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  • करोना वायरस से मरने वालों की संख्या 100 से पार स्थिति चिंताजनक
    भारत में कोरोना वायरस महामारी से वालों की संख्या 109 हो गई है | जबकि भारत में कोरोनावायरस से संक्रमितों की संख्या 4067 तक पहुंच गई है | वहीं दूसरी तरफ इस बीमारी से ठीक होने वालों की संख्या 292 है | कोरोनावायरस महामारी पर कंट्रोल के मामले में छत्तीसगढ़ मैं स्थिति संतोषजनक है | राष्ट्रीय स्तर पर मौत में वृद्धि के आंकड़े दुखदाई स्थित तक पहुंच गए हैं | अब यह भारत में चिंता का विषय बनता जा रहा है | ऐसे में इस विश्वव्यापी बीमारी पर रोक लगाने के लिए पूरे भारत के हर नागरिक को सहयोग करना पड़ेगा | इस बीमारी की जरा भी शंका होने पर लोगों को स्वयं होकर सामने आना पड़ेगा | निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए तबलीगी जमात के सभी लोगों को खुद होकर सामने आना चाहिए ताकि इस बीमारी पर रोक लग सके | आइसोलेशन में जाना या होम क्वारन्टीन में रहना कोई सजा नहीं है | यह एक प्रकार से अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने परिवार एवं देश के अन्य नागरिकों की सुरक्षा के लिए अति आवश्यक है |
  • पहले मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री को एम्स भेजें, फिर कांग्रेस के लोग नसीहतें दें : सोनी

    कांग्रेस की बयानबाजी शर्मनाक व निकृष्ट राजनीति की परिचायक
     सांसद निधि की राशि देश को दी है, उसका अंश छत्तीसगढ़ को भी मिलेगा
     रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए सांसद निधि की राशि में कमी नहीं होगी


