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  • डॉ रमन सिंह छत्तीसगढ़ के 15 वर्ष तक मुख्यमंत्री होने का फर्ज और माटी का कर्ज अदा करें - कांग्रेस
    भाजपा नेताओं की झूठ बोलने की 15 साल पुरानी आदत है छूटेगी कैसे-कांग्रेस
     
     डॉक्टर रमन सिंह सरकार में थे तब अब विपक्ष में है तब भी मजदूर किसान महिला व्यापारियों को गुमराह करने झूठ बोल रहे हैं, आज भी यही कर रहे हैं
     
    36 हजार करोड़ के नान घोटाला,नमक घोटाला,चना घोटाला, चरणपादुका घोटाला के जिम्मेदार रहे लोग अब मजदूरों के नाम से झूठ की राजनीति कर रहे-कांग्रेस
     
    डॉ रमन सिंह छत्तीसगढ़ के 15 वर्ष तक मुख्यमंत्री होने का फर्ज और माटी का कर्ज अदा करें मोदी सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ के साथ करोना सहित हर मामले में  भेदभाव का विरोध कर
     
     
    रायपुर/16 मई 2020। भाजपा नेताओं  के करोना मामले में बयानों पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि डॉ रमन सिंह 15 साल तक मुख्यमंत्री रहे तब विकास का दावा कर झूठ बोलते थे अब विपक्ष में है तब खुशहाल छत्तीसगढ़ के किसान मजदूर महिलाएं व्यापारियों को गुमराह करने झूठ बोल रहे हैं। भाजपा नेताओं के झूठ फरेब और वादाखिलाफी से छत्तीसगढ़ का जन-जन वाकिफ हो चुका है भाजपा नेताओं के बयान बाजी को अब  छत्तीसगढ़ की जनता ने गंभीरता से लेना बंद कर दिया है। 
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा की 22 लाख फर्जी राशन कार्ड बनाकर मजदूरों के अनाज में हेरा फेरी करने वाले 36हजार करोड़ के नान घोटाला, चना घोटाला नमक घोटाला चरण पादुका घोटाला  मोबाइल घोटाला के लिए जिम्मेदार रहे भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह छत्तीसगढ़ के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल  सरकार  पर  बेबुनियाद तथ्यहीन मनगढ़ंत आरोप लगाकर कोरोना महामारी संकट के दौरान परेशान मजदूरों की मदद करने के बजाय राजनीति कर रहे है।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि डॉक्टर रमन सिंह को छत्तीसगढ़ के पूर्व में मुख्यमंत्री होने के दायित्व का निर्वहन करना चाहिए। मोदी सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ के साथ किए का रहे भेदभाव का विरोध करना चाहिए। मोदी सरकार से  छत्तीसगढ़ की हक की बात करनी चाहिए।डॉ रमन सिंह को मोदी सरकार से पूछना चाहिए छत्तीसगढ़ के कोयला की रॉयल्टी की राशि को छत्तीसगढ़ को क्यों नहीं दे रहे है-?  छत्तीसगढ़ के हिस्से की जीएसटी की बकाया राशि बीते 4 महीने से क्यों नहीं दिया गया ? डॉ रमन सिंह को मोदी सरकार से यह भी पूछना चाहिए भारत में 2800 से अधिक यात्री ट्रेनें हैं फिर देशभर के मजदूर घर जाने रेलवे की पटरी पर पैदल क्यों चल रहे हैं? भारत सरकार के गोदामों में इतना अनाज भरा है कि देश की आबादी को आने वाले दो चार साल तक दो वक्त का भोजन दिया जा सकता हैं ऐसे में लॉक डाउन के दौरान देशभर के मजदूर भूखे प्यासे सड़कों पर क्यों भटक रहे हैं? डॉ रमन सिंह को मोदी  से पूछना चाहिए 2022 तक किसानों के आमदनी दोगुनी करने का वादा कर भाजपा सत्ता में आई तो अब कोरोना महामारी संकट से निपटने किसानों को ऋण लेने की सलाह क्यों दी जा रही है ?सूक्ष्म लघु मध्यम उद्योग बीते 6 साल से नोटबंदी और जीएसटी के दुष्प्रभाव के कारण खस्ताहाल में है कोरोना महामारी संकट ने अधमरा हो चुके व्यापार उद्योग पर कुठाराघात किया है ऐसे समय में इन उद्योगों को संकट से लड़ने के लिये ऋण के बजाय सीधी मदद  राशि क्यों नहीं दी जा रही है?
     प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने कोरोना महामारी संकट काल के दौरान प्रदेश ही नहीं बल्कि प्रदेश के बाहर फंसे छत्तीसगढ़ के मजदूरों के रहने खाने और घर वापस आने का प्रबंध किया है? छत्तीसगढ़ में फंसे दूसरे राज्यों के मजदूरों को भी मेहमान की तरह रखकर उनके खाने-पीने रहने का प्रबंध किया है। 
  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्र को दिए अनेक महत्वपूर्ण सुझाव: प्रधानमंत्री  ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मांगा था सुझाव

    अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने सावधानियों के साथ व्यापारिक
    एवं वाणिज्यिक गतिविधियां प्रारंभ करना आवश्यक

    कंटेनमेंट जोन को छोड़कर शेष सभी क्षेत्रों में आवश्यक और गैर आवश्यक
    वस्तुओं की बिक्री की दी जाए अनुमति
     
