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  • शहीद जवानों के परिवारों को आश्वासन ही देकर जाएंगे अमित शाह जी या नक्सलियों के अंत की कोई तारीख बता कर सभी जवानों का हौसला बढ़ाएंगे ?

    अमित शाह जी, शहीद जवानों के परिवारों को आश्वासन ही देकर जाएंगे क्या ?

    नक्सलियों के अंत की कोई तारीख बता कर सभी जवानों का हौसला बढ़ाएंगे क्या ?

     

    छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के तुर्रेम गांव में हुए नक्सली हमले में शहीद 22 जवानों को श्रद्धांजलि देने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बीजापुर पहुंचे |
    श्रद्धांजलि देने के बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक ली और नक्सलियों को किस तरह से समाप्त किया जाए इस पर विचार विमर्श करने के बाद आवश्यक दिशा निर्देश देकर अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर रवाना हुए |
    रायपुर एयरपोर्ट पर अमित शाह भूपेश बघेल ने पत्रकारों से कोई चर्चा नहीं की - 

    उल्लेखनीय है कि अमित शाह ने जगदलपुर के बीजापुर में पत्रकारों के समक्ष 22 जवानों की शहीदी पर दुख व्यक्त करते हुए नक्सली घटना की निंदा की, उन्होंने कहा कि जवानों का खून व्यर्थ नहीं जाएगा और नक्सलियों का खात्मा किया जाएगा |

     अब बड़ा सवाल यह उठता है कि प्रदेश में जब कभी भी नक्सली कोई बड़ी वारदात को अंजाम देते हैं तो प्रदेश सरकार समेत केंद्र के अधिकारी नेता और मंत्री श्रद्धांजलि सभा कर बैठक कर वापस रवाना हो जाते हैं और रटा रटाया एक ही जवाब देते हैं कि हमारे जवानों ने डटकर मुकाबला किया, उनका खून व्यर्थ नहीं जाने देंगे, नक्सलियों से बदला लिया जाएगा,
     अब यह बदला शब्द सुनते सुनते 20 साल गुजर गए परंतु बदला लेने का वक्त अभी तक नहीं आया क्यों ?
    अब शहीद जवानों के परिवार केंद्रीय मंत्री अमित शाह एवं प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल से जानना चाहते हैं कि कब उनके परिवारों के खून का बदला नक्सलियों से लिया जाएगा ? और सरकार बदला लेने में पीछे क्यों हट रही है ? और वही रटा रटाया जवाब देकर उनके जख्मों पर नमक क्यों छिड़क रही है ? 
    शहीद जवानों के परिवारों को जवाब चाहिए |
    अमित शाह राजधानी रायपुर से क्या शहीद जवानों के परिवारों को कोई मुकम्मल जवाब देकर जाएंगे ?

