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  • कोरोना के खिलाफ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू, पीएम मोदी बोले- इस दिन का पूरे देश को बेसब्री से इंतेजार रहा

    भारत में आज से दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण ड्राइव की शुरुआत हो गई है. पीएम मोदी ने वर्चुअल संबोधन के जरिए कोरोना वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देश में आज  में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू होने जा रहा है. मैं सभी देशवासियों को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं.

     

    देश में दो कोरोना वैक्सीन हुई तैयार

     

    आज वो वैज्ञानिक, वैक्सीन रिसर्च से जुड़े अनेकों लोग विशेष प्रशंसा के हकदार हैं, जो बीते कई महीनों से कोरोना के खिलाफ वैक्सीन बनाने में जुटे थे. आमतौर पर एक वैक्सीन बनाने में बरसों लग जाते हैं. लेकिन इतने कम समय में एक नहीं, दो मेड इन इंडिया वैक्सीन तैयार हुई हैं

     

    वैक्सीनेशन का खर्चा उठाएगी भारत सरकार

     

    भारत का टीकाकरण अभियान बहुत ही मानवीय और महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर आधारित है. जिसे सबसे ज्यादा जरूरत है, उसे सबसे पहले कोरोना का टीका लगेगा. पीएम मोदी ने कहा कि सभी के वैक्सीनेशन का खर्च भारत सरकार द्वारा उठाया जाएगा. टीकाकरण अभियान की पुख्ता तैयारियों के लिए राज्य सरकार के सहयोग से देश के कोने-कोने में ट्रायल किए गए हैं. विशेष तौर पर बनाए गए डिजिटल कोविन में ट्रैकिंग तक की व्यवस्था है.

     

    कोरोन की दो डोज जरूर लगवाएं

     

    पीएम मोदी ने कहा कि पहला टीका लगने के बाद दूसरी डोज कब लगेगी इसकी जानकारी भी दी जाएगी. सभी देशवासियों को ये बात दिलाना चाहता हूं कि कोरोना वैक्सीन की दो डोज लगवानी बेहद जरूरी है. एक डोज के बाद दूसरी डोज लगवाना न भूलें. पहली डोज और दूसरी डोज के बीच एक महीने  का अंतराल रखें. दूसरी डोज़ लगने के 2 हफ्ते बाद ही आपके शरीर में कोरोना के विरुद्ध ज़रूरी शक्ति विकसित हो पाएगी.

     

    इतिहास में इतना बड़ा टीकाकरण अभियान कभी नहीं चला है

     

    जिस तरह धैर्य के साथ कोरोना का मुकाबला किया वैसे ही धैर्य वैक्सीनेशन के समय भी दिखाना है. पीएम मोदी ने कहा कि इतिहास में इतने बड़े स्तर का टीकाकरण कभी नहीं चला .ये अभियान इतना बड़ा है कि इसका अंदाजा पहले चरण से ही लगाया जा सकता है. दुनिया के 100 से भी ज्यादा ऐसे देश हैं जिनकी जनसंख्या 3 करोड़ से भी कम है और भारत पहले चरण में ही तीन करोड़ लोगों का टीकाकरण कर रहा है. दूसरे चरण में इस अभियान को 30 करोड़ तक ले जाना है. बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों वालों को अगले चरण में टीकाकरण किया जाएगा.

     

    ये अभियान भारत के सामर्थ्य को दिखाता है

     

    ये अभियान भारत के सामर्थ्य को दिखाता है. मैं देशवासियों को एक बात कहना चाहता हूं कि हमारे वैज्ञानिक जब वैक्सीन को लेकर आश्वस्त हुए तभी इसकी इमरजेंसी यूज की अनुमति दी गई. इसलिए देशवासियों को किसी भी तरह के प्रोपेगेंडा, अफवाहें और दुष्प्रचार से बचकर रहना है. भारत के वैक्सीन वैज्ञानिक, हमारा मेडिकल सिस्टम, भारत की प्रक्रिया की पूरे विश्व में बहुत विश्वसनीयता है. हमने ये विश्वास अपने ट्रैक रिकॉर्ड से हासिल किया है.

