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  • जम्मू-कश्मीर के नौगाम में आतंकी हमला, पुलिस के दो जवान शहीद, सर्च ऑपरेशन जारी

    जम्मू-कश्मीर के नौगाम में आज सुबह पुलिस पार्टी पर आतंकी हमला हुआ है और इसमें दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं, इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है.

    जम्मूः कल स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले आज जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला हुआ है. आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के नौगाम में पुलिस पार्टी पर हमला किया है जिसमें दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं और एक जवान घायल है. सुरक्षाकर्मियों ने पूरे इलाके को घेर लिया है. फिलहाल आतंकियों का पता नहीं चला है लेकिन सर्च ऑपरेशन चल रहा है.

     

    खबर मिली है कि आतंकियों ने आज सुबह नौगाम बाईपास पर पुलिस टीम पर हमला कर दिया जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए और इनमें से दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए.

    बता दें कि बीती 12 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में भी सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया था. मारे गए आतंकी की पहचान हिजबुल मुजाहिद्दीन (एचएम) के शीर्ष कमांडर आजाद ललहारी के रूप में हुई थी. इस मुठभेड़ के दौरान सेना का एक जवान शहीद हो गया.

     

    9 अगस्त को पाकिस्तान ने तोड़ा था सीज़फायर

     

    बीती 9 अगस्त को पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर के शाहपुर, किरनी और कृष्णाघाटी में बिना किसी उकसावे के भारतीय चौकियों पर फायरिंग की थी. पाकिस्तानी सेना ने हल्के हथियारों और मोर्टार से भारतीय चौकियों को निशाना बनाया था.

  • Russia Corona Vaccine: जानिए रूसी वैक्सीन को लेकर WHO का क्या कहना है?

    डब्ल्यूएचओ के प्रवक्ता ने कहा कि वो दुनिया के पहले संभावित कोविड-19 वैक्सीन की प्री-क्वालिफिकेशन को लेकर रूस के साथ संपर्क में है.

    जिनेवा: रूस ने दुनिया की पहली कोरोना रजिस्टर कर दी है. लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि उसके पास अभी तक रूस के जरिए विकसित किए जा रहे कोरोना वैक्सीन के बारे में जानकारी नहीं है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैक्सीन से जुड़ी स्वास्थ्य चिंताओं के बीच पिछले सप्ताह रूस से कहा था कि वह कोविड-19 का टीका बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय दिशा-निर्देशों का पालन करे. रूस का टीका विश्व स्वास्थ्य संगठन के उन छह टीकों की लिस्ट में नहीं है जो तीसरे चरण के परीक्षण की स्थिति में पहुंच चुके हैं.

     

    हालांकि अब डब्ल्यूएचओ के प्रवक्ता ने कहा कि वो दुनिया के पहले संभावित कोविड-19 वैक्सीन की प्री-क्वालिफिकेशन को लेकर रूस के साथ संपर्क में है. डब्ल्यूएचओ के प्रवक्ता तारिक जसारेविक ने एक वर्चुअल प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "हम रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ निकट संपर्क में हैं और डब्ल्यूएचओ द्वारा वैक्सीन के संभावित प्री-क्वॉलिफिकेशन के बारे में चर्चा चल रही है. किसी भी वैक्सीन की प्री-क्वॉलिफिकेशन में क्लिनिकल परीक्षणों के दौरान सुरक्षा और उसके प्रभाव के लिए आवश्यक सभी डेटा की कठोर समीक्षा और मूल्यांकन शामिल है."

     

    उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि डब्ल्यूएचओ की ये प्रक्रिया किसी भी वैक्सीन उम्मीदवार के लिए समान है. हर देश में राष्ट्रीय नियामक संस्थाएं हैं जो अपने क्षेत्र में टीकों या दवाओं के उपयोग को मंजूरी देती हैं. निर्माता डब्ल्यूएचओ की प्री-क्वॉलिफिकेशन के लिए कहते हैं, क्योंकि यह गुणवत्ता पर एक तरह से मुहर है.

     

    दुनिया का पहला कोविड-19 वैक्सीन
    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को घोषणा की कि उनके देश ने कोरोना वायरस के खिलाफ दुनिया का पहला टीका विकसित कर लिया है जो कोविड-19 से निपटने में 'बहुत प्रभावी ढंग से' काम करता है और 'एक स्थायी रोग प्रतिरोधक क्षमता' का निर्माण करता है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी बेटियों में से एक को यह टीका पहले ही दिया जा चुका है.

  • इन शख्सियतों ने कैंसर को मात देकर जीती है जिंदगी, संजय दत्त के लिए भी हो रही हैं दुआएं

    कैंसर भेल ही एक जानलेवा बीमारी है, मगर हम आपको ऐसे सेलिब्रिटीज के नाम बताने जा रहे हैं, जिन्होंने कैंसर से अपनी लड़ाई लड़ी और आज खुशी-खुशी अपनी जिंदगी बिता रहे हैं.बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त कैंसर से ग्रस्त हैं. अभिनेता को लंग्स कैंसर है और वह इसकी तीसरी स्टेज पर हैं. संजय दत्त के कैंसर पीड़ित होने की खबर सामने आते ही उनके लिए लगातार दुआओं और जल्दी ठीक होने की कामना कर रहे हैं. कैंसर भेल ही एक जानलेवा बीमारी है, मगर हम आपको ऐसे सेलिब्रिटीज के नाम बताने जा रहे हैं, जिन्होंने कैंसर से अपनी लड़ाई लड़ी और आज खुशी-खुशी अपनी जिंदगी बिता रहे हैं.

