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  • जिले के 117 केन्द्रों में की जा रही कोरोना की जाॅच

    कोराना (कोविड-19) की जांच के लिए जिले में जिला चिकित्सालय कांकेर सहित विकासखण्ड स्तर पर 117 जांच केन्द्रों की स्थापना की गई है, जिसमें 95 स्थायी कोविड जांच केन्द्र एवं 22 मोबाईल जांच टीम शामिल हंै। कांकेर विकासखण्ड में जिला चिकित्सालय कांकेर सहित 05 स्थायी कोविड जांच केन्द्र और 05 मोबाईल टीम  की स्थापना किया गया है। इसी प्रकार अंतागढ़ विकासखण्ड में 03 स्थायी कोविड जांच केन्द्र एवं 03 मोबाईल टीम, भानुप्रतापपुर विकासखण्ड में 12 स्थायी कोविड जांच केन्द्र व 03 मोबाईल टीम, चारामा विकासखण्ड में 06 स्थायी कोविड जांच केन्द्र तथा 02 मोबाईल टीम, दुर्गूकोंदल विकासखण्ड में 07 स्थायी कोविड जांच केन्द्र एवं 02 मोबाईल टीम, कोयलीबेड़ा विकासखण्ड में 55 स्थायी कोविड जांच केन्द्र और 04 मोबाईल टीम तथा नरहरपुर विकासखण्ड में 07 स्थायी कोविड जांच केन्द्र एवं 03 मोबाईल जांच टीम बनाया गया है। जिले के कोई भी व्यक्ति जो कोरोना (कोविड-19) की जांच कराना चाहते हों, वे जिला अस्पताल कांकेर अथवा अपने विकासखण्ड के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र या उप स्वास्थ्य केन्द्र में स्थापित स्थायी कोविड जांच केन्द्र अथवा मोबाईल जांच टीम से कोरोना की जांच करवा सकते हैं। 

  • होम आईसोलेशन नियमों को न मानने पर पांच दुकानों को किया गया सील परिवार में कोरोना संक्रमित होने के बावजूद दुकानों के संचालन पर की गई कार्यवाही

    आज जिला प्रशासन द्वारा होम आईसोलेशन के नियमों का पालन न करने वाले लोगों पर कार्यवाही करते हुए पांच दुकान संचालकों पर कार्यवाही करते हुए दुकानों को सील कर दिया गया। इसमें बस स्टैण्ड स्थित होटल सांई पैलेस, रसोई रेस्टोरेंट, ड्रीम्स ब्यूटी पार्लर, कुशल कलेक्शन एवं बीग बाॅस सेलून को सील कर दिया गया। इन दुकान संचालकों के परिवार सदस्यों के कोरोना संक्रमित पाये जाने के पश्चात् इन्हें होम आईसोलेशन में रहकर दुकानों का संचालन न करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधितों को दिए गए थे। जिसका उल्लंघन करते हुए इन दुकान संचालकों ने दुकान खोलकर इनका संचालन कर रहे थे जिसकी शिकायत जिला प्रशासन को प्राप्त होते ही कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा के निर्देश पर तहसीलदार गौतम चंद पाटिल के नेतृत्व में पुलिस विभाग, नगरपालिका एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने दुकानों पर जाकर उन्हें बंद कराते हुए दुकानों को सील करने की कार्यवाही की। उल्लेखनीय है कि जिले में संक्रमण के बढ़ने के साथ जिला प्रशासन द्वारा होम आईसोलेशन का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर रहा है। जिसके तहत् सभी होम आईसोलेशन में रह रहे लोगों के घरों में जाकर जांच की जा रही है एवं परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा होम आईसोलेशन का उल्लंघन करने पर सख्त कार्यवाही की जा रही है साथ ही प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सभी कोरोना से संक्रमित व्यक्ति एवं उनके परिवारजन स्वयं होम आईसोलेशन के नियमों का पालन करें एवं यदि कोई व्यक्ति होम आईसोलेशन के नियमों का उल्लंघन करता है तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। कोरोना से बचाव के लिए सभी की भागीदारी आवश्यक है। यदि किसी व्यक्ति को कोरोना के प्रारंभिक लक्षण प्राप्त होते हैं तो वे अवश्य रूप से कोरोना की जांच कराएं तथा पाॅजिटीव आने पर होम आईसोलेशन के नियमों का पालन करें। इस कार्यवाही में एसडीओपी कपिल चंद्रा, नायब तहसीलदार सुशील भोई सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।

