कारण कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेताओं सहित कार्यकर्ता एवं सुरक्षाकर्मी मारे गए थे, जिसकी जांच अभी तक चल रही है , परंतु एजेंसियां किसी परिणाम तक नहीं पहुंच पाई हैं, ना ही अभी तक कोई दोषी पाया गया है | उसी प्रकार यदि स्टेट हैंगर में खड़े राज्य शासन के हेलीकॉप्टर तक कोई तामझाम लाव लश्कर के साथ अनेक कैमरा टीम के साथ शादी का वीडियो सूट कर लेता है और किसी को कानों कान खबर नहीं होती, यह प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था की बहुत बड़ी खामी है, इसके लिए तमाम संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए | प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य के डीजीपी डीएम अवस्थी को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है | वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री सुरक्षा की उच्च अधिकारी का कहना है कि यह मामूली बात है और इसे ज्यादा तूल नहीं देना चाहिए| सुरक्षा में चूक के इस मामले की गंभीरता और बवाल को देखते हुए प्रशासन ने वीडियो शूट करने वाले एच ओ स्टूडियो के संचालक को गिरफ्तार कर मामला शांत करने की कोशिश की है, जबकि चाहिए यह था की वीडियो शूट करवाने वाले साकेत पैकरा को पुलिस गिरफ्तार करती | कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने स्टेट हैंगर में घुसकर शासकीय हेलीकॉप्टर का वीडियो शूट के लिए इस्तेमाल करने की घटना को मुख्यमंत्री की सुरक्षा में चूक बताया है, उन्होंने अंदेशा व्यक्त किया है कि पुलवामा जैसी घटना ना घट जाए| हैलीकाप्टर में हुयी सुरक्षा सेंध की जांच हेतु कांग्रेस प्रवक्ता ने लिखा डीजीपी को पत्र रायपुर/22 फरवरी 2021। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं सचिव विकास तिवारी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सरकारी हेलीकाप्टर में वेडिंग फोटोशूट करने वाली घटना का उच्च स्तरीय जांच करवाने के लिये लिखत शिकायत की है और कहा है कि लगातार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा इसी सरकारी हेलीकाप्टर में प्रदेश का दौरा किया जाता है, जिसकी सुरक्षा में सेंध मारकर अज्ञात लोगो द्वारा वेंडिंग फोटोशूट कराया गया जो कि माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुरक्षा में बड़ी चूक है। विकास तिवारी ने कहा कि इस गहरी साजिश की उच्च स्तरीय जांच करवायी जाये एवं दोषियो को कड़ी से कड़ी सजा दी जाये। सरकारी हेलीकाप्टर की सूक्ष्म जांच भी करवायी जाये कि कही उसमें किसी प्रकार का माइक्रोचीप, सेंसर, वाइस रिकार्डर या किसी प्रकार की विस्फोटक वस्तु (आरडीएक्स) रखा तो नही गया है। पत्र का प्रारूप :-                                                रायपुर दिनांक : 22.02.2021   प्रति,    श्रीमान डी.एम. अवस्थी जी माननीय डीजीपी छत्तीसगढ़ विषय :- माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सरकारी स्टेट हेंगर में खड़े हेलीकाप्टर में भाजपा नेता द्वारा वेडिंग फोटोशूट की गहन जांच करने बाबत्। महोदय, ज्ञात विषय है कि सोशल साईड फेसबुक में रायपुर स्थित HO STUDIO    द्वारा साकेत एवं प्रांजली नामक जोड़े के 17 से अधिक विभिन्न लोकेशनो के फोटो सेशन को सार्वजनिक किया गया है। एवं अपना मोबाईल नंबर 9425598783 जारी किया गया है। इन फोटो में से कुछ फोटो छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के सरकारी स्टेट हैंगर में खड़े हेलीकाप्टर AW 109 Power Elite  का है, जिसमें हेलीकाप्टर को बकायदा खुलवाकर उसमें बैठकर फोटोशूट कराया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस फोटोशूट में 10 से अधिक लोग स्टेट हैंगर में उपस्थित थे, एवं स्टेट हैंगर स्थित ऑफिस का उपयोग चेंजिंग रूम के रूप में किया