    मनीषा कोइराला
    'खामोशी' की अभिनेत्री मनीषा कोइराला को 42 साल की उम्र में ओवेरियन कैंसर का पता चला था. 6 महीने की गहन चिकित्सा और एक सर्जरी के बाद, मनीषा ने आखिरकार कैंसर को हरा दिया और इस जानलेवा बीमारी के खतरे से बाहर आ गईं. वह कहती है कि इस घटना ने उन्हें एक व्यक्ति के रूप में बदल दिया है.

     

    युवराज सिंह
    2011 के विश्व कप जीतने के तुरंत बाद भारत के स्टार क्रिकेटर युवराज सिंह को लंग कैंसर, स्टेज 1 का पता चला था. उन्होंने कीमोथेरेपी के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका जाने का फैसला किया और एक बार फिट होने के बाद, उन्होंने अगले 20-20 के साथ क्रिकेट में वापसी की थी. युवराज अब पूरी तरह से इस बीमारी से स्वस्थ हैं,

  • डॉ रमन सिंह से मांग करते  है कि वे अपनी और अपनी पत्नी की संपत्ति में बेहिसाब बढ़ोत्तरी का हिसाब राज्य की जनता को दें - कांग्रेस

    रमन सिंह ने आय से कई गुना अधिक संपत्ति बनाईः कांग्रेस ऽ रमन सिंह, वीणा सिंह और अभिषेक सिंह की संपत्ति की जांच हो ऽ

    घोटालों का पैसा रमन सिंह के पास पहुंचता रहा, यह स्पष्ट है ऽ

    क्या घोटालों का पैसा ही विदेशी खाते में अभिषेक सिंह के खाते में जमा हुआ? .

     

    पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को पिछले दिनों एक पत्रवार्ता में वरिष्ठ मंत्री रविंद्र चौबे ने ‘घोटालों का महानायक’ कहा था। . उस दिन बात रमन सिंह सरकार के कार्यकाल में हुए घोटालों और कमीशनखोरी की हो रही थी। . आज हम रमन सिंह और उनकी पत्नी श्रीमती वीणा सिंह की आय और संपत्तियों की बात करेंगे। . हम सवाल पूछना चाहते हैं कि रमन सिंह की संपत्तियां 2008 से 2018 के तीन चुनावों के बीच कैसे दस गुना से अधिक बढ़ गयी? . उन्होंने ऐसा क्या किया जिससे उनकी संपत्तियां इस तरह बढ़ती गईं? उनके और उनकी पत्नी के पास इतना पैसा कहां से आया? साधारण परिवार, न करोबार न उद्योग . पूरा छत्तीसगढ़ जानता हैं कि रमन सिंह एक अत्यंत सामान्य आर्थिक परिस्थिति के परिवार से आते हैं और उनके परिवार के पास न तो अधिक ज़मीन जायजाद है और न कोई पुश्तैनी कारोबार या उद्योग है। . उनके पिता विघ्नहरण सिंह जी एक सामान्य वकील थे। . ख़ुद रमन सिंह ने आयुर्वेद में डिग्री ली है और वे कवर्धा में एक असफल डॉक्टर के रूप में कार्यरत रहे। . उन पर आश्रित बच्चों ने प्रोफ़ेशनल डिग्रियां ली हैं और ज़ाहिर है कि इसमें भी अच्छा ख़ासा पैसा खर्च हुआ होगा। . लेकिन उनकी संपत्ति में आय से कई गुना अधिक की वृद्धि हुई है। हमने उनके तीन चुनाव शपथ पत्र निकालकर देखे हैं। कहां से आया पैसा? . चुनाव लड़ते वक़्त चुनाव आयोग के निर्देशानुसार संपत्तियों, कमाई और खर्च का जो विवरण डॉ रमन सिंह ने जमा किया है, यह सिर्फ़ उसका आकलन है। . इस आकलन के अनुसार वर्ष 2008 में उनके पास एक करोड़, चार लाख की संपत्ति थी। . उस समय तक रमन सिंह मुख्यमंत्री के रूप में एक कार्यकाल पूरा कर चुके थे। . लेकिन अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने ऐसा कुछ उल्लेखनीय करना शुरु किया जिससे कि उनकी संपत्ति अगले चुनाव तक यानी वर्ष 2013 तक बढ़कर पांच करोड़ 61 लाख हो चुकी थी। . वर्ष 2008 से वर्ष 2013 तक रमन सिंह की संपत्ति पांच गुने से अधिक बढ़ गई। . मुख्यमंत्री के रूप में तीसरे कार्यकाल के समाप्त होने तक यानी वर्ष 2018 में उन्होंने चुनाव आयोग को बताया कि उनकी संपत्ति दो गुना होकर 10 करोड़ 72 लाख हो चुकी थी। . यह स्थिति तब है जब उनकी आय अत्यंत सीमित थी. वर्ष 2012-13 में उन्होंने जो आयकर रिटर्न भरा था उसके अनुसार उनकी आय 14 लाख 60 हज़ार के क़रीब थी. इसी दौरान उनकी पत्नी की आय 12 लाख 52 हज़ार के क़रीब थी। . वर्ष 2013 में रमन सिंह पर 28 लाख से अधिक का कर्ज़ था. लेकिन वह भी उन्होंने पांच साल के भीतर चुका दिया था क्योंकि वर्ष 2018 के चुनाव में उन्होंने बताया है कि उन पर कुल देनदारी तीन हज़ार रुपए ही बची थी। . यह इतना बड़ा कर्ज़ उन्होंने कैसे चुकाया? . इतनी कम आय में संपत्तियाँ दस गुना कैसे बढ़ी यह जांच का विषय है? क्या मुख्यमंत्री की कुर्सी ने उगला सोना चांदी? . वर्ष 2008 से 2018 तक के विवरण को यदि आप सरसरी तौर पर भी देखें तो आपको लगेगा कि पता नहीं रमन सिंह और उनकी पत्नी को ऐसा कौन सा पारस पत्थर मिल गया था कि उनके पास सोना और चांदी की मात्रा बेतहाशा बढ़ती रही। . 2008 के चुनाव के वक्त रमन सिंह के पास 23 तोला सोना था जो वर्ष 2013 के चुनाव तक बढ़कर 55 तोला हो चुका था. इसकी क़ीमत भी बढ़कर पांच लाख से 26.40 लाख हो चुकी थी। . इसी अवधि में रमन सिंह की पत्नी श्रीमती वीणा सिंह के पास सोना चार गुना बढ़ चुका था। . चुनावी शपथ पत्र के अनुसार श्रीमती वीणा सिंह के पास सोना 55 तोले से बढ़कर 217 तोला हो गया था. यानी 2013 के चुनाव तक श्रीमती सिंह के पास दो किलो से अधिक सोना हो चुका था। . क़ीमत के अनुसार देखें तो 7.5 लाख रुपए के सोने से वे 80.80 लाख के सोने तक पहुंच चुकी थीं। . पति पत्नी दोनों की आय लगभग 27 लाख रुपए सालाना थी लेकिन उनकी संपत्ति पांच गुना बढ़कर एक करोड़ से पांच करोड़ हो चुकी थी। . 2008 से 2013 के बीच श्रीमती वीणा सिंह के पास सिर्फ़ सोना ही नहीं बढ़ा चांदी भी आठ किलो से बढ़कर 18 किलो हो चुका था। . वैसे सोना तो श्रीमती सिंह के पास 2013 से 2018 तक भी बढ़ता रहा और जब रमन सिंह की पार्टी का छत्तीसगढ़ से सफ़ाया हुआ तो उनके पास 235 तोला सोना था. यानी दो किलो 350 ग्राम सोना. इसकी क़ीमत उस वक़्त 90 लाख रुपए आंकी गई है। बैंक में पैसा बढ़ता गया . वर्ष 2008 से 2018 तक का आकलन करें तो आप पाएंगे कि सीमित आय और पारिवारिक ज़िम्मेदारियों के बावजूद रमन सिंह और उनकी पत्नी के बैंक खातों में जमा धन राशि भी दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ती रही। . मुख्यमंत्री के रूप में पहला कार्यकाल पूरा करने के बाद यानी वर्ष 2008 में सिंह दंपत्ति के पास बैंक खातों में कुल पांच लाख 43 हज़ार रुपए थे। लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में पहला कार्यकाल पूरा होते होते तक उनके खातों में 61 लाख 61 हज़ार रुपए जमा हो चुके थे। . तीसरा कार्यकाल पूरा करते तक उनके खातों में लगभग 1.40 करोड़ रुपए जमा हो चुके थे। कहां से आए करोड़ों अभिषेक सिंह के पास . रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह ने 33 वर्ष की उम्र में पहली बार चुनाव लड़ा। . उन्होंने अपने चुनावी शपथ पत्र में लिखा है कि उनकी वार्षिक आय उस समय 19.89 लाख रुपए थी जबकि उनकी कुल परिसंपत्तियां तीन करोड़ से अधिक की हैं। . डॉ रमन सिंह को छत्तीसगढ़ की जनता को बताना चाहिए कि अभिषेक सिंह ऐसे किस काम से जुड़े हुए थे जिसकी वजह से उनकी आय इस तरह बढ़ रही थी और वे करोड़ों के मालिक बन चुके थे। अविभाजित हिंदू परिवार भी समृद्ध . इन दस वर्षों में सिर्फ़ रमन सिंह और वीणा सिंह ही नहीं अविभाजित हिंदू परिवार (एचयुएफ) की संपत्ति भी दनादन लगातार बढ़ती रही। . जब रमन सिंह की परिसंपत्तियों की जांच हो तो उनके एचयुएफ खातों और आय के साधनों की भी जांच होनी चाहिए। आय से अधिक संपत्ति की जांच होनी चाहिए . रमन सिंह की घोषित संपत्ति जिस तरह से बढ़ी है वह आय से अधिक संपत्ति का मामला है। . दस साल में एक करोड़ से दस करोड़ की संपत्ति का होना साबित करता है कि घोटालों के जो आरोप अब तक रमन सिंह पर लगे हैं वे एकदम सही आरोप हैं और इन्हीं घोटालों से रमन सिंह और उनके परिवार ने जमकर पैसे बनाए हैं। . वर्ष 2008 से 2013 के बीच यानी रमन सिंह जी के दूसरे कार्यकाल में सबसे अधिक घोटाले हुए और इसी बीच रमन सिंह की संपत्ति भी बेतहाशा बढ़ी। . घोटालों और संपत्ति में बढ़ोत्तरी का समीकरण सीधा है और इसकी जांच होनी चाहिए। . इस पूरे मामले की शिकायत ईओडब्लू और प्रधानमंत्री कार्यालय से की जा चुकी है। . कांग्रेस पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से अनुरोध करती है कि वे ‘न खाउंगा न खाने दूंगा’ के अपने वादे पर अमल करें और बहुत कुछ खाकर सत्ता खो चुके रमन सिंह के ख़लिफ़ भी जांच के आदेश दें। . कांग्रेस डॉ रमन सिंह से मांग करती है कि वे भी अपनी और अपनी पत्नी की संपत्ति में बेहिसाब बढ़ोत्तरी का हिसाब राज्य की जनता को दें।