    अंतर्राज्यीय सीमाएं खोलना फिलहाल उपयुक्त नही होगा

    वाहन शोरूम, वर्कशॉप और ई-कामर्स सेवाएं की जा सकती हैं प्रारंभ

    होटलों को फिजिकल डिस्टेंस की शर्त पर मिले केवल रहवासी सुविधाएं देने की अनुमति

    टेक्नीशियन, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक, मिस्त्री को सेवाएं देने
    और दुकान संचालन की मिले अनुमति

    नगरीय क्षेत्रों में फिजिकल डिस्टेंस की शर्त पर निर्माण कार्य प्रारंभ हो, श्रमिकों के परिवहन के लिए पास की अनुमति अनिवार्य की जाए

    रेड जोन, ऑरेंज जोन और ग्रीन जोन के निर्धारण का अधिकार राज्योें को मिले

    गैर आवश्यक अंतर्राज्यीय परिवहन पर 15 जून तक प्रतिबंध रखना आवश्यक

    श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के अतिरिक्त नई ट्रेने संबंधित राज्यों की अनुमति से चलायी जाएं

     

    रायपुर, 15 मई 2020

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 17 मई को समाप्त होने वाले लॉकडाउन के उपरांत आगे की रणनीति के संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 मई को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्रियों से लॉकडाउन के बाद आगे की रणनीति पर सुझाव मांगे थे।
    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पत्र में सुझाव देते हुए लिखा है कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए व्यापारिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों को सावधानी बरतते हुए पुनः प्रारंभ किया जाना आवश्यक है। इसके लिए कंटेनमेंट जोन को छोड़कर शेष सभी क्षेत्र में आवश्यक के साथ-साथ गैर आवश्यक वस्तुओं की बिक्री की अनुमति दी जानी चाहिए। वाहनों की बिक्री करने वाले समस्त प्रकार के शोरूम एवं वर्कशाप संचालन की अनुमति हो। समस्त प्रकार के ई-कामर्स के लिए अनुमति दी जा सकती है। होटल व्यवसाय को फिजिकल डिस्टेंस के पालन की शर्तों के तहत केवल रहवासी सुविधा उपलब्ध कराने हेतु अनुमति दी जा सकती है। होटलों में संचालित रेस्टोरंेट, बार, स्पा इत्यादि को अभी अनुमति न दी जाए। इसी प्रकार व्यक्तिगत रूप से सेवाएं देने वाले सभी प्रकार के टेक्नीशियन, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक, मिस्त्री इत्यादि के लिए अनुमति दी जानी चाहिए साथ ही उनको अपने टूल्स, उपकरण एवं अन्य सामग्री के लिए दुकान संचालन की भी अनुमति देनी चाहिए।
    मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि नगरीय क्षेत्रों में भी समस्त प्रकार के निर्माण कार्य हेतु अनुमति फिजिकल डिस्टेंस के पालन की शर्त पर देनी चाहिए। इसके लिए श्रमिकों के परिवहन की व्यवस्था के लिए पास की अनुमति होना अनिवार्य किया जा सकता है। राज्यों को उनके विभिन्न जिलों को रेड जोन, ऑरेंज जोन एवं ग्रीन जोन में वगीकृत करने का अधिकार होना चाहिए। इसके लिए पारदर्शी मापदंड केन्द्र सरकार निर्धारित करे। उन्होंने लिखा है कि अंतर्राज्यीय सीमाओं को अभी खोलना उपयुक्त नहीं होगा। अंतर्राज्यीय परिवहन केवल फंसे हुए श्रमिकों एवं अन्य श्रेणीयों के व्यक्तियों के लिए होना चाहिए। इन व्यक्तियों के आने की सूचना राज्यों के बीच साझा की जानी चाहिए ताकि क्वारेंटीन सहित अन्य आवश्यक उपाय किए जा सकें। गैर आवश्यक अंतर्राज्यीय परिवहन पर 15 जून तक प्रतिबंध रखना फिलहाल आवश्यक है। केवल अत्यावश्यक कारणों से अनुमति सहित परिवहन होना चाहिए। श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के अतिरिक्त नई ट्रेने केवल संबंधित राज्यों की सहमति से ही चलायी जानी चाहिए।
    इसी प्रकार वायु मार्ग से व्यक्तियों का परिवहन केवल फंसे हुए व्यक्तियों के लिए होना चाहिए। सामान्य एवं गैर आवश्यक कारणों से आने-जाने की अनुमति अभी दिया जाना उपयुक्त नही होगा। सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को फिलहाल स्थगित रखा जाना उपयुक्त होगा।
     श्री बघेल ने पत्र में लिखा है कि कोविड-19 के नियंत्रण के लिए किए जा रहे राष्ट्रीय प्रयासों में छत्तीसगढ़ ने अपना योगदान बखूबी दिया है। संक्रमण पर नियंत्रण के साथ-साथ प्रभावित लोगों को राहत पहंुचाने के काम में भी केन्द्र सरकार और अन्य राज्य सरकारों का निरंतर सहयोग हमारी सरकार कर रही है। प्रथम चरण के लॉकडाउन उपरांत धीरे-धीरे विभिन्न प्रकार की छूट भारत सरकार द्वारा दी गई है। साथ ही बड़ी संख्या में अन्य कोरोना संक्रमण प्रभावित प्रदेशों से छत्तीसगढ़ में श्रमिकों एवं अन्य व्यक्तियों का आगमन हो रहा है। इससे छत्तीसगढ़ में पुनः संक्रमण के फैलने की आशंका है। अतः आगामी कुछ माह में सावधानी की दृष्टि से अंतर्राज्यीय सीमाएं खोलना उपयुक्त नहीं होगा। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रधानमंत्री श्री मोदी से इन सुझावों पर विचार करने का अनुरोध करते हुए लिखा है कि राज्यों को सशक्त करने से निश्चित रूप से कोरोना से लड़ने में उनकी क्षमता में बढ़ोत्तरी होगी। केन्द्र शासन एवं अन्य राज्य सरकारों के सहयोग के लिए हमारी सरकार सदैव तैयार है।  

