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करोड़ों अरबों का ठेका - सड़कों से गुजरना मुश्किल | शासन - प्रशासन की चुप्पी आश्चर्यजनक
टाटीबंध चौक करोड़ों का ठेका और सड़कों की हालत बदहाल राजधानी रायपुर का टाटीबंध चौक, जो बरसों से ही अव्यवस्थित रहा है , यहां रोज नए प्रयोग होते रहे हैं और जितने भी प्रयोग हुए हैं सब फेल साबित हुए हैं | यातायात समस्या से जूझने वाला टाटीबंध चौक पिछले 20 वर्षों से इसी तरह अव्यवस्थित यातायात का उदाहरण रहा है | यहां यातायात पुलिस यातायात को व्यवस्थित नही कर पाई और ना ही शासन - प्रशासन कोई ठोस रास्ता निकाल पाया | बहुत जद्दोजहद के बाद टाटीबंध चौक पर फ्लाईओवर के माध्यम से यातायात समस्या को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है, परंतु संबंधित ठेकेदार द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, यातायात विभाग, पार्षद विधायक, महापौर, सांसद सबकी आंखों में धूल झोंकते हुए परिवर्तित मार्ग की व्यवस्था नहीं की जा रही है | और जो व्यवस्था है उसे आप इस वीडियो और फोटो के माध्यम से समझ सकते हैं कि किस तरह गड्ढे युक्त सड़कों से लोगों को निकलने की मजबूरी है | इस मार्ग से गुजरना मतलब जान जोखिम में डालकर निकलना कहलाता है, चाहे पैदल चलने वाला हो, टू व्हीलर से चलने वाला हो, फोर व्हीलर से चलने वाला हो, थ्री व्हीलर से चलने वाले हों, बस - ट्रक सबके लिए यहां से निकलना दुर्घटनाओं से सामना करते हुए निकलना, अपनी जान जोखिम में डालकर सुरक्षित निकलना कहा जा सकता है| प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री की भी चुप्पी आश्चर्य का विषय है | अनेक विधायक, मंत्री इस मार्ग से गुजरते हैं, परंतु जब वह टाटीबंध चौक पहुंचते हैं तो या तो इनकी आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है, या आंखें बंद कर लेते हैं, या आंखों में पट्टी बांध लेते हैं, या फिर जानबूझकर अनदेखा कर आगे निकल जाते हैं, समझ नहीं आता | वक्त है बदलाव का के नारे के साथ प्रदेश की सत्ता में काबिज हुई भूपेश बघेल सरकार भी कोई बदलाव नहीं कर पाई, साढ़े 3 साल से ज्यादा का समय कांग्रेस सरकार का गुजर गया परंतु इस मार्ग से गुजरने वालों को कोई राहत नहीं मिली | *किसी भी सड़क के निर्माण कार्य का टेंडर दिए जाने के नियमों में यह स्पष्ट उल्लेख रहता है कि पक्का परिवर्तित मार्ग ठेकेदार को बनाकर देना है ताकि आवागमन बाधित ना हो |* *अब यह समझ नहीं आता कि इस नियम की अवहेलना के लिए ठेकेदार पर कोई सख्त कार्यवाही क्यों नहीं हो रही ?* करोड़ों - अरबों का ठेका लेने वाले ठेकेदार द्वारा पक्का परिवर्तित मार्ग ना बनाने के पीछे किस-किस के संबंध हो सकते हैं कहा नहीं जा सकता | क्योंकि अगर संबंध नहीं होता तो जनप्रतिनिधि आवाज जरूर उठाते, परन्तु सभी जनप्रतिनिधियों सहित अधिकारियों की भी चुप्पी ठेकेदार से मिलीभगत का संदेह पैदा करती है | बहरहाल जनता तो जनता है उसे हर समस्या से जूझना है, हर तकलीफ का सामना करना है, जान जोखिम में डालना है, दुर्घटनाओं में अपनी जान भी गवाना है, और शासकीय गलतियां दिखने के बावजूद मजबूरी वश अनवरत अपने घरेलू कार्यों के लिए, व्यवसाय के लिए जान जोखिम में डालकर इन गड्ढे भरी सड़कों जिसमें कब कौन कहां गिर जाए ?, कब किस पर पीछे से आने वाली ट्रक - बस चढ़ जाए ? या गड्ढों में गिरकर कब कौन घायल हो जाए ? या मौत के साए में समा जाए ? कहा नहीं जा सकता | *लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू को चाहिए कि वह स्वयं संज्ञान लेकर संबंधित ठेकेदार सहित संबंधित अधिकारी जो मॉनिटरिंग करते हैं, लाखों की तनखा लेते हैं उन पर इस लापरवाही और अनदेखी के लिए कड़ी कार्रवाई करें | साथ ही पक्का सुविधा युक्त परिवर्तित मार्ग बनवा कर आवागमन को व्यवस्थित करें, और जनता को राहत दिलाएं | CG 24 News
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  • इस बार रक्षाबंधन के अवसर पर . काजू पिस्ता रोल मिठाई की रेसिपी जरूर ट्राई करें

