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  • गुरुद्वारा स्टेशन रोड रायपुर के प्रधान सरदार दिलीप सिंह होरा ने अपने पद से दिया इस्तीफा
    *सिक्ख समाज ब्रेकिंग न्यूज़* राजधानी रायपुर से बड़ी खबर आ रही है | छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े ऐतिहासिक, गुरुद्वारा स्टेशन रोड के प्रधान सरदार दिलीप सिंह होरा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है | इस बात की पुष्टि उन्होंने सीजी 24 न्यूज़ से बातचीत में स्वयं की है | उल्लेखनीय है कि पिछले लगभग 30 वर्षों से वे लगातार इस गुरुद्वारे के अध्यक्ष रहे हैं और हर बार वे निर्विरोध ही नियुक्त होते आए हैं | इस तरह अचानक उनके द्वारा अपने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देना चर्चा का विषय है | शांत स्वभाव के सरदार दिलीप सिंह होरा निर्विवाद रहे हैं, उनके कार्यकाल में स्टेशन रोड गुरुद्वारे के पुराने भवन की जगह विशाल आलीशान गुरुद्वारा बनाया गया | साथ ही यह बताना भी जरूरी है कि छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों में स्टेशन रोड गुरुद्वारा को शामिल करवाने में भी सरदार दिलीप सिंह होरा की सक्रियता रही है | अपनी समिति के सदस्यों के साथ वे लगातार हर क्षेत्र में सिख समाज के साथ-साथ रायपुर सहित प्रदेश को आगे बढ़ाने में प्रयासरत रहते है|
  • कांग्रेस के धरना को भाजपा ने बताया फ्लॉप राहुल गांधी के झूठ को सच बताने में लगे कांग्रेसी: भाजपा

    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने कहा है कि आरक्षण के मुद्दे पर झूठ-फरेब की राजनीति करके कांग्रेस देश व प्रदेश में भ्रम फैलाने की नई सियासी नौटंकी कर रही है। श्री उपासने ने आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस के रविवार को आहूत धरना-प्रदर्शन को फिजूल की सियासी कवायद व फ्लॉप शो करार दिया और कहा कि प्रदेश सरकार की हर मोर्चे पर नाकामियों से प्रदेशवासियों का ध्यान भटकाने के लिए कांग्रेस अब सीएए-विरोध की तर्ज पर आरक्षण को लेकर लोगों को उकसाकर पूरे प्रदेश को शाहीन बाग बनाने के गर्हित एजेंडे पर काम कर रही है। राहुल गांधी के आरक्षण पर झूठ को सच बताने के लिए धरना दिया गया।
    भाजपा प्रदेश प्रदेश प्रवक्ता श्री उपासने ने कहा कि आरक्षण को लेकर कांग्रेस एक बार फिर देश में झूठ का रायता फैलाने के अपने निकृष्ट राजनीतिक हथकंडे पर उतर आई है और ऐसा करके वह समाज को जाति-भेद के दल-दल में धकेलने का पाप-कर्म कर रही है। लेकिन कांग्रेस अपने इस राजनीतिक भ्रम में कभी सफल नहीं होगी और भाजपा देश को कांग्रेस के झूठ का पर्दाफाश करके सच बताएगी। श्री उपासने ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी हर मंच से बार-बार देश को विश्वास दिलाया हैं कि आरक्षण की व्यवस्था खत्म नहीं की जाएगी बावजूद इसके, कांग्रेस व शेष विपक्ष देश में अपने मिथ्या प्रलाप से अविश्वास फैलाने पर आमादा है। आरक्षण पर उत्तराखंड सरकार के पक्ष पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है, लेकिन इस फैसले को लेकर भाजपानीत केंद्र पर अकारण दोषारोपण करना कांग्रेस नेताओं के दिमागी दीवालिएपन का परिचायक है।
    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री उपासने ने कहा कि विचारवान नेतृत्वहीनता के चलते कांग्रेस फिजूल के आंदोलनों में अपनी ऊर्जा नष्ट कर रही है। जिस कांग्रेस के प्रदेश सरकार के मंत्री सीएए विरोधी आंदोलन के मंच को साझा करते देखे जाते हों, उस कांग्रेस के नेता अब आरक्षण को लेकर झूठ बोलकर प्रदेश को उन्माद की राह पर धकेलने पर आमादा हैं लेकिन भाजपा के कार्यकर्ता कांग्रेस के मंसूबों पर पानी फेरकर प्रदेश में कांग्रेस के मिथ्याचार का पर्दाफाश करेगें।