     

    दुनिया के करीब 60% बच्चों को भारत में बने जीवन रक्षक टीके लगते हैं

     

    पीएम मोदी ने कहा कि हर हिंदुस्तानी इस बात का गर्व करेगा की दुनिया भर के करीब 60% बच्चों को जो जीवन रक्षक टीके लगते हैं, वो भारत में ही बनते हैं. भारत की सख्त वैज्ञानिक प्रक्रियाओं से होकर ही गुजरते हैं. भारतीय वैक्सीन विदेशी वैक्सीन की तुलना में बहुत सस्ती हैं और इनका उपयोग भी उतना ही आसान है. विदेश में तो कुछ वैक्सीन ऐसी हैं जिसकी एक डोज 5,000 हजार रुपये तक में हैं और जिसे -70 डिग्री तापमान में फ्रीज में रखना होता है.

  • *बर्ड-फ्लू की छत्तीसगढ में पुष्टि - हाई अलर्ट जारी*
    *बालोद जिले में बर्ड-फ्लू की पुष्टि के बाद हाई अलर्ट जारी* *सभी प्रोटोकाल पालन एवं सावधानी बरतने के निर्देश* बालोद जिले से जांच के लिए भेजे गए कुक्कुट (चिकन) सेम्पल की रिपोर्ट पाॅजिटिव आई है। राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भोपाल से आज शाम प्राप्त रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है। राज्य में बर्ड-फ्लू का यह पहला मामला है जो बालोद जिले में मिला है। संचालक पशु चिकित्सक ने बताया कि भारत सरकार द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार संक्रमित फार्म से एक किलोमीटर परिधि क्षेत्र को संक्रमित क्षेत्र घोषित कर रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। संक्रमित क्षेत्र में कुक्कुट पक्षियों का आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित किया जा रहा है। इसके साथ ही मनुष्यों एवं वाहनों के आवागमन को भी सीमित करने की कार्रवाई की जा रही है। बालोद के जीएस पोल्ट्री फार्म गिधाली के एक किलोमीटर से 10 किलोमीटर परिधि क्षेत्र को निगरानी क्षेत्र घोषित किया जा रहा है।
  • भाजपा सांसद के बयान से नाराज सिख समाज ने थाने में करवाई एफ आई आर
    भारतीय जनता पार्टी के सांसद संतोष पांडे द्वारा विगत दिनों किसान आंदोलन के विरुद्ध दिए गए बयान से सिख समाज नाराज है - सिख समाज का एक प्रतिनिधिमंडल ने आज थाना सिविल लाइन में भाजपा सांसद संतोष पांडे के खिलाफ किसानों को नक्सली एवं आतंकवादी बताने के विरुद्ध जुर्म दर्ज करने की मांग से संबंधित लिखित शिकायत की- वहीं दूसरी तरफ प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने अपने सांसद संतोष पांडे के बयान पर कोई प्रतिक्रिया जारी ना कर एक प्रकार से समर्थन किया है - भारतीय जनता पार्टी के सांसद द्वारा किसानों को आतंकवादी एवं नक्सली कहे जाने से सिख समाज में रोष व्याप्त है - राजधानी रायपुर के सिख समाज के सभी प्रतिनिधि आज शाम बूढ़ा तालाब धरना स्थल में सांसद संतोष पांडे का पुतला दहन कर विरोध प्रकट करेंगे और अल्पसंख्यक आयोग में भी शिकायत करेंगे - अब देखने वाली बात यह है जिस समाज के विरोध को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी क्या रुख अख्तियार करती है - *CG 24 news - Singhotra*
  • भाजपा सांसद के बयान से नाराज सिख समाज कराएगा एफ आई आर
    भारतीय जनता पार्टी के सांसद संतोष पांडे द्वारा विगत दिनों किसान आंदोलन के विरुद्ध दिए गए बयान से सिख समाज नाराज है - सिख समाज का एक प्रतिनिधिमंडल आज थाना सिविल लाइन में भाजपा सांसद संतोष पांडे के खिलाफ किसानों को नक्सली एवं आतंकवादी बताने के विरुद्ध जुर्म दर्ज करवाएगा - वहीं दूसरी तरफ प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने अपने सांसद संतोष पांडे के बयान पर कोई प्रतिक्रिया जारी ना कर एक प्रकार से समर्थन किया है भारतीय जनता पार्टी के सांसद द्वारा किसानों को आतंकवादी एवं नक्सली कहे जाने से सिख समाज में रोष व्याप्त है राजधानी रायपुर के सिख समाज के सभी प्रतिनिधि बूढ़ा तालाब धरना स्थल में सांसद संतोष पांडे का पुतला दहन कर विरोध प्रकट करेंगे अब देखने वाली बात यह है जिस समाज के विरोध को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी क्या रुख अख्तियार करती है - *CG 24 news - Singhotra*
  • भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने 100 क्विंटल धान बेचा छत्तीसगढ़ सरकार को फिर भी लगा रहे अव्यवस्था का आरोप - कांग्रे स
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय खुद 100 क्विंटल धान बेचकर धान बेचने में अव्यवस्था का झूठे आरोप लगाकर राजनीति कर रहे रायपुर/9 जनवरी 2021 /प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय खुद के 100 क्विंटल धान को जशपुर के चोंगरी बहार धान उपार्जन केंद्र में बेचकर बैंक खाता में एक लाख छियासी हजार आठ सौ रुपए प्राप्त कर धान खरीदी में अव्यवस्था एवं धान बेचने वाले किसानों को भुगतान नहीं होने का झूठा आरोप लगाकर झूठी राजनीति कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में 1 दिसंबर को धान की खरीदी शुरू हुई और 7 जनवरी तक 15लाख 49हजार किसानों से लगभग 62 लाख मैट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है।धान बेचने वाले किसानों के खाता में समर्थन मूल्य की राशि भी जमा करा दी गई है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के 2 साल के कार्यकाल के बाद भाजपा मुद्दा विहीन हो चुकी हैं झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाकर भाजपा अपनी खोई हुई राजनीतिक धरातल को पाने में जुटी है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि यह पहला अवसर नहीं है जब भाजपा के नेता झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाकर छत्तीसगढ़ में किसानों के नाम से धान खरीदी में अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाकर राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके पहले भी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक सहित भाजपा के नेताओं ने धान की कीमत 2500 रु प्रति क्विं एकमुश्त प्राप्त करने एवं राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिये तीन किस्त खाता में जमा होने के बाद भी समर्थन मूल्य के अलावा अंतर की राशि नहीं मिलने का झूठा मनगढ़ंत आरोप लगाए थे ।छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार राज्य के लगभग धान बेचने पंजीकृत 21लाख 50हजार किसानों से प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान 2500रु की दाम पर खरीदी कर रही है इस वर्ष 90 लाख मैट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और 7 जनवरी तक 62 लाख मैट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की जहां जहां सरकार है वहां के किसान परेशान हताश एवं दुखी हैं किसानों के साथ किए वादा को भाजपा कभी पूरा नहीं करती है उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश बिहार गुजरात में किसानों को उनकी उपज का समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है किसानों की आर्थिक हालात खराब है केंद्र में बैठी नरेंद्र मोदी की सरकार जो किसानों से लोक लुभावने वादे की थी स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य और 50% अतिरिक्त प्रॉफिट देने का वादा कर किसानों से वोट लेकर सत्ता तो प्राप्त कर लिए लेकिन किसानों से किए वादे को पूरा नहीं किए बल्कि किसानों को चंद पूंजीपतियों के हाथों की कठपुतली बनाने पूंजी पतियों के गुलाम बनाने तीन कृषि कानून लाकर देश के कृषि क्षेत्र को समाप्त करने में लगी हुई है जिसे खिलाफ देशभर के किसान दिल्ली में आंदोलन कर रहे हैं और भाजपा के नेता एवं मोदी के मंत्री किसानों की मांगों को सुनने के बजाय किसानों के आंदोलन के खिलाफ बेतुका आधारहीन आरोप लगा रहे हैं देश के अन्नदाता को खालिस्तानी समर्थक टुकड़े-टुकड़े गैंग पाक परस्त बता रहे और न जाने कितने प्रकार के झूठे मनगढंत आरोप लगाकर झूठ की राजनीति करना भाजपा बन्द करे।
  • PM मोदी को वैश्विक नेताओं में मिली सर्वोच्च रेटिंग, जेपी नड्डा ने कहा- ‘ये सभी भारतीयों के लिए गर्व की बात’