  • मुठभेड़ नहीं युद्ध हुआ है बीजापुर नक्सली हमला - भूपेश बघेल
    *मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लौटे असम दौरे से* *नक्सल घटना में शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि* *हम नक्सलियों के खिलाफ आखरी लड़ाई लड़ रहे है* इंटेलिजेंस फेलियर से CM ने किया इंकार *भूपेश बघेल ने कहा कि ये मुठभेड़ नहीं युद्ध हुआ है* नक्सलियों ने रॉकेट लांचर , हैंड ग्रेनेड , uBJL से हमला किया है कोई चूक नहीं है , उन्होंने बौखलाहट में हमला किया है हमारा ऑपरेशन रुकेगा नहीं हम कैम्प खोलेंगे , सड़क बनाएंगे , विकास करते रहेंगे मुख्यमंत्री कल जगदलपुर जाएंगे एयरपोर्ट पर चर्चा करते हुए कहा,,,, *बीजापुर नक्सल हमले पर सीएम का बयान* बड़ी घटना हुई है 2 हजार जवान ऑपरेशन पर निकले थे 4 टुकड़ी सकुशल लौटे ,,,1 टुकड़ी फस गई थी सेंट्रल और स्टेट के जवानों इसमें शामिल थे संयुक्त रूप से ऑपरेशन हुआ ये क्षेत्र नक्सलियों का गढ़ है वहां जाकर कैंप स्थापित करना था जिससे नक्सली बौखलाए हुए थे *यह मुठभेड़ नहीं यह युद्ध था* 4 घंटे लड़ाई चली रॉकेट लॉन्चर का भी प्रयोग हुआ लेकिन जवानों का कोर्डिनेशन तगड़ा था *शहीदों को मैं नमन करता हु, हमे गर्व है बहादुरी से लड़े* घायलों को भी जवानों ने लाया नक्सलियों को भरी नुकसान हुआ, *4 ट्रेक्टर की आवश्यकता उन्हें पड़ी* नुकसान हुआ, पर बहादुरी से जवान लड़े,,,उन बहादुरी को नमन *इंटेलिजेंस चूक पर कहा,* कोई चूक नही कैंप पर हमला नही हुआ हम घेरने निकले थे, सुकमा बीजपुर दंतेवाड़ा की ओर से हम बढ़ रहे *40 बाय 40 वर्गफुट में सीमट के रह गए नक्सली* ये नक्सलियों की बौखलाहट है ऑपरेशन हमारा चलता रहेगा,,, 2 कैंप हम स्थापित कर के रहेंगे नक्सलियों के इलाके ब्लॉक हो जायेंगे शहीदों का जाना जायज नहीं होगा जो सुविधाएं क्षेत्र में देनी है वह हम लेकर रहेंगे *पहले और अब में अंतर बताते हुए कहा* *हम मांद में जाकर लड़ रहे* पहले कैंपों में हमला हुआ करते थे,,,, घेर कर जवानों को मारा जाता था,,,, लेकिन आज हम फ्रंट लाइन पर लड़ रहे हैं कुछ दिनों में आंकड़े आ जाएंगे,,, बड़ी तादात में नक्सलियों को क्षति हुई है,,,, हमारे अधिकारी और जवान मिलकर लड़ाई लड़ रहे हैं,,,, *यह आखिरी लड़ाई नक्सली लड़ रहे हैं*
  • नक्सलियों द्वारा 22 जवानों को शहीद करने का मामला : पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की पत्रकार वार्ता
    बस्तर में हुए नक्सली हमले में 22 जवानों के शहीद होने के मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने पत्रकार वार्ता में इस घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री पर सीधा हमला किया है उन्होंने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल असम में चुनावी सभाओं में नाच रहे हैं , पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने शासन से जवाब मांगा है कि इस घटना की जिम्मेदारी किस पर है मुख्यमंत्री वह असम से नाच रहे हैं, घूम रहे है रैली कर रहे है। जो शहीद हुए है उनके घर वालो को सांत्वना देते हुए रमन सिंह ने कहा कि यहां घर मे लाशें पड़ी है और मुख्यमंत्री प्रदेश से बाहर हैं | गगृह मंत्री भी आधा अधूरा जवाब दे रहे है। मुख्यमंत्री को चाहिए कैबिनेट की बैठक बुला के कोई बड़ा निर्णय ले, नक्सल dg सेना के साथ बैठकर कोई रणनीति बनाएं
  • *Election commission को अलग-अलग परिभाषित किया राहुल गांधी ने*
    CG 24 News - Singhotra* *इलेक्शन कमिशन पर राहुल का तंज* *Election commission को अलग-अलग परिभाषित किया राहुल गांधी ने* कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद राहुल गांधी ने एक ट्वीट कर इलेक्शन कमिशन पर तंज कसा है | उन्होंने अपने ट्वीट में Election और commission को अलग अलग कर commission को इनवर्टेड कामा लगाकर इलेक्शन कमिशन की मीनिंग को बदल दिया है| यह एक प्रकार से इलेक्शन कमिशन की कार्यप्रणाली पर तंज के रूप में आरोप लगाया गया है | राहुल गांधी ने यह तंज रूपी ट्वीट किस परिपेक्ष में किया है इसके बारे में स्पष्ट नहीं कहा जा सकता लेकिन अनुमान लगाया जा सकता है कि पश्चिमी बंगाल असम सहित चुनावी राज्यों में इलेक्शन कमिशन की कार्यप्रणाली को लेकर राहुल गांधी द्वारा घेरा गया होगा ! अब देखने वाली बात यह है कि राहुल गांधी के इस ट्वीट पर इलेक्शन कमिशन क्या एक्शन लेता है ?
  • *Election commission को अलग-अलग परिभाषित किया राहुल गांधी ने*
    *CG 24 News - Singhotra* *Election commission को अलग-अलग परिभाषित किया राहुल गांधी ने* कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद राहुल गांधी ने एक ट्वीट कर इलेक्शन कमिशन पर तंज कसा है | उन्होंने अपने ट्वीट में Election aur commission को अलग अलग कर "commission' को इनवर्टेड कामा लगाकर इलेक्शन कमिशन की मीनिंग को बदल दिया है| यह एक प्रकार से सेंट्रल इलेक्शन कमिशन की कार्यप्रणाली पर तंज के रूप में आरोप लगाया गया है | अब देखने वाली बात यह है कि राहुल गांधी के इस ट्वीट पर इलेक्शन कमिशन क्या एक्शन लेता है ?
  • दुर्ग जिले में 6 अप्रैल से 14 अप्रैल तक सम्पूर्ण लॉकडाउन

