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  • दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों भूपेश बघेल ने अवार्ड ग्रहण किया

    बात है अभिमान की! आप सबको बधाई Trophy छत्तीसगढ़ को स्वच्छ अमृत महोत्सव कार्यक्रम में सबसे स्वच्छ राज्य श्रेणी में आज पुरस्कृत किया गया है। आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी के हाथों यह अवार्ड ग्रहण किया।

    बात है अभिमान की! आप सबको बधाईTrophy छत्तीसगढ़ को स्वच्छ अमृत महोत्सव कार्यक्रम में सबसे स्वच्छ राज्य श्रेणी में आज पुरस्कृत किया गया है। आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी के हाथों यह अवार्ड ग्रहण किया। #ChhattisgarhNumber1
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    https://twitter.com/bhupeshbaghel/status/1461942250477260802 

  • स्कूली शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम के बंगले के बाहर छात्रों का धरना प्रदर्शन नारेबाजी

    प्रदेश के अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रावास में व्यवस्थाओं एवं शासकीय कमियों को लेकर अनेक छात्र छात्राएं प्रदेश के स्कूली शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम के बंगले पर एकत्रित होकर अपनी 9 सूत्री मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन नारेबाजी कर रहे हैं

    उल्लेखनीय है कि 15 नवंबर को इनके द्वारा मंत्री को ज्ञापन दिया गया था उस पर कोई संज्ञान नालिया जाने से नाराज अनेक छात्र छात्राएं स्कूली शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम के बंगले पर एकत्र हो गए और धरने पर बैठ गए बंगले के गेट के सामने धरना प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया |

     

    एससी एसटी वर्ग के छात्र-छात्राओं की मांग है कि हॉस्टल में प्रवेश संबंधी उम्र सीमा को शिथिल किया जाए | 50% छात्रों को हॉस्टल में रहने देने की जो शर्त रखी गई है उसे हटाया जाए | आदिम जाति कल्याण विभाग को शिक्षा विभाग में सम्मिलित किया गया है उसे पूर्व की भांति अलग किया जाए | राजधानी के डीडी नगर स्थित नवीन स्नातकोत्तर बालक छात्रावास जैसी सुविधाएं प्रदेश के सभी हॉस्टल में की जाए | आदिम जाति कल्याण विभाग में अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति का ही आयुक्त होना चाहिए | हॉस्टलों में रहकर पढ़ाई करने वाले sc-st छात्र-छात्राएं स्कूली शिक्षा मंत्री के बंगले के बाहर सरकार विरोधी एवं मंत्री विरोधी नारेबाजी कर अपना विरोध प्रकट कर रहे हैं |

