Top Story
  • मुख्यमंत्र बघेल ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र :  उधार की सीमा जीएसडीपी के 6 प्रतिशत और वित्तीय घाटा 5 प्रतिशत रखने का किया अनुरोध

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर 22 मार्च से लागू तालाबंदी के कारण राज्य के सामने आ रही वित्तीय कठिनाईयों की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया है। श्री बघेल ने प्रदेश में जरूरतमंद लोगों को राहत देने सहित राज्य के कामकाज के संचालन और विकास गतिविधियों के लिए अधिक आर्थिक संसाधन जुटाने के उद्देश्य से राज्य को इस वर्ष उधार की सीमा जीएसडीपी के 6 प्रतिशत तक शिथिल करने और राज्य का वित्तीय घाटा भी इस वर्ष अपवाद के रूप में जीएसडीपी का 5 प्रतिशत के बराबर रखने की सहमति प्रदान करने का अनुरोध किया। 
    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र में लिखा है कि कोरोना वायरस रोग 19 महामारी के प्रसार को रोकने के प्रभावी कदम के रूप में 22 मार्च 2020 से छत्तीसगढ़ सहित देश में की गई सम्पूर्ण तालाबंदी के कारण सभी आर्थिक गतिविधियां बंद है, जिससे राज्य के राजस्व में हानि हुई है। संपूर्ण तालाबंदी ने समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सबसे अधिक प्रभावित किया है, जिनमें विशेषकर दैनिक आय अर्जित करने वाले, श्रमिक, छोटे दुकानदार एवं अधिकांश ग्रामीण परिवार शामिल है। यह फसलों की कटाई का भी समय है, जिनमें किसानों को फसल काटने तथा उसे बेचकर जीवन यापन में कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ में समाज के इन वर्गाें की जनसंख्या अधिक है, अतः उन्हें केन्द्र सरकार द्वारा राहत प्रदान करने के लिए की गई पहल के अलावा राज्य द्वारा कई प्रकार के सामाजिक एवं आर्थिक उपायों के माध्यम से उचित राहत प्रदान करना एक कठिन कार्य है। 
    श्री बघेल ने लिखा है कि राज्य के सभी विभागों को वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए बजट आवंटन जारी किया जा चुका है एवं मूलभूत आवश्यकताओं के लिए व्यय हेतु आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता है। वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राज्य को इस वित्तीय वर्ष के प्रथम 9 माह के लिए राज्य की शुद्ध उधार सीमा के 50 प्रतिशत के बराबर 5375 करोड़ रूपए के बाजार ऋण की सहमति प्रदान की गई है। जो कि इस अवधि में व्यय की पूर्ति के लिए अपर्याप्त है। चूंकि इस वर्ष राज्य की राजस्व प्राप्तियों में कमी की आशंका है, अतः राज्य की शुद्ध उधार सीमा तथा राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित वित्तीय घाटे की सीमा (राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 3 प्रतिशत) में शिथिलीकरण आवश्यक है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय से ही वित्तीय अनुशासन का कड़ाई से पालन करने वाला राज्य रहा है तथा वर्तमान में यह सबसे कम ऋण भार (जीएसडीपी का 19.2 प्रतिशत) तथा सबसे कम ब्याज भुगतान (कुल राजस्व प्राप्तियों का 7.4 प्रतिशत) करने वाला राज्य है। 
    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखा है कि आपदा के समय असाधारण उपायों की आवश्यकता होती है, अतः राज्य को इस वर्ष उधार की सीमा जीएसडीपी के 6 प्रतिशत तक शिथिल करते हुए सहमति दी जाए। साथ ही राज्य का वित्तीय घाटा भी इस वर्ष अपवाद के रूप में जीएसडीपी का 5 प्रतिशत के बराबर रखे जाने की भी सहमति प्रदान की जाए। वित्तीय आपदा की इस घड़ी में राज्य द्वारा यथासंभव मितव्ययता के लिए उठाए जा रहे अन्य कदमों के साथ-साथ इन शिथिलताओं से कुछ राहत मिलेगी।
    मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि सम्पूर्ण देश तथा छत्तीसगढ़ में आयी इस आपदा के कठिन समय में केन्द्र सरकार द्वारा राज्य की इन न्यायोचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। यह उपाय चालू वित्तीय वर्ष में हमारे आवश्यक व्ययों की पूर्ति करने में काफी सहायक होंगे।

