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  • जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़ से मीडिया का नाता कट - अधिकारी कर्मचारी कलम बंद हड़ताल पर
    जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़ से मीडिया का नाता कट, जनसंपर्क विभाग के नवनियुक्त संचालक सौमिल रंजन चौबे की पदस्थापना का विरोध जनसम्पर्क विभाग में कर्मचारियों ने काली पट्टी लगाकर किया काम - जनसंपर्क विभाग में अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल का पहला दिन प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ ने किया पुरजोर समर्थन जनसंपर्क विभाग में संचालक पद पर सौमिल रंजन चौबे की नियुक्ति पर बवाल खड़ा हो गया है जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़ के प्रमुख कार्यालय में कलम बंद हड़ताल शुरू हो गई है | अधिकारियों कर्मचारियों की हड़ताल से जनसंपर्क विभाग द्वारा राज्यपाल - मुख्यमंत्री सहित सभी विभागों की प्रमुख गतिविधियों की जानकारी मीडिया एवं आमजन तक नहीं पहुंच रही है यहां यह बताना भी आवश्यक होगा 10 अक्टूबर के बाद 11 एवं 12 अक्टूबर को डीपीआर में किसी भी तरह की कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है सभी विभागों के कालम ब्लैंक हैं अर्थात खाली हैं| यहां यह भी बताना अति आवश्यक है कि यह विभाग मुख्यमंत्री के अधीन हैं और मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों की जानकारी आमजन के साथ-साथ मीडिया तक नहीं पहुंच रही है | इस विरोध प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं किसी भी संबंधित अधिकारी द्वारा इस मामले पर कोई बयान सामने नहीं आया है | बताया जाता है कि सौमिल रंजन चौबे संविदा पर कार्य कर रहे हैं और उनसे वरिष्ठ नियमित अधिकारियों को दरकिनार कर इन्हें संचालक बनाने का विरोध जनसंपर्क विभाग में हो रहा है | अब देखने वाली बात यह है कि राज्यपाल मुख्यमंत्री एवं शासन की गतिविधियों एवं जानकारियों को मीडिया तक पहुंचाने वाला जनसंपर्क विभाग कब तक सामान्य हो पाता है |
  • संकल्प से सिद्धि के सूत्रधार नरेंद्र मोदी - पीयूष गोयल

    केंद्रीय वाणिज्य और खाद्य मंत्री पियूष गोयल ने संकल्प से सिद्धि के सूत्रधार नरेंद्र मोदी के नाम से लेख तैयार किया है यह लेख उन्होंने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार २० साल के कार्यों - उपलब्धियों को आधार बनाकर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित किया है | 
    पेश है उनका लेख -

    संकल्प से सिद्धि के सूत्रधार : श्री नरेंद्र मोदी

    पीयूष गोयल

    भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद जी के सपनों के अनुरूप
    भारत को जगद्गुरु और विश्वशक्ति बनाने की सोच के साथ संकल्पों को सिद्धि
    तक पहुंचाने का बेजोड़ काम किया है। गुजरात के मेहसाना शहर के छोटे से गाँव
    वडनगर में अभाव में पैदा हुआ एक बालक कैसे साहस, परिश्रम और दूरदर्शी सोच
    के बल पर दुनिया के लिए रोल मॉडल बन गया, ये मोदी जी की प्रेरक जीवन
    गाथा सिद्ध करती है। 
    युवा अवस्था में नरेंद्र मोदी जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े व 1972 में संघ
    प्रचारक का दायित्व मिला तो पूरे उत्साह से राष्ट्र और समाज कल्याण के मिशन
    में जुट गए। महात्मा गांधी के ‘ग्राम स्वराज्य’ और सरदार वल्लभभाई पटेल की
    कार्यशैली से प्रेरणा ली और लगातार आगे बढ़ते गए। राष्ट्र प्रथम और सेवाधर्म के
    संस्कार लेकर नरेंद्र मोदी जी ने निरंतर परिश्रम, जनसेवा और अपनी क्षमता के
    बल पर प्रत्येक भूमिका को सफलता से निभाया है। 13 वर्ष गुजरात के मुख्यमंत्री
    और पिछले 7 वर्षों से देश के प्रधानमंत्री के रूप में मोदी जी ने सार्वजनिक जीवन
    में जनसेवा के दो दशक पूरे कर लिए हैं जो 135 करोड़ भारतीयों का उनके प्रति
    भरोसा और प्यार बताता है।   
    7 अक्टूबर 2001 को श्री नरेंद्र मोदी जी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद का कार्यभार
    सम्भाला और अपने कार्य के बल पर राज्य के विकास पुरुष बन गए। ‘गुजरात
    मॉडल’ की देश के अंदर ही नहीं विदेशों में भी बहुत चर्चा हुई। पूरे 13 वर्ष गुजरात
    में विकास व समृद्धि लाने के साथ-साथ 6 करोड़ गुजरातियों का दिल जीतने के
    बाद राष्ट्रीय स्तर पर मोदी जी की लोकप्रियता लगातार बढ़ती गयी। भारत की