     
  • रमन सिंह  का  बयान तथ्यहीन और क्षुद्र राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि वाला - भूपेश बघेल
    रायपुर/15 मई 2020। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में आने वाले श्रमिकों के कष्टों के बारे में रमन सिंह द्वारा दिया गया बयान तथ्यहीन और क्षुद्र राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि हेतु दिया गया बयान है । रमन सिंह यदि राज्य में आने वाले और राज्य से गुजरने वाले श्रमिकों से प्रत्यक्ष में मिलकर उनका हालचाल जानते तो उन्हें यह जानकारी मिल जाती कि छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र राज्य है जहां बाहर से आ रहे सभी श्रमिकों को भोजन पानी एवं परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। भाजपा शासित राज्यों में रह रहे श्रमिकों के लिए भोजन पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई जिससे परेशान होकर वे पैदल ही अपने गृह राज्यों की ओर जाने के लिए विवश हो गए । राज्य के सभी जनप्रतिनिधियों अधिकारियों कर्मचारियों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा विगत 3 माह से दिन-रात अथक परिश्रम किया गया जिसके कारण ही आज राज्य करोना वायरस से निपटने में सफल हो सका है। केंद्र सरकार के साथ ही सारा देश आज छत्तीसगढ़ में करोना से निपटने हेतु किए गए प्रयासों की सराहना कर रहा है। राज्य के अधिकारियों के घर बैठकर नेटफ्लिक्स देखने का आरोप निहायत गैर जिम्मेदाराना है ।यह हमारे लाखों अधिकारियों कर्मचारियों का अपमान है जिन्होंने करोना से लड़ाई में योद्धाओं की तरह कार्य किया है । रमन सिंह को अपने कथन के लिए अधिकारियों कर्मचारियों से माफी मांगनी चाहिए । राष्ट्रीय आपदा की इस घड़ी में रमन सिंह को चाहिए कि घर बैठे बैठे बेसिर पैर की विज्ञप्ति जारी करने के बजाए करोना पीड़ितों की सहायता करें ।
  • छत्तीसगढ़ धीरे धीरे सामान्य कामकाज की ओर अग्रसर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल : राजीव गांधी किसान न्याय योजना इस संकट की घड़ी में किसानों के लिए संजीवनी

    प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाए रखने राज्य सरकार मजदूरों, किसानों और आदिवासियों की जेब में पैसे डाल रही है
    मुख्यमंत्री ने केन्द्र से किया मनरेगा को कृषि कार्य से जोड़ने का आग्रह
    मनरेगा के कृषि से जोड़ने से लोगों को बारिश में भी मिलेगा रोजगार,
    कृषि उत्पादन लागत होगी कम और उत्पादन भी बढ़ेगा