  • सरकार को अपने केंद्र एवं प्रदेश के सभी विभागों के हर तरह से टेक्स् पूरी तरह माफ कर देना चाहिए -

    सरकार को अपने केंद्र एवं प्रदेश के सभी विभागों के हर तरह से टेक्स् पूरी तरह माफ कर देना चाहिए -

    देश में व्यापारियों का व्यापार बंद परंतु सरकार का व्यापार लगातार जारी - क्यों ?

    *लॉक टाउन में सरकारों का भी व्यापार होना चाहिए बंद - कोरोना वायरस जैसी भीषण महामारी पूरी दुनिया उसके कब्जे में -* *उससे निपटने के लिए हर संभव किए जा रहे हैं प्रयास -* भारत की बात करें तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाया जिसका पूरे देश ने शत-प्रतिशत पालन किया - उसके बाद 24 मार्च की रात से 21 दिनों का लॉक डाउन देश की जनता ने सहर्ष स्वीकार किया - स्थिति को कंट्रोल में करने के लिए दूसरी बार 19 दिनों का लाक डाउन जो 3 मई तक चलेगा - अर्थात 40 दिनों तक पूरा हिंदुस्तान बंद - सब को घरों में रहने का आदेश, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग ही बीमारी का इलाज - 40 दिनों तक पूरे हिंदुस्तान का हर व्यवसाय बंद रहेगा, जिसके कारण अरबों खरबों रुपए का नुकसान - बड़े-बड़े उद्योग, फैक्ट्रियां बंद होने से भारी आर्थिक नुकसान - अनेक उद्योग बंद होने की कगार पर - 

     

    गरीब मजदूर और रोज कमाने खाने वाले छोटे व्यापारी मुश्किल में - यह सब करना मजबूरी भी था क्योंकि प्रधानमंत्री का संदेश है की जान है तो जहान है इसी स्लोगन के आधार पर उन्होंने लोगों को बीमारी से बचने और स्वस्थ रहने के लिए व्यापार धंधे बंद कर घरों मे रहने का निवेदन किया - अब हम आते हैं मुख्य बात की ओर जब भीषण महामारी के कारण करोना वायरस के कारण पूरा देश लाक डाउन हैं और व्यापार धंधे सब बंद हैं, तब सरकार को भी चाहिए कि इस दौरान हर तरह के टैक्स उसे भी माफ कर देना चाहिए - जब पूरे देश के लोग चाहे अमीर हो या गरीब मुश्किल से गुजारा कर रहे हैं तो सरकार किस आधार पर लोगों से टैक्स वसूली कर रही है - इस भीषण महामारी के दौरान खास करके लाक डाउन के दौरान और आगे भी जो जो परिस्थितियां निर्मित होंगी, स्थिति को सामान्य होने में जो समय लगेगा तब तक सरकार को अपने केंद्र एवं प्रदेश के सभी विभागों के हर तरह से टेक्स् पूरी तरह माफ कर देना चाहिए - साथ ही लोगों को अपने खजाने से राहत का पैकेज भी देना चाहिए - आखिर सरकार ने इतने बरसों में टैक्स के रूप में जो पैसा इकट्ठा किया है वह आखिर किस दिन काम आएगा ? - और क्यों सरकारें इस दौरान अपना व्यापार चालू रखेंगी - सरकारों का व्यापार टैक्स वसूलना होता है तो वह टैक्स के रूप में वसूली का व्यापार क्यों चालू रखेंगे - जब पूरे देश का हर वर्ग नुकसान सह रहा है तो सरकारें अपना नुकसान क्यों नहीं सहेंगी ?