  • कंगना रनौत के आजादी वाले बयान पर केंद्र सरकार को सामने आना पड़ेगा ?
    अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा भारत की आजादी 1947 में नई 2014 में हुई है के बयान पर केंद्र सरकार को संज्ञान लेना चाहिए | केंद्र सरकार कंगना रनौत के बयान को मद्देनजर रखते हुए स्पष्ट करें कि क्या भारत की आजादी 1947 में नहीं हुई ? *क्या भारत की आजादी के लिए भगत सिंह, राजगुरु सुखदेव ने अपना बलिदान नहीं दिया ?* *भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी किसी मर्डर,लूट, बैंक डकैती या रेप के लिए हुई थी ?* *शहीद भगत सिंह, राजगुरु सुखदेव के बलिदान दिवस को हिंदुस्तान क्यों मनाता है ?* *जलियांवाला बाग में खून खराबा क्यों हुआ* अपने शरीर का प्रदर्शन करके नग्न प्रदर्शन करके फिल्मों के माध्यम से अनेक लोगों के साथ अवैध संबंध बनाकर ग्लैमरस दुनिया में अपना स्थान बनाने वाली एक अभिनेत्री कंगना रनौत देश के लिए बलिदान होने वाले देशभक्तों के खिलाफ इस तरह के अव्यवहारिक, देश के नागरिकों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने, अपनी प्रसिद्धि में बढ़ोतरी करने के उद्देश्य से मीडिया के सामने बनी रहने के प्रयासों के तहत बेवकूफी वाले बयान देती हैं, देशद्रोही वाले बयान देती हैं, लोगों की भावनाओं को भड़काने वाले बयान देती हैं तो ऐसी अभिनेत्री को तुरंत देश के संविधान के तहत सबसे सख्त धारा के अंतर्गत गिरफ्तार कर जेल में डाल देना चाहिए अन्यथा देश के नागरिकों में, महिलाओं में, पुरुषों में और समझदार युवकों में तूफान आ जाएगा| हम कंगना रनौत के बयान की निंदा करते हैं, घोर निंदा करते हैं, ऐसी अभिनेत्री जो मीडिया के सामने स्पष्ट तौर पर बयान देती है कि मैं फैशनेबल कपड़े पहनने, दोस्त बनाने, लिव इन रिलेशन बनाने, मनमानी बोलने की खुली स्वतंत्रता को त्यागना नही चाहती | कंगना रनौत के राष्ट्र विरोधी बयान पर केंद्र सरकार स्पष्ट करे कि 1947 में भारत आजाद नहीं हुआ ? आजाद हुआ भी तो क्या भीख में मिला भारत ? जलियांवाला बाग का नरसंहार क्या देश की आजादी के लिए नहीं था ? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की आजादी के बारे में कंगना रनौत द्वारा पैदा किए गए विवाद पर सामने आकर स्पष्ट करना चाहिए कि क्या भारत 1947 में आजाद हुआ या आप जब प्रधानमंत्री बने तब 1914 में आजाद हुआ ?
  • *प्रदेश में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों पर विराम!*
    *प्रदेश में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों पर विराम!* *दिल्ली से खाली हाथ लौटे मंत्री टीएस सिंहदेव - अढ़ाई साल के फार्मूले पर नहीं हुई कोई चर्चा* *कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री बदलने को लेकर चल रही अटकलों पर कोई चर्चा नहीं करना चाहता !* प्रदेश के पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव आज दिल्ली से वापस लौटे, पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सोनिया गांधी से मुलाकात हुई है | सोनिया गांधी से हुई बातचीत के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि उन से सौजन्य मुलाकात हुई है | अढ़ाई साल के फार्मूले के बारे में पूछने पर मंत्री टी एस सिंहदेव ने कहा कि इसके बारे में कुछ कहने को नहीं है | इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अब शायद वे स्वयं भी मान रहे हैं कि उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं लगभग समाप्त हो चुकी हैं ! परंतु स्पष्ट तौर पर नहीं कह पा रहे हैं | यहां यह उल्लेख करना भी अति आवश्यक है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल के 35 माह पूरे हो चुके हैं अगले महा 17 दिसंबर को उनके कार्यकाल के पूरे 3 साल हो जाएंगे | सीजी 24 न्यूज