    दुर्ग जिले में 6 अप्रैल से 14 अप्रैल तक सम्पूर्ण लॉकडाउन
    दुर्ग 02 अप्रैल/ जिले में कोविड संक्रमण की स्थिति को देखते हुये जिला प्रशासन ने 6 अप्रैल से 14 अप्रैल तक सम्पूर्ण जिले में लॉकडाउन का निर्णय लिया है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आम नागरिकों से अपील की है कि जिले में संक्रमण के तेज प्रसार को नियंत्रित करने यह बहुत जरूरी है कि लॉकडाउन के माध्यम से कोरोना की गतिशीलता को नियंत्रित किया जाए। इसके लिए नागरिकों का सहयोग बेहद जरुरी है। पूर्व में जिले में लॉक डाउन लगाए गए थे और जन सहयोग से कोरोना की पहली लहर को रोक पाने में सफलता मिली थी। इस बार भी कोविड संकट के दौर में धैर्य की जरूरत है ताकि कोविड संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित किया जा सके। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि घर में रहें, सुरक्षित रहें। पिछली बार की तरह हमने लॉक डाउन में सम्पूर्ण संयम का परिचय दिया तो कोविड की गंभीरता से पूरी तरह से बच सकेंगे। उन्होंने 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों से नजदीकी टीकाकरण केंद्र पहुंचकर टीका लगवाने का आग्रह किया। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि कोरोना के लक्षण उभरते ही टेस्ट कराएं। साथ ही पॉजिटिव आने पर चिकित्सक की सलाह पर कार्य करें। पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने पर भी टेस्ट कराएं। पॉजिटिव मरीजों के आइसोलेशन का पूरा ध्यान रखें।
    कलेक्टर ने कहा है कि जिले के समक्ष यह कठिन परिस्थिति है। यदि इस समय पूरे संयम और दृढ़ता से इस परिस्थिति का मुकाबला किया तो निश्चय ही हम अपने परिवारजनों और प्रियजनों को इस विपदा से सुरक्षित रख सकेंगे।
    उन्होंने कहा कि दुर्ग जिले के नागरिकों ने हमेशा संकट का सामना हिम्मत और धैर्य से किया है। इस बार भी अपने संकल्प से हम इससे विजय प्राप्त करेंगे।

  • Pan-Aadhaar Link : पैन और आधार लिंक न होने पर 31 मार्च के बाद पैन कार्ड हो जाएगा निष्क्रिय और भरना पड़ सकता है 10 हजार रुपये का जुर्माना

    Pan-Aadhaar Link: पैन और आधार को 31 मार्च तक करा लें लिंक, नहीं तो हो जाएगा बेकार : ऐसे चेक करें स्टेटस 

    Pan-Aadhaar Link : पैन और आधार लिंक न होने पर 31 मार्च के बाद पैन कार्ड निष्क्रिय हो जाएगा और 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है            

     