  • भाजपा के दीनदयाल रसोई में नहीं हो रहा है सोशल डिस्टेंसिंग का पालन,
    भाजपा प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी को सिखाएं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना
     
     
    भाजपा के दीनदयाल रसोई में नहीं हो रहा है सोशल डिस्टेंसिंग का पालन,
     
     
    रायपुर/26अप्रैल2020। भाजपा प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने के बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त किया प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी  ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी सहित भाजपा कार्यकर्ताओं को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना सिखाना चाहिए। ताली और थाली बजाने के दौरान भाजपा नेताओं ने सोशल डिस्टेंस  का जमकर उल्लंघन किया था।भाजपा के स्थापना दिवस में प्रदेश भर में भाजपा के नेताओं ने स्थापना दिवस मनाने धारा 144 का उलंघन किया ही साथ ही मोदी जी के द्वारा दी गई सूत्र 3 मीटर की दूरी से कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के उपाय का भी खुला उल्लंघन किया ।भाजपा के द्वारा संचालित दीनदयाल रसोई में भाजपा के बड़े नेता और कार्यकर्ता चिपक चिपक कर बैठ कर सोशल डिस्टेंसिग की धज्जिया उड़ा रहे है।दीनदयाल रसोई में कोरेना वायरस  महामारी के रोकथाम  के लिए तय किए गए मानक उपायों का पालन नहीं हो रहा हैं। भाजपा के दीनदयाल रसोई  भूखों को खाना पहुंचाने से ज्यादा भाजपा के बड़े नेताओं के फोटो बाजी का अड्डा है। जिस प्रकार से भाजपा के दीनदयाल रसोई में सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन हो रहा है आशंका है भूखे व्यक्ति तक भोजन के साथ बीमारी भी ना पहुंच जाएं। 
     
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम लॉक डाउन के नियमों का अक्षरशःपालन कर रहे हैं।फिजिकल डिस्टेंस मेंटेन करते हुए  केंद्र की मोदी सरकार द्वारा अचानक लागू की गई लॉक डाऊन के कारण सड़कों में भटक रहे दिहाड़ी मजदूर का हाल चाल जानने उनको चिंता मुक्त करने गए थे। कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ निरंतर लड़ाई लड़ रहे चिकित्सक पुलिस के जवान स्वास्थ्य कर्मी,सफाई कर्मचारी, जिला प्रशासन और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं का हौसला अफजाई करने उनका आभार व्यक्त करने के दौरान भी सोशल डिस्टेंस का पालन कर रहे है। वैवाहिक कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अनुमति मिलने के बाद हाथों को सेनेट्राइज कर तेल हरदी का रस्म अदायगी किए थे। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने त्वरित कार्यवाही कर कठोर निर्णय लेकर छत्तीसगढ़ में  महामारी संकट को नियंत्रित करने में जो सफलता प्राप्त की है।छत्तीसगढ़ सरकार के कोरोना नियंत्रण के प्रयासों को देश विदेश में सराहना हो रही है।ऐसे में भाजपा नेताओं के पेट मे दर्द हो रहा है।
  •  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर कोरोना से बचाव और रोकथाम, लॉक डाउन के संबंध मेंं आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल भी कान्फ्रेंस में शामिल हुए।

    स्वास्थ्य मंत्री श्री टी. एस. सिंहदेव, गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल, पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री की उप सचिव सुश्री सौम्या चौरसिया इस अवसर पर उपस्थित थीं।

