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  • भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने 100 क्विंटल धान बेचा छत्तीसगढ़ सरकार को फिर भी लगा रहे अव्यवस्था का आरोप - कांग्रे स
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय खुद 100 क्विंटल धान बेचकर धान बेचने में अव्यवस्था का झूठे आरोप लगाकर राजनीति कर रहे रायपुर/9 जनवरी 2021 /प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय खुद के 100 क्विंटल धान को जशपुर के चोंगरी बहार धान उपार्जन केंद्र में बेचकर बैंक खाता में एक लाख छियासी हजार आठ सौ रुपए प्राप्त कर धान खरीदी में अव्यवस्था एवं धान बेचने वाले किसानों को भुगतान नहीं होने का झूठा आरोप लगाकर झूठी राजनीति कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में 1 दिसंबर को धान की खरीदी शुरू हुई और 7 जनवरी तक 15लाख 49हजार किसानों से लगभग 62 लाख मैट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है।धान बेचने वाले किसानों के खाता में समर्थन मूल्य की राशि भी जमा करा दी गई है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के 2 साल के कार्यकाल के बाद भाजपा मुद्दा विहीन हो चुकी हैं झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाकर भाजपा अपनी खोई हुई राजनीतिक धरातल को पाने में जुटी है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि यह पहला अवसर नहीं है जब भाजपा के नेता झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाकर छत्तीसगढ़ में किसानों के नाम से धान खरीदी में अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाकर राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके पहले भी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक सहित भाजपा के नेताओं ने धान की कीमत 2500 रु प्रति क्विं एकमुश्त प्राप्त करने एवं राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिये तीन किस्त खाता में जमा होने के बाद भी समर्थन मूल्य के अलावा अंतर की राशि नहीं मिलने का झूठा मनगढ़ंत आरोप लगाए थे ।छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार राज्य के लगभग धान बेचने पंजीकृत 21लाख 50हजार किसानों से प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान 2500रु की दाम पर खरीदी कर रही है इस वर्ष 90 लाख मैट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और 7 जनवरी तक 62 लाख मैट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की जहां जहां सरकार है वहां के किसान परेशान हताश एवं दुखी हैं किसानों के साथ किए वादा को भाजपा कभी पूरा नहीं करती है उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश बिहार गुजरात में किसानों को उनकी उपज का समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है किसानों की आर्थिक हालात खराब है केंद्र में बैठी नरेंद्र मोदी की सरकार जो किसानों से लोक लुभावने वादे की थी स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य और 50% अतिरिक्त प्रॉफिट देने का वादा कर किसानों से वोट लेकर सत्ता तो प्राप्त कर लिए लेकिन किसानों से किए वादे को पूरा नहीं किए बल्कि किसानों को चंद पूंजीपतियों के हाथों की कठपुतली बनाने पूंजी पतियों के गुलाम बनाने तीन कृषि कानून लाकर देश के कृषि क्षेत्र को समाप्त करने में लगी हुई है जिसे खिलाफ देशभर के किसान दिल्ली में आंदोलन कर रहे हैं और भाजपा के नेता एवं मोदी के मंत्री किसानों की मांगों को सुनने के बजाय किसानों के आंदोलन के खिलाफ बेतुका आधारहीन आरोप लगा रहे हैं देश के अन्नदाता को खालिस्तानी समर्थक टुकड़े-टुकड़े गैंग पाक परस्त बता रहे और न जाने कितने प्रकार के झूठे मनगढंत आरोप लगाकर झूठ की राजनीति करना भाजपा बन्द करे।
  • PM मोदी को वैश्विक नेताओं में मिली सर्वोच्च रेटिंग, जेपी नड्डा ने कहा- ‘ये सभी भारतीयों के लिए गर्व की बात’

    पीएम नरेंद्र मोदी को अमेरिकी एजेंसी मॉर्निंग कंसल्ट द्वारा की गयी अनुमोदन रेटिंग (Approval Rating) में सबसे ऊंचा स्थान मिला है जिसे लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को ट्विटर के जरिए खुशी जाहिर की है।

    बता दें कि अमेरिकी डेटा फर्म द्वारा किए गए सर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनुमोदन रेटिंग दुनिया के नेताओं में सबसे अधिक है।

