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  • *रायपुर एयरपोर्ट में पार्किंग ठेकेदार की लूट एवं गुंडागर्दी*

    *रायपुर एयरपोर्ट में पार्किंग ठेकेदार की लूट एवं गुंडागर्दी*

    *एयरपोर्ट प्रवेश के समय मिलने वाली पर्ची कि मोबाइल में फोटो खींचकर जरूर रखें क्योंकि पार्किंग ठेकेदार का कर्मचारी आपकी पर्ची को फाड़कर कहेगा कि बिना पर्ची के प्रवेश किया है आपने ---- भरिए जुर्माना*

     

    राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट में पार्किंग ठेकेदार की मनमानी और अवैध वसूली का मामला आए दिन सुर्खियों में रहता है, वाहन चालकों एवं मालिकों के पास एयरपोर्ट में वाहन प्रवेश की वैध पर्ची होने के बावजूद पार्किंग ठेकेदार 4 मिनट की वैधता को नकार देते हैं और अवैध वसूली करते हैं - अगर कोई वाहन मालिक उनसे पर्ची में दिए गए समय पर ध्यान देने की बात करता है तो यह कर्मचारी नुमा गुंडा तत्व पर्ची फाड़ कर फेंक देते हैं और कहते हैं कि आप बिना पर्ची के प्रवेश किए हैं -- पार्किंग ठेकेदार के गुर्गों की दादागिरी के सामने अधिकांश वाहन मालिक विवाद से बचने के लिए उनके कहे अनुसार राशि का भुगतान कर व्यवस्था को कोसते हुए चले जाते हैं |

    पार्किंग की अवैध वसूली से पीड़ित और उनके साथ हुए विवाद के मामलों को अनेक बार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सहित प्रमुख अखबारों ने भी एयरपोर्ट प्रशासन सहित जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया परंतु वही ढाक के तीन पात - कुछ दिनों की कार्यवाही के बाद फिर वही पुराना ढर्रा और अवैध वसूली शुरू हो जाती है |

    एयरपोर्ट पर पार्किंग ठेकेदार की मनमानी वसूली और नियमों का पालन नहीं करने की अनेक शिकायतों के बाद भी एयरपोर्ट प्रशासन सहित पुलिस प्रशासन द्वारा व्यवस्था में सुधार की तरफ ध्यान ना देने से इनकी मिलीभगत के संदेह की तरफ इशारा करता है|

    अब देखने वाली बात यह होगी कि पार्किंग ठेकेदार की गुंडागर्दी दादागिरी और अवैध वसूली से भारत सहित विदेशों में रायपुर का कितना नाम रोशन होता है|

  • राजस्थान: कांग्रेस ने ऑडियो टेप जारी कर बीजेपी पर लगाए संगीन आरोप, पायलट समर्थक दो विधायकों को किया निलंबित

    राजस्थान में सियासी संकट खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. आज फिर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर संगीन आरोप लगाए. उन्होंने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की.जयपुर: राजस्थान में सियासी संकट खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. आए दिन कांग्रेस के नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर राज्य सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगा रहे हैं. आज फिर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर कई संगीन आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि कल शाम दो ऑडियो टेप सामने आए हैं. कांग्रेस विधायक भंवर शर्मा और बीजेपी नेता संजय जैन की बातचीत सामने आई है. भंवर बोल रहे हैं कि अमाउंट की बात हो गई है. इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय गजेंद्र शेखावत के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की.

    सुरजेवाला ने कहा, कल 2 ऑडियो टेप सामने आए हैं. कांग्रेस विधायक भंवर शर्मा और बीजेपी नेता संजय जैन की बातचीत सामने आई है. भंवर बोल रहे हैं कि अमाउंट की बात हो गई है. संजय जैन बोल रहे हैं कि साहब को बता दिया है.

     

    बीजेपी सत्ता लूटने की फिराक में- सुरजेवाला

     

    सुरजेवाला ने कहा कि राजस्थान में बीजेपी सत्ता लूटने की कोशिश कर रही है. लेकिन इस बार बीजेपी ने गलत प्रांत चुन लिया है. बीजेपी यहां विधायकों की निष्ठा को खरीदने का षड्यंत्र रच रही है. बीजेपी कोरोना महामारी के बीचो-बीच प्रजातंत्र का चीरहरण कर रही है.

    केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत पर भी सुरजेवाला ने लगाए आरोप

     

     

    उन्होंने कहा कि दूसरे ऑडियो में केंद्रीय गजेंद्र शेखावत की आवाज़ है. इस ऑडियो में भी पैसों को लेकर बातचीत हो रही है. गजेंद्र शेखावत के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

     

    भवर लाल शर्मा पर केस दर्ज हो- सुरजेवाला

     

    सुरजेवाला ने आगे कहा कि कांग्रेस विधायक भवर लाल शर्मा पर केस दर्ज हो. उन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर राज्य सरकार को अंसवैधानिक तरीके से गिराने की साजिश रची है.