  • छोटे मीडिया संस्थानों के कर्मचारियों का दुख कौन बांटेगा ?
    कारोना वायरस की महामारी के कारण हुए लॉक डाउन एवं व्यापार बंद के बाद भी केन्द्र व प्रदेश सरकारों द्वारा बड़े इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सहित बड़े प्रिंट मीडिया को सरकारी विज्ञापन देकर उन्हें सहारा दिया जा रहा है | परंतु छोटे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया - वेब चैनल सहित प्रिंट मीडिया की तरफ केंद्र या प्रदेश की सरकारें ध्यान नहीं दे रही है किसी भी तरह की कोई सहायता इन्हें नहीं पहुंचाई गई हैं, महामारी से निपटने की आवश्यक वस्तुएं मास्क - सैनिटाइजर ग्लब्स जैसी छोटी-छोटी चीजें भी उपलब्ध नहीँ करवाई गईं हैं | छोटे मीडिया को उपेक्षित क्यों रखा गया जबकि तह तक जाकर अंदर की अच्छी और नेगेटिव खबरों को सामने लाने का काम इनके द्वारा भी किया जाता है | बिना मास्क सैनिटाइजर ग्लव्स के यह लोग रातदिन सरकार के कार्यों को जन जन तक पहुंचाते हैं| डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मचारी, सफाई कर्मियों, पुलिस सहित अधिकारियों की दिनचर्या - उनकी कार्यप्रणाली उनके नागरिकों के प्रति कर्तव्य और नागरिकों द्वारा किये जा रहे सराहनीय कार्यों - सेवा कार्यो के साथ-साथ सबको जागरूक करने की पहली कड़ी में छोटे वेब पोर्टल अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं इनके तमाम कर्मचारी जान जोखिम में डालकर अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदारी से लगे रहते हैं ,परंतु कहीं भी सुनने में नहीं आया कि सरकार ने एनजीओ ने या स्वयंसेवी संस्थाओं ने मीडिया कर्मचारियों को खोज कर उनका दुख दर्द बांटा हो उनकी परेशानियों को समझने की कोशिश की हो , उन्हें किसी तरह की कोई सहायता पहुंचाई हो , लाखों की संख्या में जिम्मेदारी पूर्वक कार्य कर रहे कैमरामैन - रिपोर्टर सहित बैक ऑफिस टीम की चिंता कौन करेगा ? - क्यों नहीं सरकारों द्वारा इन्हें पैकेज दिया जाता ? - क्यों नहीं सरकारों द्वारा इन संस्थानों को विज्ञापन देखकर सहयोग किया जाता ? यहां एक बात बताना जरूरी है कि छोटे मीडिया संस्थानों के इन कर्मचारियों में कार्य करने वाले रिपोर्टर - कैमरामैन - एडिटर सहित ऑफिस के सभी कर्मचारी मुश्किल से गुजारा कर रहे हैं - केंद्र एवं राज्य सरकारों को चाहिए कि वह इनके लिए भी आर्थिक पैकेज की व्यवस्था करें |
  • लॉक-डाउन अवधि में बड़ी संख्या में रोजगार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती - टी.एस. सिंहदेव
    मनरेगा से अभी 13.55 लाख लोगों को रोजगार – *कोटा से लौटने वाले विद्यार्थियों को रखा जाएगा 14 दिनों के क्वारेंटाइन में* *पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्वास्थ्य मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से पत्रकार-वार्ता को किया संबोधित* रायपुर. 26 अप्रैल 2020. छत्तीसगढ़ में मनरेगा के अंतर्गत शुरू किए कार्यों में अभी 13 लाख 55 हजार श्रमिक कार्य कर रहे हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से भी गांवों में ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने कई गतिविधियां शुरू की गई हैं। लॉक-डाउन अवधि में गांवों में ही लोगों को रोजगार मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य एवं वाणिज्यिक कर मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग कोविड-19 से निपटने पूरी तरह मुस्तैद है और इसकी रोकथाम के लिए पूरी क्षमता से जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इसके इलाज के लिए विशेषीकृत अस्पताल बनाने के साथ ही कई चिकित्सालयों में बिस्तर और आवश्यक सुविधाएं आरक्षित की जा रही हैं। राज्य भर में कुल साढ़े पांच हजार से अधिक बिस्तरों पर कोविड-19 के उपचार के लिए संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के कोटा से आने वाले विद्यार्थियों को 14 दिनों के क्वारेंटाइन के बाद ही घर भेजा जाएगा। जिला प्रशासन एवं ग्राम पंचायतों के माध्यम से प्रदेश के प्रवासी मजदूरों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना वायरस संक्रमण के नियंत्रण की व्यापक व्यवस्था के साथ ही नियमित स्वास्थ्य सेवाओं को भी पटरी पर लाने में लगा हुआ है। टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं कम से कम प्रभावित हो, ऐसी कोशिश की जा रही है। लॉक-डाउन लंबा खींचने की स्थिति में विभाग गांवों तक स्वयं पहुंचकर लोगों को इलाज मुहैया कराने के बारे में विचार कर रहा है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 108 और 102 एंबुलेंस सेवा के साथ ही मरीजों को लाने-ले जाने के लिए पांच अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था रखी गई है। श्री सिंहदेव ने जानकारी दी कि रैपिड जांच किट के माध्यम से सर्विलांस को पुख्ता किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों को एक-एक हजार किट और सभी जिलों को उनकी आबादी के हिसाब से आरडी किट उपलब्ध कराए गए हैं। कोविड-19 की जांच का दायरा बढ़ाने एम्स और रायपुर मेडिकल कॉलेज लैब में पूल-टेस्टिंग भी की जा रही है। विभाग द्वारा रायगढ़, बिलासपुर, अंबिकापुर और राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में भी कोरोना वायरस की जांच के लिए लैब स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री सिंहदेव ने कहा कि आकस्मिक जरूरत के हिसाब से सभी ग्राम पंचायतों में दो क्विंटल चावल रखवाए गए हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़कों और पुलों के निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए स्थानीय ग्रामीणों और ठेकेदारों की सहमति ली जा रही है। मनरेगा कार्यों के अंतर्गत अभी गांवों में जल संरक्षण और जल संचय के कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं। कृषि संबंधी कार्यों को भी इससे जोड़ने और खेती के संसाधनों को मजबूत करने की भी कोशिश की जा रही है। श्री सिंहदेव ने भारत सरकार से जीएसटी क्षतिपूर्ति की शेष राशि जल्द जारी करने की मांग की है। प्रदेश को पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 में नवम्बर-2019 तक की ही राशि मिली है। जीएसटी क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदेश को दिसम्बर-2019 से मार्च-2020 के लिए एक हजार 554 करोड़ 43 लाख 50 हजार रूपए और मिलने हैं।
  • मोदी की 5 ट्रिलियन इकनॉमिक की खुली पोल - कांग्रेस