    Pan-Aadhaar Link: आपके पैन कार्ड का आधार से लिंक होना बहुत जरूरी है क्योंकि 31 मार्च तक अगर आधार-पैन लिंक न हुआ तो पैन कार्ड किसी काम का नहीं रह जाएगा यानी निष्क्रिय हो जाएगा - इसके अलावा आयकर कानून की धारा 272B के तहत अगर तय समय सीमा में आधार के साथ पैन कार्ड को लिंक नहीं कराया गया, तो 10 हजार रुपये की पेनल्टी देनी पड़ सकती है. पैन कार्ड के निष्क्रिय होने का आप पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि बैंक में खाता खोलने, म्यूचुअल फंड या शेयर्स खरीदने, यहां तक की 50 हजार रुपये से अधिक नकद लेनदेन के लिए पैन कार्ड अनिवार्य है. ऐसे में ये सभी काम आप नहीं कर सकेंगे - ऐसे में आप अपने पैन कार्ड का स्टेटस जरूर चेक कर लें कि आपने आधार को इससे लिंक किया है कि नहीं और अगर नहीं किया है तो उसे 31 मार्च तक जरूर कर लें -  

    इस तरह देखें PAN-Aadhaar Link स्टेटस

    • आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं
    • बाईं तरफ Link Aadhaar का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करें -
    • अपने पैन कार्ड-आधार लिंकिंग का स्टेटस देखने के लिए Click here पर क्लिक करें
    • अगले पेज पर पैन और आधार की डिटेल्स भरकर View Link Aadhaar Status पर क्लिक करें
    • अगर आपका पैन और आधार लिंक है तो यहां जानकारी मिल जाएगी और अगर नहीं है तो इसकी भी जानकारी मिल जाएगी
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    PAN को आधार से लिंक करने की प्रॉसेस

    1. SMS के जरिए
    अपने मोबाइल से एक मैसेज भेजकर PAN को आधार से लिंक कराया जा सकता है - आपको UIDPAN 12 अंकों का आधार नंबर 10 अंकों का PAN  लिखकर 567678 या 56161 पर मैसेज करना होगा.
    उदाहरण के लिए, UIDPAN 111122223333 AAAPA9999Q

    2. ऑनलाइन तरीका

    • https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/home पर जाएं
    • बायीं तरफ मौजूद क्विक लिंक्स सेक्शन में Link Aadhar पर क्लिक करें
    • अब जो पेज खुलेगा, उसमें PAN, आधार नंबर और आधार पर मौजूद अपना नाम भरना है
    • अगर आपके आधार में केवल जन्म का वर्ष अंकित है तो आपको इस विकल्प पर टिक लगाना होगा- I have only year of birth in Aadhaar card
    • इसके बाद कैप्चा कोड डालें और लिंक आधार पर क्लिक करें
    • इसके बाद एक कन्फर्मेशन पेज खुलेगा, जिसमें शो होगा कि PAN, आधार से सफलतापूर्वक लिंक हो चुका है

    3. ऑफलाइन
    PAN सर्विस प्रोवाइडर, NSDL या UTIITSL के सर्विस सेंटर पर जाकर भी PAN और आधार को लिंक कराया जा सकता है - इसके लिए फॉर्म Annexure-I भरना होगा और कुछ सहायक दस्तावेज जैसे-PAN कार्ड और आधार कार्ड की कॉपी साथ ले जानी होगी. यह प्रक्रिया निशुल्क नहीं है. आपको एक निर्धारित शुल्क देना होगा. यह शुल्क, लिंकिंग के समय PAN या आधार डिटेल में सुधार किया गया है या नहीं, इस पर निर्भर करेगा

     

    बैंक में खाता खोलने, म्यूचुअल फंड या शेयर्स खरीदने, यहां तक की 50 हजार रुपये से अधिक नकद लेनदेन के लिए पैन कार्ड अनिवार्य है

