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  •  प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने केवी तेहरान के चरणजोत पटवालिया द्वारा तेहरान में शिक्षक दिवस पर किये गए उद्बोधन की प्रशंसा की

    प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर शिक्षक दिवस पर केवी तेहरान के छात्र द्वारा तेहरान में किये गए सम्बोधन की प्रशंसा की - शिक्षण एक पेशा नहीं है, लेकिन जीवन धर्म -

    सातवीं के छात्र चरणजोत पटवालिया द्वारा तेहरान में शिक्षक दिवस पर भारत रत्न डॉ राधाकृष्णन का सम्मान करते हुए भारत के प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के  प्रेरणादायक शब्द,  शिक्षण एक पेशा नहीं है, जीवन धर्म है और भारत की दृष्टि विश्वगुरु का दर्जा हासिल करना है- का उल्लेख किया - सातवीं के छात्र द्वारा तेहरान में शिक्षक दिवस पर किये गए उद्बोधन से भारत का मान बढ़ा है - 

    On #TeachersDay,Charanjot Patwalia,a student of KV Tehran,pays respects to teachers,Bharat Ratna Dr.S.Radhakrishnan &mentions PM @narendramodi ‘s inspiring words:'Teaching is not a profession,but "Jeevan Dharm"&the vision for India is to regain the status of 'Vishwaguru' @KVS_HQ pic.twitter.com/gGC5Vx19vd

    — India in Iran (@India_in_Iran) September 5, 2020

     

     

     

     

      
  • *निजी स्कूल संचालकों की मनमानी रोकने जिला शिक्षा अधिकारी को अभिभावक कल्याण संघ ने सौंपा ज्ञापन*
    *निजी स्कूल संचालकों की मनमानी रोकने जिला शिक्षा अधिकारी को अभिभावक कल्याण संघ ने सौंपा ज्ञापन* *जबरिया फीस वसूली,कर रहे निजी स्कूलों के संचालक* बिलासपुर- निजी स्कूल संचालकों की मनमानी रोकने जिला शिक्षा अधिकारी से प्रभावी कदम उठाने मांग की गई है। गुरुवार को अभिभावक कल्याण संघ का प्रतिनिधि मंडल जिला शिक्षा विभाग पहुंचा और ताजा स्थिति की जानकारी दी।डीईओ ए.के. भार्गव को दी। शिकायत पत्र में कहा गया है कि ट्यूशन फीस जमा नहीं करने वाले छात्र-छात्राओं को वर्चुअल क्लास से हटाया जा रहा है। यही नहीं बिना अनुमोदन कराएं मनमानी फीस देने पलकों पर स्कूल प्रबंधन दबाव बना रहा है। सभी मदों का शुल्क जोड़कर ट्यूशन फीस के नाम पर ज्यादा रुपए लिए जा रहे हैं जो नियम के विरुद्ध है। पालकओं का आरोप है कि सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों के संचालक एक से ज्यादा स्कूल खोल कर बैठे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई स्थगित कर बच्चों से उनका शिक्षा का अधिकार छीनने की कोशिश की जा रही है। इन मुद्दों पर नियंत्रण के अपने अधिकार का इस्तेमाल जिला शिक्षा अधिकारी नहीं करना चाहते यही कारण है कि फीस अनुमोदन का विषय हो या फिर ट्यूशन फीस का मसला वे कलेक्टर से हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की बात कह रहे हैं। जिले में ज्यादातर निजी स्कूलों ने अपनी वार्षिक फीस 3 से 5 वर्ष हो गए अनुमोदित नहीं कराया है। अभिभावक इस पर भी अड़ गए हैं कि अगर निजी स्कूल संचालकों पर शिक्षा विभाग इतना ही मेहरबान है तो पालक भी आखरी अनुमोदित की गई फीस ही इस बरस जमा करेंगे। मन्नू मानिकपुरी संवाददाता बिलासपुर ––-----------------------------++------------------- *बच्चों को पढ़ाई करा रहे है माता - पिता और स्कूल प्रबंधन मांग रहा फीस क्यो ?* *यह एक वायरल मैसेज है जो किसी अभिभावक ने सच्चाई को सामने लाने के उद्देश्य से जारी किया है -* *इस वायरल मैसेज के बारे में पेरेंट्स चाहे छोटी क्लास के बच्चे हो या बड़ी क्लास के बच्चों के, उन्हें अपने विचार सामने लाना चाहिए -* *अपने विचार आप हमें नीचे दिए गए मेल एड्रेस पर या व्हाट्सएप लिंक पर भेज सकते हैं - CG 24 News आपकी आवाज बन कर इस मुद्दे को आपके विचारों के अनुरूप प्रमुखता से शासन - प्रशासन के सामने रखेगा -* Mail Id -- cg24newschannels@gmail.com *Watsapp link inside* *CG 24 News* https://cg24news.in/article-view.php?pathid=12429&article=3
  • PM मोदी की पर्सनल वेबसाइट का ट्विटर अकाउंट हैक, हैकरों ने की बिटक्वाइन की मांग

    पीएम मोदी की पर्सनल वेबसाइट का ट्विटर अकाउंट हैक होने की खबर जुलाई में प्रमुख हस्तियों के कई ट्विटर अकाउंट हैक होने के बाद आई है.