    अमेरिकी फर्म मॉर्निंग कंसल्ट नियमित रूप से विश्व के नेताओं की अनुमोदन रेटिंग को ट्रैक करता है। उसने कहा कि 75 प्रतिशत से अधिक लोगों ने मोदी को स्वीकार किया, जबकि 20 प्रतिशत ने अस्वीकार किया, जिससे उनकी नेट अनुमोदन रेटिंग 55 प्रतिशत आई है। यह किसी भी अन्य विश्व नेता की तुलना में अधिक है।

    जेपी नड्डा ने दी प्रतिक्रिया

    उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा- “हमारे माननीय पीएम नरेंद्र मोदी जी को अमेरिकी अनुसंधान फर्म मॉर्निंग कंसल्ट द्वारा दुनिया के नेताओं के बीच सर्वोच्च रेटिंग मिली है। हमारे प्रधानमंत्री कोविड-19 संकट के विभिन्न मुद्दों और प्रबंधन के कुशल संचालन के लिए एक बार फिर से सरकार के सबसे लोकप्रिय प्रमुख के रूप में उभारे हैं।”फिर अन्य ट्वीट में बीजेपी अध्यक्ष ने लिखा- “जब से मोदी की अगुवाई वाली सरकार सत्ता में आई है, तब से लोगों का सरकार पर भरोसा और राष्ट्र के सही दिशा में आगे बढ़ने का विश्वास काफी बढ़ गया है। यह रेटिंग उनके सक्षम नेतृत्व और कड़ी मेहनत की गवाही है और सभी भारतीयों के लिए बड़े गर्व की बात है।”

  • फ्री वैक्सीन पर स्वास्थ्य मंत्री की सफाई : 3 करोड़ हेल्थ और फ्रंटलाइन वर्कर्स को लगेगा मुफ्ट टीका

    कोरोना वैक्सीन पर डॉ हर्षवर्धन ने बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा है कि कोरोना वैक्सीन दिल्ली में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में फ्री होगी. एक दिन पहले ही सीडीएससीओ की 10 सदस्यीय समिति ने ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी दी है.

