केंद्र सरकार के आदेश के बाद भी “राजभवन” के साइन बोर्ड, “लोकभवन” नहीं —व्यवस्था पर उठे सवाल

केंद्र सरकार के आदेश के बाद भी “राजभवन” के साइन बोर्ड, “लोकभवन” नहीं —व्यवस्था पर उठे सवाल

केंद्र सरकार के आदेश के बाद भी “राजभवन” के साइन बोर्ड, “लोकभवन” नहीं—व्यवस्था पर उठे सवाल

केंद्र सरकार द्वारा राजभवन का नाम बदलकर “लोकभवन” किए जाने के निर्देश दिए जाने के बावजूद छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर की सड़कों पर लगे संकेतक (साइन बोर्ड) अब भी पुराने नाम को ही दर्शा रहे हैं। सामने आई तस्वीरों में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि प्रमुख मार्गों पर लगे बोर्डों में “राजभवन” ही लिखा हुआ है, जबकि शासन स्तर पर नाम परिवर्तन का आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है।

नवा रायपुर, जिसे नवा रायपुर के नाम से जाना जाता है, राज्य की आधुनिक और योजनाबद्ध राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां प्रशासनिक भवनों, चौड़ी सड़कों और सुव्यवस्थित संकेतकों के माध्यम से एक स्मार्ट सिटी की छवि प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है। लेकिन ऐसे महत्वपूर्ण नाम परिवर्तन के बाद भी साइन बोर्ड अपडेट न होना, प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है।

तस्वीरों में देखा जा सकता है कि सड़कों पर लगे नीले साइन बोर्ड “राजभवन” की दिशा बता रहे हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में भी “राजभवन” और “मुख्यमंत्री निवास” का उल्लेख जस का तस बना हुआ है। इससे यह सवाल उठता है कि आखिर आदेश जारी होने के बाद भी संबंधित विभागों द्वारा समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

 परिवर्तन केवल कागजों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर भी दिखना चाहिए। यदि सार्वजनिक संकेतकों में ही बदलाव न हो, तो आम जनता के बीच भ्रम की स्थिति बन सकती है और सरकार के फैसलों की गंभीरता पर भी प्रश्नचिह्न लग सकता है।

अब देखना होगा कि संबंधित विभाग कब तक इन साइन बोर्डों को अपडेट कर “लोकभवन” नाम को वास्तविक रूप में लागू करता है, ताकि शासन के आदेश और जमीनी हकीकत में तालमेल स्थापित हो सके। cg24news.in