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  • 2500 रूपए धान का समर्थन मूल्य कृषक नारायण के लिए मुश्किल वक्त का बनी सहारा
    रायपुर, 22 जून 2019/ राज्य शासन के 2500 रूपए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के निर्णय ने राजनांदगांव जिले के राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम धामनसरा निवासी कृषक नारायण वैष्णव के लिए मुश्किल वक्त में बहुत बड़ा सहारा साबित हुई है। राज्य सरकार द्वारा अपने पहले ही केबिनेट की बैठक द्वारा लिए गए निर्णय के फलस्वरूप किसान नारायण के खाते में धान खरीदी की बढ़ी हुई जमा राशि ने बुरे समय में संकट मोचक की भूमिका निभाया। उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में जब उसे बच्चों की पढ़ाई-लिखाई एवं इलाज हेतु पैसों की सख्त जरूरत थी। उन्हें अपनी दैनिक आवश्यकताओं के साथ-साथ इन कार्यों के लिए पैसों का प्रबंध करना बड़ा कठिन कार्य था। ऐसे समय में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की राशि उसके खाते में जमा होने से उनके जैसे अनेक किसानों को राहत मिली है। जिसके फलस्वरूप राज्य सरकार के प्रति किसानों के आशा एवं विश्वास में और अधिक प्रागढ़ता आई है। किसान श्री नारायण ने बताया कि वे केवल ढाई एकड़ जमीन वाले छोटे किसान है। इसी जमीन में मेहनत कर वे अपने एवं अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके परिवार में उनकी धर्मपत्नी कमल बाई वैष्णव के अलावा उनकी पुत्री रितु कुमारी एवं पुत्र यशवत सहित कुल 4 सदस्य है। जिसमें पुत्री रितु कुमारी की शादी हो गई है। पुत्र यशवंत अभी बीएससी अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। उन्होंने बताया कि उनके जीवकोपार्जन का माध्यम कृषि ही है। किसान नारायण ने बताया कि फरवरी से अप्रैल 2019 के बीच के एवं उनकी धर्मपत्नी छोटे-मोटे शारीरिक परेशानी एवं बीमारियों से भी पीड़ित थे। उस वक्त उनके लिए बीमारियों के इलाज के अलावा अपने पुत्र यशवंत की पढ़ाई हेतु पैसों की प्रबंध करना बड़ा कठिन कार्य था। लेकिन राज्य सरकार के निर्णयनुसार मार्च माह में 2500 समर्थन मूल्य पर खरीदे गये धान की अंतर की राशि उनके खाते में जमा हो जाने से उनके नैराश्य मन में एक आशा की किरण जगने के साथ ही मुश्किल समय में सहारा साबित हुआ। मुश्किल समय में उसके खाते में धान खरीदी की बढ़ी़ हुई राशि जमा हो जाने से इस राशि का उपयोग अपने पुत्र यशवंत के पढ़ाई-लिखाई के अलावा बीमारियों के ईलाज के लिए भी किया। किसान श्री नारायण बताते है कि इस वर्ष वे समर्थन मूल्य पर कुल साढ़े 17 क्विंटल धान की बिक्री की है। उसका समर्थन मूल्य के रूप में उसे कुल 43 हजार 750 रूपए की राशि प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की राशि का उपयोग वे अपने पुत्र यशवंत की अगली कक्षा की पढ़ाई-लिखाई के अलावा अपने अन्य पारिवारिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भी करेंगे। उन्होंने छŸाीसगढ़ सरकार की इस जनहितैषी निर्णय की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इस योजना के माध्यम से राज्य के मेहनतकश अन्नदाताओं के मेहनत का वास्तविक सम्मान करते हुए अपना फर्ज अदा किया है। क्रमांक 742/सचिन/चंद्रेश ठाकुर --00-- सफलता की कहानी कर्ज माफी से किसान दुलेश राम की चिंता हुई दूर खाते में जमा राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई-लिखाई एवं पारिवारिक