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  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ट्वीट - वीडियो कांफ्रेंसिंग प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की अध्यक्षता में कोरोना संक्रमण से बचाव और रोकथाम पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्रियों की आज आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में शामिल हुआ।

  • झीरम की साजिश की जांच से भाजपा क्यों डरती है अब स्पष्ट हो गया - कांग्रेस
    माओवादियों के मददगार भाजपा के जिला उपाध्यक्ष की गिरफ्तारी सिर्फ उस आग का धुंआ मात्र है जो 15 वर्षों के भाजपा शासनकाल में सुलगती रही अब स्पष्ट है कि झीरम की साजिश की जांच से भाजपा क्यों डरती है झीरम की घटना को लेकर कांग्रेस ने बार-बार कहा है कि इसकी साजिश में किसकी भूमिका थी यह पता किया जाये भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष का माओवादियों के मददगार के रूप में 10 साल तक काम करना बहुत कुछ स्पष्ट करता है झीरम की घटना की साजिश की समुचित जांच कराने और अपराधियों को सजा दिलवाने का मोदी जी का वादा मोदी जी के अन्य वादों की तरह अभी तक अधूरा है रायपुर/14 जून 2020। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक का पुत्र जगत पुजारी के विगत 10 वर्षों से माओवादियों को सप्लाई पहुंचाने के खुलासे पर प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि अब स्पष्ट हो गया है कि झीरम की साजिश की जांच से भाजपा क्यों डरती है। माओवादियों के मददगार भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक के पुत्र जगत पुजारी की गिरफ्तारी सिर्फ उस आग का धुंआ मात्र है जो 15 वर्षों के भाजपा शासनकाल में सुलगती रही। प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक के पुत्र का माओवादियों के मददगार के रूप में 10 साल से काम करने की घटना उजागर होने से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा की रमन सिंह सरकार के 15 साल के शासनकाल में माओवाद कैसे क्यों और किस की मदद से फला फूला ? 2003 में जब भाजपा की रमन सिंह सरकार ने शासन संभाला था उस समय दक्षिण बस्तर के 3 ब्लाकों तक सीमित माओवाद ने भाजपा के 15 साल के शासनकाल में बढ़ते बढ़ते प्रदेश के 14 जिलों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। भाजपा के भ्रष्टाचार कमीशन खोरी और कुशासन को माओवाद का विस्तार बहुत सूट करता था। 15 साल तक दिखावे के लिए माओवाद का विरोध और अंदर अंदर माओवाद को सहयोग अब पूरी तरह से बेनकाब हो गया है। प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि झीरम की घटना को लेकर कांग्रेस ने बार-बार कहा है कि झीरम कांड की साजिश में किसकी भूमिका थी यह पता किया जाये। 25 मई 2013 को राजभवन में दिए गए ज्ञापन से लेकर सड़क से सदन तक कांग्रेस ने लगातार झीरम की घटना के आपराधिक राजनैतिक षड्यंत्र की जांच की मांग की है। पहले भाजपा की राज्य सरकार और उसके बाद भाजपा की केंद्र सरकार भी झीरम की जांच को बाधित करने में लगी रही। प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि मई 2014 में भाजपा के उस समय के प्रधानमंत्री पद के घोषित प्रत्याशी और वर्तमान में विगत 6 वर्षों से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धमतरी की आमसभा में छत्तीसगढ़ की जनता से वादा किया था कि उनकी सरकार बनने के बाद वह झीरम की घटना की साजिश की समुचित जांच कराएंगे और अपराधियों को सजा दी जाएगी । मोदी जी के अन्य वादों की तरह यह वादा भी अभी तक अधूरा है।
  • डी एल यस कॉलेज की उम्दा पहल; कॉलेज को क्वारंटाइन सेंटर बनाने के लिए संचालक ने मुख्यमंत्री व जिला प्रशासन को लिखा पत्र
    डी एल यस कॉलेज की उम्दा पहल; कॉलेज को क्वारंटाइन सेंटर बनाने के लिए संचालक ने मुख्यमंत्री व जिला प्रशासन को लिखा पत्र बिलासपुर डी एल यस कॉलेज के संचालक बसंत शर्मा ने कोरोना वायरस से उपजे संकट के दौर में एक सराहनीय पहल की है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कॉलेज कैंपस को कोरोना वायरस पीड़ितों के लिए क्वारंटाइन सेंटर बनाने का निवेदन किया है। स्कूल संचालक बसंत शर्मा ने कहा कि , उन्हें खुशी होगी कि वो किसी भी तरह से महामारी के दौरान समाज के काम आ सकें। स्कूलों में वैसे भी अवकाश घोषित हैं। ऐसे में अगर स्कूल कैंपस का उपयोग प्रशासन समाज की भलाई के लिए करे तो बेहतर ही होगा। मुख्यमंत्री व जिला प्रशासन के नाम पत्र में लिखा है कि डी एल यस कॉलेज सरकंडा में स्थित है। इसके भवन में बहुत सारे कमरे, शौचालय ,बिजली ,पानी, पंखे इत्यादि की व्यवस्था के साथ पर्याप्त खुला मैदान उपलब्ध है। कोरोना वायरस पीड़ित या जिनके पास रहने के लिए आश्रय नहीं है, प्रशासन इस भवन का उपयोग किसी भी भलाई के कार्य में कर सकता है।महामारी के दौरान स्कूल का उपयोग नि:शुल्क रूप से बिना कोई शर्त किया जा सकता है।  इसी क्रम में कॉलेज के संचालक बसंत शर्मा में 51000 रुपये भी मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा किये है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ढाई करोड़ जनता के लिए दिन रात लड़ रहे तो हम सबका भी फर्ज बनता है कि अपने प्रदेश के लोगो हेतु इस संकट की घड़ी में बढ़ चढ़ कर दान करना चाहिए ताकि सरकार उसका उपयोग कर जनता की सेवा कर सके। मन्नू मानिकपुरी संवाददाता बिलासपुर
  • क्या वित्तीय कुप्रबन्धन कर रही भूपेश सरकार ?  -पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह से पूछा कांग्रेस ने

