State News
  • हौसलों से उद्यम की असीम संभावनाएं खोल रही महिलाएं

    दुर्ग जिले के धमधा के रास्ते में लगे हुए बसनी गाँव की सड़क अब फलों और सब्जी की दुकान से गुलजार रहती है, गाँव की बाड़ी से उपजे देशी फलों का आकर्षण यहाँ मुसाफिरों को रोक लेता है और शायद ही कोई यहाँ से खरीदी किये बगैर आगे बढ़ता हो। इस रास्ते में व्यवसाय कर रहे दर्जन भर से अधिक दुकानों की सफलता का दरवाजा एक महिला पेमिन निषाद ने खोला। पेमिन ने शासन की सक्षम योजना का लाभ उठाया। पचास हजार रुपए से फलों की दुकान आरंभ की। ये दुकान उस समय आरंभ की जब यह सड़क सूनी रहती थी, लेकिन जिंदगी में आगे बढ़ना था बगैर सहारे के अपना परिवार चलाना था। आज बिल्कुल बगल से दूसरी दुकान भी आरंभ कर दी है। जब फल और सब्जी खरीदने लोग रूकेंगे तो चाय भी पीने रूकेंगे और इसके लिए उन्होंने होटल भी आरंभ कर दिया। यह सब छोटी सी शुरूआत केवल पचास हजार रुपए से हुई। एक दिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पेमिन के पास आई और कहा कि देखो तुम्हें अपने पैरों पर खड़े होना है और अपने परिवार को मजबूती देनी है। शासन की एक योजना है सक्षम नाम की, इसके लिए विधवा, परित्यक्ता अथवा 45 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित स्त्री पात्र हितग्राही हैं। किसी तरह की ज्यादा औपचारिकताओं की जरूरत नहीं। ब्याज केवल 3 प्रतिशत और आराम से 5 साल तक किश्तों में चुकाते रहो।
    पेमिन ने बुद्धिमत्ता दिखाई अपने व्यवसाय की शुरूआत के लिए धमधा-दुर्ग सड़क को चुना, यह बाड़ियों के पास की जगह थी। शिवनाथ नदी के किनारे की बाड़ियों के कलिंदर, पपीता, खीरा, भुट्ठा उन्होंने बेचने आरंभ किया। गर्मियों में तो बिक्री खासी बढ़ गई। पेमिन ने बताया कि कभी-कभी तो 20 हजार रुपए तक के फल भी बेच लिये। फिर दुर्ग से फल मंगवाने भी आरंभ किया। चुकंदर जैसे फलों पर ध्यान दिया। इसमें खून बढ़ता है और इसकी खासी डिमांड होती थी, इसलिए चुकंदर भी रखना आरंभ कर दिया। अब सड़क के किनारे दर्जन भर दुकानें हैं और इस सड़क से गुजरने वाले लोग अमूमन यहाँ खरीदी करते ही हैं। लाकडाउन में दो महीने व्यवसाय बंद रहा लेकिन किश्त चुकाने में किसी तरह की दिक्कत पेमिन को नहीं आई।
    ऐसी ही चमकदार कहानी ग्राम हिर्री की श्रीमती नीरा यादव की है। पति की मृत्यु के पश्चात उन्होंने पान की दुकान चलाई। फिर आटा चक्की आरंभ की। किसी ने बताया कि सक्षम योजना के माध्यम से मिनी राइस मिल खोलने के लिए मदद मिल सकती है। निर्णय पर तुरंत कार्यान्वयन किया। अब हिर्री ही नहीं, टेमरी, बिरेझर जैसी नजदीकी बस्तियों से भी लोग उनके मिनी राइस मिल में पहुँचते हैं।
    सक्षम योजना से आर्थिक रूप से सबल हुई महिलाओं की चमकदार कहानियाँ यह साबित कर रही हैं कि महिलाओं में अनूठी उद्यमशीलता है और थोडा अवसर मिलने पर वे असीम आर्थिक संभावनाओं की राह खोल सकती हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विपिन जैन ने बताया कि बीते वर्ष 97 लाख रुपए के ऋण 258 व्यक्तिगत रूप से महिलाओं को और समूहों को छत्तीसगढ़ महिला कोष के माध्यम से बांटे गये। महिलाओं ने इसका बेहतरीन उपयोग किया है और शहरों तथा गांवों में उद्यमशीलता की मिसाल रच रही हैं।