  • प्रदेश सरकार अपने एक मंत्री की संलिप्तता को लेकर विचलित है और वह मंत्री व उनके नक्सली कनेक्शन के बेनकाब होने से डरी हुई है : भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल घबराकर नए जांच आयोग का पैंतरा अपना रहे हैं, क्यों घबराई हुई है पूरी कांग्रेस सरकार : भाजपा रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने झीरम मामले में राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उईके को जांच प्रतिवेदन सौपें जाने के बाद कांग्रेस और प्रदेश सरकार की बौखलाहट और एक नए जांच आयोग के गठन की घोषणा से यह साफ हो गया है कि प्रदेश सरकार अपने एक मंत्री की संलिप्तता को लेकर विचलित है और वह मंत्री व उनके नक्सली कनेक्शन के बेनकाब होने से डरी हुई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय झीरम मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राज्यपाल को जांच प्रतिवेदन सौंपे जाने पर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास इस बात का गवाह है कि जब-जब किसी जांच आयोग की रिपोर्ट में उसकी सरकार व पार्टी नेताओं का चरित्र दागदार होता है तो वह जांच आयोग की रिपोर्ट ही गायब कर देती है। ऐसे दसियों उदाहरण दिए जा सकते हैं और शाह आयोग की जांच रिपोर्ट तो इसका सबसे प्रमुख उदाहरण है जिसने आपातकाल की ज्यादतियों की जांच कर अपना प्रतिवेदन जनता सरकार के पतन के बाद पुनः प्रधानमंत्री बने इंदिरा गांधी को सौंपी थी और उसके उसके बाद देश इस जांच प्रतिवेदन के सत्य और तथ्य से ही आज तक नावाकिफ है। श्री साय ने कहा कि सरकार की कैबिनेट के किसी सदस्य की संलिप्तता को देखते हुए जांच आयोग ने अपना प्रतिवेदन सरकार के बजाय यदि राज्यपाल को सौंपा है तो प्रदेश सरकार इतना बिफर क्यों रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नाते मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झीरम मामले के सबूत जेब में रखने की डींगे हांकी थी लेकिन जरूरत पड़ने पर वह सबूत पेश ही नहीं की उल्टे उस एनआईए की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाने और उसमें अड़ंगा डालने में ही अपना वक्त जाया किया। इस मामले की जांच का जिम्मा कांग्रेस नीत यूपीए की केंद्र सरकार ने सन् 2013 में सौंपा था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि किसी भी हत्याकांड या अनहोनी की जांच करते समय पुलिस सबसे पहले यह पता लगाती है कि इससे सर्वाधिक लाभ किसे होना है? अब प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री बघेल को यह साफ करते हुए प्रदेश को बताना चाहिए कि झीरम हत्याकांड का सर्वाधिक लाभ किस राजनीतिक नेता को होना था, और हुआ? श्री साय ने कहा कि यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि इस मामले के एक पुलिस के चश्मदीद मुखबिर से मिलने बिलासपुर कौन गया था, क्यों गया था, और किसने भेजा था? यह मुखबिर बाद में बागी