    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्सनल वेबसाइट का ट्विटर अकाउंट गुरुवार को हैकरों ने हैक कर लिया. ट्विटर ने इस बात की पुष्टि भी की है. हैकर ने पीएम मोदी की पर्सनल वेबसाइट के ट्विटर हैंडल से एक के बाद एक कई ट्वीट किए और क्रिप्टों करेंसी से जुड़े कई ट्वीट किए गए. हैकर ने कोविड-19 रिलीफ फंड के लिए डोनेशन में बिटक्वॉइन की मांग भी की है. हालांकि तुरंत ये ट्वीट्स डिलीट कर दिए गए.

     

    टि्वटर अकाउंट पर किए गए एक ट्वीट में लिखा था, "मैं आप लोगों से अपील करता हूं कि कोविड-19 के लिए बनाए गए पीएम मोदी रिलीफ फंड में डोनेट करें." ट्विटर ने कहा कि उसे प्रधानमंत्री मोदी की वेबसाइट अकाउंट की गतिविधि की जानकारी थी और अब इसे सुरक्षित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.

    ओबामा, बिल गेट्स, जेफ बेजोस समेत कई लोगों के अकाउंट हैक
    पीएम मोदी की पर्सनल वेबसाइट का ट्विटर अकाउंट हैक होने की खबर जुलाई में प्रमुख हस्तियों के कई ट्विटर अकाउंट हैक होने के बाद आई है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, एमेजन सीईओ जेफ बेजोस, वारेन बफेट, बिल गेट्स, एलन मस्क, जो बिडेन समेत कई लोग हैकर्स का शिकार हो चुके हैं.

     

    हैक किए गए वेरिफाइड अकाउंट से पोस्ट कर बिटकॉइन के नाम पर दान मांगा गया. दुनिया की दिग्गज कंपनियों में शामिल ऊबर और एपल के ट्विटर अकाउंड को भी हैकरों ने हैक कर लिया. बिल गेट्स के अकाउंट से किए गए ट्वीट में कहा गया, "हर कोई मुझसे समाज को वापस लौटाने के लिए कहता रहा है, अब वो समय आ गया है. आप मुझे एक हजार डॉलर भेजिए मैं आपको दो हजार डॉलर वापस भेजूंगा." कई अन्य लोगों ने भी इसी से मिलती जुलती शिकायत की.

     

    बिटकॉइन स्कैम हैकिंग की घटना सामने आने के बाद सैकड़ों लोग हैकर के जाल में फंस गए. उन्होंने एक लाख डॉलर से अधिक की रकम भेज दी. दिलचस्प बात ये है कि ट्विटर पर हैक किए गए पोस्ट के सामने आने के चंद मिनट में ही ये ट्वीट डिलीट हो गए.

  • गृहमंत्री से सुदर्शन टीवी के खिलाफ एक्शन की अपील, पूर्व सिविल सेवा अधिकारियों ने लिखी चिट्ठी

    पत्र में गृहमंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अध्यक्ष, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष, संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष, समाचार प्रसारण मानक प्राधिकरण, दिल्ली के उपराज्यपाल व दिल्ली के मुख्यमंत्री सचिव, गृह मंत्रालय सचिव, सूचना और प्रसारण मंत्रालय और पुलिस आयुक्त दिल्ली को संबोधित किया गया है

    नई दिल्ली: विवाद का रूप ले चुके 'यूपीएससी जिहाद' को लेकर 91 पूर्व सिविल सेवकों के एक समूह ने गृहमंत्री अमित शाह को और सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर सुदर्शन न्यूज टीवी चैनल के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग की है. उनका कहना है कि सिविल सेवाओं में मुस्लिम अधिकारियों के साजिशन घुसपैठ या यूपीएससी जिहाद और सिविल सर्विसेज जिहाद जैसे बयान विकृत विचारधारा का उदाहरण और दंडनीय अपराध है. पत्र में हस्ताक्षरकतार्ओं ने कहा, "ऐसे सांप्रदायिक और गैरजिम्मेदाराना बयानों से नफरत फैलती है और पूरे समुदाय की बदनामी होती है."

     

    पत्र में गृहमंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अध्यक्ष, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष, संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष, समाचार प्रसारण मानक प्राधिकरण, दिल्ली के उपराज्यपाल व दिल्ली के मुख्यमंत्री सचिव, गृह मंत्रालय सचिव, सूचना और प्रसारण मंत्रालय और पुलिस आयुक्त दिल्ली को संबोधित किया गया है.