  • विधायक मोहन मरकाम ने एक माह का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में किया दान विधायक ने कलेक्टर एवं सीईओ संग जिले की स्थिति पर की चर्चा

    आज विधायक कोण्डागांव मोहन मरकाम ने राज्य में कोरोना से बचाव के सहायता लिए अपने एक माह का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में दान किया। इस दौरान उन्होंने 01 लाख 11 हजार रूपयों का चेक कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा को सौंपा साथ ही उन्होंने जिले में कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए किये जा रहे प्रयासों के संबंध में कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ डीएन कश्यप, सीएचएमओ टीआर कुंवर एवं डीपीएम सोनल धु्रव से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने जिले में आॅक्सीजन की सुविधायुक्त बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के लिए जल्द से जल्द आॅक्सीजन सिलेण्डरों को खरीदने तथा बाजार वाले क्षेत्रों में अनावश्यक घुमने वालों एवं मास्क न पहनने वालों पर प्रशासन को पुलिस की सहायता से सख्त कदम उठाने को कहा। इसके अतिरिक्त अस्पतालों में व्यवस्था सुधार के लिए प्रतिदिन दिये जाने वाले भोजन की जांच के साथ बनाये जा रहे क्वारेंटाईन सेंटरों में सर्व सुविधाओं के विकास पर जोर दिया। इस दौरान कलेक्टर ने बताया कि सभी विकासखण्डों में 100 बिस्तरों के आॅक्सीजनयुक्त डेडिकेटेड कोविड अस्पताल बनाने की कार्ययोजना बनायी जा रही है साथ ही सभी कोविड अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की जा रही है। इन सीसीटीवी कैमरों का सीधा प्रसारण बाहर प्रतिक्षालय में किया जाएगा। जहां से मरीजों के परिजन अपने परिवार सदस्य के ईलाज पर स्वयं निरीक्षण कर सकेंगे साथ ही इन सीसीटीवी कैमरों को जिला कार्यालय से भी जोड़ा जाएगा जहां से कलेक्टर स्वयं समय-समय पर इन अस्पतालों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। इसके अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा अधिकारी को प्रतिदिन अस्पताल के भोजनशाला की स्वच्छता एवं भोजन के परीक्षण हेतु नियुक्त किया गया है। इस दौरान विधायक श्री मरकाम ने कोरोना नियंत्रण के लिए टेस्टों की संख्या बढ़ाकर टीकाकरण एवं होम आईसोलेशन के नियमों का पालन कराने पर जोर देते हुए इस अभियान को तीव्र गति से संचालित करने को कहा। 

  • निजी अस्पतालों एवं पैथालॉजी केन्द्रों में कोविड जांच हेतु शुल्क निर्धारित

    कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्य शासन ने  आम जनता को राहत देने की दृष्टि से निजी पैथोलॉजी लैबों और अस्पतालों में कोविड-19 की जांच के लिए आरटीपीसीआर, एंटीजन तथा ट्रू नाट रैपिड टेस्ट की दरों में काफी कमी की है। 
         