  • दंतेवाड़ा के 15 नक्सल प्रभावित गांव होंगे जल्द आजाद, 15 अगस्त को घोषित किया जाएगा नक्सल मुक्त, जिले में 75 गांव संवेदनशील
    दंतेवाड़ा: दंतेवाड़ा जिले 15 गांवों को पुलिस जल्द आजाद करने जा रही है। इस जिले में अभी 75 गांव संवेदनशीलता की सूची में शामिल है। इसमें से 75 गांवों को पुलिस आंकलन को आजाद कराने जा रही है। ग्रीन, रेड और येलो जोन में चिन्हांकित कर गांवों में घर-घर जाकर पुलिस सर्वे करवाकर गतिविधियों का आकलन करेगी। जिस भी गांव में नक्सल गतिविधियां शून्य पायी जाएगी। उसे संवेदनशीलता की सूची से बाहर रखा जाएगा। पुलिस ने ऐसे 15 गांवों को चिह्नांकित कर लिया है। इन्हें 15 अगस्त को नक्सलमुक्त घोषित कर दिया जाएगा। दंतेवाड़ा एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव की सूची के मुताबिक जिले के 75 गांव संवेदनशील हैं। इसमें से 42 गांव येलो जोन यानी संवेदनशील, 33 गांव रेड जोन यानी अति संवेदनशील और शेष ग्रीन जोन के गांव हैं। दंतेवाड़ा जिले में 4 ब्लॉकों में से गीदम ब्लॉक में 5 रेड व 7 येलो जोन के गांव हैं। दंतेवाड़ा ब्लॉक में 1 रेड तथा 15 येलो जोन के गांव हैं। कटेकल्याण ब्लॉक में 15 रेड व 6 येलो जोन तथा कुआकोंडा ब्लॉक में 12 रेड व 12 येलो जोन के गांव हैं।दंतेवाड़ा पुलिस जिन 15 गांवों को स्वतंत्रता दिवस पर नक्सलमुक्त घोषित करने की तैयारी में है, उनमें बारसूर-गीदम के 2-2, भांसी के 4, दंतेवाड़ा के 5, कुआकोंडा व फरसपाल के1-1 गांव शामिल हैं। इनके नाम है हितामेट, हिड़पाल, बड़े सुरोखी, बड़े तमनार, धुरली, मसेनार, गमावाडा, बड़े कमली, चंदेनार, फूलनार, कुपेर, कवलनार, डूमाम, गढ़मिरी और केशपुर। पुलिस का दावा है गांव को नक्सलमुक्त घोषित करने के पूर्व एक सर्वे कराया जा रहा है। अधिकारियों का दल गांव में पहुंचकर प्रत्येक ग्रामीण से एक प्रोफार्मा भरवा रहा है। इसमें पुलिस द्वारा तैयार 10 सवालों के जवाब पूछे गए हैं। इन सवालों में शामिल हैं- पिछले एक वर्ष के दौरान गांव में कोई नक्सल घटना घटी है क्या? गांव में कोई नक्सली संगठन सक्रिय है क्या? कोई नक्सली मीटिंग होती है क्या? गांव मे बिना सुरक्षा के निर्माण कार्य होते हैं क्या?
  • लगातार बारिश के चलते सभी विभागों के कलेक्टर ने जारी किया अलर्ट, 24 घंटे बाढ़ नियंत्रण कक्ष चालू रखने के दिए निर्देश..
    राजनांदगांव। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने जिले में लगातार बारिश की स्थिति को देखते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने जिला स्तर और तहसील स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे चालू रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निचले इलाके में जहां जलभराव की स्थिति बन सकती हैै, उन स्थानों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने, राजस्व विभाग को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी राहत शिविर खोलने की तैयारी रखने और बाढ़ राहत और बचाव दलों को सतर्क रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से कहा है कि बारिश के दौरान बांधों में जल स्तर की निरंतर निगरानी भी की जाए और इसकी सूचना बाढ़ नियंत्रण कक्ष को दी जाए। कलेक्टर ने जल भराव की स्थिति में पुल-पुलियों को पार न करने की अपील आम जनता से की है। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को नालों की लगातार साफ-सफाई करने के भी निर्देश दिए हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 07744-220557 है
  • गौठान में संचालित रोजगार मूलक कार्यों से बनी आत्मनिर्भर  स्वाद और पोषण परोसकर महिलाओं ने कमाया मुनाफा

    ग्रामीण अंचल की महिलाएं अब घर के कामों तक ही सीमित नहीं रहीअब वे घर के कामों से समय निकाल कर अतिरिक्त आर्थिक लाथ अर्जित के लिए समूह में जुड़कर कार्य कर रही हैं। आमतौर पर महिलाएं घर की छोटी मोटी जरुरतों को पूरा करने के लिए भी आर्थिक सहायता के लिए अपने पति पर निर्भर रहती थी। अब रोजगार मूलक योजनाओं और गतिविधियों के संचालन होने से महिलाएं स्वावलंबी और आत्मनिर्भर होने लगी है। बिहान समूह से जुड़कर महिलाएं कार्य करने लगी हैजिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होती हैजिससे महिलाओं को अब घरेलु सामनों के लिए किसी अन्य सदस्य पर निर्भरता कम होने लगी है। बच्चों को खिलौने दिलानाघर के बड़े बुजुर्गों के लिए दवाई लेने के साथ  ही स्वयं की जरुरतों के सामान सहित अन्य छोटे मोटे खर्चें खुद ही वहन कर लेती हैं।

    सब्जियों और अण्डे से हुई लाखों की आमदनी 

    जिले में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने गौठानों में विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन किया। गौठान में अलग-अलग स्थानों पर बाड़ी बनाकर अनेक साग सब्जियां लगाईजिसमें पालक भाजीलाल भाजीखीराबरबट्टीभिण्डीटमाटरबैंगनकरेलाधनियामिर्ची लौकीबीन्समूलीगांठ गोभी इत्यादि शामिल है। समूह की महिलाएं पूरी लगन से इन साग सब्जियों की देखभाल में लगी रहती। गोठान में ही निर्मित वर्मीखाद का उपयोग सब्जियों में किया। महिलाओं द्वारा गौठानों में उत्पादित ताजी-हरी और पोषण से भरपूर सब्जियों का विक्रय स्थानीय बाजारों में किया गया। सब्जियां बेचकर उन्हें 1 लाख 52 हजार 690 रुपए का लाभ हुआ।

    वहीं गौठानों में समूहों की महिलाओं द्वारा शबरी लेयर मुर्गी फार्मिंग भी की जा रही है। पशुधन विकास विभाग से प्रति समूह को 50 नग मुर्गी प्रदाय की गई है। मुर्गी से प्राप्त इन अण्डों का विक्रय कर कुल 9 लाख 582 रुपए अर्जित कर चुकी है। अण्डे पोषण का स्त्रोत हैंजो आंगनबाड़ियों में बच्चों को कुपोषण को मात देने में उपयोग किए जा रहें हैंइसके साथ ही स्थानीय बाजारों और ग्राहकों में भी इन पौष्टिक अण्डों की अच्छी मांग रहती है।

     

    शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से महिलाओं को मिला प्रोत्साहन