    पीएम नरेंद्र मोदी को अमेरिकी एजेंसी मॉर्निंग कंसल्ट द्वारा की गयी अनुमोदन रेटिंग (Approval Rating) में सबसे ऊंचा स्थान मिला है जिसे लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को ट्विटर के जरिए खुशी जाहिर की है।

    बता दें कि अमेरिकी डेटा फर्म द्वारा किए गए सर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनुमोदन रेटिंग दुनिया के नेताओं में सबसे अधिक है।

    अमेरिकी फर्म मॉर्निंग कंसल्ट नियमित रूप से विश्व के नेताओं की अनुमोदन रेटिंग को ट्रैक करता है। उसने कहा कि 75 प्रतिशत से अधिक लोगों ने मोदी को स्वीकार किया, जबकि 20 प्रतिशत ने अस्वीकार किया, जिससे उनकी नेट अनुमोदन रेटिंग 55 प्रतिशत आई है। यह किसी भी अन्य विश्व नेता की तुलना में अधिक है।

    जेपी नड्डा ने दी प्रतिक्रिया

    उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा- “हमारे माननीय पीएम नरेंद्र मोदी जी को अमेरिकी अनुसंधान फर्म मॉर्निंग कंसल्ट द्वारा दुनिया के नेताओं के बीच सर्वोच्च रेटिंग मिली है। हमारे प्रधानमंत्री कोविड-19 संकट के विभिन्न मुद्दों और प्रबंधन के कुशल संचालन के लिए एक बार फिर से सरकार के सबसे लोकप्रिय प्रमुख के रूप में उभारे हैं।”फिर अन्य ट्वीट में बीजेपी अध्यक्ष ने लिखा- “जब से मोदी की अगुवाई वाली सरकार सत्ता में आई है, तब से लोगों का सरकार पर भरोसा और राष्ट्र के सही दिशा में आगे बढ़ने का विश्वास काफी बढ़ गया है। यह रेटिंग उनके सक्षम नेतृत्व और कड़ी मेहनत की गवाही है और सभी भारतीयों के लिए बड़े गर्व की बात है।”

  • फ्री वैक्सीन पर स्वास्थ्य मंत्री की सफाई : 3 करोड़ हेल्थ और फ्रंटलाइन वर्कर्स को लगेगा मुफ्ट टीका

    कोरोना वैक्सीन पर डॉ हर्षवर्धन ने बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा है कि कोरोना वैक्सीन दिल्ली में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में फ्री होगी. एक दिन पहले ही सीडीएससीओ की 10 सदस्यीय समिति ने ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी दी है.