  •  मुख्यमंत्री परिवार तक पहुंचा करोना वायरस !
    *बिग ब्रेकिंग* *मुख्यमंत्री परिवार तक पहुंचा करोना संक्रमण* *प्रदेश में करोना का कहर लगातार जारी है - राजभवन के बाद करोना वायरस अब मुख्यमंत्री निवास तक पहुंच गया है ! मुख्यमंत्री निवास के बाहर तैनात सुरक्षा गार्ड के बाद करोना वायरस ने बंगले के अंदर सेंधमारी कर दी है | विश्वस्त सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री परिवार का एक सदस्य करोना पॉजिटिव पाये जाने के बाद इलाज के लिए दिल्ली रवाना हो गया है ! इस खबर की पुष्टि मुख्यमंत्री आवास से आधिकारिक तौर पर नहीं की गई है | इससे पहले राजभवन में रसोईया सहित जवानों के करोना पॉजिटिव पाये जाने के कारण राजभवन को आम लोगों के आने जाने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया - उसके बाद नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल भी कारोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद इलाज करवा रहे हैं - ऐसे में अब प्रदेश के मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्य का करोना पॉजिटिव होना और इलाज के लिए दिल्ली जाना इस बात की ओर इशारा करता है कि करोना वायरस सावधानी में जरा सी चूक का इंतजार करता है और व्यक्ति को तुरंत अपनी जकड़ में ले लेता है | सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों सहित आम नागरिकों को सावधान रहना होगा | जरा सी लापरवाही कोविड-19 का शिकार बना सकती है |
  • स्कूल खोलने पर शासन का आश्चर्यजनक निर्णय
    *अब खुलेंगे स्कूल, 6 चरणों में होगी पढ़ाई, लागू होगा ऑड-ईवन नियम* खुशखबरी है। जल्द ही स्कूल वापस खुलेंगे। इसको लेकर एनसीईआरटी ने गाइडलाइंस जारी की है। कोरोना वायरस (Coronavirus) के बीच स्कूलों को दोबारा (School Re Opening) खोलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। एनसीईआरटी ने अपनी गाइडलाइंस का ड्राफ्ट (NCERT Guidelines Draft) सरकार को सौंप दिया है। इसके तहत बताया गया है कि स्कूल खुलने पर पढ़ाई का सिलसिला किस तरह शुरू होगा और बच्चों, पेरेंट्स व टीचर्स के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होगा। *इन छह चरणों में शुरू होगी पढ़ाई* 1. पहले चरण में 11वीं और 12वीं की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। 2. इसके एक हफ्ते बाद नौवीं और दसवीं की पढ़ाई शुरू होगी। 3. तीसरे चरण में दो हफ्ते बाद छठी से लेकर आठवीं तक की कक्षाएं शुरू होंगी। 4. इसके तीन हफ्ते बाद तीसरी से लेकर पांचवीं तक की पढ़ाई होने लगेंगी। 5. पांचवां चरण पहली और दूसरी कक्षाओं की शुरुआत का होगा। 6. छठे चरण में पांच हफ्ते बाद अभिभावकों की मंजूरी के साथ नर्सरी व केजी की कक्षाएं शुरू होंगी। हालांकि कंटेनमेंट जोन के स्कूल ग्रीन जोन बनने तक बंद ही रहेंगे। *अपनाए जाएंगे ये उपाय* - क्लास में स्टूडेंट्स के बीच 6 फीट की दूरी जरूरी होगी। एक कमरे में 30 या 35 बच्चे होंगे। - क्लासरूम के दरवाजे-खिड़कियां खुली रहेंगी और एसी नहीं चलाए जा सकेंगे। - बच्चे ऑड-ईवन के आधार पर बुलाए जाएंगे, लेकिन होम असाइनमेंट प्रतिदिन देना होगा। - बच्चे सीट न बदलें, इसके लिए डेस्क पर नाम लिखा होगा। रोज वहीं बैठना होगा। - कक्षाएं शुरू होने के बाद हर 15 दिन में बच्चे की प्रोग्रेस को लेकर पेरेंट्स से बात करनी होगी। - कमरे रोजाना सैनिटाइज हों, ये सुनिश्चित करना प्रबंधन का काम होगा. मॉर्निंग असेंबली और एनुअल फंक्शन जैसा कोई आयोजन नहीं होगा। - स्कूल में प्रवेश से पहले छात्रों और स्टाफ की स्क्रीनिंग होगी। स्कूल के बाहर खाने-पीने के स्टॉल नहीं लगाए जाएंगे। - बच्चों के लिए कॉपी, पेन, पेंसिल या खाना शेयर करने की मनाही होगी. बच्चों को अपना पानी साथ लाना होगा। - हर बच्चे के लिए मास्क पहनना जरूरी होगी. स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल न रखने पर बच्चे के पेरेंट्स को सूचित किया जाएगा। ये बातें भी रखनी होगी ध्यान - चिकित्सा, सुरक्षा या सफाई संबंधी कामों से जुड़े पेरेंट्स को इसकी सूचना पहले ही स्कूल को देनी होगी। - उन्हीं अभिभावकों को शिक्षकों से मिलने की अनुमति होगी जो फोन पर संपर्क करने की स्थिति में नहीं होंगे। - पेरेंट्स-टीचर्स मीटिंग नहीं होगी। ट्रांसपोर्ट को लेकर जल्द ही गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी। - जहां तक हॉस्टल की बात है तो वहां भी छह-छह फीट की दूरी पर बेट लगाने होंगे।
  • लाउडस्पीकर से पढ़ाई कराने सरपंचों का इंकार, बघेल अपनी योजनाओं को पहले ही साल में दम तोड़ते देखने वाले पहले मुख्यमंत्री होंगे

    नि:शुल्क पुस्तक और राशन के लिए बड़ी संख्या में बच्चों का स्कूल आना विस्फोटक। मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग आदि किसी गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा : भाजपा

    लाउडस्पीकर से पढ़ाई कराने सरपंचों का इंकार, बघेल अपनी योजनाओं को पहले ही साल में दम तोड़ते देखने वाले पहले मुख्यमंत्री होंगे

    कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन नहीं करने पर प्रदेश सरकार और कांग्रेस पर भी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने साधा निशाना