    ग्रामीण अंचल की महिलाएं अब घर के कामों तक ही सीमित नहीं रहीअब वे घर के कामों से समय निकाल कर अतिरिक्त आर्थिक लाथ अर्जित के लिए समूह में जुड़कर कार्य कर रही हैं। आमतौर पर महिलाएं घर की छोटी मोटी जरुरतों को पूरा करने के लिए भी आर्थिक सहायता के लिए अपने पति पर निर्भर रहती थी। अब रोजगार मूलक योजनाओं और गतिविधियों के संचालन होने से महिलाएं स्वावलंबी और आत्मनिर्भर होने लगी है। बिहान समूह से जुड़कर महिलाएं कार्य करने लगी हैजिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होती हैजिससे महिलाओं को अब घरेलु सामनों के लिए किसी अन्य सदस्य पर निर्भरता कम होने लगी है। बच्चों को खिलौने दिलानाघर के बड़े बुजुर्गों के लिए दवाई लेने के साथ  ही स्वयं की जरुरतों के सामान सहित अन्य छोटे मोटे खर्चें खुद ही वहन कर लेती हैं।

    सब्जियों और अण्डे से हुई लाखों की आमदनी 

    जिले में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने गौठानों में विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन किया। गौठान में अलग-अलग स्थानों पर बाड़ी बनाकर अनेक साग सब्जियां लगाईजिसमें पालक भाजीलाल भाजीखीराबरबट्टीभिण्डीटमाटरबैंगनकरेलाधनियामिर्ची लौकीबीन्समूलीगांठ गोभी इत्यादि शामिल है। समूह की महिलाएं पूरी लगन से इन साग सब्जियों की देखभाल में लगी रहती। गोठान में ही निर्मित वर्मीखाद का उपयोग सब्जियों में किया। महिलाओं द्वारा गौठानों में उत्पादित ताजी-हरी और पोषण से भरपूर सब्जियों का विक्रय स्थानीय बाजारों में किया गया। सब्जियां बेचकर उन्हें 1 लाख 52 हजार 690 रुपए का लाभ हुआ।

    वहीं गौठानों में समूहों की महिलाओं द्वारा शबरी लेयर मुर्गी फार्मिंग भी की जा रही है। पशुधन विकास विभाग से प्रति समूह को 50 नग मुर्गी प्रदाय की गई है। मुर्गी से प्राप्त इन अण्डों का विक्रय कर कुल 9 लाख 582 रुपए अर्जित कर चुकी है। अण्डे पोषण का स्त्रोत हैंजो आंगनबाड़ियों में बच्चों को कुपोषण को मात देने में उपयोग किए जा रहें हैंइसके साथ ही स्थानीय बाजारों और ग्राहकों में भी इन पौष्टिक अण्डों की अच्छी मांग रहती है।

     

    शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से महिलाओं को मिला प्रोत्साहन

    छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी योजना के नरवागरूवाघुरूवा बारी अन्तर्गत सुकमा जिले में निर्मित गोठानों में मल्टीएक्टीविटी केन्द्र के रूप में विकसित किए गए हैं। जहां समूह की महिलाओं द्वारा गोठान परिसर में सब्जी भाजी का उत्पादन के साथ ही वर्मी कम्पोस्ट का निर्माणमुर्गी पालन सहित अन्य रोजगार मूलक गतिविधियां संचालित कर रही है। इन गतिविधियों से जहाँ ग्रामीणजनों और कृषकों को लाभकारी प्राकृतिक उत्पाद प्राप्त हो रहें हैंवहीं महिलाओं को आर्थिक लाभ मिल रहा है। गौठानों में विभिन्न रोजगार मूलक गतिविधियां संचालित होने से यहां की महिला समूहों को रोजगार के नए अवसर के साथ ही अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने का मौका भी मिल रहा है जिससे महिलाएं प्रेरित होकर अपने मित्रों को भी समूह से जोड़ रही है।

    छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी योजना के नरवागरूवाघुरूवा बारी अन्तर्गत सुकमा जिले में निर्मित गोठानों में मल्टीएक्टीविटी केन्द्र के रूप में विकसित किए गए हैं। जहां समूह की महिलाओं द्वारा गोठान परिसर में सब्जी भाजी का उत्पादन के साथ ही वर्मी कम्पोस्ट का निर्माणमुर्गी पालन सहित अन्य रोजगार मूलक गतिविधियां संचालित कर रही है। इन गतिविधियों से जहाँ ग्रामीणजनों और कृषकों को लाभकारी प्राकृतिक उत्पाद प्राप्त हो रहें हैंवहीं महिलाओं को आर्थिक लाभ मिल रहा है। गौठानों में विभिन्न रोजगार मूलक गतिविधियां संचालित होने से यहां की महिला समूहों को रोजगार के नए अवसर के साथ ही अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने का मौका भी मिल रहा है जिससे महिलाएं प्रेरित होकर अपने मित्रों को भी समूह से जोड़ रही है।