  • अपने पाप हम पर मत मढ़िए रमन सिंह जी, किसान विरोधी सारे पाप आपके हैं : कांग्रेस

    रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह जी के धान खरीदी के संबंध में किए गए ट्वीट पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि रमन सिंह जी अपने पाप दूसरों पर न मढ़ें। किसान विरोधी सारे पाठ रमन सिंह जी और उनकी पार्टी भाजपा ने किए हैं। आज पूरे देश के किसान भाजपा की केंद्र सरकार के किसान विरोधी फैसलों को लेकर आंदोलित हैं। उन्होंने कहा है कि राज्य में धान ख़रीदी की जो भी समस्याएं हो रही हैं उसके लिए भी केंद्र की भाजपा सरकार और उसकी नीतियां ही दोषी हैं. शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि देश के किसानों से भाजपा ने 2022 तक आय दुगनी करने का वादा किया लेकिन आज तक उस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश लागू करने का वादा किया और दावा भी किया लेकिन मोदी सरकार का वादा और दावा दोनों फर्जी है। भाजपा की केंद्र सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के लिए बार दाने देने में बाधा डाली गई। राज्य को जितने बारदाने की ज़रूरत थी उसमें कटौती की गई और अब जितना वादा था उतना बारदाना भी नहीं दिया जा रहा है. एफसीआई में चावल लेने की अनुमत केंद्र सरकार को देनी है। चावल लेने का आदेश देने के बावजूद एफसीआई गोदामों में चावल रखने की अनुमति न देकर भाजपा की केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ की धान खरीदी में बाधाएं डालने का कुचक्र कर रही है। केंद्र में सरकार चला रही भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह किसानों के लिए घड़ियाली आंसू बहा कर भाजपा के किसान विरोधी चरित्र पर पर्दा डालने की साजिश रच रहे हैं। छत्तीसगढ़ के किसानों को रमन सिंह और भाजपा गुमराह नहीं कर सकते। किसान जानते हैं कि छत्तीसगढ़ में जब रमन सिंह जी की सरकार रही तब तक किसानों को किस तरह ठगा जाता रहा। न समर्थन मूल्य का वादा पूरा हुआ और न बोनस पांच साल तक मिला। चुनाव के समय मिला लेकिन कांग्रेस की सरकार बनते ही बंद कर दिया गया। इन्हीं किसान विरोधी नीतियों के कारण भाजपा को 15 साल तक शासन करने के बाद छत्तीसगढ़ के मतदाताओं ने 15 सीट के लायक भी नहीं समझा। प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस सरकार हर किसान का धान खरीदेगी और किसानों को पूरा पैसा मिलेगा। करोना काल में वित्तीय कठिनाइयों के बावजूद छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार किसानों से वादा पूरा निभा रही है। ऐसे कठिन समय में जीएसटी सहित छत्तीसगढ़ के हक का जो पैसा केंद्र की भाजपा सरकार को देना है नहीं दिया जा रहा है और केंद्र में सरकार चला रही भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह जी छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। हम ख़रीद रहे हैं ज़्यादा धान प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि 15 साल में भाजपा सरकार ने औसत 50 लाख मिट्रिक टन धान भी नहीं खरीदा लेकिन पिछले साल 2018-19 में भूपेश बघेल जी की सरकार ने 80 लाख मिट्रिक टन से अधिक धान 2500 रू. में खरीदा। 