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राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए की तरफ से द्रोपति मुर्मू का नाम तय
ब्रेकिंग न्यूज़ *एनडीए की तरफ से द्रोपति मुर्मू राष्ट्रपति की उम्मीदवार घोषित* उड़ीसा के रायरंगपुर से दो बार की विधायक, झारखंड की पहली महिला राज्यपाल, दो बार उड़ीसा सरकार में राज्य मंत्री, ओडिशा बीजेपी की आदिवासी नेता 20 जून 1958 का जन्म देश के इतिहास में पहली बार कोई आदिवासी महिला राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसकी घोषणा की
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  • सुगंधा मिश्रा.-बिल्ली की आवाज निकालने लगती हैं - वीडियो को देख फैंस हंस-हंसकर लोटपोट होते हुए नजर आ रहे हैं.

    सुगंधा मिश्रा (Sugandha Mishra) तभी वहां पर बिल्ली का गेटअप लुए पहुंचती हैं और बिल्ली की आवाज निकालने लगती हैं. संकेत (Sanket) पहले तो इसे टॉलरेट करते हैं, लेकिन बाद में इरिटेट होकर कुत्ते की आवाज निकालते हैं, जिसे सुन सुगंधा वहां से भाग जाती हैं. सुगंधा ने वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा- रिलेटेबल.  वहीं इस वीडियो को देख फैंस हंस-हंसकर लोटपोट होते हुए नजर आ रहे हैं. सुगंधा  की इस वीडियो को हजारों व्यूज मिल चुके हैं. एक यूजर ने रिएक्शन देते हुए लिखा-गॉड मैं अपनी हंसी को नहीं रोक पा रहा हूं.

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  • जया पार्वती व्रत आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है

    जया पार्वती व्रत (Jaya Parvati Vrat 2022) आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है. इसे विजया व्रत के नाम से भी जाना जाता है. यह व्रत सुहागिन महिलाओं और कन्याओं के लिए बहुत अधिक मायने रखता है. सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए यह व्रत करती हैं. जबकि कन्यायें अच्छे वर पाने की लालसा से यह व्रत रखती हैं. भगवान शिव और माता पार्वती को प्रसन्न रखने के लिए यह कठिन व्रत 5 दिनों में पूरा किया जाता है.

    जया पार्वती व्रत का पूजा तिथि और शुभ मुहूर्त

    जया पार्वती व्रत आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष के त्रयोदशी के दिन प्रारंभ होकर के कृष्ण पक्ष के तृतीया के दिन समाप्त होता है. पांच दिनों तक चलने वाला जया पार्वती व्रत 12 जुलाई दिन मंगलवार को प्रारंभ होकर 17 जुलाई दिन रविवार को खत्म होगा.

    जया पार्वती पूजा विधि और महत्व

     

    जया पार्वती का व्रत करने वाली महिलाएं व्रत के शुरू होने के दिन एक बर्तन में गेहूं की बाली को रखकर उसे ऊपर से ढक देती हैं. उसे अपने घर के किसी कोने पर स्थापित करती हैं या मंदिर में ले जाकर स्थापित करती हैं और इस पर रोज सुबह हल्दी कुमकुम का टीका लगाती हैं. उन्हें रुई की माला पहनाई जाती है. सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना से यह व्रत रखती हैं.

    भगवान शिव और माता पार्वती की 5 दिनों तक विधि-विधान से पूजा करने पर व्रती को मनोवांछित फल प्राप्त होता है. व्रत के समय सुहागिन महिलाएं एक दूसरे को अपने घर पर बुलाती हैं. उन्हें सदा सुहागन रहने का आशीर्वाद देती हैं. व्रत पारण करते समय रात्रि का जागरण किया जाता है. अगले दिन व्रत समाप्त किया जाता है.

  • डांस दीवाने जूनियर के मंच पर पहुंची जैस्मिन भसीन, Video में देखें

    जैस्मिन भसीन का नया गाना इस बारिश में फिलहाल काफी छाया हुआ है. ऐसे में छोटे पर्दे के दमदार शो डांस दीवाने जूनियर में जैस्मिन भसीन ने अपने इस लेटेस्ट सॉन्ग को को प्रमोट किया. इस दौरान जैस्मिन भसीन शो के होस्ट करण कुंद्रा के साथ इस बारिश में गाने पर थिरकती नजर आ रही हैं. हाल ही में कलर्स टीवी ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर इस अपकमिंग एपिसोड के वीडियो को जारी किया है. इस वीडियो आप देख सकते हैं कि जैस्मिन और करण का यह रोमांटिक डांस काफी शानदार लग रहा है. इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर जैस्मिन भसीन का यह वीडियो फैन्स को काफी पसंद आ रहा है.

     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     

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  • कितनी तरह की होती है कांवड़ यात्रा

    खड़ी कांवड़: कुछ भक्त खड़ी कांवड़ लेकर चलते हैं. इस दौरान उनकी मदद के लिए कोई सहयोगी उनके साथ चलता है. जब वे आराम करते हैं,तो सहयोगी अपने कंधे पर उनकी कांवड़ लेकर कांवड़ को चलने के अंदाज में डुलाते रहते हैं.

     

    डाक कांवड़: मान्यता है कि डाक कांवड़ यात्रा की शुरुआत से कांवड़िए शिव के जलाभिषेक तक बिना रुके लगातार चलते रहते हैं. शिवधाम तक की यात्रा एक निश्चित समय में तय करते हैं.

    14 जुलाई 2022 से भोलेनाथ के प्रिय माह सावन की शुरुआत हो जाएगी. इसी के साथ देवाधिदेव महादेव को प्रसन्न करने के लिए हर साल की तरह इसी दिन से कांवड़ यात्रा का भी आरंभ है. हिंदू धर्म में कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व है. इस दिन लाखों श्रद्धालु गंगा नदी से जल भरकर शिव मंदिर पहुंचते हैं और महादेव की कृपा पाने के लिए उस जल से रुद्राभिषेक करते हैं. कांवड़ ले जाते समय कुछ न‌ियम भी जरूरी होते हैं जिनका पालन करना आवश्यक है.