जिला न्यायालय बिलासपुर में हुआ ‘न्यायिक गौरव सम्मान 2.0’, मेधावी बच्चों और उत्कृष्ट कर्मचारियों का सम्मान

जिला न्यायालय बिलासपुर में हुआ ‘न्यायिक गौरव सम्मान 2.0’, मेधावी बच्चों और उत्कृष्ट कर्मचारियों का सम्मान

मन्नू मानिकपुरी संवाददाता बिलासपुर 

बिलासपुर। न्यायिक कर्मचारी संघ, जिला शाखा बिलासपुर द्वारा स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त को नवीन न्यायालय भवन (एनेक्स बिल्डिंग) के तृतीय तल स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में **‘न्यायिक गौरव सम्मान 2.0’** समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में न्यायिक कर्मचारियों के मेधावी बच्चों तथा कर्तव्यनिष्ठ एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश **श्री सिराजुद्दीन कुरैशी** रहे। इस अवसर पर जिला न्यायालय में पदस्थ सभी न्यायाधीशगण भी उपस्थित रहे।

समारोह में शिक्षा सत्र **2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले न्यायिक कर्मचारियों के प्रतिभावान बच्चों** को मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री कुरैशी ने अपनी ओर से सभी मेधावी बच्चों को उपहार भी प्रदान किए।

इस अवसर पर श्री कुरैशी ने बच्चों को पूर्व राष्ट्रपति **डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम** के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। वहीं न्यायिक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष **धीरज पलेरिया** ने सभी सम्मानित बच्चों को भारत के महान व्यक्तित्वों के जीवन पर आधारित पुस्तकें भेंट कीं।

इस वर्ष कार्यक्रम में एक नई पहल करते हुए संघ द्वारा न्यायालय की गरिमा के अनुरूप ईमानदारी, लगन एवं कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करने वाले **14 न्यायिक कर्मचारियों** को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में न्यायिक कर्मचारी **पीताम्बर कश्यप के पुत्र**, जिन्होंने **95 प्रतिशत अंक** प्राप्त करने के साथ विद्यालय में लगातार तीन वर्षों तक **100 प्रतिशत उपस्थिति** दर्ज की, विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। न्यायाधीशगण ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम में न्यायिक कर्मचारीगण के साथ सम्मानित बच्चों के परिजन भी मौजूद रहे। समारोह का संचालन **मीडिया प्रभारी सौरभ मिश्रा एवं श्रीमती प्रियंवदा सेन** ने किया।

न्यायिक कर्मचारी संघ का यह आयोजन प्रतिभा को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ न्यायालयीन कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मचारियों के सम्मान और उत्साहवर्धन की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में सामने आया।