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  • ग्रामीणों को वैज्ञानिक विधि से खेती करना सिखा रहीं कृषि सखियां कृषक पाठशाला लगाकर  विधि, किचन गार्डन एवं आधुनिक विधियों का दे रहीं ज्ञान

    कोण्डागांव जिले में पहाड़ी-पठारीय जलवायु होने से यहां कृषि का विकास पूर्ण रूप से नहीं हो सका है। यहां के कृषक सिंचाई संसाधनों की अनुपलब्धता के कारण केवल वर्षा ऋतु में ही पारम्परिक विधियों से कृषि कार्य किया करते हैं। जिससे लगातार जिले के कृषक उत्पादन में पिछड़ते जा रहे हैं। जिससे उनकी वार्षिक आय में वृद्धि न होने से लगातार कृषक कृषि से विमुख होकर अन्य क्षेत्रों एवं राज्यों में रोजगार की तलाश में प्रवसित हो रहे हैं। जिसे देखते हुए कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा के मार्गदर्शन में जिले के कोण्डागांव, माकड़ी, केशकाल विकासखण्डों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान‘ समूह की महिलाओं को ग्रामों में जागरूकता प्रसार एवं वैज्ञानिक विधियों से कृषि को बढ़ावा देने हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
    जिसके तहत् ग्रामों की ही बिहान स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को जिला मिशन समन्वयक विनय सिंह के मार्गदर्शन में सीएमएसए योजना (सामुदायिक संवहनीय कृषि प्रबंधन योजना) के अंतर्गत चयनित कर वैज्ञानिक विधि से कृषि कार्यों का प्रशिक्षण कृषि विभाग एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा दिया गया। इस प्रशिक्षण में इन महिलाओं को खरीफ फसल हेतु वैज्ञानिक विधियों से फसल एवं बीज के चयन, नर्सरी विकास, नाडेप पिट के द्वारा जैविक खाद का निर्माण, बीज उपचार, अजोला पिट निर्माण, टूल बैंक निर्माण, जैविक कीटनाशकों का निर्माण के संबंध में जानकारी देकर कृषि सखी के रूप में गांवों में नियुक्त किया गया है। ये कृषि सखियां ग्राम में कृषि की आधुनिक वैज्ञानिक विधियों जैसे श्री विधि, लाईन रोपा के संबंध में कृषकों को शिक्षा देने हेतु ग्रामों में कृषक पाठशाला का आयोजन कर रही हैं। अब तक तीनों विकासखण्डों को मिलाकर कुल 160 ग्रामों में 160 कृषि सखियां कार्य कर रही हैं। इनके द्वारा जिले में 465 कृषक पाठशालाओं के माध्यम से 18417 किचन गार्डन एवं 5601 कृषकों को श्री विधि द्वारा रोपण की जानकारी प्रदान की गई है।
    इनमें से कोण्डागांव विकासखण्ड की 40 कृषि सखियों द्वारा अब तक 68 कृषक पाठशालाओं का आयोजन किया गया है। जिसके माध्यम से कोण्डागांव विकासखण्ड में 5500 किचन गार्डन विकसित करने के साथ 2600 किसानों को  विधि द्वारा धान के रोपण की जानकारी दी गई है। इसी प्रकार केशकाल विकासखण्ड में 30 कृषि सखियों द्वारा 317 कृषक पाठशालाओं का आयोजन करते हुए 3317 किचन गार्डन निर्माण एवं 751 कृषकों को  विधि द्वारा रोपण तथा माकड़ी विकासखण्ड की 90 कृषि सखियों द्वारा 9600 किचन गार्डन का निर्माण करते हुए 2250 कृषकों को श्री विधि द्वारा रोपण की जानकारी प्रदान की गई है।
    इन सबके अतिरिक्त कृषि सखियों के रूप में कार्य करने से महिला समूह की महिलाओं को अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। वैज्ञानिक विधियों के द्वारा जैविक विधियों का उपयोग करते हुए फसलों के रख-रखाव एवं उत्पादन से लगातार कृषकों की आय में जहां वृद्धि हो रही है वहीं सामुदायिक संवहनीय कृषि प्रबंधन योजना के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण करते हुए विकास के मार्ग को जैविक कृषि को प्रोत्साहन द्वारा परम्परागत कृषि को संवहनीय कृषि के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप संवहनीय कृषि में जैविक विधियों का उपयोग करने से कृषकों की कृषि लागत में कमी आ रही है साथ ही वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में जैविक फसलों की बाजारों में बढ़ती मांग को देखते हुए कृषकों को दोगुना मुनाफा भी प्राप्त होगा।
    इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ डीएन कश्यप ने बताया कि कृषकों को वैज्ञानिक विधि से संवहनीय कृषि से जोड़ने के लिये कृषि सखियों को तीन विकासखण्डों में नियुक्त किया गया है। इनके द्वारा किचन गार्डन निर्माण एवं खरीफ फसल की बोआई में कृषकों को सहयोग के साथ प्रशिक्षित करने हेतु सराहनीय कार्य किया है। भविष्य में सभी विकासखण्डों में कृषि सखियों को नियुक्त किया जायेगा। इस कार्य में बिहान समूह की महिलाओं के जुड़ने से महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होने के साथ कृषकों के उत्पादन में भी वृद्धि होगी।