    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष व रायपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद सुनील सोनी ने कोरोना वायरस संक्रमण के वैश्विक संकट के दौर में भी कांग्रेस द्वारा की जा रही बयानबाजी को शर्मनाक और निकृष्ट राजनीति का परिचायक बताया है। श्री सोनी ने कहा कि कांग्रेस के लोग यह नसीहत देने से बाज आएँ कि सांसद के नाते यह दौरा उन्हें दस दिन पहले करना था। जिस कांग्रेस के सत्ताधीश और बयानबाज नेता आज तक एक बार भी एम्स में झाँकने तक नहीं गए हैं, वे किस मुँह से नसीहतें देने का अधिकार रखते हैं? प्रदेश के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री आदि आज तक इस संस्थान में नहीं पहुँचे हैं, जबकि वे अच्छी तरह इस बात से वाकिफ हैं कि छत्तीसगढ़ में कोरोना महामारी की जाँच और इलाज का काम एक मात्र संस्थान एम्स में हो रहा है। श्री सोनी ने कहा कि कांग्रेस के सत्ताधीश और दीगर नेता अपने बयानों से कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे सेवाभावी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मनोबल तोड़ने में लगे हैं।
    सांसद श्री सोनी ने कहा कि शनिवार को उनके (श्री सोनी के) एम्स निरीक्षण पर कांग्रेस के लोगों के पेट में मरोड़ क्यों उठ रहा है? एक सांसद और एम्स प्रबन्धन का निर्वाचित सदस्य होने के नाते उन्होंने एम्स में कोरोना के खिलाफ़ जारी लड़ाई में लगे सभी डॉक्टर्स, नर्सेस, अन्य सभी सेवाभावी कर्मचारियों के साथ बैठकर पूरे अभियान की समीक्षा की और कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण रखने के लिए एम्स के स्टाफ को बधाई देते हुए उनका मनोबल बढ़ाया। श्री सोनी ने कहा कि वे प्रदेश में कोरोना संक्रमित पहला मरीज मिलने के बाद से लगातार एम्स के डॉक्टर्स, नर्सेस, पीड़ित परिवारों आदि से सम्पर्क में हैं और इस महामारी के रोकथाम के प्रयासों की समीक्षा कर रहे हैं। कांग्रेस के लोग पहले एम्स तथा पीड़ितों से तस्दीक़ कर तथ्यों की सही जानकारी जुटाएँ और फिर कुछ कहें। कांग्रेस के इस कटाक्ष पर कि, सिविल लाइन निवास से एम्स तक का सफर करने में सांसद को दस दिन का समय लगा, श्री सोनी ने कहा कि इसी सिविल लाइन से एम्स तक का सफर मुख्यमंत्री अब तक तय नहीं कर पाए हैं, क्या कांग्रेस के लोगों को यह नजर नहीं आ रहा है? सांसद श्री सोनी ने कहा कि बेशर्मी की पराकाष्ठा करते हुए कांग्रेस के लोग अपने बयानों से जिस तरह की निकृष्ट राजनीति करके कोरोना को रोकने में लगे सभी सेवाभावी लोगों का मनोबल तोड़ने का काम कर रहे हैं, वह बेहद निन्दनीय है। श्री सोनी ने कहा कि भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्त्ता आदि कोरोना के मद्देनजर जारी लॉकडाऊन से परेशान जरूरतमंद लोगों के लिए अनाज व अन्य खाद्य सामग्रियों का संकलन कर रहे हैं और कांग्रेस के लोग मुख्यमंत्री की फोटो वाले झोलों में इन सामग्रियों का वितरण करके इसमें भी श्रेय लेने की राजनीति करके निकृष्टता की हदें पार कर रहे हैं। श्री सोनी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपनी ओर से अब तक एक पैसे की भी मदद जरूरतमंदों को मुहैया नहीं कराई है और अपने आचरण से एम्स के सेवाभावी अधिकारियों – कर्मचारियों सहित भाजपा व सहयोग करने वाली अन्य सभी संस्थाओं की भावनाओं से खिलवाड़ भी किया है। हमारी मांग है कि मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री आदि एम्स जाकर कोरोना की रोकथाम के कार्यों की समीक्षा करें।
    प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष व सांसद श्री सोनी ने सांसद निधि की राशि पीएम केयर्स में देने पर कांग्रेस की आपत्ति को फिजूल बताया और कहा कि सांसद निधि का यह पैसा सभी सांसदों ने देश को दिया है और इसका एक हिस्सा छत्तीसगढ़ को भी मिलेगा। श्री सोनी ने कहा कि उन्होंने प्रस्ताव मिलने पर रायपुर लोकसभा क्षेत्र में सांसद निधि से प्रदेश सरकार को जरूरी सामग्रियों के लिए राशि देने पर सहमति भी दी है, लेकिन अब तक प्रदेश सरकार की ओर से कोई प्रस्ताव उनके पास नहीं आया है। रायपुर लोकसभा क्षेत्र में कोरोना की रोकथाम में सांसद निधि की राशि में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश सरकार और कांग्रेस के लोग केवल पैसा इकठ्ठा करने में लगे हैं और जरूरी सामग्रियाँ न तो जरूरतमंदों को मुहैया कराई जा रही है और न ही चिकित्सा के लिए कोई आवश्यक प्रबन्ध किए जा रहे हैं। श्री सोनी ने एक बार पुनः कोरोना की रोकथाम में लगे सभी डॉक्टर्स, नर्सेस, पुलिस, सफाईकर्मी सहित सेवाभावी अधिकारियों-कर्मचारियों को उनके परिश्रम, साहस, संकल्प और संयम का परिचय देने के लिए बधाई दी।
    सांसद श्री सोनी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान का मजाक उड़ाए जाने पर भी कांग्रेस के लोगों पर हमला बोला। श्री सोनी ने कहा कि देश के करोड़ों लोग ताली, थाली और घण्टी बजाकर सेवाभावी लोगों का आभार मान रहे हैं, प्रधानमंत्री के आह्वान पर रविवार की रात दीपक प्रज्जवलित कर नकारात्मकता के अन्धकार को चीर कर सामूहिक शक्ति की सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर होंगे जिसमें छत्तीसगढ़ की भागीदारी पूरी तरह होगी। कांग्रेस के नेता इसे लेकर भी ओछी मानसिकता का प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन इन तमाम विघ्नसंतोषी तत्वों को न तो अपने इरादों में कभी कामयाबी मिलेगी और न ही छत्तीसगढ़ की जनता इन्हें कभी माफ करेगी।

  • राजधानी में 48 घंटों का कर्फ्यू !
    रायपुर जिले में अगले 48 घंटो के लिए हों सकते कर्फ्यू जैसे हालात....शनिवार और रविवार होंने की वजह से सड़कों पर बेवजह घूमने वालो पर प्रशासन हुआ सख्त....आज शाम 4 बजे से प्रायोगिक तौर पर रायपुर जिले में हो सकते है कर्फ्यु जैसे हालात....शाम 4 बजे के बाद फालतू घूमते पाये जाने पर होगी कड़ी कार्रवाई...केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला के लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने के पत्र मिलने के बाद कल बैठक में लिया गया फैसला....उसी के चलते कलेक्टर,एसएसपी पूरे दलबल के साथ घनी आबादी वाले इलाके में कर रहे है फ़्लैग मार्च....
  • भारत में कोरोनावायरस के संक्रमितों की संख्या क्यों बड़ी ?
    चीन की महामारी का शिकार भारत भी हुआ और अब भारत में कोरोना वायरस के संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है और इसे बढ़ाने के जवाबदार हैं | तबलीगी जमात का मरकज पिछले 27 - 28 मार्च तक भारत मैं कोरोनावायरस संक्रमित का आंकड़ा 1000 से नीचे था जो तबलीगी जमात के सदस्यों द्वारा पूरे भारत में फैल जाने के बाद आज 2322 सो गया है और मरने वालों की संख्या 62 हो गई है | केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने भी स्पष्ट तौर पर पत्रकार वार्ता में माना है कि हिंदुस्तान में कोरोना संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी तबलीगी जमात के कारण हुई है और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, क्योंकि तबलीगी जमात किसी भी हालत में सरकार को सहयोग करने को तैयार नहीं है चाहे वह आइसोलेशन में हों या बाहर घरों में हो या मस्जिदों में तबलीगी समाज के देश विदेश के सभी सदस्य जो भारत में हैं वह कारोना मानव बम की तरह इस संक्रमण को फैला रहे हैं , अब केंद्र की मोदी सरकार को ऐसे लोगों पर जो डॉक्टरों, नर्सों,पुलिस और सेवा कार्य में लगे कोरोना सेनानियों पर थूकने, मारने, अश्लील हरकतें करने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना करने वालों को अतिशीघ्र योगी सरकार की तरह राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत तुरंत गिरफ्तार कर सबक सिखाना चाहिए ताकि पूरे हिंदुस्तान में इस तरह के गैरकानूनी कार्यो पर रोक लग सके लोगों में कानून का डर पैदा हो सके |
  • अब मोबाइल एम्बुलेंस के जरिए होगा सैंपल कलेक्शन : कोरोना संभावितों के घर पहुंचेंगी मोबाइल एम्बुलेंस

    छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोना के सभी संभावित लोगों को तेजी से टेस्ट सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक नई रणनीति अमल में लाई जाएगी। इसके तहत सभी संभावितों का सैंपल उनके घर पहंुचकर लिया जाएगा। सैंपल कलेक्शन के लिए मोबाइल एम्बुलेंस में सभी सुविधाओं एवं आवश्यक सामग्री के साथ सैंपल कलेक्शन विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे। यह निर्णय आज राज्य स्तरीय कमांड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह की मौजूदगी में आयोजित बैठक में लिया गया। सैंपल कलेक्शन की इस व्यवस्था से उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग तथा टेस्टिंग में तेजी आएगी।

        बैठक में स्वास्थ्य सचिव श्रीमती सिंह ने सैंपल कलेक्शन की इस नई व्यवस्था के संबंध में सभी कलेक्टरों को पत्र प्रेषित कर इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। मोबाइल एम्बुलेंस संग्रहण के लिए संभावित मरीजों के घर के सामने पहुंचेंगी और उसमें मौजूद लैब टेक्नीशियन पीपीई किट, एन-95 मास्क एवं अन्य सुरक्षा उपकरण पहनकर एम्बुलेंस के पिछले हिस्से में एक-एक कर सभी कोरोना संभावितों का सैंपल कलेक्शन करेंगे। सचिव ने कहा कि प्रत्येक संभावित व्यक्ति का सैंपल कलेक्शन करते समय लैब टेक्नीशियन सिर्फ अपने हैण्डग्लब्स चेंज करेगा। पूरा पीपीई किट बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। मोबाइल एम्बुलेंस के माध्यम से एक दिन में ही कई घरों में जाकर संभावितों का सैंपल कलेक्शन किया जा सकेगा।

        सचिव श्रीमती सिंह ने विभागीय अधिकारियों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु किए जा रहे प्रयासों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की अन्य सेवाओं का भी बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय सहित सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, गैरसंचारी एवं संचारी रोगों की रोकथाम तथा अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों का लाभ लोगों को समुचित रूप से मिलना चाहिए। बैठक में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के ईलाज के लिए सभी जिला चिकित्सालयों में कोरोना आईसोलेशन वार्ड की स्थापना के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। सचिव श्रीमती सिंह ने कोरोना आईसोलेशन वार्ड को चिकित्सालयों के अन्य वार्डों से पर्याप्त दूरी एवं अलग रखने को कहा, ताकि जिला चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को इससे कोई परेशानी न हो। बैठक में माना रायपुर, मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव, मेडिकल कॉलेज जगदलपुर, अम्बिकापुर तथा बिलासपुर में कोविड अस्पताल की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। बैठक में संयुक्त सचिव स्वास्थ्य डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, संचालक स्वास्थ्य नीरज बंसोड़, संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 अप्रैल सुबह 9:00 बजे देश को करेंगे संबोधित

    देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 अप्रैल सुबह 9:00 बजे देश के लोगों को संबोधित करेंगे - कोई वीडियो भी साझा करेंगे | इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रात 8:00 बजे नहीं सुबह 9:00 बजे लोगों को संबोधित करेंगे, इससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोई बहुत बड़ा सख्त आदेश जारी नहीं होने वाला -- अब लोगों को इंतजार रहेगा सुबह 9:00 बजे का | पूरे हिंदुस्तान की जनता सुबह 9:00 बजे जो जहां है वहीं पर टीवी रेडियो के माध्यम से प्रधानमंत्री को सुनने के लिए आतुर रहेगी और जानना चाहेंगे कि प्रधानमंत्री 3 अप्रैल की सुबह 9:00 बजे क्या फरमान जारी करते हैं | - यह जानकारी स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके 2 अप्रैल को शाम 5 बजाकर 16 मिनट पर की -----

  • 14 अप्रेल के बाद लॉकडाउन हो जायेगा समाप्त - कैसे ?