  • केंद्र सरकार की महंगाई के विरोध में महिला कांग्रेस का प्रदर्शन
    शहर जिला महिला कांग्रेस, रायपुर में केंद्र सरकार की महंगाई के विरोध में प्रदर्शन किया गया रायपुर 14 फरवरी 2020 प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती फूलोदेवी नेताम ने आज केंद्र सरकार पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेंड पर ₹150 के मूल्य वृद्धि की गई है जो पहले से ही महंगाई से त्रस्त थी अौर अब गैस सिंलेन्डर के लगातार मुल्य वृद्धि से जैसे कमर ही टुट गया है। केंद्र सरकार द्वारा बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर के मूल्य वृद्धि के विरोध में यह प्रदर्शन प्रदेश अध्यक्ष महिला कांग्रेस श्रीमती फुलोदेवी नेताम जी के निर्देशानुसार किया गया। रसोई गैस की कीमत में बढ़ोतरी के खिलाफ महिला कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। महिलाओं का कहना है कि दिनों दिन केंद्र सरकार रसोई गैस के दाम बढ़ा रही है। सरकार का अब मूल्य वृद्धि पर नियंत्रण नहीं रहा। नरेन्द्र मोदी पूरी तरह से फेलवर साबित हो गये है। इस दौरान महिलाओं ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा सरकार ने जनता का बजट खराब कर दिया है। पहले 354 रुपये में गैस सिलेंडर मिलता था,जो आज 936 रुपए हो गया है। कांग्रेस के समय यदि तनिक भी मंहगाई बढती थी तो ये भाजपा के नेता मंहगाई डायन कह कर सडको पर प्रदर्शन करते थे। पूरे देश में सिलेंडर का दाम बढ़ते जा रहा है और इसका सीधा असर गृहणी पर पड़ता है। क्योंकि गृहणी अपना एक बजट बनाकर चलती है और उस बजट में हमें 1000 रुपए अगर सिलेंडर के लिए देने होंगे तो हमारा पूरा बजट बिगड़ ही जाएगा। मोदी जी आपने वादा किया था मंहगाई कम करने का आपने देश के जनता जनार्दन के साथ वादा खिलाफी किये हो। यदि सिलेंडर के दाम काम नहीं हुए तो धरने के स्वरूप बढ़ जाएगा और शहर शहर प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम में उपस्थित श्रीमती उषा रज्ज्न श्रीवास्त वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष, श्रीमती आशा चौहान अध्यक्ष शहर जिला महिला कांग्रेस, श्रीमती सुनीता शर्मा, श्रीमती बबीता नथानी, कल्पना सागर, सायरा खान, सरिता शर्मा, हजरुन बानो, सुषमा यादव, शोभा श्रीवास्त, सुषमा मेहरा, देवकी लोहा, अपर्णा फ्रांसिस, पिंकी बाघ, शम्मी बेगम, राहत परवीन, निक्की बेगम, ईश्वरी पटेल, निशा बदरोट, पुष्पा प्रधान, करुणा कुर्रे, प्रीती सारथी, तारा ओझा, नसीमा बानो आदि भारी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति थी ।
  • छत्तीसगढ़ के जिला पंचायतों में कांग्रेस का कब्जा।
    छत्तीसगढ़ के त्रिस्तरीय। चुनाव परिणामों के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव में। 27 जिलों में से। 20 पर कांग्रेस के अध्यक्ष। एवं साख पर। भाजपा के अध्यक्ष चुने गए उसी प्रकार 27 जिलों में से 21 पर कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं 6:00 पर भाजपा के उपाध्यक्ष चुने गए। इस प्रकार। अध्यक्ष उपाध्यक्ष चुनाव में भी। कांग्रेश ने बाजी मार ली है। कौन कहां से जीता? जानने के लिए। देखें लिस्ट।
  • रायपुर जिला पंचायत की नई अध्यक्ष बनी डोमेश्वरी वर्मा
