भाजपा आदिवासी विरोधी विश्व आदिवासी दिवस पर बधाई भी नहीं दिया

भाजपा आदिवासी विरोधी विश्व आदिवासी दिवस पर बधाई भी नहीं दिया

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की पत्रकारों से चर्चा

भाजपा आदिवासी विरोधी विश्व आदिवासी दिवस पर बधाई भी नहीं दिया

रायपुर/10 अगस्त 2026। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज 
ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि 9 अगस्त को पूरी दुनियां के आदिवासियों ने विश्व आदिवासी दिवस मनाया लेकिन भाजपा के किसी भी नेता, आदिवासी नेता यहां तक की राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री का भी आदिवासियों के लिए एक बधाई संदेश नहीं आया। 2023 के पहले तो भाजपा के नेता विश्व आदिवासी दिवस की बधाई देते थे। आरएसएस आदिवासियों की संस्कृति और अस्मिता को नष्ट करना चाहती है। वह आदिवासियों को वनवासी बनाने पर तुली है। इसीलिए वह आदिवासी दिवस का विरोध करती है। आदिवासी दिवस दुनियां के सामने आदिवासी समाज की एकता, संस्कृति को सामने लाने का दिन है। आरएसएस आदिवासी संस्कृति को स्वतंत्र सभ्यता मानने का विरोध करती है। वह आदिवासियों को आज भी पिछलग्गू बना कर रखना चाहती है।

तिरंगे को अपशगुन बताने वाले आज तिरंगा यात्रा निकाल रहे

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी तिरंगा यात्रा निकाल रही है। जो तिरंगे के तीन रंगों को अपशगुन बताते थे। जो लोग आजादी के 52 सालों तक अपने मुख्यालय में तिरंगा नहीं फहराते थे। जो लोग आजादी की लड़ाई के समय अंग्रेजों की दलाली कर रहे थे। जो लोग आजादी की लड़ाई के समय मुस्लिम लीग के साथ मिलकर बंगाल में सरकार चला रहे थे। जो लोग अंग्रेजों से माफी मांग रहे थे। जो लोग अंग्रेजी सरकार से वजीफा ले रहे थे। वे आज तिरंगा यात्रा निकाल कर देश के लोगों को देश भक्ति का पाठ पढ़ा रहे। भाजपा आरएसएस बताये आज भी संघ की शाखाओं में तिरंगा क्यों नहीं फहराया जाता?

राजधानी अपराधियों के हवाले

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राजधानी में कल महिला दो बार गैंगरेप का शिकार हुई, पहले सरोना शराब भट्टी के पास महिला से गैंगरेप हुआ, फिर उसी महिला के साथ आर.डी.तिवारी स्कूल आमापारा के ग्राउंड में गैंगरेप हुआ। पिछले आठ दिनों में राजधानी में 6 हत्याएं हो गई। राजधानी में औसतन 3 बलात्कार, दर्जनो चाकूबाजी, हत्या, लूट की घटनाएं रोज हो रही है। राजधानी पूरी तरह से अपराधियों के हवाले हो चुकी है। पुलिस की कमिश्नरी प्रणाली फेल हो गयी है। कमिश्नरी प्रणामी में पुलिस अधिकारी तो बढ़ा दिये गये है, लेकिन थानों में मैदानी स्टाफ नहीं है, जिसके कारण पुलिस से ज्यादा सक्रिय अपराधी है। राजधानी के साथ पूरा प्रदेश बढ़ते अपराधो के कारण भय के वातावरण में जी रहा है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री कानून व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे है। जो सरकार महिलाओं नागरिकों को सुरक्षा नहीं दे सकती अपराधों को रोक नहीं सकती उसे सत्ता पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।