Top Story
  • समाचार प्रकाशन और प्रसारण के लिए प्रेस क्लब जिम्मेदार नहीं -दामु आम्बेडारे
    समाचार प्रकाशन और प्रसारण के लिए प्रेस क्लब जिम्मेदार नहीं -दामु आम्बेडारे रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब परिसर में एक व्यक्ति द्वारा कीटनाशक पीकर खुदकुशी करने की कोशिश को दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष दामु आम्बेडारे ने स्पष्ट किया है कि रायपुर प्रेस क्लब लोगों को अपनी बात मीडिया के सामने रखने के लिए स्थान उपलब्ध कराता है। लेकिन कॉन्फ्रेंस का समाचार प्रकाशित, प्रसारित करना अथवा न करना मीडिया संस्थान के विवेक पर निर्भर करता है। कॉन्फ्रेंस आयोजकों को इस तथ्य से अवगत करा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि किसी को भी अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन यह मीडिया संस्थान पर निर्भर करता है कि वे समाचार के संबंध में क्या निर्णय लेते हैं। इस तरह के कदम उठाए जाने का कोई औचित्य नहीं है। घटना से रायपुर प्रेस क्लब का कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने कहा कि मानवीयता की दृष्टि से रायपुर प्रेस क्लब अपील करता है कि कोई भी इस तरह का कदम न उठाए।
  • समाचार प्रकाशन और प्रसारण के लिए प्रेस क्लब जिम्मेदार नहीं -दामु आम्बेडारे
    समाचार प्रकाशन और प्रसारण के लिए प्रेस क्लब जिम्मेदार नहीं -दामु आम्बेडारे रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब परिसर में एक व्यक्ति द्वारा कीटनाशक पीकर खुदकुशी करने की कोशिश को दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष दामु आम्बेडारे ने स्पष्ट किया है कि रायपुर प्रेस क्लब लोगों को अपनी बात मीडिया के सामने रखने के लिए स्थान उपलब्ध कराता है। लेकिन कॉन्फ्रेंस का समाचार प्रकाशित, प्रसारित करना अथवा न करना मीडिया संस्थान के विवेक पर निर्भर करता है। कॉन्फ्रेंस आयोजकों को इस तथ्य से अवगत करा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि किसी को भी अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन यह मीडिया संस्थान पर निर्भर करता है कि वे समाचार के संबंध में क्या निर्णय लेते हैं। इस तरह के कदम उठाए जाने का कोई औचित्य नहीं है। घटना से रायपुर प्रेस क्लब का कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने कहा कि मानवीयता की दृष्टि से रायपुर प्रेस क्लब अपील करता है कि कोई भी इस तरह का कदम न उठाए।
  • इमरान के नए पाकिस्तान में लगी ऐसी आग, 60 रुपये गेंहूं और 30 रुपये का बिक रहा एक अंडा

    पड़ोसी मुल्क पाक में करीब पच्चीस फीसदी लोग अभी भी बीपीएल (गरीबी रेखा) से नीचे अपना जीवन यापन कर रहे हैं. ऐसी स्थिति में रोजमर्रा की जरूरतों के हर सामान की कीमत पाकिस्तान में आसमान छू रही है.

    कोरोना वायरस के संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में महंगाई की ऐसी मार पड़ी है कि आम लोगों की कमर टूट रही है. इमरान खान के सत्ता में आने के बावजूद वह अर्थव्यवस्था में सुधार करने में नाकाम रहे हैं. वहां की हालत अब ऐसी हो चुकी है कि अदरक 1 हजार रुपये और गेंहू 60 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है. जबकि, वहां पर एक अंडा 30 रुपये का मिल रहा है.

     

    ऐसे में लोगों को अपनी जरूरत की रोजमर्रा की चीजों को पूरा करना भी संभव नहीं हो पा रहा है. पाकिस्तान में अगर आप थोक भाव से अंडा खरीदते हैं तो एक दर्जन के लिए 240 रुपये चुकाने होंगे. इतना नहीं नहीं, चिकन 300 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है.