  • 5 लाख रुपए की इनामी महिला नक्सली और 10 लाख के इनामी माओवादी का स्मारकर ध्वस्त, जवानों की कार्रवाई, 28 से 3 अगस्त तक मना रहे शहीदी सप्ताह
    दंतेवाड़ा। (Martyr Week) नक्सली शहीदी सप्ताह मना रहे हैं। शहीदी सप्ताह के पहले दिन सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के द्वारा बनाए गए स्मारक को ध्वस्त कर दिया। 5 लाख रुपए के इनामी महिला नक्सली पाले एसीएम और 10 लाख रुपए के इनामी नक्सली के स्मारक को जवानों ने तोड़ दिया। 2017 मुठभेड़ में महिला नक्सली मारी गई थी। (Martyr Week)नक्सलियों ने यह स्मारक ग्राम चिरमुलपारा रेवाली में बनाया था. यह मामला अरनपुर थाना क्षेत्र का है। एसपी अभिषेक पल्लव ने यह जानकारी दी। बता दे कि आज से 28 से 3 अगस्त तक नक्सली शहीदी सप्ताह मना रहे है ।
  • छत्तीसगढ़: मंत्री सिंहदेव के समर्थन में उतरे कांग्रेसी, बड़ी संख्या में राजधानी पहुंच रहे कार्यकर्ता
    बलरामपुर। विधायक बृहस्पत सिंह के आरोपों के बाद अपनी ही पार्टी से नाराज चल रहे सूबे के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के समर्थन में कांग्रेसी उतर आए हैं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रायपुर पहुंच रहे हैं। Ts singhdeo Latest news कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने बृहस्पत सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अब कांग्रेसी लगातार रायपुर की ओर रुख कर रहे हैं। सिंहदेव ने सीएम बघेल के साथ मीटिंग के बाद बयान दिया था कि उन्होंने अपना पक्ष रख दिया है। अब मुख्यमंत्री इस पर आज बयान देंगे। मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिव ने विधायक बृहस्पत सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। विधायक बृहस्पत सिंह को नोटिस का जवाब 24 घंटे के भीतर देना होगा। नोटिस में पूछा गया कि किस आधार पर आपने मंत्री टीएस सिंहदेव पर आरोप लगाया? बता दें कि इससे पहले भी सीएम भूपेश बघेल और मंत्री टीएस सिंहदेव के बीच इस मुद्दे पर लंबी चर्चा हुई है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। वहीं, बैठक के बाद सिंहदेव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इसके बारे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ही जानकारी देंगे। उन्होंने आगे कहा कि बैठक में उन्होंने अपना पक्ष रख दिया है। वहीं मामला सुलझने के सवाल पर सिंहदेव ने कहा कि अब यह विषय भविष्य के गर्भ में हैं। बता दें कि सदन में चर्चा के दौरान बृहस्पत सिंह के आरोपों के बाद मंत्री सिंहदेव सदन से बाहर निकल गए। बाहर जाते-जाते उन्होंने अपने बयानों के साथ सरकार पर कई सवाल खड़ा कर दिए।
  • बड़ी खबर: नक्सलियों ने कारीपानी के मुख्य मार्ग में पर्चा फेंककर फैलाई दहशत, पर्चा में शहीदी सप्ताह मनाने का किया जिक्र, पुलिस प्रशासन अलर्ट
