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  • बिस्तरों की सुविधा के अलावा बाकी सुविधाएँ मुहैया करने के सरकारी दावे महज़ हवा-हवाई हैं - भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का तंज
    कोविड सेंटर्स में भी अब अव्यवस्था के चलते मरीज़ों का ठीक से इलाज नहीं, मरीज़ अस्पतालों से भाग रहे : भाजपा

     भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का तंज : बिस्तरों की सुविधा के अलावा बाकी सुविधाएँ मुहैया करने के सरकारी दावे महज़ हवा-हवाई हैं

     कोविड-19 सेंटर्स में बदइंतज़ामी से परेशान होकर मरीज़ अब अपनी व्यथा विभिन्न माध्यमों से लोगों तक पहुँचा रहे : साय

     महामारी को लेकर सरकार की लापरवाही के चलते दिल्ली-मुंबई जैसे हालात छत्तीसगढ़ में भी होते देर नहीं लगेगी


    रायपुर : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में कोरोना के लगातार भयावह स्तर तक पहुँचने के बाद भी प्रदेश सरकार की इससे निपटने की क्या योजना है, सरकार किस रणनीति से इस पर रोकथाम लगाने का काम कर रही है, इसका कोई रोडमैप अब तक सामने नहीं आना बेहद चिंताजनक है। श्री साय ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कोविड-19 सेंटर्स भी अब अव्यवस्थाओं के चलते मरीज़ों की परेशानी बढ़ा रहे हैं और अब इन कोविड सेंटर्स से भी मरीज़ों के भागने और भागने का प्रयास करने की ख़बरें मिलने लगी हैं।
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि कोरोना संक्रमण के इस भयावह दौर में भी प्रदेश सरकार जिस तरह लापरवाही का परिचय दे रही है, उससे एक ओर कोरोना के मरीज़ त्रस्त हैं और दूसरी तरफ कांग्रेस व सरकार के लोग अपनी सियासत में मस्त हैं। श्री साय ने कहा कि अब बिना देर किए प्रदेश सरकार को कोरोना की रोकथाम की अपनी तैयारियों से प्रदेश को अवगत कराना चाहिए, अन्यथा सरकार की लापरवाही के चलते प्रदेश की हालत दिल्ली-मुंबई जैसी होते देर नहीं लगेगी क्योंकि कोरोना संक्रमण को लेकर प्रदेश सरकार अब तक संजीदा नहीं दिख रही है। श्री साय ने कहा कि यदि समय रहते राज्य सरकार इस महामारी से निपटने की तैयारी कर लेती, सबको विश्वास में लेकर सबके साथ मिलकर इससे मुक़ाबले की तैयारी करती तो प्रदेश के हालात इतने भयावह नहीं होते।
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि आज प्रदेश में हालात ये हैं कि एक तो कोरोना संक्रमितों को उपचार के लिए अस्पतालों में बड़ी मुश्क़िल से प्रवेश मिल पा रहा है, और दूसरे जो मरीज कोविड-19 सेंटर्स में इलाज करा रहे हैं, वे इन सेंटर्स की बदइंतज़ामी से खासे परेशान हैं। वहाँ भर्ती मरीज़ अपनी व्यथा विभिन्न माध्यमों से लोगों तक पहुँचा रहे हैं कि वहाँ न तो उनके खाने-पीने का कोई पुख़्ता इंतज़ाम है, न उनके इलाज के प्रति गंभीरता दिखाई जा रही है। बिस्तरों की सुविधा के अलावा बाकी सुविधाएँ मुहैया करने के सरकारी दावे महज़ हवा-हवाई हैं। इन सेंटर्स में सरकार ने इलाज के लिए डॉक्टर्स-नर्सेस तक मुहैया नहीं कराए हैं। आपात मरीज़ भी इन सेंटर्स में सुविधाओं के मोहताज़ हैं। सरकार उन मरीज़ों की चिंता नहीं कर रही है। नतीजतन इन कोविड-19 सेंटर्स से भी मरीज़ों के भागने और भागने का प्रयास करने की ख़बरे प्रकाश में आ रही हैं। श्री साय ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि यदि इन सेंटर्स में भी कोरोना संक्रमितों के इलाज को लेकर सरकार गंभीर नहीं है तो फिर प्रदेश में कोरोना का संक्रमण कैसे रुकेगा?
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि टेस्ट की संख्या नहीं बढ़ाने, टेस्टिंग लैब नहीं बढ़ाने के कारण इन संदिग्धों व मरीजों की जाँच रिपोर्ट भी समय पर नहीं आ रही है जिससे कोरोना के संक्रमण का ख़तरा और अधिक बढ़ता जा रहा है। कई मामलों में तो मौत के बाद संदिग्धों की कोरोना पॉज़ीटिव रिपोर्ट आई है! श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार न तो कोरोना की टेस्टिंग के मामले में गंभीर है और न ही अब वह मरीज़ों के उपचार को लेकर चिंता कर रही है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की तेज़ रफ़्तार ने सबकी चिंता बढ़ा रखी है लेकिन प्रदेश सरकार अब भी सियासी ड्रामेबाजी से बाज नहीं आ रही है। प्रदेश के क्वारेंटाइन सेंटर्स आज भी नारकीय यंत्रणा और अस्वाभाविक मौतों के सेंटर बने हुए हैं। श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार को कोरोना की रोकथाम को अपनी प्रथमिकता में रखना चाहिए था लेकिन अपने ही अहंकार में चूर इस प्रदेश सरकार ने झूठ-फ़रेब की सियासत में मशगूल रहकर न तो समय पर टेस्टिंग लैब बढ़ाए, न कोविड अस्पतालों की व्यवस्था की और न ही उसे स्वास्थ्य विभाग में समय रहते रिक्त पदों पर भर्तियों की सुध आई - 
     