     

    कांग्रेस ने दो विधायकों की सदस्यता निलंबित की

     

    कांग्रेस ने मामले पर कार्रवाई करते हुए विधायक विश्वेंद्र सिंह और भंवर लाल शर्मा की सदस्यता निलंबित कर दी है. बता दें कि विश्वेंद्र सिंह गहलोत सराकर में मंत्री थे. इसके साथ ही कांग्रेस ने दोनों नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की भी बात कही. हालांकि, मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भंवर लाल शर्मा ने ऑडियो टेप को फर्जी बताया है.

  • आयोग, निगम, मंडलों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष घोषित
    *ब्रेकिंग न्यूज़* *छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोग, निगम, मंडलों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की सूची जारी*
  • फ़र्ज़ी हस्ताक्षर कर अपने रिश्तेदार को करोड़ों का ठेका -
    *पापुनि के महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी का काला कारनाम IAS संजय अलंग का फ़र्ज़ी हस्ताक्षर कर अपने रिश्तेदार को करोड़ों का ठेका दे शासन को लगाया चुना* *शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंप तत्काल निलंबन कर कार्यवाही की माँग - विनोद तिवारी* *अवर सचिव ने FIR कराने आदेश जारी किया* रायपुर 14 जुलाई आज 11 बजे शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम को ज्ञापन सौंपा गया ज्ञापन में कहाँ गया की पाठ्य पुस्तक निगम में लगातार हर मामले में करोड़ों के घोटाले कर शासन को हानि पहुंचाई जा रही है तथा पापुनि के महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी स्वयं इन घोटालों के रचनाकार है। खेद का विषय है कि नियम विरूद्ध व निविदा प्रक्रिया का धता बताकर अपने संबंधियों, रिश्तेदारों तथा दलालों की दाग़ी फ़र्मों को ठेका देकर शासन को चूना लगाने की जांच रिपोर्ट आ जाने के बावजूद भी श्री चतुर्वेदी पर अभी तक कार्यवाही नही हो पाई है, जबकि उनके विरूद्ध जांच समिति ने एक मामलें में पुलिस अन्वेषण तथा FIR किए जाने की अनुशंसा भी की गई है। इसके बावजूद भी वे महाप्रबंधक पद पर लगातार बने हुए हैं तथा जांच को प्रभावित व दस्तावेजों में हेर-फेर कर रहे है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के विनोद तिवारी द्वारा ये भी उजागर किया गया कि अशोक चतुर्वेदी ने पूर्व प्रबंध संचालक के फर्जी हस्ताक्षर कर एक मामलें में गलत तरीके से निविदा जारी की गई है। इसकी जांच में पुष्टि भी हो चुकी है। वर्तमान आयुक्त, बिलासपुर संभाग तथा पूर्व प्रबंध संचालक श्री संजय अलंग द्वारा लिखे पत्र क्रमांक/1285/स्टेनो/2020 बिलासपुर दिनांक 26 जून 2020 में संजय अलंग ने अवगत कराया है कि:- विविध मुद्रण शाखा की नस्ती में 51वीं बैठक 28.02.2018 के एजेंडा क्रमांक 13 से संबंधित कार्यवाही विवरण व उपस्थिति पत्रक के प्रथम पृष्ठ पर अंकित प्रबंध संचालक के हस्ताक्षर उनके द्वारा नही किए गए है। कार्यकारिणी की 52वीं बैठक दिनांक 19.04.2018 में उल्लेखित पालन प्रतिवेदन के अंत में पृष्ठ क्रमांक 07 पर किए हस्ताक्षर उनके (श्री संजय अलंग के) द्वारा नही किये गए है। विविध मुद्रण कार्य की एक नस्ती में नोटषीट में संजय अलंग के हस्ताक्षर के नीचे लिखे ‘‘आगामी कार्यकारिणी में रखें’’ व ‘‘अनुमोदित’’ की हैंडराइटिंग भी संजय अलंग की हैंडराइटिंग नही है। श्री अलंग ने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि ये दोनो वाक्य उन्होने नही लिखा है। संजय अलंग ने इस प्रकरण में उचित जांच कर कार्यवाही करने को भी लिखा है। इस प्रकरण में पापुनि के महाप्रंबधक अशोक चतुर्वेदी ने कूट रचित दस्तावेज तथा अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर मनमाने दर पर 6 करोड़ 55 लाख 48 हज़ार 598 रूपये का ठेका अपने चहेते दाग़ी फर्म रिश्तेदार मेसर्स होप इंटरप्राइजेंस, सुंदरनगर, रायपुर को जारी किया तथा स्कूलों के लिए ग्रीनबोर्ड, रेट्रो रिफलेक्टिव साइन बोर्ड लगाने की निविदा की फाइल में फर्जी हस्ताक्षर व कूटरचित दस्तावेज बनाकर शासन को करोड़ो के राजस्व की हानि पहुंचाई व घपला किया है। अशोक चतुर्वेदी ने अन्य दर्जनों मामलों में घपला किया है तथा इनके विरूद्ध की गई जांच में भी कई मामलों में जांच समिति ने घोटालों की पुष्टि की है। मंत्री श्री टेकाम से माँग की गई की उक्त मामलों की रौशनी में यह आवश्यक है कि तत्काल प्रभाव से अशोक चतुर्वेदी को निलंबित किया जाए, उनके विरूद्ध एफआईआर किया जाए तथा सभी मामलों की आपराधिक जांच हेतु पुलिस अन्वेषण कराया जाए। अशोक चतुर्वेदी आदतन अपराधी है तथा भाजपा शासनकाल से ही वे विभिन्न मामलों में लगातार घपले करते आ रहे है। पापुनि के भी कई कर्मचारी व अधिकारी इनके दबाव में हैं तथा डरे हुए है।श्री चतुर्वेदी लगातार दस्तावेज गायब कर रहे है। इनके विरूद्ध कई मामलों में जांच हुई है तथा दर्जनों मामले लंबित है। कई मामलों में जांच समितियों ने उनके विरूद्ध रिपोर्ट भी दी है। जिसमें स्पष्ट रूप से इन्हे दोषी पाया गया है। मंत्री जी से निवेदन किया की अशोक चतुर्वेदी को तत्काल प्रभाव से छ.ग. सिविल सेवा अधिनियम (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) 1966 के भाग 4 की धारा 9(1) (a) के तहत निलंबित किया जावे घोटालों पर जल्द कार्यवाही न की गई तो ये घोटाले छ.ग. की जनपक्षीय कांग्रेस सरकार के लिए भी भविष्य में बदनामी व परेशानी का कारण बन सकते है। मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना एवं कार्यवाही का आश्वासन दिया आज शाम ए आर खान अवर सचिव शिक्षा ने उपरोक्त निविदा में हुए भ्रष्टाचार तथा कूटरचना मामले में FIR कराने आदेश जारी किया
  • गणपति उत्सव से पहले मूर्तिकारों पर पड़ी कोरोना की मार, भारी घाटे की चिंता में हैं मूर्ति बनाने वाले

    कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण इस साल मुंबई के मूर्तिकार परेशान हैं. गणपति उत्सव के बदले नियमों ने मूर्तिकारों की चिंता बढ़ा दी है.

    मुंबई: गणपति उत्सव के पर्व नजदीक है. हर बार उत्सव के समय महाराष्ट्र का मुंबई एक अलग रंग में दिखाई देता है, लेकिन इस बार स्थिति विपरीत है. कोरोना की मार है, इसलिए सब कुछ थमा हुआ है. सरकार की तरफ से गणपति उत्सव के लिए महाराष्ट्र में नियम कायदे भी बनाए गए हैं. इन सबका असर यह पड़ा है कि इस बार गणपति की डिमांड बाजार में बहुत कम है. मुंबई से जहां इस मौके पर देश और विदेश में गणपति की मूर्तियां एक्सपोर्ट की जाती थीं, वहीं इस बार स्थिति बेहद खराब है. मूर्तिकारों की हालत यह है कि लाभ तो छोड़िए वह अपनी लगाई हुई पूंजी और गिरवी गहने वापस के लिए सरकार से प्रार्थना कर रहे हैं.

     

    कोरोना की मार से पस्त हैं मूर्तिकार

     

    हर साल जब बप्पा गणेश उत्सव में लोगों के घरों में खुशियां और रंग लेकर आते हैं, हर ओर खुशी रहती है. लेकिन इस बार बप्पा कि इस मूर्ति में रंग भरने का काम करने वाले पेन के मूर्तिकार इस बार करोना की मार से पस्त हैं. हर साल मुंबई में देश में हर जगह इनकी मूर्तियां बिकती थीं, लेकिन इस बाल लंबे लॉकडाउन के चलते मूर्तियों की डिमांड बेहद कम है. बेहद कम मूर्तियां हैं और अब जबकि उत्सव में समय बहुत कम बचा है, बाजार में डिमांड कम होने से इन मूर्तिकारों के मन में चिंता है. उनका कहना है कि लाभ तो छोड़िए जो बैंक से लोन लिया है और गहने गिरवी रखकर बाजार से पूंजी उठाई है, वही निकल जाए तो काफी होगा. यह मूर्तिकार सरकार से मदद की उम्मीद लगाए हुए हैं.

     

    मुंबई के पेन में मूर्ति बनाने के हजारों केंद्र हैं. जहां लाखों की तादाद में कामगार काम करते हैं. यह पेन और उसके आसपास के इलाकों में रहते हैं. सालभर उनका काम चलता रहता है, लेकिन इनकम का समय सिर्फ 2 महीने का होता है. इस बार कोरोना के बाद के लॉकडाउन में काम थम गया. अब तक जहां दुबई से लेकर देशभर में निर्यात होने के लिए ट्रकों पर ट्रक निकल जाते थे. इस बार आधे से भी कम माल की डिमांड बाजार में है. इन सब के परे निसर्ग तूफान ने भी इस इलाके में काफी बर्बादी की है. ज्यादा से ज्यादा मूर्तियां बनाने के लिए अब इन कामगारों की तरफ से 8 घंटे की बजाय 12 घंटे और ज्यादा समय तक के लिए काम किया जा रहा है और बाजार में जो डिमांड कम है उसके चलते इनके माथे पर शिकन है.

