न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी से न्याय व्यवस्था अधिक संवेदनशील और संतुलित बनती है – मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा

न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी से न्याय व्यवस्था अधिक संवेदनशील और संतुलित बनती है – मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा

न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी से न्याय व्यवस्था अधिक संवेदनशील और संतुलित बनती है – मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के यूनिटी ऑडिटोरियम में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस–2026 के अवसर पर गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय न्यायाधीशगण एवं विशिष्ट अतिथियों के आगमन के पश्चात राष्ट्रीय गान और पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

इस अवसर पर न्यायपालिका से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली कुल 54 महिलाओं को सम्मानित किया गया। इनमें उच्च न्यायालय की न्यायाधीश, महिला न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता तथा न्यायालय में कार्यरत विभिन्न श्रेणियों की महिला कर्मचारी शामिल रहीं। यह आयोजन न्यायिक व्यवस्था और समाज में महिलाओं की सशक्त भूमिका, उनकी उपलब्धियों तथा उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर बना।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश माननीय श्री रमेश सिन्हा ने कहा कि न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी केवल समानता का प्रश्न नहीं है, बल्कि इससे न्याय व्यवस्था अधिक संवेदनशील, संतुलित और सशक्त बनती है। उन्होंने वर्ष 2026 के थीम “Give to Gain” का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें बेंच व बार में समान अवसर प्रदान करना न्यायपालिका, विधि के शासन तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करता है।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जब महिलाओं को न्यायपालिका में समान अवसर दिए जाते हैं और उनके सशक्तिकरण को प्रोत्साहित किया जाता है, तो इसका लाभ केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह पूरे समाज और कानून के शासन को मजबूत बनाता है। उन्होंने न्यायिक व्यवस्था में कार्यरत महिलाओं की बुद्धिमत्ता, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि वे न्याय को निष्पक्ष और संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल महिलाओं के सम्मान का अवसर नहीं है, बल्कि यह समाज में समानता, सुरक्षा और समावेशिता सुनिश्चित करने के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहराने का भी अवसर है। मुख्य न्यायाधीश के मार्गदर्शन में राज्य के सभी जिला न्यायालयों में भी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित करने हेतु कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशगण, वरिष्ठ अधिवक्ता, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, रजिस्ट्रार जनरल, न्यायिक अधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित