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  • अस्पताल में ऑक्सीजन की उपलब्धता में कमी से नहीं हुई किसी की मृत्यु - सिविल सर्जन जांजगीर

     सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला चिकित्सालय जांजगीर ने बताया है कि जिला चिकित्सालय जांजगीर में संचालित एक्सक्लूसिव कोविड ट्रीटमेंट सेंटर (ई.सी.टी.सी.) में उपलब्ध सभी 80 बेड में पर्याप्त ऑक्सीजन सुविधा उपलब्ध है। यहां किसी भी मरीज की मृत्यु ऑक्सीजन की उपलब्धता में कमी से नहीं हुुई है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों कोविड पॉजिटिव मरीजों की ऑक्सीजन की उपलब्धता में कमी की वजह से मृत्यु की बात बिल्कुल निराधार है। ई.सी.टी.सी सेंटर में ऑक्सीजन प्लांट, जम्बो ऑक्सीजन सेलेण्डर एवं ऑक्सीजन कंसनट्रेटर के द्वारा मरीजों को निरंतर ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यहां जिन मरीजों की मृत्यु हुई है, उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी। उनमें से किसी भी मरीज की मृत्यु अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी की वजह से नहीं हुई है।

  • गरियाबंद : जनपद पंचायत फिंगेश्वर और छुरा ने दिए कोविड केयर सेंटर के लिए  47 आक्सीजन सिलेंडर

    जनपद पंचायत फिंगेश्वर और जनपद पंचायत छुरा की टीम ने सवेंदनशील पहल करते हुए 47 ऑक्सीजन सिलेंडर स्थानीय कोविड केयर सेंटर में उपलब्ध कराया है ।कोरोना में गंभीर मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होती है और वर्तमान में ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए यह सुविधा लोगों को एक नया जीवन देगी। छुरा जनपद  के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  रुचि शर्मा ने बताया कि जनपद पंचायत छुरा और फिंगेश्वर की टीम ने कोरोना के संकट को देखते हुए ऑक्सीजन सिलेंडर देने का  मानवीय और संवेदनशील पहल किया है । जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर यह कोरोनावायरस मरीजों के लिए संजीवनी साबित होगी ।जनपद पंचायत  फिंगेश्वर की अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा जगन्नाथ साहू, उपाध्यक्ष श्री योगेश साहू एवं सदस्यगणों द्वारा मुक्त हस्त से  25 आक्सीजन सिलेंडर का योगदान दिया गया है ।इसी तरह जनपद पंचायत छूरा के अध्यक्ष श्रीमती तोकेश्वरी मांझी एवं उपाध्यक्ष श्री गौरव मिश्रा और सदस्यगणों द्वारा यह 22  सिलेंडर प्रदान किया गया है  ।इन सिलेंडरों का उपयोग दोनो जनपद में  तैयार किए जा रहे कोविड-19 केयर सेंटर में गंभीर मरीजों के उपचार में किया जाएगा ।  सुश्री रुचि शर्मा ने कहा कि ऑक्सीजन सुविधा की उपलब्धता की कमी के कारण मरीजों  को अपने इलाज के लिए गैर शासकीय महंगे अस्पतालो की ओर जाना पड़ता है । साथ ही सही समय मे इसकी उपलब्धता  हो जाती ,तो कइयों का जीवन बचाया जा सकता है। इस प्रकार के सहयोग से ही शासकीय अस्पतालो का तात्कालिक क्षमता विकास करते हुए लोगो को राहत पहुचाने का यह  संवेदनशील पहल है।