     

    पड़ोसी मुल्क पाक में करीब पच्चीस फीसदी लोग अभी भी बीपीएल (गरीबी रेखा) से नीचे अपना जीवन यापन कर रहे हैं. ऐसी स्थिति में रोजमर्रा की जरूरतों के हर सामान की कीमत पाकिस्तान में आसमान छू रही है. पाकिस्तान में चीनी 104 रुपये प्रति किलो बिक रही है. घरेलू गैस संकट से जूझ रहे इमरान खान के नए पाकिस्तान में लोगों को दो वक्त का खाना भी नसीब नहीं हो रहा है.

     

    पाकिस्तान इन दिनों खाद्यान्न के भारी संकट से गुजर रहा है. जबकि,  दूसरी तरफ घरेलू गैस संकट भी वहां विकराल रूप ले रहा है. इमरान सरकार की हालत ऐसी हो चुकी है कि चीनी और आटे की कीमतों को कंट्रोल करने के लिए पीएम इमरान खान को लगातार कैबिनेट की मीटिंग बुलानी पड़ रही है.

  • 25 दिसंबर को किसानों के खाते में 18000 करोड़ रुपए भेजेंगे पीएम मोदी, छह राज्यों के किसानों से बात भी करेंगे

    25 दिसंबर को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त सीधे किसानों के खाते में भेजी जाएगी. नौ करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों को इसका लाभ मिलेगा.

    पीएम नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के तहत वित्तीय लाभ की अगली किस्त 25 दिसंबर को दोपहर 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जारी करेंगे. एक बटन को दबाने के साथ, प्रधानमंत्री 18000 करोड़ रुपये से अधिक का हस्तांतरण किसानों को करेंगे. 9 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों को 18,000 करोड़ रुपए का लाभ मिलेगा.

     

    आयोजन के दौरान छह अलग-अलग राज्यों के किसानों के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत भी होगी. किसानों ने पीएम-किसान के साथ और किसानों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा की गई विभिन्न अन्य पहलों पर अपने अनुभव साझा किए हैं. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद सिंह तोमर भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे.

     

    पीएम किसान योजना के बारे में जानें

     

    पीएम किसान योजना के तहत, पात्र लाभार्थी किसानों को रुपए 6000 प्रति वर्ष का वित्तीय लाभ प्रदान किया जाता है, जो कि रुपए 2000 की तीन समान किस्तों में दिया जाता है. फंड सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाता है.

