मुख्यमंत्री श्री साय ने मछुआ कल्याण बोर्ड के दिवंगत अध्यक्ष श्री मटियारा के निवास पहुंचकर दी श्रद्धांजलि परिजनों से मुलाकात कर व्यक्त की गहरी संवेदना
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री मटियारा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्री मटियारा का जीवन समाजसेवा, जनकल्याण और संगठन के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण रहा है। उन्होंने मत्स्यपालक समुदाय सहित समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया। श्री मटियारा के निधन से प्रदेश ने एक अनुभवी, कर्मठ और जनप्रिय जनप्रतिनिधि को खो दिया है।
मुख्यमंत्री ने परिजनों से चर्चा करते हुए कहा कि स्वर्गीय श्री मटियारा ने अपने सार्वजनिक जीवन में सदैव जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। वे सरल, सौम्य और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे तथा सामाजिक सरोकारों से निरंतर जुड़े रहे। उनके कार्य और विचार समाज के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि 63 वर्षीय स्वर्गीय श्री मटियारा का गत 17 मई को हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान हृदय गति रुकने से निधन हो गया था। वे कांकेर जिले सहित प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे। वे छत्तीसगढ़ प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड के दो बार अध्यक्ष रहते हुए मछुआरा समुदाय के कल्याण एवं आजीविका संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। इससे पूर्व वे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में भी राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके थे। इस अवसर पर अंतागढ़ विधायक श्री विक्रम उसेंडी, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री मटियारा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्री मटियारा का जीवन समाजसेवा, जनकल्याण और संगठन के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण रहा है। उन्होंने मत्स्यपालक समुदाय सहित समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया। श्री मटियारा के निधन से प्रदेश ने एक अनुभवी, कर्मठ और जनप्रिय जनप्रतिनिधि को खो दिया है।
मुख्यमंत्री ने परिजनों से चर्चा करते हुए कहा कि स्वर्गीय श्री मटियारा ने अपने सार्वजनिक जीवन में सदैव जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। वे सरल, सौम्य और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे तथा सामाजिक सरोकारों से निरंतर जुड़े रहे। उनके कार्य और विचार समाज के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि 63 वर्षीय स्वर्गीय श्री मटियारा का गत 17 मई को हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान हृदय गति रुकने से निधन हो गया था। वे कांकेर जिले सहित प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे। वे छत्तीसगढ़ प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड के दो बार अध्यक्ष रहते हुए मछुआरा समुदाय के कल्याण एवं आजीविका संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। इससे पूर्व वे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में भी राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके थे। इस अवसर पर अंतागढ़ विधायक श्री विक्रम उसेंडी, कांकेर विधायक आशाराम नेताम सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे
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