2019-20 में भी 15 लाख 71 हजार की जगह 19 लाख 52 हजार किसानों का पंजीयन किया गया और 83 लाख टन धान कांग्रेस की सरकार के द्वारा खरीदा गया है। कांग्रेस सरकार ने 2019-20 में धान खरीदी में अपना ही पिछले साल 2018-19 का रिकार्ड तोड़ा। अभी एक महिना भी नहीं हुआ है और भाजपा सरकार की औसत खरीदी जितना धान 45 लाख टन तो कांग्रेस सरकार खरीद चुकी है। अपने 15 वर्षो के शासनकाल में तो रमन सिंह सरकार ने 7 वर्षों में इतना धान भी नहीं खरीदा था। रमन सिंह जी किस मुंह से कांग्रेस सरकार पर धान खरीदी को लेकर आरोप लगाते है। भाजपा सरकार ने 15 वर्षो में धान खरीदी के आंकड़ों को जारी करते हुये प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा की रमन सिंह सरकार ने तो 50 लाख टन धान ही प्रति वर्ष खरीदा है। 81.70 लाख मिट्रिक टन से अधिक धान औसत प्रतिवर्ष 2500 रू. समर्थन मूल्य में खरीदने वाली कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ भाजपा के बयान सीधे-सीधे जनता की आंखो में धूल झोकने की कोशिश है। धान खरीदी पर भाजपा किस मुंह से बोल रही है? भाजपा को किसानों और ग्रामीण मतदाताओं अब कभी समर्थन नहीं मिल सकता क्योंकि छत्तीसगढ़ के गांवों के लोग मजदूर किसान भाजपा के किसान विरोधी, गरीब विरोधी चरित्र, मजदूर विरोधी चरित्र को बखूबी समझ चुके है। भाजपा सरकार द्वारा वर्षवार धान खरीदी खरीफ विपणन वर्ष खरीदी मात्रा लाख टन 2003-04 27.05 2004-05 28.87 2005-06 35.87 2006-07 37.08 2007-08 33.51 2008-09 37.47 2009-10 44.09 2010-11 50.73 2011-12 59.00 2012-13 70.24 2013-14 78.35 2014-15 62.77 2015-16 59.25 2016-17 69.57 2017-18 56.88 प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि जिस भाजपा की सरकार ने 15 वर्ष में कभी इतना धान नहीं खरीदा, जितना धान पिछले साल 2018-19 और इस साल 2019-20 में भी कांग्रेस सरकार ने खरीदा है। भाजपा ने 2013 के घोषणा पत्र में कहा था कि 2100 रू. समर्थन मूल्य देंगे, नहीं दिया। भाजपा ने कहा था कि 5 साल तक 300 रू. बोनस देंगे, नहीं दिया। भाजपा ने कहा था एक-एक दाना धान खरीदेंगे, नहीं खरीदा। भाजपा ने कहा था 5 हार्सपावर पंपों को मुफ्त बिजली देंगे, नहीं दी। भाजपा ने कहा था कि स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशे लागू करेंगे, किसानों को फसल की लागत पर डेढ़ गुना जोड़कर दाम देंगे, नहीं दिया। भाजपा ने कहा था 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करेंगे, अभी तक किसानों की आय बढ़ाने के लिये कुछ भी नहीं किया। प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि किसानों को 2500 रू. धान का दाम देने का काम कांग्रेस ने किया है। जबकि भारतीय जनता पार्टी ने 2013 के घोषणा पत्र में कहा था कि 2100 रू. समर्थन मूल्य देंगे, 300 रू. बोनस देंगे। 2100 रू. धान का दाम भाजपा सरकार में कभी नहीं मिला। 300 रू. बोनस 5 साल नहीं दिया गया। किसानों को और भाजपा के द्वारा इस मामले में आंदोलन की बात जनतंत्र है उनका अधिकार है आंदोलन करे। भाजपा ने तो किसानों के साथ धोखाधड़ी ही की है। भाजपा किसान हितैषी बनने का स्वांग रचती रही है और किसानों के लिये घड़ियाली आंसू बहाती है। भाजपा के किसान विरोधी चरित्र को छत्तीसगढ़ के किसान बखूबी जानते, समझते है।