  • शिक्षकों के संविलियन का मुख्यमंत्री ने किया अनुमोदन
    *मंत्रिपरिषद के निर्णय* (14.07.2020) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए: - # गोधन न्याय योजना: राज्य के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम - नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी के स्वीकृत गोठानों को रोजगारोन्मुख बनाने हेतु ‘‘गोधन न्याय योजना‘‘ का अनुमोदन किया गया। प्रदेश में हरेली पर्व से इस योजना की शुरूआत होगी। प्रदेश में अब तक 5300 गोठान स्वीकृत किए जा चुकें है जिसमें से ग्रामीण क्षेत्रों में 2408 और शहरी क्षेत्रों में 377 गोठान बन चुकें हैै। जहां से इस योजना की शुरूआत की जाएगी। प्रदेश में स्थापित गोठान में गोवंशीय और भैसवंशीय पशुपालक से गोठान समितियों के माध्यम से गोबर क्रय कर उससे वर्मी कम्पोस्ट एवं अन्य उत्पाद तैयार किया जाएगा। इससे जैविक खेती को बढ़ावा के साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर, गौपालन एवं गौ-सुरक्षा को प्रोत्साहन, खुली चराई पर रोक, द्विफसली क्षेत्र के विस्तार के साथ ही पशुपालको को आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। मंत्रिमण्डलीय समिति द्वारा गोठान ग्राम में पशुपालकों से 1.50 रूपए प्रति किलो की दर से गोवंशी और भैसवंशी मवेशियों के गोबर क्रय की अनुशंसा की गई थी। मंत्रिपरिषद की बैठक में गोबर के क्रय की दर को 2 रूपए प्रति किलो परिवहन व्यय सहित करने का अनुमोदन किया गया। योजना में उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट का सहकारी समितियों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर किसानों को 8 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय किए जाने के साथ ही लैम्पस एवं प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति के अल्पकालीन कृषि ऋण के अंतर्गत सामग्री घटक में जैविक खाद (वर्मी कम्पोस्ट) को शामिल करने का अनुमोदन किया गया। # दो वर्ष एवं उससे अधिक की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले शेष बचे पंचायत और नगरीय निकाय संवर्ग के शिक्षकों का संविलियन एक नवंबर 2020 से स्कूल शिक्षा विभाग में किए जाने का अनुमोदन किया गया। इसका लाभ 16 हजार 278 शिक्षकों को मिलेगा। # अनुकम्पा नियुक्ति के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी परिपत्र 14.06.2013 में संशोधन करते हुए निर्णय लिया गया कि - यदि भाई/बहन अवयस्क हो तो, नियोक्ता द्वारा इस संबंध में अविवाहित दिवंगत शासकीय सेवक के माता/पिता से अंतरिम आवेदन पत्र प्राप्त कर अवयस्क सदस्य (भाई/बहन) के वयस्क होने पर उसे उसकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर तृतीय/चतुर्थ श्रेणी के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। # छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 की धारा 21 के तहत यात्री बसों के माह-जून के देय मासिक कर में पूर्णतः छूट प्रदान करने एवं दो माह तक की कालावधि के लिए वाहन अथवा अनुज्ञा पत्र निष्प्रयोग में रखे जाने पर अग्रिम देय मासिक कर जमा करने संबंधी प्रावधान को अस्थाई रूप से शिथिल करने का निर्णय लिया गया। #नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि के आबंटन, अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन, गैर रियायती एवं रियायती दरों पर आबंटित नजूल पट्टों को भूमि स्वामी अधिकार में परिवर्तन विलेखों में देय स्टाम्प शुल्क/पंजीयन शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत आबंटन/व्यवस्थापन तथा भूमि स्वामी अधिकार में हस्तांतरित किए जाने वाले विलेखो पर देय स्टाम्प शुल्क 5 प्रतिशत तथा उपकर में छूट प्रदान करते हुए अधिकतम 2 हजार रूपए निर्धारित किया गया। आबंटन/व्यवस्थापन तथा भूमि स्वामी अधिकार के पंजीयन विलेखों पर देय पंजीयन शुल्क 4 प्रतिशत की छूट प्रदान करते हुए अधिकतम 2 हजार रूपए निर्धारित किया गया। आबंटन/व्यवस्थापन तथा भूमि स्वामी अधिकार में परिवर्तन पर देय स्टाम्प शुल्क पर एक प्रतिशत अतिरिक्त (नगरीय निकाय) शुल्क को पूर्णतः माफ किया गया। ये सभी छूट 31 मार्च 2021 तक प्रभावशील रहेंगी। # छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जारी राशनकार्डों (एपीएल श्रेणी को छोड़कर) पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के राशनकार्ड के समान ही 5 किलोग्राम चावल प्रति व्यक्ति प्रतिमाह जुलाई 2020 से नवंबर 2020 तक निःशुल्क वितरण किए जाने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में प्रति व्यक्ति/कार्ड, प्रतिमाह कुल खाद्यान्न की अधिकतम पात्रता CGFS और NFSA के तहत जारी किए गए खाद्यान्न की अधिकतम पात्रता के बराबर होगी। # छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जारी राशनकार्डो (एपीएल कार्डो का छोड़कर) पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के राशनकार्डो के समान ही एक किलो चना प्रति कार्ड प्रतिमाह जुलाई 2020 से नवंबर 2020 तक निःशुल्क वितरण करने का निर्णय लिया गया। # छत्तीसगढ़ राज्य सरकार प्रत्याभूति नियम-2003 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। # राज्य के सीधी भर्ती के समस्त पदों पर 3 वर्ष की परिवीक्षा अवधि में नियुक्त किए जाने का निर्णय लिया गया। # इन्द्रावती नदी घाटी के छत्तीसगढ़ राज्य सीमा अंतर्गत आने वाले भू-भाग के समग्र विकास हेतु ‘‘इन्द्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण‘‘ के गठन का निर्णय लिया गया। # छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम-2015 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। # वन विभाग में निर्माण संबंधित कार्य खुली निविदा द्वारा ठेका पद्धति से कराने का निर्णय लिया गया। # छत्तीसगढ़ शासन द्वारा फिल्म ‘छपाक‘ के प्रदर्शन पर प्रवेश हेतु देय राज्य माल और सेवा कर (एस.