आवश्यकताओं के लिए करेंगे रायपुर, 22 जून 2019/ राज्य सरकार के द्वारा अल्पकालीन कृषि ऋण के माफ करने के निर्णय सेे राजनांदगांव जिले के ग्राम धामनसरा के किसान दूलेशराम पटेल की कर्ज अदायगी की चिंता दूर हुई है। समुचित वर्षा नहीं होने के कारण फसल की पैदावार ठीक नहीं होने से पारिवारिक आवश्यकताओं की पूर्ति के अलावा बैंक से लिए कर्ज की अदायगी के लिए श्री दूलेशराम चिन्तित रहते थे। शासन के उक्त निर्णय ने इनके मुश्किल आसान कर दी है। राज्य सरकार की कल्याणकारी निर्णय की सराहना करते हुए किसान श्री दुलेशराम ने कहा कि उनके जैसे अनेक छोटे-बड़े किसानों को मुश्किल वक्त में सहारा मिला है। किसान श्री दुलेशराम ने बताया कि उनके पास उनके पास ग्राम धामनसरा में कुल 3 एकड़ पैतृक जमीन है। इसी जमीन में खेती करके एवं मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने के अलावा अपने बच्चों का पढ़ाई का खर्च भी उठाते हैं। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में उनकी धर्मपत्नी के अलावा उनके दो पुत्री एवं एक पुत्र भी है। उनकी बड़ी पुत्री केशरी बीए अंतिम वर्ष एवं उनके पुत्र प्रवीण इस वर्ष बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा उŸाीर्ण किया है। इसके साथ ही उनकी छोटी पुत्री दीप्ति भी कक्षा बारहवीं की परीक्षा उŸाीर्ण की है। किसान श्री दूलेशराम ने बताया कि उनके पास जमीन कम होने एवं जीविकोपार्जन के लिए खेती-किसानी के अलावा दूसरा और कोई साधन नहीं होने से उसे खाद्य-बीज तथा खेती किसानी के अन्य कार्यों के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से ेऋण लेना पढ़ता है। उन्होंने सहकारी समिति सुरगी विकासखंड राजनांदगांव के माध्यम से 30 हजार रूपए नगद एवं खाद-बीज के लिए 5 हजार रूपए सहित कुल 35 हजार रूपए का कृषि ऋण लिया था। लेकिन इस वर्ष समुचित वर्षा नहीं होने से उनके फसल का पैदावार ठीक तरीके से नहीं हुआ। जिसके कारण हमेशा चिंतित रहते थे। वे एनकेन प्रकरण मेहनत-मजदूरी करके बैंक के कर्ज का बड़ा मुश्किल से अदायगी भी कर दिया था। जिसके कारण उसे काफी दिक्कतें भी हुई। लेकिन शासन के निर्णय अनुसार कर्ज माफी हो जाने से अदा किए गये कर्ज की राशि उनके खाते में जमा हो गया। उन्होंने कहा कि अब उसे अपने तीनों बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। अपने खाते में जमा राशि का उपयोग अपने बच्चों के पढ़ाई-लिखाई के अलावा अन्य पारिवारिक आवश्यकताओं के लिए करेंगें।
  • अब बेटियों की शादी में नहीं होगी पैसे की कमी राज्य सरकार ने बढ़ा दी व्यय सीमा की राशि
    रायपुर, 22 जून 2019/ मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में प्रति विवाह व्यय सीमा बढ़ाकर 25 हजार रूपये करने से बी.पी.एल. परिवार में उत्साह का माहौल है। राज्य सरकार ने गरीब परिवार की बेटियों की विवाह के लिए बेहतर व्यवस्था करने का प्रयास किया है। ग्राम बनारी की कुमारी ममता ने कहा कि इस योजना के तहत बेटियों की शादी तो पहले भी होती थी, लेकिन व्यय सीमा कम होने से अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। बेटी के माता-पिता को भी शादी में धनराशि खर्च करने पड़ती थी। उन्होंने राज्य शासन के निर्णय प्रति आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में प्रति विवाह व्यय सीमा 25 हजार करने से बी.पी.एल. परिवार में उत्साह का माहौल है। पहले व्यय सीमा मात्र 15 हजार रूपये प्रति विवाह होने से विवाह आयोजन मंे अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। राज्य सरकार ने इस कठिनाई का समाधान करते हुए प्रति विवाह व्यय सीमा में बढ़ोत्तरी की है।
