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  • कांग्रेस ने जारी किया भुपेश सरकार के अढ़ाई सालों का स्वास्थ्य हिसाब -
    रमन के सवालों पर कांग्रेस का पलटवार- भूपेश के बजाय योगी को टैग करके पूछते कि तीसरी लहर की तैयारी क्या है ?
     छत्तीसगढ़ ने दूसरे राज्यों को भी ऑक्सीजन की आपूर्ति करके मदद की - कांग्रेस संचार विभाग सदस्य आर.पी. सिंह
     
    रायपुर/03 जुलाई  2021। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग सदस्य आर.पी. सिंह ने राज्य में कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर की जा रही तैयारियों के संबंध में भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा किए गए सवालों पर पलटवार करते हुए कहा है कि सवालों की फेहरिश्त में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बजाय उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टैग किया जाना चाहिए था। दूसरी लहर के समय न केवल देश ने बल्कि पूरी दुनिया ने देखा कि भाजपा शासित एक राज्य किस तरह लाशों का सैलाब आ गया था। छत्तीसगढ़ ने दूसरी लहर के दौरान न तो दवाइयों की कमी होने दी और न ही अस्पतालों में बिस्तरों की। छत्तीसगढ़ ने दूसरे राज्यों को भी ऑक्सीजन की आपूर्ति करके मदद की। 
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग सदस्य आर.पी. सिंह ने कहा है कि कांग्रेस ने हमेशा विपक्ष के सवालों का स्वागत किया है और जवाब भी दिया है, लेकिन डॉ. रमन सिंह कोरोना जैसे संवेदनशील विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं। वे अच्छी तरह जानते हैं कि कुछ ही दिनों में विधानसभा सत्र शुरु होने वाला है, जहां उन्हें हर सवाल का विस्तृत जवाब मिल जाएगा, लेकिन वे ट्वीटर जैसे प्लेटफार्म पर जवाब चाहते हैं। इसी से उनके प्रश्नों की गंभीरता और उनकी मंशा का पता चल जाता है। कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा नेता द्वारा उठाए गए सभी प्रश्नों के बारे में शासकीय माध्यमों से नियमित रूप से जानकारियां प्रकाशित होती रहती हैं। कोरोना-काल में मीडिया में अपनी पार्टी की असली छवि उजागर होते देखकर संभवतः डा. रमन सिंह ने अखबार पढ़ना और टेलीविजन देखना छोड़ दिया है। 
     
