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  • स्टेट ऑफ द स्टेट कॉनक्लेव में मिले पुरस्कार की ट्राफी सौंपी
    रायपुर24 नवम्बर 2019मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित स्टेट ऑफ द स्टेट कॉनक्लेव 2019 में छत्तीसगढ को ‘सर्वोत्तम समावेशी विकास के क्षेत्र में उत्कृष्टतम प्रदर्शन’ के लिए दिए गये पुरस्कार की ट्राफी मुख्यमंत्री श्री बघेल को सौंपी। कृषि मंत्री चौबे ने छत्तीसगढ़ की ओर से यह पुरस्कार ग्रहण किया था। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए कृषि मंत्री सहित प्रदेशवासियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि हमारे राज्य में ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ के नारे के साथ नया आर्थिक मॉडल अपनाया गया है। ऐसी अर्थव्यवस्था अपनाई गयी है, जिसके केंद्र में गांव हैं। आज जब पूरे देश में मंदी छाई हुई है, छत्तीसगढ़ के बाजार में रौनक है। राज्य सरकार द्वारा किसानों की कर्ज माफी, 2500 रुपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी सहित समाज के सभी वर्ग की उन्नति के लिए योजनाएं और कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। राज्य के सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत अधोसंरचनाओं को मजबूत करने के लिए चौतरफा कदम उठाए जा रहे हैं। इस अवसर पर विधायक सर्वश्री देवव्रत सिंह,शिशुपाल सोरी और खेलसाय सिंह भी उपस्थित थे।
  • हिन्दू धर्म की रक्षा करते हुए शहीद हुए गुरु तेगबहादुरजी को श्रृद्वा से कहा जाता है - हिन्द की चादर, गुरु तेगबहादुर

    हिन्दुस्तान में जब औरंगजेब का शासन था उस समय कहावत थी कि वह रोज हजारों हिन्दुओं को मुसलमान बनाने के बाद ही भोजन करता था उसके जुल्म के ज्यादा शिकार कश्मीर के पंडित होते थे । औरंगजेब की प्रताड़ना से तंग होकर कश्मीरी पंडित गुरु तेगबहादुर के पास आए और उन्हें बताया कि किस तरह ‍इस्लाम धर्म स्वीकारने के लिए दबाव बनाया जा रहा है और न करने वालों को तरह-तरह की यातनाएं दी जा रही हैं। हमारी बहू-बेटियों की इज्जत को लूटा जा रहा है। खतरा है। हमें बुरी तरह मारा जा रहा है। कृपया आप हमारी रक्षा कीजीये। 

    जिस समय यह लोग समस्या सुना रहे थे उसी समय गुरु तेगबहादुर के नौ वर्षीय पुत्र गोविंद सिंह वहां आए और पिताजी से पूछा कि यह लोग इतने उदास क्यों हैं? आप इतनी गंभीरता से क्या सोच रहे हैं?

    गुरु तेग बहादुर ने कश्मीरी पंडितों की सारी समस्या बताई तो गोविंद सिंह ने कहा- इसका निदान कैसे होगा ? गुरु तेग बहादुर जी ने कहा कि इसके लिए बलिदान देना होगा। बाला प्रीतम ने कहा कि आपसे महान पुरुष मेरी नजर में कोई नहीं है, भले ही बलिदान देना पड़े पर आप इनके धर्म को बचाइए।


    गुरु तेगबहादुर जी ने उन पंडितों से कहा कि जाकर औरंगजेब से कह ‍दो ‍अगर गुरु तेगबहादुर ने इस्लाम धारण कर लिया तो हम भी कर लेंगे और अगर तुम उनसे इस्लाम धारण नहीं करा पाए तो हम भी इस्लाम धारण नहीं करेंगे और तुम हम पर जबरदस्ती नहीं कर पाओगे। औरंगजेब ने इस बात को स्वीकार कर लिया। 
    औरंगजेब ने गुरु तेगबहादुर जी कों तरह-तरह के लालच दिए। किंतु बात नहीं बनी तो उन पर बहुत जुल्म किए। उन्हें कैद कर लिया गया, उनके दो शिष्यों को मारकर उन्हें डराने की कोशिश की, पर गुरु तेगबहादुर टस से मस नहीं हुए।

