छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज की प्रदेश कार्यकारिणी भंग : सामाजिक गतिविधियों का किया जायेगा संकलन
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज की प्रदेश कार्यकारिणी भंग, नई कार्यकारिणी का शीघ्र होगा गठन
सेवा, संगठन और समाज को मिलेगी नई दिशा
प्रदेश के प्रत्येक जिले को मिलेगा प्रतिनिधित्व
समाज की धार्मिक व गतिविधियों का किया जायेगा संकलन
रायपुर, 24 जुलाई। छत्तीसग सिक्ख समाज (रजि.) के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने संगठन को अधिक सक्रिय, पारदर्शी एवं प्रदेशव्यापी स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही नई प्रदेश कार्यकारिणी सहित नए जिला अध्यक्षों एवं जिला पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी, जिसमें छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले को उचित एवं सम्मानजनक प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रमुख पदाधिकारियों की एक आपात बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में तय किया गया कि नई नियुक्तियों की घोषणा होने तक प्रदेश में कोई भी पूर्व पदाधिकारी अथवा जिला अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज (रजि.) का अधिकृत पदाधिकारी नहीं माना जाएगा।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज का उद्देश्य केवल संगठन का विस्तार करना नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के सिक्ख समाज को एकता, सेवा, समाज के विकास, बच्चों की बेहतर पढ़ाई, रोजगार, व्यापार के साथ साथ विवाह व समर्पण के सूत्र में जोड़ना है। नई कार्यकारिणी समाज के प्रत्येक वर्ग, प्रत्येक जिले एवं प्रत्येक गुरुद्वारा से समन्वय स्थापित कर धार्मिक, सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगी।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने प्रदेश की सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों, स्त्री सत्संग जत्थों, सिक्ख संस्थाओं, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों, युवा एवं महिला समितियों तथा समाज सेवा में सक्रिय सभी सेवादारों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आयोजित धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जनसेवा संबंधी कार्यक्रमों की जानकारी फोटो एवं वीडियो सहित नियमित रूप से छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के अधिकृत व्हाट्सएप नंबर व मेल पर पर भेजें।
श्री सिंघोत्रा ने कहा कि प्रदेशभर में समाज द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों का व्यवस्थित संकलन कर प्रत्येक माह छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा मासिक गतिविधि रिपोर्ट प्रकाशित की जाएगी। इस रिपोर्ट में गुरुपर्व, नगर कीर्तन, कीर्तन दरबार, गुरमत समागम, गतका प्रदर्शन, रक्तदान एवं चिकित्सा शिविर, शिक्षा एवं छात्रवृत्ति कार्यक्रम, पर्यावरण संरक्षण अभियान, लंगर सेवा के अंतर्गत किए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों सहित समाज हित की सभी सकारात्मक गतिविधियों को स्थान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह पहल किसी एक संस्था की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के सिक्ख समाज की सामूहिक पहचान और गौरव का अभियान है। समाज की सेवा परंपरा, धार्मिक विरासत और मानव कल्याण के कार्यों का सशक्त दस्तावेज तैयार कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना ही इसका प्रमुख उद्देश्य है।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, समाज के अन्य प्रमुख सदस्यों देवेन्दर सिंह सिब्बल, बाबा बुड्ढा जी साहेब गुरुद्वारा के प्रधान हरकिशन सिंह राजपूत, नरेंद्र सिंह हरगोत्रा, स्वर्ण सिंह चावला, कुलवंत सिंह खालसा, मनजीत सिंह भाटिया, परगट सिंह सैनी, देवेंद्र सिंह चावला, जसप्रीत सिंह चावला, इकबाल सिंह होरा, रणजीत सिंह खनूजा, अमृत सिंह सूर, इंदर पाल सिंह गांधी, गुरमीत सिंह छाबड़ा, मानवेंद्र सिंह डडियाला, जागीर सिंह बावा, नरेन्द्र सिंह चावला, हरमिंदर सिंह राजू छाबड़ा, अत्तर सिंह, गुरमीत सिंह अरोरा, पृतपाल सिंह टुटेजा व हरदीप सिह छाबड़ा ने सभी गुरुद्वारों, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं तथा समाज के प्रत्येक सदस्य से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि जब पूरा समाज एक मंच पर आएगा, तभी सेवा, संगठन और सरबत दा भला की भावना और अधिक सशक्त होगी।
सुखबीर सिंह सिंघोत्रा
प्रदेश अध्यक्ष
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज (रजि.)
9301094242
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