    स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार निजी पैथोलॉजी लैबों और अस्पतालों में  आरटीपीसीआर टेस्ट हेतु यदि कोविड-19 टेस्ट का सेम्पल कलेक्शन पैथोलॉजी सेन्टर में
    किया जाता है तो जांच शुल्क  550 रुपये प्रति टेस्ट लिया जायेगा। यदि सेम्पल कलेक्शन मरीज के घर अथवा प्राइवेट अस्पताल में जाकर लिया जाता है तो अतिरिक्त राशि शुल्क  200 रुपये प्रति टेस्ट लिया जायेगा। उक्त शुल्क में सेम्पल कलेक्शन, ट्रांसपोर्ट शुल्क, जांच शुल्क एवं कज्युमेबल. पीपीई कीट इत्यादि का शुल्क सम्मिलित है।

    ट्रू नाट टेस्ट हेतु यदि कोविड-19 टेस्ट का सेम्पल कलेक्शन पैथालॉजी  सेन्टर में किया जाता है तो जाच शुल्क राशि 1300 रुपये प्रति टेस्ट लिया जायेगा। यदि सेम्पल कलेक्शन मरीज के घर अथया प्राइवेट अस्पताल में जाकर लिया जाता है तो अतिरिक्त शुल्क रू 200 रुपये प्रति टेस्ट लिया जायेगा। उक्त शुल्क मे सेम्पल कलेक्शन,  ट्रांसपोर्ट शुल्क, जांच शुल्क एवं कंज्युमेबल, पीपीई कीट इत्यादि का शुल्क सम्मिलित है।
     
    रेपिड एंटीजन टेस्ट हेतु यदि कोविड-19 टेस्ट का सेम्पल कलेक्शन पैथोलॉजी सेन्टर में
    लिया जाता है तो जांच शुल्क 150 रुपये प्रति टेस्ट लिया जावेगा। यदि सेम्पल कलेक्शन मरीज के घर अथवा प्राइवेट अस्पताल में जाकर लिया जाता है तो अतिरिक्त शुल्क 200 रुपये प्रति टेस्ट लिया जायेगा। शुल्क में सेम्पल कलेक्शन, ट्रांसपोर्ट शुल्क एवं कंज्युमेबल, पीपीई कीट इत्यादि शुल्क सम्मिलित है। 

    उपरोक्त दर निर्धारण तत्काल प्रभाव से लागू होगा। समस्त निजि चिकित्सालयों एवं पैथालाजी केन्द्रों द्वारा कोविड-19 जाच की दरों को मरीज प्रतीक्षालय/बिलिंग काउंटर के प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया जाना अनिवार्य होगा। समस्त निजी चिकित्सालयों एव पैथालाजी केन्द्रों द्वारा कोविड-19 जांच हेतु आईसीएमआर तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छत्तीसगढ द्वारा समय-समय पर जारी किये गये दिशा-निर्देशो का पालन किया जाना अनिवार्य होगा।

     

     