  • *शोले फिल्म के डाकू गब्बर सिंह की खास अंदाज में करोना बचाव की अपील*
    *शोले फिल्म के डाकू गब्बर सिंह की खास अंदाज में करोना बचाव की अपील* *गब्बर* *अरे ओ सांभा , होली कब है - कब है होली ?* *सांभा* सरदार 29 मार्च को - रामपुर जाने की तैयारी करें सरदार ? *गब्बर* *नही : इस बार होली पर हम रामपुर नहीं जाएंगे* *सांभा* क्यों सरदार ? आप तो होली हर साल रामपुर में मनाते हैं , गांव की गोरियों को नचाते हैं, रंग गुलाल के बाद गोलियां चलाते हैं - फिर इस बार क्यों नहीं जा रहे ? क्या पुलिस का डर है ? *गब्बर* ओ सांभा, खबरदार जो पुलिस का डर दिखाया, तू जानता है कि 50 - 50 कोस दूर तक पुलिस, शासन प्रशासन हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सका, गांव वाले हमारी मर्जी से जीवन जीते हैं| शासन - प्रशासन - पुलिस और गांव वालों से हम नहीं डर रहे हैं, वह हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते, *हम तो डर रहे हैं इस खतरनाक करोना से -* *हमें अपनी धाक जमाने में बरसो लग गए और यह कमीना तीन अक्षर का करोना हमारा नाम पूरा मिट्टी में मिलाई दिया -* *हमें तो इस करोना से डर लग रहा है, जो रामपुर तो क्या पूरे देश - दुनिया पर धाक जमा कर बैठ गया है, जाने का नाम ही नहीं ले रहा -* *सुनने में आया है कि यह तीन अक्षर का करोना इतना खतरनाक है कि जो उसके सामने आता है उसे अपनी गिरफ्त में ले लेता है और उनके प्राणों की आहुति चढ़ा देता है |* *गब्बर* कहां है कालिया ? *कालिया* - जी सरदार *गब्बर* *जाओ जाकर गांव वालों को बता दो कि हम इस बार होली खेलने नहीं आ रहे हैं और उन्हें चेता दो कि वह भी अगर अपनी जान की सलामती चाहते हैं तो घर पर ही होली खेले, बड़ा आयोजन ना करें |करोना से जब हम डर रहे हैं तो गांव वाले भी उस से दूरी बनाकर रखें और जो गांव वाला हमारी बात नहीं मानेगा तो उसे करोना तो ले ही जाएगा और जो बच जाएंगे उसे गब्बर मजा चखाएगा - *कालिया* जी सरदार अभी जाता हूं *गब्बर: -* और सुन कालिया तू भी अपना मुंह ढक कर, हाथों में दस्ताने पहनकर ध्यान से जाना और आना, फिर ना कहना कि गब्बर ने बताया नहीं ? समझे *कालिया* जी सरदार समझ गया , जिससे हमारा सरदार डर रहा है उससे तो हमे डरना ही है - *गब्बर* सुनो देशवासियों जब यह गब्बर जो किसी से डरता नहीं, जिसके नाम से दूर-दूर तक लोगों की बोलती बंद हो जाती है वह गब्बर इस करोना से डर कर किसी गांव में नहीं जा रहा, जंगल में, इस बीहड़ में, अपने डेरे पर चुपचाप बैठा है तो आप लोग भी गब्बर की तरह घर पर ही रहें, अति आवश्यक हो वह भी बहाने वाला नहीं तभी बाहर निकले, मुंह पर मास्क लगाएं, आंखों में चश्मा पहने, हाथों में सैनिटाइजर लगाएं और एक दूसरे से 2 गज की दूरी रखकर बातें करें - काम करें और जितनी जल्दी हो सके घर वापस पहुंचे - खुद भी सुरक्षित रहें और साथ ही परिवार एवं समाज को भी सुरक्षित रखकर लंबी उम्र का आनंद ले | *अपनी जान जोखिम में डालने से अच्छा है कुछ महीनों की परेशानी झेलना - करोना गाइडलाइन का पालन करना* Sukhbir Singhotra की तरफ से करोना के खिलाफ जन जागरूकता अभियान 9301094242
  • रात 9 के बाद शहरों में नो मैन्स लैंड - नाइट कर्फ्यू अभी नही.