    रमन सिंह बताये की क्या वित्तीय कुप्रबन्धन कर रही भूपेश सरकार ? : कांग्रेस


    रायपुर/11 जून 2020। कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह से पूछा है कि वे बताये की कौन से वित्तीय कुप्रबन्धन कर रही भूपेश सरकार? प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि एक दर्जन से अधिक बार राज्य सरकार पर वित्तीय कुप्रबन्धन का आरोप लगाने वाले रमन सिंह राज्य की जनता को बताए कि भूपेश सरकार के कौन से निर्णय वित्तीय कुप्रबन्धन की श्रेणी में आते है? रमन सिंह किसानों के कर्ज माफी को वित्तीय कुप्रबन्धन मानते है? या फिर धान की कीमत 2500 रु देने को फिजूल खर्ची की श्रेणी में रखते है या तेंदूपत्ता संग्रहन का मानदेय 2500 रु. से बढ़ा कर 4000 रु. किये जाने को को वे राज्य के खजाने पर अनावश्यक बोझ मानते हैं? या फिर 400 यूनिट तक के बिजली बिल की राशि को आधा करने के निर्णय को वे गलत निर्णय समझते हैं?
    कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने के तुरंत बाद से ही रमन सिंह राज्य की वित्तीय हालत खराब होने का आरोप लगा रहे हैं। आरोप लगाने की उहापोह में रमन सिंह भूल रहे हैं कि राज्य बनने के बाद डेढ़ दशक तक वे ही सरकार के मुखिया थे  जब राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी वे नई सरकार को विरासत में लगभग 55 हजार करोड़ के कर्जे के साथ शिक्षा कर्मियों के संविलियन के खर्च की विरासत छोड़ कर गए थे। रमन सिंह को इसी बात की पीड़ा है कि इस बदहाल आर्थिक हालात के बावजूद भूपेश बघेल लगातार जनता को राहत कैसे दे पा रहे हैं।
    प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि  वही राज्य है वही संसाधन है फिर भूपेश बघेल कैसे लोगो को राहत दे पा रहे रमन सिंह अपने चुनावी वायदे भी नही पूरा कर पाते थे ? यह नीयत का सवाल है रमन सिंह की प्राथमिकता में अट्टालिकाएं और पांच सितारा सरकारी भवन बनाने थे नई सरकार की प्राथमिकता में लोगो को सीधे फायदा पहुँचा कर उनको आर्थिक रूप से शशक्त बनाने का है। यही कारण है कि किसान, तेंदूपत्ता संग्राहक के लिए योजना बनाई गई। बिजली उपभोक्ताओं को राहत दी गई। सरकार ने भूमि की गाइड लाइन की दरों में 30 फीसदी कटौती कर लोगो को राहत दिया। वित्तीय कुप्रबन्धन या फिजूल खर्ची तो स्काई वाक, गोल्फकोर्स जैसे प्रजेक्ट थे। राज्योत्सव के नाम पर मेला ग्राउंड के एक मंजिला भवन में मंच से हाल तक जाने तीन तीन लिफ्ट लगाना जैसे सैकड़ो उदाहरण है जहाँ सरकारी खजाने को बेरहमी पूर्वक लुटाया गया।
    प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र से वित्तीय सहायता मांगना या रिजर्व बैंक से ऋण सम्बन्धी रियाययत मांगना वित्तीय प्रबंधन के हिस्से के साथ साथ संघीय ढांचे में राज्य का संवैधानिक अधिकार है। इस मांग के आधार पर राज्य के वित्तीय हालात पर सवाल खड़ा कर रमन सिंह विशुद्ध रूप से राजनैतिक बयान बाजी कर रहे हैं।
    यूपीए सरकार के समय दस वर्षों तक रमन सरकार के द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत किया जाने वाला वार्षिक बजट केंद्रीय योजनाओ का रूपांतरण मात्र रहता था।रमन सिंह को यह स्वीकारने का साहस दिखाना चाहिए कि जैसी मदद कांग्रेस की केंद्र सरकार राज्य को करती थी वैसी मदद मोदी सरकार नही कर रही। रमन को ऐसा लगता है कि राज्य के वित्तीय प्रबंधन को और सुदृढ़ करने की जरूरत है तो क्यो नही वे राज्य सरकार के मांग के अनुरूप मोदी सरकार को राज्य को 30000 हजार करोड़ की मदद की सिफारिश करते।
    प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने पूछा कि  मोदी सरकार ने रिजर्व बैंक के रिजर्व खाते का 174 लाख करोड़ रु निकाल खर्च कर लिया ,विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमो की निजीकरण का प्रयास किया तो क्या रमन सिंह यह मानेगे की मोदी सरकार ने देश की वित्तीय व्यवस्था को तबाह कर दिया है।

  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह को लिखा पत्र - सीएसपीडीसीएल को स्वतंत्र विद्युत उत्पादक (आईपीपी) मान्य करने का  किया आग्रह

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ड्रिस्ट्रीब्यूशन कंपनी का तेलंगाना राज्य की पॉवर कंपनी पर बकाया 2 हजार करोड़ रूपए के देयक के भुगतान की कार्रवाई हेतु सीएसपीडीसीएल को स्वतंत्र विद्युत उत्पादक आईपीपी मान्य करने का आग्रह किया है।

    मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री को अवगत कराया है कि छत्तीसगढ़ में स्टेट सेक्टर के अंतर्गत स्थापित 1000 मेगावॉट क्षमता की अटल बिहारी ताप विद्युत परियोजना (मड़वा) से विद्युत आपूर्ति हेतु सीएसपीडीसीएल एवं तेलंगाना राज्य की पावर कम्पनियों के मध्य 22 सितम्बर 2015 को दीर्घकालीन पीपीए निष्पादित किया गया है। जिसके तहत तेलंगाना राज्य को निरन्तर विद्युत आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया है कि सीएसपीडीसीएल का 31 मार्च 2020 की स्थिति में 2 हजार करोड़ रूपये से अधिक का विद्युत देयक तेलंगाना राज्य की पॉवर कम्पनी पर बकाया है, जिसके कारण सीएसपीडीसीएल वित्तीय तनाव से गुजर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा घोषित ’आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के अंतर्गत राज्य के पॉवर सेक्टर को शामिल किया गया है तथा स्पेशल लॉन्ग टर्म ट्रांजेक्शन लोन स्कीम जारी की गई है। जिसके तहत आरईसी लिमिटेड एवं पीएफसी लिमिटेड के माध्यम से केन्द्रीय विद्युत उत्पादन एवं पारेषण उपक्रम सहित स्वतंत्र विद्युत उत्पादक एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोत के पूर्व के बकाया राशि के भुगतान हेतु विद्युत वितरण कम्पनियों को सहयोग हेतु ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

  • आमजनों से दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस कर्मियों पर होगी कड़ी कार्रवाई -

    पुलिस महानिदेशक ने सभी रेंज पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षकों को दिए निर्देश

         रायपुर, 9 जून 2020

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल में ही पुलिस कर्मियों द्वारा आमजनों के साथ किए गए दुर्व्यवहार को बड़ी गंभीरता से लिया है और उन्होंने संबंधितों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस महानिदेशक को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि पुलिस का व्यवहार आम नागरिकों से सम्मानजनक और सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए।
        मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस महानिदेशक डी.एम.अवस्थी ने राज्य के सभी रेंज पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि पुलिस कर्मियों द्वारा आमजनों से दुर्व्यवहार करने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर अपराधी प्रकरण दर्ज किया जाए। श्री अवस्थी ने रेंज पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षकों को अधिनस्थ पुलिस कर्मियों पर कठोर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए हैं।
        श्री अवस्थी ने कहा है कि इस प्रकार के मामलों के कारण पुलिस विभाग में लंबे समय से मेहनत कर रहे ईमानदार और अनुशासित पुलिस कर्मियों की सारी मेहनत पर पानी फिर जाता है और पुलिस की नकारात्मक छवि जनमानस के सामने आती है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में यदि किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी ने किसी भी आम व्यक्ति से दुर्व्यवहार किया तो उसे तत्काल निलंबित करते हुए आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। पुलिस महानिदेशक ने रेंज पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षकों को यह भी निर्देशित किया है कि हाल ही में ही घटित इस प्रकार के प्रकरणों पर विभागीय जांच संस्थित कर तत्काल कड़ी कार्रवाई करें।