    मोदी सरकार सैनिक विरोधी, कर्मचारी विरोधी, पेंशनर विरोधी, - 5 ट्रिलियन इकनॉमिक की खुली पोल - मोदी सरकार के 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने की दावों की खुली पोल, - एक माह के लाक डाउन में केंद्रीय कर्मचारी, सैन्य संसाधन, सांसद निधि और अन्य जनहित की राशियों में की जा रही है कटौती  - नोटबन्दी के दौरान फेयर एंड लवली स्किम से 45% गरीबो के नाम से लेकर कालाधन को सफेद किये थे वो पैसा कहा है ?-

     

     रायपुर/26अप्रैल 2020/मोदी सरकार के सैनिक विरोधी कर्मचारी विरोधी और पेंशनर विरोधी रवैया पर सवाल खड़े करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने पूछा है कि सैनिकों पेंशनरों और कर्मचारियों का भत्ता झटकने की नौबत क्यों और कैसे आ गयी ? एक महीने में ही आर्थिक हालत इतनी खराब कैसे हो गई ? मोदी जी छह साल से क्या कर रहे थे कि एक महीने की बन्दी से खजाना खाली हो गया? रिजर्व बैंक से ली गई 1 लाख 76 हज़ार करोड़ रु कहा है? प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा किअंतराष्ट्रीय बाजार में से सस्ते क्रूड ऑयल खरीद कर पेट्रोल डीजल पर भारी भरकम टैक्स लगाकर 20 लाख करोड़ रु मुनाफा कमाया गया कहा है?इसमें रिफाइनरी वाले अंबानी की बात तो कर ही नहीं रहे हैं । GST कलेक्शन भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार बढ़ा ही है। इनकम टैक्स में भी अभूतपूर्व वृद्धि की जानकारी मोदी जी की सरकार ने ही देश को और संसद को दी है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि अभी तो 2020 - 21 के वित्त वर्ष की शुरुआत ही हुई है।30 लाख करोड़ के बजट की सारी मदों के पैसे सरकार के पास बचे ही हैं। सभी कम्पनियों के CSR के पैसे भी केंद्र सरकार ने ले ही लिए हैं ।सांसदों के 2 साल की सांसद निधि की राशि भी जब्त कर ली है। राष्ट्रपति से लेकर सांसद तक के वेतन से भी 30 फीसदी कटौती कर ली है। टाटा और अन्य कम्पनियों ने भी हजारों करोड़ का चंदा दे ही दिया। मात्र 20 -30 हजार कोरोना मरीज मिलने पर आपकी हालत ये हो गयी कि अब सैनिकों और कर्मचारियों के वेतन और कर्मचारियों की पेंशन पर भी नजर गड़ गयी ? बुजुर्गों का महँगाई राहत का हक भी छीन लिया ? क्या इसी आर्थिक हालत के बल पर 5 ट्रिलियन का जोश मार रहे थे? पूरी दुनिया के दादा बनने के दावे कर रहे थे? करोना की स्थिति गंभीर से गंभीर होती जा रही है। किसी देश से युद्ध छिड़ जाए तो क्या कीजियेगा? इराक, ईरान, कोरिया और अनेक देश कड़े अंतराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बाद भी इतने लाचार न हुए थे।