    ब्रेक :- रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस ने मारी बाजी - कांग्रेस समर्थित सोमेश्वरी वर्मा बनी जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष ---- कांग्रेस की उम्मीदवार डोमेश्वरी वर्मा को मिले 12 वोट प्रतिद्वंदी भाजपा उम्मीदवार को मिले केवल 4 वोट जिला पंचायत अध्यक्षों की जीत में कांग्रेस का जीत का सिलसिला जारी।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पीएल पुनिया ने तीखे जुबानी हमले किए
    कांग्रेस सांसद छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में अनुसूचित जाति-जनजाति आरक्षण में संशोधन अधिनियम के विषय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान पुनिया ने कहा कि संशोधित आरक्षण अधिनियम के जरिए भाजपा सरकार देश के आदिवासियों और पिछड़ों के तरक्की करने का अधिकार छीन रही है। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखे जुबानी हमले किए। पुनिया ने कहा- जब पहली बार प्रधान-मंत्री बने थे, तब संसद में सीढ़ियों पर मत्था टेककर प्रवेश किया था। अब उसी संसद का अपमान करने वाले कानून पास करवा रहे हैं। नाथूराम गोडसे ने भी इसी तरह पहले गांधी जी के पैर छुए फिर उनको गोली मार दी। यह इनकी संस्कृति है। केंद्र सरकार और भाजपा आरक्षण खत्म करना चाहती है। भाजपा एसटी एससी और ओबीसी आरक्षण को लेकर कुठाराघात करना चाहती है। भाजपा आरक्षण का खुलकर विरोध कर रही है। फैसले के पैराग्राफ 8 और 12 में भी इसका उल्लेख है। यह कहा गया है कि एसटी-एससी-ओबीसी आरक्षण कोई वैधानिक अधिकार नहीं है। राज्यों का भी वैधानिक उत्तरदायित्व नहीं है। यह सरकार के विवेक पर निर्भर करता है कि वह किसी वर्ग को आरक्षण दे या नहीं दे। बता दें कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी इन दिनों अपने-अपने प्रभार वाले प्रदेशों में 12 से 14 फरवरी के बीच आरक्षण को लेकर प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं। इस दौरान पीसीसी चीफ मोहन मरकाम और आईआईसी के प्रभारी सचिव चंदन यादव सहित कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।
  • अजमेर शरीफ । हाजी अली । हजरत निजामुद्दीन
    अजमेर शरीफ। हाजी अली। हजरत निजामुद्दीन जैसी मुस्लिम धार्मिक जगहों पर दर्शन करने पाकिस्तान से आने वाले पर्यटको दर्शनार्थियों पर प्रति व्यक्ति $40 की फीस भारत सरकार को लगा देना चाहिए ! क्योंकि जब पाकिस्तान करतारपुर साहिब दर्शन करने जाने वाले हिंदुस्तानियों भारतवासियों से $20 प्रति व्यक्ति वसूल करने का नियम लागू कर सकता है तो भारत को भी चाहिए कि पाकिस्तान से आने वाले दर्शनार्थियों से प्रति व्यक्ति $40 की एंट्री फीस, पासपोर्ट और वीजा के अलावा लगा देना चाहिए | पाकिस्तान के अनेक नेता अधिकारी हिंदुस्तान के अजमेर शरीफ दर्शन करने आते हैं उन्हें भी तो पता लगे कि प्रति व्यक्ति। $40 सिर्फ दर्शन के लिए देना कितना तकलीफ दायक और खर्चीला है। हिंदुस्तान के सभी सिख भाइयों से अपील है कि इस मैसेज को वायरल करें ताकि हमारी सरकार भी हमारे विरोध को मद्देनजर रखते हुए पाकिस्तानी दर्शनार्थियों पर $40 प्रति व्यक्ति लगाकर राजस्व में बढ़ोतरी तो करें ही साथ ही पड़ोसी देश को एहसास कराएं। कि हमारे। देश के नागरिक। जब आपके देश में दर्शन करने जाएंगे तो आप। प्रति व्यक्ति दर्शन चार्ज लगाएंगे और भारत क्यों ना लगाए | सीजी 24 न्यूज़
  • रॉयल स्टैग शराब के विज्ञापन में नीचे लार्ज एंड शार्ट फिल्म लिखकर की जा रही धोखाधड़ी।
