गली-गली में फैल चुका है अवैध नशे का कारोबार - कांग्रेस

गली-गली में फैल चुका है अवैध नशे का कारोबार - कांग्रेस
गली-गली में फैल चुका है अवैध नशे का कारोबार - कांग्रेस
 
नाबालिक और युवाओं में महामारी का रूप ले चुका है नशाखोरी’


रायपुर/04 सितंबर 2026। 
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भाजपा की सरकार में छत्तीसगढ़ में अवैध नशाखोरी महामारी का रूप ले चुका है, कमीशनरी प्रणाली लागू होने के बाद भी क्राइम बढ़ रहा है। न ही अवैध नशे पर लगाम लग पा रहा है। युवा और नाबालिक बुरी तरह से सुख नशे के चपेट में आ चुके हैं, बड़े शहरों के आउटर संचालित कैफे, फार्महाउस और बार में अवैध नशे का जमकर कारोबार हो रहा है। गांजा, अफीम, चरस, कोकीन, हेरोइन, एमडीएमए, स्मैक, ब्राउन शुगर से लेकर कफ सिरप, नाइट्रोटेन, अल्प्राजोलम, चंदागोली खुलेआम बिक रहा है।

प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि नशे के बढ़ते कारोबार के कारण ही प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं। लूटमार, हत्या, चोरी, डकैती और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध पिछले दो सालों में कई गुना बढ़ा है, जिसका असल कारण नशाखोरी ही है। गुजरात का मुद्रा पोर्ट दुनिया भर में अवैध ड्रग्स के कारोबार का मुख्य केंद्र बना हुआ है, हजारों करोड़ के ड्रग्स अफगानिस्तान से पाकिस्तान होकर मुंद्रापोर्ट के रास्ते पूरे देश में फैल रहे हैं। एक साल पहले राजधानी रायपुर के गंज थाने में विशाल कुमार नाम के एक फर्जी आईबी अधिकारी की गिरफ्तारी हुई थी, प्रशासन का दावा था कि सैकड़ों ड्रग पैडलरों की सूची आरोपी से बरामद हुई है, लेकिन भाजपाइयों के नाम उजागर होने के डर से पूरा मामला दबा दिया गया। भाजपा की सरकारें अवैध नशे के कारोबार  को रोकने में पूरी तरह नाकाम हो चुकी है।

प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि ओवर रेटिंग, नकली और मिलावटी शराब की शिकायत लगातार पूरे प्रदेश से आ रही है लेकिन यह सरकार अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री को रोकने में पूरी तरह नाकाम हो चुकी है।  राजधानी रायपुर और आसपास के जंगलों व नदी-नालों के किनारे चल रही अवैध महुआ शराब भट्टियों में गैरकानूनी उत्पादन निर्बाध चल रहा है। छत्तीसगढ़ की सीमाओं पर बाहरी राज्यों मध्य प्रदेश, उड़ीसा और महाराष्ट्र से आने वाली अवैध शराब की खेपों को रोक पाने में नाकाम है। कोरबा जिले के बांकीमोंगरा, बालोद, दुर्ग, भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव, कवर्धा और बेमेतरा अवैध कारोबार का प्रमुख केंद्र बन गया है। अवैध नशे के कारोबारी इतने बेखौफ हैं कि अब तो अफीम और गांजे की खेती भी खुले आसमान के नीचे डंके की चोट पर करने लगे हैं।