जी.एस.टी.) के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति करने का निर्णय लिया गया। # महाधिवक्ता कार्यालय बिलासपुर में अतिरिक्त महाधिवक्ता के 02 नवीन पद के सृजन का अनुमोदन किया गया। # छत्तीसगढ़ राज्य विधि आयोग को आगे जारी नही रखने का निर्णय लिया गया। आयोग में वर्तमान में कार्यरत कुल 6 कर्मचारियों को उनके द्वारा धारित पदों पर ही राज्य के विधि और विधायी कार्य विभाग मंत्रालय में नियमानुसार संविदा पर ही संलग्न करने का निर्णय लिया गया। # अशासकीय संस्था रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर के नैमित्तिक एवं आकस्मिक स्थापना के कर्मचारियों के नियमितीकरण की अनुमति प्रदान की गई। # छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा (वर्गीकरण, भर्ती तथा सेवा की शर्ते) नियम, 1975 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। # छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में अध्यक्ष के पद पर श्री टामन सिंह सोनवानी की नियुक्ति का अनुमोदन किया गया। # छत्तीसगढ़ राज्य के लिए नवीन अग्रताक्रम का निर्धारण का अनुमोदन किया गया। # छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आबंटन) नियम में संशोधन करते हुए सामाजिक रूप से बहिष्कृत एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित लोगों के संरक्षण विषय को समाज कल्याण विभाग को आबंटन का अनुमोदन किया गया। # लोकनायक जयप्रकाश नारायण (मीसा/डी.आई.आर. राजनैतिक या सामाजिक कारणों से निरूद्ध व्यक्ति) सम्मान निधि नियम, 2008 को निरसित करने जारी अधिसूचना दिनांक 23 जनवरी 2020 को संशोधन कर जनवरी 2019 से भूतलक्षी प्रभाव से निरसित करने का अनुमोदन किया गया। # डाॅ.आलोक शुक्ला (सेवानिवृत्त भा.प्र.से.) को प्रमुख सचिव के रिक्त असंवर्गीय पद पर तीन वर्ष के लिए संविदा नियुक्ति का कार्योत्तर अनुमोदन किया गया। # छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सेवा की शर्तें) विनियम, 2001 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। # जल जीवन मिशन के अंतर्गत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आमंत्रित रूचि की अभिव्यक्ति द्वारा एकीकृत निविदा प्रक्रिया के माध्यम से प्रदेश के समस्त ग्रामों के अंदर पेयजल व्यवस्था से संबंधित सभी कार्यो हेतु दर निर्धारण करने तथा चयनित एजेन्सियों के माध्यम से क्रियान्वयन का निर्णय लिया गया। # छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम 2011 में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत राज्य शासन द्वारा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश को भाड़ा नियंत्रण अधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा। # 75 लाख रूपए बाजार मूल्य तक के आवासीय मकानों तथा फ्लैट्स के विक्रय पर वर्तमान में लागू पंजीयन शुल्क (संपत्ति के गाइडलाइन मूल्य का 4 प्रतिशत) में 2 प्रतिशत की छूट 31 मार्च 2021 तक दिए जाने हेतु जारी अधिसूचना का कार्योत्तर अनुमोदन किया गया। #सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सहकारी शक्कर कारखानों को हुई क्षति राशि 32.88 करोड़ राज्य शासन द्वारा प्रदाय कर सहकारी शक्कर कारखानों पर बकाया ऋण के विरूद्ध जमा कर समायोजन करने का निर्णय लिया गया। # संस्कृति विभाग के अंतर्गत संचालित सभी इकाइयों को एकरूप करने ‘‘छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद‘‘ के गठन का अनुमोदन किया गया। मुख्यमंत्री इस परिषद के अध्यक्ष और संस्कृति मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। इसके अलावा राज्य के साहित्य और कला जगत से संबंधित व्यक्ति, छत्तीसगढ़ विधानसभा के निर्वाचित सदस्य, भारतीय संसद में छत्तीसगढ़ से निर्वाचित सदस्य, अशासकीय सदस्यों (प्रभागों के निदेशक और अध्यक्ष) का मनोनयन शासन द्वारा किया जाएगा। # राज्य की औद्योगिक निधि 2019-24 में राज्य में बायो-एथेनाल उत्पाद इकाईयों की पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में स्थापना को विशेष प्रोत्साहन पैकेज में अनुमति दिए जाने का निर्णय लिया गया। # छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रीयल डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लिमि. (सीएसआईडीसी) द्वारा औद्योगिक प्रयोजन हेतु आपसी सहमति से निजी भूमि क्रय की नीति का अनुमोदन किया गया।
  • प्रदेश में संसदीय सचिवों की नियुक्ति न्यायालय के नियमानुसार  - कांग्रेस
    कांग्रेस सरकार द्वारा प्रदेश में संसदीय सचिवों की नियुक्ति के मामले में उठ रहे सवालो का जवाब देते हुए प्रदेश प्रवक्ता शैलेश नितिन त्रिवेदी का कहना है की छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार प्रदेश में संसदीय सचिवों की नियुक्ति न्यायालय के नियमानुसार कर रही है | भाजपा शासनकाल में संसदीय सचिवों की नियुक्ति के मामले में कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि संसदीय सचिवों की नियुक्तियां वैध है | अब जब कोर्ट के निर्णय के अनुसार प्रदेश की कांग्रेस सरकार संसदीय सचिवों की नियुक्ति कर रही है तो इसमें किसी तरह के विवाद की बात नहीं आनी चाहिए | कांग्रेस प्रवक्ता शैलेश नितिन त्रिवेदी ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ सरकार में सभी कार्य नियमानुसार संसदीय तरीके से चल रहे हैं -
  • Coronavirus: भारत में इन पांच राज्यों में हैं सबसे ज्यादा मामले, सबसे ज्यादा मौतें भी यही हुईं