    नई दिल्ली: कोरोना वायरस के चलते देश भर में लागू लॉकडाउन समाप्त हो सकता है। क्योंकि रेल्वे और विमानन कंपनियों ने टिकट की बुकिंग शुरू कर दी है।

       बीते दिनों कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने कहा था कि 21 दिनों की लॉकडाउन अवधि को बढ़ाने की सरकार की कोई योजना नहीं है- लिहाजा इसके बाद से ही भारतीय रेलवे और निजी एयरलाइंस कंपनियों नें 15 अप्रेल के बाद की टिकटों की बुकिंग शुरू कर दी है।
    आपको बता दें कि भारतीय रेल्वे की वेबसाईट आईआरसीटीसी और मोबाइल एप में 15 अप्रेल के बाद की टिकटें उपलब्ध है। और अधिकाश शहरों के लिये ट्रेनों में वेटिंग की स्थिति बन चुकि है।

    उल्लेखनीय है कि कोरोना वारयस के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर भारत सरकार ने 24 अप्रेल की रात 12 बजे से सभी आपताकालीन सेवाओं को छोड़कर अन्य सेवाओं को पूरी तरह से बंद कर दिया ह ै- इसमें भारतीय रेल और विमान सेवा भी शामिल है - यह पाबंदी 14 अप्रेल तक के लिये है- हालांकि अभी यह ,एलान होनी बाकी है कि 14 अप्रेल के बाद की स्थिति क्या रहेगी ? लेकिन आसार लॉकडाउन को बढ़ाए जाने के नहीं दिख रहे हैं। क्योंकि अधिकांश शहरों के लिये ट्रेनों में वेटिंग की स्थिति इस बात का प्रमाण है कि लॉकडाउन समाप्त हो जायेगा !

  • बजट संबंधी विनियोग विधेयक 2020 पर राज्यपाल की अनुमति

    बजट संबंधी विनियोग विधेयक 2020 पर राज्यपाल की मिली अनुमति : आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को तत्काल बजट आबंटन करें जारी : अपर मुख्य सचिव

     