  • छत्तीसगढ़ में यहाँ एक महिला ने 4 बच्चों को दिया जन्म… 2 की जन्म लेते ही मौत…
    महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद में एक महिला ने चार बच्चों (four Children ) जन्म दिया है, हालांकि इसमें से दो बच्चों की जन्म लेते ही मौत हो गई। दो बच्चे अभी स्वस्थ्य हैंं, जिन्हें महासमुंद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बागबाहरा बीएमओ आर कुरवंशी ने बताया कि ग्राम चाराभाठा की महिला चंद्रिका पति हरि बीती को यहा एडमिट हुई, जिन्होंने चार बच्चों को जन्म दी, जिसमें से दो बच्चे जन्म लेने के साथ ही मृत हो गई। बच्चे का वजन 500 से 1 किलो ग्राम तक का था। चार बच्चों में तीन लड़की और एक लड़के है। महिला की यह तीसरी प्रेग्नेंसी थी।उन्होंने बताया कि बागबाहरा में इस तरह का यह पहला मामला है, जिसमें एक महिला ने चार बच्चों को जन्म दी। हालांकि डाक्टरों का कहना है कि बच्चे वजन बहुत कम होने के कारण दो बच्चों को बचाया नहीं जा सका। जन्म लेने के साथ ही मृत हो गए। हालाकिं दो बच्चाें को डाक्टरों ने सुरक्षित बचा लिया है। जच्चा, बच्चा दोनों को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है. 2 बच्चे व महिला स्वस्थ हैं और डॉक्टर की टीम निगरानी कर रही है।
  • जल जीवन मिशन के कार्यों में आ रही तेजी  गांवों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 12 करोड़ 95 लाख रूपये से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति का अनुमोदन
    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार के निर्देशन में राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन से पेयजल संबंधी कार्यों में तेजी आ रही है। मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने जल जीवन मिशन के कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में मुंगेली कलेक्टर श्री पी.एस. एल्मा ने विगत दिनों जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक ली। बैठक में उन्होंने जल मिशन के अंतर्गत जारी निविदा की अद्यतन स्थिति, आंगनबाडी केंद्रों और स्कूलों में रंिनंग वाटर की व्यवस्था, प्रचार-प्रसार संबंधी कार्यों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता तथा जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के सदस्य को आवश्यक निर्देश दिए और जिले के विभिन्न गांवों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने हेतु 12 करोड़ 95 लाख रूपये से अधिक राशि की प्रशासकीय स्वीकृति का अनुमोदन किया।
     
    इस अवसर पर जल जीवन मिशन के कार्यों में जन जागरूकता लाने के लिए जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायत और उनके आश्रित ग्रामों व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का निर्णय लिया गया। इसी तरह स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने हेतु विभिन्न कार्यों के लिए जिले के विकासखण्ड मुंगेली के ग्राम पंचायत फूलवारी में 69 लाख 50 हजार, ग्राम पंचायत ठकुरीकापा में एक करोड़ 15 लाख 75 हजार, ग्राम फन्दवानी में एक करोड़ 24 लाख 41 हजार, ग्राम रामगढ़ में एक करोड़ 61 लाख 66 हजार, ग्राम दशरंगपुर में 79 लाख 91 हजार, ग्राम सेतगंगा में 90 लाख 94 हजार और ग्राम भटलीकला में एक करोड़ 45 लाख 86 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति का अनुमोदन किया। इसी तरह विकासखण्ड पथरिया के ग्राम कुकुसदा में 2 करोड़ 67 लाख 68 हजार, ग्राम कोकड़ी में 62 लाख 39 हजार, ग्राम हथकेरा में एक करोड़ 4 लाख 76 हजार और ग्राम कचरबोड़ 72 लाख 93 हजार रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति का अनुमोदन किया गया।
  • बलरामपुर : महंगी न पड़ जाए लापरवाही, करोना जांच के बाद खुले में जला रहे पीपीई किट
    बलरामपुर: बलरामपुर में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। जहां पीपीई किट और मास्क को मुख्य सड़क के किनारे में ही जलाया जा रहा है। ये लापरवाही बलारामपुर के लोगों को भारी पड़ सकता है। बता दें कि पीपीई किट और मास्क पहनने व खाेलने के भी नियम हैं, ताकि संक्रमण फैलने का डर न रहे। वहीं चिकित्सा विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इसे पहनने व खाेलने के भी नियम हैं। साधारण ड्रेस की तरह सड़क पर फेंक कर जला रहेनियमों के तहत पहले पीपीई किट के ग्लब्स पहने जाते हैं। इसके बाद जूते और पीपीई किट काे पहनकर चैन से बंद किया जाता है। हाथों में फिर से ग्लब्स पहनते हैं। सिर पर कैप लगाने के बाद थ्री लेयर का मास्क फिर एन-95 मास्क, और चश्मा पहना जाता है। खाेलने के भी यही नियम है। इसे खाेलकर पीली थैली में डाला जाता है जिसे बाद में सीज कर देते हैं। लेकिन आम ड्रेस की तरह इसे खाेलकर सड़क पर पटक रहे हैं जाे गलत है। इस पर लगे वायरस शरीर काे संक्रमित कर सकते हैं। सड़क किनारे खुले में जलाने से यह आस पास के क्षेत्र काे भी प्रभावित कर सकते हैं। इसकी जानकारी हाेने के बावजूद यह सड़क पर जलाया जा रहा है।
  • कोरोना से रोकथाम हेतु नोडल अधिकारी हुए नियुक्ति

    कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिले में कोरोना के विरूद्ध चलाया जा रहे अभियान के प्रभावी संचालन के लिए कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा द्वारा आदेश जारी कर विभिन्न कार्यों हेतु नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इसके तहत् जिले के अंतर्गत कोविड वेक्सिनेशन एवं टेस्टिंग के लिए सीईओ जिला पंचायत डीएन कश्यप, जिले में होम आईसोलेशन में रह रहे मरीजों की निगरानी हेतु डीएफओ कोण्डागांव उत्तम गुप्ता, विकासखण्ड मुख्यालय अंतर्गत होम आईसोलेशन में रह रहे मरीजों की निगरानी हेतु संबंधित क्षेत्र के उप वनमंडलाधिकारियों, जिले में पाॅजीटिव मरीजों की कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिए डीईओ राजेश मिश्रा, जिला साक्षरता मिशन वेणु गोपाल राव, जिले में कंटेनमेंट जोन के निर्माण एवं उनकी निगरानी हेतु डिप्टी कलेक्टर पवन कुमार प्रेमी, जिले में प्रवासी श्रमिकों के लिए क्वारेंटाईन सेंटरों का संचालन एवं व्यवस्था हेतु डीडी पंचायत बीआर मौर्य, प्रवासी श्रमिकों के परिवहन की निगरानी एवं उनसे समन्वयन हेतु श्रम अधिकारी आरजी सुधाकर, जिले की सीमाओं पर कोविड-19 की जांच हेतु डिप्टी कलेक्टर भरतराम धु्रव, जिले में खाद्य सामग्री के भण्डारण, उपभोग एवं मूल्य की निगरानी तथा जांच हेतु जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डोमेन्द्र धु्रव, जिले में दवाईयों की उपलब्धता एवं सर्दी-खांसी-बुखार से संबंधित दवाईयों के क्रय करने वाले क्रेताओं की निगरानी हेतु ड्रग इंस्पेक्टर सुखचैन धु्रर्वे को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। 

