राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में महिला उत्पीड़न के 35 प्रकरणों पर हुई सुनवाई

राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में महिला उत्पीड़न के 35 प्रकरणों पर हुई सुनवाई

- सखी केंद्र की निगरानी में दंपति को पुनः साथ रहने का मौका

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज प्रेरणा सभा कक्ष बालगृह परिसर महिला एवं बाल विकास कार्यालय दुर्ग में महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों पर जनसुनवाई आयोजित की गई। इस अवसर पर प्रभारी सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी एवं सह प्रभारी श्रीमती लक्ष्मी वर्मा उपस्थित रहीं। आज की जनसुनवाई जिले के कुल 35 प्रकरणों पर सुनवाई की गई।
जनसुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका की अनुपस्थिति के कारण मामला शीघ्र सुनवाई हेतु रायपुर स्थानांतरित किया गया। वहीं एक अन्य प्रकरण में उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए गए मामले को आयोग में सुनवाई के निर्देश प्राप्त होने के बाद पुनः सुनवाई की गई, जिसमें पुलिस जांच दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। उक्त प्रकरण की अगली सुनवाई 11 फरवरी 2026 को रायपुर में निर्धारित की गई है। पति-पत्नी विवाद से जुड़े एक गंभीर मामले में अवैध संबंधों के आरोप सामने आए। आयोग द्वारा समझाइश के बाद पति ने पत्नी और पुत्र के समक्ष माफी मांगी। दोनों पक्षों को साथ रहने का अवसर दिया गया, जिसकी निगरानी सखी केंद्र द्वारा की जाएगी।
एक अन्य प्रकरण में शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत वापस लेने तथा संबंधित व्यक्तियों की मृत्यु हो जाने के कारण प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। वहीं पारिवारिक संपत्ति विवाद के एक मामले में आयोग की टीम द्वारा मौके पर जाकर आवेदिका को भूमि का कब्जा दिलाने और सुलहनामा कराने का निर्णय लिया गया। न्यायालय में लंबित प्रकरणों को आयोग द्वारा नस्तीबद्ध किया गया। एक अन्य मामले में जनहित की शिकायत पर दर्ज एफआईआर को लेकर अनावेदक को एक माह में एफआईआर वापस लेने के निर्देश दिए गए, जिसकी अगली सुनवाई रायपुर में होगी। संपत्ति बंटवारे से जुड़े एक प्रकरण में विधवा महिला को अपनी संपत्ति बेचने और बच्चों में समान रूप से वितरण की स्वतंत्रता दी गई, जिस पर सभी पक्ष सहमत पाए गए। जनसुनवाई के माध्यम से महिला आयोग ने कई मामलों में त्वरित समाधान, सुलह एवं महिला हित में निर्णय देकर राहत प्रदान की।



दुर्ग में राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर नवाचार और उद्यमिता का जश्न

- स्कूल और कॉलेज के छात्रों और स्टार्टअप्स ने दिखाया उत्साह

आज राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर दुर्ग में उत्साह और नवाचार का एक अनूठा संगम देखने को मिला। ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री द्वारा 16 जनवरी 2016 को ’स्टार्टअप इंडिया’ पहल का शुभारंभ किया गया था। इस परिवर्तनकारी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत को ’नौकरी के आकांक्षी’ के बजाय ’रोजगार सृजक’ राष्ट्र में बदलना और निवेश आधारित विकास को सक्षम बनाना है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए आज दुर्ग में भी भव्य आयोजन किया गया।

जिला इनक्यूबेशन हब में हुआ आयोजन

इस विशेष दिवस का आयोजन जिला इनक्यूबेशन हब, दुर्ग में टीआईएसएस इनक्यूब फाउंडेशन के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में आयोजित कार्यशाला और ’उद्योग संपर्क एवं खुला संवाद सत्र’ (इंडस्ट्री कनेक्ट और ओपन डायलॉग सेशन) में सफल उद्यमियों ने स्टार्टअप्स को नवाचार, रोजगार सृजन और स्थानीय आर्थिक विकास का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।