  • पिछले पांच दिन में सड़क, भवन और सेतु निर्माण के 104 कार्य प्रारंभ -ताम्रध्वज साहू

    कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन का पालन कराने 72 हजार पुलिस बल 24 घण्टे मुस्तैद : जेलों में फिजिकल डिस्टेंस का पालन कराने 2368 बंदियों को किया गया रिहा

     

    पिछले पांच दिन में सड़क, भवन और सेतु निर्माण के 104 कार्य प्रारंभ

    पर्यटन के क्षेत्र में स्थानीय लोगों के रोजगार के लिए कार्य-योजना तैयार

    गृह एवं लोक निर्माण मंत्री श्री साहू ने मीडिया को दी जानकारी

        रायपुर, 25 अप्रैल 2020

     

        गृह एवं लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आज चिप्स कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिए छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती राज्यों- मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिसा, तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश की सीमाओं सहित जिले की सीमाओं को सील करते हुए आवागमन को प्रतिबंधित कराया गया। पुलिस मुख्यालय में कोरोना सेल गठित किया गया है, जहां 24 घण्टे सभी जिलों से सतत् संपर्क स्थापित कर कानून व्यवस्था पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान कानून व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए 1316 एफआईआर, 1110 गिरफ्तारी, 2020 वाहन जप्ती तथा मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 97 लाख 94 हजार 595 रूपए जुर्माना राशि वसूली की गई।

        मंत्री श्री साहू ने बताया कि प्रदेश की जेलों में कैदियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ ही अनेक सावधानियां बरती जा रही है। 5 केन्द्रीय जेल, 20 जिला जेल एवं 8 उप जेलों से अंतरिम जमानत, नियमित जमानत, पैरोल एवं सजा पूर्ण तथा रिहाई के तहत 2368 बंदियों को रिहा किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच दिनों में लोक निर्माण विभाग द्वारा 40 सड़क, 42 भवन और 22 सेतु निर्माण के कार्य प्रारंभ किए गए है। उन्होंने बताया कि देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए लोकल टूरिज्म को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए कार्य-योजना तैयार की गई है। इसके तहत वॉटर टूरिज्म एवं एडवेंचर टूरिज्म के लिए मुरूमसिल्ली डैम धमतरी, हसदेव बागो डैम सतरंगा कोरबा, संजय गांधी जलाशय (खुटाघाट) रतनपुर, गंगरेल धमतरी, सरोधा डैम कबीरधाम, समोधा बैराज रायपुर, कोडार डैम रायपुर, मलानिया (गौरेला) तथा दुधावा कांकेर का चयन किया गया है। पर्यटन के दृष्टि से सिरपुर की साईट को और अधिक विकसित करने के लिए कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। प्रदेश में पर्यटन की असीम संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा ‘पर्यटन नीति-2020‘ तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि धार्मिक न्यासों का प्रभावी नियंत्रण के लिए वर्ष 2020-21 के विभागीय बजट में प्रदेश स्तर पर संचालनालय एवं संभाग स्तर पर अधीनस्थ कार्यालयों के गठन के लिए 2.02 करोड़ का बजट प्रावधान के साथ ही कार्यालय के लिए पद स्वीकृत किया गया है। मंदिरों के जीर्णोंद्धार, मरम्मत, रखरखाव एवं धार्मिक स्थलों पर धर्मशाला निर्माण के लिए 2.39 करोड़ रूपए का अनुदान उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के मूलनिवासी को कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए प्रति व्यक्ति 50 हजार की दर से 43.50 लाख रूपए और सिन्धु दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 15 हजार की दर से अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। इसी तरह राजिम माघी पुन्नी मेला, गिरौधपुरी, दामखेड़ा एवं माँ बम्लेश्वरी डोंगरगढ़ के लिए अनुदान उपलब्ध कराया गया है।