क्यों हो गया था? श्री साय ने कहा कि इस मुद्दे पर अकारण विवाद खड़ा करके और नए आयोग के गठन की बात कहकर मुख्यमंत्री बघेल इस जांच प्रतिवेदन को विधानसभा के पटल पर रखे जाने से रोकने का असंवैधानिक कृत्य कर रहे हैं। इन्हीं सारे तथ्यों, आशंकाओं और कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र के चलते झीरम मामले का जांच प्रतिवेदन राज्यपाल को सौंपा गया श्री साय ने कहा कि झीरम मामले में एक नए आयोग की चर्चा छोड़कर सियासी शोशेबाजी का प्रदर्शन कर रहे हैं और उनके रवैए से निराश कांग्रेस के लोग ही अब मान रहे हैं कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार इस मामले के सच को सामने आने से रोक रही है।
  • अशोक जुनेजा छत्तीसगढ़ के नए डीजीपी
    रायपुर ब्रेकिंग छत्तीसगढ़ के डीजीपी बदले गए डीजीपी डीएम अवस्थी को अब पुलिस अकादमी का प्रभार सीनियर आईपीएस अशोक जुनेजा छत्तीसगढ़ के नए डीजीपी छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी को मुख्यमंत्री की नाराजगी भारी पड़ी। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के दो दिन बाद अवस्थी को पद से हटा दिया गया है। अब अवस्थी से तीन साल जूनियर अशोक जुनेजा छत्तीसगढ़ पुलिस के नए मुखिया होंगे। गृह विभाग ने गुरुवार को यह आदेश जारी कर दिया। 1989 बैच के IPS अशोक जुनेजा अभी एंटी नक्सल ऑपरेशन के महानिदेशक, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल और एसटीएफ के प्रमुख हैं। गृह विभाग से जारी आदेश के मुताबिक जुनेजा को अभी पुलिस महानिदेशक का चालू प्रभार दिया गया है। बताया जा रहा है, इसके लिए केंद्र सरकार से औपचारिक अनुमति की जरूरत होती है। जल्दी ही प्रक्रिया पूरी कर उन्हें पूर्णकालिक नियुक्ति दी जाएगी। अभी तक DGP की जिम्मेदारी संभाल रहे 1986 बैच के डीएम अवस्थी अब राज्य पुलिस अकादमी के महानिदेशक की जिम्मेदारी संभालेंगे। मुख्यमंत्री ने जताई थी नाराजगी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को पुलिस के कामकाज की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने भरी बैठक में कह दिया, मुझे अब आप लोगों से कोई अपेक्षा नहीं बची है। बार-बार कहने के बावजूद पुलिसिंग में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा, उनके सब्र की परीक्षा मत लीजिए। सुधर जाइये नहीं तो मुझे सुधारना आता है। बताया जा रहा है, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की नाराजगी चार वजहों से अधिक थी। इसमें सड़कों पर हो रही चाकूबाजी, जुआ-सट्‌टा का अवैध कारोबार, चिटफंड पर कार्रवाई में ढिलाई और ओडिशा से गांजा तस्करी रोक पाने में पुलिस की नाकामी है। सरकार बदलते ही DGP बने थे अवस्थी भारतीय पुलिस सेवा 1986 बैच के अधिकारी डीएम अवस्थी छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार की विदाई के साथ ही DGP बनाए गए थे। 17 दिसम्बर 2018 को मुख्यमंत्री ने पद की शपथ लेकर सरकार बनाई। 19 दिसम्बर 2018 को 1985 बैच के एएन उपाध्याय को पद से हटाकर पुलिस हाउसिंग बोर्ड कॉर्पोरेशन भेज दिया गया। अब कहा जा रहा है, सरकार ने डीएम अवस्थी से जो अपेक्षाएं पाली थीं, वे ढाई-तीन सालों में पूरी नहीं हुईं। आपराधिक घटनाओं ने सरकार की किरकिरी कराई।
  • मंत्री रहते जिस व्यक्ति की बात कलेक्टर ना सुनता हो वह व्यक्ति मुख्यमंत्री कैसे बन पाएगा ?