प्रमुख वक्ता और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

समारोह में विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और विद्यार्थियों व स्टार्टअप्स के साथ सीधा संवाद किया। प्रमुख वक्ताओं में शामिल थे। प्रो. सत्यजीत मजूमदार डायरेक्टर, टीआईएसएस इनक्यूब फाउंडेशन,  विनय जाजू एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, स्विचऑन फाउंडेशन (असोसिएट, जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी),  एस.के. सिंह महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (डीटीआईसी) दुर्ग,  आशीष वर्मा प्रबंधक, आईजीकेवी इन विशेषज्ञों ने युवाओं को रिस्क लेने, नवाचार करने और बाजार की जरूरतों को समझने के लिए प्रेरित किया।
इस आयोजन में भिलाई और रायपुर के विभिन्न इनक्यूबेशन सेंटर्स, टेक्नोलॉजी और पीजी कॉलेजों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। विशेष रूप से श्री शंकराचार्य विद्यालय के स्कूली छात्रों की उपस्थिति और उनकी जिज्ञासा ने सभी का ध्यान खींचा। स्कूली स्तर पर ही उद्यमिता के प्रति यह रुझान भविष्य के लिए एक शुभ संकेत है। राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के मौके पर दो दिवसीय विशेष स्टार्टअप प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें स्थानीय नवाचारों की झलक देखने को मिली। नागरिकों और विद्यार्थियों ने इन स्टॉल्स पर खासी रुचि दिखाई। शुद्ध शहद उत्पाद, जूट से बने पर्यावरण अनुकूल बैग, प्राकृतिक हेयर ऑयल, हस्तनिर्मित मोमबत्तियां, कृषि एवं तकनीक आधारित स्टार्टअप्स के उत्पाद मुख्य आकर्षण रहे।
राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस पर दुर्ग में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि क्षेत्र में पनप रही उद्यमशीलता की संस्कृति का प्रमाण है। टीआईएसएस इनक्यूब फाउंडेशन और जिला प्रशासन के प्रयासों से स्थानीय युवाओं को एक मंच मिला है। स्कूली बच्चों से लेकर कॉलेज के छात्रों और सफल उद्यमियों का एक साथ आना यह दर्शाता है कि दुर्ग अब पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यह आयोजन निश्चित रूप से युवाओं को नौकरी मांगने के बजाय अपनी शर्तों पर रोजगार पैदा करने और देश की आर्थिक प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा।

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आईआईटी भिलाई में इरा झा मेमोरियल लेक्चर व्याख्यान का आयोजन

आईआईटी भिलाई में सेंटर फॉर स्टडीज ऑन कल्चर, लैंग्वेज एंड ट्रेडिशन (सीसीएलटी) ने संस्थान परिसर में विगत 15 जनवरी को द्वितीय इरा झा वार्षिक स्मृति व्याख्यान आयोजित किया। इस व्याख्यान श्रृंखला का नाम छत्तीसगढ़ की एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की हिंदी पत्रकार सुश्री इरा झा (1957-2024) के सम्मान में रखा गया है। सुश्री झा का जन्म जगदलपुर में हुआ था और वह हिंदी समाचार डेस्क में पहली महिला मुख्य उप-संपादक बनने के साथ-साथ किसी राष्ट्रीय दैनिक की पहली ब्यूरो प्रमुख भी बनीं। अपने पूरे करियर में, उन्होंने बस्तर के जनजातीय समुदायों की संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम किया और महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति में गौरव का प्रतीक थीं।
दूसरा इरा झा वार्षिक स्मृति व्याख्यान छत्तीसगढ़ के व्यापक रूप से प्रशंसित, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक और फिल्म निर्माता श्री मनोज वर्मा ने ’सिनेमा और छत्तीसगढ़ी संस्कृति’ विषय पर दिया। सेल्युलाइड पर राज्य की जीवंत संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने के अपने समृद्ध अनुभव का उल्लेख करते हुए, श्री वर्मा ने राज्य के सिनेमा में छत्तीसगढ़ के व्यंजनों, लोक संस्कृति और भाषाओं की सामाजिक-सांस्कृतिक विशिष्टताओं को अग्रभूमि में रखने की आवश्यकता के बारे में बात की। उन्होंने सुझाव दिया कि छत्तीसगढ़ के सिनेमा में सामाजिक रूप से प्रासंगिक मुद्दों को उजागर करने और राज्य की विविध और बहुलवादी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का माध्यम बनने की क्षमता है।
इरा झा वार्षिक स्मृति व्याख्यान श्रृंखला के माध्यम से, सीसीएलटी का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के कलाकारों और चिकित्सकों को राज्य की संस्कृति और विरासत पर आईआईटी भिलाई समुदायों के साथ जुड़ने के लिए आमंत्रित करना है। इस श्रृंखला के तहत उद्घाटन व्याख्यान गुरुवार, 23 जनवरी 2025 को बस्तर बैंड के संस्थापक  अनूप रंजन पांडे (पद्मश्री) द्वारा दिया गया। सीसीएलटी राज्य और इसके लोगों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए इस व्याख्यान श्रृंखला के साथ-साथ अन्य गतिविधियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के कलाकारों और कला अभ्यासियों के साथ जुड़ना जारी रखेगा।

