51 छात्राओं को साइबर सुरक्षा, बाल अधिकारों और शासकीय योजनाओं की दी गई जानकारी
51 छात्राओं को साइबर सुरक्षा, बाल अधिकारों और शासकीय योजनाओं की दी गई जानकारी
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत संचालित बिटिया@WORK कार्यक्रम के तहत 13 अक्टूबर को महिला सशक्तिकरण केंद्र द्वारा छात्राओं के लिए साइबर सेल एवं बाल कल्याण समिति (CWC) कार्यालय का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना के निर्देशन तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती रेनू प्रकाश के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास करने के साथ उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था, शासकीय कार्यालयों की कार्यप्रणाली तथा जनसेवा की प्रक्रियाओं से परिचित कराना था। भ्रमण में 51 छात्राओं सहित कुल 58 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
साइबर अपराधों से बचाव के बताए उपाय
साइबर सेल में निरीक्षक सौरभ उपाध्याय ने छात्राओं को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग करते समय सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। अनजान व्यक्तियों से संपर्क करने, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने तथा संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से साइबर ठगी और अन्य ऑनलाइन अपराधों का खतरा बढ़ सकता है।
प्रधान आरक्षक श्री लुमन सिंह भंडारी एवं उपस्थित पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को ओटीपी, पासवर्ड और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने, फर्जी कॉल एवं संदेशों से सावधान रहने तथा सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने की समझाइश दी। साथ ही साइबर बुलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न और फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से बचाव के उपाय भी बताए गए।
छात्राओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल शिकायत करने तथा साइबर अपराध की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के बारे में जानकारी दी गई।
बाल अधिकारों और संरक्षण व्यवस्था से कराया परिचित
इसके बाद छात्राओं ने बाल कल्याण समिति (CWC) कार्यालय का भ्रमण किया। समिति के अध्यक्ष श्री त्रिलोक सार्वा ने समिति की भूमिका, कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल कल्याण समिति देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है तथा उनके हितों की रक्षा के लिए आवश्यक निर्णय लेती है।
समिति के सदस्यों ने छात्राओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अधिकारों के बारे में बताया। इसके साथ ही बाल विवाह, बाल श्रम, बाल शोषण एवं बाल उत्पीड़न जैसी समस्याओं के प्रति जागरूक करते हुए संकटग्रस्त बच्चों के संरक्षण और सहायता की प्रक्रिया समझाई। छात्राओं को यह भी बताया गया कि किसी बच्चे के साथ हिंसा, शोषण या दुर्व्यवहार होने पर संबंधित अधिकारियों और सहायता सेवाओं से संपर्क करना चाहिए।
महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब) की जिला मिशन समन्वयक श्रीमती रीना सिंह ठाकुर एवं जेंडर विशेषज्ञ सुश्री माधुरी उसेंडी ने छात्राओं को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, नोनी सुरक्षा योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड हेल्पलाइन और घरेलू हिंसा से संबंधित प्रावधानों सहित महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही इस दौरान छात्राओं को प्रेरित किया गया कि यदि उनके साथ या उनके किसी साथी के साथ किसी प्रकार का अपराध या दुर्व्यवहार होता है, तो उसे चुपचाप सहन करने के बजाय अपने माता-पिता, अभिभावकों या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें और आवश्यक सहायता प्राप्त करें।