  • चिरायु योजना ने संवारा कुमकुम का जीवन
    रायपुर, 22 जून 2019/ रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड के ग्राम धनसुली निवासी श्री लालचंद जोशी और श्रीमती सोनिया जोशी के घर दूसरे संतान के रूप में जन्मी कुमकुम जोशी के तालु में छेद ने माता-पिता को दुःखी कर दिया था। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कुमकुम का इलाज नही हो पा रहा था। कुमकुम जब 7 माह की थी तो उसके माता पिता उसे पहली बार मुख्यमंत्री बाल संदर्भ शिविर पचेड़ा लाये। शिविर में जब उसका वजन किया गया तो वह मात्र 3.280 किग्रा की थी। बच्ची बहुत कमजोर और कुपोषित थी। जन्म से बच्ची के तालु में छेद होने के कारण बच्ची को मां का दूध नही मिल पाया जिससे उसे आवश्यक पोषक तत्वों की कमी हमेशा बनी रही। उसकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसे तत्काल जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केन्द्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल एनआरसी में आने के बाद बच्ची के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ और समय-समय पर आयोजित बाल संदर्भ शिविर में बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण उपरांत आवश्यकतानुरूप मुफ्त दवाईयां उपलब्ध कराई गई। जिससे बच्ची का वजन भी तेजी से बढ़ा और लगभग 8 किलोग्राम तक वजन हो गया। बच्ची गंभीर कुपोषित से सामान्य पोषण स्तर पर आ चुकी थी। बच्ची के तालु का ऑपरेशन करना भी एक चुनौती थी। ऑपरेशन हेतु बच्ची का वजन कम से कम 10 किग्रा होना आवश्यक था। वजन की इस कमी को पूरा करने के लिए बच्ची को पूरक पोषाहार नियमित रूप से दिया जाने लगा जिससे बच्ची का वजन ऑपरेशन करने लायक हो गया। चिरायु टीम के साथ मिलकर रायपुरा के ओम हॉस्पीटल में बच्ची कुमकुम ऑपरेशन के बाद 4 जून 2019 को पूर्ण रूप से स्वस्थ्य होकर अपने घर पहुंच ंगई है| सफलता की कहानी मुनगा की खेती करेगी मालामाल रायपुर, 22 जून 2019/ संतुलित आहार की पूर्ति एवं किसानों की आमदनी दोगुनी करने हेतु उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रोपित की जाने वाली फसलों में मुनगा का स्थान विशेष है। मुनगा न केवल सब्जी हेतु उपयोगी है बल्कि यह औषधी गुणों से भी भरपूर है। शरीर में आवश्यक खनिजों की पूर्ति एवं बीमारियांे को दूर करने के लिए मुनगा और इसकी भाजी का उपयोग किया जाता है। इसको ध्यान में रखते हुए जिले के किसानों को मुनगा की खेती के लिए प्रेरित किया गया। इच्छुक किसानों को मनरेगा द्वारा उत्पादित मुनगा पौधों का निःशुल्क वितरण उद्यान विभाग के रोपणियों में किया गया। आरंग विकासखंड के ग्राम भिलाई के कृषक श्री अजय शर्मा द्वारा अपने 5 एकड़ के कृषि उद्यानिकी प्रक्षेत्र में मनरेगा योजनान्तर्गत उद्यान विभाग के रोपणी पारागांव एवं मंदिरहसौद से निःशुल्क मुनगा पौधे प्राप्त कर 10 हजार पौधे का रोपण किया गया। उक्त पौधों का उचित रखरखाव, सिंचाई, निंदाई, गुड़ाई खाद उर्वरक देने के पश्चात् वर्तमान में मुनगा पौधे लगभग 10 फीट उंचाई के हो गए है, जो कि फूल की अवस्था पर है। रोपित पौधे से मुनगा फल की व्यावसायिक उत्पादन अगस्त 2020 से प्राप्त होगा जिससे प्रति पौधा का औसतन उत्पादन 30 किलोग्राम प्राप्त