    कांग्रेस संचार विभाग सदस्य आर.पी. सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा तीसरी लहर को लेकर की जा रही तैयारियों की खबरे देशभर के अखबारों में सुर्खियों में छप रही हैं। प्रतिष्ठित समाचार पत्रों ने पहले पन्ने पर यह खबर लगाई है कि किस तरह छत्तीसगढ़ में गांवों से लेकर शहरों तक सभी सरकारी अस्पतालों को सर्वसुविधायुक्त बनाया जा रहा है। जरूरी उपकरणों, दवाइयों, चिकित्सकों और चिकित्साकर्मियों के इंतजाम को लेकर लगातार बैठकें हो रही हैं। राज्य की चिकित्सा-अधोसंरचना के विस्तार के लिए निजी क्षेत्र की क्षमता का भी उपयोग करते हुए उसे गांवों में अस्पताल स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राजधानी रायपुर में विश्व स्तरीय सुविधाओं वाले निजी अस्पताल की स्थापना के लिए 25 एकड़ भूमि आरक्षित करने की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है।  
    कांग्रेस संचार विभाग सदस्य आर.पी. सिंह ने कहा है कि रमन सिंह ने पूछा है कि छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य में ऑक्सीजन भंडारण क्षमता, ऑक्सीजन एवं आईसीयू बैड्स, ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर की व्यवस्था के लिए क्या किया। बच्चों के कितने वार्ड बनाए, रेमडेसिविर आदि दवाओं की उपलब्धता कितनी है। उन्हें पता होना चाहिए कि दिसंबर 2020 में जिलों में ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर की संख्या मात्र 1061 थी, जो मई 2021 में 5142 हो चुकी है। इसी अवधि में जिलों में बी टाइप आक्सीजन सिलेंडरों की संख्या 2499 से बढ़कर 5362 हो चुकी है। डी टाइप जंबो आक्सीजन सिलेंडरों की संख्या जिलों में 2704 से बढ़कर 9382 हो गई है। पीएसए ऑक्सीजन प्लांटों की संख्या 6 से बढ़कर 23 हो गई है। कुल 100 पीएसए प्लांट स्थापित किए जाने की तैयारी है। सभी मेडिकल कॉलेजों एवं जिला चिकित्सालयों में पीएसए प्लांट स्वीकृत किए गए हैं। दिसंबर 2020 में राज्य में एक भी लिक्विड आक्सीजन टैंक नहीं था, अब इनकी संख्या 03 है। कुल 22 लिक्विड ऑक्सीजन टंकियां स्वीकृत की गई हैं। 13 जिला अस्पतालों में लिक्विड ऑक्सीजन टंकियां स्वीकृत करने की दिशा में प्रक्रिया जारी है। जिलों में वैंटिलेटरों की संख्या 280 से बढ़कर 723 हो गई है। राज्य में 123 शिशु वैंटिलेटरों की व्यवस्था की तैयारी है। इनमें से 51 वैंटिलेटरों की व्यवस्था की जा चुकी है। इसी तरह मल्टीपैरा मॉनिटरों की संख्या 624 से बढ़कर 1142 हो गई है। 
    कांग्रेस संचार विभाग सदस्य आर.पी. सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में किए गए कुशल कोरोना-प्रबंधन के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ में 02 जुलाई 2021 की स्थिति में पाजिटिविटी दर घट कर मात्र 1.2 प्रतिशत रह गई है। कुछ ही दिनों पहले तक रोज 200 से ज्यादा मौतें हो रही थीं, अब यह संख्या 05 के नीचे आ चुकी है। रिकवरी दर 98 प्रतिशत है। एक समय रोज 30-35 हजार टेस्ट ही हो पा रहे थे। अब राज्य की क्षमता प्रतिदिन 70 हजार टेस्ट से अधिक हो चुकी है। कोरोना टेस्टिंग के लिए लैब की संख्या में वृद्धि हुई है। वर्तमान में 35 शासकीय, 6 निजी लैब में ट्रू नॉट जांच की सुविधा है। 11 शासकीय और 5 निजी लैब में आरटीपीसीआर टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है। राज्य में 5 नई शासकीय आरटीपीसीआर लैब बलौदाबाजार, दुर्ग, दंतेवाड़ा, जांजगीर-चांपा एवं जशपुर में स्थापित की जा चुकी है। प्रत्येक जिले में अतिरिक्त मशीन प्रदाय कर ट्रूनॉट लैब की जांच क्षमता में वृद्धि की गई है। राज्य के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर रैपिड एंटीजन टेस्ट की व्यवस्था की जा चुकी है। छत्तीसगढ़ के 14 नगर निगमों में 13 मई से सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे रेपिड एंटिजन टेस्टिंग की सुविधा है। राज्य में अब तक कोरोना के लक्षण वाले 22 लाख 42 हजार लोगों को निःशुल्क दवा किट का वितरण किया गया है। 