  • अपने पाप हम पर मत मढ़िए रमन सिंह जी, किसान विरोधी सारे पाप आपके हैं : कांग्रेस

    रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह जी के धान खरीदी के संबंध में किए गए ट्वीट पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि रमन सिंह जी अपने पाप दूसरों पर न मढ़ें। किसान विरोधी सारे पाठ रमन सिंह जी और उनकी पार्टी भाजपा ने किए हैं। आज पूरे देश के किसान भाजपा की केंद्र सरकार के किसान विरोधी फैसलों को लेकर आंदोलित हैं। उन्होंने कहा है कि राज्य में धान ख़रीदी की जो भी समस्याएं हो रही हैं उसके लिए भी केंद्र की भाजपा सरकार और उसकी नीतियां ही दोषी हैं. शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि देश के किसानों से भाजपा ने 2022 तक आय दुगनी करने का वादा किया लेकिन आज तक उस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश लागू करने का वादा किया और दावा भी किया लेकिन मोदी सरकार का वादा और दावा दोनों फर्जी है। भाजपा की केंद्र सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के लिए बार दाने देने में बाधा डाली गई। राज्य को जितने बारदाने की ज़रूरत थी उसमें कटौती की गई और अब जितना वादा था उतना बारदाना भी नहीं दिया जा रहा है. एफसीआई में चावल लेने की अनुमत केंद्र सरकार को देनी है। चावल लेने का आदेश देने के बावजूद एफसीआई गोदामों में चावल रखने की अनुमति न देकर भाजपा की केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ की धान खरीदी में बाधाएं डालने का कुचक्र कर रही है। केंद्र में सरकार चला रही भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह किसानों के लिए घड़ियाली आंसू बहा कर भाजपा के किसान विरोधी चरित्र पर पर्दा डालने की साजिश रच रहे हैं। छत्तीसगढ़ के किसानों को रमन सिंह और भाजपा गुमराह नहीं कर सकते। किसान जानते हैं कि छत्तीसगढ़ में जब रमन सिंह जी की सरकार रही तब तक किसानों को किस तरह ठगा जाता रहा। न समर्थन मूल्य का वादा पूरा हुआ और न बोनस पांच साल तक मिला। चुनाव के समय मिला लेकिन कांग्रेस की सरकार बनते ही बंद कर दिया गया। इन्हीं किसान विरोधी नीतियों के कारण भाजपा को 15 साल तक शासन करने के बाद छत्तीसगढ़ के मतदाताओं ने 15 सीट के लायक भी नहीं समझा। प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस सरकार हर किसान का धान खरीदेगी और किसानों को पूरा पैसा मिलेगा। करोना काल में वित्तीय कठिनाइयों के बावजूद छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार किसानों से वादा पूरा निभा रही है। ऐसे कठिन समय में जीएसटी सहित छत्तीसगढ़ के हक का जो पैसा केंद्र की भाजपा सरकार को देना है नहीं दिया जा रहा है और केंद्र में सरकार चला रही भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह जी छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। हम ख़रीद रहे हैं ज़्यादा धान प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि 15 साल में भाजपा सरकार ने औसत 50 लाख मिट्रिक टन धान भी नहीं खरीदा लेकिन पिछले साल 2018-19 में भूपेश बघेल जी की सरकार ने 80 लाख मिट्रिक टन से अधिक धान 2500 रू. में खरीदा। 2019-20 में भी 15 लाख 71 हजार की जगह 19 लाख 52 हजार किसानों का पंजीयन किया गया और 83 लाख टन धान कांग्रेस की सरकार के द्वारा खरीदा गया है। कांग्रेस सरकार ने 2019-20 में धान खरीदी में अपना ही पिछले साल 2018-19 का रिकार्ड तोड़ा। अभी एक महिना भी नहीं हुआ है और भाजपा सरकार की औसत खरीदी जितना धान 45 लाख टन तो कांग्रेस सरकार खरीद चुकी है। अपने 15 वर्षो के शासनकाल में तो रमन सिंह सरकार ने 7 वर्षों में इतना धान भी नहीं खरीदा था। रमन सिंह जी किस मुंह से कांग्रेस सरकार पर धान खरीदी को लेकर आरोप लगाते है। भाजपा सरकार ने 15 वर्षो में धान खरीदी के आंकड़ों को जारी करते हुये प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा की रमन सिंह सरकार ने तो 50 लाख टन धान ही प्रति वर्ष खरीदा है। 81.70 लाख मिट्रिक टन से अधिक धान औसत प्रतिवर्ष 2500 रू. समर्थन मूल्य में खरीदने वाली कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ भाजपा के बयान सीधे-सीधे जनता की आंखो में धूल झोकने की कोशिश है। धान खरीदी पर भाजपा किस मुंह से बोल रही है? भाजपा को किसानों और ग्रामीण मतदाताओं अब कभी समर्थन नहीं मिल सकता क्योंकि छत्तीसगढ़ के गांवों के लोग मजदूर किसान भाजपा के किसान विरोधी, गरीब विरोधी चरित्र, मजदूर विरोधी चरित्र को बखूबी समझ चुके है। भाजपा सरकार द्वारा वर्षवार धान खरीदी खरीफ विपणन वर्ष खरीदी मात्रा लाख टन 2003-04 27.05 2004-05 28.87 2005-06 35.87 2006-07 37.08 2007-08 33.51 2008-09 37.47 2009-10 44.09 2010-11 50.73 2011-12 59.00 2012-13 70.24 2013-14 78.35 2014-15 62.77 2015-16 59.25 2016-17 69.57 2017-18 56.88 प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि जिस भाजपा की सरकार ने 15 वर्ष में कभी इतना धान नहीं खरीदा, जितना धान पिछले साल 2018-19 और इस साल 2019-20 में भी कांग्रेस सरकार ने खरीदा है। भाजपा ने 2013 के घोषणा पत्र में कहा था कि 2100 रू. समर्थन मूल्य देंगे, नहीं दिया। भाजपा ने कहा था कि 5 साल तक 300 रू. बोनस देंगे, नहीं दिया। भाजपा ने कहा था एक-एक दाना धान खरीदेंगे, नहीं खरीदा। भाजपा ने कहा था 5 हार्सपावर पंपों को मुफ्त बिजली देंगे, नहीं दी। भाजपा ने कहा था कि स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशे लागू करेंगे, किसानों को फसल की लागत पर डेढ़ गुना जोड़कर दाम देंगे, नहीं दिया। भाजपा ने कहा था 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करेंगे, अभी तक किसानों की आय बढ़ाने के लिये कुछ भी नहीं किया। प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि किसानों को 2500 रू. धान का दाम देने का काम कांग्रेस ने किया है। जबकि भारतीय जनता पार्टी ने 2013 के घोषणा पत्र में कहा था कि 2100 रू. समर्थन मूल्य देंगे, 300 रू. बोनस देंगे। 2100 रू. धान का दाम भाजपा सरकार में कभी नहीं मिला। 300 रू. बोनस 5 साल नहीं दिया गया। किसानों को और भाजपा के द्वारा इस मामले में आंदोलन की बात जनतंत्र है उनका अधिकार है आंदोलन करे। भाजपा ने तो किसानों के साथ धोखाधड़ी ही की है। भाजपा किसान हितैषी बनने का स्वांग रचती रही है और किसानों के लिये घड़ियाली आंसू बहाती है। भाजपा के किसान विरोधी चरित्र को छत्तीसगढ़ के किसान बखूबी जानते, समझते है।