होगा। जिसका थोक बाजार मूल्य बीस रू. प्रति किलोग्राम प्राप्त होने की संभावना है। इस प्रकार कुल रोपित 10 हजार मुनगा पौधे से कृषक को कुल आमदनी 60 लाख रूपए प्राप्त होगा। इन तीन वर्षों की मुनगा पौधेरोपण, रखरखाव, सिंचाई, खाद-दवाई, निदाई-गुड़ाई मुनगा फल की तुड़ाई एवं बाजार व्यवस्था हेतु कृषक द्वारा 15 लाख रूपए व्यय होने का अनुमान है। इस प्रकार कृषक को 45 लाख रूपए की शुद्ध आमदनी होना अनुमानित है। ज्ञात हो कि परंपरागत रूप से धान एवं अन्य फसल के उत्पादन में 3 वर्षों में जितना आय होगा उससे कहीं अधिक मुनगा के फसल से आमदनी होगी।
  • खनिज ऑनलाईन’’ के अध्ययन हेतु केन्या गणराज्य  के प्रतिनिधिमंडल का भ्रमण
    रायपुर, 22 जून 2019/केन्या गणराज्य के पेट्रोलियम एवं मायनिंग मंत्रालय के प्रतिनिधि मंडल द्वारा दिनांक 19 जून से 21 जून 2019 तक छत्तीसगढ़ राज्य के खनन उद्योग तथा खनन संबंधी नीतियों एवं नियमों सहित विभाग द्वारा नवविकसित आईटी आधारित खनिज प्रशासन कार्य (खनिज आॅनलाईन) के अध्ययन हेतु भ्रमण किया गया। सचिव, खनिज साधन विभाग, श्री अन्बलगन पी. द्वारा प्रतिनिधि मंडल को राज्य के आर्थिक-सामाजिक स्थिति की सामान्य जानकारी देने के साथ राज्य में प्राप्त होने वाले विभिन्न खनिजों की उपलब्धतता एवं निर्यात की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। साथ ही श्री अन्बलगन द्वारा राज्य में खनन प्रशासन में पारदर्शिता के परिप्रेक्ष्य में लागू आईटी व्यवस्था की महत्ता से अवगत कराया गया। प्रतिनिधिमंडल का संचालक, भौमिकी तथा खनिकर्म श्री के.सी. देवसेनापति, के साथ भी परस्पर-संवाद सत्र संपन्न हुआ जिसमें श्री देवसेनापति द्वारा पुनर्वास, भूमि अधिग्रहण एवं स्थानीय आबादी को रोजगार विषयक् खनन से सम्बद्ध सामाजिक मुद्दों पर प्रकाश डाला गया। श्री अनुराग दीवान, ज्वाइंट डायरेक्टर द्वारा विगत वर्षों में नवाचार के क्षेत्र में किये गये प्रयास एवं उपलब्धि सहित खनिज प्रशासकीय कार्य में पूर्व जारी मैन्युल प्रक्रिया के क्रियान्वयन में होने वाली कठिनाईयों एवं चुनौतियों को खनिज आॅनलाईन के माध्यम से किस प्रकार पारदर्शी, सरलीकृत, प्रभावी एवं विश्वसनीय किया गया, इस संबंध में अवगत कराया गया। प्रतिनिधिमंडल को ग्राम अहिरवारा स्थित जेके लक्ष्मी सीमेंट तथा ग्राम जामुल स्थित एसीसी संयंत्र में खनिज परिवहन हेतु आॅनलाईन ई-परमिट/ट्रांजिट पास तथा संयंत्र में ट्रिप क्लोजर प्रक्रिया से अवगत कराया गया। उन्हें फ्लाईग स्क्वाड को प्रदत्त विशेष हैंड हेल्ड डिवाइस से बारकोडेड ट्रांजिट पास जाॅंच कार्यवाही से भी रु-ब-रु कराया गया। ज्ञातव्य हो कि नोडल एजेन्सी चिप्स के माध्यम से विकसित खनिज आॅनलाईन पोर्टल को हाल ही में ई-गर्वेनस हेतु राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। केन्या गणराज्य द्वारा भारत, विशेषकर छत्तीसगढ़ राज्य को अध्ययन भ्रमण हेतु चयन इसलिए किया गया क्योकि छत्तीसगढ़ देश में प्रथम राज्य है जहां मुख्य खनिजों के साथ-साथ गौण खनिजों का भी खनिपट्टा का आबंटन ई-आॅक्शन के माध्यम से किये जाने की व्यवस्था लागू की गई है। डीएमएफ का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया है।’’