गया था। वेंडिंग फोटोशूट के दौरान कई विडियो और सैकड़ो फोटोग्राफ खीचे गये थे। महोदय यह बेहद गंभीर भावुक विषय है कि जहां एक और कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्रीमति इंदिरा गांधी, स्व. राजीव गांधी पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बेअंत सिंह झीरम घाटी के शहीद स्व. विद्याचरण शुक्ला, स्व. नंदकुमार पटेल, स्व. महेन्द्र कर्मा, स्व. उदयमुदलियार, स्व. योगेन्द्र शर्मा सहित अन्य कांग्रेस नेताओं की सुरक्षा में सेंधबाजी के कारण शहीद होना पड़ा था। उसी प्रकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुरक्षा में भी सेंधमारी का भी प्रयास किया गया है। जबकि मुख्यमंत्री के हेलीकाप्टर और स्टेट हेंगर जो अतिसंवेदनशील इलाको में आता है, एवं चौबीसो घंटे इसकी सुरक्षाकर्मी तैनात रहते है उसके बावजूद सभी सुरक्षा घेरो को धता बताते हुये संदिग्ध लोगो द्वारा वेंडिंग फोटोशूट करवाया गया है जो कि बेहद गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। महोदय लगातार कांग्रेस पार्टी ने अपने शीर्ष नेताओं को सुरक्षा में सेंधमारी के कारण खोया है और असमय उनकी मौत हुयी है, इस घटना के सामने आने के बाद मैं भयक्रांत हूं और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुरक्षा में लगे सेंध से चिंतित हूं। गत 2 वर्षो से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जनहित का फैसला ले रहे है, चाहे व आदिवासीहित में निजी कंपनियों के हाथो में नगरनार प्लांट को बेचने से बचाना हो, बस्तर के आदिवासियों की अधिग्रहित जमीन वापसी हो, एवं अन्य जनहितैषी कार्य जिनके की कारण उनकी साख राष्ट्रीय एवं अतंराष्ट्रीय जगत में बढ़ी है और विदित है कि बस्तर में आज भी माओवादियो द्वारा आदिवासियों को प्रताड़ित करने का काम किया जा रहा है जिस लगाम लगाने का पुरजोर और सार्थक प्रयास मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कर रहे है जिसका प्रतिसाद यह है कि नक्सली हमलो में पूववर्ती रमन सरकार की तुलना में 48 प्रतिशत की कमी आयी है, जिसके कि कारण मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इनके निशाने में है। महोदय ज्ञात हो कि लगातार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा इसी सरकारी हेलीकाप्टर में प्रदेश का दौरा किया जाता है, जिसकी सुरक्षा में सेंध मारकर अज्ञात लोगो द्वारा वेंडिंग फोटोशूट कराया गया जो कि माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुरक्षा में बड़ी चूक है। आपसे विनम्र निवेदन है कि इस गहरी साजिश की उच्च स्तरीय जांच करवायी जाये एवं दोषियो को कड़ी से कड़ी सजा दी जाये। सरकारी हेलीकाप्टर की सूक्ष्म जांच भी करवायी जाये कि कही उसमें किसी प्रकार का माइक्रोचीप, सेंसर, वाइस रिकार्डर या किसी प्रकार की विस्फोटक वस्तु (आरडीएक्स) रखा तो नही गया है। महोदय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिन रात और चौबिसो घंटे काम कर रहे है और छत्तीसगढ़ राज्य के पौने तीन करोड़ जनता के हितो की रक्षा कर रहे है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़िया आन, बान, मान और शान है। इनके नेतृत्व में प्रदेश उत्तरोक्तर प्रगति के पथ में निरंतर आगे बढ़ रहा है। इनकी सुरक्षा में सेंधमारी करके बड़ी घटना को अंजाम देने का प्रयास है, इसकी तत्काल उच्च स्तरीय जांच करवाने की कृपा करें। भवदीय विकास तिवारी
  • यह क्या हो रहा है ? फास्टैग द्वारा ठगी, वापसी की छूट भी समाप्त - क्या कर रहे हैं आप ?
