मप्र कैबिनेट की अहम बैठक आज, सिंहस्थ कार्यालय और 24 लाख किसानों को राहत पर निर्णय

मप्र कैबिनेट की अहम बैठक आज, सिंहस्थ कार्यालय और 24 लाख किसानों को राहत पर निर्णय

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंगलवार को मंत्रालय में होने वाली मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिया जाएगा। इनमें सबसे प्रमुख प्रस्ताव उज्जैन में स्थायी सिंहस्थ मेला कार्यालय स्थापित करने का है। इसके साथ ही प्रदेश के 24 लाख से अधिक किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण देने की योजना को वर्ष 2026-27 में भी जारी रखने की मंजूरी मिलने की संभावना है।

धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग का संचालनालय भोपाल से उज्जैन स्थानांतरित किए जाने के बाद सरकार अब सिंहस्थ की तैयारियों को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। प्रस्ताव के अनुसार उज्जैन में सिंहस्थ मेला कार्यालय को स्थायी रूप से संचालित किया जाएगा। अभी तक यह कार्यालय केवल सिंहस्थ आयोजन के दौरान ही सक्रिय होता था।

सिंहस्थ की तैयारियों की होगी सालभर निगरानी

स्थायी कार्यालय सिंहस्थ महाकुंभ और अर्धकुंभ से जुड़े विकास कार्यों, योजनाओं, अधोसंरचना निर्माण तथा प्रशासनिक तैयारियों की नियमित मॉनिटरिंग करेगा। वर्ष 2028 में प्रस्तावित सिंहस्थ को देखते हुए इसकी प्रशासनिक और वित्तीय तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं।

किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

कैबिनेट बैठक में सहकारिता विभाग का प्रस्ताव भी रखा जाएगा, जिसमें किसानों को ब्याजमुक्त अल्पकालीन कृषि ऋण की सुविधा जारी रखने की अनुशंसा की गई है। प्रदेश के करीब एक करोड़ किसानों में से लगभग 24 लाख किसान सहकारी बैंकों से जुड़े हैं और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से ऋण लेते हैं। योजना के तहत निर्धारित समयावधि में ऋण चुकाने वाले किसानों से कोई ब्याज नहीं लिया जाता। ब्याज की पूरी राशि राज्य सरकार वहन करती है। सरकार खरीफ ऋण चुकाने के लिए किसानों को दिए गए अतिरिक्त समय की भरपाई भी सहकारी बैंकों को करेगी।

अन्य प्रस्तावों पर भी मंथन

मंत्रिपरिषद की बैठक में इन दोनों अहम प्रस्तावों के अलावा लगभग 10 अन्य विभागीय प्रस्तावों पर भी चर्चा और निर्णय होने की संभावना है। बैठक के बाद निवेश संबंधी प्रस्तावों पर विचार के लिए मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक भी आयोजित की जा सकती है।