  • ममता जी CAA का विरोध बहुत महंगा पड़ेगा - अमित शाह
    ममता जी CAA का विरोध बहुत महंगा पड़ेगा News Track कोलकाता : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार और ओडिशा के बाद आज पश्चिम बंगाल में वर्चुअल रैली को संबोधित कर रहे हैं ,ये सभी रैलियां पूरी तरह ऑनलाइन की जा रही हैं, अपने भाषण में अमित शाह ने राज्य की सीएम ममता बनर्जी को नागरिकता संशोधन कानून (CAA), राजनीतिक हिंसा और केंद्र की योजनाएं लागू न करने जैसे कई बड़े मुद्दों पर घेरा, साथ ही अमित शाह ने ममता बनर्जी की सत्ता खिसकने की भी बात कही बंगाल सरकार पर केंद्र की योजनाएं लागू न करने का इल्जाम लगाते हुये अमित शाह ने ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए कहा कि ये राजनीति की चीज नहीं है, राजनीतिक के कई और मैदान हैं आप मैदान निर्धारित कर लो, दो-दो हाथ जाए. शाह ने कहा कि बंगाल में सत्ता बदलेगी और शपथ ग्रहण के एक मिनट के भीतर आयुष्मान भारत योजना बंगाल में लागू हो जायेगी, उन्होंने कहा कि हम अपनी सरकार का हिसाब दे रहे हैं, ममता जी आप भी 10 वर्ष का हिसाब बताइये, किन्तु बम धमाकों और भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत का आंकड़ा मत बताइयेगा - अमित शाह ने ममता बनर्जी को घेरते हुए कहा कि जब CAA आया तो ममता जी का चेहरा गुस्से से लाल हो गया था, मैंने कभी किसी को इतने गुस्से में नहीं देखा, गृह मंत्री ने ममता बनर्जी से पूछा कि नामशूद्र और मतुआ समाज से आपको क्या समस्या है, CAA का विरोध आपको बहुत भारी पड़ेगा, जब मतपेटी खुलेंगी तो जनता आपको राजनीतिक शरणार्थी बनाने वाली है, जनधन खाते खोलने पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए अमित शाह ने कहा कि आज इस मुश्किल समय में 51 करोड़ लोगों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये डाले गए है -
  • छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई से नहीं खुलेंगे स्कूल -
    छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई से नहीं खुलेंगे स्कूल, तैयारी में फिलहाल वक्त लगेगा - शिक्षा मंत्री शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि 30 जून तक तो लॉकडाउन है, इसके बाद दिशा-निर्देश तय होंगे | अधिकांश अभिभावकों का भी कहना है कि फिलहाल स्कूल न खोलें, उनकी बात भी सुनेंगे, तब फैसला लेंगे - लाखों पैरेंट्स के मन में यही सवाल है कि कोरोना वायरस से प्रदेश में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है अनेक स्कूलों में क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाया गया है ऐसे में यदि 1 जुलाई से स्कूल खुलेंगे तो बच्चों में संक्रमण फैलने का खतरा है इस पर राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री प्रेम साय सिंह टेकाम ने कहा कि 1 जुलाई से प्रदेश में स्कूल नहीं खुलेंगे। उन्होंने कहा कि 30 जून तक लॉकडाउन है। इसके बाद दिशा-निर्देश तय होंगे। ऐसे में 1 तारीख से स्कूल शुरू हो जाएं यह संभव नहीं है। प्रेम साय सिंह ने कहा कि स्कूल खोलने को लेकर तैयारी करनी