    यह क्या हो रहा है ? - फास्टैग स्कैनिंग के दौरान आपसे आपके आने जाने के बारे में कैसे पूछेगा ? वापसी की छूट भी समाप्त - आम आदमी को किस प्रकार लूटा जा रहा है इसकी एक बानगी हम आपके सामने पेश कर रहे हैं आज से लगभग 20 - 25 साल पहले तक टोल टैक्स दिन में सिर्फ एक बार वसूला जाता था यदि कोई वाहन किसी भी प्रदेश में किसी भी टोल टैक्स बैरियर पर एक रसीद कटा ले तो उसकी वह रसीद 24 घंटे तक हर टोल टैक्स बैरियर पर मान्य होती थी चाहे वाहन उस 24 घंटे के दौरान कितने भी टोल बैरियर पार कर ले और उस समय टोल टैक्स मात्र 5 से 7 रुपए लगता था | फिर उसके बाद हर टोल बैरियर पर टोल टैक्स लगने लगा वह भी अलग-अलग अमाउंट - कहीं 10 कहीं 25 कहीं 54 कहीं 84 कहीं 86 कहीं 125 रुपए क्यों किसी को समझ नहीं आ रहा, परंतु मजबूरी थी वाहन मालिकों - चालकों की, आम नागरिक मजबूरी में टोल टैक्स दे रहा था-परंतु इसमें एक सुविधा जरूर दी गई थी वह यह कि यदि आप 24 घंटे के दौरान वापस आते हैं तो आपको पहले बताना पड़ता था कि हमारे वाहन की रसीद वापसी की भी काटो, जिससे लगभग 25 से 30% की छूट मिलती थी अर्थात 50 जाना 50 आना मिलाकर 100 होता था तो एक साथ रसीद कटाने पर 70 से 75 रूपये की रसीद टोल बैरियर वाले काटते थे और वापसी पर कोई टोल टैक्स दोबारा अलग से नहीं देना पड़ता था - टोल बैरियर के आसपास के लोगों सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, प्रदेश एवं केंद्र सरकार के शासकीय वाहनों के साथ-साथ मीडिया कर्मियों को टोल टैक्स से मुक्त रखा गया था - इसके बाद आया फास्टेग का जमाना - फास्टैग मतलब ऑनलाइन, डिजिटल टोल टैक्स पेमेंट का - अपने वाहन पर फास्टैग लगाओ, फास्टैग अकाउंट को रिचार्ज करो, उसमें बैलेंस रखो, जिसका कोई ब्याज नहीं मिलेगा और ना ही वह राशि वापस मिलेगी - अब फास्टैग की एक दूसरी खासियत हम आपको बताते हैं कि किस प्रकार आम आदमी को सरकार एक और नए तरीके से लगने लगी है, सुविधा के नाम पर, डिजिटल इंडिया के नाम पर, डिजिटल कैश के नाम पर और स्कैनिंग के नाम पर टोल टैक्स की वापसी की छूट भी समाप्त कर दी गई - अर्थात अब आपको जाने और आने का पूरा पूरा टोल टैक्स हर बार देना पड़ेगा चाहे दिन में कितनी बार भी उस टोल टैक्स को पार करें | केंद्र सरकार ने यहां यह स्पष्ट नहीं किया कि फास्टैग स्कैनिंग के दौरान आपसे आपके आने जाने के बारे में कैसे पूछेगा ? वह कैसे जानेगा कि वाहन मालिक को या वाहन चालक को 24 घंटे के अंदर इस बैरियर पर वापस भी आना है या नहीं ? या दिन में बार-बार आना है या नहीं - बस आप जितनी बार जाओ या जितनी बार आओ टोल बैरियर को उसके स्केनर को और केंद्र सरकार को इससे कोई मतलब नहीं - हर बार आपके अकाउंट से पैसा कटेगा और सीधे टोल बैरियर के ठेकेदार के खाते में चला जाएगा - एक प्रकार से कहा जाए तो यह फास्टैग प्लान केंद्र सरकार और टोल ठेकेदारों की आपसी मिलीभगत की ओर इशारा करता है ! अब आम जनता तो ठगााने के लिए ही बनी है - क्या कर सकते हैं बेचारे वाहन मालिक और वाहन चालक ? अब वाहन खरीदा है तो केंद्र सरकार का जुर्माना तो देना ही पड़ेगा, अन्यथा ट्रेनों - बसों में धक्के खाते जाओ - पेट्रोल डीजल के दाम आसमान को छू रहे हैं उसमें भी सरकार कमा रही है - टोल टैक्स में भी सरकार कमा रही है - और भुगतान कर रहा है तो आम आदमी - और सबसे ज्यादा परेशान हो रहा है तो मध्यमवर्ग - जिसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं है - गरीब को तो हर चीज मुफ्त में मिल जाएगी और अमीर सरकार और बैंक को चूना लगाकर डिफाल्टर घोषित कर ऐश कर रहे हैं - पर बेचारा मध्यमवर्ग का व्यक्ति, नागरिक जाए तो जाए कहां ? उसके रोने का भी असर सरकारों पर नहीं पड़ता, सरकारों को गरीब आदमी से वोट लेने की चिंता रहती है और धनाढ्य - अमीर लोगों से चंदा -- बस इसी तरह चल रही है जिंदगी कौन बताएगा कि यह क्या हो रहा है ? Sukhbir Singhotra - 9301094242
  • आजाद भारत में पहली बार होगी किसी महिला को फांसी, क्या शबनम के बेटे की पुकार सुनेंगे राष्ट्रपति?