    देश में आज कोरोना संक्रमितों की संख्या 9 लाख, छह हजार के पार पहुंच गई. बीते एक दिन में 28 हजार से ज्यादा पॉजिटिव मामले सामने आए हैं.भारत में कोरोना संक्रमण के केस 9 लाख से ज्यादा हो चुके हैं. बीते एक दिन में 28 हजार से ज्यादा मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 9 लाख, छह हजार, 752 पहुंच गई. वहीं, 23, 727 लोग इस महामारी का शिकार हो चुके हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि देश में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले और मौतें सिर्फ पांच राज्यों से सामने आए हैं.भारत के पांच राज्य महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु, गुजरात और कर्नाटक में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण के केस और मौत हुई है. स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा संक्रमण से मौत और मामले महाराष्ट्र में है.

    किस राज्य में कितने संक्रमण के मामले

     

    महाराष्ट्र में कोरोना के कुल 2 लाख, 60 हजार, 924 संक्रमित मरीज है जबकि 10,482 मरीजों की मौत हो चुकी हैं. वहीं दिल्ली में 1 लाख,13 हजार, 740 मरीज हैं और 3,411 लोगों की मौत हो चुकी है. तमिलनाडु में 1 लाख, 42 हजार, 798 संक्रमित मरीज़ हैं, जिसमें से 2,032 मरीजों की मौत हो चुकी है. वहीं गुजरात में 42 हजार, 722 लोग इस संक्रमण का शिकार हो चुके हैं, जिसमें 2,055 लोगों की मौत हो चुकी है. इसी तरह कर्नाटक में 41,581 कोरोना संक्रमित मरीज हैं, जिसमें से 757 मरीजों की मौत हो चुकी है.

     

    इन पांच राज्यों में कुल 6 लाख, एक हजार, 765 संक्रमण के मामले हैं जो भारत में कुल मामले का 66.36% है. वहीं पांच राज्यों में मौत के आंकड़ों को जोड़े तो कुल 18,737 मौत हुई हैं, ये भारत में हुई कुल मौत का 78.96% है.

     

    क्या है इन राज्यों में रिकवरी रेट

     

    इन पांच राज्यों में सबसे ज्यादा संक्रमण के मामले महाराष्ट्र में है. पांचों राज्यों में नए केस रिपोर्ट होने के साथ रिकवरी रेट भी बढ़ रहा है. सबसे ज्यादा संक्रमण से रिकवरी राजधानी दिल्ली में हुई हैं.