    धमतरी: जिले के वनांचल क्षेत्र के ग्राम कारीपानी में नक्सलियों ने पर्चा फेंक कर अपनी मौजूदगी का अहसास करा दिया है। इसके बाद से आसपास के ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गया है। उधर सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम सक्रिय हो गई है। उल्लेखनीय है कि नगरी वनांचल के ग्राम बोराई, खल्लारी, मेचका, कारीपानी समेत सिहावा क्षेत्र के अधिकांश गांव में पिछले कई सालों से नक्सली गतिविधियां संचालित हो रही है। पूर्व में डीजीपी के निर्देश पर नक्सल मोर्चे को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए तत्कालीन एसपी के निर्देश पर पुलिस की विशेष टीम की ओर से विशेष नक्सल अभियान चलाया गया था। इस ऑपरेशन में पुलिस ने कई इनामी नक्सलियों को मार गिराने में सफलता भी प्राप्त की। इसके बाद से नक्सलियों का संगठन टूटने के कगार पर आ गया था। वर्तमान में नक्सलियों की ओर से नक्सल क्षेत्रों में शहीदी सप्ताह मनाया जा रहा है। ऐसा बताया जा रहा है कि सूत्रों नक्सल मोर्चे पर तैनात नक्सलियों का हौसला अफजाई करने समेत पुलिस के खिलाफ ठोस रणनीति बनाने के लिए भी प्रयास किया जा सकता है! उधर शहीदी सप्ताह के अंतर्गत नक्सलियों ने देर रात बोराई थाना क्षेत्र के ग्राम कारीपानी के पास मेन रोड पर बैनर पोस्टर फेंका है, जिस पर उन्होंने शहीदी सप्ताह मनाने का जिक्र किया है। हालांकि पुलिस ने सूचना मिलते ही बैनर ,पोस्टर निकाल लिया था, लेकिन एक बार फिर नक्सलियों ने अपने शहीदी सप्ताह में अपनी मौजूदगी का संकेत दिया है।एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि कारीपानी के 100 मीटर आगे पोस्टर मिलने की सूचना मिली थी, जिसे पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी ने हटा लिया लिया है। फिलहाल इलाके में सर्चिंग बढ़ा दिया गया, पोस्टर नक्सलियों ने लगाया या फिर किसी शरारती तत्व ने पुलिस इस पर जांच कर रही है।
  • बड़ी खबर: हाथियों ने मचाया उत्पात, भैंस चराने गए दो ग्रामीणों को उतारा मौत के घाट, इलाके में दहशत का माहौल
    सरगुजा: जिले में हाथियों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन हाथी ग्रामीणों को नुकसान पहुंचा रहे है। इसी बीच खबर आ रही है कि जंगल में भैंस चराने गए दो ग्रामीणों को हाथियों ने कुचल कर मौत के घाट उतार दिया। जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मिली जानकारी के अनुसार, रात में 6 ग्रामीण ढांडकेसरा जंगल में भैंस चराने के लिए गए हुए थे। रात होने की वजह से ग्रामीण जंगल में बने मचान में ही सो गए थे। इसी दौरान 10 हाथियों के झुंड ने ग्रामीणों के उपर प्राणघातक हमला कर दिया। जिससे दो लोगों की मौत हो गई। वहीं मौके से 4 लोग अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकले। सूचना मिलते ही तुरंत घटना स्थल पहुंची मेन पार्ट वन परीक्षेत्र की टीम ने जांच में जुट गई है।बता दें कि जिले में पिछले 4 महीनों में हाथियों ने आतंक मचा रहे है। इलाके में लोग हाथियों के दहशत में रहते है। हाथियों के दल ने सैकड़ो घर के चिराग उजाड़ चुके है। वहीं कई लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है ।
  • यूनियनों से चर्चा की धारा न जोड़ी जाएः प्रदीप टण्डन