    इस स्पेशल मिठाई की रेसिपी को इस बार जरूर ट्राई करें. पूरे भारत में 11 अगस्त को मनाया जाने वाला रक्षाबंधन के त्योहार का सभी भाई बहन बेसब्री से हर साल इंतजार करते हैं. इसी इंतजार को बहना के द्वारा बांधी गई राखी और मिठाई से पूरा किया जाता है. ऐसे में मिठाई का तो बहुत ही महत्पर्पूण रोल होता है इस त्योहार में. इसलिए आज हम आपको इस बार काजू पिस्ता रोल (Kaju Pista Roll) की मिठाई की रेसिपी के बारे में बता रहे हैं. आइए जानते हैं काजू पिस्ता रोल की रेसिपी(Recipe). 

    काजू पिस्ता रोल बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
    काजू 750 ग्राम
    पिस्ता 300 ग्राम
    शुगर क्यूब्स 800 ग्राम
    इलायची पाउडर
    चांदी की परत सजाने के लिए

    काजू पिस्ता रोल बनाने का तरीका
    काजू पिस्ता रोल बनाने के लिए सबसे पहले आप काजू को भिगो कर छोड़ दें. वहीं पिस्ता को ब्लांच कर के उसका छिलका उतार लें. अब इन दोनों का पेस्ट तैयार कर लें. इसके लिए दोनों को ही अलग अलग मिक्सी में पीस लें. अब दोनों पेस्ट को चीनी डालकर अलग अलग कढ़ाई में अच्छी तरह पकने तक घाटते रहें. आखिर में इसमें फिर इलायची का पाउडर डालें और मिलाएं. आपको लगे कि यह मिक्सचर आकार देने लायक हो गए हैं तो गैस बंद कर दें. जब यह हल्का गर्म हो तो इसे चौकर बर्तन में निकाल कर फैलाएं. पहले काजू की परत बिछाएं फिर पिस्ता की परत काजू की परत पर डालें अब दोनों को अच्छे से फैलाकर थोड़ा ठंडा होने दें. हल्के ही गर्म में इसके छोटे छोटे रोल बनाएं और फिर चांदी की परत लगाएं. लीजिए तैयार है आपके काजू पिस्ता रोल. ध्यान रखें कि रोल बनाने के बाद इसे कुछ देर के लिए फ्रिज में सेट होने के लिए जरूर रखें.

  •  रक्षाबंधन 11 अगस्त 2022 को मनाया जाएगा

     रक्षाबंधन 11 अगस्त 2022 को मनाया जाएगा. रक्षाबंधन पर बहन भाई को तिलक लगाकर आरती उतारती है और कलाई पर राखी बांधती है. रक्षाबंधन पर अच्छा मुहूर्त देखकर ही राखी बांधनी चाहिए. इस साल रक्षाबंधन पर भद्राका संकट मंडरा रहा है. भद्रा काल को शास्त्रों में अशुभ माना गया है. इसमें राखी बांधने या कोई शुभ कार्य के परिणाम अच्छे नहीं होते, आइए जानते हैं क्यों भद्रा काल को माना जाता है अशुभ.