    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय ने कहा कि कोरोना संक्रमण के इस भयावह दौर में भी स्कूली बच्चों का  पुस्तक और राशन लेने स्कूल आने पर गम्भीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के लिए तय गाइडलाइन का पालन नहीं किया जाना बच्चों की सुरक्षा पर गम्भीर संकट उत्पन्न कर सकता है। श्री साय ने लाउडस्पीकर से बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था से सरपंचों के इंकार के बाद प्रदेश सरकार की इस योजना भी मिट्टी पलीद होने पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अब अपनी रोका-छेका, पौनी-पसारी बाजार, गौठान, नरवा-गरुवा-घुरवा-बारी आदि योजनाओं को पहले ही साल में विफल होकर दम तोड़ते देखने वाले देश के पहले मुख्यमंत्री होंगे। यह प्रदेश सरकार की राजनीतिक व प्रशासनिक अपरिपक्वता का क़दम-क़दम पर परिचय देने वाली शर्मनाक स्थिति है।
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि शनिवार को पुस्तकें आदि लेने स्कूलों में बच्चे बिना मास्क पहने हुए पहुँच रहे और इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं हो रहा। इससे कोरोना के संक्रमण का ख़तरा बढ़ने की आशंका को शासन-प्रशासन ने अनदेखा करके कोविड-19 के लिए तय गाइडलाइन का खुला उल्लंघन किया है। जबकि कोरोना संक्रमण से बच्चों को विशेष तौर पर सुरक्षित रखने की ज़रूरत है। श्री साय ने इस बात के लिए भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा कि यदि उसने बदलापुर की राजनीति के चलते पूर्ववर्ती भाजपा राज्य सरकार की मोबाइल वितरण योजना को बंद करने का फैसला नहीं लिया होता तो आज वही मोबाइल ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई में सहायक सिद्ध होते जो आज मोबाइल नहीं होने के कारण ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित हैं। आज संकट के दौर में कई तरह की नौटंकियाँ शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रदेश सरकार कर रही है, लेकिन व्यावहारिक दिक्कतों पर उसका ध्यान नहीं जा रहा है और इसीलिए पढ़ाई तुहँर दुआर जैसी योजना भी दम तोड़ रही है।
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने प्रदेश सरकार और कांग्रेस के नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब शासन के स्तर पर ज़िम्मेदार सत्ताधीश ही इस गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं तो फिर किसी अन्य से इसके पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है? प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया के शनिवार को रायपुर पहुँचने पर एयरपोर्ट, मुख्यमंत्री निवास और कांग्रेस कार्यालय में सैकड़ों लोगों का जमावड़ा कोविड-19 की गाइडलाइन का खुला उल्लंघन माना जाएगा जहाँ मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन फिर नहीं हुआ। श्री साय ने इस बात पर हैरत जताई कि प्रदेश सरकार के पास अपनी सियासी नौटंकियों और निगम-मंडलों की नियुक्ति जैसे ग़ैर ज़रूरी विषयों पर चर्चा करने के लिए बैठकें बुलाने का समय है लेकिन कोरोना के इस संकटकाल में इस महामारी से निपटने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाकर चर्चा करने का वक़्त नहीं है। प्रदेश सरकार के इस रवैए से एकदम साफ है कि वह प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के प्रति लापरवाह हो प्रदेश के जनस्वास्थ्य से क्रूर खिलवाड़ कर रही है।

  • अगले 24 घंटों के दौरान भारी वर्षा के साथ व्यापक तौर पर वर्षा होने की संभावना - भारतीय मौसम विभाग
    भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केन्द्र/ क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्रनई दिल्ली के अनुसार 
     
    गुजरात राज्य, कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र (घाट क्षेत्रों) में अगले 24 घंटों के दौरान भारी वर्षा के साथ व्यापक तौर पर वर्षा होने की संभावना है और उसके बाद इसमें कमी आ सकती है

    भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केन्द्र/ क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्रनई दिल्ली के अनुसार :

    • मानसून गर्त सक्रिय है और दक्षिण में अपनी सामान्य स्थिति में है। इसके पश्चिमी छोर के जल्द ही  8 अगस्त2020 से धीरे-धीरे उत्तर से हिमालय की तलहटी की ओर खिसकने की संभावना है।
    • निम्न दबाव का क्षेत्र अब दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के साथ-साथ निम्न चक्रवाती स्तरों तक फैले चक्रवाती परिसंचरण से जुड़ रहा है। कल7 अगस्त2020 तक इसके कमजोर होने की संभावना है।
    • मध्य और क्षोभमंडलीय स्तरों पर उत्तरी कोंकण और उनसे सटे इलाकों में एक चक्रवाती वायु का दबाव बना हुआ है और इसका झुकाव दक्षिण-पश्चिम वार्डों को तरफ है।
    • 50-60 किमी प्रति घंटे तक हवाओं की गति के साथ और क्षोभमंडल स्तरों पर पश्चिमी तट के साथ अरब सागर के ऊपर तेज दक्षिण-पश्चिम / पश्चिमी मानसूनी हवाएं  चलने की संभावना है,  जिनके 8 अगस्त 2020 तक जारी रहने की संभावना है।
    • अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के चलने की संभावना है।

    उपरोक्त मौसम संबंधी परिस्थितियों के प्रभाव में,

    1. गुजरात राज्यकोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र (घाट क्षेत्रों) में अगले 24 घंटों के दौरान भारी वर्षा के साथ व्यापक तौर पर वर्षा होने की संभावना है और उसके बाद इसमें कमी आ सकती हैआज06 अगस्त को गुजरात राज्य में भारी बारिश होने की संभावना है।
    2. अगले 4-5 दिनों के दौरान तमिलनाडुकेरल और कर्नाटक के दक्षिण आतंरिक तथा तटीय इलाकों में  भारी बारिश होने की संभावना है। आज यानि 6 अगस्त को कर्नाटक के तटीय इलाकों में6 से 8 अगस्त के बीच तमिलनाडु के घाट वाले इलाकों में और 6 अगस्त से 09 अगस्त को केरल एवं महे. में  भारी बारिश होने की संभावना है।