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    सजग जनता ने अपने नेता को स्वीकारा भी और सराहना भी की। जब प्रधानमंत्री
    मोदी जी ने देश का नेतृत्व सम्भाला तो उन्हें विरासत में एक कमजोर
    अर्थव्यवस्था मिली व घोटालों के कारण सरकार जनता का विश्वास खो चुकी थी।
    इन सब चुनौतियों को स्वीकारते हुए प्रधानमंत्री जी ने अपने निर्णायक नेतृत्व और
    दृढ़ निश्चय का परिचय दिया। सोच यह थी कि बिना भेदभाव के सरकार की
    योजनाओं का लाभ गरीब से गरीब व्यक्ति को भी मिल जाए। 
    “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” आज केवल एक
    नारा बनकर नहीं रह गया बल्कि कश्मीर से कन्याकुमारी और कामरूप से कच्छ
    तक एक नए भारत में जीवंत होता दिखाई दे रहा है। किसी ने नहीं सोचा था कि
    जम्मू कश्मीर में धारा 370 को हटाया जा सकता है। परंतु राष्ट्र हित में उठाया
    गया यह कदम केन्द्रशासित जम्मू-कश्मीर राज्य में आज शान्ति, समृद्धि और
    विकास की एक नयी गाथा लिख रहा है। 
    देश को कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से बचाने के साथ मोदी जी के नेतृत्व में
    आत्मविश्वास और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करवाये गए। आत्मनिर्भर भारत के
    नारे को साकार करने का श्रेय प्रत्येक भारतवासी को उतना ही जाता है जितना
    उनके प्रिय नेता नरेंद्र मोदी जी को। आज देश में 70 प्रतिशत आबादी को कोरोना
    वैक्सीन की पहली डोज लगने के साथ वैक्सीनेशन का आंकड़ा 92 करोड़ तक पहुँच
    गया है, जो सारी दुनिया को अचरज में डाल रहा है। यह सफलता प्रत्येक डॉक्टर,
    नर्स और स्वास्थ्यकर्मी के साथ देश की जनता की भी है जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र
    मोदी जी की दूरदर्शी सोच पर अमल कर पूरे विश्व को भारत की ताक़त का
    अदभुत परिचय दिया। यही नहीं कोरोना काल में देशभर में लॉकडाउन में फंसे
    प्रवासी मजदूरों को राशन और उनके खातों में पैसे पहुंचाने का जो कार्य मोदी जी
    ने किया उसे सारी दुनिया ने सराहा है। कोरोना काल में प्रधानमंत्री गरीब अन्न
    कल्याण योजना के अंतर्गत 80 करोड़ जरूरतमंदों को मुफ्त राशन एक साल से
    अधिक अवधि से दिया जा रहा है। 

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    पिछले 7 वर्षों में मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जनहित से जुड़ी जो
    विकास योजनाएँ प्रभावी तरीके से लागू की हैं वो सबके सामने हैं। पारदर्शी और
    भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन को ज़मीन पर उतारने का काम नरेंद्र मोदी जी ने शुरू
    करवाया। जनता के कल्याण से जुडी जो दूरगामी योजनायें उन्होंने शुरू की वह
    कुछ समय के लिए और कुछ लोगों के लिए नहीं बल्कि बड़ी संख्या में एक लम्बे
    समय के लिए तैयार हुईं। क्या हम यह कल्पना कर सकते हैं कि अगर बड़ी
    संख्या में जन धन खाते नहीं खोले गए होते, या आधार, डी बी टी और डिजिटल
    ट्रांजैक्शन बड़े पैमाने पर शुरू ना होते, या आयुष्मान भारत के माध्यम से इलाज
    की सुविधा ना मिल पाती तो कोरोना काल में देश इस संकट से किस तरह
    जूझता? ऐसा लगता है मानों प्रधानमंत्री देश पर आने वाले संकट से निपटने के
    लिए पहले ही योजनाओं का क्रियान्वयन कर रहे थे। 
    चाहे वह ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान हो या फिर अँधेरे में डूबे देश के
    18,000 गांवों में बिजली पहुंचाने का मिशन, या फिर धुआंमुक्त रसोई के लिए
    उज्ज्वला योजना, सभी योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन मोदी जी द्वारा
    जनभागीदारी से किया गया। साथ ही किसानों के विकास के लिए पीएम किसान
    सम्मान निधि, जल जीवन मिशन के माध्यम से 2024 तक हर घर तक नल से
    जल पहुंचाने का लक्ष्य इत्यादि योजनायें प्रधानमंत्री के दूरदर्शी विजन और देश के
    गाँव और हर गरीब के प्रति संवेदना का प्रमाण हैं। देश के प्रत्येक वर्ग चाहे
    किसान हो या जवान, डॉक्टर हो या वैज्ञानिक, खिलाड़ी हो या कलाकार सबके साथ
    संवाद और सबकी प्रतिभा तथा शक्ति को भारत की प्रगति से जोड़ने का काम
    नरेंद्र मोदी जी ने किया है। चुनावी नारों और वादों के बजाय देश के अंतिम
    व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क, संचार, रोटी, कपड़ा, मकान, चूल्हा
    गैस और शौचालय उपलब्ध करवाने के साथ हर एक के जीवन को सुधारने के
    लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदैव तत्पर दिखाई देते है।