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जिले में ’’अटल वयो अभ्युदय योजना’’ के तहत मोतियाबिंद जांच शिविर का आयोजन
 कलेक्टर  अभिजीत सिंह के निर्देशन में जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए ’मोतियाबिंद मुक्त भारत’ अभियान के अंतर्गत विशेष जांच शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। अटल वयो अभ्युदय योजना (एव्हीवायएवास) के तहत आयोजित इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य जिले के बुजुर्गों, विशेषकर वृद्धाश्रमों में रहने वाले नागरिकों की आंखों की जांच कर उन्हें मोतियाबिंद की समस्या से राहत दिलाना है। समाज कल्याण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शिविर में मोतियाबिन्द की समस्या से पीड़ित व्यक्तियों का ऑपरेशन हेतु चिन्हांकन किया जाएगा एवं चिन्हांकित लगभग 100 पात्र हितग्राहियों के मोतियाबिन्द का ऑपरेशन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर में किया जाएगा। इस हेतु 19 से 22 जनवरी 2026 तक नगरीय निकायों में विभिन्न स्थानों पर पूर्वान्ह 10.30 बजे से शिविर का आयोजन किया जाएगा। 19 जनवरी 2026 को वृद्धाश्रम पुलगांव में शिविर लगेगा जिसमें पुलगांव, रामशीला, जुनवानी, की कुटिया और प्रशामक गृह दुर्ग के क्षेत्र सम्मिलित होंगे। इसी प्रकार 20 जनवरी को आस्था वृद्धाश्रम सेक्टर-8 भिलाई में शिविर आयोजित होगा जिसमें आस्था वृद्धाश्रम तथा सेक्टर-2 भिलाई क्षेत्र सम्मिलित होंगे। 21 जनवरी को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धमधा नाका में सिकोला भाठ, उरला और करहीडीह क्षेत्र के लिए जांच की जाएगी। 22 जनवरी को दो स्थानों पर शिविर होंगे- पहला शिवपारा (चण्डी मंदिर के पास) और दूसरा पोटिया चौक के कंडरापारा दुर्ग शामिल है। समाज कल्याण विभाग को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर इन शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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विभागीय परीक्षा का आयोजन 27 जनवरी से 03 फरवरी तक
 
- अधिकारियों/कर्मचारियों को सौंपी गई कार्य दायित्व

छत्तीसगढ़ शासन, गृह-सी विभाग (विभागीय परीक्षा प्रकोष्ठ) मंत्रालय नवा रायपुर द्वारा 27 जनवरी से 03 फरवरी 2026 तक विभागीय परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। दुर्ग संभाग में यह परीक्षा भिलाई प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी) में आयोजित की जाएगी। संभाग आयुक्त द्वारा विभागीय परीक्षा के सुचारू रूप से सम्पादन हेतु अधिकारियों/कर्मचारियों को परीक्षा संबंधी कार्य सौपे गये हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार डिप्टी कलेक्टर दुर्ग  हितेश पिस्दा को परीक्षा केन्द्र एवं प्रश्न पत्र प्रभारी बनाया गया है। इसी तरह कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा विभाग दुर्ग के सहायक संचालक  के.के. शुक्ला को सहायक परीक्षा केन्द्र प्रभारी, नायब तहसीलदार दुर्ग  ढाल सिंह बिसेन एवं नायब तहसीलदार दुर्ग  वसुमित्र दीवान को वीक्षक (इन्व्हीजिलेटर), जिला कार्यालय दुर्ग के सहायक ग्रेड-3  एस. अभिषेक एवं  खेलू राम पटेल को लिपकीय कार्य, जिला कार्यालय दुर्ग के भृत्य श्री मेघनाथ साहू एवं भू-अभिलेख शाखा, जिला कार्यालय दुर्ग के भृत्य  ईश्वरी साहू को उत्तर पुस्तिकाओं का पैकेट तैयार करने, डाकघर जाने एवं अन्य व्यवस्था हेतु प्रभारी बनाया गया है। संभाग आयुक्त के आदेशानुसार उपायुक्त (रा.) श्री पदुम लाल यादव के निर्देशन में समस्त अधिकारी/कर्मचारी 27 जनवरी 2026 से 03 फरवरी 2026 तक कार्य सम्पादन करेंगे।