    रॉयल स्टेग शराब कंपनी और सिंबा बीयर की स्पॉन्सरशिप में राजधानी रायपुर के शैमरॉक ग्रीन होटल में होने वाले पंजाबी म्यूजिक फेस्टिवल के बारे में आबकारी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर रायपुर, नोहर सिंह -- आबकारी भवन में उच्च अधिकारी एपी त्रिपाठी शराब के अवैध विज्ञापन के बारे में कोई भी संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं दे पा रहे हैं | सभी मामले को टाल रहे हैं। हम आपको बता दें कि नियमानुसार शराब और बीयर का विज्ञापन नहीं हो सकता। वहीं दूसरी तरफ अधिकारियों का कहना है कि शराब कंपनियां चालबाजी कर विज्ञापन के नीचे प्रोडक्ट का दूसरा नाम लिखकर प्रचार करती हैं - जिसके कारण हम कार्यवाही नहीं कर पाते | हम इन अधिकारियों से पूछना चाहते हैं कि जब आप जान रहे हैं कि संबंधित शराब कंपनियां फर्जी तरीके से विज्ञापन कर रही हैं और आप लोग उनपर कोई कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे हैं ? उन्हें कोई नोटिस क्यो नहीं भेज रहे ? उनसे यह जानकारी क्यों नहीं ले रहे -- कंपनियों से यह क्यों नहीं पूछते? कि जो शब्द आपने नीचे लिखा है वह प्रोडक्ट कहां हैं? अगर रॉयल स्टैग के नीचे लार्ज एंड शार्ट फिल्म लिखा है तो विभाग को रॉयल स्टैग कंपनी से पूछना चाहिए कि रॉयल स्टैग बैरल के नाम से कौन सी फिल्म बनी है? कौन सी फिल्म का प्रोडक्शन इस कंपनी ने किया है? कौन सी फिल्म का डायरेक्शन किया है ? और कहां है उसका रजिस्ट्रेशन? अब इन सब चीजों को जानकर भी अगर संबंधित विभाग अनजान बना है तो यह साफ जाहिर होता है कि अधिकारी और शराब कंपनियों की आपस में मिलीभगत है ! इनके बीच में लेनदेन होता है ! शराब कंपनियां बिंदास शराब का विज्ञापन कर रही हैं और अधिकारी हाथ पर हाथ धरे चुपचाप बैठे अपनी जेबें भर रहे हैं ! यहां एक और बड़ा सवाल उठता है कि अगर अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं तो शासन प्रशासन क्या कर रहा है? जनप्रतिनिधि क्या कर रहे हैं? संबंधित विभाग के मंत्री क्या कर रहे हैं? ---- क्यों नहीं कर रहे? ऐसी अधिकारियों पर कार्यवाही जिनकी ड्यूटी इन सब की मॉनिटरिंग करना है और नियम विरुद्ध कार्य करने वालों पर सख्त से सख्त कार्यवाही करना है। इस आयोजन के एक और स्पॉन्सर सिंबा बियर के विज्ञापन में लिखा है पावर्ड बाय फाइनली क्राफ्टेड सिंबा | अब इन अधिकारियों से हम यह पूछना चाहेंगे कि फाइनली क्राफ्टेड सिंबा का कौन सा प्रोडक्ट मार्केट में है ? जिसके कारण यह अधिकारी बियर कंपनी पर कार्यवाही करने से पीछे हट रहे हैं -- गूगल में सर्च करने पर भी फाइनली क्राफ्टेड सिंबा लिखने पर क्लियर कट बियर के प्रोडक्ट और बीयर कंपनी के बारे में ही पूरी जानकारी सामने आती है। फिर कैसे कहा जा सकता है कि यह विज्ञापन बियर कंपनी का नहीं है | आबकारी विभाग एवं संबंधित सभी विभागों के अधिकारियों द्वारा टालमटोल करने से यह साफ जाहिर होता है कि संबंधित अधिकारियों और शराब एवं बीयर कंपनियों के बीच कुछ ना कुछ सांठगांठ है। तभी सभी अधिकारी तमाम शिकायतों के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं करते | संभव है सत्ता का दबाव भी इन अधिकारियों पर होता होगा ! यह अधिकारी ही बताएंगे कि इन पर सत्ता का दबाव है या रिश्वत का ? अब देखना यह है कि तमाम प्रमाण उपलब्ध करवाने के बावजूद। बिना परमिशन। आए हो रहे इस आयोजन पर। सभी संबंधित विभाग क्या कार्यवाही करते हैं? और यह कार्यक्रम अगर निर्धारित मापदंडों के बगैर हुआ तो इस मामले को न्यायालय में भी ले जाया जा सकता है।
  • शराब का विज्ञापन करना प्रतिबंधित है - पब्लिक प्लेस में शराब पीना और पिलाना गैरकानूनी है