  • पीड़ीत महिला को कब मिलेगी न्यायABVP पर लगे बैन- आकाश शर्मा
    रायपुर28 जुलाई 2020-एनएसयूआई के प्रदेश प्रवक्ता सौरभ सोनकर ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष (ABVP) डाक्टर सुब्बैया शनमुगम ने चेन्नई मे अकेले रही रह 62 वर्षीय विधवा महिला के घर के बाहर पेशाब करता है व महिला को बहुत दिनों से परेशान कर रहा है,इसकी शिकायत महिला ने पुलिस थाने में कि है व पुलिस को सी सी टी कैमरा से विडयो भी दिया है , अभी तक न्याया नहीं मिल पाया है व महिला ने उत्पीड़न का आरोप लगाया है , इससे ABVP के राष्ट्रीय मानसिक पता चलता है व यहा संगठन छात्र हित की बात करती है व छात्र हित में कार्य ना कर के इस तरह से घिनोना कार्य करती है इस संगठन पर तत्काल प्रभाव से बैन लगाना चाहिए व इनकी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के उपर तुरंत कार्यवाही कर के जेल भेजा जाना चाहिए व इनने कड़ी से कडी सजा मिलना चाहिए , सौरभ सोनकर ने कहा कि इस घिनोना हरकत की छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएसयूआई कड़ी निदा करती है।
  • जलविहार में जल भरे या विषैले जीव आये, क्या फर्क पड़ता है -शासन को सिर्फ टैक्स चाहिए -

     

    राजधानी में 1 घंटे की बारिश से अनेक बस्तियां जलमग्न हो गई, जल विहार कॉलोनी के घरों में पानी भरने का रिकॉर्ड टूट गया, जहां पिछले सालों तक तेलीबांधा तालाब के पिछले हिस्से में 2 फीट पानी होता था वहां इस बार 4 फीट तक पानी भर गया | नगर निगम और जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी इस दौरान वहां सहायता के लिए नहीं पहुंचा | लोग अपने घरों में सामान खराब होते अपनी आंखों से देखते रहे, मजबूर थे कि सामान को उठाकर कहां ले जाएं | पलंग, फ्रीज, टेबल - कुर्सी सब कुछ पानी में आधा आधा डूब गया |

    जल विहार कॉलोनी, श्याम नगर, सीजी 24 न्यूज़ चैनल के कार्यालय, सुलभ शौचालय वाली गली एवं तालाब के पीछे सागर किराया भंडार सहित अनेक घरों में दो से ढाई फीट तक पानी भर गया|

     

    ऐसा लगता है कि शासन-प्रशासन सिर्फ टैक्स वसूलने के लिए ही बना है, लोगों की मुख्य मुसीबतों, समस्याओं का निराकरण करने के बदले नगर निगम, स्मार्ट सिटी कार्यालय एवं अन्य सभी शासकीय संस्थाएं सड़कों के किनारे सौंदर्यीकरण, चौक चौराहों का सौंदर्यीकरण, फुटपाथ, जिम, गार्डन के अलावा बिना वजह के स्काईवॉक, ऑक्सीजोन जैसी कम उपयोगी जरूरतों पर अरबों खरबों खर्च करते हैं | परंतु मूलभूत समस्याओं, जलभराव से लोगों को बचाने मैं शासन-प्रशासन आज तक सफल नहीं हो पाया है |

    पिछले 25 वर्षों से देखने में आ रहा है कि राजा तालाब अरमान नाला, जल विहार कॉलोनी तेलीबांधा, टिकरापारा , अवंति विहार विजय नगर, पंडरी गांधी नगर, जैसी शहर की अनेक निचली बस्तियां, मोहल्ले हरसाल बरसात में पानी भराव की गंभीर समस्या से जूझते हैं और लाखों का नुकसान उठाने मजबूर हैं - परंतु शासन प्रशासन उनकी सुध लेने नहीं आता |

     

  • दिल्ली में सड़कों पर फिर निकलेंगे फेरीवाले, केजरीवाल सरकार जारी करेगी आदेश

    दिल्ली सरकार सड़क किनारे सामान बेचने वालों और फेरीवालों के लिए एक आदेश पारित कर सकती है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डिजिटल प्रेस वार्ता के दौरान कहा है कि सड़क विक्रेता और फेरीवालों के लिए एक विशेष आदेश पारित किया जा रहा है. इसके तहत उन्हें सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक काम शुरू करने की अनुमति होगी.

     मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि दिल्ली सरकार सड़क किनारे सामान बेचने वालों और फेरीवालों को अपने काम और व्यवसायों को फिर से शुरू करने की अनुमति देने के लिए एक आदेश पारित करेगी.

     

    कोरोना वायरस महामारी और इसके कारण लगे लॉकडाउन ने छोटे कारोबारों और व्यक्तिगत व्यवसायों दोनों को बुरी तरह से प्रभावित किया है, जिसमें सड़क किनारे सामान बेचने वाले, फेरीवाले विक्रेता सबसे अधिक प्रभावित होने वाले समूहों में शामिल हैं.

     

    केजरीवाल ने एक डिजिटल प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘एक विशेष आदेश पारित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से सड़क विक्रेता और फेरीवाले दिल्ली में अपने काम और आजीविका को फिर से शुरू कर सकते हैं.’’ सरकार ने एक बयान में कहा कि फेरीवालों को हर दिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक काम करने की अनुमति दी जाएगी और उन्हें कोरोना वायरस के प्रसार से बचने के लिए सामाजिक दूरी और अन्य सभी एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने होंगे.

     

    केजरीवाल ने कहा कि कुछ भ्रम के कारण, इन लोगों को पहले काम करने की अनुमति नहीं थी, लेकिन अब उन्हें सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक काम शुरू करने की अनुमति होगी.

     

    बता दें कि भारत में अबतक कोरोना से 1483157 लोग संकर्मित हो चुके हैं. वहीं 33 हजार से ज्यादा लोगों की मौत कोरोना के कारण हुई है. इसमें से 952743 संक्रमित लोग इलाज के बाद ठीक भी हुए हैं. वर्तमान में भारत में 496988 संक्रमितों लोगों का इलाज चल रहा है.

  • Ram Mandir: अयोध्या में भूमि पूजन से पहले राजनीति तेज, मोदी सरकार और विपक्ष आमने सामने | बड़ी बातें

    पीएम मोदी के इस कार्यक्रम और देश में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों के बीच मोदी सरकार और विपक्ष आमने सामने है. विपक्ष जहां इस कार्यक्रम को सोशल डिस्टेंसिंग के खिलाफ बता रहा है तो दूसरी ओर बीजेपी विपक्ष पर राम मंदिर निर्माण के कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा रही है.

    आने वाली पांच अगस्त को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर का भूमि पूजन करेंगे. पीएम मोदी के इस कार्यक्रम और देश में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों के बीच मोदी सरकार और विपक्ष आमने सामने है. विपक्ष जहां इस कार्यक्रम को सोशल डिस्टेंसिंग के खिलाफ बता रहा है तो दूसरी ओर बीजेपी विपक्ष पर राम मंदिर निर्माण के कार्य में बाधा डालने की कोशिश का आरोप लगा रही है. इतना ही नहीं बीजेपी के कई नेताओं ने तो यहां तक कह दिया है कि राम मंदिर के निर्माण से देश से कोरोना खत्म होने लगेगा. जानिए राम मंदिर को लेकर पक्ष और विपक्ष की इस लड़ाई की बड़ी बातें.

     

    कौन-कौन लोग शामिल होंगे?

     

    गौरतलब है कि पीएम मोदी पांच अगस्त को सुबह 11.30 बजे अयोध्या पहुंचेंगे. इसके बाद पहली बार पीएम मोदी रामजन्म भूमि रवाना होंगे. भूमि पूजन के कार्यक्रम में साधु-संतों समेत कुल 200 मेहमान शामिल होंगे. जिन दो सौ महमानों को बुलाया गया है, उनमें से पचास साधु संत, पचास अधिकारी और पचास लोग विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और न्यास के होंगे.

     

    राम मंदिर भूमि पूजन के लिए रतन टाटा, मुकेश अंबानी सहित उद्योग जगत की नामचीन हस्तियों को निमंत्रण मिला

     

    दूरदर्शन पर लाइव प्रसारण संविधान की भावना के ख़िलाफ़- CPM

     

    पूजन के मुहर्त और पूजन में जुटने वाली भीड़ पर सवाल उठने के बाद अब इसके दूरदर्शन पर सीधे प्रसारण का भी विरोध शुरू हो गया है. केरल से सीपीएम सांसद बिनॉय विश्वम ने सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखा है. पत्र में विश्वम ने भूमि पूजन का सीधा प्रसारण दूरदर्शन पर करवाए जाने के फ़ैसले को ग़लत बताते हुए इसका विरोध किया है. विश्वम ने पत्र में प्रसार भारती क़ानून के अनुच्छेद 12 के खंड 2(के) का हवाला देते हुए कहा कि दूरदर्शन का मुख्य उद्देश्य देश की एकता और अखंडता के साथ संविधान की भावना को बनाए रखना है.