होगी। सभी स्कूलों को सेनीटाइज किया जाना है ऐसे बहुत से स्कूल हैं, जिन्हें वर्तमान में क्वारैंटाइन सेंटर बनाया गया है। उन्हें खाली किया जाएगा, स्कूल भी सैनिटाइज होंगे। केंद्र सरकार की गाइड लाइन का भी इंतजार है। अभिभावकों का भी कहना है कि फिलहाल स्कूल न खोलें, उनकी बात भी सुनेंगे, तब जाकर फैसला लिया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने भी कहा कि अभी किसी तरह का आदेश स्कूलों को खोले जाने को लेकर जारी नहीं हुआ है। दो दिन बाद केंद्र सरकार के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस है। देश के अन्य राज्यों से बात की जाएगी। स्कूल खोलने को लेकर ही इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में चर्चा होगी। 10 तारीख को कलेक्टर कॉन्फ्रेंस है। इसमें भी हम सभी कलेक्टरों से बात करेंगे। पैरेंट्स से भी राय लेंगे, जो सभी के हित मे होगा वो फैसला किया जाएगा। लॉकडाउन और स्कूल शिक्षा प्रदेश में करोड़ों बच्चे इन दिनों घर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। सरकार ने इसके लिए पढ़ई तुंहर दुआर नाम की वेबसाइट बनाई है। प्राइवेट स्कूल भी ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं। लॉकडाउन की वजह से 10वीं और 12वीं में बचे हुए विषयों की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। बच्चों को आतंरिक मूल्यांकन के आधार पर मार्क्स दिए जाएंगे। कक्षा 1 से 8 के साथ 9वीं और 11वीं के बच्चों को जनरल प्रमोशन दिया गया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सभी शासकीय और अनुदान प्राप्त संस्थाओं के विशेष विद्यालयों के 9वीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को भी पास कर दिया गया है। - CG 24 News - Singhotra, 9301094242
  • नहीं खुलेंगे शॉपिंग मॉल, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश
    छत्तीसगढ़ में कल से नहीं खुलेंगे शॉपिंग मॉल, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, सार्वजनिक पार्क और उद्यान खुलेंगे 8 जून से, स्टेडियम और स्पोर्टिंग काम्पलेक्स में केवल बाहरी खेल गतिविधियों की अनुमति, कंटेनमेंट जोन में केवल अत्यावश्यक सेवाओं को ही अनुमति 8 जून से कंटेंनमेंट जोन को छोड़कर सार्वजनिक पार्कों, शहर के बाहर क्लबों, धार्मिक एवं पूजा स्थलों को खोलने की अनुमति जारी की गई है, इसी प्रकार होटल रेस्टोरेंट को कुछ बंदिशों के साथ अनुमति दी गई है सामान्य प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार सार्वजनिक पार्क और उद्यान 8 जून से खुल सकेंगे, इसके साथ ही स्पोर्टिंग काम्पलेक्स एवं स्टेडियम में केवल बाहरी खेल गतिविधियां की जा सकेंगी, क्लबों में केवल बाहरी गतिविधियां संचालित होंगी, इसी प्रकार भारत सरकार द्वारा जारी एसओपी के अनुसार धार्मिक एवं पूजा स्थल संचालित करने की अनुमति होगी, लेकिन शापिंग माॅल खोलने और संचालन करने की अनुमति नहीं होगी जारी आदेश के अनुसार रेन्टोरेंट के लिए केवल टेक अवे की अुनमति पूर्वानुसार रहेगी, होटल संचालन के लिए अनुमति केवल पूर्वानुसार निर्धारित उपयोग के लिए भारत सरकार द्वारा जारी एसओपी के अनुसार होगी.....