  • लव जिहाद: यूपी और एमपी में कौन सा एक्ट ज्यादा सख्त है, सज़ा-जुर्माने सहित पढ़ें दोनों कानून के सभी अंतर

    उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश में भी लव जेहाद पर कानून लागू होने का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है. कैबिनेट ने अध्यादेश को मंजूरी देकर राज्यपाल के पास भेज दिया है. कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश में भी इस तरह का कानून पास हुआ था. जानिए मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के कानून में क्या अंतर है?

    नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में लव जेहाद अध्यादेश को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. इसे अब राज्यपाल के पास भेजा गया है. राज्यपाल के अध्यादेश पर दस्तखत करते ही यह कानून तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट में प्रस्ताव रखा था. इसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया.

     

    इसे लेकर मुख्यमंत्री ने कहा, ''कोरोना के चलते हमें विधानसभा का सत्र स्थगित करना पड़ा. कुछ महत्वपूर्ण विधेयक हमारे हैं, जिन्हें अब अध्यादेश के जरिए कानून बनाना है. इनमें से एक धर्म स्वातंत्र्य विधेयक भी है. इसा कानून के तहत लोभ, लालच या फिर विवाह के बाद जबरन धर्म परिवर्तन को अपराध माना है. इसमें साल तक की कड़ी सजा का प्रावधान किया है. जो व्यक्ति या संस्थाएं इसमें सहयोग करेंगी, उन्हें भी अपराधी बनाया जाएगा.''

     

    बता दें कि यह अध्यादेश कुछ मायनों में पिछले महीने उत्तर प्रदेश की भाजपा नीत सरकार द्वारा अधिसूचित 'उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश-2020' के समान है, क्योंकि उसमें भी जबरन धर्मांतरण करवाने वाले के लिए अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान है.

     

     

     