    उन्होंने औरंगजेब को समझाइश दी कि अगर तुम जबरदस्ती करके लोगों को इस्लाम धारण करने के लिए मजबूर कर रहे हो तो यह जान लो कि तुम खुद भी सच्चे मुसलमान नहीं हो क्योंकि तुम्हारा धर्म भी यह शिक्षा नहीं देता कि किसी पर जुल्म किया जाए।
    औरंगजेब को यह सुनकर बहुत गुस्सा आया। उसने दिल्ली के चांदनी चैक पर गुरु साहिब के शीश को काटने का हुक्म दे दिया और गुरु साहिब ने हंसते-हंसते अपना शीश कटाकर बलिदान दे दिया। इसलिए गुरु तेगबहादुरजी की याद में उनके शहीदी स्थल पर एक गुरुद्वारा स‍ाहिब बना है, जिसका नाम गुरुद्वारा शीश गंज साहिब है।

    हिन्दुस्तान और हिन्दू धर्म की रक्षा करते हुए शहीद हुए गुरु तेगबहादुरजी को श्रृद्वा से कहा जाता है - हिन्द की चादर, गुरु तेगबहादुर  

  • हिंद की चादर गुरु तेग बहादुर - सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस 25 नवम्बर को

     1675 में मुगल शासक औरंगज़ेब के आदेश पर गुरु तेग बहादुर जी को यातनाएं देने के बाद उनका सिर कलम कर दिया गया था। इस दिन को शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। 

    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने संदेश में कहा है कि गुरु तेग बहादुर ने मानवता की बेहतरी और एकता, सेवा और समाज में भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने के लिए  जीवन समर्पित कर दिया था। श्री कोविंद ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने लोगों के कष्ट दूर करने के लिए काम किया और दमन के खिलाफ लड़े इसलिए उन्हें हिंद की चादर कहा जाता है। राष्ट्रपति ने लोगों से प्रेम, सदभाव, करुणा, भलाई के मूल्यों का प्रसार करने और सभी के कल्याण के लिए काम करने का संकल्प लेने के अपील की है।    