  • भाजपा निहित राजनैतिक स्वार्थ के लिए गांव की व्यवस्था में मीनमेख निकलने और विघ्न डालने की कोशिश न करे - कांग्रेस
    भाजपा के लिए प्रायश्चित का समय, बयानबाज़ी का नहीं: कांग्रेस भाजपा निहित राजनैतिक स्वार्थ के लिए गांव की व्यवस्था में मीनमेख निकलने और विघ्न डालने की कोशिश न करे   -    जो संकट भाजपा सरकार ने खड़ा किया, उसे छत्तीसगढ़वासी झेल रहे हैं -    क्वारेंटीन सेंटरों की व्यवस्था में गांव वालों की मदद करें भाजपा के लोग     रायपुर, 6 जून, 2020। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भारत में यदि कोरोना ने महामारी का रूप लिया है तो इसका दोष भारतीय जनता पार्टी और उसकी सरकार को है. इसलिए भाजपा को चाहिए कि वे शर्मिंदगी महसूस करें और मीनमेख निकालने की जगह जहां संभव हो सेवा करें. यही उनका प्रायश्चित है.   उन्होंने कहा है कि भाजपा ने न केंद्र के स्तर पर लोगों की सहायता की और न राज्य के स्तर पर. भाजपा के लोग सिर्फ़ कमी तलाश करने की नाकाम कोशिशों में लगे रहे. अब जबकि छत्तीसगढ़वासी दुख और पीड़ा झेलते हुए अपने घर वापस आ गए हैं, भाजपा के लोगों को उनकी सुध लेनी चाहिए और थोड़ी बहुत सेवा कर लेनी चाहिए.   कोरोना संक्रमण पर उन्होंने कहा कि यदि केंद्र की भाजपा सरकार ने समय रहते एयरपोर्ट बंद कर दिए होते, जांच शुरु कर दी होती तो विदेशों से आने वाले लोगों को बीमारी फैलाने से रोका जा सकता था. लेकिन मोदी सरकार को ‘नमस्ते ट्रंप’ में लगी रही. फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना सोच विचार किए, बिना सलाह मशविरा किए लॉकडाउन करके मज़दूरों की हालत ख़राब कर दी और उन्हें पीड़ा, प्रताड़ना और भूख झेलने पर मजबूर कर दिया. करोड़ों मज़दूर सड़कों पर पैदल चलते घर के लिए निकलने के लिए बाध्य हुए. न भाजपा सरकार ने उनका किराया दिया और न राशन पानी की व्यवस्था की.   शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की सरकार बिना केंद्र की सहायता के मज़दूरों और बाहर से लौटे छत्तीसगढ़वासियों की सहायता कर रही है. बाहर से लौटे लोगों को उनके गांवों में ही क्वारेंटीन सेंटर में रखा गया है. सरकार ने बहुत सोच विचार करके क्वारेंटीन सेटरों की व्यवस्था सरपंचों और ग्रामवासियों को सौंपी है और प्रशासन की भूमिका सुविधाएं जुटाने तक रखी है. ऐसे में भाजपा के लोग यदि शिकायत कर रहे हैं तो वे छत्तीसगढ़वासियों को ही दोष दे रहे हैं. उन्होंने कहा है कि जहां सुधार की आवश्यकता महसूस हो रही है वहां भाजपा के लोगों को सुझाव देने चाहिए, सहायता तो वे न केंद्र में कर रहे हैं और न प्रदेश में. भाजपा निहित राजनैतिक स्वार्थ के लिए गांव की व्यवस्था में मीनमेख निकलने और विघ्न डालने की कोशिश न करे.   उन्होंने कहा है कि भाजपा द्वारा अपने बयानों में इन मजदूर भाइयों के लिये जिस भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है कांग्रेस उसकी कड़ी निंदा करती है.
  • BJP के पूर्व मंत्री सहित तीन पूर्व विधायक शासन द्वारा डिटेन

