न्यूयॉर्क में तिरंगे के अपमान की छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने की कड़ी निंदा
न्यूयॉर्क में तिरंगे के अपमान की छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने की कड़ी निंदा
भारत का सिक्ख समाज खालिस्तान समर्थक नहीं, तिरंगे का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं — सुखबीर सिंह सिंघोत्रा
रायपुर। अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित मैडिसन स्क्वायर गार्डन के बाहर 29 अगस्त 2026 को खालिस्तान की मांग को लेकर किए गए प्रदर्शन के दौरान भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को पैरों से रौंदने, फाड़ने और उसका अपमान किए जाने की सामने आई तस्वीरों एवं वीडियो की छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने कड़ी निंदा की है।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने कहा कि भारत का सिक्ख समाज खालिस्तान समर्थक नहीं है। भारत का सिक्ख समाज देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता और राष्ट्रीय सम्मान के साथ खड़ा है। कुछ लोगों की गतिविधियों के कारण पूरे सिक्ख समाज को खालिस्तान समर्थक बताना भी पूरी तरह अनुचित है।
उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क में खालिस्तान की मांग के नाम पर भारतीय तिरंगे को पैरों से रौंदना, फाड़ना और उसका अपमान करना अत्यंत निंदनीय है। किसी भी विचारधारा, राजनीतिक मांग अथवा विरोध के नाम पर भारत के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सिंघोत्रा ने कहा कि तिरंगा केवल कपड़े का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि भारत की संप्रभुता, गौरव, एकता और करोड़ों देशवासियों की भावनाओं का प्रतीक है। विदेश की धरती पर भी भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान किया जाना चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार सभी को है, लेकिन राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज न्यूयॉर्क में खालिस्तान की मांग के नाम पर किए गए प्रदर्शन के दौरान भारतीय तिरंगे को पैरों से रौंदने, फाड़ने और उसका अपमान करने की घटना का स्पष्ट रूप से विरोध करता है। ऐसी घटनाओं से भारत और विदेशों में रहने वाले शांतिप्रिय भारतीय सिक्ख समाज की भावनाएं भी आहत होती हैं।
सिंघोत्रा ने अमेरिकी प्रशासन एवं संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों से मांग की कि घटना की निष्पक्ष जांच कर तिरंगे का अपमान करने वाले वास्तविक दोषियों की पहचान की जाए और स्थानीय कानूनों के अनुसार उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की तथ्यात्मक जांच आवश्यक है, ताकि दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई हो और किसी निर्दोष व्यक्ति को गलत तरीके से आरोपित न किया जाए।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, नरेंद्र सिंह हरगोत्रा, स्वर्ण सिंह चावला, कुलवंत सिंह खालसा, मनजीत सिंह भाटिया, बाबा बुड्ढा जी साहेब गुरुद्वारा के प्रधान हरकिशन सिंह राजपूत, देवेंद्र सिंह चावला, जसप्रीत सिंह चावला, इकबाल सिंह होरा, रणजीत सिंह खनूजा, अमृत सिंह सूर, इंदर पाल सिंह गांधी, गुरमीत सिंह छाबड़ा, मानवेंद्र सिंह डडियाला, जागीर सिंह बावा, नरेन्द्र सिंह चावला, बंटी जुनेजा, हरमिंदर सिंह राजू छाबड़ा, बलजीत सिंह चावला, इंदर सिंह इस्सर, अत्तर सिंह सहित समाज के सदस्यों ने कहा, “भारत का सिक्ख समाज देश की मिट्टी से जुड़ा हुआ है। सिक्खों ने देश की आजादी से लेकर आज तक राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। इसलिए कुछ अलगाववादी तत्वों की हरकतों को पूरे सिक्ख समाज की सोच बताना गलत है।”
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज देश की एकता और अखंडता के लिए प्रतिबद्ध है तथा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के लिए सदैव आवाज उठाता रहेगा।