  • भारतीय जनता पार्टी ने माता कौशल्या के अस्तित्व को नकारा - कांग्रेस
    माता कौशल्या के जन्म स्थान पर सवाल खड़ा कर भाजपा ने उनका अस्तित्व नकारने का प्रयास किया रायपुर/18 दिसंबर 2020। कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जो लोग कल तक राम के नाम पर चंदे और वोटों के धंधे का कारोबार करते थे आज माता कौशल्या के जन्म स्थान पर प्रश्न खड़ा करके उनके अस्तित्व को ही नकार रहे हैं। आज एक समाचार चैनल में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने यह बयान दिया है कि माता कौशल्या का जन्म चंदखुरी में नहीं हुआ था, बहुत संभव है कल को अजय चंद्राकर यह भी दावा कर दें कि प्रभु राम का जन्म अयोध्या में नहीं हुआ था। कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, विष्णु देव साय से यह पूछा है क्या अजय चंद्राकर के उक्त बयान में इन तीनों की सहमति भी शामिल है? माता कौशल्या के जन्म स्थान पर सवाल खड़ा करके भारतीय जनता पार्टी ने दरअसल छत्तीसगढ़ के विद्वान इतिहासकारों की विद्वता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही साथ उन्होंने यह भी जाहिर कर दिया है कि माता कौशल्या के प्रति उनके मन में कितनी आस्था है। डॉ रमन सिंह को प्रदेश की जनता को यह जवाब देना चाहिए कि क्या माता कौशल्या के प्रति भाजपा के मन में आस्था नहीं रहने के कारण ही अपने 15 वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने चंदखुरी स्थित मंदिर का जीर्णोद्धार नहीं किया? सत्ता जाने के बाद से 15 वर्षों तक कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार में लिप्त रही भारतीय जनता पार्टी के लोग अब मानसिक रूप से विक्षिप्त हो चुके हैं और उनका हिन्दू धर्म विरोधी चेहरा भी सामने आने लगा है। राज्य की भूपेश बघेल सरकार जिस तरीके से छत्तीसगढ़ी संस्कृति परंपरा को स्थापित करने का प्रयास कर रही है और माता कौशल्या के वैभव को पुनर्स्थापित कर उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास कर रही है। इसको देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के छाती पर सांप लोट रहा है। अपने आपको हिंदू धर्म का ठेकेदार बताने वाली पार्टी के नेता अब इस बात से विचलित हैं की माता कौशल्या का वैभव अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भूपेश बघेल सरकार स्थापित कर देती है तो फिर छत्तीसगढ़ में भाजपा का धर्म का धंधा और चंदे की दुकान दोनों बंद हो जाएगी। अन्यथा क्या वजह है कि अजय चंद्राकर का यह दिव्यज्ञान पिछले 15 वर्षों में सत्ता के रहते हुए कभी नहीं आया। भूपेश बघेल की सरकार बनने के 2 वर्षों में भी कभी नहीं आया। आज जब राम वन गमन पथ पर 2 ऐतिहासिक रथ यात्रा निकली और प्रदेश की जनता अपने भांजे प्रभु राम की पूजा अर्चना कर उनका आशीर्वाद लेने के लिए सड़कों पर उमड़ पड़ी तब भारतीय जनता पार्टी की बौखलाहट साफ सामने आ गई और अजय चंद्राकर जैसे वरिष्ठ नेता अब माता कौशल्या की जन्म स्थली पर सवाल उठाकर संभवत उनके अस्तित्व को ही नकार रहे हैं। सवाल तो यह भी उठता है कि अगर माता कौशल्या के अस्तित्व पर भाजपा सवाल उठा रही है तो फिर प्रभु राम के अस्तित्व पर सवाल अपने आप खड़े हो जाते हैं। कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से यह मांग की है कि माता कौशल्या और प्रभु राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले भाजपा नेता के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई करें। भारतीय जनता पार्टी के सभी नेताओं को प्रदेश की जनता से इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
  • दो साल में भूपेश सरकार की नीति व विजन क्या है स्पष्ठ नहीं - भाजपा

    छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ की जनता के विकास में बाधक प्रदेश सरकार के दो साल: विष्णुदेव साय