     

    पूर्व सिविल सेवकों ने कहा, "हम इस पत्र के माध्यम से सुदर्शन न्यूज टीवी चैनल द्वारा एक सांप्रदायिक आरोप, विभाजनकारी और सनसनीखेज सीरीज के प्रसारण को लेकर एक जरूरी मुद्दा उठा रहे हैं. यह सीरीज देश के दो सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं आईएएस और आईपीएस में मुस्लिम अधिकारियों की संख्या में अचानक वृद्धि होने को लेकर भर्ती प्रक्रिया में साजिश का पदार्फाश करने का दावा करती है."

     

    उन्होंने समाचार चैनल के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आगे कहा, "इस संबंध में जामिया मिलिया इस्लामिया को चुना गया है. हम जानते हैं कि दिल्ली हाईकोर्ट ने सीरीज के टेलीकास्ट पर अंतरिम रोक लगा दी है. हालांकि, हमें लगता है कि इसे लेकर मजबूत कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता है."

     

    पत्र में कहा गया, "यह आरोप लगाना कि सिविल सेवाओं में मुस्लिम अधिकारियों की साजिशन घुसपैठ करने, या इस संबंध में यूपीएससी जिहाद या सिविल सेवा जिहाद जैसे शब्दों का प्रयोग अत्यंत अनुचित है. ऐसे सांप्रदायिक और गैरजिम्मेदाराना बयान और भाषण से घृणा फैलने के साथ पूरे समुदाय की बदनामी होती है."

     

    हस्ताक्षरकतार्ओं ने पत्र में कहा, "यदि इस कार्यक्रम के प्रसारण की अनुमति दी जाती है तो यह देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय यानी मुस्लिमों के प्रति बिना किसी ठोस आधार के घृणा उत्पन्न करेगा. देश में मुस्लिमों के खिलाफ कोरोना जिहाद और लव जिहाद के आरोप सहित कई घृणित भाषण के मुद्दे पहले ही सुलग रहे हैं, जिसे विभिन्न अदालतों ने भी गलत माना है. यह टेलीकास्ट उसी आग को बढ़ाने में ईंधन का काम करेगा."

     

    उन्होंने यह भी दावा किया कि यह सिविल सेवा भर्ती के लिए प्रमुख संगठन संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की त्रुटिहीन प्रतिष्ठा को, इसके भर्ती प्रकिया के पक्षपाती होने का दावा करते हुए धूमिल करेगा. पत्र में आगे कहा गया है, "यह सरकारी सेवाओं में खासकर आईएएस और आईपीएस सेवाओं के लिए चुने जाने वाले मुसलमानों की संख्या में वृद्धि के बारे में गलत धारणा फैलाएगा."

     

    उन्होंने कहा, " 'यूपीएससी जिहाद' और 'सिविल सेवा जिहाद' जैसे शब्दों का इस्तेमाल देश के नागरिक प्रशासन को धर्म के आधार पर बांटने का एक प्रयास है और पूरे भारत के विकास के लिए प्रशासकों द्वारा किए गए उत्कृष्ट योगदान को नजरअंदाज करने वाला है."

     

    हाल ही में इसी मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कार्यक्रम के प्रसारण पर कोई रोक न लगाते हुए कहा, "हम ध्यान दें कि सक्षम प्राधिकरण, वैधानिक प्रावधानों के तहत कानून के पालन को सुनिश्चित करने के लिए शक्तियों के साथ निहित है, जिसमें सामाजिक सौहार्द और सभी समुदायों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए आपराधिक कानून के प्रावधान भी शामिल हैं."

     

    उन्होंने मांग करते हुए कहा, "इसलिए हम केंद्रीय गृह मंत्रालय, दिल्ली के उपराज्यपाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री, दिल्ली पुलिस आयुक्त से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने का आग्रह करते हैं. हम सूचना और प्रसारण मंत्रालय और न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्डस अथॉरिटी ऑफ इंडिया से यह भी जांच करने का अनुरोध करते हैं कि वे जांच करे कि यह शो केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम 1994, केबल टेलीविजन नेटवर्क्‍स (रेगुलेशन) अधिनियम के तहत चलना चाहिए या नहीं और उसके बाद कोड ऑफ एथिक्स और ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड के अनुसार उन पर कार्रवाई करें."

     

    इस पत्र पर दिल्ली के पूर्व उप-राज्यपाल नजीब जंग, आईएफएस (सेवानिवृत्त) व पूर्व विदेश सचिव और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष राहुल खुल्लर, मध्य प्रदेश सरकार में काम कर चुके हर्ष मंदर, सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग में पूर्व सचिव अनीता अग्निहोत्री और सीबीआई में पूर्व स्पेशल डायरेक्टर के. सलीम अली ने हस्ताक्षर किए हैं.