    प्रभावशाली मंत्री की बात अगर कलेक्टर ना सुने तो ऐसा मंत्री मुख्यमंत्री कैसे बन सकता है ?

    मंत्री बंगले से 12 दिन बाद अर्थात 14 अक्टूबर को कलेक्टर दुर्ग को पत्र जारी किया गया

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा को लगाया जा रहा पलीता 

    लिखित शिकायत एवं स्टिंग का वीडियो सीडी 2 अक्टूबर को दी गई, जिस पर मंत्री बंगले से 12 दिन बाद अर्थात 14 अक्टूबर को कलेक्टर दुर्ग को पत्र जारी किया गया

     

    प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा अनुसार गांव वालों को रोजगार के साथ-साथ गांव के विकास में आर्थिक सहयोग करने के विचार के तहत एक व्यक्ति लघु उद्योग लगाने गांव में जमीन खरीदता है | ताकि गांव के युवाओं और महिलाओं को रोजगार उपलब्ध हो सके और वह स्वावलंबी बनने के साथ-साथ आय भी कर सकें |

     

    अब बारी आती है बिजली कनेक्शन लेने की, नियमानुसार बिजली विभाग को इसके लिए सरपंच की एनओसी की आवश्यकता होती है, लघु उद्योग लगाने वाला व्यक्ति सरपंच से जब एनओसी मांगता है तो महिला सरपंच श्रीमती बीना गेंदरे, सरपंच पति नरेंद्र कुमार गेंदरे और ग्राम सचिव लोकेश वर्मा मिलकर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट देने के लिए बतौर रिश्वत डेढ़ लाख रुपए की मांग करते हैं | सरपंच द्वारा डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत मांगने एवम रुपए देते का स्टिंग प्रमाण स्वरूप एकत्रित करके कलेक्टर दुर्ग को लिखित शिकायत करने के बाद कोई कार्यवाही ना होने पर पंचायत मंत्री टी एस सिंहदेव को लिखित शिकायत एवं स्टिंग का वीडियो सीडी 2 अक्टूबर को दी गई, जिस पर मंत्री बंगले से 12 दिन बाद अर्थात 14 अक्टूबर को कलेक्टर दुर्ग को पत्र जारी किया गया, जिस पर भी कोई कार्यवाही ना होने पर पुनः मंत्री टी एस सिंहदेव से मुलाकात कर कार्यवाही ना होने कि शिकायत 7 नवंबर को अर्थात 1 महीना 5 दिन बाद की गई | जिस पर मंत्री जी ने निज सचिव से बात करने कहा निज सचिव आनंद सागर ने कहा कि कलेक्टर दुर्ग को पुनः रिमाइंडर भेजते हैं | अब आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि एक गांव के सरपंच ग्राम सचिव के खिलाफ शिकायत वह भी प्रमाण सहित करने के बाद और उस शिकायत पर मंत्री बंगले से कलेक्टर दुर्ग को पत्र जाने के बावजूद कार्यवाही ना होना इस बात को प्रमाणित करता है कि या तो दुर्ग के कलेक्टर पंचायत मंत्री टी एस सिंह देव के पत्र को महत्व नहीं देते या फिर मंत्री बंगले से ही ऐसा आदेश होगा कि हर पत्र पर कार्यवाही नहीं करना है या फिर कोई खास कोड या खास स्याही से लिखा हुआ पत्र मिले तभी कार्यवाही करना है | ऐसा भी हो सकता है कि सिस्टम में कोई सेटिंग वाली बात हो, अब इस सेटिंग वाली बात को हम प्रमाणित नहीं कर सकते परंतु सोच जरूर सकते हैं और संविधान के अनुसार किसी को सोचने और विचार रखने में कोई प्रतिबंध नहीं है | प्रदेश के पंचायत मंत्री से दो बार शिकायत करने के बाद अगर एक गांव के सरपंच पर कोई कार्यवाही तो दूर की बात पुस्तक यह बात पहुंची ही नहीं जिस कारण सरपंच द्वारा बाकी रुपयों की मांग लगातार की जा रही है | यह कहानी है कुम्हारी के पास धमधा रोड पर ग्राम ढाबा की है, जो दुर्ग जिले के धमधा तहसील में आता है | जिसकी महिला सरपंच श्रीमती बीना गेंद्रे सरपंच पति नरेंद्र कुमार गेंद्रे और ग्राम सचिव लोकेश वर्मा है | ऐसे में यह सवाल उठना तो लाजिमी है कि एक मंत्री जो प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने प्रयासरत हो दिल्ली में दावा करने बार-बार जाता हो और ऐसे प्रभावशाली मंत्री की बात अगर कलेक्टर ना सुने तो ऐसा मंत्री मुख्यमंत्री कैसे बन सकता है ? कैसे प्रदेश की कमान को संभाल सकता है ? कैसे प्रदेश को चला सकेगा ? जबकि मुख्यमंत्री बनने के बाद पूरे प्रदेश का भार और हर मामले के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार होता है | *प्रदेश के जिस मंत्री की बात कोई कलेक्टर ना मानता हो वह व्यक्ति प्रदेश का मुख्यमंत्री कैसे बन पाएगा ?*