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    24 घंटे केवल देश और देशवासियों के विकास के लिए तत्पर ‘कर्मयोगी’ प्रधानसेवक
    नरेंद्र मोदी परिश्रम व जन संवेदना के बल पर रात-दिन बिना रुके बिना थके
    सक्रिय हैं। वैश्विक स्तर पर 135 करोड़ भारतीयों की आशाओं व आकांक्षाओं को
    पूरा करने में जुटे सर्वप्रिय नेता नरेंद्र मोदी भारत के हर संकल्प को सिद्धि तक
    पहुँचाने के सूत्रधार बनकर उभरे हैं। 
    (लेखक भारत सरकार में वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और
    सार्वजनिक वितरण और वस्त्र मंत्री हैं)

  • कोयला संकट मोदी और अदानी का षडयंत्र - कांग्रेस
    कोयला संकट मोदी और अदानी का षडयंत्र - कांग्रेस रायपुर/ 10 अक्टूबर 2021। कांग्रेस ने कहा है कि मोदी सरकार की अदूरदर्शिता, भ्रष्टाचार, कोयला खदानों के बंदरबांट के कारण देश कि अभूतपूर्व बिजली संकट से गुजरने वाला है। प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब से केन्द्र में नरेन्द्र मोदी की सरकार बनी है, केन्द्र सरकार चन्द उद्योगपतियों को ध्यान में रखकर सिर्फ उनको ही फायदा पहुंचाने के लिये नीतियां बनाई गयी है। देश की अधिकांश कोयला खदानें अदानी उद्योग समूह के पास है तथा अनेक राज्यों के विद्युत कंपनियों के नाम से आबंटित कोयला खदानों का उत्खनन भी अदानी समूह करता है। यह उद्योग समूह अपने औद्योगिक फायदे के लिये बिजली कंपनियों के कोयले को भी खुले बाजार में बेचता है इसी कारण भी देश के अनेक राज्यों के विद्युत  कंपनियों के समक्ष कोयले का संकट पैदा हो गया है। कोयला संकट से मोदी सरकार और अदानी समूह का षडयंत्र की बू आ रही है। दरअसल जिस तरह मोदी सरकार कि देश की सार्वजनिक संपत्ति बेचने में लगी है। देश में कृत्रिम कोयला संकट पैदा करके बिजली कंपनियों के निजीकरण का रास्ता साफ करने की उसकी मंशा है। प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भारत के पास प्रचुर मात्रा में कोयला का भंडार है। देश को अपनी जरूरतों के लिये कोयला कम होने की संभावना नगण्य है सरकार का यह कहना कि कोरोना के कारण कोयला खदानों से उत्खनन प्रभावित हुआ है गलत है कोरोना की बंदी के समय भी कोयला खदाने चालू थी कोयले का परिवहन भी चालू था। कोरोना कम होने के बाद सभी उद्योग अपनी पूरी क्षमता के साथ उत्पादन शुरू कर चुके है फिर कोयले का उत्पादन कैसे शुरू नही हुआ है ? उत्पादन की कमी के बहाने के पीछे भी षडयंत्र की बू आ रही है।
  • केंद्रीय मंत्री का बेटा गिरफ्तार मामला वाहन से किसानों को कुचलने का
    केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया | केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा गिरफ्तार किए गए हैं सुबह से चल रही पूछताछ जो लगभग 12 घंटे तक चली 12 घंटों की लगातार पूछताछ के बाद अंत में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार घोषित किया | जानकारी के अनुसार जांच में सहयोग नहीं करने सवालों के ठीक तरह से जवाब नहीं देने के कारण उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया उल्लेखनीय है कि लखीमपुर खीरी में आंदोलनरत किसानों पर वाहन चलाकर कुचलने के कारण चार लोगों की मौत और मौत के उपरांत वाहन चलाने वाले वाहन में बैठे लोगों पर गुस्साई भीड़ ने ईट फिट कर मारने के कारण 8 लोगों की मौत एक पत्रकार भी था लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद आखिरकार 2 बार सामान भेज कर उपस्थित होने के आदेश के बाद आज 11:00 बजे आशीष मिश्रा उपस्थित हुए लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया| आपको बता दें कि 3 अक्टूबर को यह हिंसात्मक घटना घटी थी अब सवाल ये उठता है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी के बाद मंत्री को हटाया जाता है इस्तीफा लिया जाता है या नहीं ?
  •  वीडियो फुटेज में जो भी दिखाई दे रहा है उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए - CM