  • कोण्डागांव : इमली संग्राहको को हुआ 08 करोड़ से अधिक राशि का भुगतान

    वन विभाग के जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित दक्षिण कोण्डागांव द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना अंतर्गत लघु वनोपज का संग्रहण वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में किया गया। संघ मुख्यालय रायपुर द्वारा इमली खरीदी के लिए निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति हेतु 12 मार्च 2021 से 13 प्राथमिक लघु वनोपज समितियों के अधीन 155 ग्राम स्तर समूह एवं 31 हाट बाजार स्तर के स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संग्राहकों एवं ग्रामीणों से न्यूनतम समर्थन मूल्य के आधार पर इमली खरीदी एवं संग्रहण कार्य प्रांरभ किया गया। वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 के निर्धारित लक्ष्य 20,000 क्विं के विरूद्ध 13 अप्रैल तक 32414.44 क्विं इमली ग्रामीणों से क्रय किया गया। जिसमें आटी इमली रू. 36 रूपये और फूल इमली 63 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से क्रय किया गया है। जिसके लिए स्व-सहायता समूहों के बैंक खातों में कुल राशि 8.46 करोड़ रूपयों का स्थानांतरण किया गया है। जिससे संग्राहकों को तत्काल भुगतान सुनिश्चित हो सके। अभी तक समूहों के माध्यम से संग्राहकों को कुल 8.46 करोड राशि का नगद भुगतान किया जा चुका है। महत्वपूर्ण बात यह भी है कि नारंगी वन परिक्षेत्र के पेरमापाल, रेंगागोदी, कोड़कापारा, तोतर, केजंग, चमई एवं कोण्डागांव वन परिक्षेत्र के खड़पड़ी, परोदा, पुसपाल, फरसपाल, हीरामांदला, करनपुर, मुनगापदर, मोहलई, मडानार, नगरी, सोनाबाल, बोटीकनेरा, पोलंग तथा मर्दापाल वन परिक्षेत्र के कडेनार, बेचा, कीलम, टेकापाल जैसे अति संवेदनशील क्षेत्रों से भी इस वित्तीय वर्ष में कुल 3133 क्विं इमली का संग्रहण हुआ एवं 1.12 करोड़ राशि का नगद भुगतान किया गया है। इस संबंध में वनमंडलाधिकारी एवं पदेन प्रबंध संचालक उत्तम कुमार गुप्ता (भा.व.से.) ने बताया कि विभाग द्वारा ग्रामीणों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर इमली खरीदी करने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को बिचोलियों से ग्रामीणों की आमदनी सुनिश्चित करते हुए उचित मूल्य प्रदान कर वित्तीय रूप से सशक्त करना है। जिसमें वन विभाग के समस्त कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा है ।

  • जगदलपुर : स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति हेतु मंगाए गए आवेदन

    बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड को छोड़कर समस्त 06 विकासखंडों में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंगे्रजी माध्यम विद्यालय का संचालन शैक्षणिक सत्र 2021-22 से किया जाना है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इस अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में स्वीकृत प्रधान अध्यापक प्राथमिक शाला, प्रधान अध्यापक माध्यमिक शाला, सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता, सहायक शिक्षक विज्ञान, व्यायाम शिक्षक आदि पदों पर जिले में कार्यरत शासकीय शिक्षक संवर्ग से पदवार, विषयवार प्रतिनियुक्ति पर कार्य किए जाने हेतु विकासखंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से आवेदन पत्र 26 अप्रैल 2021 तक आमंत्रित किये गए है। अंग्रेजी माध्यम शालाओं में शिक्षक संस्कृत व हिन्दी तथा व्याख्याता संस्कृत व हिन्दी विषय को छोड़कर शेष समस्त विषयों में शिक्षकों के चयन हेतु उनकी समस्त शैक्षणिक योग्यता अंग्रेजी माध्यम से होनी आवश्यक है। विस्तृत जानकारी के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

  • सूरजपुर : राज्य और जिला स्तर पर श्रमिक हेल्प लाइन सेवा शुरू

    छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोना वायरस के बढ़ते संकमण के कारण व इससे उत्पन्न विषम परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश के भीतर कार्यरत श्रमिक अथवा अन्य राज्यों में रोजगार हेतु प्रवास पर गए श्रमिक अपने जिले से अन्य जिलों पर रोजगार हेतु प्रवास पर जाने वाले श्रमिक या उन्हें वर्तमान कार्यस्थल पर कोई समस्या हो या रेल, बस के माध्यम से छत्तीसगढ़ में वापसी पश्चात गृह नगर जाने में या कोरोना वायरस से संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या हो तो ऐसे समस्या को श्रम विभाग के श्रम सुविधा केंद्र से परामर्श एवं आवश्यकता अनुसार सहयोग करने के लिए श्रमिक हेल्प लाईन सेवा प्रारंभ किया गया है। 
           इस संबंध में जिला श्रम पदाधिकारी श्री घनश्याम पाणिग्रही ने बताया कि श्रमिकों के सुविधा के लिए श्रमिक सुविधा केंद्र पर राज्य में मोबाइल नंबर 9109849992 व 0771-2443809 एवं जिला में 9009998660, 7999803105 हेल्प लाईन नंबर के माध्यम से श्रमिकांे के कॉल सुने जाएंगे एवं इन श्रमिकों की मदद की जाएगी। श्रम पदाधिकारी श्री पाणिग्रही ने बताया कि यह सुविधा श्रमिकों के लिए 24 घंटा सातों दिन निरंतर चालू रहेंगे।