  •  मुंबई में कल गिरेगा हाइड्रोजन बम
    *Cruise drug rev party* महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक कल सुबह 10:00 बजे मुंबई में गिर आएंगे हाइड्रोजन बम मुंबई क्रूज ड्रग, रेव पार्टी का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है - आज सुबह महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक पर अंडरवर्ल्ड के व्यक्ति से जमीन खरीदने का आरोप लगाया और यह भी बताया की 3 एकड़ जमीन मात्र 15 लाख रुपए में खरीदी गई जो दर्शाता है कि नवाब मलिक के संबंध अंडरवर्ल्ड से हैं - उन्होंने सवाल किया कि अंडरवर्ल्ड से नवाब मलिक ने जमीन क्यों खरीदी ? महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आरोप के बाद नवाब मलिक पुनः मीडिया के सामने आए और उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस बम फोड़ने वाले थे लेकिन एक छोटा सा जमीन विवाद लेकर बम फोड़ने की बात करते रहे, परंतु मैं यह बता दूं वह तो बम नहीं छोड़ पाए परंतु नवाब मलिक कल सुबह 10:00 बजे हाइड्रोजन बम फोड़ेगा, इंतजार कीजिए| उल्लेखनीय है कि मुंबई क्रूस राज रेव पार्टी मामले में नवाब मलिक के दामाद सहित Aryan Khan की गिरफ्तारी पर उंगली उठाते हुए मंत्री नवाब मलिक ने narcotic control bureau NCB को घेरे में लेते हुए ताबड़तोड़ हमले किए समीर वानखेडे और उसकी पूरी टीम के साथ साथ पूरे परिवार पर सवालिया निशान लगाकर उन्हें जांच के से बाहर करवाने में सफलता पाई जिसके विरोध में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने भी नवाब मलिक के खिलाफ मोर्चा संभाला जिसके तहत पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी सामने आए और यह एक दूसरे पर आरोप लगाने का दौर अभी भी लगातार जारी है अब देखने वाली बात यह है कि यह आपस की लड़ाई का अंत कब और कैसे होता है ?
  • झीरम घाटी जांच रिपोर्ट प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल

    छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने झीरम नरसंहार के लिए गठित न्यायिक आयोग द्वारा अपनी रिपोर्ट सरकार के बदले राज्यपाल को सौंपे जाने को प्रक्रिया का उल्लंघन बताया -*

     

    न्यायिक आयोग के अध्यक्ष प्रशांत मिश्र द्वारा राज्य सरकार के बदले राज्यपाल को रिपोर्ट सपना गलत संदेश है कुछ माह पहले आयोग द्वारा सरकार से रिपोर्ट कंप्लीट करने के लिए समय कार्यकाल बढ़ाने की मांग करना और उसके बाद फिर अचानक रिपोर्ट का जमा करना संदेशों को जन्म देता है |

     

    पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वकीलों द्वारा संविधान का हवाला देते हुए कहा गया कि नियमानुसार राज्यपाल को रिपोर्ट शीघ्र अति शीघ्र राज्य सरकार को भेजना चाहिए | प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अधिवक्ताओं के अनुसार जांच रिपोर्ट की एक प्रति पीड़ितों को भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी ताकि परिजन भी जान सकें|  कि जांच रिपोर्ट में क्या है झीरम घाटी नरसंहार में दिवंगत हो चुके नेताओं के परिजनों में धरसीवा विधायक अनीता शर्मा राजनांदगांव के उदय मुदलियार के पुत्र जितेंद्र मुदलियार पत्रकार वार्ता में उपस्थित रहे | पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने एक तुलनात्मक अध्ययन मीडिया के सामने पेश किया जिसके अनुसार विकास यात्रा के दौरान बस्तर क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की सुरक्षा के लिए 1789 सुरक्षा बल तैनात किया गया था जबकि वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा जिसमें 4 - 4 जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त नेताओं के बावजूद मात्र 2 सौ अट्ठारह सुरक्षा बल तैनात किए गए थे जोकि अनुपात में लगभग 10% होता है |

     

