स्कूलों में आरएसएस का एजेंडा नहीं थोपा जाना चाहिए - कांग्रेस
संस्कार दिये जाये लेकिन किसी के पारिवारिक एवं सामाजिक संस्कारों को ठेस नहीं पहुंचाना
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि आजादी के बाद से हमारी शिक्षा प्रणाली में सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार के साथ शिक्षा दी जाती रही है। सामाजिक अध्ययन, संस्कृत एवं मातृभाषा जैसे विषयों में विद्यार्थी सभी सामाजिक एवं धार्मिक परंपराओं का अध्ययन करते रहे है। किसी धर्म के साथ भेदभाव का अध्ययन नहीं कराया गया।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि देश में अलग-अलग धर्मावलंबी अपनी धार्मिकता के आधार शैक्षणिक संस्थान चलाते है, लेकिन सरकारी स्कूलों में मंत्राचार को अनिवार्य करने से दूसरे धर्म के लोगों को ठेस पहुंचेगी। ऐसे में मुस्लिम धर्म के लोग कुरान की आयात तथा सिख धर्म के लोग गुरुवाणी तथा ईसाई धर्म के लोग बाइबल के अंशों को भी वाचन करने की मांग करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार शिक्षा को शिक्षा ही रहने दे उसे धार्मिक सांचे में ढालने का प्रयास मत करे। शिक्षा में वैज्ञानिकता एवं आधुनिकता का नवाचार को निश्चित तौर पर बच्चों में सदाचार एवं संस्कार की शिक्षा डालनी चाहिए लेकिन उनके पारिवारिक एवं सामाजिक संस्कारों के खिलाफ कुछ भी थोपा जाना उचित नहीं होगा। सरकार परस्पर विद्वेष फैलाने का प्रयास मत करे।
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