    सरकार के 3 मंत्रियों की बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस.... मंत्री रविन्द्र चौबे, मोहम्मद अकबर, प्रेमसाय सिंह टेकाम ले रहे प्रेस कॉन्फ्रेंस....चौबे ने कहा- कवर्धा को लेकर सभी के बीच चर्चा हो रही है।।। यह शांति का टापू है... एक ध्वज को उतारने और 2 लोगों की आपसी लड़ाई को जो रूप दिया गया वह दुखद है...CM ने निर्देश दिया है, वीडियो फुटेज में जो भी दिखाई दे रहा है उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए... एक रात पहले वहां के स्कूलों में कुछ लोगों को क्यों ठहराया गया था, क्यों आए थे किनके बुलावे पर आए थे.. उसे चिन्हित करना ज़रूरी है.... यह भाजपा द्वारा प्रायोजित घटना है.... छत्तीसगढ़ की जनता उन्हें माफ नही करेगी... मुद्दा विहीन होने के कारण वे इस तरह से काम कर रहे हैं...  आज उन सभी वीडियो फुटेज को मीडिया को दिया जाएगा

  • Cruise reve party - 8 लोगों पर ही कार्यवाही क्यों ? बाकी 1492 पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं ?
    मुंबई से गोवा जाने वाला क्रूज़ जिसमें रेव पार्टी के आयोजन की बात और इस आयोजन में अट्ठारह सौ लोगों या अपुष्ट जानकारी के अनुसार पंद्रह सौ लोगों के होने की सूचना है | अब सवाल ये उठता है कि 2 दिन की इस रेव पार्टी आयोजन में अट्ठारह सौ लोगों की उपस्थिति में से सिर्फ 8 लोग एनसीबी द्वारा डिटेन किए गए | अट्ठारह सौ लोगों में से 8 लोग ही नशा करते पकड़ाए बाकी 1792 लोग या 1492 लोग क्या रेव पार्टी के सदस्य नहीं थे ?, क्या ड्रग पार्टी में शामिल नहीं थे ? जिन 8 लोगों को एनसीबी ने गिरफ्तार किया या शक के आधार पर एनसीबी दफ्तर लाया उन्हें रेव पार्टी ड्रेस पार्टी में शामिल होने पर ड्रग का सेवन करने के अपराध में गिरफ्तार किया गया है या यूं कहें उनसे जितना ड्रग बरामद हुआ है पहले अपने इस्तेमाल के लिए लेकर गए थे अब ऐसे में फिर सवाल उठता है कि ग्रुप में उपस्थित रेव पार्टी में शामिल बाकी सभी लोगों के नाम पतों की जानकारी एनसीबी ने रखी है या नहीं और अगर रखी है उसकी लिस्ट मीडिया के सामने या पब्लिक डोमेन पर जारी क्यों नहीं की और क्रूज़ में उपस्थित सभी पंद्रह सौ लोगों के नाम और पते की जानकारी नहीं मिली है तो क्यों नहीं ली ऐसा तो हो ही नहीं सकता इतनी बड़ी रेव पार्टी में सिर्फ 8 लोग ही रे पार्टी के सदस्य हैं और 8 लोग ही एंजॉय करने गए हैं और 8 लोग ही ड्रेस का सेवन कर रहे हो और 8 लोग ही अपने पास ड्रग्स रखे हो बाहर हाल कहीं ना कहीं कोई पेज है या तो बड़े लोगों को हंसाने का या उनसे कोई जाति दुश्मनी निकालने का यह अभियान हो और अगर ऐसा नहीं है पर्सनल जाती दुश्मनी नहीं है तो एनसीबी ग्रुप में उपस्थित सभी लोगों की नाम पते व्यवसाय सहित जानकारी पब्लिक डोमेन में डालें| CG 24 News-Singhotra
  • छत्तीसगढ़ कांग्रेस मैं अनेक फेरबदल - घोषणा दिल्ली कार्यालय से
    छत्तीसगढ़ कांग्रेस मैं अनेक फेरबदल हुए हैं दिल्ली से जारी लिस्ट के अनुसार 4 उपाध्यक्ष व जिला अध्यक्ष को बदल कर नई नियुक्तियां की गईं हैं | छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बड़ा फेरबदल किया गया है। निगम मंडलों में जिम्मेदारी मिलने वाले पदाधिकारियों को संगठन के पदों से हटा दिया गया है। जिनमें 4 उपाध्यक्ष व 4 जिला अध्यक्ष सहित 3 जनरल सेकेटरी बदले गए हैं। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख की नई जिम्मेदारी सुशील आनंद शुक्ला को दी गई है वह शैलेश नितिन त्रिवेदी की जगह प्रदेश संचार विभाग प्रमुख बनाए गए है। इसकी घोषणा दिल्ली कार्यालय से की गई है |
  • अनियमित कर्मचारी  प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम को सौपेंगे नियमितीकरण का ज्ञापन
    छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी महासंघ 2 अक्टूबर को पहुंचेंगे राजीव भवन - सौंपेंगे अलग अलग ज्ञापन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के द्वारा दिखाए गए अहिंसात्मक राह में चलकर अपना अधिकार और नियमितीकरण हासिल करेंगे - अनियमित कर्मचारी *सैकड़ो अनियमित कर्मचारी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम को सौपेंगे नियमितीकरण का व्यक्तिगत ज्ञापन - अनियमित कर्मचारी महासंघ* 2 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर, छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ के आह्वाहन और 7 चरणों के आंदोलन के तहत चौथे चरण में राजीव भवन चलो और व्यक्तिगत नियमितीकरण का ज्ञापन सौंपने का निर्णय प्रांतीय कार्य समिति द्वारा लिया गया जिसके तहत प्रदेश के 28 जिलों में महासंघ से सम्बद्धता प्राप्त 25 विभागों के सैकड़ो कर्मचारी अपना व्यक्तिगत 15 पृष्ठ का ज्ञापन देंगे। रायपुर कांग्रेस हेड क्वार्टर राजीव भवन शंकर नगर में प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के माध्यम से देने की बात कर्मचारी संघ ने की है । उक्त जानकारी प्रदेश अध्यक्ष रवि गढ़पाले द्वारा दी गई है, उन्होंने यह भी बताया है कि, प्रदेश के 1 लाख 80 हज़ार से अधिक छत्तीसगढ़िया अनियमित कर्मचारी अपने साथ हो रहे भेदभाव और शोषण से आजादी चाहते है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के द्वारा दिखाए गए अहिंसात्मक राह में चलकर अपना अधिकार और नियमितीकरण हासिल करना चाहते है। प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य गोपाल प्रसाद साहू ने कहा कि 15 अगस्त 1947 के पूर्व जिस तरह से भारत देश के नागरिकों के साथ ब्रिटिश राज गुलामी करवाता था और शारीरिक तथा मानसिक दोहन करता था, ठीक उसी प्रकार से आज सरकार तंत्र में कार्यरत लाखो अनियमित कर्मचारियों का मानसिक, सामाजिक एवं शारीरिक दोहन हो रहा है। अनियमित कर्मचारियों को उनका अधिकार नियमितीकरण मिलना ही चाहिए। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सूरज सिंह ठाकुर एवं अजित सदन नाविक ने कहा कि, वर्तमान सरकार के 2018 के चुनावी जन घोषणा पत्र में स्पष्ट रूप से बिंदु क्रमांक 11 और 30 में अनियमित कर्मचारियों को नियमितीकरण किये जाने , छटनी नही करने तथा आउटसोर्सिंग एवं ठेका प्रथा बन्द करने का वादा उल्लेखित है। जो आज सरकार बने 1000 दिन बीतने के बाद भी नहीं किया है। प्रेम प्रकाश गजेंद्र प्रदेश उपाध्यक्ष तथा श्रीकांत लास्कर ने कहा है कि, 10 दिन में नियमितीकरण का वादा विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस के जन प्रतिनिधियों ने किया था, उसी के तहत 2 अक्टूबर को प्रदेश के सैकड़ो अनियमित कर्मचारी रायपुर के कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में व्यक्तिगत रुप से अपना नियमितीकरण किये जाने हेतु ज्ञापन सौपेंगे और एक बार पुनः आवेदन निवेदन करेंगे। महासंघ की महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष भगवती शर्मा तिवारी एवं महासचिव वर्षा मेघानी ने कहा कि, बापू जी ने जिस तरह देश को अपने विचारधारा से आजादी दिलायी, उन्ही के बताए रास्तों पर चलकर अनियमित कर्मचारी अनियमितता से आजादी पाते हुए नियमितीकरण इसी सरकार से हासिल करेगा, इन सबके लिए प्रदेश का एक एक अनियमित कर्मचारी वचनबद्ध हो चुका है। प्रदेश के अनियमित महासंघ को उसके सम्बद्धता प्राप्त 25 संगठनों के संगठन प्रमुखों से उक्त कार्यक्रम की सफल आयोजन हेतु कामना किया गया है और अपने व्यक्तिगत संगठन के सदस्यों को अधिक से अधिक व्यक्तिगत ज्ञापन सौंपने हेतु राजीव भवन चलो हेतु स्वप्रेरित किया गया है।