     

    रक्षाबंधन 2022 भद्रा काल (Raksha Bandhan 2022 Bhadra kaal time)

    • रक्षाबंधन के दिन भद्रा पूंछ- 11 अगस्त 2022, शाम 05.17 से  06.18 तक
    • रक्षाबंधन भद्रा मुख - शाम 06.18 से रात 8.00 बजे तक
    • रक्षाबंधन भद्रा समाप्ति - 11 अगस्त 2022, रात 08.51 पर
    • रक्षाबंधन के लिए प्रदोष काल का मुहूर्त- 11 अगस्त 2022 रात 08.52 से 09.14 तक है. राखी बांधने के लिए सबसे उत्तम समय है.
  • भद्रा काल को क्यों माना जाता है अशुभ ?

    भद्रा सूर्यदेव की पुत्री और शनिदेव की बहन हैं. शनि की भांति इसका स्वभाव भी क्रूर है. धर्म शास्त्र के अनुसार वैसे तो भद्रा का शाब्दिक अर्थ कल्याण करने वाली है लेकिन इसके विपरित भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भद्रा राशियों के अनुसार तीनों लोको में भ्रमण करती है. मृत्युलोक (पृथ्वीलोक) में इसके होने से शुभ कार्य में विघ्न आते है.

     

    भद्रा का रक्षाबंधन से बहुत गहरा नाता है. पौराणिक कथा के अनुसार भद्रा काल में लंका नरेश रावण की बहन ने उसे राखी बांधी थी जिसके बाद रावण को इसका अशुभ परिणाम भुगतना पड़़ा था. रावण की लंका का नाश हो गया था.

  • राजू श्रीवास्तव की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

    मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव (Raju Srivastav) को लेकर एक चौंका देने वाली जानकारी सामने आई है. राजू श्रीवास्तव की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है. राजू श्रीवास्तव को हार्ट अटैक आया था जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

    दिल्ली के एक जिम में वर्कआउट के दौरान राजू ट्रेड मिल पर कसरत करते हुए गिर पड़े थे. बेहोश होकर गिर पड़े थे. राजू के एक करीबी ने बताया कि उन्हें वर्कआउट के दौरान हार्ट अटैक आया. जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया. मगर अब वो होश में आ गए हैं. जल्द ही उनका हेल्थ अपडेट डॉक्टर्स देंगे.

    1 अगस्त को आए थे दिल्ली

    राजू श्रीवास्तव 1 अगस्त को दिल्ली आए थे. 29 जुलाई तारीख को वो मुंबई से उदयपुर गए थे. 30 को वहां एक शो किया था. फिर 1 अगस्त को दिल्ली रवाना हो गये थे.  दिल्ली में राजू के दो भाई रहते हैं. राजू भाइयों और तमाम दोस्तों से मिलने के लिए दिल्ली में रुके हुए थे.

     

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    पहले लग चुके हैं स्टेंट्स

    राजू श्रीवास्तव की दिल से जुड़ी पहले से एक मेडिकल हिस्ट्री रही है. उन्हें पहले स्टेंट्स लग चुके हैं. राजू के करीबी ने बताया है कि इस वक्त एम्स के डॉक्टर उनके ऑपरेशन को लेकर फैसला कर रहे हैं कि किस तरह का ऑपरेशन किया जाए.

    राजू श्रीवास्तव की तबीयत के बारे में पता लगने के बाद उनके फैंस काफी परेशान हो गए हैं. वह उनके जल्दी ठीक होने की कामना कर रहे हैं.

    राजू श्रीवास्तव कॉमेडी के किंग कहलाते हैं. वह कई फिल्मों और टीवी शोज में काम कर चुके हैं. वह अपने कॉमिक टाइमिंग से हमेशा लोगों को हंसाते हैं. राजू श्रीवास्तव ने अपने करियर की शुरुआत स्टेज शो से ही की थी.