  • पिता और दादी को उतारा मौत के घाट, फिर साड़ी पहनकर हुआ फरार...अब आरोपी यहां से गिरफ्तार
    मगरलोड। ग्राम चंदना में हुए डबल मर्डर केस के आरोपी पुत्र को घटना के 24 घण्टे के अंदर पुलिस ने अभनपुर से गिरफ्तार कर लिया है. दरअसल, 13 अप्रैल की रात लगभग 11.30 बजे महेश वर्मा (25 वर्ष) ने अपने पिता पन्ना लाल वर्मा (50 वर्ष) एवं दादी त्रिवेणी वर्मा (80 वर्ष) को लकड़ी की बट्टे से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दिया. इसके बाद वह फरार हो गया था.14 अप्रैल बुधवार की सुबह पुलिस को घटना की सूचना मिली. इस सूचना के बाद मगरलोड टीआई प्रणाली वैद्य, करेली बड़ी चौकी प्रभारी संतोष साहू, एएसआई मोहन निषाद दलबल के साथ घटना स्थल में पहुंचे. पंचनामा पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. मृतक की पत्नी रेखा वर्मा के रिपोर्ट पर पुत्र महेश वर्मा के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 हत्या का मामला तलाश की जा रही थी
  • लॉकडाउन के दौरान इन इलाकों में खुलेंगी सब्जी की दुकानें… जिला प्रशासन ने जारी किया निर्देश
    अंबिकापुर। जिले के सब्जी उत्पादक किसान अब अपने उत्पाद का परिवहन व विक्रय कंटेन्मेंट क्षेत्र के बाहर कर सकेंगे। कलेक्टर संजीव कुमार झा ने जिले में लागू लॉकडाउन अवधि में सब्जी उत्पादक किसानों को राहत देते हुए उनके उत्पादों को कंटेन्मेंट क्षेत्र के बाहर परिवहन एवं विक्रय की अनुमति हेतु आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश में कहा गया है कि सब्जी परिवहन के दौरान वाहन में चालक समेत केवल दो व्यक्ति ही रहेंगे तथा उन्हें कोविड गाईड़लाईन का पालन करना होगा। उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए जिले को 13 अप्रैल से 23 अप्रैल तक सम्पूर्ण कंटेन्मेंट जोन घोषित कर दिया गया है जिससे मंडी बंद होने से जिले के सब्जी उत्पादक किसान अपने उत्पाद का परिवहन व विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। खेतों में तैयार विभिन्न सब्जियों की परिवहन नहीं होने से सब्जी उत्पादक किसानों को भारी नुकसान की आशंका थी। परिवहन की अनुमति मिलने से अब किसान जिन जिलों या प्रान्तों में कंटेन्मेंट जोन नही है वहां सीधे अपने खेत से सब्जी का परिवहन कर सकेंगे।
  • शर्मनाक: कोरोना से मरने के बाद एम्बुलेंस भी नहीं हुई नसीब, कचरा वाहन ले जाया गया शव
    राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आई है. डोंगरगांव ब्लॉक में बुधवार को दो सगी बहनों समेत 4 लोगों की कोरोना से मौत हुई है. मरने के बाद इनके शवों को एम्बुलेंस तक नसीब नहीं हुआ. शवों को नगर पंचायत के कचरा फेंकने वाले वाहन से ले जाया गया. इन तस्वीरों ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है. वहीं एक साथ 4 मौतों से पूरा डोंगरगांव सहमा हुआ है. राजनांदगांव जिला मुख्यालय से महज 25 किलोमीटर दूर डोंगरगांव कोविड केयर सेंटर में 13 अप्रैल को दो सगी बहनों समेत तीन लोगों को भर्ती कराया गया था. तीनों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. आज 14 अप्रैल को ऑक्सीजन की कमी के चलते तीनों की