    0 दो साल में भूपेश सरकार की नीति व विजन क्या है स्पष्ठ नहीं।

    0 प्रदेश सरकार के दो साल विफलताओं, बदलापुर, राजनीति से प्रेरित और विकास में बाधक


    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने प्रदेश सरकार के 2 वर्ष के कार्यकाल को विफल और छत्तीसगढ़ के विकास में बाधक बताते हुए निराशा व्यक्त की हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि जिस कलेवर, जिस फ्लेवर और जिस अंदाज में कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में प्रदेश की जनता से गंगा जल की कसम खा कर लुभावने वादे किए थे वे सभी कसमें वादे सरकार के 2 साल में ही झूठे साबित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के 2 साल निराशाजनक ही नहीं बल्कि राजनीति से प्रेरित बदलापुर से ओतप्रोत, अपने मुंह मियां मिट्ठू बनने में बीते हैं। प्रदेश की जनता आज इस बात को महसूस कर रही हैं कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार विकास करने, नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने वाली नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ की जनता के विकास में बाधक की भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार के 2 साल के कार्यकाल को शून्य बताया हैं।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने प्रदेश सरकार, प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उनके पूरे मंत्री मंडल और कांग्रेस के नेताओं को झूठी वाह वाही लूटने से बचने की नसीहत दी हैं। उन्होंने कहा कि 2 साल में एक भी ठोस योजना, एक भी दूरगामी योजना, छत्तीसगढ़ के हित में धरातल पर उतार पाने में विफल रही। 2 साल में भूपेश सरकार की नीति व विजन क्या है स्पष्ठ नहीं हैं।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि 2 साल में प्रदेश सरकार ने किसानों, महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों, कर्मचारियों, मजदूरों सभी का अहित किया हैं। छत्तीसगढ़ के प्रत्येक वर्ग को ठगने और छलने वाली प्रदेश सरकार को 2 साल की उपलब्धि का झूठा ढिंढोरा पीटने के बजाए अपनी नाकामी और छल कपट के लिए प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को धान खरीदी में देरी, गिरदावरी में रकबा कटौती, नकली खाद बीज, कीटनाशक, टोकन के नाम पर किसानों को परेशान करना, राजीव गांधी न्याय योजना के नाम पर अन्याय कर किस्तों में भुगतान एवं अंतिम किस्त के भुगतान अब तक ना कर पाने वाली विफल सरकार को किसानों से माफी मांगनी चाहिए। महिला सशक्तिकरण का केवल बात करने वाली सरकार के मंत्री यदि छत्तीसगढ़ की बेटी के साथ घटित बलात्कार की हृदयविदारक घटना को छोटी घटना बताएं, कांग्रेस के नेता बलात्कार जैसी घटना पर भी चयनात्मक राजनीति करें और कांग्रेस नेत्री महिला आयोग के अध्यक्ष जैसे पद पर बैठकर महिलाओं पर ही स्वेच्छा से संबंध बनाने की बात कर नारी जाति का अपमान करें तो कांग्रेस को और कांग्रेस सरकार को नारी सम्मान की बात करने का कोई अधिकार नहीं 2 साल में क्या यही महिला सशक्तिकरण की दिशा कांग्रेस सरकार ने तय की हैं? रोजगार के नाम पर विभिन्न भर्ती प्रक्रिया को लटकाने वाली और बेरोजगारी भत्ता के नाम पर युवाओं को धोखा देने वाली सरकार को प्रदेश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। शराब बंदी का वादा कर प्रदेश और विशेष रूप से प्रदेश की महिलाओं को छलने वाली प्रदेश सरकार शराब बंदी के नाम पर यदि घर घर शराब परोस रही हैं तो यह सरकार के राजस्व प्रेम, व्यवसायिक सोच और स्वयं कोचिया की भूमिका में आने का प्रमाण हैं जिसे शायद कांग्रेस उपलब्धि समझ कर 2 साल का जश्न मना रही हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि नरवा गरवा घुरवा बाड़ी के नाम पर केवल भ्रष्टाचार कमीशनखोरी के अलावा धरातल पर यह योजना नजर नहीं आती। 2 साल में सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की भेंट हजारों गौ माताएं चढ़ चुकी हैं। भूख प्यास अव्यवस्था के चलते गौठान में मवेशियों की मौत दुःखद हैं जो सरकार की 2 साल की विफलता बायां करती हैं। 2 साल में केवल छत्तीसगढ़िया वाद का नारा देने वाली प्रदेश सरकार आउटसोर्सिंग और बाहरी लोगों को लाभान्वित करने अपना हिस्सा निकलने और कर्ज लेकर घी पीने में लगी रही हैं, जिसका एक उदाहरण जल जीवन मिशन योजना में बाहरी ठेकेदारों को लाभान्वित करने के प्रयास से सामने आया था। उन्होंने कहा कि बिजली बिल हाफ के नाम पर, संपत्तिकर माफ के नाम पर झूठे वादे करने वाली सरकार ने प्रदेश की जनता को ठगा हैं। स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को चैपट करने बदलापुर की भावना से ओत प्रोत कांग्रेस की सरकार ने स्मार्ट कार्ड और आयुष्मान भारत योजना को बंद कर प्रदेश को बेहतर स्वास्थ्य सेवा दें पाने में विफल रही हैं।
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि सभी को एक रुपया किलो में चावल का वादा करने वाली सरकार कभी सत्यापन के नाम पर, कभी हितग्राहियों की पात्रता बदलकर, तो कभी कार्ड रद्द कर प्रताड़ित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान 2 साल में आत्महत्या के लिए बन गयी हैं। कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ को आत्महत्या का गढ़ बना दिया हैं। क्वारेंटाईन सेंटर में आत्महत्या, किसान आत्महत्या, मजदूर आत्महत्या, बेरोजगार आत्महत्या, के मामले में 2 साल में छत्तीसगढ़ नम्बर वन बन गया हैं। रेत माफिया, कोल माफिया, जमीन माफिया का राज प्रदेश में चल रहा हैं। शराब तस्करी से लेकर सूखे नशे ड्रग्स, अफीम का काला कारोबार 2 साल से फल फूल रहा हैं। किसान सम्मान निधि को बदलापुर और दुर्भावना से लटकाने वाली सरकार के आंखों में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीबों का आवास बनना भी खटक रहा हैं क्या यही हैं प्रदेश सरकार की 2 साल की उपलब्धि और नीति हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने प्रदेश सरकार को 2 साल में विफलता, बदलापुर, राजनीति से प्रेरित, विकास में बाधक और छत्तीसगढ़ का अहित करने वाली सरकार बताया हैं।