  • कानन पेण्डारी जू में 29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस का आयोजन

    राज्य के कानन पेण्डारी जूलॉजिकल गार्डन बिलासपुर में 29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस का आयोजन किया जाएगा। वन मंडला अधिकारी बिलासपुर  कुमार निशांत ने बताया कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी)  पी.व्ही. नरसिंग राव तथा मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) बिलासपुर  एस. जगदीशन के मार्गदर्शन में इस अवसर पर कानन पेण्डारी जू में प्रश्नोत्तरी का कार्यक्रम भी रखा गया है। यहां भ्रमण पर पहुंचे पर्यटक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।

    कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय पशु बाघ से संबंधित रोचक प्रश्नों का सही जवाब देने पर प्रतिभागियों को वन मंडल की ओर से सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाएगा। गौरतलब है कि कानन पेण्डारी जू बिलासपुर में 66 प्रजातियों के कुल 625 वन्यप्राणियों को रखा गया है, जिसमें 33 स्तनधारी प्रजातियों के 386 वन्यप्राणी, 12 सरीसृप प्रजातियों के 76 वन्यप्राणी तथा 20 पक्षी प्रजातियों के 163 पक्षियां शामिल हैं। पर्यटक जू में निर्धारित शुल्क जमा कर भ्रमण कर सकते हैं। जू में बच्चों के मनोरंजन हेतु विभिन्न प्रकार के मनोरंजन स्थल तथा झूला आदि का निर्माण किया गया है।

  • अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार सूरजपुर पहुंचे भानु प्रताप सिंह
    सूरजपुर : अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार सूरजपुर पहुंचे भानु प्रताप सिंह का कांग्रेसियों ने भव्य स्वागत किया प्रेम नगर विधानसभा के तारा पहुंचते ही कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी और मिठाइयां खिलाकर आयोग के अध्यक्ष का भव्य स्वागत किया जगह-जगह स्वागत के बाद जब सूरजपुर पहुंचे जिले भर के कांग्रेसियों ने फूल मालाओं से उनका स्वागत किया भानु प्रताप ग्रह जिला भी ग्राम सूरजपुर है और यही वह विधायक भी रह चुके हैं उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी ने जो मुझ पर भरोसा विश्वास जताया है उस पर खरा उतरने का पूरा कोशिश करूंगा जनजाति आयोग के अंतर्गत आने वाले सभी मामलों को गंभीरता से निपटारा कर करूंगा और समाज को आगे बढ़ाने के लिए जो भी हो सकेगा काम करूंगा पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह जी से कभी भी किसी बात को लेकर कोई मसला सामने नहीं आया पर उन्हें भी हाथ आगे बढ़ाना पड़ेगा तभी दोनों तरफ से बात हो सकेगी उनसे बात करके जितना हो सकेगा उतना छत्तीसगढ़ की हित मे काम करने का प्रयास किया जाएगा लंबे अंतराल के बाद भानु प्रताप को आयोग से नवाजा गया है जिससे यहां के कार्यकर्ताओं में खुशी और उमंग देखने को मिल रहा है और लोगों का कहना है कि हम अपनी बातों को सरकार तक इनके माध्यम से आराम से पहुंचा सकेंगे
  • सराफा व्यापारी से लूट का मामला, आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई पुलिस,बस्तर IG ने 30 हजार रुपए के इनाम की घोषणा, विशेष टीम गठित
    जगदलपुर। (Loot case) जिले के सराफा व्यापारी से लूट मामले में पुलिस के हाथ अब भी खाली है। आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। ऐसे में पुलिस के द्वारा गिरफ्तारी को लेकर आईजी सुंदरराज पी ने 30 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की है. (Loot case) इससे पहले एसपी ने 10 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की थी, जिसे निरस्त कर दिया गया है. वहीं बस्तर एएसपी का कहना है कि लूट के संबंध में कई मत्वपूर्ण सुराग भी पुलिस को मिली है. उनका दावा है कि बहुत जल्द ही लूट के आरोपी को पकड़ लिया जाएगा. गौरतलब है कि (Loot case) सराफा व्यापारी त्रिलोक चंद सिसोदिया अपनी दुकान बंद कर अपने घर वापस लौट रहे थे. कुछ दूर जाने के बाद कुछ अज्ञात बदमाश बाइक से आए. उनके हाथ में रखे बैग को छीनने लगे. जब उन्होंने विरोध किया तो बदमाशों ने गोली मार दी. 18 जुलाई को व्यापारी ने लूट की शिकायत थाने में दर्ज करवाई. लेकिन पुलिस अब तक आरोपियों को पकड़ नहीं पाई है. आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने विशेष टीम गठित की है. 2 दर्जन से अधिक बदमाशों से पूछताछ पुलिस आरोपियों के पकड़ने के लिए लगातार अपने हाथ-पांव मार रही है. अब तक 2 दर्जन से अधिक निगरानी बदमाशों से पूछताछ कर चुकी है. यहां तक की संदिग्ध जगहों पर लगातार दबिश दी जा रही है. पड़ोसी राज्यों में पतासाजी के लिए टीम रवाना आरोपियों की तलाश में जुटी टीम उड़ीसा के संभावित थाना क्षेत्रों में पतासाजी के लिए रवाना हो चुकी है. घटना स्थल के आसपास आने जाने के संभावित प्रत्येक स्थानों में लगे सीसीटीवी का फुटेज खंगाल कर परीक्षण करने में पुलिस लगातार जुटी हुई है.
  • CG: शहर के मुख्य इलाके में ज्वेलरी शॉप में चोरी, रोशनदान कि ग्रिल काटकर नायलॉन रस्सी के सहारे दुकान में की एंट्री, फिर लाखों रुपए की सोना-चांदी किया पार
    बलरामपुर रामानुजगंज : जिले के नगर पंचायत वाड्रफनगर में वर्मा ज्वेलरी शॉप में बीते रात अज्ञात चोरों ने रोशनदान की ग्रिल काटकर नायलॉन रस्सी के सहारे चोरी की घटना को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार नगर के मेन रोड स्टेट बैंक रोड में वर्मा ज्वेलरी शॉप के संचालक रवि वर्मा अपनी दुकान बंद कर घर चले गए थे आप सुबह 10:00 बजे को अपनी दुकान खोलने के लिए दुकान पर आए तो उनके होश उड़ गए दुकान के अंदर सारा सामान बिखरा पड़ा हुआ था और ऊपर का शीलिंग भी टूट कर नीचे गिर गया था वहीं दुकान का सारा कांच टूट कर जमीन पर बिखर गया था रोशनदान का ग्रिल भी टूटा हुआ था जिसके सहारे से एक नायलॉन रस्सी झुल रहा था दुकान संचालक के अनुसार लगभग 1 लाख रुपए के कीमती आभुषणों कि चोरी हुई है। चोरों की पतासाजी में जुटी पुलिस ज्वेलरी शॉप के संचालक रवि वर्मा ने इसकी सूचना वाड्रफनगर पुलिस को दी पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर चोरी करने वाले आरोपियों की खोजबीन में जुट गए हैं।
  • बिलासपुर : प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी ने किया पद भार ग्रहण
    मन्नू मनिकपुरी संवाददाता: बिलासपुर: प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी का चुनाव उल्लास और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में मतदान के जरिये हुआ था नई कार्यकारिणी में वीरेन्द्र गहवई अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए थे। उपाध्यक्ष विनीत चौहान, सचिव इरशाद अली, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ठाकुर एवं सह-सचिव भूपेश ओझा रहे तथा कार्यकारिणी सदस्य के एक पद पर रितु साहू का चुनाव किया गया था। इसी तारतम्य में आज प्रेस क्लब की कमान वीरेन्द्र गहवई ने अपने हांथ में लेते हुए पद भार ग्रहण किया। इस मौके पर सीजी 24 न्यूज़ संवाददाता मन्नू मानिकपुरी ने उन्हें व अन्य सभी पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और उनसे पत्रकारों के हित में एकजुटता से कार्य करने की अपेक्षा की है।
  • जशपुर के नाशपाती का स्वाद पहुंचा दूर-दूर तक