  • अनियमित कर्मचारी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम को सौपेंगे नियमितीकरण का ज्ञापन
    *सैकड़ो अनियमित कर्मचारी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम को सौपेंगे नियमितीकरण का व्यक्तिगत ज्ञापन - अनियमित कर्मचारी महासंघ* 2 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर, छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ के आह्वाहन और 7 चरणों के आंदोलन के तहत चौथे और महत्वपूर्ण चरण में राजीव भवन चलो और व्यक्तिगत नियमितीकरण का ज्ञापन सौंपने का निर्णय प्रांतीय कार्य समिति द्वारा लिया गया था, जिसके तहत प्रदेश के 28 जिलों में महासंघ से सम्बद्धता प्राप्त 25 विभागों के सैकड़ो कर्मचारी अपना व्यक्तिगत 15 पृष्ठ का ज्ञापन देंगे। यह ज्ञापन रायपुर कांग्रेस हेड क्वार्टर राजीव भवन शंकर नगर में प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के माध्यम से दिया जाएगा। यह जानकारी प्रदेश अध्यक्ष रवि गढ़पाले ने दिया है, इसी में और जोड़ते हुए उन्होंने यह भी बताया है कि, प्रदेश के 1 लाख 80 हज़ार से अधिक छत्तीसगढ़िया अनियमित कर्मचारी अपने साथ हो रहे भेदभाव और शोषण से आजादी चाहते है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के द्वारा दिखाए गए अहिंसात्मक राह में चलकर अपना अधिकार और नियमितीकरण हासिल करना चाहते है। प्रदेश कार्यसमिति के वरिष्ठ सदस्य एवं पूर्व संयोजक गोपाल प्रसाद साहू ने भी प्रदेश अध्यक्ष की बातों को सही बताते हुए अपना वक्तव्य दिया है, जिसमे उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 के पूर्व जिस तरह से भारत देश के नागरिकों के साथ ब्रिटिश राज गुलामी करवाता था और शारीरिक तथा मानसिक दोहन करता था, ठीक उसी प्रकार से आज सरकार तंत्र में कार्यरत लाखो अनियमित कर्मचारियों का मानसिक, सामाजिक एवं शारीरिक दोहन हो रहा है। अनियमित कर्मचारियों को उनका अधिकार नियमितीकरण मिलना ही चाहिए। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सूरज सिंह ठाकुर एवं अजित सदन नाविक ने कहा कि, वर्तमान सरकार के 2018 के चुनावी जन घोषणा पत्र में स्पष्ट रूप से बिंदु क्रमांक 11 और 30 में अनियमित कर्मचारियों को नियमितीकरण किये जाने , छटनी नही करने तथा आउटसोर्सिंग एवं ठेका प्रथा बन्द करने का वादा उल्लेखित है। जो आज सरकार बने 1000 दिन बीतने के बाद भी वहीं के वहीं है। प्रेम प्रकाश गजेंद्र प्रदेश उपाध्यक्ष तथा श्रीकांत लास्कर ने कहा है कि, 10 दिन में नियमितीकरण का वादा विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस के जन प्रतिनिधियों ने किया था, उसी के तहत 2 अक्टूबर को प्रदेश के सैकड़ो अनियमित कर्मचारी रायपुर के कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में व्यक्तिगत रुप से अपना नियमितीकरण किये जाने हेतु ज्ञापन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम को सौपेंगे और एक बार पुनः आवेदन निवेदन करेंगे। महासंघ की महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष भगवती शर्मा तिवारी एवं महासचिव वर्षा मेघानी ने कहा कि, बापू जी ने जिस तरह देश को अपने विचारधारा से आजादी दिलायी, उन्ही के बताए रास्तों पर चलकर अनियमित कर्मचारी अनियमितता से आजादी पाते हुए नियमितीकरण इसी सरकार से हासिल करेगा, इन सबके लिए प्रदेश का एक एक अनियमित कर्मचारी वचनबद्ध हो चुका है। प्रदेश के अनियमित महासंघ को उसके सम्बद्धता प्राप्त 25 संगठनों के संगठन प्रमुखों से उक्त कार्यक्रम की सफल आयोजन हेतु कामना किया गया है और अपने व्यक्तिगत संगठन के सदस्यों को अधिक से अधिक व्यक्तिगत ज्ञापन सौंपने हेतु राजीव भवन चलो हेतु स्वप्रेरित किया गया है।
  • जो जैसा खाता है वो वैसा ही सोचता है-कांग्रेस

