सदन में दिखीं क्षेत्र की चिंता, विधायक अनुज नें शिक्षकों की कमीं, प्रदूषित सेरीखेड़ी जलाशय, कृषिपंप कनेक्शन जैसें मुद्दों कों सदन में उठाया ; मुख्यमंत्री-मंत्रियों सें मांगे जवाब
सदन में दिखीं क्षेत्र की चिंता, विधायक अनुज नें शिक्षकों की कमीं, प्रदूषित सेरीखेड़ी जलाशय, कृषिपंप कनेक्शन जैसें मुद्दों कों सदन में उठाया ; मुख्यमंत्री-मंत्रियों सें मांगे जवाब
विधायक ने आज विधानसभा के सत्र के दौरान अपने क्षेत्र की विभिन्न जन-समस्याओं को जोर-शोर से उठाते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
सदन में विधायक अनुज नें पहला सवाल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से करते हुए पूछा कि विधानसभा क्षेत्र धरसींवा हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 में 11-02-2026 अवधि तक कृषि पम्प के स्थाई व अस्थाई कनेक्शन हेतु कितने आवेदन प्राप्त हुये? इनमें से कितनों को स्थाई व अस्थाई कनेक्शन प्रदान किया जा चुका है तथा कितने आवेदन लंबित व निरस्त हुये हैं , लंबित आवेदनों का निराकरण कब तक होगा तथा कृषि पम्प उर्जीकरण हेतु कितना लक्ष्य निर्धारित किया गया है ?
जिसके जवाब में मुख्यमंत्री नें बताया कि विधानसभा क्षेत्र धरसींवा हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 में 11-02-2026 अवधि तक कृषि पम्प के 54 स्थायी व 240 अस्थायी, इस प्रकार कुल 294 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 18 स्थायी व सभी 240 अस्थायी, इस प्रकार कुल 258 कनेक्शन प्रदाय किया जा चुका है तथा स्थायी कनेक्शन हेतु 36 कृषि पंपों के आवेदन लंबित है। विधानसभा क्षेत्र धरसींवा के अंतर्गत कृषि पंप उर्जीकरण वर्ष 2025-26 में कुल 158 नग पंप कनेक्शन के लक्ष्य प्राप्त हुए, जिनमें से 106 नग कृषि पंपों के कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। शेष 52 कृषि पंपों के कार्य प्रगतिरत है।
वहीं दूसरा प्रश्न वन मंत्री केदार कश्यप से पूछा की
क्या सेरीखेड़ी जलाशय (धरसींवा) में आर.सी.सी. रेडी मिक्स प्लांटों द्वारा प्रदूषण और अवैध निर्माण की शिकायतें विभाग कों हैं? विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई हैं? व आर्द्रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम 2017 के प्रावधान लागू हैं? इसके प्रावधान और न्यायालय के निर्देश क्या हैं?
जिसका जवाब वन मंत्री केदार कश्यप ने दिया की राज्य वेटलैंड प्राधिकरण को सीधे कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन 'छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल' को शिकायतें प्राप्त हुई हैं। हाँ, राज्य में ये नियम 2017 प्रावधान लागू हैं। इसरो (ISRO) द्वारा चिन्हांकित 2.25 हेक्टेयर से अधिक के सभी वेटलैंड्स पर 'Wetlands (Conservation and Management) Rules, 2017' के नियम-4 के प्रावधान लागू होते हैं।मुख्य प्रावधान में आर्द्रभूमि में अतिक्रमण, उद्योगों की स्थापना/विस्तार, निर्माण अपशिष्ट का निपटान, ठोस अपशिष्ट का पाटन, अशोधित अपशिष्ट/बहिस्राव का निस्सारण, और पचास मीटर के दायरे में स्थायी निर्माण कार्य पूर्णतः प्रतिषिद्ध हैं। 2.25 हेक्टेयर से बड़े सभी वेटलैंड्स पर ये नियम लागू हैं, चाहे उनका औपचारिक नोटिफिकेशन हुआ हो या नहीं। छत्तीसगढ़ में ऐसे 11,264 वेटलैंड्स चिन्हित हैं।
विधायक नें तीसरा सवाल प्रश्न पूछा कि राज्य में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग को राज्य शासन द्वारा कितनी-कितनी भूमि किस-किस उपयोग/प्रयोजन हेतु आबंटित की गई है व अल्पसंख्यक समुदाय के किस-किस वर्ग के द्वारा कितनी-कितनी भूमि की मांग किस-किस प्रयोजन हेतु की गई है? और शासन द्वारा किन-किन शर्तों के अधीन भूमि प्रदाय की जाती है तथा प्रदत्त भूमि का उपयोग निर्धारित कार्य के लिये ही किया जा रहा है, की जांच करने हेतु शासन द्वारा क्या प्रबंध किये जाते हैं?
जिसका जवाब मंत्री टंकराम वर्मा नें दिया कि वर्ष 2024-2025 में पिछड़ा एवं अल्प संख्यक वर्ग को राज्य शासन द्वारा भूमि आबंटन नहीं किया गया है। वर्ष 2025-26 में पिछड़ा वर्ग - 1) विश्वकर्मा सेवा समिति अंबिकापुर को सामाजिक भवन हेतु अंबिकापुर स्थित नजूल भूखण्ड क्रमांक 2027/14 रकबा 0.25 एकड़ भूमि आबंटन की स्वीकृति दिनांक 22.07.2025 को प्रदान की गई है। 2) आवदेक संस्था छ0ग० मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज तिल्दा सामाजिक, सांस्कृतिक प्रयोजन हेतु ग्राम तुलसी स्थित भूमि ख.न. 469/1 का भाग रकबा 0.165 हे0 भूमि का आबंटन की स्वीकृति दिनांक 21.11.2025 को प्रदान की गई है। अल्पसंख्यक वर्ग- 1) श्री दिगम्बर जैन चन्द्रगिरी तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट डोंगरगढ़ को धार्मिक प्रयोजन हेतु ग्राम राजकट्टा, चैथना, तहसील डोंगरगढ़, जिला- राजनांदगांव को खसरा नंबर 38/1 रकबा 5.261 हे0 भूमि आबंटन की स्वीकृति दिनांक 23.07.2025 को प्रदान की गई है। 2) अध्यक्ष, दिगम्बर जैन समाज जगदलपुर को जैन मंदिर निर्माण करने हेतु शीट नंबर 78 प्लाट नंबर 168 रकबा 7500 वर्गफूट भूमि का आबंटन की विधायक ने न केवल समस्याओं को सदन के पटल पर रखा, बल्कि उनके त्वरित निराकरण की मांग भी की।
सदन में इन विषयों को उठाकर विधायक ने यह संदेश दिया है कि वे अपने क्षेत्र के विकास, शिक्षा की गुणवत्ता, किसानों के हितों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूर्णतः समर्पित हैं।
यें प्रश्न बताते हैं की विधायक अनुज शर्मा अपने क्षेत्र की जन समस्याओं पर कितने चिंतित रहते है तथा उनके निराकरण के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।
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