           रायपुर, 14 मई 2020

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गतिशील और मजबूत बनाने के लिए लॉकडाउन जैसे संकट के समय में श्रमिकों को मनरेगा, आदिवासियों को लघु वनोपज संग्रहण तथा किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से उनकी  जेब में पैसा डालने का काम कर रही है। हमारा प्रदेश धीरे धीरे सामान्य कामकाज की ओर अग्रसर हो रहा हैं। कल की कैबिनेट की बैठक में ऐसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं जो राज्य में आर्थिक गतिविधियों को और तेज करेंगे।
          बैठक में हमने एक निर्णय लिया जिसका क्रियान्वयन हम अपने स्वप्न दृष्टा नेता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी जी की पुण्य तिथि के दिन 21 मई से प्रारंभ करेंगे। राजीव गांधी किसान न्याय योजना बहुत ही दूरगामी निर्णय है और छत्तीसगढ़ के किसानों को इस संकट की घड़ी में संजीवनी प्रदान करने वाला निर्णय है। पूरे देश में कहीं भी किसानों के हित में इतना महत्वपूर्ण निर्णय नहीं लिया गया है। हमने राज्य के किसानों से वादा किया था कि उन्हें उनकी उपज का पूरा दाम मिलेगा। लोगों ने इसमें कई अड़चने लगाई, अवरोध पैदा किये लेकिन हमने जो कहा था वो निभाया है।
          राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत हम राज्य में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और कृषि आदान सहायता हेतु खरीफ 2019 में पंजीकृत एवं उपार्जित रकबे के आधार पर धान, मक्का और गन्ना फसल के लिए 10 हजार रूपये प्रति एकड़ की दर से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से अनुदान राशि सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। इसके लिए हमने बजट में 5100 करोड़ रूपए का प्रावधान भी किया है। इस योजना के तहत राज्य के 18 लाख 75 हजार किसानों को लाभ मिलेगा। यहीं नही खरीफ 2020 से आगामी वर्षो में दलहन और तिलहन फसलों के पंजीकृत और अधिसूचित रकबे के आधार पर निर्धारित राशि प्रति एकड़ की दर से किसानों को आदान सहायता अनुदान के रूप में देंगे। अनुदान लेने वाला किसान यदि गत वर्ष धान की फसल लगाया हो और इस साल धान के स्थान पर योजना के तहत शामिल अन्य फसल लगाता हैं तो ऐसी स्थिति में किसानों को प्रति एकड़ अतिरिक्त सहायता दी जायेगी ।
            मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मजदूरों, किसानों और आदिवासियों की जेब में पैसे डालने का काम कर रही है। लोगों की जेब में पैसा आने से इसका असर व्यापार और व्यवसाय पर पड़ेगा और अर्थव्यवस्था बराबर संचालित होती रहेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने केन्द्र सरकार से मनरेगा को कृषि कार्य से जोड़ने का आग्रह किया है। मनरेगा के काम बारिश तक चलेंगे। यदि मनरेगा को कृषि से जोड़ा जाता है तो लोगों को इससे निरंतर रोजगार मिलेगा, कृषि की लागत कम होगी और कृषि उत्पादन भी बढ़ेगा। श्री बघेल ने कहा कि आम जनता, सामाजिक संगठनों और सेवा भाव से काम कर रहे अधिकारी-कर्मचारियों के सहयोग से कोविड-19 संक्रमण को रोकने में प्रदेश में काफी हदतक सफलता मिली है।  
             इसके साथ ही हमने उत्कृष्ठ हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम के शालाओं का संचालन पंजीकृत सोसायटी के माध्यम से करने का निर्णय लिया है। लगभग 40 उत्कृष्ट शालाएं प्रारंभ की जाएंगी। विकासखण्ड मुख्यालयों में 10वीं के बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए आईटीआई का रोजगारपरक सर्टिफिकेट कोर्स आरंभ करने का निर्णय लिया गया।
         मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव के उपायों के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में संपूर्ण लॉकडाउन के फलस्वरूप बसों के दो माह और ट्रकों के एक माह के टैक्स की राशि माफ कर दिया गया है। राज्य सरकार सभी शहरी परिवारों को दो कमरों का पक्का आवास देने के लिए 40 हजार अतिरिक्त आवास बनाएगी। इसके साथ ही अब किराएदारों को भी योजना में समाहित करते हुए न्यूनतम दर पर आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
         श्री बघेल ने कहा कि लॉकडाउन की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश के सामान्य परिवारों (ए.पी.एल.) को भी रिफाइन्ड आयोडाईज्ड नमक पीडीएस की दुकानों से 10 रूपए प्रति किलो की दर से अधिकतम दो किलो नमक प्रति राशनकार्ड प्रति माह एक जून से प्रदान किया जाएगा। इससे राज्य के 9.04 लाख परिवार लाभान्वित होंगे। राज्य सरकार द्वारा जमीनों की खरीदी-बिक्री की शासकीय गाइडलाईन की दरों में 30 प्रतिशत की छूट को पूरे साल के लिए बढ़ा दिया गया है।  
            छत्तीसगढ़ में वर्तमान में केवल 4 एक्टिव कोरोना पाजीटिव मरीज हैं। कुल 59 पाजीटिव मरीजों में से 55 स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। कोरोना से किसी की भी मृत्यु नहीं हुई हैं। छत्तीसगढ़ में ठीक होने वाले मरीजों का प्रतिशत 93 प्रतिशत से अधिक हैं। राज्य में अभी तक कुल 27 हजार 339 सैम्पल टेस्ट किए गए हैं। राज्य में 28 हजार 759 व्यक्तियों को क्वारेंटाइन में रखा गया है। अन्य राज्यों से लौटने वाले मजदूरों के लिए गांवों में ही 16,499 क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए है। सीमावर्ती क्षेत्रों में कुल 623 क्वारेंटाइन सेंटर बनाये गये हैं ।
            श्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के प्रसार की जानकारी मिलते ही बचाव की तैयारियां प्रारंभ कर दी थी। 27 जनवरी को हमने सभी जिलों में रैपिड रिस्पांस टीम गठित कर दी थी।  28 जनवरी से एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग प्रारंभ कर दी थी और एक फरवरी को पहले आइसोलेशन अस्पताल ने काम करना प्रारंभ कर दिया था। हमने स्वस्फूर्त निर्णय लेते हुए किसी भी राज्य से पहले 21 मार्च को छत्तीसगढ़ राज्य की सीमाएं सील कर दी और 22 मार्च को राज्य में लाकडाउन की घोषणा की। वर्तमान में प्रतिदिन जांच क्षमता 1200 सैंपल प्रतिदिन हो गयी हैं।
            मुख्यमंत्री ने बताया कि जब कोटा से छात्रों को लाने की बात चल रही थी तभी मैंने श्रमिकों को वापस लाने की केन्द्र सरकार से मांग की थी और कहा था कि ट्रेनों की व्यवस्था की जाए अब ट्रेनें आना शुरू हो गई है। श्रमिकों की वापसी के लिए मई का महीना काफी महत्वपूर्ण है। अगले महीने से बारिश शुरू हो जाएगी तब आने वाले श्रमिकों के क्वारेंटीन में बाहर रखने के इंतजाम में दिक्कत आएगी क्योकि संसाधन सीमित है। बाहर से आने वाले श्रमिकों की बड़ी संख्या की तुलना में स्कूलों और आंगनबाड़ियों की संख्या कम है।
          लॉक-डाउन में मनरेगा के अंतर्गत ग्रामीणों को रोजगार देने में छत्तीसगढ़ अभी पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। देशभर में मनरेगा कार्यों में लगे कुल मजदूरों में से करीब 24 फीसदी अकेले छत्तीसगढ़ से हैं। यह संख्या देश में सर्वाधिक है। प्रदेश की 9883 ग्राम पंचायतों में चल रहे विभिन्न मनरेगा कार्यों में औसतन लगभग 23 लाख मजदूूर काम कर रहे हैं। लॉकडाउन में वनोपज संग्रहण में भी छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर हैं। देश के कुल वनोपज संग्रहण का 99 प्रतिशत अकेले छत्तीसगढ़ ने ही किया हैं। श्री बघेल ने कहा कि राज्य के 56.48 लाख गरीब परिवारो को अप्रैल, मई और जून, तीन माह का राशन, प्रति परिवार एक क्विंटल पांच किलोग्राम निःशुल्क प्रदान किया गया हैं। स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए ‘पढ़ाई तुंहर दुआर‘ वेबपोर्टल प्रारंभ। अब तक 21 लाख 26 हजार छात्र और 1.88 लाख शिक्षक पंजीकृत है।
          श्री बघेल ने कहा कि राज्य में जरूरततंद परिवारों के लिए राहत और कल्याणकारी योजनाओं के संचालन तथा सामान्य कामकाज को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 30 हजार करोड़ की आर्थिक सहायता दी जाये। उन्होंने मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि औद्योगिक नीति में इमेचवाम चवसपबल  के तहत बायो एथेनॉल उत्पादन इकाईयों के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज देने का निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ में धान का उत्पादन आने वाले वर्षों में बढ़ेगा। सरप्लस धान हर वर्ष बढ़ेगा। इसका उपयोग बायो एथेनॉल के उत्पादन में किया जा सकेगा।