     

    AIMIM के सांसद ने भी उठाए पूजन पर सवाल

     

    ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लीमीन (AIMIM) के सांसद इम्तियाज जलील ने शुक्रवार को कहा कि वह अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कोविड-19 महामारी को देखते हुए ‘भूमि पूजन’ को टाला जा सकता है. जलील ने आगे कहा कि इस कार्यक्रम के लिए दो घंटे की अनुमति दी जाती है तो सामान्य श्रद्धालुओं को मंदिरों में पूजा करने या मस्जिद में नमाज पढ़ने की अनुमति क्यों नहीं दी जा सकती, जहां बहुत कम समय लगता है.

     

    AAP ने भी उठाए पूजन कार्यक्रम पर सवाल


    आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय ने कहा कि भूमि पूजन समारोह में सोशल डिस्टेंसिंग समेत कोरोना की दूसरी गाइडलाइंस का पालन कराना सरकार और आयोजकों के लिए बड़ी चुनौती होगी. संजय सिंह के मुताबिक कोरोना के मुश्किल दौर में जहां एक तरफ सभी धार्मिक गतिविधियां बंद हैं तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने अपने फायदे वाले किसी भी काम को बंद नहीं किया है. उनका कहना है कि अयोध्या में इन दिनों बड़ी तादात में कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद वहां भीड़ जुटाई जा रही है.

    एनसीपी प्रुमख शरद पवार ने क्या कहा था?

     

    एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने कुछ दिन पहले कहा था कि हमें तय करना होगा कि कौन सा काम कितना महत्वपूर्ण है? उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोचते हैं कि राम मंदिर बनने से कोरोना खत्म हो जाएगा. उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि सरकार को लॉकडाउन की वजह से हुए नुकसान और कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता करनी चाहिए.

     

    समारोह में रंजन गोगोई को मिले न्यौता- अधीर रंजन

     

    लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने भूमि पूजन समारोह में देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को आमंत्रित करने की मांग उठाई है. वर्तमान में राज्यसभा सांसद रंजन गोगोई की अध्यक्षता में ही पिछले साल सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने अयोध्या विवाद में राम मंदिर के पक्ष में फैसला दिया था. अधीर रंजन ने कहा कि यदि गोगोई को भूमि पूजन के लिए आमंत्रित नहीं किया गया तो यह उनके साथ अन्याय होगा.

     

    मंदिर बनते ही देश से कोरोना भाग जाएगा- बीजेपी सांसद

     

    एमपी विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने बड़ा दावा किया था कि राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होते ही, कोरोना का विनाश होने लगेगा. अब राजस्थान की दौसा लोकसभा सीट से सांसद जसकौर मीणा ने भी कुछ ऐसा ही बयान दिया है. जसकोर मीणा का कहना है. हम तो आध्यात्मिक शक्ति के पुजारी हैं. आध्यात्मिक शक्ति के हिसाब से चलते हैं. मंदिर बनते ही कोरोना देश से भाग जाएगा.

     

    विपक्ष को बीजेपी का जवाब

     

    विपक्ष के आरोपों पर बीजेपी सांसद राकेश सिन्हा ने हमला करते हुए कहा की राम जन्म भूमि के भूमि पूजन का इंतजार आज से नहीं, बल्कि सदियों से किया जा रहा था. साथ ही अब जबकि यह तारीख सामने आ गई है और खुद प्रधानमंत्री भूमि पूजन करने के लिए अयोध्या जा रहे हैं. ऐसे में कांग्रेस अपने इन्हीं मुखौटों और मुखबिरों के सहारे अलग-अलग तरीकों से उस पर सवाल खड़े करवा रही है, जिससे कि किसी भी सूरत में राम जन्मभूमि का भूमिपूजन का कार्यक्रम टल जाए.

  • Breaking.... लॉकडाउन 6 अगस्त तक बढ़ा

    Breaking

     मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक : ज्यादा संक्रमण वाले इलाकों में 6 अगस्त तक लॉकडॉउन बढ़ाने का फैसला

     

    जिले की परिस्थिति को देखते हुए कलेक्टर लेंगे निर्णय
    खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए 28 जुलाई से  जलाशयों से छोड़ा जाएगा पानी

     

          रायपुर 27 जुलाई 2020

    छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव के लिए हॉटस्पॉट क्षेत्रों में लॉकडाउन की अवधि को अब 6 अगस्त तक के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। जिलों में कोरोना संक्रमण वाले इलाकों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन के संबंध में निर्णय लेंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में उनके निवास कार्यालय में उच्च स्तरीय बैठक में राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति पर गहन विचार विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया। इस अवसर पर मंत्रिपरिषद के सदस्यगण उपस्थित थे।
         बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने बताया कि रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में जहां कारोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है, उसकी रोकथाम के मद्देनजर राज्य शासन ने लॉकडाउन की अवधि को 28 जुलाई से बढ़ाकर 6 अगस्त तक करने का निर्णय लिया गया है। जिन इलाकों में संक्रमण की स्थिति अधिक है वहां लॉकडाउन के कायदे कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
         उच्च स्तरीय बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य में कोरोना संक्रमण की रोकथाम और उपचार हेतु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ ही अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज के लिए बेड की संख्या बढ़ाने, लैब तकनीशियन, एएनएम एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की पूर्ति जिला खनिज निधि न्यास मद से करने के निर्देश जिला कलेक्टरों को दिए गए हैं।  
         उच्च स्तरीय बैठक में राज्य में खरीफ फसलों की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए आवश्यकता और जलाशयों में पानी उपलब्धता को देखते हुए 28 जुलाई से ही जलाशयों से पानी छोड़ने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में निगम, मंडल, आयोग, प्राधिकरण के शेष रिक्त पदों पर नियुक्ति के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई।