  • CG CRIME : फिल्मी Style में बहादुर जवानों ने दो तस्करों को दबोचा...21 किलो गांजा को किया बरामद
    जगदलपुर। जिले में लागू लॉक डाउन के दौरान कोतवाली थाना क्षेत्र के एसबीआई चौक पर आज शुक्रवार को बस्तर पुलिस के बहादुर जवानों ने दो गांजा तस्करों अपनी जान पर खेलकर पकड़ने में कामयाबी पाई है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस 21 किलो गांजा बरामद किया है। सीएसपी हेमसागर सिदार ने बताया कि जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा लॉक डाउन लगा दिया गया है। लॉक डाउन के दौरान जिला प्रशासन ने सिर्फ मेडिकल सेवा और अतिआवश्यक कामों के लिए ही लोगों को घर से बाहर निकलने की अनुमति दी है। लॉक डाउन में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए बस्तर पुलिस शहर के विभिन्न जगहों पर फिक्स पॉइंट बनाकर वहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी के साथ लोगों से पूछताछ कर रही है। इसी क्रम में आज एसबीआई चौक पर तैनात जवानों ने एक बाइक में सवार दो लोगों को रोकने की कोशिश की। लेकिन शातिर बाइक सवार ने जवानों को चखमा देते हुए वाहन से भागने की कोशिश करने लगे।
  • BIG BREAKING : पुलिस को मिली बड़ी सफलता... 5 किलो वजनी IED बम बरामद
    दंतेवाड़ा:- जवानों को नुकसान पहुँचाने लगाए गए 5 किलो के प्रेशर IED जवानों ने बरामद कर लिया है। कटेकल्याण ब्लॉक के तुमकपाल और टेटम के बीच यह IED बरामद किया गया है। पुलिस कप्तान अभिषेक पल्लव ने बताया कि ग्रामीणों के निशानदेही पर यह बम बरामद किया गया है। सुरक्षाबलों को नुकसान पहुचाने के लिए नक्सलियो ने लगाया था समय रहते आईईडी निकाल एक बड़ी घटना टल गई है। जिले के पुलिस कप्तान डॉक्टर अभिषेक पल्लव के कुशल मार्गदर्शन मे लगातार सर्च अभियान को तेज कर दी गई है। प्रत्येक दिन मुस्तैदी से सर्चिंग करते हुए कई आईडी को डिफ्यूज किया जा रहा है जवानों के हौसले बुलंद होने के कारण नक्सली अपने नापाक मंसूबों को पूरा कर पाने में असफल हो रहे हैं।
  • बड़ी खबर : आज से छत्तीसगढ़ का ये जिला भी हुआ लॉक, 16 से 19 अप्रैल तक रहेंगी सभी दुकानें बंद
    रायपुर: अथक प्रयासों के बाद भी प्रदेश में कोरोना का रोकथाम नहीं हो पा रहा है। आए दिन 10 हजारी कोरोना मरीजों की पुष्टि हो रही है। वहीं इसकी रोकथाम करने के लिए छत्तीसगढ़ के लगभग सभी जिलों में लॉकडाउन लगा दिया गया है। वहीं आज से बीजापुर में भी लॉकडाउन लगा दिया गया है। बता दें कि 16 से 19 अप्रैल तक सभी दुकानें बंद रहेंगी।बता दें कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 15256 कोरोना मरीज मिले। पिछले 24 घंटे में 135 मरीजों की मौत हो गई। वहीं मौत का कुल आंकड़ा 5442 हो गया है।
  • प्रदेश में आज 15256 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि, उपचार के दौरान 105 लोगों की मौत
    छत्तीसगढ़ में कोरोना बेकाबू होता जा रहा है। गुरुवार देर रात प्रदेश के अलग-अलग जिलों से 15256 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। वही 105 लोगों की उपचार के दौरान मौत हो गई। कोरोना से स्वस्थ होकर आज 9246 मरीज अपने घर लौट चुके हैं। प्रदेश की राजधानी रायपुर में आज भी सर्वाधिक कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है रायपुर में 3438 कोरोना संक्रमित सामने आए, दुर्ग जिले में 1778 नए कोरोना संक्रमित हो की पुष्टि हुई, वही राजनांदगांव में 1319 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। बिलासपुर में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है आज बिलासपुर में 1139 नए संक्रमित पाए गए।
  •  सर्वदलीय बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने भाग क्यों नहीं लिया ?
    भाजपा भाजपा के निर्वाचित सांसद और भाजपा की केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के प्रति अपने दायित्व को नहीं निभा पा रही है आज की सर्वदलीय बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने भाग क्यों नहीं लिया ? कांग्रेस का भाजपा से बड़ा सवाल रायपुर।15 अप्रेल 2021। कांग्रेस संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि महामहिम राज्यपाल की उपस्थिति में हुई आज की सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य के मुख्य सचिव के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम और जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने भाग लिया। या बैठक करो ना से लड़ाई को लेकर बेहद अहम बैठक थी और इसमें सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रशासनिक तंत्र के मुखिया मुख्य सचिव उपस्थित रहे। कांग्रेश संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने भाजपा से पूछा है कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने आज की सर्वदलीय बैठक में क्यों भाग नहीं लिया ? करोना महामारी से आज छत्तीसगढ़ी नहीं पूरा देश और पूरा विश्व जूझ रहा है। ऐसी विकट स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का भाग न लेना बेहद दुखद है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के स्थान पर शिवरतन शर्मा को भेजना यह स्पष्ट दिखाता है कि भाजपा की रूचि राजनीति करने में है और करोना के खिलाफ लड़ाई में भाजपा छत्तीसगढ़ वासियों के साथ किसी प्रकार का कोई सहयोग नहीं करना चाहती है।  कांग्रेस ने यह भी पूछा  है कि भाजपा के एक भी सांसद और विधायक ने करोना के खिलाफ लड़ाई में एक फूटी कौड़ी भी देना क्यों मुनासिब नहीं समझा ? प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा के जनप्रतिनिधि छत्तीसगढ़ के मतदाताओं के वोटों से ही चुनाव जीत कर आए हैं लेकिन छत्तीसगढ़ में करोना के खिलाफ लड़ी जा रही लड़ाई में सहयोग नहीं करते और भाजपा के प्रदेश प्रमुख सर्वदलीय बैठक में भाग लेना तक आवश्यक नहीं समझते। इससे स्पष्ट है कि भाजपा की रुचि सिर्फ गाल बजाने और राजनीति करने में है। छत्तीसगढ़ में भाजपा को 2018 के विधानसभा चुनाव में ले देकर 13 - 14 सीटें मिली है लेकिन यदि भाजपा ने अपना छत्तीसगढ़ विरोधी जनविरोधी रवैया जारी रखा तो भाजपा इकाई के अंक तक सिमट कर रह जाएगी। कांग्रेस संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि राज्य में अभी कोई महत्वपूर्ण चुनाव नहीं है और करोना संक्रमण के रूप में महामारी का सामना करते समय भाजपा को जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए और प्रमुख विपक्षी दल की सकारात्मक भूमिका निभाना चाहिए। केंद्र में भाजपा की सरकार है और लोकसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ से भाजपा के 9 सांसद चुनाव जीते हैं। या बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा भाजपा के निर्वाचित सांसद और भाजपा की केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के प्रति अपने दायित्व को नहीं निभा पा रही है। आज की सर्वदलीय बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का भाग ना लेना इसका जीता जागता सबूत है ।
  • 48 घंटे के भीतर निजी अस्पताल अपने 20 प्रतिशत बेड गरीबों के इलाज के लिए करें खूबचंद बघेल योजना  के अंतर्गत आरक्षित