    छत्तीसगढ़ में परम्परागत खेती-किसानी के साथ लोग अब आजीविका के नये क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा भी नवाचारों को लगातार प्रोत्साहित करने के साथ अधिक से अधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। नवाचारों के दिशा में कदम बढ़ाते हुए जशपुर जिले के किसानों ने नाशपाती की खेती को बड़े पैमाने पर अपनाया है। यहां के बगीचा-सन्ना क्षेत्र के किसान बहुत अधिक मात्रा में इसकी खेती करते है। जिले के लगभग 17 सौ किसान नाशपाती का उत्पादन से जुड़े हैं। यहां 750 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 700 टन नाशपाती का उत्पादन होता है।दीर्घवर्ती फसल के रूप में नाशपाती का उत्पादन कर किसान हर साल अच्छा मुनाफा कमाते हैं। दिल्ली,रांची जैसे बड़े शहरों के साथ उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में यहां के नाशपाती की मांग होने लगी है। इसका लाभ महिलाओं को प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा स्व-सहायता समूह की महिलाओं को इसके वैल्यू चेन मार्केटिंग से जोड़ा गया है। इससे यहां की महिलाओं को न सिर्फ रोजगार का एक नया साधन उपलब्ध हुआ है बल्कि वे जशपुर के नाशपाती का स्वाद दूर दराज तक पहुंचाने में सहयोग कर रही हैं। इसी कड़ी में बगीचा तहसील की मां खुडिया रानी महिला कृषक उत्पादक संगठन से जुड़ी महिलाएं वैल्यू चेन मार्केटिंग के तहत् जिले में अधिक मात्रा में होने वाले नाशपाती को दूसरे राज्यों और जिलों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। उनके द्वारा सन्ना के किसानों से 27 क्विंटल नाशपाती की खरीदी कर उसे पड़ोसी जिला रायगढ़ में विक्रय किया गया है।
    समूह की महिलाओं ने बताया कि जशपुर जिले  में वन सम्पदा की कोई कमी नहीं है। वह इससे अपनी आमदनी को बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं। इसके लिए उन्होंने नाशपाती फल को सप्लाई कर इसकी शुरूआत की है। उन्होंने बताया कि उन्हें पहली बार में ही 7 हजार 500 रुपए का लाभ प्राप्त हुआ है। जिससे समूह की महिलाओं में काफी प्रसंन्नता व्याप्त है। वह इस कार्य को आगे बड़े पैमाने पर करने की तैयारी कर रही है जिससे उन्हें अत्यधिक लाभ हो सके।