    *ब्रेकिंग न्यूज़ -BJP Ex MLA* क्वारन्टीन सेंटर का निरीक्षण करने गए भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंत्री सहित तीन पूर्व विधायक शासन द्वारा डिटेन किए गए| महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिंघोरा के कैलेंडा स्थित क्वारन्टीन सेंटर मैं जांच करने गए | इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री रूप कुमारी चौधरी पूर्व विधायक विमल चोपड़ा, रामलाल चौहान, त्रिलोचन पटेल के साथ विपिन वेजा कांता पटेल धनेश नायक सहित भारतीय जनता पार्टी महासमुंद जिला अध्यक्ष सहित कुछ कार्यकर्ता शामिल थे

    क्वारन्टीन सेंटर में भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पूछताछ कर रहा है जब इसकी खबर शासन प्रशासन को लगी तो अनेक अधिकारी तुरंत उक्त क्वारन्टीन सेंटर पहुंचे और भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि मंडल को एक प्रकार से अघोषित रूप से कैद कर लिया और उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है महासमुंद के पूर्व विधायक विमल चोपड़ा ने सीजी 24 न्यूज़ से चर्चा करते हुए बताया कि किसी महिला की मौत की जांच करने भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधिमंडल आया था और वह खबर बाहर ना निकले इसलिए शासन ने हम सभी को यहां रोक रखा है 4:15 बजे शाम से रात 9:00 बजे तक किसी भी तरह कोई व्यवस्था एवं निर्णय शासन ने अभी तक नहीं किया है CG 24 News - Sukhbir Singhotra , 93010 94242

  • आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन किसानो के लिए नही बल्कि बड़े पुंजीपतियों के लिए लाभदायी है