आॅटो अप्रूवल’’ एवं ’’रियल टाईम असेसमेंट’’ आधारित ’’एण्ड टू एण्ड ट्रेकिंग’’ पोर्टल ’’खनिज आॅनलाईन’’ के माध्यम से खनिज प्रशासकीय कार्य का सम्पादन किया जा रहा है। इसमें हितग्राही सुविधानुसार अपने स्थान से ही राॅयल्टी एवं अन्य देय विभिन्न करों का एकमुश्त आॅनलाईन भुगतान कर, खनिज परिवहन हेतु स्वतः ई-ट्रांजिट पास जारी करते हैं, साथ ही राज्य को भी रियल टाईम में राजस्व की प्राप्ति होती है। केन्या गणतंत्र के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य छत्तीसगढ़ राज्य में खनिज संसाधनों के विकास, रेगुलेशन एवं प्राप्त राजस्व का खनन प्रभावित क्षेत्रों एवं लोगांे के सतत् विकास हेतु अपनाए गए उत्कृष्ट प्रयासों को अपने देश में भी लागू करने काफी सकारात्मक दिखे। इस प्रकार राज्य के खनन संबंधित नीतियों एवं नियमों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान एवं सराहना मिली।
  • स्वर्गीय श्री आशाराम डहरिया के  श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शामिल हुए
    रायपुर, 22 जून 2019/मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज रायपुर जिले के अभनपुर विकासखण्ड के छछानपैरी गांव में नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया के पिता स्वर्गीय श्री आशाराम डहरिया के दशगात्र एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने स्वर्गीय श्री आशाराम डहरिया के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने डॉ. शिवकुमार डहरिया के साथ-साथ उनके परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं प्रकट की। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री चरणदास महंत, लोक निर्माण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, खाद्य मंत्री मोहम्मद अकबर, आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, विधायक सर्वश्री अरूण वोरा, विनोद चन्द्राकर, मोहन मरकाम, कुंवर सिंह निषाद, चन्द्रदेव राय, प्रकाश शक्राजीत नायक, श्रीमती ममता चन्द्राकर, श्रीमती इन्दु बंजारे, श्रीमती छन्नी साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, नगर निगम रायपुर के महापौर श्री प्रमोद दुबे, पार्षदगण और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रबुद्ध नागरिक, समाज के सदस्यगण और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल थे।
  • जैसे ताश के पत्तों को फेंटा जाता है - वैसे ही सरकार जिलाधीशों को बदल रही है -
    रायपुर। प्रदेश में फैल रही अराजकता कर खिलाफ भाजपा का धरना - चारो तरफ अंधेरा है, पहरेदार लुटेरा है - डॉ रमन सिंह का बयान -

    पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह का बड़ा बयान - कहा भूपेश बघेल सरकार जिलाधीशों को ऐसे बदल रही है जैसे ताश के पत्तों को फेंटा जाता है -

      

    भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन की कड़ी में बूढ़ा तालाब धरना स्थल रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह भूपेश बघेल पर आरोपों की झड़ी लगा रहे हैं

  • छात्राओं की स्कूल ड्रेस को लेकर द रेडियंट वे स्कूल में परिजनों का हंगामा
    द रेडिएंट वे स्कूल में परिजनों ने किया हंगामा... छात्राओं के स्कूल ड्रेस की गुणवत्ता को लेकर परिजनों ने जताई आपत्ति... पारदर्शी ड्रेस से परिजनों ने छात्राओं की सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल... परिजनों का स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप... स्कूल द्वारा मनमाना तरीके से ड्रेस किया जा रहा है चेंज... इसकी शिकायत स्कुल शिक्षा मंत्री और गृहमंत्री से करेंगे परिजन... एचआरडी मिनिस्टर से भी करेंगे शिकायत...