    कांग्रेस संचार विभाग सदस्य आर.पी. सिंह ने कहा है कि इसी तरह टीकाकरण के मामले में भी छत्तीसगढ़ ने तेजी से उपलब्धियां हासिल की है। 01 जुलाई 2021 तक 98 लाख 20 हजार 422 टीके लगाए जा चुके हैं। प्रदेश में करीब 82 लाख लोगों को पहला टीका और 16 लाख 20 हजार से अधिक लोगों को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं
    कांग्रेस संचार विभाग सदस्य आर.पी. सिंह ने कहा है कि राज्य में ढाई सालों में स्वास्थ्य सुविधा को जनोन्मुखी बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कारगर प्रयास किए गए हैं। इसके चलते राज्य के स्वास्थ्यगत अधोसंरचना में बढ़ोतरी होने के साथ ही स्वास्थ्य अमले में भी वृद्धि हुई है। राज्य में मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की संख्या 6 से बढ़कर 9, जिला चिकित्सालयों की संख्या 26 से बढ़कर 28 तथा सिविल अस्पताल की संख्या 19 से बढ़कर 20 हो गई है। ढाई सालों में 50 बिस्तर वाले 15 तथा 100 बिस्तर वाले 6 एमसीएच अस्पताल स्थापित किए गए हैं। इस अवधि में 6 नए उप स्वास्थ्य केन्द्र तथा एक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भी स्थापित किया गया है। राज्य में ढाई सालों में स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों का ही परिणाम है कि विशेषज्ञ, चिकित्सकों, चिकित्सा अधिकारियों सहित मेडिकल स्टाफ की संख्या 18,458 से बढ़कर 20,405 हो गई है, जिसमें विशेषज्ञ, चिकित्सकों की संख्या 175 से बढ़कर 319, चिकित्सा अधिकारियों की संख्या 1359 से बढ़कर 1818 और स्टाफ नर्स की संख्या 2580 से बढ़कर 4091 हो गई है। वर्तमान में 300 चिकित्सा अधिकारियों, 92 स्टाफ नर्स, 50 मेडिकल लैब टेक्नॉलाजिस्ट तथा 146 ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (महिला) की भर्ती प्रक्रियाधीन है।
  • डीजल पेट्रोल की मंहगाई व सरकार की गलत नीतियो से बर्बाद हो रहे ट्रांसपोर्टर
    देश भर में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुडे़ 20 करोड परिवारो की रोजीरोटी के संकट में | आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस की छत्तीसगढ ईकाई ने रमन सिंह को सौंपा ज्ञापन | सड़को पर होने वाली प्रशासनिक लूट अवैध उगाही पर रोक लगे | आज भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्य्क्ष व छत्तीसगढ के पुर्व मुख्यमन्त्री डा. रमन सिंग से मुलाकात कर पुरे देश भर मे डीजल पेट्रोल की मंहगाई व सरकार की गलत नीतियो से बर्बाद हो रहे ट्रांसपोर्ट कारोबार के मुद्दे पर बात की| आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस की छत्तीसगढ ईकाई की ओर से आग्रह किया गया है कि वे देश भर के ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े 20 करोड़ लोगों की रोजी रोटी पर चल रहे संकट पर जल्द केंद्र सरकार से बातचीत कर एक राष्ट्रीय व्यापी बैठक ट्रांसपोर्ट संगठनो के साथ आयोजित की जाये व बर्बाद होते इस ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को बचाया जा सके ! डीजल पेट्रोल को GST के दायरे मे लाया जाये जिससेे पेट्रोलियम पदार्थो का दाम कम हो , केंद्र सरकार मंहगाई को देखते हुऐ रोड़ ट्रांसपोर्ट का भी कम से कम प्रति टन प्रति किमी. का माल भाड़ा देश भर मे तय करे | भ्रष्टाचार मुक्त भारत के तहत ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से देश भर मे सड़को पर होने वाली प्रशासनिक लूट अवैध उगाही पर रोक लगे व अन्य मांगे ज्ञापन के माध्यम से रखी व उन्होने पुर्ण अशवासन दिया है कि वे जल्द केंद्रीय परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से बातकर बैठक अयोजित करवायेगें आज इस बैठक मे छत्तीसगढ सीमेंट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी कार्यसमिति के सदस्य अंजय शुक्ला , रायपुर बस्तर कोरापुट परिवहन संघ के संरक्षक संयोजक सरदार जसबीर सिंग ढिल्लन, छत्तीसगढ चेंबर आफ कामर्स से हरचरण सिंग साहनी, रायपुर बस्तर कोरापुट परिवहन संघ के दिवाकर अवस्थी व आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस छत्तीसगढ से मैनेजिंग कमेटी सदस्य व रायपुर बस्तर कोरापुट परिवहन संघ के अध्यक्ष सुखदेव सिंग सिध्दू ने मुलाकात की |
  • CG 24 News की खबर का असर - बिलासपुर जेल अधीक्षक नियुक्त