    केंद्र सरकार द्वारा शराब का विज्ञापन करना प्रतिबंधित है - तो विज्ञापन कैसे किया जा सकता है ?

    आबकारी विभाग के नियमों के अनुसार पब्लिक प्लेस में शराब पीना और पिलाना गैरकानूनी है , तो ऐसा करने वालों के खिलाफ आबकारी विभाग कोई कार्यवाही क्यों नहीं करता ?

    शादी विवाह या अन्य किसी आयोजन में शराब पिलाने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है, तो बिना लाइसेंस लिए शराब पिलाने पर विभाग कोई कार्यवाही क्यों नहीं करता ?

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आबकारी विभाग अर्थात एक्साइज डिपार्टमेंट इन सब गैरकानूनी कार्यो को शह दे रहा है - देख कर भी अनजान बना हुआ है। इससे तो ऐसा जान पड़ता है कि अधिकारियों की मिलीभगत है।

    हम आपको बता दें राजधानी रायपुर के शैमरॉक ग्रीन होटल में 8 फरवरी को गाना क्रास ब्लेड एक्सप्रेस के नाम से पंजाबी म्यूजिक फेस्टिवल का आयोजन होने वाला है। जिसमें रॉयल स्टैग बैरल शराब और सिंबा बियर कंपनी मुख्य स्पॉन्सर है। इस आयोजन में देश के जाने-माने गायक आ रहे हैं, चंडीगढ़ की स्पीड रिकॉर्ड कंपनी द्वारा आयोजित इस फेस्टिवल के लिए 500 रुपये से लेकर 5000 रुपए की कीमत के टिकट ऑनलाइन बेचे जा रहे हैं, राजधानी के अनेक जगहों से कैश भी बेचे जा रहे हैं . कार्यक्रम स्थल पर भी बेचे जाएंगे।

    इस म्यूजिक फेस्टिवल आयोजन में बच्चे, युवा, महिलाओं सहित भारी संख्या में दर्शकों के आने की संभावना है।

    म्यूजिक फेस्टिवल के आयोजकों द्वारा इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर ही शराब बीयर के साथ अनेक तरह के व्यंजन बेचने की तैयारी है। इसके लिए सोशल मीडिया के साथ-साथ शहर में भी विज्ञापन बोर्ड, होर्डिंग, फ्लेक्स लगाए जा रहे हैं। जिनमें रॉयल स्टैग शराब एवं सिंबा बियर का भी विज्ञापन किया जा रहा है - जबकि नियमानुसार शराब का विज्ञापन करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।-
    सोशल मीडिया के माध्यम से दर्शकों तक यह बात पहुंच चुकी है। जाने-माने गायकों के चाहने वाले इस आयोजन के बारे में जान चुके हैं। परंतु छत्तीसगढ़ सरकार का आबकारी अमला - एक्साइज विभाग इन सब से अनजान है क्यों? - क्यों नहीं उसे पता कि इतना बड़ा आयोजन यहां पर होना है ? वह भी किसी शराब कंपनी के स्पॉन्सरशिप में ? छत्तीसगढ़ की जानी मानी बियर कंपनी के स्पॉन्सरशिप में। जहां परिवार की महिलाओं और बच्चों के बीच खुले आम शराब बेची जायेगी और पिलाई जायेगी -
    यह कहां पर लिखा है कि जब तक मीडिया के लोग इन विभागों को जानकारी नहीं देंगे तब तक विभाग के अधिकारियों कोई कार्यवाही नही करेंगे - विभाग के अधिकारियों की आंखें क्यों बंद रहती हैं - जब भी विभाग के अधिकारियों से बात की जाती है तो उनका जवाब रहता है कि आपने जानकारी दी है हम इसकी जांच कराकर कार्रवाई करेंगे - मतलब अधिकारियों को प्रमाण देने के बाद भी जांच की आवश्यकता पड़ती है क्यों ? -
    किस बात की तनखा लेते हैं ? - करोड़ों रुपए तनखा लेकर, एसी कमरों और ऐसी कारों में घूमने वाले इन अधिकारियों पर भी सरकार को कार्रवाई करना चाहिए।