  • लव जिहाद: यूपी और एमपी में कौन सा एक्ट ज्यादा सख्त है, सज़ा-जुर्माने सहित पढ़ें दोनों कानून के सभी अंतर

    उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश में भी लव जेहाद पर कानून लागू होने का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है. कैबिनेट ने अध्यादेश को मंजूरी देकर राज्यपाल के पास भेज दिया है. कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश में भी इस तरह का कानून पास हुआ था. जानिए मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के कानून में क्या अंतर है?

    नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में लव जेहाद अध्यादेश को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. इसे अब राज्यपाल के पास भेजा गया है. राज्यपाल के अध्यादेश पर दस्तखत करते ही यह कानून तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट में प्रस्ताव रखा था. इसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया.

     

    इसे लेकर मुख्यमंत्री ने कहा, ''कोरोना के चलते हमें विधानसभा का सत्र स्थगित करना पड़ा. कुछ महत्वपूर्ण विधेयक हमारे हैं, जिन्हें अब अध्यादेश के जरिए कानून बनाना है. इनमें से एक धर्म स्वातंत्र्य विधेयक भी है. इसा कानून के तहत लोभ, लालच या फिर विवाह के बाद जबरन धर्म परिवर्तन को अपराध माना है. इसमें साल तक की कड़ी सजा का प्रावधान किया है. जो व्यक्ति या संस्थाएं इसमें सहयोग करेंगी, उन्हें भी अपराधी बनाया जाएगा.''

     

    बता दें कि यह अध्यादेश कुछ मायनों में पिछले महीने उत्तर प्रदेश की भाजपा नीत सरकार द्वारा अधिसूचित 'उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश-2020' के समान है, क्योंकि उसमें भी जबरन धर्मांतरण करवाने वाले के लिए अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान है.

     

     

     