    13 साल पहले अमरोहा की रहने वाली शबनम ने प्रेमी के साथ मिलकर परिवार के 7 लोगों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी.

    शबनम के बेटे ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से उसकी मां को माफ करने की अपील की है. राष्ट्रपति ने 15 फरवरी को उसकी दया याचिका खारिज कर दी थी.

    उत्तर प्रदेश में पहली बार आजाद भारत के बाद किसी महिला को फांसी दी जाएगी. मथुरा स्थित उत्तर प्रदेश के इकलौते फांसी घर में अमरोहा की रहने वाली शबनम को फांसी पर लटकाया जाएगा. इसके लिए मथुरा जेल में तैयारियां भी शुरू हो गई हैं. हालांकि फांसी कब होगी, इसकी अभी कोई तारीख तय नहीं हुई है. इस बीच शबनम के बेटे ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से उसकी मां को माफ करने की अपील की है. राष्ट्रपति ने 15 फरवरी को उसकी दया याचिका खारिज कर दी थी.

     

    सुप्रीम कोर्ट से खारिज,  राष्ट्रपति ने भी बरकरार रखी फांसी की सजा

     

    सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद अब हत्या के आरोप में बंद शबनम की फांसी की सजा को राष्ट्रपति ने भी बरकरार रखा है, ऐसे में अब उसका फांसी पर लटकना तय हो गया है. मथुरा जेल में महिला फांसीघर में शबनम की फांसी की तैयारी भी शुरू हो गई है. डेथ वारंट जारी होते ही शबनम को फांसी दे दी जाएगी. निर्भया के दोषियों को फंदे से लटकाने वाले पवन जल्लाद अब तक दो बार फांसी घर का निरीक्षण भी कर चुके हैं.

     

    शबनम के बेटे ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा है कि मेरी राष्ट्रपति जी से अपील है कि मेरी मां को फांसी न दें, मैं उनसे बहुत प्यार करता हूं.  दरअसल 13 साल पहले अमरोहा की रहने वाली शबनम ने प्रेमी के साथ मिलकर परिवार के 7 लोगों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी. शबनम अभी रामपुर जेल में बंद है, जबकि उसका प्रेमी आगरा जेल में है.

     

    क्या हुआ था 13 साल पहले?