     
  • दो राज्यपालों की सौजन्य भेंट

    त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस ने छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से की सौजन्य भेंट  

    त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस अपने गृह ग्राम रायपुर प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से सौजन्य मुलाकात करने राजभवन पहुंचे। सुत्रो के अनूसार दोनो राज्यपालों के बीच दोनों प्रदेशों के राजनैतिक, सामाजिक सहित राजनयिक विषयों पर चर्चा हुई।

    राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से राजभवन में त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। उन्होंने श्री बैस का शाल एवं श्रीफल देकर सम्मान किया और उन्हें प्रतीक चिन्ह भी भेंट  किया

     

  • कृषि कानूनों में बदलाव के सरकार के प्रस्ताव को किसानों ने ठुकराया, 14 तारीख को पूरे देश में करेंगे प्रदर्शन

      किसान आंदोलन वार्ता फिर विफल 

    किसानों ने आज प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि हमें जो प्रस्ताव मिला है उसे हम पूरी तरह से रद्द करते हैं - हम जियो (Jio) के सारे मॉल्स का बहिष्कार करेंगे - सरकार के लिखित प्रस्ताव को किसानो ने मानने से किया इंकार - दिल्ली जयपुर हाईवे 12  दिसंबर तक करेंगे जाम -

     

  • किसान आंदोलन के आगे झुकी सरकार, लिखित प्रस्ताव में MSP की गारंटी दे सकती

    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार किसानों को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में एमएसपी पर लिखित आश्वासन देने को तैयार हो गई है. विवाद के निपटारे के लिए भी एसडीएम के अलावा कोर्ट जाने की इजाजत भी लिखित में देने को तैयार है.

     प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हो रही कैबिनेट की बैठक से किसान आंदोलन से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. सरकार किसानों के आंदोलन के आगे झुकती नजर आ रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार किसानों को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में एमएसपी पर लिखित आश्वासन देने को तैयार हो गई है. विवाद के निपटारे के लिए भी एसडीएम के अलावा कोर्ट जाने की इजाजत भी लिखित में देने को तैयार है.

     

    इसके साथ ही एपीएमसी क़ानून के तहत आने वाली मंडियों को और सशक्त करने पर सरकार तैयार है. किसान चाहते हैं कि जिन व्यापारियों को प्राइवेट मंडियों में व्यापार करने की इजाज़त मिले उनका रजिस्ट्रेशन होना चाहिए. जबकि क़ानून में केवल पैन कार्ड होना अनिवार्य बनाया गया है. सरकार किसानों की यह मांग भी मांगने को तैयार नजर आ रही है.

     

    सरकार के प्रस्ताव के बाद आगे की रणनीति बताएंगे किसान
    सरकार की ओर से लिखित प्रस्तताव मिलने के बाद दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर किसान नेताओं की बैठक होगी. किसान नेता हनन मुल्ला ने कहा है कि कृषि कानूनों को निरस्त करना होगा और बीच का कोई रास्ता नहीं है. भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा- केंद्र की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे. आज होने वाली छठे दौर की वार्ता रद्द हो गई है. ड्राफ्ट पर चर्चा होगी और आगे फैसला तय किया जाएगा. हमें उम्मीद है कि शाम चार पांच बजे तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी.
    अमित शाह से रात में बैठक, कोई हल नहीं निकला
    मंगलवार देर रात 13 किसान नेताओं की गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात बेनतीजा रही. अचानक हुई बैठक में किसी हल की उम्मीद की जा रही थी. लेकिन किसान नेता अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. वहीं दूसरी ओर सरकार ने भी अपनी मंशा साफ कर दी है कि कानून वापस नहीं होंगे. सरकार किसानों की मांग को देखते हुए कानून में संशोधन करने को तैयार हैय