     

    वहीं अन्य हस्ताक्षरकतार्ओं में राजस्थान में पूर्व मुख्य सचिव सलाउद्दीन अहमद, कैबिनेट सचिवालय में पूर्व विशेष सचिव आनंद अरनी, मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्य सचिव शरद बेहर, पूर्व स्वास्थ्य सचिव जाविद चौधरी, भारतीय खाद्य निगम के पूर्व अध्यक्ष पी. आर. दासगुप्ता, यूनाइटेड किंगडम के पूर्व उच्चायुक्त नरेश्वर दयाल, वित्त मंत्रालय में पूर्व सचिव और मुख्य आर्थिक सलाहकार नितिन देसाई, पूर्व स्वास्थ्य सचिव केशव देसीराजू, पूर्व सचिव (राजस्व) और एशियन डेवलपमेंट बैंक के पूर्व एक्जीक्यूटिव निर्देशक पी.के. लाहिड़ी भी शामिल हैं.

     

    वहीं पत्र पर सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी व पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस.वाई कुरैशी, संस्कृति मंत्रालय के पूर्व सचिव और प्रसार भारती के पूर्व सीईओ जौहर सिरकार, इंटर स्टेट काउंसिल के पूर्व सचिव अमिताभ पांडेय, गुजरात सरकार में पूर्व पुलिस महानिदेशक पी. जी. जे नामपूथिरी, पूर्व विदेश सचिव व नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी के पूर्व चेयरमैन श्याम सरन और वित्त मंत्रालय में पूर्व सचिव नरेंद्र सिसोदिया ने भी हस्ताक्षर किए हैं.

  • राजीव भवन का संचार विभाग कार्यालय नहीं खुलेगा - होगा वर्क फ्रॉम होम

    आगामी सूचना तक संचार विभाग का कार्यालय नहीं खुलेगा और हम सब वर्कफ्राम होम करेंगे। टीवी लाइव डिबेट में भी कांग्रेस का पक्ष रखने वाले सभी साथियों से ऑनलाइन ही जुड़ने का आग्रह करता हूं। बाईट या प्रतिक्रिया हेतु फोन पर संपर्क करने का निवेदन करता हूं। यह आगामी सूचना तक प्रभावशील रहेगा *शैलेश नितिन त्रिवेदी* अध्यक्ष संचार विभाग छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी *trivedee.shailesh@gmail.com*

  •  बच्चों को पढ़ाई  करा रहे है माता - पिता और स्कूल प्रबंधन मांग रहा फीस

    यह एक वायरल मैसेज है जो किसी अभिभावक ने सच्चाई को सामने लाने के उद्देश्य से जारी किया है -

    इस वायरल मैसेज के बारे में पेरेंट्स चाहे छोटी क्लास के बच्चे हो या बड़ी क्लास के बच्चों के, उन्हें अपने विचार सामने लाना चाहिए -

    अपने विचार आप हमें नीचे दिए गए मेल एड्रेस पर या व्हाट्सएप लिंक पर भेज सकते हैं - CG 24 News आपकी आवाज बन कर इस मुद्दे को आपके विचारों के अनुरूप प्रमुखता से शासन - प्रशासन के सामने रखेगा -

    Mail Id --  cg24newschannels@gmail.com 

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    वायरल मैसेज हूबहू पेश है -

    Parents को इतनी तो हिम्मत करनी ही पड़ेगी ।

    एक जागरूक parent की तरफ से स्कूल को लिखी एक application.

    सेवा मे, श्रीमान प्रबंधक महोदय .....................स्कूल ....

    विषय- ऑनलाइन क्लास एवं फ़ीस के संदर्भ में..

    महोदय, निवेदन है कि आप बार-बार मेरे मोबाइल पर फीस जमा करवाने के मैसेज कर रहे है और ऑनलाइन पढ़ाई स्टार्ट होने की बात कर रहे है तो कृपया मुझे जवाब देने की कृपा करें कि

    1. हम अभिभावक आपको किस बात की फ़ीस जमा करवाये जब हमारा बच्चा स्कूल गया ही नही ?

    2.ऑनलाइन पढ़ाई आपने हमसे पूछ कर तो शुरू करवाई नही और न ही हमने आपको कहा था कि ऑनलाइन पढ़ाई बच्चो की शुरू करवाओ..

    3.ऑनलाइन पढ़ाई करने से पहले आपने हमसे पूछा था क्या ? कि हमारे पास ऑनलाइन पढ़ाई के लिये अलग से मोबाइल या लैपटॉप है कि नही.