  • राजधानी रायपुर के तेलीबांधा तालाब स्थित प्रदेश के इस सबसे ऊंचे खंभे पर तिरंगा नहीं फहराया जा रहा क्यों ? -
    महापौर प्रमोद दुबे जी बताइए आज तेलीबांधा तालाब स्थित प्रदेश के इस सबसे ऊंचे खंभे पर तिरंगा क्यों नहीं फहराया गया ? -- आज ना आंधी है ना तूफान है ना बारिश हो रही है - फिर भी यहां का खंबा खाली खड़ा है क्यों ? - जबकि आप ने बयान दिया था कि हर शनिवार और इतवार को फहराने का नियम बनाया गया है , फिर भी पिछले 4 हफ्ते से इस खंभे पर तिरंगा झंडा क्यों नहीं फहराया गया ? - 30 अप्रैल 2016 को राजधानी के तेलीबांधा तालाब में प्रदेश के सबसे ऊंचे तिरंगे झंडे का लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने किया था | उस समय राजधानी रायपुर के महापौर प्रमोद दुबे भी विशेष तौर पर उपस्थित थे, क्योंकि यह कार्यक्रम राजधानी का था | हम आपको बताना चाह रहे हैं कि लगभग साढ़े 3 साल के दौरान इस राष्ट्रीय आन बान और शान के प्रतीक तिरंगे झंडे का कई बार अपमान भी हुआ और इन साढे 3 सालों में इस खंभे पर तिरंगा झंडा मुश्किल से डेढ़ सौ दिन फहराया होगा, जब देखो यह खंबा मुंह चढ़ाता अकेला ही खड़ा रहता है | इसकी ऊंचाइयों पर तिरंगा देखने को बहुत ही कम मिलता है | अनेक लोग दूर-दूर से जब तेलीबांधा तालाब के इस राष्ट्रीय आन बान शान रूपी तिरंगे को सलूट करने पहुंचते हैं, तो उन्हें इस जगह बहुत ऊंचा खाली खंबा ही दिखता है | हमने इस बाबत अनेकों बार खबर चलाई यहां तक कि तेलीबांधा थाने में f.i.r. भी करवाई , परंतु आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और ना ही इस खंभे पर लगातार तिरंगा झंडा फहराया गया| महापौर का पल्ला झाड़ने वाला बयान यह आता है कि आंधी तूफान अत्यधिक हवा या बरसात के दिनों में झंडा फट जाता है इसलिए उस दौरान नहीं फहराया जाता | महापौर प्रमोद दुबे का कहना है कि हर शनिवार और इतवार को तिरंगा फहराने का नियम बनाया गया है | हम आपको बता दें कि उनके द्वारा तिरंगा फटने की परेशानियों को देखकर जो नया नियम बनाया गया है उस नए नियम का भी पालन नहीं हो रहा है | *पिछले लगभग 4 हफ्तों से यहां पर किसी भी शनिवार और इतवार को तिरंगा नहीं फहराया गया |* *यह लगातार चौथा हफ्ता है और आज शनिवार है, 23 नवंबर है, और आज भी यहां पर तिरंगा झंडा नहीं फहराया गया है | -* अब ऐसे में इस पर खाली खंभे पर पर प्रतिमा डेढ़ लाख रुपया सुरक्षा के नाम पर खर्च किया जा रहा है क्यों ? -- क्या खंभे की सुरक्षा हो रही है ? - और क्यों हो रही है ? -- क्यों नहीं जवाबदार कंपनी पर कार्यवाही की जाती ? - या कोई मिलीभगत का मामला है कि बिना काम किए पैसा लिए जाओ या बिना तिरंगा झंडा फहराए ही सुरक्षा और देखरेख के नाम पर लाखों रुपए महीना लेकर बंटवारा करते जाओ ! - हम निरंतर इस पर नजर रखे रहते हैं - सीजी 24 न्यूज़ चैनल का यह मानना है कि यदि आप आन बान और शान के प्रतीक इस तिरंगे को नहीं फ़हरा सकते तो लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ ना करें - और इस खंभे पर बिना मतलब खर्च करना भी बंद कर दें| क्योंकि जनता से टैक्स के रूप मे वसूला गया रुपया यूं ही बर्बाद हो रहा है| बिना कारण ठेकेदार एवं कुछ लोगों की जेबों में जा रहा है | अब देखने वाली बात यह है कि महापौर और स्थानीय अधिकारियों द्वारा की जा रही इस फिजूलखर्ची को राज्य शासन कैसे रोकता है या फिर राष्ट्रीय आन बान और शान के प्रतीक तिरंगे झंडे को फहराने की व्यवस्था कैसे करता है ? - *कहा जाता है कि वक्त है बदलाव का के नारे के साथ कांग्रेस सत्ता में आई , कांग्रेस तो सत्ता पर काबिज हो गई परंतु बदलाव कहीं नजर नहीं आ रहा ? -