    CG 24 News द्वारा जब पूछा गया कि झीरम घाटी नक्सल हमले में अपनी जान गवा चुके नेताओं के पीड़ित परिवारों को न्याय कब तक और कैसे मिलेगा ? के जवाब में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार की एनआईए द्वारा जांच रिपोर्ट में देरी होने पर सन दो हजार अट्ठारह में नव निर्वाचित सरकार द्वारा एसआईटी बनाने के बाद केस डायरी एनआईए से मांगी गए परंतु एनआईए और केंद्र सरकार ने डायरी देने से इंकार कर दिया, एनआईए का कहना है कि हम किसी और को जांच करने नहीं देंगे | वही जब उनसे पूछा गया कि जस्टिस प्रशांत मिश्रा की एकल जांच कमेटी द्वारा राज्यपाल को सौंपी गई रिपोर्ट राज्यपाल द्वारा सरकार को या सार्वजनिक करने के लिए कोई समय निर्धारित है क्या ? का जवाब देते हुए कहा गया कि महामहिम राज्यपाल को बिना विलंब किए तुरंत उक्त रिपोर्ट राज्य शासन को हस्तांतरित कर देना चाहिए | ताकि रिपोर्ट विधान सभा पटल पर रखी जा सके और सार्वजनिक की जा सके |

     

     

    वही झीरम नक्सली हमले में दिवंगत होने वाले योगेंद्र शर्मा की पत्नी विधायक श्रीमती अनीता शर्मा ने मीडिया के सामने कहा कि जांच रिपोर्ट में क्या है हम भी जानना चाहते हैं ? राज्य सरकार इसके लिए आवश्यक प्रयास कर रही हैं | दिवंगत उदय मुदलियार के पुत्र जितेंद्र मुदलियार ने कहा कि वैसे ही रिपोर्ट में बहुत देरी हो गई है हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द रिपोर्ट सार्वजनिक हो और हमें पता लगे कि षड्यंत्रकारी कौन है ? अब देखने वाली बात यह है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आरोपों के बाद राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके क्या निर्णय लेती हैं और कब तक लेती हैं ?

