'सतलज' फिल्म पर रोक के विरोध में रायपुर के गुरुद्वारों में होगा विशेष प्रदर्शन, सिक्ख समाज ने की अधिक से अधिक लोगों से पहुंचने की अपील

'सतलज' फिल्म पर रोक के विरोध में रायपुर के गुरुद्वारों में होगा विशेष प्रदर्शन, सिक्ख समाज ने की अधिक से अधिक लोगों से पहुंचने की अपील

'सतलज' फिल्म पर रोक के विरोध में रायपुर के गुरुद्वारों में होगा विशेष प्रदर्शन, सिक्ख समाज ने की अधिक से अधिक लोगों से पहुंचने की अपील

रायपुर। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने के दो दिन बाद फिल्म 'सतलज' को हटाए जाने के बाद देशभर में इसे लेकर बहस तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोग फिल्म के पक्ष में अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं। कई स्थानों पर सिक्ख समाज के विभिन्न संगठनों ने अभिनेता दिलजीत दोसांझ तथा फिल्म के निर्माता-निर्देशक के समर्थन में अपनी बात रखी है।

इसी क्रम में राजधानी रायपुर में भी रविवार शाम टाटीबंध गुरुद्वारा एवं गुरु नानक नगर गुरुद्वारा, श्याम नगर में प्रोजेक्टर के माध्यम से फिल्म 'सतलज' का विशेष प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजनकर्ताओं के अनुसार इसका उद्देश्य लोगों को फिल्म में प्रस्तुत घटनाओं और उस दौर से जुड़े तथ्यों को देखने एवं समझने का अवसर उपलब्ध कराना है।

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज का कहना है कि वर्ष 1980 एवं 1990 के दशक में पंजाब में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान अनेक निर्दोष सिक्ख युवाओं के साथ अन्याय हुआ। समाज का आरोप है कि उस समय कई युवाओं को घरों से उठाकर कथित फर्जी मुठभेड़ों में मार दिया गया। समाज का मानना है कि फिल्म उन घटनाओं तथा मानवाधिकार कार्यकर्ता जसपाल सिंह खालड़ा द्वारा उठाए गए मुद्दों को सामने लाने का प्रयास करती है।

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने प्रदेशवासियों एवं समाज के लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर फिल्म देखें, उसमें प्रस्तुत तथ्यों को समझें और उसके बाद अपने विचार स्वयं बनाएं। समाज का कहना है कि इतिहास के संवेदनशील अध्यायों पर खुली और शांतिपूर्ण चर्चा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करती है।

गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान चरणजीत सिंह चन्नी ने बताया कि फिल्म प्रदर्शन के पश्चात सभी उपस्थित श्रद्धालुओं एवं दर्शकों के लिए गुरु के लंगर की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने सभी लोगों से शांतिपूर्ण एवं अनुशासित ढंग से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।