  •  बस्तर के बकावण्ड और टोकामाल के किसानों की सब्जियां बिक रही रायपुर, भिलाई, नागपुर, हैदराबाद, ओड़ीसा और मध्यप्रदेश के बाजार में

    लॉकडाउन में सब्जियों की परिवहन की अनुमति के लिए किसानों ने

    मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री का जताया आभार

    बड़े शहरों में सप्लाई की व्यवस्था से बर्बाद होने से बच गई सब्जियां
    वाजिब मूल्य मिलने से किसानों को लाखों का फायदा

        रायपुर, 14 मई 2020

    छत्तीसगढ़ राज्य के सुदूर बस्तर जिले के बकावण्ड और तोकामाल ईलाके के किसानों द्वारा उत्पादित सब्जियां रायपुर, भिलाई से लेकर सीमावर्ती महारष्ट्र के नागपुर, तेलंगाना राज्य के  हैदराबाद, ओड़ीसा और मध्यप्रदेश के बाजारों में बिक रही है। लॉकडाउन की अवधि में बकावण्ड और तोकामाल ईलाके से छत्तीसगढ़ राज्य सहित अन्य राज्यों के बड़े बाजारों में सब्जियों के परिवहन की व्यवस्था प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल तथा कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे की विशेष पहल पर जिला प्रशासन बस्तर द्वारा सुनिश्चित की गई है, इसकी वजह से बस्तर के सब्जी उत्पादक कृषक न सिर्फ आर्थिक नुकसान से बच गए है, बल्कि बड़े शहरों में सब्जियों की सप्लाई होने से उन्हें वाजिब दाम भी मिलने लगा है। बकावण्ड और तोकामाल ईलाके के किसानों ने लॉकडाउन के दौरान सब्जियों के परिवहन की अनुमति देने के लिए मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री सहित जिला प्रशासन बस्तर का आभार जताया है।

        कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम के लिए जारी देशव्यापी लॉकडाउन की शुरूआती दौर में बस्तर के सब्जी उत्पादक किसानों को अपने सब्जी, फल उत्पाद का विक्रय एक कठिन चुनौती बन गया था। किसानों को सब्जियों के उचित मूल्य भी नहीं मिल नहीं पा रहे थे। किसान औने-पौने दाम पर सब्जियों को बेचने के लिए विवश थे। हालात यह थी कि उन्हें अपने खेत से सब्जी, मिर्च, टमाटर और खीरा आदि की तुड़ाई की मजदूरी भी नहीं निकल पा रही थी। हताश होकर किसानों ने सब्जियों की तुड़ाई ही बंद कर दी थी। इस स्थिति की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री ने जिला प्रशासन को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर जगदलपुर एवं उपसंचालक उद्यानिकी विभाग सहित मैदानी स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसानों से सम्पर्क कर उनकी समस्या का तत्परता से समाधान किया। जिला प्रशासन ने तत्काल सब्जियों के परिवहन का पास जारी करते हुए पुलिस विभाग को भी इसमें सहयोग करने के निर्देश दिए। उपसंचालक उद्यानिकी ने सब्जी के बड़े व्यापारियों से संपर्क कर उनसे किसानों द्वारा उत्पादित सब्जियों को खरीदने की व्यवस्था सुनिश्चित की। इन प्रयासों का नतीजा जल्दी मिलने लगा। लॉकडाउन के शुरूआती दौर में सब्जियों के परिवहन की व्यवस्था न होने के कारण किसान बड़ी मुश्किल से मिर्च 4 से 6 रूपए प्रतिकिलो, टमाटर 3 से 4 रूपए प्रतिकिलो, खीरा 1 से 2 रूपए किलो की दर से बेच पा रहे थे। किसानों को मुनाफा की बात तो दूर, सब्जियों की तुड़ाई की मजदूरी भी नहीं मिल पा रही थी। जैसे ही सब्ज्यिों के परिवहन के अनुमति मिली, व्यापारियों ने किसानों से उन्हीं सब्जियों को दो से तीन गुने भाव में खरीदना शुरू कर दिया। किसानों द्वारा उत्पादित मिर्च अब 11-13 रूपए प्रतिकिलो, टमाटर 8-10 रूपए प्रतिकिलो की दर से सब्जी व्यापारी खरीदने लगे है। खीरा का दाम भी बढ़कर 5-7 रूपए प्रति किलो किसानों को मिलने लगा है। बकावण्ड और तोकामाल से मिर्च टमाटर, खीरा एवं अन्य सब्जियां राजधानी रायपुर, औद्योगिक नगरी भिलाई, महाराष्ट्र के नागपुर, तेलंगाना राज्य के हैदराबाद, ओड़ीसा एवं मध्यप्रदेश के शहरों में बिकने के लिए बिना किसी व्यवधान के आने लगी है। अब तक बकावण्ड और तोकामाल ईलाके से लगभग 3000 मीट्रिक टन मिर्च, 500 मीट्रिक टन टमाटर एवं 100 मीट्रिक टन खीरा सहित अन्य सब्जियों की सप्लाई छत्तीसगढ़ राज्य सहित सीमावर्ती राज्यों के बाजारों में की जा चुकी है। इससे किसानों को लाखों रूपए का नुकसान होने से बचाया जा सका है।