    4. पहले बच्चे अगर गलती से मोबाइल स्कूल में ले आते थे तो उनके मोबाइल आप लोग जब्त कर लेते और पेरेंट्स को बुलाकर स्कूल में मोबाइल से होने वाले नुकसान के बारे में सलाह देने लगते थे और आज आप उसी मोबाइल में ऑनलाइन पढ़ाई को सही ठहरा रहे है तो ये दोहरा मापदण्ड क्यों ? इसलिये ताकि आप एक आध घण्टे ऑनलाइन पढ़ाई का बहाना बनाकर अभिभावको से फीस वसूल सके।

    5 कृपया बताएं अभिभावक कहा से फीस लेकर आये? जब अभिभावक खुद सरकार के कहने पर अपने काम धंधे, नोकरिया छोड़कर घर बैठ गए तो वहाँ कहा से आपको फीस देंगे हमारे पास कोई जादुई चिराग तो है नही जो रगड़ कर उससे पैसे आ जाएंगे और आपको दे देंगे और दूसरी बात क्यों देंगे जब बच्चा स्कूल गया ही नही।

    6. *आप कहते है कि आपको टीचरों को तन्खवाह देनी है तो कृपया आप बताये कि अभिभावक क्या आपके बिजनेस पार्टनर है ? जो अगर आपको घाटा हो रहा है तो वो आपको दे ? - *जब स्कुल में हर साल आपको प्रॉफिट हो रहा था तो क्या आपने कभी अभिभावको को कोई रियायत दी ? - उल्टा हर साल फीस बढ़ाकर अभिभावको का शोषण करतें रहे।*

    7 अभिभावको ने भी अपने यहाँ कार्य करने वाले कर्मचारियों को वेतन अपनी जेब से दिया है । बड़ी बड़ी कम्पनियो के मालिकों ने फेक्ट्री के मालिकों ने अपनी जेब से दिया है तो टीचरों को वेतन भी आपको जेब से ही देना होगा क्योंकि टीचरों ने ही आपको हर साल कमा कर दिया है।

    8.कृपया फालतू की बातों से या बच्चों के नाम काटने को धमकी देकर अगर आप ये सोच रहे है कि आप फीस हमसे जबरदस्ती वसूल लेंगे तो आप गलतफहमी में है।

    9.हम सिर्फ हक की बात कर रहे है कि जब तक स्कूल बंद रहेंगे तब तक कि फीस हम आपको नही दे सकते आप चाहे ऑनलाइन पढ़ाई कराओ या मत कराओ क्योंकि हमारे बच्चो को तो कुछ समझ मे नहो आ रहा है

    10.इस ऑनलाइन पढ़ाई के चक्कर मे बच्चे मोबाइल पर गेम खेल रहे है।यू ट्यूब पर फालतू के वीडियोज देख रहे है। मोबाइल नही देने पर खाना पीना छोड़ रहे है। उनकी आखो की रोशनी और मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है और यही बात आप पेरेंट्स और बच्चो को समझाते थे और अगर बच्चो की आंखों पर या मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ा तो क्या आप उस बात की जिम्मेदारी लेते है ?...

          मैं आपसे पुनः विनती करता हूं कि कृपया बार बार फीस जमा करवाने के लिये मेसेज न करे और न ही हम पर दबाव बनाये । जब तक स्कूल बंद रहेंगे तब तक हम आपको फीस नही दे सकते।

    धन्यवाद

    अगर अभिभावक (Parents) इन बातों से सहमत है तो ज्यादा से ज्यादा शेयर करे 

    *एक जागरूक अभिभावक* 

  •  रायपुर नहीं लाए जाएंगे अन्य जिलों के करोना मरीज - स्वास्थ्य मंत्री
    स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने स्पष्ट किया है कि आगे से अन्य जिलों के करोना मरीजों का इलाज रायपुर में नहीं किया जाएगा | उन्हें वही शासकीय कोविड-19 अस्पतालों में भर्ती कराया जाएगा | पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया की राजधानी रायपुर में 6000 की जगह 10 हजार बिस्तरों की व्यवस्था की जा चुकी है | सांसद सुनील सोनी द्वारा लगाए गए आरोप कि सरकार 248 वेंटिलेटरों का उपयोग नहीं कर पा रही है, के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने बताया कि राज्य सरकार के पास 922 वेंटीलेटरों की व्यवस्था है | परंतु उनकी भी आवश्यकता प्रदेश में नहीं पड़ रही है, क्योंकि उतने मरीज वेंटिलेटर की स्थिति पर नहीं आ रहे हैं | ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि यह आरोप-प्रत्यारोप का दौर बिना वजह क्यों चलता है रायपुर सांसद सुनील सोनी के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने जब स्पष्ट कर दिया कि हमारे पास 922 वेंटीलेटर हैं तो सुनील सोनी 248 का आंकड़ा कहां से लाए हैं बाहर हाल राजनीतिक पार्टियों को आरोप-प्रत्यारोप का दौड़ छोड़कर करो ना मरीजों की समुचित व्यवस्था के लिए मिलजुल कर प्रयास करने आगे आना चाहिए
  • छत्तीसगढ़ी में करोना शपथ