    रायपुर बिग ब्रेकिंग *मुख्यमंत्री की बैठक में लिया गया बड़ा फैसला.... रात 9 के बाद शहरों में नो मैन्स लैंड होगा लागू... नाइट कर्फ्यू अभी नही...*. रायपुर बिलासपुर दुर्ग , भिलाई राजनांदगांव में समस्या को गंभीरता से लिया गया है... वैक्सीनेशन को बढ़ाना है ... डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी ...बजट की कोई कमी नहीं होगी .... हॉस्पिटल में बेड और ऑक्सीजन वालों वाले बेड की व्यवस्था की जाएगी... *रात 9 बजे के बाद दुकानें और बाजार बंद होंगे * *होटल रेस्टोरेंट 10 बजे तक चालू रहेंगे* ... होली के बाद होगी बड़ी समीक्षा बैठक, जिसके बाद लिया जा सकता है बड़ा फैसला....
  • *शहीदे आजम सरदार भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव का शहादत दिवस 23 मार्च को
    *शहीदे आजम सरदार भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव का शहादत दिवस -* *पीली पगड़ी, पीला साफा बांधकर किया जायेगा नमन* शहीदे आजम सरदार भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के शहादत दिवस 23 मार्च को पीली पगड़ी - पीला साफा बांधकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया जायेगा। छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, उपाध्यक्ष बलविंदर सिंह सैनी उर्फ गग्गी, महामंत्री अमरजीत सिंह छाबड़ा ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि शहीदे आजम सरदार भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के शहादत दिवस 23 मार्च पर हर वर्ष किए जाने वाले कार्यक्रम की कड़ी में इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ सिख समाज द्वारा शहीद भगत सिंह के शहादत दिवस पर मुख्यमंत्री निवास के सामने स्थित गौरव पथ पर भगत सिंह चौक पर स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि शहीद भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव को अंग्रेजों द्वारा वसंत ऋतु के समय फांसी दी गई थी और जब उन्हें फांसी के तख्ते पर ले जाया जा रहा था तो उन्होंने बसंत पंचमी के अवसर को ध्यान में रखकर बसंती रंग की पगड़ी पहन कर यह गीत गाया था ( मेरा रंग दे बसंती चोला ओ माए रंग दे बसंती चोला ) छत्तीसगढ़ सिख समाज द्वारा पिछले 25 - 30 वर्षों से गांधी उद्यान के इस चैक पर लगातार उनकी शहादत दिवस एवं उनके जन्मदिवस पर लगातार आयोजन कर उनकी याद को ताजा कर उनके बलिदान को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है। नगर निगम द्वारा भी उनके शहादत दिवस पर भगत सिंह चैक पर महापौर, कमिश्नर एवं संस्कृति विभाग के अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा उपस्थित होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है। शहीदे आजम सरदार भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव के बलिदान को याद करने सुबह से लेकर देर शाम तक अनेक देशभक्त अकेले एवं ग्रुप में आकर उनकी प्रतिमा के सामने फूलमाला पुष्पगुच्छ के साथ मोमबत्ती जलाकर उन्हें सैल्यूट कर उनके बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, उपाध्यक्ष बलविंदर सिंह सैनी, महामंत्री अमरजीत सिंह छाबड़ा ने देशभक्त नागरिकों से अपील की है कि वे 23 मार्च को उनके शहादत दिवस पर पीली पगड़ी या पीला साफा बांधकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करने और अपनी देशभक्ति का परिचय देने उपस्थित हो। श्रद्धा सुमन का यह कार्यक्रम सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक एवं शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक विशेष रूप से किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि 13 अप्रैल 1919 के जलियांवाला बाग मैं सैकड़ों निर्दोष निहत्थे लोगों को जनरल डायर ने गोलियां चलवा कर हत्या कर दी थी जिससे