  • समाचार प्रकाशन और प्रसारण के लिए प्रेस क्लब जिम्मेदार नहीं -दामु आम्बेडारे
    समाचार प्रकाशन और प्रसारण के लिए प्रेस क्लब जिम्मेदार नहीं -दामु आम्बेडारे रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब परिसर में एक व्यक्ति द्वारा कीटनाशक पीकर खुदकुशी करने की कोशिश को दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष दामु आम्बेडारे ने स्पष्ट किया है कि रायपुर प्रेस क्लब लोगों को अपनी बात मीडिया के सामने रखने के लिए स्थान उपलब्ध कराता है। लेकिन कॉन्फ्रेंस का समाचार प्रकाशित, प्रसारित करना अथवा न करना मीडिया संस्थान के विवेक पर निर्भर करता है। कॉन्फ्रेंस आयोजकों को इस तथ्य से अवगत करा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि किसी को भी अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन यह मीडिया संस्थान पर निर्भर करता है कि वे समाचार के संबंध में क्या निर्णय लेते हैं। इस तरह के कदम उठाए जाने का कोई औचित्य नहीं है। घटना से रायपुर प्रेस क्लब का कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने कहा कि मानवीयता की दृष्टि से रायपुर प्रेस क्लब अपील करता है कि कोई भी इस तरह का कदम न उठाए।
  • समाचार प्रकाशन और प्रसारण के लिए प्रेस क्लब जिम्मेदार नहीं -दामु आम्बेडारे
    समाचार प्रकाशन और प्रसारण के लिए प्रेस क्लब जिम्मेदार नहीं -दामु आम्बेडारे रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब परिसर में एक व्यक्ति द्वारा कीटनाशक पीकर खुदकुशी करने की कोशिश को दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष दामु आम्बेडारे ने स्पष्ट किया है कि रायपुर प्रेस क्लब लोगों को अपनी बात मीडिया के सामने रखने के लिए स्थान उपलब्ध कराता है। लेकिन कॉन्फ्रेंस का समाचार प्रकाशित, प्रसारित करना अथवा न करना मीडिया संस्थान के विवेक पर निर्भर करता है। कॉन्फ्रेंस आयोजकों को इस तथ्य से अवगत करा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि किसी को भी अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन यह मीडिया संस्थान पर निर्भर करता है कि वे समाचार के संबंध में क्या निर्णय लेते हैं। इस तरह के कदम उठाए जाने का कोई औचित्य नहीं है। घटना से रायपुर प्रेस क्लब का कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने कहा कि मानवीयता की दृष्टि से रायपुर प्रेस क्लब अपील करता है कि कोई भी इस तरह का कदम न उठाए।
  • इमरान के नए पाकिस्तान में लगी ऐसी आग, 60 रुपये गेंहूं और 30 रुपये का बिक रहा एक अंडा

    पड़ोसी मुल्क पाक में करीब पच्चीस फीसदी लोग अभी भी बीपीएल (गरीबी रेखा) से नीचे अपना जीवन यापन कर रहे हैं. ऐसी स्थिति में रोजमर्रा की जरूरतों के हर सामान की कीमत पाकिस्तान में आसमान छू रही है.

    कोरोना वायरस के संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में महंगाई की ऐसी मार पड़ी है कि आम लोगों की कमर टूट रही है. इमरान खान के सत्ता में आने के बावजूद वह अर्थव्यवस्था में सुधार करने में नाकाम रहे हैं. वहां की हालत अब ऐसी हो चुकी है कि अदरक 1 हजार रुपये और गेंहू 60 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है. जबकि, वहां पर एक अंडा 30 रुपये का मिल रहा है.

     

    ऐसे में लोगों को अपनी जरूरत की रोजमर्रा की चीजों को पूरा करना भी संभव नहीं हो पा रहा है. पाकिस्तान में अगर आप थोक भाव से अंडा खरीदते हैं तो एक दर्जन के लिए 240 रुपये चुकाने होंगे. इतना नहीं नहीं, चिकन 300 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है.

     

    पड़ोसी मुल्क पाक में करीब पच्चीस फीसदी लोग अभी भी बीपीएल (गरीबी रेखा) से नीचे अपना जीवन यापन कर रहे हैं. ऐसी स्थिति में रोजमर्रा की जरूरतों के हर सामान की कीमत पाकिस्तान में आसमान छू रही है. पाकिस्तान में चीनी 104 रुपये प्रति किलो बिक रही है. घरेलू गैस संकट से जूझ रहे इमरान खान के नए पाकिस्तान में लोगों को दो वक्त का खाना भी नसीब नहीं हो रहा है.

     

    पाकिस्तान इन दिनों खाद्यान्न के भारी संकट से गुजर रहा है. जबकि,  दूसरी तरफ घरेलू गैस संकट भी वहां विकराल रूप ले रहा है. इमरान सरकार की हालत ऐसी हो चुकी है कि चीनी और आटे की कीमतों को कंट्रोल करने के लिए पीएम इमरान खान को लगातार कैबिनेट की मीटिंग बुलानी पड़ रही है.

  • 25 दिसंबर को किसानों के खाते में 18000 करोड़ रुपए भेजेंगे पीएम मोदी, छह राज्यों के किसानों से बात भी करेंगे

    25 दिसंबर को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त सीधे किसानों के खाते में भेजी जाएगी. नौ करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों को इसका लाभ मिलेगा.