  • डॉ रमन सिंह केंद्र सरकार  से इस बात की मांग करें कि प्रवासी मजदूरों को वापस छत्तीसगढ़ तक लाने की व्यवस्था तत्काल करें - मोहन मरकाम
    प्रवासी मजदूरों की समस्याएं केंद्र सरकार द्वारा पहले ट्रेन, बस बंद करने और बाद में लॉक डाउन करने के कारण हुई उत्पन्न
     
     
    मजदूरों की समस्याओं को लेकर डॉ रमन सिंह का चिंतित होना पर्याप्त नहीं
     
    रायपुर/ 25 अप्रैल 2020। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की पत्रकार वार्ता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि डॉ रमन सिंह को यह स्वीकार करना चाहिए था कि मजदूरों की यह सारी समस्याएं केंद्र सरकार द्वारा पहले ट्रेन बस बंद करने और बाद में लॉक डाउन करने के कारण उत्पन्न हुई है। पहले देश की जीवन रेखा रेल सेवा को बंद किया गया और उसके बाद लॉक डाउन किया गया। 
     
     प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि मजदूरों की समस्याओं को लेकर डॉ रमन सिंह चिंतित तो है लेकिन चिंतित होना पर्याप्त नहीं है। डॉ रमन सिंह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी है । अब समय आ गया है कि डॉ रमन सिंह को  भाजपा की केंद्र सरकार  से इस बात की मांग करना चाहिए कि छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों को वापस राज्य तक लाने की व्यवस्था केंद्र सरकार तत्काल करें। 
     
     प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि चूंकि प्रवासी मजदूरों को  वापस लाने का काम अनेक राज्यों  से जुड़ी समस्या है इसलिये केंद्र सरकार द्वारा सभी राज्यों की सरकारों से समन्वय स्थापित कर तत्काल कार्ययोजना बनाना आवश्यक है। प्रवासी मजदूरों को छत्तीसगढ़ वापस लाने के लिये  सारी एहतियात बरतते हुये चिकित्सकों की देखरेख में  विशेष श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जाना चाहिये ।बस्तर के जगदलपुर और दंतेवाड़ा छोड़कर बड़े इलाके में रेल सेवा नहीं हैं, वंहा संबंधित राज्यों में गये छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों को विशेष बसों  से भेजने की व्यवस्था की जाये।
     
     प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि आज छत्तीसगढ़ में शेष भारत से अगर बेहतर स्थिति है और इसके कारण पूरे देश से हजारों लाखों लोग वापस छत्तीसगढ़ आना चाहते हैं तो इसके पीछे छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा सही समय पर उठाए गए सही फैसले हैं।
     