    रायपुर/04 जून 2020। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा है कि प्रधानमंत्री जी के द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन करके देश की किसानो के लिए बड़ा लाभदायी फैसला निरूपित करते हुए किसानो हितैषी फैसला बताकर ढ़िढोरा पीटा जा रहा है। जबकि इससे उत्पादक किसानो को काई फायदा नही होने वाला है। कृषि क्षेत्र में बडे़ निजी निवेशको एवं कृषि उपज के विपणन एवं अन्य ट्रेडिंग व्यवसाय में जुड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए ही यह संशोधन लागू किया गया है। इससे सिर्फ कृषि उत्पादो के विपणन एवं टेªडिंग व्यवसाय से जुडे़ बडे़ उद्योगपतियों को ही फायदा होगा। छत्तीसगढ़ प्रदेश में वर्तमान कानून अनुसार किसानों को अपने कोई भी उपज को प्रदेश के किसी भी हिस्से में ले जाकर बेचने का अधिकार प्राप्त है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा है कि केन्द्र शासन द्वारा इसे किसानहित में बताते हुए ‘‘एक देश एक बाजार नीति‘‘ ‘‘किसान अब अपने उत्पादको का भंडारण कर सकेगा।‘‘ ‘‘किसान अपने उत्पाद को कहीं भी बेच सकेगा‘‘ और अधिक दामो में बेच सकेगा ‘‘ जैसे मुहावरे के द्वारा किसानो को फिर से धोखा दिया जा रहा है । पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा है कि केन्द्र शासन और माननीय प्रधानमंत्री जी को देश के आम किसानो की स्थिति की सही जानकारी ही नही है। देश के लघू एवं सीमान्त किसान एवं मंझोले किसानो की संख्या ही सर्वाधिक है । इन सामान्य किसानो के लिए यह ब्यवहारिक एवं लाभदायी नही है कि ये अपने उपज को प्रदेश के बाहर के मंड़ियो में ले जाकर बेच सके और न तो इतनी मात्रा में इतनी उपज होती है और न ही ट्रंासपोर्टिग का खर्च भी उस अन्तर के मूल्यो को लाभदायी बना सके । देश का आम किसान आर्थिक रूप से इतना कमजोर है और कर्ज से लदा हुआ है , कि जैसे ही फसल की कटाई होती है तत्काल उसके सामने बेचने की जल्दी एवं मजबूरी रहती है । वे अच्छे दाम के इंतजार तक न तो फसल का अपना भंडारण मंहगे भंडार गृहों में करने की क्षमता है और न ही देश के दूसरे हिस्से में ले जा करके अनाज को उसके बेचने की क्षमता है । पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा है कि देश के प्रायः सभी कृषि उपज मंडियो में किसानो को अपनी उपज को बेचने के लिए सही तौल से लेकर फसल की सहीं कीमत और समय पर भुगतान प्राप्त करने तक में शासन की लापरवाहियो के कारण किसानो को नुकसान उठाना पड़ता है । कृषि उपज मंड़ी में जहां किसानो की उपज का केन्द्र शासन द्वारा घोषित समर्थन मुल्यो पर बिक्री किये जाने की सुनिश्चितता किया जाना चाहिए । भुगतान 24 घण्टे के भीतर होना चाहिए । तौल में गड़बड़ी नही होना चाहिए, लेकिन ये सारी अनियमित्ता मंडियों में होने के कारण किसान अपने उपज को कोचिया, बिचैलिया एवं राईस मिलर्स लोगो के पास कम दामो में एवं लम्बे समय तक भुगतान होने के स्थिति में फसल बेचने पर मजबूर होता है । पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा है कि देश के आम किसानो की ऐसी क्षमता नही है कि अपने फसलो का सहीं एवं अधिकत्तम मूल्य मिलते तक भंडारण कर सके एवं अन्य प्रदेश में जाकर बेच सके । इस नियम का फायदा पूंजीपति, बिचैलिया ही उठायेंगे । यदि केन्द्र सरकार एवं प्रधान मंत्री जी सहीं नियत से किसानो को फायदा पहुंचाना चाहते हैं तो सभी किस्म की अनाजों, दलहन,तिलहन एवं सभी तरह के कृषि उत्पादो का सही समर्थन देने मूल्य स्वामीनाथन आयोग कमेटी की सिफारिशों को इमानदारी से लागू करें तथा देश की सारी कृषि उपज मंड़ियों में किसानो की सारी उपज को समर्थन मूल्य के ऊपर ही बेचने की सुनिश्चता करे ंएवं समर्थन मूल्य से कम की खरीदी करने पर एवं समय पर भुगतान नही करने वाले क्रेताओ पर कठोर कार्यवाही करने हेतु कानून बनायी जावे।