    पीएम नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के तहत वित्तीय लाभ की अगली किस्त 25 दिसंबर को दोपहर 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जारी करेंगे. एक बटन को दबाने के साथ, प्रधानमंत्री 18000 करोड़ रुपये से अधिक का हस्तांतरण किसानों को करेंगे. 9 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों को 18,000 करोड़ रुपए का लाभ मिलेगा.

     

    आयोजन के दौरान छह अलग-अलग राज्यों के किसानों के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत भी होगी. किसानों ने पीएम-किसान के साथ और किसानों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा की गई विभिन्न अन्य पहलों पर अपने अनुभव साझा किए हैं. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद सिंह तोमर भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे.

     

    पीएम किसान योजना के बारे में जानें

     

    पीएम किसान योजना के तहत, पात्र लाभार्थी किसानों को रुपए 6000 प्रति वर्ष का वित्तीय लाभ प्रदान किया जाता है, जो कि रुपए 2000 की तीन समान किस्तों में दिया जाता है. फंड सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाता है.

  • भारतीय जनता पार्टी ने माता कौशल्या के अस्तित्व को नकारा - कांग्रेस
    माता कौशल्या के जन्म स्थान पर सवाल खड़ा कर भाजपा ने उनका अस्तित्व नकारने का प्रयास किया रायपुर/18 दिसंबर 2020। कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जो लोग कल तक राम के नाम पर चंदे और वोटों के धंधे का कारोबार करते थे आज माता कौशल्या के जन्म स्थान पर प्रश्न खड़ा करके उनके अस्तित्व को ही नकार रहे हैं। आज एक समाचार चैनल में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने यह बयान दिया है कि माता कौशल्या का जन्म चंदखुरी में नहीं हुआ था, बहुत संभव है कल को अजय चंद्राकर यह भी दावा कर दें कि प्रभु राम का जन्म अयोध्या में नहीं हुआ था। कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, विष्णु देव साय से यह पूछा है क्या अजय चंद्राकर के उक्त बयान में इन तीनों की सहमति भी शामिल है? माता कौशल्या के जन्म स्थान पर सवाल खड़ा करके भारतीय जनता पार्टी ने दरअसल छत्तीसगढ़ के विद्वान इतिहासकारों की विद्वता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही साथ उन्होंने यह भी जाहिर कर दिया है कि माता कौशल्या के प्रति उनके मन में कितनी आस्था है। डॉ रमन सिंह को प्रदेश की जनता को यह जवाब देना चाहिए कि क्या माता कौशल्या के प्रति भाजपा के मन में आस्था नहीं रहने के कारण ही अपने 15 वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने चंदखुरी स्थित मंदिर का जीर्णोद्धार नहीं किया? सत्ता जाने के बाद से 15 वर्षों तक कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार में लिप्त रही भारतीय जनता पार्टी के लोग अब मानसिक रूप से विक्षिप्त हो चुके हैं और उनका हिन्दू धर्म विरोधी चेहरा भी सामने आने लगा है। राज्य की भूपेश बघेल सरकार जिस तरीके से छत्तीसगढ़ी संस्कृति परंपरा को स्थापित करने का प्रयास कर रही है और माता कौशल्या के वैभव को पुनर्स्थापित कर उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास कर रही है। इसको देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के छाती पर सांप लोट रहा है। अपने आपको हिंदू धर्म का ठेकेदार बताने वाली पार्टी के नेता अब इस बात से विचलित हैं की माता कौशल्या का वैभव अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भूपेश बघेल सरकार स्थापित कर देती है तो फिर छत्तीसगढ़ में भाजपा का धर्म का धंधा और चंदे की दुकान दोनों बंद हो जाएगी। अन्यथा क्या वजह है कि अजय चंद्राकर का यह दिव्यज्ञान पिछले 15 वर्षों में सत्ता के रहते हुए कभी नहीं आया। भूपेश बघेल की सरकार बनने के 2 वर्षों में भी कभी नहीं आया। आज जब राम वन गमन पथ पर 2 ऐतिहासिक रथ यात्रा निकली और प्रदेश की जनता अपने भांजे प्रभु राम की पूजा अर्चना कर उनका आशीर्वाद लेने के लिए सड़कों पर उमड़ पड़ी तब भारतीय जनता पार्टी की बौखलाहट साफ सामने आ गई और अजय चंद्राकर जैसे वरिष्ठ नेता अब माता कौशल्या की जन्म स्थली पर सवाल उठाकर संभवत उनके अस्तित्व को ही नकार रहे हैं। सवाल तो यह भी उठता है कि अगर माता कौशल्या के अस्तित्व पर भाजपा सवाल उठा रही है तो फिर प्रभु राम के अस्तित्व पर सवाल अपने आप खड़े हो जाते हैं। कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से यह मांग की है कि माता कौशल्या और प्रभु राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले भाजपा नेता के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई करें। भारतीय जनता पार्टी के सभी नेताओं को प्रदेश की जनता से इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
  • दो साल में भूपेश सरकार की नीति व विजन क्या है स्पष्ठ नहीं - भाजपा

    छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ की जनता के विकास में बाधक प्रदेश सरकार के दो साल: विष्णुदेव साय

    0 दो साल में भूपेश सरकार की नीति व विजन क्या है स्पष्ठ नहीं।

    0 प्रदेश सरकार के दो साल विफलताओं, बदलापुर, राजनीति से प्रेरित और विकास में बाधक


    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने प्रदेश सरकार के 2 वर्ष के कार्यकाल को विफल और छत्तीसगढ़ के विकास में बाधक बताते हुए निराशा व्यक्त की हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि जिस कलेवर, जिस फ्लेवर और जिस अंदाज में कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में प्रदेश की जनता से गंगा जल की कसम खा कर लुभावने वादे किए थे वे सभी कसमें वादे सरकार के 2 साल में ही झूठे साबित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के 2 साल निराशाजनक ही नहीं बल्कि राजनीति से प्रेरित बदलापुर से ओतप्रोत, अपने मुंह मियां मिट्ठू बनने में बीते हैं। प्रदेश की जनता आज इस बात को महसूस कर रही हैं कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार विकास करने, नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने वाली नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ की जनता के विकास में बाधक की भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार के 2 साल के कार्यकाल को शून्य बताया हैं।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने प्रदेश सरकार, प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उनके पूरे मंत्री मंडल और कांग्रेस के नेताओं को झूठी वाह वाही लूटने से बचने की नसीहत दी हैं। उन्होंने कहा कि 2 साल में एक भी ठोस योजना, एक भी दूरगामी योजना, छत्तीसगढ़ के हित में धरातल पर उतार पाने में विफल रही। 2 साल में भूपेश सरकार की नीति व विजन क्या है स्पष्ठ नहीं हैं।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि 2 साल में प्रदेश सरकार ने किसानों, महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों, कर्मचारियों, मजदूरों सभी का अहित किया हैं। छत्तीसगढ़ के प्रत्येक वर्ग को ठगने और छलने वाली प्रदेश सरकार को 2 साल की उपलब्धि का झूठा ढिंढोरा पीटने के बजाए अपनी नाकामी और छल कपट के लिए प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को धान खरीदी में देरी, गिरदावरी में रकबा कटौती, नकली खाद बीज, कीटनाशक, टोकन के नाम पर किसानों को परेशान करना, राजीव गांधी न्याय योजना के नाम पर अन्याय कर किस्तों में भुगतान एवं अंतिम किस्त के भुगतान अब तक ना कर पाने वाली विफल सरकार को किसानों से माफी मांगनी चाहिए। महिला सशक्तिकरण का केवल बात करने वाली सरकार के मंत्री यदि छत्तीसगढ़ की बेटी के साथ घटित बलात्कार की हृदयविदारक घटना को छोटी घटना बताएं, कांग्रेस के नेता बलात्कार जैसी घटना पर भी चयनात्मक राजनीति करें और कांग्रेस नेत्री महिला आयोग के अध्यक्ष जैसे पद पर बैठकर महिलाओं पर ही स्वेच्छा से संबंध बनाने की बात कर नारी जाति का अपमान करें तो कांग्रेस को और कांग्रेस सरकार को नारी सम्मान की बात करने का कोई अधिकार नहीं 2 साल में क्या यही महिला सशक्तिकरण की दिशा कांग्रेस सरकार ने तय की हैं? रोजगार के नाम पर विभिन्न भर्ती प्रक्रिया को लटकाने वाली और बेरोजगारी भत्ता के नाम पर युवाओं को धोखा देने वाली सरकार को प्रदेश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। शराब बंदी का वादा कर प्रदेश और विशेष रूप से प्रदेश की महिलाओं को छलने वाली प्रदेश सरकार शराब बंदी के नाम पर यदि घर घर शराब परोस रही हैं तो यह सरकार के राजस्व प्रेम, व्यवसायिक सोच और स्वयं कोचिया की भूमिका में आने का प्रमाण हैं जिसे शायद कांग्रेस उपलब्धि समझ कर 2 साल का जश्न मना रही हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि नरवा गरवा घुरवा बाड़ी के नाम पर केवल भ्रष्टाचार कमीशनखोरी के अलावा धरातल पर यह योजना नजर नहीं आती। 2 साल में सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की भेंट हजारों गौ माताएं चढ़ चुकी हैं। भूख प्यास अव्यवस्था के चलते गौठान में मवेशियों की मौत दुःखद हैं जो सरकार की 2 साल की विफलता बायां करती हैं। 2 साल में केवल छत्तीसगढ़िया वाद का नारा देने वाली प्रदेश सरकार आउटसोर्सिंग और बाहरी लोगों को लाभान्वित करने अपना हिस्सा निकलने और कर्ज लेकर घी पीने में लगी रही हैं, जिसका एक उदाहरण जल जीवन मिशन योजना में बाहरी ठेकेदारों को लाभान्वित करने के प्रयास से सामने आया था। उन्होंने कहा कि बिजली बिल हाफ के नाम पर, संपत्तिकर माफ के नाम पर झूठे वादे करने वाली सरकार ने प्रदेश की जनता को ठगा हैं। स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को चैपट करने बदलापुर की भावना से ओत प्रोत कांग्रेस की सरकार ने स्मार्ट कार्ड और आयुष्मान भारत योजना को बंद कर प्रदेश को बेहतर स्वास्थ्य सेवा दें पाने में विफल रही हैं।
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि सभी को एक रुपया किलो में चावल का वादा करने वाली सरकार कभी सत्यापन के नाम पर, कभी हितग्राहियों की पात्रता बदलकर, तो कभी कार्ड रद्द कर प्रताड़ित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान 2 साल में आत्महत्या के लिए बन गयी हैं। कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ को आत्महत्या का गढ़ बना दिया हैं। क्वारेंटाईन सेंटर में आत्महत्या, किसान आत्महत्या, मजदूर आत्महत्या, बेरोजगार आत्महत्या, के मामले में 2 साल में छत्तीसगढ़ नम्बर वन बन गया हैं। रेत माफिया, कोल माफिया, जमीन माफिया का राज प्रदेश में चल रहा हैं। शराब तस्करी से लेकर सूखे नशे ड्रग्स, अफीम का काला कारोबार 2 साल से फल फूल रहा हैं। किसान सम्मान निधि को बदलापुर और दुर्भावना से लटकाने वाली सरकार के आंखों में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीबों का आवास बनना भी खटक रहा हैं क्या यही हैं प्रदेश सरकार की 2 साल की उपलब्धि और नीति हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने प्रदेश सरकार को 2 साल में विफलता, बदलापुर, राजनीति से प्रेरित, विकास में बाधक और छत्तीसगढ़ का अहित करने वाली सरकार बताया हैं।

     
  • दो राज्यपालों की सौजन्य भेंट

    त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस ने छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से की सौजन्य भेंट  

    त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस अपने गृह ग्राम रायपुर प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से सौजन्य मुलाकात करने राजभवन पहुंचे। सुत्रो के अनूसार दोनो राज्यपालों के बीच दोनों प्रदेशों के राजनैतिक, सामाजिक सहित राजनयिक विषयों पर चर्चा हुई।

    राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से राजभवन में त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। उन्होंने श्री बैस का शाल एवं श्रीफल देकर सम्मान किया और उन्हें प्रतीक चिन्ह भी भेंट  किया