    लॉकडाउन 6 अगस्त तक बढ़ा... मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्रियों के साथ विचार करने के बाद बढाया... 9 दिन के लिए बढ़ाया... प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण लिया निर्णय.... टेस्ट की संख्या बढ़ाने का भी लिया निर्णय

  • डॉ रमन सिंह और उनके दामाद डॉ पुनीत गुप्ता को रोजाना चिकित्सकीय धर्म निभाते हुवे कोरोना मरीजो का ईलाज निःशुल्क करना चाहिये
    पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह "चिकित्सात पुण्यतम न किञिचत" को भूल चुके है कोरोना महामारी के समय विश्व विख्यात आयुर्वेदिक चिकित्सक शोसल मीडिया में व्यस्त है जबकि उन्हें अस्पताल में होना चाहिये डॉ रमन सिंह और उनके दामाद डॉ पुनीत गुप्ता को रोजाना चिकित्सकीय धर्म निभाते हुवे कोरोना मरीजो का ईलाज निःशुल्क करना चाहिये रोजाना दो-दो घण्टे ओपीडी और कम से कम दो घंटे आईपीडी में दोनों डॉक्टरों को मरीजो की सेवा करनी चाहिये-विकास तिवारी रायपुर/27/07/2020/ छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से अनुरोध करते हुवे कहा है कि कोरोना कोविड 19 महामारी के राज्य में चिकित्सकों की बहुतायत कमी हो रही है जिसके के कारण खुद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह है।भाजपा शासन काल मे विशेषज्ञ चिकित्सको के कुल रिक्त पद 1525 थे जिसमें मात्र 175 पदों में ही नियुक्ति की गयी थी।उसी प्रकार चिकित्सा अधिकारी के 689 पर रिक्त रहे जिसका खामियाजा आज पूरे प्रदेश को भोगना पड़ रहा है।भजापा सरकार का एकमात्र लक्ष्य कमीशनखोरी करना था।इस कारण बड़े पैमाने में विशेषज्ञ एवं चिकित्सा अधिकारियों भर्ती नही की गयी थी।इसके अलावा मेडिकल स्टाफ,नर्सिंग स्टाफ,लैब टेक्नीशियन की भी भर्ती रमन सरकार के समय नही की गयी थी,जबकि किसी भी राज्य में मूलभूत स्वास्थ सुविधाओ और अधोसंरचना निर्माण सरकार की प्राथमिकता होती है पर रमन राज में प्रदेश के स्वास्थ व्यवस्था लचर और चरमराई हुई थी जबकि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह खुद एक आयुर्वेदाचार्य(चिकित्सक)थे। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह इस प्रदेश की जनता ने तीन बार प्रदेश का नेतृत्व सौंपा और भारतीय जनता पार्टी की सरकार उनके नेतृत्व में बनवायी है।आज जब प्रदेश की जनता कोरोना कोविड-19 महामारी से संक्रमित हो रही है लोगों को लगातार चिकित्सकों की आवश्यकता महसूस हो रही है तब उस समय पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह को जो कि एक विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य (चिकित्सक)हैं जिनकी ख्याति कवर्धा क्षेत्र के आसपास फैली हुई थी कवर्धा की जनता बताती है कि डॉ रमन सिंह के हाथों में जादू है और जिस किसी भी मरीज का इलाज करते हैं उसे तत्काल फौरी राहत मिलती थी चाहे वो कितना भी जटिल बीमारी हो उसी प्रकार उनके दामाद डॉ पुनीत गुप्ता जो कि एक नेफ्रोलॉजिस्ट(किडनी रोग विशेषज्ञ) इनकी भी ख्याति डीकेएस अस्पताल से निकलकर पूरे देश-विदेश में फैली हुई है जिन्होंने किडनी रोग से ग्रसित मरीजो के लिये एक महत्वपूर्ण अविष्कार "मैक-डी" डायलिसिस जैकेट है,जिसे पहनने मात्र से जटिल किडनी का डायलसिस आसानी से हो जाता है।कोरोना कोविड-19 वायरस फेफडा,गुर्दा में तेजी से फैलती है जिसके की विशेषज्ञ डॉ रमन सिंह एवं डॉ पुनीत गुप्ता है। प्रवक्ता विकास तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को उनके चिकित्सक की शपथ में कहे गए वाक्य "चिकित्सात पुण्यतम न किञिचत" को याद दिलवाते हुवे कहा है कि धरती के भगवान डॉक्टर माने गए हैं और कोरोना कोविड 19 महामारी के समय पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह और उनके दामाद डॉ पुनीत गुप्ता इस वाक्य और चिकित्सकीय शपथ को भूल गये हैं जबकि उनको सुबह दो घंटा और शाम को दो घंटा ओपीडी लगाकर कोरोना कोविड 19 महामारी के संदिग्ध और ग्रसित लोगों की जांच निःशुल्क करनी चाहिये एवं रोजाना 2 घंटे आईपीडी आयुष अस्पताल,डीकेएस अस्पताल,अंबेडकर अस्पताल में अवश्य करनी चाहिये।इस हेतु उन्हें तत्काल एक आवेदन पत्र कांग्रेस सरकार के मुखिया भूपेश बघेल को संबोधित करते हुवे प्रेषित करना चाहिये और निरंतर मरीजों की सेवा निःशुल्क करनी चाहिये जिससे कि उनका समय भी कटेगा और उनके कारण प्रदेश में जो चिकित्सकों की कमी थी उसमें थोड़ी रिक्ता को भरा जा सकेगा।
  • कोविड 19 परीक्षण सुविधाओं का शुभारंभ 27 जुलाई को - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर दी जानकारी