    • दिल्ली में सबसे ज्यादा 80.28% रिकवरी रेट, अब तक 91,312 मरीज ठीक हुए है.
    • गुजरात में 69.68% रिकवरी रेट है और अब तक 29,770 मरीज ठीक हुए है.
    • तमिलनाडु में 64.82% रिकवरी रेट है और 92,567 मरीज ठीक हुए.
    • महाराष्ट्र में 1,44,507 मरीज ठीक हुए है और रिकवरी रेट 55.38% है.
    • कर्नाटक में अब तक रिकवरी रेट 39.07% है और 16,248 मरीज ठीक हुए है.

    स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोरोना के कुल मरीज 9 लाख, 06 हजार ,752 केस हैं, जिसमें से 3 लाख,11 हजार, 565 एक्टिव मरीज़ हैं. वहीं 23,727 लोगों की इस संक्रमण से मौत हुई है. अब तक कोरोना संक्रमण से 5 लाख, 71 हजार, 459 लोग पूरी तरह ठीक हो चुके है. वहीं देश में रिकवरी रेट 63.02% है.

  • अधिक दर पर मदिरा बेचने वाले दुकानों में छापे की कार्यवाही -आबकारी विभाग

    कार्यवाही के लिए सक्षम अधिकारियों को भेजा जाएगा प्रस्ताव

    शराब दुकानों से 1 करोड़ रुपए प्रतिमाह अवैध कमाई का खुलासा

    2 sep. 2019 Link 

    https://www.youtube.com/watch?v=3UsNrJiH8HU&t=9s 

    शराब मंत्री कवासी लखमा ने भाजपा पर फोड़ा ठीकरा - कहा भाजपा की चाल -

    9 march 2020 Link 

    https://www.youtube.com/watch?v=3RIrc1a4Jws&feature=youtu.be

    https://www.youtube.com/watch?v=h2A-NUv4QGo&t=67s

     

        रायपुर, 13 जुलाई 2020

    आबकारी आयुक्त के निर्देश पर संभागीय उड़नदस्ता रायपुर के नेतृत्व में देशी/विदेशी मदिरा दुकानों में अनियमितता पाये जाने के शिकायतों के मद्देनजर विशेष अभियान चलाकर छापामार कार्यवाही की गई। रविवार को रायपुर के संतोषी नगर की, देशी एवं विदेशी मदिरा दुकान, लभाण्डी की विदेशी मदिरा दुकान, हीरापुर की विदेशी मदिरा दुकान, लाखेनगर की विदेशी मदिरा दुकान और रायपुरा (सरोना) की विदेशी मदिरा दुकानों में आकस्मिक छापामार कार्यवाही की गई। छापामार कार्यवाही के दौरान संतोषी नगर की देशी एवं विदेशी मदिरा दुकान और रायपुरा (सरोना) स्थित विदेशी मदिरा दुकान में मदिरा का विक्रय शासन द्वारा निधारित दर से अधिक दर पर करते हुए पाये जाने के कारण आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। 

      इन दुकानों के आरोपी विक्रयकर्ताओं को सेवा से पृथक करने के लिए सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत किया जाएगा।

        आबकारी विभाग द्वारा गठित टीम में उपायुक्त आबकारी एस.एल.पवार, जिला आबकारी अधिकारी, आर.एल.भारद्वाज, सहायक जिला आबकारी अधिकारी कल्पना राठौर एवं अजय पाण्डेय सहित अन्य आरक्षकों की टीम के साथ देशी-विदेशी मदिरा दुकानों में छापामार की कार्यवाही की गई। आबकारी विभाग के उपायुक्त एवं संभागीय उड़नदस्ता ने बताया कि छापामार कार्यवाही समय-समय पर की जाएगी।

     

    यहाँ सवाल यह उठता है कि पूरा मीडिया - आम शराब प्रेमी लोगों को सब कुछ नजर आ जाता है विडिओ के साथ प्रमाण उपलब्ध करवा कर शिकायत करतें है - तो इन लाखों रूपये तनख्वाह लेने वाले अधिकारीयों को यह सब नजर क्यों नहीं आता ? समझ से परे है - अपराधियों का साथ देने वाले इन सभी अधिकारीयों को पता होता है कि कोई भी सरकार आये वो उनके अनुसार ही चलेगी - 

     

     

  • हमारे द्वारा छोड़े गए प्यार के माध्यम से हमारा मार्गदर्शन करती रहती है मम्मी - Minister TS singhdev

    मम्मी मेरे जीवन में ताकत का आधार थीं। हमारे साथ शारीरिक रूप से मौजूद नहीं होने के बावजूद, वह हमारे द्वारा छोड़े गए प्यार के माध्यम से हमारा मार्गदर्शन करती रहती है। आज उनकी जयंती पर, उन तमाम यादों को याद करते हुए जो अब जीवन के लिए मेरा खजाना हैं! मंत्री टीएस सिंहदेव का भावपूर्ण ट्वीट 