    हम आपको बता दें कि कार्यक्रम आयोजन टीम के सदस्य अंकुश ने सीजी 24 न्यूज से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया है कि हमारे कार्यक्रम के मुख्य स्पॉन्सर रॉयल स्टैग और सिंबा बीयर हैं।

    वहीं दूसरी तरफ असिस्टेंट एक्साइज कमिश्नर नोहर सिंह ठाकुर ने सीजी 24 न्यूज से कहा कि अगर कोई नियम तोड़ेगा तो विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।

    अब देखने वाली बात यह है कि नियम विरुद्ध शराब का विज्ञापन करने - पब्लिक प्लेस पर हजारों लोगों की भीड़ में शराब बेचने और परोसने और टिकट लगाकर म्यूजिक फेस्टिवल करके मनोरंजन टैक्स ना पटाने पर संबंधित विभाग के अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं?
    या नियम विरुद्ध कार्यों को नियमानुसार बताकर अपना हिस्सा लेकर चुपचाप बैठ जाएंगे। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भी अगर यही सब कुछ चलता रहा, तो सत्ता बदलने का उद्देश्य आम जनता के लिए पूरा नहीं होगा। सीजी 24 न्यूज

  •  70 लाख रु से निर्मित आलीशान स्वीमिंग पूल कांड - जांच के आदेश
    *ब्रेकिंग न्यूज़- रमन सरकार के एक और बड़े घोटाले की जाँच हेतु शिकायत वन एवं कानून मंत्री मो अकबर से कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने लिखित शिकायत करके सुकमा के तत्कालीन डीएफओ राजेश चंदेले द्वारा सरकारी आवास में लगभग 70 लाख रु से निर्मित आलीशान स्वीमिंग पूल कांड के जांच की मांग की है इस कांड की जाँच रमन सरकार के समय नही की गयी थी।इस खुलासे ने पूरे देश-विदेश में भी सुर्खिया बटोरी थी।*
  •  क्या आप जानते हैं ? - कैसे लूट रहे हैं आपको बैंक और केंद्र सरकार ?
    अब इसे आप खुशखबरी समझे या बुरी खबर यह आप पर निर्भर है | केंद्र सरकार ने बजट में आपकी बैंकों के डिफाल्टर होने पर आप की रकम की इंश्योरेंस राशि एक लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दी है | इस विषय को गंभीरता से समझने की आवश्यकता है | यदि किसी बैंक में आपकी मेहनत की कमाई रकम 5 लाख से ऊपर अर्थात 10 लाख, 50 लाख, एक करोड़, दो करोड़, 5 करोड़, 10 करोड़, 25 करोड़, 50 करोड़ जमा है और किसी कारणवश वह बैंक डिफाल्टर हो गया तो बैंक के नियमानुसार और केंद्र सरकार की पॉलिसी अनुसार बैंक और सरकार आपको सिर्फ 5 लाख की देनदार रहेगी | बाकी की रकम के लिए आप स्वयं जिम्मेदार रहेंगे, देश का कोई कानून आपकी रकम वापस दिलाने में सहयोगी नहीं होगा | मतलब यह हुआ कि पहले की केंद्र सरकार ने आपके करोड़ों की राशि डूबने पर एक लाख रुपये भुगतान का प्रावधान रखा था | वही वर्तमान केंद्र सरकार ने आप पर एहसान करते हुए आप की करोड़ों की राशि के बदले आपको एक लाख की जगह 5 लाख रुपये देने का प्रावधान इस बजट में कर दिया है | अब इसे आप किस रूप में लेते हैं कि अपनी ही रकम केंद्र सरकार के दबाव में बैंक में रखने के बाद आप कभी भी सड़क पर आ सकते हैं, भूखों मरने की नौबत आ सकती है, इलाज के लिए तरस सकते हैं तब क्या होगा ? -- सीजी 24 न्यूज परंतु इस विकट स्थिति में ना सरकार आपका साथ देगी - ना देश का कोई कानून आपका साथ देगा - बैंक तो साथ देगा ही नहीं क्योंकि वह खुद अपने आप को डिफाल्टर घोषित कर चुका है | मतलब यह कि केंद्र सरकार के