  • आज रात 8:00 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन फिर एक बार

    बिग अलर्ट आज रात 8:00 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिर एक बार देश को करेंगे संबोधित क्या होगा आज कुछ नया क्या बताएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंतजार कीजिए रात 8:00 बजे का और आप अच्छे से जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भी रात 8:00 बजे संबोधित करते हैं तो उसका आशय यह यह होता है कि रात 12:00 बजे के बाद नए फरमान का पालन करना होता है अब देखते हैं आज रात 8:00 बजे के बाद देश को किस नए आदेश का पालन करना पड़ेगा ?

  • भारतीय रेलवे की12 मई से 15 जोड़ी ट्रेनों में सफर के नियम

    COVID  19 चेतावनी:

    COVID 19 के दौरान, आप अपने स्वास्थ्य के लिए स्वयं जिम्मेदार हैं:

    फेस मास्क का प्रयोग करें, सोशल डिस्टन्सिंग बनाए रखें और हाथों को बार-बार धोएं |

    भारतीय रेलवे की योजना है कि चरणबद्ध तरीके से 12 मई, 2020 से 15 जोड़ी ट्रेनों (30 वापसी यात्रा) के साथ यात्री ट्रेन संचालन को फिर से शुरू किया जाए नई दिल्ली स्टेशन से डिब्रूगढ़, अगरतला, हावड़ा, पटना, बिलासपुर, रांची, भुवनेश्वर, सिकंदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, तिरुवनंतपुरम, मडगाँव, मुंबई सेंट्रल, अहमदाबाद और जम्मू तवी को जोड़ने वाली इन ट्रेनों को विशेष ट्रेनों के रूप में चलाया जाएगा।

    इन ट्रेनों में आरक्षण के लिए बुकिंग 11 मई को शाम 6 बजे से शुरू  - केवल IRCTC की वेबसाइट (https://www.irctc.co.in/) और IRCTC रेल कनेक्ट ऐप पर उपलब्ध होगी।

    खानपान सेवा उपलब्ध नहीं होगी और खानपान शुल्क किराया में शामिल नहीं है।

    भारतीय रेलवे द्वारा 17 मई 2020 तक रद्द की गई ट्रेनों के लिए, पूर्ण वापसी आईआरसीटीसी द्वारा स्वचालित रूप से प्रदान की जाएगी। उपयोगकर्ताओं को अपने ई-टिकट को रद्द करने की आवश्यकता नहीं है। पूर्ण किराया वापस उन उपयोगकर्ताओं के खातों में जमा किया जाएगा जहाँ से भुगतान किया गया

    ट्रेन में कोई कंबल और लिनन प्रदान नहीं किया जाएगा।

  • वेबपोर्टल के माध्यम से फल, सब्जी, दुध और दुग्ध उत्पाद की घर पहुंच सेवा उपलब्ध

    लॉकडाउन की अवधि में लोगों को फल-सब्जी और दुग्ध उत्पाद घर बैठे ही आसानी से उपलब्ध हो सके इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फल-सब्जी ऑनलाइन डिलीवरी वेबसाइट सीजीहाट का  गत दिनों लोकार्पण किया था ।

    कलेक्टर डॉ एस. भारतीदासन ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वेबपोर्टल (http//cghaat.in ) के माध्यम से फल, सब्जी, दुध और दुग्ध उत्पाद की घर पहुंच सेवा उपलब्ध कराने के लिए जिले में वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की । कोई भी क्रेता और विक्रेता ऑनलाइन वेबसाइट पर जाकर  अपना पंजीयन करा कर खरीदी-बिक्री कर सकता है। रायपुर जिले में इस कार्य को नागरिकों द्वारा अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। जिले में 70 विक्रेता पंजीकृत, 6 हज़ार 655 ग्राहक इसका लाभ उठा कर घर बैठे बाजिब दाम में अपने मनपसंद पंजीकृत विक्रेता से  फल , सब्जी, दूध मंगा चुके हैं ।