    अगर सीटी रवि अगर गोबर खाते है? तो उनके लिए उनकी स्वरूचि अनुसार गोबर से उत्पाद बना दिया जाएगा -

    सीटी रवि का बयान भाजपा की अभद्र और गिरी हुई मानसिकता का जीता जागता प्रमाण - जो जैसा खाता है वो वैसा ही सोचता है - कांग्रेस

     

    रायपुर/30 सितंबर 2021। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सीटी रवि के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को गोबर खाने वाले बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने सीटी रवि के बयान की निंदा करते हुये कहा कि छत्तीसगढ़ में लोग गोबर नहीं खाते है। यदि भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सीटी रवि गोबर खाते होंगे तो छत्तीसगढ़ में हजारों गोठान बने है, जहां प्रचुर मात्रा में गोबर उपलब्ध है।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के गोधन न्याय योजना से जुड़कर पशुपालक लाभान्वित हो रहे है। महिला स्व सहायता समूह गोबर से अनेक प्रकार के उत्पाद बना कर आर्थिक लाभ ले रही है। अगर सीटी रवि अगर गोबर खाते है? तो उनके लिए उनकी स्वरूचि अनुसार गोबर से उत्पाद बना दिया जाएगा। दरअसल भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं की मानसिक दशा ठीक नहीं है। 2018 में विधानसभा चुनावों की करारी हार से बौखलायें भाजपा नेता लगातार छत्तीसगढ़ के मान सम्मान स्वाभिमान को चोट पहुंचाने में लगे हैं, छत्तीसगढ़ियो को अपमानित कर रहे हैं। भाजपा छत्तीसगढ़ में घृणा और नफरत की जहर बोकर राजनीति करना चाह रही है। इसके पहले भी मुख्यमंत्री रहते डॉ रमन सिंह ने तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष एवं वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को छोटा आदमी बोल कर अपमानित किया था। अभी हाल ही में भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी ने छत्तीसगढ़ के चुनी हुई सरकार पर थूकने और थूकने से सरकार बह जाने की अपमानजनक बात कही। किसान आंदोलन में शामिल किसानों को भी भाजपा के नेताओं ने नक्सली, टुकड़े-टुकड़े गैंग, मवाली, आतंकवादी तक बोल चुके हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार के वादाखिलाफी असफलताओं के बाद भाजपा नेताओं के पास उलजुलूल और अपमानित करने वाले बयानबाजी के अलावा कुछ नहीं बचता है। छत्तीसगढ़ में 15 साल तक रमन भाजपा की सरकार रही है उस दौरान 20 लाख फर्जी राशन कार्ड बना कर 36 हजार करोड़ का नान घोटाला किया गया। दिव्यांगों, असहाय एवं गरीबों के थाली से चावल चोरी किया गया। भाजपा नेताओं के गौशाला में गौमाता के नाम पर करोड़ों का अनुदान खाकर, गौमाता के निर्मम हत्या की गयी, उनके हाड़ मांस तक को बेचा गया। बीते 7 साल से केंद्र में बैठी मोदी भाजपा की सरकार देश के सरकारी संपत्ति लाल किला, रेलवे स्टेशन, विमानन कंपनी हवाई अड्डा, पेट्रोलियम कंपनी गेल सेल हेल बीमा कंपनी संचार कंपनी सहित भारत की नवरत्न कंपनियां संपत्तियों को बेचकर खा रही है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं को मनोचिकित्सक से इलाज की आवश्यकता है जिस प्रकार से मोदी सरकार ने देश की दुर्दशा की है। जनता से वादाखिलाफी की है। असर भाजपा नेताओं की मानसिक स्तर पर पड़ा है। मीडिया में बने रहने के लिए इस प्रकार से असभ्य, अमर्यादित आम जनता को अपमानित करने वाली भाषा का उपयोग उनके द्वारा किया जा रहा है।