    प्रदेश के स्वास्थय मंत्री टीएस सिंहदेव ने ट्वीट करके छत्तीसगढ़ी में करोना से बचाव के लिए शपथ लेकर स्वयं अपने परिवार तथा पूरे समाज को इस बिमारी से बचाने का निर्णय लिया है -

     

  • देश कोरोना से लड़ रहा मोदी कुत्तो की नस्ल सुधारने फिक्रमंद -कांग्रेस
    देश कोरोना से लड़ रहा मोदी कुत्तो की नस्ल सुधारने फिक्रमंद -कांग्रेस
     
    कोरोना काल मे देश को लग ही नही रहा देश मे केंद्र सरकार भी है 
     
    रायपुर/31 अगस्त 2020। कांग्रेस ने कहा देश मे रोज 80 हजार लोग कोरोना से बीमार हो रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुत्तो की नस्ल सुधारने के लिए फिक्र मन्द हो रहे। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अगस्त रविवार को प्रसारित मन की बात के अपने उद्बोधन में यह साबित कर दिया कि उनके मन में देशवासियों की कोई फिक्र नही है। मोदी ने अपने मन की बात इधर-उधर की बहुत बातें की लेकिन कोरोना बीमारी से बचाव के लिए उनकी सरकार द्वारा क्या उपाय किये गए है इसके बारे में एक शब्द भी नही कहा। देश की जनता को लग ही नही रहा की कोरोना काल में उनके साथ केंद्र सरकार भी है। जब देश और दुनिया कोरोना के वेक्सीन का इंतजार कर रही है ऐसे समय मोदी खिलौने और उसके अविष्कार और उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किये हुए हैं।
    प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि देश में 36 लाख लोग कोरोना की चपेट में आ चुके है 65 हजार लोगों की मौते हो चुकी है आज भारत प्रतिदिन कोरोना पीड़ितों के मामले में दुर्भाग्यपूर्ण पहले नम्बर पर पहुंच गया है। ऐसे समय देश के प्रधानमंत्री देश की जनता को राहत पहुंचाने की बात करने के बजाय भारत की विविधता और देश मे भादों और क्वार महीने में मनाए जाने वाले त्योहारों का बखान करने में आत्म मुग्ध हो रहे है। देश की जनता को अपेक्षा थी कि प्रधानमंत्री मन की बात में भारत में होने वाली कुल टेस्टिंग के बारे में बताएंगे, कोरोना से देश भर में तैयार बिस्तर चिकित्सा सुविधा वेंटिलेटर आदि पर बात करेंगे लेकिन मोदी तो एक बार फिर चिरपरिचित अंदाज में जुमले बाजी कर गए।
    कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कोरोना से निपटने थाली ताली पिटवाने मोमबत्ती जलाने के बाद मोदी ने कोरोना के पीक समय में देश के राष्ट्रीय प्रसार माध्यमो में आ कर जिस प्रकार की उदासीनता और लापरवाही दिखाई है वह अक्षम्य और अस्वीकार्य है। आज देश का हर नागरिक इस वैश्विक महामारी के कारण संकट में है लोगो के रोजगार चले गए है। आमदनी के साधन चले गए है ऐसे समय देश का प्रधानमंत्री उनको मुंह चिढ़ा रहा है।
    कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा ठीक है कोरोना वैश्विक महामारी है लेकिन भारत मे इसके विकराल रूप तक पहुँचने में कहीं न कही मोदी सरकार की लापरवाही भी जिम्मेदार है। जनवरी में जब विदेश से आने वालों की हवाई अड्डे में स्क्रीनिंग कर क्वारेंटाइन करने की जरूरत थी तब मोदी सरकार ने मध्यप्रदेश सरकार बनाने के लालच और नमस्ते ट्रम्प की वाहवाही में देश को खतरे में डाल दिया और आज जब कोरोना से लड़ाई की बात आई तो राज्यो को स्वतंत्रता देने के नाम पर खुद पल्ला झाड़ लिया सारी जिम्मेदारी राज्यो पर डाल कर केंद्र बेफिक्र हो गया है ।
  • देश में अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानें 30 सितंबर तक कैंसिल, दूसरे देश के यात्री भारत भी नहीं आएंगे

    कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्कूल और कॉलेजों को फिलहाल 30 सितंबर 2020 तक बंद रखने का फैसला किया गया है.

    नई दिल्ली: देश में एक सितंबर से अनलॉक-4 शुरू हो रहा है. एक सितंबर से 30 सितबंर तक जारी अनलॉक-4 में भी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को भी अनुमति नहीं दी जाएगी. यात्री न ही देश के बाहर सफर कर सकते हैं और न ही दूसरे देश के यात्री अपने देश में आ सकते हैं. हालांकि सरकार की ओर चलाए जा रहे विशेष विमान की सेवा जारी रहेगी.

