नन्हों की अगुवाई में नन्हो का नगर कीर्तन बना मिसाल
Nagar Kirtan of the little ones, led by the little ones, became an example.
*नन्हों की अगवाई में चार नन्हे साहेबजादों के शहादत सप्ताह के अंतिम दिन नन्हो द्वारा नगर कीर्तन*
नन्हे बने पंज प्यारे - पारंपरिक वेशभूषा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सेवा करते हुए नगर कीर्तन का किया संचालन
गुरुद्वारा बाबा बुड्डा जी साहिब गुरुद्वारा से शुक्रवार को नन्हे बच्चों की अगुवाई में नगर कीर्तन निकाला गया
पूरे नगर कीर्तन की कमान नन्हे बच्चों के हाथों में रही। छोटे-छोटे बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में पूरी श्रद्धाभाव के साथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को पालकी में सजा कर, उनकी सेवा करते हुए, गुरुबाणी का पाठ करते हुए नगर कीर्तन निकाला |
नगर कीर्तन के दौरान बच्चों ने ही गतका का शौर्य प्रदर्शन किया।
नगर कीर्तन में सबसे आगे गतका दल चल रहा था। उसके पीछे हाथों में साहिचजादों की शहादत के किस्सों की तख्तो थामे बच्चे चल रहे थे।
निशान साहिब भी 5 बच्चियां ने उठाकर अपने धर्म प्रेम का परिचय दिया, 5 नन्हे पंजप्यारे हाथों में कृपाण लेकर पंजप्यारों के रूप में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की अगुवाई कर रहे थे, नन्हे बच्चों के पीछे महिलाएं गुरुवाणी पाठ कर लोगों को गुरु का संदेश दे रहीं थीं।
नगर कीर्तन तेलीबांधा गुरुद्वारे से गुरुनानक नगर, श्याम नगर, भाई तारु सिंह चौक, कटोरा तालाब, कैनाल रोड होकर वापस बाबा बुड्ढा जी साहेब गुरुद्वारा तेलीबांधा लौटा।
चार साहबजादों की शहादत सप्ताह के अंतिम दिन निकाले गए नन्हों के इस नगर कीर्तन का जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया,
नगर कीर्तन के पूरे मार्ग में अनेक जगह लोगों ने गरम दूध, फल और प्रसाद का वितरण किया |
सिक्खों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह और उनके चार साहबजादों व माता गुजरी की शहादत की याद में मनाए जाने वाले शहीदी सप्ताह के दौरान छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में उनकी याद में अनेक कार्यक्रम हुए |
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