  • वैश्विक स्तर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन को बढ़ावा देने आधुनिक तौर-तरीकों के साथ बेहतर बनाए कार्ययोजना: ताम्रध्वज साहू
    रायपुर,21 नवम्बर 2019/ गृह और पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू की अध्यक्षता में आज राजधानी रायपुर के उद्योग भवन सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के संचालक मंडल की बैठक संपन्न हुई। बैठक में पर्यटन बोर्ड की नयी पॉलिसी सहित टूरिज्म बोर्ड द्वारा संचालित इकाईयों में आवश्यक रेनोवेशन, बोर्ड की स्वीकृत पद संरचना अनुसार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भर्ती कराए जाने, बोर्ड की इकाईयों को पी.पी.पी. मॉडल पर संचालित किए जाने आदि के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मंडल के सदस्यों ने प्रस्तावित बिन्दुओं पर चर्चा के साथ छत्तीसगढ़ पर्यटन को बेहतर बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव दिए। यह पर्यटन बोर्ड के संचालक मंडल की 30वीं बैठक थी। पर्यटन मंत्री श्री साहू ने बैठक में कहा कि वैश्विक स्तर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक तौर-तरीकों के साथ बेहतर कार्ययोजना तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि अन्य देशों और प्रदेशों में टूरिस्टों के लिए किए जा रहे उत्तम व्यवस्थाओं का अनुकरण करते हुए छत्तीसगढ़ में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए बेहतर कदम उठाया जाए। उन्होंने छत्तीसगढ़ पर्यटन का वैश्विक स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। श्री साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मंडल द्वारा विभन्न राज्यों में स्थित पर्यटन केन्द्रों के आस-पास सूचना केन्द्र स्थापित किया जाए। उन्होंने बोर्ड के होटल, मोटल, रिसॉर्ट और रेस्ट हाउस को आय मूलक बनाने के लिए हाउस कीपिंग तथा खान-पान की व्यवस्था एवं गुणवत्ता को बेहतर करने पर बल दिया। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में होटल, मोटल, रिसॉर्ट और रेस्ट हाउस मिलाकर कुल 50 इकाईयां है जहां पर पर्यटकों को लॉजिंग, बोर्डिंग, कैटरिंग आदि की सुविधाएं प्रदान की जा रही है। प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों में वर्ष 2018-19 में लगभग एक करोड़ 94 लाख पर्यटक आए है। इस वर्ष विभिन्न इकाईयों से चार करोड़ पांच लाख रूपए की आय प्राप्त हुई। इनमें से चार करोड़ 97 लाख रूपए साफ-सफाई, खान-पान सामागियों, विद्युत देयक, गैस एवं अन्य कर्मचारियों का वेतन तथा मरम्मत एवं रखरखाव कार्यों में व्यय किया गया है। बैठक में पर्यटन मंडल के विशेष सचिव श्री पी. अन्बलगन, प्रबंध संचालक सुश्री इफ्फत आरा सहित संचालक मंडल के प्रतिनिधि श्री ए.के. पाण्डेय संयुक्त सचिव वित्त, श्री पी.डी.पूरिबीया उपसचिव संस्कृति, श्री धमरसिंह उपसचिव वन, श्री अनुशमन सिसोदिया उपायुक्त परिवहन, तन्मय मुखोपाध्याय, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक रेल, संदीप चोपड़ा प्रबंधक एअरपोर्ट और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे|
  • पत्रकारों की सुरक्षा उनकी सरकार की बड़ी चिंता है - मुख्यमंत्री -- भूपेश बघेल ने जस्टिस आलम से की सौजन्य मुलाकात