  • मंडल रेल प्रबंधक श्री कौशल किशोर द्वारा दुर्ग लोकल एवं गोंडवाना एक्सप्रेस में  निरीक्षण एवं यात्रियों से सवांद
    रायपुर- 21जून, 2019 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री कौशल किशोर द्वारा आज दिनांक 21 जून, 2019 को गाड़ी संख्या 68707 रायपुर से दुर्ग के मध्य चलने वाली पैसेंजर ट्रेन मे यात्रियों से यात्री सुविधाओं पर चर्चा करते हुए दुर्ग तक यात्रियों से यात्री सुविधाओ पर बात की । यात्रियों ने रायपुर स्टेशन के सफाई के लिए बहुत ही प्रशंसा जाहिर की । यात्रियों का कहना है कि लोकल ट्रेनों में कोच की सुविधा और उपलब्ध कराये जाए | दुर्ग स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2-3 का भी निरीक्षण किया | दुर्ग से रायपुर लौटते समय हजरत निजामुद्दीन- रायगढ़ 12410 गोंडवाना एक्सप्रेस ट्रेन में स्लीपर कोच के यात्रियों से भी वार्तालाप किया उन्होंने यात्रियों के अनुभवों को सांझा किया इसमें कुछ यात्रियों द्वारा ट्रेनों में स्वच्छता संबंधी विषयों को इंगित किया गया मंडल रेल प्रबंधक ने साफ-सफाई दुरुस्त करने हेतु संबंधितो को निर्देशित किया यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की यात्री सुविधाओं से संबंधित दिक्कत होने पर 138 नंबर का इस्तेमाल करने सुरक्षा कारणों के लिए 182 नंबर का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए भी यात्रियों को काउंसिल किया यात्रियों से चर्चा के दौरान यात्रियों को अवगत कराया कि वह अनारक्षित टिकट यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं बना सकते हैं | मंडल रेल प्रबंधक के निरीक्षण के दौरान आरक्षित कोचों में अनाधिकृत रूप से बैठे यात्रियों पर नियमानुसार जुर्माना किया गया मंडल रेल प्रबंधक द्वारा ट्रेन में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री अमिताव चौधरी, रायपुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे |
  •  मुख्यमंत्री निवास में हर बुधवार को लगेगी जन चौपाल -
    रायपुर, 21 जून 2019/ प्रदेश के आम नागरिकों की समस्याओं और उनकी मांगों से मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल अब सीधे रू-ब-रू होंगे । मुख्यमंत्री श्री बघेल अब हर बुधवार को जन चौपाल के लिए जरिए प्रदेश की जनता से मिलकर उनकी मांगों और समस्याओं को सुनेंगे और उनके निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को देंगे। जन चौपाल कार्यक्रम राजधानी रायपुर के मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हर बुधवार को प्रातः 11 बजे से आयोजित होगा। जन चौपाल की शुरूआत आगामी 3 जुलाई से हो रही है। जन चौपाल में आम नागरिकों को अपने क्षेत्र की समस्याएं और मांगें सीधे मुख्यमंत्री को बताने का मौका मिलेगा।
  • केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं में राज्यों पर  ज्यादा वित्तीय बोझ न डाले: श्री भूपेश बघेल
    रायपुर, 21 जून 2019/ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मांग की है कि केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं में केन्द्र का वित्तीय अंश बढ़ाया जाये तथा राज्यों के वित्तीय अंश को कम किया जाये। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय योजनाओं में राज्यों के अंश को लगातार बढ़ाया जा रहा है और इससे राज्यों को काफी कठिनाईयों को सामना करना पड़ रहा है। श्री बघेल आज नई दिल्ली में केन्द्रीय वित मंत्रालय द्वारा आयोजित बजट पूर्व बैठक में बोल रहे थे। बैठक की अध्यक्षता केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने की। बैठक में अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सर्व शिक्षा अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, एकीकृत बाल विकास योजना और अन्य योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केन्द्र