करोड़ों धान सरकारी सिस्टम खा रहा,ऑनलाइन टोकन बंद, रकबा समर्पण का खेल,किसानों से धोखा कर रही सरकार - गोपाल साहू, प्रदेश अध्यक्ष, आप
करोड़ों धान सरकारी सिस्टम खा रहा,ऑनलाइन टोकन बंद, रकबा समर्पण का खेल,किसानों से धोखा कर रही सरकार - गोपाल साहू, प्रदेश अध्यक्ष, आप
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने राज्य की भाजपा सरकार को किसान विरोधी सरकार बताते हुए कहा कि धान खरीदी में ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था को बंद करना प्रदेश के किसानों से धान नहीं खरीदने की सरकार की मंशा दिखाती है। समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन प्रक्रिया में जानबूझ कर बाधित किया जा रहा है,जबकि खरीफ सीजन के धान खरीदी 31 जनवरी तक होनी है। ऐसे समय में ऑनलाइन टोकन बंद करना किसानों के साथ अन्याय है। पूर्व में टोकन काटने से पहले किसानों के यहां जाकर धान देखा जा रहा था तब टोकन काटा जाता था तो क्या प्रदेश का किसान चोर हैं?सरकार द्वारा प्रतिदिन धान की खरीदी लिमिट तय कर दी है जिस कारण इस बार हर सोसाइटियों में अब तक धान कम खरीदा गया है। सरकार की किसानों से धान खरीदने की मंशा नहीं है।
कवर्धा जिले के संग्रहण केंद्रों से लगभग 7 करोड़ कीमत का 726 हजार क्विंटल धान की कमी पाई गई है,जिसको अधिकारियों ने चूहे खा गये बताया! मार्कफेड में भ्रष्टाचार देखिए कि अधिकारी बताते हैं कि सरकारी गोदामों में धान को चूहे ,पक्षी ,दीमक खा गये सिर्फ पिछले 10 महीने में ही कवर्धा सहित महासमुंद में 25,780 क्विंटल,बागबाहरा में 18,395 क्विंटल,पिथौरा में 6,828 क्विंटल,बसना में 13,428 क्विंटल और सरायपाली में 17,188 क्विंटल का लगभग 30 करोड़ रूपये आँकी गयी है धान गायब है, ये बहुत बड़ा सरकारी भ्रस्टाचार है।
राज्य सरकार के उच्चाधिकारियों द्वारा सभी किसानों पर रकबा समर्पण हेतु अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है,अब तक प्रदेश के लगभग 38 हजार किसानों से 1000 हेक्टेयर रकबा का दबावपूर्वक समर्पण करवाया गया है जिससे सरकार का किसान विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है ।
आम आदमी पार्टी यह मांग करती है कि सरकार ऑनलाइन टोकन व्यवस्था पुनः शुरू करे, धान को चूहे खा गये के नाम पर भ्रस्टाचार की जांच की जाये और किसानों को दबाव पूर्वक रकबा समर्पण रोका जाये।
cg24