     

    अनलॉक-4 की गाइडनाइन्स
    कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्कूल और कॉलेजों को फिलहाल 30 सितंबर 2020 तक बंद रखने का फैसला किया गया है. हालांकि कंटेनमेंट जोन से बाहर क्लास 9 से 12 के छात्र स्वेच्छा से शिक्षकों से गाइडेंस लेने के लिए अपने स्कूल जा स्कते हैं. सिनेमा हॉल, स्वीमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थियेटर (ओपन एयर थियेटर को छोड़कर) और इस तरह की जगहों पर गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी. सात सितंबर से देशभर में मेट्रो सेवा बहाल करने की इजाजत दे दी गई है. वहीं, 21 सितंबर से 100 व्यक्तियों की अधिकतम सीमा के साथ सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक कार्यक्रमों की अनुमति होगी. मार्च से बंद ‘बार’ एक सितंबर से पुन: खोले जा सकेंगे.

     

    गृह मंत्रालय ने एक निर्देश में कहा कि राज्य सरकारें केंद्र से परामर्श किए बगैर स्थानीय लॉकडाउन लागू नहीं करेंगी. ये निर्देश इसलिए अहम है क्योंकि देशभर में अनेक राज्य सरकारों ने कुछ जगहों पर और सप्ताहांत में लॉकडाउन लगा रखा है.

     

    अनलॉक-4 के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार, 21 सितंबर से 100 व्यक्तियों की अधिकतम सीमा के साथ सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक कार्यक्रमों की अनुमति दी जाएगी. इस तरह के कार्यक्रमों में मास्क पहनना, सामाजिक दूरी का पालन करना, थर्मल स्कैनिंग और हाथ धोना या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना आवश्यक होगा. राजनीतिक और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति बिहार विधानसभा चुनावों से पहले दी गई है. बिहार में अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं.

  • राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक  के अधिकृत प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर एवं प्रभारी महामंत्री ( संगठन ) चंद्रशेखर शुक्ला ने की पुष्टि -

    राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के अधिकृत प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह -

     
    छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के प्रदेश अध्यक्ष को लेकर प्रदेश के उद्योगपतियों - अधिकारियों के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है - क्योंकि छत्तीसगढ़ प्रदेश में इंटक के प्रदेश अध्यक्ष को लेकर तीन तीन लोग दावा कर रहे हैं कि वे ही अध्यक्ष हैं |
     
    संजय सिंह- राकेश बैस और दीपक दुबे अपने आप को इंटक का प्रदेश अध्यक्ष बताते हैं -
     इस संबंध में जब हमने पूरी जानकारी एकत्रित की तो स्पष्ट हुआ कि प्रदेश में इंटक के अधिकृत प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह हैं, जिनकी नियुक्ति कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा नियुक्त राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर जी. संजीवा रेड्डी के द्वारा की गई है - इसकी पुष्टि प्रदेश कांग्रेश कमेटी के प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर एवं प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रभारी महामंत्री संगठन चंद्रशेखर शुक्ला ने पत्र के माध्यम से की है -
     
    जब हमने राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह से बात की तो उन्होंने सप्रमाण संपूर्ण जानकारी के माध्यम से हमें बताया कि उनकी शिकायत पर जांजगीर-चांपा में दीपक दुबे के खिलाफ धारा 419 , 468 और 469 के तहत 20 अगस्त 2020 को जुर्म दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है - 
     
     
    इंटक के प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बताया कि मैं राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक नई दिल्ली का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक का प्रदेश अध्यक्ष हूं और शासन द्वारा गठित क्षेत्रीय भविष्य निधि संगठन की सलाहकार समिति में बतौर सदस्य मनोनीत हूं जिसकी पुष्टि के लिए उन्होंने भारत के राज पत्र संख्या 1031, दिनांक 21 फरवरी 2014 की प्रति प्रस्तुत की है -
    उन्होंने बताया कि वह भारत सरकार श्रम मंत्रालय के केंद्रीय सलाहकार समिति में इंटक के राष्ट्रीय सचिव की हैसियत से भी सदस्य हैं और उन्हें प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन रायपुर में कार्यालय हेतु कमरा आवंटित किया गया है -
    संजय सिंह ने बताया की राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक का केंद्रीय एवं प्रशासनिक कार्यालय श्रमिक केंद्र, 4 भाई वीर सिंह मार्ग नई दिल्ली मैं स्थित है इसके अलावा राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक का कोई भी प्रशासनिक कार्यालय नहीं है - इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर जी. संजीवा रेड्डी हैं जो अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के सदस्य एवं भूतपूर्व राज्यसभा सांसद रह चुके हैं -
    संजय सिंह ने बताया कि 17 मार्च  2019 को रायपुर में भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में देश के विभिन्न प्रदेशों से निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर जी संजीवा रेड्डी, राष्ट्रीय सचिव बिहार इंटक के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंह, यूथ इंटक के राष्ट्रीय चेयरमैन संजय गाबा, श्रम मंत्री डॉक्टर शिव डहरिया, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, विधायक सतनारायण शर्मा, विकास उपाध्याय की उपस्थिति में डॉक्टर जी संजीवा रेड्डी को इंटर का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित किया गया था एवं छत्तीसगढ़ इंटक के राज्य कार्यसमिति की बैठक में सामान्य सभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा संजय सिंह को इंटक का प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित किया गया -
     