    सोमवार 27 जुलाई को, उच्च-थ्रूपुट  परीक्षण सुविधाओं का शुभारंभ किया जाएगा।

    नोएडा, मुंबई और कोलकाता में स्थापित की जा रही इन उच्च-थ्रूपुट परीक्षण सुविधाओं से हमारी परीक्षण क्षमता में और सुधार करने में मदद मिलेगी।

  • छत्तीसगढ़ में करोना वायरस के बढ़ रही मरीजों की संख्या, सरकार इस पर ध्यान दे -- नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक

    टेस्ट मामले में 23 वें नंबर पर छत्तीसगढ़ 

    लगता है कि अब विपक्ष को जानकारी के लिए आवेदन देना पड़ेगा या फिर आरटीआई का सहारा लेना पड़ेगा

    बहुत अच्छा लगा कि प्रियंका वाड्रा ने मोदी जी को पत्र लिखा है सुझाव देने के लिए,

    सरकार को जान से ज्यादा दारू से प्रेम है - नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक

    करोना के बढ़ते प्रकोप पर पत्रकारों से चर्चा की नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने 

    छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने आज एक पत्रकार वार्ता के माध्यम से करोना मामले की गंभीरता को सामने लाया

    पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ में करोना वायरस के कारण बढ़ रहे मरीजों की चिंता करते हुए सरकार से इस पर ध्यान देने की बात कही -

    नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के अनुसार छत्तीसगढ़ में कोविड-19  मरीजों की बढ़ती संख्या के अनुपात में अस्पतालों में व्यवस्था कम है - मरीजों के लिए बेड की संख्या कम है - अनेक मरीज अस्पताल जाने को तैयार तो हैं परंतु उन्हें अस्पताल ले जाने में सरकार असफल साबित हो रही है - श्री कौशिक ने सरकार से मांग की है कि जांच की संख्या बढ़ानी चाहिए - अभी तक 10 लाख  के पीछे 2228 टेस्ट हो रहे हैं जो कि अन्य राज्यों के मुकाबले बहुत कम है - टेस्ट की यह संख्या देश में 23 वें नंबर पर छत्तीसगढ़ की आ रही है - नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने पत्रकार वार्ता में पीपीई किट  के मामले में भी सरकार को घेरा, उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के अस्पतालों में पीपीई किट और मास्क बहुत ही कम संख्या में वितरित किए गए हैं -

    उन्होंने क्वारंटाइन सेंटर में हो रही मौतों की जांच के लिए जांच कमेटी बनाने की मांग की है - नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने लॉकडाउन के मामले में सरकार की नीयत पर भी शंका जाहिर की है, उन्होंने कहा है कि सरकार की नीयत ठीक नहीं है मुख्यमंत्री ने केंद्र से लॉकडाउन के लिए अधिकार मांगा था जो उन्हें मिल गया परंतु वह व्यवस्थित लॉकडाउन नहीं कर पा रहे हैं -

    श्री कौशिक के अनुसार सरकार को जान से ज्यादा दारू से प्रेम है - नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि भूपेश सरकार विपक्ष से संवाद नहीं कर रही है किसी तरह की कोई जानकारी नहीं दे रही है - प्रदेश में करोना की क्या स्थिति है ? कितने बेड हैं ? कितने लैब टेस्ट के लिए खुले हैं ? और आगे क्या करना चाहिए ? जिससे करोना पर कंट्रोल हो सके ऐसे किसी भी मामले में सरकार विपक्ष से बातचीत नहीं कर रही है -

    नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने करोना मामले में अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि लगता है कि अब विपक्ष को जानकारी के लिए आवेदन देना पड़ेगा या फिर आरटीआई का सहारा लेना पड़ेगा - क्योंकि हमारी भी जवाबदारी जनता के प्रति है,  जनता ने हमें भी चुना है - धरमलाल कौशिक ने कहा कि बहुत अच्छा लगा कि प्रियंका वाड्रा ने मोदी जी को पत्र लिखा है सुझाव देने के लिए, काश प्रियंका वाड्रा छत्तीसगढ़ की सरकार को भी सुझाव वाला पत्र लिखती तो यहां भी करोना महामारी  का सुधार होता -

    नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के अनुसार लॉकडाउन गांव में भी लगाया जाना चाहिए परंतु खेतों में काम करने वालों को इसमें छूट मिलनी चाहिए -

    अब देखने वाली बात यह है कि प्रदेश की भूपेश सरकार नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के करोना के प्रति चिंता को कितनी गंभीरता से लेती है | CG 24 न्यूज़

  • मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव -*

    *बिग ब्रेकिंग

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव -* 

    मेरे प्रिय प्रदेशवासियों, मुझे #COVID19 के लक्षण आ रहे थे, टेस्ट के बाद मेरी रिपोर्ट पॉज़िटिव आई है। मेरी सभी साथियों से अपील है कि जो भी मेरे संपर्क में आए हैं, वह अपना कोरोना टेस्ट करवा लें। मेरे निकट संपर्क वाले लोग क्वारन्टीन में चले जाएँ।

    भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा, दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव होने से यह बात पुख्ता हो गई है कि यह वायरस किसी को भी जरा सी असावधानी होने पर जकड़ सकता है - इसलिए सरकार कि गाइड लाइन का पूरी तरह पालन करें - इससे आप एवं आपके आस पास के लोग सुरक्षित रहेंगे -

     

  • अमेरिका: हवाई सफर करते समय मास्क पहनना अनिवार्य, एयरलाइंस ने कहा- बिना फेस मास्क के उड़ान भरना संभव नहीं

    वॉशिंगटन पोस्ट ने डेल्टा के चीफ एग्जीक्युटिव एड बास्टियन के हवाले से बताया कि एयरलाइंस ने मास्क पहनने से मना करने पर कम से कम 100 लोगों के सफर करने पर प्रतिबंध लगाया है.

    वॉशिंगटन: दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश माना जाने वाला अमेरिका आज कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित है. कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनना जरूरी माना जा रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए यूएस एयरलाइंस ने ऐलान किया है कि यात्रियों को फेस मास्क पहनने से मना करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. ये ऐलान अमेरिकन, डेल्टा, साउथवेस्ट और यूनाइटेड एयरलाइंस ने की है.

     

    वॉशिंगटन पोस्ट ने एक रिपोर्ट में बताया है कि नए नियमों के तहत सिर्फ दो साल से छोटे बच्चों को मास्क न पहनने की अनुमति होगी. हालांकि डेल्टा एयरलाइंस यात्रियों को बिना फेस मास्क यात्रा करने की अनुमति देगी, लेकिन उन्हें एक विशेष स्क्रीनिंग से गुजरना होगा, जिसे पूरा करने में एक घंटे से ज्यादा समय लगेगा.

     

    दरअसल, अमेरिकी एयरलाइंस को मास्क के संबंध में नियम तय करने की छूट दी गई है. उन्हें सिंगल हैंड दिया गया है, जिसके बाद उन्होंने अपने यात्रियों के लिए मास्क अनिवार्य कर दिया है.

     

    फ्री में दिया जाएगा मास्क
    वॉशिंगटन पोस्ट ने डेल्टा के चीफ एग्जीक्युटिव एड बास्टियन के हवाले से बताया कि एयरलाइंस ने मास्क पहनने से मना करने पर कम से कम 100 लोगों के सफर करने पर प्रतिबंध लगाया है. हालांकि एयरलाइंस ने ये भी कहा है कि अगर यात्रियों के पास मास्क नहीं है तो उन्हें फ्री में मास्क दिया जाएगा.

     

    वर्ल्डोमीटर के मुताबिक, अमेरिका में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या शनिवार सुबह तक बढ़कर 42 लाख पार हो गई. कुल 1 लाख 48 हजार 478 लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि 20 लाख लोग ठीक भी हुए हैं, जो कुल संक्रमितों का 47.72 फीसदी है. 20 लाख 72 हजार लोगों का अस्पतालों में अभी इलाज चल रहा है, जो कुल संक्रमितों का 48.77 फीसदी है. अमेरिका में कुल 3.49 फीसदी कोरोना संक्रमित लोगों की मौत हुई है.

  • Coronavirus: स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन बोले- दुनिया में कोरोना से सबसे कम संक्रमण और मृत्यु दर भारत में

    हर्षवर्धन ने शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में कहा कि प्रति दस लाख आबादी पर 864 मामले सामने आने और 21 से कम मरीजों की मृत्यु के साथ भारत दुनिया में कोरोना वायरस से सबसे कम संक्रमण और मृत्यु दर वाले देशों में से एक है.

    ई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शुक्रवार को कहा कि भारत दुनिया में कोरोना वायरस से सबसे कम संक्रमण और मृत्यु दर वाले देशों में से एक है और यहां कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के ठीक होने की दर 63.45 प्रतिशत है, जबकि मृत्यु दर 2.3 प्रतिशत है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इस बीच देश में लगातार तीसरे दिन कोविड-19 से स्वस्थ हुए लोगों की संख्या 24 घंटे की अवधि में 34,602 के रिकार्ड उच्च स्तर पर पहुंच गयी. मंत्रालय ने कहा कि स्वस्थ हुए कुल लोगों की संख्या 8,17,208 हो गयी है.