     

    किसानों के प्रदर्शन का 14वां दिन
    राजधानी दिल्ली में हजारों की संख्या में हरियाणा-पंजाब और देश के अन्य राज्यों से आए किसानों का आज 14वां दिन हैं. सरकार और किसानों के बीच अब कुल छह दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन इन बैठकों में दोनों पक्षों के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है. दिल्ली के अलग अलग बॉर्डर पर हजारों की संख्या में किसान डटे हुए हैं. हालांकि, सरकार की तरफ से लगातार आंदोलन को खत्म करने कोशिश की जा रही है लेकिन किसान संगठन अपनी जिद पर अड़े हुए है कि सरकार इन तीनों ही कानूनों को वापस ले.

     

    क्या है विरोध
    गौरतलब है कि सितंबर महीने में मॉनसून सत्र के दौरान केन्द्र सरकार की तरफ से पास कराए गए तीन नए कानून- 1. मूल्य उत्पादन और कृषि सेवा अधिनियम, 2020, 2. आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 और 3. किसानों के उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020 का किसानों की तरफ से विरोध किया जा रहा है. किसानों को डर है कि इससे एमसीपी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और सरकार उन्हें प्राइवेट कॉर्पोरेट के आगे छोड़ देगाी. हालांकि, सरकार की तरफ से लगातार ये कहा जा रहा है कि देश में मंडी व्यवस्था बनी रहेगी. लेकिन, किसान अपनी जिद पर अड़े हुए हैं.

  • किसानों की मांगो के आगे झुकने को तैयार है सरकार, MSP पर लिखित आश्वासन देने को तैयार: सूत्र

    प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हो रही कैबिनेट की बैठक से किसान आंदोलन से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. सरकार किसानों के आंदोलन के आगे झुकती नजर आ रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार किसानों को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में एमएसपी पर लिखित आश्वासन देने को तैयार हो गई है. विवाद के निपटारे के लिए भी एसडीएम के अलावा कोर्ट जाने की इजाजत भी लिखित में देने को तैयार है

  • किसानों को बिना मांगे मिल रहा विपक्षी दलों का समर्थन

    देश की सभी विपक्षी राजनीतिक पार्टियां बिना समर्थन मांगे किसानों को समर्थन देने आगे आ रही हैं 

     

    जनता जब राजनीतिक पार्टियों से समर्थन मांगती हैं तब जल्दी कोई समर्थन देने को तैयार नहीं होता - परंतु किसान आंदोलन जो किसानों का अपना आंदोलन है, कृषि कानूनों के खिलाफ देश के सभी किसान स्वयं एकत्रित हुए हैं और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ लामबंद होकर सरकार के खिलाफ एकजुटता से कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं

    किसानों की एकता लाखों करोड़ों की संख्या होने के बावजूद एकमत एक मांग और समुचित स्वयं की व्यवस्था को देखते हुए देश की सभी विपक्षी राजनीतिक पार्टियां बिना समर्थन मांगे उन्हें समर्थन देने आगे आ रही हैं जो कि विपक्षी दलों की विवशता को दर्शित करता है

     

    विपक्ष के साझा बयान में सोनिया गांधी समेत 11 बड़े नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की मांगें पूरी करे। इनमें NCP नेता शरद पवार, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, DMK के चीफ एमके स्टालिन और PAGD के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, RJD के तेजस्वी यादव, भाकपा के महासचिव डी राजा, भाकपा (ML) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, AIFB के महासचिव देवव्रत विश्वास और RSP के महासचिव मनोज भट्टाचार्य शामिल हैं।

     

     

    इन पार्टियों ने दिया बंद को खुला समर्थन
    कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, भाकपा, माकपा,शिरोमणि अकाली दल TRS, VCK, MMK, IJK, KNMNK, DMK, MDMK और IUML के साथ -साथ जम्मू-कश्मीर के पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन ने भी बंद को खुला समर्थन दिया है। इस अलायंस में नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस, अवामी नेशनल कॉन्फ्रेंस, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट और माकपा की जम्मू-कश्मीर इकाई शामिल है।