    संजय सिंह के अनुसार संस्था की वैधानिकता से संबंधित किसी भी प्रकार का वाद किसी भी न्यायालय में लंबित नहीं है - उन्होंने बताया की राकेश बैस - दीपक दुबे - अशोक चौधरी - स्वामीनाथ जयसवाल - टिकेंद्र ठाकुर - गोपाल कृष्ण त्रिपाठी - संजय तिवारी - अमित मिश्रा रजनीश सेठ - ललित मिश्रा - राकेश मिश्रा - के सूरज - भवानी सिंह मरकाम - दिनेश यादव एवं अन्य व्यक्तियों के द्वारा हमारी संस्था के वैधानिक दस्तावेजों का छल पूर्वक, कूट रचना कर संघ को हानि एवं स्वयं लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से किए जा रहे कृत्य के अलावा अन्य संज्ञेय अपराध के लिए उपरोक्त सभी के खिलाफ रायपुर के सिविल लाइन थाना में 17 जून 2020 को शिकायत कर जुर्म दर्ज करने की मांग की गई है -
     
     
     
     
     
     
     
  • देश में खुले 40.35 करोड़ जनधन खाते, पीएम मोदी ने योजना को बताया गेम चेंजर

    प्रधानमंत्री ने कहा कि जन धन योजना की बदौलत कई परिवारों का भविष्य सुरक्षित हो गया है. मैं उन सभी लोगों की सराहना करता हूं, जिन्होंने योजना को सफल बनाने के लिए अथक परिश्रम किया है.

    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री जनधन योजना की शुरूआत को छह साल पूरे हो गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना को गेम चेंजर करार दिया है. उन्होंने शुक्रवार को छठी वर्षगांठ पर इस योजना की उपलब्धियों से जुड़े आंकड़े भी जारी किए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज, छह साल पहले, प्रधानमंत्री जनधन योजना को बैंकिंग के महत्वाकांक्षी उद्देश्य के साथ शुरू किया गया था. यह पहल एक गेम चेंजर रही है, जो कई गरीबी उन्मूलन पहलों के लिए आधार के रूप में काम करती है, जिससे करोड़ों लोगों को लाभ होता है."

     

    पीएम ने योजना से जुड़े आंकड़ों का चार्ट भी जारी किया 

     

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना की उपलब्धियां बताने के लिए ट्वीट कर योजना से जुड़े आंकड़ों का चार्ट भी जारी किया है. जिसके मुताबिक, अगस्त 2020 तक देश में कुल 40.35 करोड़ खाते खुल चुके हैं, जबकि पिछले साल अगस्त 2019 तक यह आंकड़ा 36.79 करोड़ था. 63 प्रतिशत बैंक खाते गांवों में खुले हैं. सर्वाधिक 55.2 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं. इस योजना के तहत दो लाख रुपये की निशुल्क दुर्घटना बीमा के साथ डेबिट कार्ड भी जारी किए गए हैं.

     

    पीएम ने कहा- यह पहल ‘‘बदलाव लाने वाली” रही है 

     

    ‘जन धन’ योजना की छठी वर्षगांठ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि यह पहल ‘‘बदलाव लाने वाली” रही है और यह गरीबी उन्मूलन के लिए उठाए गए कदमों की नींव साबित हुई है. भारतीय जनता पार्टी के 2014 में सत्ता में आने के बाद, यह सरकार की पहली बड़ी योजना थी जिसके तहत करोड़ों लोगों खासकर गरीबों के बैंक खाते खोले गए.

     

    ये योजना गरीबी उन्मूलन की कई पहलों की नींव साबित हुई

     

    प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, “आज के दिन, छह साल पहले, प्रधानमंत्री जनधन योजना बिना खाते वालों को बैंकों से जोड़ने के महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ शुरू की गई थी. यह पहल महत्त्वपूर्ण बदलाव लाने वाली रही, गरीबी उन्मूलन की कई पहलों की नींव साबित हुई और इसने करोड़ों लोगों को लाभ पहुंचाया.