सरकार को अपने अंश के रूप में अधिक राशि प्रदान करना चाहिए। बैठक में उन्होंने 4 हजार 433 करोड़ के बस्तर प्लान का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना के तहत अभी तक केवल 306 करोड़ रूपये की राशि ही प्राप्त हुई है। उन्होंने शेष राशि शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि बस्तर में प्रस्तावित अधोसंरचना विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सिंचाई, पेयजल और स्वच्छता के कार्य किये जा सके। सौभाग्य योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के मापदंड में छूट प्रदान कर 100 से अधिक जनसंख्या के प्रावधान को शिथिल कर 50 से अधिक संख्या वाले मजरों-टोलों को भी निःशुल्क विद्युत कनेक्शन का लाभ दिया जाना चाहिए। श्री बघेल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में वन अधिकार मान्यता अधिनियम के अंतर्गत लाभान्वित परिवारों को भी इस योजना में शामिल करते हुए उनको प्रतिवर्ष 6 हजार के स्थान पर 12 हजार रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ द्वारा देश में धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य रूपये 25 सौ प्रति क्विंटल तय करते हुए खरीफ 2018 सीजन में 80 लाख टन से अधिक धान क्रय किया गया है। उन्होंने राज्य में भारतीय खाद्य निगम द्वारा केन्द्रीय कोटे के अंतर्गत लिये जाने वाले 24 लाख टन चावल के कोटे में वृद्वि किये जाने का अनुरोध किया। श्री बघेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में सभी परिवारों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने हेतु फूड फाॅर आॅल योजना के अंतर्गत अब 35 किलो चावल प्रति राशन कार्ड उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने इस मद में होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति हेतु केन्द्र सरकार को प्रस्तुत किए जाने वाले दावा राशि का समय पर एवं संपूर्ण राशि का एकमुश्त भुगतान किये जाने का अनुरोध किया। नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि इसके लिए मनरेगा, राष्ट्रीय कृषि विकास, राष्ट्रीय पशुधन विकास आदि की राशि का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने इन योजनाओं में राज्य को अधिक अनुदान राशि दिये जाने की मांग की। उन्होंने अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्गो की कल्याण योजनाओं लिए भी अधिक राशि उपलब्ध कराने की मांग की। श्री बघेल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में देश में पहला स्थान पाने का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्ण हो चुके सड़कों के संधारण के लिए भी राज्यों को सहायता अनुदान देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने केन्द्र सहायित सबला योजना में किये गये परिवर्तन का जिक्र करते हुए कहा कि इससे एक अप्रैल 2018 के बाद 15 से 18 वर्ष की शाला बाह्य बालिकाओं को योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने रायपुर एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल कार्गो टर्मिनल प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान करने और औद्योगिक गतिविधियों के लिए अन्तर्देशीय परिवहन अनुदान देने की भी मांग की। उन्होंने केन्द्रीय आदिवासी विश्वविद्यालय अमरकंटक के कैंपस को बस्तर में प्रारंभ करने और रायपुर में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का प्रादेशिक कार्यालय प्रारंभ करने का भी आग्रह किया। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी भी उपस्थित थे ।
  • मुख्यमंत्री बभुपेश बघेल की घोषणा पर त्वरित अमल,योग दिवस पर 10 वाहनों को महापौर ने कलेक्टर की उपस्थिति में दिखाई हरी झंडी