    बजट आबंटन की प्रक्रिया का पालन और उपयोग करने संबंधी
    दिशा-निर्देश जारी

           रायपुर, 31 मार्च 2020

    राज्य शासन के वित्तीय वर्ष 2020-21 के बजट अनुमान से संबंधी विनियोग विधेयक 2020 पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल ने अनुमति प्रदान कर दी है। वित्त विभाग द्वारा बजट पुस्तिकाएं विभागों को पृथक से भेजी गई है तथा इसे वित्त विभाग के वेबसाईट http://finance.cg.gov.in पर भी उपलब्ध करायी गई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के बजट के लिए अपर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने बजट नियंत्रक अधिकारियों से अधिनस्थ आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को तत्काल बजट आबंटन जारी करने के निर्देश दिए है।
        वित्त विभाग मंत्रालय महानदी भवन द्वारा राज्य के समस्त अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, अध्यक्ष राजस्व मंडल एवं समस्त विभागाध्यक्षों को शासकीय व्यय में गुणवत्ता के उद्देश्य सेे कैश मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने और वित्तीय वर्ष के बजट में समुचित उपयोग के लिए कार्य योजना तैयार करने तथा बजट का व्यय नियंत्रित करने व अंतिम तिमाही में व्यय का आधिक्य न होने के निर्देश दिए गए हैं।
        विभागों को वित्तीय वर्ष प्रथम छःमाही में बजट प्रावधान का 40 प्रतिशत जिसमें प्रथम तिमाही में 25 प्रतिशत तथा द्वितीय तिमाही में 15 प्रतिशत व्यय शामिल है। द्वितीय छःमाही में कुल बजट का 60 प्रतिशत जिसमें तृतीय तिमाही में 25 प्रतिशत एवं चतुर्थ तिमाही में 35 प्रतिशत व्यय करना शामिल होगा। बजट आबंटन के सर्वर में प्रविष्टि दो किस्तों में प्रथम छःमाही तथा द्वितीय छःमाही के लिए की जाएगी।
        वित्त विभाग के निर्देश में वित्तीय वर्ष के अंतिम माह मार्च में व्यय की अधिकतम सीमा कुल बजट प्रवधान का 15 प्रतिशत तक होगी। प्रथम छःमाही में निर्धारित सीमा से कम व्यय करने की स्थिति में बजट राशि का 50 प्रतिशत व तृतीय तिमाही में व्यय के लिए अग्रेषित की जा सकेगी, जिसका उपयोग तृतीय तिमाही में करना अनिवार्य होगा। साथ ही कम व्यय का औचित्य स्पष्ट करते हुए वित्त विभाग से सहमति प्राप्त करनी होगी। बचत की शेष 50 प्रतिशत राशि आवश्यकता के आधार पर अन्य विभागों को आबंटित की जाएगी।
        केन्द्रीय योजनाओं में प्राप्त अंतिम किश्त मार्च के महीने के व्यय के लिए निर्धारित सीमा लागू नहीं होगी। साथ ही स्थापना अनुदान एवं अशासकीय संस्थाओं को अनुदान अंतर्गत प्रथम छःमाही के लिए 40 प्रतिशत एवं द्वितीय छःमाही के लिए 60 प्रतिशत व्यय सीमा निर्धारित की गई है। प्रथम छःमाही में निर्धारित सीमा से कम व्यय करने के स्थिति में बचत राशि का 50 प्रतिशत, तृतीय तिमाही में व्यय के लिए अग्रेषित की जा सकेगी। जिसका उपयोग तृतीय तिमाही में करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही निर्धारित सीमा निम्न शीर्ष के अंतर्गत वेतन भत्ते, मजदूरी, कार्यालय व्यय, डाक कार्य पर व्यय, दूरभाष व्यय, बिजली एवं जल प्रभार, आकस्मिकता स्थापना, पेंशन एवं हितलाभ, भारित धन का भुगतान तथा वाहन क्रय पर लागू नहीं होगी। केन्द्र प्रवर्तित, केन्द्र क्षेत्रीय तथा अतिरिक्त और विशेष केन्द्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं के केन्द्रांश पर भी लागू नहीं होगी, इसके साथ ही ऐसी केन्द्र प्रवर्तित योजनाएं जिनमें भारत सरकार के दिशा-निर्देशानुसार राज्यांश की आनुपातिक राशि केन्द्रांश के साथ विमुक्त किया जाना आवश्यक है, पर भी यह सीमा लागू नहीं होगी।
    बजट आबंटन की प्रक्रिया
        वित्त विभाग ने विभागीय बजट नियंत्रक अधिकारियों द्वारा अधीनस्थ आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में बजट आबंटन जारी करने के निर्देश जारी किया गया है। जिसके अंतर्गत वित्तीय वर्ष की प्रथम छःमाही के लिए 40 प्रतिशत जारी कर सीमा बजट नियंत्रण अधिकारी के कुल बजट प्रावधान पर लागू होगी अर्थात कुल बजट प्रावधान के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं में आवश्यकतानुसार व्यय की सीमा में शिथिलता रहेगी। इस पर संचालनालय, कोष, लेखा एवं पेंशन के मुख्य सर्वर का नियंत्रण रहेगा, ताकि उपरोक्तानुसार निर्धारित सीमा से अधिक आबंटन जारी नहीं हो सके।
        कैश मैनेजमेंट सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी विभागाध्यक्ष को उनके अधिनस्थ आहरण एवं संवितरण अधिकारी को आगामी छःमाह के लिए बजट आबंटन के लिए अनिवार्यतः 22 अप्रैल 2020 तक मुख्य सर्वर में अपलोड करने के निर्देश जारी किए गए है। बजट नियंत्रण अधिकारी जो आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को बजट आबंटन जिला कार्यालयों के माध्यम से करते हैं, यह सुनिश्चित करें कि जिला कार्यालयों द्वारा पुर्नआबंटन की कार्यवाही सर्वर में 26 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से कर लिया जाए। इस हेतु यह व्यवस्था की गई है कि बजट नियंत्रण अधिकारियों हेतु 22 अप्रैल एवं जिला कार्यालयों हेतु 26 अप्रैल के पश्चात मुख्य सर्वर स्वतः लॉक हो जाए एवं इसके पश्चात किए जाने वाले बजट आबंटन हेतु वित्त विभाग से अनुमति प्राप्त करनी होगी एवं इसकी जानकारी समन्वय में मुख्यमंत्री जी के ध्यान में लायी जाएगी।
        वित्तीय वर्ष 2013-14 से निर्माण विभागों तथा वन विभाग के लिए ई-वर्क्स प्रणाली लागू की गई है। नवीन व्यवस्था के अंतर्गत संबंधित बजट नियंत्रक अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा 26 अप्रैल  तक मुख्य सर्वर में अपने अधीनस्थ आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को बजट आबंटन की प्रविष्टि अपलोड करना होगा। सामन्यतः निर्माण विभागों एवं वन विभागों की अधिनस्थ कार्यालयों द्वारा मार्च माह के अंत में अधिक राशि आहरण की प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए यह स्पष्ट किया जाता है कि विभाग अधिनस्थ कार्यालयों को समय पर राशि का आबंटन एवं आहरण किया जाना सुनिश्चित करें, ताकि अंतिम समय में व्यय की प्रवृत्ति को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सके। अधिनस्थ कार्यालयों को बजट आबंटित करते समय बजट नियंत्रण अधिकारियों द्वारा जिला मुख्यालयों एवं दूरस्थ अंचलों में पदस्थ शासकीय कर्मचारियोें के लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए समुचित धन राशि आबंटित की जाए। इसके साथ ही विभिन्न मांग संख्या के अधीन प्रावधानित राशि का आबंटन आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन दिया जाएगा।