 
आरसेटी द्वारा सफल उद्यमियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर किया सम्मानित
बैंक ऑफ बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) दुर्ग द्वारा आज आरएसईटीआई से प्रशिक्षित उद्यमियों के सफल पूर्व उम्मीदवारों का संघ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। आरसेटी से प्रशिक्षित सफल उद्यमियों को एक मंच पर लाकर उनके अनुभव साझा करना तथा नव-प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जिसके पश्चात प्रार्थना प्रस्तुत की गई। सम्मेलन को राज्य निदेशक आरसेटी छत्तीसगढ़ ने संबोधित करते हुए आरसेटी की भूमिका, स्वरोजगार के महत्व तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में उद्यमिता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर आरसेटी से प्रशिक्षित सफल हितग्राहियों ने अपने उद्यमिता अनुभव, संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानियां साझा कीं। कार्यक्रम के दौरान सफल उद्यमियों को प्रमाण-पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही आरसेटी दुर्ग में आयोजित ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रशिक्षणार्थियों को भी प्रमाण-पत्र वितरित किए गए, जिससे उनमें उत्साह एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ।
कार्यक्रम में बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय प्रमुख की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने बैंक द्वारा उद्यमियों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न वित्तीय सहायता, ऋण योजनाओं एवं मार्गदर्शन की जानकारी दी। आरसेटी दुर्ग द्वारा 19 जनवरी 2026 से कंप्यूटर टैली (38 दिन) फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी (30 दिन) का प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा रहा है। इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन हेतु आरसेटी दुर्ग, शंकराचार्य हॉस्पिटल के पास, जुनवानी भिलाई में संपर्क कर सकते हैं अथवा फोन नंबर 0788-2961973 पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


 
जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालयों में चल रही 10वीं एवं 12वीं प्री बोर्ड परीक्षा का किया औचक निरीक्षण
जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द मिश्रा ने विद्यालयों में चल रही 10वीं व 12वीं प्री बोर्ड की परीक्षा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में जांची गई उत्तर पुस्किाओं के मूल्यांकन का अवलोकन किया गया एवं बोर्ड परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाए जाने की रणनीति बनाने हेतु निर्देशित किया गया। चिन्हाकित कमजोर बच्चों को सीमित पाठ्यक्रम की लगातार तैयारी कराने, कमजोर बच्चों को रोजाना 5 प्रश्न गृहकार्य में दिये जाने एवं शिक्षकों द्वारा इसे हर-रोज मूल्यांकन कर बच्चों की कमियां एवं इन कमियों को सुधारने के टिप्स दिये जाने हेतु निर्देशित किया गया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पुरई के कक्षा 12वीं के कला संकाय के 50 प्रतिशत से कम रिजल्ट को लेकर चिंता जताई एवं शिक्षकों को कला के विषयों में उत्तर लिखने के पैटर्न का निरंतर अभ्यास कराए जाने एवं पिछले 5 वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करवाने के निर्देश दिए गये। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोड़िया के 10वीं कक्षाओं के छात्रों को परीक्षाओं के चलते समय से पूर्व घर भेज दिया गया जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्य व शिक्षकों को फटकार लगाई एवं दोबारा ऐसी गलती न करने की चेतावनी दी। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बोरसी में शिक्षक स्टॉफ रूम में पाये गये जिसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा अनावश्यक स्टॉफ रूम में न बैठने एवं समय पर कक्षा में उपस्थित रहने को निर्देशित किया गया है। निरीक्षण के दौरान सभी प्राथमिक / पूर्व माध्यमिक शाला के संस्था प्रमुखों को मध्यान्ह भोजन निर्धारित मीनू अनुसार प्रदाय करने, बारहखड़ी, पहाड़ा, पुस्तक वाचन के नियमित अभ्यास कराने विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित किये जाने तथा नियत समय पर शिक्षकों को वीएसके के माध्यम से ही उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए।