तिरंगे को ऊंचा उठते हुए देखने से बड़ी कोई भावना नहीं है: शेफाली

तिरंगे को ऊंचा उठते हुए देखने से बड़ी कोई भावना नहीं है: शेफाली

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता बनने का जश्न मनाते हुए मंगलवार को यहां कहा कि राष्ट्रीय ध्वज को ऊपर उठते हुए देखने से बड़ा एहसास कोई नहीं है। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हराकर शीर्ष स्थान हासिल करने के साथ महाद्वीपीय दबदबा कायम रखा।

शेफाली ने जीत के बाद कहा, ‘‘हम खेलते ही इसलिए हैं ताकि हमारा झंडा ऊंचा लहराए। इससे बड़ा एहसास कोई नहीं है।’’

शेफाली के हरफनमौला खेल ने भारत की बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 29 गेंदों पर 48 रन बनाए और अपने दो ओवर में महज तीन रन देकर दो विकेट झटके। श्रीलंका की टीम 217 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए महज 69 रन पर सिमट गई। शेफाली ने बताया कि टीम इस जीत का जश्न मनाने के लिए ‘डिनर’ पर जाएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य राष्ट्रीय ध्वज को फहराते देखना था और मैं बहुत खुश हूं। हम एक-दूसरे के साथ जश्न मनाने के लिए टीम डिनर करेंगे। घर पहुंचने के बाद परिवार के साथ जश्न मनाएंगे।’’

पिछले आयोजन के विपरीत, महिला टीम इस बार बाकी भारतीय दल के करीब नहीं ठहरी थी क्योंकि इन खेलों के आयोजकों ने पारंपरिक एथलीट विलेज न बनाने का फैसला किया था। इसके बजाय दलों को कंटेनर-शैली के आवासों और क्रूज जहाजों के साथ-साथ होटलों में ठहराया गया। महिला क्रिकेट टीम एक होटल में ठहरी थी।

इस अनुभव के बारे में पूछे जाने पर शेफाली ने कहा, ‘‘पिछली बार हम खेल गांव के करीब थे, इस बार नहीं थे इसलिए किसी से मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन मैं सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देती हूं।