    बजट आबंटन का उपयोग करने संबंधी दिशा-निर्देश
        वित्त विभाग ने विभागीय बजट नियंत्रक अधिकारियों को अपने अधीनस्थ आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को बजट आबंटन का उपयोग करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि आबंटनों के विरूद्ध व्यय, वित्तीय अधिकारों का प्रत्यायोजन पुस्तिका की भाग एक एवं दो में दिए गए अधिकारों के अंतर्गत किया जाए। जिन प्रकरणों में वित्त विभाग की सहमति-स्वीकृति प्राप्त करना आवश्यक है। वित्तीय स्वीकृति जारी करने के पूर्व नस्ती विभाग को भेजी जाए।
        ‘अपरीक्षित नवीन मद‘ के प्रकरणों में वित्त विभाग के निर्देश में उल्लेखित सक्षम समिति के अनुमोदन अनुसार प्रशासकीय विभाग को प्रत्यायोजित वित्तीय अधिकार के अनुसार कार्यवाही की जाए। किसी भी हालत में अतिरिक्त आबंटन की प्रत्याशा में बजट आबंटन से अधिक व्यय नहीं किया जाए। निर्माण कार्य विभागों के बजट में ‘डिपाजिट मद‘ में रखी गई राशि का आबंटन, व्यय एवं वर्षान्त से पूर्व समायोजन, वित्त विभाग के निर्देश के अनुसार किया जाए।
        नाबार्ड पोषित योजनाओं में नाबार्ड की स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत ही योजनाओं में व्यय किया जाए। साथ ही व्यय की गई राशि के प्रतिपूर्ति दावे तत्काल एवं नियमित रूप से वित्त विभाग के माध्यम से नाबार्ड को प्रेषित किए जाए, ताकि राज्य के वित्तीय संसाधनों पर दबाव की स्थिति निर्मित न हो। इसके अलावा कई मदों में व्यय का प्रवधान इस आधार पर रखा गया है कि उसकी अनुपातिक राशि संस्थागत वित्तीय संस्थाओं अथवा भारत सरकार से प्राप्त होंगे। ऐसे प्रकरण जैसे केन्द्र क्षेत्रिय योजना, केन्द्र प्रवर्तित योजना, अतिरिक्त-विशेष केन्द्रीय सहायता, विदेशी सहायता प्राप्त परियोजना तथा 14वें वित्त आयोग अंतर्गत प्राप्त अनुदान राशि में सहायता राशि राज्य शासन की खाते में जमा होने के बाद ही व्यय की जाएगी।
        वित्त विभाग के निर्देश के अनुसार केन्द्र क्षेत्रिय योजना, केन्द्र प्रवर्तित योजना, अतिरिक्त-विशेष केन्द्रीय सहायता, विदेशी सहायता परियोजनाओं में केन्द्रांश-राज्यांश की विमुक्ति के लिए प्रशासकीय विभाग को प्रत्यायोजित वित्तीय अधिकार के अनुसार कार्यवाही की जाए। जिन प्रकरणों में व्यय की प्रतिपूर्ति के आधार पर सहायता प्राप्त होती (आरआईडीएफ ऋण, एडीबी ऋण) में व्यय की प्रतिपूर्ति दो माह के अंदर सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी विभागाध्यक्ष की होगी।
        ऐसे प्रकरण जो राज्य शासन द्वारा किसी अन्य संस्था-व्यक्ति को ऋण देने से संबंधित है, में राशि वित्त विभाग की पूर्व स्वीकृति के बिना जारी नहीं की जाएगी। (मुख्य शीर्ष 6000 से 7998 तक शासकीय सेवकों को दिए जाने वाले अग्रिम को छोड़कर) ऐसे प्रकरणों में विभाग द्वारा ऋण की शर्तें, जिसमें ब्याज की दर, भुगतान की अवधि, मोरेटोरियम की अवधि सम्मिलित है, के प्रस्ताव पर वित्त विभाग की सहमति प्राप्त करने के उपरांत ही राशि जारी तथा आहरण की कार्यवाही की जाए तथा विभागाध्यक्ष इसके लेखे व वसूली की पंजी संधारित करने के लिए उत्तरदायी है।  
        जिन प्रकरणों में अनुदान बाबत् प्रावधान का आधार विभिन्न राजस्व की प्राप्ति हो, उनमें अनुदान के विमुक्तिकरण से पूर्व सक्षम अधिकारी से राजस्व प्राप्ति की पुष्टि करा ली जाए। यह प्रावधान विभिन्न निधियों द्वारा पोषित योजनाओं के अंतर्गत किए गए बजट प्रवधानों पर भी लागू होगा। ऐसे प्रकरणों में संबंधित विभाग, विभागाध्यक्ष, महालेखाकार पिछले वित्तीय वर्ष में संबंधित मंद में प्राप्त वार्षिक आय की पुष्टि करा लेने के पश्चात ही वित्त विभाग की सहमति से स्वीकृत किया जाए।
        कतिपय विभागों को पंचायत एवं नगरीय संस्थाओं को अनुदान स्वीकृत करने हेतु आबंटन सौंपे जा रहे हैं। उन प्रकरणों में पंचयात-नगरीय निकायों के माध्यम से कराए जाने वाले कार्यों के लिए उन्हें आबंटन आदि समय पर देने का दायित्व संबंधित विभाग का होगा। व्यय करते समय शासन के मितव्ययता संबंधी समय-समय पर जारी आदेशों का कड़ाई से पालन किया जाए। मैदानी कार्यालयों में आबंटन की संसूचना प्राप्त होने में बिलंब को देखते हुए आबंटन की प्रत्याशा में 1 अप्रैल 2020 से वेतन, मजदूरी तथा अन्य अत्यावश्यक व्यय के देयकों को जिसमें आबंटन प्राप्त होना सुनिश्चित हो पारित किया जाए। ‘6 अप्रैल 2020 तक आबंटन प्राप्त करने की जिम्मेदारी आहरण एवं संवितरण अधिकारी इस आशय का प्रमाण पत्र कोषालय-उप कोषालय द्वारा प्राप्त कर लिया जाए।

  • मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन के दौरान जनता की नब्ज जानने फोन पर लोगों से की बातचीत :  कहा गांव में कोई भी भूखा ना रहे: राज्य सरकार जनता के साथ है, पूरी मदद करेंगे

    रायपुर, 31 मार्च 2020

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लॉक डाउन के दौरान जनता की नब्ज जानने के लिए फोन पर सीधे समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से बातचीत की और उन्हें आ रही दिक्कतों के सम्बंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अपने निवास से फोन के जरिये इनसे बातचीत की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोगों की हर संभव मदद के लिए पूरे प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में रहने वाले किसान, मजदूर, नर्स, ग्रामीण, सफाईकर्मी, सब्जी दुकानदार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और महिला सरपंच से बातचीत की।

    जूजगु ग्राम पंचायत में लोगों के घर पहंुचाकर दिया जा रहा है राशन
        मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले की ग्राम पंचायत जूजगु की महिला सरपंच श्रीमती कुंती बनवासी से फोन पर पूछा कि उनकी ग्राम पंचायत में उचित मूल्य की दुकान से राशन मिलना शुरू हुआ है या नहीं। श्रीमती कुंती ने बताया कि दो माह के राशन का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है। लोगांे को घर पहंुचाकर चावल दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने उनके इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि राशन पहंुचाते समय यह भी ध्यान रखें कि ज्यादा भीड़-भाड़ ना हो। मुख्यमंत्री ने स्कूलों के बच्चों को मध्यान्ह भोजन की सामग्री और आंगनबाड़ी के बच्चों को पोषण आहार वितरण के संबंध में भी पूछा। मुख्यमंत्री ने सरपंच से यह ध्यान रखने के लिए कहा कि गांव में कोई भूखा न सोए। श्रीमती कुंती ने बताया कि गांव में तीन ऐसे लोग हैं जिनके राशनकार्ड नही बने हैं। मुख्यमंत्री ने ऐसे लोगों को ग्राम पंचायत में रखे गए दो क्विंटल चावल में से चावल देने को कहा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर चावल खत्म हो जाए तोे अतिरिक्त चावल अधिकारियों से बोलकर प्राप्त कर लें। श्री बघेल ने गांवों में साफ-सफाई का ध्यान रखने और यदि गांव में किसी के कोरोना संक्रमण होने की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। श्री बघेल ने गांवों में खेती किसानी के काम और दुग्ध उत्पादन की स्थिति के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह जनता के साथ है और हर संभव मदद करेगी। श्रीमती कुंती ने मुख्यमंत्री को उनकी ग्राम पंचायत जूजगु आने का न्यौता दिया। 