कोरोना से मौत हो गई. एक दिन में 4 मौत से सहमा गांव इसके अलावा डोंगरगांव के ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी एक व्यक्ति की ऑक्सीजन की कमी की वजह से मौत हो गई. ये व्यक्ति भी कोरोना पॉजिटिव था. इस तरह एक ही दिन में गांव में चार मौतों से पूरा डोंगरगांव ब्लॉक में कोहराम मचा हुआ है. इसकी सूचना जैसी ही गांव में फैली, लोगों में दहशत का माहौल है. कचरा वाहन में शव इन सब के बाद जो शर्मनाक तस्वीरें सामने आई है. उसने सभी को झकझोर कर रख दिया है. कोरोना से मौत के बाद शवों को नगर पंचायत के कचरा फेंकने वाले वाहन से मुक्तिधाम ले जाया गया. उन्हें एम्बुलेंस तक नहीं मिला. बीएमओ होम आइसोलेशन पर डोंगरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बीएमओ ने अपने आप को घर पर होम आइसोलेट कर लिया. इस तरह उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है. जबकि बीएमओ की कोविड रिपोर्ट नेगेटिव आई थी. कोरोना मरीजों का ऑक्सीजन लेवल था कम पूरे मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मिथलेश चौधरी ने इस बात की पुष्टि की है कि कोरोना मरीजों का ऑक्सीजन लेवल बेहद कम था. आज कोरोना से दो सगी बहनों सहित 3 लोगों की मौत कोविड केयर सेंटर में हुई है. उन्होंने चौथी मौत की जानकारी नहीं होने की बात कहीं. इन पर फोड़ा कचरा वाहन का ठिकरा वहीं सीएमएचओ ने कचरा वाहन से शव ले जाने के मामले में अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया. उन्होंने सीएमओ और नगर पंचायत पर फोड़ा ठिकरा दिया. सीएमएचओ ने कहा कि शव ले जाने की व्यवस्था सीएमओ और नगर पंचायत की है. वो ही अंतिम संस्कार के लिए शवों को मुक्तिधाम ले जाते हैं.
  • छत्तीसगढ़ में नहीं थम रही कोरोना की रफ्तार: 14 हजार से अधिक नए केस, कई जिलों के आंकड़े चौंकाने वाले
    रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस बेलगाम हो चुका है. कोरोना के आंकड़ों को देखकर लोग डरने लगे हैं. क्योंकि किसी को नहीं पता है कि वो कब संक्रमित हो जाएंगे. प्रदेश में कोरोना की रफ्तार तबाही मचा रही है. ये रफ्तार ऐसे ही चलती रही, स्थिति भयावह हो जाएगी. छत्तीसगढ़ में बुधवार को कोरोना के 14 हजार 250 मरीजों की पहचान हुई है, जबकि 73 लोगों की कोरोना से मौत हुई है. छत्तीसगढ़ में कोरोना से राहत भरी खबर ये है कि 2 हजार 529 लोगों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है. अब तक प्रदेश में 3 लाख 62 हजार 301 मरीजों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है. मौत का आंकड़ा 5 हजार 307 पहुंच गया है. प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या 1 लाख 18 हजार 636 है. जबकि आज 46 हजार 528 लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया है. इन जिलों में नहीं थम रही रफ्तार रायपुर जिले में रफ्तार के बीच अकेले 3960 कोरोना मरीज सामने आए है. दुर्ग में 1647, राजनांदगांव में 1254, बिलासपुर में 923, कोरबा में 741, बेमेतरा में 391, कवर्धा में 265, धमतरी में 382, बालौदाबाजार में 686, महासमुंद में 300, गरियाबंद में 333, रायगढ़ में 444, जांजगीर में 448, मुंगेली में 333, जशपुर में 461 और सरगुजा में 214 कोरोना मरीज मिले हैं. कई जिलों में कोरोना से मौत रायपुर में कोरोना वायरस से बुधवार को 33 लोगों की मौत हुई है. दुर्ग में 11, धमतरी में 9, राजनांदगांव में 6, बिलासपुर में 5, बलौदाबाजार में 2 लोगों की कोरोना से मौत हुई है. देखें जिलेवार आंकड़े-