    एस एस तिग्गा होंगे बिलासपुर जेल अधीक्षक

    मुख्यालय ने जारी किया नियुक्ति आदेश - संतोष मिश्रा के सेवा निवृत्त होने के बाद से पद था रिक्त

    प्रशासनिक कार्य अब हो सकेंगे सुचारू रूप से संचालित

    बिलासपुर : सीजी 24 न्यूज़ ने लगातार उठाया था बिलासपुर जेल अधीक्षक के रिक्त पद पर सवाल | विदित हो कि केंद्रीय जेल अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा के सेवानिवृत्त हो जाने के पश्चात बिलासपुर केंद्रीय जेल में जेल अधीक्षक का पद कई महीनों से रिक्त था, जिसके बाद से बिलासपुर केंद्रीय जेल मानो भगवान भरोसे ही चल रहा था | सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर केंद्रिय जेल अधीक्षक के खाली पद पर एकल नाम आर आर राय पर विचार किया जा रहा था जिसे मुख्यालय ने खारिज करते हुए जेल मुख्यालय द्वारा आदेश जारी कर एस एस तिग्गा को जेल अधीक्षक नियुक्त किया गया है | जेल अधीक्षक की नियुक्ति के बाद जेल का प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा | मन्नू मनिकीपुरी संवाददाता बिलासपुर

  • सिक्ख युवतियों का जबरन धर्म परिवर्तन - छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज आक्रोशित

    सिक्ख समाज सहित अन्य धर्मों की बेटियों का धर्म परिवर्तन कर जबरन विवाह करवाने का छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने किया विरोध

    जम्मू कश्मीर की सिक्ख युवतियों के जबरन धर्म परिवर्तन कर जबरन विवाह करने का मामला

    सिक्ख युवतियों का जबरन धर्म परिवर्तन - छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज आक्रोशित

    जम्मू कश्मीर सहित पूरे भारत में मुस्लिम समाज द्वारा सिक्ख समाज की बेटियों लड़कियों का धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम युवकों के साथ जबरन विवाह करवाने का विरोध छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने भी किया है |

    उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर की सिक्ख युवतियों के जबरन धर्म परिवर्तन कर जबरन विवाह करने का मामला सामने आया है अनेक सिक्ख परिवारों की बेटियों को मुस्लिम समाज के युवकों द्वारा डरा धमका कर बहला-फुसलाकर जबरन धर्म परिवर्तन कर विवाह कर पूरे परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है जिससे पूरे भारत के सिक्कों में आक्रोश व्याप्त है इस मामले को लेकर दिल्ली सहित पूरे भारत में सिक्ख समाज द्वारा विरोध प्रदर्शन कर रैलियों के द्वारा सरकार से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है यहां यह बताना भी जरूरी है कि पाकिस्तान में भी अल्पसंख्यक सिक्ख युवतियों के साथ जबरन दबाव पूर्वक धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम युवकों द्वारा विवाह करने के अनेक मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें हिंदू एवं ईसाई समाज की युवतियां भी शामिल हैं जो मुस्लिम समुदाय के इस जबरन विवाह से प्रताड़ित हैं |

    मुस्लिम समाज के व्यक्तियों द्वारा सिक्ख समाज की बेटियों के साथ इस तरह के कृत्य की निंदा करते हुए छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंघोत्रा, उपाध्यक्ष बलविंदर सिंह सैनी, सुखदेव सिंह मेहरा, इंदरवीर सिंह कोहली सहित सभी सदस्यों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि ऐसे अपराधी तत्वों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सख्त से सख्त कार्रवाई करें | छत्तीसगढ़ का सिक्ख समाज इस तरह की अपराधिक कार्यवाहियाें से बहुत आक्रोशित है |

  • पिछड़ा वर्ग आयोग कार्यालय में ताला - हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन

    बड़ी खबर छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष सियाराम साहू उच्च न्यायालय के आदेश पर कामकाज संभालने पहुंचे कार्यालय - पूर्व सूचना के बावजूद कार्यालय में लगा मिला ताला जमीन पर ही बैठ कर कार्य करने का सियाराम साहू ने लिया निर्णय - सीजी 24 न्यूज़ चैनल से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन है उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद मुझे कार्यालय में ना ही चेंबर में घुसने दिया जा रहा है ना ही कार्य करने दिया जा रहा है -

    शासन के इस रवैया के खिलाफ वपुणे उच्च न्यायालय में आदेश के उल्लंघन का मामला दर्ज कराएंगे | कार्यालय में ताला लगे होने की स्थिति में वह जमीन पर बैठक ही अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे |

  • किसानों के साथ नेशनल क्राइम किया जा रहा है - केंद्र सरकार का किसानों के प्रति रवैया क्रूरतम