     

    संक्रमण से मृत्यु की दर घटकर 2.38 प्रतिशत हुई
    मंत्रालय के शुक्रवार को जारी ताजा आंकड़ों में कहा गया कि संक्रमण से मृत्यु की दर घटकर 2.38 प्रतिशत हो गयी है. आंकड़ों के अनुसार भारत में एक दिन में संक्रमण के सर्वाधिक 49,310 मामले दर्ज किये गये और संक्रमण के मामले बढ़कर 12,87,945 हो गए. इस संक्रमण से मौत के 740 नये मामले सामने आने के बाद मृतक संख्या बढ़कर 30,601 हो गयी है.

     

    भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति ने दिया महत्वपूर्ण योगदान

     

    मंत्रालय के बयान के अनुसार, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किस प्रकार कोरोना वायरस महामारी के दौरान आम लोगों की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

     

    हर्षवर्धन ने कहा कि वर्तमान में पारंपरिक चिकित्सा में सहयोग पर चर्चा करने के लिए एससीओ के भीतर कोई संस्थागत तंत्र नहीं है जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की पारंपरिक चिकित्सा रणनीति 2014-2023 को पूरा करने की क्षमता रखता हो.

     

    हर्षवर्धन ने महामारियों से निपटने में सहयोग पर 2018 में किंगदाओ शिखर सम्मेलन में हस्ताक्षरित संयुक्त वक्तव्य के प्रभावी कार्यान्वयन पर भी जोर दिया. उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन के स्वास्थ्य मंत्रियों की मौजूदा संस्थागत बैठकों के तहत पारंपरिक चिकित्सा पर एक नए उप समूह की स्थापना का प्रस्ताव रखा.

     

    हर्षवर्धन ने दुनिया भर में हुई मौतों पर जताई संवेदना
    हर्षवर्धन ने कोविड-19 की चपेट में आने की वजह से दुनिया भर में हुई मौतों पर अपनी संवेदना व्यक्त की. इस महामारी को काबू में करने के लिए भारत की राजनीतिक प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी की है और जानलेवा वायरस को फैलने से रोकने के लिए सक्रिय और क्रमिक प्रतिक्रिया सुनिश्चित की.

     

    स्वास्थ्य मंत्री ने की सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की चर्चा
    हर्षवर्धन ने इस बीमारी से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि घातक वायरस पर काबू पाने के लिए क्रमबद्ध तरीके से कार्रवाई शुरू की गई जिसमें यात्रा परामर्श जारी करना, शहर या राज्यों में प्रवेश के स्थानों की निगरानी, समुदाय आधारित निगरानी, प्रयोगशाला और अस्पतालों की क्षमता बढ़ाना आदि शामिल था. उन्होंने कहा कि लगातार लॉकडाउन के दौरान भारत को तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने, प्रयोगशालाओं की क्षमता और अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए आवश्यक समय और अवसर भी मिला.

     

    लगातार बढ़ रही है स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या
    मंत्रालय ने कहा कि स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या के लगातार बढ़ने के मद्देनजर संक्रमण से उबर चुके लोगों की संख्या इलाज करा रहे रोगियों की संख्या से 3,77,073 अधिक हो गयी है. देश में फिलहाल कोरोना वायरस के 4,40,135 मरीजों का इलाज चल रहा है. बयान में कहा गया है कि यह अंतर लगातार बढ़ रहा है. देश में 23 जुलाई तक कुल 1,54,28,170 नमूनों की जांच की जा चुकी है. बृहस्पतिवार को 3,52,801 नमूनों की जांच की गयी.

     

    भारत में प्रति दस लाख लोगों पर 11 लोगों की हो रही है जांच
    मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस लिहाज से भारत में प्रति दस लाख लोगों पर 11,179.83 जांच हो रही हैं और जांच, पता लगाने और उपचार किए जाने की रणनीति अपनाने के बाद उसमें लगतार वृद्धि हुई. मंत्रालय ने कहा कि स्वस्थ होने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि के साथ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रयासों को अधिक मरीजों वाले क्षेत्रों में विशेषज्ञों के केंद्रीय दल भेजने से बल मिला.’’

     

    एम्स में शुरू हुआ भारत के पहले स्वदेशी विकसित कोविड टीके कोवैक्सिन का मानव परीक्षण
    भारत के पहले स्वदेशी विकसित कोविड टीके कोवैक्सिन का पहले चरण का मानव परीक्षण शुक्रवार को एम्स में शुरू हुआ और 30 वर्षीय एक व्यक्ति को उसका पहला डेाज दिया गया. पिछले शनिवार से एम्स में इस परीक्षण के लिए 3500 से अधिक स्वयंसेवकों ने पंजीकरण करवाया है. इस अध्ययन से जुड़े एम्स के सेंटर फॉर कम्युनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर संजय राय ने यह जानकारी दी.