     
     प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार हमेशा प्रदेश के गरीबों और खासकर बस्तर के लोगों के प्रति संवेदनशील है और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा।
  • कोटा से छतीसगढ के विद्यार्थी वापस लोैटेंगे  - बच्चों को लेने रायपुर से रवाना हुई 75 बस
    रायपुर 24 अप्रैल 2020/ मुख्यमंत्री भूपेश बधेल की पहल पर राजधानी रायपुर से 75 बसों का काफिला एंबुलेंस और प्रभारी अधिकारियों के साथ आज शाम रायपुर के पुलिस परेड मैदान से राजस्थान के कोटा के लिए रवाना हो गया । राजस्थान के कोचिंग हब कोटा में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से कोचिंग करने गये विद्यार्थियों को इन बसों से वापस लाया जायेगा। विद्यार्थियो को कोटा राजस्थान से रायपुर लाने के लिए नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर , रायपुर मुकेश कोठारी मोबाइल नंबर 79995-97069 और सहायक नोडल अधिकारी नायाब तहसीलदार कृष्ण कुमार साहू मोबाइल नंबर 99815-76961 को नियुक्त किया गया है। रायपुर जिले के 136 विद्यार्थी भी कोटा से इन्हीं बसों से वापस छत्तीसगढ़ लौटेंगे। ये सभी विद्यार्थी कोरोना संक्रमण के कारण देश में लागू लाॅक डाउन से कोटा में ही फंस गये हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल के पहल के बाद रायपुर जिले के 136 परिवारों में अपने बच्चों के वापस घर लौटने की उम्मीद जागी है। विद्यार्थियों के परिजनों ने कोरोना संक्रमण के कारण हुए देशव्यापी लाॅकडाउन में कोटा में फंसे अपने बच्चों को वापस लाने की गुहार प्रशासन से लगाई थी।
  • रिपब्लिक भारत न्यूज़ चैनल के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में  जुर्म हुआ दर्ज*
    *मीडिया बिग ब्रेकिंग* प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम की लिखित शिकायत पर थाना सिविल लाइन में निजी राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल रिपब्लिक भारत द्वारा भ्रामक समाचार चलाये जाने की शिकायत दर्ज करवाई गई - शिकायत पर कार्रवाई करते हुए थाना सिविल लाइन रायपुर में अर्नब गोस्वामी के खिलाफ 153 ए, 295 ए, 505 (2) आईपीसी की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है | उल्लेखनीय है कि रिपब्लिक भारत न्यूज़ चैनल में राहुल गांधी - सोनिया गांधी के खिलाफ भ्रामक समाचार चलाए जाने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रदेश के विभिन्न थानों में जुर्म दर्ज करने की मांग से संबंधित लिखित शिकायत की गई थी | यहां यह भी बताना जरूरी है कि इस तरह की शिकायतें पूरे भारत में कांग्रेसियों द्वारा करवाई गई हैं | जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाने में सबसे पहले मामला दर्ज हुआ है | CG 24 News
  • डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए नया अध्ययन देश लेकर आई है केन्द्र सरकार -
    *मेडिकल स्टाफ के लिए खुशखबरी* *केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दी जानकारी -* *केंद्र सरकार ने डॉक्टरों की हिफाजत के लिए एक बड़ा कदम उठाया है -* *डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए नया अध्ययन देश लेकर आई है सरकार -* डॉक्टरों पर हमला गैर जमानती होगा - गंभीर केस में 6 महीने से 7 साल की सजा हो सकती है - डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है - करोना वायरस महामारी के मद्देनजर लोगों के स्वास्थ्य की चिंता में लगे डॉक्टर, नर्स और मेडिकल स्टाफ दिन रात एक कर रहा है - गली मोहल्लों में घूम घूम कर स्वास्थ्य जांच की जिम्मेदारी निभा रहे आशा वर्कर के साथ नर्स और मेडिकल स्टाफ पर मारपीट, पत्थरबाजी की अनेक घटनाओं को ध्यान में रखकर केंद्र सरकार ने यह अध्यादेश लाया है | इस अध्यादेश के तहत डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ से संबंधित सभी व्यक्तियों पर हुए हमले और नुकसान के लिए संबंधित भीड़ और व्यक्ति जिम्मेदार होंगे - इस दौरान जो भी नुकसान हुआ होगा उसकी दुगनी कीमत कीभरपाई उस भीड़ या संबंधित आरोपी व्यक्ति से वसूली जाएगी - यह एक बड़ी राहत वाली खबर है डॉक्टरों के लिए, मेडिकल स्टाफ के लिए, जो अपनी जान पर खेलकर इस मुश्किल घड़ी में लोगों के स्वास्थ्य की चिंता कर रहे हैं |