  • बेमेतरा : अंगना में शिक्षा के तहत प्रशिक्षण

    अंगना में शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत जिला बेमेतरा के चारो विकासखण्ड स्तर पर कल प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण जिले स्तर के मास्टर ट्रेनर्स के द्वारा दिया गया। ’’अंगना में शिक्षा’’ कार्यक्रम आंगनबाड़ी व कक्षा पहली से तीसरी में पढ़ने वाले बच्चे एवं उनके माताओं के लिए है। प्रशिक्षण का उद्देश्य यह है कि माताएं अपने घर आंगन में उपलब्ध सामग्रियों का उपयोग करके बच्चों को कैसे शिक्षित करे एवं उनको शिक्षा के प्रति जागरूक कैसे करे। साथ ही बच्चों को कहानी, कविता, चित्र, खेल के माध्यम से व घरेलू सामग्रियों के माध्यम से जोड़ना, घटाना, भाग, गुणा के बारे में बच्चों को कैसे बताये की वह आसानी से समझ सकें। माताएं अपने बच्चो को घर के फल, सब्जी आदि संसाधन से जोड़ना-घटाना सीखा सकती है। इससे बच्चे को न्यूनतम अधिगम की प्राप्ति होगी एवं वे अपनी दक्षताओं को प्राप्त कर सके। विकासखण्ड स्तर पर प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने विकासखण्ड मुख्यालय में संकुल शैक्षिक समन्वयक को प्रशिक्षण देने हेतु प्रशिक्षण आयोजित किया जायेगा। ये प्रशिक्षित सीएसी अपने संकुल केन्द्र के प्राथमिक शाला के शिक्षको को देंगे। उक्त प्रशिक्षण में चारो विकासखण्ड के विकासखण्ड स्रोत व्यक्ति द्वारा सहयोग प्रदान किये एवं पूरे समय तक उपस्थित रहे। जिला परियोजना कार्यालय के जिला मिशन समन्वयक श्री कमोद सिंह ठाकुर एवं सहायक जिला मिशन समन्वयक श्री कमलनारायण शर्मा के द्वारा मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। साथ ही मास्टर टेªनर एवं प्रशिक्षणार्थियों को प्रभावी प्रशिक्षण के लिए धन्यवाद ज्ञापित किये।

  • बेमेतरा : जिले मे संचालित मोहल्ला क्लास का निरीक्षण

    जिले मे राजीव गांधी शिक्षा मिशन बेमेतरा के अधिकारियों द्वारा जिले के विभिन्न शालाओं में संचालित मोहल्ला क्लास का निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम मे श्री कमोद सिंह ठाकुर (जिला मिशन समन्वयक) एवं श्री कमलनारायण शर्मा (सहायक जिला मिशन समन्वयक) द्वारा प्राथमिक शाला झाल मे संचालित मोहल्ला क्लास का निरीक्षण किया गया, जिसमे 105 बच्चे अध्ययनरत मिले। उच्च प्राथमिक शाला झाल का मोहल्ला क्लास सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा है, जिसमें 55 बच्चे अध्ययनरत मिलें।
    इसके पश्चात् खण्डसरा में वहां के प्राचार्य एवं शिक्षको के आग्रह पर शाला का अवलोकन किये। शाला के पुस्तकालय कक्ष में सभी प्रकार के प्रतियोगी परीक्षा का पुस्तक उपलब्ध मिले। बच्चे आसानी के साथ आवश्यकता अनुरूप पुस्तकालय के पुस्तको का अध्ययन कर सकते हैं।
    वहां व्यवसायिक शिक्षा के तहत कृषि शिक्षा बच्चे को दिया जाता है, कक्षा में कृषि से संबंधित उपकरण मिलें। जिनके सहयोग से कृषि शिक्षा दिया जाता है। उसके पश्चात् कम्प्यूटर कक्ष का अवलोकन किये वहां सभी कम्प्यूटर चालू मिले। खंडसरा में 02 स्थानो पर मोहल्ला क्लास का संचालन किया जा रहा है। रजक भवन में 10वीं कक्षा के 35 बच्चे, आदिवासी भवन में 12वीं के 20 बच्चे और ग्राम चमारी के माँ महामाया मंदिर में 02 पाली में 10 व 12 वी के बच्चे अध्ययन करते मिले।
    सभी मोहल्ला क्लास में बच्चे को शिक्षक विषयवार अध्यापन करा रहे थे। वहाँ के प्राचार्य को ’’ट्यूनिंग आॅफ स्कूल’’ के संबंध में जानकारी दी। तथा बतया गया कि जिले के नवागढ़ विकासखण्ड के शा.उ.मा.वि. खेड़ा के अटल लेब का अवलोकन करने संबंधी सुझाव दिया गया। पहले चरण में विज्ञान से संबंधित शिक्षक अवलोकन करें। फिर 10-10 बच्चों का ग्रुप बनाकर बच्चों को अवलोकन कराया जा सकता है।