     

    गौरतलब है कि अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र के गांव बावनखेड़ी के शिक्षक शौकत अली की इकलौती बेटी शबनम के सलीम के साथ प्रेम संबंध थे. सूफी परिवार की शबनम ने अंग्रेजी और भूगोल में एमए किया था. उसके परिवार के पास काफी जमीन थी. वहीं सलीम पांचवीं फेल था और पेशे से एक मजदूर था. इसलिए दोनों के संबंधों को लेकर परिजन विरोध कर रहे थे.

     

    शबनम ने सात लोगों को कुल्हाड़ी से काटकर मार डाला था

     

    शबनम ने 14 अप्रैल, 2008 की रात अपने प्रेमी के साथ मिलकर ऐसा खूनी खेल खेला कि सुनकर पूरा देश हिल गया था. शबनम ने अपने माता-पिता और 10 माह के भतीजे समेत परिवार के सात लोगों को पहले बेहोश करने की दवा खिलाई. बाद में सभी को कुल्हाड़ी से काटकर मार डाला था.

  • *राजधानी जहां से चलती है प्रदेश की सरकार - वहीं पर घूमते हैं सूअर द्वार द्वार*

    *राजधानी जहां से चलती है प्रदेश की सरकार - वहीं पर घूमते हैं सूअर द्वार द्वार*

    *सब्बो सुअर हमर द्वार कंहा हे नगर निगम सरकार*

    *कब होगा सूअर मुक्त शहर*

    आज मदर टेरेसा वार्ड क्रमांक 48 अंतर्गत *तुंहर सरकार तुंहर द्वार*

    शिविर में उपस्थित महापौर एजाज ढेबर, विधायक कुलदीप जुनेजा,नगर निगम आयुक्त सौरव सिंह ,जोन 3 आयुक्त प्रवीण गहलोत को 10 सूत्री मांग पत्र भाजपा नेता दीपक भारद्वाज (पोल्ले) ने सौंपा। भाजपा नेता दीपक भारद्वाज (पोल्ले) ने प्रतीकात्मक विरोध के तहत अपने कुर्ते में *सुअर* की फ़ोटो बना कर उसमे *सब्बो सुअर हमर द्वार कंहा हे नगर निगम सरकार* स्लोगन लिखा।

    भाजपा नेता दीपक भारद्वाज के इस अनोखे प्रदर्शन के बाद महापौर एजाज ढेबर ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई कर सूअरों को बाहर निकालने का आदेश जारी किया परंतु सवाल यह उठता है कि चुनावी वादे करने वाले चुनाव जीतने के बाद अपने वादों से मुकर क्यों जाते हैं हम आपको बता दें की मदर टेरेसा वार्ड के कांग्रेसी पार्षद अजीत कुकरेजा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में स्पष्ट किया था कि वे चुनाव जीतने के बाद 15 दिनों में वार्ड से सूअरों को बाहर कर देंगे परंतु 15 दिनों की तो बात छोड़ो 15 महीने गुजरने के बाद भी वार्ड सूअर मुक्त नहीं हुआ अब ऐसे में विपक्ष के नाते इस वार्ड से भाजपा की टिकट पर पार्षद चुनाव लड़ने वाले दीपक भारद्वाज ने आज वार्ड में आई सरकार को इस अनोखे प्रदर्शन के जरिए उनके वादों को याद दिलाया अब देखने वाली बात यह है की तू हर सरकार तो हरिद्वार के इस कार्यक्रम के बाद तमाम शिकायतों पर निगम का अमला कब और क्या कार्यवाही करता है और यदि यह कार्रवाई महापौर के कहे अनुसार 2 दिन में नहीं हुई तो कहा जा सकता है कि तुहर द्वार तुंहर सरकार ह नहीं करही कोनो कार ( कार्य ) अब ऐसे में नागरिक चुनावी घोषणाओं पर भरोसा कर यदि मतदान करते हैं तो उनके साथ यह एक प्रकार से धोखा है ठगी है और इस ठगी के लिए भी जनप्रतिनिधियों पर जुर्म दर्ज होना चाहिए - सीजी 24 न्यूज़ - 9301094242