  • निजी हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं पर रहेगी नोडल अधिकारियों की पूरी नजर, अपने अकाउंट ऑफिसर के साथ रोज बिलिंग भी देखेंगे अधिकारी
    प्राइवेट हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं पर रहेगी नोडल अधिकारियों की पूरी नजर, अपने अकाउंट ऑफिसर के साथ रोज बिलिंग भी देखेंगे - कलेक्टर ने कहा कि मरीजों के परिजनों को काउंसिलिंग के माध्यम से मिलती रहे जानकारी, हर तरह के फीडबैक का अस्पताल प्रबंधन से समन्वय कर समाधान सुनिश्चित करें दुर्ग 14 अप्रैल 2021/कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने प्राइवेट हॉस्पिटल के लिए लगाए नोडल अधिकारियों की मीटिंग ली। मीटिंग में उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी परिजनों की दिक्कतों को दूर करने की भरसक कोशिश करें, उनके फोन से जिस तरह से फीडबैक आते हैं उससे निजी अस्पतालों को अवगत कराएं ताकि व्यवस्था में निरंतर सुधार होता रहे। इसके साथ ही बिलिंग पर भी नोडल ऑफिसर की नजर रहे, शासन ने जो दरें निर्धारित की है निजी अस्पताल उसी तरह की दर से मरीजों से शुल्क वसूल करें यह सुनिश्चित करें। इसके लिए वह नियमित रूप से अपने अकाउंटेंट्स के साथ बिलिंग पर नजर रखें। नियमित रूप से इन हॉस्पिटल का निरीक्षण करें और व्यवस्था के संदर्भ में निर्देश दें। अस्पतालों के प्रबंधकों से सीधी बातचीत करें। मरीज के परिजन अपने मरीज के स्वास्थ्य संबंधी स्थिति को लेकर चिंतित रहते हैं अस्पतालों में परिजनों की कॉउंसिलिंग की नियमित व्यवस्था होती रहे। साथ ही यदि नोडल अधिकारी से परिजन मरीज की स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानना चाहते हो तो उन्हें अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन मरीजों के परिजनों की नियमित काउंसलिंग करें, उनके द्वारा किए जा रहे इलाज की जानकारी दें, साथ ही किसी तरह का एडवांस इलाज किया जाना है तो इसकी जानकारी भी प्रदान करें। कलेक्टर ने कहा कि अभी दुर्ग जिला कोविड के गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। इस दौर में यह आवश्यक है कि नोडल अधिकारी 24 घंटे अपने कार्य की मॉनिटरिंग करें। उन्हें रात में दिन में हर समय मरीजों के फोन आ सकते हैं उनके फीडबैक मिल सकते हैं, उनके फीडबैक के अनुसार हॉस्पिटल प्रबंधन से समन्वय करना आवश्यक है। यदि निजी अस्पताल प्रबंधकों द्वारा समन्वय में किसी तरह से दिक्कत आ रही है तो इस संबंध में भी अवगत कराया जाए ताकि आवश्यक कार्रवाई प्रशासन द्वारा की जा सके। उन्होंने कहा कि रिफर की स्थिति में अथवा अस्पताल में जगह न होने की स्थिति में नोडल अधिकारी अन्य नोडल अधिकारियों से संपर्क में रहें ताकि यदि किसी अन्य अस्पताल में बेड की उपलब्धता हो तो परिजन को इससे अवगत कराया जा सके।