दुख हित होकर सरदार भगत सिंह ने नौजवान सभा की स्थापना की और केंद्रीय असेंबली में 8 अप्रैल 1929 को अंग्रेज सरकार को जगाने प्रतीकात्मक बम फेंका 17 दिसंबर 1928 को लाहौर में अंग्रेज अधिकारी जेपी सांडर्स को मारा और हंसते हंसते फांसी पर झूल गए - आजादी के लिए उनके क्रांतिकारी विचार उनकी जीवनी आदि से आज के बच्चों को अवगत कराने का काम शासन प्रशासन को करना चाहिए जिससे बच्चों में देशभक्ति की भावना जागृत हो और उनमें भी देश हित में कुछ कर गुजरने का भाव पैदा हो। छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, उपाध्यक्ष बलविंदर सिंह सैनी, महामंत्री अमरजीत सिंह छाबड़ा, इंदरवीर सिंह कोहली, कुलदीप सिंह मोंगा, सुरेंद्र सिंह हंसपाल, सुखदेव सिंह मेहरा सहित सभी सदस्यों ने देशभक्त नागरिकों से अपील की है कि शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को उनके शहादत दिवस पर पीली पगड़ी बांधकर तिलक लगाकर अपनी ओर से उपस्थित होकर श्रद्धांजलि अर्पित करें।
  • प्रधानमंत्री को चाहिए कि वे भारी भीड़ वाली सभाएं ना करें :: जिससे करोना का फैलाव ना हो
    देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गाहे-बगाहे कभी भी दूरदर्शन, टीवी चैनलों पर आकर देश के लोगों को संदेश देते हैं कि मास्क लगाएं, 2 गज दूरी रखें, सैनिटाइजर का उपयोग करें और देशहित में करोना को बढ़ने से रोके, इसके लिए उन्होंने अनेकों बार आम जनता से अपील की है कि करोना गाइडलाइन का पालन करें , घर से बाहर ना निकले, जरूरी हो तभी निकले, परंतु इन सबके बावजूद उनकी खुद की चुनावी सभाओं में हजारों नहीं लाखों ही लाखों भी मतलब 1 - 2 लाख नहीं 4 - 5 लाख की संख्या में लोगों को आमंत्रित कर उन्हें भारतीय जनता पार्टी की रीति नीति को बताने के साथ-साथ विपक्षी दलों की खामियों को उजागर किया जाता है | अब मेरा सवाल यह है कि जो प्रधानमंत्री पूरे देश के नागरिकों को बार-बार करोना गाइडलाइन का पालन करने, मास्क लगाने, सैनिटाइजर लगाने, 2 गज की दूरी रखने, घरों से बिना कारण बाहर न निकलने का आव्हान करते हैं वही प्रधानमंत्री अपनी चुनावी सभाओं में अपने दल के नेताओं द्वारा भीड़ इकट्ठी कर बिना मास्क के, बिना सोशल डिस्टेंसिंग के, लाखों लोगों की भीड़ को चुनावी सभा के रूप में संबोधित करते हैं और उन्हें भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हैं और इस भारी भीड़ को बिना मास्क, बिना सोशल डिस्टेंसिंग, बिना सेनीटाइजर के देखने के बावजूद और इतनी भारी भीड़ को एक जगह घरों से बाहर बुला कर संबोधित करने के दौरान उन्हें केंद्र की गाइडलाइन का विरोध नजर क्यों नहीं आता ? - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाहिए कि वह अपने सरकारी आवास पर ही बैठ कर मीडिया में अपनी बात रखकर अपना चुनावी प्रचार, अपना संबोधन, अपना पक्ष रखकर, घर - घर तक पहुंचा देते, ताकि लोग सड़कों पर ना निकलते, घरों से बाहर ना निकले भीड़ में इकट्ठे ना हो और उन तक मतलब आम नागरिक तक, आम मतदाता तक प्रधानमंत्री की बात मीडिया के टीवी चैनलों के माध्यम से पहुंच जाती, परंतु यह आश्चर्य का ही विषय है कि इतने समझदार प्रधानमंत्री अलग-अलग विधानसभाओं में, अलग-अलग प्रदेशों में जाकर भीड़ इकट्ठी कर, करोना महामारी को फैलाने में सहयोग कर गाइडलाइन का उल्लंघन कर रहे हैं - जब देश का सर्वोच्च, प्रमुख, जवाबदार व्यक्ति ही अपनी पार्टी के स्वार्थ के लिए जगह-जगह जाकर चुनावी सभाओं को संबोधित कर करोना गाइडलाइन और कानून का