नियमों के तहत आप अपने रुपयों को घर पर भी नहीं रख सकते, नगद लेनदेन नहीं कर सकते, बैंकों में रखने की बाध्यता केंद्र सरकार ने आप पर लाद दी है, और वहीं दूसरी तरफ बैंकों के डिफाल्टर ना होने की कोई गारंटी केंद्र सरकार नहीं दे रहा है | आपकी जमा रकम जिसका जमा करने का आपके पास प्रमाण है फिर भी केंद्र सरकार आपको आपकी रकम वापस करने की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है| आश्चर्यजनक कानून है बैंकों के साथ मिलकर केंद्र सरकार का जनता को लूटने का ? - अब इसका दूसरा पक्ष हम आपको बताते हैं जो सुखद पक्ष भी हो सकता है ! इसके लिए अगर 10 - 20 लोग मिलकर आपस में रकम को संग्रहित कर एक बैंक की स्थापना करें और बैंक स्थापना के लिए रिजर्व बैंक के नियमों को पूरा करें और उसके बाद बिंदास होकर लोगों की रकम अपने बैंक में जमा कराएं और उस जमा रकम को अपने ही सदस्यों सहित रिश्तेदारों, जान पहचान वालों को अनेक कंपनियां बनवा कर कर्ज में देकर वापस जमा करने से मना कर दें | सीजी 24 न्यूज़ उन परिचित कर्जदारों को लगातार नोटिस पर नोटिस देकर बैंक के नियमों के अनुसार कागजी कार्रवाई पुख्ता करते रहें और अंत में कर्ज में दी गई रकम को एनपीए बताकर बैंक को डिफाल्टर घोषित कर दें | उसके बाद जिन व्यक्तियों खाताधारकों की रकम करोड़ों या 5 लाख से ऊपर की जमा है, उन्हें रुला रुला कर, बैंक के नियमों का हवाला देकर, केंद्र सरकार के नियमों को दिखाकर और कानून की बाध्यता में बांधकर परेशान कर कर के 5 लाख रुपये की रकम केंद्र एवं रिजर्व बैंक के नियमानुसार देकर अपना छुटकारा पा लेते है तो सरकार और कानून क्या करेगा कुछ भी नहीं कर सकता क्योंकि यह सब नियम उन्हीं के बनाए हुए हैं और इस प्रकार 20 लोगों द्वारा स्थापित बैंक के डायरेक्टर और सदस्य अरबों - खरबों के मालिक बन जाएंगे | और किसी भी कानून में उन पर कोई कार्यवाही नहीं होगी, जिस प्रकार आज के हालात बनाये गए हैं | सीजी 24 न्यूज़ ऐसे में अगर बैंक की स्थापना करने वालों की संख्या बढ़ जाएगी और हर बैंक प्रबंधन कुछ सालों बाद अपने आप को डिफाल्टर घोषित करने लग जाएगा तो केंद्र सरकार एवं नेताओं द्वारा बनाया गया यह नियम क्या करेगा और पीड़ित खातेदार क्या करेंगे ? इस प्रकार आम आदमी का बैंकों से भरोसा उठ रहा है जिसकी जिम्मेदार सरकारें ही हैं सरकारी अर्थात राजनीतिक दलों के नेता जो नियम कायदे कानून बनाते हैं वही जिम्मेदार हैं और रहेंगे ? देश की सरकार खुलेआम संसद में बजट के माध्यम से नियम बनाकर देश की जनता को ठगने का काम कर रही है नियमों में प्रावधान ही नहीं है कि आपकी अपनी जमा की गई करोड़ों रुपए की रकम आपको वापस मिल सके | सीजी 24 न्यूज़ इसलिए सावधान हो जाएं अपने अपने बैंकों में जाएं, सांसदों के पास जाएं, रिजर्व बैंक को लिखें, प्रधानमंत्री को लिखे और उनसे पूछें कि उनकी क्या गलती है जो उनके द्वारा जमा की गई उनके खून पसीने की कमाई रकम कोई आपकी आंखों के सामने लूट कर ले जा रहा है और आप कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं और दूसरी तरफ केंद्र सरकार चुपचाप आंखें मूंदे आप को कानून का हवाला देकर चुप करा दे | सीजी 24 न्यूज़
  • एयर इंडिया, एयरलाइंस को बेचने की तैयारी के बाद अब एलआईसी का शेयर बेचने की तैयारी