     फल-सब्जी,दुध और दुग्ध उत्पाद  के वेंडर जो इस पोर्टल के माध्यम से सेवा देना चाहते हैं, वे इस पर ऑनलाइन अपना पंजीयन कर सकते हैं। कलेक्टर द्वारा उनका अनुमोदन होते ही वे इस पोर्टल के माध्यम से आर्डर प्राप्त करना तथा घर पहुंच सेवा देना प्रारंभ कर सकते हैं। वेडरों के लिए यह सुविधा निःशुल्क प्रदाय की जा रही है।  फल-सब्जी खरीदने के इच्छुक ग्राहक इस पोर्टल पर पंजीयन करके अपने पसंद के वेंडर को ऑनलाइन आर्डर दे सकते हैं। ग्राहकों के लिए भी पंजीयन निःशुल्क है।

    इसमें फल एवं सब्जी का मूल्य ग्राहकोें को ऑनलाइन दिखाई पड़ेगा, 200 रूपए से अधिक मूल्य की खरीदी पर कोई डिलीवरी शुल्क भी नहीं लगेगा। वेबसाइट में एसएमएस नोटिफिकेशन तथा आर्डर ट्रैकिंग की व्यवस्था भी की गई है। इसके अतिरिक्त किसी प्रकार की शिकायत होने पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे।

        इस कार्य के सुचारू संचालन करने के लिए एन आर साहू, अपर कलेक्टर रायपुर को नोडल अधिकारी मोबाइल नंबर 98271- 71271 और संदीप कुमार अग्रवाल,संयुक्त कलेक्टर को अतिरिक्त नोडल अधिकारी मोबाइल नंबर 74158-41725 तथा श्रीमती कीर्ति शर्मा को तकनीकी नोडल अधिकारी मोबाइल नंबर 70006-69050  का दायित्व सौंपा  है।  ऑनलाइन खरीदी बिक्री  में किसी प्रकार की समस्या आने पर इन  मोबाइल नंबर पर सम्पर्क कर निराकरण कर सकते है।

    औगौरतलब है कि लॉकडाउन की अवधि में फल-सब्जी , दुध आदि की दुकानें खुली रखने की अनुमति दी गई है फिर भी फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए यह अच्छा होगा कि फल एवं सब्जी की घर पहुंच सेवा ऑनलाइन आर्डर करने पर लोगों को मिल सके। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन की एजेंसी चिप्स द्वारा फल एवं सब्जी , दुध घर बैठे ऑनलाइन आर्डर करने और घर पहुंच सेवा देने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया है जिसे सीजीहाट नाम दिया गया है।
     

  • मीडिया पर बढ़ते अवमानना के मुद्दे पर मद्रास उच्च न्यायालय ने अपनाया कठोर रुख
    मीडिया पर बढ़ते अवमानना के मुद्दे पर मद्रास उच्च न्यायालय ने कठोर रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे केस कुछ राजनीतिज्ञों व कारोबारियों के लिए मीडिया को डराने का हथियार बन गए हैं. उच्च न्यायालय ने इस कड़ी टिप्पणी के साथ ही दो पत्रकारों व एक अंग्रेजी दैनिक अखबार के विरूद्ध चल रही अवमानना मामलों की सुनवाई रद्द कर दी. जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने हाल ही में इन मामलों को खारिज करते हुए कहा, आपराधिक मानहानि के मुद्दे उन कारोबारी संस्थाओं व शक्तिशाली राजनेताओं के लिए धमकाने का एक साधन बन गए हैं, जिनके हाथ बहुत ज्यादा लंबे हैं. मीडिया को किसी भी मामले पर स्टोरी लिखने का हक है जज ने कहा, मीडिया को किसी मामले पर स्टोरी प्रस्तुत करने का हक है. जब उच्च न्यायालय ने रेत के गैरकानूनी खनन के आरोपों पर नोटिस जारी किया व जब यह सवाल सार्वजनिक तौर पर उठाया गया तो इस स्टोरी को छापने का अधिकार मीडिया को है. मामूली गलती पर अदालती सुनवाई का मतलब नहीं जज ने रिपोर्टिंग में मात्र छोटी गलतियों को देखते हुए बोला कि अभियोजन पक्ष ऐसी छोटी गलती पर अदालती कार्यवाही प्रारम्भ करने का औचित्य साबित नहीं कर सकते हैं. हमेशा गलतियों को सुधारा जा सकता है. हालांकि, यह सुधार तथ्यों व परिस्थितियों पर निर्भर करेगी.
  • कांग्रेसी विधायक अपनी सरकार पर पूर्ण शराबबंदी लागू करने दबाव डाले : धरमलाल कौशिक

    राज्य सरकार शराब बेचकर अनैतिक कमाई कर रही - - दूसरी ओर केन्द्र सरकार को शराब बिक्री की अनुमति देने के लिए कोस रही हैं। 

     