    कलेक्टर ने बैठक में दिये निर्देश 
    -सीएमएचओ के माध्यम से भेजे जाएंगे मरीज 

    एमआरपी से अधिक कीमत में बिल्कुल दवा न बेचें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  

    निजी अस्पताल के प्रबंधकों के साथ हुई बैठक में कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने 48 घंटे के भीतर अपने 20 प्रतिशत बिस्तर खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत गरीबों के इलाज के लिए रखने के निर्देश इन प्रबंधकों को दिये। कलेक्टर ने कहा कि यह प्रतिशत सभी तरह के बेड में होगा। मसलन आईसीयू में जितने बेड्स हैं उनकी संख्या का 20 प्रतिशत, एचडीयू में जितनी संख्या में बेड हैं उनका 20 प्रतिशत इस तरह से। कलेक्टर ने कहा कि जो अस्पताल अभी इस योजना से इम्पैनल नहीं हैं वे 24 घंटे के भीतर अपना एम्पैनलमेंट करा लें, यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो इन्हें स्वतः ही इम्पैनल मान लिया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि सीएमएचओ इन आरक्षित बिस्तरों के लिए खूबचंद बघेल योजना के हितग्राहियों को भेजेंगे। यदि इस योजना का कोई हितग्राही सीधे ही अस्पताल में पहुँच जाता है तो इसे भर्ती कर सकते हैं लेकिन बाद में इसका एप्रूवल सीएमएचओ से जरूर लेना होगा। कलेक्टर ने कहा कि वेंटीलेटर में भी यह प्रावधान लागू होंगे। मसलन यदि अस्पताल में पाँच वेंटीलेटर हैं तो एक वेंटीलेंटर में इसकी आवश्यकता वाले खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना के हितग्राही का इलाज होगा। यद्यपि 48 घंटे वाले प्रावधान में अस्पताल प्रबंधन को लगता है कि इस अवधि के भीतर वेंटीलेटर उपलब्ध करा पाना संभव नहीं होगा तो वे नोडल अधिकारी से इसकी छूट ले सकते हैं।
    चेक-एटीएम कार्ड से पेमेंट भी स्वीकार करें- कलेक्टर ने कहा कि लाकडाउन की वजह से कई बार मरीज के परिजनों के पास नगद राशि की दिक्कत हो सकती है अतएव अस्पताल प्रबंधन चेक एवं एटीएम कार्ड से भी पेमेंट स्वीकार करें। एमआरपी से अधिक कीमत में बिल्कुल दवा न बेचें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  
    परिजनों को मिलने-जुलने की इजाजत नहीं- कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिये कि किसी भी सूरत में परिजनों को कोरोना पाजिटिव मरीजों से मिलने नहीं दिया जाए। विजिटिंग अवर न हों। खाना अस्पताल का ही हो, बाहर का खाना मरीजों को नहीं दिया जाए। यदि सब्जी वगैरह के लिए किसी तरह की दिक्कत अस्पताल प्रबंधन महसूस करता हो तो प्रशासन इसके लिए समन्वय करेगा।
    परिजनों को अवगत कराते रहें जानकारी- कलेक्टर ने निजी अस्पताल के प्रबंधकों से कहा कि परिजनों की समय-समय पर काउंसिलिंग करते रहें ताकि उन्हें मरीज के हेल्थ अपडेट के बारे में जानकारी मिलती रहे। नोडल अधिकारी और अस्पताल प्रबंधन बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें, दोनों ही एक दूसरे के सहयोग के लिए हैं। अभी कोविड की कठिन परिस्थिति है और सबको मिलकर काम करते हुए जनता को राहत देते हुए जिले को कोविड से बाहर निकालना है।