  • हजारों की भीड़ विधायक निवास कैसे पहुंची ? -कौन है जिम्मेदार ?
    22 मार्च को जनता कर्फ्यू 24 मार्च की रात 12:00 बजे से 21 दिनों का लाक डाउन घोषित होने के बाद पूरे देश के नागरिकों द्वारा घर से निकलने पर प्रधानमंत्री द्वारा प्रतिबंध लगा दिया गया था प्रतिबंध के चौथे दिन जबकि शहर के चौक चौराहों मुख्य मार्गों पर पुलिस की तगड़ी चौकसी की व्यवस्था की गई थी बिना वजह घूमने वालों पर डंडे बरसाए जा रहे थे उठक बैठक कराई जा रही थी मुर्गा बनाया जा रहा था और ऐसे तगड़े प्रतिबंध और सुरक्षा व्यवस्था के बीच अचानक हजारों की संख्या में महिलाएं न्याय धानी बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत रहने वाले विधायक शैलेश पांडे के घर तक पहुंच जाती हैं और पुलिस के साथ-साथ जिला प्रशासन को भनक तक नहीं लगती - क्यों किस रास्ते से आई इतनी महिलाएं विधायक निवास तक पहुंचने के लिए कोई सुरंग थी या कोई हेलीकॉप्टर या पेड़ से टपकी थी यह महिलाएं या विधायक के कुएं से निकली थी यह महिलाएं बड़ा सवाल है कहां था शासन प्रशासन कहां थी पुलिस व्यवस्था कहां गए जगह-जगह बैरिकेड पर इक्का-दुक्का बाइक सवारों और पैदल चलने वालों से पूछताछ करने वाले अधिकारी कर्मचारी कहां गए थे वह डंडा चलाने वाले उठक बैठक कराने वाले और मुर्गा बनाने वाले चालान काटने वाले अधिकारी कर्मचारी इतने बड़े विधानसभा क्षेत्र के हर वार्ड के साथ-साथ आसपास के गांव के लोग झुंड के झुंड विधायक निवास पहुंच गए परंतु शासन प्रशासन को पता ही नहीं चला यह बात गले नहीं उतरती जिला कलेक्टर को चाहिए कि शहर के मुख्य मार्गों से हजारों की संख्या में लोग विधायक निवास पहुंच गए इसके लिए पुलिस प्रशासन के साथ-साथ शहर की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे प्रशासन के अन्य अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए क्योंकि यह बिलासपुर जिले का मामला नहीं था यह देश के प्रधानमंत्री की तरफ से भारत के नागरिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का मामला था कोरोनावायरस जैसी विश्वव्यापी बीमारी से निपटने के लिए पूरे भारत को लाख डाउन किए जाने के बावजूद लोगों के प्रतिबंध के बावजूद सड़कों पर निकल कर स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ एवं कानून व्यवस्था के उल्लंघन का मामला था और इसके लिए विधायक शैलेश पांडे से ज्यादा सिविल लाइन थाना प्रभारी के साथ-साथ शहर की व्यवस्था संभाल रहे सभी अधिकारी जिम्मेदार हैं उन पर भी कानून की धाराओं के तहत जुर्म दर्ज किया जाना चाहिए साथ ही साथ कानून का उल्लंघन करने के लिए लॉक डाउन के बावजूद सड़कों पर झुंड के झुंड निकलकर विधायक निवास पहुंचने वाली महिलाओं पुरुषों पर भी जुर्म दर्ज किया जाना चाहिए | विधायक शैलेश पांडे द्वारा अपने आपको जन सेवक समाज सेवक और लोगों का हितैषी बताने से गलती माफ नहीं मानी जा सकती क्योंकि उन्होंने कोरोना वायरस के लॉक डाउन के आदेश के समय कानून का उल्लंघन करते हुए भीड़ को राशन वितरित करने का अपराध किया है राशन वितरित करना अपराध नहीं है परंतु कोरोनावायरस जैसी गंभीर बीमारी जिसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है उसके बावजूद उन्हें कोरोनावायरस जैसी गंभीर बीमारी के बारे में ना बता कर राशन वितरित करना अपराध की श्रेणी में आता है अब देखना यह है कि सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक के खिलाफ पुलिस द्वारा जुर्म दर्ज कर कार्यवाही करना सही माना जाता है या फिर शहर के तमाम अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार माने जाते हैं | *एडिटर व्यू - सीजी 24 न्यूज़ मोबाइल 93010 94242
  • जरूरतमंदों को निशुल्क भोजन सिख समाज द्वारा

    करोना वायरस जैसी विश्वव्यापी बीमारी के फैलाव को रोकने केंद्र सरकार द्वारा किए गए 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान मजबूर, पीड़ित, गरीब लोगों के लिए छत्तीसगढ़ सिक्ख फोरम ने राज्य सरकार के साथ सहयोग कर रायपुर, दुर्ग एवम् राजनांदगांव में शाकाहारी, स्वच्छ,एवम् पौष्टिक भोजन मुफ्त में उपलब्ध कराने का सामाजिक जिम्मा उठाया है | छत्तीसगढ़ सिक्ख फोरम सिर्फ मानव सेवा को ही अपना सर्वोपरि लक्ष्य मानता है | एवम् हर धर्म हर संप्रदाय हर जरूरत मंद व्यक्ति हेतु निशुल्क भोजन उपलब्ध करवा रहा है | छत्तीसगढ़ सिक्स फोरम के प्रदेश अध्यक्ष बलदेव सिंह भाटिया ने बताया कि यह सेवा आगामी कई हफ्तों तक जारी रहेगी | इस हेतु असीमित साधनों की आवश्यकता होगी | जिसके लिए छत्तीसगढ़ सिक्ख फोरम लोगों के सहयोग से से निरंतर जारी रखेगा |

    छत्तीसगढ़ से फोरम के सदस्य अमरजीत सिंह भाटिया ने इस हेतु अपने नवनिर्मित होटल फ़ूड लायब्रेरी में शुद्ध शाकाहारी, गरमा गरम, पौष्टिक भोजन बनाने की व्यवस्था की है, जहां दिन में दो बार हजारों लोगों के लिए इसे जरूरतमंद लोगों को वितरित किया जाता है | जरूरतमंद लोगों को निशुल्क भोजन उपलब्ध कराने में कंवलजीत सिंह खुराना विशेष सहयोग दे रहे है |

  • छत्तीसगढ़ शासन ने जरूरतमंद श्रमिकों के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर

    छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कोरोना वायरस के कारण लागू लॉक डाउन के दौरान प्रदेश के पंजीकृत श्रमिकों और कर्मकारों को तात्कालिक सहायता प्रदान श्रम विभाग द्वारा राज्य स्तर पर हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। 

    संकट में फंसे अथवा जरूरतमंद पंजीकृत श्रमिक और कर्मकार हेल्प हेल्पलाइन नंबर - 9109849992 और 0771-2443809 पर संपर्क कर सकते हैं।