उल्लंघन करेगा तो किस में हिम्मत है कि उन पर या उनकी पार्टी पर या उनके स्थानीय नेताओं पर कोई कार्यवाही करे | बहरहाल हमने अपनी बात रख दी, वह सही है या गलत कह नहीं सकते, परंतु देश के संविधान के अनुसार हमें अपनी राय रखने का अधिकार है, हो सकता है कि हम गलत हो, तो उसके लिए हम संबंधित राजनीतिक पार्टी, संबंधित नेता, संबंधित अधिकारी, सहित देश के सर्वोच्च निर्णय करता सुप्रीम कोर्ट से हाथ जोड़कर माफी भी मांगते हैं और आग्रह करते हैं कि देश में कही भी सार्वजनिक सभाओं, चुनावी भीड़ के कार्यक्रमों भीड़ में चुनावी प्रचार रैलियों आदि पर करोना महामारी के समाप्त होने तक सख्त रोक लगा दें |
  • छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के अंतिम चरण की वोटिंग आज
    प्रदेश के सबसे बड़े व्यापारी संगठन छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के अंतिम चरण की वोटिंग आज रायपुर में देवेंद्र नगर के गुजराती स्कूल में सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगी वोटिंग छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के यह चुनाव विधानसभा चुनाव से कुछ बढ़कर ही है, फर्क सिर्फ इतना है कि विधानसभा चुनाव में 90 विधायक पूरे प्रदेश से चुने जाते हैं और उसके लिए प्रत्याशियों को घर घर जाकर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील करनी पड़ती है महीनो प्रचार करना पड़ता है और कई तरह के लुभावने वादे भी किए जाते हैं | परंतु छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एक विशुद्ध व्यापारी संगठन है और इस संगठन के चुनाव में प्रत्याशियों को एक विधानसभा नहीं वरन पूरे प्रदेश में घूम घूम कर हर जिले, हर तहसील के व्यापारियों से मिलकर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील करनी पड़ती है| व्यापारियों को प्रत्याशी यह बताने का प्रयास करते हैं कि वह व्यापारी हित में क्या-क्या करेंगे ? विधानसभा चुनावों की तरह इस चुनाव में भी प्रत्याशी घोषणा पत्र के माध्यम से, संकल्प पत्र के माध्यम से व्यापारियों के हित की बात करते हैं | छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के इस बार के चुनाव में व्यापारी एकता पेनल की तरफ से कलश छाप पर योगेश अग्रवाल अध्यक्ष पद के प्रत्याशी हैं : तो दूसरी तरफ जय व्यापार पैनल के दिया छाप पर पूर्व चेंबर अध्यक्ष अमर परवानी के बीच जबरदस्त मुकाबला है | प्रदेश के लगभग सभी जिलों में मतदान हो चुका है और अंतिम चरण का मतदान आज रायपुर में कपड़ा मार्केट के पीछे स्थित गुजराती स्कूल में 4 जिलों के व्यापारियों की वोटिंग से संपन्न होगा | जिसके लिए तमाम तैयारियां पूरी हैं | छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव की व्यवस्था देख रहे मुख्य निर्वाचन अधिकारी शिवराज भंसाली के साथ प्रकाश चंद्र गोलछा, विजय जैन इस पूरी व्यवस्था को संभाले हुए हैं | 20 मार्च के इस अंतिम मतदान की तैयारियां लोकसभा, विधानसभा चुनाव के मतदान से कम नहीं है| मतदान के लिए मतदाताओं को अपना पहचान पत्र दिखाना होगा, प्रत्याशियों को अपने अपने चुनावी पंडालों को केंद्र से 100 मीटर की दूरी पर रखना होगा, प्रत्याशियों एवं उनके एजेंटों को विधानसभा की तर्ज पर परिचय पत्र जारी किए गए हैं | अनधिकृत व्यक्ति मतदान परिसर व केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं कर पाएगा | मतदान केंद्र के आसपास के क्षेत्र को दोनों प्रत्याशियों ने अपने अपने पोस्टर बेनरो से पाट दिया है |