    नेशनल एम्प्लायर फेडरेशन की छत्तीसगढ़ कमेटी के चेयरमैन श्री प्रदीप टण्डन ने सरकार को आगाह किया है कि आईआर कोड, औद्योगिक संबंध संहिता में प्रोन्नति, तबादले व अनुशासनिक कार्रवाई जैसे मामलों पर मजदूर संघों से चर्चा की धारा न जोड़ी जाए।

    यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में श्री टण्डन ने कहा कि प्रबंधन के अपने कुछ अधिकार भी होते हैं। यदि प्रोन्नति, तबादले और अनुशासनिक कार्रवाई जैसे मामलों में समझौता वार्ता की धारा जोड़ी गई तो यह व्यवसाय प्रबंधन की बुनियादी अवधारणा पर प्रहार होगा क्योंकि यह नियोक्ताओं का मौलिक अधिकार है। श्री टंडन आईआर कोड की प्रस्तावित इस नई धारा की प्रति केंद्रीय श्रम मंत्रालय द्वारा सार्वजनिक किये जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे।

     

    आईआर कोड की प्रस्तावित इस नई धारा के प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए श्री टण्डन ने कहा कि इसमें कुछ और खामियां भी हैं। एक प्रमुख खामी है कि यह प्रस्तावित धारा 30 प्रतिशत सदस्यता वाले मजदूर संघों को समझौता वार्ता के लिए अधिकृत करने की बात करती है जबकि होना यह चाहिए कि वे मजदूर संघ ही अधिकृत किये जाएं जिनकी सदस्य संख्या 51 प्रतिशत से अधिक हो क्योंकि अल्पमत वाले मजदूर संघ कैसे बहुमत वालों से अपनी बात मनवा सकते हैं? कारखाना परिसरों में मजदूर संघों को जगह उपलब्ध कराने के मामले में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ मान्यता प्राप्त संगठनों को यह सुविधा मिलनी चाहिए। अगर एक से अधिक मजदूर संघ हैं तो उन्हें आपस में मिलकर उस जगह का इस्तेमाल करना होगा। 