    20 जून2019-छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की हाट बाजारों में ग्रामीणों को शिविर लगाकर ईलाज की निःशुल्क सुविधा देने वाली योजना पर कोरबा में भी अमल शुरू हो गया है। आज अंतराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम के दौरान सीएसईबी फुटबाल ग्राउंड में महापौर श्रीमती रेणु अग्रवाल ने कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल की उपस्थिति में 10 मोबाईल चिकित्सा वाहनों को हरी झंडी दिखाकर हाट बाजारों के लिए रवाना कर योजना की शुरूआत की। दंतेवाड़ा जिले के बाद कोरबा जिला प्रदेश का दूसरा जिला बन गया है, जहां यह योजना शुरू हो गई है। आज सुबह आठ बजे जिले के सभी पांचों विकासखंडों के लिए दो-दो मोबाईल चिकित्सा वाहनों को हाट बाजारों के लिए रवाना किया गया है। पाली विकासखंड के तिवरता और सिरली, पोंड़ीउपरोड़ा विकासखंड के सिरमिना और पुटीपखना, कटघोरा विकासखंड के कनबेरी और विजयनगर, करतला विकासखंड के उमरेली और बेहरचुंवा तथा कोरबा विकासखंड के डोकरमना और गिरारी में आज लगने वाले हाट बाजारों में एक साथ यह मेडिकल यूनिट पहुंचेगी और हाट बाजारों में सामान खरीदी करने वाले लोगों में से मरीजों का ईलाज होगा। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने आज इस विषय में बताया कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाले हाट बाजारों में शिविर लगाकर लोगों को निःशुल्क ईलाज की योजना की घोषणा की है तथा पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में इसे दंतेवाड़ा से शुरू किया गया है। श्रीमती कौशल ने बताया कि कोरबा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को हाट बाजारों में ईलाज की सुविधा उपलब्ध कराने मोबाईल मेडिकल यूनिटों की व्यवस्था की गई है। यह मोबाईल यूनिट जिले के सभी ब्लाकों में लगने वाले साप्ताहिक हाट बाजारों में पहुंचेगी। इन यूनिटों पर रक्तचाप, मधुमेह, सिकलसेल, एनीमिया-हीमोग्लोबिन, मलेरिया, टायफाइड जैसी बीमारियों के लिए खून की जांच करने पैथोलोजी की सुविधा होगी। इन यूनिटों के साथ हाट बाजारों में डाक्टर भी जायेंगे और लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक दवाईयां आदि मुहैया करायेंगे।
  • रेलवे क्राइम ब्रांच रायपुर एवं जी.आर.पी. रायपुर के संयुक्त टीम के द्वारा 02 अंतर्राज्यीय शराब तस्करों को गिरफ्तार किया
    रायपुर21जून2019 मुखबीर से प्राप्त सुचना के आधार पर रेलवे क्राइम ब्रांच के उप निरीक्षक संजय वर्मा साथ में स.उ.नि. एल के यादव, यु. एस. श्रीवाश, प्रधान आरक्षक व्ही. के.सिंह, पी. के. दुबे , डी. के. पांडेय व जी आर पी रायपुर के उप निरीक्षक एल एस राजपूत , स.उ.नि. गोपी सिंह पैकरा व अन्य स्टाफ के साथ गाड़ी संख्या 18029 के आगमन के उपरान्त पीछे की ओर दबिश दिए जहाँ पर 02 व्यक्तियों को उक्त गाड़ी के पीछे जनरल कोच से उतारकर प्लेटफार्म नंबर 05-06 के गुमटी गेट के पास से 02-02 नग वजनी बैग ले जाते हुए रोके जिनसे नाम पता पूछने पर अपना नाम पता-(01) नरेश मेटवानी, पिता स्वर्गीय मुरलीधर मेटवानी, उम्र-23 वर्ष, पता- यादव चौक के पास सिंधी कॉलोनी, गोंदिया, थाना- सिटी कोतवाली , जिला- गोंदिया (महाराष्ट) (2) प्रशूल आसवानी, पिता प्रकाश आसवानी, उम्र-20 वर्ष, साकिन- सिंधी कॉलोनी डॉक्टर कालड़ा के घर के पास , गोंदिया, थाना सिटी कोतवाली, जिला गोंदिया का रहने वाला बताये जिन्हें उक्त बैगो में रखे सामानों के संबंध में पूछे जाने पर घबराने लगे और कोई संतोषजनक जवाब नही दे पाए , उक्त बैगो को देखने पर सभी में कैन बियर भरा हुवा मिला गिनती किये जाने पर कुल 144 नग(Budweiser company) बियर मिला जिसे वो गोंदिया महाराष्ट्र से लेकर रायपुर आना बताया गया । जिसे उपस्थित गवाहों के समक्ष जप्त कर जी आर पी थाना रायपुर ले जाया गया जहाँ जी आर पी द्वारा उक्त आरोपियों के विरुद्ध अपकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत कार्यवाही की गयी।