    बेनीवाल बोले, 8 दिसंबर को तय करेंगे NDA में रहना है या नहीं
    किसान आंदोलन के कारण भाजपा की अगुवाई वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) में फूट पड़ने लगी है। बंद के समर्थन में आए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और राजस्थान से सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री को कृषि कानून वापस लेने चाहिए। हम एनडीए में रहेंगे या नहीं इस पर आठ दिसंबर के बाद ही फैसला लिया जाएगा।

    कृषि राज्य मंत्री का विपक्ष पर वार
    इस बीच कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने विपक्ष पर किसानों को भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश के किसानों को नए कानून से फायदा ही होगा, लेकिन कांग्रेस शासित राज्यों की सरकारें उन्हें भड़का रही हैं। राजनीतिक लोग आग में ईंधन डाल रहे हैं।

  • निर्धारित दर से अधिक दर पर मदिरा विक्रय करने वाले पर होगी सख्त कार्रवाई -  आदेश कहने के लिए लागू करने के लिए नहीं

    निर्धारित दर से अधिक दर पर मदिरा विक्रय करने वाले पर होगी सख्त कार्रवाई
     वित्तीय वर्ष 2021-22 में संचालित होने वाले देशी-विदेशी मदिरा दुकानों के लिए
    जिला आबकारी सलाहकार समिति की बैठक आयोजित
    ऐसा कहते कहते भाजपा सरकार गई और कांग्रेस सरकार के बेमिसाल दो सालों के बाद भी यही आदेश दिया जा रहा है - मतलब साफ़ है आदेश कहने के लिए है लागू करने के लिए नहीं होता 


    रायपुर 05 दिसम्बर 2020/कलेक्टर डाॅ.एस.भारतीदासन की अध्यक्षता में आज वित्तीय वर्ष 2021-22 में संचालित होने वाले देशी-विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों के व्यवस्थापन हेतु जिला आबकारी सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई।

    सलाहकार समिति के सदस्यों और कलेक्टर ने अवैध शराब बिक्री पर ठोस कार्रवाई करने हेतु आबकारी उड़नदस्ता दल को सतत रूप से निरीक्षण करने के निर्देंश दिए। इसी तरह बैठक में मदिरा दुकानों में शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक दर पर मदिरा विक्रय करने वाले पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई। बैठक में कहा गया कि मदिरा दुकानों में सेल्समेन की नौकरी पर स्थानीय लोगों को अनिवार्य रूप से प्राथमिकता दी जाये।

    बैठक में रायपुर उत्तर विधायक एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल कुलदीप जुनेजा, धरसींवा विधायक श्रीमती अनीता योगेन्द्र शर्मा, श्रीमती अंबिका यदु महापौर बीरगांव नगर निगम, पंकज शर्मा एवं जिले के नगरीय एवं ग्रामीण निकायों के नामित जनप्रतिनिधियों ने अपने सुझाव दिए।
     
    बैठक में नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होने वाले दुकानों में देशी - विदेशी मदिरा की ड्यूटी दरे, दुकानें बंद करने और खुलने का समय, दुकानों को अन्यत्र स्थानांतरित करने, देशी मदिरा दुकानों की अवस्थिति, भण्डारण-भाण्डागार खोलना या बंद करना, शुष्क दिवस, मदिरा दुकानों में अहाता अनुज्ञप्ति, सीलबंद बोतलों में देशी मदिरा प्रदाय के इश्यू प्राईस की दर एवं कॉच की बोतल की कीमत के साथ - साथ फुटकर विक्रय दरों का निर्धारण, एफ.एल. 3 होटल बार अनुज्ञप्ति, विदेशी मदिरा के लिए आयात शुल्क, देशी मदिरा के विनिर्माण के लिए, आर.एस. एवं विदेशी मदिरा के विनिर्माण के लिए ई.एन.ए. के आयात पर आयात शुल्क, विभिन्न प्रकार की अनुज्ञप्तियों के लायसेंस फीस एवं शुल्क निर्धारण, छत्तीसगढ़ आबकारी देशी-विदेशी मदिरा की फुटकर बिक्री के अनुज्ञापनों के व्यवस्थापन नियम, 2018 में परिवर्तन या संशोधन के संबंध में तथा अन्य बिन्दुओं पर सलाहकार समिति के सदस्यों ने सुझाव दिए।