  • आवारा मवेशियों की बढ़ती संख्या नई आफत, आए दिन हो रही दुर्घटनाएं, फेल हुआ रोका छेका अभियान
    पखांजूर। (Cattle gathering) नगर पंचायत क्षेत्र में रोका छेका अभियान बेअसर दिखाई दे रहे हैं. रात को पखांजूर के मुख्य सड़क स्टेट हाइवे क्रमांक 25 में मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है. जिसकी वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है. (Cattle gathering) छत्तीसगढ़ राज्य सरकार जुलाई माह के पहली तारीख से रोका छेका अभिया चला रहे हैं. इस अभियान के अंतर्गत संबंधित क्षेत्र के पंचायत, नगर पंचायत एवं नगर पालिका द्वारा आवारा मवेशियों को गौठान एवं कांजी हाउस में रखने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने निर्देशित किया है. मगर नगर पंचायत पखांजूर क्षेत्र में रोका छेका अभियान सम्पूर्ण असफल रहा है. (Cattle gathering) नगर पंचायत के सामने ही आवारा मवेशियों की जमावड़ा लगा रहता हैं. पखांजूर नगर के हर एक सड़क पर आवारा मवेशिया रात को सोते दिखाई दे रहे हैं. इस कारण आये दिन सड़क दुर्घटना होता हैं एवं दुर्घटना से राहगीर एवं मवेशी भी सड़क दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। डीवाईएफआई के अध्यक्ष हरपाल सिंह एवं शिवसेना सचिव तनुज चंदा ने बताया कि रोका-छेका अभियान पखांजूर नगर पंचायत में बेअसर दिखाई दे रहे हैं. इस वजह से आये दिन सड़क दुर्घटना हो रहा है. नगर पंचायत तत्काल रोका छेका अभियान को गंभीरता से लेते हुए आवार मवेशियों को कांजी हाउस में डाले, ताकि सड़क दुर्घटना से लोगो एव मवेशिया तथा किसानों का फसल सुरक्षित रहे। वही इस संबंध में पखांजूर नगर पंचायत के सीएमओ अरविंद नाथ योगी ने बताया कि रोजाना आवारा मवेशियों को कांजी हॉउस में डाला जा रहा है जबकि नगर पंचायत के कांजी हॉउस में एक भी मवेशी देखा नहीं गया है।
  • वार्षिक वेतनवृद्धि को लेकर फिर छत्तीसगढ़ कर्मचारी संघ ने खोला मोर्चा.. 2 दिन छुट्टी में रहने की दी चेतावनी..
    दो दिनों की हड़ताल में मरीजों के उपचार में होने वाली असुविधा एवं अनहोनी घटना के लिए सिम्स प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने की बात कही.. मन्नू मनिकपुरी संवाददाता / बिलासपुर-छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा समय समय पर 7 वर्षो से सभी सक्षम अधिकारियों सहित मंत्री सांसद एवं विधायक से मिलकर लिखित में अपना अनुरोध पत्र प्रस्तुत किया गया था जिस पर सभी राजनेताओं द्वारा आश्वासन तो दिया गया किंतु आज दिनांक तक कर्मचारी के हित में निर्णय दिलाने में अंक्षम रहे हैं छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा छुट्टी पर जाने का फैसला लिया गया है विदित हो कि सिम्स में कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी द्वारा समय-समय पर वेतन बढ़ाने हेतु शासन प्रशासन के समक्ष अपनी मांग को पूर्ण कराने हेतु ध्यानाकर्षण कराने चरणबद्ध आंदोलन भी किया जा चुका है बावजूद कर्मचारियों को न्याय नहीं मिलने के कारण कर्मचारी अभाव के जिंदगी जीने के लिए मजबूर हो गया है और मानसिक आर्थिक रूप से टूट चुका है कर्मचारियों को जब कहीं से कोई सहारा नहीं मिला तो सिम्स में कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों को मजबूर होकर काम बंद करने का निर्णय लेना पड़ा है कर्मचारियों द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के अनुसार 1 अगस्त 2021 तक शासन के द्वारा कर्मचारी हित में वेतन वृद्धि दिए जाने का आदेश प्रसारित नहीं किया जाता है तो सिम्स महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के समस्त तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के कर्मचारी 2 अगस्त से 3 अगस्त 2 दिन पूर्णतया शासकीय कार्य बंद कर धरना प्रदर्शन करेंगे काम बंद आंदोलन के बीच मैच के उपचार में होने वाले किसी भी प्रकार की असुविधा एवं अनहोनी घटना के लिए सिर्फ प्रबंधन पूर्णतया जिम्मेदार होगा इसके बाद भी यदि शासन प्रशासन वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ पीड़ित कर्मचारियों को नहीं देती है तो यह आंदोलन पूरे जिले में फैलाओ किया जाएगा परिणाम स्वरूप जिले में संचालित समस्त प्रकार के राष्ट्रीय कार्यक्रम सहित वैश्विक महामारी नियंत्रण कार्य प्रभावित होता है तो उसके लिए शासन-प्रशासन पूर्णता जिम्मेदार होगा पुनीत भारद्वाज एम एस सिम्स का कहना था कि एक साथ सभी कर्मचारियों को छुट्टी देना संभव नही है आधे लोगो को भले एक बार छुट्टी दी जा सकती है।
  • समाचार जिले में 58 स्थलों पर अतिक्रमण चिन्हांकित कर 46 पर हुई कार्यवाही 12 स्थलों पर शीघ्र की जायेगी कार्यवाही

