दो साल पहले बना आंगनबाड़ी भवन अब भी बदहाल, बच्चों की पढ़ाई दूसरे भवन में जारी
बिजली मीटर लगा, लेकिन नियमित बिजली और पानी की सुविधा नहीं; देखरेख के अभाव में नवनिर्मित भवन हो रहा खराब
पाली। नगर पंचायत पाली के वार्ड क्रमांक 12 में आंगनबाड़ी केंद्र के लिए बनाए गए नवनिर्मित भवन को तैयार हुए करीब एक से दो वर्ष का समय बीत चुका है, लेकिन इसके बावजूद भवन का नियमित रूप से उपयोग नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 2024-25 में तैयार किए गए इस आंगनबाड़ी भवन में बिजली का मीटर तो लगा हुआ है, लेकिन बच्चों के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाएं अब तक पूरी तरह उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। पानी की व्यवस्था भी नहीं होने की बात सामने आ रही है।
मौके की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि भवन तैयार होने के बाद भी उसका समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा है। लंबे समय से पर्याप्त देखरेख और नियमित गतिविधियां नहीं होने के कारण भवन की दीवारों पर काई और नमी दिखाई दे रही है, जबकि आसपास भी साफ-सफाई की आवश्यकता नजर आती है। लोगों का कहना है कि यदि नवनिर्मित भवन को इसी तरह उपयोग के बिना छोड़ दिया गया तो आने वाले समय में इसकी हालत और खराब हो सकती है।
प्रजापति भवन में हो रही बच्चों की पढ़ाई
स्थानीय जानकारी के मुताबिक आंगनबाड़ी के बच्चों को वर्तमान में प्रजापति भवन में बैठाकर पढ़ाई और आंगनबाड़ी की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। एक तरफ बच्चों के लिए नया भवन बनकर तैयार है, वहीं दूसरी तरफ बच्चों को दूसरे भवन में बैठाना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब शासन की राशि से आंगनबाड़ी के लिए भवन तैयार किया गया है, तो उसे बच्चों के उपयोग में लाने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में देरी क्यों हो रही है।
बिजली का मीटर लगा, लेकिन व्यवस्था अधूरी
भवन में बिजली का मीटर लगा हुआ दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों के अनुसार नियमित बिजली की सुविधा और अन्य आवश्यक विद्युत व्यवस्था पूरी तरह सुनिश्चित नहीं है। आंगनबाड़ी केंद्र में छोटे बच्चों की गतिविधियां संचालित होनी हैं, इसलिए पर्याप्त रोशनी, पंखे और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था होना जरूरी है।
वहीं, पानी की व्यवस्था भी एक बड़ी समस्या बताई जा रही है। छोटे बच्चों के लिए पीने का पानी और स्वच्छता की सुविधा बेहद जरूरी होती है। ऐसे में भवन में पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होना केंद्र के संचालन में बाधा बन रहा है।
रखरखाव के अभाव में भवन की हालत पर सवाल
मौके पर भवन की बाहरी दीवारों पर जगह-जगह काई, नमी और गंदगी दिखाई दे रही है। परिसर में भी साफ-सफाई और नियमित रखरखाव की जरूरत नजर आती है। लोगों का कहना है कि भवन जितना लंबे समय तक खाली रहेगा, उतनी ही तेजी से इसकी स्थिति खराब हो सकती है।
सरकारी राशि खर्च कर भवन का निर्माण कराने के बाद यदि उसका समय पर उपयोग नहीं किया जाता है, तो इसका सीधा असर बच्चों और स्थानीय परिवारों पर पड़ता है। साथ ही भवन की उपयोगिता भी प्रभावित होती है।
बच्चों के लिए सुरक्षित और सुविधायुक्त केंद्र की मांग
आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों को बैठाने की जगह नहीं, बल्कि उनके प्रारंभिक शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और विकास से जुड़ी गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र होता है। इसलिए स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों के लिए बनाए गए भवन में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उसे जल्द से जल्द नियमित रूप से शुरू किया जाना चाहिए।
लोगों ने संबंधित विभाग और नगर पंचायत प्रशासन से भवन का निरीक्षण कराने, पानी की व्यवस्था, बिजली की सुविधा, साफ-सफाई और आवश्यक मरम्मत/रखरखाव कराने की मांग की है। साथ ही यह भी मांग की गई है कि भवन तैयार होने के बावजूद बच्चों को दूसरे भवन में क्यों बैठाया जा रहा है, इसकी स्थिति स्पष्ट की जाए।
स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब आंगनबाड़ी भवन बनकर तैयार है और उस पर सरकारी राशि खर्च हो चुकी है, तो उसे खाली छोड़ना उचित नहीं है। यदि कोई तकनीकी या प्रशासनिक कारण से भवन शुरू नहीं हो पा रहा है तो संबंधित विभाग को उसका समाधान जल्द करना चाहिए।
लोगों की मांग है कि नए आंगनबाड़ी भवन को सभी मूलभूत सुविधाओं से लैस कर बच्चों के लिए तत्काल उपयोग में लाया जाए, ताकि शासन की योजना का वास्तविक लाभ बच्चों और उनके परिवारों तक पहुंच सके।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग और नगर पंचायत प्रशासन इस मामले में कब तक संज्ञान लेकर नवनिर्मित आंगनबाड़ी भवन में बिजली, पानी, साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर इसका नियमित संचालन शुरू कराता है।