  • समाचार प्रकाशन और प्रसारण के लिए प्रेस क्लब जिम्मेदार नहीं -दामु आम्बेडारे
    समाचार प्रकाशन और प्रसारण के लिए प्रेस क्लब जिम्मेदार नहीं -दामु आम्बेडारे रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब परिसर में एक व्यक्ति द्वारा कीटनाशक पीकर खुदकुशी करने की कोशिश को दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष दामु आम्बेडारे ने स्पष्ट किया है कि रायपुर प्रेस क्लब लोगों को अपनी बात मीडिया के सामने रखने के लिए स्थान उपलब्ध कराता है। लेकिन कॉन्फ्रेंस का समाचार प्रकाशित, प्रसारित करना अथवा न करना मीडिया संस्थान के विवेक पर निर्भर करता है। कॉन्फ्रेंस आयोजकों को इस तथ्य से अवगत करा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि किसी को भी अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन यह मीडिया संस्थान पर निर्भर करता है कि वे समाचार के संबंध में क्या निर्णय लेते हैं। इस तरह के कदम उठाए जाने का कोई औचित्य नहीं है। घटना से रायपुर प्रेस क्लब का कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने कहा कि मानवीयता की दृष्टि से रायपुर प्रेस क्लब अपील करता है कि कोई भी इस तरह का कदम न उठाए।
  • समाचार प्रकाशन और प्रसारण के लिए प्रेस क्लब जिम्मेदार नहीं -दामु आम्बेडारे
    समाचार प्रकाशन और प्रसारण के लिए प्रेस क्लब जिम्मेदार नहीं -दामु आम्बेडारे रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब परिसर में एक व्यक्ति द्वारा कीटनाशक पीकर खुदकुशी करने की कोशिश को दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष दामु आम्बेडारे ने स्पष्ट किया है कि रायपुर प्रेस क्लब लोगों को अपनी बात मीडिया के सामने रखने के लिए स्थान उपलब्ध कराता है। लेकिन कॉन्फ्रेंस का समाचार प्रकाशित, प्रसारित करना अथवा न करना मीडिया संस्थान के विवेक पर निर्भर करता है। कॉन्फ्रेंस आयोजकों को इस तथ्य से अवगत करा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि किसी को भी अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन यह मीडिया संस्थान पर निर्भर करता है कि वे समाचार के संबंध में क्या निर्णय लेते हैं। इस तरह के कदम उठाए जाने का कोई औचित्य नहीं है। घटना से रायपुर प्रेस क्लब का कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने कहा कि मानवीयता की दृष्टि से रायपुर प्रेस क्लब अपील करता है कि कोई भी इस तरह का कदम न उठाए।
  • इमरान के नए पाकिस्तान में लगी ऐसी आग, 60 रुपये गेंहूं और 30 रुपये का बिक रहा एक अंडा

    पड़ोसी मुल्क पाक में करीब पच्चीस फीसदी लोग अभी भी बीपीएल (गरीबी रेखा) से नीचे अपना जीवन यापन कर रहे हैं. ऐसी स्थिति में रोजमर्रा की जरूरतों के हर सामान की कीमत पाकिस्तान में आसमान छू रही है.

    कोरोना वायरस के संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में महंगाई की ऐसी मार पड़ी है कि आम लोगों की कमर टूट रही है. इमरान खान के सत्ता में आने के बावजूद वह अर्थव्यवस्था में सुधार करने में नाकाम रहे हैं. वहां की हालत अब ऐसी हो चुकी है कि अदरक 1 हजार रुपये और गेंहू 60 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है. जबकि, वहां पर एक अंडा 30 रुपये का मिल रहा है.

     

    ऐसे में लोगों को अपनी जरूरत की रोजमर्रा की चीजों को पूरा करना भी संभव नहीं हो पा रहा है. पाकिस्तान में अगर आप थोक भाव से अंडा खरीदते हैं तो एक दर्जन के लिए 240 रुपये चुकाने होंगे. इतना नहीं नहीं, चिकन 300 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है.

     

    पड़ोसी मुल्क पाक में करीब पच्चीस फीसदी लोग अभी भी बीपीएल (गरीबी रेखा) से नीचे अपना जीवन यापन कर रहे हैं. ऐसी स्थिति में रोजमर्रा की जरूरतों के हर सामान की कीमत पाकिस्तान में आसमान छू रही है. पाकिस्तान में चीनी 104 रुपये प्रति किलो बिक रही है. घरेलू गैस संकट से जूझ रहे इमरान खान के नए पाकिस्तान में लोगों को दो वक्त का खाना भी नसीब नहीं हो रहा है.

     

    पाकिस्तान इन दिनों खाद्यान्न के भारी संकट से गुजर रहा है. जबकि,  दूसरी तरफ घरेलू गैस संकट भी वहां विकराल रूप ले रहा है. इमरान सरकार की हालत ऐसी हो चुकी है कि चीनी और आटे की कीमतों को कंट्रोल करने के लिए पीएम इमरान खान को लगातार कैबिनेट की मीटिंग बुलानी पड़ रही है.