    छत्तीसगढ़ के किसानों को भारतीय जनता पार्टी अपना दुश्मन क्यों मानती है ? मंत्री रविन्द्र चौबे

    किसानों के साथ नेशनल क्राइम किया जा रहा है. केंद्र सरकार का किसानों के प्रति रवैया क्रूरतम

    खाद की कमी के मुद्दे पर कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस. कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे का बयान- 

    प्रदेश में 48 लाख हेक्टेयर खरीफ की खेती में 39 लाख हेक्टेयर में सिर्फ धान की खेती होती है. केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों के साथ निर्मम और क्रूरतम व्यवहार किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार दिखाया जा रहा है. प्रदेश में बीजेपी का रवैया पहले से ही किसान विरोधी रहा है. बीजेपी को और उनके पदाधिकारियों को सिर्फ कुर्सी का मोह है

    12 लाख मैट्रिक टन उर्वक की मांग हमने केंद्र सरकार से किया था. केंद्र सरकार ने हमारी मांग को स्वीकार भी किया था. लेकिन अब जब बोनी शुरू हो गई तो केंद्र से जरूरत के मुताबिक सप्लाई नहीं किया जा रहा है. ये रुकावट छतीसगढ़ के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार है. 1 लाख मैट्रिक टन कम उर्वरक की सप्लाई केंद्र से की गई है सिर्फ जून महीने में. आने वाले दिनों में इससे किसानी प्रभावित होगी. 

    सीएम ने अतिरिक्त खाद की केंद्र से मांग की है. डीएपी डेढ़ लाख मैट्रिक टन और यूरिया डेढ़ लाख मैट्रिक टन अतिरिक्त देने की मांग की है. हमने प्रदेश के सभी सांसदों को पत्र लिखा कि ताकत दिखाए अपनी और केंद्र से इस बाबत मांग करे, पत्र लिखे लेकिन अबतक कोई जवाब नहीं आया.

    केंद्र क्या इसलिए यहां के किसानों से भेदभाव कर रही है कि यहां के किसानों ने भूपेश बघेल की सरकार को चुना है ? केंद्र को जवाब देना चाहिए

    एमपी में 70 प्रतिशत और यूपी को 63-64% यूरिया केंद्र सरकार दे चुकी है. फिर छत्तीसगढ़ से सौतेला व्यवहार क्यों? क्या कांग्रेस की सरकार है इसलिए. एमपी में 90 फीसदी डीएपी की आपूर्ति की जा चुकी है लेकिन छत्तीसगढ़ में नहीं. क्योंकि वहां बीजेपी की सरकार है और यहां कांग्रेस की. केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के साथ दोहरा रवैया अपना रही है. 

    केंद्र सरकार ने पहले वादा करके चावल लेने से मना किया. एथेनॉल प्लांट लगाने की अनुमति भी अभी तक नहीं मिली. 

    छत्तीसगढ़ के किसानों को भारतीय जनता पार्टी अपना दुश्मन क्यों मानती है. राजनीति अपनी जगह है और करनी भी चाहिए, लेकिन किसानों के साथ केंद्र ऐसा निर्मम व्यवहार न करे. 

    किसानों के साथ नेशनल क्राइम किया जा रहा है. केंद्र सरकार का किसानों के प्रति रवैया क्रूरतम

