लखनऊ कोचिंग अग्निकांड:15 मौतों का असली जिम्मेदार कौन?
उत्तर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बार फिर कोचिंग-एनिमेशन सेंटर जैसी जगहों पर चल रही बेरोकटोक कमर्शियल गतिविधियों ने भयानक कीमत वसूली है. अलीगंज के पुरनिया इलाके में 22 जून की दोपहर को लगी आग 15 युवा जिंदगियों को खत्म कर दिया. ज्यादातर मृतक युवा छात्र या एनिमेशन/कोचिंग संबंधी काम करने वाले थे. आग शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई मानी जा रही है. ग्रिल, डिजिटल लॉक और बंद एग्जिट से लोगों फंसे रहे. यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही, अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का नतीजा है. लखनऊ हादसे ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं. समझिए कोचिंग सेंटर किस बिल्डिंग में चल सकता है और कौन तय करता है? इस त्रासदी का असली जिम्मेदार कौन है ??
कोचिंग सेंटर जैसी जगहें रेसिडेंशियल बिल्डिंग में बिना पूरी अनुमति के ही चलाई जाती हैं. LDA बिल्डिंग प्लान मंजूर करता है. फायर विभाग NOC देता है. बिना इनके चलाना गैरकानूनी है.
15 मौतों का असली जिम्मेदार कौन?
असल जिम्मेदार वे अधिकारी और सिस्टम हैं जिन्होंने अवैध निर्माण को नजरअंदाज किया, फायर क्लियरेंस नहीं लिया, एग्जिट ब्लॉक रखने दिए और दबाव में नोटिस वापस ले लिया. LDA ने 2016 में इस इमारत को अवैध निर्माण बताया था और ध्वस्त करने का नोटिस दिया था, लेकिन दो महीने में उस नोटिस को वापस ले लिया गया था. अब जांच चल रही है, 4 गिरफ्तारियां हुई हैं और 4 अधिकारी सस्पेंड हुए हैं.