     

     9 अगस्त2020 के आसपास पश्चिम बंगाल और इससे सटे उत्तरी खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 9 अगस्त से पूर्व और मध्य भारत में बारिश के बढ़ने की संभावना है। ओडिशाछत्तीसगढ़मध्य प्रदेश और विदर्भ में 9 से 12 अगस्त2020 तक बड़े पैमाने पर भारी व्यापक रूप से बहुत भारी बारिश  होने की संभावना है।

    पूर्वानुमान और चेतावनी

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    • भारीवर्षा:  64.5-115.5 एमएम/दिनछिटपुट वर्षाभारी वर्षा: 115.6-204.4 एमएम/दिनअत्यधिक भारी बारिश: उससे अधिक या 204.5 मिमी / दिन के बराबर

    •          ज्यादा जानकारी और अनुमान के लिए आईएमडीनई दिल्ली की वेबसाइट पर जाएं www.rsmcnewdelhi.imd.gov.in औरwww.mausam.imd.gov.in

  • ED के दफ्तर पहुंची रिया चक्रवर्ती, एक घंटे से थाने में

    रिया चक्रवर्ती के वकील ने ईडी से गुहार की थी कि जब तक सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है, तब तक इस मामले में ईडी उनसे पूछताछ नहीं करें. मगर ईडी ने उनके एप्लिकेशन को रिजेक्ट कर दिया हैएफआईआर की कॉपी सवाल संख्या 5 में सुशांत सिंह राजपूत के पिता बिहार पुलिस जरिए सुशांत सिंह राजपूत के बैंक अकाउंट के ट्रांजेक्शन के बारे में जानना चाहते हैं. इस बारे में उन्होंने पूछा है: मुझे अपने बेटे के बैंक स्टेमेंट से पता चला कि पिछले एक साल में मेरे बेटे के अकाउंट में 17 करोड़ रुपये थे. इस दौरान उस अकाउंट से 15 करोड़ रुपये निकले गए. इस अकाउंट से रुपये ऐसे अकाउंट में ट्रांसफर हुए हैं जिनसे मेरे बेटे का कोई लेने देना नहीं था. मेरे बेटे के इस खाते के बारे में पता लगाया जाए कि कितने रुपये रिया चक्रवर्ती और उनके परिवारवालों के लिए ट्रांसफर किया गया है.रिया के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर में सुशांत सिंह राजपूत के पिता के.के. सिंह ने बताया: मेरा बेटा फिल्म लाइन को छोड़ कर केरल में ऑर्गेनिक खेती करने के प्लान में था, मगर रिया चक्रवर्ती को इस बारे में पता चला कि सुशांत ऐसा करने वाला है, तब रिया ने सुशांत को धमकी दी कि वह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सबको उनके मानसिक बीमारी के बारे में बता देंगी. बाद में जब रिया को यह पता चला कि सुशांत के पैसे खत्म होने वाले हैं, तब फौरी तौर पर रिया ने सुशांत के सारे डीटेल्स, कीमती सामान, बैंक के कागजात और पासवर्ड लेकर चली गईं और सुशांत का नंबर फोन से ब्लॉक कर दिया.

  • नई नीति का लक्ष्य भारत के स्कूलों और उच्च शिक्षा प्रणाली में इस तरह के सुधार करना है कि देश दुनिया में ज्ञान की ‘सुपरपॉवर’ कहलाए.

    पीएम मोदी ने कहा कि ये भी खुशी की बात है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति आने के बाद देश के किसी भी क्षेत्र से, किसी भी वर्ग से ये बात नहीं उठी कि इसमें किसी तरह का बायस है, या किसी एक ओर झुकी हुई है. कुछ लोगों के मन में ये सवाल आना स्वभाविक है कि इतना बड़ा रिफॉर्म कागजों पर तो कर दिया गया, लेकिन इसे जमीन पर कैसे उतारा जाएगा. यानि अब सबकी निगाहें इसके इंप्लीमेंटेशन की तरफ हैं.

     

    पीएम मोदी बोले कि आज देशभर में इसकी व्यापक चर्चा हो रही है. अलग-अलग क्षेत्र के लोग, अलग-अलग विचारधाराओं के लोग, अपने व्यूज दे रहे हैं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति को रिव्यू कर रहे हैं. ये एक हेल्दी डिबेट है, ये जितनी ज्यादा होगी, उतना ही लाभ देश की शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा. जितनी ज्यादा जानकारी स्पष्ट होगी फिर उतना ही आसान इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति का इंमप्लीमेंटेशन भी होगा.

     

    3-4 साल के व्यापक विचार-विमर्श के बाद शिक्षा नीति को स्वीकृत किया गया

     

    प्रधानमंत्री ने कहा कि 3-4 साल के व्यापक विचार-विमर्श के बाद, लाखों सुझावों पर लंबे मंथन के बाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति को स्वीकृत किया गया है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संदर्भ में आज का ये कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है. इस कॉन्क्लेव से भारत के एजुकेशन वर्ल्ड को राष्ट्रीय शिक्षा नीति- राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी.

     

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 21वीं सदी के भारत की

     

    पीएम ने कहा कि भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति का आधार भी यही सोच है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 21वीं सदी के भारत की, नए भारत की आधारशिला तैयार करने वाली है. बीते अनेक वर्षों से हमारे एजुकेशन सिस्टम में बड़े बदलाव नहीं हुए थे. परिणाम ये हुआ कि हमारे समाज में क्यूरियोसिटी और इमैजिनेशन की वैल्यूज को प्रमोट करने के बजाय भेड़ चाल को प्रोत्साहन मिलने लगा था.