  • कोतवाली थाना के ठीक सामने एक आयोजन - पेट्रोल वितरण
    पेट्रोल पंपों से बोतल में पेट्रोल देना केंद्र एवं प्रदेश सरकार की गाइडलाइन के अनुसार प्रतिबंधित है | Petrol pump के अलावा कहीं से भी पेट्रोल वितरित करना कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है | राजधानी रायपुर में शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा 2 नवंबर को कोतवाली थाना के ठीक सामने एक आयोजन कर राह चलते लोगों को रोक कर पेट्रोल वितरित किया गया | काउंटर बनाकर, टेबल सजाकर, पेट्रोल की अनेक बोतलें रखकर केंद्र सरकार की महंगाई का विरोध करने का तरीका अपनाया गया | इस काउंटर से अनेक लोगों को जिनमें महिलाएं भी शामिल थी, पेट्रोल की बोतलें, आलू प्याज, हरी मिर्ची, धनिया आदि मिठाई के डब्बे में भरकर निशुल्क वितरित किया गया | इस विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम का वीडियो - फोटो एवं विज्ञप्ति बनाकर शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा मीडिया को भेजा गया | शहर के बीचोबीच वह भी कोतवाली थाने के ठीक सामने, बिना परमिशन, बिना सूचना इस कार्यक्रम में ज्वलनशील पदार्थ पेट्रोल बोतलों में भरकर और फिर बोतलों से बाइक - स्कूटी की टंकी में डालने की प्रक्रिया की गई , यह कृत्य कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है और यह कृत्य किया है सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के शहर जिला अध्यक्ष और उनकी टीम ने | इस बारे में ADM एनडी साहू , कोतवाली थाना प्रभारी मोहसिन खान के पास कोई सूचना नहीं है | हो सकता है हमारी इस खबर के बाद पुरानी तारीखों में आवेदन देकर प्रक्रिया को पूरा करने का प्रयास किया जाए | अब सवाल यह उठता है कि इस तरह के अवैधानिक, नियम विरुद्ध पेट्रोल वितरित करने के इस सार्वजनिक आयोजन पर पुलिस विभाग के साथ-साथ शासन प्रशासन अनजान क्यों था ? जानकारी सामने आने के बाद संबंधितों पर कोई कार्यवाही करने की हिमाकत भी की जाएगी या नहीं कहा नहीं जा सकता |
  • मिट्टी के बर्तन बनाने वाले एक कुम्हार से खास बातचीत
    दीपावली के त्यौहार की खुशियां बांटने बाजार सजने लगा है खरीददारी के लिए लोग घरों से निकल रहे हैं इन तस्वीरों में नजर आ रहा है की दुकानदार अपनी दुकानों को सजा रहे हैं और अपनी वस्तुओं को बेचने के लिए गांव से भी लोग शहरों की ओर रुख कर रहे हैं और सड़क किनारे जहां जगह मिली दुकान लगाकर अपनी आजीविका के लिए मेहनत कर रहे हैं | यह है जेठाराम चक्रधारी आरंग विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कुरूद कुटेला के रहने वाले हैं अपने पूरे परिवार के साथ मिट्टी के दीए बेचने राजधानी रायपुर पहुंचे हैं | मात्र ₹10 प्रति दर्जन की कीमत पर यह मिट्टी के दीए बेचने वाला कुम्हार परिवार 4 दिनों तक राजधानी में रहकर आजीविका की व्यवस्था करने में लगा है | जेठू राम चक्रधारी ने सीजी 24 न्यूज़ से बात करते हुए बताया कि पत्नी के अलावा उनके तीन बेटे एक बहू और एक नाती है | समय त्यौहार और मौसम के अनुसार यह मिट्टी के अलग-अलग तरह के बर्तन बनाकर अपनी आजीविका चलाते हैं | जेठू राम चक्रधारी को केंद्र एवं राज्य सरकार की किसी भी योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं है और ना ही आज तक उन्होंने कोई लाभ लिया है | अपनी मेहनत और अपनी कला हुनर और परिवार के सहयोग से अपना एवं अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं | बातचीत में उन्होंने बताया कि वे मंत्री शिव लहरिया को जानते हैं वह उनके क्षेत्र के विधायक और मंत्री हैं परंतु उनके पास कभी कोई सहायता के लिए नहीं गए हैं | सीजी 24 न्यूज़ चैनल आम लोगों से अपील करता है कि वह स्थानीय लोगों के द्वारा निर्मित वस्तुओं का उपयोग कर अपना त्यौहार मनाए जिससे मेहनतकश, मजदूर अपनी कला कौशल से निर्मित आम लोगों के उपयोग में आने वाली एवं सजावट की वस्तुएं बेचकर उसका लाभ प्राप्त कर सकें और त्यौहार की खुशियां मना सकें |
  •  राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके 01 नवम्बर को राज्य अलंकरण  एवं राज्योत्सव समापन समारोह की मुख्य अतिथि होंगी

    रायपुर : राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके 01 नवम्बर को राज्य अलंकरण  एवं राज्योत्सव समापन समारोह की मुख्य अतिथि होंगी

     

    समारोह की अध्यक्षता करेंगे मुख्यमंत्री श्री बघेल 

    रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में शाम 6 बजे आयोजित होगा समारोह 

    रायपुर, 31 अक्टूबर 2021

     छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 1 नवंबर को शाम 6 बजे राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य अलंकरण एवं राज्योत्सव समापन समारोह की मुख्य अतिथि होंगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समारोह की अध्यक्षता करेंगे। 

    समारोह में गृह एवं पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, आदिवासी विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, वन मंत्री  मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल, संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, लोकसभा सांसद सुनील सोनी, संसदीय सचिव चिंतामणि महाराज, विकास उपाध्याय, कुंवरसिंह निषाद, द्वारिकाधीश यादव, विधायक सत्यनारायण शर्मा,  धनेंद्र साहू, बृजमोहन अग्रवाल, कुलदीप जुनेजा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में समस्त सांसद, विधायक, संसदीय सचिव, निगम, मंडल, आयोग, जिला पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा नगर निगमों के महापौरों की गरिमामय उपस्थिति रहेगी। 
    क्रमांक-4408/प्रेम