15 जून से पहले मिशन मोड में पूरा होगा फार्मर रजिस्ट्री अभियान

 15 जून से पहले मिशन मोड में पूरा होगा फार्मर रजिस्ट्री अभियान

 15 जून से पहले मिशन मोड में पूरा होगा फार्मर रजिस्ट्री अभियान

फार्मर रजिस्ट्री अभियान

एग्री स्टैक से किसानों को मिलेगी डिजिटल पहचान, खरीफ तैयारी और खाद-बीज व्यवस्था की  गहन समीक्षा

छत्तीसगढ़ में किसानों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री अभियान को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में सूरजपुर कलेक्टर श्रीमती रेना जमील की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में 15 जून से पहले फार्मर रजिस्ट्री अभियान को मिशन मोड में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में खरीफ वर्ष 2026 की तैयारियों, खाद-बीज वितरण व्यवस्था, पेट्रोल-डीजल आपूर्ति, एग्री स्टैक परियोजना तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जिले के सभी पात्र किसानों का एग्री स्टैक पंजीयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी किसान शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

कलेक्टर ने कृषकों से अपील करते हुए कहा कि एग्री स्टैक भारत सरकार की महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक किसान को एक यूनिक फार्मर आईडी प्रदान की जाएगी। यह आईडी किसानों की डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करेगी और इसके माध्यम से पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि ऋण, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपज विक्रय तथा कृषि उपकरणों पर अनुदान जैसी योजनाओं का लाभ सरलता एवं पारदर्शिता से प्राप्त होगा।उन्होंने किसानों से निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर, ग्राम पंचायत, कृषि विभाग अथवा पटवारी कार्यालय में आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और भू-अभिलेख दस्तावेजों के साथ निःशुल्क पंजीयन कराने की अपील की। साथ ही अधिकारियों को पंचायतवार लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर प्रतिदिन समीक्षा करने और सभी लंबित पंजीयन शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

बैठक में खरीफ सीजन के लिए खाद एवं बीज वितरण व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। कलेक्टर ने गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की समय पर उपलब्धता, वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड एवं मृदा परीक्षण आधारित संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए जागरूक किया जाए, ताकि उत्पादन बढ़ने के साथ भूमि की उर्वरा शक्ति भी सुरक्षित रह सके।

कलेक्टर ने जैविक खाद, जैव उर्वरक, हरी खाद और नील हरित काई जैसे वैकल्पिक उपायों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। साथ ही अधिकारियों को खाद, पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी गैस की नियमित निगरानी और औचक निरीक्षण कर कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश भी दिए।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं पीएम सूर्यघर योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ शीघ्र पहुंचाने पर बल दिया गया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र कुमार पाटले सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।