    इस महत्वपूर्ण विषय पर आपके विचार आमंत्रित हैं 

    केंद्र सरकार ने कोल सेक्टर को बेचा, रेलवे को बेचने की तैयारी, एयर इंडिया एयरलाइंस को बेचने की तैयारी अब एलआईसी का शेयर बेचने की तैयारी -
    यह महत्वपूर्ण बड़े बड़े प्रोजेक्ट हैं जिन्हें सरकार बेचने की तैयारी कर रही है और बेच भी रही है -- इसके अलावा ना जाने कितने ऐसे शासकीय प्रोजेक्ट हैं जिन्हें सरकार बेच चुकी है या बेचने की तैयारी में है जो आम लोगों की नजरों में नहीं है |
    ऐसे में क्या सोचा जाए कि सरकार देश को बेच कर शासन करेगी ?

    अगर शासकीय प्रोजेक्ट बेचकर ही शासन चलाना है तो फिर टैक्स लेने की क्या जरूरत है ? जनता पर टैक्स क्यों लगाया जा रहा है ?

    देश का भविष्य संकट में नजर आ रहा है | पूर्व में केंद्र सरकार ने रिजर्व बैंक से लाखों करोड़ रुपए निकाल कर खर्च किए फिर भी देश की अर्थव्यवस्था नीचे ही जा रही है क्यों ?

    बैंक व्यवस्था
    एनपीए के कारण बैंकों की हालत पहले ही खस्ताहाल है - केंद्र सरकार ने ऐसा नियम बनाया है कि घर में पैसा नहीं रख सकते, जितना भी पैसा है बैंकों में रखना अनिवार्य किया गया है |
    वहीं दूसरी तरफ यदि बैंक डिफाल्टर होता है तो इंश्योरेंस के नाते सिर्फ एक लाख रुपए देने का प्रावधान रखा गया था जिसे इस बजट में बढ़ाकर 5 लाख रुपए किया गया है,

    अर्थात यदि आपका करोड़, दो करोड़, 5 करोड़, 25 करोड़, रूपया बैंक में जमा है और अगर किसी कारणवश बैंक डिफाल्टर हो जाता है या सरकार के नियमों के कारण, एनपीए बढ़ने से बैंक रकम वापस करने में असमर्थ हो जाता है तो मानिए आपके 25 करोड़ के बदले आपको 5 लाख ही सरकार या बैंक देगी |
    इसे कहां तक सही माना जा सकता है ? जब बैंक या सरकार मूल रकम भी वापस नहीं कर सकते तो आप बैंकों में पैसा रखना अनिवार्य किस आधार पर कर रहे हैं ? --

    केंद्र सरकार जो नियम बना रही है उससे देखा जाए तो सरकार की --- चित भी मेरी - पट भी मेरी - अंटी मेरे बाप की --- वाली कहावत चरितार्थ हो रही है |

    सरकार के नियमो के अनुसार खर्च करना है तो चेक से करो, लेनदेन करना है तो चेक से करो, और हर ट्रांजैक्शन के पीछे सर्विस चार्ज भी दो - यह कहां तक सही है ? - अगर यही हाल रहा तो हिंदुस्तान की जनता सड़क पर आकर आंदोलन करने पर बाध्य हो जाएगी -