    जिले में लगातार शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण की घटनाओं को बढ़ते देख कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा के मार्गदर्शन में जिले के सभी विकासखण्डों में अतिक्रमण हटाने हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत् शासकीय भूमियों पर बनाये गये समस्त बाउण्ड्री वाॅल, फैंसिंग, झोपड़ियों, अस्थाई मकानों को हटाने के लिए राजस्व विभाग द्वारा कार्यवाहियां की जा रही है। इसके साथ ही शासकीय भूमि को घेरकर कृषि कार्य में प्रयुक्त भूमियों को भी अतिक्रमण से मुक्त कराया जा रहा है।
    इस हेतु कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम एवं तहसीलदारों द्वारा प्रारंभ में जिले के समस्त नगरीय क्षेत्रों में राजस्व विभाग के समस्त अधिकारियों का दल गठित कर अतिक्रमित भूमियों का चिन्हांकन किया जा रहा है। जिसके तहत् अब तक 58 स्थलों में अतिक्रमण होना चिन्हांकित किया गया है। इन अतिक्रमणों को हटाने के लिये नगरीय प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर राजस्व विभाग द्वारा कार्यवाहियां प्रारंभ कर दी गई है। जिसके तहत् अब तक कुल 46 स्थलों पर कार्यवाहियां की गई है। जिसमें से 05 अस्थाई मकानों, 37 बाउण्ड्री वाॅल, 01 झोपड़ी तथा 03 स्थलों पर अतिक्रमण कर कृषि कार्यों में संलग्न भूमि को मुक्त कराया गया है।
    इस अभियान के तहत् कोण्डागांव विकासखण्ड में 14 बाउण्ड्री वाॅल एवं 03 अस्थाई मकानों, बड़ेराजपुर विकासखण्ड में 01 स्थल पर बाउण्ड्री वाॅल, केशकाल विकासखण्ड में 02 अस्थाई मकान, 13 बाउण्ड्री वाॅल एवं 01 झोपड़ी, माकड़ी विकासखण्ड में 03 स्थलों पर बाउण्ड्री वाॅल तथा फरसगांव विकासखण्ड में 06 बाउण्ड्री वाॅल एवं 03 कृषि कार्य में संलग्न भूमियों को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। बड़ेराजपुर में 02, माकड़ी में 05 एवं फरसगांव में 05 स्थलों पर अतिक्रमण से मुक्त करने की कार्यवाही की जानी शेष है। जिसे जल्द पूर्ण कर लिया जावेगा।

  • हम उनकी तरह जनता की संपत्ति बेच नहीं रहे हैं - मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

    दुर्ग के चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के बारे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ट्वीट 

    यह प्रदेश के एक मेडिकल कॉलेज और सैकड़ों छात्रों के भविष्य को बचाने का प्रयास है।

    हम उनकी तरह जनता की संपत्ति बेच नहीं रहे हैं।


    चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज पर प्रकाशित एक समाचार पर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। वे सब निराधार है।

    यह प्रदेश के एक मेडिकल कॉलेज और सैकड़ों छात्रों के भविष्य को बचाने का प्रयास है।

    इससे एक नया मेडिकल कॉलेज बनाने का समय बचेगा व हर साल प्रदेश को डेढ़ सौ डॉक्टर मिलेंगे।

    जहां तक रिश्तेदारी और निहित स्वार्थ का सवाल है तो मैं अपने प्रदेश की जनता को यह बताना चाहता हूं कि भूपेश बघेल उसके प्रति उत्तरदायी है और उसने हमेशा पारदर्शिता के साथ राजनीति की है, सरकार में भी हमेशा पारदर्शिता ही होगी। सौदा होगा तो सब कुछ साफ हो जाएगा।

    यह खबर कल्पनाशीलता की पराकाष्ठा से उपजा विवाद है। जिसे मैं चुनौती देता हूं।

    अगर जनहित का सवाल होगा तो सरकार निजी मेडिकल कॉलेज भी ख़रीदेगी और नगरनार का संयंत्र भी।