  • धर्मद्रोही सरकार के घमंड की हवा निकाल देंगे : भाजपा
    8000 से अधिक धर्म सैनिक निकले मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने संविधान की प्रतियां जलाने की बात कहने वाले लोगों के खिलाफ देशद्रोह का अपराध दर्ज करने के बजाय सरकार उन्हें बचा कर उनके अपराध में बराबर की भागीदार बन रही है- बृजमोहन अग्रवाल सरकार खुलेआम धर्मांतरण को संरक्षण देकर, लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन कर रही है - राजेश मूणत हिंदुस्तान ने सभी धर्मों को अपने हृदय में स्थान दिया है लेकिन जो हृदय पर घात करेगा उसका इलाज किया जाएगा - सुनील सोनी जब तक धर्म द्रोही गिरफ्तार नहीं होते और निर्दोष साथी रिहा नहीं हो जाते तब तक आंदोलन जारी रहेगा - श्रीचंद सुन्दरानी धर्मांतरण राजनीति नहीं जन नीति का मुद्दा है , और सरकार को जनता की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए- संजय श्रीवास्तव रायपुर ! आज भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री निवास घेराव के बारे में बताते हुए जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने कहा की धर्मांतरण करने वालों की गिरफ्तारी व शिकायत करने वालों की रिहाई की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी के शहर जिला के सभी 16 मंडलों के 16 स्थानों से 16 नेताओं व कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में 8000 से अधिक धर्म सैनिकों ने मुख्यमंत्री निवास का घेराव कर गिरफ्तारी दी । तत्पर कार्यालय पुरानी बस्ती से कार्यकर्ताओं का नेतृत्व करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अभी तो हम हजारों कार्यकर्ता निकले हैं। सरकार का यही रवैया रहा तो लाखों की संख्या में जनता साथ निकल कर इस धर्मद्रोही सरकार के घमंड की हवा निकाल देगी। उन्होंने कहा कि बड़े आश्चर्य की बात है कि संविधान को जलाने की बात कहने वाले लोगों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज करने के बजाय सरकार उनको बचा रही है । तो कहीं न कहीं सरकार भी उस अपराध में बराबर की भागीदार है। दीनदयाल उपाध्याय मंडल से कार्यकर्ताओं का नेतृत्व करते निकले पूर्व मंत्री व भाजपा प्रवक्ता राजेश मूणत ने जोर देकर कहा कि सरकार धर्मांतरण करने वालों को खुलेआम संरक्षण देकर लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन कर रही है । उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत कोई अपना धर्म माने हमें आपत्ति नहीं, परंतु लोभ, प्रलोभन व भय दिखाकर कोई धर्मांतरण करेगा तो हम यह बर्दाश्त नहीं करेंगे । इन देश विरोधी ताकतों के खिलाफ जब तक यह सरकार नहीं जागेगी हम आंदोलन करते रहेंगे । लाखे नगर मंडल से सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ मुख्यमंत्री निवास घेरने निकले रायपुर सांसद सुनील सोनी ने कहा कि सभी का सम्मान करना हमारी सनातनी परंपरा है। हम वसुदेव कुटुंबकम को मानने वाले लोग हैं और इसीलिए हिंदुस्तान ने सभी धर्मों को अपने हृदय में स्थान दिया है । लेकिन जो हृदय पर घात करेगा। उसका इलाज किया जाएगा ।
  • प्रदेश के सभी सरपंचों से सवाल - विद्युत कनेक्शन के लिए एनओसी की फीस लगती है क्या ?

    प्रदेश के सभी सरपंचों से सवाल बिजली कनेक्शन का अनापत्ति प्रमाण पत्र - एनओसी देने के क्या है नियम ? 

    सरपंच द्वारा खुलेआम एक लाख पचास हजार रूपए की रिश्वत मांगने की हिम्मत का स्टिंग 

    लघु उद्योग लगाने के लिए बिजली कनेक्शन का अनापत्ति प्रमाण पत्र - एनओसी देने के लिए क्या नियम है ? और उसके लिए कितनी राशि ली जाती है ?* केंद्र एवं राज्य सरकारें बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए उद्योगपतियों को बड़े उद्योग सहित लघु उद्योग ग्रामीण क्षेत्रों में लगाने का आग्रह करती हैं ताकि उस क्षेत्र में वहां के बेरोजगारों को रोजगार मिल सके साथ ही क्षेत्र का सामूहिक विकास हो - परंतु देखने सुनने में आ रहा है कि जो लोग भी ग्रामीण क्षेत्रों में लघु उद्योग लगाकर शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना चाहते हैं और स्थानीय लोगों को रोजगार देकर बेरोजगारी को दूर करना चाहते हैं उन्हें अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है | जिसमें प्रमुख भूमिका क्षेत्रीय सरपंचों की होती है सरपंच की अनुमति के बगैर उद्योग चाहे बड़ा हो या छोटा नहीं लग सकता| और अगर क्षेत्रीय सरपंच बिजली कनेक्शन के एक छोटे से मामले के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र एनओसी देने के लिए रिश्वत की मांग करें तो कैसे ग्रामीण क्षेत्रों का विकास होगा और यह सब जानकर भी अगर शासन-प्रशासन चुप रहेगा तो यह माना जाएगा कि इस रिश्वतखोरी में नीचे से लेकर पंचायत मंत्री तक सभी का जाने अंजाने हाथ है - सभी की मौन स्वीकृति होती होगी तभी तो बिजली कनेक्शन की अनुमति के लिए कोई सरपंच खुलेआम एक लाख पचास हजार रूपए की रिश्वत मांगने की हिम्मत कर सकता है | अब ऐसे में शासन प्रशासन उद्योगपतियों या छोटे उद्योग लगाने की हिम्मत करने वाले लोगों की हिम्मत तोड़ने की कोशिशों में हिस्सेदार बनता है तो शासकीय योजनाएं बनाने का क्या औचित्य ? इतना सब कुछ कहने के बावजूद अंत में सवाल फिर वही खड़ा है कि क्या आप बता सकते हैं कि विद्युत कनेक्शन लेने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र अर्थात NOC के लिए नियमानुसार क्या नियम है ? और कितनी राशि ग्राम सचिव एवं सरपंच को भेंट चढ़ानी आवश्यक है ?