  • करोना वायरस के सामने हार गया शासन प्रशासन

    करोना वायरस के सामने हार गया शासन प्रशासन

    करोना वायरस के बढ़ते प्रकोप और मरीजों की बढ़ती संख्या के सामने शासन - प्रशासन ने घुटने टेक दिए हैं - राजधानी के वार्डों में संक्रमित मरीजों के लगातार मिलने वाली संख्या की व्यवस्था करने में शासन प्रशासन कमजोर साबित हो रहा है - कन्टोन्मेंट जोन घोषित होने के बावजूद वहां बेरीकैट्स, बोर्ड और पुलिस की व्यवस्था करना बंद कर दिया गया है |

    शंकर नगर वार्ड में चोपड़ा कांप्लेक्स के पीछे सनी प्रोविजन के सामने गली नंबर 7 में करोना संक्रमित दो मरीजों के मिलने के बावजूद सिर्फ ब्लीचिंग पाउडर या चुना डालकर जिला, पुलिस एवं निगम प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी पूरी समझ ली| वहां ना कोई बोर्ड लगाया गया है ना ही बेरीकैट्स लगाए गए हैं, और तो और पुलिस की भी ड्यूटी नहीं लगाई गई है |

    कन्टोन्मेंट जोन से अनजान लोग वहीं से आना-जाना कर रहे हैं, किसी को भी पता नहीं चल रहा कि यहां करोना मरीज पाया गया है और यह कन्टोन्मेंट जोन है |
    अब ऐसे में यही माना जा सकता है कि प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, निगम प्रशासन के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग भी इस विश्वव्यापी कोरोनावायरस की महामारी को लोगों के भरोसे छोड़ रहा है|

    सीजी 24 न्यूज़ चैनल की आम लोगों से अपील है कि वह स्वयं होकर कोरोनावायरस जैसी गंभीर बीमारी को हराने की तमाम गाइडलाइन का पालन करें, बिना जरूरी कार्य घर से ना निकले, अति आवश्यक हो तो मास्क लगाकर ही घर से निकले, आपकी समझदारी में ही आपकी एवं आपके परिवार के स्वास्थ्य की सुरक्षा है, साथ ही अन्य लोगों की | स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें, घर पर रहें, सावधानीपूर्वक रहे, शासन के भरोसे ना रहें |

  • विगत 1 साल से भाजपा के 9 निर्वाचित सांसद कहां है?  - कांग्रेस
    भाजपा प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने के बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया विगत 1 साल से भाजपा के 9 निर्वाचित सांसद कहां है? भाजपा बताएं जनता इन 9 सांसदों ने छत्तीसगढ़ के लिए क्या किया है? रायपुर/11 जुलाई 2020/भाजपा प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने के बयान पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया व्यक्त की प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने को नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य केटीएस तुलसी के बारे में पूछने से पहले छत्तीसगढ़ की जनता को बताना चाहिए विगत 1 साल से भाजपा के 9 निर्वाचित सांसद कहां है? कोरोना महामारी आपातकाल में रोजी रोजगार के गंभीर संकट से जूझ रहे गरीब मजदूर किसानों महिलाओं छात्रों को भाजपा सांसदों ने क्या मदद पंहुचाई हैं? छत्तीसगढ़ में कोरोना महामारी को नियंत्रित करने के लिए किए गए उपाय में भाजपा सांसदों का क्या योगदान है? भाजपा सांसदों ने तो सांसद निधि से आम लोगों को मदद करने के बजाय मोदी शाह को खुश करने के लिए पीएम केयर्स फंड में दान कर दिया? प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्यसभा सदस्य केटीएस तुलसी ने राज्य के प्रवासी मजदूरों के सकुशल घर वापसी के लिए मोदी सरकार को पत्र लिखकर स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग की लेकिन भाजपा के राज्यसभा सदस्य और सांसद मौन थे?राज्यसभा सदस्य केटीएस तुलसी ने कोरेना महामारी के उपचार कर रहे डॉक्टरों के लिए पीपीई किट एवं N95मास्क एवं ग्लोब्स की व्यवस्था की। केटीएस तुलसी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में छत्तीसगढ़ को शामिल करने की मांग की इस विषय पर भी अब तक भाजपा के सांसद और राज्यसभा सदस्य मौन धारण किए हुए हैं? राज्यसभा सदस्य केटीएस तुलसी ने मुख्यमंत्री राहत कोष में कोरेना पीड़ितों के सहयोग के लिए मदद किए। भाजपा प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने को कांग्रेस के सक्रिय सांसदों और राज्यसभा सदस्यों पर उंगली उठाने से पहले भाजपा के निष्क्रिय सांसद और राज्यसभा सदस्यों के बारे में जनता को बताना चाहिए। महामारी संकटकाल में भी भाजपा सांसदों और राज्यसभा सदस्यों से छत्तीसगढ़ की जनता को किसी प्रकार सहायता मदद नहीं मिला है। केंद्र सरकार के द्वारा निरंतर किए जा रहे छत्तीसगढ़ के साथ भेदभाव अन्याय पर भी भाजपा सांसद मूकदर्शक है।