     

    पीएम मोदी बोले- मैं पूरी तरह से आपके साथ हूं

     

    पीए मोदी बोले कि हर देश, अपनी शिक्षा व्यवस्था को अपनी नेशनल वैल्यूज के साथ जोड़ते हुए, अपने नेशनल गोल्स के अनुसार रिफॉर्म करते हुए चलता है. मकसद ये होता है कि देश का एजुकेशन सिस्टम, अपनी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को फ्यूचर रेडी रखे, फ्यूचर रेडी करें. उन्होंने कहा कि आप सभी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के इंप्लीमेंटेशन से सीधे तौर पर जुड़े हैं और इसलिए आपकी भूमिका बहुत ज्यादा अहम है. जहां तक पॉलिटिकल विल की बात है, मैं पूरी तरह कमिटेड हूं, मैं पूरी तरह से आपके साथ हूं.

     

    पीएम ने कहा कि इस बात में कोई विवाद नहीं है कि बच्चों के घर की बोली और स्कूल में पढ़ाई की भाषा एक ही होने से बच्चों के सीखने की गति बेहतर होती है. ये एक बहुत बड़ी वजह है जिसकी वजह से जहां तक संभव हो, 5वीं क्लास तक, बच्चों को उनकी मातृभाषा में ही पढ़ाने पर सहमति दी गई है.

     

    सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति का स्वरूप तय किया गया है
    शिक्षा नीति के बारे में विस्तार से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जड़ से जग तक, मनुज से मानवता तक, अतीत से आधुनिकता तक, सभी बिंदुओं का समावेश करते हुए, इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति का स्वरूप तय किया गया है.इसके हिसाब से भारत का एजुकेशन सिस्टम खुद में बदलाव करे, ये भी किया जाना बहुत जरूरी था. स्कूल करिकुलम के 10+2 स्ट्रक्चर से आगे बढ़कर अब 5+3+3+4 करिकुलम का स्ट्रक्चर देना, इसी दिशा में एक कदम है.

     

    पीए मोदी ने कहा कि आज गुरुवर रबींद्रनाथ ठाकुर की पुण्यतिथि भी है. वो कहते थे- 'उच्चतम शिक्षा वो है जो हमें सिर्फ जानकारी ही नहीं देती बल्कि हमारे जीवन को समस्त अस्तित्व के साथ सद्भाव में लाती है.' निश्चित तौर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति का वृहद लक्ष्य इसी से जुड़ा है. हमारे स्टूडेंट्स में, हमारे युवाओं में क्रिटिकल और इनोवेटिव एबिलिटी विकसित कैसे हो सकती है, जबतक हमारी शिक्षा में पैशन ना हो, फिलॉसफी ऑफ एजुकेशन ना हो, पर्पस ऑफ एजुकेशन ना हो.

     

    पीएम ने कहा- हर स्टूडेंट को पैशन को फॉलो करने का अवसर मिलना ही चाहिए

     

    प्रधानमंत्री ने कहा कि हर स्टूडेंट को ये अवसर मिलना ही चाहिए कि वो अपने पैशन को फॉलो करे. वो अपनी सुविधा और जरूरत के हिसाब से किसी डिग्री या कोर्स को फॉलो कर सके और अगर उसका मन करे तो वो छोड़ भी सके.
    अब कोशिश ये है कि बच्चों को सीखने के लिए इन्क्वायरी बेस्ड, डिस्कवरी बेस्ड, डिस्कशन बेस्ड, और एनालिसिस बेस्ड तरीकों पर जोर दिया जाए. इससे बच्चों में सीखने की ललक बढ़ेगी और उनके क्लास में उनका पार्टिसिपेशन भी बढ़ेगा.

     

    हाउ टू थिंक पर बेस्ड है ये नीति
    पीएम ने कहा कि अभी तक जो हमारी शिक्षा व्यवस्था है, उसमें व्हाट टू थिंक पर फोकस रहा है. जबकि इस शिक्षा नीति में हाउ टू थिंक पर बल दिया जा रहा है. ये मैं इसलिए कह रहा हूं कि आज जिस दौर में हम हैं, वहां इनफॉर्मेशन और कंटेंट की कोई कमी नहीं है.

     

    शिक्षा नीति में स्टूडेंट एजुकेशन और डिग्निटी ऑफ लेबर पर किया गया काम

     

    नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब गांवों में जाएंगे, किसान को, श्रमिकों को, मजदूरों को काम करते देखेंगे, तभी तो उनके बारे में जान पाएंगे, उन्हें समझ पाएंगे, उनके श्रम का सम्मान करना सीख पाएंगे. इसलिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्टूडेंट एजुकेशन और डिग्निटी ऑफ लेबर पर बहुत काम किया गया है.
    हायर एजुकेशन को स्ट्रीम्स से मुक्त करने, मल्टीपल एंट्री और एग्जिट, क्रेडिट बैंक के पीछे यही सोच है. हम उस एरा की तरफ बढ़ रहे हैं जहां कोई व्यक्ति जीवन भर किसी एक प्रोफेशन में ही नहीं टिका रहेगा. इसके लिए उसे निरंतर खुद को री-स्किल और अप-स्किल करते रहना होगा.

     

    वर्चुअल लैब जैसे कॉन्सेप्ट होंगे इसका हिस्सा
    पीएम मोदी ने कहा कि जब इंस्टीट्यूशंस और इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी ये रिफॉर्म्स, रिफ्लेक्ट होंगे, तभी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अधिक प्रभावी और त्वरित गति से इंप्लीमेंट किया जा सकेगा.
    वर्चुअल लैब जैसे कॉन्सेप्ट ऐसे लाखों साथियों तक बेहतर शिक्षा के सपने को ले जाने वाला है, जो पहले ऐसे सबजेक्ट्स पढ़ ही नहीं पाते थे जिसमें लैब एक्सपेरिमेंट जरूरी हो.

     

    हमें टेक्नोलॉजी का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना है- पीएम
    प्रधानमंत्री ने कहा कि अब टेक्नोलॉजी ने हमें बहुत तेजी से, बहुत अच्छी तरह से, बहुत कम खर्च में, समाज के आखिरी छोर पर खड़े स्टूडेंट तक पहुंचने का माध्यम दिया है. हमें इसका ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना है.21वीं सदी के भारत से पूरी दुनिया को बहुत अपेक्षाएं हैं. भारत का सामर्थ्य है की कि वो टैलेंट और टेक्नॉलॉजी का समाधान पूरी दुनिया को दे सकता है हमारी इस जिम्मेदारी को भी हमारी एजुकेशन पॉलिसी एड्रेस करती है.

     

    शिक्षा नीति में डिग्निटी ऑफ टीचर्स का भी विशेष ध्यान रखा गया
    शिक्षा व्यवस्था में बदलाव, देश को अच्छे स्टूडेंट्स, अच्छे प्रोफेशनल्स और उत्तम नागरिक देने का बहुत बड़ा माध्यम आप सभी टीचर्स ही हैं, प्रोफेसर्स ही हैं. इसलिए नेशनल एजुकेशन पॉलिसी-राष्ट्रीय शिक्षा नीति में डिग्निटी ऑफ टीचर्स का भी विशेष ध्यान रखा गया है.
    गुड-क्वालिटी एजुकेशन का रास्ता इन दोनों मतों के बीच में है. जो संस्थान क्वालिटी एजुकेशन के लिए ज्यादा काम करे, उसको ज्यादा फ्रीडम से रिवार्ड किया जाना चाहिए. इससे क्वालिटी को प्रोत्साहन मिलेगा और सबको ग्रो करने के लिए इंसेंटिव भी मिलेगा.

  • लॉक डाउन समाप्त - दुकानों के खोलने और बंद करने का समय निर्धारित -

    राजधानी रायपुर में अब लॉकडाउन आगे नहीं बढ़ेगा -
    दुकानों के खोलने और बंद करने का समय निर्धारित -
    रविवार को सभी व्यवसाय बंद रहेंगे -
    दुकानदारों को 50 मास्क रखने की अनिवार्यता -

                                     16 दिन के लॉक डाउन के बाद सरकार ने व्यापारियों की मांग पर लॉक डाउन समाप्त करके जनजीवन को सामान्य रूप से पटरी पर लाने की पहल की है - 7 अगस्त से सभी व्यवसाय खुलेंगे - राजधानी के कलेक्टर एस भारतीदासन ने इसकी जानकारी  मीडिया को दी --

     अब देखना यह है कि शासन प्रशासन कि इस ढील के बाद व्यापारी और नागरिक खेड़ी बिक्री के समय करोना वायरस से बचाव के लिए सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का कितना पालन करते हैं - 

    यदि लॉक डाउन समाप्त समाप्त करने के बाद करोना वायरस महामारी का प्रकोप काम नहीं हुआ तो सरकार फिर से सख्ती कर सकती है ! उपरोक्त फैसला व्यापारिक संगठन और जिला प्रशासन की बैठक में लिया गया है- 

    दुकानों के खुलने का निर्धारित समय निम्नानुसार है 
    सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक – सब्जी, डेयरी, मटन, मछली की दुकानें खुलेंगी
    सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक – किराना, जनरल, प्रोविजन की दुकानें
    दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक – अन्य समस्त व्यवसाय खुलेंगे -
    सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक- रेस्टोरेन्ट होटल में बैठकर खाना खा सकेंगे
    रात 8 बजे से रात 10 बजे तक – खाने की होम डिलीवरी होगी
    सुबह 6 से 9 बजे तक और शाम 5 से रात 8 बजे तक – ठेले पर खाद्य सामग्री (गुपगुच, मोमोस, चाट आदि)
    रविवार को सिर्फ सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक- डेयरी की दुकान खुलेगी - cg24news

  • *अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड की 7 अगस्त को आयोजित लोक सुनवाई आगामी आदेश तक स्थगित*

    परियोजना मेसर्स अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड की 7 अगस्त को आयोजित लोक सुनवाई आगामी आदेश तक स्थगित

    रायपुर 05 अगस्त 2020/ कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन ने नायब तहसीलदार, खरोरा तथा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खरोरा के प्रतिवेदन के आधार पर आगामी 07 अगस्त को आयोजित होने वाली लोक सुनवाई को स्थगित कर दिया है।ज्ञात हो कि परियोजना मेसर्स अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड (यूनिट वैकुंठ सीमेंट वस), पास्ट बैकुंठ, जिला रायपुर (छ.ग.) के द्वारा ग्राम खरोरा एवं केसला, तहसील तिल्दा, जिला रायपुर में प्रस्तावित केसला लाईम स्टोन माईन ब्लॉक की स्थापना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु लोक सुनवाई 07 अगस्त को स्पोर्ट्स स्टेडियम,उप तहसील कार्यालय खरोरा के पास में रखा गया था। इस लोक सुनवाई में लगभग एक हज़ार लोगों के सम्मिलित होने की संभावना व्यक्त की गई थी। कोरोना संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए आगामी आदेश तक लोक सुनवाई को स्थगित किया गया है।

    यहां यह उल्लेख करना भी अति आवश्यक है कि विगत दिनों बलौदा बाजार के विधायक प्रमोद कुमार शर्मा द्वारा इस जनसुनवाई का विरोध किया गया था -