  • नशे का नेशनल हाईवे किसे कहते हैं और कहां है ? - बीजेपी
    नशे का नेशनल हाईवे बनता जा रहा है छत्तीसगढ़ : कौशिक नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने प्रदेश में गांजे की तस्करी के बढ़ते मामले पर जताई चिंता रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि छत्तीसगढ़ के रास्ते देश के कई हिस्सों में बेखौफ गांजे की तस्करी जारी है, जिसे रोकने में प्रदेश की पुलिस नाकाम है। यही कारण है कि लगातार तस्करों का मनोबल मजबूत होता जा रहा है। आये दिन केवल मात्र कुछ छोटे तस्करों को ही पकड़ कर पुलिस कार्यवाही के नाम पर दिखावा कर रही है। लेकिन आज भी बड़े तस्कर या गिरोह पुलिस के हाथों से दूर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से लगे सीमावर्ती राज्यों में करीब 10 हजार एकड़ में संगठित तौर पर गांजे की खेती की जा रही है। जिसे छत्तीसगढ़ के रास्ते देश के अन्य हिस्सों में तस्कर लगातार ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में हो रहे गांजे की तस्करी इन दिनों जोरो पर है। इसके साथ ही ओडिशा से लगे महासमुंद जिले में भी गांजे की तस्करी लगातार हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार ने खुद ही स्वीकारा है कि बस्तर में दो साल के अंतराल में करीब 271 गांजे की तस्करी के मामले कायम किए गए है जिसमें करीब 27,916.954 (अक्षरी सत्ताईस हजार नौ सौ सोलह किलो नौ सौ चैवन ग्राम) किलोग्राम गांजा पुलिस ने जब्त किया है जिसकी कुल कीमत करीब 14,78,04,966 रुपए है। इससे साबित होता है कि लाॅकडाऊन के दौरान जांच के बाद भी तस्करों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे पुलिस को झांसा देकर फरार हो गए और पुलिस मात्र केवल कुछ ही तस्करों को पकड़ने में सफल रही है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि 14 जून 2021 को महासमुंद पुलिस ने करीब 2 करोड़ 20 लाख रुपए का गांजा पकड़ा है। करीब 1 करोड़ रुपए का गांजा बिलासपुर पुलिस ने 12 जून को जब्त किया था। एक बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या यह कोविड सेवा के नाम पर तस्करी की जा रही थी? उन्होंने कहा कि गांजे की तस्करी के मामले में राजधानी रायपुर में अलग-अलग जगहों पर करीब 8 क्विंटल गांजा एक दिन में जब्त होता है। इससे सवाल उठता है कि किस तरह से संगठित गिरोह नशे के कारोबार को लेकर छत्तीसगढ़ को अपना परिवहन का मुख्य मार्ग बनाया हुआ है। उसके साथ ही बड़े तादाद में गांजे की तस्करी हो रही है। जिसे रोक पाने में छत्तीसगढ़ की पुलिस नाकाम है। उन्होंने कहा कि साउथ एशियन इंटेलिजेंस रिव्यू के मुताबिक करीब 10 हजार एकड़ में होने वाली गांजे की खेती के परिवहन का मुख्य मार्ग बस्तर, रायपुर से होते हुए देश के अन्य हिस्सों तक हैं। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि नशे के खिलाफ प्रदेश की सरकार मजबूती से कार्यवाही करें और भी चेकपोस्ट छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती राज्यों में खोले ताकि गांजे की तस्करी पर अंकुश लग सके। उन्होंने कहा कि जस्टिस पी.के. मोहंती कमीशन ने भी एक रिपोर्ट में खुलासा किया है कि पुलिस केवल छोटी-मोटी कार्यवाही कर नशे के ड्रग माफियाओं को खुला छूट देती है। यही कारण है कि यहां से परिवहन होने वाला गांजा चोरी छुपे एशियाई देश में भी भेजने की आशंका व्यक्त की जा रही है। जिस पर मजबूती से कार्यवाही करने की जरूरत है।
  • श्री गुरु हरगोबिंद साहेब जी का आज प्रकाश पर्व - सिख धर्म के छठवें गुरु

    सिखों के छठ में गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहेब जी का आज प्रकाश पर्व आज सिख समाज के दसवें गुरु छठ में गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह Singhotra सहित सभी पदाधिकारियों ने समाज एवं प्रदेश वासियों को बधाइयां देते हुए वाहेगुरु से प्रार्थना की है की प्रदेश वासी सुखी एवं खुशहाल रहें महामारी अति शीघ्र समाप्त हो - ਪੰਜਿ ਪਿਆਲੇ ਪੰਜ ਪੀਰ ਛਠਮੁ ਪੀਰੁ ਬੈਠਾ ਗੁਰੁ ਭਾਰੀ। ਅਰਜਨ ਕਾਇਆ ਪਲਟਿਕੈ ਮੂਰਤਿ ਹਰਿਗੋਬਿੰਦ ਸਵਾਰੀ। ਮੀਰੀ ਪੀਰੀ ਦੇ ਮਾਲਕ, ਸਿੱਖਾਂ ਦੇ ਛੇਵੇਂ ਗੁਰੂ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਹਰਗੋਬਿੰਦ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦੇ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਪੁਰਬ ਦੀਆਂ ਲੱਖ ਲੱਖ ਵਧਾਈਆਂ। ???????? Greetings to all on the Prakash Purab of Sri Guru Hargobind Sahib Sahib Ji