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज और छत्तीसगढ़ पत्रकार सुरक्षा कानून समिति के अध्यक्ष जस्टिस आफताब आलम से स्वामी विवेकानन्द एयरपोर्ट पर सौजन्य मुलाकात की।
        सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज और छत्तीसगढ़ पत्रकार सुरक्षा कानून समिति के अध्यक्ष जस्टिस आफताब आलम अम्बिकापुर से स्टेट प्लेन से रायपुर पहुंचे। रायपुर से उन्हें शाम 7.40 की फ्लाइट से दिल्ली जाना था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सूचना मिली तो वे मंत्रालय से सीधे एयरपोर्ट आ पहुंचे। यह शिष्टाचार भेंट थी। इस दौरान जस्टिस आलम ने मुख्यमंत्री को अपने तीन दिनों के छत्तीसगढ़ दौरे के बारे में बताया। श्री बघेल ने श्री आलम को धन्यवाद दिया और यह भी कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा उनकी सरकार की बड़ी चिंता है और यह प्रस्तावित कानून पूरे देश के सामने एक उदाहरण होगा।

  • नहीं आ रहा अधिकारियों की कार्यशैली में बदलाव - ग्रामीण परेशान
    प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ने एक ओर जहां बिजली बिल हाॅफ कर दिया है वहीं बलरामपुर जिले में आज भी कई गांव ऐसे हैं जहां बिजली तो है लेकिन अधिकारियेां की लापरवाही से गांव अंधेरे में है और लोग काफी परेशान हैं जिले के ग्राम पंचायत चाकी के बसकठिया में पिछले डेढ महिने से लोग अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। ट्रांसफार्मर खराब हुए लगभग डेढ़ महीना हो चुका है परंतु अधिकारी है कि अनेकों शिकायतों के बाद भी मुफ्त की तनख्वाह ले रहे हैं | लेकिन डेढ महिने पहले गांव में लगा ट्रांसफार्मर अचानक खराब हो गया और तब से उसे आज तक बदला नहीं गया है। ग्रामीण अधिकारियेां के चक्कर काटकर और आवेदन दे देकर थक चुके हैं लेकिन आज तक किसी ने उनकी नही सुनी। पूरा गांव अंधेरे में रात गुजार रहा हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे ढिबरी में पढाई करने को मजबूर हैं, बच्चों ने बताया की कई बार वो स्कूल होमवर्क करके नहीं जाते हैं तो उन्हें डांट सुननी पडती है | अंधेरे में वो पढाई कैसे करें ये समझ में नहीं आता है। उन्होने बताया की जब तक ढिबरी में तेल रहता है तब तक गांव के बच्चे समूह में होकर पढाई करते हैं उसके बाद घर चले जाते हैं।ग्रामीणों ने बताया की डेढ महिने से उनके गांव में बिजली नही है | ग्रामीण रात में कोई काम नहीं कर पाते हैं - वहीं रात के अंधेरे में घर में सांप बिच्छू के घुसने का भी डर बना रहता है।। उन्होने बताया की ट्रांसफार्मर लगाने के लिए कई बार आवेदन दिया गया है लकिन आज तक इस पर अमल नहीं हुआ - मजबूरी में वो अंधेरे में रह रहे हैं वहीं उन्होने कहा की बिजली विभाग के अधिकारी ट्रांसफर्मार लगाने के एवज में पैसे की मांग करते हैं और पैसे नहीं देने के कारण ही ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जा रहा है। मामले में जब बिजली विभाग के अधिकारी से बात की गई तो उन्होने सभी आरोपों की जांच करवाने के साथ ही गांव में दो से तीन दिन के भीतर ट्रांसफार्मर लगवाने की बात कही है। सीजी 24 न्यूज़ हमेशा से ही शासन प्रशासन सहित संबंधित विभागीय मंत्रियों को आगाह करता आ रहा है कि अधिकारी लापरवाह है और सरकार बदलने के बाद भी इन पर कोई असर नही पफा है यही कारण है जो जनता में आक्रोश पैदा करता है | सीजी 24 के लिए बलरामपुर से रोबिट गुप्ता की रिपोर्ट
  • रायपुर का पानी देश में पांचवें नंबर पर…केन्द्र ने जारी की रिपोर्ट...मुंबई पहले नंबर पर

    रायपुर। केंद्रीय उपभोक्ता मामले में खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने शनिवार को दिल्ली समेत देशभर में 20 राज्यों से लिए गए पीने के पानी के नमूने की बहुप्रतीक्षित जांच रिपोर्ट जारी कर दी। राम विलास ने कहा कि यह सिर्फ दिल्ली के लिए पूरे देश में सर्वे किया। भारतीय मानक ब्यूरो (बीएसआई) के साथ बैठक बुलाई और सर्वे किया। उन्होंने कहा कि दो समस्या सबसे बड़ी है एक पीने का पानी और प्रदूषण। हमारा मकसद किसी सरकार को दोष देना है और ना राजनीति करना है। जब तक हमारे पास मंत्रालय है तब तक लोगों को स्वच्छ पानी पीने की व्यवस्था हो जाए। जो भी राज्य सरकार हमसे मदद चाहती है वो हमसे ले सकती है।