    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस नेताओं को प्रदेश में शराब के कारोबार को रोकने के लिए दबाव बनाने की चुनौती दी है। श्री कौशिक ने कहा कि इस सम्बन्ध में कांग्रेस नेताओं ने पहले भाजपा शासित राज्यों में शराब के कारोबार को रोकने की बात कहते हुए कहा था कि उसके बाद भाजपा के लोग कांग्रेस सरकार से शराब कारोबार बन्द करने के लिए कहें।
    नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने कहा कि उत्तरप्रदेश के भाजपा सांसद सत्यदेव पचैरी और साक्षी महाराज सहित भाजपा विधायक सुरेन्द्र सिंह ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से राज्य में शराब बिक्री की अनुमति देने के फैसले की समीक्षा करने का आग्रह किया है। भाजपा नेताओं ने कहा है कि राजस्व संग्रह के लिए लोगों के जीवन के साथ समझौता करना सही नहीं है, क्योंकि शराब बिक्री के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए बेहद मुश्किल है और कोरोना संकट के चलते लॉकडाउन में शराब दुकानें नहीं खोली जानी चाहिए। श्री कौशिक ने कहा कि भाजपा में लोकतंत्र अभी मजबूती के साथ कायम है और उसके जनप्रतिनिधियों में अपनी ही सरकार के फैसले पर पुनः समीक्षा करने की बात कहने का नैतिक साहस है। क्या छत्तीसगढ़ कांग्रेस के बड़बोले नेताओं, सांसदों और विधायकों में प्रदेश सरकार के फैसले के खिलाफ एक शब्द भी बोलने का नैतिक साहस बचा है?
    नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस और राज्य सरकार शराब बेचकर अनैतिक कमाई कर रही वही दूसरी ओर केन्द्र सरकार को शराब बिक्री की अनुमति देने के लिए कोस रही हैं। केन्द्र सरकार के खिलाफ मिथ्या प्रलाप करते कांग्रेस नेताओं को नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने चुनौती दी है कि यदि बड़ी-बड़ी दुहाई देने के बाद भी कांग्रेस में लोकतंत्र नाम की कोई चीज बची हो तो वे और कांग्रेस के सांसद-विधायक प्रदेश सरकार के शराब दुकानें खोलने के फैसले पर पुनर्विचार करने का दबाव बनाएं। श्री कौशिक ने कहा कि राजस्व संग्रह के लिए अन्य स्रोतों पर विचार किया जाना चाहिए और शराब बिक्री को ही राजस्व संग्रह का एकमात्र स्रोत नहीं मानना चाहिए, क्योंकि इससे व्यक्तियों के स्वास्थ्य के साथ-साथ समाज का स्वास्थ्य भी खतरे में पड़ता है। उन्होंने कहा कि लॉकडौन के समय छत्तीसगढ़ शांति का टापू था लेकिन जैसे ही शराब की बेरोकटोक बिक्री चालु हुई है प्रदेश अशांत हो चला है । शराब के नशे में जंहा अपने माता व पिता की हत्या की घटना सुनाई पड़ी वही शराब ने घरो की शान्ति भंग कर डाली है यह बहुत ही चिंता की बात है । राज्य सरकार यदि छत्तीसगढ़ की शुभ चिंतक है तो उसे अपनी गंगा की कसम पूर्ण तुरंत करते हुए पूर्ण शराबबंदी लागू करना चाहिए ।

  • रायपुर किस तरह साफ सुथरा होगा ? कैसे  स्मार्ट होगा ?
    रायपुर को स्मार्ट बनाने साफ सुथरा रखने सर्व सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिन पर जिम्मेदारी है उस कार्यालय का नाम है रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड और ऐसा महत्वपूर्ण कार्यालय स्वयं गंदगी के बीच में रहे तो आप सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं कि रायपुर किस तरह साफ सुथरा होगा ? - कैसे स्मार्ट होगा रायपुर ? - करोड़ों रुपए प्रतिमाह रायपुर नगर निगम सीमा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली नालियों - नालो सड़कों गलियों चौक चौराहों बाजारों की साफ सफाई के लिए सफाई ठेकेदारों सफाई कर्मचारियों पर खर्च किए जाते हैं | परंतु मॉनिटरिंग के अभाव में या यूं कहें की मिलीभगत के कारण पूरे शहर के बड़े और मुख्य नाले गंदगी से भरे रहते हैं और इनकी साफ-सफाई पर खर्च होने वाला रुपया बंदरबांट में चला जाता है | आप जो यह नाला देख रहे हैं यह राजधानी को साफ सुथरा और स्मार्ट बनाने वाले कार्यालय के प्रांगण में मुख्य द्वार के सामने ही है | अब राजधानी को साफ सुथरा रखने की जिस पर जिम्मेदारी हो वह खुद अपना घर अपना कार्यालय ही साफ सुथरा ना रख पाए, तब आप स्वयं ही अंदाजा लगा लीजिए रायपुर स्मार्ट सिटी प्राइवेट लिमिटेड की उपयोगिता पर आप कितना भरोसा कर सकते हैं ? उसकी कार्यप्रणाली पर आप कितना भरोसा कर सकते हैं ? उनके अधिकारियों पर आप कितना भरोसा कर सकते हैं ? और इनके अंतर्गत कार्य करने वाले ठेकेदार और कर्मचारियों पर आप इतना भरोसा कर सकते हैं ? CG 24 न्यूज़ चैनल चैनल आपको लगातार शहर के ऐसे स्थानों की जानकारी देता रहेगा, वह भी प्रमाण सहित |
  • शराब दुकान में लाठीचार्ज -

    शराब की ब्रेकिंग न्यूज़

     लालपुर शराब दुकान में पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज -

    एक दूसरे के ऊपर गिरते पड़ते भागे लोग

    शराब के सामने लाक डाउन - सोशल डिस्टेंसिंग हुआ फेल

    मास्क के बगैर शराब के शौकीन भीषण गर्मी में कर रहे मशक्कत