  • पूरा राज्य गोबर राज्य - कार्यकारी चीफ जस्टिस

     कोई स्मार्ट सिटी नहीं है, पूरा राज्य गोबर राज्य 

     हाईकोर्ट की गंभीर टिप्पणी - राज्य सरकार की फजीहत 

    कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश जस्टिस प्रशांत मिश्रा ने  टिप्पणी कर डाली कि छत्तीसगढ़ में कोई स्मार्ट सिटी नहीं है पूरा राज्य गोबर राज्य है। जस्टिस मिश्रा ने यह कड़ी टिप्पणी एम.एम.पी.वाटर स्पोर्ट्स बनाम छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की याचिका की सुनवाई करते हुए की है।
    दरअसल स्वामी विवेकानंद सरोवर बूढा तालाब रायपुर में वाटर स्पोर्ट्स के दोबारा टेंडर करने को लेकर एमएमपी वाटर स्पोर्ट्स द्वारा बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है। याचिका में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अलावा रायपुर नगर निगम और रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड को भी पक्षकार बनाया गया था।
    बूढ़ा तालाब रायपुर में वाटर स्पोर्ट्स का टेंडर पूर्व में एम.एम.पी वाटर स्पोर्टस् को दिया गया था, लेकिन कतिपय आधारों पर बाद में इसका दोबारा टेंडर निकाले जाने पर एमएमपी वाटर स्पोर्ट्स ने हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका लगाई गई थी जिस पर मंगलवार को सुनवाई हुई। मामले में स्मार्ट सिटी रायपुर, नगर निगम रायपुर और वाटर स्पोर्ट्स से जुड़े तथ्यों पर बहस के दौरान जस्टिस प्रशांत मिश्रा ने यह टिप्पणी कर दी कि यहाॅं कोई स्मार्ट सिटी नहीं है, पूरा राज्य गोबर राज्य है।
    मन्नू मनिकीपुरी संवाददाता बिलासपुर

  • रायपुर सराफा एसोसिएशन की मांगो पर लगी मुहर, सांसद सुनील सोनी का किया आभार व्यक्त
    रायपुर : सराफा एसोसिएशन की मांग को जायज मानते हुए 20, 23,एवं 24 कैरेट की मान्यता केंद्र सरकार ने मुहर लगाई, देश के विभिन्य एसोसिएशन के माध्यम से एवं छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन व रायपुर सराफा एसोसिएशन के द्वारा लगातार मांग करते रहे, समय समय मे केंद्रीय मन्त्री एवं विभागीय अधिकारियों से सम्पर्क करते रहे साथ ही रायपुर जिला के वर्तमान सांसद श्री सुनील जी सोनी जी के माध्यम से यह मांग संसद के सदन पटल पर इस मांग को रखा गया साथ ही वर्तमान विभागीय मंत्री श्री पीयुस गोयल जी को भी सांसद महोदय द्वारा पत्रों व दूरभाष के माध्यम से भी मांग करते रहे केन्द्र सरकार आखिरकार मांग को स्वीकार किया। मांग को स्वीकार कराने मे अहम् भूमिका निभाई, सुनील सोनी का आभार एवम् धन्यवाद व्यक्त छत्तिसगढ़ सराफा एसोसिएशन व रायपुर सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने किया, इस अवसर पर उपस्थित हुए अशोक गोलछा, उत्तम गोलछा, पवन अग्रवाल, दीपचंद कोटड़िया, सुरेश भंसाली, जितेन्द्र गोलछा, भरत जैन, प्रवीण मालू , निलेश शाह, सौरभ कोठारी, विनय गोलछा, उपस्थित हुए।।
  • मिल्खा सिंह का निधन राष्ट्र के साथ-साथ सिख समाज की बहुत बड़ी क्षति - छत्तीसगढ़ सिख समाज

    राष्ट्र के साथ-साथ सिख समाज की बहुत बड़ी क्षति - छत्तीसगढ़ सिख समाज

    विश्व विख्यात एथलेटिक्स फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह के निधन पर छत्तीसगढ़ सिख समाज ने किया दुख व्यक्त -

    छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने भारत के गोल्ड मेडलिस्ट विश्व विख्यात एथलीट्स फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह के निधन पर अफसोस करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है |
    छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष ने इसे भारत के महान खिलाड़ियों में से एक महान खिलाड़ी की कमी बताया |

    छत्तीसगढ़ शिक्षा मार्च के प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार यह राष्ट्र के साथ-साथ सिख समाज की बहुत बड़ी क्षति है मिल्खा सिंह देश की विरासत के साथ साथ समाज की विरासत भी थे |

    उल्लेखनीय है कि भारत के उड़न सिख यानी फ्लाइंग सिख के नाम से विख्यात महान फर्राटा धावक मिल्खा सिंह का एक महीने तक कोरोना संक्रमण से जूझने के बाद शुक्रवार देर रात 11:30 बजे चंडीगढ़ में निधन हो गया। इससे पहले रविवार को उनकी 85 वर्षीया पत्नी और भारतीय वॉलीबॉल टीम की पूर्व कप्तान निर्मल कौर ने भी कोरोना संक्रमण के कारण दम तोड़ दिया था।

    परिवार  के अनुसार कोरोना वायरस से संक्रमित होने के करीब एक महीने बाद 91 वर्षीय इस महान धावक का निधन हो गया। 1958 के राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन और 1960 के ओलिंपियन ने चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में अंतिम सांस ली। मिल्खा 20 मई को कोरोना वायरस की चपेट में आए थे। उनके पारिवारिक रसोइए को कोरोना हो गया था, जिसके बाद मिल्खा और उनकी पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह कोरोना पॉजिटिव हो गए थे।

    इसके बाद उन्हें 24 मई को उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उन्हें 30 मई को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। इसके बाद 03 जून को ऑक्सीजन स्तर में गिरावट के बाद उनहें पीजीआईएमईआर के नेहरू हॉस्पिटल एक्सटेंशन में भर्ती करवाया गया। गुरुवार को उनकी कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी। उनकी हालत शुक्रवार शाम को ज्यादा खराब हो गई थी और बुखार के साथ आक्सीजन भी कम हो गई थी। हालांकि, गुरुवार की शाम से पहले उनकी हालत स्थिर हो गई थी। उनके परिवार में उनके बेटे गोल्फर जीव मिल्खा सिंह और तीन बेटियां हैं।

    एशियाई खेलों के चार बार स्वर्ण पदक विजेता
    चार बार के एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता मिल्खा ने 1958 राष्ट्रमंडल खेलों में भी पीला तमगा हासिल किया था। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हालांकि 1960 के रोम ओलंपिक में था जिसमें वह 400 मीटर फाइनल में चौथे स्थान पर रहे थे। उन्होंने 1956 और 1964 ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें 1959 में पद्मश्री से नवाजा गया था ।

    पद्मश्री पिता-पुत्र की पहली जोड़ी
    जीव मिल्खा सिंह को पद्मश्री सम्मान से नवाजा जा चुका है। ऐसे में मिल्खा सिंह और उनके बेटे जीव मिल्खा सिंह देश के ऐसे इकलौते पिता-पुत्र की जोड़ी है, जिन्हें खेल उपलब्धियों के लिए पद्मश्री मिला है।

    छत्तीसगढ़ सिख समाज उन्हें हमेशा याद रखेंगा |

     

     

  • 18 जून को कांग्रेस का महंगाई के विरोध में थमेगा छत्तीसगढ़
    18 जून को कांग्रेस का महंगाई के विरोध में थमेगा छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने जन सामान्य से विरोध में शामिल होने का अनुरोध किया   18 जून को दोपहर 12 बजे पूरे राज्य में 5 मिनट होगा चक्का जाम रायपुर/16 जून 2021। केन्द्र की मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण देश में पेट्रोलियम उत्पादों सहित खाद्य सामाग्री एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों में हो रही बेतहाशा वृद्धि के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने प्रदेश की जनता से आह्वान किया है कि सभी 18 जून को दोपहर 12 बजे 5 मिनट के लिये जहां है वहीं थम जाये तथा चक्का जाम कर मंहगाई का विरोध करें। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कांग्रेसजनों से भी आह्वान किया कि वे सब अपने क्षेत्रों में इस सांकेतिक चक्का जाम को सफल बनाने जुट जाये।