  • जाने प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बारे में
    सन 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना हुई और इस प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने कांग्रेस की तरफ से अजीत जोगी | नए प्रदेश छत्तीसगढ़ के पहले नियुक्त कांग्रेसी मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने प्रदेश का सफल संचालन किया | खास बात यह है कि नया प्रदेश बनने के बाद प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार करना, मंत्रालय, विधानसभा सभी विभागों के मुख्यालय, चाहे पुलिस विभाग हो या अन्य सभी विभाग , केंद्र के राज्य स्तर के कार्यालय, मुख्यमंत्री निवास, विधायकों के निवास, मंत्रियों के निवास, वरिष्ठ अधिकारियों के निवास, सभी विभागों के कर्मचारियों के निवास, कहां कैसे क्या बनेगा और जिस जगह जो जो बनाया जा रहा है उस सबका एक दूसरे से संबंध, दूरियां, व्यवस्थाएं | इतना सब करके अजीत जोगी जो आईएएस,आईपीएस और आईएफएस है , छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के लिये प्रदेश की नई व्यवस्थाओं में उनके ज्ञान और अनुभवों का बखूबी इस्तेमाल हुआ | इन सब के साथ साथ उन्होंने प्रदेश की कमान भी संभाली | सबसे खास बात रही कि उनके कार्यकाल के दौरान प्रदेश में गुंडाराज और अपराध लगभग समाप्त हो गए थे , कहा जाए तो अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ प्रदेश को सबसे कम अपराध वाला देश का पहला राज्य बनाने में महती भूमिका अदा की| छत्तीसगढ़ राज्य के नव निर्माण की तैयारियों के सफलतापूर्वक संयोजन के कारण आम जनता और अपने द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी जन-जन तक नहीं पहुंचा पाए, इसलिए प्रदेश में 2004 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा और प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी, जो लगातार तीन बार अर्थात 15 सालों तक प्रदेश में राज करती रही | CG 24 News - Sukhbir Singhotra - 9301094242
  • प्याज़ के बढ़ती हुई दाम के विरोध मे  लगातार महिला कांग्रेस ने केन्द्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया
    रायपुर 15 नवंबर 2019 प्याज के बढ़ती हुई दाम के विरोध मे महिला कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष फूलों देवी नेताम के निर्देशानुसार प्रदेश स्तरीय आंदोलन किया गया था. फूलों देवी नेताम ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्याज एवं लहसुन के बढ़ती हुई दामों मे कमी लाने के लिये कोई भी आवश्यक कदम नहीं उठाये । बढ़ती मंहगाई के कारण उपभोक्ता बहुत परेशान है। आमदनी बढ़ती नहिं लेकिन लगातार मंहगाई बढ़ती जा रही है । प्याज एवं लहसुन जैसे आवश्यक वस्तु के दाम आसमान छू रहे है जिसके कारण मध्यम एवं निम्न वर्ग के लोगों को अतिरिक्त खर्च को वाहन करने मे बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केन्द्र सरकार के जन विरोधी नीतियों के कारण आम जनता को मंहगाई से राहत नहिं मिल पा रहा है। केन्द्र सरकार के विफलताओ के कारण ही आज मंहगाई आसमान छू रही है। लेकिन केंद्र सरकार के द्वारा मंहगाई को रोकने के लिए कोई भी आवश्यक कदम नहीं उठाया गया है।
  • महेंद्र सिंह छाबड़ा बने छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष
    राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पद पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री महेंद्र छाबड़ा नियुक्त किए गए हैं उनकी नियुक्ति का आदेश महानदी भवन से जारी कर दिया गया है उनकी यह नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से 3 वर्ष के लिए रहेगी साथ ही 2 सदस्यों की भी नियुक्ति अल्पसंख्यक आयोग में सरकार ने की है छत्तीसगढ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री महेंद्र छाबड़ा को छग राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया
  • बाल दिवस के अवसर पर टिनी टॉट इंग्लिश मीडियम स्कूल में बाल मेला का आयोजन
    रायपुर दिनांक 14 नवंबर 2019 को सेक्रो अध्यक्षा रेखा कौशल की अध्यक्षता मे टिनी टॉट इंग्लिश मीडियम स्कूल डब्ल्यू आर एस कॉलोनी रायपुर में बाल दिवस के अवसर पर बाल मेला का आयोजन किया गया। बाल मेला का षुभारंभ, सेक्रो अध्यक्षा श्रीमति रेखा कौषल के कर कमलों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर बच्चों के मनोरंजन के लिए जंपिंग जैक, विभिन्न प्रकार के झूले, बच्चों के लिए मनोरंजक खेल एवं खाने-पीने के स्टाल इत्यादि लगाए गए थे। नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा इन सभी प्रकार के झूलों,खेलों एवं व्यंजनों का भरपूर आनंद लिया गया। इस अवसर पर दिव्यांग बच्चों ने अध्यक्षा सेक्रो श्रीमती रेखा कौशल को ड्राइंग भेंट किया एवं अध्यक्षा की ओर से इन बच्चों को उपहार प्रदान किया गया| इस अवसर पर सेक्रो अध्यक्षा रेखा कौशल के साथ रंजीता चौधरी, नमिता वर्मा एवं अन्य सेक्रो सदस्य सहित स्कूल स्टाफ एवं बच्चे उपस्थित रहे।