    हम सार्वजनिक क्षेत्र के पक्षधर लोग हैं और रहेंगे।

    हम उनकी तरह जनता की संपत्ति बेच नहीं रहे हैं।

  • बिलासपुर : महापौर श्री यादव एवं कलेक्टर ने किया कदम का पौधा रोपित

    नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में महापौर  रामशरण यादव एवं कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने आज कदम का पौधा रोपित किया।
    महापौर  रामशरण यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण आवश्यक है। ऑक्सीजन के लिए हमें अधिक से अधिक पौधांे का रोपण करना चाहिए। कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने इस अवसर पर कहा कि शहर में बढ़ते प्रदूषण के नियंत्रण के लिए अधिक से अधिक संख्या में पौधा लगाना अनिवार्य हो गया है। यह कार्यक्रम किसी एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए। पयार्वरण संरक्षण और संवर्द्धन के लिए न केवल पौधरोपण आवश्यक है अपितु लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण भी जरूरी है। आज लगाए गए यह पौधे छायादार वृक्षों में तब्दील होने के बाद आने वाली पीढ़ियों के लिए सुखद अनुभव देने वाले होंगे। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने की अपील की। पौध रोपण कार्यक्रम के तहत आज 750 से अधिक छायादार, फलदार पौधे व्यापार विहार सड़क, गौरव पथ एवं प्लेनेटोरियम के ऑक्सीजोन में रोपित किए गए।
    इस अवसर पर नगर निगम के सभापति  शेख नजरूद्दीन, पार्षद, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  हैरीश एस, नगर निगम कमिश्नर  अजय त्रिपाठी, नगर निगम के कार्यपालन अभियंता पी.के. पंचायती सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

  •  कोसा धागे से आदिवासी महिलाएं बुन रहीं जीवन का ताना-बाना : महीन धागों ने खींच लाई खुशियां

    मेहनत, हौसला और आगे बढ़ने की चाह हो तो खुशियां महीन धागों से भी खिंची चली आती हैं। कोसे के इन्हीं महीन धागों से नक्सल हिंसा प्रभावित दंतेवाड़ा जिले की आदिवासी महिलाएं अब अपने जीवन का ताना-बाना बुन रही हैं। गीदम ब्लॉक के छोटे से गांव बिंजाम की महिलाओं ने कोसा से धागा निकालने की कला सीखकर न सिर्फ अपने आय का एक नया जरिया बनाया है, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर पूरे परिवार के जीवनस्तर को एक नई दिशा दे रही हैं। कभी खेती-बाड़ी और घर के काम-काज में पूरा दिन लगाने वाली ये महिलाएं आज कोसा धागा बेच कर हर महीने  5 से 6 हजार रुपए कमा रही हैं।
    कभी इन महिलाओं का जीवनस्तर सामान्य से भी नीचे स्तर का था। इनकी आर्थिक सहायता और जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए राज्य सरकार के द्वारा विशेष केन्द्रीय सहायता एवं केन्द्रीय क्षेत्रीय योजना के अन्तर्ग 4 लाख 37 हजार 5 सौ रूपये की लागत से ग्राम बिंजाम के 15 परिवार के हितग्राहियों को कुल 10 नग बुनियादी रीलिंग मशीन तथा 5 नग कताई मशीन प्रदान की गई। इसके साथ ही इन परिवारों की महिलाओं को 15 दिन रीलिंग तथा कताई कार्य का कौशल विकास प्रशिक्षण दिया गया। काफी लगन और मेहनत से महिलाओं ने कोसा से धागा निकालने की कला को सीखा और उसे निखारते हुए आगे बढ़ रही हैं।
    कोसा खरीदी से लेकर, धागा बनाने और उसे बेचने तक का काम महिलाएं खुद कर रही हैं। कोसा से धागा निकालने की प्रक्रिया में सबसे पहले वह कोसे की ग्रेडिंग करती हैं। ग्रेडिंग के बाद प्रतिदिन के हिसाब से कोसा उबाला जाता है और उबले हुए कोसे से धागा बनाया जाता है। ये महिलाएं कोसा फलों से धागाकरण कार्य करके रेशम धागे रील्ड यार्न तथा घीचा यार्न का उत्पादन करती हैं। जिसे व्यापारियों को बेचा जाता है, बिक्री से आए रुपयों से पहले कोसे का पैसा रेशम विभाग को चुकाया जाता है। इसके बाद बचे हुए रुपयों से का उपयोग महिलाएं अपना व्यवसाय आगे बढ़ाने और परिवार को चलाने में करती हैं। इस महिला समूह की एक सदस्य ने आभार जताते हुए बताया कि सरकार की पहल से उन्हें रोजगार तो मिला ही है, साथ में उनकी आर्थिक स्थिति भी ठीक हुई है। जिससे उनके घर की स्थिति सुधरी है। उन्हें अपने ही गांव में रोजगार मिल गया है और अब काम के लिए गांव से बाहर जाना नही पड़ता।